Category: Madhya Pradesh

  • खेत बचाने की लड़ाई सड़क पर, खाने का सामान लेकर धरने पर बैठे किसान

    खेत बचाने की लड़ाई सड़क पर, खाने का सामान लेकर धरने पर बैठे किसान


    मध्य प्रदेश । इंदौर में भूमि अधिग्रहण को लेकर किसानों का विरोध आंदोलन तेज हो गया है। राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) के पूर्वी बायपास प्रोजेक्ट और इंदौर-मनमाड़ रेलवे लाइन परियोजना के लिए प्रस्तावित जमीन अधिग्रहण के खिलाफ सोमवार से किसानों ने अनिश्चितकालीन धरना शुरू कर दिया। कलेक्टर कार्यालय के बाहर गंजी कंपाउंड में शुरू हुए इस आंदोलन में बड़ी संख्या में किसान, महिलाएं और बच्चे शामिल हुए हैं।

    धरने में मुख्य रूप से सिमरोल, तिल्लौर खुर्द, फरसपुर, खुड़ैल और आसपास के गांवों के किसान शामिल हैं। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि दोनों परियोजनाओं के कारण उनकी उपजाऊ कृषि भूमि प्रभावित होगी, जिससे उनकी आजीविका पर गंभीर संकट खड़ा हो सकता है। किसानों ने मांग की है कि सरकार भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया पर पुनर्विचार करे और इन परियोजनाओं को वर्तमान स्वरूप में लागू न किया जाए।

    आंदोलन की गंभीरता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि किसान अपने परिवारों के साथ धरना स्थल पर पहुंचे हैं। कई महिलाएं और बच्चे भी प्रदर्शन में शामिल हैं। आंदोलनकारियों ने अपने साथ भोजन बनाने का सामान भी लाया है। किसानों का कहना है कि यदि उनकी मांगों पर जल्द कोई सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया तो वे धरना स्थल पर ही भोजन बनाकर आंदोलन जारी रखेंगे।

    किसानों का आरोप है कि भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया में उनकी चिंताओं को पर्याप्त महत्व नहीं दिया गया। उनका कहना है कि जिन जमीनों का अधिग्रहण प्रस्तावित है, वे वर्षों से उनकी जीविका का प्रमुख आधार रही हैं। ऐसे में बिना संतोषजनक समाधान और उचित सहमति के भूमि अधिग्रहण स्वीकार नहीं किया जा सकता।

    इस मुद्दे को लेकर कानूनी लड़ाई भी जारी है। पिछले महीने हाई कोर्ट ने इस परियोजना से जुड़ी एक जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए यथास्थिति बनाए रखने के निर्देश दिए थे। यह याचिका भारतीय किसान यूनियन की ओर से दायर की गई थी। अदालत ने मामले में एनएचएआई और प्रशासन को नोटिस जारी कर उनका पक्ष भी मांगा है।

    किसान नेताओं का कहना है कि अदालत के आदेश के बावजूद प्रशासनिक स्तर पर स्पष्टता नहीं है, जिससे किसानों में चिंता बनी हुई है। इसी वजह से उन्होंने सड़क पर उतरकर अपनी आवाज बुलंद करने का फैसला किया है। आंदोलनकारी चाहते हैं कि सरकार और प्रशासन किसानों के साथ संवाद स्थापित कर उनकी आशंकाओं का समाधान करें।

    धरना स्थल पर लगातार किसानों की संख्या बढ़ रही है और विभिन्न गांवों से लोग समर्थन देने पहुंच रहे हैं। किसानों ने स्पष्ट किया है कि जब तक उनकी मांगों पर ठोस निर्णय नहीं लिया जाता, तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा।

    इंदौर में शुरू हुआ यह आंदोलन आने वाले दिनों में और बड़ा रूप ले सकता है। प्रशासन की ओर से फिलहाल स्थिति पर नजर रखी जा रही है, जबकि किसान अपने अधिकारों और जमीन की सुरक्षा के लिए संघर्ष जारी रखने के मूड में दिखाई दे रहे हैं।

  • दतिया में चुनावी शतरंज बिछी, बीजेपी-कांग्रेस की तैयारी तेज; दामोदर यादव बन सकते हैं गेमचेंजर

    दतिया में चुनावी शतरंज बिछी, बीजेपी-कांग्रेस की तैयारी तेज; दामोदर यादव बन सकते हैं गेमचेंजर


    मध्य प्रदेश । मध्य प्रदेश की दतिया विधानसभा सीट पर होने वाले उपचुनाव ने प्रदेश की राजनीति को नई ऊर्जा दे दी है। कांग्रेस विधायक राजेंद्र भारती की सदस्यता समाप्त होने के बाद खाली हुई इस सीट पर भाजपा, कांग्रेस और आजाद समाज पार्टी ने अपनी-अपनी रणनीतियों को धार देना शुरू कर दिया है। चुनाव आयोग को 2 अक्टूबर 2026 तक उपचुनाव कराना है, ऐसे में राजनीतिक दलों की सक्रियता लगातार बढ़ती जा रही है।

    भारतीय जनता पार्टी की ओर से पूर्व गृहमंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा पूरी तरह चुनावी मोर्चा संभाले हुए हैं। पिछले दो महीनों से वे दतिया क्षेत्र में सामाजिक और जातीय समीकरणों को साधने के प्रयासों में जुटे हैं। यादव, पाल, क्षत्रिय सहित विभिन्न समाजों के लोगों को भाजपा से जोड़ने के लिए लगातार सदस्यता अभियान चलाया जा रहा है। मई महीने के दौरान कई चरणों में अलग-अलग वर्गों के लोगों को पार्टी की सदस्यता दिलाई गई। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि भाजपा उपचुनाव से पहले अपने पारंपरिक और नए सामाजिक आधार को मजबूत करने की रणनीति पर काम कर रही है।

    डॉ. मिश्रा ने विभिन्न कार्यक्रमों में भाजपा की विकासवादी नीतियों और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व को जनता का विश्वास मिलने का दावा किया है। लगातार हो रही सदस्यता गतिविधियों को भाजपा की चुनावी तैयारी का महत्वपूर्ण हिस्सा माना जा रहा है। यदि उपचुनाव होता है तो पार्टी की ओर से डॉ. नरोत्तम मिश्रा को उम्मीदवार बनाए जाने की संभावना सबसे अधिक मानी जा रही है।

    वहीं कांग्रेस की रणनीति संगठन को मजबूत करने और कार्यकर्ताओं को एकजुट रखने पर केंद्रित है। पार्टी ने दतिया विधानसभा क्षेत्र में ब्लॉक, मंडलम और बूथ स्तर तक बैठकों का सिलसिला शुरू कर दिया है। कार्यकर्ताओं को चुनावी प्रबंधन और बूथ स्तर की तैयारियों के निर्देश दिए जा रहे हैं। 2 जून को प्रस्तावित बड़ा कार्यकर्ता सम्मेलन कांग्रेस के शक्ति प्रदर्शन के रूप में देखा जा रहा है।

    हालांकि कांग्रेस के सामने सबसे बड़ी चुनौती टिकट चयन को लेकर है। पूर्व विधायक राजेंद्र भारती अपने बेटे को टिकट दिलाने की कोशिशों में लगे हैं। दूसरी ओर पाठ्यपुस्तक निगम के पूर्व उपाध्यक्ष अवधेश नायक भी मजबूत दावेदार के रूप में सामने आए हैं। नायक का तर्क है कि 2023 के विधानसभा चुनाव में उन्होंने पार्टी हित में त्याग किया था, इसलिए इस बार उन्हें मौका मिलना चाहिए। इसके अलावा कई अन्य नेता भी टिकट की दौड़ में शामिल हैं, जिससे पार्टी के भीतर प्रतिस्पर्धा बढ़ गई है।

    कांग्रेस नेतृत्व फिलहाल संगठनात्मक एकता बनाए रखने की कोशिश कर रहा है। वरिष्ठ नेताओं को साथ लेकर चुनावी रणनीति तैयार की जा रही है ताकि उपचुनाव में भाजपा को कड़ी चुनौती दी जा सके।

    इधर आजाद समाज पार्टी भी दतिया में अपनी राजनीतिक जमीन मजबूत करने में लगी है। पार्टी नेता दामोदर यादव लगातार किसान सम्मेलनों, जनसंपर्क अभियानों और कार्यकर्ता बैठकों के जरिए अपनी उपस्थिति दर्ज करा रहे हैं। उनका दावा है कि बसपा और कांग्रेस के कई कार्यकर्ता उनकी पार्टी से जुड़ रहे हैं। पार्टी ने उन्हें संभावित उम्मीदवार के रूप में आगे बढ़ाने के संकेत भी दिए हैं।

    राजनीतिक जानकारों का मानना है कि मुकाबला भले ही भाजपा और कांग्रेस के बीच सीधा दिखाई दे रहा हो, लेकिन आजाद समाज पार्टी की सक्रियता चुनावी गणित को प्रभावित कर सकती है। खासकर यदि दामोदर यादव कुछ खास सामाजिक वर्गों और असंतुष्ट मतदाताओं को अपने पक्ष में करने में सफल रहते हैं तो मुकाबला त्रिकोणीय रंग ले सकता है।

    उधर निर्वाचन आयोग ने भी उपचुनाव की तैयारियां शुरू कर दी हैं। दतिया में ईवीएम की फर्स्ट लेवल चेकिंग की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है, जिससे स्पष्ट है कि प्रशासनिक स्तर पर भी चुनावी तैयारियां गति पकड़ रही हैं।

    दतिया उपचुनाव केवल एक सीट का चुनाव नहीं, बल्कि प्रदेश की राजनीति में प्रभाव और संगठनात्मक ताकत की परीक्षा भी माना जा रहा है। आने वाले दिनों में उम्मीदवारों की घोषणा, सामाजिक समीकरण और स्थानीय मुद्दे इस चुनाव की दिशा तय करेंगे।

  • मई में 56% ज्यादा बारिश, मध्य प्रदेश में गर्मी पर ब्रेक; कई जिलों में बारिश और तेज हवाएं

    मई में 56% ज्यादा बारिश, मध्य प्रदेश में गर्मी पर ब्रेक; कई जिलों में बारिश और तेज हवाएं


    मध्य प्रदेश । मध्य प्रदेश में लगातार सक्रिय मौसम प्रणाली के कारण गर्मी का असर काफी हद तक कम हो गया है। प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में आंधी, बारिश और तेज हवाओं का दौर जारी है, जिससे दिन और रात दोनों के तापमान में उल्लेखनीय गिरावट दर्ज की गई है। मौसम विभाग के अनुसार बीते 24 घंटों के दौरान कई जिलों में अच्छी बारिश हुई, जबकि श्योपुर जिले में आकाशीय बिजली गिरने से एक व्यक्ति की मौत हो गई।

    रविवार और सोमवार की दरमियानी रात प्रदेश के कई हिस्सों में मौसम सुहावना बना रहा। खंडवा प्रदेश का सबसे ठंडा शहर रहा, जहां न्यूनतम तापमान 19 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। वहीं पचमढ़ी में तापमान 19.4 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। राजधानी भोपाल में रात का तापमान 24.5 डिग्री, इंदौर में 26.4 डिग्री, ग्वालियर में 24.7 डिग्री, उज्जैन में 26 डिग्री और जबलपुर में 24.7 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।

    प्रदेश के अन्य जिलों में भी तापमान सामान्य से नीचे रहा। दमोह में 21.8 डिग्री, रीवा में 22 डिग्री, खरगोन और छिंदवाड़ा में 23.4 डिग्री, उमरिया में 23.5 डिग्री तथा दतिया में 23.7 डिग्री सेल्सियस तापमान रिकॉर्ड किया गया। मौसम विशेषज्ञों का मानना है कि लगातार बादल, नमी और वर्षा गतिविधियों के कारण लोगों को भीषण गर्मी से राहत मिली है।

    बारिश की बात करें तो सतना जिले में सबसे अधिक वर्षा दर्ज की गई, जहां 24 घंटे के दौरान सवा इंच से ज्यादा पानी बरसा। दतिया में आधा इंच बारिश रिकॉर्ड की गई। इसके अलावा शिवपुरी, गुना, ग्वालियर, श्योपुर, रीवा, सिवनी, बैतूल, सिंगरौली, मैहर और उमरिया समेत कई जिलों में बारिश हुई। राजधानी भोपाल में भी सोमवार सुबह से तेज हवाओं के साथ मौसम खुशनुमा बना रहा।

    मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार मई महीने में प्रदेश में सामान्य से लगभग 56 प्रतिशत अधिक वर्षा दर्ज की गई है। यह आंकड़ा इस बात का संकेत है कि इस बार प्री-मानसून गतिविधियां सामान्य से कहीं अधिक सक्रिय रही हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि पश्चिमी विक्षोभ, चक्रवाती परिसंचरण और अरब सागर-बंगाल की खाड़ी से आ रही नमी के संयुक्त प्रभाव के कारण प्रदेश में बार-बार मौसम बदल रहा है।

    हालांकि बारिश और ठंडक के बीच आकाशीय बिजली का खतरा भी बढ़ गया है। श्योपुर में बिजली गिरने की घटना ने मौसम विभाग की चेतावनियों की गंभीरता को एक बार फिर उजागर किया है। विशेषज्ञों ने लोगों से खराब मौसम के दौरान खुले मैदानों, पेड़ों और बिजली के खंभों के पास खड़े होने से बचने की सलाह दी है।

    मौसम विभाग का अनुमान है कि अगले कुछ दिनों तक प्रदेश के कई हिस्सों में बारिश, गरज-चमक और तेज हवाओं का सिलसिला जारी रह सकता है। इससे तापमान में और गिरावट आने की संभावना है। किसानों के लिए यह मौसम फायदेमंद माना जा रहा है, लेकिन तेज हवाओं और बिजली गिरने की घटनाओं को देखते हुए सतर्कता बरतने की आवश्यकता है।

    गर्मी से परेशान लोगों के लिए यह बदलाव राहत लेकर आया है, लेकिन मौसम के लगातार बदलते मिजाज को देखते हुए प्रशासन और नागरिकों दोनों को सावधानी बरतनी होगी।

  • आत्महत्या या हत्या? ट्विशा केस में CBI जोड़ रही हर कड़ी, समर्थ से हो रही लंबी पूछताछ

    आत्महत्या या हत्या? ट्विशा केस में CBI जोड़ रही हर कड़ी, समर्थ से हो रही लंबी पूछताछ


    मध्य प्रदेश । भोपाल के चर्चित ट्विशा शर्मा मौत मामले में केंद्रीय जांच ब्यूरो की जांच लगातार नए खुलासे कर रही है। मामले में आरोपी समर्थ की फरारी को लेकर महत्वपूर्ण जानकारियां सामने आई हैं। जांच एजेंसी को मिले शुरुआती तथ्यों के अनुसार एफआईआर दर्ज होने के बाद समर्थ तत्काल शहर नहीं छोड़ पाया था और करीब तीन दिनों तक भोपाल में ही अलग-अलग स्थानों पर रुका रहा। इसके बाद वह जबलपुर पहुंचा, जहां उसने लगभग पांच दिनों तक अपनी मौजूदगी छिपाए रखी। अब सीबीआई इस पूरे घटनाक्रम की बारीकी से पड़ताल कर रही है।

    जांच एजेंसी का मुख्य फोकस यह जानने पर है कि फरारी के दौरान समर्थ कहां-कहां रुका, किन लोगों के संपर्क में रहा और उसे किस-किस व्यक्ति ने प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से सहायता पहुंचाई। इसके लिए उसके मोबाइल फोन, कॉल डिटेल रिकॉर्ड, लोकेशन हिस्ट्री, बैंकिंग ट्रांजेक्शन और डिजिटल चैट्स की विस्तृत जांच की जा रही है। अधिकारियों का मानना है कि इन इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों से फरारी के दौरान की गतिविधियों की पूरी तस्वीर सामने आ सकती है।

    मामले में एक नया पहलू ट्विशा की कथित प्रेग्नेंसी और गर्भपात से भी जुड़ा हुआ है। इसी क्रम में सीबीआई ने उस डॉक्टर को भी पूछताछ के लिए तलब किया है, जिसने कथित तौर पर ट्विशा को मेडिकल टर्मिनेशन ऑफ प्रेग्नेंसी यानी गर्भपात की सलाह दी थी। जांच एजेंसी यह समझना चाहती है कि प्रेग्नेंसी और गर्भपात को लेकर जो दावे किए जा रहे हैं, उनमें कितनी सच्चाई है और उनका इस पूरे मामले से क्या संबंध हो सकता है।

    सूत्रों के अनुसार पूछताछ के दौरान समर्थ लगातार यह दावा कर रहा है कि ट्विशा की मौत आत्महत्या का मामला है। उसका कहना है कि गर्भपात के बाद ट्विशा मानसिक तनाव और अवसाद से गुजर रही थी, जिसके कारण उसने यह कदम उठाया। हालांकि जांच एजेंसी केवल उसके बयानों पर निर्भर नहीं है और हर दावे को वैज्ञानिक तथा फोरेंसिक साक्ष्यों के आधार पर परख रही है।

    सीबीआई इस मामले को आत्महत्या और हत्या दोनों संभावनाओं के दृष्टिकोण से देख रही है। जांचकर्ता यह जानने का प्रयास कर रहे हैं कि घटना से पहले दोनों के संबंधों की स्थिति क्या थी, क्या किसी प्रकार का विवाद या मारपीट हुई थी और घटनास्थल से मिले साक्ष्य क्या संकेत देते हैं। यदि यह आत्महत्या थी तो उसके पीछे तत्काल कारण क्या था और यदि नहीं, तो फिर वास्तविक घटनाक्रम क्या रहा।

    जांच का एक महत्वपूर्ण हिस्सा घटनास्थल से लेकर अस्पताल तक की पूरी टाइमलाइन तैयार करना भी है। सीबीआई समर्थ से लगातार पूछताछ कर रही है कि उसने सबसे पहले ट्विशा को किस अवस्था में देखा, उसे फंदे से किसने उतारा, उस समय घर में कौन-कौन मौजूद था और अस्पताल ले जाने तक क्या-क्या घटनाएं हुईं। इन सभी बयानों का मिलान फोरेंसिक रिपोर्ट, इलेक्ट्रॉनिक डेटा और अन्य उपलब्ध साक्ष्यों से किया जा रहा है।

    इसके अलावा जांच एजेंसी उन लोगों की भी पहचान करने में जुटी है जिन्होंने एफआईआर दर्ज होने के बाद समर्थ को फरार रहने में मदद की हो सकती है। यदि जांच में किसी व्यक्ति की भूमिका सामने आती है तो उसके खिलाफ भी कानूनी कार्रवाई की जा सकती है।

    ट्विशा शर्मा मौत मामला शुरुआत से ही कई सवालों और विवादों के घेरे में रहा है। अब सीबीआई हर एंगल से जांच कर रही है ताकि घटनाओं की वास्तविक श्रृंखला सामने लाई जा सके और यह स्पष्ट हो सके कि यह मामला आत्महत्या का था या इसके पीछे कोई और सच्चाई छिपी हुई है।

  • जून 2026 का राशिफल: इन राशियों की चमकेगी किस्मत, मिलेगा आर्थिक लाभ, जानें सभी 12 राशियों का हाल

    जून 2026 का राशिफल: इन राशियों की चमकेगी किस्मत, मिलेगा आर्थिक लाभ, जानें सभी 12 राशियों का हाल


    नई दिल्ली।
    जून 2026 ग्रह-नक्षत्रों की दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण महीना माना जा रहा है। इस दौरान कई प्रमुख व्रत-त्योहारों के साथ बड़े ग्रहों का राशि परिवर्तन भी होगा, जिसका असर सभी 12 राशियों के जीवन पर देखने को मिलेगा। विशेष रूप से 2 जून को देवगुरु बृहस्पति का कर्क राशि में प्रवेश, 8 जून को शुक्र गोचर, 15 जून को सूर्य का मिथुन राशि में आगमन और 21 जून को मंगल का राशि परिवर्तन कई राशियों के लिए नए अवसर लेकर आएगा।

    इन राशियों की आर्थिक स्थिति होगी मजबूत

    वृषभ राशि
    जून का महीना आर्थिक दृष्टि से बेहद लाभकारी रह सकता है। पुराने निवेश से अच्छा रिटर्न मिलने के संकेत हैं। रुका हुआ धन वापस मिलने की संभावना बनेगी। संपत्ति खरीदने के लिए भी समय अनुकूल रहेगा। नौकरी और व्यवसाय दोनों क्षेत्रों में स्थिरता और लाभ के योग बन रहे हैं।

    कर्क राशि
    बृहस्पति के राशि परिवर्तन का सबसे अधिक लाभ कर्क राशि वालों को मिल सकता है। धन, सम्मान और आत्मविश्वास में वृद्धि होगी। रुके हुए कार्य पूरे होंगे और नई योजनाओं में सफलता मिलने की संभावना है। करियर और आर्थिक मामलों में सकारात्मक परिणाम मिल सकते हैं।

    तुला राशि
    तुला राशि वालों के लिए जून ऊर्जा और प्रगति लेकर आएगा। निवेश से लाभ मिलने के संकेत हैं। नौकरी और व्यापार में नए अवसर प्राप्त हो सकते हैं। आर्थिक स्थिति मजबूत रहेगी और आय के नए स्रोत भी बन सकते हैं।

    अन्य राशियों का मासिक हाल

    मेष राशि
    करियर में नए अवसर मिलेंगे और मेहनत का उचित फल प्राप्त होगा। नौकरीपेशा लोगों के लिए समय अनुकूल रहेगा। स्वास्थ्य संबंधी छोटी परेशानियों से सावधानी बरतने की जरूरत होगी।
    उपाय: प्रतिदिन हनुमान चालीसा का पाठ करें।

    मिथुन राशि

    कार्यस्थल पर मेहनत बढ़ानी होगी। मीडिया, लेखन और संचार क्षेत्र से जुड़े लोगों को विशेष लाभ मिल सकता है। 15 जून के बाद धन लाभ के योग मजबूत होंगे।
    उपाय: शिव मंदिर में जल अर्पित करें।

    सिंह राशि
    यात्राओं से लाभ मिलने की संभावना है। करियर में धीरे-धीरे सुधार होगा, लेकिन जल्दबाजी में कोई बड़ा निर्णय लेने से बचें। खर्चों पर नियंत्रण बनाए रखना आवश्यक होगा।
    उपाय: प्रतिदिन सूर्य को अर्घ्य दें।

    कन्या राशि
    करियर में उन्नति और पदोन्नति के अवसर बन सकते हैं। आर्थिक लाभ मिलेगा, लेकिन खर्च और कर्ज से जुड़े मामलों में सतर्क रहने की आवश्यकता है।
    उपाय: ‘ॐ नमः शिवाय’ मंत्र का जाप करें।

    वृश्चिक राशि
    यह महीना अवसरों और चुनौतियों का मिश्रण रहेगा। आय बढ़ने के साथ खर्च भी बढ़ सकते हैं। कार्यक्षेत्र में जिम्मेदारियां बढ़ेंगी, लेकिन मेहनत का लाभ मिलेगा।
    उपाय: हनुमान चालीसा का पाठ करें।

    धनु राशि

    करियर में प्रगति के अवसर मिल सकते हैं, खासकर विदेश से जुड़े मामलों में सफलता मिलने की संभावना है। हालांकि खर्चों पर नियंत्रण रखना जरूरी होगा।
    उपाय: ‘ॐ ग्रां ग्रीं ग्रौं गुरुवे नमः’ मंत्र का जाप करें।

    मकर राशि
    माह सामान्य परिणाम देने वाला रहेगा। कार्यों में देरी और रिश्तों में तनाव की स्थिति बन सकती है। आर्थिक दबाव बढ़ सकता है।
    उपाय: शनिवार को जरूरतमंदों को भोजन कराएं।

    कुंभ राशि

    रिश्तों और आर्थिक मामलों में सतर्कता बरतने की आवश्यकता होगी। बचत करना चुनौतीपूर्ण हो सकता है और कार्यक्षेत्र में कुछ बाधाएं आ सकती हैं।
    उपाय: शिव मंदिर में जल चढ़ाएं।

    मीन राशि
    खर्चों में बढ़ोतरी और मानसिक दबाव महसूस हो सकता है। करियर में चुनौतियां रहेंगी, लेकिन धैर्य और समझदारी से परिस्थितियों को संभाला जा सकता है।
    उपाय: ‘ॐ नमो भगवते वासुदेवाय’ मंत्र का जाप करें।

    जून के प्रमुख ग्रह परिवर्तन

    2 जून: बृहस्पति का कर्क राशि में प्रवेश
    8 जून: शुक्र का कर्क राशि में गोचर
    15 जून: सूर्य का मिथुन राशि में प्रवेश
    21 जून: मंगल का राशि परिवर्तन

    ज्योतिषीय दृष्टि से यह महीना कई राशियों के लिए आर्थिक उन्नति, करियर ग्रोथ और नए अवसर लेकर आ सकता है, जबकि कुछ राशियों को धैर्य और सतर्कता के साथ आगे बढ़ने की सलाह दी गई है।

  • MP में 20-22 जून के बीच दस्‍तक दे सकता है मानसून, अगले 4 दिन रहेगा आंधी-बारिश का दौर

    MP में 20-22 जून के बीच दस्‍तक दे सकता है मानसून, अगले 4 दिन रहेगा आंधी-बारिश का दौर

    भोपाल। मध्य प्रदेश में मानसून के आगमन को लेकर मौसम विभाग ने नया अनुमान जारी किया है। इस बार प्रदेश में मानसून सामान्य समय से 5 से 7 दिन की देरी से पहुंच सकता है। मौसम विभाग के अनुसार, मध्य प्रदेश में मानसून की दस्तक 20 से 22 जून के बीच होने की संभावना है। वहीं, मानसून आने से पहले प्रदेशभर में आंधी, बारिश और ओलावृष्टि का दौर जारी रहेगा।

    धार-खरगोन में रेड अलर्ट

    मौसम विभाग ने सोमवार को धार और खरगोन जिलों के लिए ओलावृष्टि और तेज बारिश का रेड अलर्ट जारी किया है। इसके अलावा झाबुआ, अलीराजपुर, बड़वानी, बुरहानपुर, खंडवा, हरदा, बैतूल, छिंदवाड़ा और पांढुर्णा में आंधी, गरज-चमक, बारिश और ओलावृष्टि का ऑरेंज अलर्ट घोषित किया गया है। विशेषज्ञों के अनुसार अगले चार दिनों तक प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में मौसम का यही मिजाज बना रहेगा।

    नौतपा की तपिश पर बारिश भारी
    नौतपा के सातवें दिन भी प्रदेश में कई स्थानों पर बारिश और तेज हवाओं का असर देखने को मिला। लगातार बदलते मौसम के कारण तापमान में उल्लेखनीय गिरावट दर्ज की गई है। रविवार को प्रदेश का सर्वाधिक तापमान शाजापुर में 41.4 डिग्री सेल्सियस रहा, जबकि पचमढ़ी सबसे ठंडा रहा, जहां अधिकतम तापमान 34.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।

    बड़े शहरों में तापमान में गिरावट
    प्रदेश के प्रमुख शहरों में भी गर्मी का असर कम हुआ है-
    इंदौर – 36.3 डिग्री सेल्सियस
    जबलपुर – 36.4 डिग्री सेल्सियस
    ग्वालियर – 37.5 डिग्री सेल्सियस
    उज्जैन – 37.5 डिग्री सेल्सियस
    भोपाल – 38 डिग्री सेल्सियस

    शाजापुर, राजगढ़ और नरसिंहपुर को छोड़ अधिकांश जिलों में तापमान 40 डिग्री सेल्सियस से नीचे रहा।

    मई में गर्मी भी रिकॉर्ड, बारिश भी ज्यादा
    मई माह में प्रदेश ने दो तरह के मौसम का अनुभव किया। महीने की शुरुआत आंधी और बारिश से हुई, जबकि 18 मई के बाद भीषण गर्मी का दौर शुरू हो गया। इस दौरान खजुराहो में तापमान 47 डिग्री सेल्सियस से अधिक दर्ज किया गया। 25 मई से शुरू हुए नौतपा के दौरान भी प्रदेश का कोई न कोई जिला आंधी और बारिश से प्रभावित रहा। महीने के अंतिम दिनों में कई जिलों में ओलावृष्टि भी हुई।

    औसत से अधिक हुई मई की बारिश
    मौसम वैज्ञानिक अरुण शर्मा के अनुसार मई महीने में प्रदेश में करीब सवा इंच बारिश दर्ज की गई, जबकि सामान्य तौर पर इस अवधि में लगभग पौन इंच वर्षा होती है। यानी इस बार औसत से करीब 56 प्रतिशत अधिक बारिश हुई है। हालांकि जून में वर्षा सामान्य से कम रहने की संभावना जताई गई है। अनुमान है कि इस बार प्रदेश में मानसूनी बारिश दीर्घकालिक औसत का करीब 90 प्रतिशत रह सकती है।

    अगले चार दिन कैसा रहेगा मौसम?
    मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार 1 से 4 जून तक प्रदेश के अधिकांश जिलों में आंधी, बारिश और गरज-चमक की गतिविधियां जारी रहेंगी। कई क्षेत्रों में ओलावृष्टि भी हो सकती है। लगातार बारिश के कारण दिन और रात के तापमान में और गिरावट आने की संभावना है।

  • सीहोर में थाने के बाहर बच्चे के साथ बैठी महिला का मामला, पुलिस पर FIR दर्ज न करने के गंभीर आरोप

    सीहोर में थाने के बाहर बच्चे के साथ बैठी महिला का मामला, पुलिस पर FIR दर्ज न करने के गंभीर आरोप

     मध्य प्रदेश के सीहोर जिले के इछावर क्षेत्र में एक महिला द्वारा न्याय की मांग को लेकर थाने के सामने अपने छोटे बच्चे के साथ सड़क पर बैठने का मामला सामने आया है, जिसने स्थानीय प्रशासन और पुलिस व्यवस्था की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। प्राप्त जानकारी के अनुसार पीड़ित महिला अपनी बेटी के साथ हुई कथित मारपीट की शिकायत दर्ज कराने के लिए पुलिस थाने पहुंची थी, लेकिन आरोप है कि उसकी FIR दर्ज करने के बजाय उसे अलग-अलग थानों के बीच भटकाया जाता रहा। इस पूरी प्रक्रिया में महिला घंटों तक थाने के बाहर बैठी रही और अंततः वह थक-हारकर सड़क पर ही बैठ गई, जबकि उसके साथ छोटा बच्चा भी मौजूद था। यह स्थिति उस समय और गंभीर हो गई जब शाम से लेकर देर रात तक पीड़िता न्याय की उम्मीद में वहीं मौजूद रही।

    बताया जा रहा है कि घटना उस समय की है जब पीड़िता की बेटी जंगल में बकरी चराने गई थी और किसी विवाद के दौरान कुछ लोगों द्वारा उसके साथ मारपीट किए जाने का आरोप सामने आया। परिजनों का कहना है कि इस घटना में युवती गंभीर रूप से घायल हुई और उसे उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा। इसके बाद पीड़िता ने पुलिस से कार्रवाई की मांग की, लेकिन आरोप है कि पुलिस ने मामले को अपने क्षेत्राधिकार से बाहर बताते हुए तत्काल कार्रवाई करने के बजाय पीड़िता को एक थाने से दूसरे थाने भेजना शुरू कर दिया। इस व्यवहार से आहत होकर महिला थाने के बाहर बैठने को मजबूर हो गई।

    महिला का कहना है कि वह लगातार पुलिस से गुहार लगाती रही कि उसकी शिकायत दर्ज कर उचित जांच की जाए, लेकिन उसकी बात को गंभीरता से नहीं लिया गया। उसने यह भी आरोप लगाया कि कई बार उसे यह कहकर टाल दिया गया कि संबंधित थाना जाकर शिकायत दर्ज कराएं। इस पूरे घटनाक्रम के दौरान पीड़िता अपने छोटे बच्चे के साथ असहाय स्थिति में रही, जिससे उसकी परेशानी और बढ़ गई।

    यह मामला ऐसे समय सामने आया है जब प्रदेश में महिला सुरक्षा और त्वरित न्याय व्यवस्था को लेकर लगातार बड़े दावे किए जाते हैं। लेकिन जमीनी स्तर पर सामने आई यह घटना पुलिस की संवेदनशीलता और त्वरित कार्रवाई की क्षमता पर सवाल खड़े करती है। कानून व्यवस्था से जुड़े विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे मामलों में पुलिस को क्षेत्राधिकार के तकनीकी पहलू में उलझने के बजाय तुरंत प्रारंभिक कार्रवाई करते हुए Zero FIR दर्ज करनी चाहिए, ताकि पीड़ित को राहत मिल सके और जांच प्रक्रिया आगे बढ़ सके।

    घटना का एक वीडियो भी सामने आने की बात कही जा रही है, जिसके बाद स्थानीय स्तर पर चर्चा और तेज हो गई है। अब यह मामला प्रशासनिक स्तर पर भी ध्यान आकर्षित कर रहा है और लोगों में पुलिस की कार्यप्रणाली को लेकर असंतोष देखने को मिल रहा है। फिलहाल देखना यह होगा कि संबंधित अधिकारी इस मामले में क्या कदम उठाते हैं और पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने के लिए किस तरह की कार्रवाई आगे बढ़ाई जाती है।

  • अस्पताल व्यवस्था पर सवाल, सतना में मरीज को लेने आइसोलेशन वार्ड तक बाइक पहुंची, वीडियो हुआ वायरल

    अस्पताल व्यवस्था पर सवाल, सतना में मरीज को लेने आइसोलेशन वार्ड तक बाइक पहुंची, वीडियो हुआ वायरल

    मध्य प्रदेश के सतना जिले में स्थित सरदार वल्लभभाई पटेल जिला अस्पताल में शनिवार को एक ऐसा दृश्य देखने को मिला जिसने वहां मौजूद लोगों को हैरान कर दिया और अस्पताल की व्यवस्थाओं पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए। एक मरीज को वार्ड से नीचे ले जाने के लिए जब समय पर स्ट्रेचर उपलब्ध नहीं हो सका, तो परिजन मजबूरी में बाइक लेकर अस्पताल के भीतर फर्स्ट फ्लोर तक पहुंच गया। यह पूरा घटनाक्रम किसी फिल्मी दृश्य जैसा प्रतीत हुआ, जिसमें व्यवस्था की कमी और आम नागरिक की परेशानी दोनों एक साथ सामने आ गए।

    मध्य प्रदेश के सतना शहर में घटी इस घटना में सीताराम सोनी नामक युवक अपने परिजन अंजनी सोनी को, जो कि आइसोलेशन वार्ड में भर्ती थे, इलाज के बाद रेफर किए जाने पर रीवा ले जाने के लिए अस्पताल पहुंचे थे। डॉक्टरों ने मरीज को बेहतर उपचार के लिए अन्य अस्पताल भेजने का निर्णय लिया था, लेकिन जब मरीज को वार्ड से नीचे लाने की प्रक्रिया शुरू हुई तो स्ट्रेचर की अनुपलब्धता एक बड़ी बाधा बन गई। काफी देर तक इंतजार करने और प्रयास करने के बावजूद जब कोई वैकल्पिक व्यवस्था नहीं मिली तो परिजन ने असामान्य कदम उठाते हुए बाइक से ही वार्ड तक पहुंचने का प्रयास किया।

    अस्पताल परिसर में बाइक का आइसोलेशन वार्ड तक पहुंच जाना न केवल सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाता है, बल्कि यह भी दिखाता है कि आपात स्थिति में बुनियादी संसाधनों की कमी किस तरह लोगों को मजबूरी में असामान्य कदम उठाने के लिए प्रेरित कर सकती है। मौके पर मौजूद लोग इस दृश्य को देखकर स्तब्ध रह गए और कुछ ही समय में यह घटना चर्चा का विषय बन गई। प्रारंभिक तौर पर इसे अस्पताल की बड़ी चूक माना गया, हालांकि बाद में जांच में सामने आया कि युवक का उद्देश्य किसी तरह की अव्यवस्था या हंगामा करना नहीं था, बल्कि वह केवल अपने परिजन को सुरक्षित तरीके से नीचे लाने का प्रयास कर रहा था।

    घटना की जानकारी मिलने के बाद अस्पताल प्रशासन ने तत्काल हस्तक्षेप किया और मरीज के लिए स्ट्रेचर की व्यवस्था सुनिश्चित की गई। इसके बाद मरीज को सुरक्षित तरीके से एम्बुलेंस के माध्यम से रीवा के लिए रेफर किया गया। अस्पताल प्रबंधन ने यह भी स्पष्ट किया कि मरीज को आवश्यक चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जा चुकी थी और आगे के इलाज के लिए उसे स्थानांतरित किया गया है।

    बताया जा रहा है कि मरीज अंजनी सोनी को घोड़े की लात लगने से गंभीर चोटें आई थीं, जिसके बाद उन्हें जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया था। उपचार के दौरान उनकी स्थिति को देखते हुए डॉक्टरों ने उन्हें उच्च चिकित्सा केंद्र भेजने की सलाह दी थी। लेकिन इस प्रक्रिया के दौरान सामने आई व्यवस्थागत कमी ने अस्पताल की तैयारियों पर सवाल खड़े कर दिए हैं, खासकर आपात स्थिति में मरीजों को स्थानांतरित करने की व्यवस्था को लेकर।

    इस घटना ने एक बार फिर यह मुद्दा सामने ला दिया है कि सरकारी अस्पतालों में बुनियादी सुविधाओं की उपलब्धता और उनका त्वरित उपयोग कितना महत्वपूर्ण है। स्ट्रेचर, एम्बुलेंस और त्वरित सहायता प्रणाली जैसी सुविधाएं यदि समय पर उपलब्ध न हों, तो मरीज और उनके परिजन को कठिन परिस्थितियों का सामना करना पड़ता है। फिलहाल अस्पताल प्रशासन ने मामले की समीक्षा की बात कही है और भविष्य में ऐसी स्थिति न बने, इसके लिए सुधार की आवश्यकता पर भी जोर दिया गया है।

  • इंदौर के ठेकेदार शकील शाह की गिरफ्तारी, आदिवासी युवती से छेड़छाड़ के मामले में पुलिस की बड़ी कार्रवाई

    इंदौर के ठेकेदार शकील शाह की गिरफ्तारी, आदिवासी युवती से छेड़छाड़ के मामले में पुलिस की बड़ी कार्रवाई

    मध्य प्रदेश के आलीराजपुर जिले में एक आदिवासी मजदूर युवती से कथित छेड़छाड़ के मामले में पुलिस ने इंदौर निवासी ठेकेदार शकील शाह को गिरफ्तार कर लिया है। यह कार्रवाई कोतवाली थाना क्षेत्र में की गई, जहां आरोपी लंबे समय से पीड़िता को परेशान कर रहा था। मामला तब सामने आया जब शनिवार को आरोपी बस स्टैंड क्षेत्र में देखा गया और युवती के पिता ने तुरंत पुलिस को सूचना देकर उसे पकड़वाने में अहम भूमिका निभाई। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर आरोपी को हिरासत में ले लिया और थाने ले जाकर आगे की कार्रवाई शुरू की।

    जानकारी के अनुसार, पीड़िता अपने परिवार के साथ बैंक ऑफ बड़ौदा आरसेटी के पास चल रहे निर्माण कार्य में मजदूरी कर रही थी। इसी दौरान ठेकेदारी कार्य से जुड़े इंदौर निवासी शकील शाह पर युवती से छेड़छाड़ और अनुचित व्यवहार करने के आरोप लगे। परिजनों ने शुरुआती स्तर पर ही विरोध जताया था और आरोपी को काम स्थल से दूर रहने की चेतावनी दी थी, लेकिन इसके बावजूद आरोपी ने कथित रूप से अपनी हरकतें जारी रखीं और बाद में एक बार फिर आलीराजपुर पहुंचकर युवती से संपर्क करने और उसे प्रभावित करने की कोशिश की।

    स्थानीय लोगों के अनुसार, आरोपी की गतिविधियों को लेकर पहले से ही असंतोष का माहौल था। शनिवार को जब उसकी मौजूदगी बस स्टैंड क्षेत्र में देखी गई तो युवती के परिजनों ने इसे गंभीरता से लेते हुए पुलिस को सूचित किया। पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए मौके पर पहुंचकर आरोपी को हिरासत में लिया और उसे कोतवाली थाना लाया गया, जहां उससे प्रारंभिक पूछताछ की गई।

    पुलिस अधिकारियों ने बताया कि पीड़िता की शिकायत के आधार पर आरोपी के खिलाफ छेड़छाड़, रास्ता रोकने और एससी-एसटी एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया है। मामले की विस्तृत जांच जारी है और सभी तथ्यों की जांच की जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि कानून के तहत आवश्यक सभी कार्रवाई की जाएगी और किसी भी स्तर पर लापरवाही नहीं बरती जाएगी।

    इस घटना के बाद क्षेत्र में सामाजिक संगठनों ने भी प्रतिक्रिया दी है। कई संगठनों के प्रतिनिधि कोतवाली थाने पहुंचे और उन्होंने मांग की कि बाहरी ठेकेदारों और कार्य पर्यवेक्षकों की पृष्ठभूमि की जांच और सत्यापन को अनिवार्य बनाया जाए ताकि इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति को रोका जा सके।

    फिलहाल आरोपी पुलिस हिरासत में है और आगे की जांच के आधार पर अतिरिक्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। पुलिस ने यह भी संकेत दिया है कि पीड़िता की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए आवश्यक सुरक्षा प्रबंध सुनिश्चित किए जाएंगे।