Category: Madhya Pradesh

  • भोपाल के स्पा सेंटरों पर लगातार छापेमारी से बढ़ी हलचल, कथित देह व्यापार के नेटवर्क की पुलिस कर रही जांच

    भोपाल के स्पा सेंटरों पर लगातार छापेमारी से बढ़ी हलचल, कथित देह व्यापार के नेटवर्क की पुलिस कर रही जांच


    मध्य प्रदेश:
    की राजधानी भोपाल में स्पा सेंटरों की आड़ में कथित अनैतिक गतिविधियों के खिलाफ पुलिस की लगातार कार्रवाई के बाद पूरे मामले को लेकर जांच का दायरा बढ़ गया है। शहर में अब तक चार स्पा सेंटरों पर छापेमारी की जा चुकी है। इन कार्रवाइयों के दौरान कई युवक-युवतियों को संदिग्ध परिस्थितियों में पाए जाने के बाद हिरासत में लेकर पूछताछ की गई है। पुलिस का कहना है कि जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जा रही है।

    पुलिस की ओर से की जा रही कार्रवाई ने इस बात की पड़ताल तेज कर दी है कि क्या अलग-अलग स्पा सेंटरों में सामने आई गतिविधियों के पीछे कोई संगठित नेटवर्क सक्रिय है। साथ ही यह भी जांच का हिस्सा है कि इन सेंटरों में काम करने वाली युवतियां किस तरह यहां तक पहुंचीं और क्या उन्हें किसी समूह या गिरोह के माध्यम से जोड़ा गया था।

    भोपाल में पुलिस आयुक्त के निर्देश पर क्राइम ब्रांच और संबंधित थाना पुलिस की टीमों ने अलग-अलग इलाकों में स्पा सेंटरों पर दबिश दी। होशंगाबाद रोड स्थित आशिमा मॉल के एक स्पा सेंटर, इंद्रपुरी क्षेत्र के एक अन्य स्पा सेंटर, एमपी नगर और दूसरे इलाकों में कार्रवाई की गई। पुलिस टीमों ने मौके से कई लोगों को पकड़ा और उनके बारे में जानकारी जुटाने के साथ पूछताछ शुरू की।

    लगातार सामने आ रही कार्रवाइयों के बाद पुलिस अब केवल संबंधित स्पा सेंटरों तक सीमित नहीं रहना चाहती, बल्कि उनसे जुड़े संभावित संपर्कों और गतिविधियों की भी जांच कर रही है। जांच में यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि सेंटरों का संचालन किस तरह होता था, वहां काम करने वाले लोगों का आपस में क्या संपर्क था और क्या इन स्थानों के बीच कोई सीधा संबंध मौजूद है।

    पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, स्पा सेंटरों में अनैतिक गतिविधियों की सूचना मिलने के बाद योजनाबद्ध तरीके से कार्रवाई की गई। अलग-अलग थाना क्षेत्रों में टीमों ने एक साथ दबिश दी और मौके से कई युवक-युवतियों को गिरफ्तार किया। अधिकारियों ने यह भी स्पष्ट किया कि ऐसी गतिविधियों के खिलाफ आगे भी कार्रवाई जारी रहेगी।

    मामले में किसी बड़े रैकेट या गिरोह की मौजूदगी को लेकर भी जांच की जा रही है। गिरफ्तार किए गए लोगों से पूछताछ के दौरान मिलने वाली जानकारी का विश्लेषण किया जा रहा है। पुलिस यह जानने की कोशिश कर रही है कि इन घटनाओं के पीछे कोई संगठित व्यवस्था है या फिर अलग-अलग स्थानों पर स्वतंत्र रूप से ऐसी गतिविधियां संचालित हो रही थीं।

    जांच का एक अन्य पहलू होटलों से सामने आए कुछ वीडियो भी हैं। पुलिस इन वीडियो की भी पड़ताल कर रही है, ताकि मामले से जुड़े लोगों और गतिविधियों के बीच संभावित संबंधों की जानकारी मिल सके। चार स्पा सेंटरों पर कार्रवाई के बाद जांच का दायरा बढ़ने से आने वाले समय में और लोगों से पूछताछ या अन्य कार्रवाई की संभावना बनी हुई है।

    फिलहाल पुलिस ने यह निष्कर्ष नहीं निकाला है कि भोपाल में सामने आए सभी मामलों के पीछे एक ही संगठित नेटवर्क काम कर रहा था। अधिकारियों का कहना है कि गिरफ्तार लोगों से पूछताछ, उपलब्ध जानकारी और अन्य साक्ष्यों के विश्लेषण के बाद ही पूरे मामले की तस्वीर स्पष्ट हो सकेगी। जांच पूरी होने के बाद ही यह सामने आएगा कि कथित गतिविधियों में कौन-कौन लोग शामिल थे और उनके बीच किस तरह का संपर्क था।

  • सतना में शादी से इनकार पर महिला पर चाकू से जानलेवा हमला, 300 किलोमीटर स्कूटी चलाकर पहुंचा आरोपी गिरफ्तार

    सतना में शादी से इनकार पर महिला पर चाकू से जानलेवा हमला, 300 किलोमीटर स्कूटी चलाकर पहुंचा आरोपी गिरफ्तार


    मध्य प्रदेश: के सतना में शादी करने से इनकार करने पर एक युवक ने 32 वर्षीय महिला पर चाकू से जानलेवा हमला कर दिया। घटना गुरुवार को धवारी तिराहे के पास कलेक्ट्रेट के नजदीक हुई। महिला घर से पैदल अपनी ड्यूटी पर जा रही थी, तभी स्कूटी से पहुंचे आरोपी ने पीछे से उस पर चाकू से वार कर दिया। हमले में महिला के पेट और कमर के बीच के हिस्से के अलावा गले में भी गंभीर चोटें आईं। घायल महिला को इलाज के लिए अस्पताल पहुंचाया गया। पुलिस ने घटना के बाद फरार हो रहे आरोपी को गिरफ्तार कर लिया।

    जानकारी के अनुसार, पीड़ित महिला सतना के बजरहा टोला की रहने वाली है और शहर के एक होटल में नौकरी करती है। गुरुवार को वह रोजाना की तरह घर से पैदल होटल में ड्यूटी करने जा रही थी। इसी दौरान धवारी के पास कलेक्ट्रेट के नजदीक स्कूटी से पहुंचे सूरज जाटव ने उस पर पीछे से चाकू से हमला कर दिया। वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी स्कूटी लेकर मौके से फरार हो गया।

    महिला की शिकायत के आधार पर आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 109(1) के तहत हत्या के प्रयास का मामला दर्ज किया गया। पुलिस ने घटनास्थल और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज की मदद से आरोपी की पहचान की।

    पीड़िता की पारिवारिक स्थिति के अनुसार, वह शादी के बाद अपने पति के साथ दिल्ली में रहती थी। वर्ष 2020 में पति की मौत हो गई थी। इसके बाद वह अपने दोनों बच्चों के साथ सतना में मायके आकर रहने लगी। बच्चों के भरण-पोषण की जिम्मेदारी उठाने के लिए उसने शहर के एक होटल में नौकरी शुरू की।

    महिला ने पुलिस को बताया कि वर्ष 2024 में एक रिश्तेदार की शादी में शामिल होने के लिए वह सागर गई थी। वहां उसकी मुलाकात सूरज जाटव से हुई। इसके बाद दोनों के बीच सोशल मीडिया के माध्यम से बातचीत शुरू हुई। महिला का आरोप है कि पिछले करीब दो वर्षों से सूरज उस पर शादी करने का दबाव बना रहा था। उसके इनकार करने पर आरोपी उसे बार-बार धमकियां देता था।

    महिला के मुताबिक, शादी के लिए सहमति नहीं मिलने पर आरोपी सागर से स्कूटी लेकर सतना पहुंचा। उसने लगभग 300 किलोमीटर की दूरी तय की और महिला के घर से निकलते ही उसका पीछा करना शुरू कर दिया। धवारी के पास कलेक्ट्रेट के नजदीक पहुंचने पर उसने चलती स्कूटी से महिला पर चाकू से हमला कर दिया।

    दिनदहाड़े हुई वारदात की सूचना मिलने के बाद पुलिस ने आरोपी की तलाश शुरू की। नगर पुलिस अधीक्षक मनीष त्रिपाठी के नेतृत्व में सिटी कोतवाली थाना प्रभारी हेमंत शर्मा की अगुवाई में टीम गठित की गई। सीसीटीवी फुटेज के आधार पर आरोपी की पहचान सूरज जाटव के रूप में हुई। वह सागर जिले के मोतीनगर थाना क्षेत्र के सुभाष नगर, गुलाब गली, वार्ड नंबर तीन का निवासी है। उसके पिता का नाम इमरत लाल जाटव बताया गया है।

    पुलिस टीम ने कार्रवाई करते हुए आरोपी को स्कूटी सहित गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तारी के बाद उसे न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया। मामले में पुलिस आगे की कानूनी कार्रवाई कर रही है। कार्रवाई में उप निरीक्षक अभिषेक कुमार पांडेय, प्रधान आरक्षक राहुल सिंह, चीतेन्द्र पांडेय और आरक्षक अजीत सिंह शामिल रहे।

  • खंडवा में गणेश विसर्जन की धूम, मंत्री विजय शाह ने की आरती, क्रेन पर चढ़कर कृत्रिम कुंड का निरीक्षण

    खंडवा में गणेश विसर्जन की धूम, मंत्री विजय शाह ने की आरती, क्रेन पर चढ़कर कृत्रिम कुंड का निरीक्षण

    मध्य प्रदेश: के खंडवा जिले में गणेश उत्सव के समापन के साथ भगवान गणेश की प्रतिमाओं के विसर्जन का सिलसिला धूमधाम से जारी है। विसर्जन स्थलों पर श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ रही है और गणपति बप्पा मोरया के जयकारों से वातावरण भक्तिमय बना हुआ है। इस दौरान प्रदेश सरकार के कैबिनेट मंत्री विजय शाह ने विसर्जन स्थल पहुंचकर भगवान गणेश की आरती की और पूजा-अर्चना कर आशीर्वाद लिया।

    मंत्री विजय शाह ने विसर्जन के लिए की गई व्यवस्थाओं का जायजा भी लिया। उनके साथ खंडवा की महापौर अमृता यादव सहित कई जनप्रतिनिधि और स्थानीय नेता मौजूद रहे। इस दौरान अधिकारियों से विसर्जन स्थल पर श्रद्धालुओं की सुविधा, सुरक्षा और प्रतिमाओं के विसर्जन की व्यवस्थाओं की जानकारी ली गई।

    खंडवा में गणेश प्रतिमाओं के सुरक्षित विसर्जन के लिए नगर निगम की ओर से शहर में तीन कृत्रिम कुंड तैयार किए गए हैं। इन कुंडों के माध्यम से प्रतिमाओं के विसर्जन की व्यवस्था की गई है, ताकि श्रद्धालुओं को सुविधा मिल सके और विसर्जन के दौरान आवश्यक प्रबंध सुनिश्चित किए जा सकें।

    मंत्री विजय शाह ने महापौर अमृता यादव और नगर निगम परिषद के सदस्यों के साथ भैरव तालाब परिसर में बनाए गए कृत्रिम विसर्जन कुंड का निरीक्षण किया। उन्होंने मौके पर मौजूद अधिकारियों और नगर निगम के प्रतिनिधियों से व्यवस्थाओं की जानकारी ली।

    निरीक्षण के दौरान मंत्री विजय शाह विसर्जन में इस्तेमाल की जा रही क्रेन पर भी चढ़े और वहां से कुंड की व्यवस्था का जायजा लिया। विसर्जन के लिए क्रेन के इस्तेमाल से प्रतिमाओं को निर्धारित स्थान तक पहुंचाने और विसर्जन की प्रक्रिया को व्यवस्थित तरीके से पूरा करने की व्यवस्था की गई है।

    गणेश प्रतिमाओं के विसर्जन के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने को देखते हुए प्रशासन और नगर निगम की ओर से सुविधाओं का प्रबंध किया गया है। नगर निगम की टीम विसर्जन स्थलों पर व्यवस्था बनाए रखने और श्रद्धालुओं को सुविधाजनक तरीके से विसर्जन कराने में जुटी हुई है।

    मंत्री विजय शाह ने नगर निगम की ओर से बनाए गए कृत्रिम कुंडों की व्यवस्था पर संतोष जताया। उन्होंने कहा कि जनभावनाओं के अनुरूप भगवान गणेश के विसर्जन के लिए कुंड तैयार करना सराहनीय पहल है। उन्होंने खंडवा नगर निगम की पूरी टीम को इस व्यवस्था के लिए बधाई दी।

    मंत्री ने कहा कि नगर निगम ने लोगों की भावनाओं और विश्वास के अनुरूप व्यवस्था की है। उन्होंने भगवान गणेश के विसर्जन को सम्मानपूर्वक संपन्न कराने की पहल की सराहना करते हुए कहा कि श्रद्धालुओं की आस्था का सम्मान करते हुए विसर्जन की व्यवस्था की गई है।

    विजय शाह ने यह भी कहा कि भगवान गणेश का विसर्जन मां नर्मदा के पवित्र जल में सम्मानपूर्वक किया जा रहा है। गणेश उत्सव के अंतिम चरण में श्रद्धालु पूजा-अर्चना के बाद प्रतिमाओं को विसर्जन के लिए लेकर पहुंच रहे हैं।

    खंडवा में तीन कृत्रिम कुंडों की व्यवस्था और नगर निगम की तैयारियों के बीच गणेश प्रतिमाओं का विसर्जन लगातार जारी है। प्रशासन और नगर निगम की ओर से श्रद्धालुओं की सुविधा तथा विसर्जन प्रक्रिया को व्यवस्थित रखने पर ध्यान दिया जा रहा है।

  • मध्य प्रदेश के सात शहरों में 351 बसों के साथ आज से शुरू होगी सुगम परिवहन सेवा, यात्रियों को मिलेगी नई सुविधा

    मध्य प्रदेश के सात शहरों में 351 बसों के साथ आज से शुरू होगी सुगम परिवहन सेवा, यात्रियों को मिलेगी नई सुविधा

    मध्य प्रदेश: में मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा की शुरुआत शुक्रवार, 25 सितंबर को 351 बसों के साथ की जा रही है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव भोपाल के गोविंदपुरा स्थित बीएचईएल दशहरा मैदान में आयोजित राज्यस्तरीय कार्यक्रम में बसों को हरी झंडी दिखाएंगे। कार्यक्रम में केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी भी शामिल होंगे। इस सेवा का उद्देश्य प्रदेश में सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था को दोबारा व्यवस्थित करना और यात्रियों को शहरों के भीतर तथा एक शहर से दूसरे शहर तक आवागमन की सुविधा उपलब्ध कराना है।

    योजना के पहले चरण में भोपाल, इंदौर, जबलपुर, रीवा, देवास, कटनी और भिंड को शामिल किया गया है। इन सात शहरों में कुल 351 बसों का संचालन शुरू होगा। इनमें 120 बसें इंटरसिटी सेवा के लिए और 231 बसें इंट्रासिटी सेवा के लिए निर्धारित की गई हैं। इंटरसिटी बसें अलग-अलग शहरों के बीच यात्रियों को आवागमन की सुविधा देंगी, जबकि इंट्रासिटी बसें शहरों के अंदर संचालित होंगी।

    बसों का शहरवार वितरण भी निर्धारित किया गया है। इंदौर में सबसे अधिक 145 बसें चलाई जाएंगी। इनमें 50 इंटरसिटी और 95 इंट्रासिटी बसें शामिल हैं। भोपाल में कुल 106 बसें संचालित होंगी, जिनमें 23 इंटरसिटी और 83 इंट्रासिटी बसें रहेंगी। जबलपुर में 67 बसों का संचालन होगा। इनमें 14 बसें शहरों के बीच और 53 बसें शहर के भीतर चलेंगी।

    इसके अलावा रीवा में 18, देवास में 10, कटनी में तीन और भिंड में दो इंटरसिटी बसें शुरू की जाएंगी। इस तरह पहले चरण में बड़े शहरों के साथ अन्य क्षेत्रों को भी सार्वजनिक बस सेवा से जोड़ने की व्यवस्था की गई है।

    परिवहन विभाग ने इंटरसिटी बसों के लिए किराया दो रुपये प्रति किलोमीटर निर्धारित किया है। भोपाल में भोपाल सिटी लिंक लिमिटेड के साथ पीएम बस सेवा का संचालन किया जा रहा है। वहीं इंदौर, जबलपुर, ग्वालियर, उज्जैन सहित अन्य शहरों में बस सेवाओं को एक विभागीय व्यवस्था के तहत संचालित करने की योजना है।

    सेवा के शुभारंभ से पहले मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव गुरुवार देर रात बीएचईएल दशहरा मैदान पहुंचे और कार्यक्रम की तैयारियों का निरीक्षण किया। उन्होंने मंच, सभा स्थल और यात्रियों तथा कार्यक्रम से जुड़ी अन्य व्यवस्थाओं का जायजा लिया। इसके बाद मुख्यमंत्री ने बसों का निरीक्षण किया और वहां मौजूद चालकों से बातचीत भी की। इस दौरान परिवहन सचिव मनीष सिंह भी मौजूद रहे।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि करीब 21 साल बाद प्रदेश में लोक परिवहन बस सेवा की शुरुआत की जा रही है। उन्होंने आधुनिक ई-बसों और सुविधायुक्त बसों का नेटवर्क चरणबद्ध तरीके से नगरों और जिलों तक विस्तारित करने की बात कही। योजना के तहत बस स्टॉप, बस स्टैंड, इलेक्ट्रॉनिक सुविधाओं और बेहतर नियंत्रण व्यवस्था को विकसित करने पर भी जोर दिया जाएगा।

    सरकार की योजना सार्वजनिक परिवहन नेटवर्क का विस्तार करते हुए यात्रियों को सुविधाजनक आवागमन उपलब्ध कराने की है। पहले चरण में सात शहरों से शुरू हो रही यह सेवा आगे प्रदेश के अन्य नगरों और जिलों तक पहुंचाई जाएगी। इसके तहत बसों के संचालन और परिवहन सुविधाओं को व्यवस्थित करने की दिशा में काम किया जाएगा।

  • मध्य प्रदेश में 20 साल बाद सुगम परिवहन की शुरुआत, पहले चरण में 351 बसें चलेंगी, रात में भी मिलेगी सेवा

    मध्य प्रदेश में 20 साल बाद सुगम परिवहन की शुरुआत, पहले चरण में 351 बसें चलेंगी, रात में भी मिलेगी सेवा

    मध्य प्रदेश: में सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था को आधुनिक बनाने के उद्देश्य से मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा की शुरुआत की जा रही है। करीब 20 साल बाद प्रदेश में परिवहन व्यवस्था को नए स्वरूप में विकसित करने की दिशा में यह पहल की गई है। इसके तहत इलेक्ट्रिक बसों का संचालन किया जाएगा, जिससे यात्रियों को सुविधाजनक, किफायती और बेहतर कनेक्टिविटी वाला सफर मिल सकेगा। योजना का पहला चरण 351 बसों के साथ शुरू होगा।

    इस सेवा के तहत भोपाल, इंदौर, जबलपुर, रीवा, देवास, कटनी और भिंड सहित विभिन्न शहरों में बसें संचालित की जाएंगी। सरकार का लक्ष्य वर्ष 2031 तक पूरे प्रदेश में 15 हजार बसें चलाने का है। इस लक्ष्य के पूरा होने पर प्रदेश के सार्वजनिक परिवहन नेटवर्क का विस्तार होगा और अधिक लोगों को नियमित बस सेवा उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी।

    नई व्यवस्था में यात्रियों को निर्धारित स्टॉप पर बसों का इंतजार कम करना पड़ेगा। बसों के संचालन का अंतराल मार्ग और सेवा के अनुसार 5 से 30 मिनट तक रहने की जानकारी दी गई है। कुछ मार्गों पर यात्रियों को हर 10 से 15 मिनट में बस मिलने की सुविधा भी मिलेगी। इससे रोजाना कामकाज, पढ़ाई और अन्य जरूरी गतिविधियों के लिए बस से यात्रा करने वाले लोगों को सहूलियत होगी।

    यात्रियों को बसों की जानकारी हासिल करने के लिए भी डिजिटल सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। मोबाइल फोन पर बस की लाइव लोकेशन देखी जा सकेगी। इसके अलावा ऑनलाइन टिकट की सुविधा भी मिलेगी। इससे यात्रियों को बस के आने का अनुमान लगाने और टिकट प्राप्त करने में आसानी होगी। निर्धारित किराया व्यवस्था लागू होने से मनमाने किराए पर भी नियंत्रण रखने का प्रयास किया जाएगा।

    बसों का किराया लगभग दो रुपये प्रति किलोमीटर निर्धारित किए जाने की जानकारी सामने आई है। इससे नियमित यात्रियों को यात्रा खर्च में राहत मिलने की उम्मीद है। इलेक्ट्रिक बसों के संचालन से सार्वजनिक परिवहन को पर्यावरण के अनुकूल बनाने पर भी जोर दिया गया है। इन बसों से सीधे धुएं का उत्सर्जन नहीं होगा, जिससे वायु प्रदूषण कम करने में सहायता मिल सकती है। भोपाल जैसे शहर में, जहां झीलों और पर्यावरण का विशेष महत्व है, इलेक्ट्रिक बसों का संचालन प्रदूषण नियंत्रण की दिशा में उपयोगी माना जा रहा है।

    नई बसों में यात्रियों की सुरक्षा और सुविधा को ध्यान में रखते हुए आधुनिक व्यवस्थाएं भी उपलब्ध रहेंगी। बसों में सीसीटीवी कैमरे और पैनिक बटन लगाए जाएंगे। इससे यात्रा के दौरान सुरक्षा संबंधी जरूरतों पर ध्यान दिया जा सकेगा। दिव्यांग यात्रियों के लिए भी बसों में चढ़ने और उतरने की सुविधा बेहतर बनाने पर जोर दिया गया है।

    इस सेवा की एक महत्वपूर्ण विशेषता रात में भी बसों का संचालन है। इससे देर शाम या रात के समय यात्रा करने वाले लोगों को सार्वजनिक परिवहन का विकल्प मिल सकेगा। खासकर उन यात्रियों को फायदा हो सकता है, जिन्हें कामकाज या अन्य कारणों से सामान्य समय के बाद भी आवागमन करना पड़ता है।

    कुल मिलाकर, मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा के जरिए प्रदेश में बस यात्रा को अधिक नियमित, सुरक्षित और डिजिटल बनाने की योजना है। पहले चरण में 351 बसों से शुरू होने वाली यह व्यवस्था आगे चलकर बड़े परिवहन नेटवर्क का हिस्सा बनेगी। वर्ष 2031 तक 15 हजार बसों के संचालन का लक्ष्य पूरा करने के लिए आने वाले वर्षों में सेवा का विस्तार किया जाएगा।

  • फर्जी पासपोर्ट रैकेट में बड़ा खुलासा 70 में करीब 50 पासपोर्ट सिर्फ तीन गवाहों से बने पैसों के लेनदेन की जांच तेज

    फर्जी पासपोर्ट रैकेट में बड़ा खुलासा 70 में करीब 50 पासपोर्ट सिर्फ तीन गवाहों से बने पैसों के लेनदेन की जांच तेज

    ग्वालियर । मध्य प्रदेश में बांग्लादेशी नागरिकों के लिए फर्जी दस्तावेजों के आधार पर भारतीय पासपोर्ट तैयार कराने वाले नेटवर्क की जांच में एसटीएफ को पैसों के लेनदेन से जुड़े अहम सुराग मिले हैं। जांच एजेंसी के अनुसार इस पूरे नेटवर्क में फर्जीवाड़े से हासिल रकम को एक ऐसे बैंक खाते के जरिए घुमाया जाता था जो कागजों में एक बौद्ध भिक्षु के नाम पर था। एसटीएफ का आरोप है कि खाते का वास्तविक संचालन गिरोह के मास्टरमाइंड रियाल चौधरी उर्फ भंते मैतानंद के पास था।

    जांच के अनुसार विदिशा की एसबीआई शाखा में वर्ष 2021-22 के दौरान यह बैंक खाता खोला गया था। खाता बौद्ध भिक्षु गुलाब राय गौतम के नाम पर दर्ज है लेकिन इसमें रियाल चौधरी का मोबाइल नंबर इस्तेमाल होने की बात सामने आई है। एसटीएफ के मुताबिक इस खाते का इस्तेमाल फर्जी पासपोर्ट और दस्तावेज तैयार कराने से जुड़े पैसों के लेनदेन के लिए किया जाता था। जांच एजेंसी अब खाते की पूरी बैंक स्टेटमेंट और उससे जुड़े ट्रांजेक्शन की जानकारी खंगाल रही है।

    एसटीएफ के अनुसार रियाल चौधरी ने गुलाब राय गौतम से यह बैंक खाता हर महीने 10 हजार रुपए किराए पर लिया था। फर्जीवाड़े से मिलने वाली रकम पहले इसी खाते में जमा होने की बात सामने आई है। इसके बाद दस्तावेज तैयार कराने और पासपोर्ट बनवाने की प्रक्रिया में शामिल लोगों के खातों में रकम भेजी जाती थी। जांच एजेंसी अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि खाते से किन लोगों को भुगतान किया गया और इस नेटवर्क में पैसों का पूरा रास्ता क्या था।

    जांच में एक और महत्वपूर्ण जानकारी सामने आई है। एसटीएफ के मुताबिक मध्य प्रदेश में चिह्नित 70 फर्जी पासपोर्ट में से करीब 50 पासपोर्ट केवल तीन लोगों की गवाही के आधार पर जारी हुए। इन नामों में गया प्रसाद गौतम गुलाब राय और रियाल चौधरी उर्फ भंते मैतानंद शामिल हैं। जांच एजेंसी के अनुसार अधिकांश पासपोर्ट आवेदनों में इन्हीं लोगों से जुड़े मोबाइल नंबर दर्ज थे और पते के तौर पर बौद्ध मठों का इस्तेमाल किया गया था।

    एसटीएफ ने अब तक इस मामले में बांग्लादेशी नागरिकों के साथ फर्जी दस्तावेज तैयार करने वाले बिचौलियों और कथित तौर पर मदद करने वाले लोगों समेत 75 आरोपियों को चिह्नित किया है। इनमें से 19 आरोपी अभी फरार बताए जा रहे हैं। इन फरार आरोपियों पर 20 हजार रुपए का इनाम घोषित किया गया है। इनमें डबरा के गुलाब राय समेत भोपाल और बैतूल से जुड़े आरोपी शामिल हैं।

    जांच एजेंसी के अनुसार बैतूल भोपाल छिंदवाड़ा के पांढुर्णा और डबरा के मठों के पतों का इस्तेमाल फर्जी पासपोर्ट बनवाने में किया गया। भोपाल के अन्नानगर से 40 डबरा से 17 बैतूल के आमला बौद्ध मठ से 11 और छिंदवाड़ा पांढुर्णा क्षेत्र से 2 मामलों की पहचान की गई है।

    अब एसटीएफ पासपोर्ट सेवा केंद्र से जुड़े अधिकारियों और कर्मचारियों की भूमिका की भी जांच कर रही है। एजेंसी यह पता लगाने में जुटी है कि दस्तावेजों के सत्यापन और पासपोर्ट जारी करने की प्रक्रिया में कहीं किसी स्तर पर अनियमितता हुई थी या नहीं। फरार आरोपियों की तलाश में एसटीएफ की टीमें असम महाराष्ट्र उत्तर प्रदेश दिल्ली और पंजाब तक भेजी गई हैं। जांच आगे बढ़ने के साथ फर्जी पासपोर्ट नेटवर्क से जुड़े लोगों और पैसों के पूरे लेनदेन की तस्वीर और स्पष्ट होने की उम्मीद है।

  • ढाबला फंटा के पास तेज रफ्तार टक्कर ने छीनी युवक की जिंदगी, हादसे के बाद कार छोड़कर फरार हुआ चालक

    ढाबला फंटा के पास तेज रफ्तार टक्कर ने छीनी युवक की जिंदगी, हादसे के बाद कार छोड़कर फरार हुआ चालक


    उज्जैन । उज्जैन में गुरुवार रात जावरा-उज्जैन रोड पर हुए सड़क हादसे में एक बाइक सवार युवक की मौत हो गई। हादसा भेरूगढ़ थाना क्षेत्र में ढाबला फंटा के पास रात करीब 11 बजे हुआ। बताया जा रहा है कि इसी दौरान एक चार पहिया वाहन ने बाइक को टक्कर मार दी। टक्कर इतनी जोरदार थी कि बाइक सवार युवक की मौके पर ही मौत हो गई। हादसे के बाद वाहन चालक घटनास्थल पर गाड़ी छोड़कर फरार हो गया। घटना की जानकारी मिलने के बाद पुलिस मौके पर पहुंची और मामले की जांच शुरू की।

    मृतक की पहचान खेड़ला निवासी कालू पिता हेमा जी बंजारा के रूप में हुई है। हादसे के समय कालू बाइक पर अकेले सवार थे। रात के समय जावरा-उज्जैन रोड पर हुई इस दुर्घटना के बाद आसपास के लोगों में भी हड़कंप की स्थिति बन गई। हादसे की सूचना पुलिस को दी गई जिसके बाद भेरूगढ़ थाना पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस के पहुंचने से पहले ही टक्कर मारने वाला चालक अपना वाहन मौके पर छोड़कर वहां से फरार हो चुका था।

    पुलिस ने घटनास्थल पर पहुंचकर दुर्घटना में शामिल चार पहिया वाहन को अपने कब्जे में ले लिया। वाहन को जब्त करने के बाद पुलिस अब उसके चालक की पहचान करने की कोशिश कर रही है। पुलिस का मानना है कि जब्त वाहन के आधार पर फरार चालक तक पहुंचने में मदद मिल सकती है। हादसा किस वजह से हुआ और टक्कर के समय वाहन की गति कितनी थी इन बिंदुओं को लेकर भी जांच की जा रही है।

    भेरूगढ़ थाना प्रभारी शैलेंद्र प्रताप राजावत के अनुसार दुर्घटना के समय बाइक पर सिर्फ कालू सवार थे। हादसे में गंभीर चोट लगने के कारण उनकी मौके पर ही मौत हो गई। पुलिस ने आवश्यक कार्रवाई के बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया था। शुक्रवार को पोस्टमार्टम की प्रक्रिया पूरी होने के बाद शव परिवार के सुपुर्द कर दिया गया। इसके बाद परिजन शव को लेकर अपने गांव रवाना हुए।

    हादसे के बाद पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच आगे बढ़ा दी है। अब पुलिस दुर्घटना के कारणों के साथ ही फरार चालक की पहचान करने में जुटी है। मौके पर छोड़े गए चार पहिया वाहन को जांच का अहम आधार माना जा रहा है। पुलिस वाहन से जुड़े दस्तावेजों और अन्य जानकारी के जरिए चालक तक पहुंचने की कोशिश कर रही है।

    जावरा-उज्जैन रोड पर देर रात हुए इस हादसे ने एक परिवार को गहरे दुख में डाल दिया है। पुलिस की जांच पूरी होने के बाद ही दुर्घटना की वास्तविक वजह और फरार चालक की भूमिका को लेकर स्थिति स्पष्ट हो सकेगी। फिलहाल पुलिस ने वाहन जब्त कर लिया है और फरार चालक की तलाश जारी है।

  • 25 हजार स्थानों पर एक साथ वंदे मातरम्, मालवा में 1.52 लाख लोगों ने मिलकर रचा नया इतिहास

    25 हजार स्थानों पर एक साथ वंदे मातरम्, मालवा में 1.52 लाख लोगों ने मिलकर रचा नया इतिहास

    उज्जैन । देशभर में शुक्रवार को वंदे मातरम् के 150वें वर्ष के उपलक्ष्य में एक साथ सामूहिक गायन का अनोखा आयोजन किया गया। नमामि भारतम् कार्यक्रम के तहत देश के 25 हजार से अधिक स्थानों पर एक करोड़ से ज्यादा विद्यार्थियों शिक्षकों अभिभावकों और समाज के विभिन्न वर्गों के लोगों ने एक ही समय पर एक स्वर और एक लय में संपूर्ण वंदे मातरम् का गायन किया। इस दौरान मालवा क्षेत्र में भी बड़ी संख्या में लोगों ने हिस्सा लिया और कई स्थानों पर देशभक्ति का माहौल देखने को मिला।

    विद्या भारती अखिल भारतीय शिक्षा संस्थान नई दिल्ली के मार्गदर्शन में आयोजित इस कार्यक्रम में मालवा प्रांत के 522 सरस्वती शिशु मंदिरों को जोड़ा गया। आयोजकों के अनुसार इन स्कूलों में करीब 1 लाख 52 हजार 850 लोग सामूहिक गायन में शामिल हुए। उज्जैन शहर में मारुति गंज और ऋषिनगर स्थित सरस्वती स्कूलों में भी विशेष आयोजन किया गया। यहां विद्यार्थी शिक्षक अभिभावक और समाज के प्रबुद्धजन बड़ी संख्या में मौजूद रहे और निर्धारित समय पर सामूहिक रूप से वंदे मातरम् का गायन किया।

    कार्यक्रम की शुरुआत सुबह 10:30 बजे प्रतिभागियों के एकत्रीकरण के साथ हुई। इसके बाद ठीक 11 बजे देशभर के निर्धारित स्थानों पर एक साथ संपूर्ण वंदे मातरम् का गायन किया गया। इस दौरान स्कूल परिसरों में देशभक्ति का वातावरण नजर आया। मालवा प्रांत के नगरीय और ग्रामीण क्षेत्रों में स्थित सरस्वती शिशु मंदिरों को इस आयोजन के माध्यम से एक सूत्र में जोड़ने की तैयारी पहले से की गई थी।

    विद्या भारती मालवा प्रांत के प्रांत प्रचार प्रमुख सुदर्शन शिशुलकर के अनुसार कार्यक्रम में बड़ी संख्या में लोगों की भागीदारी रही। वहीं सरस्वती स्कूल के प्राचार्य भगवान सिंह ठाकुर ने बताया कि मध्य प्रदेश में ही 5 लाख से अधिक लोगों ने सामूहिक रूप से वंदे मातरम् का गायन किया। आयोजकों का कहना है कि कार्यक्रम का उद्देश्य केवल सामूहिक गायन तक सीमित नहीं था बल्कि राष्ट्रभाव मातृभूमि के प्रति श्रद्धा सांस्कृतिक एकात्मता और राष्ट्रीय चेतना की भावना को मजबूत करना भी था।

    इस आयोजन को लेकर रिकॉर्ड बनाने की दिशा में भी तैयारी की गई है। आयोजकों ने एक साथ सर्वाधिक विद्यार्थियों और जनसमुदाय द्वारा वंदे मातरम् के सामूहिक गायन का रिकॉर्ड दर्ज कराने के लिए प्रमाणीकरण की प्रक्रिया शुरू की है। एशिया बुक ऑफ रिकॉर्ड्स और इंडिया बुक ऑफ रिकॉर्ड्स की ओर से प्रतिभागियों की संख्या का सत्यापन किया जाएगा।

    दोपहर तक अलग अलग स्थानों से प्रतिभागियों की संख्या जुटाने का काम किया जाना है। इसके बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि सामूहिक गायन ने रिकॉर्ड के निर्धारित मानकों को पूरा किया है या नहीं। फिलहाल मालवा के 522 सरस्वती स्कूलों में एक साथ हजारों लोगों की भागीदारी ने कार्यक्रम को खास बना दिया। एक ही समय पर अलग अलग शहरों और ग्रामीण क्षेत्रों में गूंजे वंदे मातरम् के स्वर ने पूरे आयोजन को देशभक्ति और सांस्कृतिक एकता से जोड़ दिया।

  • उज्जैन में अनोखा गणेश पंडाल बना आकर्षण का केंद्र, 20 किलो चांदी से सजे बप्पा, राजा-महाराजाओं की ऐतिहासिक चीजों ने खींचा ध्यान

    उज्जैन में अनोखा गणेश पंडाल बना आकर्षण का केंद्र, 20 किलो चांदी से सजे बप्पा, राजा-महाराजाओं की ऐतिहासिक चीजों ने खींचा ध्यान


    उज्जैन । उज्जैन के पटनी बाजार स्थित सराफा बाजार में गणेश उत्सव के अंतिम दिन भगवान गणेश का अनोखा रजत श्रृंगार आकर्षण का केंद्र बना रहा। सराफा यूथ फेडरेशन के गणेश पंडाल में करीब 45 लाख रुपए कीमत की चांदी से बप्पा का श्रृंगार किया गया। पंडाल की खास सजावट में करीब 20 किलो चांदी का इस्तेमाल किया गया है। चांदी के एंटीक बर्तनों और आभूषणों के साथ राजा-महाराजाओं के दौर की कई ऐतिहासिक वस्तुओं को भी यहां प्रदर्शित किया गया है। शाम को रजत श्रृंगार पूरा होने के बाद बड़ी संख्या में श्रद्धालु बप्पा के दर्शन करने पहुंचे।

    सराफा यूथ फेडरेशन के पंडाल में इस बार भगवान गणेश की सजावट को बेहद खास रूप दिया गया है। संगठन से जुड़े 10 से अधिक प्रमुख व्यापारियों ने मिलकर इस विशेष श्रृंगार को तैयार किया है। पंडाल में करीब 20 किलो चांदी से तैयार किए गए एंटीक आभूषण और बर्तनों को सजाया गया है। इन वस्तुओं को देखने के लिए भक्तों और स्थानीय लोगों में भी उत्सुकता रही। गणेश प्रतिमा के साथ चांदी से जुड़ी प्राचीन वस्तुओं की सजावट ने पूरे पंडाल को अलग रूप दे दिया।

    पंडाल में रखी गई ऐतिहासिक वस्तुओं में राजा-महाराजाओं के समय के पुराने आभूषण भी शामिल हैं। इसके अलावा एक प्राचीन एंटीक छड़ी और चांदी से बना श्रीफल यानी रजत नारियल भी विशेष आकर्षण का केंद्र रहा। पंडाल में आने वाले श्रद्धालु भगवान गणेश के दर्शन के साथ इन पुरानी और कलात्मक वस्तुओं को भी करीब से देख रहे हैं। चांदी की चमक और एंटीक वस्तुओं की नक्काशी ने पंडाल की सजावट को खास बना दिया है।

    सराफा यूथ फेडरेशन के अध्यक्ष प्रशांत सोनी के अनुसार संगठन पिछले 14 वर्षों से भगवान गणेश की स्थापना करता आ रहा है। हर साल समिति की कोशिश रहती है कि गणेश पंडाल में कुछ नया और अलग देखने को मिले। इसी परंपरा को आगे बढ़ाते हुए इस बार चांदी के बर्तनों और एंटीक ज्वेलरी को सजावट की थीम बनाया गया।

    फेडरेशन की ओर से हर वर्ष पंडाल की थीम में बदलाव किया जाता है। दो साल पहले गणेश पंडाल को भारतीय मुद्रा के नोटों से सजाया गया था। इसके बाद सोने की ज्वेलरी के जरिए भगवान गणेश का विशेष श्रृंगार किया गया। इस बार चांदी के बर्तनों और एंटीक आभूषणों को थीम का हिस्सा बनाया गया है। इससे गणेश पंडाल को पारंपरिक और ऐतिहासिक स्वरूप देने की कोशिश की गई है।

    गणेश उत्सव के अंतिम दिन पंडाल में श्रद्धालुओं की भीड़ भी देखने को मिली। भक्तों ने भगवान गणेश के रजत श्रृंगार के दर्शन किए और एंटीक वस्तुओं को भी देखा। करीब 45 लाख रुपए की चांदी से तैयार यह सजावट गणेश उत्सव के दौरान उज्जैन में चर्चा का विषय बनी रही। आयोजकों के मुताबिक हर साल कुछ नया करने की कोशिश का उद्देश्य श्रद्धालुओं को धार्मिक आस्था के साथ कला और विरासत से जोड़ना भी है। इस बार चांदी और ऐतिहासिक वस्तुओं की थीम ने इसी प्रयास को एक अलग पहचान दी।

  • 60 साल बाद बन रहा दुर्लभ ग्रह संयोग, 26 सितंबर से उज्जैन में शुरू होगा श्राद्ध पक्ष, सिद्धवट और रामघाट पर उमड़ेगी श्रद्धालुओं की भीड़

    60 साल बाद बन रहा दुर्लभ ग्रह संयोग, 26 सितंबर से उज्जैन में शुरू होगा श्राद्ध पक्ष, सिद्धवट और रामघाट पर उमड़ेगी श्रद्धालुओं की भीड़


    उज्जैन । उज्जैन में पितरों के तर्पण और पिंडदान के लिए विशेष महत्व रखने वाला श्राद्ध पक्ष 26 सितंबर से शुरू होने जा रहा है। इसके साथ ही सिद्धवट रामघाट और शिप्रा नदी के दूसरे घाटों पर श्रद्धालुओं की आवाजाही बढ़ने लगेगी। देश के अलग अलग हिस्सों से लोग पितरों की शांति के लिए उज्जैन पहुंचेंगे। इसे देखते हुए प्रशासन और मंदिर प्रबंधन की ओर से घाटों की सफाई सहित अन्य व्यवस्थाओं को अंतिम रूप दिया जा रहा है। शिप्रा नदी में पानी की स्थिति पर भी लगातार नजर रखी जा रही है।

    इस बार का श्राद्ध पक्ष इसलिए भी खास माना जा रहा है क्योंकि ज्योतिषाचार्यों के अनुसार करीब 60 साल बाद विशेष ग्रह संयोग बन रहा है। उनका कहना है कि 1966 के बाद 2026 में सूर्य चंद्र मंगल बुध गुरु और शनि की विशेष स्थिति फिर बन रही है। इसी वजह से इस बार श्राद्ध पक्ष को धार्मिक और आध्यात्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। हालांकि ग्रहों के इस संयोग को लेकर ज्योतिषीय मान्यताएं अलग अलग हो सकती हैं।

    महालय श्राद्ध की शुरुआत भाद्रपद शुक्ल पूर्णिमा के दिन 26 सितंबर से होगी। इसका समापन 10 अक्टूबर को आश्विन कृष्ण अमावस्या यानी सर्वपितृ अमावस्या के साथ होगा। इस बार श्राद्ध पक्ष की शुरुआत और इसका समापन दोनों शनिवार को होने की बात कही गई है। इस दौरान श्रद्धालु अपनी परंपरा और मान्यता के अनुसार पितरों का तर्पण पिंडदान और श्राद्ध कर्म करेंगे।

    उज्जैन का सिद्धवट पितृ कर्म के लिए प्रमुख धार्मिक स्थल माना जाता है। सिद्धवट मंदिर के पुजारी राघवेंद्र चतुर्वेदी के अनुसार यहां स्थित वटवृक्ष को भगवान शिव के स्वरूप के रूप में पूजा जाता है। धार्मिक मान्यता के अनुसार माता पार्वती ने त्रेतायुग में इस वटवृक्ष को लगाया था। यही वजह है कि सिद्धवट पर पितरों की शांति और सद्गति की कामना के लिए विशेष पूजा की जाती है।

    श्राद्ध पक्ष के दौरान सिद्धवट पर देशभर से श्रद्धालु पहुंचते हैं। यहां लोग अपने पूर्वजों के नाम से पिंडदान और तर्पण करते हैं। कई परिवार अपनी कई पीढ़ियों के पूर्वजों की शांति के लिए भी पूजा करवाते हैं। पूजा के बाद पितरों का स्मरण करते हुए सिद्धवट पर कच्चा दूध चढ़ाने की परंपरा भी बताई गई है। धार्मिक मान्यताओं के कारण श्राद्ध पक्ष में इस स्थान पर विशेष भीड़ देखने को मिलती है।

    सिद्धवट का धार्मिक महत्व प्रयागराज के अक्षयवट गया के बोधिवट और वृंदावन के वंशीवट से भी जोड़ा जाता है। पुजारी के अनुसार उज्जैन का सिद्धवट कल्पवृक्ष के रूप में भी पूजनीय माना जाता है। यही कारण है कि श्राद्ध पक्ष के दौरान यहां होने वाले तर्पण और पिंडदान को लेकर श्रद्धालुओं में विशेष आस्था रहती है।

    26 सितंबर से शुरू होने वाले श्राद्ध पक्ष को देखते हुए उज्जैन में घाटों पर व्यवस्थाएं बढ़ाई जा रही हैं। रामघाट और शिप्रा के अन्य घाटों पर भी श्रद्धालुओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए तैयारियां की जा रही हैं। आने वाले दिनों में देशभर से श्रद्धालुओं के उज्जैन पहुंचने की उम्मीद है। विशेष ग्रह स्थिति और पितृ कर्म की धार्मिक मान्यताओं के कारण इस बार श्राद्ध पक्ष को लेकर श्रद्धालुओं में खास उत्साह देखने को मिल रहा है।