Category: Madhya Pradesh

  • मास्टर प्लान को लेकर दिशा बैठक में गरमाई राजनीति विधायक और जनपद अध्यक्ष में तीखी बहस सांसद बोले जल्द हो लागू

    मास्टर प्लान को लेकर दिशा बैठक में गरमाई राजनीति विधायक और जनपद अध्यक्ष में तीखी बहस सांसद बोले जल्द हो लागू


    भोपाल । भोपाल के बहुप्रतीक्षित मास्टर प्लान को लेकर जिला विकास समन्वय एवं निगरानी समिति दिशा की बैठक शुक्रवार को राजनीतिक टकराव का अखाड़ा बन गई। मास्टर प्लान के लंबे समय से लागू नहीं होने के मुद्दे पर कांग्रेस विधायक आरिफ मसूद और आतिफ अकील ने बैठक में तीखा विरोध दर्ज कराया। उन्होंने सवाल उठाया कि जब राजधानी के विकास का सबसे अहम दस्तावेज ही लागू नहीं हो पा रहा है तो विकास समीक्षा बैठकों का क्या औचित्य रह जाता है। इसी मुद्दे पर चर्चा के दौरान फंदा जनपद पंचायत अध्यक्ष प्रमोद सिंह राजपूत के हस्तक्षेप से माहौल और अधिक गरमा गया और बैठक में तीखी नोकझोंक शुरू हो गई।

    विवाद के दौरान कांग्रेस विधायकों ने आपत्ति जताते हुए कहा कि उनकी बात सांसद से हो रही थी ऐसे में बीच में हस्तक्षेप करने का अधिकार किसे है। दोनों पक्षों के बीच बहस इतनी बढ़ गई कि कुछ समय तक बैठक का माहौल पूरी तरह तनावपूर्ण बना रहा। कांग्रेस विधायकों ने आरोप लगाया कि उनकी बातों को गंभीरता से नहीं सुना जा रहा है और नाराज होकर बैठक से बाहर निकल गए। बैठक की अध्यक्षता कर रहे सांसद आलोक शर्मा ने दोनों नेताओं को रोकने और समझाने का प्रयास किया लेकिन वे वापस नहीं लौटे।

    बैठक के बाद सांसद आलोक शर्मा ने भी स्वीकार किया कि भोपाल के सुनियोजित विकास के लिए मास्टर प्लान का जल्द लागू होना बेहद जरूरी है। उन्होंने कहा कि इस संबंध में मुख्यमंत्री से जल्द मुलाकात कर मास्टर प्लान को शीघ्र लागू कराने का आग्रह किया जाएगा। उनका मानना है कि राजधानी के भविष्य के विकास और बुनियादी ढांचे को व्यवस्थित बनाने के लिए मास्टर प्लान सबसे महत्वपूर्ण दस्तावेज है।

    बैठक के दौरान केवल मास्टर प्लान ही नहीं बल्कि स्मार्ट सिटी परियोजना भी जनप्रतिनिधियों के निशाने पर रही। भाजपा विधायक भगवानदास सबनानी ने परियोजना की कार्यप्रणाली पर कड़ी नाराजगी जताते हुए कहा कि स्मार्ट सिटी के नाम पर बड़े निर्माण तो हुए लेकिन नागरिक सुविधाओं की अनदेखी की गई। उन्होंने आरोप लगाया कि कई इमारतों में मूलभूत सुविधाओं का अभाव है और दशहरा मैदान जैसी महत्वपूर्ण जगहों का भी नुकसान हुआ है। उन्होंने यह भी सुझाव दिया कि स्मार्ट सिटी के बड़े व्यावसायिक प्लॉट छोटे किए जाएं ताकि उनकी बिक्री आसान हो और परियोजना की आय बढ़ सके।

    महापौर मालती राय ने भी स्मार्ट सिटी की व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए कहा कि स्ट्रीट लाइट जैसी सामान्य समस्याओं का समाधान भी समय पर नहीं हो पाता जिससे आम नागरिकों को परेशानी झेलनी पड़ती है। इस पर कलेक्टर एवं स्मार्ट सिटी बोर्ड के अध्यक्ष प्रियंक मिश्रा ने भरोसा दिलाया कि अलग बैठक कर सभी समस्याओं की समीक्षा की जाएगी और समाधान सुनिश्चित किया जाएगा।

    सांसद आलोक शर्मा ने कहा कि स्मार्ट सिटी परियोजना में विभिन्न विभागों के बीच समन्वय की कमी दिखाई देती है। उन्होंने पूरे प्रोजेक्ट के लिए एक नोडल एजेंसी बनाने का सुझाव दिया ताकि सभी विभाग मिलकर बेहतर तरीके से काम कर सकें। इस दौरान कांग्रेस विधायक आरिफ मसूद ने भी भाजपा विधायक भगवानदास सबनानी द्वारा उठाए गए मुद्दों का समर्थन करते हुए कहा कि यदि वरिष्ठ जनप्रतिनिधि समस्याओं की ओर ध्यान दिला रहे हैं तो अधिकारियों को उन्हें गंभीरता से लेकर जल्द समाधान करना चाहिए।

    बैठक में एक महत्वपूर्ण प्रस्ताव भोजपाल वेटलैंड प्राधिकरण के गठन को लेकर भी पारित किया गया। प्रस्ताव के अनुसार संभागायुक्त को प्राधिकरण का अध्यक्ष बनाया जाए जबकि भोपाल और सीहोर के कलेक्टर जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी तथा जनप्रतिनिधियों को इसमें शामिल किया जाए। इस प्रस्ताव को मुख्यमंत्री के पास भेजने का निर्णय लिया गया। साथ ही भोपाल को आधिकारिक रूप से वेटलैंड सिटी घोषित करने की मांग भी बैठक में प्रमुखता से उठाई गई।

  • मोहन सरकार का बड़ा फैसला तहसीलदार और नायब तहसीलदार को मिले सब रजिस्ट्रार के अधिकार 48 लाख परिवारों को मिलेगा फायदा

    मोहन सरकार का बड़ा फैसला तहसीलदार और नायब तहसीलदार को मिले सब रजिस्ट्रार के अधिकार 48 लाख परिवारों को मिलेगा फायदा


    मध्यप्रदेश । मध्य प्रदेश सरकार ने ग्रामीण आबादी की भूमि पर वर्षों से काबिज लाखों परिवारों को मालिकाना हक दिलाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। राज्य सरकार ने स्वामित्व अधिकार अभिलेख निष्पादन एवं पंजीयन योजना 2026 के तहत तहसीलदार प्रभारी तहसीलदार और नायब तहसीलदार को सब रजिस्ट्रार के अधिकार प्रदान कर दिए हैं। इस फैसले से प्रदेश के 48 लाख से अधिक ग्रामीण परिवारों को मुफ्त रजिस्ट्री कराने में सुविधा मिलेगी और उन्हें सरकारी कार्यालयों के बार बार चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे।

    सरकार का उद्देश्य ग्रामीणों को उनकी आबादी भूमि का वैधानिक स्वामित्व दिलाना है ताकि भविष्य में वे अपनी संपत्ति का कानूनी उपयोग कर सकें। इसके साथ ही राज्य सरकार ने स्टाम्प शुल्क पंजीयन शुल्क और पंचायत उपकर पूरी तरह माफ करने का फैसला भी लागू कर दिया है। इन सभी रियायतों का वित्तीय भार सरकार स्वयं उठाएगी। अनुमान है कि इस योजना पर सरकार को लगभग 3800 करोड़ रुपये का अतिरिक्त बोझ वहन करना पड़ेगा।

    पंजीयन एवं मुद्रांक विभाग और पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग ने इस संबंध में आवश्यक अधिसूचनाएं जारी कर दी हैं। नई व्यवस्था के अनुसार अब केवल उप पंजीयक कार्यालय ही नहीं बल्कि तहसीलदार प्रभारी तहसीलदार और नायब तहसीलदार भी स्वामित्व योजना के अंतर्गत आने वाली भूमि की रजिस्ट्री कर सकेंगे। इससे प्रदेश में मौजूद सीमित संख्या वाले उप पंजीयक कार्यालयों पर दबाव कम होगा और ग्रामीणों को अपने क्षेत्र में ही रजिस्ट्री की सुविधा मिल जाएगी।

    सरकार का मानना है कि जब ग्रामीणों के नाम पर भूमि का विधिवत पंजीयन हो जाएगा तो उन्हें बैंक और अन्य वित्तीय संस्थानों से आसानी से ऋण मिल सकेगा। इसका उपयोग वे मकान निर्माण छोटे व्यवसाय कृषि कार्य और अन्य आर्थिक गतिविधियों में कर सकेंगे। इससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलने के साथ लोगों की आर्थिक स्थिति में भी सुधार आने की उम्मीद है।

    योजना के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए आयुक्त भू संसाधन प्रबंधन की अध्यक्षता में एक उच्चस्तरीय समिति गठित की जाएगी। इस समिति में महानिरीक्षक पंजीयन एवं अधीक्षक मुद्रांक आयुक्त कोष एवं लेखा पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के अधिकारी और एमपीएसईडीसी के प्रबंध संचालक सहित अन्य विशेषज्ञ शामिल होंगे। समिति समय समय पर योजना की समीक्षा करेगी दिशा निर्देश जारी करेगी और प्रक्रिया को सरल बनाने के लिए आवश्यक निर्णय लेगी।

    सरकार ने योजना के प्रचार प्रसार जनजागरूकता और आवश्यक मुद्रण कार्यों के लिए 10 करोड़ रुपये भी स्वीकृत किए हैं। राजस्व विभाग को योजना से जुड़े परिपत्र जारी करने और आवश्यक स्पष्टीकरण देने का अधिकार दिया गया है ताकि पूरे प्रदेश में प्रक्रिया एक समान और पारदर्शी तरीके से लागू हो सके।

    इस फैसले को ग्रामीण क्षेत्रों में संपत्ति के अधिकार मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि मुफ्त रजिस्ट्री और स्थानीय स्तर पर पंजीयन की सुविधा मिलने से लाखों परिवारों को कानूनी सुरक्षा मिलेगी और ग्रामीण विकास को नई गति मिलेगी।

    English Tags:
    MadhyaPradesh, SwamitvaYojana, PropertyRights, LandRegistration, RuralDevelopment

  • प्यार से हत्या तक क्यों पहुंच रहे रिश्ते एक्सपर्ट ने बताए बदलते समाज और मानसिक तनाव के चौंकाने वाले कारण

    प्यार से हत्या तक क्यों पहुंच रहे रिश्ते एक्सपर्ट ने बताए बदलते समाज और मानसिक तनाव के चौंकाने वाले कारण


    भोपाल । बीते कुछ समय में सामने आए कई चर्चित मामलों ने समाज को यह सोचने पर मजबूर कर दिया है कि क्या पति पत्नी और प्रेम संबंधों में हिंसा का स्वरूप पहले से अधिक खतरनाक होता जा रहा है। मध्य प्रदेश सहित देश के अलग अलग हिस्सों में सामने आए हत्या और गंभीर अपराधों के मामलों ने रिश्तों में बढ़ते तनाव और मानसिक असंतुलन को लेकर नई बहस छेड़ दी है। विशेषज्ञों का मानना है कि बदलती सामाजिक परिस्थितियां संवाद की कमी सोशल मीडिया का बढ़ता प्रभाव और विवाहेतर संबंधों से उपजा तनाव कई बार लोगों को हिंसक सोच की ओर धकेल देता है। हालांकि वे यह भी स्पष्ट करते हैं कि किसी अपराध को केवल महिला या पुरुष अथवा मानसिक बीमारी से जोड़कर देखना पूरी तरह गलत और वैज्ञानिक दृष्टि से अनुचित होगा।

    भोपाल के मनोचिकित्सक डॉ. सत्यकांत त्रिवेदी के अनुसार पिछले सात से आठ वर्षों में पुरुषों के साथ मानसिक और शारीरिक प्रताड़ना से जुड़े मामलों में लगभग साठ से सत्तर प्रतिशत तक वृद्धि दर्ज की गई है। पहले जहां गंभीर आक्रामकता या हत्या जैसे विचारों के साथ महीने में एक या दो मरीज इलाज के लिए आते थे वहीं अब हर महीने पांच से दस ऐसे मामले सामने आ रहे हैं। इनमें केवल शारीरिक हिंसा ही नहीं बल्कि मानसिक प्रताड़ना और रिश्तों में लगातार बढ़ता तनाव भी प्रमुख कारण बनकर उभर रहा है।

    विशेषज्ञ बताते हैं कि उनके पास आने वाले कई मामलों में मरीज स्वयं स्वीकार करते हैं कि उनके मन में अपने जीवनसाथी को नुकसान पहुंचाने या हत्या करने जैसे विचार आते हैं। एक मामले में युवा महिला ने चिकित्सकों को बताया कि उसे डर है कहीं वह अपने पति की हत्या न कर दे। जांच में सामने आया कि लंबे समय से वह अपनी भावनाएं व्यक्त नहीं कर पा रही थी और व्यक्तित्व संबंधी समस्याओं से भी जूझ रही थी। उपचार और कपल काउंसलिंग के बाद उसकी स्थिति में सुधार आया और हिंसक विचार समाप्त हो गए।

    एक अन्य मामले में एक व्यक्ति ने स्वीकार किया कि उसके मन में कई बार पत्नी की हत्या कर जेल जाने तक के विचार आते थे। जांच में उसमें डिप्रेशन और पर्सनैलिटी डिसऑर्डर जैसी मानसिक समस्याएं सामने आईं। विशेषज्ञों ने उसके मानसिक उपचार और व्यवहार नियंत्रण पर काम किया जिसके बाद उसकी स्थिति में सुधार देखा गया।

    डॉ. त्रिवेदी का कहना है कि सोशल मीडिया ने लोगों की अपेक्षाएं और तुलना की प्रवृत्ति बढ़ा दी है। संयुक्त परिवारों की जगह न्यूक्लियर फैमिली का चलन बढ़ने से भावनात्मक सहारा कम हुआ है। इसके साथ ही रिश्तों में संवाद की कमी और विवाहेतर संबंधों से पैदा होने वाला अविश्वास कई बार मानसिक दबाव को बढ़ा देता है। मनोरंजन के बदलते स्वरूप का भी असर देखने को मिल रहा है जहां अपराध करने वाले किरदारों को भी नायक के रूप में प्रस्तुत किया जाता है जिससे कुछ लोगों की सोच प्रभावित होती है।

    हालांकि विशेषज्ञ इस बात पर विशेष जोर देते हैं कि मानसिक बीमारी से जूझ रहे अधिकांश लोग कभी हिंसक नहीं होते। किसी भी अपराध को केवल मानसिक रोग या किसी एक लिंग से जोड़कर देखना उचित नहीं है। यदि रिश्तों में लगातार तनाव गुस्सा अवसाद या हिंसक विचार महसूस हों तो समय रहते मनोवैज्ञानिक या मनोचिकित्सक की मदद लेना बेहद जरूरी है। सही समय पर काउंसलिंग और उपचार न केवल रिश्तों को बचा सकता है बल्कि किसी बड़ी और दुखद घटना को भी टाल सकता है।

  • वक्फ बोर्ड में गैर मुस्लिम सदस्यों की नियुक्ति पर बढ़ा विरोध ताजुल मसाजिद से सरकार तक पहुंचेगा मुस्लिम समाज का संदेश

    वक्फ बोर्ड में गैर मुस्लिम सदस्यों की नियुक्ति पर बढ़ा विरोध ताजुल मसाजिद से सरकार तक पहुंचेगा मुस्लिम समाज का संदेश


    भोपाल । मध्य प्रदेश वक्फ बोर्ड में दो गैर मुस्लिम सदस्यों की नियुक्ति को लेकर शुरू हुआ विवाद अब राजधानी भोपाल में एक बड़े प्रतीकात्मक विरोध के रूप में सामने आने जा रहा है। शुक्रवार को ऐतिहासिक ताजुल मसाजिद में शहरभर से आने वाले नमाजी हाथों पर काली पट्टी बांधकर जुमे की नमाज अदा करेंगे और सरकार के फैसले के खिलाफ अपना विरोध दर्ज कराएंगे। मुस्लिम संगठनों का कहना है कि यह प्रदर्शन पूरी तरह शांतिपूर्ण रहेगा और इसका उद्देश्य लोकतांत्रिक तरीके से अपनी आपत्ति सरकार तक पहुंचाना है।

    जानकारी के अनुसार भोपाल के अलग अलग इलाकों से बड़ी संख्या में लोग जुमे की नमाज के लिए ताजुल मसाजिद पहुंचेंगे। नमाज के दौरान सभी लोग काली पट्टी बांधकर वक्फ बोर्ड में दो गैर मुस्लिम सदस्यों को शामिल किए जाने के फैसले के खिलाफ अपनी असहमति व्यक्त करेंगे। आयोजकों का कहना है कि उनका विरोध किसी व्यक्ति विशेष के खिलाफ नहीं बल्कि सरकार के निर्णय के विरोध में है।

    वक्फ बोर्ड के गठन के बाद से राजधानी में विरोध लगातार तेज होता गया है। सबसे पहले ऑल इंडिया मुस्लिम त्योहार कमेटी ने इस नियुक्ति का विरोध करते हुए प्रदर्शन किया था। इसके बाद राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री को ज्ञापन भेजकर वर्तमान वक्फ बोर्ड को भंग करने और नियुक्ति संबंधी आदेश वापस लेने की मांग भी की गई। इस घटनाक्रम के बाद विरोध का दायरा लगातार बढ़ता गया।

    इसी बीच निकाह काजी मोहम्मद मआज़ खान नोमानी नदवी ने दीनी तालीमी बोर्ड के महासचिव पद से इस्तीफा देकर अपने वैचारिक मतभेद सार्वजनिक किए। उन्होंने वक्फ बोर्ड के कुछ सदस्यों के समर्थन पर असहमति जताते हुए अपने पद से अलग होने का फैसला लिया। उनके इस्तीफे के बाद यह मुद्दा और अधिक चर्चा में आ गया।

    पिछले दो दिनों के दौरान कई उलेमा और मुस्लिम संगठनों के प्रतिनिधियों ने भी सरकार के फैसले पर सवाल उठाए हैं। जमीयत उलेमा मध्य प्रदेश के सदर मुफ्ती मोहम्मद अहमद ने कहा कि यदि सरकार पारदर्शिता के नाम पर वक्फ बोर्ड में गैर मुस्लिम प्रतिनिधियों को शामिल कर रही है तो यही व्यवस्था अन्य धार्मिक संस्थाओं में भी समान रूप से लागू की जानी चाहिए। नायब सदर मुफ्ती जिया कासमी ने भी इसी तरह की मांग उठाते हुए सभी धार्मिक संस्थाओं के लिए समान नीति अपनाने की बात कही।

    विवाद उस समय और गहरा गया जब मध्य प्रदेश वक्फ बोर्ड के नव नियुक्त अध्यक्ष सनव्वर पटेल के स्वागत समारोह का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम के बाद कई धार्मिक पदाधिकारियों और संगठनों ने सार्वजनिक रूप से नाराजगी जताई। कुछ ने वीडियो संदेश जारी किए तो कई लोगों ने बयान देकर अपने विरोध को दर्ज कराया।

    आज ताजुल मसाजिद में होने वाला काली पट्टी बांधकर विरोध प्रदर्शन इसलिए भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि यह अब तक हुए ज्ञापनों प्रदर्शन इस्तीफों और प्रेस कॉन्फ्रेंस के बाद पहला बड़ा सामूहिक और प्रतीकात्मक आयोजन होगा। प्रशासन भी पूरे घटनाक्रम पर नजर बनाए हुए है जबकि आयोजकों ने सभी लोगों से शांति और अनुशासन बनाए रखने की अपील की है।

  • भोपाल में दर्दनाक घटना लंबे समय से बीमारी और मानसिक तनाव से जूझ रहे बुजुर्ग ने किया सुसाइड

    भोपाल में दर्दनाक घटना लंबे समय से बीमारी और मानसिक तनाव से जूझ रहे बुजुर्ग ने किया सुसाइड


    भोपाल । मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल के बैरागढ़ थाना क्षेत्र से एक बेहद दुखद घटना सामने आई है जहां लंबे समय से गंभीर बीमारी और मानसिक तनाव से जूझ रहे 60 वर्षीय बुजुर्ग ने घर के भीतर फांसी लगाकर अपनी जीवन लीला समाप्त कर ली। घटना के बाद पूरे इलाके में शोक का माहौल है जबकि पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। शुरुआती जांच में सामने आया है कि मृतक पिछले कई महीनों से पैरालिसिस की बीमारी से पीड़ित थे और इसी कारण गहरे अवसाद में चले गए थे।

    पुलिस के अनुसार मृतक की पहचान मनोहर लाल रैकवार पिता मोहनलाल रैकवार निवासी बेटा गांव बैरागढ़ के रूप में हुई है। वह पेशे से प्लंबर थे और अपने परिवार के साथ रहते थे। करीब आठ महीने पहले उन्हें पैरालिसिस का अटैक आया था जिसके बाद उनके शरीर का एक हिस्सा ठीक से काम नहीं कर रहा था। बीमारी के चलते उनकी दिनचर्या पूरी तरह बदल गई थी और सामान्य काम भी दूसरों की मदद के बिना कर पाना मुश्किल हो गया था।

    परिजनों के अनुसार लगातार बिगड़ती सेहत और शारीरिक असहायता ने उन्हें मानसिक रूप से भी काफी परेशान कर दिया था। धीरे धीरे वह अवसाद की स्थिति में पहुंच गए थे और अधिकतर समय घर में ही रहते थे। बीमारी के कारण उनका सामाजिक और पेशेवर जीवन भी प्रभावित हो गया था जिससे उनकी चिंता और बढ़ती चली गई।

    शुक्रवार सुबह जब उनकी पत्नी नींद से उठकर घर की पहली मंजिल पर पहुंचीं तो उन्होंने मनोहर लाल को पाइप के सहारे बनाए गए फंदे पर लटका देखा। यह दृश्य देखकर उन्होंने तुरंत शोर मचाया जिसके बाद आसपास रहने वाले रिश्तेदार और पड़ोसी मौके पर पहुंचे। सभी ने मिलकर उन्हें नीचे उतारा लेकिन तब तक उनकी मौत हो चुकी थी। घटना की सूचना तत्काल बैरागढ़ थाना पुलिस को दी गई।

    सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची और घटनास्थल का निरीक्षण किया। इसके बाद शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया। पुलिस ने मर्ग कायम कर पूरे मामले की जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि प्रारंभिक जांच में बीमारी और उससे उपजे मानसिक तनाव के कारण आत्महत्या की आशंका सामने आई है। हालांकि पोस्टमार्टम रिपोर्ट और अन्य साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

    यह घटना एक बार फिर इस बात की याद दिलाती है कि गंभीर बीमारी केवल शरीर को ही नहीं बल्कि मानसिक स्वास्थ्य को भी गहराई से प्रभावित कर सकती है। लंबे समय तक चलने वाली शारीरिक समस्याएं कई बार व्यक्ति को अवसाद और निराशा की ओर धकेल देती हैं। ऐसे समय में परिवार और समाज का भावनात्मक सहयोग तथा समय पर मानसिक स्वास्थ्य विशेषज्ञों की सलाह बेहद महत्वपूर्ण साबित हो सकती है।

    यदि कोई व्यक्ति लंबे समय से मानसिक तनाव अवसाद या निराशा से जूझ रहा हो तो उसकी भावनाओं को गंभीरता से लेना चाहिए और उसे अकेला नहीं छोड़ना चाहिए। समय पर संवाद और चिकित्सकीय सहायता कई बार किसी की जिंदगी बचा सकती है।

  • MP: BJP विधायक ने लिया ऐसा प्रण… जिसे सुन CM भी हैरान, बोले- अच्छे कार्य के लिए जूते-चप्पल छोड़ने की जरूरत नहीं

    MP: BJP विधायक ने लिया ऐसा प्रण… जिसे सुन CM भी हैरान, बोले- अच्छे कार्य के लिए जूते-चप्पल छोड़ने की जरूरत नहीं


    शाजापुर।
    मध्यप्रदेश (Madhya Pradesh) के कालापीपल (Kalapipal) से भाजपा विधायक घनश्याम चंद्रवंशी (BJP MLA Ghanshyam Chandravanshi) ने गुरुवार को एक कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री मोहन यादव (Chief Minister Mohan Yadav) के सामने एक ऐसा प्रण ले लिया, जिसे सुनकर सीएम भी हैरान रह गए। चंद्रवंशी ने अपने विधानसभा क्षेत्र की सड़कें बनने तक जूते-चप्पल नहीं पहनने की घोषणा कर दी, जिसके बाद मुख्यमंत्री यादव ने कहा कि अच्छे कार्य के लिए जूते-चप्पल छोड़ने की जरूरत नहीं है, साथ ही विधायक की भाषा के लिए उन्हें एक हिदायत भी दी।

    कालापीपल में आयोजित किसान सम्मेलन के दौरान सीएम की मौजूदगी में विधायक ने अपने विधानसभा क्षेत्र की सड़कों की खराब स्थिति का उल्लेख करते हुए कहा कि जब तक क्षेत्र की सड़कें नहीं बनेंगी, तब तक वह जूते-चप्पल का त्याग करेंगे, चाहे इसमें दस वर्ष ही क्यों न लग जाएं।


    MLA ने लिया काम पूरा होने तक जूते-चप्पल नहीं पहनने का प्रण

    दरअसल कार्यक्रम के दौरान विधायक घनश्याम चंद्रवंशी ने सीएम से अपनी विधानसभा की 48 सड़कों के उन्नयन और 16 नई सड़कों की स्वीकृति समेत नए राजस्व भवन और अरनियाकला में आर्ट एंड साइंस खोलने की मांग रखी। इसी दौरान उन्होंने कहा कि, 16 सड़कें स्वीकृत नहीं हुईं या उनका निर्माण पूरा नहीं हुआ तो मैं जूते-चप्पल नहीं पहनूंगा।


    सीएम बोले- जूते-चप्पल छोड़ने की जरूरत नहीं

    विधायक की घोषणा के बाद मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मंच से प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि राज्य में पांच लाख किलोमीटर से ज्यादा सड़कों का निर्माण हुआ है और सरकार विकास कार्यों के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि जूते-चप्पल छोड़ने की जरूरत नहीं है, बल्कि अच्छे और सच्चे कार्य के लिए संकल्प के साथ आगे बढ़ना चाहिए। उन्होंने विधायक को शब्दों के चयन में भी सावधानी बरतने की सलाह दी।


    सीएम बोले- 16 नहीं, हम 17 सड़कें देंगे, शब्दों का ध्यान रखें

    मुख्यमंत्री यादव ने विधायक को जवाब देते हुए कहा, ’16 नहीं, 17 सड़कें देंगे। हमारे जूते-चप्पल कांटों से बचाने और दौड़ लगाने के लिए हैं। विधायक जी को जूते-चप्पल छोड़ने की जरूरत नहीं है। अपनी बात और शब्दों का ध्यान रखना चाहिए। यह काम कांग्रेसियों के लिए रहने दो। सरकार अच्छे और सच्चे काम के लिए आपके साथ है।’


    सीएम ने दी 30.86 करोड़ के विकास कार्यों की सौगात

    मुख्यमंत्री ने आगे कहा, ‘यह कागज मैंने ले लिया है। नाम नहीं पढ़ूंगा, लेकिन आपको बुलाकर सभी मांगें मंजूर कर रहा हूं। विकास के कामों में कोई कमी नहीं रहने दी जाएगी।’ इसके साथ ही सीएम ने 30.86 करोड़ रुपए के विकास कार्यों का लोकार्पण और भूमिपूजन भी किया। इस दौरान उन्होंने 16 प्रमुख सड़कों के निर्माण एवं उन्नयन के साथ ही सांसद की मांग पर रेलवे ओवर ब्रिज की भी घोषणा की।

    दरअसल ये पूरा वाकिया शाजापुर जिले के कालापीपल में आयोजित किसान सम्मेलन में नजर आया, जिसमें शामिल होने के लिए मुख्यमंत्री मोहन यादव पहुंचे थे। इस कार्यक्रम के दौरान प्रदेश सरकार में मंत्री इंदर सिंह परमार, सांसद महेंद्र सोलंकी और स्थानीय विधायक घनश्याम चंद्रवंशी समेत अन्य जनप्रतिनिधि एवं गणमान्यजन नागरिक भी उपस्थित रहे।

  • मानसून का बड़ा हमला देशभर में बारिश का कहर कई राज्यों के लिए भारी वर्षा और तेज हवाओं की चेतावनी

    मानसून का बड़ा हमला देशभर में बारिश का कहर कई राज्यों के लिए भारी वर्षा और तेज हवाओं की चेतावनी


    मध्यप्रदेश । 10 जुलाई का दिन देश के कई राज्यों के लिए मौसम के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण रहने वाला है। भारतीय मौसम विभाग के अनुसार मानसून पूरे जोर के साथ सक्रिय है और इसका असर उत्तर भारत मध्य भारत और पूर्वी भारत के कई हिस्सों में देखने को मिलेगा। कई राज्यों में भारी से बहुत भारी बारिश के साथ तेज आंधी और आकाशीय बिजली गिरने की संभावना जताई गई है। ऐसे में लोगों को सतर्क रहने और मौसम विभाग की ओर से जारी दिशा निर्देशों का पालन करने की सलाह दी गई है।

    मध्य प्रदेश में मानसून का असर लगातार बना रहेगा। भोपाल इंदौर जबलपुर उज्जैन ग्वालियर सागर रीवा शहडोल और नर्मदापुरम संभाग के कई जिलों में अच्छी बारिश होने की संभावना है। कुछ स्थानों पर तेज बारिश के कारण जलभराव की स्थिति बन सकती है जबकि नदी नाले उफान पर आ सकते हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में किसानों के लिए यह बारिश फसलों के लिए लाभदायक मानी जा रही है लेकिन अत्यधिक वर्षा वाले इलाकों में नुकसान की आशंका भी बनी हुई है।

    उत्तर प्रदेश बिहार झारखंड और छत्तीसगढ़ के कई जिलों में भी गरज चमक के साथ बारिश का दौर जारी रहने का अनुमान है। राजस्थान के पूर्वी हिस्सों और दिल्ली एनसीआर में भी मौसम का मिजाज बदला रहेगा। दिनभर बादल छाए रह सकते हैं और कई स्थानों पर तेज बारिश लोगों को गर्मी और उमस से राहत देगी। हालांकि बारिश के साथ तेज हवाएं चलने से पेड़ गिरने और बिजली आपूर्ति प्रभावित होने जैसी घटनाएं भी सामने आ सकती हैं।

    मौसम विभाग ने कुछ इलाकों में 60 से 80 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना जताई है। इसके साथ ही आकाशीय बिजली गिरने का खतरा भी बना हुआ है। लोगों से अपील की गई है कि खराब मौसम के दौरान खुले मैदान पेड़ों के नीचे और बिजली के खंभों के पास खड़े होने से बचें। यात्रा के दौरान मौसम की ताजा जानकारी लेकर ही घर से निकलें।

    पहाड़ी राज्यों उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश में भी भारी बारिश का दौर जारी रह सकता है। लगातार बारिश के कारण भूस्खलन और सड़कें बंद होने का खतरा बना हुआ है। पर्यटकों को सावधानी बरतने और प्रशासन के निर्देशों का पालन करने की सलाह दी गई है।

    कृषि क्षेत्र के लिए यह बारिश काफी अहम मानी जा रही है क्योंकि खरीफ फसलों की बुआई का समय चल रहा है। पर्याप्त वर्षा से खेतों में नमी बढ़ेगी और धान सोयाबीन मक्का तथा अन्य फसलों को फायदा मिलेगा। वहीं शहरों में जलभराव और ट्रैफिक जाम जैसी समस्याएं भी लोगों की परेशानी बढ़ा सकती हैं।

    मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि अगले कुछ दिनों तक मानसून सक्रिय बना रहेगा और कई राज्यों में बारिश का सिलसिला जारी रह सकता है। ऐसे में लोगों को अनावश्यक यात्रा से बचने सुरक्षित स्थानों पर रहने और प्रशासन की ओर से जारी हर अपडेट पर नजर रखने की जरूरत है। सतर्कता और सावधानी ही खराब मौसम के दौरान सबसे बड़ा बचाव साबित होगी।

  • एमपी में मानसून ने पकड़ी रफ्तार, बारिश ने 25% कोटा किया पूरा, पन्ना-सतना में भारी बारिश का अलर्ट

    एमपी में मानसून ने पकड़ी रफ्तार, बारिश ने 25% कोटा किया पूरा, पन्ना-सतना में भारी बारिश का अलर्ट


    भोपाल। मध्य प्रदेश में मानसून अब पूरी रफ्तार में है। प्रदेश में अब तक सीजन की 25 प्रतिशत यानी 9.4 इंच बारिश दर्ज की जा चुकी है। राजधानी भोपाल, इंदौर, उज्जैन सहित 32 जिलों में सामान्य से अधिक बारिश हुई है। मौसम विभाग (IMD) का अनुमान है कि पूरे जुलाई महीने बारिश का सिलसिला जारी रहेगा, जिससे वर्षा का आंकड़ा और बढ़ने की संभावना है।

    मौसम विभाग ने अगले चार दिनों तक प्रदेश के विभिन्न हिस्सों में हल्की से तेज बारिश की संभावना जताई है। पन्ना और सतना जिलों के लिए भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। इन दोनों जिलों में अगले 24 घंटे के दौरान 4 इंच या उससे अधिक बारिश हो सकती है।

    इसके अलावा भोपाल, रायसेन, सीहोर, राजगढ़, विदिशा, इंदौर, झाबुआ, अलीराजपुर, धार, बुरहानपुर, बड़वानी, खंडवा, खरगोन, उज्जैन, नीमच, मंदसौर, रतलाम, आगर-मालवा, शाजापुर, देवास, नर्मदापुरम, बैतूल, हरदा, ग्वालियर, श्योपुर, मुरैना, भिंड, दतिया, शिवपुरी, गुना, अशोकनगर, जबलपुर, कटनी, नरसिंहपुर, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, सिवनी, बालाघाट, मंडला, डिंडौरी, रीवा, सीधी, सिंगरौली, मऊगंज, मैहर, शहडोल, उमरिया, अनूपपुर, सागर, दमोह, छतरपुर, टीकमगढ़ और निवाड़ी में भी बारिश होने का अनुमान है।

    11 जिलों में हुई बारिश, मंडला में सबसे अधिक पानी गिरा
    गुरुवार को भी प्रदेश के कई इलाकों में बारिश का दौर जारी रहा। मंडला में करीब पौन इंच बारिश दर्ज की गई, जबकि सिंगरौली में आधा इंच से अधिक और बालाघाट में लगभग आधा इंच पानी बरसा। बैतूल, ग्वालियर, नर्मदापुरम, जबलपुर, खजुराहो, सागर, सतना और सीधी में भी अच्छी बारिश रिकॉर्ड की गई।

    जुलाई के नौ दिनों में बदली तस्वीर
    जून महीने में आंधी और बारिश का सिलसिला जारी रहने के बावजूद प्रदेश में सामान्य से 30 प्रतिशत कम वर्षा दर्ज हुई थी। हालांकि जुलाई के शुरुआती नौ दिनों में हुई तेज बारिश ने यह कमी पूरी कर दी। अब प्रदेश में सामान्य से 10 प्रतिशत अधिक बारिश रिकॉर्ड की जा चुकी है।

    आंकड़ों के अनुसार, मध्य प्रदेश में अब तक कुल 234.4 मिमी (9.4 इंच) बारिश हुई है, जबकि सामान्य औसत 212.3 मिमी (8.3 इंच) है। पूर्वी मध्य प्रदेश में सामान्य से 9 प्रतिशत कम बारिश हुई है, जबकि पश्चिमी हिस्से में औसत से 29 प्रतिशत अधिक वर्षा दर्ज की गई है।

  • नाना पटवारी से पूछताछ के बीच कांग्रेस में हलचल, जीतू पटवारी के निवास पर नेताओं का जमावड़ा, वायरल वीडियो बना चर्चा का विषय

    नाना पटवारी से पूछताछ के बीच कांग्रेस में हलचल, जीतू पटवारी के निवास पर नेताओं का जमावड़ा, वायरल वीडियो बना चर्चा का विषय


    मध्यप्रदेश । मध्य प्रदेश की राजनीति में गुरुवार को उस समय हलचल तेज हो गई जब कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी के भाई नाना पटवारी को पुलिस द्वारा हिरासत में लिए जाने की जानकारी सामने आई। इस खबर के बाद इंदौर स्थित जीतू पटवारी के निवास पर कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं का लगातार पहुंचना शुरू हो गया। देखते ही देखते उनके घर के बाहर समर्थकों और वरिष्ठ नेताओं की भीड़ लग गई और पूरे घटनाक्रम पर प्रदेश की राजनीतिक निगाहें टिक गईं।

    शहर कांग्रेस अध्यक्ष चिंटू चौकसे ने भी नाना पटवारी को पुलिस हिरासत में लिए जाने की पुष्टि की। हालांकि पुलिस की ओर से अब तक हिरासत की वजह और आगे की कार्रवाई को लेकर विस्तृत आधिकारिक जानकारी सार्वजनिक नहीं की गई है। बताया जा रहा है कि एक पहले से चल रही जांच के सिलसिले में नाना पटवारी से पूछताछ की जा रही है और उपलब्ध तथ्यों के आधार पर पुलिस आवश्यक प्रक्रिया पूरी कर रही है।

    इस बीच जीतू पटवारी के घर से सामने आए कुछ वीडियो और तस्वीरें सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गईं। इन वीडियो में कई कांग्रेस नेता आपस में बातचीत करते और हल्के माहौल में नजर आ रहे हैं। इन्हीं तस्वीरों और वीडियो को लेकर राजनीतिक बहस भी शुरू हो गई है। सोशल मीडिया पर कई तरह की प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं और लोग अलग अलग नजरिए से पूरे घटनाक्रम पर टिप्पणी कर रहे हैं।

    घटना के बाद कांग्रेस नेताओं और समर्थकों की आवाजाही लगातार बनी रही। पार्टी के कई स्थानीय और वरिष्ठ नेता जीतू पटवारी के घर पहुंचकर स्थिति की जानकारी लेते रहे। वहीं कांग्रेस कार्यकर्ताओं का कहना है कि पूरे मामले में कानून अपना काम कर रहा है और जांच पूरी होने के बाद ही वास्तविक स्थिति स्पष्ट होगी।

    दूसरी ओर राजनीतिक गलियारों में इस घटनाक्रम को लेकर चर्चाओं का दौर तेज हो गया है। विपक्षी दल भी पूरे मामले पर नजर बनाए हुए हैं और पुलिस की अगली कार्रवाई का इंतजार किया जा रहा है। फिलहाल यह स्पष्ट नहीं है कि पूछताछ के बाद नाना पटवारी के खिलाफ आगे क्या कानूनी कदम उठाए जाएंगे।

    पुलिस सूत्रों के अनुसार जांच प्रक्रिया जारी है और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। अधिकारियों का कहना है कि मामले से जुड़े सभी पहलुओं की निष्पक्ष जांच की जा रही है। आधिकारिक बयान आने के बाद ही पूरे घटनाक्रम की स्थिति पूरी तरह स्पष्ट हो सकेगी।

    फिलहाल इंदौर में जीतू पटवारी के निवास पर राजनीतिक गतिविधियां लगातार जारी हैं। कांग्रेस संगठन भी पूरे घटनाक्रम पर नजर बनाए हुए है और कार्यकर्ताओं से संयम बनाए रखने की अपील की जा रही है। आने वाले समय में पुलिस की आधिकारिक जानकारी और जांच के निष्कर्ष इस मामले की दिशा तय करेंगे।

  • घर में फंदे पर मिला 56 वर्षीय हलवाई का शव, आत्महत्या के कारणों की जांच में जुटी पुलिस

    घर में फंदे पर मिला 56 वर्षीय हलवाई का शव, आत्महत्या के कारणों की जांच में जुटी पुलिस


    देवास । देवास के त्रिलोक नगर क्षेत्र में गुरुवार को एक 56 वर्षीय हलवाई का शव उसके घर में फंदे से लटका मिला। घटना की सूचना मिलते ही इलाके में सनसनी फैल गई। सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल भेज दिया और मामले की जांच शुरू कर दी है।

    मृतक की पहचान अनिल ठाकुर पिता रामाश्रय ठाकुर के रूप में हुई है। वह पेशे से हलवाई थे और त्रिलोक नगर स्थित अपने घर में अकेले रहते थे। प्रारंभिक जांच में आत्महत्या के कारणों का खुलासा नहीं हो सका है।

    जानकारी के अनुसार, अनिल ठाकुर की पत्नी और बच्चे पिछले करीब एक वर्ष से कालानी बाग क्षेत्र में अलग रह रहे थे। घटना के समय घर में कोई अन्य व्यक्ति मौजूद नहीं था। जब मकान मालिक को काफी देर तक कोई हलचल नहीं दिखाई दी तो उन्होंने घर की स्थिति देखी। अंदर अनिल ठाकुर का शव फंदे से लटका मिला। इसके बाद उन्होंने तुरंत परिजनों को सूचना दी।

    सूचना मिलते ही परिजन मौके पर पहुंचे। पुलिस भी घटनास्थल पर पहुंची और आवश्यक कार्रवाई करते हुए शव को पोस्टमार्टम के लिए भिजवाया।

    पुलिस ने इस मामले में मर्ग कायम कर लिया है। अधिकारियों का कहना है कि आत्महत्या के पीछे की वजह जानने के लिए परिजनों से पूछताछ की जा रही है। साथ ही अन्य सभी पहलुओं की भी जांच की जा रही है। फिलहाल किसी तरह का सुसाइड नोट मिलने की जानकारी सामने नहीं आई है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।