Category: Madhya Pradesh

  • उज्जैन: सड़क चौड़ीकरण की जद में आया CM यादव और उनकी बहन का मकान… जानें क्या बोले परिजन?

    उज्जैन: सड़क चौड़ीकरण की जद में आया CM यादव और उनकी बहन का मकान… जानें क्या बोले परिजन?


    उज्जैन।
    मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) में सिंहस्थ महाकुम्भ 2028 (Simhastha Mahakumbh 2028) की तैयारी के सिलसिले में उज्जैन (Ujjain) में बड़े पैमाने पर सड़कों के चौड़ीकरण (Road widening) का काम चल रहा है। अब इस काम की जद में राज्य के मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव (Chief Minister Dr. Mohan Yadav) और उनकी बड़ी बहन व निगम सभापति कलावती यादव (Kalavati Yadav) का पैतृक मकान का भी आ गया है। जिसके बाद नगर निगम की टीम ने उनके मकानों की नप्ती कर लाल निशान लगा दिए हैं। उधर सीएम के परिजन भी शहर के विकास के लिए अपने मकान के प्रभावित हिस्से को तोड़ने के लिए तैयार हैं।

    बता दें कि उज्जैन में साल 2028 में लगने वाले सिंहस्थ महाकुम्भ को देखते हुए उज्जैन की प्रमुख सड़कों को चौड़ा किया जा रहा है। इसमे इंदौर रोड सहित कई स्थानों पर पुल के निर्माण किए जा रहे हैं, वहीं शहर के भीतर करीब 62 प्रमुख सड़कों का चौड़ीकरण का कार्य प्रगति पर है। इसके अलावा शहर के सिलारखेड़ी-सेवरखेड़ी डैम और खान डायवर्सन सहित कई बड़े प्रोजेक्ट भी सिंहस्थ की तैयारियों का हिस्सा हैं। इसी के तहत शिप्रा नदी के दोनों किनारों पर करीब 29 किमी लंबे घाट भी विकसित किए जा रहे है।


    730 मीटर लंबी रोड को 15 मीटर चौड़ा किया जाना बाकी

    इसके साथ ही उज्जैन में कई मंदिरों व मस्जिदों सहित कई धर्म स्थलों के कुछ हिस्सों को तोड़ने की तैयारी की जा रही है, इसमे कंठाल, तेलीवाड़ा, सर्राफा, पाटनी बाजार जैसे कुछ इलाकों में सड़कों का चौड़ीकरण पूरा हो चुका है। अब खजूर वाली मस्जिद से अब्दालपुरा, जीवाजीगंज थाना होते हुए गणेश चौक तक जाने वाली 730 मीटर लंबी रोड को 15 मीटर चौड़ा किया जाना है। इसकी जद में 272 इमारतें आ रही हैं। इनमें मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का पैतृक मकान और उनकी बड़ी बहन नगर निगम सभापति कलावती यादव का घर भी शामिल है।


    1974 में बना था मकान, CM का बचपन बीता

    प्राप्त जानकारी के अनुसार मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के दादा रामचंद्र यादव ने 1974 में यह मकान बनवाया था और इस मकान में ही उनके दोनों बेटे पूनमचंद्र यादव और शंकरलाल यादव सहित सभी परिजनों का बचपन बीता। पूनमचंद्र यादव के 5 बच्चे हैं। इनमें नंदलाल यादव, नारायण यादव, मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, बेटी ग्यारसी बाई और उज्जैन की नगर निगम सभापति कलावती यादव शामिल हैं। फिलहाल, इस मकान में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के चाचा शंकरलाल यादव का परिवार रहता है। सड़क चौड़ीकरण में इस मकान के साथ कलावती यादव के मकान का भी करीब 15 फीट हिस्सा आ रहा है।

    ‘शहर के विकास के लिए प्रभावित हिस्से को तोड़ने को तैयार’
    मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव की बहन और निगम सभापति कलावती यादव का कहना है कि वे शहर के विकास के लिए अपने मकान के प्रभावित हिस्से को तोड़ने के लिए तैयार हैं। उन्होंने कहा कि खजूर वाली मस्जिद से गणेश चौक तक सड़क चौड़ीकरण में हमारा पैतृक मकान भी आ रहा है। इस इलाके में रहने वाले सभी लोग हमारे परिवार जैसे हैं। किसी के साथ भाजपा-कांग्रेस, हिंदू-मुस्लिम के आधार पर भेदभाव नहीं होना चाहिए। जिन नागरिकों के मकान प्रभावित हो रहे हैं, उनकी समस्याओं को अधिकारियों से चर्चा कर दूर कराने का प्रयास किया जाएगा।

  • MP में बारिश का स्ट्रॉन्ग सिस्टम एक्टिव, आज 13 जिलों में अति भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट

    MP में बारिश का स्ट्रॉन्ग सिस्टम एक्टिव, आज 13 जिलों में अति भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट


    भोपाल। मध्य प्रदेश में मानसून की विदाई से पहले एक बार फिर स्ट्रॉन्ग सिस्टम सक्रिय हो गया है। शुक्रवार को प्रदेश के आधे से ज्यादा हिस्से में तेज बारिश का दौर रहने की संभावना है। जबलपुर समेत 13 जिलों में अति भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है, जबकि 16 जिलों में भारी बारिश का अनुमान है। इन इलाकों में अगले 24 घंटे के दौरान 4 इंच से ज्यादा बारिश हो सकती है। सतना में अतिवृष्टि की आशंका को देखते हुए 25 और 26 सितंबर को नर्सरी से कक्षा 8वीं तक के स्कूल बंद रखने के आदेश दिए गए हैं। IMD के सतना पूर्वानुमान में भी 25 से 27 सितंबर तक भारी बारिश की चेतावनी है।

    13 जिलों में अति भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट

    दक्षिण-पश्चिम मानसून की विदाई के बीच सक्रिय हुए सिस्टम के चलते शुक्रवार को टीकमगढ़, छतरपुर, पन्ना, सतना, रीवा, दमोह, उमरिया, जबलपुर, नरसिंहपुर, मंडला, छिंदवाड़ा, सिवनी और बालाघाट में अति भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट है।

    इनके अलावा भिंड, दतिया, निवाड़ी, मऊगंज, सीधी, सिंगरौली, मैहर, कटनी, शहडोल, डिंडौरी, अनूपपुर, सागर, रायसेन, नर्मदापुरम, बैतूल और पांढुर्णा में भारी बारिश होने का अनुमान है।

    प्रदेश के कई अन्य जिलों में भी मौसम बदला रहेगा। भोपाल, रायसेन, सीहोर, राजगढ़, विदिशा, इंदौर, धार, आलीराजपुर, बुरहानपुर, बड़वानी, खंडवा, खरगोन, झाबुआ, उज्जैन, नीमच, आगर-मालवा, मंदसौर, शाजापुर, देवास, रतलाम, नर्मदापुरम, बैतूल, हरदा, ग्वालियर, गुना, शिवपुरी, दतिया, अशोकनगर, मुरैना, भिंड, श्योपुर, जबलपुर, कटनी, छिंदवाड़ा, सिवनी, नरसिंहपुर, बालाघाट, मंडला, डिंडौरी, पांढुर्णा, रीवा, सतना, सीधी, सिंगरौली, मऊगंज, मैहर, शहडोल, उमरिया, अनूपपुर, सागर, पन्ना, दमोह, छतरपुर, टीकमगढ़ और निवाड़ी में कहीं तेज तो कहीं हल्की बारिश हो सकती है।

    सतना में 25-26 सितंबर को स्कूल बंद

    अतिवृष्टि की संभावना को देखते हुए सतना कलेक्टर डॉ. सतीश कुमार एस ने 25 और 26 सितंबर को नर्सरी से कक्षा 8वीं तक के स्कूलों में अवकाश घोषित किया है। यह आदेश शासकीय, अशासकीय, केंद्रीय, नवोदय और आईसीएसई समेत सभी मान्यता प्राप्त स्कूलों पर लागू होगा। IMD के सतना पूर्वानुमान में 25, 26 और 27 सितंबर को भारी बारिश की चेतावनी दर्ज है।

    25-26 को ज्यादा असर, 27 को भी बारिश

    मौसम विशेषज्ञ शैलेंद्र कुमार नायक के मुताबिक, बंगाल की खाड़ी में विकसित हुआ अवदाब अब महत्वपूर्ण मौसमी सिस्टम के रूप में स्ट्रॉन्ग हो गया है। इसके कारण 25 और 26 सितंबर को प्रदेश में सिस्टम का असर ज्यादा रहने की संभावना है। 27 सितंबर को भी कई इलाकों में तेज बारिश हो सकती है। इसके बाद सिस्टम आगे बढ़ जाएगा।

    मानसून की विदाई में अब सिर्फ 6 दिन

    मध्य प्रदेश में दक्षिण-पश्चिम मानसून का सामान्य पीरियड 1 जून से 30 सितंबर तक रहता है। यानी मानसून की विदाई में अब छह दिन बाकी हैं। इस बार भी सितंबर के आखिरी सप्ताह से प्रदेश में मानसून की वापसी शुरू होने की संभावना है। राजस्थान के कई जिलों से मानसून विदा हो चुका है।

    सामान्य से 2.4 इंच कम बारिश

    IMD के आंकड़ों के मुताबिक, प्रदेश में अब तक 873.4 मिमी यानी 34.4 इंच बारिश रिकॉर्ड हुई है। सामान्य तौर पर इस अवधि तक 935.1 मिमी यानी 36.8 इंच बारिश होनी चाहिए थी। इस हिसाब से प्रदेश में अब तक 2.4 इंच कम पानी गिरा है। ओवरऑल बारिश सामान्य से 7% कम है।

    पूर्वी मध्य प्रदेश में बारिश 2% और पश्चिमी हिस्से में औसत से 11% कम हुई है। पूर्वी हिस्से के जबलपुर, रीवा, सागर और शहडोल संभाग में बारिश करीब 2% कम है।

    बालाघाट, छिंदवाड़ा, डिंडौरी, दमोह, जबलपुर, कटनी, नरसिंहपुर, पांढुर्णा, मंडला, रीवा, सागर और सिवनी में सामान्य से 5% से 23% तक कम बारिश हुई है। हालांकि, पिछले एक सप्ताह में बारिश के आंकड़े में काफी सुधार आया है। गुरुवार को भी यह आंकड़ा माइनस 2% था।

    पश्चिमी हिस्से के इन जिलों में ज्यादा कमी

    पश्चिमी मध्य प्रदेश के आलीराजपुर, अशोकनगर, बैतूल, देवास, धार, हरदा, इंदौर, झाबुआ, खंडवा, मंदसौर, मुरैना, नर्मदापुरम, नीमच, बड़वानी, रायसेन, रतलाम, सीहोर, शाजापुर, उज्जैन और विदिशा में सामान्य से 8% से 50% तक कम बारिश दर्ज की गई है।

    23 जिलों में सामान्य से ज्यादा पानी

    प्रदेश के 23 जिलों में इस सीजन अब तक औसत से ज्यादा बारिश दर्ज की गई है। इनमें अनूपपुर, छतरपुर, मैहर, मऊगंज, निवाड़ी, पन्ना, सतना, शहडोल, सीधी, सिंगरौली, टीकमगढ़, उमरिया, आगर-मालवा, भिंड, भोपाल, बुरहानपुर, दतिया, गुना, ग्वालियर, खरगोन, राजगढ़, श्योपुर और शिवपुरी शामिल हैं।

  • मजदूरी से लौटे परिजन तो घर में दिखा खौफनाक मंजर, अकेले थे भूरा जाटव, टीबी का चल रहा था इलाज

    मजदूरी से लौटे परिजन तो घर में दिखा खौफनाक मंजर, अकेले थे भूरा जाटव, टीबी का चल रहा था इलाज


    शिवपुरी । शिवपुरी जिले के कोलारस थाना क्षेत्र के लुकवासा में बुधवार शाम एक अधेड़ व्यक्ति का शव घर के अंदर फंदे पर लटका मिलने से इलाके में सनसनी फैल गई। मृतक की पहचान गांधीनगर वार्ड क्रमांक 13 निवासी 50 वर्षीय भूरा पुत्र ओमकार जाटव के रूप में हुई है। घटना के समय परिवार के सभी सदस्य मजदूरी करने के लिए घर से बाहर गए हुए थे जबकि भूरा जाटव घर पर अकेले थे। शाम को जब उनकी पत्नी मजदूरी से वापस लौटीं तो कमरे के अंदर का दृश्य देखकर उनके होश उड़ गए। उन्होंने भूरा को फंदे पर लटका देखा जिसके बाद परिजनों और आसपास के लोगों को घटना की जानकारी दी गई। लोगों ने आनन फानन में उन्हें नीचे उतारा लेकिन तब तक उनकी मौत हो चुकी थी।

    जानकारी के मुताबिक भूरा जाटव के बेटे रंजीत उनकी पत्नी गुड्डी बाई और दूसरे बेटे राजा बुधवार सुबह करीब 8:30 बजे मजदूरी करने के लिए घर से निकले थे। रोज की तरह परिवार के लोग काम पर चले गए थे। भूरा उस समय घर पर ही थे। परिवार के सदस्य दिनभर मजदूरी करने के बाद शाम करीब 4:30 बजे वापस लौटे। इसी दौरान गुड्डी बाई की नजर कमरे में गई तो उन्होंने भूरा को फंदे पर लटका देखा। यह देखकर वह घबरा गईं और उन्होंने तुरंत परिवार के अन्य सदस्यों तथा पड़ोसियों को सूचना दी।

    घटना की जानकारी मिलते ही आसपास के लोग मौके पर जमा हो गए। परिजनों ने भूरा को फंदे से नीचे उतारा लेकिन उनकी जान नहीं बचाई जा सकी। इसके बाद पुलिस को सूचना दी गई। लुकवासा चौकी पुलिस मौके पर पहुंची और घटनास्थल का जायजा लेने के बाद आवश्यक कार्रवाई शुरू की। पुलिस ने मामले में मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी है।

    परिजनों के मुताबिक भूरा जाटव लंबे समय से टीबी की बीमारी से परेशान थे और उनका इलाज भी चल रहा था। बीमारी को लेकर वह काफी समय से परेशान बताए जा रहे थे। हालांकि घटना के पीछे बीमारी के अलावा कोई अन्य वजह थी या नहीं इसे लेकर अभी स्थिति स्पष्ट नहीं है। पुलिस फिलहाल पूरे मामले की जांच कर रही है और घटना से जुड़े सभी पहलुओं को देखा जा रहा है।

    पुलिस की कार्रवाई के बाद गुरुवार को भूरा जाटव के शव का पोस्टमॉर्टम कराया गया। पोस्टमॉर्टम के बाद शव परिजनों को सौंपे जाने की प्रक्रिया पूरी की गई। पुलिस ने परिवार के सदस्यों से भी घटना के संबंध में जानकारी ली है। फिलहाल पुलिस की जांच और पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

    इस घटना के बाद परिवार में मातम पसरा हुआ है। जिस घर में परिवार के लोग रोजी रोटी के लिए सुबह मजदूरी करने निकले थे उसी घर में शाम को उन्हें अपने परिजन का शव मिला। घटना ने पूरे इलाके के लोगों को भी झकझोर कर रख दिया है। पुलिस मामले की जांच में जुटी है और आत्महत्या के पीछे की वास्तविक वजह सामने आने का इंतजार किया जा रहा है।

  • गोबर फेंकने गई महिला के साथ अचानक हुआ दर्दनाक हादसा, बाड़े में पड़े कटे तार को हटाते ही लगा करंट

    गोबर फेंकने गई महिला के साथ अचानक हुआ दर्दनाक हादसा, बाड़े में पड़े कटे तार को हटाते ही लगा करंट


    शिवपुरी । शिवपुरी जिले के तेंदुआ थाना क्षेत्र के कार्या गांव में गुरुवार सुबह एक दर्दनाक हादसे में 53 वर्षीय महिला की मौत हो गई। महिला अपने घर के बाड़े में गोबर फेंकने गई थी। इसी दौरान वहां घरेलू बिजली सप्लाई की लाइन के कटे हुए तार की चपेट में आ गई। करंट लगते ही महिला बेसुध होकर जमीन पर गिर पड़ी। परिजन उन्हें तुरंत जिला अस्पताल लेकर पहुंचे लेकिन डॉक्टरों ने जांच के बाद मृत घोषित कर दिया।

    मृतका की पहचान कार्या गांव निवासी ईश्वरदेवी जाटव उम्र 53 वर्ष के रूप में हुई है। परिजनों के मुताबिक गुरुवार सुबह ईश्वरदेवी भैंसों का गोबर इकट्ठा कर उसे बाड़े में फेंकने के लिए गई थीं। इसी दौरान उनकी नजर बाड़े से होकर निकली बिजली की लाइन पर पड़ी। बताया गया कि बिजली के तार में कट लगा हुआ था और वह खुला हुआ था।

    ईश्वरदेवी ने तार को हटाने की कोशिश की। जैसे ही उन्होंने हाथ से तार को छुआ उन्हें तेज करंट लग गया। बिजली का झटका इतना जोरदार था कि वह मौके पर ही बेसुध होकर जमीन पर गिर गईं। हादसे के बाद आसपास मौजूद लोगों और परिजनों को इसकी जानकारी हुई तो तुरंत उन्हें संभाला गया।

    महिला की हालत गंभीर देखकर परिजन बिना देर किए उन्हें जिला अस्पताल लेकर पहुंचे। वहां डॉक्टरों ने उनकी जांच की लेकिन तब तक उनकी मौत हो चुकी थी। चिकित्सकों ने महिला को मृत घोषित कर दिया। हादसे की खबर मिलते ही परिवार में मातम छा गया।

    घटना की सूचना मिलने के बाद पुलिस भी अस्पताल पहुंची। पुलिस ने मामले में मर्ग कायम कर लिया है। आवश्यक कार्रवाई के बाद महिला के शव का पोस्टमार्टम कराया गया और फिर शव परिजनों को सौंप दिया गया। पुलिस अब हादसे से जुड़े पूरे घटनाक्रम की जांच कर रही है।

    इस घटना के बाद बाड़े में बिजली के तार की स्थिति को लेकर भी सवाल खड़े हो रहे हैं। बताया गया है कि जिस तार में कट लगा हुआ था उसे हटाने की कोशिश के दौरान महिला करंट की चपेट में आ गई। ग्रामीण इलाकों में खुले और क्षतिग्रस्त बिजली तारों को लेकर अक्सर सुरक्षा का सवाल सामने आता है। ऐसे में इस तरह की घटनाएं लोगों के लिए गंभीर खतरे का कारण बन सकती हैं।

    गुरुवार सुबह हुए इस हादसे ने परिवार को गहरे सदमे में डाल दिया। ईश्वरदेवी रोजमर्रा के घरेलू काम के लिए बाड़े में गई थीं लेकिन किसी को अंदाजा नहीं था कि वहां मौजूद बिजली का एक खुला तार उनकी जान ले लेगा। फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है और हादसे के कारणों की जानकारी जुटाई जा रही है।

  • MP BJP को मिला नया संगठन महामंत्री, 8 महीने बाद चंद्रशेखर की एंट्री, हितानंद शर्मा के हटने के बाद बदली तस्वीर

    MP BJP को मिला नया संगठन महामंत्री, 8 महीने बाद चंद्रशेखर की एंट्री, हितानंद शर्मा के हटने के बाद बदली तस्वीर


    भोपाल। मध्य प्रदेश भाजपा में करीब आठ महीने से खाली चल रहे प्रदेश संगठन महामंत्री के पद पर अब नियुक्ति हो गई है। पार्टी ने चंद्रशेखर को मध्य प्रदेश का नया प्रदेश महामंत्री संगठन नियुक्त किया है। उनकी नियुक्ति के साथ ही प्रदेश भाजपा के संगठनात्मक ढांचे में लंबे समय से खाली चल रही महत्वपूर्ण जिम्मेदारी पूरी हो गई है। ताजा रिपोर्टों के मुताबिक चंद्रशेखर पहले राजस्थान और तेलंगाना भाजपा में संगठन महामंत्री की जिम्मेदारी संभाल चुके हैं।

    दरअसल जनवरी 2026 में तत्कालीन प्रदेश संगठन महामंत्री हितानंद शर्मा की संघ में वापसी हुई थी। उन्हें राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के मध्य क्षेत्र में सह बौद्धिक प्रमुख की जिम्मेदारी दी गई थी। इसके बाद मध्य प्रदेश भाजपा में प्रदेश संगठन महामंत्री का पद खाली हो गया था। नई नियुक्ति होने तक क्षेत्रीय संगठन मंत्री अजय जामवाल मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में संगठन से जुड़े काम देख रहे थे।


    अब चंद्रशेखर को यह जिम्मेदारी मिलने के बाद प्रदेश भाजपा के संगठनात्मक कामकाज में उनकी भूमिका अहम होगी। संगठन महामंत्री पार्टी के संगठन और कार्यकर्ताओं के बीच समन्वय से जुड़े काम देखते हैं। प्रदेश से लेकर जिला और बूथ स्तर तक संगठनात्मक गतिविधियों को आगे बढ़ाने में भी इस पद की महत्वपूर्ण भूमिका रहती है।

    चंद्रशेखर की पृष्ठभूमि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ से जुड़ी रही है। उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार वह उत्तर प्रदेश के बांदा जिले के रहने वाले हैं और संघ में विभाग प्रचारक के तौर पर काम कर चुके हैं। इसके बाद उन्होंने काशी क्षेत्र में संगठनात्मक जिम्मेदारी संभाली। पश्चिमी उत्तर प्रदेश में भी उन्हें संगठन से जुड़ा दायित्व मिला।

    सितंबर 2017 में चंद्रशेखर को राजस्थान भाजपा का संगठन महामंत्री बनाया गया था। उन्होंने करीब छह साल तक राजस्थान में संगठन का काम संभाला। इसके बाद जनवरी 2024 में उन्हें तेलंगाना भाजपा का संगठन महामंत्री बनाया गया। अब मध्य प्रदेश में उन्हें नई जिम्मेदारी दी गई है।

    मध्य प्रदेश भाजपा में यह नियुक्ति ऐसे समय हुई है जब पार्टी अपने संगठनात्मक ढांचे को मजबूत करने की प्रक्रिया में है। चंद्रशेखर के सामने प्रदेश संगठन के विभिन्न स्तरों के बीच समन्वय बनाए रखने के साथ कार्यकर्ताओं के साथ संवाद और संगठनात्मक गतिविधियों को आगे बढ़ाने की जिम्मेदारी होगी।

    इससे पहले हितानंद शर्मा ने सितंबर 2020 में मध्य प्रदेश भाजपा में सह संगठन महामंत्री के तौर पर जिम्मेदारी संभाली थी। मार्च 2022 में सुहास भगत की संघ में वापसी के बाद हितानंद को प्रदेश संगठन महामंत्री बनाया गया था। जनवरी 2026 में उनकी संघ में वापसी के बाद से यह पद खाली था।

    अब चंद्रशेखर की नियुक्ति के साथ मध्य प्रदेश भाजपा को पूर्णकालिक प्रदेश संगठन महामंत्री मिल गया है। आने वाले समय में उनकी संगठनात्मक कार्यशैली और प्रदेश भाजपा के अलग-अलग स्तरों के साथ समन्वय पर पार्टी के भीतर नजर रहेगी।

  • गणपति विसर्जन के बाद पसरा मातम, तालाब में गिरा युवक रातभर रहा लापता, सुबह बेलों में फंसा मिला शव

    गणपति विसर्जन के बाद पसरा मातम, तालाब में गिरा युवक रातभर रहा लापता, सुबह बेलों में फंसा मिला शव


    शिवपुरी । शिवपुरी जिले के पोहरी नगर परिषद क्षेत्र के नानोरा गांव में गणेश विसर्जन के दौरान एक दर्दनाक हादसा सामने आया। बुधवार रात तालाब में गिरे 25 वर्षीय मूकबधिर युवक का शव गुरुवार सुबह बरामद किया गया। रात में अंधेरा अधिक होने के कारण पुलिस और स्थानीय लोगों ने काफी तलाश की लेकिन युवक का कोई सुराग नहीं मिल सका। सुबह दोबारा सर्चिंग अभियान शुरू किया गया तो कुछ दूरी पर पानी में फैली बेलों के बीच युवक का शव फंसा मिला। घटना की जानकारी मिलते ही परिवार में मातम पसर गया।

    मृतक की पहचान हरगोविंद जाटव उम्र 25 वर्ष पुत्र अंतु जाटव के रूप में हुई है। परिजनों के मुताबिक हरगोविंद मूकबधिर था। बताया गया कि बुधवार रात वह शौच के लिए तालाब के दूसरे हिस्से की ओर गया था। इसी दौरान उसका पैर फिसल गया और वह पानी में जा गिरा। तालाब में गिरने के बाद आसपास मौजूद लोगों को घटना की जानकारी हुई।

    हादसे के वक्त तालाब के दूसरे छोर पर गणेश प्रतिमा का विसर्जन चल रहा था। वहां मौजूद लोगों ने युवक को तालाब में गिरते हुए देखा। इसके बाद तत्काल पुलिस को सूचना दी गई। सूचना मिलने पर पोहरी थाना पुलिस मौके पर पहुंची और स्थानीय लोगों की मदद से युवक की तलाश शुरू की गई।

    रात में तालाब में काफी देर तक सर्चिंग अभियान चलाया गया। पुलिस और स्थानीय लोग पानी में युवक को तलाशते रहे लेकिन अंधेरा होने के कारण अभियान में परेशानी आई। काफी कोशिश के बाद भी युवक का पता नहीं चल सका। इसके बाद रात में तलाश रोकनी पड़ी और सुबह दोबारा सर्चिंग शुरू करने का फैसला किया गया।

    गुरुवार सुबह पुलिस ने एक बार फिर तालाब में तलाश शुरू की। इस दौरान पानी के भीतर कुछ दूरी पर फैली बेलों के बीच हरगोविंद का शव फंसा हुआ दिखाई दिया। पुलिस ने शव को बाहर निकलवाया और आवश्यक कार्रवाई शुरू की। हादसे की खबर मिलते ही परिजन भी मौके पर पहुंच गए।

    पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पोस्टमार्टम की प्रक्रिया पूरी होने के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया। पोहरी थाना पुलिस ने मामले में मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस हादसे से जुड़े घटनाक्रम की जानकारी जुटा रही है।

    गणेश विसर्जन के दौरान हुई इस घटना से नानोरा गांव में शोक का माहौल है। जिस समय गांव में गणेश प्रतिमा के विसर्जन को लेकर लोग जुटे थे उसी दौरान एक परिवार ने अपना सदस्य खो दिया। रात के अंधेरे में शुरू हुई तलाश सुबह तालाब में पानी की बेलों के बीच शव मिलने के साथ खत्म हुई। घटना ने गांव के लोगों को भी गमगीन कर दिया है।

  • भोपाल वकील-पुलिस विवाद में निलंबित थाना प्रभारी राजन अहिरवार ने वीडियो जारी कर जांच को लेकर रखी अपनी बात

    भोपाल वकील-पुलिस विवाद में निलंबित थाना प्रभारी राजन अहिरवार ने वीडियो जारी कर जांच को लेकर रखी अपनी बात

    मध्य प्रदेश: की राजधानी भोपाल के जहांगीराबाद इलाके में वकील और पुलिसकर्मियों के बीच हुआ विवाद अब जांच और कार्रवाई के अगले चरण में पहुंच गया है। मामले में दोनों पक्षों की ओर से शिकायत दर्ज होने के बाद थाना प्रभारी राजन सिंह अहिरवार समेत तीन पुलिसकर्मियों को निलंबित किया गया है। निलंबन के बाद राजन अहिरवार ने सोशल मीडिया पर वीडियो जारी कर अपना पक्ष सामने रखा है।

    राजन अहिरवार ने इंस्टाग्राम पर साझा किए गए वीडियो में कहा कि उनकी जांच से महिला पुलिस अधिकारी को दूर रखा जाए। उन्होंने यह भी कहा कि पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों तक उनकी बात सही तरीके से नहीं पहुंच पाई। प्रदर्शन के बाद उन्होंने अपना मोबाइल फ्लाइट मोड पर रखा था और सुबह वीडियो पोस्ट कर अपनी बात सार्वजनिक की।

    विवाद के मामले में अधिवक्ता राकेश रावल की शिकायत पर जहांगीराबाद थाना प्रभारी राजन सिंह अहिरवार और दो अन्य पुलिसकर्मियों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। दूसरी ओर पुलिस की तरफ से भी राकेश रावल के खिलाफ सरकारी काम में रुकावट डालने, बदसलूकी और मारपीट के आरोपों में मामला दर्ज किया गया है।

    विवाद के बाद डीसीपी जोन-1 ने थाना प्रभारी राजन अहिरवार के साथ कॉन्स्टेबल यश लखेरा और आरक्षक रामस्वरूप को निलंबित कर दिया। कार्रवाई के बाद जहांगीराबाद थाने की जिम्मेदारी इंस्पेक्टर हरि किशन लोहिया को सौंपी गई है। पुलिस विभाग की ओर से पूरे मामले की जांच जारी है।

    मामले को लेकर अधिवक्ताओं ने भी प्रदर्शन किया। कार्रवाई की मांग को लेकर मंगलवार रात वकील जहांगीराबाद थाने में देर रात करीब तीन बजे तक प्रदर्शन करते रहे। इसके बाद बुधवार को भी अधिवक्ताओं ने कोर्ट चौराहे पर प्रदर्शन किया और रास्ते बंद कर दिए।

    विवाद की शुरुआत 22 सितंबर की शाम गणेश विसर्जन के दौरान खटलापुरा इलाके में हुई बताई गई है। आरक्षक हरि ओम वर्मा की शिकायत के अनुसार, उस समय उनकी ड्यूटी इलाके में लगाई गई थी। इसी दौरान एक लाल रंग की कार वहां पहुंची। आरक्षक ने चालक को आगे जाने से रोकने की कोशिश की, जिसके बाद कार सड़क पर खड़ी कर दी गई।

    शिकायत में आरोप लगाया गया है कि इसके बाद पुलिसकर्मियों और अधिवक्ता राकेश रावल के बीच बहस हुई। आरक्षक हरि ओम वर्मा ने आरोप लगाया कि राकेश रावल ने पुलिसकर्मियों के साथ गाली-गलौज की, मारपीट की और धमकी भी दी। आरक्षक के अनुसार, घटना की जानकारी वरिष्ठ अधिकारियों को दी गई और इसके बाद थाने पहुंचकर शिकायत दर्ज कराई गई।

    दूसरी ओर अधिवक्ता की शिकायत के आधार पर भी पुलिसकर्मियों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। इस तरह दोनों पक्षों की शिकायतों के आधार पर पुलिस कार्रवाई आगे बढ़ रही है।

    निलंबन के बाद थाना प्रभारी राजन अहिरवार की ओर से सामने आए वीडियो ने मामले को एक और मोड़ दिया है। उन्होंने अपनी जांच से महिला पुलिस अधिकारी को अलग रखने की मांग करते हुए वरिष्ठ अधिकारियों तक अपनी बात पहुंचने में कमी का दावा किया है। फिलहाल पूरे मामले की जांच पुलिस विभाग की ओर से की जा रही है और इसी जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई तय होगी।

  • MP में फिर OBC आरक्षण की गूंज… राहुल गांधी ने CM मोहन यादव को पत्र लिखकर की ये मांग

    MP में फिर OBC आरक्षण की गूंज… राहुल गांधी ने CM मोहन यादव को पत्र लिखकर की ये मांग


    नई दिल्ली।
    मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) में एक बार फिर ओबीसी आरक्षण (OBC Reservation) का मुद्दा गर्मा गया है. लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी (Rahul Gandhi) ने मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव (Chief Minister Mohan Yadav) को चिट्ठी लिखकर राज्य में अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) के लिए 27 प्रतिशत आरक्षण लागू करने और इसके तहत रुकी हुई नियुक्तियों का रास्ता साफ करने की मांग की है।

    22 सितंबर को लिखी चिट्ठी राहुल गांधी ने कहा कि शनिवार को इंदौर में हुए ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम के दौरान मध्य प्रदेश के कई छात्रों ने शिक्षा, रोजगार और अपने भविष्य से जुड़े गंभीर मुद्दे उनके सामने रखे थे. इनमें OBC आरक्षण से जुड़ी नियुक्तियों के रुके होने का मुद्दा प्रमुख था।

    राहुल गांधी ने चिट्ठी में कहा कि छात्रों ने बताया कि नियुक्तियों में लंबे समय से हो रही देरी के कारण वे अपने भविष्य को लेकर परेशान हैं. इन युवाओं ने परीक्षाएं पास कर ली हैं और चयन प्रक्रिया भी पूरी हो चुकी है, लेकिन ’87:13′ फॉर्मूले के कारण OBC आरक्षण से जुड़े 13 प्रतिशत पदों को होल्ड पर रखा गया है. इसके चलते चयनित अभ्यर्थी 2022 से अपनी नियुक्ति का इंतजार कर रहे हैं।

    राहुल गांधी ने कहा कि सभी राजनीतिक दलों ने 27 प्रतिशत OBC आरक्षण का सर्वसम्मति से समर्थन किया था, इसके बावजूद यह मामला अब तक नहीं सुलझ पाया है. उन्होंने कहा कि नियुक्तियों में हो रही देरी के कारण अभ्यर्थियों को OBC आरक्षण लागू कराने और नियुक्ति पत्र जारी करने की मांग को लेकर बार-बार सड़कों पर उतरना पड़ रहा है।

    राहुल गांधी ने अपना पत्र सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर भी साझा किया. उन्होंने लिखा कि इंदौर में ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम के दौरान OBC वर्ग के छात्रों ने बताया कि चयन प्रक्रिया पूरी होने के बावजूद 27 प्रतिशत OBC आरक्षण के तहत 13 प्रतिशत पदों पर नियुक्तियां वर्षों से रुकी हुई हैं. राहुल ने कहा कि छात्र बेहद परेशान हैं और चार साल से अधिक समय से इंतजार कर रहे इन युवाओं का कीमती समय अब और बर्बाद नहीं होना चाहिए।

    उन्होंने मुख्यमंत्री मोहन यादव से छात्रों की मांग सुनने की अपील करते हुए कहा कि सभी दलों की सर्वसम्मति से पारित 27 प्रतिशत OBC आरक्षण को लागू किया जाए और सभी चयनित अभ्यर्थियों को नियुक्तियां दी जाएं।

  • MP: उज्जैन पहुंचे संत बम-बम भोला, खड़े हनुमान जी के दर्शन किए, प्रतिमा को नहीं हटाने की मांग की

    MP: उज्जैन पहुंचे संत बम-बम भोला, खड़े हनुमान जी के दर्शन किए, प्रतिमा को नहीं हटाने की मांग की


    उज्जैन।
    मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) के उज्जैन (Ujjain) स्थित खड़े हनुमान मंदिर (Khade Hanuman Temple) इन दिनों आस्था और चर्चा का केंद्र बना हुआ है। प्रतिमा को लेकर चल रही प्रक्रिया के बीच मंदिर में श्रद्धालुओं की आवाजाही लगातार बढ़ रही है। देश के अलग-अलग हिस्सों से लोग यहां दर्शन के लिए पहुंच रहे हैं। मंदिर परिसर में साधु-संतों की मौजूदगी भी लगातार देखी जा रही है। इसी क्रम में संत ‘बम-बम भोला’ (Saint ‘Bam-Bam Bhola’) खड़े हनुमान मंदिर पहुंचे। उन्होंने मंदिर में हनुमान चालीसा का पाठ किया और भगवान हनुमान के दर्शन किए।


    बोले- धर्म की तुलना विज्ञान से न करें
    दर्शन के बाद मीडिया से बातचीत में संत ‘बम-बम भोला’ ने कहा कि धर्म और विज्ञान की तुलना नहीं होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि आधुनिक समय में AI और ड्रोन जैसी तकनीकें आ चुकी हैं, लेकिन उनके अनुसार धर्म और सनातन परंपरा को विकास की बहस से अलग समझना चाहिए। उन्होंने खड़े हनुमान की प्रतिमा को यथास्थान रखने की मांग की और कहा कि धार्मिक आस्था से जुड़े स्थानों को लेकर संवेदनशीलता बरती जानी चाहिए।


    मंदिर के आसपास कथित अतिक्रमण का मुद्दा उठाया

    संत ने मंदिर के सामने मस्जिद की ओर से कथित अतिक्रमण का आरोप लगाते हुए इसे हटाने की मांग भी उठाई। उन्होंने मुस्लिम समाज से भाईचारे का परिचय देते हुए इस कथित अतिक्रमण को हटाने की अपील की। यह आरोप संत के बयान के रूप में सामने आया है। ऐसे दावे की प्रशासनिक पुष्टि या अतिक्रमण की कानूनी स्थिति को स्वतंत्र रूप से स्थापित करने वाली जानकारी इस रिपोर्ट में उपलब्ध नहीं है।


    मंदिर में बढ़ रही श्रद्धालुओं की भीड़

    खड़े हनुमान मंदिर को लेकर चल रही चर्चा के बीच यहां श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ी है। रिपोर्टों के मुताबिक देश के अलग-अलग हिस्सों से लोग मंदिर पहुंच रहे हैं और हनुमान चालीसा, सुंदरकांड तथा धार्मिक आयोजन किए जा रहे हैं।

    खड़े हनुमान की प्रतिमा को सड़क चौड़ीकरण की प्रक्रिया से जोड़कर विवाद सामने आया था। प्रशासन ने बाद में कहा कि प्रतिमा को लेकर विशेषज्ञों की जांच और संत समाज व स्थानीय प्रतिनिधियों से सहमति के बाद ही आगे फैसला लिया जाएगा। फिलहाल खड़े हनुमान मंदिर में श्रद्धालुओं की भीड़, संतों की मौजूदगी और प्रतिमा को लेकर जारी चर्चा ने इसे उज्जैन के सबसे चर्चित धार्मिक स्थलों में ला दिया है।

  • विसर्जन जुलूस में DJ बना विवाद की वजह दतिया में पहले चाचा-भतीजे को पीटा फिर पैरों में मारी गोली

    विसर्जन जुलूस में DJ बना विवाद की वजह दतिया में पहले चाचा-भतीजे को पीटा फिर पैरों में मारी गोली


    दतिया । दतिया के इंदरगढ़ थाना क्षेत्र के मैथाना पाली गांव में गणेश विसर्जन के दौरान दो पक्षों के बीच विवाद के बाद फायरिंग की घटना सामने आई है। बुधवार शाम गणेश प्रतिमा विसर्जन के लिए जा रहे लोगों और गांव के दो लोगों के बीच DJ बजाने को लेकर कहासुनी हुई। देखते ही देखते विवाद बढ़ गया और दोनों पक्षों के बीच लाठी डंडों से मारपीट शुरू हो गई। इसके बाद फायरिंग होने की बात सामने आई जिसमें चाचा और भतीजे के पैर में गोली लगी।

    घटना में घायल चाचा भतीजे की पहचान अजय यादव उम्र 28 वर्ष और उनके चाचा वकील यादव उम्र 43 वर्ष के रूप में हुई है। दोनों को पहले इंदरगढ़ अस्पताल ले जाया गया। यहां प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें दतिया जिला अस्पताल रेफर किया गया। हालत और बेहतर इलाज की जरूरत को देखते हुए दोनों को ग्वालियर रेफर कर दिया गया। फिलहाल दोनों का इलाज जारी है।

    परिजनों के मुताबिक अजय यादव और वकील यादव गांव से नदी की ओर भैंस चराने गए थे। इसी दौरान चौकपुरा गांव के लोग गणेश प्रतिमा लेकर विसर्जन के लिए नदी की ओर जा रहे थे। जुलूस में DJ बजाया जा रहा था। बताया गया है कि भैंस लेकर वापस घर की ओर लौट रहे चाचा भतीजे ने DJ बजाने से मना किया। इसी बात को लेकर दोनों पक्षों में कहासुनी शुरू हो गई।

    कहासुनी के बाद विवाद ने तेजी से गंभीर रूप ले लिया। घायल पक्ष के परिजनों का आरोप है कि पहले चाचा भतीजे के साथ लाठी डंडों से मारपीट की गई और इसके बाद फायरिंग कर दी गई। परिजनों ने मानवेंद्र उर्फ छुट्टी रोहित गजराज यादव श्रीकांत यादव हाकिम यादव ऋषभ यादव और रघुराज यादव समेत अन्य लोगों पर फायरिंग करने का आरोप लगाया है। परिवार का कहना है कि इन्हीं लोगों की ओर से गोली चलाई गई।

    ग्रामीणों के अनुसार चौकपुरा के लोगों ने गांव के खेरा पति मंदिर के पास गणेश प्रतिमा स्थापित की थी। बुधवार को प्रतिमा को विसर्जन के लिए नदी की ओर ले जाया जा रहा था। इसी दौरान मैथाना पाली गांव के पास विवाद हो गया। घटना के बाद इलाके में तनाव की स्थिति बन गई।

    इस विवाद में दूसरे पक्ष के लोगों के घायल होने की जानकारी भी सामने आई है। हाकिम सिंह उम्र 50 वर्ष गजराज सिंह यादव उम्र 52 वर्ष और पंजाब सिंह यादव के घायल होने की सूचना है। इसके अलावा तीन से चार अन्य लोगों के घायल होने की भी जानकारी है। सभी घायलों का इलाज इंदरगढ़ अस्पताल में कराया जा रहा है।

    घटना की सूचना मिलते ही इंदरगढ़ थाना पुलिस मौके पर पहुंची। थाना प्रभारी गौरव शर्मा के मुताबिक पुलिस ने घटनास्थल की जानकारी जुटाई है और दोनों पक्षों से जुड़े लोगों तथा घायलों से पूछताछ की जा रही है। पुलिस फायरिंग की परिस्थितियों और विवाद की वास्तविक वजह का पता लगाने में जुटी है।

    फिलहाल पुलिस की जांच जारी है। दोनों पक्षों के बयान दर्ज किए जा रहे हैं। जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि विवाद किस तरह बढ़ा और फायरिंग की घटना किन परिस्थितियों में हुई। पुलिस घायलों के उपचार के साथ मामले से जुड़े लोगों की जानकारी भी जुटा रही है।