Category: Madhya Pradesh

  • इंदौर में फौजी बनकर आए युवकों का हंगामा: महिला बाउंसर और पति से मारपीट, कार डिवाइडर में घुसी

    इंदौर में फौजी बनकर आए युवकों का हंगामा: महिला बाउंसर और पति से मारपीट, कार डिवाइडर में घुसी


    मध्यप्रदेश। इंदौर में शनिवार देर रात एक सनसनीखेज घटना सामने आई, जहां कार सवार पांच युवकों ने खुद को फौजी बताकर एक महिला बाउंसर और उसके पति के साथ मारपीट कर दी। मामला विजय नगर थाना क्षेत्र का है, जहां विवाद इतना बढ़ गया कि सड़क पर अफरा-तफरी मच गई और अंत में आरोपियों की कार डिवाइडर से टकरा गई।

    जानकारी के अनुसार, महिला बाउंसर रिमझिम बारोसा अपने पति शिखर के साथ महालक्ष्मी नगर मेले से घर लौट रही थीं। इसी दौरान बॉम्बे हॉस्पिटल के पास उनकी कार को आरोपियों ने कथित तौर पर गलत तरीके से ओवरटेक करते हुए कट मारा। इस पर दंपती ने आपत्ति जताई, जिसके बाद विवाद शुरू हो गया।

    थोड़ी ही देर में विवाद बढ़ता गया और सत्यसाईं चौराहे पर कार सवार युवकों ने दंपती को रोक लिया। आरोप है कि यहां उन्होंने दंपती के साथ मारपीट शुरू कर दी। आसपास मौजूद लोगों ने बीच-बचाव की कोशिश की, लेकिन आरोपियों का आक्रामक व्यवहार जारी रहा और उन्होंने मौके पर मौजूद लोगों से भी झड़प की।

    प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, जब भीड़ ने हस्तक्षेप किया तो आरोपियों ने कार तेज रफ्तार से भगाने की कोशिश की। इस दौरान उन्होंने लोगों को टक्कर मारने का प्रयास भी किया, जिससे इलाके में अफरा-तफरी फैल गई। इसी भागदौड़ में उनकी कार अनियंत्रित होकर डिवाइडर से टकरा गई और क्षतिग्रस्त हो गई।

    घटना के बाद आरोपी मौके से फरार हो गए। बाद में पुलिस ने कार को जब्त कर लिया और थाने ले जाया गया। वाहन को क्रेन की मदद से हटाया गया। घटना का वीडियो भी सामने आया है, जिसमें हंगामे और टक्कर के बाद की स्थिति दिखाई दे रही है।

    पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। विजय नगर थाना प्रभारी के अनुसार, आरोपियों द्वारा खुद को सैन्यकर्मी बताए जाने के दावे की पुष्टि की जा रही है। साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि कार में सवार युवक वास्तव में किस पहचान से जुड़े हैं और घटना के पीछे उनका मकसद क्या था।

    फिलहाल पुलिस सभी संबंधित पक्षों के बयान दर्ज कर रही है और सीसीटीवी फुटेज सहित अन्य साक्ष्यों की जांच की जा रही है। मामले में आगे की कार्रवाई जांच के निष्कर्षों के आधार पर की जाएगी। घटना ने इलाके में सुरक्षा और सड़क पर बढ़ते विवादों को लेकर चिंता बढ़ा दी है।

  • महंगाई का दबाव बढ़ा: जून से मालभाड़ा 10-15% महंगा, आम जनता की जेब पर और बोझ

    महंगाई का दबाव बढ़ा: जून से मालभाड़ा 10-15% महंगा, आम जनता की जेब पर और बोझ


    मध्यप्रदेश। मध्य प्रदेश में महंगाई का दबाव लगातार बढ़ता जा रहा है और इसका सीधा असर आम लोगों की जेब पर दिखने लगा है। पेट्रोल-डीजल की बढ़ती कीमतों और ट्रांसपोर्ट लागत में इजाफे के चलते आने वाले दिनों में हालात और मुश्किल हो सकते हैं। विशेषज्ञों और ट्रांसपोर्ट कारोबारियों के अनुसार, जून से मालभाड़े में 10 से 15 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी की संभावना है, जिसका असर रोजमर्रा की सभी जरूरी वस्तुओं पर पड़ेगा।

    बीते तीन महीनों के आंकड़े बताते हैं कि मिडिल क्लास परिवारों का मासिक बजट तेजी से बिगड़ा है। फरवरी-मार्च में जो घरेलू खर्च लगभग 9,258 रुपए में पूरा हो जाता था, वही मई के अंत तक बढ़कर 12,318 रुपए तक पहुंच गया है। यानी करीब 33 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है और औसतन हर परिवार पर लगभग 3 हजार रुपए का अतिरिक्त बोझ बढ़ गया है।

    सबसे ज्यादा असर रसोई के खर्चों पर देखने को मिल रहा है। सब्जियों, दाल, तेल और मसालों के दामों में लगातार बढ़ोतरी हुई है। पहले जहां 2,500 रुपए में मासिक सब्जियों का खर्च पूरा हो जाता था, अब वही खर्च 3,500 से 3,800 रुपए तक पहुंच गया है। दूध और गैस सिलेंडर की कीमतों में भी इजाफा हुआ है, जिससे घरेलू बजट और अधिक दबाव में आ गया है।

    बिजली की बढ़ी खपत ने भी लोगों की परेशानी बढ़ा दी है। गर्मी के मौसम में कूलर, पंखे और एसी के उपयोग से बिजली बिल में डेढ़ से दो गुना तक बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है। छोटे दुकानदारों और सेवा क्षेत्र से जुड़े लोगों के लिए यह अतिरिक्त बोझ बन गया है, क्योंकि उन्हें बढ़ी हुई लागत ग्राहकों पर डालनी पड़ रही है।

    पेट्रोल-डीजल की कीमतों में हालिया बढ़ोतरी ने स्थिति को और गंभीर बना दिया है। मध्य प्रदेश में पेट्रोल की कीमतें लगभग 116 रुपए प्रति लीटर तक पहुंच चुकी हैं, जबकि डीजल भी 100 रुपए के करीब है। इसका असर केवल वाहन चलाने तक सीमित नहीं है, बल्कि परिवहन महंगा होने से सब्जियां, दूध, दवाइयां और अन्य जरूरी वस्तुएं भी प्रभावित हो रही हैं।

    ट्रांसपोर्ट सेक्टर पहले से ही दबाव में है। कारोबारियों के अनुसार, वाहनों में इस्तेमाल होने वाले पार्ट्स, टायर, इंजन ऑयल और अन्य संसाधनों की कीमतों में 30 से 50 प्रतिशत तक बढ़ोतरी हुई है। डीजल की कीमतों ने स्थिति को और कठिन बना दिया है। इसी कारण ट्रांसपोर्टरों ने संकेत दिए हैं कि 1 जून से मालभाड़े में 10 से 15 प्रतिशत तक की वृद्धि की जा सकती है।

    इस बढ़ती लागत का असर सीधे बाजार पर पड़ेगा। विशेषज्ञों का मानना है कि मालभाड़ा बढ़ने के बाद सब्जियां, राशन, दवाइयां, होटल सेवाएं, डिलीवरी चार्ज और यहां तक कि बस-ऑटो किराए तक प्रभावित होंगे। आम जनता को हर स्तर पर महंगाई का नया झटका लग सकता है।

    अर्थशास्त्रियों का कहना है कि पेट्रोलियम उत्पादों की कीमतों का असर बहु-स्तरीय होता है। एक लीटर पेट्रोल या डीजल की कीमत बढ़ने से न केवल परिवहन खर्च बढ़ता है, बल्कि पूरी सप्लाई चेन महंगी हो जाती है। यदि अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें और बढ़ती हैं, तो आने वाले महीनों में महंगाई का दबाव और भी बढ़ सकता है।

    फिलहाल स्थिति यह है कि आम उपभोक्ता पहले से ही बढ़ते खर्चों से जूझ रहा है और आने वाला समय और अधिक आर्थिक दबाव लेकर आ सकता है।

  • 12 साल पुराना आयोजन रुका: भोपाल में धर्मसभा पर प्रशासनिक अड़चन और कानूनी पेंच

    12 साल पुराना आयोजन रुका: भोपाल में धर्मसभा पर प्रशासनिक अड़चन और कानूनी पेंच


    मध्यप्रदेश। भोपाल में 31 मई को प्रस्तावित धर्मसभा फिलहाल स्थगित कर दी गई है। धर्मरक्षक संस्था द्वारा गांधीनगर क्षेत्र में आयोजित इस कार्यक्रम को प्रशासन की अनुमति नहीं मिलने के बाद मामला न्यायालय तक पहुंच गया था। सुनवाई में देरी और कानूनी प्रक्रिया लंबी खिंचने के कारण आयोजकों ने फिलहाल कार्यक्रम को टालने का निर्णय लिया है।

    यह आयोजन पिछले कई वर्षों से लगातार किया जा रहा था और इसे इस बार भी बड़े स्तर पर आयोजित करने की तैयारी थी। लेकिन अनुमति संबंधी अड़चनों के चलते कार्यक्रम आगे नहीं बढ़ सका। संस्था के पदाधिकारियों का कहना है कि अब आगामी तिथि और आगे की रणनीति अदालत के निर्णय के बाद ही तय की जाएगी।

    इसी बीच धर्मसभा को लेकर एक नया विवाद भी सामने आया है। आयोजक पक्ष के शिशुपाल ठाकुर ने आरोप लगाया है कि सोशल मीडिया पर कुछ असामाजिक तत्वों द्वारा हैदराबाद से आने वाले हिंदूवादी नेता और विधायक टी. राजा सिंह को जान से मारने की धमकियां दी जा रही हैं। उन्होंने इस मामले को गंभीर बताते हुए प्रशासन से तत्काल कार्रवाई की मांग की है।

    ठाकुर का कहना है कि पिछले दो दिनों से इस तरह की धमकियों के संदेश सोशल मीडिया पर देखे जा रहे हैं, जो कानून व्यवस्था और लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ हैं। उन्होंने कहा कि किसी भी जनप्रतिनिधि या नागरिक को इस तरह की धमकी देना गंभीर अपराध है और इसे नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिए।

    उन्होंने बताया कि इस संबंध में कुछ साक्ष्य पुलिस प्रशासन को सौंपे गए हैं और जल्द ही संबंधित थानों में लिखित शिकायत भी दर्ज कराई जाएगी। साथ ही उन्होंने मांग की है कि धमकी देने वाले लोगों की पहचान कर उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए।

    दूसरी ओर, प्रशासन द्वारा अनुमति निरस्त किए जाने के फैसले को आयोजक संस्था ने न्यायालय में चुनौती दी है। फिलहाल इस मामले में कोई अंतिम निर्णय नहीं आया है, जिसके चलते 31 मई की धर्मसभा को स्थगित करना पड़ा।

    संस्था के अनुसार अब कार्यक्रम की अगली तारीख न्यायालय के आदेश और प्रशासनिक स्थिति को देखते हुए तय की जाएगी। आयोजन लंबे समय से जारी परंपरा का हिस्सा रहा है, लेकिन इस बार कानूनी और सुरक्षा कारणों ने इसे प्रभावित किया है।

  • ट्विशा केस में CBI की पूछताछ, पूर्व जज की तबीयत बिगड़ने का दावा

    ट्विशा केस में CBI की पूछताछ, पूर्व जज की तबीयत बिगड़ने का दावा


    मध्यप्रदेश। भोपाल में एक्ट्रेस ट्विशा शर्मा की संदिग्ध मौत के मामले में जांच कर रही केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने कार्रवाई तेज कर दी है। इस केस में गिरफ्तार पूर्व जिला एवं सत्र न्यायाधीश और मृतका की सास गिरिबाला सिंह से एजेंसी लगातार पूछताछ कर रही है। फिलहाल वे 5 दिन की CBI रिमांड पर हैं और जांच एजेंसी ने कई अहम बिंदुओं पर उनसे विस्तृत जवाब तलब किए हैं।

    सूत्रों के अनुसार पूछताछ का मुख्य केंद्र क्राइम सीन से जुड़े साक्ष्य, सीसीटीवी फुटेज, पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट और डिजिटल रिकॉर्ड हैं। CBI यह जानने की कोशिश कर रही है कि घटना के बाद साक्ष्यों को सुरक्षित रखने में कोई लापरवाही या छेड़छाड़ तो नहीं की गई।

    पूछताछ के दौरान गिरिबाला सिंह ने एंग्जायटी और घबराहट की शिकायत की है। बताया जा रहा है कि वे लगातार बेचैनी का हवाला देकर पूछताछ को प्रभावित करने की कोशिश कर रही हैं, हालांकि CBI की महिला अधिकारी उनसे लगातार सवाल कर रही हैं।

    एजेंसी ने पूर्व जज से FIR में लगाए गए आरोपों पर उनका पक्ष पूछा है। साथ ही यह भी सवाल किया गया है कि शिकायतकर्ता पक्ष द्वारा लगाए गए गंभीर आरोपों के बावजूद उनकी भूमिका को सीमित क्यों माना जाए। CBI ने ट्रायल कोर्ट की कार्यवाही, केस डायरी और गवाहों के बयानों पर भी स्पष्टीकरण मांगा है।

    जांच एजेंसी ने विशेष रूप से पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में दर्ज चोटों को लेकर सवाल किए हैं। अधिकारियों ने पूछा कि मृतका के शरीर पर मिले कथित मृत्यु-पूर्व चोटों के निशान कैसे आए और क्या परिवार के सदस्य घटना के समय मौजूद थे। इन सवालों पर गिरिबाला सिंह की ओर से स्पष्ट जवाब नहीं दिए जाने की बात सामने आई है।

    CBI ने डिजिटल साक्ष्यों को जांच का प्रमुख आधार बनाया है। व्हाट्सऐप चैट, कॉल डिटेल रिकॉर्ड और अन्य इलेक्ट्रॉनिक डेटा के जरिए यह समझने की कोशिश की जा रही है कि शादी के बाद मृतका और ससुराल पक्ष के बीच संबंध कैसे थे और क्या किसी तरह का मानसिक या शारीरिक दबाव बनाया गया था।

    इसके अलावा यह भी पूछा गया कि जांच के दौरान जारी नोटिसों के बावजूद वे पूछताछ में क्यों उपस्थित नहीं हुईं। एजेंसी यह भी जांच कर रही है कि क्या जांच से बचने या साक्ष्यों को प्रभावित करने की कोई कोशिश की गई थी, जिसे गिरिबाला सिंह ने नकार दिया है।

    CBI ने घटनास्थल से जुड़े CCTV फुटेज और अन्य डिजिटल सबूतों की भी बारीकी से जांच की है। एजेंसी यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि फुटेज निकालने की प्रक्रिया में कौन लोग शामिल थे और क्या किसी स्तर पर रिकॉर्ड में छेड़छाड़ की गई थी।

    जांच अधिकारियों का कहना है कि गवाहों के बयान, डिजिटल रिकॉर्ड और पूछताछ में दिए गए जवाबों का मिलान किया जा रहा है ताकि यह स्पष्ट हो सके कि घटना के बाद जांच की दिशा को प्रभावित करने का कोई प्रयास हुआ था या नहीं।

    12 मई की रात भोपाल के कटारा हिल्स क्षेत्र में ट्विशा शर्मा की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हुई थी। इस मामले में ससुराल पक्ष इसे आत्महत्या बता रहा है, जबकि मायके पक्ष ने गंभीर आरोप लगाते हुए हत्या का मामला बताया है। फिलहाल CBI की जांच पूरे घटनाक्रम की हर कड़ी को जोड़ने में जुटी हुई है।

  • मध्य प्रदेश में मौसम का अलर्ट, 47 जिलों में बारिश और 8 में ओलों की चेतावनी

    मध्य प्रदेश में मौसम का अलर्ट, 47 जिलों में बारिश और 8 में ओलों की चेतावनी


    मध्यप्रदेश। मध्य प्रदेश में इस बार नौतपा का स्वरूप पूरी तरह बदला हुआ नजर आ रहा है। जहां आमतौर पर नौतपा के दिनों में प्रदेश भीषण गर्मी और लू की चपेट में रहता है, वहीं इस बार आंधी, बारिश और ओलावृष्टि ने मौसम का मिजाज बदल दिया है। शनिवार देर रात से रविवार सुबह तक भोपाल सहित प्रदेश के कई जिलों में तेज हवाएं चलीं और बारिश हुई, जिससे लोगों को गर्मी से बड़ी राहत मिली।

    राजधानी भोपाल में शनिवार रात करीब साढ़े बारह बजे से तड़के तीन बजे तक तेज आंधी का दौर चला। कई इलाकों में बिजली आपूर्ति बाधित रही और कुछ स्थानों पर पेड़ गिरने की घटनाएं भी सामने आईं। तेज हवाओं के कारण भवनों और छतों पर लगे उपकरणों को भी नुकसान पहुंचा। रविवार सुबह शहर के कई हिस्सों में हल्की बूंदाबांदी दर्ज की गई, जिससे मौसम सुहावना हो गया।

    मौसम विभाग के अनुसार प्रदेश में सक्रिय मौसम प्रणालियों के कारण अगले कुछ घंटों तक आंधी और बारिश का सिलसिला जारी रह सकता है। देवास, सीहोर, राजगढ़, आगर मालवा, छतरपुर, कटनी, मैहर, उमरिया और शहडोल जिलों में भारी बारिश और ओलावृष्टि का ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। इसके अलावा प्रदेश के लगभग सभी जिलों में गरज चमक के साथ बारिश और 40 से 60 किलोमीटर प्रतिघंटा की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना जताई गई है।

    पिछले दो दिनों से प्रदेश के कई हिस्सों में बारिश का दौर बना हुआ है। शुक्रवार शाम से शनिवार रात तक टीकमगढ़, दतिया, नौगांव, ग्वालियर, इंदौर, उज्जैन, रीवा, सागर, सतना, रतलाम, धार, मंदसौर, खंडवा, बालाघाट, झाबुआ और श्योपुर समेत अनेक जिलों में बारिश दर्ज की गई। श्योपुर में ओलावृष्टि भी हुई, जिससे मौसम और अधिक ठंडा हो गया।

    लगातार बारिश और बादलों के कारण तापमान में उल्लेखनीय गिरावट दर्ज की गई है। छतरपुर जिले के नौगांव में तीन दिन के भीतर तापमान लगभग 12 डिग्री सेल्सियस तक गिर गया। 27 मई को जहां यहां का अधिकतम तापमान 46.6 डिग्री सेल्सियस था, वहीं शनिवार को यह घटकर 35.5 डिग्री सेल्सियस पर पहुंच गया। प्रदेश के अधिकांश शहरों में तापमान 40 डिग्री सेल्सियस से नीचे दर्ज किया गया। ग्वालियर में 35.6 डिग्री, जबलपुर में 38.2 डिग्री, इंदौर में 38.8 डिग्री, उज्जैन में 39 डिग्री और भोपाल में 40 डिग्री सेल्सियस तापमान रिकॉर्ड किया गया।

    विशेष बात यह है कि मौसम विभाग ने प्रदेश में कहीं भी लू चलने की संभावना नहीं जताई है। मई माह में पहली बार ऐसी स्थिति बनी है जब पूरे प्रदेश में भीषण गर्मी और हीटवेव का असर लगभग समाप्त हो गया है। नौतपा के दौरान आमतौर पर पड़ने वाली तेज गर्मी की जगह इस बार बादल, बारिश और ठंडी हवाओं ने ले ली है।

    मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ और अन्य मौसमी प्रणालियों के प्रभाव के कारण आगामी एक-दो दिनों तक प्रदेश में मौसम इसी तरह बना रह सकता है। ऐसे में किसानों, यात्रियों और आम नागरिकों को मौसम विभाग द्वारा जारी चेतावनियों का पालन करने की सलाह दी गई है। फिलहाल बारिश और ठंडी हवाओं ने लोगों को भीषण गर्मी से राहत जरूर पहुंचाई है, लेकिन तेज आंधी और ओलावृष्टि के कारण सतर्कता बरतना भी जरूरी होगा।

  • दिग्विजय सिंह ने बीच कार्यक्रम में जीतू पटवारी को टोका, चर्चा में आया मंच

    दिग्विजय सिंह ने बीच कार्यक्रम में जीतू पटवारी को टोका, चर्चा में आया मंच


    मध्यप्रदेश। मध्य प्रदेश की राजनीति में रविवार का दिन कई ऐसे घटनाक्रमों का गवाह बना जिसने सियासी गलियारों में चर्चा का माहौल गर्म कर दिया। कहीं सत्तारूढ़ भाजपा के भीतर नाराजगी खुलकर सामने आई तो कहीं कांग्रेस के कार्यक्रम में अव्यवस्था ने नेताओं को असहज कर दिया। इन घटनाओं ने एक बार फिर प्रदेश की राजनीति के भीतर चल रही हलचलों को उजागर कर दिया।

    गुना से भाजपा विधायक पन्नालाल शाक्य ने अपनी ही सरकार के मंत्री और केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया के करीबी माने जाने वाले नेताओं पर खुलकर हमला बोला। खराब बिजली व्यवस्था को लेकर बिजली कंपनी के कार्यालय पहुंचे शाक्य ने ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर पर तीखी टिप्पणी करते हुए उन्हें नाकारा तक कह दिया। उन्होंने कहा कि जनता को ऐसे जनसेवक नहीं चाहिए जो केवल दिखावे के काम करें बल्कि ऐसे लोग चाहिए जो ईमानदारी और जिम्मेदारी के साथ कार्य करें। उन्होंने यहां तक कह दिया कि यदि कोई मुख्यमंत्री की छवि खराब करेगा तो वे स्वयं भोपाल जाकर मुख्यमंत्री से ऐसे मंत्रियों को हटाने का आग्रह करेंगे।

    शाक्य ने गुना जिले के प्रभारी मंत्री गोविंद सिंह राजपूत पर भी नाराजगी जताई। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रभारी मंत्री किसी को भी ज्योतिरादित्य सिंधिया के करीब नहीं आने देते। उनके इस बयान ने भाजपा के भीतर चल रही अंदरूनी खींचतान को लेकर नई चर्चाओं को जन्म दे दिया है। राजनीतिक जानकार इसे मूल भाजपा और सिंधिया समर्थक खेमे के बीच जारी असहजता के संकेत के रूप में देख रहे हैं।

    उधर विदिशा जिले के सिरोंज में भाजपा विधायक उमाकांत शर्मा का अलग ही विरोध प्रदर्शन देखने को मिला। नई सब्जी मंडी में फैली गंदगी और अव्यवस्थाओं से नाराज विधायक सीधे कचरे के ढेर पर जाकर बैठ गए। उन्होंने वहीं से प्रशासनिक अधिकारियों और नगरपालिका अमले को मौके पर बुलाया। अधिकारियों के पहुंचने के बाद विधायक उन्हें पूरे परिसर में घुमाते रहे और सफाई व्यवस्था की बदहाली दिखाते रहे। घटना का वीडियो सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर लोगों ने तंज कसते हुए कहा कि जब भाजपा सरकार में भाजपा विधायक को ही कचरे में बैठकर विरोध करना पड़े तो स्थिति का अंदाजा लगाया जा सकता है।

    इधर उज्जैन जिले की तराना विधानसभा सीट से कांग्रेस विधायक महेश परमार भी चर्चा में रहे। राजस्थान से भेड़ चराने आए गड़रिया समुदाय के लोगों से मिलने पहुंचे विधायक ने ऊंट की सवारी की और उनके साथ समय बिताया। उन्होंने चाय पी और ग्रामीण जीवन से जुड़े मुद्दों पर बातचीत की। हालांकि सोशल मीडिया पर इसे लेकर भी मजाकिया टिप्पणियां देखने को मिलीं। कुछ लोगों ने इसे पेट्रोल और डीजल बचाने का नया तरीका बताया तो कुछ ने मशहूर कहावतों को नए अंदाज में पेश किया।

    राजधानी भोपाल में एनएसयूआई द्वारा आयोजित पेपर लीक विरोधी प्रदर्शन भी चर्चा का विषय बना रहा। कार्यक्रम के दौरान मंच पर नेताओं और कार्यकर्ताओं की भारी भीड़ जमा हो गई जिससे अव्यवस्था की स्थिति बन गई। पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने शुरुआत में मंच पर जाने से ही इनकार कर दिया। बाद में जब वे संबोधन के लिए पहुंचे तो उन्होंने मंच से ही प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी को कार्यकर्ताओं के कमजोर उत्साह को लेकर टोका। उन्होंने सवाल किया कि जब केंद्रीय शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग पर हाथ उठाने को कहा गया तो कार्यकर्ताओं ने उत्साह क्यों नहीं दिखाया। इसके बाद जीतू पटवारी को स्वयं कार्यकर्ताओं से समर्थन जताने की अपील करनी पड़ी।

    इन घटनाओं ने यह साफ कर दिया कि प्रदेश की राजनीति में केवल विपक्ष और सत्ता पक्ष के बीच ही नहीं बल्कि दोनों दलों के भीतर भी कई तरह की चुनौतियां और असहमतियां मौजूद हैं। आने वाले दिनों में ये घटनाएं राजनीतिक चर्चाओं का अहम विषय बनी रह सकती हैं।

  • मप्र में बदला मौसम का मिजाज, आज 47 जिलों में बारिश और 8 जिलों में ओलावृष्टि का अलर्ट

    मप्र में बदला मौसम का मिजाज, आज 47 जिलों में बारिश और 8 जिलों में ओलावृष्टि का अलर्ट


    भोपाल।
    इस बार नौतपा में मध्य प्रदेश का मौसम पूरी तरह बदला हुआ नजर आ रहा है। जहां आमतौर पर इस दौरान भीषण गर्मी और लू का असर रहता है, वहीं प्रदेश में आंधी, बारिश और ओलावृष्टि का दौर जारी है। शनिवार को 20 से अधिक जिलों में बारिश हुई, जबकि रविवार सुबह राजधानी भोपाल के कई इलाकों में बूंदाबांदी दर्ज की गई।

    शनिवार देर रात करीब 12:30 बजे से तड़के 3 बजे तक भोपाल में तेज हवाएं चलीं। आंधी के कारण शहर के कई क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति भी प्रभावित रही। मौसम विभाग के अनुसार प्रदेश के विभिन्न हिस्सों में 40 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं।

    47 जिलों में बारिश, 8 जिलों में ओलों की चेतावनी
    मौसम विभाग ने रविवार के लिए प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में आंधी और बारिश का अलर्ट जारी किया है। देवास, सीहोर, राजगढ़, आगर-मालवा, छतरपुर, कटनी, उमरिया और शहडोल जिलों में ओलावृष्टि और भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट घोषित किया गया है।

    इसके अलावा प्रदेश के 47 जिलों में गरज-चमक के साथ बारिश और तेज हवाओं की संभावना जताई गई है। राहत की बात यह है कि कहीं भी लू चलने की चेतावनी जारी नहीं की गई है। मई माह में यह पहली बार होगा जब पूरे प्रदेश में भीषण गर्मी का असर लगभग समाप्त रहेगा।

    दो दिनों से जारी है बारिश का सिलसिला
    पिछले दो दिनों से प्रदेश में मौसम प्रणाली सक्रिय बनी हुई है। शुक्रवार शाम से शनिवार रात तक राज्य के कई हिस्सों में बारिश हुई। टीकमगढ़ में सवा इंच से अधिक वर्षा दर्ज की गई, जबकि दतिया में आधा इंच और नौगांव में करीब पौन इंच बारिश हुई।

    ग्वालियर, इंदौर, उज्जैन, धार, गुना, दमोह, रीवा, सतना, उमरिया, खरगोन, शिवपुरी, डिंडौरी, मंदसौर, खंडवा, शाजापुर, देवास, झाबुआ, मुरैना, बैतूल, बालाघाट और श्योपुर सहित कई जिलों में भी बारिश दर्ज की गई। श्योपुर में ओलावृष्टि की भी सूचना मिली है।

    तीन दिन में 12 डिग्री तक गिरा तापमान
    लगातार बारिश और बादलों के कारण तापमान में उल्लेखनीय गिरावट दर्ज की गई है। कुछ दिन पहले तक प्रदेश के सबसे गर्म शहरों में शामिल नौगांव में तापमान 46.6 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया था, जो अब घटकर 35.5 डिग्री सेल्सियस रह गया है। यानी तीन दिनों में करीब 12 डिग्री की गिरावट दर्ज हुई है।

    शनिवार को प्रदेश के 20 शहरों में अधिकतम तापमान 40 डिग्री से नीचे रहा। प्रमुख शहरों में ग्वालियर का तापमान 35.6 डिग्री, जबलपुर 38.2 डिग्री, इंदौर 38.8 डिग्री, उज्जैन 39 डिग्री और भोपाल 40 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। प्रदेश में सबसे अधिक तापमान नरसिंहपुर में 43.2 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया, जबकि कई शहरों में तापमान 40 डिग्री से नीचे रहा।

    आज का मौसम अलर्ट
    देवास, सीहोर, राजगढ़, आगर-मालवा, छतरपुर, कटनी, उमरिया और शहडोल में ओलावृष्टि और भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है।

    आंधी और बारिश की संभावना

    अगले कुछ दिन ऐसा रहेगा मौसम
    मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार 3 जून तक प्रदेश में आंधी, बारिश और गरज-चमक की गतिविधियां बनी रह सकती हैं। 31 मई के बाद से हीटवेव का कोई अलर्ट नहीं है, जिससे लोगों को भीषण गर्मी से राहत मिलने की उम्मीद है।

  • व्यापारी बनकर पहुंची पुलिस, खुल गया राज: केले की फसल के बीच चल रही थी गांजे की खेती

    व्यापारी बनकर पहुंची पुलिस, खुल गया राज: केले की फसल के बीच चल रही थी गांजे की खेती


    बुरहानपुर  बुरहानपुर जिले में अवैध मादक पदार्थों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत शाहपुर पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। पुलिस ने केले के खेत में छिपाकर की जा रही गांजे की खेती का भंडाफोड़ करते हुए 10.5 किलोग्राम गांजे के पौधे जब्त किए हैं। इस मामले में एक आरोपी को गिरफ्तार कर उसके खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत प्रकरण दर्ज किया गया है।

    पुलिस अधीक्षक आशुतोष बागरी के निर्देशन में जिलेभर में अवैध मादक पदार्थों की रोकथाम के लिए विशेष अभियान चलाया जा रहा है। इसी अभियान के तहत शाहपुर थाना पुलिस को सूचना मिली थी कि ग्राम बंडसिंगी में एक व्यक्ति अपने केले के खेत में अवैध रूप से गांजे की खेती कर रहा है।

    सूचना की पुष्टि के बाद थाना प्रभारी अखिलेश मिश्रा के नेतृत्व में पुलिस टीम ने योजनाबद्ध तरीके से कार्रवाई की। पुलिसकर्मी केले के व्यापारी बनकर खेत तक पहुंचे ताकि किसी को शक न हो। मौके पर पहुंचकर पुलिस ने खेत की जांच की, जहां केले की फसल के बीच गांजे के पौधे लगाए गए थे।

    कार्रवाई के दौरान पुलिस ने 40 वर्षीय संतोष पिता लक्ष्मण पाटील गुर्जर को हिरासत में लिया। खेत से गांजे के पांच हरे पौधे बरामद किए गए, जिनका कुल वजन लगभग 10 किलो 500 ग्राम पाया गया। पुलिस के अनुसार जब्त किए गए गांजे की अनुमानित बाजार कीमत करीब 50 हजार रुपये है।

    पूछताछ के दौरान आरोपी खेती से संबंधित कोई वैध अनुमति या दस्तावेज प्रस्तुत नहीं कर सका। इसके बाद पुलिस ने आरोपी के खिलाफ नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रॉपिक सब्सटेंस (एनडीपीएस) अधिनियम की धारा 8/20 (ए) के तहत मामला दर्ज कर लिया।

    पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की विस्तृत जांच की जा रही है। यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि आरोपी लंबे समय से इस गतिविधि में शामिल था या नहीं तथा कहीं उसका संबंध किसी बड़े नेटवर्क से तो नहीं है। आरोपी से पूछताछ के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

    इस कार्रवाई में थाना प्रभारी अखिलेश मिश्रा के अलावा उपनिरीक्षक अजयसिंह चौहान, शैलेन्द्र तोमर, प्रधान आरक्षक गणेश पाटिल, मनोज मोरे और अन्य पुलिसकर्मियों की महत्वपूर्ण भूमिका रही।

    पुलिस ने स्पष्ट किया है कि जिले में अवैध नशे के कारोबार और मादक पदार्थों की खेती के खिलाफ अभियान आगे भी जारी रहेगा। अधिकारियों का कहना है कि समाज को नशामुक्त बनाने के लिए ऐसी गतिविधियों पर लगातार नजर रखी जा रही है और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

  • बुरहानपुर में वन्यजीवों का बढ़ता खतरा: भालू के हमले में किसान घायल, अस्पताल में भर्ती

    बुरहानपुर में वन्यजीवों का बढ़ता खतरा: भालू के हमले में किसान घायल, अस्पताल में भर्ती


    बुरहानपुर  बुरहानपुर जिले में वन्यजीवों और ग्रामीणों के बीच बढ़ता टकराव चिंता का विषय बनता जा रहा है। धूलकोट थाना क्षेत्र के धोंड गांव में शनिवार सुबह एक भालू ने 60 वर्षीय किसान पर हमला कर दिया, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गए। घायल किसान का जिला अस्पताल में उपचार जारी है।

    जानकारी के अनुसार धोंड गांव निवासी रायसिंह पिता मानसिंह शनिवार सुबह अपने खेत पर गए हुए थे। सुबह करीब नौ बजे अचानक एक भालू उनके सामने आ गया और हमला कर दिया। हमले में किसान के पैर और जांघ पर गंभीर चोटें आईं। दर्द और डर के बीच किसान ने जोर-जोर से आवाज लगाई, जिसके बाद आसपास मौजूद ग्रामीण मौके की ओर दौड़े।

    ग्रामीणों के शोर मचाने और भीड़ जुटने पर भालू जंगल की ओर भाग गया। घटना की सूचना तत्काल आपातकालीन स्वास्थ्य सेवा को दी गई। 108 एंबुलेंस की टीम मौके पर पहुंची और घायल किसान को प्राथमिक उपचार प्रदान किया। बाद में उन्हें नजदीकी अस्पताल ले जाया गया, जहां से उनकी गंभीर स्थिति को देखते हुए जिला अस्पताल बुरहानपुर रेफर कर दिया गया।

    वन विभाग के अधिकारियों के अनुसार भीषण गर्मी और जलस्रोतों के सूखने के कारण वन्यप्राणी जंगलों से बाहर निकलकर रिहायशी क्षेत्रों की ओर आ रहे हैं। धूलकोट रेंज के अधिकारियों का कहना है कि पानी और भोजन की तलाश में भालू सहित अन्य वन्यजीव खेतों और गांवों के आसपास दिखाई दे रहे हैं, जिससे ऐसी घटनाओं की संभावना बढ़ गई है।

    गौरतलब है कि जिले में पिछले पांच दिनों के भीतर भालू के हमले की यह दूसरी घटना है। इससे पहले उतर्नी गांव में बकरियां चरा रहे एक ग्रामीण पर भी भालू ने हमला किया था। उस घटना में घायल व्यक्ति का उपचार जिला अस्पताल में किया गया था और उसकी हालत अब पहले से बेहतर बताई जा रही है।

    लगातार हो रही घटनाओं के बाद वन विभाग ने प्रभावित क्षेत्रों में सतर्कता बढ़ा दी है। विभाग की टीमें गांवों में पहुंचकर लोगों को जागरूक कर रही हैं और जंगलों या खेतों में अकेले न जाने की सलाह दे रही हैं। साथ ही सुबह और शाम के समय विशेष सावधानी बरतने की अपील की जा रही है।

    वन विभाग ने ग्रामीणों से अनुरोध किया है कि यदि किसी क्षेत्र में भालू या अन्य वन्यजीव दिखाई दें तो तुरंत विभाग को सूचना दें और खुद उन्हें भगाने का प्रयास न करें। अधिकारियों का मानना है कि जनजागरूकता और सतर्कता से ऐसी घटनाओं को काफी हद तक रोका जा सकता है।

    फिलहाल घायल किसान का उपचार जारी है और वन विभाग क्षेत्र में निगरानी बनाए हुए है। लगातार सामने आ रही घटनाओं ने ग्रामीणों की चिंता बढ़ा दी है और लोग वन विभाग से स्थायी समाधान की मांग कर रहे हैं।

  • कचरा निपटान यूनिट के विरोध में ग्रामीणों का हंगामा: डेढ़ घंटे तक रुका प्रशासनिक अमला

    कचरा निपटान यूनिट के विरोध में ग्रामीणों का हंगामा: डेढ़ घंटे तक रुका प्रशासनिक अमला


    बड़वानी । बड़वानी जिले में प्रस्तावित ट्रेंचिंग ग्राउंड को लेकर शनिवार को उस समय तनावपूर्ण स्थिति बन गई जब नगर पालिका की टीम जमीन सीमांकन और कब्जा प्रक्रिया के लिए मौके पर पहुंची। बंधान ग्राम के समीप आमलिया पानी क्षेत्र में कचरा निपटान यूनिट स्थापित किए जाने के विरोध में बड़ी संख्या में ग्रामीण एकत्र हो गए और प्रशासनिक कार्रवाई का विरोध शुरू कर दिया।

    जानकारी के अनुसार नगर पालिका का अमला सीएमओ, इंजीनियरिंग टीम और अन्य अधिकारियों के साथ जेसीबी मशीन लेकर निर्धारित स्थल पर पहुंचा था। कार्रवाई की सूचना मिलते ही आसपास के ग्रामीण मौके पर पहुंच गए और विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। विरोध इतना बढ़ गया कि प्रशासनिक टीम को बड़वानी-सेंधवा मार्ग किनारे करीब डेढ़ घंटे तक रुकना पड़ा।

    ग्रामीणों ने ट्रेंचिंग ग्राउंड तक जाने वाले मार्ग को अवरुद्ध कर दिया। सड़क पर पाइप और मोटरसाइकिलें खड़ी कर रास्ता बंद कर दिया गया। मौके पर मौजूद लोगों ने परियोजना के खिलाफ नारेबाजी करते हुए प्रशासन से कार्रवाई रोकने की मांग की। स्थिति को देखते हुए क्षेत्र में तनाव का माहौल बन गया।

    ग्रामीणों का कहना है कि प्रस्तावित स्थल के आसपास पहले से ही आवासीय क्षेत्र विकसित हो रहा है। यहां पंचायत भवन, सामुदायिक भवन और पानी की टंकी जैसी सार्वजनिक सुविधाओं का निर्माण भी किया जा चुका है या निर्माणाधीन है। ऐसे में कचरा निपटान यूनिट बनने से पर्यावरण और स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं पैदा होने की आशंका है।

    ग्रामीणों ने यह भी आरोप लगाया कि उनकी आपत्तियों और शिकायतों के बावजूद प्रशासन ने उनकी बातों पर पर्याप्त ध्यान नहीं दिया। कई बार जनसुनवाई और अन्य प्रशासनिक मंचों पर मामला उठाने के बाद भी समाधान नहीं निकला। कुछ ग्रामीणों का दावा है कि परियोजना के लिए आवश्यक स्थानीय सहमति भी नहीं ली गई है।

    स्थिति बिगड़ती देख प्रशासन ने अतिरिक्त पुलिस बल को मौके पर बुलाया। पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों ने ग्रामीणों से बातचीत का प्रयास किया, लेकिन सहमति नहीं बनने पर पुलिस ने मार्ग खाली कराया और निर्माण कार्य शुरू करवाया। इसके बाद क्षेत्र में सुरक्षा के मद्देनजर पुलिस की निगरानी बढ़ा दी गई।

    तहसीलदार हितेंद्र भावसार ने बताया कि यहां कचरा निपटान यूनिट विकसित की जा रही है और इससे आसपास के ग्रामीणों को किसी प्रकार की परेशानी नहीं होगी। प्रशासन का कहना है कि परियोजना सार्वजनिक हित में है तथा सभी आवश्यक प्रक्रियाओं का पालन किया जा रहा है।

    फिलहाल क्षेत्र में स्थिति नियंत्रण में बताई जा रही है, लेकिन ग्रामीणों का विरोध जारी है। प्रशासन और स्थानीय लोगों के बीच इस मुद्दे को लेकर आगे भी चर्चा और समाधान की संभावनाएं बनी हुई हैं।