Category: Madhya Pradesh

  • व्यापारी बनकर पहुंची पुलिस, खुल गया राज: केले की फसल के बीच चल रही थी गांजे की खेती

    व्यापारी बनकर पहुंची पुलिस, खुल गया राज: केले की फसल के बीच चल रही थी गांजे की खेती


    बुरहानपुर  बुरहानपुर जिले में अवैध मादक पदार्थों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत शाहपुर पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। पुलिस ने केले के खेत में छिपाकर की जा रही गांजे की खेती का भंडाफोड़ करते हुए 10.5 किलोग्राम गांजे के पौधे जब्त किए हैं। इस मामले में एक आरोपी को गिरफ्तार कर उसके खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत प्रकरण दर्ज किया गया है।

    पुलिस अधीक्षक आशुतोष बागरी के निर्देशन में जिलेभर में अवैध मादक पदार्थों की रोकथाम के लिए विशेष अभियान चलाया जा रहा है। इसी अभियान के तहत शाहपुर थाना पुलिस को सूचना मिली थी कि ग्राम बंडसिंगी में एक व्यक्ति अपने केले के खेत में अवैध रूप से गांजे की खेती कर रहा है।

    सूचना की पुष्टि के बाद थाना प्रभारी अखिलेश मिश्रा के नेतृत्व में पुलिस टीम ने योजनाबद्ध तरीके से कार्रवाई की। पुलिसकर्मी केले के व्यापारी बनकर खेत तक पहुंचे ताकि किसी को शक न हो। मौके पर पहुंचकर पुलिस ने खेत की जांच की, जहां केले की फसल के बीच गांजे के पौधे लगाए गए थे।

    कार्रवाई के दौरान पुलिस ने 40 वर्षीय संतोष पिता लक्ष्मण पाटील गुर्जर को हिरासत में लिया। खेत से गांजे के पांच हरे पौधे बरामद किए गए, जिनका कुल वजन लगभग 10 किलो 500 ग्राम पाया गया। पुलिस के अनुसार जब्त किए गए गांजे की अनुमानित बाजार कीमत करीब 50 हजार रुपये है।

    पूछताछ के दौरान आरोपी खेती से संबंधित कोई वैध अनुमति या दस्तावेज प्रस्तुत नहीं कर सका। इसके बाद पुलिस ने आरोपी के खिलाफ नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रॉपिक सब्सटेंस (एनडीपीएस) अधिनियम की धारा 8/20 (ए) के तहत मामला दर्ज कर लिया।

    पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की विस्तृत जांच की जा रही है। यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि आरोपी लंबे समय से इस गतिविधि में शामिल था या नहीं तथा कहीं उसका संबंध किसी बड़े नेटवर्क से तो नहीं है। आरोपी से पूछताछ के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

    इस कार्रवाई में थाना प्रभारी अखिलेश मिश्रा के अलावा उपनिरीक्षक अजयसिंह चौहान, शैलेन्द्र तोमर, प्रधान आरक्षक गणेश पाटिल, मनोज मोरे और अन्य पुलिसकर्मियों की महत्वपूर्ण भूमिका रही।

    पुलिस ने स्पष्ट किया है कि जिले में अवैध नशे के कारोबार और मादक पदार्थों की खेती के खिलाफ अभियान आगे भी जारी रहेगा। अधिकारियों का कहना है कि समाज को नशामुक्त बनाने के लिए ऐसी गतिविधियों पर लगातार नजर रखी जा रही है और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

  • बुरहानपुर में वन्यजीवों का बढ़ता खतरा: भालू के हमले में किसान घायल, अस्पताल में भर्ती

    बुरहानपुर में वन्यजीवों का बढ़ता खतरा: भालू के हमले में किसान घायल, अस्पताल में भर्ती


    बुरहानपुर  बुरहानपुर जिले में वन्यजीवों और ग्रामीणों के बीच बढ़ता टकराव चिंता का विषय बनता जा रहा है। धूलकोट थाना क्षेत्र के धोंड गांव में शनिवार सुबह एक भालू ने 60 वर्षीय किसान पर हमला कर दिया, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गए। घायल किसान का जिला अस्पताल में उपचार जारी है।

    जानकारी के अनुसार धोंड गांव निवासी रायसिंह पिता मानसिंह शनिवार सुबह अपने खेत पर गए हुए थे। सुबह करीब नौ बजे अचानक एक भालू उनके सामने आ गया और हमला कर दिया। हमले में किसान के पैर और जांघ पर गंभीर चोटें आईं। दर्द और डर के बीच किसान ने जोर-जोर से आवाज लगाई, जिसके बाद आसपास मौजूद ग्रामीण मौके की ओर दौड़े।

    ग्रामीणों के शोर मचाने और भीड़ जुटने पर भालू जंगल की ओर भाग गया। घटना की सूचना तत्काल आपातकालीन स्वास्थ्य सेवा को दी गई। 108 एंबुलेंस की टीम मौके पर पहुंची और घायल किसान को प्राथमिक उपचार प्रदान किया। बाद में उन्हें नजदीकी अस्पताल ले जाया गया, जहां से उनकी गंभीर स्थिति को देखते हुए जिला अस्पताल बुरहानपुर रेफर कर दिया गया।

    वन विभाग के अधिकारियों के अनुसार भीषण गर्मी और जलस्रोतों के सूखने के कारण वन्यप्राणी जंगलों से बाहर निकलकर रिहायशी क्षेत्रों की ओर आ रहे हैं। धूलकोट रेंज के अधिकारियों का कहना है कि पानी और भोजन की तलाश में भालू सहित अन्य वन्यजीव खेतों और गांवों के आसपास दिखाई दे रहे हैं, जिससे ऐसी घटनाओं की संभावना बढ़ गई है।

    गौरतलब है कि जिले में पिछले पांच दिनों के भीतर भालू के हमले की यह दूसरी घटना है। इससे पहले उतर्नी गांव में बकरियां चरा रहे एक ग्रामीण पर भी भालू ने हमला किया था। उस घटना में घायल व्यक्ति का उपचार जिला अस्पताल में किया गया था और उसकी हालत अब पहले से बेहतर बताई जा रही है।

    लगातार हो रही घटनाओं के बाद वन विभाग ने प्रभावित क्षेत्रों में सतर्कता बढ़ा दी है। विभाग की टीमें गांवों में पहुंचकर लोगों को जागरूक कर रही हैं और जंगलों या खेतों में अकेले न जाने की सलाह दे रही हैं। साथ ही सुबह और शाम के समय विशेष सावधानी बरतने की अपील की जा रही है।

    वन विभाग ने ग्रामीणों से अनुरोध किया है कि यदि किसी क्षेत्र में भालू या अन्य वन्यजीव दिखाई दें तो तुरंत विभाग को सूचना दें और खुद उन्हें भगाने का प्रयास न करें। अधिकारियों का मानना है कि जनजागरूकता और सतर्कता से ऐसी घटनाओं को काफी हद तक रोका जा सकता है।

    फिलहाल घायल किसान का उपचार जारी है और वन विभाग क्षेत्र में निगरानी बनाए हुए है। लगातार सामने आ रही घटनाओं ने ग्रामीणों की चिंता बढ़ा दी है और लोग वन विभाग से स्थायी समाधान की मांग कर रहे हैं।

  • कचरा निपटान यूनिट के विरोध में ग्रामीणों का हंगामा: डेढ़ घंटे तक रुका प्रशासनिक अमला

    कचरा निपटान यूनिट के विरोध में ग्रामीणों का हंगामा: डेढ़ घंटे तक रुका प्रशासनिक अमला


    बड़वानी । बड़वानी जिले में प्रस्तावित ट्रेंचिंग ग्राउंड को लेकर शनिवार को उस समय तनावपूर्ण स्थिति बन गई जब नगर पालिका की टीम जमीन सीमांकन और कब्जा प्रक्रिया के लिए मौके पर पहुंची। बंधान ग्राम के समीप आमलिया पानी क्षेत्र में कचरा निपटान यूनिट स्थापित किए जाने के विरोध में बड़ी संख्या में ग्रामीण एकत्र हो गए और प्रशासनिक कार्रवाई का विरोध शुरू कर दिया।

    जानकारी के अनुसार नगर पालिका का अमला सीएमओ, इंजीनियरिंग टीम और अन्य अधिकारियों के साथ जेसीबी मशीन लेकर निर्धारित स्थल पर पहुंचा था। कार्रवाई की सूचना मिलते ही आसपास के ग्रामीण मौके पर पहुंच गए और विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। विरोध इतना बढ़ गया कि प्रशासनिक टीम को बड़वानी-सेंधवा मार्ग किनारे करीब डेढ़ घंटे तक रुकना पड़ा।

    ग्रामीणों ने ट्रेंचिंग ग्राउंड तक जाने वाले मार्ग को अवरुद्ध कर दिया। सड़क पर पाइप और मोटरसाइकिलें खड़ी कर रास्ता बंद कर दिया गया। मौके पर मौजूद लोगों ने परियोजना के खिलाफ नारेबाजी करते हुए प्रशासन से कार्रवाई रोकने की मांग की। स्थिति को देखते हुए क्षेत्र में तनाव का माहौल बन गया।

    ग्रामीणों का कहना है कि प्रस्तावित स्थल के आसपास पहले से ही आवासीय क्षेत्र विकसित हो रहा है। यहां पंचायत भवन, सामुदायिक भवन और पानी की टंकी जैसी सार्वजनिक सुविधाओं का निर्माण भी किया जा चुका है या निर्माणाधीन है। ऐसे में कचरा निपटान यूनिट बनने से पर्यावरण और स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं पैदा होने की आशंका है।

    ग्रामीणों ने यह भी आरोप लगाया कि उनकी आपत्तियों और शिकायतों के बावजूद प्रशासन ने उनकी बातों पर पर्याप्त ध्यान नहीं दिया। कई बार जनसुनवाई और अन्य प्रशासनिक मंचों पर मामला उठाने के बाद भी समाधान नहीं निकला। कुछ ग्रामीणों का दावा है कि परियोजना के लिए आवश्यक स्थानीय सहमति भी नहीं ली गई है।

    स्थिति बिगड़ती देख प्रशासन ने अतिरिक्त पुलिस बल को मौके पर बुलाया। पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों ने ग्रामीणों से बातचीत का प्रयास किया, लेकिन सहमति नहीं बनने पर पुलिस ने मार्ग खाली कराया और निर्माण कार्य शुरू करवाया। इसके बाद क्षेत्र में सुरक्षा के मद्देनजर पुलिस की निगरानी बढ़ा दी गई।

    तहसीलदार हितेंद्र भावसार ने बताया कि यहां कचरा निपटान यूनिट विकसित की जा रही है और इससे आसपास के ग्रामीणों को किसी प्रकार की परेशानी नहीं होगी। प्रशासन का कहना है कि परियोजना सार्वजनिक हित में है तथा सभी आवश्यक प्रक्रियाओं का पालन किया जा रहा है।

    फिलहाल क्षेत्र में स्थिति नियंत्रण में बताई जा रही है, लेकिन ग्रामीणों का विरोध जारी है। प्रशासन और स्थानीय लोगों के बीच इस मुद्दे को लेकर आगे भी चर्चा और समाधान की संभावनाएं बनी हुई हैं।

  • खंडवा में संवेदनशील मामला: गोवंश अवशेष मिलने के बाद तनाव, जांच में जुटी पुलिस

    खंडवा में संवेदनशील मामला: गोवंश अवशेष मिलने के बाद तनाव, जांच में जुटी पुलिस


    खंडवा| खंडवा जिले के मुंदवाड़ा ग्राम पंचायत अंतर्गत बड़ियातुला गांव में गोवंश के अवशेष मिलने के बाद क्षेत्र में तनाव की स्थिति बन गई। शुक्रवार देर रात सामने आए इस मामले के बाद पुलिस और प्रशासन ने तत्काल कार्रवाई करते हुए सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी है। पुलिस ने अब तक चार आरोपियों को हिरासत में लिया है और पूरे मामले की जांच जारी है।

    जानकारी के अनुसार शुक्रवार रात करीब 11 बजे गांव के बाहर सड़क किनारे पॉलिथीन में भरे गोवंश के अवशेष फेंके जाने की सूचना मिली। इसी दौरान आसपास के गांवों के कुछ युवक मौके पर पहुंच गए। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार युवाओं को देखकर संदिग्ध लोग वहां से भाग निकले और अपनी एक बाइक मौके पर छोड़ गए।

    घटना की जानकारी मिलते ही क्षेत्र में लोगों की भीड़ जमा हो गई। आक्रोशित लोगों ने मौके पर मौजूद कुछ वाहनों में तोड़फोड़ कर दी। सूचना मिलने पर पुलिस अधिकारी और बल तत्काल मौके पर पहुंचे तथा स्थिति को नियंत्रण में लिया। पुलिस ने घटनास्थल से गोवंश के अवशेष और एक बाइक जब्त कर ली है।

    मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने रातभर जांच और तलाशी अभियान चलाया। शनिवार सुबह तड़के एफआईआर दर्ज की गई। पुलिस के अनुसार प्रारंभिक जांच में कुछ संदिग्ध व्यक्तियों की पहचान की गई है और चार आरोपियों को हिरासत में लिया गया है। उनसे पूछताछ की जा रही है ताकि घटना से जुड़े सभी तथ्यों का पता लगाया जा सके।

    पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की निष्पक्ष और विस्तृत जांच की जा रही है। जांच के आधार पर ही आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन ने लोगों से शांति बनाए रखने और किसी भी प्रकार की अफवाहों पर ध्यान न देने की अपील की है।

    घटना के बाद गांव और आसपास के क्षेत्रों में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है। संवेदनशील स्थिति को देखते हुए पुलिस लगातार निगरानी कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि कानून व्यवस्था बनाए रखना सर्वोच्च प्राथमिकता है और किसी भी तरह की अवांछित गतिविधि को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

    स्थानीय प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि मामले की जांच पूरी होने से पहले किसी भी तरह के निष्कर्ष पर पहुंचना उचित नहीं होगा। पुलिस सभी पहलुओं की जांच कर रही है और दोषी पाए जाने वाले लोगों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

    फिलहाल क्षेत्र में स्थिति नियंत्रण में बताई जा रही है, हालांकि एहतियात के तौर पर सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी गई है। प्रशासन लोगों से संयम बरतने और सामाजिक सौहार्द बनाए रखने की अपील कर रहा है।

  • खंडवा में मौसम ने ली करवट: ओंकारेश्वर-हरसूद में झमाझम बारिश, नौतपा की तपिश से मिली राहत

    खंडवा में मौसम ने ली करवट: ओंकारेश्वर-हरसूद में झमाझम बारिश, नौतपा की तपिश से मिली राहत


    खंडवा । खंडवा जिले में नौतपा के पांचवें दिन शनिवार को मौसम ने अचानक करवट ले ली। सुबह करीब साढ़े आठ बजे आसमान में बादल छा गए और तेज हवाओं के साथ ओंकारेश्वर, मोरटक्का, हरसूद, रोशनी-पटाजन और खालवा क्षेत्र में झमाझम बारिश शुरू हो गई। करीब आधे घंटे तक हुई बारिश ने पिछले कई दिनों से पड़ रही भीषण गर्मी और लू से लोगों को बड़ी राहत पहुंचाई।

    बारिश के साथ चली ठंडी हवाओं से मौसम सुहावना हो गया और तापमान में भी गिरावट महसूस की गई। नौतपा के दौरान लगातार बढ़ रही गर्मी से लोग परेशान थे, लेकिन शनिवार सुबह हुई बारिश ने जनजीवन को राहत दी। कई क्षेत्रों में लोगों ने घरों से बाहर निकलकर मौसम का आनंद लिया।

    मौसम विशेषज्ञ डॉ. सौरव गुप्ता के अनुसार यह बारिश प्री-मानसून गतिविधि का हिस्सा नहीं है, बल्कि पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव के कारण हुई है। उन्होंने बताया कि इस बदलाव से लू का असर कुछ कम जरूर हुआ है, लेकिन गर्मी का दौर अभी पूरी तरह समाप्त नहीं हुआ है। आने वाले दिनों में तापमान में धीरे-धीरे कमी दर्ज की जा सकती है।

    शुक्रवार को जिले का अधिकतम तापमान 42.1 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 24 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया था। मौसम विभाग का मानना है कि अगले कुछ दिनों तक मौसम में उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है।

    विशेषज्ञों ने लोगों को गर्मी और लू से बचाव के लिए सावधानी बरतने की सलाह दी है। दोपहर 11 बजे से शाम 4 बजे के बीच अनावश्यक रूप से बाहर निकलने से बचने, पर्याप्त मात्रा में पानी पीने और हल्के सूती कपड़े पहनने की सलाह दी गई है। साथ ही नींबू पानी, छाछ और ओआरएस जैसे पेय पदार्थों का सेवन करते रहने को कहा गया है।

    डॉक्टरों ने चेतावनी दी है कि तेज बुखार, चक्कर आना, अत्यधिक कमजोरी, उल्टी या बेहोशी जैसे लक्षण दिखाई देने पर तुरंत चिकित्सकीय सहायता लेनी चाहिए। बच्चों और बुजुर्गों का विशेष ध्यान रखने की भी सलाह दी गई है।

    बारिश के बाद जिले में मौसम फिलहाल सुहावना बना हुआ है और लोगों को नौतपा की तपिश से अस्थायी राहत मिली है। हालांकि मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि गर्मी का असर अभी पूरी तरह खत्म नहीं हुआ है, इसलिए लोगों को सतर्क रहने की आवश्यकता है।

  • खरगोन में बड़ा अग्निकांड: कपड़े, ज्वेलरी और फर्नीचर जलकर खाक, दमकल ने दो घंटे बाद पाया काबू

    खरगोन में बड़ा अग्निकांड: कपड़े, ज्वेलरी और फर्नीचर जलकर खाक, दमकल ने दो घंटे बाद पाया काबू


    खरगोन । खरगोन शहर के गायत्री मंदिर क्षेत्र स्थित एक शॉपिंग मॉल में शनिवार सुबह उस समय हड़कंप मच गया जब एक कपड़ा शोरूम से अचानक धुएं के गुबार उठते दिखाई दिए। देखते ही देखते आग ने विकराल रूप धारण कर लिया और शोरूम में रखा लाखों रुपये का सामान उसकी चपेट में आ गया। आग इतनी तेजी से फैली कि पूरे इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। सूचना मिलते ही दमकल की टीम मौके पर पहुंची और करीब दो घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया जा सका।

    जानकारी के अनुसार आग गायत्री मंदिर क्षेत्र स्थित शॉपिंग मॉल के मल्टी मार्ट कपड़ा शोरूम में लगी। सुबह के समय जब अधिकांश दुकानें बंद थीं, तभी शोरूम की ऊपरी मंजिल से धुआं निकलता दिखाई दिया। मेन रोड से गुजर रहे लोगों ने स्थिति को गंभीर देखते हुए तत्काल शोरूम संचालक अब्दुल लतीफ और नगरपालिका के फायर ब्रिगेड विभाग को सूचना दी। कुछ ही मिनटों में मौके पर लोगों की भीड़ जमा हो गई।

    प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक आग लगने का कारण अभी स्पष्ट नहीं हो सका है, लेकिन शॉर्ट सर्किट की आशंका जताई जा रही है। शोरूम संचालक अब्दुल लतीफ का कहना है कि अलसुबह किसी विद्युत खराबी के कारण आग भड़की होगी, जिसने धीरे-धीरे पूरे शोरूम को अपनी चपेट में ले लिया। आग लगते ही शोरूम में रखे रेडीमेड कपड़े, पैकिंग कार्टून, प्लास्टिक का सामान, आर्टिफिशियल ज्वेलरी, फर्नीचर और अन्य सामग्री जलने लगी। आग के साथ उठ रहे घने धुएं ने राहत कार्य को और कठिन बना दिया।

    दमकल कर्मियों के सामने सबसे बड़ी चुनौती शोरूम में प्रवेश करने की थी। भवन में इमरजेंसी गेट की व्यवस्था नहीं होने के कारण अंदर पहुंचना मुश्किल हो गया। ऐसे में दमकल दल ने जेसीबी मशीन की मदद से पहली मंजिल के कांच तोड़कर भीतर जाने का रास्ता बनाया। इसके बाद फायर फाइटर्स ने लगातार पानी की बौछार कर आग को नियंत्रित करने का प्रयास शुरू किया।

    करीब दो घंटे तक चले अभियान के दौरान दमकलकर्मियों ने आग को अन्य हिस्सों में फैलने से रोकने में सफलता हासिल की। यदि समय रहते आग पर काबू नहीं पाया जाता तो यह आसपास की दुकानों और पूरे मॉल को भी अपनी चपेट में ले सकती थी। राहत की बात यह रही कि घटना सुबह के समय हुई, जिससे किसी प्रकार की जनहानि नहीं हुई।

    प्रारंभिक अनुमान के अनुसार इस अग्निकांड में लगभग 10 लाख रुपये के नुकसान की आशंका है। शोरूम में रखा अधिकांश माल पूरी तरह जलकर राख हो गया है। घटना के बाद स्थानीय व्यापारियों ने भी भवनों में सुरक्षा मानकों और अग्निशमन व्यवस्था की समीक्षा की मांग उठाई है।

    यह हादसा एक बार फिर व्यावसायिक प्रतिष्ठानों में फायर सेफ्टी उपायों की आवश्यकता को उजागर करता है। इमरजेंसी गेट जैसी बुनियादी सुविधाओं का अभाव न केवल राहत कार्य में बाधा बनता है, बल्कि किसी बड़े हादसे की स्थिति में जान-माल का नुकसान भी बढ़ा सकता है। फिलहाल प्रशासन और फायर विभाग आग लगने के वास्तविक कारणों की जांच में जुटे हैं।

  • धार में मानसून जैसी बारिश, सड़कों पर भरा पानी; किसानों और आमजन ने ली राहत की सांस

    धार में मानसून जैसी बारिश, सड़कों पर भरा पानी; किसानों और आमजन ने ली राहत की सांस


    धार। धार शहर और आसपास के जेतपुरा क्षेत्र में शनिवार सुबह मौसम ने अचानक ऐसा करवट बदली कि लोगों को तपती गर्मी और उमस से बड़ी राहत मिल गई। सुबह करीब छह बजे आसमान पर घने काले बादल छा गए और कुछ ही देर बाद तेज हवाओं के साथ झमाझम बारिश का दौर शुरू हो गया। करीब दो घंटे तक रुक-रुककर हुई बारिश ने पूरे क्षेत्र के मौसम को पूरी तरह बदल दिया। लंबे समय से बारिश का इंतजार कर रहे लोगों के लिए यह राहत की फुहार साबित हुई।

    पिछले कई दिनों से धार जिले में भीषण गर्मी का प्रकोप जारी था। तापमान लगातार 41.6 डिग्री सेल्सियस के आसपास दर्ज किया जा रहा था। तेज धूप और उमस के कारण लोगों का घरों से निकलना मुश्किल हो गया था। दिन के समय सड़कें सूनी नजर आती थीं और लोग गर्मी से बेहाल थे। ऐसे में शनिवार सुबह अचानक बदले मौसम ने लोगों को बड़ी राहत दी।

    सुबह होते-होते आसमान में बादलों का जमावड़ा दिखाई देने लगा। तेज हवाओं के साथ मौसम में ठंडक घुलने लगी और देखते ही देखते बारिश शुरू हो गई। बारिश के दौरान कई बार बादलों की तेज गर्जना और बिजली चमकने की घटनाएं भी सामने आईं। पूरे क्षेत्र में बारिश का असर साफ दिखाई दिया और वातावरण पूरी तरह बदल गया।

    बारिश के कारण धार शहर और जेतपुरा के कई इलाकों में सड़कों तथा गलियों में पानी भर गया। कई निचले क्षेत्रों में जलभराव की स्थिति भी बन गई। हालांकि बारिश का समय अधिक लंबा नहीं रहा, लेकिन उसकी तीव्रता इतनी अधिक थी कि कुछ ही समय में सड़कें पानी से लबालब हो गईं। जगह-जगह पानी बहता दिखाई दिया और लोगों को आवागमन में भी थोड़ी परेशानी का सामना करना पड़ा।

    बारिश के बाद तापमान में उल्लेखनीय गिरावट दर्ज की गई। ठंडी हवाएं चलने लगीं और वातावरण में ताजगी महसूस होने लगी। लंबे समय से गर्मी और उमस से परेशान लोग घरों से बाहर निकल आए। शहर के पार्कों, सार्वजनिक स्थलों और सड़कों पर लोगों की आवाजाही बढ़ गई। कई लोग परिवार और दोस्तों के साथ सुहावने मौसम का आनंद लेते नजर आए।

    स्थानीय लोगों का कहना है कि यह इस सीजन की सबसे राहत देने वाली बारिश रही। गर्मी से बेहाल लोगों को मौसम के इस बदलाव ने नई ऊर्जा दी है। बारिश के बाद पूरे दिन मौसम अपेक्षाकृत ठंडा और खुशनुमा बना रहा, जिससे लोगों ने राहत की सांस ली।

    इस बारिश का फायदा किसानों को भी मिलने की उम्मीद है। किसानों ने इसे खेती के लिए शुभ संकेत बताया है। उनका कहना है कि बारिश से खेतों में नमी बढ़ेगी और आगामी खरीफ सीजन की तैयारियों में मदद मिलेगी। लंबे समय से सूखी पड़ी जमीन को इस बारिश से राहत मिली है। यदि आने वाले दिनों में भी इसी तरह मौसम अनुकूल बना रहता है तो कृषि गतिविधियों को गति मिलने की संभावना है।

    फिलहाल बारिश के बाद धार और जेतपुरा क्षेत्र में मौसम सुहावना बना हुआ है। ठंडी हवाओं और बादलों की मौजूदगी ने लोगों को गर्मी से राहत दी है, जबकि किसानों को भी बेहतर खेती की उम्मीद दिखाई देने लगी है।

  • सरदारपुर अस्पताल में सुधार की शुरुआत, बंद व्यवस्थाएं हुईं शुरू, मरीजों को मिली बड़ी राहत

    सरदारपुर अस्पताल में सुधार की शुरुआत, बंद व्यवस्थाएं हुईं शुरू, मरीजों को मिली बड़ी राहत


    धार । धार जिले के सरदारपुर सिविल अस्पताल की पहचान लंबे समय से अव्यवस्थाओं, संसाधनों की कमी और बंद पड़ी स्वास्थ्य सेवाओं के कारण बनी हुई थी। मरीजों और उनके परिजनों को बुनियादी सुविधाओं के लिए भी परेशान होना पड़ता था। लेकिन अब अस्पताल में बदलाव की एक नई तस्वीर सामने आने लगी है। प्रभारी बीएमओ डॉ. सचिन द्विवेदी के पदभार संभालने के बाद महज 9 दिनों के भीतर अस्पताल की कई महत्वपूर्ण व्यवस्थाओं में सुधार किया गया है, जिससे मरीजों और स्वास्थ्यकर्मियों दोनों को राहत मिली है।

    गर्मी के इस मौसम में अस्पताल के वार्डों में भर्ती मरीजों को सबसे अधिक परेशानी बंद पड़े कूलर और एयर कंडीशनर के कारण हो रही थी। तेज गर्मी और उमस के बीच मरीजों को इलाज के साथ-साथ असहनीय परिस्थितियों का सामना करना पड़ रहा था। अस्पताल प्रबंधन ने इस समस्या को प्राथमिकता देते हुए लंबे समय से बंद पड़े कूलर और एसी की मरम्मत करवाई और उन्हें दोबारा चालू कराया। इसके बाद वार्डों का माहौल पहले की तुलना में काफी बेहतर हुआ है और मरीजों को गर्मी से राहत मिलने लगी है।

    अस्पताल में एक और महत्वपूर्ण सुधार पॉयजन वॉश रूम के रूप में सामने आया है। अब तक पॉयजन सेवन के मामलों में चिकित्सकों को पर्याप्त सुविधाओं के अभाव में कठिनाइयों का सामना करना पड़ता था। ऐसे मामलों में समय पर और प्रभावी उपचार बेहद जरूरी होता है। इस आवश्यकता को देखते हुए अस्पताल परिसर में पॉयजन वॉश रूम तैयार किया गया है। चिकित्सकों का मानना है कि इससे विषाक्त पदार्थों के सेवन से जुड़े मरीजों के उपचार में तेजी आएगी और उपचार की गुणवत्ता भी बेहतर होगी।

    इसके साथ ही लंबे समय से बंद पड़ी रक्त संग्रहण व्यवस्था को भी फिर से शुरू कर दिया गया है। अस्पताल में रक्त संग्रहण के लिए उपयोग होने वाला फ्रिज तकनीकी खराबी के कारण लंबे समय से बंद था, जिससे रक्त संरक्षण और आपूर्ति की प्रक्रिया प्रभावित हो रही थी। अस्पताल प्रशासन ने इस तकनीकी समस्या को दूर कर फ्रिज को फिर से चालू कराया है। इससे अब जरूरतमंद और गंभीर मरीजों को समय पर रक्त उपलब्ध कराने में आसानी होगी।

    अस्पताल प्रबंधन को उम्मीद है कि आगामी दिनों में आयोजित होने वाले रक्तदान शिविरों से रक्त संग्रहण व्यवस्था और अधिक मजबूत होगी। इससे आपातकालीन परिस्थितियों में मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं मिल सकेंगी और उन्हें अन्य स्थानों पर भटकना नहीं पड़ेगा।

    प्रभारी बीएमओ डॉ. सचिन द्विवेदी ने बताया कि अस्पताल में उपलब्ध संसाधनों का अधिकतम उपयोग कर मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं देने का प्रयास किया जा रहा है। उनका कहना है कि यह केवल शुरुआत है और आने वाले समय में अस्पताल की अन्य व्यवस्थाओं में भी लगातार सुधार किए जाएंगे। अस्पताल प्रशासन का लक्ष्य है कि क्षेत्र के लोगों को गुणवत्तापूर्ण और सुलभ स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराई जा सकें।

    सरदारपुर सिविल अस्पताल में हुए इन बदलावों ने यह संकेत दिया है कि इच्छाशक्ति और प्रभावी प्रबंधन के जरिए सीमित संसाधनों में भी स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाया जा सकता है। स्थानीय लोगों और मरीजों ने भी इन सुधारों का स्वागत किया है और उम्मीद जताई है कि अस्पताल में सुधार का यह सिलसिला आगे भी जारी रहेगा।

  • 100 फीट तक बेकाबू दौड़ी कार, सामने से आ रही बाइक को रौंदा; दो की मौके पर मौत

    100 फीट तक बेकाबू दौड़ी कार, सामने से आ रही बाइक को रौंदा; दो की मौके पर मौत


    देवास । देवास जिले के शिप्रा बायपास स्थित रूपाखेड़ी रेलवे ब्रिज पर शनिवार सुबह एक दर्दनाक सड़क हादसे ने पूरे क्षेत्र को झकझोर कर रख दिया। तेज रफ्तार कार के अनियंत्रित होकर दूसरी लेन में पहुंच जाने से बाइक सवार दो लोगों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि एक युवक गंभीर रूप से घायल हो गया। हादसे के बाद क्षेत्र में भारी आक्रोश फैल गया और ग्रामीणों ने सड़क की खामियों तथा राहत कार्य में देरी का आरोप लगाते हुए करीब दो घंटे तक चक्काजाम कर विरोध प्रदर्शन किया।

    जानकारी के अनुसार नायता पुवाल्डा निवासी हैदर, अंसार और इमरान शनिवार सुबह रोज की तरह इंदौर काम पर जाने के लिए बाइक से निकले थे। तीनों मोटर निकालने का काम करते हैं और रोजगार के सिलसिले में इंदौर जा रहे थे। सुबह करीब साढ़े आठ बजे जब वे रूपाखेड़ी रेलवे ब्रिज से गुजर रहे थे, तभी इंदौर की ओर से आ रही एक तेज रफ्तार कार अचानक अनियंत्रित हो गई।

    प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक रेलवे ब्रिज पर सड़क की सतह कई जगह ऊंची-नीची है। इसी वजह से कार चालक वाहन पर नियंत्रण खो बैठा। कार करीब 100 फीट तक बेकाबू हालत में दौड़ती रही और फिर डिवाइडर पार कर दूसरी लेन में पहुंच गई। सामने से आ रही बाइक को कार ने इतनी जोरदार टक्कर मारी कि हादसे की भयावहता देखकर मौके पर मौजूद लोग सन्न रह गए।

    टक्कर इतनी भीषण थी कि बाइक सवार हैदर उछलकर रेलवे ब्रिज से लगभग 50 फीट नीचे जा गिरा। अंसार और इमरान भी गंभीर रूप से घायल हो गए। हादसे में दोनों के शरीर पर गंभीर चोटें आईं और एक-एक पैर तक कटकर नीचे जा गिरा। हैदर और अंसार ने मौके पर ही दम तोड़ दिया, जबकि गंभीर रूप से घायल इमरान को प्राथमिक उपचार के बाद इंदौर रेफर किया गया, जहां उसका इलाज जारी है।

    घटना के बाद बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर पहुंच गए। लोगों का आरोप था कि दुर्घटना के काफी समय बाद तक एंबुलेंस और राहत दल नहीं पहुंचे। मजबूरी में घायलों और मृतकों को निजी वाहनों तथा ट्रैक्टर-ट्रॉली की मदद से जिला अस्पताल पहुंचाना पड़ा। इसी बात को लेकर ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा और उन्होंने सड़क पर चक्काजाम कर दिया।

    चक्काजाम के कारण सड़क के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं और यातायात पूरी तरह प्रभावित हो गया। सूचना मिलने पर एसडीएम अभिषेक शर्मा, ट्रैफिक डीएसपी, सीएसपी सुमित अग्रवाल सहित कई अधिकारी मौके पर पहुंचे। बाद में स्थानीय विधायक मनोज चौधरी ने भी ग्रामीणों से चर्चा की और उनकी मांगों को सुनते हुए सड़क की तकनीकी खामियों की जांच कराने तथा आवश्यक कार्रवाई का आश्वासन दिया। इसके बाद ग्रामीणों ने जाम समाप्त कर दिया।

    हादसे के बाद एक बार फिर रूपाखेड़ी रेलवे ब्रिज की सड़क गुणवत्ता को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं। ग्रामीणों और सामाजिक कार्यकर्ताओं का कहना है कि सड़क की ऊंची-नीची सतह के कारण यहां पहले भी कई दुर्घटनाएं हो चुकी हैं। उनका आरोप है कि जिम्मेदार एजेंसियों ने समस्या को गंभीरता से नहीं लिया, जिसका खामियाजा अब लोगों को अपनी जान देकर भुगतना पड़ रहा है।

    पुलिस ने दुर्घटना का मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। वहीं प्रशासन ने सड़क की स्थिति की समीक्षा कर आवश्यक सुधार कार्य कराने का भरोसा दिया है। लेकिन दो परिवारों के लिए यह हादसा ऐसा जख्म बन गया है, जिसकी भरपाई शायद कभी नहीं हो सकेगी।

  • बार-बार ट्रांसफार्मर फॉल्ट से परेशान जनता का विरोध, सड़क पर बैठकर किया हनुमान चालीसा पाठ

    बार-बार ट्रांसफार्मर फॉल्ट से परेशान जनता का विरोध, सड़क पर बैठकर किया हनुमान चालीसा पाठ


    देवास । देवास के जमुना नगर और आवास नगर क्षेत्र में लगातार हो रही बिजली कटौती ने आखिरकार लोगों के सब्र का बांध तोड़ दिया। शुक्रवार रात क्षेत्र के सैकड़ों महिला-पुरुष सड़क पर उतर आए और मक्सी रोड पर चक्काजाम कर बिजली विभाग और प्रशासन के खिलाफ अपना आक्रोश जताया। करीब आधे घंटे तक चले इस विरोध प्रदर्शन के दौरान लोगों ने सड़क पर बैठकर हनुमान चालीसा का पाठ किया और बिजली समस्या के स्थायी समाधान की मांग उठाई।

    रहवासियों का कहना है कि क्षेत्र में बिजली आपूर्ति लंबे समय से अव्यवस्थित बनी हुई है। इलाके में लगे ट्रांसफार्मर में बार-बार फॉल्ट आने के कारण घंटों बिजली गुल रहती है। भीषण गर्मी के बीच लगातार बिजली कटौती ने लोगों का जीवन प्रभावित कर दिया है। बच्चों की पढ़ाई से लेकर घरेलू कामकाज तक प्रभावित हो रहे हैं, लेकिन समस्या का समाधान करने के बजाय केवल अस्थायी मरम्मत कर काम चलाया जा रहा है।

    शुक्रवार रात जब एक बार फिर बिजली आपूर्ति बाधित हुई तो लोगों का गुस्सा फूट पड़ा। बड़ी संख्या में महिलाएं, बुजुर्ग और युवा मक्सी रोड पर पहुंच गए और सड़क पर बैठकर विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। प्रदर्शन के दौरान लोगों ने धार्मिक तरीके से अपनी नाराजगी व्यक्त करते हुए सामूहिक रूप से हनुमान चालीसा का पाठ किया। इससे पूरे क्षेत्र का माहौल अनोखा लेकिन विरोधपूर्ण नजर आया।

    चक्काजाम के कारण मक्सी रोड पर दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं और यातायात प्रभावित हो गया। सूचना मिलते ही प्रशासन सक्रिय हुआ। नायब तहसीलदार कपिल गुर्जर सहित अन्य अधिकारी मौके पर पहुंचे और प्रदर्शनकारियों से चर्चा की। अधिकारियों ने लोगों की समस्याएं सुनीं और जल्द ही स्थायी समाधान के लिए आवश्यक कदम उठाने का आश्वासन दिया।

    स्थानीय रहवासी कविता बाई ने बताया कि ट्रांसफार्मर की समस्या कोई नई नहीं है। कई बार शिकायत करने के बावजूद विभाग केवल अस्थायी मरम्मत करता है, जिससे कुछ समय बाद फिर वही स्थिति बन जाती है। उनका कहना है कि क्षेत्र के लोगों को अब स्थायी समाधान चाहिए, क्योंकि बार-बार बिजली गुल होने से जनजीवन पूरी तरह प्रभावित हो रहा है।

    इधर बिजली कंपनी के कर्मचारी भी मौके पर पहुंचे और ट्रांसफार्मर को सुधारने का प्रयास किया। लेकिन मरम्मत कार्य के दौरान ही दोबारा फॉल्ट आने से समस्या की गंभीरता उजागर हो गई। इससे लोगों का आक्रोश और बढ़ गया। हालांकि प्रशासनिक अधिकारियों के समझाने और समाधान के भरोसे के बाद लोगों ने चक्काजाम समाप्त कर दिया और यातायात फिर से सामान्य हो सका।

    रहवासियों ने साफ चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही ट्रांसफार्मर और बिजली आपूर्ति की समस्या का स्थायी समाधान नहीं किया गया तो वे दोबारा बड़े स्तर पर आंदोलन करने के लिए मजबूर होंगे। फिलहाल प्रशासन के आश्वासन के बाद स्थिति सामान्य है, लेकिन क्षेत्रवासियों की नजर अब वादों के अमल पर टिकी हुई है।