Category: Madhya Pradesh

  • जबलपुर में शराब दुकान के बाहर धरना और 60 हजार की मांग का आरोप कांग्रेस ब्लॉक अध्यक्ष पर केस दर्ज

    जबलपुर में शराब दुकान के बाहर धरना और 60 हजार की मांग का आरोप कांग्रेस ब्लॉक अध्यक्ष पर केस दर्ज


    जबलपुर । जबलपुर में शराब दुकान को लेकर शुरू हुआ विवाद अब पुलिस तक पहुंच गया है। धनवंतरी नगर क्षेत्रJabalpur News, Congress Leader FIR, Liquor Shop Dispute, Abhishek Pathak, Madhya Pradesh News की शराब दुकानों के संचालक की शिकायत पर गढ़ा पुलिस ने कांग्रेस के ब्लॉक अध्यक्ष अभिषेक पाठक के खिलाफ FIR दर्ज की है। शिकायतकर्ता निखिल सोनी ने आरोप लगाया है कि उनसे तीन शराब दुकानों के लिए कुल 60 हजार रुपए प्रतिमाह मांगे जा रहे थे। रकम देने से इनकार करने के बाद दुकान के सामने धरना प्रदर्शन किया गया और दुकान बंद कराने की धमकी देने का आरोप भी लगाया गया है। पुलिस ने 22 सितंबर को मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

    शराब दुकान संचालक का आरोप है कि पिछले करीब तीन वर्षों से अलग अलग मौकों पर प्रतिमाह 20 हजार रुपए दिए जाते थे। शिकायत के मुताबिक अब तीनों दुकानों के लिए अलग अलग 20 हजार रुपए मांगे गए जिससे कुल रकम 60 हजार रुपए हो जाती है। संचालक का कहना है कि जब उन्होंने यह रकम देने से इनकार किया तो अभिषेक पाठक अपने साथियों के साथ शराब दुकान के सामने पहुंच गए और धरना प्रदर्शन किया। इस दौरान दुकानों से अवैध और नकली शराब बिक्री किए जाने जैसे आरोप भी लगाए गए।

    शिकायतकर्ता ने यह भी आरोप लगाया है कि रकम नहीं देने पर दुकान बंद कराने और कारोबार को नुकसान पहुंचाने की धमकी दी गई। इसी विवाद के बीच सोशल मीडिया पर एक कथित AI वीडियो भी वायरल होने की बात सामने आई है। दुकान संचालक का आरोप है कि रकम की मांग पूरी नहीं होने पर शराब की गलत बिक्री से जुड़ा आरोप लगाते हुए यह वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल किया गया। पुलिस अब वीडियो के स्रोत और उसकी वास्तविकता की जांच करेगी।

    मामले में करीब एक मिनट 32 सेकेंड का एक ऑडियो भी सोशल मीडिया पर चर्चा में है। शिकायतकर्ता का दावा है कि इस ऑडियो में प्रति दुकान 20 हजार रुपए की रकम को लेकर बातचीत सुनाई देती है। इसमें 40 हजार रुपए भेजने और बाकी रकम बाद में देने की बात होने का भी दावा किया जा रहा है। हालांकि ऑडियो असली है या उसमें किसी तरह की काट छांट या एडिटिंग की गई है इसकी पुष्टि पुलिस जांच के बाद ही हो सकेगी।

    वहीं कांग्रेस नेता अभिषेक पाठक ने अपने ऊपर लगाए गए आरोपों को खारिज किया है। उनका कहना है कि वायरल ऑडियो को काट छांटकर पेश किया गया है। पाठक के मुताबिक ऑडियो में 40 हजार रुपए की जो चर्चा है वह शराब दुकान के किराए को लेकर थी और इसका किसी तरह की अवैध वसूली से संबंध नहीं है। उन्होंने दावा किया कि दुकान संचालक किराए की पूरी रकम नहीं दे रहे थे और इसी को लेकर बातचीत हुई थी।

    पुलिस ने अभिषेक पाठक के खिलाफ BNS की धारा 308(2) और 351(2) के तहत FIR दर्ज की है। FIR में घटना की अवधि 25 अप्रैल से 22 सितंबर 2026 तक बताई गई है। अब पुलिस शिकायतकर्ता के बयान के साथ कथित ऑडियो और वीडियो तथा दूसरे डिजिटल साक्ष्यों की जांच करेगी। फिलहाल FIR दर्ज होना आरोपों के साबित होने के बराबर नहीं है। मामले में आरोपों की वास्तविकता और घटनाक्रम से जुड़े तथ्य पुलिस जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होंगे।

  • बिजली कटौती से परेशान ग्रामीण पहुंचे विधायक के घर बातचीत में बढ़ा विवाद दादागिरी वाले बयान पर चर्चा

    बिजली कटौती से परेशान ग्रामीण पहुंचे विधायक के घर बातचीत में बढ़ा विवाद दादागिरी वाले बयान पर चर्चा


    शिवपुरी । शिवपुरी जिले के करैरा क्षेत्र में बिजली कटौती की समस्या को लेकर ग्रामीणों और विधायक रमेश प्रसाद खटीक के बीच हुई बातचीत का वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आने के बाद मामला चर्चा में है। बताया जा रहा है कि वायरल वीडियो रात के समय मंगरौनी स्थित विधायक के घर का है। बिलौनी गांव के ग्रामीण सरपंच बालकिशन जाटव के साथ बिजली की समस्या को लेकर विधायक के घर पहुंचे थे। ग्रामीणों का कहना था कि गांव में लगातार बिजली की समस्या के कारण पानी की सप्लाई प्रभावित हो रही है और लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

    सरपंच बालकिशन जाटव के मुताबिक गांव में बिजली कनेक्शन कटने के कारण पंचायत की पानी व्यवस्था भी प्रभावित हो रही थी। उनका कहना है कि पंचायत की ओर से बिजली कंपनी में करीब 50 हजार रुपये की राशि जमा की गई थी इसके बावजूद कनेक्शन काट दिया गया। इसी समस्या के समाधान के लिए ग्रामीण रात में विधायक के घर पहुंचे। ग्रामीणों के अचानक घर पहुंचने पर विधायक ने रात के समय आने को लेकर नाराजगी जताई। इसके बाद बिजली कनेक्शन और गांव की समस्या को लेकर बातचीत शुरू हुई जो कुछ ही देर में बहस में बदल गई।

    वायरल वीडियो में विधायक और ग्रामीणों के बीच तीखी बातचीत सुनाई दे रही है। वीडियो में एक ग्रामीण वापस जाने की बात करता नजर आता है। इसी दौरान विधायक उसे अपने पास बुलाते हुए कहते सुनाई देते हैं कि इधर आ तू यहां दादागिरी बता रहा है क्या। बातचीत का यह हिस्सा वीडियो में रिकॉर्ड हो गया और सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद लोगों का ध्यान इस पूरे मामले की ओर गया। वीडियो बनाने वाला व्यक्ति भी घटनाक्रम के दौरान मौके पर मौजूद दिखाई दे रहा है।

    ग्रामीणों का कहना है कि उनका उद्देश्य किसी तरह का विवाद खड़ा करना नहीं था बल्कि गांव में बिजली की समस्या को लेकर समाधान मांगना था। उनके अनुसार बिजली कटौती का सीधा असर पानी की व्यवस्था पर पड़ रहा था जिसके कारण ग्रामीण परेशान थे। इसी वजह से सरपंच के साथ ग्रामीण विधायक से मदद मांगने पहुंचे थे।

    दूसरी ओर विधायक रमेश प्रसाद खटीक ने कहा कि ग्रामीणों की समस्या सामने आने के बाद उन्होंने बिजली विभाग के जेई से बात की। इसके बाद रात में ही बिलौनी गांव का बिजली कनेक्शन जोड़ दिया गया। यानी जिस समस्या को लेकर ग्रामीण विधायक के घर पहुंचे थे उसका समाधान बातचीत के बाद उसी रात कराए जाने की बात विधायक और सरपंच दोनों ने कही है।

    विधायक ने घर में लगे सीसीटीवी कैमरों का भी जिक्र किया है। उनका कहना है कि रात के समय हुई पूरी घटना घर में लगे कैमरों में रिकॉर्ड हुई है। उन्होंने चौकी प्रभारी को बुलाकर सीसीटीवी फुटेज निकलवाने की बात भी कही है। विधायक की ओर से यह आरोप भी लगाया गया कि ग्रामीणों में कुछ लोग शराब के नशे में थे और कुछ लोग राजनीतिक साजिश के तहत उनके घर पहुंचे थे। हालांकि इन आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है।

    फिलहाल इस मामले में वायरल वीडियो के सामने आने के बाद बिजली समस्या से ज्यादा ग्रामीणों और विधायक के बीच हुई बातचीत चर्चा का विषय बनी हुई है। एक तरफ ग्रामीण बिजली कटौती और पानी की परेशानी का मुद्दा उठा रहे हैं तो दूसरी तरफ विधायक ने रात में घर पहुंचने और घटनाक्रम को लेकर अपनी आपत्ति जताई है। अब सीसीटीवी फुटेज सामने आने और पूरे घटनाक्रम की परिस्थितियां स्पष्ट होने के बाद ही विवाद की पूरी तस्वीर सामने आ सकेगी।

  • धधकती धूनी में सोना चांदी और 1.51 लाख किलो सामग्री जानिए दादा धूनी दरबार के महायज्ञ की कहानी

    धधकती धूनी में सोना चांदी और 1.51 लाख किलो सामग्री जानिए दादा धूनी दरबार के महायज्ञ की कहानी


    रायसेन  । मध्य प्रदेश के रायसेन जिले के उदयपुरा स्थित दादा धूनी दरबार में हुआ 51 दिवसीय महायज्ञ इन दिनों चर्चा का विषय बना हुआ है। धार्मिक आयोजन की खासियत इसकी लंबी अवधि के साथ साथ इसमें अर्पित की गई विशाल मात्रा में हवन सामग्री और सोने चांदी के आभूषण बताए जा रहे हैं। आयोजकों के अनुसार इस महायज्ञ में करीब 1 लाख 51 हजार किलो सामग्री धूनी में अर्पित की गई। इसमें फल फूल मिठाई कपड़े और 251 प्रकार की जड़ी बूटियां शामिल थीं। इसके अलावा करीब डेढ़ किलो सोना और 4 से 5 किलो चांदी के आभूषण भी धूनी में अर्पित किए जाने का दावा किया गया है।

    यह धार्मिक अनुष्ठान 29 जुलाई 2026 को गुरु पूर्णिमा के अवसर पर शुरू हुआ था और 17 सितंबर तक चला। 51 दिनों तक चले इस आयोजन में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की बात कही गई है। आयोजन से जुड़े संत शिवानंद महाराज के अनुसार यहां लगातार धार्मिक अनुष्ठान के साथ श्रद्धालुओं के लिए प्रसादी की व्यवस्था भी की गई। बताया गया कि कई अवसरों पर भक्तों के लिए 24 घंटे भंडारे की व्यवस्था रही।

    महायज्ञ में सबसे ज्यादा चर्चा सोने और चांदी की आहुति को लेकर हो रही है। संत शिवानंद महाराज के अनुसार श्रद्धालुओं की ओर से अर्पित किए गए सोने और चांदी के आभूषणों को धूनी में समर्पित किया गया। उनकी मान्यता के मुताबिक धूनी को मां नर्मदा के स्वरूप के तौर पर देखा जाता है और सोना चांदी तथा अन्य सामग्री इसमें श्रृंगार और श्रद्धा के रूप में अर्पित की जाती है। उनका कहना है कि धूनी में अर्पित सामग्री से बनी भस्म को बाद में मां नर्मदा में विसर्जित किया जाता है। इन धार्मिक मान्यताओं और सामग्री की मात्रा से जुड़े दावों की स्वतंत्र पुष्टि उपलब्ध रिपोर्टों में नहीं हुई है।

    इस आयोजन की एक और खास बात 251 प्रकार की जड़ी बूटियों का इस्तेमाल बताया गया है। आयोजकों के मुताबिक फल फूल मिठाई वस्त्र और अन्य सामग्री के साथ इन जड़ी बूटियों को भी यज्ञ में अर्पित किया गया। इतनी बड़ी मात्रा में सामग्री के इस्तेमाल के कारण यह आयोजन अपने विशाल स्वरूप को लेकर भी चर्चा में आया है।

    संत शिवानंद महाराज ने आयोजन को लेकर किसी व्यक्ति या संस्था से चंदा अथवा आर्थिक सहयोग नहीं लेने का दावा किया है। उनका कहना है कि यह पूरा आयोजन दादा धूनी वाले महाराज और मां नर्मदा की कृपा से संपन्न हुआ। उन्होंने इसी आयोजन को लेकर एक चुनौती भी दी है। उनके मुताबिक यदि दुनिया में कोई व्यक्ति या संस्था इसी तरह का आयोजन कराकर दिखाती है तो वह उसे 21 करोड़ रुपये का नकद पुरस्कार देंगे।

    महायज्ञ के बाद अब 21 दिनों का विशेष नर्मदा संकीर्तन चल रहा है जो 8 अक्टूबर तक जारी रहने की जानकारी सामने आई है। आयोजन से जुड़े लोगों के अनुसार धार्मिक गतिविधियां और भंडारे भी इस दौरान जारी रहेंगे। संत शिवानंद महाराज को इस आयोजन के लिए इंटरनेशनल बुक ऑफ रिकॉर्ड्स का प्रमाण पत्र मिलने की बात भी रिपोर्टों में कही गई है। हालांकि रिकॉर्ड से जुड़े दावे की स्वतंत्र पुष्टि उपलब्ध स्रोतों में नहीं हुई है।

    दादा धूनी दरबार का यह आयोजन इसलिए भी लोगों का ध्यान खींच रहा है क्योंकि इसमें धार्मिक आस्था के साथ बड़ी मात्रा में सामग्री अर्पित किए जाने की बात सामने आई है। सोना चांदी जड़ी बूटियां और हजारों क्विंटल अन्य सामग्री को लेकर किए गए दावे ने इस महायज्ञ को चर्चा में ला दिया है। श्रद्धालुओं के लिए यह आयोजन आस्था और धार्मिक परंपरा से जुड़ा विषय है जबकि इसके अलग अलग दावों को आयोजकों के कथन के रूप में ही देखा जाना चाहिए।

  • MP: सागर जहरीली शराब कांड के एक और आरोपी मनीष लोधी का शार्ट एनकाउंटर, पुलिस ने किया गिरफ्तार…

    MP: सागर जहरीली शराब कांड के एक और आरोपी मनीष लोधी का शार्ट एनकाउंटर, पुलिस ने किया गिरफ्तार…


    सागर।
    मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) के सागर जिले (Sagar district) के बंडा में हुए जहरीली शराब कांड (Spurious liquor) में पुलिस को एक बड़ी कामयाबी मिली है. इस मामले के मुख्य आरोपियों में शामिल मनीष लोधी (Manish Lodhi) उर्फ यशवंत ठाकुर को पुलिस ने मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार कर लिया है. मनीष लोधी पर 30 हजार रुपये का इनाम रखा गया था. उसके साथ आशीष साहू नाम के एक अन्य आरोपी को भी पुलिस ने हिरासत में लिया है. यह पूरी घटना मालथौन थाना क्षेत्र के नोनिया सेसई रोड घाटी पर हुई, जहां पुलिस और आरोपियों के बीच सीधी मुठभेड़ हुई।

    पुलिस के मुताबिक जब टीम आरोपियों को पकड़ने पहुंची तो दोनों तरफ से गोलीबारी की नौबत आ गई. इस दौरान मनीष लोधी के पैर में गोली लगी और वह घायल हो गया. वहीं पुलिस से बचकर भागने की कोशिश में उसका साथी आशीष साहू भी घायल हो गया. मुठभेड़ के बाद पुलिस ने मौके की तलाशी ली, जिसमें दो देशी कट्टे, पांच खाली राउंड और एक बेसबॉल डंडा बरामद किया गया है. दोनों घायल आरोपियों को इलाज के लिए तुरंत अस्पताल ले जाया गया है।

    पुलिस अधिकारियों ने बताया कि बंडा जहरीली शराब मामले में यह पुलिस की तीसरी मुठभेड़ है. इससे पहले भी इस मामले से जुड़े आरोपियों को पकड़ने के लिए पुलिस कई बार मुठभेड़ कर चुकी है. मनीष लोधी को इस पूरे कांड का मुख्य किरदार माना जा रहा है, इसी वजह से पुलिस उसे पकड़ने के लिए लगातार कोशिश कर रही थी. अब गिरफ्तारी के बाद पुलिस उससे पूछताछ करेगी ताकि पूरे मामले की तह तक पहुंचा जा सके।

    पुलिस अभी भी अवैध शराब के इस पूरे नेटवर्क की जांच में जुटी हुई है. जांच एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि इस नेटवर्क में और कौन-कौन लोग शामिल हैं और हर आरोपी की क्या भूमिका रही है. आने वाले दिनों में इस मामले में और गिरफ्तारियां हो सकती हैं. लोगों में इस मामले को लेकर काफी गुस्सा और चर्चा बनी हुई है, क्योंकि जहरीली शराब से कई लोगों की जान को खतरा हुआ था।

  • 395 जगह ट्रैफिक में रोड़ा बनी छोटी-बड़ी बाधाएं: इंदौर में 66 अतिक्रमण हटेंगे, 16 पेड़ शिफ्ट होंगे और संकरे लेफ्ट टर्न होंगे चौड़े

    395 जगह ट्रैफिक में रोड़ा बनी छोटी-बड़ी बाधाएं: इंदौर में 66 अतिक्रमण हटेंगे, 16 पेड़ शिफ्ट होंगे और संकरे लेफ्ट टर्न होंगे चौड़े


    इंदौर । इंदौर शहर में ट्रैफिक जाम की समस्या से राहत दिलाने के लिए नगर निगम ने सड़कों पर मौजूद छोटी से लेकर बड़ी बाधाओं का सर्वे कराया है। निगम के 22 जोन में किए गए सर्वे के दौरान कुल 395 ऐसे स्थान सामने आए हैं जहां सड़क पर मौजूद अलग अलग रुकावटों के कारण वाहनों की रफ्तार प्रभावित हो रही है। इनमें बिजली के पोल और डीपी से लेकर ऊंचे नीचे चैंबर खराब सड़क अतिक्रमण और बेतरतीब पार्किंग जैसी समस्याएं शामिल हैं। निगम ने इन स्थानों पर सुधार के लिए कार्रवाई शुरू कर दी है। अधिकारियों के मुताबिक 93 स्थानों पर काम शुरू हो चुका है जबकि 197 जगह मामूली सुधार कर यातायात व्यवस्था को बेहतर किया जाएगा।

    सर्वे में सामने आया है कि कई स्थानों पर सड़क की चौड़ाई कम होने या लेफ्ट टर्न संकरा होने के कारण वाहनों को निकलने में परेशानी होती है। ऐसे स्थानों पर सड़क की संरचना में जरूरी बदलाव करने के साथ बिजली के पोल भी दूसरी जगह शिफ्ट किए जाएंगे। कुल 51 स्थानों पर बिजली के पोल हटाने या शिफ्ट करने की जरूरत बताई गई है। वहीं 66 जगह अस्थायी अतिक्रमण को यातायात में बाधा माना गया है। इन स्थानों से अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई प्रस्तावित है। इसके अलावा 65 स्थानों पर सिविल वर्क किए जाने की जरूरत सामने आई है।

    निगम के सर्वे में पेड़ों को लेकर भी कई स्थान चिन्हित किए गए हैं। कुल 16 पेड़ों को हटाने या दूसरी जगह शिफ्ट करने की जरूरत बताई गई है। अहिल्या नगर में सड़क के लिए बाधक दो पेड़ों को दूसरी जगह लगाया जाएगा। मदन मोहन मालवीय चौराहे की रोटरी में मौजूद पेड़ को भी शिफ्ट करने की योजना है। शिवाजी नगर रोड पर तुलजा भवानी मंदिर और पंचमुखी हनुमान मंदिर के पास यातायात में बाधक पेड़ों को हटाया जाएगा। इसी तरह सुभाष मार्ग रामबाग क्षेत्र में सड़क की चौड़ाई में बाधक पुराने पेड़ों को विस्थापित करने की योजना बनाई गई है।

    मारुति नगर चौराहे पर संकरे लेफ्ट टर्न की समस्या सामने आई है। यहां लेफ्ट टर्न चौड़ा करने के साथ बिजली के पोल शिफ्ट किए जाएंगे। उज्जैन नाका पर भी तीन बिजली के पोल लेफ्ट टर्न को संकरा कर रहे हैं। यहां भी टर्न चौड़ा करने और पोल हटाने की योजना है। राजेंद्र नगर ब्रिज के पास एबी रोड की ओर जाने वाले लेफ्ट टर्न पर बिजली का पोल और ट्रैफिक बोर्ड बाधा बन रहे हैं। दोनों को शिफ्ट करने का प्रस्ताव है।

    कुछ जगहों पर सड़क की स्थिति और ड्रेनेज से जुड़ी समस्याएं भी सामने आई हैं। मेघदूत गार्डन के पास ऊंचा ड्रेनेज चैंबर पानी की निकासी में परेशानी पैदा कर रहा है। यहां पेवर ब्लॉक हटाकर सड़क का लेवल सुधारा जाएगा। जवाहर मार्ग पर कुल्फी की दुकान के पास सड़क से नीचे धंसा चैंबर भी यातायात में बाधा बन रहा है। ऐसे स्थानों पर सड़क और चैंबर के स्तर को व्यवस्थित करने की जरूरत बताई गई है।

    पार्किंग भी कई इलाकों में जाम का कारण बन रही है। कलश चौराहे पर मिठाई की दुकान के पास सड़क किनारे वाहन खड़े होने से यातायात प्रभावित होता है। राखोड़ी धर्मशाला क्षेत्र में दो बैंक कार्यालय होने के कारण नियमित पार्किंग की समस्या है। सियागंज में सड़क पर ऑटो की पार्किंग को यातायात बाधा माना गया है जबकि रेलवे स्टेशन के बाहर भी ऑटो की बेतरतीब पार्किंग की समस्या सामने आई है। दोनों स्थानों पर पार्किंग व्यवस्था तय करने की योजना है।

    द्वारकापुरी में फुटपाथ पर दुकानदारों के अतिक्रमण के कारण सड़क संकरी हो रही है। यहां फुटपाथ से अतिक्रमण हटाया जाएगा। गौरी नगर में होटल के पास बिजली का खंभा सड़क पर यातायात में बाधक है और इसे हटाने के लिए एमपीईबी को पत्र लिखा गया है। बाणगंगा जय हिंद नगर मेन रोड पर भी सड़क के अतिक्रमण को बाधा के रूप में चिन्हित किया गया है।

    निगमायुक्त क्षितिज सिंघल के मुताबिक शहर में 395 ऐसे स्थान चिह्नित किए गए हैं जहां सुधार होने से ट्रैफिक जाम की समस्या कम हो सकती है। अधिकारियों को इन स्थानों पर जरूरी सुधार करने के निर्देश दिए गए हैं। अब अलग अलग स्थानों पर अतिक्रमण हटाने पोल शिफ्ट करने सड़क सुधारने और पार्किंग व्यवस्था दुरुस्त करने की कार्रवाई के जरिए यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाने की कोशिश की जाएगी।

  • खाने-पीने की चीजों पर प्रशासन की नजर: भोपाल में होटल-रेस्टोरेंट और Blinkit की जांच, ब्रेड-बेसन से लेकर पनीर तक के सैंपल लिए

    खाने-पीने की चीजों पर प्रशासन की नजर: भोपाल में होटल-रेस्टोरेंट और Blinkit की जांच, ब्रेड-बेसन से लेकर पनीर तक के सैंपल लिए


    भोपाल । भोपाल में खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता और सुरक्षा को लेकर खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग की कार्रवाई लगातार जारी है। मंगलवार को विभाग की टीम ने शहर के होटल रेस्टोरेंट और ऑनलाइन ग्रॉसरी स्टोर में पहुंचकर खाद्य सामग्री की जांच की। इस दौरान रानी कमलापति रेलवे स्टेशन के सामने स्थित होटल शुभ इन एमपी नगर जोन एक के मिलन रेस्टोरेंट एवं कैटरिंग और नेहरू नगर स्थित ब्लिंकिट की व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया गया। जांच के दौरान अलग अलग प्रतिष्ठानों में खाद्य सामग्री के भंडारण साफ सफाई लेबलिंग और अन्य खाद्य सुरक्षा मानकों को देखा गया। कई जगह व्यवस्थाएं नियमों के अनुरूप मिलीं तो कुछ कमियां भी सामने आईं। विभाग की टीम ने खाद्य पदार्थों के नमूने लेकर उन्हें जांच के लिए भेजा है।

    होटल शुभ इन में टीम ने खाद्य पदार्थों के स्टोरेज के साथ सैनिटरी और हाइजीनिक कंडीशन की जांच की। निरीक्षण के दौरान अधिकांश व्यवस्थाएं निर्धारित मानकों के अनुसार मिलीं लेकिन कुछ बिंदुओं पर सुधार की जरूरत सामने आई। टीम ने डस्टबिन की व्यवस्था कर्मचारियों के मेडिकल चेकअप और मेडिकल प्रमाण पत्र पेयजल की पोटेबिलिटी रिपोर्ट तथा पेस्ट कंट्रोल से जुड़े दस्तावेज और व्यवस्थाओं को देखा। इनमें कुछ कमियां पाई गईं। होटल मैनेजर दिलीप जायसवाल की मौजूदगी में टीम ने सैंडविच ब्रेड और बेसन के नमूने लिए। इन नमूनों को खाद्य गुणवत्ता की जांच के लिए भेजा जाएगा।

    इसके बाद खाद्य सुरक्षा टीम एमपी नगर जोन एक स्थित मिलन रेस्टोरेंट एवं कैटरिंग पहुंची। यहां खाद्य पदार्थ तैयार करने की जगह किचन और स्टोरेज एरिया का निरीक्षण किया गया। टीम ने खाद्य सामग्री की गुणवत्ता जांचने के लिए खड़ी मिर्च लाल सोयाबीन तेल पिसा धनिया पाउडर समोसा और बटर पनीर के नमूने लिए। निरीक्षण के दौरान पेस्ट कंट्रोल कर्मचारियों के मेडिकल चेकअप और साफ सफाई से संबंधित कुछ कमियां मिलीं। इन कमियों को लेकर प्रतिष्ठान को नोटिस जारी किया गया है। विभाग की कार्रवाई का उद्देश्य खाद्य कारोबारियों को तय सुरक्षा मानकों का पालन कराने के साथ उपभोक्ताओं तक सुरक्षित खाद्य सामग्री पहुंचाना है।

    नेहरू नगर स्थित ब्लिंकिट के स्टोर की भी खाद्य सुरक्षा टीम ने विस्तृत जांच की। यहां खाद्य पदार्थों के भंडारण की व्यवस्था के साथ पैकेट पर लेबलिंग और खाद्य सुरक्षा से जुड़े मानकों को देखा गया। जांच के दौरान खाद्य पदार्थों के तीन पैकेट एक्सपायर पाए गए। इसके अलावा कुछ पनीर और गुलाब जामुन के पैकेट में लेबलिंग और ब्रांडिंग से जुड़ी अनियमितताएं भी सामने आईं। टीम ने यहां से तीन खाद्य नमूने भी लिए हैं। एक्सपायर्ड खाद्य सामग्री मिलने के बाद विभाग की ओर से मामले को नियमानुसार देखा जा रहा है।

    इससे एक दिन पहले सोमवार रात को भी खाद्य सुरक्षा टीम ने बाग सेवनिया स्थित स्विगी इंस्टामार्ट का निरीक्षण किया था। यहां से घी पैक्ड चना और नाइश कूकिस के तीन नमूने जांच के लिए लिए गए। निरीक्षण में FSSAI लाइसेंस की निर्धारित शर्तों से जुड़े कुछ उल्लंघन पाए गए। इनके संबंध में अभिहित अधिकारी द्वारा नियमानुसार नोटिस जारी करने की प्रक्रिया की जा रही है।

    विभाग के मुताबिक लाइसेंसधारी खाद्य कारोबारकर्ता को मौके पर उपस्थित रहने के लिए निर्देशित किया गया था लेकिन वह उपस्थित नहीं हुआ। अब संबंधित दस्तावेजों और खाद्य पदार्थों के स्रोत का सत्यापन किया जा रहा है। खाद्य सुरक्षा टीम द्वारा लिए गए सभी नमूनों की जांच रिपोर्ट आने के बाद संबंधित खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता और मानकों के पालन की स्थिति और स्पष्ट होगी। लगातार हो रही इन जांचों से होटल रेस्टोरेंट और ऑनलाइन खाद्य कारोबार से जुड़े प्रतिष्ठानों में खाद्य सुरक्षा मानकों के पालन पर विभाग की निगरानी बढ़ती नजर आ रही है।

  • चिप डिजाइन से GCC और ड्रोन तक MP में निवेश की तैयारी: बेंगलुरु में मिले ₹1200 करोड़ के प्रस्ताव निवेशकों को सरकार देगी जमीन

    चिप डिजाइन से GCC और ड्रोन तक MP में निवेश की तैयारी: बेंगलुरु में मिले ₹1200 करोड़ के प्रस्ताव निवेशकों को सरकार देगी जमीन


    भोपाल । मध्यप्रदेश में निवेश बढ़ाने की दिशा में सरकार को बेंगलुरु में आयोजित निवेशक संवाद से बड़ी प्रतिक्रिया मिली है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने 22 सितंबर को बेंगलुरु में उद्योगपतियों और प्रमुख निवेशकों के साथ वन-टू-वन बैठकें कीं। इन मुलाकातों के दौरान मध्यप्रदेश के लिए 1200 करोड़ रुपए से अधिक के नए निवेश प्रस्ताव सामने आए। खास बात यह रही कि निवेशकों की रुचि केवल पारंपरिक उद्योगों तक सीमित नहीं रही बल्कि चिप डिजाइन ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर डेटा सेंटर ड्रोन स्पेसटेक और अन्य तकनीकी क्षेत्रों में भी निवेश की संभावनाओं पर चर्चा हुई।

    मुख्यमंत्री के साथ केंद्रीय संचार एवं पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया भी मौजूद रहे। बैठक में ग्वालियर में विकसित किए जा रहे टेलीकॉम मैन्युफैक्चरिंग जोन यानी TMZ को विशेष रूप से निवेशकों के सामने रखा गया। सरकार की ओर से बताया गया कि इस क्षेत्र में निवेश के लिए बढ़ती रुचि को देखते हुए अब दूसरे चरण की तैयारी की जाएगी। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक TMZ में पहले से करीब 5000 करोड़ रुपए के निवेश का आधार तैयार हो चुका है और नए प्रस्ताव आने के बाद अतिरिक्त जमीन की जरूरत होगी।

    मुख्यमंत्री ने निवेशकों से कहा कि मध्यप्रदेश में उद्योगों की जरूरत के मुताबिक जमीन उपलब्ध कराने की दिशा में सरकार काम करेगी। सरकार का फोकस निवेशकों को जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराने और अनुमति प्रक्रिया को आसान बनाने पर भी है। मुख्यमंत्री ने प्रदेश में सिंगल विंडो व्यवस्था नीतिगत सहयोग और औद्योगिक अधोसंरचना का उल्लेख करते हुए निवेशकों को राज्य में विस्तार के अवसरों से अवगत कराया।

    बेंगलुरु की बैठक में थोलोन्स की ओर से मध्यप्रदेश में 210 करोड़ रुपए के निवेश से ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर स्थापित करने के प्रस्ताव पर चर्चा हुई। वहीं असेइक मावेन सिलिकॉन की ओर से करीब 100 करोड़ रुपए के निवेश से चिप डिजाइन हाउस स्थापित करने का प्रस्ताव रखा गया। कोर-आईसी टेक्नोलॉजीज ने भी लगभग 100 करोड़ रुपए के निवेश से चिप डिजाइन सर्विसेज विकसित करने में रुचि दिखाई। इससे मध्यप्रदेश में सेमीकंडक्टर और चिप डिजाइन जैसे तकनीकी क्षेत्रों में संभावित विस्तार की तस्वीर सामने आती है।

    स्टार्टअप सेक्टर को लेकर भी बैठक में महत्वपूर्ण चर्चा हुई। डीपटेक वेंचर कैपिटल फंड सीफंड की ओर से मध्यप्रदेश के स्टार्टअप्स के लिए करीब 200 करोड़ रुपए की फंडिंग उपलब्ध कराने की योजना पर बात हुई। इसके अलावा आधुनिक डेटा सेंटर स्थापित करने और स्पेसटेक क्षेत्र में संभावित सहयोग को लेकर भी निवेशकों के साथ बातचीत हुई। मोबिलिटी और पर्यावरण से जुड़े क्षेत्रों की कंपनियों के प्रतिनिधियों ने भी प्रदेश में अपनी योजनाओं को लेकर चर्चा की।

    ड्रोन तकनीक को लेकर भी निवेश की संभावनाएं तलाशी गईं। एयरबाउंड आइडियाफोर्ज नॉटिकल विंग्स न्यूस्पेस एंड रिसर्च टेक्नोलॉजीज और अनमैन्ड सिस्टम्स से जुड़े प्रतिनिधियों के साथ मध्यप्रदेश में ड्रोन निर्माण और परीक्षण का इकोसिस्टम विकसित करने पर बातचीत हुई। तकनीक आधारित इन क्षेत्रों में निवेश आने से प्रदेश में नए औद्योगिक अवसरों के साथ स्थानीय स्तर पर रोजगार और कौशल विकास की संभावनाएं भी बन सकती हैं।

    बेंगलुरु संवाद के दौरान मुख्यमंत्री ने ग्वालियर TMZ की विशेषताओं के साथ मध्यप्रदेश के अन्य शहरों में उद्योग विस्तार की संभावनाओं पर भी चर्चा की। अब इन निवेश प्रस्तावों को अगले चरण में ले जाने के लिए जमीन और अन्य जरूरी सुविधाओं की व्यवस्था पर काम किया जाएगा। निवेश प्रस्ताव फिलहाल कंपनियों की रुचि और प्रस्तावित निवेश हैं इसलिए वास्तविक निवेश का आकार और परियोजनाओं का क्रियान्वयन आगे की प्रक्रिया और औपचारिक मंजूरियों पर निर्भर करेगा।

  • पुलिसकर्मियों पर वकील को पीटने का आरोप: कीचड़ में पटककर डंडे बरसाने की शिकायत रात 3 बजे तक थाने का घेराव

    पुलिसकर्मियों पर वकील को पीटने का आरोप: कीचड़ में पटककर डंडे बरसाने की शिकायत रात 3 बजे तक थाने का घेराव


    भोपाल । भोपाल में अधिवक्ता से कथित बदसलूकी और मारपीट के मामले ने मंगलवार देर रात जमकर तूल पकड़ लिया। करीब 50 वकील जहांगीराबाद थाने पहुंच गए और पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग को लेकर प्रदर्शन शुरू कर दिया। मामला इतना बढ़ गया कि अधिवक्ता देर रात करीब 3 बजे तक थाने के बाहर डटे रहे। प्रदर्शनकारी वकीलों का आरोप है कि उनके साथी के साथ पुलिसकर्मियों ने पहले बदसलूकी की और विरोध करने पर उसके साथ मारपीट की गई। वकील संबंधित पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई की मांग कर रहे थे।

    शिकायतकर्ता अधिवक्ता राकेश रावल ने बताया कि मंगलवार शाम करीब 8 बजे वह खटलापुरा मंदिर की तरफ से अपने वाहन से आ रहे थे। इसी दौरान पुलिसकर्मियों ने उनका वाहन रोक लिया और उन्हें थाने चलने के लिए कहा। रावल के मुताबिक उन्होंने पुलिसकर्मियों को बताया कि उनके वाहन में पेट्रोल नहीं है। आरोप है कि इसी बात को लेकर पुलिसकर्मियों ने उनके साथ गाली गलौज शुरू कर दी। उन्होंने जब इसका विरोध किया तो पुलिसकर्मियों ने कथित तौर पर उनके साथ मारपीट की। अधिवक्ता का आरोप है कि उन्हें कीचड़ में पटक दिया गया और डंडों से पीटा गया।

    घटना की जानकारी मिलने के बाद बड़ी संख्या में वकील जहांगीराबाद थाने पहुंच गए। देखते ही देखते थाने के बाहर अधिवक्ताओं की भीड़ जमा हो गई। प्रदर्शनकारी पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग करते हुए धरने पर बैठ गए। उनका कहना था कि यदि किसी अधिवक्ता के साथ पुलिसकर्मियों ने गलत व्यवहार किया है और मारपीट की गई है तो मामले की निष्पक्ष जांच कर जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई होनी चाहिए। वकीलों ने थाना प्रभारी राजन अहिरवार और उनके साथ मौजूद पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई की मांग उठाई।

    प्रदर्शन के दौरान वकीलों की ओर से एक वीडियो भी जारी किया गया। इसमें शिकायतकर्ता अधिवक्ता राकेश रावल के पैरों पर चोट के निशान दिखाई दे रहे हैं। उनके कपड़े भी कीचड़ से सने हुए नजर आ रहे हैं। प्रदर्शनकारी वकीलों ने इन चोटों को कथित मारपीट से जोड़ते हुए पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। हालांकि पूरे मामले में पुलिस का पक्ष और घटना की परिस्थितियों की विस्तृत जांच अभी सामने आना बाकी है।

    मामले की जानकारी मिलने के बाद एडिशनल सीपी शैलेंद्र सिंह चौहान ने कहा कि घटना के बारे में जानकारी हासिल की जा रही है। पुलिस की ओर से मामले के तथ्यों की जांच की जा रही है। ऐसे में शिकायत में लगाए गए आरोपों की पुष्टि जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।

    वकीलों के देर रात तक थाने पर प्रदर्शन के कारण जहांगीराबाद क्षेत्र में भी हलचल बनी रही। अधिवक्ताओं का कहना था कि उनके साथी के साथ हुई घटना को गंभीरता से लिया जाना चाहिए और जिम्मेदार पुलिसकर्मियों के खिलाफ उचित कार्रवाई की जानी चाहिए। दूसरी ओर पुलिस अधिकारी मामले की जानकारी जुटाने की बात कह रहे हैं। अब जांच के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि घटना के दौरान वास्तव में क्या हुआ और शिकायत में लगाए गए आरोपों की पुष्टि किस स्तर तक होती है। फिलहाल अधिवक्ताओं के प्रदर्शन और पुलिसकर्मियों पर लगाए गए मारपीट के आरोपों को लेकर मामला चर्चा में है।

  • बैंक ग्राहकों के लिए बड़ा अपडेट: 28 सितंबर से लगातार 5 दिन नहीं होगा कामकाज, जानिए कब तक बंद रहेंगी सेवाएं

    बैंक ग्राहकों के लिए बड़ा अपडेट: 28 सितंबर से लगातार 5 दिन नहीं होगा कामकाज, जानिए कब तक बंद रहेंगी सेवाएं


    भोपाल । मध्य प्रदेश में बैंक ग्राहकों के लिए आने वाले दिन परेशानी भरे हो सकते हैं। प्रदेश में एक बार फिर बैंकिंग सेवाओं पर हड़ताल और छुट्टियों का असर पड़ने वाला है। अगर आपको बैंक से जुड़ा कोई जरूरी काम है तो उसे 25 सितंबर तक निपटा लेना बेहतर रहेगा। इसके बाद लगातार पांच दिनों तक बैंक शाखाओं में सामान्य कामकाज प्रभावित रहने की संभावना है। 28 से 30 सितंबर तक बैंक कर्मचारी और अधिकारी हड़ताल पर रहेंगे जबकि इससे पहले और बाद में शनिवार रविवार की छुट्टी रहेगी। ऐसे में प्रदेश की करीब 7000 बैंक शाखाओं में कामकाज प्रभावित हो सकता है।

    बैंक यूनियनें लंबे समय से पांच दिवसीय बैंकिंग सप्ताह लागू करने की मांग कर रही हैं। फिलहाल बैंकों में महीने के दूसरे और चौथे शनिवार को छुट्टी होती है जबकि बाकी शनिवार को बैंक खुले रहते हैं। यूनियनों का कहना है कि सभी शनिवार को अवकाश घोषित कर बैंकिंग व्यवस्था में पांच दिन का कार्य सप्ताह लागू किया जाना चाहिए। इसके बदले सोमवार से शुक्रवार तक रोजाना कामकाज के समय में करीब 40 मिनट की बढ़ोतरी का प्रस्ताव है। यानी शनिवार की छुट्टी के बदले सप्ताह के बाकी पांच दिनों में काम के घंटे बढ़ाने की व्यवस्था की जा सकती है।

    यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस यानी UFBU की ओर से पांच दिवसीय बैंकिंग सप्ताह के साथ स्केल IV लागू करने समेत अन्य मांगें भी उठाई जा रही हैं। यूनियनों के मुताबिक इन मांगों को लेकर कई दौर की बातचीत हो चुकी है लेकिन अपेक्षित प्रगति नहीं होने के कारण आंदोलन का रास्ता अपनाया गया है। यूनियनों ने पहले भी देशभर में प्रदर्शन किए हैं और अब आंदोलन को आगे बढ़ाते हुए बैंक हड़ताल का आह्वान किया गया है।

    मध्य प्रदेश में हड़ताल से पहले बैंक कर्मचारी बुधवार को धरना प्रदर्शन भी करेंगे। यह धरना दोपहर 3 बजे से शाम 6 बजे तक सरकारी प्रेस क्षेत्र में पंजाब नेशनल बैंक के सामने आयोजित किया जाएगा। इसमें बैंक संगठनों के पदाधिकारी और कर्मचारी शामिल होंगे। इसके बाद 28 से 30 सितंबर तक प्रस्तावित हड़ताल के कारण बैंक शाखाओं में नियमित सेवाएं प्रभावित रह सकती हैं।

    बैंक बंद रहने की स्थिति में ग्राहकों को कैश जमा करने और निकालने के अलावा चेक क्लियरेंस जैसे कामों के लिए परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। हालांकि डिजिटल बैंकिंग और ऑनलाइन भुगतान जैसी सेवाएं अलग माध्यमों से जारी रह सकती हैं लेकिन शाखा जाकर किए जाने वाले जरूरी काम प्रभावित होने की आशंका रहेगी। इसलिए जिन ग्राहकों को नकद लेनदेन चेक से जुड़े काम या बैंक शाखा में दस्तावेज जमा करने जैसे जरूरी काम करने हैं वे समय रहते उन्हें पूरा कर सकते हैं।

    इससे पहले भी सितंबर में 11 12 और 13 तारीख को हड़ताल और छुट्टी के कारण बैंकिंग सेवाओं पर असर पड़ा था। अब एक बार फिर बैंक कर्मचारियों के आंदोलन के चलते लगातार कई दिनों तक शाखाओं का काम प्रभावित होने की स्थिति बन रही है। बैंक यूनियनों का कहना है कि पांच दिवसीय कार्य सप्ताह की मांग लंबे समय से लंबित है और इसी के चलते आंदोलन किया जा रहा है। ऐसे में ग्राहकों के लिए जरूरी है कि वे प्रस्तावित हड़ताल की तारीखों को ध्यान में रखते हुए अपने बैंकिंग काम पहले ही पूरा कर लें।

  • UPI पर 0.4% MDR के खिलाफ व्यापारियों का मोर्चा: MP में आज नो-UPI डे, पेट्रोल पंप से थोक बाजार तक बढ़ेगी परेशानी

    UPI पर 0.4% MDR के खिलाफ व्यापारियों का मोर्चा: MP में आज नो-UPI डे, पेट्रोल पंप से थोक बाजार तक बढ़ेगी परेशानी


    भोपाल । मध्य प्रदेश में आज व्यापारी यूपीआई पेमेंट पर लगने वाले प्रस्तावित चार्ज के विरोध में सांकेतिक प्रदर्शन करेंगे। भोपाल इंदौर समेत प्रदेश के कई शहरों में व्यापारियों ने नो-UPI डे मनाने का ऐलान किया है। इसके तहत व्यापारी ₹2000 से ज्यादा का यूपीआई भुगतान स्वीकार नहीं करने की अपील कर रहे हैं। भोपाल में यूपीआई स्कैनर को काले कपड़े से ढककर विरोध जताने की तैयारी है। व्यापारियों का कहना है कि यह विरोध किसी ग्राहक के खिलाफ नहीं बल्कि यूपीआई लेनदेन पर लगने वाले प्रस्तावित शुल्क के खिलाफ है। साथ ही यह भी स्पष्ट किया गया है कि किसी व्यापारी पर इस फैसले को लेकर जबरदस्ती नहीं की जाएगी।

    इस विरोध की गूंज इंदौर में पहले ही सुनाई दे चुकी है। मंगलवार रात टाइल्स एंड सेनेटरी वेयर व्यापारी एसोसिएशन के नेतृत्व में रीगल स्क्वायर पर प्रदर्शन किया गया जिसमें 150 से ज्यादा व्यापारी शामिल हुए। व्यापारियों ने यूपीआई बंद करो और यूपीआई पर चार्ज बंद करो जैसे नारे लगाकर अपनी नाराजगी जताई। व्यापारियों का तर्क है कि डिजिटल भुगतान आज कारोबार का अहम हिस्सा बन चुका है और ऐसे में इस पर अतिरिक्त शुल्क लगने से खासकर उन कारोबारियों पर आर्थिक दबाव बढ़ेगा जिनके यहां रोजाना बड़ी संख्या में डिजिटल लेनदेन होते हैं।

    व्यापार मंडल के प्रदेश महासचिव अनुपम अग्रवाल के मुताबिक 15 अक्टूबर से ₹2000 से ज्यादा के पर्सन टू मर्चेंट यूपीआई भुगतान पर 0.4 प्रतिशत एमडीआर लागू होने की बात कही गई है। इसकी अधिकतम सीमा ₹300 तक बताई गई है। व्यापारियों का कहना है कि यदि किसी कारोबारी को एक दिन में ₹2000 से अधिक के कई लेनदेन मिलते हैं तो कुल शुल्क उसके लिए बड़ी रकम बन सकता है। थोक किराना कारोबारियों की चिंता इसलिए भी ज्यादा है क्योंकि उनके यहां बड़ी राशि के लेनदेन आम हैं। व्यापारियों के अनुसार किराना कारोबार में 90 प्रतिशत से अधिक लेनदेन ₹2000 से ऊपर के हो सकते हैं।

    थोक तेल कारोबार का उदाहरण देते हुए व्यापारियों ने कहा कि 15 लीटर तेल का एक जार भी करीब ₹2200 तक का हो सकता है। ऐसे में ग्राहक यदि यूपीआई से भुगतान करता है तो कारोबारी के हिस्से में अतिरिक्त शुल्क आने की चिंता है। व्यापारियों का कहना है कि छोटे मार्जिन वाले कारोबार में इस तरह का अतिरिक्त खर्च सीधे कमाई पर असर डाल सकता है।

    इसी मुद्दे को लेकर मध्य प्रदेश के पेट्रोल पंप संचालक भी विरोध के साथ सामने आए हैं। प्रदेश के करीब 4700 पेट्रोल पंपों से जुड़े डीलर्स एसोसिएशन ने 16 अक्टूबर से ₹2000 से ज्यादा के बिल पर यूपीआई भुगतान स्वीकार नहीं करने का फैसला बताया है। इससे साफ है कि प्रस्तावित शुल्क को लेकर विरोध केवल किसी एक व्यापारिक वर्ग तक सीमित नहीं है बल्कि अलग अलग कारोबार से जुड़े व्यापारी अपनी चिंताएं सामने रख रहे हैं।

    हालांकि प्रस्तावित बदलाव के बीच ग्राहकों के लिए सबसे अहम बात यह है कि विरोध का मुख्य मुद्दा व्यापारी से जुड़ा शुल्क है। व्यापारियों का कहना है कि वे ग्राहकों पर अतिरिक्त बोझ डालने के बजाय इस व्यवस्था का विरोध कर रहे हैं। आज का नो-UPI डे इसी विरोध का सांकेतिक हिस्सा है। अब देखना होगा कि व्यापारियों की आपत्ति और प्रस्तावित एमडीआर को लेकर आगे क्या फैसला होता है और इसका डिजिटल भुगतान व्यवस्था पर कितना असर पड़ता है।