Category: Madhya Pradesh

  • श्मशान घाट के पास हमला, युवक घायल-दो आरोपियों ने दी जान से मारने की धमकी

    श्मशान घाट के पास हमला, युवक घायल-दो आरोपियों ने दी जान से मारने की धमकी


    शाजापुर। शाजापुर शहर के कोतवाली थाना क्षेत्र में शुक्रवार देर रात एक हिंसक घटना सामने आई, जहां पुराने श्मशान घाट के पास एक युवक के साथ बेरहमी से मारपीट की गई। पीड़ित ने आरोप लगाया है कि दो युवकों ने उसे बेल्ट और प्लास्टिक के पाइप से पीटा, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया। घटना के बाद पीड़ित की शिकायत पर पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

    पुलिस के अनुसार, फरियादी सूरज पंवार (22), निवासी बेरछा रोड रेलवे पुलिया क्षेत्र, नगर पालिका के कचरा वाहन में हेल्पर के रूप में कार्य करता है। पीड़ित ने बताया कि शुक्रवार शाम करीब 7 बजे वह राजेश्वरी मंदिर के पास स्थित चिल्लर नदी क्षेत्र में गया था। इसी दौरान वहां अनिल और उसका एक साथी मौजूद थे। कुछ समय बाद दोनों ने उसे पुराने श्मशान घाट के पास बुलाया, जहां विवाद की स्थिति बन गई।

    पीड़ित के अनुसार, नदी क्षेत्र में आने को लेकर आरोपियों ने उससे बहस शुरू कर दी और देखते ही देखते मामला बढ़ गया। आरोप है कि दोनों ने गाली-गलौज करते हुए उस पर हमला कर दिया। अनिल ने बेल्ट से और उसके साथी ने प्लास्टिक पाइप से सूरज पर लगातार वार किए। अचानक हुए इस हमले से वह खुद को बचा नहीं सका।

    मारपीट में युवक की पीठ, छाती, होंठ, गर्दन और सिर पर गंभीर चोटें आई हैं। हमले के निशान उसके शरीर पर साफ देखे जा सकते हैं। स्थानीय लोगों की मदद से किसी तरह वह वहां से बचकर निकला और घर पहुंचा, जहां उसने परिजनों को घटना की जानकारी दी।

    पीड़ित ने यह भी आरोप लगाया है कि मारपीट के बाद दोनों आरोपियों ने उसे धमकी दी कि यदि वह दोबारा उस क्षेत्र में आया तो उसकी जान ले ली जाएगी। इस धमकी से वह काफी दहशत में है।

    परिजनों के साथ सूरज थाने पहुंचा और कोतवाली पुलिस में लिखित शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने शिकायत के आधार पर प्रकरण दर्ज कर लिया है और मामले की जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि आरोपियों की पहचान और लोकेशन के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

  • शाजापुर सड़क हादसा: ब्रेक फेल बस ने कई वाहनों को रौंदा, लोग घायल

    शाजापुर सड़क हादसा: ब्रेक फेल बस ने कई वाहनों को रौंदा, लोग घायल


    शाजापुर। शाजापुर शहर में शनिवार दोपहर एक बड़ा सड़क हादसा हो गया, जब कोतवाली थाना क्षेत्र के अंतर्गत मंडी के पास निर्माणाधीन पुलिया के नजदीक एक यात्री बस अचानक अनियंत्रित हो गई। सारंगपुर की ओर से आ रही बालाजी बस के ब्रेक फेल हो जाने से चालक वाहन पर नियंत्रण नहीं रख सका और कुछ ही पलों में सड़क पर अफरा-तफरी मच गई। इस हादसे में दो बाइक और दो चार पहिया वाहनों सहित कुल चार वाहन चपेट में आ गए, जबकि तीन लोग घायल हो गए।

    प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार यह घटना दोपहर करीब 1 से 2 बजे के बीच हुई। बताया जाता है कि जैसे ही बस निर्माणाधीन पुलिया के पास पहुंची, अचानक उसके ब्रेक ने काम करना बंद कर दिया। चालक ने बस को रोकने की पूरी कोशिश की, लेकिन तेज रफ्तार और सड़क की स्थिति के कारण वाहन अनियंत्रित होता चला गया। देखते ही देखते बस पहले सड़क पर चल रहे बाइक सवारों से टकराई और फिर आगे बढ़ते हुए अन्य वाहनों को भी अपनी चपेट में ले लिया। टक्कर इतनी जोरदार थी कि मौके पर जोरदार आवाजें सुनाई दीं और आसपास मौजूद लोग दहशत में आ गए।

    हादसे के बाद मौके पर चीख-पुकार और अफरा-तफरी का माहौल बन गया। सड़क पर मौजूद लोग तुरंत मदद के लिए दौड़े और घायलों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाने की कोशिश की। स्थानीय लोगों ने बिना देर किए घायलों को वाहन से निकालकर जिला अस्पताल भिजवाया, जहां उनका इलाज जारी है। डॉक्टरों के अनुसार घायलों की हालत फिलहाल स्थिर बताई जा रही है, हालांकि उन्हें चोटें आई हैं।

    घायलों में मझनिया निवासी जितेंद्र शामिल हैं, जो किसी आवश्यक कार्य से शाजापुर की ओर आ रहे थे और बस की टक्कर में गंभीर रूप से घायल हो गए। वहीं अन्य घायलों में लक्ष्मण और उनकी मां सानूबाई भी शामिल हैं, जो बैंक संबंधी कार्य के लिए शहर जा रहे थे। इसी दौरान यह दर्दनाक हादसा हो गया और वे बस की चपेट में आ गए। तीनों घायलों को स्थानीय लोगों की मदद से तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया, जिससे उनकी जान बच सकी।

    घटना की जानकारी मिलते ही कोतवाली थाना पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को नियंत्रण में लिया। पुलिस ने दुर्घटनाग्रस्त बस को कब्जे में लेकर थाने में खड़ा करा दिया है। प्रारंभिक जांच में ब्रेक फेल होने को हादसे का कारण माना जा रहा है, हालांकि पुलिस तकनीकी जांच के साथ-साथ चालक के बयान भी दर्ज कर रही है। अधिकारियों ने कहा है कि पूरे मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है और जो भी जिम्मेदार होगा, उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

    हादसे के कारण कुछ समय के लिए क्षेत्र में यातायात भी प्रभावित रहा, जिसे पुलिस ने मौके पर पहुंचकर सुचारु कराया। स्थानीय नागरिकों ने प्रशासन से मांग की है कि इस तरह के पुराने और तकनीकी रूप से कमजोर वाहनों की नियमित जांच की जाए, ताकि भविष्य में ऐसे हादसों को रोका जा सके।

  • विदिशा में जनता परेशान, सरकारी दफ्तरों में चल रहे एसी और पंखे बिना कामकाज

    विदिशा में जनता परेशान, सरकारी दफ्तरों में चल रहे एसी और पंखे बिना कामकाज


    विदिशा । विदिशा जिले में अघोषित बिजली कटौती और लगातार ट्रिपिंग ने आम जनता का जीवन मुश्किल कर दिया है। भीषण गर्मी के बीच शहर से लेकर ग्रामीण इलाकों तक लोग बार-बार बिजली गुल होने और कम वोल्टेज की समस्या से परेशान हैं। घरों में पंखे, कूलर और एसी जैसे उपकरण ठीक से काम नहीं कर पा रहे हैं, जिससे लोगों को भारी असुविधा का सामना करना पड़ रहा है।

    बिजली विभाग का कहना है कि गर्मी के कारण खपत बढ़ने से सिस्टम पर दबाव है, जिसके चलते कटौती और ट्रिपिंग की समस्या हो रही है। लेकिन जमीनी हकीकत इससे बिल्कुल अलग तस्वीर पेश कर रही है।

    शुक्रवार को शहर के कई सरकारी दफ्तरों की ग्राउंड रिपोर्ट में यह सामने आया कि जहां आम जनता बिजली संकट से जूझ रही है, वहीं सरकारी कार्यालयों में बिजली की खुली बर्बादी जारी थी। कई दफ्तरों में अधिकारी और कर्मचारी अनुपस्थित थे, लेकिन लाइटें, पंखे, कूलर और एयर कंडीशनर लगातार चालू हालत में पाए गए।

    एसडीएम कार्यालय में कई चैंबर खाली पड़े थे, लेकिन वहां बिजली उपकरण चालू थे। कार्यालय में अधिकारी मौजूद नहीं थे, फिर भी कमरे एसी की ठंडी हवा में चलते रहे। इसी तरह कलेक्ट्रेट स्थित कंट्रोल रूम में भी अधिकारी और कर्मचारी अनुपस्थित थे, लेकिन वहां भी लाइट, पंखे और कूलर लगातार चलते रहे।

    बिजली कंपनी के जोन-1 कार्यालय में भी स्थिति कुछ अलग नहीं थी। दफ्तर खाली होने के बावजूद एसी और पंखे चलते रहे, जिससे साफ दिखाई दिया कि बिजली बचत के नियमों का पालन नहीं हो रहा है।

    इस स्थिति ने आम जनता में नाराजगी बढ़ा दी है। लोगों का कहना है कि एक तरफ उन्हें घंटों बिजली कटौती का सामना करना पड़ रहा है, वहीं दूसरी तरफ सरकारी कार्यालयों में बिना जरूरत बिजली खर्च की जा रही है। यह स्थिति जनता के साथ अन्याय जैसी महसूस हो रही है।

    विशेषज्ञों का कहना है कि ऊर्जा संरक्षण नियमों के तहत सभी सरकारी भवनों में बिजली उपयोग को नियंत्रित करना आवश्यक है। केंद्रीय ऊर्जा मंत्रालय के दिशा-निर्देशों के अनुसार, एयर कंडीशनर का तापमान 24 डिग्री पर सेट रखना अनिवार्य है और अनावश्यक बिजली उपयोग पर कार्रवाई का प्रावधान भी है।

    जनता की मांग है कि प्रशासन इस मामले में सख्त कदम उठाए और सभी सरकारी दफ्तरों में बिजली उपयोग को लेकर स्पष्ट गाइडलाइन लागू की जाए। साथ ही नियमित निगरानी भी की जाए, ताकि ऊर्जा की बर्बादी रोकी जा सके।

    फिलहाल, एक तरफ जनता गर्मी और बिजली कटौती से जूझ रही है, वहीं दूसरी तरफ सरकारी दफ्तरों में बिजली की यह स्थिति व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर रही है।

  • आंधी-बारिश के असर से विदिशा का मौसम सुहाना, तापमान में आई गिरावट

    आंधी-बारिश के असर से विदिशा का मौसम सुहाना, तापमान में आई गिरावट

    विदिशा। विदिशा जिले में नौतपा के दौरान पड़ रही भीषण गर्मी से लोगों को शुक्रवार देर रात अचानक बड़ी राहत मिली। आधी रात के आसपास मौसम ने करवट ली और तेज हवाओं के साथ आंधी चलने लगी, जिससे तापमान में गिरावट दर्ज की गई और वातावरण में ठंडक महसूस की गई।

    आंधी के चलते कई इलाकों में घरों की छतों और आंगनों में रखा सामान उड़ गया, हालांकि किसी बड़े नुकसान या जनहानि की कोई सूचना नहीं मिली है। तेज हवाओं के बाद सुबह से ही आसमान में बादलों की आवाजाही बनी रही, जिससे सूरज की तपिश कमजोर पड़ गई और लोगों को गर्मी से राहत महसूस हुई।

    शनिवार को विदिशा में अधिकतम तापमान करीब 38 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम 25 डिग्री सेल्सियस रहने की संभावना जताई गई है। जबकि शुक्रवार को जिले में तापमान काफी अधिक रहा था, जिसमें अधिकतम तापमान 42.4 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम 31.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया था। उस दिन तेज धूप और लू के कारण जनजीवन पूरी तरह प्रभावित रहा और दोपहर में सड़कों पर सन्नाटा देखा गया।

    नौतपा के तीसरे दिन गर्मी अपने चरम पर पहुंच गई थी, जिससे बाजारों और ग्रामीण क्षेत्रों में भी लोग आवश्यक कार्य होने पर ही घरों से बाहर निकले। लेकिन देर रात आए मौसम परिवर्तन ने स्थिति बदल दी और लोगों ने राहत की सांस ली।

    मौसम विभाग के अनुसार, प्रदेश में पश्चिमी विक्षोभ और स्थानीय मौसमी सिस्टम के प्रभाव के कारण आगामी दिनों में भी मौसम का मिजाज बदल सकता है। 30, 31 मई और 1 जून को कई जिलों में तेज हवाओं के साथ बारिश और कुछ स्थानों पर ओलावृष्टि की संभावना जताई गई है। 30 मई के लिए प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में आंधी और बारिश का अलर्ट जारी किया गया है।

    मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि इस बदलाव से तापमान में और गिरावट आने की संभावना है, जिससे नौतपा की भीषण गर्मी से राहत मिल सकती है। यदि बारिश होती है तो तापमान सामान्य से नीचे जा सकता है और मौसम सुहाना बना रह सकता है।

    फिलहाल विदिशा में बदले हुए मौसम ने लोगों को राहत दी है और आने वाले दिनों को लेकर उम्मीदें बढ़ गई हैं कि भीषण गर्मी का असर कम होगा और मौसम सामान्य स्थिति की ओर लौटेगा।


  • सतना–मैहर में 12 लाख क्विंटल गेहूं खुले में, बारिश से खतरे की आशंका बढ़ी

    सतना–मैहर में 12 लाख क्विंटल गेहूं खुले में, बारिश से खतरे की आशंका बढ़ी


    सतना । सतना और मैहर जिलों में समर्थन मूल्य पर गेहूं खरीदी पूरी होने के बाद अब भंडारण और परिवहन व्यवस्था गंभीर संकट में फंस गई है। खरीदी बंद हुए 48 घंटे से अधिक समय बीत जाने के बावजूद करीब 12 लाख क्विंटल गेहूं अब भी विभिन्न उपार्जन केंद्रों में खुले आसमान के नीचे पड़ा हुआ है।

    दोनों जिलों में इस वर्ष बड़े पैमाने पर गेहूं की खरीदी की गई थी। आंकड़ों के अनुसार लगभग 57 हजार किसानों से करीब 38 लाख क्विंटल गेहूं खरीदा गया। लेकिन खरीदी प्रक्रिया समाप्त होने के बाद उठाव और भंडारण की रफ्तार बेहद धीमी हो गई, जिससे बड़ी मात्रा में अनाज केंद्रों पर ही जमा रह गया।

    अब तक केवल लगभग 26 लाख क्विंटल गेहूं ही गोदामों तक पहुंच पाया है, जबकि शेष 12 लाख क्विंटल से अधिक गेहूं अभी भी उपार्जन केंद्रों पर रखा हुआ है। कई स्थानों पर यह गेहूं अस्थायी रूप से खुले में ढेर बनाकर रखा गया है, जिससे मौसम खराब होने पर भारी नुकसान का खतरा बढ़ गया है।

    इस स्थिति का सीधा असर किसानों के भुगतान पर भी पड़ा है। सरकारी नियमों के अनुसार किसानों को उनकी उपज का भुगतान तभी किया जाता है, जब खरीदे गए अनाज का परिवहन और भंडारण पूरा हो जाता है। फिलहाल करीब 313 करोड़ रुपये का भुगतान अटका हुआ है, जिससे हजारों किसान परेशान हैं और लगातार भुगतान की प्रतीक्षा कर रहे हैं।

    किसानों और समितियों का कहना है कि मुख्य समस्या परिवहन व्यवस्था की धीमी गति है। पर्याप्त वाहनों की उपलब्धता न होने और भंडारण केंद्रों में क्षमता की कमी के कारण गेहूं का उठाव समय पर नहीं हो पा रहा है। इसके चलते उपार्जन केंद्रों पर लगातार दबाव बढ़ता जा रहा है।

    स्थिति को और गंभीर बनाने वाली बात मौसम में आया बदलाव है। पिछले कुछ दिनों से क्षेत्र में बादल और हल्की बारिश जैसी स्थिति बनी हुई है। मौसम विभाग की संभावित बारिश की चेतावनियों ने प्रशासन की चिंता और बढ़ा दी है। यदि तेज बारिश होती है तो खुले में रखा लाखों क्विंटल गेहूं भीग सकता है, जिससे उसकी गुणवत्ता खराब होने की आशंका है।

    इससे न केवल किसानों की मेहनत पर असर पड़ेगा, बल्कि सरकारी खरीद व्यवस्था की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठ सकते हैं। पहले से ही उठाव में देरी को लेकर सवाल खड़े हो रहे हैं और अब मौसम का खतरा स्थिति को और गंभीर बना रहा है।

    प्रशासन के सामने अब सबसे बड़ी चुनौती यही है कि कैसे तेजी से परिवहन व्यवस्था को दुरुस्त कर सभी उपार्जन केंद्रों से गेहूं का सुरक्षित उठाव कराया जाए। साथ ही किसानों को लंबित भुगतान जल्द से जल्द दिलाना भी प्राथमिकता बन गई है।

    फिलहाल हालात यह हैं कि लाखों क्विंटल गेहूं खुले में पड़ा है और किसान उम्मीद लगाए बैठे हैं कि जल्द व्यवस्था सुधरेगी, ताकि उनकी मेहनत सुरक्षित रह सके और भुगतान समय पर मिल सके।

  • सतना के चित्रकूट में हंगामा, बिजली कटौती को लेकर पावर हाउस पर तनाव

    सतना के चित्रकूट में हंगामा, बिजली कटौती को लेकर पावर हाउस पर तनाव


    सतना । सतना जिले के चित्रकूट में बिजली व्यवस्था को लेकर गंभीर विवाद खड़ा हो गया है, जिसने प्रशासनिक कार्यप्रणाली पर सवाल उठा दिए हैं। लगातार दूसरी रात बिजली संकट और उसके बाद हुए घटनाक्रम ने इलाके में तनाव की स्थिति पैदा कर दी है।

    जानकारी के अनुसार, गुरुवार-शुक्रवार की रात आए तेज अंधड़ के कारण चित्रकूट क्षेत्र की बिजली आपूर्ति पूरी तरह बाधित हो गई थी। घंटों की मरम्मत के बाद शुक्रवार शाम करीब 5:45 बजे बिजली बहाल की गई, लेकिन यह राहत अधिक देर तक नहीं टिक सकी।

    आरोप है कि कुछ लोग अपने घर की बिजली ठीक कराने की मांग को लेकर रजौला स्थित 33/11 केवी सबस्टेशन पहुंचे और पूरे शहर की बिजली आपूर्ति बंद करा दी। इससे गर्मी और उमस के बीच लोग पानी की समस्या से भी जूझने लगे।

    सबस्टेशन ऑपरेटर पंकज सेन ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि तीन लोग जबरन सबस्टेशन पहुंचे और धमकी देकर पूरे क्षेत्र की बिजली बंद कराई। आरोप है कि इस दौरान उनका मोबाइल भी छीन लिया गया और उन्हें दबाव में लेकर बिजली सप्लाई बंद कराई गई।

    ऑपरेटर का दावा है कि इन लोगों में एक मजिस्ट्रेट भी शामिल थे, जो पुलिसकर्मियों के साथ सबस्टेशन पहुंचे थे। पंकज सेन के अनुसार, मजिस्ट्रेट ने यह कहते हुए दबाव बनाया कि जब तक उनके घर की बिजली ठीक नहीं होती, तब तक पूरे क्षेत्र की सप्लाई चालू नहीं होने दी जाएगी।

    स्थिति बिगड़ने पर स्थानीय लोगों में आक्रोश फैल गया और बड़ी संख्या में लोग पावर हाउस पहुंच गए। घंटों बिजली न मिलने और बार-बार कटौती से परेशान लोगों ने विरोध प्रदर्शन किया और आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।

    इधर, बिजली बहाल होने के कुछ समय बाद ही फिर से सप्लाई बाधित हो गई, जिससे लोगों का गुस्सा और बढ़ गया। इन्वर्टर तक डिस्चार्ज हो जाने और पानी की समस्या खड़ी होने के बाद हालात तनावपूर्ण हो गए।

    भीड़ बढ़ने पर कथित तौर पर संबंधित लोग मौके से चले गए, लेकिन लोगों ने पूरे मामले की शिकायत दर्ज कराने की मांग जारी रखी। बाद में विद्युत विभाग के अधिकारी और कर्मचारी भी थाने पहुंचे और शिकायत दर्ज कराई गई।

    पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच शुरू कर दी है। ऑपरेटर द्वारा दिए गए लिखित शिकायत पत्र में मारपीट, धमकी और जबरन बिजली बंद कराने जैसे गंभीर आरोप लगाए गए हैं।

    फिलहाल प्रशासन और पुलिस दोनों ही स्तर पर मामले की जांच की जा रही है और पूरे घटनाक्रम की सत्यता की पड़ताल की जा रही है। यह मामला अब क्षेत्र में चर्चा का बड़ा विषय बन गया है।

  • सतना बाईपास पर बस-बाइक की भीषण टक्कर, युवक की मौत, एक घायल

    सतना बाईपास पर बस-बाइक की भीषण टक्कर, युवक की मौत, एक घायल


    मध्‍य प्रदेश  सतना-मैहर बाईपास पर शनिवार सुबह करीब 10 बजे एक दर्दनाक सड़क हादसा हो गया, जिसमें एक युवक की मौत हो गई और एक अन्य गंभीर रूप से घायल हो गया। हादसा कोलगवां थाना क्षेत्र के उतैली मोड़ के पास हुआ, जहां सतना से मैहर जा रही अभय ट्रेवल्स की बस (MP 19 P 0685) ने सामने से आ रही बाइक को जोरदार टक्कर मार दी।

    टक्कर इतनी भीषण थी कि बाइक पर सवार तीन लोग सड़क पर दूर जा गिरे। हादसे में 25 वर्षीय विवेक यादव (पिता रक्कू यादव) की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि 24 वर्षीय विनय यादव (पिता लक्खू यादव) गंभीर रूप से घायल हो गया। बाइक पर सवार 30 वर्षीय वंदना यादव (पति विकास) को भी चोटें आई हैं।

    प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, टक्कर के बाद बस चालक वाहन छोड़कर मौके से फरार हो गया। बस में सवार यात्री भी घटना के बाद नीचे उतरकर वहां से चले गए। स्थानीय लोगों ने तुरंत डायल 112 को सूचना दी और घायलों को जिला अस्पताल पहुंचाया।

    अस्पताल में डॉक्टरों ने विवेक यादव को मृत घोषित कर दिया, जबकि विनय यादव के सीने में गंभीर अंदरूनी चोटें बताई गई हैं और उसका इलाज जारी है। वंदना यादव को मामूली चोटें आई हैं और उसकी स्थिति स्थिर बताई जा रही है।

    जानकारी के अनुसार, तीनों लोग चकदही गांव के यादव परिवार से हैं। मृतक विवेक अपनी भाभी वंदना को डॉक्टर को दिखाने के लिए बाइक से सतना आ रहा था, तभी यह हादसा हो गया। अचानक हुए इस दर्दनाक हादसे से परिवार में शोक की लहर दौड़ गई है।

    पुलिस ने मौके पर पहुंचकर बस को जब्त कर लिया है और फरार चालक की तलाश शुरू कर दी है। कोलगवां थाना पुलिस मामले की जांच कर रही है और आसपास के CCTV फुटेज भी खंगाले जा रहे हैं।

    यह हादसा एक बार फिर सड़क सुरक्षा और तेज रफ्तार वाहनों की लापरवाही पर गंभीर सवाल खड़े करता है। स्थानीय लोगों ने बाईपास पर ट्रैफिक नियंत्रण और सख्त निगरानी की मांग की है।

  • सब्जी लेकर लौट रही महिला से लूट की कोशिश, चेन टूटकर बची जान

    सब्जी लेकर लौट रही महिला से लूट की कोशिश, चेन टूटकर बची जान


    सीहोर । सतना जिले के कोलगवां थाना क्षेत्र में दिनदहाड़े चेन स्नेचिंग की कोशिश का एक सनसनीखेज मामला सामने आया है, जिससे इलाके में दहशत फैल गई है। पूरी घटना पास लगे CCTV कैमरे में रिकॉर्ड हो गई, जिसका फुटेज सामने आने के बाद पुलिस हरकत में आ गई है।

    घटना टिकुरिया टोला की कंधी गली की है, जहां 48 वर्षीय मीरा गुप्ता शुक्रवार शाम बाजार से सब्जी खरीदकर अपने घर लौट रही थीं। जैसे ही वह घर के पास पहुंचीं, तभी एक बाइक सवार नकाबपोश बदमाश ने उन्हें निशाना बना लिया।

    जानकारी के अनुसार, बदमाश ने पहले महिला को ओवरटेक किया और कुछ दूरी आगे जाकर अपनी बाइक वापस मोड़कर लाया। इसके बाद उसने महिला के बराबर आते ही अचानक उनके गले पर झपट्टा मारते हुए सोने की चेन छीनने की कोशिश की।

    हालांकि इस दौरान महिला ने झटका महसूस किया और चेन टूटकर उनके पास ही गिर गई। बदमाश अपने मंसूबे में सफल नहीं हो सका और मौके से तेजी से फरार हो गया। गनीमत रही कि इस घटना में महिला को कोई गंभीर चोट नहीं आई।

    वारदात के वक्त आरोपी ने अपना चेहरा कपड़े से पूरी तरह ढक रखा था, जिससे उसकी पहचान नहीं हो सकी। रिहायशी इलाके में हुई इस घटना से स्थानीय लोगों में भय और आक्रोश का माहौल है।

    घटना के बाद सामने आए CCTV फुटेज के आधार पर पुलिस ने जांच तेज कर दी है। कोलगवां थाना पुलिस ने इलाके में गश्त बढ़ा दी है और संदिग्ध बाइक सवार की पहचान के प्रयास किए जा रहे हैं।

    पुलिस का कहना है कि फुटेज के आधार पर आरोपी की पहचान जल्द कर ली जाएगी और उसे गिरफ्तार किया जाएगा। साथ ही स्थानीय लोगों से अपील की गई है कि वे सतर्क रहें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस को दें। यह घटना एक बार फिर शहरों में बढ़ती छिनैती की घटनाओं और महिलाओं की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ाती है।

  • जमीन विवाद में हत्या के बाद हंगामा, सीहोर में फरार आरोपियों पर कार्रवाई की मांग तेज

    जमीन विवाद में हत्या के बाद हंगामा, सीहोर में फरार आरोपियों पर कार्रवाई की मांग तेज


    सीहोर । सीहोर जिले में जमीन विवाद से जुड़ी हिंसक घटना के बाद अब मामला प्रशासनिक स्तर पर पहुंच गया है। इछावर थाना क्षेत्र के कालापीपल में हुए हमले में एक व्यक्ति की मौत के बाद पीड़ित परिवार ने आरोपियों की गिरफ्तारी में देरी से नाराज होकर शुक्रवार को एसपी कार्यालय पहुंचकर धरना-प्रदर्शन किया।

    मृतक कैलाश चंद्र वर्मा के पुत्र विमलेश वर्मा ने एसडीओपी पूजा शर्मा को एक शिकायती पत्र सौंपा, जिसमें पूरे घटनाक्रम का विवरण दिया गया है। शिकायत के अनुसार 26 अप्रैल को जमीन विवाद को लेकर कुछ लोगों ने परिवार पर लाठी-डंडों और चाकू से हमला कर दिया था। इस हमले में कैलाश चंद्र वर्मा और उनके दोनों पुत्र गंभीर रूप से घायल हो गए थे।

    घायलों को तत्काल अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां इलाज के दौरान कैलाश चंद्र वर्मा की मौत हो गई। घटना के बाद से ही परिवार न्याय की मांग कर रहा है, लेकिन आरोप है कि पुलिस ने अब तक सभी आरोपियों को गिरफ्तार नहीं किया है।

    परिजनों का कहना है कि केवल पांच आरोपियों को ही गिरफ्तार किया गया है, जबकि कई आरोपी अभी भी फरार हैं। पीड़ित परिवार ने आरोप लगाया कि फरार आरोपी लगातार उन्हें धमकियां दे रहे हैं और राजनीतिक प्रभाव का हवाला देकर समझौते का दबाव बना रहे हैं।

    परिजनों ने यह भी कहा कि आरोपियों द्वारा लगातार जान से मारने की धमकी दी जा रही है, जिससे परिवार में भय का माहौल है। धरना प्रदर्शन के दौरान परिवार ने सभी फरार आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी और सुरक्षा की मांग की।

    एसपी कार्यालय पहुंचे परिजनों ने प्रशासन से निष्पक्ष जांच और सख्त कार्रवाई की मांग करते हुए कहा कि जब तक सभी आरोपी गिरफ्तार नहीं किए जाते, उनका आंदोलन जारी रहेगा।

    इस पूरे मामले में पुलिस की कार्रवाई पर भी सवाल उठ रहे हैं, जबकि प्रशासन का कहना है कि शेष आरोपियों की तलाश जारी है और जल्द ही उन्हें भी गिरफ्तार कर लिया जाएगा। फिलहाल क्षेत्र में तनावपूर्ण माहौल बना हुआ है और पुलिस स्थिति पर नजर बनाए हुए है।

  • मोतीनगर पुलिस की कार्रवाई: घर के बाहर से बाइक चुराने वाला आरोपी दबोचा

    मोतीनगर पुलिस की कार्रवाई: घर के बाहर से बाइक चुराने वाला आरोपी दबोचा


    सागर । सागर जिले के मोतीनगर थाना क्षेत्र में हुई बाइक चोरी की वारदात का पुलिस ने सफलतापूर्वक खुलासा कर दिया है। इस मामले में पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज की मदद से आरोपी की पहचान कर उसे गिरफ्तार कर लिया है और चोरी की गई बाइक भी बरामद कर ली गई है।

    यह मामला सिंधी कैंप, संत कंवर राम वार्ड निवासी महेश कुमार आडवाणी की शिकायत से जुड़ा है। उन्होंने 28 मई को थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि 24 मई की रात उन्होंने अपनी बाइक (MP 15 MH 0655) घर के बाहर खड़ी की थी, जो सुबह गायब मिली। गाड़ी चोरी होने के बाद उन्होंने तुरंत पुलिस को सूचना दी।

    शिकायत मिलते ही मोतीनगर थाना पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच शुरू की। पुलिस ने घटनास्थल और आसपास के क्षेत्रों में लगे CCTV कैमरों की फुटेज खंगाली। फुटेज में एक संदिग्ध व्यक्ति दिखाई दिया, जिसके आधार पर पुलिस ने जांच को आगे बढ़ाया।

    लगातार सुराग जुटाते हुए पुलिस टीम ने पगारा रोड स्थित सुभाष नगर निवासी 30 वर्षीय रीतेश जाटव (पिता हुकुमचंद जाटव) को हिरासत में लिया। थाने में पूछताछ के दौरान आरोपी ने बाइक चोरी की वारदात को स्वीकार कर लिया।

    पुलिस ने आरोपी के कब्जे से चोरी की गई बाइक भी बरामद कर ली है। थाना प्रभारी जसवंत सिंह राजपूत ने बताया कि आरोपी से अन्य संभावित चोरी की घटनाओं को लेकर भी पूछताछ की जा रही है, क्योंकि आशंका है कि वह पहले भी ऐसी वारदातों में शामिल रहा हो सकता है।

    पुलिस की इस कार्रवाई में CCTV तकनीक की अहम भूमिका रही, जिससे न केवल आरोपी की पहचान संभव हुई बल्कि चोरी गई बाइक भी बरामद हो सकी। फिलहाल पुलिस पूरे नेटवर्क और अन्य मामलों की जांच में जुटी हुई है।

    इस सफलता से स्थानीय लोगों में राहत है और पुलिस ने भी नागरिकों से अपील की है कि वे अपने वाहनों की सुरक्षा के लिए सावधानी बरतें और संदिग्ध गतिविधियों की सूचना तुरंत पुलिस को दें।