Category: Madhya Pradesh

  • बारिश से बेहाल मध्यप्रदेश अंडरब्रिज डूबे नदियां उफान पर कई जिलों में भारी बारिश का अलर्ट जारी

    बारिश से बेहाल मध्यप्रदेश अंडरब्रिज डूबे नदियां उफान पर कई जिलों में भारी बारिश का अलर्ट जारी


    मध्यप्रदेश मध्यप्रदेश में मानसून अब पूरे शबाब पर है और लगातार हो रही बारिश ने प्रदेश के कई जिलों में जनजीवन को प्रभावित करना शुरू कर दिया है। बीते चौबीस घंटे के दौरान 40 से अधिक जिलों में अच्छी बारिश दर्ज की गई। धार में सबसे अधिक करीब 2.4 इंच वर्षा रिकॉर्ड की गई जबकि राजगढ़ रतलाम शिवपुरी टीकमगढ़ खरगोन भोपाल और उज्जैन सहित कई जिलों में झमाझम बारिश हुई। लगातार बारिश के कारण कई स्थानों पर नदी नाले उफान पर आ गए हैं और लोगों की आवाजाही भी प्रभावित हुई है।

    शाजापुर जिले में हालात ऐसे बन गए कि शिक्षकों को जान जोखिम में डालकर उफनता नाला पार कर स्कूल पहुंचना पड़ा। वहीं रतलाम में सागोद रोड से ईश्वर नगर जाने वाले अंडरब्रिज में पानी भर जाने से आवागमन प्रभावित हो गया। कई इलाकों में सड़कें जलमग्न हो गईं और लोगों को लंबा रास्ता तय कर अपने गंतव्य तक पहुंचना पड़ा।

    प्रदेश के कई हिस्सों में बुधवार सुबह से रिमझिम और तेज बारिश का दौर जारी है। कहीं पिछले 16 घंटे से लगातार मध्यम और तेज बारिश हो रही है तो कहीं सुबह से आसमान में बादल छाए रहने के साथ लगातार फुहारें पड़ रही हैं। इस बारिश से जहां उमस और गर्मी से राहत मिली है वहीं निचले इलाकों में जलभराव और ग्रामीण क्षेत्रों में नदी नालों के उफान ने लोगों की मुश्किलें भी बढ़ा दी हैं।

    भोपाल के जलस्रोतों पर भी बारिश का सकारात्मक असर दिखाई देने लगा है। कुलांस नदी का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है जिससे राजधानी के बड़े तालाब में पानी की आवक तेज हो गई है। दूसरी ओर ग्रामीण इलाकों में लगातार बारिश के कारण कई छोटे बड़े नाले उफान पर हैं। कई गांवों का संपर्क अस्थायी रूप से प्रभावित हुआ है और प्रशासन लोगों से अनावश्यक रूप से नदी नाले पार नहीं करने की अपील कर रहा है।

    मौसम विभाग ने अगले चार दिनों के लिए प्रदेश में भारी से अति भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। विभाग के अनुसार कई स्थानों पर चौबीस घंटे के दौरान चार से आठ इंच तक बारिश हो सकती है। श्योपुर शिवपुरी गुना अशोकनगर सागर और टीकमगढ़ जिलों के लिए अति भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है जहां लोगों को विशेष सतर्कता बरतने की सलाह दी गई है।

    इसके अलावा ग्वालियर मुरैना भिंड दतिया निवाड़ी छतरपुर दमोह कटनी जबलपुर नरसिंहपुर रायसेन नर्मदापुरम विदिशा सीहोर राजगढ़ आगर मालवा उज्जैन इंदौर धार झाबुआ नीमच और मंदसौर में भी भारी बारिश की संभावना जताई गई है। वहीं भोपाल देवास हरदा बैतूल खरगोन बड़वानी खंडवा बुरहानपुर छिंदवाड़ा सिवनी मंडला बालाघाट पन्ना सतना रीवा सीधी शहडोल और सिंगरौली सहित कई जिलों में हल्की से मध्यम बारिश का सिलसिला जारी रह सकता है।
    इसके अलावा ग्वालियर मुरैना भिंड दतिया निवाड़ी छतरपुर दमोह कटनी जबलपुर नरसिंहपुर रायसेन नर्मदापुरम विदिशा सीहोर राजगढ़ आगर मालवा उज्जैन इंदौर धार झाबुआ नीमच और मंदसौर में भी भारी बारिश की संभावना जताई गई है। वहीं भोपाल देवास हरदा बैतूल खरगोन बड़वानी खंडवा बुरहानपुर छिंदवाड़ा सिवनी मंडला बालाघाट पन्ना सतना रीवा सीधी शहडोल और सिंगरौली सहित कई जिलों में हल्की से मध्यम बारिश का सिलसिला जारी रह सकता है।

    मौसम विभाग ने लोगों से अपील की है कि भारी बारिश के दौरान नदी नालों से दूर रहें जलभराव वाले क्षेत्रों में जाने से बचें और प्रशासन द्वारा जारी दिशा निर्देशों का पालन करें। लगातार सक्रिय मानसून को देखते हुए आने वाले दिनों में प्रदेश के कई हिस्सों में बारिश का दौर और तेज होने की संभावना बनी हुई है।

  • RGPV में बड़ा फेरबदल परीक्षा संचालन की कमान फिर प्रो. संजीव शर्मा को विभागीय जांच की तैयारी शुरू

    RGPV में बड़ा फेरबदल परीक्षा संचालन की कमान फिर प्रो. संजीव शर्मा को विभागीय जांच की तैयारी शुरू


    भोपाल । राजीव गांधी प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल किया गया है। प्रो. अर्चना तिवारी से परीक्षा नियंत्रक सहित सभी अतिरिक्त जिम्मेदारियां वापस ले ली गई हैं जबकि प्रो. संजीव शर्मा को फिर से परीक्षा नियंत्रक बनाया गया है। विश्वविद्यालय ने विभागीय जांच की तैयारी के भी निर्देश दिए हैं।

    भोपाल स्थित राजीव गांधी प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय में मंगलवार को बड़ा प्रशासनिक फेरबदल करते हुए परीक्षा व्यवस्था और विश्वविद्यालय प्रशासन से जुड़े कई महत्वपूर्ण फैसले लिए गए। विश्वविद्यालय प्रशासन ने जून जुलाई 2026 की परीक्षाओं के सुचारु संचालन को ध्यान में रखते हुए परीक्षा नियंत्रक की जिम्मेदारी प्रो. अर्चना तिवारी से वापस लेकर प्रो. संजीव शर्मा को सौंप दी है। आदेश जारी होते ही यह व्यवस्था तत्काल प्रभाव से लागू कर दी गई है।

    विश्वविद्यालय प्रशासन द्वारा जारी आदेश के अनुसार प्रो. अर्चना तिवारी को परीक्षा नियंत्रक के पद से मुक्त करने के साथ ही परीक्षा संबंधी सभी कार्यों से तत्काल प्रभाव से अलग कर दिया गया है। इतना ही नहीं उनके कार्यालय में कार्यरत शिक्षकों और कर्मचारियों को भी परीक्षा से जुड़े कार्यों से अलग करने के निर्देश दिए गए हैं ताकि परीक्षा संचालन पूरी तरह नई व्यवस्था के तहत किया जा सके।

    प्रशासनिक फेरबदल केवल परीक्षा नियंत्रक के पद तक सीमित नहीं रहा। विश्वविद्यालय ने प्रो. अर्चना तिवारी को स्कूल ऑफ बायोटेक्नोलॉजी के प्रभारी निदेशक पद से भी हटा दिया है। उनकी जगह डॉ. जितेन्द्र अग्रवाल को अगले आदेश तक प्रभारी निदेशक नियुक्त किया गया है। इसके अलावा प्रो. तिवारी से डायरेक्टर आईक्यूएसी सहित सभी अतिरिक्त प्रशासनिक दायित्व भी वापस ले लिए गए हैं।

    विश्वविद्यालय प्रशासन का कहना है कि जून जुलाई परीक्षा सत्र के दौरान किसी भी प्रकार की प्रशासनिक बाधा से बचने और परीक्षा व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने के उद्देश्य से प्रो. संजीव शर्मा को दोबारा परीक्षा नियंत्रक की जिम्मेदारी सौंपी गई है। आदेश में स्पष्ट किया गया है कि यह निर्णय तत्काल प्रभाव से लागू रहेगा और परीक्षा संचालन की पूरी जिम्मेदारी अब उनके पास होगी।

    इस पूरे घटनाक्रम का सबसे महत्वपूर्ण पहलू विभागीय जांच की तैयारी है। आदेश की प्रतिलिपि में उपकुलसचिव स्थापना को निर्देश दिए गए हैं कि प्रो. अर्चना तिवारी के खिलाफ विभागीय जांच शुरू करने जांच अधिकारी नियुक्त करने और आरोप पत्र जारी करने के लिए अलग से प्रस्ताव तैयार किया जाए। इससे स्पष्ट संकेत मिलते हैं कि विश्वविद्यालय प्रशासन केवल जिम्मेदारियों में बदलाव तक सीमित नहीं रहना चाहता बल्कि मामले की विस्तृत जांच भी कराना चाहता है।

    जानकारी के अनुसार यह कार्रवाई विश्वविद्यालय की तीन सदस्यीय जांच समिति की अंतरिम रिपोर्ट मिलने के बाद की गई है। समिति ने अपनी प्रारंभिक रिपोर्ट में माना है कि परीक्षा प्रश्नपत्रों की गोपनीयता बनाए रखने परीक्षा संचालन में आवश्यक सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करने और मानक संचालन प्रक्रिया का पालन करने में अपेक्षित स्तर की सावधानी नहीं बरती गई। इसी आधार पर विश्वविद्यालय प्रशासन ने तत्काल प्रशासनिक बदलाव का निर्णय लिया।

    विश्वविद्यालय ने स्पष्ट किया है कि यह आदेश कुलपति की स्वीकृति से जारी किया गया है और तत्काल प्रभाव से लागू हो चुका है। हालांकि आदेश में प्रस्तावित विभागीय जांच के विस्तृत कारणों का उल्लेख नहीं किया गया है लेकिन प्रशासनिक हलकों में इस कार्रवाई को लेकर चर्चाओं का दौर तेज हो गया है। अब सभी की नजर विभागीय जांच की आगामी प्रक्रिया और उसकी अंतिम रिपोर्ट पर टिकी हुई है।

  • भोपाल नगर निगम की कार्यप्रणाली पर सवाल 14.69 लाख के टैक्स घोटाले में आरोपी जेल पहुंचे लेकिन नौकरी बरकरार

    भोपाल नगर निगम की कार्यप्रणाली पर सवाल 14.69 लाख के टैक्स घोटाले में आरोपी जेल पहुंचे लेकिन नौकरी बरकरार


    भोपाल । भोपाल नगर निगम में प्रॉपर्टी टैक्स और जलकर वसूली से जुड़ा 14 लाख 69 हजार 798 रुपए का बड़ा घोटाला सामने आने के बाद निगम की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि इस पूरे मामले की जानकारी अधिकारियों को मार्च महीने में ही मिल गई थी लेकिन इसके बावजूद लगभग चार महीने तक कार्रवाई नहीं की गई और मामला फाइलों में दबा रहा। आखिरकार 5 जुलाई को एफआईआर दर्ज हुई जिसके बाद दोनों आरोपी कर्मचारियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया। हालांकि अब तक नगर निगम ने उनकी सेवाएं समाप्त नहीं की हैं।

    जांच के अनुसार यह पूरा फर्जीवाड़ा नेशनल लोक अदालत के दौरान अंजाम दिया गया। 14 मार्च 2026 को वार्ड 33 के वार्ड प्रभारी रघुवीर तिवारी की यूजर आईडी का दुरुपयोग कर 106 फर्जी प्रॉपर्टी टैक्स और जलकर रसीदें जारी की गईं। इन रसीदों में करीब 14.69 लाख रुपए टैक्स जमा होना दर्शाया गया जबकि बैंक खातों के मिलान में बड़ी गड़बड़ी सामने आई। इसके बाद पूरे मामले की जांच शुरू हुई तो घोटाले की परतें खुलती चली गईं।

    जांच में सामने आया कि वार्ड 24 में पदस्थ कंप्यूटर ऑपरेटर शिराज उलहक और योजना शाखा में कार्यरत मोहम्मद समीर खान ने मिलकर इस फर्जीवाड़े को अंजाम दिया। आरोप है कि दोनों संपत्ति मालिकों को आधे टैक्स में भुगतान कराने का लालच देते थे। इसके लिए उन्होंने वार्ड 24 की एक ऑपरेटर के माध्यम से वार्ड 33 के प्रभारी की यूजर आईडी और पासवर्ड हासिल किए और उसी का उपयोग कर फर्जी रसीदें जारी कर दीं। लोगों से वसूली गई रकम सरकारी खाते में जमा करने के बजाय खुद हड़प ली गई।

    इस घोटाले ने नगर निगम के ऑनलाइन टैक्स सिस्टम की सुरक्षा व्यवस्था पर भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। एक वार्ड की यूजर आईडी और पासवर्ड का उपयोग दूसरे वार्ड में कर इतनी बड़ी संख्या में फर्जी रसीदें जारी होना तकनीकी व्यवस्था की बड़ी खामी को उजागर करता है। अब पूरे सिस्टम के तकनीकी ऑडिट और अन्य वार्डों के रिकॉर्ड की भी जांच की मांग उठने लगी है ताकि यह पता लगाया जा सके कि कहीं इसी तरह की अनियमितताएं अन्य स्थानों पर भी तो नहीं हुई हैं।

    इस मामले का सबसे बड़ा नुकसान उन नागरिकों को हुआ जिन्होंने आरोपियों को टैक्स की राशि देकर वैध समझकर रसीदें प्राप्त कर ली थीं। बाद में उनके खातों में वही टैक्स दोबारा बकाया दिखाया गया। यानी जिन्होंने भुगतान किया वही दोबारा निगम के रिकॉर्ड में बकायादार बन गए। इससे आम लोगों को आर्थिक और मानसिक दोनों तरह की परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

    हालांकि दोनों आरोपी जेल भेजे जा चुके हैं लेकिन अब तक नगर निगम ने उनसे गबन की गई राशि की वसूली की प्रक्रिया शुरू नहीं की है और न ही उनकी सेवाएं समाप्त की गई हैं। अपर आयुक्त अंजू अरुण कुमार ने कहा है कि मामले में नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। अब सभी की नजर इस बात पर है कि नगर निगम दोषियों के खिलाफ कितनी तेजी और सख्ती से आगे की कार्रवाई करता है।

  • अपराधियों पर पुलिस की कड़ी नजर पुराने भोपाल में रातभर चला चेकिंग अभियान कई वाहनों की जांच

    अपराधियों पर पुलिस की कड़ी नजर पुराने भोपाल में रातभर चला चेकिंग अभियान कई वाहनों की जांच


    भोपाल  भोपाल के पुराने शहर में कानून व्यवस्था को और मजबूत बनाने तथा अपराधियों पर शिकंजा कसने के उद्देश्य से मंगलवार देर रात पुलिस ने व्यापक चेकिंग और सर्च अभियान चलाया। अभियान के दौरान शहर के कई थाना क्षेत्रों में प्रमुख चौराहों बाजारों और संवेदनशील इलाकों में बैरिकेड्स लगाकर आने जाने वाले वाहनों की गहन जांच की गई। पुलिस की इस कार्रवाई का मुख्य उद्देश्य संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखना अपराधियों में कानून का भय बनाए रखना और आम नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करना था।

    रातभर चले इस अभियान के दौरान पुलिस ने बिना किसी ठोस कारण देर रात सड़कों पर घूम रहे लोगों से पूछताछ की। उनकी पहचान की पुष्टि की गई और संदिग्ध गतिविधियों से जुड़े लोगों पर विशेष नजर रखी गई। जरूरत पड़ने पर आवश्यक कानूनी कार्रवाई भी की गई ताकि किसी भी प्रकार की आपराधिक गतिविधि को समय रहते रोका जा सके।

    अभियान के दौरान दोपहिया और चारपहिया वाहनों की भी सघन जांच की गई। वाहन चालकों से ड्राइविंग लाइसेंस वाहन पंजीयन प्रमाण पत्र बीमा और अन्य आवश्यक दस्तावेजों की जांच की गई। जिन लोगों ने यातायात नियमों का उल्लंघन किया उनके खिलाफ चालानी कार्रवाई की गई। पुलिस ने बिना हेलमेट वाहन चलाने ओवरलोडिंग और अन्य नियमों का उल्लंघन करने वालों पर भी सख्ती दिखाई।

    सिर्फ वाहन जांच तक ही अभियान सीमित नहीं रहा बल्कि पुलिस टीमों ने पुराने भोपाल के संवेदनशील इलाकों में पैदल गश्त भी की। बाजारों और भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों में मौजूद लोगों से बातचीत कर उन्हें सुरक्षा संबंधी आवश्यक जानकारी दी गई। पुलिस ने नागरिकों से अपील की कि यदि उन्हें किसी भी प्रकार की संदिग्ध गतिविधि दिखाई दे तो उसकी सूचना तुरंत पुलिस को दें ताकि समय रहते प्रभावी कार्रवाई की जा सके।

    डीसीपी आयुष गुप्ता ने बताया कि शहर में शांति व्यवस्था बनाए रखने और अपराधियों में कानून का डर कायम रखने के लिए इस तरह के विशेष अभियान आगे भी लगातार चलाए जाएंगे। उन्होंने कहा कि पुलिस का उद्देश्य केवल अपराधियों पर कार्रवाई करना ही नहीं बल्कि आम नागरिकों में सुरक्षा का भरोसा मजबूत करना भी है। इसके साथ ही यातायात नियमों का पालन सुनिश्चित कराने के लिए भी नियमित रूप से विशेष अभियान जारी रहेंगे।

    भोपाल पुलिस का मानना है कि लगातार निगरानी सघन चेकिंग और आम जनता के सहयोग से अपराधों पर प्रभावी नियंत्रण पाया जा सकता है। इसी रणनीति के तहत भविष्य में भी शहर के विभिन्न हिस्सों में ऐसे अभियान चलाए जाते रहेंगे ताकि राजधानी में कानून व्यवस्था मजबूत बनी रहे और नागरिक सुरक्षित वातावरण में रह सकें।

  • मध्यप्रदेश वक्फ बोर्ड को लेकर बढ़ा विवाद गैर मुस्लिम सदस्यों की नियुक्ति के विरोध में तेज हुआ आंदोलन

    मध्यप्रदेश वक्फ बोर्ड को लेकर बढ़ा विवाद गैर मुस्लिम सदस्यों की नियुक्ति के विरोध में तेज हुआ आंदोलन


    नई दिल्ली । मध्यप्रदेश वक्फ बोर्ड में दो गैर मुस्लिम सदस्यों की नियुक्ति को लेकर प्रदेश में विवाद लगातार गहराता जा रहा है। ऑल इंडिया मुस्लिम त्योहार कमेटी ने इस फैसले का विरोध करते हुए अब सीधे राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री से हस्तक्षेप की मांग की है। संगठन के मुख्य संरक्षक शमशुल हसन ने कहा कि वक्फ बोर्ड में दो गैर मुस्लिम सदस्यों को शामिल किए जाने से मुस्लिम समाज की भावनाएं आहत हुई हैं। इसी को लेकर दोनों संवैधानिक पदों पर बैठे नेताओं को पत्र भेजकर मौजूदा आदेश को वापस लेने और बोर्ड का नए सिरे से पुनर्गठन करने की मांग की गई है।

    शमशुल हसन ने कहा कि संगठन को वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष सनव्वर पटेल या अन्य मुस्लिम सदस्यों के कामकाज पर कोई आपत्ति नहीं है। उनका विरोध केवल उन दो गैर मुस्लिम सदस्यों की नियुक्ति को लेकर है जिन्हें बोर्ड में शामिल किया गया है। उनका कहना है कि वक्फ इस्लाम से जुड़ी धार्मिक और सामाजिक संस्था है इसलिए इसके संचालन और प्रबंधन में मुस्लिम समाज के प्रतिनिधियों की ही भागीदारी होनी चाहिए।

    उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री को भेजे गए पत्र में यह भी आग्रह किया गया है कि वर्तमान वक्फ बोर्ड को भंग कर समाज की भावनाओं के अनुरूप नए बोर्ड का गठन किया जाए। उनका विश्वास है कि देश के सर्वोच्च संवैधानिक पदों पर बैठे लोग इस विषय की संवेदनशीलता को समझते हुए उचित निर्णय लेंगे। उन्होंने यह भी कहा कि अतीत में भी जनभावनाओं को देखते हुए कई महत्वपूर्ण फैसलों पर पुनर्विचार किया गया है इसलिए इस मामले में भी सरकार सकारात्मक कदम उठा सकती है।

    इस मुद्दे पर शमशुल हसन ने उन उलेमाओं और मुस्लिम धर्मगुरुओं पर भी अप्रत्यक्ष रूप से सवाल उठाए जिन्होंने नए वक्फ बोर्ड और उसके अध्यक्ष का स्वागत किया है। उनका कहना है कि धार्मिक नेतृत्व को समाज की भावनाओं के साथ खड़ा होना चाहिए। उन्होंने कहा कि कुरान और हदीस की शिक्षाओं से परिचित होने के बावजूद यदि कोई ऐसे फैसलों का समर्थन करता है तो इससे समाज में नाराजगी बढ़ती है। उन्होंने धार्मिक नेतृत्व से अपने रुख पर पुनर्विचार करने की अपील भी की।

    शमशुल हसन ने कहा कि इतिहास में मुस्लिम उलेमाओं ने समाज और धार्मिक संस्थाओं की रक्षा के लिए कई संघर्ष किए हैं। आज भी धार्मिक नेतृत्व की जिम्मेदारी केवल बयान देने तक सीमित नहीं है बल्कि समुदाय के अधिकारों और धार्मिक संस्थाओं की गरिमा बनाए रखने की भी है। उन्होंने कहा कि जो लोग इस मुद्दे पर चुप हैं या समर्थन कर रहे हैं उन्हें इतिहास से सीख लेते हुए समाज के हित में आवाज उठानी चाहिए।

    संगठन का दावा है कि केवल मध्यप्रदेश ही नहीं बल्कि देश के कई हिस्सों में मुस्लिम समाज इस फैसले से असंतुष्ट है। उनका कहना है कि यह विरोध किसी राजनीतिक दल के खिलाफ नहीं बल्कि एक ऐसे निर्णय के विरोध में है जिसे समुदाय अपनी धार्मिक व्यवस्था में हस्तक्षेप के रूप में देख रहा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि सरकार ने इस फैसले पर पुनर्विचार नहीं किया तो संगठन लोकतांत्रिक और संवैधानिक तरीकों से अपना आंदोलन आगे भी जारी रखेगा।

    गौरतलब है कि मध्यप्रदेश सरकार ने हाल ही में वक्फ बोर्ड का पुनर्गठन करते हुए पहली बार दो गैर मुस्लिम सदस्यों को बोर्ड में शामिल किया है। इसी फैसले के बाद विभिन्न मुस्लिम संगठनों की ओर से विरोध प्रदर्शन और ज्ञापन देने का सिलसिला लगातार जारी है।

  • आज का मौसम देगा राहत और चुनौती दोनों कई राज्यों में झमाझम बारिश का अलर्ट गर्मी से मिलेगी राहत लेकिन बढ़ेगा जलभराव का खतरा

    आज का मौसम देगा राहत और चुनौती दोनों कई राज्यों में झमाझम बारिश का अलर्ट गर्मी से मिलेगी राहत लेकिन बढ़ेगा जलभराव का खतरा


    मध्यप्रदेश । देशभर में आज मौसम का मिजाज बदला हुआ नजर आएगा। मानसून की सक्रियता के चलते कई राज्यों में अच्छी बारिश होने की संभावना है जबकि कुछ क्षेत्रों में हल्की से मध्यम बारिश के साथ तेज हवाएं और गरज चमक भी देखने को मिल सकती हैं। मौसम विभाग के अनुसार उत्तर भारत मध्य भारत पूर्वी भारत और पश्चिमी तटीय इलाकों में मानसून मजबूत स्थिति में बना हुआ है जिससे लोगों को भीषण गर्मी से राहत मिलने की उम्मीद है। हालांकि भारी बारिश वाले इलाकों में जलभराव फिसलन और यातायात प्रभावित होने जैसी समस्याएं भी सामने आ सकती हैं।

    दिल्ली एनसीआर उत्तर प्रदेश मध्य प्रदेश राजस्थान बिहार झारखंड छत्तीसगढ़ और पश्चिम बंगाल के कई हिस्सों में आज बादल छाए रहने के साथ रुक रुक कर बारिश हो सकती है। कुछ स्थानों पर तेज बारिश के साथ बिजली चमकने और तेज हवा चलने की भी संभावना जताई गई है। मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि सक्रिय मानसूनी सिस्टम के कारण अगले कुछ दिनों तक बारिश का सिलसिला जारी रह सकता है जिससे तापमान में गिरावट आएगी और लोगों को उमस से राहत मिलेगी।

    मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश के कई जिलों में आज भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। निचले इलाकों में जलभराव की स्थिति बन सकती है इसलिए लोगों को अनावश्यक यात्रा से बचने की सलाह दी गई है। वहीं राजस्थान के पूर्वी हिस्सों में भी बारिश की गतिविधियां बढ़ने की संभावना है जबकि पश्चिमी क्षेत्रों में मौसम अपेक्षाकृत शुष्क रह सकता है। बिहार और झारखंड में भी कई स्थानों पर गरज चमक के साथ अच्छी बारिश होने के आसार हैं।

    पश्चिमी तट की बात करें तो महाराष्ट्र गोवा कर्नाटक और केरल में मानसून पूरी तरह सक्रिय बना हुआ है। इन राज्यों में कई स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है। पहाड़ी क्षेत्रों में भूस्खलन और नदी नालों के जलस्तर में बढ़ोतरी की आशंका को देखते हुए प्रशासन ने सतर्कता बरतने की अपील की है। उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश के पर्वतीय इलाकों में भी तेज बारिश के कारण भूस्खलन और सड़क बाधित होने की संभावना बनी हुई है।

    पूर्वोत्तर राज्यों में भी बारिश का दौर जारी रहेगा। असम मेघालय अरुणाचल प्रदेश नागालैंड और मिजोरम में कई स्थानों पर अच्छी बारिश होने की संभावना है। किसानों के लिए यह बारिश खरीफ फसलों की बुवाई और विकास के लिहाज से लाभदायक मानी जा रही है लेकिन अधिक वर्षा वाले क्षेत्रों में खेतों में जलभराव की समस्या भी उत्पन्न हो सकती है।

    मौसम विभाग ने लोगों को सलाह दी है कि खराब मौसम के दौरान खुले मैदानों पेड़ों और बिजली के खंभों के पास खड़े होने से बचें। तेज बारिश के दौरान वाहन सावधानी से चलाएं और जलभराव वाले रास्तों पर जाने से परहेज करें। जिन क्षेत्रों में भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है वहां स्थानीय प्रशासन के निर्देशों का पालन करना जरूरी है। कुल मिलाकर आज का दिन देश के अधिकांश हिस्सों में बारिश और बदलते मौसम के नाम रहेगा जिससे गर्मी से राहत तो मिलेगी लेकिन सावधानी बरतना भी उतना ही आवश्यक होगा।

  • Weather Today 8 July 2026: मानसून पूरी तरह सक्रिय, कई राज्यों में झमाझम बारिश और तेज हवाओं का अलर्ट

    Weather Today 8 July 2026: मानसून पूरी तरह सक्रिय, कई राज्यों में झमाझम बारिश और तेज हवाओं का अलर्ट


    मध्य प्रदेश । देशभर में मानसून अब पूरी तरह सक्रिय हो चुका है और 8 जुलाई को भी कई राज्यों में अच्छी बारिश की संभावना बनी हुई है। मौसम के बदले मिजाज से जहां लोगों को भीषण गर्मी से राहत मिल रही है वहीं कई इलाकों में तेज बारिश के कारण जलभराव और जनजीवन प्रभावित होने की आशंका भी बढ़ गई है। मौसम विभाग के अनुसार मध्य भारत उत्तर भारत और पूर्वी भारत के कई हिस्सों में दिनभर बादल छाए रह सकते हैं और कई स्थानों पर हल्की से मध्यम तथा कुछ इलाकों में भारी बारिश दर्ज की जा सकती है।

    मध्य प्रदेश में मानसून सबसे अधिक सक्रिय रहने की संभावना है। भोपाल इंदौर जबलपुर उज्जैन ग्वालियर सागर रीवा छिंदवाड़ा मंडला पन्ना खजुराहो और आसपास के जिलों में रुक रुक कर बारिश हो सकती है। कुछ स्थानों पर तेज बारिश के साथ बिजली चमकने और तेज हवाएं चलने की भी संभावना है। निचले इलाकों में जलभराव और नदी नालों का जलस्तर बढ़ सकता है इसलिए लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है।

    उत्तर प्रदेश राजस्थान छत्तीसगढ़ बिहार झारखंड और ओडिशा के कई हिस्सों में भी अच्छी बारिश होने के आसार हैं। दिल्ली एनसीआर में दिनभर बादल छाए रह सकते हैं और शाम या रात के समय हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है जिससे तापमान में गिरावट दर्ज हो सकती है।

    पश्चिमी भारत में महाराष्ट्र और गुजरात के कई क्षेत्रों में भी मानसूनी गतिविधियां तेज बनी रहेंगी। तटीय इलाकों में तेज हवाओं के साथ भारी बारिश हो सकती है। वहीं दक्षिण भारत के केरल कर्नाटक तमिलनाडु और तेलंगाना के कई हिस्सों में भी बारिश का सिलसिला जारी रहने की संभावना है।

    मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि जहां बारिश राहत लेकर आएगी वहीं अत्यधिक वर्षा वाले क्षेत्रों में लोगों को अतिरिक्त सावधानी बरतने की जरूरत है। जलभराव वाले रास्तों से बचें नदी नालों के पास अनावश्यक रूप से न जाएं और खराब मौसम के दौरान सुरक्षित स्थान पर ही रहें। किसानों के लिए यह बारिश खरीफ फसलों के लिहाज से लाभदायक मानी जा रही है लेकिन लगातार भारी वर्षा वाले क्षेत्रों में फसलों की निगरानी भी जरूरी होगी।

    कुल मिलाकर 8 जुलाई का दिन देश के अधिकांश हिस्सों में बादलों और बारिश के नाम रहने वाला है। कई राज्यों में अच्छी वर्षा होने की संभावना है जिससे मौसम सुहावना रहेगा लेकिन भारी बारिश वाले इलाकों में लोगों को सतर्क रहना चाहिए।

  • एमपी में मानसून ने पकड़ी रफ्तार, अगले 4 दिन भारी बारिश का अलर्ट, कई जिलों में बाढ़ जैसे हालात

    एमपी में मानसून ने पकड़ी रफ्तार, अगले 4 दिन भारी बारिश का अलर्ट, कई जिलों में बाढ़ जैसे हालात


    भोपाल। मध्य प्रदेश में मानसून पूरी तरह सक्रिय है और लगातार हो रही बारिश से कई जिलों में जनजीवन प्रभावित हो गया है। पन्ना, छतरपुर और खंडवा समेत कई क्षेत्रों में बाढ़ जैसे हालात बन गए हैं। मंगलवार को तेज बारिश के कारण कई सड़क मार्ग बंद हो गए, जबकि नदियां उफान पर रहीं।

    भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के भोपाल केंद्र के अनुसार, प्रदेश में अगले चार दिनों तक भारी से अति भारी बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है। इस दौरान 24 घंटे में 4 से 8 इंच तक वर्षा हो सकती है।

    बुधवार के लिए श्योपुर, शिवपुरी, गुना, अशोकनगर, सागर और टीकमगढ़ जिलों में अति भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। वहीं ग्वालियर, मुरैना, भिंड, दतिया, निवाड़ी, छतरपुर, दमोह, कटनी, जबलपुर, नरसिंहपुर, रायसेन, नर्मदापुरम, विदिशा, सीहोर, राजगढ़, आगर-मालवा, उज्जैन, इंदौर, धार, झाबुआ, नीमच और मंदसौर में भारी बारिश की चेतावनी दी गई है।

    इसके अलावा आलीराजपुर, बड़वानी, खरगोन, बुरहानपुर, खंडवा, हरदा, बैतूल, देवास, भोपाल, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, सिवनी, मंडला, बालाघाट, डिंडौरी, अनूपपुर, उमरिया, शहडोल, पन्ना, सतना, रीवा, मऊगंज, सीधी, मैहर और सिंगरौली जिलों में हल्की बारिश का सिलसिला जारी रहने की संभावना जताई गई है।

    कई जिलों में बारिश से बढ़ी परेशानी
    मंगलवार को हुई तेज बारिश के कारण प्रदेश के कई हिस्सों में जलभराव और बाढ़ जैसे हालात देखने को मिले। इंदौर के खुड़ैल रोड स्थित जेतकारण गांव में सड़क धंस जाने से स्कूली बच्चों की आवाजाही प्रभावित हुई। वहीं, खजुराहो में कई मार्ग बंद हो गए और पन्ना में जलभराव की स्थिति बनी रही।

    मंगलवार को प्रदेश के 29 जिलों में वर्षा दर्ज की गई। सबसे अधिक पौने दो इंच बारिश छतरपुर के खजुराहो में हुई। धार में डेढ़ इंच से अधिक, राजगढ़ में सवा इंच, रतलाम और उज्जैन में पौन इंच, जबकि भोपाल, सागर और खरगोन में करीब आधा इंच वर्षा रिकॉर्ड की गई।

    बारिश से तापमान में आई गिरावट
    लगातार बारिश के चलते प्रदेशभर में मौसम सुहावना हो गया है और दिन के तापमान में भी कमी दर्ज की गई। पांच प्रमुख शहरों में इंदौर का अधिकतम तापमान 30.2 डिग्री सेल्सियस, जबलपुर 30.6 डिग्री, भोपाल 31 डिग्री, उज्जैन 31.5 डिग्री और ग्वालियर 33.4 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया।

    सबसे अधिक तापमान श्योपुर में 34.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ, जबकि मलाजखंड सबसे ठंडा रहा, जहां अधिकतम तापमान 25.7 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। सिवनी, धार, नौगांव, दमोह, खंडवा, सागर, बैतूल, छिंदवाड़ा, खरगोन, टीकमगढ़ और सतना में अधिकतम तापमान 30 डिग्री सेल्सियस से नीचे रहा।

    सामान्य से 5 प्रतिशत अधिक हुई बारिश
    प्रदेश में जून महीने से ही आंधी और बारिश का सिलसिला जारी है। 6 जुलाई तक हुई वर्षा के आंकड़ों के अनुसार, मध्य प्रदेश में अब तक 200.5 मिमी (करीब 8 इंच) बारिश दर्ज की जा चुकी है, जो सामान्य 191.3 मिमी (7.7 इंच) वर्षा की तुलना में 5 प्रतिशत अधिक है। हालांकि प्रदेश के पूर्वी हिस्से में सामान्य से 12 प्रतिशत कम बारिश हुई है, जबकि पश्चिमी क्षेत्र में सामान्य से 21 प्रतिशत अधिक वर्षा दर्ज की गई है।

  • शिवपुरी में आत्मदाह की कोशिश से मचा हड़कंप, महिला ने ससुराल पर लगाए गंभीर आरोप

    शिवपुरी में आत्मदाह की कोशिश से मचा हड़कंप, महिला ने ससुराल पर लगाए गंभीर आरोप


    शिवपुरी   शिवपुरी में मंगलवार को पुलिस कंट्रोल रूम के बाहर उस समय अफरा-तफरी मच गई जब एक महिला अपने पति के साथ हाथ में पेट्रोल से भरी बोतल लेकर पहुंची और आत्मदाह की चेतावनी देने लगी। मौके पर मौजूद महिला पुलिसकर्मियों ने तत्काल सतर्कता दिखाते हुए उसके हाथ से बोतल छीन ली और काफी देर तक समझाइश देकर उसे शांत कराया। समय रहते पुलिस की सक्रियता से एक बड़ा हादसा टल गया।

    महिला ने आरोप लगाया कि शादी के बाद से ही उसे दहेज को लेकर लगातार प्रताड़ित किया गया। ससुराल पक्ष मायके से पैसे लाने का दबाव बनाता था और विरोध करने पर मानसिक तथा शारीरिक रूप से परेशान करता था। महिला का कहना है कि उसके एक लाख रुपए और सोने-चांदी के जेवर भी ससुराल वालों ने अपने कब्जे में रख लिए हैं और अब उन्हें लौटाने से इनकार कर रहे हैं।

    महिला के अनुसार, उसे और उसके पति को जिस मकान में रहने का अधिकार है, उसी मकान से बेदखल करने की कोशिश की जा रही है। उसने दावा किया कि मकान का निर्माण उसके पति और ससुर की कमाई से हुआ था, लेकिन रजिस्ट्री सास के नाम कराई गई। अब परिवार के लोग उन्हें घर से निकालना चाहते हैं। इतना ही नहीं, उनके उपयोग में आने वाले कॉमन शौचालय पर भी ताला लगा दिया गया है, जिससे उन्हें रोजमर्रा की परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।

    महिला ने बताया कि 13 अप्रैल 2026 को उसके साथ मारपीट की घटना हुई थी। उसने पहले फिजिकल थाना और बाद में महिला थाना में शिकायत दर्ज कराने का प्रयास किया, लेकिन उसके अनुसार पुलिस ने एफआईआर दर्ज नहीं की। न्याय नहीं मिलने से निराश होकर वह पुलिस अधीक्षक से मिलने पहुंची, लेकिन वहां भी कार्रवाई नहीं होने का आरोप लगाया।

    महिला के पति ने भी प्रशासन पर लापरवाही का आरोप लगाया। उनका कहना है कि वे पिछले दो दिनों से पुलिस अधीक्षक कार्यालय के चक्कर लगा रहे थे, लेकिन उनकी शिकायत पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। उनका दावा है कि जिस मकान से उन्हें निकाला जा रहा है, उसके निर्माण में उनकी मेहनत और कमाई का बड़ा योगदान है। लगातार अनदेखी से परेशान होकर उनकी पत्नी ने आत्मघाती कदम उठाने की कोशिश की।

    घटना की सूचना मिलते ही पुलिस अधिकारियों ने महिला और उसके पति से बातचीत की। महिला को समझाकर शांत कराया गया और उसका आवेदन लेकर पूरे मामले की जांच शुरू कर दी गई। पुलिस का कहना है कि महिला द्वारा लगाए गए आरोपों की निष्पक्ष जांच की जाएगी। जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

    यह घटना एक बार फिर घरेलू विवादों, दहेज प्रताड़ना और शिकायतों के समय पर निराकरण की आवश्यकता को उजागर करती है। यदि पारिवारिक विवादों और शिकायतों पर समय रहते प्रभावी कार्रवाई हो, तो ऐसे गंभीर और आत्मघाती कदम उठाने की नौबत आने से रोका जा सकता है।

  • महाकाल दरबार में अलौकिक छटा: पंचामृत अभिषेक के बाद राजा स्वरूप शृंगार, भस्म आरती में भावविभोर हुए श्रद्धालु

    महाकाल दरबार में अलौकिक छटा: पंचामृत अभिषेक के बाद राजा स्वरूप शृंगार, भस्म आरती में भावविभोर हुए श्रद्धालु


    इंदौर । विश्व प्रसिद्ध श्री महाकालेश्वर मंदिर में मंगलवार तड़के आयोजित होने वाली भस्म आरती के दौरान आस्था, श्रद्धा और भक्ति का अनुपम संगम देखने को मिला। ब्रह्ममुहूर्त में मंदिर के कपाट खुलते ही भगवान महाकाल के जयघोष से पूरा मंदिर परिसर भक्तिमय हो उठा। देशभर से पहुंचे श्रद्धालुओं ने बाबा महाकाल के दिव्य दर्शन कर स्वयं को धन्य महसूस किया।

    प्रातः चार बजे मंदिर के कपाट खुलने के बाद सबसे पहले भगवान महाकाल का विधि-विधान से हरी ओम जल द्वारा अभिषेक किया गया। इसके पश्चात दूध, दही, घी, शक्कर, शहद और विभिन्न फलों के रस से तैयार पंचामृत से विशेष पूजन संपन्न हुआ। वैदिक मंत्रोच्चार और धार्मिक परंपराओं के बीच संपन्न इस अनुष्ठान ने पूरे वातावरण को आध्यात्मिक ऊर्जा से भर दिया।

    अभिषेक के बाद भगवान महाकाल का अत्यंत आकर्षक राजा स्वरूप शृंगार किया गया। इस दौरान रजत चंद्र, रजत त्रिशूल, त्रिपुण्ड और ड्रायफ्रूट से अलंकरण किया गया। भगवान को रजत का मुकुट, रजत की मुण्डमाल, रुद्राक्ष की मालाएं तथा सुगंधित पुष्पों से बनी विशेष मालाएं पहनाई गईं। दिव्य शृंगार के बाद बाबा महाकाल का स्वरूप अत्यंत मनोहारी और आकर्षक दिखाई दिया, जिसके दर्शन कर श्रद्धालु भावविभोर हो उठे।

    नंदी हाल में विराजमान नंदी महाराज का भी विधिवत स्नान, ध्यान और पूजन किया गया। भगवान महाकाल को फल, मिष्ठान और अन्य नैवेद्य अर्पित किए गए। मंदिर परिसर में शंख, घंटा, झांझ, मंजीरा और डमरू की गूंज के बीच वातावरण पूरी तरह शिवमय हो गया। भक्ति संगीत और वैदिक मंत्रों के साथ संपन्न हुई भस्म आरती ने श्रद्धालुओं को आध्यात्मिक अनुभूति से भर दिया।

    भस्म आरती के दौरान महा निर्वाणी अखाड़े की ओर से भगवान महाकाल को पवित्र भस्म अर्पित की गई। धार्मिक मान्यता है कि भस्म अर्पित होने के बाद भगवान महाकाल अपने निराकार स्वरूप से साकार रूप में भक्तों को दर्शन देते हैं। यही कारण है कि प्रतिदिन तड़के होने वाली इस अनूठी आरती के दर्शन के लिए देश-विदेश से हजारों श्रद्धालु उज्जैन पहुंचते हैं।

    मंगलवार की भस्म आरती में भी बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लेकर बाबा महाकाल का आशीर्वाद प्राप्त किया। मंदिर परिसर में सुरक्षा और दर्शन व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने के लिए विशेष इंतजाम किए गए थे। श्रद्धालुओं ने शांतिपूर्वक दर्शन कर भगवान महाकाल से सुख, समृद्धि और मंगलमय जीवन की कामना की। सावन से पहले बढ़ती श्रद्धालुओं की संख्या को देखते हुए आने वाले दिनों में मंदिर में और अधिक भीड़ उमड़ने की संभावना जताई जा रही है।