Category: Madhya Pradesh

  • देवास पुलिस की बड़ी कामयाबी: 50 सीसीटीवी फुटेज खंगालकर तीन दिन में सुलझाई राम मंदिर दानपेटी चोरी, तीन आरोपी गिरफ्तार

    देवास पुलिस की बड़ी कामयाबी: 50 सीसीटीवी फुटेज खंगालकर तीन दिन में सुलझाई राम मंदिर दानपेटी चोरी, तीन आरोपी गिरफ्तार


    देवास । देवास पुलिस ने रामचंद्र नगर स्थित राम मंदिर की दानपेटी चोरी के मामले में तेजी से कार्रवाई करते हुए महज तीन दिन के भीतर पूरे मामले का खुलासा कर दिया। ‘ऑपरेशन त्रिनेत्रम’ के तहत की गई तकनीकी जांच और सीसीटीवी फुटेज के विश्लेषण के आधार पर पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर चोरी गई पूरी नकदी भी बरामद कर ली। इस कार्रवाई को पुलिस की त्वरित और प्रभावी जांच का महत्वपूर्ण उदाहरण माना जा रहा है।

    मामला तब सामने आया जब मंदिर के पुजारी ओमप्रकाश जोशी ने औद्योगिक क्षेत्र थाने में शिकायत दर्ज कराई। उन्होंने बताया कि एक और दो जुलाई की दरमियानी रात अज्ञात बदमाश मंदिर परिसर से दानपेटी उठाकर ले गए। दानपेटी में श्रद्धालुओं द्वारा चढ़ाई गई करीब दो हजार रुपए की नकदी रखी हुई थी। धार्मिक स्थल पर हुई इस चोरी के बाद पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए तत्काल जांच शुरू की।

    पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर विशेष टीम का गठन किया गया और घटनास्थल के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की जांच शुरू हुई। इसी दौरान आईटीआई ग्राउंड में दानपेटी टूटी हुई अवस्था में मिली, जिससे यह स्पष्ट हो गया कि आरोपी नकदी निकालने के बाद उसे वहीं छोड़कर फरार हो गए थे। इसके बाद पुलिस ने ‘ऑपरेशन त्रिनेत्रम’ के तहत क्षेत्र में लगे 50 से अधिक सीसीटीवी कैमरों की फुटेज का बारीकी से विश्लेषण किया। तकनीकी साक्ष्यों और संदिग्ध गतिविधियों के आधार पर तीन युवकों की पहचान की गई।

    मुखबिर से मिली सूचना के आधार पर पुलिस ने मोहित उर्फ लक्की रघुवंशी, खुशाल उर्फ खुशी मुकुन्दे और तोषिफ खान को हिरासत में लेकर पूछताछ की। पूछताछ के दौरान तीनों ने चोरी की वारदात को स्वीकार कर लिया। पुलिस ने उनके कब्जे से दानपेटी से चोरी की गई पूरी नकदी बरामद कर ली। इसके बाद तीनों आरोपियों को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया।

    पुलिस के अनुसार गिरफ्तार आरोपी पहले भी चोरी की घटनाओं में शामिल रह चुके हैं और उनके आपराधिक रिकॉर्ड की भी जांच की जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि आधुनिक तकनीक और सीसीटीवी नेटवर्क की मदद से अपराधियों तक तेजी से पहुंचना संभव हो रहा है। इसी वजह से इस मामले का खुलासा बेहद कम समय में हो सका।

    देवास पुलिस ने इस कार्रवाई के बाद नागरिकों से अपील की है कि धार्मिक स्थलों, दुकानों, संस्थानों और सार्वजनिक स्थानों पर उच्च गुणवत्ता वाले सीसीटीवी कैमरे अवश्य लगवाएं। साथ ही किसी भी संदिग्ध व्यक्ति या गतिविधि की जानकारी तुरंत पुलिस को दें ताकि अपराधों पर प्रभावी नियंत्रण रखा जा सके। पुलिस ने बताया कि इस पूरे अभियान में थाना प्रभारी निरीक्षक शशिकांत चौरसिया सहित जांच टीम के कई अधिकारियों और कर्मचारियों ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

  • 'सेफ क्लिक 2.0' अभियान को मिली रफ्तार: देवास में मैराथन निकालकर पुलिस ने लोगों को किया साइबर अपराधों के प्रति जागरूक

    'सेफ क्लिक 2.0' अभियान को मिली रफ्तार: देवास में मैराथन निकालकर पुलिस ने लोगों को किया साइबर अपराधों के प्रति जागरूक


    इंदौर । बढ़ते साइबर अपराधों और ऑनलाइन ठगी की घटनाओं के बीच देवास पुलिस लोगों को डिजिटल सुरक्षा के प्रति जागरूक करने के लिए लगातार अभियान चला रही है। इसी कड़ी में मंगलवार सुबह ‘सेफ क्लिक 2.0’ अभियान के तहत शहर में एक जागरूकता मैराथन का आयोजन किया गया। इस मैराथन में पुलिस अधीक्षक पुनीत गेहलोद, वरिष्ठ पुलिस अधिकारी, थाना प्रभारी, पुलिसकर्मी और बड़ी संख्या में आम नागरिकों ने भाग लेकर साइबर सुरक्षा का संदेश दिया।

    सुबह छह बजे भोपाल चौराहे से शुरू हुई मैराथन को वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। यह जागरूकता यात्रा शहर के प्रमुख मार्गों से गुजरते हुए औद्योगिक क्षेत्र थाना परिसर तक पहुंची। पूरे मार्ग में प्रतिभागियों ने साइबर अपराधों से बचाव से जुड़े संदेश दिए और नागरिकों से सुरक्षित ऑनलाइन व्यवहार अपनाने की अपील की। अभियान का उद्देश्य लोगों को इंटरनेट और डिजिटल प्लेटफॉर्म का उपयोग करते समय सतर्क रहने के लिए प्रेरित करना था।

    मैराथन के दौरान पुलिस अधिकारियों ने नागरिकों को बताया कि साइबर ठग लगातार नए-नए तरीके अपनाकर लोगों को अपने जाल में फंसाने की कोशिश करते हैं। ऐसे में किसी भी अनजान लिंक पर क्लिक करने से बचना चाहिए। मोबाइल पर आने वाले संदिग्ध संदेश, फर्जी कॉल या ईमेल पर भरोसा नहीं करना चाहिए। साथ ही बैंक खाते की जानकारी, ओटीपी, एटीएम पिन, पासवर्ड या अन्य गोपनीय जानकारी किसी भी व्यक्ति के साथ साझा नहीं करनी चाहिए।

    पुलिस ने यह भी बताया कि यदि कोई व्यक्ति साइबर ठगी का शिकार हो जाता है तो उसे बिना देर किए राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर शिकायत दर्ज करानी चाहिए या नजदीकी पुलिस थाने अथवा साइबर सेल से तुरंत संपर्क करना चाहिए। समय पर शिकायत दर्ज कराने से कई मामलों में ठगी गई राशि वापस मिलने की संभावना बढ़ जाती है।

    देवास पुलिस का ‘सेफ क्लिक 2.0’ अभियान पिछले चौदह दिनों से लगातार चल रहा है। इस अभियान के तहत स्कूलों, कॉलेजों, बाजारों, सार्वजनिक स्थानों और विभिन्न संस्थानों में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। पुलिस टीम लोगों को डिजिटल फ्रॉड, फर्जी निवेश योजनाओं, सोशल मीडिया ठगी, फिशिंग लिंक, केवाईसी अपडेट के नाम पर होने वाले धोखाधड़ी के मामलों और ऑनलाइन बैंकिंग सुरक्षा से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारी दे रही है।

    पुलिस अधिकारियों का कहना है कि साइबर अपराधों पर प्रभावी नियंत्रण तभी संभव है जब आम नागरिक भी जागरूक और सतर्क रहें। तकनीक जितनी तेजी से आगे बढ़ रही है, साइबर अपराधी भी उतनी ही तेजी से नए तरीके अपना रहे हैं। ऐसे में जागरूकता ही सबसे बड़ा बचाव है। देवास पुलिस ने लोगों से अपील की कि वे किसी भी संदिग्ध ऑनलाइन गतिविधि की तुरंत सूचना दें और सुरक्षित डिजिटल आदतों को अपनाकर स्वयं के साथ अपने परिवार को भी साइबर अपराधों से सुरक्षित रखें।

  • इंदौर हत्याकांड में चौंकाने वाला खुलासा: प्रेमी नहीं, मां और भाई पर हत्या का केस, ऑडियो रिकॉर्डिंग से पलटी जांच

    इंदौर हत्याकांड में चौंकाने वाला खुलासा: प्रेमी नहीं, मां और भाई पर हत्या का केस, ऑडियो रिकॉर्डिंग से पलटी जांच


    इंदौर । इंदौर के हीरानगर क्षेत्र में रहने वाली युवती ज्योति अग्रवाल की मौत के मामले में पुलिस जांच ने बड़ा और चौंकाने वाला मोड़ ले लिया है। जिस मामले में शुरुआत में युवती के प्रेमी को मुख्य आरोपी बताया गया था, उसी मामले में अब पुलिस ने मृतका की मां शीतल अग्रवाल और भाई प्रकाश के खिलाफ हत्या का प्रकरण दर्ज किया है। पुलिस का दावा है कि जांच के दौरान मिले ऑडियो रिकॉर्डिंग, पोस्टमार्टम रिपोर्ट और अन्य परिस्थितिजन्य साक्ष्यों ने पूरी कहानी बदल दी।

    पुलिस के अनुसार तीन अप्रैल को ज्योति की मौत हुई थी, जबकि उससे एक दिन पहले घर में उसकी मां और भाई के साथ विवाद हुआ था। जांच में सामने आया कि दोनों ने उसके साथ मारपीट की थी। बाद में घटना को आत्महत्या का रूप देने की कोशिश की गई। पुलिस का कहना है कि घटनास्थल की स्थिति बदली गई और घर में लगे सीसीटीवी कैमरों की रिकॉर्डिंग भी डिलीट कर दी गई ताकि सच्चाई सामने न आ सके। हालांकि पुलिस अभी तक डिलीट फुटेज को रिकवर करने का प्रयास कर रही है।

    मामले की शुरुआत में मृतका की मां और भाई ने पुलिस को बताया था कि ज्योति के प्रेमी मयंक साहू के पास उसका निजी वीडियो था और वह उसी के आधार पर ब्लैकमेल कर रहा था। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि मयंक उससे लाखों रुपये ले चुका था। लेकिन पूछताछ के दौरान मयंक ने इन आरोपों से इनकार करते हुए बताया कि पैसों का संबंध व्यापारिक लेनदेन से था और बाद में उसने ज्योति को सोना खरीदकर भी दिया था।

    जांच की दिशा उस समय पूरी तरह बदल गई जब मयंक ने पुलिस को दो अप्रैल की रात की एक ऑडियो रिकॉर्डिंग सौंपी। रिकॉर्डिंग में ज्योति अपने मित्र से बातचीत के दौरान बता रही थी कि उसकी मां और भाई उसके साथ मारपीट कर रहे हैं तथा पुलिस को सूचना देने की बात कह रही है। हालांकि उस समय पुलिस को सूचना नहीं दी गई, लेकिन अगले ही दिन ज्योति की मौत की खबर सामने आ गई। इसी रिकॉर्डिंग ने पुलिस को नए सिरे से पूरे मामले की जांच करने के लिए मजबूर कर दिया।

    पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद पुलिस का शक और गहरा गया। रिपोर्ट में युवती के सिर पर गंभीर चोटों के साथ शरीर के कई हिस्सों पर चोट के निशान मिले। जब इन चोटों के बारे में मां और भाई से पूछताछ की गई तो वे संतोषजनक जवाब नहीं दे सके। वहीं सीसीटीवी फुटेज डिलीट होने की वजह भी स्पष्ट नहीं कर पाए। पुलिस का कहना है कि उपलब्ध साक्ष्यों से यह भी संकेत मिले हैं कि मारपीट के बाद युवती की तबीयत बिगड़ने पर उसे जबरन जहरीला पदार्थ पिलाया गया।

    जांच में यह भी सामने आया कि ज्योति और मयंक एक-दूसरे को लंबे समय से जानते थे और शादी करना चाहते थे, लेकिन परिवार इस रिश्ते के खिलाफ था। दोनों ने भविष्य के लिए आर्थिक तैयारी भी कर रखी थी। फिलहाल पुलिस ने मां और भाई के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज कर आगे की जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि मामले के सभी पहलुओं की गहन जांच की जा रही है और आगे और महत्वपूर्ण तथ्य सामने आ सकते हैं।

  • एमपी में मानसून का कहर: इंदौर में सड़क धंसी, जिला अस्पताल में भरा पानी, दुल्हन को गोद में उठाकर ले गया दूल्हा

    एमपी में मानसून का कहर: इंदौर में सड़क धंसी, जिला अस्पताल में भरा पानी, दुल्हन को गोद में उठाकर ले गया दूल्हा


    मध्य प्रदेश । मध्य प्रदेश में मानसून ने रफ्तार पकड़ ली है और लगातार हो रही बारिश अब जनजीवन पर भारी पड़ने लगी है। पिछले चौबीस घंटे के दौरान प्रदेश के 35 से अधिक जिलों में झमाझम बारिश दर्ज की गई। कई इलाकों में सड़कें धंस गईं, नदी-नाले उफान पर आ गए, अस्पतालों और धार्मिक स्थलों में पानी भर गया, जबकि कई गांवों का संपर्क मुख्य मार्गों से टूट गया। बारिश के बीच इंदौर में एक शादी समारोह का अनोखा दृश्य भी सामने आया, जहां पानी से लबालब मैरिज गार्डन में दूल्हे ने अपनी दुल्हन को गोद में उठाकर विवाह स्थल तक पहुंचाया।

    इंदौर से करीब तीस किलोमीटर दूर जेतकारण गांव में तेज बारिश के कारण सड़क धंस गई। सड़क टूटने से स्कूली बच्चों का रास्ता बंद हो गया। ग्रामीणों ने मानव शृंखला बनाकर उफनते नाले के बीच से बच्चों को सुरक्षित पार कराया। वहीं शहर के कैट रोड स्थित एक मैरिज गार्डन में पानी भर जाने से शादी समारोह प्रभावित हुआ। पानी से भरे रास्ते को पार कराने के लिए दूल्हे ने दुल्हन को गोद में उठाया। इस दौरान गार्डन में जूते और चप्पल पानी में तैरते नजर आए, जिसका वीडियो भी लोगों के बीच चर्चा का विषय बना।

    पन्ना जिले में लगातार बारिश के चलते जिला अस्पताल के सर्जिकल और डिलीवरी वार्ड की गैलरी में घुटनों तक पानी भर गया। मरीजों और उनके परिजनों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। वहीं हरसा-बागोहा नाला उफान पर होने के बावजूद लोग पुल के ऊपर बहते पानी के बीच जान जोखिम में डालकर आवागमन करते रहे। खजुराहो में चौबीस घंटे के दौरान सबसे अधिक 4.4 इंच बारिश दर्ज की गई। लगातार वर्षा से खूडर नदी का जलस्तर बढ़ने पर खजुराहो-जटकरा मार्ग एहतियात के तौर पर बंद कर दिया गया, जबकि बमीठा स्थित नेशनल हाईवे पर करीब तीन फीट तक पानी भरने से यातायात प्रभावित रहा।

    रायसेन जिले के बापौली धाम आश्रम में एक घंटे की तेज बारिश के बाद बाढ़ जैसे हालात बन गए। आश्रम परिसर, संस्कृत पाठशाला, शिव मंदिर और गोशाला में पानी घुस गया। प्रशासन और स्थानीय लोगों की मदद से वहां रह रहे करीब साठ छात्रों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया। उधर प्रदेश के एक अन्य इलाके में निदान वॉटरफॉल पर पिकनिक मनाने गए दो युवक अचानक जलस्तर बढ़ने से बीच धारा में फंस गए। पुलिस और वन विभाग की संयुक्त टीम ने देर रात रेस्क्यू अभियान चलाकर दोनों को सुरक्षित बाहर निकाला।

    लगातार बारिश का असर ग्रामीण क्षेत्रों में भी देखने को मिला। सुक्ता नदी उफान पर आने से हापला और दीपला गांव का संपर्क टूट गया तथा तेज बहाव में दो भैंसें बह गईं। मौसम विभाग ने अगले कुछ दिनों तक कई जिलों में भारी से अति भारी बारिश की संभावना जताई है। प्रशासन ने लोगों से नदी-नालों, जलभराव वाले क्षेत्रों और कमजोर पुलों से दूर रहने तथा मौसम विभाग की चेतावनियों का पालन करने की अपील की है।

  • एमपी में मानसून का कहर: इंदौर में सड़क धंसी, पन्ना जिला अस्पताल में घुसा पानी, रायसेन का आश्रम जलमग्न

    एमपी में मानसून का कहर: इंदौर में सड़क धंसी, पन्ना जिला अस्पताल में घुसा पानी, रायसेन का आश्रम जलमग्न


    इंदौर । मध्य प्रदेश में मानसून अब पूरी तरह सक्रिय हो चुका है और लगातार हो रही बारिश ने कई जिलों में जनजीवन को प्रभावित कर दिया है। पिछले 24 घंटे के दौरान प्रदेश के 35 से अधिक जिलों में झमाझम बारिश दर्ज की गई। कहीं सड़कें धंस गईं तो कहीं अस्पताल और आश्रम जलमग्न हो गए। कई स्थानों पर नदियां और नाले उफान पर हैं, जिससे लोगों की आवाजाही प्रभावित हुई है। प्रशासन लगातार हालात पर नजर बनाए हुए है और लोगों से सतर्क रहने की अपील कर रहा है।

    इंदौर जिले के जेतकारण गांव में भारी बारिश के कारण सड़क धंस गई। सड़क टूटने से स्कूली बच्चों का रास्ता बंद हो गया। ऐसे में ग्रामीणों ने मानव शृंखला बनाकर बच्चों को उफनते नाले से सुरक्षित पार कराया। इस घटना ने ग्रामीण क्षेत्रों में मानसून के दौरान बुनियादी सुविधाओं की स्थिति को एक बार फिर उजागर कर दिया।

    पन्ना जिले में बारिश का असर जिला अस्पताल तक पहुंच गया। अस्पताल के सर्जिकल वार्ड और डिलीवरी वार्ड की गैलरी में घुटनों तक पानी भर गया। जलभराव के कारण मरीजों और अस्पताल स्टाफ को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। अस्पताल परिसर में पानी भरने की तस्वीरों ने स्वास्थ्य व्यवस्थाओं पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं।

    रायसेन जिले के बरेली क्षेत्र स्थित बापौली धाम आश्रम में भी भारी बारिश के बाद पानी भर गया। आश्रम परिसर में मौजूद संस्कृत पाठशाला के करीब 60 छात्रों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया गया। शिव मंदिर, गुरुदेव की कुटी और गोशाला में भी पानी घुस गया। समय रहते छात्रों को सुरक्षित निकाल लेने से बड़ा हादसा टल गया।

    खजुराहो में बीते 24 घंटे के दौरान प्रदेश में सबसे अधिक 4.4 इंच बारिश दर्ज की गई। लगातार बारिश के कारण खूडर नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ गया और खतरे के निशान के करीब पहुंच गया। एहतियात के तौर पर खजुराहो-जटकरा मार्ग बंद कर दिया गया, हालांकि इसके बावजूद कुछ लोग नदी पार करने की कोशिश करते नजर आए, जिससे प्रशासन ने लोगों से जोखिम नहीं उठाने की अपील की।

    पन्ना जिले का हरसा-बागोहा नाला भी तेज बारिश के बाद उफान पर आ गया। पुल के ऊपर से पानी बहने के बावजूद कई लोग जान जोखिम में डालकर नाला पार करते दिखाई दिए। प्रशासन ने लोगों से ऐसे स्थानों से दूर रहने और सुरक्षा निर्देशों का पालन करने की अपील की है।

    इसी बीच प्रदेश के एक जलप्रपात क्षेत्र में पिकनिक मनाने गए दो युवक अचानक जलस्तर बढ़ने से बीच धारा में फंस गए। सूचना मिलने पर पुलिस और वन विभाग की संयुक्त टीम ने देर रात रेस्क्यू अभियान चलाकर दोनों युवकों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया। समय रहते किए गए इस अभियान से बड़ा हादसा टल गया।

    मौसम विभाग ने आने वाले दिनों में भी प्रदेश के कई जिलों में भारी से अति भारी बारिश की संभावना जताई है। प्रशासन ने लोगों को नदी-नालों, जलभराव वाले इलाकों और तेज बहाव वाले क्षेत्रों से दूर रहने की सलाह दी है। साथ ही अनावश्यक यात्रा से बचने और मौसम विभाग द्वारा जारी चेतावनियों का पालन करने की अपील की गई है।

  • NEET पेपर लीक के विरोध में इंदौर में सातवें दिन भी धरना जारी: कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन तेज करने की चेतावनी

    NEET पेपर लीक के विरोध में इंदौर में सातवें दिन भी धरना जारी: कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन तेज करने की चेतावनी


    इंदौर । इंदौर में NEET पेपर लीक मामले और छात्रों से जुड़ी विभिन्न मांगों को लेकर शुरू हुआ आंदोलन लगातार सातवें दिन भी जारी रहा। टंट्याभील चौराहे पर छात्र संगठनों और सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि बारिश के बावजूद धरनास्थल पर डटे रहे। प्रदर्शनकारियों ने टेंट लगाकर अपना आंदोलन जारी रखा और नारेबाजी, कैंडल मार्च, हवन तथा क्रांतिकारी गीतों के माध्यम से अपनी मांगों को सरकार और प्रशासन तक पहुंचाने का प्रयास किया।

    आंदोलन का नेतृत्व कर रहे छात्र संगठनों का कहना है कि देशभर में सामने आए NEET पेपर लीक मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जानी चाहिए। प्रदर्शनकारियों ने परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता सुनिश्चित करने की मांग उठाते हुए राष्ट्रीय स्तर पर परीक्षा व्यवस्था को और मजबूत बनाने पर भी जोर दिया। इसके साथ ही उन्होंने नेशनल टेस्टिंग एजेंसी के संबंध में कार्रवाई और केंद्रीय शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग भी दोहराई।

    धरने में केवल NEET परीक्षा का मुद्दा ही नहीं बल्कि प्रदेश के छात्रों से जुड़े कई अन्य विषय भी शामिल किए गए हैं। प्रदर्शनकारियों ने छात्रवृत्ति का समय पर भुगतान, छात्रावास की बेहतर सुविधाएं, शिक्षा व्यवस्था में सुधार और कुल 23 मांगों को लेकर अपना आंदोलन जारी रखा है। उनका कहना है कि छात्रों की समस्याओं का लंबे समय से समाधान नहीं हो रहा है, इसलिए उन्हें सड़क पर उतरने के लिए मजबूर होना पड़ा।

    धरनास्थल पर पिछले सात दिनों के दौरान कई प्रतीकात्मक कार्यक्रम भी आयोजित किए गए। प्रदर्शनकारियों ने दिवंगत छात्रों की स्मृति में कैंडल मार्च निकाला, हवन किया और थाली बजाकर प्रशासन का ध्यान आकर्षित करने का प्रयास किया। उनका कहना है कि यह आंदोलन पूरी तरह शांतिपूर्ण है और इसका उद्देश्य छात्रों की आवाज शासन तक पहुंचाना है।

    प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर जल्द कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया तो आंदोलन को और व्यापक बनाया जाएगा। उनका कहना है कि संबंधित अधिकारियों के सामने सभी मांगें रखी जा चुकी हैं, लेकिन अब तक अपेक्षित कार्रवाई नहीं हुई है। ऐसे में आगामी दिनों में विरोध प्रदर्शन का दायरा बढ़ाया जा सकता है।

    छात्र संगठनों का कहना है कि लगातार सामने आ रहे पेपर लीक के मामलों से लाखों विद्यार्थियों का भविष्य प्रभावित होता है। उनका आग्रह है कि दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के साथ ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए प्रभावी और पारदर्शी व्यवस्था बनाई जाए। साथ ही मध्य प्रदेश में शिक्षा व्यवस्था से जुड़े लंबित मुद्दों के समाधान की दिशा में भी शीघ्र कदम उठाए जाएं।

  • MP : 190 तहसीलदार और प्रभारी डिप्टी कलेक्टर पदोन्नत, बने डिप्टी कलेक्टर, आदेश जारी

    MP : 190 तहसीलदार और प्रभारी डिप्टी कलेक्टर पदोन्नत, बने डिप्टी कलेक्टर, आदेश जारी

    भोपाल। मध्यप्रदेश शासन के सामान्य प्रशासन विभाग (जीएडी) ने मंगलवार को बड़ा प्रशासनिक आदेश जारी करते हुए प्रदेश के 190 तहसीलदार एवं प्रभारी डिप्टी कलेक्टरों को नियमित रूप से डिप्टी कलेक्टर पद पर पदोन्नत कर दिया है। इस संबंध में सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा आदेश जारी कर सभी अधिकारियों की पदोन्नति को तत्काल प्रभाव से लागू करने के निर्देश दिए गए हैं।

    आदेश के अनुसार, पदोन्नत किए गए अधिकारी पूर्व से प्रभारी डिप्टी कलेक्टर अथवा तहसीलदार के रूप में कार्यरत थे। अब इन्हें मध्यप्रदेश राज्य प्रशासनिक सेवा के डिप्टी कलेक्टर (वरिष्ठ श्रेणी) के पद पर नियमित पदोन्नति प्रदान की गई है। पदोन्नति के साथ ही इन अधिकारियों को नियमित डिप्टी कलेक्टर का दर्जा मिल गया है।

    सामान्य प्रशासन विभाग ने स्पष्ट किया है कि यह पदोन्नति मध्यप्रदेश लोक सेवा (पदोन्नति) नियमों तथा विभागीय पदोन्नति समिति (डीपीसी) की अनुशंसा के आधार पर की गई है। आदेश में यह भी उल्लेख किया गया है कि पदोन्नति शासन द्वारा निर्धारित नियमों एवं शर्तों के अधीन प्रभावी रहेगी।

    विभाग ने सभी संबंधित विभागाध्यक्षों, संभागायुक्तों, कलेक्टरों तथा अन्य अधिकारियों को आदेश की प्रति भेजते हुए आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही पदोन्नत अधिकारियों की सूची भी आदेश के साथ संलग्न की गई है, जिसमें सभी 190 अधिकारियों के नाम एवं वर्तमान पदस्थापना का उल्लेख है।

    इस निर्णय से प्रदेश के प्रशासनिक ढांचे को मजबूती मिलने के साथ-साथ जिलों एवं उपखंड स्तर पर नियमित डिप्टी कलेक्टरों की उपलब्धता बढ़ेगी, जिससे राजस्व एवं प्रशासनिक कार्यों के संचालन में गति आने की उम्मीद है।

  • पत्नी की हत्या छिपाने के लिए खरीदा जहरीला कोबरा: पोस्टमार्टम ने खोली साजिश की परतें, बैंक अफसर को उम्रकैद

    पत्नी की हत्या छिपाने के लिए खरीदा जहरीला कोबरा: पोस्टमार्टम ने खोली साजिश की परतें, बैंक अफसर को उम्रकैद


    इंदौर । इंदौर के बहुचर्चित वर्ष 2019 के शिवानी हत्याकांड में करीब साढ़े छह साल बाद अदालत ने अहम फैसला सुनाते हुए आरोपी बैंक अधिकारी अमितेष उर्फ शालू पटेरिया को हत्या के मामले में उम्रकैद की सजा सुनाई है। अदालत ने माना कि आरोपी ने अपनी पत्नी की पहले गला घोंटकर हत्या की और इसके बाद मौत को सर्पदंश से हुई प्राकृतिक मृत्यु दिखाने के लिए बेहद सुनियोजित साजिश रची। इस मामले में आरोपी को हत्या के अलावा साक्ष्य मिटाने और संरक्षित वन्यजीव की अवैध हत्या के मामले में भी अलग-अलग सजा सुनाई गई है।

    अभियोजन के अनुसार घटना एक दिसंबर 2019 को इंदौर के संचार नगर स्थित घर में हुई थी। आरोपी अपनी पत्नी शिवानी को अस्पताल लेकर पहुंचा और डॉक्टरों को बताया कि उसकी मौत सांप के काटने से हुई है। लेकिन मृतका के परिजनों ने शुरू से ही इस पर संदेह जताया और हत्या की आशंका व्यक्त की। घटनास्थल पर एक मृत कोबरा मिलने से मामला और उलझ गया।

    जांच के दौरान पुलिस को कई ऐसे तथ्य मिले जिन्होंने पूरी कहानी बदल दी। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में स्पष्ट हुआ कि शिवानी की मौत सर्पदंश से नहीं बल्कि मुंह और गला दबाने से दम घुटने के कारण हुई थी। मेडिकल बोर्ड की रिपोर्ट, फोरेंसिक जांच और घटनास्थल से मिले भौतिक साक्ष्यों ने इस निष्कर्ष को मजबूत किया। बिस्तर, तकिए और अन्य सामग्री से मिले वैज्ञानिक प्रमाणों ने हत्या की पुष्टि की।

    जांच में यह भी सामने आया कि आरोपी राजस्थान के अलवर से करीब 620 किलोमीटर दूर जाकर ब्लैक डेजर्ट प्रजाति का जहरीला कोबरा खरीदकर लाया था। आरोप है कि उसने कई दिनों तक उसे घर में छिपाकर रखा और हत्या के बाद कोबरा का उपयोग सर्पदंश की झूठी कहानी गढ़ने के लिए किया। बाद में उसने कोबरा को भी मार दिया। अदालत ने इसे सुनियोजित आपराधिक षड्यंत्र माना।

    पुलिस जांच के दौरान आरोपी से पूछताछ में कई महत्वपूर्ण तथ्य सामने आए। अभियोजन ने मोबाइल रिकॉर्ड, कथित बातचीत, फोरेंसिक रिपोर्ट और गवाहों के बयानों को अदालत में पेश किया। अदालत ने उपलब्ध वैज्ञानिक और परिस्थितिजन्य साक्ष्यों को विश्वसनीय मानते हुए आरोपी को दोषी ठहराया।

    मामले का एक महत्वपूर्ण पहलू वन्यजीव संरक्षण कानून से भी जुड़ा रहा। जांच में कोबरा की अवैध हत्या की पुष्टि होने के बाद आरोपी पर वन्यजीव संरक्षण अधिनियम के तहत भी कार्रवाई की गई। अदालत ने इस अपराध के लिए तीन वर्ष के कारावास और जुर्माने की सजा सुनाई। इसके अलावा साक्ष्य मिटाने के अपराध में भी अलग से कारावास का दंड दिया गया।

    इस फैसले के साथ मध्य प्रदेश के चर्चित आपराधिक मामलों में शामिल शिवानी हत्याकांड का न्यायिक अध्याय समाप्त हुआ। यह मामला इस बात का उदाहरण माना जा रहा है कि आधुनिक फोरेंसिक जांच, पोस्टमार्टम रिपोर्ट और वैज्ञानिक साक्ष्य किस तरह जटिल आपराधिक मामलों की सच्चाई सामने लाने में निर्णायक भूमिका निभाते हैं।

  • इंदौर के होटल में युवक ने फांसी लगाकर दी जान: मोबाइल पर बात करते हुए कमरे में गया, देर रात स्टाफ ने देखा शव

    इंदौर के होटल में युवक ने फांसी लगाकर दी जान: मोबाइल पर बात करते हुए कमरे में गया, देर रात स्टाफ ने देखा शव


    इंदौर । इंदौर के लसूडिया थाना क्षेत्र स्थित एक होटल में काम करने वाले एक युवक की फंदे से लटकी लाश मिलने से इलाके में सनसनी फैल गई। घटना सोमवार और मंगलवार की दरमियानी रात की है। होटल कर्मचारियों ने जब युवक को काफी देर तक रिसेप्शन पर नहीं देखा तो उसकी तलाश शुरू की। स्टाफ रूम में पहुंचने पर वह फंदे से लटका मिला। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजकर मामले की जांच शुरू कर दी।

    पुलिस के अनुसार घटना खालसा चौक स्थित ड्रीम पैलेस होटल की है। मृतक की पहचान सिवनी जिले के रहने वाले सोनू पुत्र सरदार बंजारा के रूप में हुई है। वह होटल में कर्मचारी के रूप में कार्यरत था और रात की ड्यूटी संभाल रहा था।

    होटल कर्मचारियों ने पुलिस को बताया कि देर रात कुछ ग्राहक होटल पहुंचे और काफी देर तक रिसेप्शन पर आवाज लगाते रहे लेकिन सोनू वहां नहीं आया। जब काफी समय तक उसका कोई पता नहीं चला तो एक कर्मचारी उसे तलाशते हुए स्टाफ के कमरे तक पहुंचा। वहां का नजारा देखकर सभी के होश उड़ गए। सोनू कमरे में फंदे से लटका हुआ मिला। इसके बाद तुरंत पुलिस को सूचना दी गई।

    घटना की जांच के दौरान पुलिस ने होटल के सीसीटीवी फुटेज खंगाले। फुटेज में सोनू मोबाइल फोन पर किसी से बात करते हुए अपने कमरे की ओर जाता दिखाई दे रहा है। इसके बाद वह बाहर नहीं निकला। पुलिस ने उसका मोबाइल फोन जब्त कर लिया है और कॉल डिटेल की जांच की जा रही है ताकि घटना से पहले हुई बातचीत और संभावित कारणों का पता लगाया जा सके।

    होटल प्रबंधन के मुताबिक सोनू करीब एक महीने पहले ही काम की तलाश में होटल पहुंचा था और उसे नौकरी पर रखा गया था। नियुक्ति के समय उसका आधार कार्ड लिया गया था लेकिन उसके पिछले कार्यस्थल या निजी परिस्थितियों की जानकारी होटल प्रबंधन के पास नहीं है। पुलिस अब उसके परिजनों से संपर्क करने का प्रयास कर रही है और उनसे पूछताछ के बाद आगे की जांच करेगी।

    इधर शहर के मल्हारगंज थाना क्षेत्र से भी एक संदिग्ध मौत का मामला सामने आया है। इंद्रा नगर निवासी सनोज पुत्र रामदास को परिजन मृत अवस्था में एमवाय अस्पताल लेकर पहुंचे। पुलिस ने इस मामले में भी जांच शुरू कर दी है और मौत के कारणों का पता लगाया जा रहा है।

    लसूडिया पुलिस का कहना है कि फिलहाल आत्महत्या के पीछे की वजह स्पष्ट नहीं है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट, मोबाइल की जांच और परिजनों के बयान के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

    यदि आप या आपका कोई परिचित भावनात्मक संकट, अवसाद या आत्महत्या जैसे विचारों से जूझ रहा है, तो किसी भरोसेमंद परिजन, मित्र या मानसिक स्वास्थ्य विशेषज्ञ से तुरंत बात करें। समय पर मदद मिलना बेहद महत्वपूर्ण है।

  • एमपी की राजनीति और नौकरशाही में हलचल: सिंधिया के भाषण पर सीएम का ‘मक्खन’ वाला तंज, एसीएस की नाराजगी और विजय शाह के बयान चर्चा में

    एमपी की राजनीति और नौकरशाही में हलचल: सिंधिया के भाषण पर सीएम का ‘मक्खन’ वाला तंज, एसीएस की नाराजगी और विजय शाह के बयान चर्चा में


    मध्य प्रदेश । मध्य प्रदेश की राजनीति और नौकरशाही में इन दिनों कई घटनाएं चर्चा का विषय बनी हुई हैं। एक ओर कैबिनेट मंत्री विजय शाह अपने भाषण को लेकर सुर्खियों में हैं तो दूसरी ओर केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया के संबोधन पर मुख्यमंत्री मोहन यादव की टिप्पणी ने राजनीतिक गलियारों में नई चर्चाओं को जन्म दे दिया है। इसी बीच रीवा की स्वास्थ्य व्यवस्था पर उठे सवाल और भोपाल के एक होटल से जुड़ा एक चर्चित प्रशासनिक किस्सा भी लोगों के बीच चर्चा का केंद्र बना हुआ है।

    वीबीजी राम जी योजना के शुभारंभ कार्यक्रम में कैबिनेट मंत्री विजय शाह ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए केंद्र सरकार की विभिन्न योजनाओं का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में बेटियों की सुरक्षा और सम्मान को प्राथमिकता मिली है तथा बेटी बचाओ जैसे अभियानों का सकारात्मक असर देखने को मिला है। अपने संबोधन के दौरान उन्होंने बचपन का एक प्रसंग भी सुनाया जिसमें उनकी मां खुले में शौच के लिए जाते समय सावधानी बरतने की सीख देती थीं। उनके इस भाषण की राजनीतिक और सामाजिक स्तर पर अलग अलग तरह से चर्चा हो रही है।

    उधर रीवा जिले के मनगवां क्षेत्र से सामने आई एक घटना ने ग्रामीण स्वास्थ्य सुविधाओं की स्थिति पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए। गांव तक सड़क नहीं होने और बारिश से रास्ता खराब होने के कारण एक बीमार महिला को परिजन खाट पर उठाकर अस्पताल ले जाने के लिए मजबूर हुए। समय पर इलाज नहीं मिलने से महिला की मौत हो गई। यह घटना ऐसे समय सामने आई है जब प्रदेश में एयर एंबुलेंस जैसी आधुनिक स्वास्थ्य सुविधाओं की घोषणा की जा रही है। ग्रामीण क्षेत्रों में बुनियादी सड़क और एंबुलेंस सुविधा की कमी को लेकर विपक्ष और स्थानीय लोग लगातार सवाल उठा रहे हैं।

    इधर शिवपुरी में हथियार निर्माण फैक्ट्री के शुभारंभ कार्यक्रम के दौरान केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने अपने संबोधन में मुख्यमंत्री मोहन यादव और निवेश परियोजना की सराहना की। भाषण के दौरान उनका उत्साह देखकर मुख्यमंत्री ने हल्के-फुल्के अंदाज में कहा कि आज महाराज की आवाज में वैसा आनंद आया जैसा मां रोटी पर थोड़ा ज्यादा मक्खन लगा दे। मुख्यमंत्री की इस टिप्पणी पर मंच पर मौजूद नेताओं के साथ कार्यक्रम में शामिल लोग भी मुस्कुराते नजर आए। इसके बाद यह टिप्पणी राजनीतिक गलियारों में चर्चा का विषय बन गई।

    इसी बीच भोपाल में एक वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी से जुड़ा एक चर्चित किस्सा भी सामने आया है। चर्चा है कि एक होटल में सामान्य ग्राहक की तरह व्यवहार किए जाने के कुछ समय बाद संबंधित विभाग की जांच टीम वहां पहुंच गई। हालांकि इस मामले को लेकर किसी भी स्तर पर आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है और न ही संबंधित अधिकारी या विभाग की ओर से कोई औपचारिक बयान जारी किया गया है। इसलिए इस घटना को केवल चर्चाओं और अपुष्ट दावों के रूप में ही देखा जाना चाहिए।

    इन घटनाओं ने एक बार फिर प्रदेश की राजनीति प्रशासनिक कार्यशैली और जनसुविधाओं को लेकर बहस तेज कर दी है। जहां नेताओं के बयान और मंचीय संवाद सुर्खियां बटोर रहे हैं वहीं स्वास्थ्य और बुनियादी सुविधाओं से जुड़े मुद्दे आम लोगों की चिंता का कारण बने हुए हैं।