Category: Madhya Pradesh

  • आवासीय इलाकों में चल रहे कारोबार पर आज बड़ा फैसला संभव 8084 प्रतिष्ठानों को मिल चुका है नोटिस

    आवासीय इलाकों में चल रहे कारोबार पर आज बड़ा फैसला संभव 8084 प्रतिष्ठानों को मिल चुका है नोटिस


    भोपाल। भोपाल के रहवासी इलाकों में चल रहे व्यावसायिक प्रतिष्ठानों के मामले में आज सुप्रीम कोर्ट में अहम सुनवाई होगी। इस मामले में शहर के करीब 62 हजार 500 प्रतिष्ठानों को लेकर स्थिति साफ होने की उम्मीद है। इससे पहले 15 सितंबर को होने वाली सुनवाई कैंसिल हो गई थी। अब मंगलवार को दोपहर में होने वाली सुनवाई पर नगर निगम के साथ रहवासी और प्रभावित कारोबारी पक्षों की भी नजर है। मामले को लेकर नगर निगम और रहवासियों ने अपनी अपनी तैयारियां पूरी कर ली हैं।

    दरअसल 5 अगस्त को सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद भोपाल नगर निगम ने रहवासी इलाकों में संचालित हो रहे व्यावसायिक प्रतिष्ठानों की जानकारी जुटाकर कार्रवाई शुरू की थी। निगम की सूची में करीब 62 हजार 500 प्रतिष्ठान शामिल बताए गए हैं। इसके बाद करीब 15 दिनों तक संबंधित प्रतिष्ठानों को नोटिस देने की प्रक्रिया चली। इस दौरान 8084 प्रतिष्ठानों को नोटिस जारी किए गए। नोटिस के बाद निगम ने कार्रवाई आगे बढ़ाते हुए तीन दिनों में 190 प्रतिष्ठानों को बंद भी किया था।

    निगम की इस कार्रवाई के बाद शहर के व्यापारी संगठनों में नाराजगी देखने को मिली। कारोबारियों ने नोटिस और सीलिंग की कार्रवाई के विरोध में सड़क पर उतरकर प्रदर्शन किया। विरोध बढ़ने के बाद नगर निगम ने कार्रवाई रोक दी। पिछले करीब 22 दिनों से इस मामले में सीलिंग या बंद करने की कार्रवाई आगे नहीं बढ़ी है। अब सुप्रीम कोर्ट में होने वाली सुनवाई से यह स्पष्ट हो सकता है कि आगे नगर निगम को किस तरह की कार्रवाई करनी होगी और प्रभावित प्रतिष्ठानों को लेकर क्या व्यवस्था लागू होगी।

    मामले में रहवासियों की ओर से भी नगर निगम की कार्रवाई पर सवाल उठाए गए हैं। याचिकाकर्ता विवेक त्रिपाठी ने निगम की एक्शन टेकन रिपोर्ट पर आपत्ति जताई है। उनका कहना है कि निगम की ओर से प्रस्तुत की गई कार्रवाई की जानकारी वास्तविक स्थिति से मेल नहीं खाती। उनके मुताबिक कुछ ऐसे प्रतिष्ठान भी हैं जिन्हें सील किए जाने का दावा किया गया था लेकिन बाद में वे दोबारा खुल गए। रहवासी पक्ष ने इस संबंध में दस्तावेज और अन्य साक्ष्य सुप्रीम कोर्ट के सामने रखने की तैयारी की है।

    सोमवार को नगर निगम के अधिकारी दिनभर सुप्रीम कोर्ट में पेश की जाने वाली रिपोर्ट तैयार करने में जुटे रहे। अधिकारियों ने अब तक की कार्रवाई और नोटिस से जुड़ी जानकारी को व्यवस्थित किया। दूसरी ओर रहवासी पक्ष भी अपने दस्तावेज तैयार करता रहा। बताया जा रहा है कि कुछ मामलों में प्रतिष्ठानों के दोबारा खुलने से संबंधित फोटो और वीडियो भी अदालत के सामने रखे जा सकते हैं।

    इस पूरे मामले का असर भोपाल के हजारों कारोबारियों और रहवासी इलाकों में रहने वाले लोगों पर पड़ सकता है। व्यापारियों की नजर इस बात पर है कि अदालत की सुनवाई के बाद कार्रवाई को लेकर क्या दिशा तय होती है जबकि रहवासी पक्ष यह चाहता है कि आवासीय क्षेत्रों में व्यावसायिक गतिविधियों के संबंध में नियमों का पालन सुनिश्चित हो। अब मंगलवार की सुनवाई में सुप्रीम कोर्ट के रुख से आगे की कार्रवाई की तस्वीर काफी हद तक साफ होने की उम्मीद है।

  • भोपाल में आज आस्था का बड़ा संगम ढोल ग्यारस पर निकलेगा भोपाल के राजा का जुलूस पुराने शहर में बदलेगी ट्रैफिक व्यवस्था

    भोपाल में आज आस्था का बड़ा संगम ढोल ग्यारस पर निकलेगा भोपाल के राजा का जुलूस पुराने शहर में बदलेगी ट्रैफिक व्यवस्था


    भोपाल। भोपाल में आज ढोल ग्यारस के अवसर पर आस्था और उत्साह का बड़ा संगम देखने को मिलेगा। राजधानी में भोपाल के राजा और विभिन्न समाजों के दूल्हे राजा गणेशजी की प्रतिमाओं का विसर्जन जुलूस निकाला जाएगा। दोपहर 1 बजे पीपल चौक स्थित पीपल जामा मस्जिद के पास से शुरू होने वाला यह चल समारोह पुराने शहर के प्रमुख बाजारों और मार्गों से होते हुए शाम करीब 7:30 बजे खटलापुरा मंदिर पहुंचेगा। जुलूस में सबसे आगे भोपाल के राजा की प्रतिमा रहेगी जबकि उनके पीछे अलग अलग समाजों के ढोल और डोल शामिल होंगे। इससे पूरे मार्ग पर धार्मिक उत्साह का माहौल रहेगा।

    जुलूस पीपल चौक से रवाना होकर सुभाष चौक लखेरापुरा सोमवारा और पिरगेट होते हुए जनकपुरी पहुंचेगा। इसके बाद लोहा बाजार अशोक चौक इब्राहिमपुरा मोती मस्जिद कोतवाली रोड बुधवारा और काली मंदिर होते हुए चल समारोह खटलापुरा की ओर बढ़ेगा। आयोजनों को देखते हुए प्रशासन ने भी सुरक्षा और यातायात व्यवस्था को लेकर तैयारियां की हैं। जुलूस जिस मार्ग से आगे बढ़ेगा उस हिस्से में जरूरत के अनुसार वाहनों का प्रवेश प्रतिबंधित किया जाएगा और यातायात को वैकल्पिक रास्तों से निकाला जाएगा।

    ढोल ग्यारस के जुलूस का असर पुराने शहर की यातायात व्यवस्था पर भी दिखाई देगा। दोपहर 1 बजे से जुलूस समाप्त होने तक अलग अलग चरणों में ट्रैफिक डायवर्ट किया जाएगा। खासतौर पर पीरगेट से बुधवारा और तलैया की ओर जाने वाले वाहन चालकों को अतिरिक्त समय लेकर निकलने की सलाह दी गई है। जुलूस तलैया काली मंदिर पहुंचने के दौरान यातायात व्यवस्था में सबसे बड़ा बदलाव किया जाएगा।

    पीरगेट पर मध्यम और भारी मालवाहक वाहनों के साथ बीसीएलएल सिटी बसों का प्रवेश प्रतिबंधित रहेगा। भोपाल टॉकीज से इमामबाड़ा की ओर भी मध्यम और भारी वाहन नहीं जा सकेंगे। ऐसे वाहन रॉयल मार्केट से तीन मोहरा भोपाल टॉकीज नादरा बस स्टैंड और भारत टॉकीज की ओर से वैकल्पिक मार्ग अपना सकेंगे। इमामबाड़ा चौकी पर नादरा बस स्टैंड से घोड़ा नक्कास की ओर सभी वाहनों का आवागमन प्रभावित रहेगा।

    जनकपुरी तिराहे पर आजाद मार्केट तिराहे से जुमेराती गेट तक वाहनों की आवाजाही बंद रहेगी। चौक बाजार से लोहा बाजार होते हुए जुमेराती गेट जाने वाला रास्ता भी प्रभावित रहेगा। वहीं सुल्तानिया रोड पर मोती मस्जिद से बुधवारा और बुधवारा से मोती मस्जिद की ओर मध्यम और भारी मालवाहक वाहनों को जाने की अनुमति नहीं होगी। वाहन चालक मोती मस्जिद से रेतघाट गिन्नौरी और बुधवारा से गिन्नौरी रेतघाट होकर आगे जा सकेंगे।

    खटलापुरा मंदिर के आसपास भी यातायात में बदलाव रहेगा। पुराने मछली घर तिराहे और पीएचक्यू तिराहे से खटलापुरा की ओर जाने वाला मार्ग बंद रहेगा। यहां से गुजरने वाले वाहन पुलिस कंट्रोल रूम तिराहे से गांधी पार्क मार्ग का इस्तेमाल कर सकेंगे।

    तलैया काली मंदिर के पास दोपहिया और चारपहिया वाहनों के लिए भारत टॉकीज से लिली टॉकीज होते हुए पुलिस कंट्रोल रूम तिराहे तक मार्ग बंद रहेगा। न्यू मार्केट और एमपी नगर की ओर जाने वाले वाहन भारत टॉकीज से पुल बोगदा प्रभात चौराहा और सुभाष नगर आरओबी होकर जा सकेंगे। रेलवे स्टेशन जाने वालों के लिए पुलिस कंट्रोल रूम से जेल मुख्यालय कोर्ट चौराहा मैदा मिल और सुभाष नगर आरओबी का मार्ग निर्धारित किया गया है। ऐसे में आज पुराने शहर की ओर जाने वाले लोगों को जुलूस के समय से पहले अपना मार्ग तय कर लेना सुविधाजनक रहेगा।

  • भोपाल के तरावली गांव में अवैध शराब के अड्डे पर आबकारी का बड़ा छापा भट्टी समेत 30 से ज्यादा ड्रम जब्त

    भोपाल के तरावली गांव में अवैध शराब के अड्डे पर आबकारी का बड़ा छापा भट्टी समेत 30 से ज्यादा ड्रम जब्त


    भोपाल। भोपाल के तरावली गांव में मंगलवार सुबह आबकारी विभाग ने अवैध शराब के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए कच्ची शराब बनाने के ठिकाने का भंडाफोड़ किया। तड़के आबकारी विभाग की टीम भारी अमले के साथ गांव से दूर जंगल में पहुंची जहां अवैध रूप से हाथ भट्टी लगाकर शराब तैयार की जा रही थी। टीम ने मौके से कच्ची शराब बनाने में इस्तेमाल होने वाली भट्टी समेत बड़ी संख्या में सामान और 30 से ज्यादा खाली तथा भरे हुए ड्रम जब्त किए। कार्रवाई करीब दो घंटे तक चली। सुबह के समय अचानक पहुंची आबकारी टीम को देखकर अवैध शराब के कारोबार से जुड़े लोगों में हड़कंप मच गया।

    यह कार्रवाई सहायक आबकारी आयुक्त वीरेंद्र सिंह धाकड़ के निर्देशन में की गई। कंट्रोलर वर्षा उइके के नेतृत्व में आबकारी विभाग की टीम तड़के तरावली क्षेत्र में पहुंची। टीम ने पहले उस इलाके की घेराबंदी की जहां जंगल के बीच शराब बनाने का काम चलने की सूचना थी। गांव से काफी दूर सुनसान जगह पर शराब बनाने का ठिकाना बनाया गया था ताकि सामान्य तौर पर वहां लोगों की आवाजाही कम रहे और अवैध गतिविधि की जानकारी आसानी से बाहर न पहुंच सके। आबकारी टीम ने मौके पर पहुंचकर शराब बनाने के लिए इस्तेमाल की जा रही हाथ भट्टी और अन्य संसाधनों को जब्त किया।

    कार्रवाई के दौरान बड़ी संख्या में ड्रम भी मिले। इनमें कुछ खाली थे जबकि कुछ में शराब बनाने से संबंधित सामग्री मौजूद थी। आबकारी विभाग ने मौके से मिले सामान को जब्त कर लिया। विभाग की टीम ने जंगल में काफी देर तक तलाशी अभियान चलाया। कार्रवाई के बाद जब्त सामग्री को मौके से बाहर लाया गया। इस दौरान टीम के साथ मौजूद कर्मचारियों ने अवैध शराब बनाने के ठिकाने से जुड़े अन्य सामान को भी कब्जे में लिया।

    तरावली क्षेत्र में कार्रवाई इसलिए भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है क्योंकि इस इलाके में लंबे समय से कच्ची शराब बनाए जाने और उसकी बिक्री की शिकायतें सामने आती रही हैं। भोपाल से करीब 40 किलोमीटर दूर बैरसिया रोड पर लक्ष्मणपुरा गांव के पास शराब की बिक्री का एक प्रमुख ठिकाना बताया जाता है। इसी रास्ते से तरावली मंदिर की ओर जाने का रास्ता भी है। स्थानीय स्तर पर आरोप है कि तरावली और आसपास के गांवों में तैयार होने वाली शराब को यहां लाकर बेचा जाता है।

    बताया जाता है कि लक्ष्मणपुरा क्षेत्र में करीब एक किलोमीटर के दायरे में पन्नियों में शराब की छोटी मात्रा बेची जाती है। इसकी कीमत 10 से 20 रुपए तक बताई जाती है। कम कीमत में शराब उपलब्ध होने के कारण यहां खरीदारी करने वालों की आवाजाही बनी रहती है। आबकारी विभाग पहले भी इस क्षेत्र में कार्रवाई कर चुका है लेकिन स्थानीय स्तर पर यह दावा किया जाता है कि कार्रवाई के कुछ समय बाद फिर से अवैध शराब की बिक्री शुरू हो जाती है।

    तरावली में हुई ताजा कार्रवाई के बाद अब आबकारी विभाग की नजर उन इलाकों पर भी है जहां जंगल या सुनसान स्थानों का इस्तेमाल अवैध शराब बनाने के लिए किया जा सकता है। विभाग की इस कार्रवाई से फिलहाल अवैध शराब बनाने वालों में हड़कंप है। अब आगे की कार्रवाई में यह पता लगाने की कोशिश की जाएगी कि जब्त शराब और सामग्री का इस्तेमाल कौन कर रहा था और तैयार की गई शराब को किन इलाकों में खपाया जा रहा था।

  • MP में 23 सितंबर से फि‍र बरसेंगे बादल, 24-25 को सिस्टम रहेगा स्ट्रॉन्ग, भारी बारिश की संभावना

    MP में 23 सितंबर से फि‍र बरसेंगे बादल, 24-25 को सिस्टम रहेगा स्ट्रॉन्ग, भारी बारिश की संभावना


    भोपाल । मध्य प्रदेश में 23 सितंबर से एक बार फिर तेज बारिश का दौर शुरू होने के आसार हैं। मौसम विभाग के मुताबिक 24 और 25 सितंबर को सिस्टम की सक्रियता सबसे ज्यादा रहेगी। इन दो दिनों में 17 जिलों में अति भारी या भारी बारिश हो सकती है, जबकि भोपाल-नर्मदापुरम संभाग में भी इसका असर देखने को मिलेगा।

    मौसम विभाग के अनुसार प्रदेश में बारिश की वजह लो प्रेशर एरिया यानी निम्न दाब क्षेत्र है। इसके प्रभाव से 23 सितंबर से कुछ जिलों में बारिश शुरू होगी। 24 और 25 सितंबर को सिस्टम के स्ट्रॉन्ग रहने की संभावना है। पूर्वी मध्यप्रदेश के जबलपुर, रीवा, शहडोल और सागर संभाग के जिलों में इसका असर ज्यादा रहने का अनुमान है। भोपाल और नर्मदापुरम संभाग के लिए भी बारिश को लेकर अलर्ट है।

    प्रदेश में अब तक औसतन 33.7 इंच बारिश रिकॉर्ड की जा चुकी है। अगले कुछ दिनों में तेज बारिश होने से कुल बारिश के आंकड़े में और सुधार होने की उम्मीद है। दक्षिण-पश्चिम मानसून सितंबर के आखिरी सप्ताह से प्रदेश से विदा होना शुरू हो जाएगा। ऐसे में विदाई से पहले बारिश का यह दौर कई इलाकों के लिए अहम माना जा रहा है।

    भोपाल-नर्मदापुरम में भी दिखा बारिश का असर

    इससे पहले रविवार रात भोपाल के कई इलाकों में तेज बारिश हुई। नर्मदापुरम में तेज हवा चलने के बाद करीब पौन घंटे तक बारिश हुई। फेफरताल में 33 केवी लाइन पर पेड़ गिरने से बिजली आपूर्ति प्रभावित हुई। बिजली गुल रहने के कारण शहर का करीब 40 फीसदी हिस्सा अंधेरे में डूबा रहा।

    बारिश और तेज हवा का असर शहर के गणेश पंडालों पर भी पड़ा। रसूलिया, आशुतोष नगर और हरदा रोड स्थित महाराणा प्रताप मार्केट में बने गणेश पंडालों को नुकसान पहुंचा।

    सोमवार को भी भोपाल समेत प्रदेश के कई इलाकों में हल्की बारिश हुई। दिनभर बादल छाए रहे। रात में कोलार इलाके में भी हल्की बारिश रिकॉर्ड की गई।

    प्रदेश में सामान्य से 6% कम बारिश

    IMD के आंकड़ों के मुताबिक मध्यप्रदेश में अब तक 856.8 मिमी यानी 33.7 इंच बारिश हो चुकी है। प्रदेश में इस अवधि तक सामान्य बारिश 922.6 मिमी यानी 36.3 इंच होनी चाहिए थी। इस लिहाज से अब तक 2.6 इंच बारिश कम हुई है। ओवरऑल प्रदेश में सामान्य से 6% कम पानी गिरा है।

    पूर्वी मध्यप्रदेश में सामान्य से 2% और पश्चिमी हिस्से में 10% कम बारिश हुई है। पूर्वी हिस्से में जबलपुर, रीवा, सागर और शहडोल संभाग शामिल हैं। यहां औसत की तुलना में करीब 2% तक बारिश कम हुई है।

    बालाघाट, छिंदवाड़ा, डिंडौरी, दमोह, जबलपुर, कटनी, नरसिंहपुर, पांढुर्णा, मंडला, रीवा, सागर और सिवनी में सामान्य से 5% से 23% तक कम बारिश दर्ज की गई है। हालांकि, पिछले एक सप्ताह में बारिश के आंकड़ों में काफी सुधार हुआ है। सोमवार को प्रदेश का कुल बारिश का अंतर माइनस 2% तक आ गया था।

    पश्चिमी हिस्से के कई जिलों में ज्यादा कमी

    पश्चिमी मध्यप्रदेश के कई जिलों में बारिश का आंकड़ा अभी भी सामान्य से काफी नीचे है। आलीराजपुर, अशोकनगर, बैतूल, देवास, धार, हरदा, इंदौर, झाबुआ, खंडवा, मंदसौर, मुरैना, नर्मदापुरम, नीमच, बड़वानी, रायसेन, रतलाम, सीहोर, शाजापुर, उज्जैन और विदिशा में सामान्य से 7% से 49% तक कम बारिश हुई है। स्रोत सूची में खंडवा का नाम दो बार दर्ज है।

    इन 23 जिलों में सामान्य से ज्यादा बारिश

    प्रदेश के 23 जिलों में अब तक सामान्य से ज्यादा बारिश रिकॉर्ड की गई है। इनमें अनूपपुर, छतरपुर, मैहर, मऊगंज, निवाड़ी, पन्ना, सतना, शहडोल, सीधी, सिंगरौली, टीकमगढ़, उमरिया, आगर-मालवा, भिंड, भोपाल, बुरहानपुर, दतिया, गुना, ग्वालियर, खरगोन, राजगढ़, श्योपुर और शिवपुरी शामिल हैं।

    मानसून की विदाई से पहले 23 सितंबर से शुरू होने वाला बारिश का नया दौर प्रदेश के बारिश के आंकड़ों में और सुधार कर सकता है। खासकर 24 और 25 सितंबर को सिस्टम की सक्रियता बढ़ने से पूर्वी मध्यप्रदेश के साथ भोपाल और नर्मदापुरम संभाग में भी बारिश की गतिविधियां तेज होने की संभावना है।

  • बेटी के सामने मां के बाल खींचे और पीटा VIDEO से मचा हड़कंप महाकाल मंदिर के गार्ड्स पर गंभीर आरोप

    बेटी के सामने मां के बाल खींचे और पीटा VIDEO से मचा हड़कंप महाकाल मंदिर के गार्ड्स पर गंभीर आरोप


    उज्जैन । उज्जैन के विश्व प्रसिद्ध महाकाल मंदिर से श्रद्धालु महिला के साथ कथित मारपीट का मामला सामने आया है। दिल्ली से आई महिला श्रद्धालु प्रेरणा गर्ग ने आरोप लगाया है कि मंदिर परिसर में सुरक्षाकर्मियों ने उनकी 13 साल की बेटी के सामने उनके साथ मारपीट की। महिला का कहना है कि विवाद के दौरान उनके बाल खींचे गए और मोबाइल से वीडियो बनाने की कोशिश करने पर फोन भी छीन लिया गया। महिला ने घटना का वीडियो जारी कर पूरी जानकारी साझा की है। मामले में पुलिस ने लिखित आवेदन मिलने की पुष्टि करते हुए जांच के बाद कार्रवाई की बात कही है।

    महिला के मुताबिक घटना 16 सितंबर की है। वह अपनी बेटी के साथ पंडित सूर्य नारायण व्यास धर्मशाला पहुंची थीं। यहां उन्होंने कमरे की उपलब्धता के बारे में कर्मचारियों से जानकारी मांगी। उनका कहना है कि कर्मचारियों ने कमरा खाली नहीं होने की बात कही। इसके बाद उन्होंने यह जानना चाहा कि यदि कोई कमरा चेक आउट होने के बाद खाली होता है या बुकिंग रद्द होती है तो क्या उन्हें कमरा मिल सकता है। महिला के अनुसार उन्हें इस बारे में भी स्पष्ट जानकारी नहीं दी गई।

    इसके बाद प्रेरणा धर्मशाला परिसर में बैठकर ऑनलाइन दूसरे होटल की तलाश करने लगीं। उनका आरोप है कि इसी दौरान वहां मौजूद सुरक्षाकर्मियों ने उन्हें बाहर जाने के लिए कहा। जब उन्होंने वहां बैठने से रोकने की वजह पूछी तो कथित तौर पर उनके साथ अभद्र भाषा का इस्तेमाल किया गया। महिला का कहना है कि उन्होंने घटना को मोबाइल में रिकॉर्ड करने की कोशिश की जिसके बाद विवाद और बढ़ गया।

    प्रेरणा के अनुसार इसी दौरान एक गार्ड ने उन्हें धक्का दिया और उनका मोबाइल फोन छीन लिया। महिला ने यह भी आरोप लगाया कि उनके बाल खींचे गए और उनके साथ हाथापाई की गई। घटना उनकी बेटी के सामने हुई जिससे बच्ची भी घबरा गई। महिला ने बेटी के साथ भी बदसलूकी किए जाने का आरोप लगाया है। हालांकि इन आरोपों की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।

    महिला ने बताया कि उन्हें ट्रेन पकड़नी थी इसलिए वह मंदिर समिति के सामने तत्काल लिखित शिकायत नहीं कर सकीं। बाद में उन्होंने महाकाल थाने में मारपीट और अभद्रता को लेकर लिखित आवेदन देने की बात कही। महाकाल थाना प्रभारी गगन बादल के अनुसार महिला श्रद्धालु की ओर से आवेदन मिला है। पुलिस मामले की जांच कर रही है और सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।

    वहीं महाकाल मंदिर समिति के सहायक प्रशासक आशीष पलवड़िया ने कहा कि मामला उनके संज्ञान में आया है लेकिन समिति को अभी तक प्रत्यक्ष शिकायत नहीं मिली है। उन्होंने कहा कि सामने आए वीडियो और अन्य तथ्यों के आधार पर मामले की जांच की जाएगी।

    महाकाल मंदिर में श्रद्धालुओं और सुरक्षाकर्मियों के बीच विवाद का यह पहला मामला नहीं है। जून 2026 में गणेश मंडपम में लाइन से जुड़े विवाद के दौरान श्रद्धालुओं और सुरक्षाकर्मियों के बीच हाथापाई हुई थी। अगस्त में महाकाल लोक में महिला श्रद्धालुओं और महिला सुरक्षाकर्मी के बीच विवाद भी सामने आया था। उस घटना का वीडियो सामने आने के बाद मंदिर की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर चर्चा हुई थी।

    लगातार सामने आ रहे ऐसे मामलों के बीच मंदिर में श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या भी बड़ी चुनौती है। हाल ही में श्रावण और भादौ के 40 दिनों में महाकाल मंदिर में 1.88 करोड़ से अधिक श्रद्धालुओं के पहुंचने की रिपोर्ट सामने आई थी। ऐसे में दर्शन व्यवस्था के साथ सुरक्षा कर्मचारियों और श्रद्धालुओं के बीच व्यवहार को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं।

  • पुरानी घटना का वीडियो देखते ही फिर मचा बवाल शिवपुरी में परिवार के लोगों के बीच डंडों से मारपीट कई घायल

    पुरानी घटना का वीडियो देखते ही फिर मचा बवाल शिवपुरी में परिवार के लोगों के बीच डंडों से मारपीट कई घायल


    शिवपुरी। शिवपुरी की शक्तिपुरम कॉलोनी खुड़ा में एक पुराने विवाद का वीडियो परिवार के बीच दोबारा तनाव की वजह बन गया। वीडियो बनाने और उससे जुड़ी एफआईआर को लेकर परिवार के दोनों पक्ष सोमवार को आमने सामने आ गए। विवाद इतना बढ़ गया कि दोनों तरफ से डंडों से मारपीट शुरू हो गई। घटना में कई लोगों के घायल होने की बात सामने आई है। मामले में कोतवाली पुलिस ने दोनों पक्षों की शिकायत पर अलग अलग एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

    बताया जा रहा है कि पूरा विवाद एक पुराने घटनाक्रम से जुड़ा है। 13 सितंबर को अशोक धाकड़ ने अपनी पत्नी बेटों और बहू समेत छह लोगों पर मारपीट करने और उन्हें ईको गाड़ी में बैठाकर सुभाषपुरा ले जाने का आरोप लगाया था। इस मामले में 18 सितंबर को एफआईआर दर्ज की गई थी। इसी पुराने घटनाक्रम का वीडियो अब परिवार के भीतर एक नए विवाद की वजह बन गया।

    पहले पक्ष की ओर से बादल धाकड़ ने पुलिस को शिकायत देते हुए बताया कि वह रात करीब 10:30 बजे अपने घर के बाहर खड़ा था। इसी दौरान पवन धाकड़ नीरज धाकड़ और उत्तम धाकड़ वहां पहुंचे। शिकायत के अनुसार तीनों ने पुराने मामले का वीडियो बनाने को लेकर बादल से विवाद शुरू कर दिया। बादल का कहना है कि उसने अशोक धाकड़ के साथ कथित मारपीट होते देखकर घटना का वीडियो बनाया था। आरोप है कि इसी बात को लेकर उसके साथ गाली गलौज की गई और डंडों से मारपीट की गई।

    बादल के मुताबिक उसे बचाने के लिए नरेश धाकड़ राहुल धाकड़ और संजय रावत आगे आए तो उनके साथ भी मारपीट की गई। शिकायत में चार लोगों के घायल होने की बात कही गई है। बादल ने यह भी आरोप लगाया कि उसे दोबारा वीडियो बनाने पर जान से मारने की धमकी दी गई। पुलिस ने शिकायत के आधार पर इस पक्ष की रिपोर्ट दर्ज की है।

    वहीं दूसरे पक्ष की ओर से नीरज धाकड़ ने भी शिकायत दर्ज कराई। नीरज के अनुसार घर के बाहर उसके भाई पवन के साथ वीडियो वायरल करने की बात को लेकर गाली गलौज की जा रही थी। जब नीरज बीच बचाव करने पहुंचा तो बादल सीताराम नरेश और संजय ने उसके साथ डंडों से मारपीट की। शिकायत में नीरज के अलावा पवन और उनकी मां शांति बाई के घायल होने की बात कही गई है।

    इस तरह एक पुराने विवाद से जुड़ा वीडियो परिवार में दोबारा टकराव की वजह बन गया। पहले जिस घटना का वीडियो सामने आया था उसी को लेकर अब परिवार के दोनों पक्षों में नया विवाद खड़ा हो गया। दोनों पक्षों ने एक दूसरे पर मारपीट के आरोप लगाए हैं। पुलिस ने दोनों शिकायतों के आधार पर क्रॉस एफआईआर दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है।

    पुलिस अब घटना से जुड़े वीडियो और दोनों पक्षों के बयानों के साथ मारपीट की परिस्थितियों की जांच कर रही है। पुराने मामले और सोमवार को हुए विवाद के बीच संबंध को भी जांच के दौरान देखा जाएगा। फिलहाल दोनों पक्षों की शिकायत दर्ज होने के बाद मामले में आगे की कार्रवाई पुलिस जांच के आधार पर होगी।

  • पिछोर में फिर रातोंरात प्रतिमा लगाने का मामला फुटेरा में राधा-कृष्ण की मूर्ति देख सुबह उमड़े लोग प्रशासन के सामने बड़ा सवाल

    पिछोर में फिर रातोंरात प्रतिमा लगाने का मामला फुटेरा में राधा-कृष्ण की मूर्ति देख सुबह उमड़े लोग प्रशासन के सामने बड़ा सवाल


    शिवपुरी। शिवपुरी जिले के पिछोर इलाके में सार्वजनिक स्थानों पर रातोंरात प्रतिमाएं स्थापित किए जाने का सिलसिला एक बार फिर चर्चा में है। इस बार मामला धार्मिक प्रतिमा से जुड़ा है। पिछोर क्षेत्र के फुटेरा वार्ड नंबर 15 में रविवार रात अज्ञात लोगों द्वारा राधा-कृष्ण की प्रतिमा स्थापित किए जाने की जानकारी सामने आई है। सोमवार सुबह जैसे ही स्थानीय लोगों की नजर प्रतिमा पर पड़ी तो यह खबर तेजी से पूरे इलाके में फैल गई। कुछ ही समय में बड़ी संख्या में लोग मौके पर पहुंचने लगे और प्रतिमा के दर्शन के साथ पूजा-अर्चना शुरू कर दी। स्थानीय स्तर पर इस घटना को लेकर धार्मिक उत्साह का माहौल दिखाई दिया है।

    बताया जा रहा है कि फुटेरा वार्ड नंबर 15 में रविवार रात किसी अज्ञात व्यक्ति या समूह ने श्रीराधा-कृष्ण की प्रतिमा रखी। रात में प्रतिमा स्थापित किए जाने के बाद सुबह जब लोगों ने इसे देखा तो आसपास के लोगों को इसकी जानकारी दी गई। देखते ही देखते मौके पर लोगों की भीड़ जुटने लगी। श्रद्धालुओं ने प्रतिमा के सामने पूजा की और दर्शन किए। अचानक सार्वजनिक स्थान पर प्रतिमा नजर आने से यह मामला स्थानीय लोगों के बीच चर्चा का विषय बन गया।

    इस पूरे घटनाक्रम की खास बात यह है कि प्रतिमा किसने स्थापित की है इसकी जानकारी अभी सामने नहीं आई है। साथ ही यह भी स्पष्ट नहीं है कि प्रतिमा स्थापित करने से पहले संबंधित प्रशासन से किसी तरह की अनुमति ली गई थी या नहीं। स्थानीय रिपोर्ट के अनुसार फिलहाल इस संबंध में स्थिति साफ नहीं है। ऐसे में अब लोगों की नजर पुलिस और प्रशासन की आगे की कार्रवाई पर है।

    पिछोर विधानसभा क्षेत्र में सार्वजनिक स्थानों पर रातोंरात प्रतिमाएं स्थापित किए जाने के मामले पहले भी सामने आते रहे हैं। इससे पहले अलग-अलग स्थानों पर महापुरुषों सहित अन्य लोगों की प्रतिमाएं लगाए जाने को लेकर विवाद की स्थिति बन चुकी है। कुछ मामलों में विरोध प्रदर्शन भी हुए हैं और कई जगह चक्काजाम जैसी स्थिति तक सामने आई है। पुलिस ने पूर्व के कुछ मामलों में एफआईआर दर्ज कर कार्रवाई भी की थी। इसके बावजूद इस तरह रातोंरात प्रतिमाएं स्थापित किए जाने की घटनाएं पूरी तरह थमती नजर नहीं आ रही हैं।

    फुटेरा में राधा-कृष्ण की प्रतिमा स्थापित होने के बाद फिलहाल स्थानीय लोगों में धार्मिक उत्साह नजर आ रहा है। सुबह से ही लोग प्रतिमा के दर्शन के लिए पहुंचते रहे और पूजा-अर्चना करते दिखाई दिए। राधा-कृष्ण की प्रतिमा सामने आने के बाद आसपास के लोगों के बीच इसे लेकर तरह-तरह की चर्चाएं भी शुरू हो गई हैं। हालांकि प्रशासनिक स्तर पर प्रतिमा की स्थापना से जुड़े तथ्य अभी स्पष्ट होना बाकी हैं।

    यह मामला इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि सार्वजनिक स्थान पर किसी प्रतिमा की स्थापना के बाद उसके आसपास धार्मिक गतिविधियां शुरू हो सकती हैं। ऐसे में प्रशासन के लिए यह जानना जरूरी होगा कि प्रतिमा कब किसने और किन परिस्थितियों में स्थापित की। साथ ही यह भी देखा जाएगा कि संबंधित स्थान पर प्रतिमा लगाने के लिए कोई अनुमति ली गई थी या नहीं। फिलहाल पुलिस और प्रशासन की ओर से इस मामले में आगे क्या कदम उठाया जाता है इस पर सभी की नजर बनी हुई है।

    फुटेरा में सुबह अचानक राधा-कृष्ण की प्रतिमा मिलने से जहां श्रद्धालुओं में उत्साह दिखाई दिया वहीं रातोंरात प्रतिमा स्थापित किए जाने की प्रक्रिया को लेकर सवाल भी खड़े हुए हैं। अब पूरे मामले की तस्वीर प्रशासनिक जांच और पुलिस की कार्रवाई के बाद ही साफ हो सकेगी।

  • शिवपुरी में दर्दनाक हादसा दोस्तों के साथ नदी में नहा रहा था किशोर तभी बढ़ा पानी 500 मीटर दूर मिला शव

    शिवपुरी में दर्दनाक हादसा दोस्तों के साथ नदी में नहा रहा था किशोर तभी बढ़ा पानी 500 मीटर दूर मिला शव


    शिवपुरी। शिवपुरी जिले के सुरवाया थाना क्षेत्र में सिंध नदी में डूबे 15 वर्षीय किशोर का शव करीब 24 घंटे की तलाश के बाद बरामद कर लिया गया। रविवार दोपहर दोस्तों के साथ नदी में नहाने गया दिनेश अचानक बढ़े जलस्तर और तेज बहाव की चपेट में आ गया था। देखते ही देखते वह पानी में डूब गया। घटना के बाद पुलिस और रेस्क्यू टीम ने उसकी तलाश शुरू की लेकिन रविवार को उसका कोई पता नहीं चल सका। सोमवार को एसडीईआरएफ और होमगार्ड की टीम ने दोबारा सर्च ऑपरेशन चलाया जिसके बाद घटनास्थल से करीब 500 मीटर दूर किशोर का शव मिला।

    ग्राम डबिया निवासी दिनेश पुत्र स्वर्गीय प्रकाश आदिवासी रविवार दोपहर करीब एक बजे अपने दोस्तों के साथ सिंध नदी में नहाने गया था। उसके तीन साथी भी कुछ दूरी पर नदी में मौजूद थे। इसी दौरान अचानक नदी का जलस्तर बढ़ गया और पानी का बहाव तेज हो गया। दिनेश तेज बहाव की चपेट में आ गया और संभल नहीं सका। साथ मौजूद लोगों ने उसे बचाने की कोशिश की लेकिन कुछ ही देर में वह पानी में दिखाई देना बंद हो गया।

    किशोर को डूबता देखकर एक ग्रामीण ने भी उसे बचाने के लिए नदी में छलांग लगाई लेकिन तेज बहाव के कारण वह दिनेश तक नहीं पहुंच सका। हादसे की सूचना रविवार शाम करीब 5:45 बजे सुरवाया थाना पुलिस को दी गई। पुलिस मौके पर पहुंची और नदी के आसपास तलाश शुरू कराई गई। स्थानीय लोगों की मदद से भी किशोर को खोजने का प्रयास किया गया लेकिन देर शाम तक कोई सफलता नहीं मिली।

    बताया गया कि ऊपरी हिस्से में हुई बारिश के कारण सिंध नदी का जलस्तर अचानक बढ़ा था। इसका असर मड़ीखेड़ा स्थित अटल सागर बांध पर भी पड़ा। पानी बढ़ने के बाद बांध के चार गेट खोलकर पानी छोड़ा गया। इसके चलते सिंध नदी का बहाव और तेज हो गया। इसी बढ़े हुए जलस्तर के दौरान दिनेश नदी में नहा रहा था और तेज धारा में फंस गया।

    सोमवार को एसडीईआरएफ और होमगार्ड की टीम ने घटनास्थल पर पहुंचकर फिर से तलाश अभियान शुरू किया। टीम ने नदी के अलग-अलग हिस्सों में खोजबीन की। करीब 24 घंटे तक चले प्रयास के बाद घटनास्थल से लगभग 500 मीटर दूर दिनेश का शव बरामद किया गया। शव मिलने की सूचना के बाद परिवार में मातम छा गया। जिस किशोर के सुरक्षित लौटने की उम्मीद में परिजन नदी किनारे तलाश अभियान का इंतजार कर रहे थे वहां उसकी मौत की खबर पहुंचते ही माहौल गमगीन हो गया।

    रेस्क्यू अभियान में एसडीईआरएफ प्रभारी अफाक के साथ मुकेश युवंजय देवेंद्र रवि बिलवार भैय्या साहब और कप्तान सेन सहित अन्य सदस्य शामिल रहे। टीम ने काफी देर तक नदी में तलाश जारी रखी और आखिरकार किशोर का शव बरामद करने में सफलता मिली।

    घटना के बाद पुलिस ने शव बरामद कर आवश्यक कार्रवाई शुरू कर दी है। सिंध नदी में अचानक बढ़े जलस्तर और तेज बहाव के बीच हुआ यह हादसा परिवार के लिए बेहद दुखद है। इस घटना ने एक बार फिर बारिश के दौरान नदियों और जलाशयों में बढ़ते जलस्तर के बीच सावधानी बरतने की जरूरत को सामने ला दिया है।

  • शिवपुरी में काम के दौरान मौत: सीमेंट की बोरियां उतारते समय बिजली तार से छुआ हाथ करंट लगते ही नीचे गिरा युवक

    शिवपुरी में काम के दौरान मौत: सीमेंट की बोरियां उतारते समय बिजली तार से छुआ हाथ करंट लगते ही नीचे गिरा युवक


    शिवपुरी शिवपुरी जिले के खनियाधाना में सोमवार को एक दर्दनाक हादसे ने परिवार की खुशियां छीन लीं। पनिहारा तिराहा पर ट्रक से सीमेंट की बोरियां उतार रहे 26 वर्षीय मजदूर की 11 KV बिजली लाइन की चपेट में आने से मौत हो गई। बताया गया कि युवक ट्रक के ऊपर चढ़कर सीमेंट उतार रहा था तभी ट्रक के थोड़ा आगे बढ़ने के दौरान उसका हाथ ऊपर से गुजर रही बिजली लाइन के संपर्क में आ गया। तेज करंट लगते ही युवक ट्रक से नीचे गिर पड़ा। हादसे के बाद मौके पर मौजूद साथी मजदूरों ने तुरंत परिजनों को सूचना दी।

    मृतक की पहचान वार्ड नंबर 6 राजबाड़ा मोहल्ला निवासी हेमंत रजक के रूप में हुई है। हेमंत पुत्र गोपाल रजक मजदूरी करके अपने परिवार का भरण पोषण करता था। सोमवार को वह पनिहारा तिराहा पर कम्मा साहू के यहां खड़े ट्रक से सीमेंट की बोरियां उतारने के काम में लगा था। ट्रक का नंबर RJ09GD8725 बताया गया है। इसी दौरान ट्रक को कुछ आगे बढ़ाया गया और ऊपर मौजूद हेमंत 11 KV की बिजली लाइन के संपर्क में आ गया।

    करंट की चपेट में आते ही हेमंत बुरी तरह झुलस गया और संतुलन बिगड़ने के कारण ट्रक से नीचे गिर पड़ा। हादसे के समय उसके साथ कमल रजक फूल सिंह रजक और अवधेश रजक भी काम कर रहे थे। उन्होंने घटना को देखते ही परिजनों को इसकी जानकारी दी। सूचना मिलते ही हेमंत के बड़े भाई नीरज रजक और पिता गोपाल रजक मौके पर पहुंचे। परिवार के लोग बिना देर किए उसे सरकारी अस्पताल खनियाधाना लेकर गए। वहां डॉक्टरों ने जांच के बाद हेमंत को मृत घोषित कर दिया।

    युवक की मौत की खबर मिलते ही परिवार में मातम छा गया। जिस समय हेमंत रोज की तरह मजदूरी करने के लिए घर से निकला था उस समय किसी ने नहीं सोचा था कि कुछ ही देर बाद परिवार को उसकी मौत की खबर मिलेगी। हादसे के बाद आसपास मौजूद लोगों में भी शोक का माहौल बन गया। घटना ने एक बार फिर काम के दौरान बिजली लाइनों से जुड़े सुरक्षा इंतजामों को लेकर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। खासतौर पर ऐसे स्थानों पर जहां ऊंचे वाहनों पर चढ़कर सामान उतारा या लादा जाता है वहां ऊपर से गुजर रही बिजली लाइनों की स्थिति बेहद महत्वपूर्ण हो जाती है।

    हादसे के बाद मृतक के शव को पोस्टमार्टम के लिए खनियाधाना के पीएम हाउस में रखवाया गया। मृतक के भाई नीरज रजक की मौखिक रिपोर्ट के आधार पर पुलिस ने मर्ग दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है। पुलिस हादसे से जुड़े घटनाक्रम की जानकारी जुटा रही है। स्थानीय रिपोर्टों के अनुसार बिजली लाइन और ट्रक की स्थिति समेत हादसे से जुड़े अन्य पहलुओं की भी जांच की जा सकती है।

    इस हादसे ने परिवार के सामने बड़ा दुख खड़ा कर दिया है। हेमंत की मौत से उसके परिजनों का सहारा छिन गया। वहीं घटना के बाद यह सवाल भी सामने आया है कि ऐसे स्थानों पर जहां ट्रक और दूसरे ऊंचे वाहन खड़े होते हैं वहां बिजली लाइनों की ऊंचाई और सुरक्षा को लेकर पर्याप्त सावधानी बरती जा रही है या नहीं। फिलहाल पुलिस की जांच के बाद ही हादसे की परिस्थितियों को लेकर तस्वीर और साफ हो सकेगी।

  • सतना के धवारी में प्रेम प्रसंग के शक पर चाकूबाजी, महिला के साथ रह रहे युवक पर पति ने किया हमला

    सतना के धवारी में प्रेम प्रसंग के शक पर चाकूबाजी, महिला के साथ रह रहे युवक पर पति ने किया हमला

    मध्य प्रदेश: के सतना शहर के धवारी गली नंबर-2 में प्रेम प्रसंग के शक को लेकर विवाद के बाद चाकूबाजी की घटना सामने आई है। आरोप है कि एक महिला के पति ने उसके साथ रह रहे युवक पर चाकू से हमला कर दिया। हमले में युवक घायल हो गया, जिसके बाद उसे इलाज के लिए जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया।

    घटना के बाद इलाके में कुछ समय के लिए हड़कंप की स्थिति बन गई। बताया जा रहा है कि महिला के पति और उसके साथ रह रहे युवक के बीच विवाद के बाद मामला हिंसक हो गया। इसी दौरान युवक पर चाकू से हमला किए जाने की बात सामने आई है।

    घायल युवक को घटना के बाद जिला अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उसका उपचार कराया जा रहा है। घटना को लेकर पुलिस मामले की जांच कर रही है और विवाद की परिस्थितियों को समझने के लिए संबंधित लोगों से जानकारी जुटाई जा रही है।

    मामले में महिला प्रियंका चौधरी ने अपने ससुराल पक्ष पर भी आरोप लगाए हैं। महिला के मुताबिक उसके ससुराल वाले उस पर शक करते थे और इसी बात को लेकर लंबे समय से विवाद की स्थिति बनी हुई थी।

    प्रियंका का कहना है कि इसी विवाद के चलते उसके पति अमित, सास और ससुर ने उसे घर से बाहर निकाल दिया था। इसके बाद वह उस युवक के साथ किराए के कमरे में रहने लगी, जिसके साथ संबंधों को लेकर उसके ससुराल पक्ष की ओर से उस पर शक किए जाने की बात सामने आई थी।

    बताया जा रहा है कि महिला के पति अमित को जब उसके साथ रह रहे युवक के बारे में जानकारी मिली, तो विवाद बढ़ गया। इसी दौरान युवक पर चाकू से हमला किए जाने का आरोप है। हमले में युवक को चोट आई और उसे उपचार के लिए जिला अस्पताल ले जाया गया।

    घटना के बाद महिला ने कहा कि वह अपने प्रेमी के साथ ही रहना चाहती है। उसके इस बयान के बाद मामला और चर्चा में आ गया है। हालांकि, घटना से जुड़े सभी आरोपों और परिस्थितियों की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है।

    पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी है। जांच के दौरान चाकूबाजी की वास्तविक वजह, घटना के समय मौजूद परिस्थितियों और महिला, उसके पति तथा घायल युवक के बीच विवाद से जुड़े आरोपों की जानकारी जुटाई जा रही है।

    फिलहाल पुलिस की जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि विवाद किस परिस्थिति में बढ़ा और चाकू से हमला किस घटनाक्रम के दौरान हुआ। घायल युवक का उपचार जिला अस्पताल में जारी है, जबकि मामले से जुड़े लोगों से पूछताछ और अन्य तथ्यों की जांच की जा रही है।