Category: Madhya Pradesh

  • इंदौर के छावनी क्षेत्र में तोड़फोड़ के खिलाफ विरोध तेज, ‘न्याय रैली’ आज

    इंदौर के छावनी क्षेत्र में तोड़फोड़ के खिलाफ विरोध तेज, ‘न्याय रैली’ आज


    इंदौर।  इंदौर के छावनी क्षेत्र में सड़क चौड़ीकरण के नाम पर हुई तोड़फोड़ को लेकर अब राजनीतिक और सामाजिक विरोध तेज हो गया है। जनहित पार्टी ने नगर निगम और प्रशासन की कार्रवाई को “अमानवीय” बताते हुए शनिवार शाम 7 बजे ‘न्याय रैली’ निकालने की घोषणा की है।

    पार्टी का आरोप है कि छावनी क्षेत्र की 136 साल पुरानी बसाहट को बिना उचित प्रक्रिया, बिना सहमति और बिना पर्याप्त मुआवजा दिए तोड़ दिया गया। दावा किया गया है कि कई लोगों को केवल दो दिन पहले सूचना दी गई और फिर भारी पुलिस बल व जेसीबी मशीनों के साथ कार्रवाई शुरू कर दी गई, जिससे लोगों को अपना सामान तक निकालने का समय नहीं मिला।

    विरोध कर रही पार्टी का कहना है कि कई प्रभावित परिवारों के पास संपत्तियों की वैध रजिस्ट्री मौजूद है, बावजूद इसके बड़े पैमाने पर मकानों और दुकानों को ध्वस्त किया गया। आरोप यह भी है कि जहां 10 फीट तक हटाने की बात थी, वहां कई जगह 20 फीट तक निर्माण गिरा दिया गया।

    जनहित पार्टी ने मांग की है कि प्रभावित लोगों को बाजार मूल्य से दोगुना मुआवजा दिया जाए, एफएआर और टीडीआर जैसे नियमों पर पुनर्विचार हो और छोटे व्यापारियों व फेरी वालों की आजीविका सुरक्षित रखी जाए। साथ ही शहर के विकास कार्यों में पारदर्शिता और सहमति को अनिवार्य करने की मांग उठाई गई है।

    पार्टी ने नागरिकों से अपील की है कि वे इस मुद्दे पर एकजुट होकर अपनी आवाज उठाएं, क्योंकि उनका कहना है कि यदि ऐसे ही कार्रवाई चलती रही तो अन्य पुराने क्षेत्रों पर भी इसका असर पड़ सकता है।

    इस कार्रवाई के दौरान हुए नुकसान और विरोध के चलते मामला अब पूरी तरह राजनीतिक रूप लेता जा रहा है और शहर में तनाव का माहौल बना हुआ है।

  • इंदौर में देर रात बड़ा सड़क हादसा: दो कारों की टक्कर में एक वाहन पलटा, शराब की बोतलें मिलने से हड़कंप

    इंदौर में देर रात बड़ा सड़क हादसा: दो कारों की टक्कर में एक वाहन पलटा, शराब की बोतलें मिलने से हड़कंप

    इंदौर । इंदौर के बीआरटीएस स्थित रसोमा चौराहे पर देर रात तेज रफ्तार में दो कारों की आमने-सामने भिड़ंत हो गई। टक्कर इतनी जोरदार थी कि एक कार कई बार पलट गई, जबकि दूसरा वाहन भी बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। हादसे में एक चालक गंभीर रूप से घायल हो गया, जिसे स्थानीय लोगों की मदद से अस्पताल पहुंचाया गया।

    पुलिस के अनुसार यह हादसा शुक्रवार देर रात करीब 3 बजे हुआ। एक कार मेदांता अस्पताल की ओर से और दूसरी एलआईजी क्षेत्र की तरफ से आ रही थी। चौराहे पर पहुंचते ही दोनों वाहनों में जबरदस्त टक्कर हो गई, जिससे सड़क पर अफरा-तफरी मच गई।

    प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि टक्कर की आवाज इतनी तेज थी कि आसपास के लोग घरों और दुकानों से बाहर निकल आए। एलआईजी की ओर से आ रही कार अनियंत्रित होकर दो बार पलट गई। इस कार में सवार देव चौहान को गंभीर चोटें आईं, खासकर कंधे में फ्रैक्चर बताया जा रहा है।

    घटना के बाद एक कार में सवार युवतियों के मौके से चले जाने की बात सामने आई है। पुलिस के पहुंचने से पहले वे वहां से जा चुकी थीं। कार के अंदर शराब की तीन बोतलें मिलने से मामला और गंभीर हो गया है, हालांकि पुलिस ने अभी इसकी आधिकारिक पुष्टि जांच के बाद करने की बात कही है।

    वहीं, एयरबैग खुलने के कारण दूसरी कार में सवार लोगों की जान बाल-बाल बच गई। पुलिस ने दोनों वाहनों को जब्त कर लिया है और सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं। प्रारंभिक जांच में तेज रफ्तार और संभावित नशे में ड्राइविंग को हादसे की वजह माना जा रहा है। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
     

  • इंदौर में स्वच्छता व्यवस्था पर सवाल: निगमकर्मियों पर खुले में कचरा फेंकने और जलाने के आरोप

    इंदौर में स्वच्छता व्यवस्था पर सवाल: निगमकर्मियों पर खुले में कचरा फेंकने और जलाने के आरोप


    इंदौर इंदौर में देश की सबसे स्वच्छ शहरों की सूची में लगातार शीर्ष पर रहने वाली छवि पर एक बार फिर सवाल खड़े हो गए हैं। ताजा मामलों में नगर निगम के कर्मचारियों पर ही खुले में कचरा डंप करने और उसे रात के समय जलाने के आरोप लगे हैं, जिससे रहवासी इलाकों में धुआं और बदबू फैलने से लोगों को भारी परेशानी झेलनी पड़ रही है।

    वार्ड क्रमांक-53, नेत्रराम का बगीचा और डेली कॉलेज के सामने जैसे इलाकों से सामने आए वीडियो में ट्रैक्टर-ट्रॉली से कचरा लाकर बीच रहवासी क्षेत्र में फेंका जाता दिख रहा है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि दिन में खुले में कचरा डाला जाता है और रात होते ही उसी कचरे में आग लगा दी जाती है, जिससे पूरा इलाका धुएं से भर जाता है।

    रहवासियों का कहना है कि उन्होंने कई बार इसका विरोध किया, लेकिन निगमकर्मी नहीं मानते। स्थिति तब और गंभीर हो गई जब 27 मई की रात कचरे में लगी आग ने विकराल रूप ले लिया और फायर ब्रिगेड को घंटों मशक्कत करनी पड़ी। वहीं 28 मई को भी दरोगा की मौजूदगी में कचरा डंप किए जाने का वीडियो सामने आया है।

    सूत्रों के मुताबिक पिछले दो महीनों में शहर में कचरा जलाने की 50 से अधिक शिकायतें फायर ब्रिगेड तक पहुंच चुकी हैं। औसतन रोजाना दो से तीन ऐसी घटनाएं दर्ज हो रही हैं, जिनमें कई बार आग आसपास की दुकानों और संपत्तियों तक पहुंचकर नुकसान भी पहुंचा चुकी है।

    नगर निगम की ओर से वार्ड पार्षद ने इस मामले को गंभीर बताते हुए अधिकारियों से शिकायत की है और कचरे के वैज्ञानिक निस्तारण की बात कही है। वहीं जोन प्रभारी ने जांच के आदेश देते हुए कहा है कि दोषी पाए जाने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। यह मामला स्वच्छता सर्वेक्षण के दौरान सामने आने से नगर निगम की कार्यप्रणाली और कचरा प्रबंधन व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर रहा है।

  • भोपाल की वॉटर स्पोर्ट्स एकेडमी में 13 वर्षीय खिलाड़ी के साथ विवाद और आरोपों का मामला

    भोपाल की वॉटर स्पोर्ट्स एकेडमी में 13 वर्षीय खिलाड़ी के साथ विवाद और आरोपों का मामला


    भोपाल । भोपाल से एक गंभीर मामला सामने आया है, जहां 13 वर्षीय सेलर ध्रुवी टंडन और उनके परिवार ने वॉटर स्पोर्ट्स एकेडमी के अधिकारियों पर मानसिक प्रताड़ना, पक्षपात और खेल करियर बाधित करने जैसे गंभीर आरोप लगाए हैं। परिवार का कहना है कि ध्रुवी को “लड़कों के साथ घूमने” जैसे आधारहीन आरोप लगाकर एकेडमी से बाहर कर दिया गया, जिसके बाद से वह पिछले तीन वर्षों से दोबारा प्रवेश के लिए संघर्ष कर रही हैं।

    परिवार का आरोप है कि ध्रुवी को प्रतियोगिताओं में कमजोर और फटे उपकरण दिए गए, जिससे उनका प्रदर्शन प्रभावित हुआ। वहीं, उनकी छोटी बहन सिद्धि टंडन, जो राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कई मेडल जीत चुकी हैं, के चयन में भी अनियमितताओं और 50 हजार रुपये की रिश्वत मांगने जैसे आरोप लगाए गए हैं।

    परिजनों का कहना है कि बार-बार शिकायतों के बावजूद कोई कार्रवाई नहीं हुई और उन्हें लगातार निराशा ही हाथ लगी। आर्थिक तंगी के चलते परिवार ने अपनी संपत्ति तक गिरवी रख दी और कई बार यात्रा के दौरान मुश्किल परिस्थितियों का सामना किया।

    वहीं दूसरी ओर, परिवार इसे पुरानी रंजिश और बदले की भावना से जुड़ा मामला बता रहा है। आरोप है कि शिकायतें करने के बाद से ही दोनों बहनों को लगातार परेशान किया जा रहा है। यह मामला अब खेल व्यवस्था, चयन प्रक्रिया और खिलाड़ियों के संरक्षण को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर रहा है।

  • भोपाल: बशीर बद्र की याद में जुटेगा साहित्यिक जगत, राज सदन में होगी श्रद्धांजलि सभा

    भोपाल: बशीर बद्र की याद में जुटेगा साहित्यिक जगत, राज सदन में होगी श्रद्धांजलि सभा


    भोपाल  भोपाल का साहित्यिक और सांस्कृतिक वातावरण एक बार फिर भावनात्मक माहौल में डूबने जा रहा है, क्योंकि शहर के ख्यात पद्मश्री शायर Bashir Badr को श्रद्धांजलि देने के लिए एक सामूहिक सभा का आयोजन किया जा रहा है। यह कार्यक्रम 30 मई को शाम 5 बजे दुष्यंत कुमार स्मारक पांडुलिपि संग्रहालय के राज सदन में आयोजित होगा।

    28 मई को उनके निधन के बाद से ही देशभर के साहित्यिक जगत में शोक की लहर है। भोपाल, जो उनकी साहित्यिक कर्मभूमि में से एक रहा है, वहां विभिन्न साहित्यिक और सांस्कृतिक संस्थाएं मिलकर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित करेंगी।

    इस श्रद्धांजलि सभा में दुष्यंत कुमार स्मारक पांडुलिपि संग्रहालय, मध्यप्रदेश लेखक संघ, वनमाली सृजन पीठ, मध्यप्रदेश लेखिका संघ, हिन्दी भवन, अभिनव कला परिषद, प्रभात साहित्य परिषद, कला मंदिर, अखिल भारतीय साहित्य परिषद, वरिष्ठ नागरिक मंच और अंतरराष्ट्रीय विश्व मैत्री मंच सहित कई प्रमुख संस्थाएं शामिल होंगी। शहर के वरिष्ठ साहित्यकार, कवि और शायर भी इस अवसर पर उपस्थित रहेंगे।

    कार्यक्रम का उद्देश्य केवल औपचारिक श्रद्धांजलि देना नहीं, बल्कि शायर Bashir Badr के रचनात्मक योगदान को याद करना और उनकी शायरी की विरासत को जीवंत रखना है। इस दौरान उनकी प्रसिद्ध गजलों और शेर-ओ-शायरी के माध्यम से उन्हें याद किया जाएगा, जिससे माहौल पूरी तरह साहित्यिक और भावुक हो उठेगा।

    दुष्यंत कुमार स्मारक पांडुलिपि संग्रहालय की निदेशक करुणा राजूकर ने शहर के सभी साहित्य प्रेमियों और सांस्कृतिक संस्थाओं से अपील की है कि वे इस कार्यक्रम में अधिक से अधिक संख्या में शामिल होकर शायर को अपनी श्रद्धांजलि अर्पित करें। उनका कहना है कि यह अवसर न केवल एक महान शायर को याद करने का है, बल्कि हिंदी और उर्दू साहित्य की समृद्ध परंपरा को भी सम्मान देने का है।

    भोपाल हमेशा से साहित्य और शायरी का एक महत्वपूर्ण केंद्र रहा है, और Bashir Badr की उपस्थिति ने इस शहर को एक विशेष पहचान दी है। ऐसे में उनकी स्मृति में आयोजित यह सभा साहित्यिक दुनिया के लिए एक भावपूर्ण क्षण साबित होगी, जहां शब्दों के जरिए उनके योगदान को सलाम किया जाएगा।

  • MP का ‘बंगला पान’ बना इंटरनेशनल पसंद, बढ़ी मांग, अब सरकार किसानों को देगी ₹1 करोड़ की मदद

    MP का ‘बंगला पान’ बना इंटरनेशनल पसंद, बढ़ी मांग, अब सरकार किसानों को देगी ₹1 करोड़ की मदद


    भोपाल। मध्य प्रदेश का प्रसिद्ध ‘बंगला पान’ अब देश ही नहीं, विदेशों में भी अपनी खास पहचान बना रहा है। अपनी सुगंध, कोमल बनावट और बेहतरीन स्वाद के कारण छतरपुर का बंगला पान अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेजी से लोकप्रिय हो रहा है। इसकी बढ़ती मांग को देखते हुए राज्य सरकार ने पान उत्पादक किसानों के लिए 1.03 करोड़ रुपये की विशेष सहायता योजना लागू की है।

    विदेशों तक पहुंचा एमपी का पान
    छतरपुर जिले में उगाया जाने वाला बंगला पान अपनी पतली बनावट, हल्की मिठास और लंबे समय तक ताजगी बनाए रखने की क्षमता के लिए जाना जाता है। यही वजह है कि इसकी मांग भारत के साथ-साथ पाकिस्तान, बांग्लादेश और श्रीलंका जैसे देशों में भी लगातार बढ़ रही है।

    किसानों के लिए सरकार की खास योजना
    पान उत्पादन को बढ़ावा देने और किसानों की आय में वृद्धि के उद्देश्य से राज्य सरकार ने 10 प्रमुख जिलों को शामिल करते हुए विशेष कार्ययोजना तैयार की है। इसके लिए 1 करोड़ 3 लाख रुपये का वित्तीय प्रावधान किया गया है। योजना के तहत किसानों को आधुनिक खेती तकनीकों की जानकारी, उन्नत किस्म की पौध सामग्री, विशेष प्रशिक्षण, और ‘बरोज’ निर्माण के लिए आर्थिक व तकनीकी सहायता उपलब्ध कराई जाएगी।

    इन जिलों में होती है प्रमुख खेती
    मध्य प्रदेश के छतरपुर, रीवा, मंदसौर, नरसिंहपुर और टीकमगढ़ जिले पान उत्पादन के प्रमुख केंद्र हैं। यहां वर्षों से पान की खेती किसानों की आय का महत्वपूर्ण स्रोत बनी हुई है।

    रीवा का पान भी खूब लोकप्रिय
    रीवा जिले के महसांव क्षेत्र के दो गांवों में उत्पादित पान की भी अलग पहचान है। यहां तैयार होने वाला पान उत्तर प्रदेश के प्रमुख शहरों वाराणसी, प्रयागराज और लखनऊ तक भेजा जाता है। इन बाजारों में मध्य प्रदेश के पान की विशेष मांग बनी रहती है।

    क्या है ‘बरोज’ मॉडल?
    पान की खेती के लिए विशेष प्रकार का संरक्षित ढांचा तैयार किया जाता है, जिसे ‘बरोज’ कहा जाता है। इसमें तापमान और नमी को नियंत्रित रखा जाता है, जिससे पान की नाजुक बेलों का बेहतर विकास हो सके। मध्य प्रदेश में यह परंपरागत खेती मुख्य रूप से चौरसिया समाज द्वारा की जाती है, जो पीढ़ियों से इस व्यवसाय से जुड़ा हुआ है। बरोज प्रणाली की वजह से उच्च गुणवत्ता वाला पान तैयार होता है और यही मॉडल अब देशभर में चर्चा का विषय बन रहा है।

    चुनौतियों के बावजूद बनी हुई है मांग
    पारंपरिक पान व्यवसाय को पान मसाला और गुटखा जैसे उत्पादों से चुनौती मिल रही है। बदलती जीवनशैली और युवाओं की पसंद के कारण पान की खपत पर असर पड़ा है, जिससे किसानों की आय भी प्रभावित हुई है। इसके बावजूद भारतीय संस्कृति और परंपराओं में पान का महत्व आज भी बरकरार है। पूजा-पाठ, विवाह समारोह, मांगलिक आयोजनों और अतिथि सत्कार में पान का विशेष स्थान होने के कारण इसकी बाजार मांग स्थिर बनी हुई है।

    किसानों के लिए नई उम्मीद
    सरकार की नई योजना और बढ़ती निर्यात मांग के चलते पान उत्पादक किसानों को बेहतर आय की उम्मीद है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि आधुनिक तकनीकों और बरोज मॉडल को व्यापक स्तर पर अपनाया जाए, तो मध्य प्रदेश का बंगला पान वैश्विक बाजार में और मजबूत पहचान बना सकता है।

  • भीषण गर्मी के बीच राहत की बौछार: मध्य प्रदेश में आंधी-बारिश और ओलावृष्टि का दौर

    भीषण गर्मी के बीच राहत की बौछार: मध्य प्रदेश में आंधी-बारिश और ओलावृष्टि का दौर


    भोपाल । मध्य प्रदेश में नौतपा के छठे दिन मौसम ने एक बार फिर अचानक करवट ले ली। शनिवार सुबह प्रदेश के कई जिलों में तेज हवाओं के साथ झमाझम बारिश हुई, जिससे भीषण गर्मी से परेशान लोगों को बड़ी राहत मिली। रतलाम, झाबुआ, धार, मंदसौर, खंडवा और आसपास के क्षेत्रों में सुबह से ही बादल छाए रहे और रुक-रुक कर बारिश होती रही।

    देवास जिले में हालात और भी अलग रहे, जहां बारिश के साथ ओलावृष्टि भी दर्ज की गई। अचानक बदले मौसम ने लोगों को गर्मी से तो राहत दी, लेकिन कई जगह सड़कों पर पानी भरने और जनजीवन प्रभावित होने की स्थिति भी बन गई।

    कई जिलों में तेज हवाओं के साथ बारिश
    सुबह 4 से 9 बजे के बीच रतलाम, धार, झाबुआ और आसपास के इलाकों में अलग-अलग समय पर बारिश दर्ज की गई। पेटलावद, रायपुरिया और बामनिया जैसे क्षेत्रों में करीब आधे घंटे तक तेज बारिश हुई, जिससे सड़कों पर पानी जमा हो गया। वहीं जैतपुरा में लगभग दो घंटे तक लगातार बारिश हुई, जिससे तापमान में गिरावट दर्ज की गई। ओंकारेश्वर और धार के कुक्षी क्षेत्र में भी हल्की से मध्यम बारिश हुई। कई स्थानों पर तेज आंधी के कारण दृश्यता प्रभावित हुई।

    मौसम विभाग का अलर्ट: अगले 4 दिन अस्थिर रहेगा मौसम
    मौसम विभाग के अनुसार मध्य प्रदेश में 30 मई से 2 जून तक मौसम का मिजाज इसी तरह अस्थिर बना रहेगा। कहीं आंधी-बारिश तो कहीं ओलावृष्टि की संभावना जताई गई है। विभाग ने बताया कि 31 मई से 2 जून के बीच कई जिलों में तेज हवाओं के साथ बारिश और ओले गिर सकते हैं। कुछ जिलों में हीटवेव का अलर्ट भी जारी किया गया है, जबकि अन्य हिस्सों में गरज-चमक के साथ बारिश की संभावना बनी हुई है।

    नौतपा में गर्मी और राहत दोनों का असर
    25 मई से शुरू हुए नौतपा के शुरुआती दिनों में प्रदेश में तापमान 45 से 47 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया था। खजुराहो और नौगांव जैसे क्षेत्र सबसे ज्यादा गर्म रहे। हालांकि बीच-बीच में हो रही बारिश ने गर्मी से थोड़ी राहत जरूर दी है, लेकिन मौसम का यह उतार-चढ़ाव आगे भी जारी रहने की संभावना है।

    लोगों के लिए सलाह
    मौसम वैज्ञानिकों ने दोपहर 12 से 3 बजे के बीच बाहर निकलने से बचने की सलाह दी है। साथ ही बच्चों और बुजुर्गों को विशेष सावधानी रखने, पर्याप्त पानी पीने और हल्के कपड़े पहनने की अपील की गई है।

  • ट्विशा केस से फिर गरमाई कानूनी दुनिया: पूर्व जज की गिरफ्तारी और पुराने फैसले पर चर्चा तेज

    ट्विशा केस से फिर गरमाई कानूनी दुनिया: पूर्व जज की गिरफ्तारी और पुराने फैसले पर चर्चा तेज


    भोपाल  भोपाल में एक्ट्रेस और मॉडल ट्विशा शर्मा की संदिग्ध मौत के मामले ने अब एक नया कानूनी मोड़ ले लिया है। सीबीआई द्वारा की गई कार्रवाई के बाद पूर्व जिला एवं सत्र न्यायाधीश गिरिबाला सिंह और उनके बेटे समर्थ सिंह को गिरफ्तार कर स्पेशल कोर्ट में पेश किया गया, जहां से दोनों को पांच दिन की पुलिस रिमांड पर भेज दिया गया है। इस कार्रवाई के बाद न्यायिक जगत में हलचल तेज हो गई है।

    गिरफ्तारी के बाद सबसे ज्यादा चर्चा उनके उस फैसले को लेकर हो रही है, जो उन्होंने फरवरी 2023 में भोपाल के चर्चित फैज कुरैशी हत्याकांड में सुनाया था। उस मामले में अदालत ने आरोपी शफीक कुरैशी को संदेह का लाभ देते हुए बरी कर दिया था।

    कोर्ट का फैसला क्यों बना चर्चा का केंद्र
    फैसले में अदालत ने स्पष्ट कहा था कि अभियोजन पक्ष आरोपी के खिलाफ हत्या का आरोप संदेह से परे साबित नहीं कर सका। सुनवाई के दौरान पेश किए गए प्रत्यक्षदर्शी गवाह अपने बयानों से पलट गए थे। किसी भी गवाह ने अदालत में यह स्वीकार नहीं किया कि उसने आरोपी को वारदात करते देखा।

    इसके अलावा, पुलिस द्वारा प्रस्तुत जब्ती और जांच संबंधी साक्ष्यों पर भी सवाल उठे। अदालत ने माना कि केवल परिस्थितिजन्य साक्ष्य और पुलिस बयानों के आधार पर किसी को दोषी नहीं ठहराया जा सकता। एफएसएल रिपोर्ट भी आरोपी की संलिप्तता को स्पष्ट रूप से साबित नहीं कर सकी थी।

    जांच एजेंसियों की कार्रवाई और नई बहस
    वर्तमान में ट्विशा शर्मा केस में सीबीआई की जांच जारी है। इसी क्रम में पूर्व जज और उनके परिवार पर कार्रवाई ने न्यायिक व्यवस्था और पुराने मामलों की जांच प्रक्रिया पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। मामले की गंभीरता को देखते हुए कोर्ट ने रिमांड मंजूर की है और आगे की जांच जारी है।

    इस पूरे घटनाक्रम ने न केवल कानूनी हलकों में बल्कि राजनीतिक और सामाजिक स्तर पर भी बहस छेड़ दी है। एक ओर जहां जांच एजेंसियां मामले को गंभीर बता रही हैं, वहीं दूसरी ओर पुराने फैसलों की निष्पक्षता और न्यायिक प्रक्रिया पर भी चर्चा तेज हो गई है।

    ट्विशा केस ने बढ़ाई संवेदनशीलता
    ट्विशा शर्मा की मौत 12 मई की रात भोपाल के कटारा हिल्स क्षेत्र में संदिग्ध परिस्थितियों में हुई थी। मामले में ससुराल पक्ष इसे आत्महत्या बता रहा है, जबकि मायके पक्ष ने हत्या का आरोप लगाया है। जांच अभी विभिन्न कोणों से जारी है। इसी बीच पूर्व जज की गिरफ्तारी और पुराने फैसले की दोबारा चर्चा ने मामले को और अधिक संवेदनशील और जटिल बना दिया है।

  • कार में फंसे दो युवकों को रेस्क्यू, शराब के नशे में ड्राइविंग की आशंका

    कार में फंसे दो युवकों को रेस्क्यू, शराब के नशे में ड्राइविंग की आशंका


    मंदसौर । मंदसौर जिले के पिपलियामंडी थाना क्षेत्र में महू-नीमच हाईवे पर गुरुवार देर रात तेज रफ्तार कार अनियंत्रित होकर डिवाइडर की रेलिंग से जा टकराई। हादसे में कार सवार दो युवक गंभीर रूप से घायल हो गए, जिन्हें इलाज के लिए जिला अस्पताल रेफर किया गया है।

    जानकारी के मुताबिक, हादसा करीब रात 12 बजे चौपाटी इलाके के पास हुआ। कार नीमच से मंदसौर की ओर आ रही थी, तभी चालक ने तेज रफ्तार में नियंत्रण खो दिया और वाहन सीधे डिवाइडर की रेलिंग में जा घुसा। टक्कर इतनी जोरदार थी कि कार का अगला हिस्सा पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया।

    प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि कार में सवार दोनों युवक सुवासरा के रहने वाले थे। हादसे के बाद वे बुरी तरह वाहन में फंस गए थे, जिन्हें स्थानीय लोगों की मदद से बाहर निकाला गया।

    घायलों की पहचान सुवासरा निवासी कालू सिंह और प्रताप सिंह के रूप में हुई है। सूचना मिलने पर टोल एंबुलेंस टीम मौके पर पहुंची और दोनों को प्राथमिक उपचार देकर अस्पताल भेजा।

    स्थानीय लोगों ने बताया कि कार पर नंबर प्लेट नहीं लगी थी और दोनों युवकों के नशे में होने की आशंका जताई गई है, हालांकि पुलिस ने अभी इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं की है।

    हादसे के बाद क्रेन की मदद से क्षतिग्रस्त कार को पुलिस थाने भिजवाया गया है। फिलहाल दोनों घायलों का इलाज जिला अस्पताल में जारी है और पुलिस मामले की जांच कर रही है।

  • सड़क हादसे में आंगनवाड़ी कार्यकर्ता घायल, ड्राइवर मौके से फरार

    सड़क हादसे में आंगनवाड़ी कार्यकर्ता घायल, ड्राइवर मौके से फरार


    मंदसौर । मंदसौर जिले के पिपलियामंडी थाना क्षेत्र में बेलारा और पलेवना गांव के बीच शुक्रवार दोपहर एक तेज रफ्तार ट्रक ने बाइक को टक्कर मार दी। इस दर्दनाक हादसे में 45 वर्षीय किसान पर्वत लाल (निवासी कामलिया) की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि आंगनवाड़ी कार्यकर्ता वंदना गोड़ गंभीर रूप से घायल हो गईं।

    जानकारी के मुताबिक, वंदना गोड़ ड्यूटी खत्म कर मंदसौर लौट रही थीं। रास्ते में उन्हें गांव के किसान पर्वत लाल मिले, जिन्होंने लिफ्ट देने की बात स्वीकार की और दोनों एक ही बाइक से रवाना हुए। इसी दौरान यह हादसा हो गया।

    बताया जा रहा है कि जैसे ही बाइक बेलारा और पलेवना के बीच पहुंची, पीछे से आ रहे तेज रफ्तार ट्रक ने जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि किसान सड़क पर गिर पड़े और ट्रक का पहिया उनके चेहरे के ऊपर से गुजर गया, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई। वंदना गोड़ गंभीर रूप से घायल हो गईं और उन्हें इलाज के लिए जिला अस्पताल भेजा गया।

    हादसे के बाद स्थानीय लोगों की मदद से दोनों को अस्पताल पहुंचाया गया, जहां डॉक्टरों ने किसान को मृत घोषित कर दिया। घायल महिला का इलाज जारी है।

    प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार ट्रक चालक लापरवाही से वाहन चला रहा था और नशे की हालत में होने की आशंका भी जताई जा रही है। हादसे के बाद चालक ट्रक मौके पर छोड़कर फरार हो गया।

    पुलिस ने ट्रक को जब्त कर लिया है और फरार चालक की तलाश शुरू कर दी है। मामले की जांच पिपलियामंडी थाना पुलिस कर रही है।