Category: Madhya Pradesh

  • भोपाल में शत्रु संपत्ति विवाद ने फिर पकड़ा जोर कोहेफिजा के खसरा नंबर 42 की जांच से भू-स्वामियों की बढ़ी बेचैनी

    भोपाल में शत्रु संपत्ति विवाद ने फिर पकड़ा जोर कोहेफिजा के खसरा नंबर 42 की जांच से भू-स्वामियों की बढ़ी बेचैनी

    भोपाल। भोपाल में शत्रु संपत्ति से जुड़ा वर्षों पुराना विवाद एक बार फिर चर्चा में आ गया है। नवाब भोपाल रियासत के अंतिम नवाब हमीदुल्लाह खान और उनकी दूसरी पत्नी आफताब जहां बेगम से जुड़ी संपत्तियों को लेकर चल रही जांच अब वर्तमान भू-स्वामियों और रहवासियों तक पहुंचती दिखाई दे रही है। कोहेफिजा क्षेत्र में न्यायालय सहायक अभिरक्षक शत्रु संपत्ति एवं अनुविभागीय अधिकारी राजस्व संत हिरदाराम नगर यानी बैरागढ़ की ओर से कारण बताओ सूचना पत्र जारी किए गए हैं। इससे क्षेत्र में अपनी जमीन और संपत्ति के दस्तावेजों को लेकर लोगों की चिंता बढ़ गई है।

    सामने आए एक नोटिस में ग्राम कोहेफिजा के खसरा नंबर 42/10 में दर्ज 0.0320 हेक्टेयर भूमि से संबंधित व्यक्ति को 24 सितंबर को उपस्थित होकर अपने पक्ष में दस्तावेज और साक्ष्य प्रस्तुत करने के लिए कहा गया है। नोटिस में अमिताभ अग्निहोत्री की शिकायत का उल्लेख करते हुए जांच की जानकारी दी गई है। इसमें रियाज मंजिल को भारत के शत्रु संपत्ति अभिरक्षक कार्यालय के अनुसार शत्रु संपत्ति घोषित किए जाने की बात कही गई है। साथ ही संबंधित खसरे के कॉलम 12 में शत्रु संपत्ति जांच की प्रविष्टि होने और Enemy Property Act 1968 की धारा 12 का हवाला भी दिया गया है।

    मामला इसलिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि रियाज मंजिल का संबंध नवाब हमीदुल्लाह खान की दूसरी पत्नी आफताब जहां बेगम से बताया जाता है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार यह कोठी नवाब हमीदुल्लाह खान ने आफताब जहां बेगम को दी थी। अब इस संपत्ति से जुड़े रिकॉर्ड और आसपास की जमीनों की जांच ने पुराने विवाद को फिर सामने ला दिया है। सवाल यह भी उठ रहा है कि क्या जांच का दायरा केवल रियाज मंजिल तक सीमित रहेगा या नवाब परिवार से जुड़ी दूसरी संपत्तियां भी इसकी जद में आएंगी।

    जून 2026 में भोपाल कलेक्टर की ओर से शत्रु संपत्तियों की जांच को लेकर बैरागढ़ सहित अलग-अलग एसडीएम को निर्देश दिए जाने की जानकारी सामने आई थी। इस जांच में रियाज मंजिल के साथ मेपल हाउस नानी की हवेली और नवाब परिवार से संबंधित अन्य संपत्तियों को भी शामिल किए जाने की बात कही गई थी। ऐसे में कोहेफिजा के मौजूदा नोटिस को उसी व्यापक जांच प्रक्रिया से जोड़कर देखा जा रहा है।

    आफताब जहां बेगम से जुड़ी जमीनों को लेकर भी पुराने रिकॉर्ड और दावों की चर्चा होती रही है। वर्ष 1959 के राजस्व रिकॉर्ड में बेहटा और बोरबन क्षेत्र में उनके नाम बड़ी मात्रा में जमीन दर्ज होने का दावा किया गया है। इन जमीनों में से कुछ को बाद में पावर ऑफ अटॉर्नी और कथित फर्जी हस्ताक्षरों के आधार पर हिबानाम के जरिए बेचे जाने के आरोप भी सामने आए हैं। बेहटा की 30.55 एकड़ जमीन की वर्ष 1994 में हुई बिक्री को लेकर आर्थिक अपराध शाखा से जांच की मांग किए जाने की जानकारी भी सामने आई है।

    हालांकि मौजूदा भू-स्वामियों के लिए सबसे अहम सवाल यह है कि उनकी जमीन वास्तव में 29 अप्रैल 2024 के अभिरक्षक आदेश या प्रमाण पत्र में शामिल है या नहीं। नोटिस में रियाज मंजिल को शत्रु संपत्ति घोषित किए जाने और संबंधित खसरे में शत्रु संपत्ति जांच की प्रविष्टि दोनों का उल्लेख है। ऐसे में अंतिम स्थिति संबंधित दस्तावेजों और राजस्व रिकॉर्ड की जांच के बाद ही स्पष्ट होगी। फिलहाल कोहेफिजा सहित बैरागढ़ और आसपास के क्षेत्रों में पुराने संपत्ति रिकॉर्ड की जांच आगे बढ़ने से इस मामले ने एक बार फिर लोगों का ध्यान खींचा है।

  • घर में मिला महिला इंस्पेक्टर का खून से लथपथ शव पास पड़ा था हथौड़ा प्रेमी पर हत्या का शक फिर उठाया खौफनाक कदम

    घर में मिला महिला इंस्पेक्टर का खून से लथपथ शव पास पड़ा था हथौड़ा प्रेमी पर हत्या का शक फिर उठाया खौफनाक कदम


    भोपाल। भोपाल में महिला RTO इंस्पेक्टर की हत्या और उसके बाद उनके प्रेमी की आत्महत्या का मामला सामने आने से सनसनी फैल गई है। खजूरी सड़क थाना क्षेत्र की लेखपाल कॉलोनी में सोमवार सुबह RTO इंस्पेक्टर मीनाक्षी गोखले का शव उनके घर के अंदर मिला। मीनाक्षी की उम्र करीब 45 वर्ष बताई गई है। उनके सिर पर गंभीर चोटों के निशान मिले हैं और शव के पास ही खून से सना हथौड़ा पड़ा हुआ था। घटना की सूचना मिलने के बाद पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू की।

    प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक मीनाक्षी भंवरी जोड़ के पास लेखपाल कॉलोनी में रहती थीं। उनके साथ एक रूममेट भी रहती थी। सोमवार सुबह करीब 7 बजे रूममेट ने पुलिस को घटना की जानकारी दी। पुलिस के पहुंचने पर घर के अंदर मीनाक्षी का शव मिला। घटनास्थल की स्थिति को देखते हुए पुलिस ने मामले को हत्या के एंगल से जांचना शुरू किया। शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया गया है।

    पुलिस की शुरुआती जांच में मीनाक्षी के प्रेमी पवन कुमार द्विवेदी का नाम सामने आया है। बताया गया है कि पवन मूल रूप से सीधी जिले का रहने वाला था और करीब दो दिन पहले ही भोपाल आया था। वह मीनाक्षी के साथ उनके घर में ही रह रहा था। पुलिस को आशंका है कि रविवार देर रात दोनों के बीच किसी बात को लेकर विवाद हुआ होगा। इसके बाद पवन ने कथित तौर पर हथौड़े से मीनाक्षी के सिर पर वार किए जिससे उनकी मौत हो गई।

    घटना के बाद पवन ने भी कथित तौर पर घर से करीब 20 मीटर दूर स्थित एक पेड़ पर फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली। पुलिस को उसकी जेब से बैंक पासबुक भी मिली है। पवन पहले इंदौर में कोचिंग क्लासेस चला चुका था और वर्तमान में प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहा था। पुलिस अब उसके भोपाल आने की वजह और मीनाक्षी के साथ उसके संबंधों से जुड़े पहलुओं की भी जांच कर रही है।

    प्रारंभिक जांच में यह बात सामने आई है कि पवन मीनाक्षी से शादी करना चाहता था जबकि मीनाक्षी शादी के लिए तैयार नहीं थीं। पुलिस को आशंका है कि इसी बात को लेकर दोनों के बीच विवाद हुआ होगा। हालांकि पुलिस ने अभी इस वजह को अंतिम कारण नहीं माना है। अधिकारियों का कहना है कि पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट और घटनास्थल से जुटाए गए साक्ष्यों के आधार पर आगे की स्थिति स्पष्ट होगी।

    पुलिस ने घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण किया है। फोरेंसिक साइंस लैब यानी FSL की टीम ने भी मौके से जरूरी साक्ष्य जुटाए हैं। अब पुलिस मीनाक्षी और पवन के बीच हुई बातचीत उनके पिछले संपर्क और घटना से पहले की गतिविधियों की जानकारी जुटाने में लगी है। फिलहाल मामले में हत्या और आत्महत्या की घटनाओं को जोड़कर जांच की जा रही है। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट आने के बाद मौत की परिस्थितियों और घटनाक्रम को लेकर तस्वीर और स्पष्ट होने की उम्मीद है।

  • MP में 24 सितंबर से फिर तेज बारिश के आसार, मानसून का आखिरी दौर, अब तक 33.9 इंच बरसात

    MP में 24 सितंबर से फिर तेज बारिश के आसार, मानसून का आखिरी दौर, अब तक 33.9 इंच बरसात


    भोपाल। दक्षिण-पश्चिम मानसून की विदाई से पहले मध्यप्रदेश में एक बार फिर बारिश का दौर सक्रिय होने जा रहा है। मौसम केंद्र (IMD) के अनुसार 24 सितंबर से प्रदेश के कई जिलों में भारी बारिश हो सकती है, जबकि इससे पहले हल्की बारिश और रिमझिम का दौर जारी रहेगा। प्रदेश में अब तक औसतन 33.9 इंच बारिश हो चुकी है, जो सामान्य कोटे का करीब 91% है।

    बारिश के नए दौर की वजह बंगाल की खाड़ी में बन रहा मौसम तंत्र है। मौसम विभाग के मुताबिक शनिवार तक लो प्रेशर एरिया उत्तर अंडमान सागर और आसपास के क्षेत्र में सक्रिय था। रविवार को यह आगे बढ़ गया। इसके पश्चिम-उत्तर दिशा में बढ़ने के साथ धीरे-धीरे मजबूत होने की संभावना है। इसके 21 सितंबर को मध्य बंगाल की खाड़ी के ऊपर डिप्रेशन और 22 सितंबर को डीप डिप्रेशन में बदलने का अनुमान है।

    23 सितंबर से बढ़ेगी सक्रियता, 24 से भारी बारिश

    मौसम विभाग के अनुसार इस सिस्टम का असर 23 सितंबर की सुबह से बढ़ना शुरू हो सकता है। इसके बाद मध्यप्रदेश में भी बारिश की गतिविधियां तेज होने का अनुमान है। 24 सितंबर से कई जिलों में तेज बारिश का दौर शुरू हो सकता है।

    इस दिन छतरपुर, सतना, दमोह, डिंडौरी, सिवनी, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, नर्मदापुरम, बैतूल और हरदा में भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है। मानसून की विदाई से पहले बनने वाला यह सिस्टम प्रदेश के कई हिस्सों में बारिश की कमी को कुछ हद तक पूरा कर सकता है।

    32 जिलों में 5 से 49% तक कम बारिश

    प्रदेश में अब तक हुई बारिश के आंकड़ों पर नजर डालें तो 32 जिले ऐसे हैं, जहां सामान्य से 5% से 49% तक कम बारिश हुई है। पूर्वी मध्यप्रदेश के जबलपुर, रीवा, सागर और शहडोल संभाग में बारिश सामान्य से 1% तक कम है।

    बालाघाट, छिंदवाड़ा, डिंडौरी, दमोह, जबलपुर, कटनी, नरसिंहपुर, पांढुर्णा, मंडला, रीवा, सागर और सिवनी में सामान्य से 5% से 24% तक कम बारिश दर्ज की गई है। हालांकि पिछले एक सप्ताह में इन जिलों की स्थिति में सुधार हुआ है। रविवार तक बारिश का आंकड़ा माइनस 2% तक पहुंच गया था।

    पश्चिमी हिस्से के इन जिलों में बारिश की कमी

    पश्चिमी मध्यप्रदेश में भी कई जिलों में सामान्य से कम बारिश हुई है। आलीराजपुर, अशोकनगर, बैतूल, देवास, धार, हरदा, इंदौर, झाबुआ, खंडवा, मंदसौर, मुरैना, नर्मदापुरम, नीमच, बड़वानी, खंडवा, रायसेन, रतलाम, सीहोर, शाजापुर, उज्जैन और विदिशा में औसत से 5% से 49% तक कम पानी गिरा है। ऐसे में 24 सितंबर से शुरू होने वाला बारिश का दौर इन क्षेत्रों के लिए भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

    इन 23 जिलों में सामान्य से ज्यादा बारिश

    IMD के आंकड़ों के मुताबिक प्रदेश के 23 जिलों में अब तक औसत से ज्यादा बारिश दर्ज की गई है। इनमें अनूपपुर, छतरपुर, मैहर, मऊगंज, निवाड़ी, पन्ना, सतना, शहडोल, सीधी, सिंगरौली, टीकमगढ़, उमरिया, आगर-मालवा, भिंड, भोपाल, बुरहानपुर, दतिया, गुना, ग्वालियर, खरगोन, राजगढ़, श्योपुर और शिवपुरी शामिल हैं।

    इस तरह मानसून की विदाई से पहले आने वाला नया मौसम सिस्टम प्रदेश के बारिश के आंकड़ों में और सुधार कर सकता है। फिलहाल 23 सितंबर से गतिविधि बढ़ने और 24 सितंबर से कई जिलों में भारी बारिश की संभावना जताई गई है।

  • इंदौर में छात्राओं की समस्याओं पर राहुल गांधी ने सरकार से मांगा जवाब, बोले- रहने की जगह नहीं मिलने से पढ़ाई छूटती है

    इंदौर में छात्राओं की समस्याओं पर राहुल गांधी ने सरकार से मांगा जवाब, बोले- रहने की जगह नहीं मिलने से पढ़ाई छूटती है

    इंदौर : लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने छात्रों के लिए बुनियादी सुविधाओं और छात्रावासों की कमी का मुद्दा उठाते हुए सरकार से सवाल किया है। उन्होंने इंदौर में आयोजित ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम के दौरान एक छात्रा की ओर से पूछे गए सवाल का जिक्र करते हुए कहा कि सरकार के पास दीये जलाने के लिए पैसा है, लेकिन छात्रों के लिए हॉस्टल बनाने के लिए क्यों नहीं है।

    राहुल गांधी ने कहा कि यह सवाल उनसे इंदौर में एक छात्रा ने पूछा था। उनके मुताबिक छात्रा गांव से उच्च शिक्षा के लिए शहर आई है, लेकिन उसे रहने के लिए हॉस्टल नहीं मिला। ऐसे में उसे पीजी में रहना पड़ रहा है। छात्रा ने रहने और सुरक्षित रहने की लागत को लेकर अपनी परेशानी सामने रखी।

    राहुल गांधी ने इसी सवाल के आधार पर छात्राओं के सामने आने वाली आवास संबंधी समस्याओं को रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि गांवों से शहरों में पढ़ाई के लिए आने वाली कई छात्राओं के सामने रहने की व्यवस्था एक बड़ी चुनौती बन जाती है। हॉस्टल की सुविधा उपलब्ध नहीं होने पर उन्हें निजी आवास या पीजी पर निर्भर रहना पड़ता है, जिससे परिवारों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ता है।

    उन्होंने कहा कि युवा देश का भविष्य हैं और किसी भी देश की मजबूती में युवाओं की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। राहुल गांधी ने छात्रों की जिज्ञासा और सवाल पूछने की क्षमता को भी महत्वपूर्ण बताया। उनके मुताबिक छात्रों में सबसे बड़ा गुण सवाल पूछने का होना चाहिए, क्योंकि सवालों के जरिए व्यवस्था से जवाब मांगा जा सकता है।

    राहुल गांधी ने छात्राओं की शिक्षा से जुड़े आवास और सुरक्षा के मुद्दे को भी उठाया। उन्होंने कहा कि कई लड़कियां केवल इसलिए पढ़ाई छोड़ देती हैं क्योंकि उनके लिए रहने की उचित जगह उपलब्ध नहीं होती। उनके अनुसार उच्च शिक्षा के लिए घर से दूर जाने वाली छात्राओं के सामने पढ़ाई के साथ सुरक्षित आवास की चिंता भी बनी रहती है।

    उन्होंने सरकार से छात्रावासों और छात्रों के लिए जरूरी बुनियादी ढांचे को लेकर जवाब मांगा। राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को संबोधित करते हुए छात्रा के सवाल का जवाब देने की मांग की और कहा कि सरकार को युवाओं की शिक्षा तथा उनके रहने की जरूरतों पर ध्यान देना चाहिए।

    राहुल गांधी ने आवास सहायता से जुड़े मुद्दे का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि छात्रों के लिए मिलने वाली आवास संबंधी सहायता बढ़ती महंगाई के अनुरूप पर्याप्त नहीं है और इसके साथ अनियमितताओं की समस्या भी जुड़ी हुई है। उन्होंने इस विषय पर भी सरकार से जवाब मांगा।

    इंदौर में आयोजित ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम में शिक्षा, रोजगार और छात्रों से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर चर्चा हुई। इसी दौरान छात्रावासों की कमी और छात्राओं की सुरक्षा का विषय भी सामने आया। राहुल गांधी ने कहा कि विद्यार्थियों की समस्याओं को सुनना और उनके सवालों पर जवाब मांगना जरूरी है।

    उन्होंने छात्राओं के लिए सुरक्षित और किफायती आवास की जरूरत पर जोर देते हुए कहा कि शिक्षा हासिल करने के लिए शहरों में आने वाले विद्यार्थियों को बुनियादी सुविधाओं के अभाव में कठिनाइयों का सामना नहीं करना चाहिए। उनके बयान में छात्रावासों की उपलब्धता को उच्च शिक्षा और छात्र सुरक्षा से जुड़े महत्वपूर्ण विषय के रूप में सामने रखा गया।

  • उज्जैन में विकास कार्यों का सीएम मोहन यादव ने लिया जायजा, अधिकारियों को समय पर गुणवत्तापूर्ण निर्माण पूरा करने के निर्देश

    उज्जैन में विकास कार्यों का सीएम मोहन यादव ने लिया जायजा, अधिकारियों को समय पर गुणवत्तापूर्ण निर्माण पूरा करने के निर्देश

    मध्य प्रदेश: के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने रविवार को उज्जैन में चल रहे विभिन्न निर्माण और विकास कार्यों का निरीक्षण किया। उन्होंने नीलगंगा रोड क्षेत्र में पहुंचकर निर्माण कार्यों की प्रगति का जायजा लिया और मौके पर मौजूद अधिकारियों से परियोजनाओं से जुड़ी जानकारी ली। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को सभी कार्य निर्धारित समयसीमा के भीतर पूरा करने के साथ निर्माण की गुणवत्ता पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए।

    उज्जैन में आगामी सिंहस्थ को देखते हुए शहर के बुनियादी ढांचे और यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए कई निर्माण कार्य चल रहे हैं। इन परियोजनाओं का उद्देश्य प्रमुख मार्गों पर आवागमन को सुगम बनाना और श्रद्धालुओं के लिए आवश्यक सुविधाओं को मजबूत करना है। मुख्यमंत्री ने निरीक्षण के दौरान इन कार्यों की प्रगति और उनकी गुणवत्ता से जुड़े पहलुओं को देखा।

    डॉ. मोहन यादव ने कहा कि उज्जैन शहर के मध्य स्थित बाबा महाकाल के मुख्य मार्ग का चौड़ीकरण शहर के विकास और सौंदर्यीकरण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। इस मार्ग के चौड़ीकरण से स्थानीय यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाने के साथ आने वाले समय में श्रद्धालुओं के आवागमन को भी सुविधा मिलने की उम्मीद है।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि सिंहस्थ के दौरान देश और विदेश से बड़ी संख्या में श्रद्धालु उज्जैन पहुंचेंगे। ऐसे में प्रमुख मार्गों का विकास और उनका बेहतर प्रबंधन आवश्यक है। चौड़े और व्यवस्थित मार्ग श्रद्धालुओं के आवागमन को आसान बनाने में मदद करेंगे और उज्जैन आने वाले लोगों के अनुभव को बेहतर बनाने में भी भूमिका निभाएंगे।

    निरीक्षण के दौरान मुख्यमंत्री ने निर्माण कार्यों से संबंधित अधिकारियों से प्रगति की जानकारी ली। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि काम केवल समय पर पूरा करना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि निर्माण की गुणवत्ता भी निर्धारित मानकों के अनुरूप होनी चाहिए। परियोजनाओं को तय समयसीमा में पूरा करने के लिए लगातार निगरानी रखने पर भी जोर दिया गया।

    उज्जैन में सिंहस्थ की तैयारियों के तहत सड़क चौड़ीकरण और अन्य अधोसंरचना से जुड़े कार्यों पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। शहर के प्रमुख मार्गों को बेहतर बनाने की दिशा में कई परियोजनाएं आगे बढ़ रही हैं। इनका उद्देश्य आयोजन के दौरान बढ़ने वाले यातायात और श्रद्धालुओं की आवाजाही को व्यवस्थित करना है।

    मुख्यमंत्री ने मार्ग चौड़ीकरण के लिए प्रशासन के साथ स्वेच्छा से सहयोग करने वाले स्थानीय नागरिकों का भी आभार व्यक्त किया। उन्होंने सहयोग करने वाले लोगों का हृदय से अभिनंदन करते हुए कहा कि विकास कार्यों में स्थानीय नागरिकों की सहभागिता महत्वपूर्ण है। शहर के विकास से जुड़े कार्यों को आगे बढ़ाने में नागरिक सहयोग की भूमिका को उन्होंने सराहा।

    निरीक्षण के दौरान मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्माण कार्यों में किसी तरह की लापरवाही नहीं बरतने के निर्देश दिए। उन्होंने परियोजनाओं की प्रगति पर नियमित नजर रखने और निर्धारित गुणवत्ता के अनुसार काम पूरा कराने पर जोर दिया। साथ ही यह सुनिश्चित करने को कहा कि निर्माण कार्यों के कारण आम लोगों को अनावश्यक परेशानी न हो।

    सिंहस्थ के मद्देनजर उज्जैन में अधोसंरचना विकास पर लगातार जोर दिया जा रहा है। सड़क, मार्ग चौड़ीकरण और अन्य सुविधाओं से जुड़े कार्यों को समय पर पूरा करना प्रशासन के लिए महत्वपूर्ण है। मुख्यमंत्री के निरीक्षण का उद्देश्य भी चल रहे कार्यों की स्थिति जानना और उन्हें तय मानकों के अनुसार आगे बढ़ाना रहा।

    मुख्यमंत्री के निर्देशों के बाद संबंधित अधिकारियों के सामने निर्माण कार्यों को समयसीमा और गुणवत्ता के साथ पूरा करने की जिम्मेदारी और महत्वपूर्ण हो गई है। उज्जैन में जारी विकास कार्यों से आने वाले समय में शहर की यातायात व्यवस्था और श्रद्धालुओं के आवागमन को बेहतर बनाने की दिशा में मदद मिलने की उम्मीद है।

  • MP में युवाओं के रोजगार पर सरकार का बड़ा फोकस, IT पार्क और इंजीनियरिंग कैंपस से बढ़ेंगे शिक्षा और कौशल के अवसर

    MP में युवाओं के रोजगार पर सरकार का बड़ा फोकस, IT पार्क और इंजीनियरिंग कैंपस से बढ़ेंगे शिक्षा और कौशल के अवसर

    मध्यप्रदेश: में युवाओं के लिए रोजगार और कौशल विकास के अवसर बढ़ाने को लेकर सरकार ने कई महत्वपूर्ण कदम उठाने की बात कही है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि प्रदेश में युवाओं को बेहतर रोजगार उपलब्ध कराने के लिए सरकार लगातार ऐसे प्रयास कर रही है, जिनसे शिक्षा, तकनीक, कौशल और रोजगार के बीच बेहतर तालमेल स्थापित हो सके।

    मुख्यमंत्री के मुताबिक IT पार्क और इंजीनियरिंग कैंपस के माध्यम से युवाओं को केवल शिक्षा प्राप्त करने तक सीमित अवसर नहीं मिलेंगे, बल्कि उन्हें रोजगार और कौशल विकास से जुड़े नए विकल्प भी उपलब्ध होंगे। तकनीकी क्षेत्र के विस्तार के साथ युवाओं को बदलती जरूरतों के अनुरूप तैयार करने पर भी जोर दिया जा रहा है।

    उन्होंने कहा कि प्रदेश में तकनीक, नवाचार और उद्योगों को बढ़ावा देने के लिए आवश्यक आधार तैयार किया जा रहा है। IT क्षेत्र से जुड़े विकास कार्यों का उद्देश्य रोजगारपरक प्रतिभाओं को आगे बढ़ाना और युवाओं को आधुनिक तकनीकी अवसरों से जोड़ना है। इससे शिक्षा प्राप्त कर रहे विद्यार्थियों और रोजगार की तलाश कर रहे युवाओं को नए क्षेत्रों में आगे बढ़ने के अवसर मिल सकते हैं।

    मुख्यमंत्री ने इंदौर और भोपाल के विकास को लेकर भी सरकार की योजना का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि दोनों शहरों को मेट्रोपॉलिटन सिटी के रूप में विकसित किया जा रहा है। इस दिशा में सुनियोजित शहरी विकास, बेहतर सुविधाओं और आर्थिक गतिविधियों को विस्तार देने पर ध्यान दिया जा रहा है।

    इंदौर और भोपाल को बड़े शहरी और आर्थिक केंद्रों के रूप में विकसित करने का असर रोजगार के अवसरों पर भी पड़ सकता है। मुख्यमंत्री के अनुसार, इन शहरों में नई तकनीक, नवाचार और उद्योगों को बढ़ावा मिलने से युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे। इसके साथ ही प्रदेश के समग्र विकास को भी गति मिलेगी।

    प्रदेश में तकनीकी और औद्योगिक गतिविधियों के विस्तार के साथ IT क्षेत्र को भी महत्व दिया जा रहा है। तकनीकी बुनियादी ढांचे और रोजगारपरक कौशल को बढ़ाने से युवाओं के लिए नए अवसर तैयार करने की दिशा में प्रयास किए जा रहे हैं। इससे कौशल प्रशिक्षण और रोजगार से जुड़े अवसरों के विस्तार की संभावना बढ़ेगी।

    सरकार का जोर विकास को केवल बड़े शहरों तक सीमित रखने के बजाय प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों में प्रगति को गति देने पर भी है। मुख्यमंत्री ने कहा कि मध्यप्रदेश के प्रत्येक क्षेत्र में विकास और प्रगति के लिए सरकार प्रतिबद्धता के साथ काम कर रही है। इसी क्रम में उद्योग, तकनीक, शिक्षा और कौशल विकास को रोजगार से जोड़ने की दिशा में प्रयास किए जा रहे हैं।

    मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में प्रदेश के विकास कार्यों को आगे बढ़ाने की बात भी कही। उन्होंने कहा कि सरकार प्रदेश के हर क्षेत्र में प्रगति के लिए काम कर रही है। साथ ही आगामी सिंहस्थ की तैयारियों को भी गति दी जा रही है और उससे जुड़े आवश्यक विकास कार्यों को तेजी से किए जाने पर ध्यान दिया जा रहा है।

    इन पहलों के जरिए सरकार का लक्ष्य युवाओं को शिक्षा के साथ व्यावहारिक कौशल और रोजगार के बेहतर अवसर उपलब्ध कराना है। IT पार्क, इंजीनियरिंग कैंपस, औद्योगिक गतिविधियों और मेट्रोपॉलिटन शहरों के विकास को रोजगार और आर्थिक विकास से जोड़कर आगे बढ़ाने की दिशा में काम किया जा रहा है।

  • रीवा में नवविवाहिता की संदिग्ध मौत, ससुराल पहुंचने के 24 घंटे के भीतर पति पर हत्या का आरोप..

    रीवा में नवविवाहिता की संदिग्ध मौत, ससुराल पहुंचने के 24 घंटे के भीतर पति पर हत्या का आरोप..

    मध्य प्रदेश के रीवा में एक नवविवाहिता की गंभीर चोटों के चलते उपचार के दौरान मौत हो गई। महिला को गंभीर हालत में संजय गांधी स्मृति चिकित्सालय में भर्ती कराया गया था। उसके शरीर पर कई जगह धारदार हथियार से किए गए वार के निशान मिले हैं। मृतका की मां ने अपने दामाद पर बेटी की हत्या करने का आरोप लगाया है।

    मृतका की पहचान काजल साकेत के रूप में हुई है। उसका मायका मझगवां में बताया गया है। परिजनों के अनुसार काजल का विवाह 18 अप्रैल 2025 को मैहर जिले के मिरगौती निवासी राजेंद्र साकेत के साथ हुआ था। शनिवार सुबह करीब 11 बजे काजल को उसके मिरगौती स्थित ससुराल पहुंचाया गया था।

    परिजनों का कहना है कि ससुराल पहुंचने के कुछ ही समय बाद काजल का मोबाइल फोन बंद हो गया। इससे मायके पक्ष को चिंता हुई और उन्हें किसी अनहोनी की आशंका होने लगी। कुछ समय बाद एक अन्य व्यक्ति के माध्यम से परिजनों को जानकारी मिली कि काजल के साथ गंभीर मारपीट हुई है और उसे इलाज के लिए रीवा के अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

    जानकारी मिलने के बाद काजल की मां अनूपा साकेत अस्पताल पहुंचीं। वहां उन्होंने बेटी को गंभीर हालत में देखा। परिजनों के अनुसार काजल के सिर पर गंभीर चोट थी। इसके अलावा नाक, दोनों हाथों, पैरों, कंधे और पेट सहित शरीर के कई हिस्सों पर धारदार हथियार से वार के निशान मिले।

    गंभीर चोटों और अत्यधिक रक्तस्राव के कारण काजल की हालत बेहद नाजुक बनी हुई थी। अस्पताल में चिकित्सकीय उपचार के दौरान कुछ ही घंटों बाद उसकी मौत हो गई। घटना की जानकारी सामने आने के बाद अस्पताल परिसर में भी लोगों की भीड़ जुट गई।

    मृतका की मां ने आरोप लगाया है कि उसके पति राजेंद्र साकेत ने विवाद के बाद धारदार हथियार से काजल पर हमला किया। मायके पक्ष का कहना है कि घटना के बाद ससुराल पक्ष ने उन्हें तत्काल जानकारी नहीं दी और उन्हें दूसरे व्यक्ति के माध्यम से बेटी के अस्पताल में भर्ती होने की खबर मिली।

    घटना की सूचना मिलने के बाद अस्पताल चौकी पुलिस ने शव को अपने कब्जे में लिया और मर्ग कायम किया। इसके बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए सुरक्षित रखवाया गया। पुलिस ने मामले से जुड़े तथ्यों को जुटाने और घटना की परिस्थितियों की जांच शुरू कर दी है।

    चूंकि घटना मैहर जिले के मिरगौती क्षेत्र से संबंधित बताई जा रही है, इसलिए मामले की जांच में संबंधित थाना पुलिस के साथ समन्वय किया जा रहा है। पुलिस घटनास्थल से जुड़े तथ्यों और उपलब्ध जानकारी के आधार पर आगे की कार्रवाई कर रही है।

    पुलिस की जांच में मृतका के मायके पक्ष के बयान, चोटों की प्रकृति और पोस्टमार्टम रिपोर्ट महत्वपूर्ण मानी जा रही है। फिलहाल हत्या के आरोपों की पुष्टि जांच पूरी होने और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर होगी। मामले में आरोपी पति समेत संबंधित लोगों से पूछताछ की प्रक्रिया जारी है।

  • प्रयागराज से तिरुचानूर के बीच चलेगी नई स्पेशल ट्रेन, जबलपुर समेत कई शहरों को सीधी कनेक्टिविटी

    प्रयागराज से तिरुचानूर के बीच चलेगी नई स्पेशल ट्रेन, जबलपुर समेत कई शहरों को सीधी कनेक्टिविटी

    मध्य प्रदेश : के मंदसौर जिले में शनिवार देर रात एक भीषण सड़क हादसे में महिला और छह साल की बच्ची की मौत हो गई, जबकि 19 लोग घायल हो गए। दुर्घटना दलौदा थाना क्षेत्र के लखमा खेड़ी गांव के पास फोरलेन हाईवे पर हुई, जहां मजदूरों से भरी ट्रैक्टर-ट्रॉली को पीछे से आ रहे तेज रफ्तार ट्रक ने टक्कर मार दी।

    टक्कर इतनी जोरदार थी कि ट्रैक्टर-ट्रॉली अनियंत्रित होकर सड़क पर पलट गई। वाहन में सवार मजदूर उसके नीचे दब गए। हादसे के बाद मौके पर चीख-पुकार मच गई और हाईवे पर कुछ समय के लिए यातायात भी प्रभावित रहा।

    ट्रैक्टर-ट्रॉली में सवार सभी मजदूर रतलाम जिले के रावटी क्षेत्र के रहने वाले बताए गए हैं। ये मजदूर रेलवे ट्रैक के दोहरीकरण से जुड़े काम में मजदूरी करने के बाद ट्रैक्टर-ट्रॉली से उज्जैन लौट रहे थे। इसी दौरान लखमा खेड़ी गांव के पास पीछे से आए ट्रक ने उनके वाहन को टक्कर मार दी।

    दुर्घटना की सूचना मिलते ही दलौदा थाना पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने स्थानीय लोगों की मदद से राहत और बचाव कार्य शुरू किया। ट्रैक्टर-ट्रॉली के नीचे दबे लोगों को बाहर निकाला गया और घायलों को तत्काल जिला अस्पताल पहुंचाया गया।

    हादसे में जान गंवाने वाली महिला की पहचान बसंती बाई के रूप में हुई है, जबकि मृत बच्ची छह वर्षीय प्रियंका थी। दोनों की मौके पर ही मौत हो गई। पुलिस ने दोनों शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल की मोर्चरी में रखवा दिया।

    दुर्घटना में कुल 19 लोग घायल हुए हैं। इनमें छह घायलों की हालत बेहद नाजुक बताई गई है। सभी घायलों का जिला अस्पताल में इलाज जारी है। हादसे में घायल लोगों को बेहतर उपचार उपलब्ध कराने के लिए चिकित्सकों की निगरानी में इलाज किया जा रहा है।

    घटना की गंभीरता को देखते हुए प्रशासनिक अधिकारी भी अस्पताल पहुंचे। एडीएम एकता जायसवाल ने जिला अस्पताल पहुंचकर घायलों का हाल जाना और चिकित्सकों को आवश्यक उपचार उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। प्रशासन की ओर से मृतकों और घायलों के परिजनों को घटना की जानकारी दी गई।

    हादसे के बाद पुलिस ने ट्रक चालक के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। दुर्घटना किन परिस्थितियों में हुई, इसकी जांच की जा रही है। पुलिस ट्रक की रफ्तार, चालक की लापरवाही और टक्कर के कारणों सहित अन्य पहलुओं की पड़ताल कर रही है।

    यह हादसा उस समय हुआ जब मजदूर काम पूरा करने के बाद वापस लौट रहे थे। अचानक पीछे से हुई टक्कर के कारण ट्रैक्टर-ट्रॉली पलट गई और उसमें सवार लोगों को संभलने का मौका नहीं मिला। हादसे के बाद स्थानीय लोगों ने पुलिस और प्रशासन को सूचना देने के साथ राहत कार्य में भी मदद की।

    फिलहाल घायलों का जिला अस्पताल में उपचार जारी है। छह लोगों की हालत गंभीर होने के कारण उनके इलाज पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। पुलिस मामले की जांच आगे बढ़ा रही है और दुर्घटना से जुड़े तथ्यों को जुटाया जा रहा है।

  • मंदसौर में मजदूरों से भरी ट्रैक्टर-ट्रॉली को ट्रक ने मारी टक्कर, महिला और छह साल की बच्ची की मौत

    मंदसौर में मजदूरों से भरी ट्रैक्टर-ट्रॉली को ट्रक ने मारी टक्कर, महिला और छह साल की बच्ची की मौत

    मध्य प्रदेश : के मंदसौर जिले में शनिवार देर रात एक भीषण सड़क हादसे में महिला और छह साल की बच्ची की मौत हो गई, जबकि 19 लोग घायल हो गए। दुर्घटना दलौदा थाना क्षेत्र के लखमा खेड़ी गांव के पास फोरलेन हाईवे पर हुई, जहां मजदूरों से भरी ट्रैक्टर-ट्रॉली को पीछे से आ रहे तेज रफ्तार ट्रक ने टक्कर मार दी।

    टक्कर इतनी जोरदार थी कि ट्रैक्टर-ट्रॉली अनियंत्रित होकर सड़क पर पलट गई। वाहन में सवार मजदूर उसके नीचे दब गए। हादसे के बाद मौके पर चीख-पुकार मच गई और हाईवे पर कुछ समय के लिए यातायात भी प्रभावित रहा।

    ट्रैक्टर-ट्रॉली में सवार सभी मजदूर रतलाम जिले के रावटी क्षेत्र के रहने वाले बताए गए हैं। ये मजदूर रेलवे ट्रैक के दोहरीकरण से जुड़े काम में मजदूरी करने के बाद ट्रैक्टर-ट्रॉली से उज्जैन लौट रहे थे। इसी दौरान लखमा खेड़ी गांव के पास पीछे से आए ट्रक ने उनके वाहन को टक्कर मार दी।

    दुर्घटना की सूचना मिलते ही दलौदा थाना पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने स्थानीय लोगों की मदद से राहत और बचाव कार्य शुरू किया। ट्रैक्टर-ट्रॉली के नीचे दबे लोगों को बाहर निकाला गया और घायलों को तत्काल जिला अस्पताल पहुंचाया गया।

    हादसे में जान गंवाने वाली महिला की पहचान बसंती बाई के रूप में हुई है, जबकि मृत बच्ची छह वर्षीय प्रियंका थी। दोनों की मौके पर ही मौत हो गई। पुलिस ने दोनों शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल की मोर्चरी में रखवा दिया।

    दुर्घटना में कुल 19 लोग घायल हुए हैं। इनमें छह घायलों की हालत बेहद नाजुक बताई गई है। सभी घायलों का जिला अस्पताल में इलाज जारी है। हादसे में घायल लोगों को बेहतर उपचार उपलब्ध कराने के लिए चिकित्सकों की निगरानी में इलाज किया जा रहा है।

    घटना की गंभीरता को देखते हुए प्रशासनिक अधिकारी भी अस्पताल पहुंचे। एडीएम एकता जायसवाल ने जिला अस्पताल पहुंचकर घायलों का हाल जाना और चिकित्सकों को आवश्यक उपचार उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। प्रशासन की ओर से मृतकों और घायलों के परिजनों को घटना की जानकारी दी गई।

    हादसे के बाद पुलिस ने ट्रक चालक के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। दुर्घटना किन परिस्थितियों में हुई, इसकी जांच की जा रही है। पुलिस ट्रक की रफ्तार, चालक की लापरवाही और टक्कर के कारणों सहित अन्य पहलुओं की पड़ताल कर रही है।

    यह हादसा उस समय हुआ जब मजदूर काम पूरा करने के बाद वापस लौट रहे थे। अचानक पीछे से हुई टक्कर के कारण ट्रैक्टर-ट्रॉली पलट गई और उसमें सवार लोगों को संभलने का मौका नहीं मिला। हादसे के बाद स्थानीय लोगों ने पुलिस और प्रशासन को सूचना देने के साथ राहत कार्य में भी मदद की।

    फिलहाल घायलों का जिला अस्पताल में उपचार जारी है। छह लोगों की हालत गंभीर होने के कारण उनके इलाज पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। पुलिस मामले की जांच आगे बढ़ा रही है और दुर्घटना से जुड़े तथ्यों को जुटाया जा रहा है।

  • इंदौर में ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम पर सियासी घमासान, मंच पर बुलाए गए छात्रों की पृष्ठभूमि पर भाजपा ने उठाए सवाल

    इंदौर में ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम पर सियासी घमासान, मंच पर बुलाए गए छात्रों की पृष्ठभूमि पर भाजपा ने उठाए सवाल

    मध्य प्रदेश: के इंदौर में शनिवार को आयोजित ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम को लेकर राजनीतिक विवाद गहरा गया है। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में विद्यार्थियों और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे युवाओं ने हिस्सा लिया। इस दौरान कुछ छात्रों को मंच पर बुलाकर उनकी समस्याएं और रोजगार से जुड़े मुद्दे सामने रखने का अवसर दिया गया। अब मंच पर पहुंचे कुछ युवाओं की कथित राजनीतिक पृष्ठभूमि को लेकर भारतीय जनता पार्टी ने कांग्रेस और राहुल गांधी पर सवाल उठाए हैं।

    भाजपा का आरोप है कि कार्यक्रम में सामान्य छात्रों के रूप में जिन युवाओं को मंच पर संवाद के लिए बुलाया गया, उनमें कुछ कांग्रेस से जुड़े पदाधिकारी या कार्यकर्ता रहे हैं। भाजपा नेताओं ने सोशल मीडिया पर कुछ पुराने दस्तावेजों और तस्वीरों का हवाला देते हुए दावा किया कि मंच पर मौजूद युवाओं की राजनीतिक संबद्धता पहले से सामने रही है। पार्टी ने इसे कार्यक्रम की विश्वसनीयता से जोड़ते हुए कांग्रेस पर निशाना साधा है।

    कार्यक्रम में तीन नाम विशेष रूप से चर्चा में आए हैं। इनमें तनय शर्मा, राधा मालवीय और रणजीत किसानवंशी शामिल हैं। भाजपा की ओर से दावा किया गया है कि तनय शर्मा कांग्रेस की छात्र इकाई एनएसयूआई के प्रवक्ता हैं। पार्टी नेताओं ने उनके राजनीतिक पद से संबंधित जानकारी को सार्वजनिक करते हुए सवाल उठाया कि यदि वे कांग्रेस की छात्र राजनीति से जुड़े हैं तो उन्हें सामान्य परीक्षार्थी के तौर पर मंच पर क्यों बुलाया गया।

    इसी तरह भाजपा ने राधा मालवीय को लेकर भी दावा किया है कि वह निर्वाचित जिला पंचायत सदस्य होने के साथ युवा कांग्रेस की प्रदेश महासचिव की जिम्मेदारी संभाल रही हैं। भाजपा नेताओं ने उनकी राजनीतिक भूमिका का उल्लेख करते हुए कार्यक्रम में उनकी मौजूदगी और मंच पर संवाद को लेकर सवाल खड़े किए हैं।

    तीसरे नाम के तौर पर रणजीत किसानवंशी का उल्लेख किया गया है। भाजपा ने उन्हें कांग्रेस का सक्रिय कार्यकर्ता बताया है। इसके समर्थन में पार्टी नेताओं ने भारत जोड़ो यात्रा के दौरान राहुल गांधी के साथ उनकी पुरानी तस्वीरों का हवाला दिया है। भाजपा का कहना है कि इन तस्वीरों और राजनीतिक गतिविधियों से उनकी कांग्रेस से संबद्धता का संकेत मिलता है।

    भाजपा नेताओं ने पूरे मामले को लेकर राहुल गांधी और कांग्रेस पर तीखा राजनीतिक हमला किया। उनका आरोप है कि युवाओं की समस्याओं पर सीधे संवाद के लिए आयोजित कार्यक्रम में पार्टी से जुड़े लोगों को छात्रों के रूप में मंच पर प्रस्तुत किया गया और उनसे पहले से तय तरीके से बातचीत कराई गई।

    भाजपा प्रवक्ताओं ने आरोपों के आधार पर कार्यक्रम की पारदर्शिता पर भी सवाल उठाए। उनका कहना है कि यदि मंच पर मौजूद लोगों की राजनीतिक पहचान पहले से कांग्रेस से जुड़ी थी, तो कार्यक्रम में उन्हें सामान्य छात्रों के रूप में प्रस्तुत करने का उद्देश्य स्पष्ट किया जाना चाहिए।

    हालांकि, इन आरोपों पर खबर लिखे जाने तक कांग्रेस की ओर से कोई आधिकारिक स्पष्टीकरण सामने नहीं आया था। ऐसे में मंच पर आए तीनों युवाओं की भूमिका और कार्यक्रम में उनके चयन को लेकर लगाए गए राजनीतिक दावों पर कांग्रेस का पक्ष सामने आना बाकी है। विवाद के बाद इंदौर के इस आयोजन को लेकर भाजपा और कांग्रेस के बीच राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है।