Category: Madhya Pradesh

  • सीहोर में भीषण सड़क हादसा बोलेरो और ट्रक की आमने सामने टक्कर में पांच की मौत चार जिंदगी और मौत के बीच जूझ रहे

    सीहोर में भीषण सड़क हादसा बोलेरो और ट्रक की आमने सामने टक्कर में पांच की मौत चार जिंदगी और मौत के बीच जूझ रहे


    मध्यप्रदेश । मध्य प्रदेश के सीहोर जिले में सोमवार दोपहर एक भीषण सड़क हादसे ने पांच परिवारों की खुशियां छीन लीं। आष्टा और शुजालपुर मार्ग पर मेना गोदी गांव के पास तेज रफ्तार ट्रक और बोलेरो की आमने सामने हुई जोरदार टक्कर में पांच लोगों की मौके पर ही मौत हो गई जबकि चार अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए। दुर्घटना इतनी भयावह थी कि बोलेरो पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई और उसमें सवार कई लोग वाहन के अंदर ही फंस गए। हादसे के बाद घटनास्थल पर अफरा तफरी मच गई और आसपास के ग्रामीण तुरंत राहत कार्य में जुट गए।

    जानकारी के अनुसार दुर्घटना सोमवार दोपहर करीब पौने तीन बजे हुई। बोलेरो में कुल नौ लोग सवार थे जो राजगढ़ जिले के कालीपीठ थाना क्षेत्र के भियापुरा गांव से इलाज के लिए आष्टा जा रहे थे। रास्ते में मेना गोदी गांव के पास सामने से आ रहे ट्रक से उनकी जोरदार भिड़ंत हो गई। टक्कर का प्रभाव इतना जबरदस्त था कि बोलेरो के परखच्चे उड़ गए और तीन लोग वाहन से कई फीट दूर जाकर सड़क किनारे गिर पड़े। चालक वाहन में बुरी तरह फंस गया और उसकी मौके पर ही मौत हो गई।

    प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार हादसे के बाद कई घायल दर्द से तड़पते रहे। स्थानीय लोगों ने बिना समय गंवाए पुलिस को सूचना दी और खुद भी राहत कार्य शुरू कर दिया। ग्रामीणों और पुलिसकर्मियों ने मिलकर क्षतिग्रस्त बोलेरो में फंसे लोगों को बाहर निकाला। कई घायलों के सिर और चेहरे पर गंभीर चोटें थीं जबकि कुछ के हाथ पैर भी टूट गए थे। एंबुलेंस की मदद से सभी घायलों को पहले आष्टा के सिविल अस्पताल पहुंचाया गया जहां प्राथमिक उपचार के बाद उनकी गंभीर स्थिति को देखते हुए सीहोर जिला अस्पताल और फिर भोपाल रेफर किया गया।

    आष्टा पुलिस के अनुसार हादसे के बाद ट्रक चालक वाहन छोड़कर मौके से फरार हो गया। पुलिस उसकी तलाश में जुट गई है और दुर्घटना के कारणों की जांच की जा रही है। प्रारंभिक जांच में तेज रफ्तार और लापरवाही को हादसे की बड़ी वजह माना जा रहा है हालांकि विस्तृत जांच रिपोर्ट आने के बाद ही वास्तविक कारण स्पष्ट हो सकेगा।

    मृतकों के शवों को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया गया है। पुलिस ने मृतकों और घायलों की पहचान की प्रक्रिया शुरू कर दी है। अब तक कुछ घायलों की पहचान इंदर सिंह और राजाराम के रूप में हुई है जबकि अन्य की पहचान और परिजनों को सूचना देने का काम जारी है।

    इस दर्दनाक हादसे ने एक बार फिर सड़क सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि यातायात नियमों का पालन सुरक्षित गति से वाहन चलाना और लंबी यात्रा के दौरान पूरी सतर्कता बरतना ऐसे हादसों को काफी हद तक रोक सकता है। प्रशासन ने भी लोगों से सड़क पर सावधानी बरतने और सुरक्षित ड्राइविंग अपनाने की अपील की है ताकि इस तरह की दुखद घटनाओं से बचा जा सके।

  • देवास में आशा कार्यकर्ताओं का शक्ति प्रदर्शन मांगें पूरी नहीं हुईं तो विधानसभा घेराव की चेतावनी

    देवास में आशा कार्यकर्ताओं का शक्ति प्रदर्शन मांगें पूरी नहीं हुईं तो विधानसभा घेराव की चेतावनी


    देवास। मध्य प्रदेश के देवास जिले में सोमवार को आशा कार्यकर्ताओं और आशा पर्यवेक्षकों ने अपनी लंबित मांगों को लेकर जोरदार प्रदर्शन किया। जिले के विभिन्न क्षेत्रों से पहुंचीं दो हजार से अधिक कार्यकर्ताओं ने रैली निकालकर कलेक्टर कार्यालय पहुंचकर धरना दिया और सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने समय पर वेतन भुगतान, लंबित प्रोत्साहन राशि और एरियर जारी करने की मांग उठाई।

    तेज धूप के बावजूद बड़ी संख्या में महिला कार्यकर्ता कलेक्टर कार्यालय परिसर में डटी रहीं। कई महिलाएं धूप से बचने के लिए छाते लेकर धरने पर बैठीं जबकि कुछ अपने छोटे बच्चों के साथ प्रदर्शन में शामिल हुईं। कार्यकर्ताओं का कहना था कि स्वास्थ्य सेवाओं में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने के बावजूद उन्हें समय पर भुगतान और निर्धारित सुविधाएं नहीं मिल रही हैं।

    प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि कई महीनों तक प्रोत्साहन राशि का भुगतान नहीं किया जाता और भुगतान में मनमानी कटौती भी की जाती है। उनका कहना है कि बकाया राशि का स्पष्ट विवरण भी उपलब्ध नहीं कराया जाता जिससे उन्हें आर्थिक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।

    आशा कार्यकर्ताओं ने वर्ष 2023 में घोषित एक हजार रुपये की वार्षिक वेतन वृद्धि का एरियर तत्काल जारी करने की मांग भी दोहराई। उनका कहना है कि सरकार द्वारा घोषणा किए जाने के बावजूद अब तक एरियर का भुगतान नहीं हुआ है। साथ ही छह हजार रुपये मासिक प्रोत्साहन राशि में परिवार का भरण पोषण करना बेहद कठिन हो गया है।

    रैली शहर के प्रमुख मार्गों से गुजरते हुए कलेक्टर कार्यालय पहुंची जहां करीब आधे घंटे तक धरना प्रदर्शन चला। इस दौरान भारत माता की जय और हमारा हक हमें दो जैसे नारों से पूरा परिसर गूंज उठा। प्रदर्शनकारियों ने प्रशासन के माध्यम से सरकार को अपनी मांगों का ज्ञापन भी सौंपा।

    आशा कार्यकर्ताओं ने स्पष्ट चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर जल्द सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया तो आंदोलन को और व्यापक बनाया जाएगा। उन्होंने कहा कि अगला चरण विधानसभा घेराव का होगा और तब तक आंदोलन जारी रहेगा जब तक लंबित भुगतान और अन्य मांगों का समाधान नहीं किया जाता।

  • 62 करोड़ का फ्लायओवर बना मुसीबत, इंदौर के सत्यसाई चौराहे पर गड्ढों और कीचड़ में रेंग रहा ट्रैफिक

    62 करोड़ का फ्लायओवर बना मुसीबत, इंदौर के सत्यसाई चौराहे पर गड्ढों और कीचड़ में रेंग रहा ट्रैफिक


    इंदौर  इंदौर के सबसे व्यस्त यातायात मार्गों में शामिल सत्यसाई चौराहा इन दिनों लोगों के लिए बड़ी परेशानी का कारण बना हुआ है। यहां मध्यप्रदेश रोड डेवलपमेंट कॉरपोरेशन की देखरेख में 62 करोड़ रुपए की लागत से छह लेन फ्लायओवर का निर्माण किया जा रहा है। परियोजना को मार्च 2026 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया था, लेकिन तय समय सीमा बीतने के तीन महीने बाद भी केवल करीब 40 प्रतिशत काम ही पूरा हो पाया है। निर्माण की धीमी रफ्तार और एजेंसी की लापरवाही का खामियाजा अब रोजाना हजारों वाहन चालकों को भुगतना पड़ रहा है।

    बारिश शुरू होने के बाद हालात और भी खराब हो गए हैं। निर्माणाधीन क्षेत्र की सर्विस रोड जगह-जगह उखड़ चुकी है और गहरे गड्ढों में बारिश का पानी भर जाने से उनकी गहराई का अंदाजा लगाना मुश्किल हो गया है। देवास नाका से विजय नगर की ओर जाने वाले मार्ग पर वाहन चालक हर दिन जोखिम उठाकर सफर करने को मजबूर हैं। सत्यसाई स्कूल के आसपास सड़क की स्थिति इतनी खराब हो चुकी है कि दोपहिया और चारपहिया वाहनों के फिसलने तथा दुर्घटनाग्रस्त होने का खतरा लगातार बना हुआ है।

    एबी रोड से बसंत विहार कॉलोनी की ओर जाने वाले मार्ग पर भी हालात बेहतर नहीं हैं। यहां 15 से 20 फीट लंबे और करीब दो फीट गहरे गड्ढे सड़क पर बने हुए हैं। निर्माण सामग्री और गिट्टी सड़क पर बिखरी होने से वाहन चालक संतुलन खो रहे हैं। कई जगह चैंबर के ढक्कन भी धंस चुके हैं जिससे हादसे की आशंका और बढ़ गई है।

    फ्लायओवर की गर्डर लॉन्चिंग का अधिकांश कार्य पूरा हो चुका है लेकिन इसके बावजूद सर्विस रोड का बड़ा हिस्सा अब भी बैरिकेड्स से बंद पड़ा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि निर्माण एजेंसी समय रहते सड़क की मरम्मत कर बैरिकेड्स हटा देती तो यातायात के लिए अतिरिक्त जगह उपलब्ध हो जाती और रोज लगने वाले जाम से काफी राहत मिल सकती थी।

    स्थिति को और गंभीर बना रही है सड़क किनारे अव्यवस्थित पार्किंग। विजय नगर से देवास नाका की ओर जाने वाले संकरे मार्ग पर कई दुकानों के सामने वाहन खड़े रहने से यातायात प्रभावित हो रहा है। बारिश के दौरान यह समस्या और विकराल रूप ले लेती है तथा लंबा जाम लग जाता है।

    एमपीआरडीसी ने अप्रैल में दावा किया था कि मानसून से पहले सर्विस रोड को कंक्रीट से विकसित कर चौड़ा किया जाएगा और क्षतिग्रस्त हिस्सों की मरम्मत भी पूरी कर दी जाएगी। हालांकि जमीनी हकीकत इन दावों से बिल्कुल अलग नजर आ रही है। न तो सर्विस रोड का काम पूरा हुआ और न ही खराब सड़कों की प्रभावी मरम्मत की गई।

    15 मार्च 2024 को शुरू हुई इस परियोजना का लगभग 60 प्रतिशत काम अब भी अधूरा है। ऐसे में शहरवासियों की चिंता बढ़ गई है कि यदि निर्माण की रफ्तार इसी तरह धीमी रही तो फ्लायओवर के पूरा होने में अभी और लंबा समय लग सकता है। तब तक लोगों को बारिश, गड्ढों, कीचड़ और ट्रैफिक जाम जैसी समस्याओं से लगातार जूझना पड़ेगा।

  • इंदौर में साइबर ठगों का कहर, पेंशन कार्ड और सस्ती बाइक के झांसे में तीन लोगों से 4.57 लाख की ठगी

    इंदौर में साइबर ठगों का कहर, पेंशन कार्ड और सस्ती बाइक के झांसे में तीन लोगों से 4.57 लाख की ठगी


    इंदौर  इंदौर में साइबर अपराधियों का जाल लगातार फैलता जा रहा है। शहर में सामने आए तीन अलग-अलग मामलों में ठगों ने पेंशन कार्ड बनवाने, मोबाइल हैक करने और सस्ती बाइक दिलाने का झांसा देकर तीन लोगों से कुल 4.57 लाख रुपए से अधिक की ठगी कर ली। सभी मामलों में लसूडिया थाना पुलिस ने अज्ञात आरोपियों के खिलाफ प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस लोगों से किसी भी अनजान कॉल, लिंक या सोशल मीडिया विज्ञापन पर भरोसा नहीं करने की अपील कर रही है।

    पहले मामले में लसूडिया थाना क्षेत्र की सेटेलाइट टाउनशिप निवासी 75 वर्षीय अखिलेश गायकवाड़ को ठगों ने निशाना बनाया। 15 जून की शाम एक व्यक्ति ने खुद को बैंक ऑफ इंडिया का अधिकारी बताते हुए उन्हें फोन किया और पेंशनधारकों के लिए नया पेंशन कार्ड जारी होने की जानकारी दी। चूंकि अखिलेश पहले इस कार्ड के लिए आवेदन कर चुके थे इसलिए उन्होंने कॉल करने वाले पर विश्वास कर लिया। आरोपी ने बैंक खाते, एटीएम कार्ड और अन्य व्यक्तिगत जानकारी लेने के साथ ऑनलाइन फोटो भी प्राप्त कर लिया। इसके कुछ ही देर बाद उनका मोबाइल ठग के नियंत्रण में चला गया और खाते से तीन अलग-अलग ट्रांजेक्शन के जरिए करीब 1.39 लाख रुपए निकाल लिए गए। घटना का पता चलते ही उन्होंने साइबर हेल्पलाइन पर शिकायत दर्ज कराई।

    दूसरे मामले में स्लाइस-सी सेक्टर निवासी गोपाल वाकड़े साइबर ठगी का शिकार बने। 17 जून को उनका मोबाइल अचानक बंद हो गया। मोबाइल दोबारा चालू होने पर उन्हें खाते से 44 हजार रुपए निकलने का संदेश मिला। बैंक पहुंचने पर पता चला कि 98 हजार रुपए का एक और ट्रांजेक्शन भी हो चुका है। इस तरह उनके खाते से कुल करीब 1.42 लाख रुपए निकाल लिए गए। शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी।

    तीसरा मामला एक छात्रा से जुड़ा है जिसे इंस्टाग्राम पर सस्ती बाइक खरीदने का विज्ञापन भारी पड़ गया। राजाबाग कॉलोनी में किराये से रहने वाली और मूल रूप से गंधवानी की निवासी पूजा झमेले ने 25 हजार रुपए में दोपहिया वाहन मिलने का विज्ञापन देखा। संपर्क करने पर आरोपी ने पहले दो हजार रुपए बुकिंग राशि के रूप में जमा कराए और बाद में ट्रांसपोर्ट चार्ज समेत अलग-अलग बहानों से कई किश्तों में पैसे मांगता रहा। गाड़ी की फोटो भेजकर भरोसा भी दिलाया गया। आखिरकार छात्रा से करीब 1.76 लाख रुपए ट्रांसफर करा लिए गए। जब लंबे समय तक वाहन नहीं मिला तब उसे ठगी का एहसास हुआ और उसने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई।

    पुलिस तीनों मामलों में बैंक खातों, मोबाइल नंबरों और डिजिटल ट्रांजेक्शन की जांच कर रही है। अधिकारियों ने नागरिकों से अपील की है कि किसी भी अनजान कॉल पर बैंक संबंधी जानकारी साझा न करें, सोशल मीडिया पर दिखने वाले आकर्षक ऑफरों की सत्यता जांचे बिना भुगतान न करें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की तुरंत साइबर हेल्पलाइन या नजदीकी थाने में शिकायत करें।

  • एमपी में लोकसभा सीटों का बड़ा विस्तार संभव, भोपाल-इंदौर समेत 15 नई सीटों का प्रस्ताव, बदल सकता है चुनावी गणित

    एमपी में लोकसभा सीटों का बड़ा विस्तार संभव, भोपाल-इंदौर समेत 15 नई सीटों का प्रस्ताव, बदल सकता है चुनावी गणित


    नई दिल्ली । मध्य प्रदेश की राजनीति आने वाले वर्षों में बड़े बदलाव के दौर से गुजर सकती है। प्रधानमंत्री की आर्थिक सलाहकार परिषद (EAC-PM) की एक अध्ययन रिपोर्ट में भविष्य के परिसीमन के दौरान राज्य में लोकसभा सीटों की संख्या 29 से बढ़ाकर 44 किए जाने का सुझाव दिया गया है। यानी मध्य प्रदेश को 15 नई लोकसभा सीटें मिल सकती हैं। हालांकि परिषद ने स्पष्ट किया है कि यह अंतिम परिसीमन प्रस्ताव नहीं बल्कि प्रतिनिधित्व को अधिक संतुलित और प्रभावी बनाने के उद्देश्य से तैयार किया गया एक अध्ययन मॉडल है।

    रिपोर्ट में देशभर में मौजूदा 543 लोकसभा सीटों को बढ़ाकर 824 करने और बड़े संसदीय क्षेत्रों को दो या तीन हिस्सों में विभाजित करने की सिफारिश की गई है। इसी आधार पर मध्य प्रदेश में लगभग 52 प्रतिशत सीटें बढ़ने की संभावना जताई गई है। यदि भविष्य में इस दिशा में फैसला होता है तो राज्य के चुनावी और राजनीतिक समीकरणों में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है।

    रिपोर्ट के अनुसार भविष्य का परिसीमन केवल जनसंख्या के आधार पर नहीं किया जाना चाहिए। इसके लिए मतदाताओं की संख्या, भौगोलिक क्षेत्रफल, शहरीकरण, अनुसूचित जाति और जनजाति की आबादी, सामाजिक और भाषाई विविधता तथा मतदान प्रतिशत जैसे कई मानकों को भी महत्व देने का सुझाव दिया गया है। परिषद का मानना है कि इससे सांसद और मतदाताओं के बीच संपर्क बेहतर होगा तथा निर्वाचन क्षेत्रों का संतुलित विकास संभव हो सकेगा।

    सबसे अधिक असर भोपाल, इंदौर, जबलपुर, ग्वालियर, उज्जैन, सागर, रीवा और छिंदवाड़ा जैसे बड़े संसदीय क्षेत्रों पर पड़ सकता है। इन क्षेत्रों में मतदाताओं की संख्या लगातार बढ़ रही है और शहरी विस्तार भी तेजी से हो रहा है। वहीं नए जिले मैहर, मऊगंज और पांढुर्णा भी भविष्य के परिसीमन में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।

    रिपोर्ट में मालवा-निमाड़ और महाकौशल क्षेत्रों में सबसे अधिक बदलाव की संभावना जताई गई है। मालवा-निमाड़ की मौजूदा नौ लोकसभा सीटों में इंदौर, उज्जैन, धार और खरगोन जैसे बड़े क्षेत्रों का विभाजन कर सीटों की संख्या 13 तक पहुंच सकती है। इसी तरह महाकौशल क्षेत्र की छिंदवाड़ा, जबलपुर, मंडला और बालाघाट जैसी सीटों का पुनर्गठन कर यहां लोकसभा सीटों की संख्या चार से बढ़ाकर आठ किए जाने की संभावना बताई गई है।

    यदि मध्य प्रदेश में लोकसभा सीटों की संख्या 44 होती है तो राष्ट्रीय राजनीति में राज्य की भूमिका और प्रभाव दोनों बढ़ेंगे। संसद में अधिक प्रतिनिधित्व मिलने के साथ केंद्र सरकार में राज्य की भागीदारी भी मजबूत हो सकती है। वहीं राजनीतिक दलों को नए परिसीमन के अनुसार संगठनात्मक ढांचे और चुनावी रणनीति में व्यापक बदलाव करने पड़ सकते हैं क्योंकि कई संसदीय क्षेत्रों की सीमाएं बदल जाएंगी।

    रिपोर्ट के विश्लेषण के अनुसार नए परिसीमन की स्थिति में भोपाल, इंदौर, नागदा, बीना, ग्वालियर शहर, सीहोर, मऊगंज और लांजी जैसे क्षेत्रों में भाजपा की स्थिति मजबूत रह सकती है। वहीं पांढुर्णा, सरदारपुर, बड़वानी, डिंडौरी और उमरिया जैसे क्षेत्रों में कांग्रेस को नए अवसर मिल सकते हैं। हालांकि यह केवल अध्ययन आधारित आकलन है और अंतिम निर्णय भविष्य में होने वाले आधिकारिक परिसीमन पर निर्भर करेगा।

  • नैनीताल घूमने गया था परिवार, तीसरी मंजिल से गिरने से 3 साल के मासूम की मौत, झाबुआ में पसरा मातम

    नैनीताल घूमने गया था परिवार, तीसरी मंजिल से गिरने से 3 साल के मासूम की मौत, झाबुआ में पसरा मातम


    नई दिल्ली । मध्यप्रदेश के झाबुआ जिले के राणापुर निवासी सराफा कारोबारी विशाल सोनी के तीन वर्षीय बेटे गौरांश सोनी की नैनीताल में हुए एक दर्दनाक हादसे में मौत हो गई। परिवार के साथ छुट्टियां मनाने गया मासूम होटल की तीसरी मंजिल की खिड़की से नीचे गिर गया। गंभीर रूप से घायल बच्चे को पहले नैनीताल और फिर हल्द्वानी के अस्पताल में भर्ती कराया गया। हालत बिगड़ने पर उसे दिल्ली के फोर्टिस अस्पताल रेफर किया गया, जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। इस घटना से परिवार के साथ पूरे राणापुर में शोक की लहर दौड़ गई है।

    परिजनों के अनुसार परिवार एक जुलाई को इंदौर से 22 सदस्यों के साथ नैनीताल घूमने गया था। सभी लोग मल्लीताल क्षेत्र के एक होटल में ठहरे हुए थे। रविवार सुबह गौरांश कमरे में खेल रहा था। इसी दौरान कुछ क्षण के लिए परिजनों का ध्यान उससे हट गया और वह होटल की तीसरी मंजिल की खिड़की से नीचे गिर पड़ा। करीब 20 फीट की ऊंचाई से गिरने के कारण उसके सिर और गर्दन में गंभीर चोटें आईं।

    हादसे के तुरंत बाद होटल में अफरा-तफरी मच गई। परिजनों और होटल कर्मचारियों ने बिना देर किए बच्चे को बीडी पांडे जिला चिकित्सालय पहुंचाया। प्राथमिक उपचार के बाद डॉक्टरों ने उसकी गंभीर स्थिति को देखते हुए उसे हल्द्वानी के हायर सेंटर रेफर कर दिया। जांच में पता चला कि उसके सिर की हड्डियां टूट गई थीं और गर्दन में भी गंभीर चोट लगी थी।

    बच्चे की हालत लगातार नाजुक बनी रहने पर डॉक्टरों ने उसे बेहतर उपचार के लिए दिल्ली भेजने का निर्णय लिया। परिजनों ने बताया कि दिल्ली ले जाते समय रास्ते में गौरांश की धड़कन भी बंद हो गई थी। चिकित्सकों ने उसे दोबारा जीवित करने का प्रयास किया और फोर्टिस अस्पताल में भर्ती कराया, लेकिन गंभीर सिर की चोटों के कारण डॉक्टर उसे बचा नहीं सके।

    गौरांश परिवार का इकलौता बेटा था। उसकी मौत की खबर सामने आते ही झाबुआ जिले के राणापुर कस्बे में शोक की लहर फैल गई। रिश्तेदारों और परिचितों ने परिवार के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की। दिल्ली में आवश्यक कानूनी और चिकित्सकीय प्रक्रिया पूरी करने के बाद परिजन रविवार शाम एंबुलेंस से गौरांश के पार्थिव शरीर को लेकर राणापुर के लिए रवाना हो गए।

  • इंदौर में दो पक्षों के बीच खूनी संघर्ष, लाठी-डंडे चले, महिलाओं की शिकायत पर दोनों ओर से एफआईआर

    इंदौर में दो पक्षों के बीच खूनी संघर्ष, लाठी-डंडे चले, महिलाओं की शिकायत पर दोनों ओर से एफआईआर


    नई दिल्ली । इंदौर के गांधी नगर थाना क्षेत्र में रविवार रात दो पक्षों के बीच हुआ विवाद देखते ही देखते हिंसक झड़प में बदल गया। पहले हुई कहासुनी के बाद दोनों पक्ष आमने-सामने आ गए और लाठी-डंडों से मारपीट शुरू हो गई। घटना के बाद इलाके में तनाव का माहौल बन गया। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को नियंत्रण में लिया। दोनों पक्षों की शिकायतों के आधार पर पुलिस ने क्रॉस एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

    पुलिस के अनुसार वैष्णवी अग्रवाल की शिकायत पर नया बेसरा निवासी सादिक उस्मान गनी के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। शिकायत में कहा गया है कि सादिक अक्सर क्षेत्र में विवाद करता है। रविवार रात करीब नौ बजे वह घर के बाहर पहुंचा और गाली-गलौज करने लगा। शोर सुनकर वैष्णवी के पति और अन्य लोग बाहर आए तथा उसे समझाने का प्रयास किया लेकिन विवाद बढ़ गया। आरोप है कि सादिक ने वैष्णवी के पति के साथ मारपीट कर दी। इसके बाद दंपती गांधी नगर थाने पहुंचे और शिकायत दर्ज कराई।

    दूसरी ओर सादिक गनी की पत्नी ने भी पुलिस में शिकायत दर्ज कराते हुए आरोप लगाया कि वैष्णवी अग्रवाल और उनके पति कालूसिंह अग्रवाल ने उनके साथ अभद्र व्यवहार किया। शिकायत के अनुसार कालूसिंह ने डंडे से हमला किया जिससे उनके हाथ में चोट आई। महिला का यह भी आरोप है कि जब उनके पति सादिक बीच-बचाव के लिए पहुंचे तो उनके साथ भी मारपीट की गई।

    घटना के बाद क्षेत्र में तनाव की स्थिति बन गई और बड़ी संख्या में स्थानीय लोग मौके पर एकत्र हो गए। हालात को देखते हुए पुलिस बल तैनात किया गया। भीड़ को हटाने के लिए पुलिस को हल्का बल प्रयोग भी करना पड़ा ताकि स्थिति सामान्य हो सके।

    पुलिस ने दोनों पक्षों की शिकायतों के आधार पर अलग-अलग प्रकरण दर्ज कर लिए हैं। अधिकारियों का कहना है कि घटनास्थल के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज और प्रत्यक्षदर्शियों के बयान के आधार पर पूरे घटनाक्रम की जांच की जा रही है। जांच पूरी होने के बाद तथ्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

  • डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी जयंती पर बड़ा ऐलान, इंदौर में इस प्रमुख सड़क का नाम होगा उनके नाम पर

    डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी जयंती पर बड़ा ऐलान, इंदौर में इस प्रमुख सड़क का नाम होगा उनके नाम पर


    नई दिल्ली । भारतीय जनसंघ के संस्थापक, प्रखर राष्ट्रवादी विचारक और देश की एकता एवं अखंडता के प्रबल समर्थक डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की जयंती पर इंदौर में श्रद्धांजलि कार्यक्रम आयोजित किया गया। विजय नगर चौराहे पर स्थापित उनकी प्रतिमा पर जनप्रतिनिधियों ने माल्यार्पण कर उनके राष्ट्र निर्माण में दिए गए योगदान को नमन किया और उनके आदर्शों को स्मरण किया।

    कार्यक्रम में जल संसाधन मंत्री तुलसीराम सिलावट और इंदौर महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने डॉ. मुखर्जी के व्यक्तित्व और कृतित्व को याद करते हुए कहा कि उनका संपूर्ण जीवन राष्ट्र सेवा, सांस्कृतिक गौरव, लोकतांत्रिक मूल्यों और राष्ट्रीय एकता के लिए समर्पित रहा। उन्होंने कहा कि डॉ. मुखर्जी के विचार आज भी देश को मजबूत और संगठित बनाने की प्रेरणा देते हैं।

    इस अवसर पर महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने एक महत्वपूर्ण घोषणा करते हुए कहा कि एमआर-4 मास्टर प्लान के तहत शास्त्री ब्रिज के नीचे से बाणगंगा रेलवे क्रॉसिंग तक जाने वाली सड़क का नामकरण डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के नाम पर किया जाएगा। उन्होंने कहा कि यह निर्णय राष्ट्र के प्रति उनके योगदान और बलिदान को सम्मान देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम होगा।

    कार्यक्रम के दौरान मौजूद जनप्रतिनिधियों और भाजपा कार्यकर्ताओं ने भी डॉ. मुखर्जी के राष्ट्रवादी विचारों को याद करते हुए उनके बताए मार्ग पर चलने का संकल्प लिया। वक्ताओं ने कहा कि उन्होंने देश की एकता और अखंडता की रक्षा के लिए अपना पूरा जीवन समर्पित कर दिया और उनका त्याग आने वाली पीढ़ियों के लिए सदैव प्रेरणा का स्रोत बना रहेगा।

    श्रद्धांजलि कार्यक्रम में विधायक रमेश मेंदोला, पूर्व महापौर कृष्ण मुरारी मोघे, भाजपा नगर अध्यक्ष सुमित मिश्रा, स्वास्थ्य प्रभारी अश्विनी शुक्ल, पार्षद कमल वाघेला सहित कई जनप्रतिनिधि, पार्टी पदाधिकारी, पार्षद और बड़ी संख्या में कार्यकर्ता उपस्थित रहे। सभी ने पुष्प अर्पित कर डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के राष्ट्र निर्माण में दिए गए योगदान को श्रद्धापूर्वक याद किया और उनके आदर्शों को समाज तक पहुंचाने का संकल्प दोहराया।

  • खजराना गणेश मंदिर में तेज़ी से विकास कार्य, डेढ़ फीट नीचे होगा सभामंडप, लाखों श्रद्धालुओं की सुविधा होगी दोगुनी

    खजराना गणेश मंदिर में तेज़ी से विकास कार्य, डेढ़ फीट नीचे होगा सभामंडप, लाखों श्रद्धालुओं की सुविधा होगी दोगुनी


    इंदौर इंदौर का विश्व प्रसिद्ध खजराना गणेश मंदिर आगामी सिंहस्थ को ध्यान में रखते हुए बड़े बदलावों से गुजर रहा है। लाखों श्रद्धालुओं की आस्था के इस प्रमुख केंद्र पर दर्शन व्यवस्था को अधिक सुविधाजनक बनाने के लिए मंदिर परिसर में व्यापक विकास कार्य तेज़ी से किए जा रहे हैं। मंदिर प्रशासन का उद्देश्य यह है कि भविष्य में बढ़ने वाली श्रद्धालुओं की संख्या के बावजूद दर्शन व्यवस्था सुचारु और व्यवस्थित बनी रहे।

    मंदिर के गर्भगृह का प्रवेश द्वार पहले ही चौड़ा किया जा चुका है। अब गर्भगृह के बाहर स्थित सभामंडप को लगभग डेढ़ फीट नीचे किया जा रहा है। इस बदलाव का सबसे बड़ा लाभ सामान्य श्रद्धालुओं को मिलेगा। अभी तक सभामंडप में विशेष पूजन, वीआईपी दर्शन या नवविवाहित दंपतियों के धार्मिक अनुष्ठानों के दौरान पीछे खड़े श्रद्धालुओं का दृश्य बाधित हो जाता था, जिससे भगवान के दर्शन करने में कठिनाई होती थी।

    मंदिर के मुख्य पुजारी पंडित अशोक भट्ट के अनुसार सभामंडप का स्तर नीचे किए जाने से लाइन में खड़े श्रद्धालुओं को बिना किसी अवरोध के सीधे भगवान गणेश के दर्शन हो सकेंगे। इससे मंदिर में आने वाले प्रत्येक भक्त को बेहतर धार्मिक अनुभव मिलेगा और भीड़ प्रबंधन भी अधिक प्रभावी ढंग से किया जा सकेगा।

    मंदिर परिसर के लिए तैयार मास्टर प्लान के तहत केवल सभामंडप ही नहीं बल्कि कई अन्य विकास कार्य भी प्रस्तावित हैं। आने वाले समय में यहां आधुनिक दर्शन हॉल का निर्माण भी किया जाएगा। इस हॉल के बनने के बाद बड़ी संख्या में श्रद्धालु एक साथ व्यवस्थित तरीके से कतारबद्ध होकर भगवान के दर्शन कर सकेंगे। इससे त्योहारों और विशेष अवसरों पर लगने वाली भीड़ को नियंत्रित करने में भी आसानी होगी।

    सिंहस्थ के दौरान उज्जैन आने वाले लाखों श्रद्धालुओं के इंदौर स्थित खजराना गणेश मंदिर पहुंचने की संभावना को देखते हुए मंदिर प्रशासन अभी से सभी आवश्यक तैयारियों में जुटा हुआ है। यही कारण है कि मंदिर की आधारभूत सुविधाओं को आधुनिक स्वरूप देने के साथ श्रद्धालुओं की सुविधा को प्राथमिकता दी जा रही है।

    खजराना गणेश मंदिर देशभर के प्रमुख गणेश मंदिरों में शामिल है और यहां प्रतिदिन हजारों श्रद्धालु भगवान गणेश के दर्शन के लिए पहुंचते हैं। विशेष पर्वों और बुधवार के दिन यहां भक्तों की संख्या कई गुना बढ़ जाती है। ऐसे में मंदिर परिसर में किए जा रहे ये विकास कार्य भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए बेहद महत्वपूर्ण माने जा रहे हैं। मंदिर प्रशासन का मानना है कि इन सुधारों के पूरा होने के बाद श्रद्धालुओं को पहले से कहीं अधिक सहज, सुरक्षित और व्यवस्थित दर्शन का अनुभव मिलेगा।

  • सिर्फ 5 रुपए भेजे और गंवा दिए ₹1.08 लाख, ओटीटी सब्सक्रिप्शन बंद कराने के बहाने साइबर ठगों का नया खेल

    सिर्फ 5 रुपए भेजे और गंवा दिए ₹1.08 लाख, ओटीटी सब्सक्रिप्शन बंद कराने के बहाने साइबर ठगों का नया खेल


    नई दिल्ली । इंदौर में साइबर अपराधियों ने ऑनलाइन ठगी का नया तरीका अपनाते हुए एक दवा व्यापारी और उनकी पत्नी को एक लाख आठ हजार रुपए का चूना लगा दिया। ठगों ने ओटीटी सब्सक्रिप्शन बंद कराने के बहाने पहले महज 5 रुपए ट्रांसफर करवाए और इसके कुछ ही मिनटों बाद दोनों के बैंक खातों से अलग-अलग ट्रांजेक्शन के जरिए पूरी रकम निकाल ली। मामले की शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

    पीड़ित निर्मल नवलानी गोपाल कॉलोनी के निवासी हैं और दवा व्यवसाय से जुड़े हैं। उन्होंने विभिन्न ओटीटी प्लेटफॉर्म की सदस्यता ले रखी थी। चार जून को उन्होंने जियो हॉटस्टार का सब्सक्रिप्शन बंद कराने के लिए गूगल पर कस्टमर केयर नंबर खोजा। सर्च में मिले नंबर पर कॉल करने पर सामने वाले व्यक्ति ने खुद को कंपनी का कस्टमर सपोर्ट अधिकारी बताया और सदस्यता बंद कराने की प्रक्रिया शुरू करने का दावा किया।

    बातचीत के दौरान आरोपी ने प्रक्रिया पूरी करने के नाम पर 5 रुपए ऑनलाइन ट्रांसफर करने को कहा। व्यापारी ने अपने गूगल पे के माध्यम से यह राशि भेज दी। इसके कुछ ही समय बाद उनका मोबाइल असामान्य तरीके से काम करने लगा और स्क्रीन बंद हो गई। जब मोबाइल दोबारा चालू किया तो बैंक खाते से लगातार रकम निकलने के संदेश आने लगे।

    सबसे पहले उनके बैंक ऑफ बड़ौदा खाते से 8 हजार और फिर 50 हजार रुपए निकाल लिए गए। इसके बाद उनकी पत्नी शारदा के खाते से भी 20 हजार और 30 हजार रुपए के दो अलग-अलग ट्रांजेक्शन कर दिए गए। इस तरह कुल 1 लाख 8 हजार रुपए साइबर ठगों के खाते में पहुंच गए।

    ठगी का अहसास होते ही व्यापारी ने तुरंत बैंक से संपर्क कर दोनों खातों को फ्रीज कराया और साइबर हेल्पलाइन पर शिकायत दर्ज कराई। बाद में मामले को जूनी इंदौर थाने भेजा गया जहां पुलिस ने अज्ञात आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया। जांच एजेंसियां बैंक खातों ट्रांजेक्शन और डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों तक पहुंचने का प्रयास कर रही हैं।

    यह मामला एक बार फिर बताता है कि गूगल पर दिखाई देने वाला हर कस्टमर केयर नंबर असली नहीं होता। साइबर अपराधी फर्जी नंबर और नकली वेबसाइट बनाकर लोगों को जाल में फंसा रहे हैं। किसी भी सेवा से जुड़ी सहायता लेने से पहले संबंधित कंपनी की आधिकारिक वेबसाइट या मोबाइल ऐप से ही कस्टमर सपोर्ट नंबर की पुष्टि करनी चाहिए। साथ ही किसी अनजान व्यक्ति के कहने पर कोई ऐप डाउनलोड करने बैंक विवरण साझा करने या छोटी से छोटी राशि ट्रांसफर करने से भी बचना चाहिए क्योंकि यही साइबर ठगी की शुरुआत बन सकती है।