Category: Madhya Pradesh

  • जीतू पटवारी का मुख्यमंत्री मोहन यादव पर तंज, बोले- 800 दिन बचे हैं, अब सस्ती शिक्षा और छात्रों के मुद्दों पर काम करें

    जीतू पटवारी का मुख्यमंत्री मोहन यादव पर तंज, बोले- 800 दिन बचे हैं, अब सस्ती शिक्षा और छात्रों के मुद्दों पर काम करें

    मध्य प्रदेश: कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष जीतू पटवारी ने इंदौर में आयोजित पत्रकार वार्ता के दौरान प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था को लेकर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव पर निशाना साधा। पटवारी ने मुख्यमंत्री से सस्ती और सुलभ शिक्षा सुनिश्चित करने की अपील करते हुए कहा कि उनके कार्यकाल के अब करीब 800 दिन बचे हैं। उन्होंने कहा कि इस समय का इस्तेमाल जनता और छात्रों से जुड़े मुद्दों पर काम करने के लिए किया जाना चाहिए।

    पटवारी ने मुख्यमंत्री को संबोधित करते हुए कहा कि प्रदेश के विद्यार्थियों के लिए सस्ती शिक्षा उपलब्ध कराना सरकार की जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री को बिना समय गंवाए शिक्षा व्यवस्था में सुधार की दिशा में काम करना चाहिए। उनके मुताबिक सत्ता और पद पर रहने का समय तेजी से गुजरता है, इसलिए सरकार को शिक्षा जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर प्राथमिकता से ध्यान देना चाहिए।

    कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने अपने बयान में मुख्यमंत्री के राजनीतिक हालात का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री के पास अब सीमित समय बचा है और उन्हें इस अवधि में जनता से जुड़े वास्तविक मुद्दों पर ध्यान देना चाहिए। पटवारी ने शिक्षा को छात्रों के भविष्य से सीधे जुड़ा विषय बताते हुए सरकार से इस दिशा में ठोस काम करने की अपील की।

    इसी दौरान जीतू पटवारी ने प्रदेशभर में ‘छात्रों की गूंज’ अभियान चलाने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में मध्य प्रदेश के हर जिले में इस नाम से कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। अभियान के जरिए छात्रों और उनके अभिभावकों को सीधे तौर पर जोड़े जाने की बात कही गई है।

    पटवारी ने कार्यक्रम की रूपरेखा बताते हुए कहा कि ‘छात्रों की गूंज’ किसी राजनीतिक दल या कांग्रेस के बैनर तले आयोजित नहीं किया जाएगा। इसमें छात्रों और उनके अभिभावकों की भागीदारी होगी। अभियान का उद्देश्य शिक्षा और छात्रों से जुड़े मुद्दों को सामने लाना तथा उनके भविष्य से संबंधित विषयों पर चर्चा करना बताया गया है।

    उन्होंने सरकार से अपील करते हुए कहा कि छात्रों से जुड़े गंभीर मुद्दों पर अब काम शुरू किया जाना चाहिए। पटवारी ने शिक्षा व्यवस्था को लेकर सरकार का ध्यान आकर्षित करते हुए कहा कि विद्यार्थियों के हित और उनके भविष्य से जुड़े विषयों को प्राथमिकता मिलनी चाहिए।

    ‘छात्रों की गूंज’ अभियान को प्रदेश के सभी जिलों तक ले जाने की घोषणा के साथ पटवारी ने छात्रों और अभिभावकों की सीधी भागीदारी पर जोर दिया। उनके अनुसार यह कार्यक्रम शिक्षा से जुड़े मुद्दों को सामने लाने का माध्यम बनेगा और विद्यार्थियों की समस्याओं पर चर्चा की जाएगी।

    इंदौर में हुई पत्रकार वार्ता के दौरान पटवारी ने मुख्यमंत्री मोहन यादव के सामने सस्ती शिक्षा का मुद्दा प्रमुखता से रखा। उन्होंने कहा कि सरकार को अपने बचे हुए कार्यकाल में शिक्षा व्यवस्था पर ध्यान देना चाहिए और छात्रों के भविष्य से जुड़े विषयों पर प्रभावी कदम उठाने चाहिए।

    इस पूरे अभियान के जरिए छात्रों और अभिभावकों को शिक्षा से जुड़े मुद्दों पर जोड़ने की योजना बताई गई है। पटवारी ने कहा कि सरकार को जनहित के मुद्दों पर ध्यान देना चाहिए और छात्रों के भविष्य से संबंधित समस्याओं के समाधान की दिशा में काम करना चाहिए।

  • MP में सितंबर के आखिरी सप्ताह में तेज बारिश के आसार, 45 जिलों में बरसे बदरा; भोपाल के बांधों के गेट खोले गए

    MP में सितंबर के आखिरी सप्ताह में तेज बारिश के आसार, 45 जिलों में बरसे बदरा; भोपाल के बांधों के गेट खोले गए


    भोपाल । मध्य प्रदेश में दक्षिण पश्चिम मानसून की विदाई का दौर शुरू होने के बावजूद बारिश का सिलसिला थमता नजर नहीं आ रहा है। सितंबर के आखिरी सप्ताह में प्रदेश के कई हिस्सों में एक बार फिर तेज बारिश देखने को मिल सकती है। मौसम विभाग के अनुसार उत्तर अंडमान सागर में एक नया निम्न दबाव क्षेत्र सक्रिय होने की स्थिति में है जिसका असर मध्य प्रदेश के मौसम पर भी पड़ सकता है। इसके चलते अगले चार दिनों में भोपाल इंदौर उज्जैन जबलपुर ग्वालियर समेत कई जिलों में कहीं तेज तो कहीं हल्की बारिश होने की संभावना जताई गई है। हालांकि 23 सितंबर तक प्रदेश में भारी बारिश का कोई अलर्ट जारी नहीं किया गया है।

    मौसम विशेषज्ञों के अनुसार नए सिस्टम की ताकत और उसकी दिशा आने वाले दिनों में बारिश की स्थिति तय करेगी। सिस्टम यदि मजबूत होता है तो प्रदेश के कई इलाकों में बारिश का दौर और बढ़ सकता है। मौसम की गतिविधियों में बदलाव के साथ पूर्वानुमान भी बदलने की संभावना बनी हुई है। ऐसे में प्रदेश के लोगों को आने वाले दिनों में मौसम पर नजर रखने की सलाह दी जा रही है।

    इससे पहले शनिवार को प्रदेश के कई हिस्सों में अच्छी बारिश दर्ज की गई। भोपाल में लगातार बारिश के बाद भदभदा और कलियासोत डैम में पानी की आवक बढ़ गई। इसके चलते भदभदा का एक और कलियासोत डैम के दो गेट खोलने पड़े। कलियासोत नदी में भी लगातार पानी पहुंच रहा है। वहीं कई इलाकों में बारिश के कारण नदी नाले उफान पर आ गए।

    ब्यावरा में लगातार बारिश के कारण अजनार नदी का पानी पुल के ऊपर से बहने लगा और इलाके में बाढ़ जैसे हालात बन गए। आगर मालवा जिले के नलखेड़ा समेत कई क्षेत्रों में भी भारी बारिश हुई। रिपोर्ट के अनुसार नलखेड़ा में एक कार पानी के तेज बहाव में बह गई जिसमें आठ लोगों की मौत की सूचना है। शहडोल में आकाशीय बिजली गिरने से दो लोगों की जान चली गई। इन घटनाओं ने बारिश के दौरान नदी नालों और जलभराव वाले इलाकों में सावधानी बरतने की जरूरत को फिर सामने ला दिया है।

    शनिवार को मध्य प्रदेश के करीब 45 जिलों में कहीं तेज तो कहीं हल्की बारिश दर्ज की गई। इनमें शिवपुरी गुना अशोकनगर दतिया रीवा सीधी सिंगरौली सतना जबलपुर कटनी नरसिंहपुर छिंदवाड़ा सिवनी मंडला बालाघाट डिंडौरी भोपाल राजगढ़ सीहोर विदिशा रायसेन शहडोल उज्जैन देवास रतलाम इंदौर धार झाबुआ बड़वानी खंडवा नर्मदापुरम बैतूल हरदा समेत कई जिले शामिल रहे।

    बारिश के आंकड़ों में विदिशा के लटेरी में सबसे ज्यादा 4.2 इंच बारिश दर्ज की गई। गुना के कुंभराज में चार इंच जबकि आगर मालवा के नलखेड़ा में 92 मिलीमीटर यानी करीब 3.7 इंच बारिश रिकॉर्ड हुई। आगर के बड़ौद में 2.9 इंच और गुना के राघौगढ़ में 2.8 इंच बारिश हुई।

    मानसून सीजन की बात करें तो प्रदेश के कई जिलों में बारिश सामान्य से कम भी रही है। खासतौर पर पूर्वी मध्य प्रदेश के कुछ हिस्सों में कमी दर्ज की गई है। हालांकि पिछले एक सप्ताह में बारिश के आंकड़ों में सुधार हुआ है और कई क्षेत्रों में तेज बारिश के कारण बाढ़ जैसे हालात भी बने हैं। अब नए मौसम सिस्टम के सक्रिय होने की संभावना के बीच सितंबर के आखिरी दिनों में प्रदेश में एक बार फिर बारिश का दौर देखने को मिल सकता है।

  • MP: बोत्सवाना से आई मादा चीता CCB2 कूनो से पहुंची गांधी सागर… आज CM करेंगे जंगल में रिलीज

    MP: बोत्सवाना से आई मादा चीता CCB2 कूनो से पहुंची गांधी सागर… आज CM करेंगे जंगल में रिलीज


    मंदसौर।
    मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) में ‘प्रोजेक्ट चीता’ (‘Project Cheetah’) के तहत एक और ऐतिहासिक अध्याय जुड़ने जा रहा है. बोत्सवाना से भारत लाई गई मादा चीता CCB2 (Female cheetah CCB2) अब कूनो नेशनल पार्क (Kuno National Park) से गांधीसागर अभयारण्य (Gandhi Sagar Sanctuary) पहुंच चुकी है. मुख्यमंत्री मोहन यादव (Chief Minister Mohan Yadav) रविवार को उसे गांधीसागर के जंगलों में छोडेंगे. इसके बाद अभयारण्य में 2 नर और 2 मादा समेत कुल 4 चीते हो जाएंगे।

    दरअसल, मध्यप्रदेश में प्रोजेक्ट चीता के तहत चीतों के संरक्षण और पुनर्स्थापना का दायरा बढ़ाया जा रहा है. इसी क्रम में बोत्सवाना से भारत लाई गई मादा चीता CCB2 को कूनो नेशनल पार्क से गांधीसागर अभयारण्य में स्थानांतरित किया जा रहा है।


    बोत्सवाना से कूनो और अब गांधीसागर तक का सफर

    CCB2 को 28 फरवरी 2026 को बोत्सवाना के घांजी से भारत लाया गया था. इसके बाद उसे श्योपुर स्थित कूनो नेशनल पार्क में रखा गया. क्वारंटीन अवधि पूरी करने के बाद मई 2026 में उसे कूनो के जंगल में विमुक्त किया गया।

    कूनो में रहने के दौरान CCB2 ने भारतीय परिस्थितियों को तेजी से अपनाया. उसने यहां के वन परिदृश्य और पर्यावरण के साथ खुद को ढाल लिया. अब उसे कूनो से गांधीसागर अभयारण्य में स्थानांतरित किया जा रहा है।


    गांधीसागर में अब 4 चीते होंगे

    CCB2 के पहुंचने के बाद गांधीसागर अभयारण्य में चीतों की संख्या बढ़कर चार हो जाएगी. इनमें दो नर और दो मादा चीते होंगे। गांधीसागर में पहले से मौजूद चीते प्रभाष, पावक और धीरा CCB2 के साथ रहेंगे. नई मादा चीते के आने से गांधीसागर में चीता संरक्षण और पुनर्स्थापना के प्रयासों को आगे बढ़ाने में मदद मिलने की उम्मीद है।


    कूनो के बाद गांधीसागर में नया अध्याय

    CCB2 का सफर बोत्सवाना से भारत, फिर कूनो और अब गांधीसागर तक पहुंचा है. कूनो की परिस्थितियों में सफलतापूर्वक ढलने के बाद अब उसे एक अलग वन्य पारिस्थितिकी में स्थानांतरित किया जा रहा है।

    मध्यप्रदेश में कूनो और गांधीसागर को चीता संरक्षण एवं पुनर्स्थापना के महत्वपूर्ण केंद्रों के रूप में विकसित किया जा रहा है. CCB2 का गांधीसागर पहुंचना इसी अभियान के अगले चरण के तौर पर देखा जा रहा है।

  • सरकारी नौकरी का इंतजार कर रहे युवाओं के लिए बड़ी खबर एमपी में 85 हजार पदों पर भर्ती की तैयारी तेज

    सरकारी नौकरी का इंतजार कर रहे युवाओं के लिए बड़ी खबर एमपी में 85 हजार पदों पर भर्ती की तैयारी तेज


    भोपाल । मध्यप्रदेश में सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए बड़ी खबर सामने आई है। राज्य के सरकारी विभागों में खाली पड़े करीब 85 हजार पदों पर भर्ती प्रक्रिया को आगे बढ़ाया जा रहा है। सरकार ने इन पदों को भरने के साथ अधिकारियों और कर्मचारियों की पदोन्नति के बाद खाली होने वाले पदों को भी भर्ती के दायरे में शामिल करने की तैयारी की है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के मुताबिक कर्मचारी चयन मंडल ESB और मध्यप्रदेश लोक सेवा आयोग MPPSC के माध्यम से वर्ष 2026 में रिक्त पदों के विज्ञापन जारी करने और भर्ती प्रक्रिया को पूरा करने का काम आगे बढ़ रहा है।

    सरकारी विभागों में लंबे समय से कर्मचारियों और अधिकारियों की कमी के कारण कामकाज प्रभावित होने की शिकायतें सामने आती रही हैं। इसी को देखते हुए दिसंबर 2025 से रिक्त पदों को भरने की प्रक्रिया को तेज करने का निर्णय लिया गया था। सामान्य प्रशासन विभाग के माध्यम से अलग अलग विभागों से रिक्त पदों की जानकारी जुटाई गई। इसके बाद मुख्यमंत्री ने करीब एक लाख पदों पर भर्ती के निर्देश दिए थे। अब विभागवार रिक्तियों के आधार पर भर्ती प्रक्रिया को आगे बढ़ाया जा रहा है।

    सरकार की भर्ती प्रक्रिया में ESB और MPPSC के अलावा एमपी ऑनलाइन के माध्यम से होने वाली भर्तियां भी शामिल हैं। महिला एवं बाल विकास विभाग में आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और आंगनबाड़ी सहायिका के पदों पर भर्ती की कार्रवाई इसका एक उदाहरण है। विभाग में आंगनबाड़ी कार्यकर्ता के 781 पद और आंगनबाड़ी सहायिका के 1767 पद यानी कुल 2548 पदों पर भर्ती प्रक्रिया शुरू की गई है।

    सरकार की योजना केवल मौजूदा रिक्त पदों तक सीमित नहीं है। राज्य में करीब दस साल से रुकी अधिकारियों और कर्मचारियों की पदोन्नति प्रक्रिया भी शुरू की गई है। मुख्यमंत्री के अनुसार पहले दौर की विभागीय पदोन्नति समिति यानी डीपीसी के बाद करीब एक लाख अधिकारियों और कर्मचारियों को पदोन्नति दी गई है। इसके बाद विभागों में पदोन्नति के कारण जो पद खाली हुए हैं उनकी भी गणना कराई जा रही है।

    पदोन्नति के बाद खाली होने वाले पदों की जानकारी जुटने के बाद संबंधित विभागों को उन पदों पर भर्ती के लिए निर्देश दिए जाएंगे। इसका मतलब है कि आने वाले समय में सरकारी विभागों में वर्तमान रिक्तियों के साथ पदोन्नति के कारण खाली होने वाले पदों पर भी भर्ती की प्रक्रिया शुरू हो सकती है। इससे अलग अलग विभागों में कर्मचारियों की कमी दूर करने की दिशा में सरकार की भर्ती योजना का दायरा बढ़ेगा।

    कर्मचारी संगठनों ने भी रिक्त पदों पर भर्ती की जरूरत पर जोर दिया है। तृतीय वर्ग कर्मचारी संघ के प्रांतीय महामंत्री उमाशंकर तिवारी ने कहा कि रिक्त पदों को भरने की प्रक्रिया केवल एक बार की कवायद नहीं होनी चाहिए बल्कि इसे लगातार जारी रखा जाना चाहिए। उनका कहना है कि घोषणाओं के बाद कई बार विभागीय स्तर पर कार्रवाई में देरी होती है इसलिए भर्ती और कर्मचारियों से जुड़ी समस्याओं पर लगातार प्रक्रिया चलना जरूरी है।

    फिलहाल ESB और MPPSC के जरिए होने वाली भर्तियों पर युवाओं की नजर रहेगी। सरकार की ओर से वर्ष 2026 में रिक्त पदों के विज्ञापन जारी करने और भर्ती प्रक्रिया आगे बढ़ाने की बात कही गई है। ऐसे में आने वाले महीनों में अलग अलग विभागों के पदों के लिए भर्ती विज्ञापन जारी होने के साथ सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे अभ्यर्थियों को नए अवसर मिल सकते हैं।

  • भोपाल में आज दिखेगा संघ का विराट स्वरूप 30 हजार स्वयंसेवक होंगे एकजुट दत्तात्रेय होसबाले मुख्य वक्ता

    भोपाल में आज दिखेगा संघ का विराट स्वरूप 30 हजार स्वयंसेवक होंगे एकजुट दत्तात्रेय होसबाले मुख्य वक्ता


    नई दिल्ली। भोपाल में रविवार 20 सितंबर को राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के शताब्दी वर्ष के तहत बड़ा स्वयंसेवक एकत्रीकरण आयोजित किया जा रहा है। लाल परेड ग्राउंड में होने वाले इस कार्यक्रम में भोपाल विभाग के अंतर्गत आने वाले पांच जिलों से करीब 30 हजार स्वयंसेवकों के शामिल होने की संभावना है। कार्यक्रम में संघ के सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबाले मुख्य वक्ता के रूप में उपस्थित रहेंगे। शताब्दी वर्ष के अवसर पर आयोजित यह कार्यक्रम संघ की नियमित शाखाओं के व्यापक स्वरूप को समाज के सामने प्रस्तुत करने के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

    संघ की ओर से आयोजित इस एकत्रीकरण में बड़ी संख्या में स्वयंसेवकों की सहभागिता रहेगी। कार्यक्रम के माध्यम से संघ की शाखाओं में होने वाली नियमित गतिविधियों के साथ सामाजिक कार्यों और आगामी संकल्पों का संदेश भी दिया जाएगा। आयोजन को लेकर स्वयंसेवकों के बीच तैयारियां की गई हैं और भोपाल विभाग के विभिन्न जिलों से स्वयंसेवकों के पहुंचने का सिलसिला जारी है।

    राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के शताब्दी वर्ष का औपचारिक शुभारंभ विजयादशमी 2025 से हुआ था। इसके बाद वर्षभर अलग अलग कार्यक्रमों के जरिए संघ की 100 वर्षों की यात्रा और समाज जीवन में किए गए कार्यों को लोगों के सामने रखने का प्रयास किया जा रहा है। इसी क्रम में गृह संपर्क अभियान हिंदू सम्मेलन और प्रबुद्ध नागरिक गोष्ठियों जैसे कार्यक्रम आयोजित किए गए हैं। इन गतिविधियों के जरिए समाज के विभिन्न वर्गों के साथ संपर्क और संवाद पर जोर दिया गया है।

    शताब्दी वर्ष के कार्यक्रमों में संघ की ओर से पंच परिवर्तन के संदेश को भी प्रमुखता दी जा रही है। इसके तहत सामाजिक समरसता कुटुंब प्रबोधन पर्यावरण संरक्षण स्वबोध और नागरिक कर्तव्य जैसे विषयों को समाज जीवन का हिस्सा बनाने पर जोर दिया जा रहा है। संघ के कार्यक्रमों में इन विषयों को लेकर स्वयंसेवकों और समाज के विभिन्न वर्गों के बीच संवाद किया जा रहा है।

    भोपाल में रविवार को होने वाला स्वयंसेवक एकत्रीकरण इसी शताब्दी वर्ष की गतिविधियों की कड़ी है। कार्यक्रम के जरिए बड़ी संख्या में स्वयंसेवकों की सामूहिक सहभागिता दिखाई जाएगी। आयोजन से पहले सुबह 10 बजे समाज सेवा न्यास में केंद्रीय संस्थानों के युवाओं के साथ संवाद का कार्यक्रम भी रखा गया है। यह कार्यक्रम प्रेस के लिए नहीं होगा। इसके बाद शाम को लाल परेड ग्राउंड में मुख्य स्वयंसेवक एकत्रीकरण आयोजित किया जाएगा।

    संघ के अनुसार इस तरह के कार्यक्रमों का उद्देश्य संगठन की शाखाओं के व्यापक स्वरूप को समाज के सामने रखना और शताब्दी वर्ष के दौरान तय किए गए सामाजिक संदेशों को आगे बढ़ाना है। भोपाल में होने वाले इस आयोजन में पांच जिलों से करीब 30 हजार स्वयंसेवकों की मौजूदगी इसे बड़े स्तर का कार्यक्रम बनाएगी। दत्तात्रेय होसबाले की मौजूदगी में होने वाले कार्यक्रम में संघ की शताब्दी यात्रा सामाजिक कार्यों और पंच परिवर्तन से जुड़े संदेशों पर विशेष फोकस रहने की उम्मीद है

  • MP में सितंबर के आखिरी सप्ताह होगी तेज बारिश, अगले 4 दिन भोपाल-इंदौर-उज्जैन समेत कई जिलों में गिरेगा पानी

    MP में सितंबर के आखिरी सप्ताह होगी तेज बारिश, अगले 4 दिन भोपाल-इंदौर-उज्जैन समेत कई जिलों में गिरेगा पानी


    भोपाल। दक्षिण-पश्चिम मानसून की विदाई से पहले मध्य प्रदेश में एक बार फिर बारिश का दौर तेज हो सकता है। उत्तर अंडमान सागर में बन रहा निम्न दाब क्षेत्र प्रदेश के मौसम को प्रभावित कर सकता है। अगले चार दिनों में भोपाल, इंदौर, उज्जैन, जबलपुर और ग्वालियर समेत कई जिलों में कहीं तेज तो कहीं हल्की बारिश होने की संभावना है। ताजा मौसम पूर्वानुमान में सितंबर के आखिरी सप्ताह में बारिश की गतिविधियां बढ़ने और 24-25 सितंबर को भारी बारिश के आसार भी जताए गए हैं।

    मौसम विशेषज्ञ शैलेंद्र कुमार नायक के मुताबिक नए सिस्टम की दिशा और उसकी तीव्रता ही तय करेगी कि इसका प्रदेश पर कितना असर पड़ेगा। 23 सितंबर तक प्रदेश में भारी बारिश का कोई अलर्ट नहीं था, हालांकि सिस्टम की गतिविधियों के आधार पर मौसम के पूर्वानुमान में बदलाव संभव है। IMD के ताजा बुलेटिन में भी 19 से 23 सितंबर के दौरान गरज-चमक और आकाशीय बिजली की गतिविधियों तथा इसके बाद 24 और 25 सितंबर को भारी बारिश की संभावना बताई गई है।

    भोपाल में दो बांधों के गेट खोले

    इससे पहले शनिवार को भोपाल और आसपास के इलाकों में रातभर बारिश के बाद भदभदा डैम का एक और कलियासोत डैम के दो गेट खोलने पड़े। उधर ब्यावरा में लगातार बारिश के कारण नदी-नालों में उफान आ गया। अजनार नदी का पानी पुल के ऊपर से बहने लगा, जिससे आसपास के इलाके में बाढ़ जैसे हालात बन गए।

    आगर जिले में भी कई स्थानों पर तेज बारिश दर्ज की गई। नलखेड़ा में मां बगलामुखी मंदिर के सामने से गुजर रहे नाले में पानी का बहाव इतना बढ़ गया कि एक कार बह गई। इस हादसे में 8 लोगों की मौत हो गई। शहडोल में आकाशीय बिजली गिरने से 2 लोगों की जान चली गई।

    45 जिलों में कहीं तेज, कहीं हल्की बारिश

    शनिवार को मध्य प्रदेश के 45 जिलों में बारिश दर्ज की गई। इनमें शिवपुरी, गुना, अशोकनगर, दतिया, रीवा, मऊगंज, सीधी, सिंगरौली, सतना, जबलपुर, कटनी, नरसिंहपुर, छिंदवाड़ा, सिवनी, मंडला, बालाघाट, डिंडौरी, पांढुर्णा, भोपाल, राजगढ़, सीहोर, विदिशा, रायसेन, शहडोल, उमरिया, अनूपपुर, उज्जैन, देवास, रतलाम, शाजापुर, मंदसौर, नीमच, आगर-मालवा, इंदौर, धार, झाबुआ, आलीराजपुर, बड़वानी, खंडवा, नर्मदापुरम, बैतूल, हरदा, श्योपुर, सागर और दमोह शामिल हैं।

    विदिशा के लटेरी में सबसे ज्यादा 4.2 इंच बारिश रिकॉर्ड हुई। गुना के कुंभराज में 4 इंच और आगर-मालवा के नलखेड़ा में 92 मिमी यानी 3.7 इंच बारिश हुई। आगर के ही बड़ौद में 2.9 इंच, गुना के राघौगढ़ में 2.8 इंच और राजगढ़ के खिलचीपुर में ढाई इंच बारिश दर्ज की गई।

    32 जिलों में अब भी 5 से 48% कम बारिश

    पूरे मानसूनी सीजन की स्थिति देखें तो मध्य प्रदेश के पूर्वी हिस्से में जबलपुर, रीवा, सागर और शहडोल संभाग में बारिश 1% तक कम रही है। बालाघाट, छिंदवाड़ा, डिंडौरी, दमोह, जबलपुर, कटनी, नरसिंहपुर, पांढुर्णा, मंडला, रीवा, सागर और सिवनी में सामान्य से 5% से 24% तक कम बारिश दर्ज हुई है।

    हालांकि पिछले एक सप्ताह में बारिश के आंकड़ों में काफी सुधार हुआ है। इस दौरान कई जिलों में बाढ़ जैसे हालात भी बने। सीजन में पहली बार पूर्वी हिस्से की बारिश की स्थिति बेहतर हुई थी, लेकिन शनिवार तक यह आंकड़ा फिर माइनस 2% हो गया।

    पश्चिमी मध्य प्रदेश के 23 जिलों में भी बारिश सामान्य से कम है। आलीराजपुर, अशोकनगर, बैतूल, देवास, धार, हरदा, इंदौर, झाबुआ, खंडवा, मंदसौर, मुरैना, नर्मदापुरम, नीमच, बड़वानी, रायसेन, रतलाम, सीहोर, शाजापुर, उज्जैन और विदिशा समेत इन जिलों में औसत से 5% से 48% तक कम पानी गिरा है।

    इन 23 जिलों में सामान्य से ज्यादा बारिश

    इसके उलट प्रदेश के 23 जिलों में मानसून सीजन के दौरान औसत से ज्यादा बारिश दर्ज की गई है। इनमें अनूपपुर, छतरपुर, मैहर, मऊगंज, निवाड़ी, पन्ना, सतना, शहडोल, सीधी, सिंगरौली, टीकमगढ़, उमरिया, आगर-मालवा, भिंड, भोपाल, बुरहानपुर, दतिया, गुना, ग्वालियर, खरगोन, राजगढ़, श्योपुर और शिवपुरी शामिल हैं।

    मानसून अब अपने अंतिम चरण में पहुंच चुका है और देश के कुछ हिस्सों से इसकी वापसी भी शुरू हो गई है। इसके बावजूद मध्य प्रदेश में अगले कुछ दिनों तक गरज-चमक के साथ बारिश का दौर बना रहने और सितंबर के आखिरी सप्ताह में एक बार फिर बारिश की गतिविधियां बढ़ने की संभावना है।

  • भोपाल संभाग के युवाओं की रीवा यात्रा शुरू मुकुंदपुर सफारी से पुरवा प्रपात तक देखेंगे पर्यटन की खूबसूरती

    भोपाल संभाग के युवाओं की रीवा यात्रा शुरू मुकुंदपुर सफारी से पुरवा प्रपात तक देखेंगे पर्यटन की खूबसूरती


    भोपाल । भोपाल से रीवा की यात्रा पर निकले युवाओं के दल को उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल ने हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। यह यात्रा मध्यप्रदेश सरकार की मां तुझे सलाम योजना के तहत आयोजित की गई है। दो दिवसीय इस भ्रमण के दौरान भोपाल संभाग के युवा रीवा जिले के प्रमुख पर्यटन और धार्मिक स्थलों को करीब से जानेंगे। इस यात्रा का आयोजन खेल एवं युवा कल्याण विभाग की ओर से किया गया है। दल में भोपाल के साथ सीहोर रायसेन विदिशा और राजगढ़ जिले के युवा शामिल हैं। यात्रा का उद्देश्य युवाओं को प्रदेश के महत्वपूर्ण स्थलों और उनकी सांस्कृतिक तथा प्राकृतिक विशेषताओं से परिचित कराना है।

    युवाओं को रीवा भ्रमण के दौरान महामृत्युंजय मंदिर संग्रहालय मुकुंदपुर व्हाइट टाइगर सफारी पुरवा प्रपात और बसामन मामा गौ अभ्यारण्य जैसे स्थानों पर ले जाया जाएगा। इन स्थलों के माध्यम से युवाओं को रीवा की धार्मिक परंपरा प्राकृतिक संपदा वन्यजीव और स्थानीय पर्यटन की विविधता को समझने का अवसर मिलेगा। रीवा संभाग लंबे समय से अपने जलप्रपात जंगलों और ऐतिहासिक तथा धार्मिक स्थलों के लिए जाना जाता है। इसी वजह से क्षेत्र में पर्यटन को आर्थिक गतिविधियों और रोजगार से जोड़ने की संभावनाओं पर भी जोर दिया जा रहा है।

    यात्रा को रवाना करते हुए उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल ने कहा कि मध्यप्रदेश और विशेष रूप से विंध्य क्षेत्र में पर्यटन के विकास की व्यापक संभावनाएं हैं। रीवा संभाग प्राकृतिक सुंदरता से समृद्ध है। यहां मौजूद वन जलप्रपात धार्मिक स्थल और वन्यजीव क्षेत्र पर्यटकों को आकर्षित करने की क्षमता रखते हैं। उन्होंने मैहर चित्रकूट और अमरकंटक जैसे धार्मिक स्थलों के साथ मुकुंदपुर व्हाइट टाइगर सफारी पन्ना नेशनल पार्क संजय टाइगर रिजर्व बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व और संजय दुबरी अभ्यारण्य का भी उल्लेख किया। ऐसे पर्यटन स्थलों को बेहतर सुविधाओं और कनेक्टिविटी के जरिए ज्यादा लोगों तक पहुंचाने पर क्षेत्रीय विकास को गति मिल सकती है।

    रीवा में पर्यटन को बढ़ावा देने में बेहतर कनेक्टिविटी को भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। उप मुख्यमंत्री ने कहा कि रीवा सड़क और रेल नेटवर्क से जुड़ा हुआ है। इसके साथ ही हवाई संपर्क में भी सुधार हुआ है। कनेक्टिविटी बेहतर होने से पर्यटकों के लिए रीवा पहुंचना आसान हो रहा है और आसपास के पर्यटन स्थलों को भी एक साथ देखने की संभावना बढ़ रही है। सप्ताहांत में आने वाले पर्यटकों के लिए भी यह सुविधा उपयोगी हो सकती है।

    उप मुख्यमंत्री ने रीवा के 750 मेगावाट क्षमता वाले सोलर प्लांट का भी जिक्र किया। उन्होंने बसामन मामा गौ अभ्यारण्य में बड़ी संख्या में गौवंश के संरक्षण और प्राकृतिक खेती से जुड़े प्रयासों की जानकारी दी। उनके मुताबिक ऐसे प्रयास पर्यटन के साथ ग्रामीण अर्थव्यवस्था और पर्यावरण संरक्षण से भी जुड़े हैं।

    कार्यक्रम में युवाओं की भूमिका पर भी जोर दिया गया। उप मुख्यमंत्री ने कहा कि देश के विकास में युवा पीढ़ी की भागीदारी महत्वपूर्ण है। यात्रा के माध्यम से युवाओं को मध्यप्रदेश की प्राकृतिक सांस्कृतिक और धार्मिक विरासत को करीब से देखने का अवसर मिलेगा। संभागीय खेल अधिकारी एमके धौलपुरी के अनुसार दो दिनों तक चलने वाली इस यात्रा में युवाओं को रीवा के प्रमुख स्थलों का भ्रमण कराया जाएगा। इस दौरान जनप्रतिनिधियों और विभागीय अधिकारियों की मौजूदगी भी रही।

  • शिवपुरी में हरियाणा जा रहा लकड़ी से भरा ट्रक पकड़ा गया डामरौन में वन विभाग ने घेराबंदी कर की कार्रवाई

    शिवपुरी में हरियाणा जा रहा लकड़ी से भरा ट्रक पकड़ा गया डामरौन में वन विभाग ने घेराबंदी कर की कार्रवाई


    शिवपुरी। शिवपुरी जिले के करैरा क्षेत्र में वन विभाग ने लकड़ी के अवैध परिवहन की आशंका के मामले में कार्रवाई करते हुए एक ट्रक को जब्त किया है। यह ट्रक लकड़ी लेकर हरियाणा की ओर जा रहा था। वन विभाग की टीम ने मुखबिर से मिली सूचना के आधार पर दिनारा पिछोर मार्ग पर डामरौन के पास घेराबंदी की और संदिग्ध ट्रक को रोक लिया। तलाशी के दौरान ट्रक में लकड़ी भरी हुई मिली जिसके बाद विभाग ने वाहन को अपने कब्जे में ले लिया। मामले में अब लकड़ी के स्रोत और उसके परिवहन से जुड़े दस्तावेजों की जांच की जा रही है।

    जानकारी के अनुसार वन विभाग के अधिकारियों को सूचना मिली थी कि करैरा क्षेत्र से लकड़ी से भरा एक ट्रक हरियाणा की तरफ रवाना होने वाला है। सूचना मिलने के बाद रेंजर लक्ष्मण मीणा और डिप्टी रेंजर कुलदीप गौर के नेतृत्व में टीम ने डामरौन के आसपास निगरानी शुरू की। टीम ट्रक के आने का इंतजार कर रही थी। जैसे ही बताए गए हुलिए और नंबर का ट्रक वहां पहुंचा वन विभाग के कर्मचारियों ने उसे रोक लिया।

    ट्रक की जांच की गई तो उसमें लकड़ी लदी हुई मिली। इसके बाद वाहन को जब्त कर लिया गया। वन विभाग की ओर से अब यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि ट्रक में लदी लकड़ी आखिर कहां से लाई गई थी। इसके साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि लकड़ी के परिवहन के लिए चालक के पास आवश्यक अनुमति और दस्तावेज मौजूद थे या नहीं।

    शुरुआती जानकारी में यह बात सामने आई है कि ट्रक बालाघाट से करैरा पहुंचा था। बताया जा रहा है कि वहां ट्रक में पहले प्लाईबोर्ड से जुड़ा सामान छोड़ा गया था। इसके बाद ट्रक करैरा क्षेत्र में पहुंचा जहां उसमें लकड़ी लोड की गई। लकड़ी भरने के बाद वाहन को हरियाणा की ओर ले जाया जा रहा था। इसी दौरान वन विभाग की टीम ने उसे डामरौन के पास रोक लिया।

    लकड़ी के इस्तेमाल को लेकर भी वन विभाग जांच कर रहा है। प्रारंभिक तौर पर माना जा रहा है कि जब्त की गई लकड़ी का इस्तेमाल प्लाईबोर्ड तैयार करने में किया जा सकता है। इसी वजह से विभाग यह भी पता लगाने में जुटा है कि लकड़ी करैरा क्षेत्र की किसी आरा मशीन से तो नहीं लाई गई थी। अधिकारियों की जांच का एक अहम पहलू यह भी है कि यदि लकड़ी स्थानीय स्तर पर लोड की गई थी तो इसके लिए किस स्थान का इस्तेमाल किया गया और उसके परिवहन की वैध अनुमति थी या नहीं।

    करैरा क्षेत्र में इससे पहले भी वन विभाग की ओर से आरा मशीनों को लेकर कार्रवाई की जा चुकी है। ऐसे में जब्त ट्रक में मिली लकड़ी और क्षेत्र की आरा मशीनों के बीच किसी तरह का संबंध है या नहीं इसकी भी पड़ताल की जा रही है। वन विभाग दस्तावेजों और लकड़ी के स्रोत की जांच के बाद ही आगे की कार्रवाई तय करेगा। फिलहाल ट्रक विभाग के कब्जे में है और मामले की जांच जारी है।

  • राहुल गांधी को प्रपोज करने के लिए दिल्ली से इंदौर पहुंची युवती, जताई शादी करने की इच्छा

    राहुल गांधी को प्रपोज करने के लिए दिल्ली से इंदौर पहुंची युवती, जताई शादी करने की इच्छा


    इंदौर।
    कांग्रेस (Congress) के ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम (‘Students’ Resonance’ Programme) में शामिल होने के लिए दिल्ली से इंदौर पहुंची एक युवती उस समय चर्चा में आ गई, जब उसने कांग्रेस नेता राहुल गांधी (Congress leader Rahul Gandhi) से शादी करने की इच्छा जताई। युवती ने कहा कि यदि अभिनेत्री करीना कपूर राहुल गांधी को डेट करना चाहती थीं, तो एक आम लड़की भी उनसे शादी करने की इच्छा रख सकती है।

    युवती ने कहा कि वह चाहती है कि राहुल गांधी की शादी उससे हो। उसके मुताबिक, राहुल गांधी युवाओं से जुड़े मुद्दों पर जिस तरह बात करते हैं, उसका युवाओं पर प्रभाव पड़ता है। इसी वजह से वह राहुल गांधी को सुनने के लिए दिल्ली से इंदौर पहुंची है।


    ‘कई लड़कियां खुले मंच से करेंगी प्रपोज’

    युवती ने दावा किया कि राहुल गांधी के कार्यक्रम में बड़ी संख्या में छात्र और युवा शामिल होंगे। उसने यह भी कहा कि कई लड़कियां राहुल गांधी को खुले मंच से प्रपोज करने की इच्छा रखती हैं। हालांकि, मंच से प्रपोज करने को लेकर युवती की बात उसकी व्यक्तिगत इच्छा और दावे के रूप में सामने आई है। कार्यक्रम के दौरान वास्तव में ऐसा कोई घटनाक्रम होता है या नहीं, यह आयोजन के समय ही स्पष्ट होगा।


    राघव चैतन्य की प्रस्तुति भी आकर्षण

    ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम में राहुल गांधी के संवाद के साथ सिंगर राघव चैतन्य भी प्रस्तुति देंगे। उनकी प्रस्तुति को लेकर भी युवाओं में उत्साह है। कांग्रेस की ओर से कार्यक्रम में बड़ी संख्या में छात्र-युवाओं के पहुंचने की तैयारी की गई है।


    ‘भारत जोड़ो ग्राउंड’ में होगा आयोजन

    इंदौर के रीजनल पार्क स्थित मैदान को कांग्रेस ने ‘भारत जोड़ो ग्राउंड’ नाम दिया है। इसी मैदान में कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है। यहां राहुल गांधी छात्रों और युवाओं से संवाद करेंगे। कार्यक्रम को लेकर कांग्रेस कार्यकर्ताओं के साथ ही बड़ी संख्या में युवाओं के पहुंचने की तैयारियां जारी हैं।


    अबतक चार एडिशन आयोजित किए जा चुके हैं

    आपको बता दें कि लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी की अगुवाई में अब तक कोटा, देहरादून, प्रयागराज और पुणे में ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम के चार एडिशन आयोजित किए गए हैं।17 जून को राजस्थान के कोटा से इसकी शुरुआत की गई थी। 17 जुलाई को देहरादून और 8 अगस्त को प्रयागराज जबकि 22 अगस्त को पुणे में कार्यक्रम का आयोजन हुआ था। यह स्टूडेंट्स से संवाद का कार्यक्रम है, जिसके जरिए राहुल गांधी प्रश्नपत्र लीक, महंगी शिक्षा, सरकारी भर्तियों में अनियमितताओं और बेरोजगारी जैसे मुद्दों पर सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी को घेरने का प्रयास कर रहे हैं।

  • MP: गुना में अधिकारियों पर भड़के केन्द्रीय मंत्री सिंधिया, बोले – कलेक्टर कहां है .. बुलाओ जल्दी

    MP: गुना में अधिकारियों पर भड़के केन्द्रीय मंत्री सिंधिया, बोले – कलेक्टर कहां है .. बुलाओ जल्दी


    गुना।
    केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया (Jyotiraditya Scindia) का एक वीडियो इन दिनों चर्चा में है. वायरल वीडियो (Viral Video) में सिंधिया प्रशासनिक अधिकारियों से नाराजगी जताते दिखाई दे रहे हैं. वीडियो में वह कलेक्टर किशोर कुमार कन्याल (Collector Kishore Kumar Kanyal) को फटकारते नजर आते हैं. इसके साथ ही महिला पुलिस अधीक्षक हितिका वासल (Hitika Vasal) से भी उनकी नाराजगी दिखाई दे रही है. यह पूरा मामला एक आदिवासी गांव का बताया जा रहा है, जहां सिंधिया बीजेपी के मंडल अध्यक्ष मोहन बारेला के घर उनके छोटे भाई ताराचंद की मृत्यु पर शोक संवेदना प्रकट करने पहुंचे थे।

    बताया गया कि सिंधिया जब मोहन बारेला के घर पहुंचे तो उन्होंने अपने छोटे भाई ताराचंद की मौत को लेकर अपनी बात रखी. मोहन बारेला ने सिंधिया को बताया कि उनके भाई की मौत सामान्य नहीं थी, बल्कि उनकी हत्या की गई थी. उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस ने उनकी शिकायत और मामले को गंभीरता से नहीं लिया. उनके मुताबिक, हत्या के मामले को सामान्य दुर्घटना की धाराओं में दर्ज कर लिया गया. उन्होंने सिंधिया से कहा कि उनके छोटे भाई की मौत के मामले में उन्हें अभी तक न्याय नहीं मिल पाया है।


    बीजेपी नेता ने बताई भाई की मौत की दूसरी कहानी

    मोहन बारेला की बात सुनने के बाद ज्योतिरादित्य सिंधिया नाराज हो गए. उन्होंने तत्काल कलेक्टर और एसपी को तलब किया. वायरल वीडियो में सिंधिया अधिकारियों से इस मामले को लेकर सवाल करते दिखाई दे रहे हैं. उन्होंने कलेक्टर को फटकार लगाई और मामले का निराकरण करने के निर्देश दिए. सिंधिया के सामने प्रशासनिक अधिकारियों के साथ हुई इस बातचीत का वीडियो अब सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है।

    वायरल वीडियो में केंद्रीय मंत्री का अधिकारियों के प्रति नाराजगी भरा रवैया दिखाई दे रहा है. वह कलेक्टर किशोर कुमार कन्याल से मामले को लेकर जवाब मांगते नजर आते हैं. वहीं महिला एसपी हितिका वासल भी मौके पर मौजूद दिखाई देती हैं. मोहन बारेला की ओर से भाई की मौत के मामले में न्याय नहीं मिलने की बात कहे जाने के बाद सिंधिया ने अधिकारियों को मामले को गंभीरता से लेने और इसका निराकरण करने के निर्देश दिए।


    कलेक्टर और एसपी के सामने जताई नाराजगी

    ज्योतिरादित्य सिंधिया और प्रशासनिक अधिकारियों के बीच हुई इस बातचीत का वीडियो अब वायरल हो रहा है. वीडियो में सिंधिया की नाराजगी और अधिकारियों को दिए गए निर्देश चर्चा का विषय बने हुए हैं. फिलहाल सामने आई जानकारी के मुताबिक, सिंधिया ने बीजेपी मंडल अध्यक्ष के भाई ताराचंद की मौत के मामले में अधिकारियों से कार्रवाई और मामले के निराकरण के निर्देश दिए हैं।