Category: Madhya Pradesh

  • महिला की मर्जी सर्वोपरि, गर्भ रखना या गिराना उसका अधिकार; इंदौर हाईकोर्ट का ऐतिहासिक फैसला

    महिला की मर्जी सर्वोपरि, गर्भ रखना या गिराना उसका अधिकार; इंदौर हाईकोर्ट का ऐतिहासिक फैसला


    नई दिल्ली । मध्य प्रदेश हाईकोर्ट की इंदौर खंडपीठ ने महिलाओं के प्रजनन अधिकारों को लेकर महत्वपूर्ण फैसला सुनाते हुए स्पष्ट किया है कि कानून में निर्धारित समय सीमा के भीतर गर्भावस्था को जारी रखना है या समाप्त करना इसका अंतिम निर्णय महिला का होगा। अदालत ने कहा कि गर्भपात के लिए पति की सहमति आवश्यक नहीं है क्योंकि महिला की शारीरिक स्वायत्तता और व्यक्तिगत स्वतंत्रता संविधान के तहत संरक्षित मौलिक अधिकार हैं।

    यह मामला इंदौर संभाग के एक विवाहित दंपती से जुड़ा है जिनकी शादी को करीब दो वर्ष हुए थे। वैवाहिक जीवन के दौरान दोनों के बीच लगातार विवाद बढ़ते गए और इसी दौरान महिला गर्भवती हो गई। जब गर्भावस्था लगभग 13 सप्ताह की थी तब दंपती अलग रहने लगे। महिला ने अदालत को बताया कि मौजूदा परिस्थितियों में वह गर्भ जारी नहीं रखना चाहती क्योंकि इससे उसके मानसिक स्वास्थ्य और भविष्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है।

    महिला ने अपने अधिवक्ता के माध्यम से हाईकोर्ट में याचिका दायर कर गर्भपात की अनुमति मांगी। याचिका में कहा गया कि पति के साथ वैवाहिक संबंध समाप्त करने का निर्णय लगभग तय हो चुका था लेकिन बाद में पति अपने रुख से पीछे हट गया। ऐसे में गर्भावस्था को जारी रखना उसके लिए मानसिक तनाव और भावनात्मक पीड़ा का कारण बन रहा है।

    मामले की सुनवाई के दौरान अदालत ने पति को नोटिस जारी किया था लेकिन वह न्यायालय में उपस्थित नहीं हुआ। राज्य सरकार की ओर से भी याचिका का विरोध नहीं किया गया। सभी तथ्यों पर विचार करने के बाद अदालत ने महिला के पक्ष में फैसला सुनाया।

    अपने आदेश में हाईकोर्ट ने सुप्रीम कोर्ट के महत्वपूर्ण फैसले एक्स बनाम प्रिंसिपल सेक्रेटरी हेल्थ एंड फैमिली वेलफेयर का उल्लेख करते हुए कहा कि संविधान के अनुच्छेद 21 के तहत प्रत्येक महिला को अपनी शारीरिक स्वायत्तता और प्रजनन संबंधी निर्णय लेने का अधिकार प्राप्त है। अदालत ने कहा कि अवांछित गर्भावस्था का मानसिक और शारीरिक प्रभाव सबसे अधिक महिला पर पड़ता है इसलिए अंतिम निर्णय भी उसी का होना चाहिए।

    अदालत ने यह भी स्पष्ट किया कि महिला की गर्भावस्था मेडिकल टर्मिनेशन ऑफ प्रेगनेंसी एक्ट 1971 में निर्धारित समय सीमा के भीतर थी। इसलिए अधिकृत चिकित्सक कानून के अनुसार गर्भसमापन की प्रक्रिया कर सकते हैं। न्यायालय ने यह भी माना कि पति पत्नी का अलग रहना वैवाहिक संबंधों में गंभीर विवाद या तलाक जैसी परिस्थितियां गर्भपात की अनुमति देने के लिए वैध आधार हो सकती हैं।

    फैसले में अदालत ने कहा कि किसी भी महिला को उसकी इच्छा के विरुद्ध गर्भावस्था जारी रखने के लिए बाध्य नहीं किया जा सकता। महिला की गरिमा मानसिक स्वास्थ्य और व्यक्तिगत स्वतंत्रता सर्वोच्च प्राथमिकता है। साथ ही न्यायालय ने चिकित्सकों को निर्देश दिए कि गर्भपात की पूरी प्रक्रिया स्वास्थ्य मंत्रालय के दिशा निर्देशों और कानूनी प्रावधानों के अनुरूप पूरी संवेदनशीलता और सावधानी के साथ की जाए।

  • एमपी में अगले 24 घंटे भारी, 23 जिलों में मूसलाधार बारिश की चेतावनी; नदियां उफान पर, प्रशासन अलर्ट

    एमपी में अगले 24 घंटे भारी, 23 जिलों में मूसलाधार बारिश की चेतावनी; नदियां उफान पर, प्रशासन अलर्ट


    नई दिल्ली । मध्य प्रदेश में मानसून अब पूरे शबाब पर है। लगातार हो रही बारिश के कारण कई जिलों में जनजीवन प्रभावित हो गया है। मौसम विभाग ने सोमवार को प्रदेश के 23 जिलों में भारी और अति भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। प्रशासन ने लोगों से सतर्क रहने और नदी नालों के आसपास जाने से बचने की अपील की है क्योंकि कई इलाकों में जलभराव और बाढ़ जैसे हालात बनने लगे हैं।

    मौसम विभाग के अनुसार सागर दमोह बैतूल देवास आलीराजपुर उमरिया सिवनी छिंदवाड़ा और अनूपपुर में अति भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। वहीं रतलाम उज्जैन धार शाजापुर सीहोर विदिशा गुना नर्मदापुरम नरसिंहपुर जबलपुर मंडला बालाघाट डिंडौरी और पन्ना में भारी बारिश होने की संभावना जताई गई है। इसके अलावा भोपाल ग्वालियर मुरैना दतिया शिवपुरी रीवा सतना सीधी सिंगरौली खंडवा खरगोन हरदा और अन्य कई जिलों में भी तेज बारिश का दौर जारी रह सकता है।

    बालाघाट जिले से सोमवार सुबह सामने आए वीडियो ने लोगों की चिंता बढ़ा दी। किरनापुर और लांजी के बीच बहने वाली बाघ नदी में तेज बहाव के कारण कार जेसीबी और लोडर जैसी मशीनें पानी में बहती दिखाई दीं। बताया जा रहा है कि यहां प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत करीब 150 मीटर लंबे पुल का निर्माण कार्य चल रहा है। हालांकि निर्माण कंपनी की ओर से घटना की आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं की गई है।

    बीते 24 घंटों के दौरान भी प्रदेश के 30 से अधिक जिलों में अच्छी बारिश दर्ज की गई। छिंदवाड़ा में लगभग 3 इंच बारिश हुई जबकि उज्जैन और बालाघाट में सवा दो इंच तथा उमरिया और खजुराहो में करीब 2 इंच वर्षा रिकॉर्ड की गई। टीकमगढ़ सिवनी श्योपुर ग्वालियर भोपाल मंडला और कई अन्य जिलों में भी अच्छी बारिश दर्ज की गई।

    बारिश के बीच पांढुर्णा जिले में आकाशीय बिजली गिरने से एक महिला की मौत हो गई। वहीं सीहोर में घने बादलों के कारण दिन में ही अंधेरा छा गया। कई शहरों में बाजारों और सड़कों पर पानी भरने से लोगों को आवागमन में परेशानी का सामना करना पड़ा।

    मौसम विभाग के अनुसार प्रदेश में अब तक 163.1 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई है जो सामान्य से लगभग 6 प्रतिशत कम है। हालांकि पश्चिमी मध्य प्रदेश में सामान्य से अधिक बारिश हुई है जबकि पूर्वी हिस्से में अब भी बारिश का आंकड़ा औसत से कम बना हुआ है। विभाग का मानना है कि जुलाई में मानसून और अधिक सक्रिय रहेगा तथा इसी महीने प्रदेश में कुल मानसूनी बारिश का लगभग 40 प्रतिशत हिस्सा दर्ज होने की संभावना है।

    प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि तेज बारिश के दौरान नदी नालों को पार करने का प्रयास न करें और मौसम विभाग की चेतावनियों का पालन करें। अगले कुछ दिनों तक प्रदेश के कई हिस्सों में भारी बारिश का सिलसिला जारी रहने के आसार हैं।

  • राहु-केतु के बीच बना बंधक योग! 18 जुलाई तक मौसम राजनीति और वैश्विक घटनाओं में उथल-पुथल के संकेत

    राहु-केतु के बीच बना बंधक योग! 18 जुलाई तक मौसम राजनीति और वैश्विक घटनाओं में उथल-पुथल के संकेत


    नई दिल्ली । राहु और केतु के बीच एक बार फिर सभी प्रमुख ग्रहों के आ जाने से ज्योतिष में वर्णित बंधक योग सक्रिय हो गया है। ज्योतिष मठ संस्थान भोपाल के ज्योतिषाचार्य पंडित विनोद गौतम के अनुसार यह योग 18 जुलाई तक प्रभावी रहेगा। उनका कहना है कि इस अवधि में देश और दुनिया के कई महत्वपूर्ण घटनाक्रम प्रभावित हो सकते हैं। मौसम में असंतुलन राजनीतिक गतिविधियों में तेजी व्यापारिक उतार-चढ़ाव और न्याय व्यवस्था से जुड़े मामलों में हलचल देखने को मिल सकती है।

    ज्योतिषाचार्य के अनुसार शुक्रवार को चंद्रमा के कुंभ राशि में प्रवेश करने के साथ ही यह योग दोबारा सक्रिय हुआ। इससे पहले 24 जून को इसका प्रभाव समाप्त हुआ था। वर्तमान ग्रह स्थिति में सूर्य चंद्रमा मंगल बुध गुरु शुक्र और शनि सभी राहु और केतु के बीच स्थित हैं। ज्योतिषीय मान्यता के अनुसार ऐसी स्थिति में ग्रहों की शुभ ऊर्जा कमजोर पड़ती है और कई क्षेत्रों में अस्थिरता का वातावरण बन सकता है।

    मौसम के संबंध में उनका कहना है कि इस अवधि में खंडवृष्टि के योग बन रहे हैं। इसका अर्थ है कि कुछ इलाकों में अत्यधिक बारिश से बाढ़ जैसी स्थिति बन सकती है जबकि कुछ क्षेत्रों में सामान्य से कम वर्षा होने की संभावना रहेगी। इससे कृषि और जनजीवन दोनों प्रभावित हो सकते हैं। मौसम के इस असंतुलन का असर कई राज्यों में अलग-अलग रूप में दिखाई देने की संभावना जताई गई है।

    राजनीतिक दृष्टि से भी यह समय महत्वपूर्ण माना जा रहा है। ग्रहों की वर्तमान स्थिति को देखते हुए मध्य प्रदेश राजस्थान और दिल्ली सहित कुछ राज्यों में राजनीतिक हलचल बढ़ने के संकेत बताए गए हैं। सत्ता और संगठन स्तर पर फेरबदल विस्तार या नए राजनीतिक समीकरण बनने जैसी परिस्थितियां सामने आ सकती हैं। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी तनावपूर्ण घटनाओं या कूटनीतिक गतिविधियों में तेजी आने की संभावना व्यक्त की गई है।

    व्यापार और आर्थिक गतिविधियों पर भी इस योग का असर पड़ने की बात कही गई है। बाजार में उतार-चढ़ाव बढ़ सकता है और निवेश से जुड़े फैसलों में सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। न्याय व्यवस्था और प्रशासनिक स्तर पर भी महत्वपूर्ण निर्णय या चर्चित घटनाएं सामने आ सकती हैं।

    ज्योतिषाचार्य का यह भी दावा है कि 18 जुलाई तक जन्म लेने वाले नवजात शिशुओं की कुंडली में कालसर्प दोष बनने की स्थिति रह सकती है। उनके अनुसार जब चंद्रमा कन्या राशि में प्रवेश करेगा तब यह बंधक योग समाप्त हो जाएगा और ग्रहों की स्थिति सामान्य होने लगेगी।

    हालांकि यह सभी आकलन पारंपरिक ज्योतिषीय मान्यताओं पर आधारित हैं। इनकी वैज्ञानिक पुष्टि उपलब्ध नहीं है और इन्हें भविष्यवाणी के बजाय ज्योतिषीय दृष्टिकोण के रूप में ही देखा जाना चाहिए।

  • राम मंदिर चढ़ावा चोरी पर जनता में उबाल, भोपालवासियों ने कहा- यह सिर्फ पैसे नहीं आस्था की चोरी, दोषियों को मिले उम्रकैद

    राम मंदिर चढ़ावा चोरी पर जनता में उबाल, भोपालवासियों ने कहा- यह सिर्फ पैसे नहीं आस्था की चोरी, दोषियों को मिले उम्रकैद


    नई दिल्ली । अयोध्या के राम जन्मभूमि मंदिर में श्रद्धालुओं के चढ़ावे से कथित रूप से रकम गायब किए जाने के मामले ने पूरे देश में नाराजगी पैदा कर दी है। पुलिस जांच के अनुसार दानपात्रों से निकाली गई नकदी में 42 दिनों के दौरान कई बार हेराफेरी किए जाने के आरोप सामने आए हैं। जांच एजेंसियां मामले की गहराई से पड़ताल कर रही हैं और अब तक कई कर्मचारियों की गिरफ्तारी भी हो चुकी है। इस घटना के बाद लोगों में गहरा आक्रोश है और इसे केवल धन की चोरी नहीं बल्कि करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था पर चोट माना जा रहा है।

    इसी मुद्दे पर भोपाल में लोगों की राय भी सामने आई। अधिकांश लोगों ने कहा कि मंदिर में श्रद्धालु अपनी श्रद्धा और विश्वास के साथ दान करते हैं। ऐसे में यदि कोई उस चढ़ावे में हेराफेरी करता है तो वह केवल कानून नहीं बल्कि धार्मिक विश्वास का भी अपराधी है। लोगों का कहना है कि ऐसे मामलों में किसी भी प्रकार की नरमी नहीं बरती जानी चाहिए और दोषियों को कड़ी से कड़ी सजा मिलनी चाहिए।

    कई लोगों ने मांग की कि यदि जांच में आरोप सही साबित होते हैं तो दोषियों को आजीवन कारावास जैसी सख्त सजा दी जाए ताकि भविष्य में कोई भी धार्मिक संस्थानों की पवित्रता से खिलवाड़ करने का साहस न कर सके। कुछ लोगों ने कहा कि ऐसे कृत्य करने वालों को समाज में कोई स्थान नहीं मिलना चाहिए क्योंकि उन्होंने लाखों श्रद्धालुओं की भावनाओं को ठेस पहुंचाई है।

    कुछ नागरिकों ने भरोसा जताया कि मामले की निष्पक्ष जांच होगी और दोषियों के खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई की जाएगी। उनका कहना था कि धार्मिक स्थलों की पारदर्शिता और सुरक्षा सुनिश्चित करना बेहद जरूरी है ताकि श्रद्धालुओं का विश्वास बना रहे। वहीं कुछ लोगों ने पूरे मामले की निष्पक्ष और व्यापक जांच की मांग करते हुए कहा कि यदि किसी स्तर पर मिलीभगत हुई है तो उससे जुड़े सभी लोगों की जिम्मेदारी तय की जानी चाहिए।

    इस बीच जांच एजेंसियां पूरे मामले के दस्तावेजों और अन्य साक्ष्यों की पड़ताल कर रही हैं। पुलिस का कहना है कि जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी और यदि किसी अन्य व्यक्ति की संलिप्तता सामने आती है तो उसके खिलाफ भी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

    राम मंदिर देश की करोड़ों लोगों की आस्था का केंद्र है। ऐसे में चढ़ावे से जुड़ी किसी भी तरह की कथित अनियमितता को लोग बेहद गंभीरता से देख रहे हैं। आम लोगों का मानना है कि मंदिरों में आने वाले दान की पूरी प्रक्रिया पारदर्शी और जवाबदेह होनी चाहिए ताकि श्रद्धालुओं का विश्वास हमेशा कायम रहे।

  • मध्य प्रदेश बना पहला राज्य जहां वक्फ बोर्ड में शामिल हुए 2 हिंदू सदस्य, जानिए किन्हें मिली जिम्मेदारी?

    मध्य प्रदेश बना पहला राज्य जहां वक्फ बोर्ड में शामिल हुए 2 हिंदू सदस्य, जानिए किन्हें मिली जिम्मेदारी?


    भोपाल। मध्य प्रदेश की मोहन यादव सरकार ने वक्फ (संशोधन) अधिनियम-2025 के तहत राज्य वक्फ बोर्ड का पुनर्गठन करते हुए एक महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। इस नए गठन में दो हिंदू सदस्यों को भी शामिल किया गया है। इसके साथ ही मध्य प्रदेश देश का पहला ऐसा राज्य बन गया है, जहां वक्फ बोर्ड में गैर-मुस्लिम यानी हिंदू प्रतिनिधियों को जगह दी गई है। इस संबंध में आधिकारिक राजपत्र में अधिसूचना भी जारी कर दी गई है।

    बोर्ड में दो हिंदू सदस्य शामिल
    अधिकारियों के अनुसार, राज्य सरकार ने रविवार को 10 सदस्यीय मध्य प्रदेश वक्फ बोर्ड का पुनर्गठन किया। इसमें मनोज मालपानी और अनिमेश भार्गव को हिंदू सदस्य के रूप में शामिल किया गया है। बोर्ड का अध्यक्ष सनवर पटेल को नियुक्त किया गया है। नए प्रावधानों के तहत गठित यह वक्फ बोर्ड देश का पहला राज्य स्तरीय बोर्ड बन गया है जिसमें हिंदू सदस्यों को औपचारिक रूप से शामिल किया गया है।

    अधिनियम के तहत हुआ पुनर्गठन
    यह पुनर्गठन वक्फ अधिनियम-1995 (संशोधित 2025) की धारा 13(1) में दिए गए प्रावधानों के तहत किया गया है। सरकार ने धारा 14 के तहत प्रदत्त शक्तियों का उपयोग करते हुए यह नई संरचना लागू की है।

    क्या होता है वक्फ बोर्ड?
    वक्फ बोर्ड एक वैधानिक संस्था है, जो राज्य में मौजूद वक्फ संपत्तियों के प्रबंधन और संरक्षण का कार्य करती है। इसका मुख्य उद्देश्य इन संपत्तियों का रिकॉर्ड तैयार करना, उनकी निगरानी करना और यह सुनिश्चित करना है कि उनका उपयोग धार्मिक, शैक्षणिक और सामाजिक कल्याण के कार्यों में हो। साथ ही यह संस्था वक्फ संपत्तियों को अवैध कब्जों से बचाने का भी काम करती है।

    शिवपुरी में रक्षा क्षेत्र को बढ़ावा
    इसी बीच मुख्यमंत्री मोहन यादव ने शिवपुरी में एक रक्षा निर्माण इकाई का शिलान्यास भी किया। उन्होंने कहा कि अब मध्य प्रदेश में बनी मिसाइलें दुश्मनों को जवाब देने में सक्षम होंगी। यह परियोजना अडाणी समूह की सहायक कंपनी अडाणी डिफेंस एंड एयरोस्पेस द्वारा विकसित की जा रही है। करीब 2,500 करोड़ रुपये की लागत वाली इस यूनिट से लगभग 5,000 लोगों को रोजगार मिलने की उम्मीद है। इस अवसर पर केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया भी उपस्थित रहे।

  • MP में जुलाई में मानसून मेहरबान, आज 23 जिलों में आज भारी से अति भारी बारिश का अलर्ट

    MP में जुलाई में मानसून मेहरबान, आज 23 जिलों में आज भारी से अति भारी बारिश का अलर्ट


    भोपाल। मध्य प्रदेश में मानसून पूरी रफ्तार में है। जुलाई की शुरुआत से ही प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में लगातार बारिश हो रही है। अब तक राज्य में औसतन 163.1 मिमी (6.4 इंच) वर्षा रिकॉर्ड की जा चुकी है। रविवार को 20 से अधिक जिलों में अच्छी बारिश हुई, जबकि सोमवार के लिए मौसम विभाग ने 23 जिलों में भारी से अति भारी बारिश की चेतावनी जारी की है।

    मौसम केंद्र, भोपाल के अनुसार सोमवार को सागर, दमोह, बैतूल, देवास, आलीराजपुर, उमरिया, सिवनी, छिंदवाड़ा और अनूपपुर जिलों में अति भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। वहीं रतलाम, उज्जैन, धार, शाजापुर, सीहोर, विदिशा, गुना, नर्मदापुरम, नरसिंहपुर, जबलपुर, मंडला, बालाघाट, डिंडौरी और पन्ना में भारी बारिश होने की संभावना जताई गई है।

    इसके अलावा ग्वालियर, भिंड, मुरैना, दतिया, शिवपुरी, निवाड़ी, टीकमगढ़, सतना, रीवा, मऊगंज, सीधी, सिंगरौली, मैहर, शहडोल, अशोकनगर, नीमच, मंदसौर, झाबुआ, बड़वानी, खरगोन, खंडवा, बुरहानपुर, हरदा, आगर-मालवा, राजगढ़ और भोपाल में कहीं हल्की तो कहीं तेज बारिश का दौर जारी रह सकता है।

    रविवार को भी कई जिलों में जमकर बरसे बादल
    रविवार को प्रदेश के 25 से ज्यादा जिलों में अच्छी बारिश दर्ज की गई। सीहोर में दिन के समय घने बादलों के कारण अंधेरा छा गया, जबकि मंदसौर में इस मानसून सीजन में अब तक 6.04 इंच बारिश रिकॉर्ड की गई। शाजापुर में सर्वाधिक 28 मिमी वर्षा हुई, जिससे कालीसिंध नदी उफान पर पहुंच गई।

    मौसम विभाग के मुताबिक, छिंदवाड़ा में ढाई इंच से अधिक बारिश हुई। सिवनी, उज्जैन और श्योपुर में करीब पौन इंच, जबकि टीकमगढ़ और ग्वालियर में लगभग आधा इंच बारिश दर्ज की गई। इसके अलावा दतिया, गुना, इंदौर, राजगढ़, जबलपुर, मंडला, नरसिंहपुर, रीवा, सागर, सीधी, बालाघाट, शाजापुर, भिंड, विदिशा, सीहोर, मंदसौर और पांढुर्णा में भी बारिश और आंधी का असर देखने को मिला।

    तापमान में आई गिरावट
    लगातार हो रही बारिश के चलते प्रदेशभर में तापमान में भी कमी दर्ज की गई। इंदौर का अधिकतम तापमान 30.9 डिग्री सेल्सियस, भोपाल 32.2 डिग्री, उज्जैन 32.7 डिग्री, जबलपुर 34 डिग्री और ग्वालियर 37.7 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। खजुराहो सबसे गर्म रहा, जहां अधिकतम तापमान 39 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ, जबकि बैतूल में सबसे कम 27 डिग्री सेल्सियस तापमान रिकॉर्ड किया गया।

    सामान्य से 6 प्रतिशत कम बारिश
    इस वर्ष जून महीने से ही प्रदेश में आंधी और बारिश का सिलसिला जारी है। 5 जुलाई तक मध्य प्रदेश में कुल 163.1 मिमी यानी 6.4 इंच वर्षा दर्ज की गई है। हालांकि यह सामान्य औसत 172.8 मिमी (6.8 इंच) की तुलना में लगभग 6 प्रतिशत कम है। मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार प्रदेश के पूर्वी हिस्से में सामान्य से 29 प्रतिशत कम बारिश हुई है, जबकि पश्चिमी मध्य प्रदेश में औसत से 17 प्रतिशत अधिक वर्षा रिकॉर्ड की गई है।

  • मध्य प्रदेश में झमाझम बारिश का दौर जारी, 9 जिलों में अति भारी वर्षा की चेतावनी, कई रास्ते बंद

    मध्य प्रदेश में झमाझम बारिश का दौर जारी, 9 जिलों में अति भारी वर्षा की चेतावनी, कई रास्ते बंद


    मध्य प्रदेश मध्य प्रदेश में मानसून लगातार सक्रिय बना हुआ है और प्रदेश के कई हिस्सों में जोरदार बारिश का सिलसिला जारी है। रविवार सुबह छिंदवाड़ा और आसपास के क्षेत्रों में अच्छी बारिश हुई जबकि दोपहर बाद उमरिया में तेज वर्षा दर्ज की गई। श्योपुर में महज आधे घंटे की बारिश से कई दुकानों में पानी भर गया और सामान्य जनजीवन प्रभावित हो गया। राजधानी भोपाल सहित इंदौर और अन्य शहरों में भी दिनभर बादल छाए रहे।

    मौसम विभाग ने प्रदेश के आधे हिस्से में अति भारी और भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। रतलाम धार बड़वानी शाजापुर बैतूल पांढुर्णा मंडला बालाघाट और डिंडौरी जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। इन इलाकों में अत्यधिक वर्षा होने की संभावना जताई गई है।

    इसके अलावा नीमच मंदसौर आगर मालवा उज्जैन इंदौर खरगोन देवास खंडवा बुरहानपुर हरदा सीहोर नर्मदापुरम रायसेन छिंदवाड़ा सिवनी अनूपपुर कटनी पन्ना झाबुआ और अलीराजपुर समेत 20 से अधिक जिलों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। मौसम विभाग के अनुसार अगले 24 घंटे के दौरान कई स्थानों पर चार से आठ इंच तक बारिश हो सकती है।

    ग्वालियर श्योपुर मुरैना भिंड दतिया शिवपुरी गुना अशोकनगर राजगढ़ विदिशा भोपाल सागर नरसिंहपुर जबलपुर उमरिया शहडोल रीवा मऊगंज सीधी सिंगरौली सतना छतरपुर टीकमगढ़ और निवाड़ी जिलों में हल्की से मध्यम बारिश की संभावना जताई गई है।

    बीते 24 घंटों के दौरान भी प्रदेश के 30 से अधिक जिलों में बारिश दर्ज की गई। मंडला में सबसे अधिक करीब सवा दो इंच वर्षा रिकॉर्ड हुई जबकि बालाघाट में डेढ़ इंच बारिश हुई। पचमढ़ी में सवा इंच और जबलपुर में लगभग पौन इंच बारिश दर्ज की गई। राजगढ़ इंदौर खंडवा बैतूल दतिया और खरगोन में भी आधा इंच के आसपास वर्षा हुई। इसके अलावा भोपाल धार गुना नर्मदापुरम रायसेन रतलाम छिंदवाड़ा दमोह नरसिंहपुर सागर सिवनी श्योपुर शाजापुर देवास सीहोर विदिशा पन्ना और हरदा सहित कई जिलों में रुक रुककर बारिश होती रही।

    लगातार हो रही बारिश का असर जनजीवन पर भी दिखाई देने लगा है। हरदा जिले में तेज बारिश के कारण कई गांवों का संपर्क टूट गया। मांदला के पास कालीमाचक नदी का जलस्तर बढ़ने से नर्मदापुरम खंडवा हाईवे पर यातायात बाधित हो गया। वहीं खंडवा जिले के गरबड़ी गांव में नाले में बाढ़ आने से खिरकिया रोड बंद हो गया और दोनों ओर वाहनों की लंबी कतार लग गई।

    सीहोर जिले के आष्टा क्षेत्र के बापचा दोनिया गांव में दर्दनाक हादसे में दो मासूम बच्चों की डूबने से मौत हो गई। लगातार बारिश और उफनाते नदी नालों को देखते हुए प्रशासन ने लोगों से अनावश्यक यात्रा से बचने और जलभराव वाले क्षेत्रों में सावधानी बरतने की अपील की है। मौसम विभाग के अनुसार अगले चार दिनों तक प्रदेश के कई हिस्सों में बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है।

  • इंदौर में नवविवाहित युवक का संदिग्ध सुसाइड, पति-पत्नी के विवाद की जांच में जुटी पुलिस

    इंदौर में नवविवाहित युवक का संदिग्ध सुसाइड, पति-पत्नी के विवाद की जांच में जुटी पुलिस


    इंदौर । इंदौर के मल्हारगंज थाना क्षेत्र में एक 20 वर्षीय युवक द्वारा फांसी लगाकर आत्महत्या किए जाने का मामला सामने आया है। युवक ने करीब दो महीने पहले ही प्रेम विवाह किया था। शुरुआती जांच में पति-पत्नी के बीच घरेलू विवाद की बात सामने आई है, जबकि मृतक के परिजनों ने पूरे घटनाक्रम पर संदेह जताते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की है। पुलिस ने मर्ग कायम कर मामले की जांच शुरू कर दी है।

    पुलिस के अनुसार मृतक की पहचान हुजुरगंज निवासी राजू पुत्र भागीरथ वर्मा के रूप में हुई है। शनिवार शाम परिजनों को सूचना मिली कि राजू ने अपने घर में फांसी लगा ली है। सूचना मिलते ही परिवार के सदस्य मौके पर पहुंचे। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया।

    परिजनों ने बताया कि राजू ने करीब दो महीने पहले प्रेम विवाह किया था। शादी के बाद दोनों परिवार से अलग रहकर अपना वैवाहिक जीवन बिता रहे थे। राजू एक प्रिंटिंग प्रेस में नौकरी करता था और परिवार के अनुसार सामान्य जीवन जी रहा था। हालांकि शादी के बाद पति-पत्नी के बीच अक्सर विवाद होने की बात सामने आई है। परिवार के लोग कई बार दोनों के बीच समझौता कराने की कोशिश भी कर चुके थे।

    मृतक के भाई कुणाल वर्मा ने इस घटना को लेकर संदेह व्यक्त किया है। उनका कहना है कि पूरे मामले की गहराई से और निष्पक्ष जांच की जानी चाहिए ताकि मौत की वास्तविक वजह सामने आ सके। परिजनों का कहना है कि केवल आत्महत्या मानकर मामले को बंद नहीं किया जाना चाहिए और सभी परिस्थितियों की गंभीरता से जांच होनी चाहिए।

    पुलिस के मुताबिक घटनास्थल से कोई सुसाइड नोट बरामद नहीं हुआ है। ऐसे में आत्महत्या के पीछे की वजह का पता लगाने के लिए परिजनों पत्नी और अन्य संबंधित लोगों से पूछताछ की जा रही है। पुलिस मोबाइल फोन और अन्य तकनीकी पहलुओं की भी जांच कर रही है ताकि घटना से जुड़ी हर जानकारी जुटाई जा सके।

    मल्हारगंज थाना पुलिस का कहना है कि पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट मिलने के बाद मौत के कारणों को लेकर अधिक स्पष्ट तस्वीर सामने आएगी। फिलहाल पुलिस सभी संभावित पहलुओं को ध्यान में रखते हुए जांच कर रही है और जांच पूरी होने के बाद आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

  • इंदौर में सनसनी, CHMO कार्यालय के पीछे मिला युवक का शव, सिर पर पत्थर से हमले के निशान

    इंदौर में सनसनी, CHMO कार्यालय के पीछे मिला युवक का शव, सिर पर पत्थर से हमले के निशान


    इंदौर । इंदौर के सेंट्रल कोतवाली थाना क्षेत्र में रविवार सुबह उस समय सनसनी फैल गई जब मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी कार्यालय के पीछे एक अज्ञात युवक का शव बरामद हुआ। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी। प्रारंभिक जांच में युवक के सिर पर गंभीर चोट के निशान मिलने के बाद पुलिस हत्या की आशंका के तहत मामले की जांच कर रही है।

    घटना पालिका प्लाजा के पीछे स्थित मंदिर के ओटले की है जहां सुबह स्थानीय लोगों ने करीब 45 वर्षीय एक व्यक्ति को मृत अवस्था में पड़ा देखा। लोगों ने तत्काल पुलिस को सूचना दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण किया और शव को कब्जे में लेकर जांच शुरू की।

    पुलिस अधिकारियों के अनुसार मृतक के सिर पर पत्थर जैसी किसी भारी वस्तु से वार किए जाने के स्पष्ट निशान मिले हैं। शुरुआती जांच में यह आशंका जताई जा रही है कि युवक की कहीं और हत्या करने के बाद शव को इस स्थान पर लाकर फेंका गया हो सकता है। हालांकि पुलिस फिलहाल सभी संभावित पहलुओं को ध्यान में रखकर जांच कर रही है।

    मृतक की अब तक पहचान नहीं हो सकी है। पुलिस आसपास के थाना क्षेत्रों से गुमशुदा व्यक्तियों की जानकारी जुटा रही है और मृतक की शिनाख्त कराने के प्रयास किए जा रहे हैं। पहचान होने के बाद ही हत्या के पीछे की वजह और मृतक के संबंधों के बारे में अहम जानकारी सामने आ सकेगी।

    घटनास्थल और उसके आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज भी पुलिस ने खंगालना शुरू कर दिया है। जांच टीम यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि देर रात या तड़के किसी संदिग्ध व्यक्ति की गतिविधि कैमरों में कैद हुई है या नहीं। पुलिस को उम्मीद है कि फुटेज से आरोपियों तक पहुंचने में मदद मिल सकती है।

    शव को पोस्टमॉर्टम के लिए अस्पताल भेज दिया गया है। पुलिस का कहना है कि पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट आने के बाद मौत के सही कारण और घटना के समय का पता चल सकेगा। इसके बाद आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

    फिलहाल पुलिस हत्या की आशंका को ध्यान में रखते हुए तकनीकी साक्ष्यों और घटनास्थल से मिले सुरागों के आधार पर मामले की गहन जांच में जुटी हुई है।

  • भोपाल कार लूट केस में बड़ा खुलासा, FIR पर उठे सवाल, वारदात के दो घंटे बाद साथ बैठे मिले आरोपी और फरियादी

    भोपाल कार लूट केस में बड़ा खुलासा, FIR पर उठे सवाल, वारदात के दो घंटे बाद साथ बैठे मिले आरोपी और फरियादी


    भोपाल । भोपाल के कोहेफिजा थाना क्षेत्र में दर्ज कार लूट के चर्चित मामले ने अब नया मोड़ ले लिया है। शुरुआती तौर पर लूट की वारदात के रूप में दर्ज इस मामले में पुलिस जांच के दौरान ऐसे साक्ष्य सामने आए हैं जिन्होंने पूरे घटनाक्रम पर कई नए सवाल खड़े कर दिए हैं। पुलिस को फरियादी और मुख्य आरोपी के बीच पैसों के लेनदेन से जुड़ी चैट मिली है। इसके साथ ही एक ऐसा सीसीटीवी फुटेज भी सामने आया है जिसमें एफआईआर में दर्ज लूट के समय से करीब दो घंटे बाद आरोपी और फरियादी एक ही ढाबे पर साथ बैठे दिखाई दे रहे हैं।

    पुलिस के अनुसार पंचवटी कॉलोनी निवासी 27 वर्षीय सौरव सीतलानी ने शिकायत दर्ज कराई थी कि उसके परिचित आदित्य शर्मा उर्फ छोटू ने उसे परवलिया स्थित एक ढाबे पर बुलाया था। वहां आदित्य के साथ बाबर उर्फ मंडी मुईन और बुशरान भी मौजूद थे। खाना खाने के बाद सभी लोग सौरव की टाटा टियागो कार से भोपाल लौट रहे थे। आरोप है कि मनुआभान टेकरी के पास आदित्य ने दोस्त से मिलने का बहाना बनाकर कार रुकवाई और इसके बाद चारों ने मारपीट कर कार लूट ली।

    हालांकि जांच के दौरान सामने आए सीसीटीवी फुटेज ने इस कहानी पर सवाल खड़े कर दिए हैं। फुटेज के अनुसार लूट की कथित वारदात के लगभग दो घंटे बाद सभी लोग परवलिया रोड स्थित उसी ढाबे पर एक साथ बैठे दिखाई दे रहे हैं। अब पुलिस यह भी जांच कर रही है कि सीसीटीवी में दर्ज समय सही है या किसी तकनीकी कारण से उसमें गड़बड़ी है। इसके लिए ढाबा संचालक से भी पूछताछ की जाएगी।

    जांच में फरियादी और मुख्य आरोपी के बीच हुई चैट भी पुलिस के हाथ लगी है जिसमें पैसों के लेनदेन का जिक्र है। इससे यह आशंका भी जताई जा रही है कि मामला केवल कार लूट का नहीं बल्कि आर्थिक विवाद से भी जुड़ा हो सकता है। पुलिस अब इस पहलू की भी गहराई से जांच कर रही है।

    जांच के दौरान एक और महत्वपूर्ण तथ्य सामने आया है। पुलिस के अनुसार फरियादी पहले एक मोबाइल एप के माध्यम से ऑनलाइन सट्टा संचालन से जुड़ा रहा है और इस मामले में उसे राजस्थान पुलिस पहले गिरफ्तार भी कर चुकी है। पुलिस को यह जानकारी भी मिली है कि आरोपी भी उसी नेटवर्क से जुड़े हो सकते हैं। इसी वजह से अब पूरे मामले में सट्टा कनेक्शन की भी जांच की जा रही है।

    फिलहाल पुलिस ने दो आरोपियों बुशरान और मुईन को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है जबकि मुख्य आरोपी आदित्य समेत अन्य फरार आरोपियों की तलाश जारी है। लूटी गई टाटा टियागो कार भी अभी तक बरामद नहीं हो सकी है। पुलिस तकनीकी साक्ष्यों मोबाइल चैट सीसीटीवी फुटेज और कॉल डिटेल के आधार पर पूरे घटनाक्रम की कड़ियां जोड़ने में जुटी हुई है।

    कोहेफिजा थाना प्रभारी लोकेंद्र सिंह ठाकुर का कहना है कि फरियादी का पुराना रिकॉर्ड सामने आया है लेकिन शुरुआती जांच में यह स्पष्ट हुआ है कि उसके साथ मारपीट हुई और कार भी छीनी गई। उन्होंने बताया कि फरार आरोपियों की तलाश जारी है और सभी पहलुओं की निष्पक्ष जांच के बाद आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।