Category: Madhya Pradesh

  • सतना में खाद बिक्री में गड़बड़ी का आरोप, किसान से ज्यादा वसूले पैसे

    सतना में खाद बिक्री में गड़बड़ी का आरोप, किसान से ज्यादा वसूले पैसे


    सतना । सतना जिले के रामपुर बाघेलान क्षेत्र में यूरिया खाद की कालाबाजारी का मामला सामने आने के बाद हड़कंप मच गया है। रिमार गांव स्थित मां वैष्णों एसोसिएट खाद केंद्र पर किसानों से निर्धारित सरकारी दर से अधिक कीमत वसूलने के आरोप लगे हैं। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद प्रशासनिक हलकों में भी हलचल बढ़ गई है।

    जानकारी के अनुसार किसान शिवाकांत शुक्ला ने खाद वितरण में गड़बड़ी का आरोप लगाते हुए वीडियो साझा किया है। शिवाकांत का कहना है कि उन्होंने अपने नाम से 20 बोरी और सुनीता शुक्ला के नाम से 4 बोरी यूरिया खाद के लिए स्लॉट बुक कराया था। जब वह खाद लेने दुकान पहुंचे तो पहले उनसे ओटीपी लिया गया और बाद में प्रति बोरी 310 रुपए की मांग की गई।

    किसान का आरोप है कि यूरिया खाद की सरकारी निर्धारित कीमत 266 रुपए प्रति बोरी है, लेकिन दुकान संचालक अधिक राशि वसूल रहा था। जब उन्होंने अतिरिक्त पैसे देने से इनकार किया, तो विवाद बढ़ गया। शिवाकांत शुक्ला ने आरोप लगाया कि उन्होंने जब इस पूरे घटनाक्रम का वीडियो बनाना शुरू किया तो दुकान संचालक नाराज हो गया और कथित तौर पर मारपीट की कोशिश करते हुए दबाव बनाने लगा।

    घटना के बाद किसान ने अनुविभागीय अधिकारी यानी एसडीएम को लिखित शिकायत सौंपकर मामले में कार्रवाई की मांग की है। शिकायत में खाद केंद्र संचालक पर ओवररेटिंग और किसानों को परेशान करने के आरोप लगाए गए हैं।

    इस मामले के सामने आने के बाद क्षेत्र के अन्य किसानों में भी नाराजगी बढ़ गई है। किसानों का कहना है कि खेती के सीजन में खाद की मांग बढ़ने के साथ ही कई दुकानों पर ओवररेटिंग और कालाबाजारी की शिकायतें लगातार सामने आ रही हैं। इसके बावजूद जिम्मेदार विभागीय अधिकारी प्रभावी कार्रवाई नहीं कर रहे, जिससे किसानों को मजबूरी में महंगे दामों पर खाद खरीदना पड़ रहा है।

    किसानों ने प्रशासन से मांग की है कि खाद की बिक्री पर सख्त निगरानी रखी जाए और सरकारी दर से ज्यादा कीमत वसूलने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए। वहीं वीडियो वायरल होने के बाद प्रशासनिक अधिकारियों ने मामले की जांच के संकेत दिए हैं।

    फिलहाल पूरे मामले को लेकर क्षेत्र में चर्चा का माहौल बना हुआ है और किसान प्रशासन की कार्रवाई का इंतजार कर रहे हैं। यदि आरोप सही पाए जाते हैं, तो संबंधित खाद केंद्र संचालक पर कानूनी कार्रवाई हो सकती है।

  • लाइन में खड़ी महिला एजेंट बनी शिकार, पोस्ट ऑफिस में चोरों ने लगाया लाखों पर हाथ

    लाइन में खड़ी महिला एजेंट बनी शिकार, पोस्ट ऑफिस में चोरों ने लगाया लाखों पर हाथ


    सतना । सतना के मुख्य डाकघर में शुक्रवार दोपहर दिनदहाड़े चोरी की बड़ी वारदात सामने आई। भीड़भाड़ के बीच अज्ञात चोरों ने एक महिला डाक अभिकर्ता के बैग को ब्लेड से काटकर उसमें रखे 77 हजार रुपए पार कर दिए। घटना के बाद डाकघर परिसर में हड़कंप मच गया और सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।

    पीड़ित महिला कंचन अग्रवाल ने इस संबंध में सिटी कोतवाली पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है। कंचन अग्रवाल डालीबाबा पंजाबी मोहल्ला की रहने वाली हैं और डाक अभिकर्ता के रूप में कार्य करती हैं।

    जानकारी के अनुसार शुक्रवार दोपहर करीब 1 बजे कंचन अग्रवाल Bank of India से 86 हजार रुपए निकालकर जयस्तंभ चौक स्थित मुख्य डाकघर पहुंचीं थीं। उनके बैग में पूरी रकम रखी हुई थी। डाकघर में वह 7 हजार रुपए जमा करने के लिए लाइन में खड़ी थीं। इसी दौरान भीड़ का फायदा उठाकर किसी अज्ञात व्यक्ति ने उनके बैग में ब्लेड से चीरा लगा दिया और उसमें से 77 हजार रुपए निकाल लिए।

    कुछ देर बाद जब कंचन अग्रवाल ने अपना बैग देखा तो उसमें रखी नकदी गायब थी। बैग कटा हुआ देखकर उनके होश उड़ गए। घटना की जानकारी मिलते ही डाकघर कर्मचारियों और अधिकारियों में अफरा-तफरी मच गई। तुरंत परिसर में लगे सीसीटीवी कैमरों की जांच शुरू की गई।

    प्रारंभिक जांच में दो महिलाओं की गतिविधियां संदिग्ध नजर आई हैं। पुलिस को आशंका है कि चोरी की वारदात में इन महिलाओं का हाथ हो सकता है। हालांकि अब तक उनकी पहचान आधिकारिक रूप से नहीं हो सकी है। पुलिस सीसीटीवी फुटेज के आधार पर संदिग्धों की तलाश में जुटी हुई है।

    स्थानीय लोगों का कहना है कि मुख्य डाकघर परिसर में इस तरह की घटनाएं पहले भी सामने आ चुकी हैं। बावजूद इसके सुरक्षा व्यवस्था मजबूत नहीं की गई। भीड़भाड़ वाले स्थानों पर सक्रिय गिरोह महिलाओं और बुजुर्गों को निशाना बना रहे हैं। घटना के बाद लोगों ने डाकघर परिसर में सुरक्षा बढ़ाने और संदिग्ध गतिविधियों पर निगरानी रखने की मांग की है।

    फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है और सीसीटीवी फुटेज के जरिए आरोपियों तक पहुंचने का प्रयास किया जा रहा है। अधिकारियों का कहना है कि जल्द ही संदिग्ध महिलाओं की पहचान कर कार्रवाई की जाएगी।

  • हाईवे पर मिली लाश ने बढ़ाई दहशत, हत्या के बाद शव फेंकने की आशंका

    हाईवे पर मिली लाश ने बढ़ाई दहशत, हत्या के बाद शव फेंकने की आशंका


    सागर । सागर जिले के राहतगढ़ थाना क्षेत्र में हाईवे किनारे महिला का शव मिलने से इलाके में सनसनी फैल गई। ग्राम बेरखेड़ी के पास सड़क किनारे पड़ा शव चादर में लिपटा हुआ था। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और घटनास्थल का निरीक्षण कर शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए अस्पताल भेज दिया। प्रारंभिक जांच में मामला हत्या का प्रतीत हो रहा है।

    जानकारी के अनुसार गुरुवार शाम राहगीरों ने हाईवे किनारे संदिग्ध हालत में शव पड़े होने की सूचना पुलिस को दी थी। मौके पर पहुंची पुलिस ने देखा कि महिला का शव चादर में लिपटा हुआ था और उसकी हालत बेहद खराब हो चुकी थी। पुलिस के मुताबिक शव करीब तीन दिन पुराना बताया जा रहा है, जिसके कारण मृतका की पहचान नहीं हो सकी है। महिला की उम्र लगभग 30 से 35 वर्ष के बीच बताई जा रही है।

    पुलिस जांच में सामने आया है कि महिला के हाथ और पैरों में चांदी जैसे आभूषण पहने हुए थे। शव मिलने की स्थिति को देखते हुए आशंका जताई जा रही है कि महिला की हत्या कहीं और की गई और बाद में शव को चादर में लपेटकर हाईवे किनारे फेंक दिया गया। घटना के बाद इलाके में दहशत का माहौल बना हुआ है और लोग तरह-तरह की चर्चाएं कर रहे हैं।

    पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए अस्पताल भेजा, जहां शुक्रवार को डॉक्टरों के पैनल द्वारा पोस्टमार्टम किया गया। अधिकारियों का कहना है कि पीएम रिपोर्ट आने के बाद मौत के कारणों का स्पष्ट खुलासा हो सकेगा। फिलहाल पुलिस हत्या समेत सभी संभावित पहलुओं को ध्यान में रखते हुए जांच कर रही है।

    मुकेश सिंह ने बताया कि मृतका की पहचान के लिए आसपास के थानों से गुमशुदगी की जानकारी जुटाई जा रही है। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि महिला कहां की रहने वाली थी और किन परिस्थितियों में उसकी मौत हुई। साथ ही हाईवे और आसपास के इलाकों में लगे सीसीटीवी कैमरों की भी जांच की जा रही है ताकि शव यहां लाने वालों का सुराग मिल सके।

    फिलहाल पुलिस ने मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच के बाद ही पूरे मामले का खुलासा हो सकेगा। वहीं हाईवे किनारे महिला का शव मिलने से स्थानीय लोगों में भय और चिंता का माहौल बना हुआ है।

  • सागर में सड़क किनारे मिला युवक का शव, नाक-मुंह से खून बहने पर हत्या की आशंका

    सागर में सड़क किनारे मिला युवक का शव, नाक-मुंह से खून बहने पर हत्या की आशंका


    सागर । सागर जिले के बहेरिया थाना क्षेत्र में शुक्रवार सुबह उस समय सनसनी फैल गई, जब सड़क किनारे झाड़ियों के बीच एक युवक का शव संदिग्ध परिस्थितियों में पड़ा मिला। मृतक की पहचान बरारू गांव निवासी 31 वर्षीय अमित पटेल के रूप में हुई है। युवक के नाक और मुंह से खून बहता देख परिजनों ने हत्या की आशंका जताई है। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।

    जानकारी के अनुसार अमित गुरुवार रात करीब 8 बजे घर से निकला था। परिजनों के मुताबिक उसने यह नहीं बताया था कि वह कहां जा रहा है और किसके साथ है। देर रात तक घर वापस नहीं लौटने पर परिवार के लोग चिंतित हो गए थे। शुक्रवार सुबह अचानक सूचना मिली कि मुनमुन ढाबे के सामने सड़क किनारे झाड़ियों में उसका शव पड़ा हुआ है। खबर मिलते ही परिवार में मातम छा गया और परिजन तुरंत मौके पर पहुंचे।

    घटनास्थल पर पहुंचे परिजनों ने देखा कि अमित के नाक और मुंह से खून बह रहा था। मृतक के चाचा बैजनाथ पटेल ने आशंका जताई कि अमित का किसी से विवाद हुआ होगा और उसके बाद उसकी हत्या कर शव सड़क किनारे फेंक दिया गया। परिजनों का कहना है कि युवक के शरीर पर चोट के निशान और खून बहने की स्थिति सामान्य हादसे जैसी नहीं लग रही। उन्होंने पुलिस से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों को जल्द गिरफ्तार करने की मांग की है।

    घटना के बाद इलाके में लोगों की भीड़ जमा हो गई। सड़क किनारे युवक का शव मिलने से आसपास के क्षेत्र में दहशत और चर्चा का माहौल बना रहा। पुलिस ने मौके का निरीक्षण कर आसपास के लोगों से पूछताछ शुरू कर दी है। प्रारंभिक जांच में पुलिस हर पहलू को ध्यान में रखकर मामले की पड़ताल कर रही है।

    पुलिस का कहना है कि मौत की असली वजह पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी। पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया है। मामले में आगे की जानकारी लेने के लिए बहेरिया थाने का प्रभार संभाल रहे एसआई विद्यानंद यादव से संपर्क करने की कोशिश की गई, लेकिन उन्होंने फोन रिसीव नहीं किया।

    फिलहाल पुलिस हादसा, विवाद और हत्या समेत सभी संभावित पहलुओं को ध्यान में रखते हुए जांच कर रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही यह साफ हो सकेगा कि युवक की मौत दुर्घटना से हुई या उसके पीछे कोई आपराधिक साजिश है।

  • बिजली-पानी संकट पर कांग्रेस का अनोखा प्रदर्शन, मटका लेकर पहुंचे कार्यकर्ता

    बिजली-पानी संकट पर कांग्रेस का अनोखा प्रदर्शन, मटका लेकर पहुंचे कार्यकर्ता


    सागर । सागर जिले के देवरी में शुक्रवार को अघोषित बिजली कटौती और गहराते जलसंकट को लेकर कांग्रेस ने जोरदार प्रदर्शन किया। कांग्रेस कार्यकर्ता सिर पर मटका रखकर पैदल रैली निकालते हुए बिजली कंपनी कार्यालय पहुंचे और सरकार तथा विभागीय अधिकारियों के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। प्रदर्शन के बाद कांग्रेस नेताओं ने तहसीलदार प्रीति रानी चौरसिया को ज्ञापन सौंपते हुए समस्याओं के जल्द समाधान की मांग की।

    कांग्रेस नेताओं का आरोप है कि देवरी क्षेत्र में लगातार बिना सूचना बिजली कटौती की जा रही है, जिससे आमजन का जीवन बुरी तरह प्रभावित हो रहा है। नौतपा और भीषण गर्मी के बीच घंटों बिजली बंद रहने से लोग परेशान हैं। उन्होंने कहा कि बिजली कंपनी के अधिकारी लापरवाही बरत रहे हैं और शिकायतों के बावजूद स्थिति में कोई सुधार नहीं हो रहा।

    प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने बढ़े हुए और आंकलित बिजली बिलों का मुद्दा भी उठाया। नेताओं का कहना था कि एक तरफ लोगों को पर्याप्त बिजली नहीं मिल रही, दूसरी तरफ मनमाने बिल भेजकर आर्थिक बोझ बढ़ाया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि बिजली संकट के कारण किसानों की सिंचाई व्यवस्था भी प्रभावित हो रही है, जिससे खेती-किसानी पर संकट गहराने लगा है।

    जलसंकट को लेकर कांग्रेस ने देवरी नगर पालिका परिषद पर भी गंभीर आरोप लगाए। नेताओं ने कहा कि नगर पालिका की लापरवाही के कारण कई वार्डों में नियमित पेयजल आपूर्ति नहीं हो पा रही है। लोगों को पानी के लिए घंटों इंतजार करना पड़ रहा है और कई इलाकों में स्थिति बेहद खराब हो चुकी है। प्रदर्शन में शामिल महिलाओं और स्थानीय नागरिकों ने भी पानी की समस्या को लेकर नाराजगी जताई।

    कांग्रेस नेताओं ने प्रदर्शन के दौरान भ्रष्टाचार और कानून व्यवस्था के मुद्दे भी उठाए। उनका कहना था कि प्रशासन आम जनता की समस्याओं के प्रति संवेदनहीन बना हुआ है। नेताओं ने चेतावनी दी कि यदि जल्द बिजली और पानी की समस्या का समाधान नहीं किया गया, तो कांग्रेस और बड़ा तथा उग्र आंदोलन करेगी।

    प्रदर्शन में पूर्व मंत्री हर्ष यादव, गजेंद्र गुरु सहित बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता और स्थानीय नागरिक शामिल रहे। पूरे प्रदर्शन के दौरान प्रशासनिक अमला सतर्क नजर आया।

    क्षेत्र में लगातार बढ़ रही बिजली और पानी की समस्या को लेकर लोगों में भी नाराजगी बढ़ती जा रही है। अब देखना होगा कि प्रशासन और संबंधित विभाग इस विरोध प्रदर्शन के बाद समस्याओं के समाधान के लिए क्या कदम उठाते हैं।

  • केदारनाथ पैदल मार्ग पर भटके बुजुर्ग दंपती, अलर्ट पुलिस ने सकुशल किया रेस्क्यू

    केदारनाथ पैदल मार्ग पर भटके बुजुर्ग दंपती, अलर्ट पुलिस ने सकुशल किया रेस्क्यू


    नई दिल्ली । केदारनाथ मंदिर यात्रा के दौरान भारी भीड़ और नेटवर्क कनेक्टिविटी की समस्या के चलते श्रद्धालुओं के बिछड़ने की घटनाएं लगातार सामने आ रही हैं। इसी बीच रीवा से दर्शन करने पहुंचे एक बुजुर्ग दंपती के पैदल मार्ग पर लापता होने से हड़कंप मच गया। हालांकि राहत की बात यह रही कि पुलिस और प्रशासन की सक्रियता से देर रात दोनों को सकुशल ढूंढ लिया गया और उनके परिजनों से मिला दिया गया।

    जानकारी के अनुसार रीवा निवासी अखिलेश तिवारी और उनकी पत्नी सत्यवती बुधवार सुबह करीब 9 बजे बाबा केदार के दर्शन करने के बाद वापस लौट रहे थे। यात्रा मार्ग पर अत्यधिक भीड़ और मोबाइल नेटवर्क की समस्या के चलते दोनों अपने परिजनों से बिछड़ गए। देर रात तक उनके गौरीकुंड नहीं पहुंचने पर परिवार के लोगों की चिंता बढ़ गई और उन्होंने तुरंत पुलिस को सूचना दी।

    सूचना मिलते ही रुद्रप्रयाग जिला प्रशासन और पुलिस हरकत में आ गई। केदारनाथ पैदल मार्ग पर तैनात सभी सेक्टर अधिकारियों, चौकियों और सुरक्षा कर्मियों को अलर्ट जारी किया गया। इसके बाद पूरी रात सर्च अभियान चलाया गया। पुलिस और प्रशासनिक टीमों ने अलग-अलग स्थानों पर तलाश शुरू की ताकि दंपती का जल्द पता लगाया जा सके।

    जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी नंदन सिंह राजवार ने बताया कि देर रात करीब 11:30 बजे दोनों बुजुर्गों को सुरक्षित ढूंढ लिया गया। इसके बाद उन्हें उनके परिजनों से मिलाया गया। दंपती के सुरक्षित मिलने के बाद परिवार ने राहत की सांस ली और प्रशासन का आभार जताया।

    केदारनाथ यात्रा में इस समय बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंच रहे हैं, जिसके कारण पैदल मार्ग पर भारी भीड़ बनी हुई है। साथ ही कई स्थानों पर मोबाइल नेटवर्क कमजोर होने से यात्रियों को संपर्क में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। प्रशासन लगातार यात्रियों से अपील कर रहा है कि वे समूह से अलग न हों और यात्रा के दौरान सतर्कता बनाए रखें।

    इस घटना ने एक बार फिर यात्रा मार्ग पर सुरक्षा और समन्वय की अहमियत को उजागर किया है। समय रहते प्रशासन की सक्रियता और पुलिस की तत्परता से एक बड़ा हादसा टल गया।

  • सोशल मीडिया स्टार पर गंभीर आरोप, सरेंडर के बाद बढ़ी हलचल

    सोशल मीडिया स्टार पर गंभीर आरोप, सरेंडर के बाद बढ़ी हलचल


    नई दिल्ली । रीवा में सोशल मीडिया पर ब्राह्मण समाज के खिलाफ कथित आपत्तिजनक टिप्पणी के मामले ने तूल पकड़ लिया है। इस मामले में आरोपी यूट्यूबर मनीष पटेल के समर्थन में शुक्रवार को बड़ी संख्या में लोग एसपी कार्यालय पहुंच गए। प्रदर्शनकारियों ने पुलिस कार्रवाई के खिलाफ नारेबाजी की और मामले की निष्पक्ष जांच की मांग उठाई। इस दौरान एसपी कार्यालय परिसर में कुछ समय के लिए तनाव की स्थिति बन गई, हालांकि मौके पर मौजूद पुलिस बल ने हालात को नियंत्रित रखा।

    समर्थकों का आरोप था कि पुलिस की कार्रवाई एकतरफा तरीके से की जा रही है और पूरे मामले की दोबारा समीक्षा होनी चाहिए। प्रदर्शन में शामिल लोगों का कहना था कि आरोपी को बिना निष्पक्ष जांच के निशाना बनाया जा रहा है। हालांकि पुलिस अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि कार्रवाई कानून और दर्ज मामलों के आधार पर की जा रही है।

    पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार मनीष पटेल के खिलाफ अलग-अलग थानों में कुल छह मामले दर्ज हैं। इनमें विश्वविद्यालय थाना क्षेत्र में तीन प्रकरण, सिविल लाइन थाने में एक मामला और समान थाने में एक अन्य मामला शामिल है। इसके अलावा सिविल लाइन थाने में उसके खिलाफ आईटी एक्ट के तहत भी केस दर्ज किया गया है। पुलिस का कहना है कि आरोपी मोबाइल लूट के एक मामले में स्थायी वारंटी भी रहा है।

    सिविल लाइन थाना प्रभारी विजय सिंह के अनुसार आरोपी के खिलाफ वर्ष 2016 में चोरी का मामला दर्ज हुआ था। वहीं विश्वविद्यालय थाने में उसी वर्ष चोरी, लूट और मारपीट के अलग-अलग मामलों में प्रकरण कायम किए गए थे। समान थाने में भी उसके खिलाफ चोरी का मामला दर्ज बताया गया है।

    पुलिस अधिकारियों का कहना है कि आरोपी से जुड़े पुराने और वर्तमान सभी मामलों की एक साथ जांच की जा रही है। जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। पुलिस ने यह भी स्पष्ट किया कि कानून व्यवस्था बिगाड़ने की कोशिश करने वालों पर भी नजर रखी जा रही है।

    इधर, पूरे मामले को लेकर सोशल मीडिया पर बहस तेज हो गई है। एक पक्ष पुलिस कार्रवाई को सही ठहरा रहा है और सख्त कार्रवाई की मांग कर रहा है, जबकि दूसरा पक्ष कार्रवाई की निष्पक्षता पर सवाल उठा रहा है। मामले ने अब सामाजिक और राजनीतिक रंग लेना भी शुरू कर दिया है।

    फिलहाल पुलिस स्थिति पर नजर बनाए हुए है और किसी भी तरह की अप्रिय घटना को रोकने के लिए सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी गई है। आरोपी को सरेंडर के बाद न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया।

  • मौसम साफ फिर भी शहर अंधेरे में डूबा, MPEB ऑफिस बंद मिला

    मौसम साफ फिर भी शहर अंधेरे में डूबा, MPEB ऑफिस बंद मिला


    नई दिल्ली । रीवा शहर में गुरुवार रात बिजली व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई। नौतपा की भीषण गर्मी और करीब 44 डिग्री तापमान के बीच घंटों बिजली गुल रहने से लोगों की रात भारी परेशानी में गुजरी। हालात इतने खराब रहे कि नगर निगम अध्यक्ष व्यंकटेश पांडेय के बंगले और उनके मोहल्ले तक में रात 10 बजे से गई बिजली सुबह तक वापस नहीं आई। उमस और गर्मी से परेशान लोग पूरी रात छतों, गलियों और सड़कों पर समय बिताने को मजबूर हो गए। खास बात यह रही कि शहर में कहीं भी आंधी या तूफान जैसी स्थिति नहीं थी, फिर भी बिजली आपूर्ति ठप रही।

    शहर के पड़रा, समान, ढेकहा, अमहिया, सिरमौर चौराहा, बिछिया, विश्वविद्यालय रोड और पुरानी बस्ती सहित कई इलाकों में या तो बार-बार ट्रिपिंग होती रही या पूरी रात बिजली सप्लाई बहाल ही नहीं हो सकी। लगातार कटौती के कारण लोगों के घरों में लगे इन्वर्टर भी जवाब दे गए। बिजली नहीं होने से पानी की मोटरें बंद रहीं और सुबह तक कई इलाकों में जल संकट की स्थिति बन गई। लोगों को पीने के पानी तक के लिए परेशान होना पड़ा।

    बिजली संकट के बीच विद्युत विभाग का रवैया भी लोगों के गुस्से का कारण बना। उपभोक्ता लगातार हेल्पलाइन नंबर पर फोन करते रहे, लेकिन वहां से सिर्फ संबंधित जेई से संपर्क करने की सलाह दी जाती रही। लोगों का आरोप है कि संबंधित जूनियर इंजीनियर का मोबाइल पूरी रात स्विच ऑफ रहा। रात करीब 12 बजे जब मीडिया टीम ने MPEB कार्यालय का जायजा लिया तो वहां ताला लगा मिला। मौके पर कोई जिम्मेदार अधिकारी या कर्मचारी मौजूद नहीं था। इससे नाराज लोग दफ्तर के बाहर ही विभागीय अधिकारियों के खिलाफ गुस्सा जाहिर करते नजर आए।

    स्थानीय लोगों ने बिजली विभाग की कार्यशैली पर गंभीर सवाल उठाए हैं। समान निवासी राजेश तिवारी ने बताया कि भीषण गर्मी के कारण पूरा परिवार रातभर छत पर बैठा रहा। अमहिया निवासी पूजा मिश्रा ने कहा कि उमस से छोटे बच्चे पूरी रात रोते रहे, लेकिन बिजली बहाल नहीं हुई। ढेकहा के मोहम्मद आरिफ का कहना है कि नौतपा जैसी स्थिति में इतनी लंबी बिजली कटौती लोगों के लिए जानलेवा साबित हो सकती है। वहीं बिछिया निवासी संगीता पटेल ने बताया कि रातभर बिजली न होने के कारण सुबह पानी की मोटर नहीं चल सकी और घरों में पानी खत्म हो गया।

    अब तक इस पूरे मामले में बिजली विभाग की ओर से कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। दूसरी तरफ नागरिकों का कहना है कि जब नगर निगम अध्यक्ष के इलाके तक में पूरी रात अंधेरा छाया रहा, तो आम लोगों की परेशानी का अंदाजा आसानी से लगाया जा सकता है। शहरवासियों ने बिजली व्यवस्था में तत्काल सुधार और लापरवाह अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।

  • कोतवाली पुलिस का एक्शन: स्मैक के साथ आरोपी दबोचा, पुराना अपराधी भी निकला तस्कर

    कोतवाली पुलिस का एक्शन: स्मैक के साथ आरोपी दबोचा, पुराना अपराधी भी निकला तस्कर


    शिवपुरी । शिवपुरी जिले में पुलिस ने नशे के कारोबार के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए एक स्मैक तस्कर को गिरफ्तार किया है। कोतवाली पुलिस ने आरोपी के कब्जे से भारी मात्रा में स्मैक और एक स्विफ्ट कार जब्त की है, जिसकी कुल कीमत लाखों रुपये आंकी गई है।

    जानकारी के अनुसार, पुलिस को सूचना मिली थी कि मेडिकल कॉलेज शिवपुरी के सामने कच्चे रास्ते पर एक युवक स्मैक बेचने की फिराक में खड़ा है। सूचना के आधार पर पुलिस टीम मौके पर पहुंची, जहां एक व्यक्ति बिना नंबर की स्विफ्ट कार के पास संदिग्ध हालत में खड़ा मिला। पुलिस को देखते ही वह भागने लगा, लेकिन घेराबंदी कर उसे पकड़ लिया गया।

    तलाशी के दौरान आरोपी के पास से 33.87 ग्राम स्मैक बरामद हुई, जिसकी बाजार कीमत करीब 6 लाख रुपये बताई जा रही है। इसके साथ ही पुलिस ने स्विफ्ट कार भी जब्त कर ली, जिससे बरामद सामग्री की कुल कीमत लगभग 14 लाख रुपये आंकी गई है।

    आरोपी की पहचान हफीज पुत्र रफीक मोहम्मद (38 वर्ष) निवासी हिम्मतगढ़, थाना पनिहार, जिला ग्वालियर के रूप में हुई है। पूछताछ में सामने आया कि आरोपी वर्तमान में ग्वालियर के गोल पहाड़िया क्षेत्र में रह रहा था।

    कोतवाली थाना प्रभारी के अनुसार, आरोपी के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर लिया गया है और न्यायालय में पेश किया गया है।

    पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक, आरोपी पहले भी स्मैक तस्करी के मामलों में गिरफ्तार होकर जेल जा चुका है। उसके खिलाफ मारपीट का भी एक मामला दर्ज है। इस वजह से पुलिस इसे आदतन अपराधी मानकर जांच को आगे बढ़ा रही है।

    फिलहाल पुलिस आरोपी से उसके सप्लायर और पूरे नेटवर्क के बारे में गहन पूछताछ कर रही है, ताकि नशे के इस रैकेट की जड़ तक पहुंचा जा सके

  • ‘छोटी सर्जरी’ बनी जिंदगी का संकट: ऑपरेशन के बाद कोमा में इंजीनियर, अस्पताल पर गंभीर सवाल

    ‘छोटी सर्जरी’ बनी जिंदगी का संकट: ऑपरेशन के बाद कोमा में इंजीनियर, अस्पताल पर गंभीर सवाल


    मध्यप्रदेश। मध्यप्रदेश के बालाघाट जिले से एक गंभीर मेडिकल मामला सामने आया है, जहां एक मामूली चोट के इलाज के दौरान 36 वर्षीय सिविल इंजीनियर विवेक तिरपुड़े कोमा में चले गए। घटना के बाद परिवार ने अस्पताल पर गंभीर लापरवाही का आरोप लगाया है, जबकि अस्पताल प्रबंधन ने मरीज के ड्रग एडिक्ट होने का दावा किया है।

    जानकारी के अनुसार, 10 फरवरी को स्कूटी स्लिप होने के बाद विवेक को हाथ की उंगली में चोट आई थी। स्थानीय अस्पताल में जांच के बाद उनके हाथ की एक हड्डी में फ्रैक्चर पाया गया, जिसके बाद डॉक्टरों ने प्लास्टर कर दिया। परिजनों के मुताबिक, इसके बाद डॉक्टरों ने तेजी से रिकवरी के लिए एक छोटी सर्जरी की सलाह दी और भरोसा दिलाया कि प्रक्रिया में कोई जोखिम नहीं है।

    परिवार का आरोप है कि सर्जरी के दौरान एनेस्थीसिया प्रक्रिया में गंभीर गड़बड़ी हुई, जिसके चलते सांस की नली की ट्यूब गलत स्थान पर चली गई और ब्रेन तक ऑक्सीजन की आपूर्ति बाधित हो गई। इसी घटना के बाद मरीज की हालत बिगड़ती गई और वह कोमा में चले गए। पिछले लगभग 100 दिनों से विवेक बेहोशी की हालत में हैं।

    परिजन लगातार अलग-अलग अस्पतालों में इलाज के लिए भटक रहे हैं और अब तक इलाज पर लगभग 50 लाख रुपये खर्च हो चुके हैं। परिवार का कहना है कि उन्हें शुरुआत में बताया गया था कि यह एक सामान्य और सुरक्षित प्रक्रिया है, लेकिन परिणाम बेहद गंभीर निकले।

    पीड़ित परिवार ने यह भी आरोप लगाया है कि अस्पताल में इमरजेंसी सुविधाओं और विशेषज्ञ डॉक्टरों की कमी थी, जिसके बावजूद सर्जरी की गई। मामले में पुलिस में शिकायत दर्ज की गई है और मेडिकल काउंसिल भी जांच कर रही है।

    वहीं अस्पताल प्रबंधन ने सभी आरोपों को खारिज किया है। डायरेक्टर का कहना है कि मरीज ड्रग एडिक्ट था और शराब का सेवन करता था, जिसके कारण एनेस्थीसिया का असर सही तरह से नहीं हुआ। अस्पताल ने लापरवाही के आरोपों से इनकार किया है।

    इस मामले में डॉक्टरों की अलग-अलग सफाई भी सामने आई है, जिसमें दावा किया गया है कि सर्जरी शुरू होने से पहले ही मरीज की स्थिति बिगड़ गई थी।

    फिलहाल यह मामला जांच के दायरे में है और मेडिकल लापरवाही के आरोपों को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। परिजन न्याय और जिम्मेदारी तय करने की मांग कर रहे हैं।