Category: Madhya Pradesh

  • MP: शिवपुरी में 1.24 करोड़ के सरकारी भवन में पड़ी दरारें, महज 18 दिन पहले किया था उद्घाटन

    MP: शिवपुरी में 1.24 करोड़ के सरकारी भवन में पड़ी दरारें, महज 18 दिन पहले किया था उद्घाटन


    शिवपुरी।
    मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) के शिवपुरी जिले (Shivpuri district) के खनियाधाना (Khaniadhana) में विकास और निर्माण कार्यों की पोल खोलने वाली एक तस्वीर सामने आई है. जिस इमारत पर 1 करोड़ 24 लाख रुपया खर्च किया गया, वह उद्घाटन के महज 18 दिन के भीतर ही जर्जर हालत में पहुंच गई है। खनियाधाना से बामोरकलां में शिफ्ट होने वाली नवनिर्मित उप तहसील की इस बिल्डिंग (Newly constructed sub-tehsil building) में जगह-जगह गहरी दरारें उभर आई हैं, जिससे स्थानीय ग्रामीणों और किसानों में भारी आक्रोश व्याप्त है।

    बीती 31 अगस्त को केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया और पिछोर विधानसभा क्षेत्र के विधायक प्रीतम सिंह लोधी ने बड़े ही उत्साह के साथ बामोरकलां नई उप तहसील भवन का लोकार्पण किया था. इस भवन के निर्माण को लेकर केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने मंच से तारीफ की थी।

    कांग्रेस नेताओं का आरोप है कि निर्माण कार्य में घोर लापरवाही और घटिया सामग्री का इस्तेमाल किया गया . ठेकेदार को इस बात का अंदेशा था कि पोल जल्द खुल जाएगी, इसलिए उसने आनन-फानन में दीवारों पर आई दरारों पर पुताई और लीपापोती करवा दी और जनप्रतिनिधियों से फीता कटवा दिया. अब स्थिति यह है कि लोकार्पण के ठीक 18 दिन बाद ही पुताई की परतें उखड़ने लगी हैं और बिल्डिंग के भीतर व बाहर चौड़ी दरारें साफ दिखाई दे रही हैं।

    इस पूरे मामले को लेकर जब खनियाधाना तहसीलदार निशिकांत जैन से बात की गई तो उनका कहना है कि पीयू के अधिकारी और ठेकेदार को बिल्डिंग में आई दरार और अन्य खामियों को लेकर अवगत करा दिया गया है. उनका कहना है कि उन्होंने अभी बिल्डिंग का पजेशन नहीं लिया गया है.


    किसानों और ग्रामीणों में भारी आक्रोश

    खनियाधाना से बामोरकलां शिफ्ट होने वाली इस उप-तहसील भवन की बदहाली से स्थानीय ग्रामीणों और किसानों में गहरा रोष व्याप्त है. ग्रामीणों का कहना है कि सरकार के 1.24 करोड़ रुपये पानी में बहा दिए गए और अधिकारियों व ठेकेदार की सांठगांठ के कारण पहली ही बारिश और 18 दिनों में इमारत की नींव हिलने लगी है।

  • एमपी में 33.2 इंच बारिश, मानसून को 11 दिन बाकी, 22 सितंबर तक हल्की बारिश की संभावना

    एमपी में 33.2 इंच बारिश, मानसून को 11 दिन बाकी, 22 सितंबर तक हल्की बारिश की संभावना


    भोपाल। मध्य प्रदेश में मानसून सीजन के अब 11 दिन ही बाकी हैं और प्रदेश में अब तक औसतन 33.2 इंच बारिश रिकॉर्ड हो चुकी है। यह सामान्य बारिश के कोटे का 89.3 प्रतिशत है। मौसम विभाग के अनुसार अगले चार दिन प्रदेश में हल्की बारिश का दौर जारी रह सकता है, जबकि मानसून के अंतिम सप्ताह में कुछ जिलों में तेज बारिश होने की संभावना है। ऐसे में सीजन खत्म होने तक प्रदेश का कुल बारिश का कोटा पूरा होने की उम्मीद बनी हुई है।

    हालांकि, प्रदेश के सभी हिस्सों में बारिश का वितरण एक जैसा नहीं रहा है। इंदौर, उज्जैन, जबलपुर और नर्मदापुरम संभाग के ज्यादातर जिलों में सामान्य बारिश का आंकड़ा अब भी पीछे है। इंदौर, धार, आलीराजपुर, रायसेन, विदिशा, जबलपुर, छिंदवाड़ा, सिवनी, पांढुर्णा, सागर, उज्जैन, रतलाम और शाजापुर में अब तक सामान्य बारिश का 80 प्रतिशत पानी भी नहीं गिरा है। इन जिलों को सामान्य बारिश के आंकड़े तक पहुंचने के लिए अगले दिनों में लगातार तीन से चार दिन अच्छी बारिश की जरूरत होगी।

    इसके उलट मऊगंज और निवाड़ी में सामान्य कोटे से दोगुना पानी गिर चुका है। वहीं भोपाल, राजगढ़, बुरहानपुर, खरगोन, ग्वालियर, शिवपुरी, गुना, छतरपुर, निवाड़ी, मैहर, भिंड, श्योपुर, सिंगरौली, सीधी, सतना, मऊगंज, शहडोल और उमरिया में सामान्य या उससे अधिक बारिश रिकॉर्ड हुई है। प्रदेश के बाकी 37 जिलों में बारिश सामान्य से कम है।

    22 सितंबर तक हल्की बारिश का अनुमान

    मौसम विभाग ने अगले चार दिन यानी 22 सितंबर तक प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में हल्की बारिश होने का अनुमान जताया है। मौसम विशेषज्ञ शैलेंद्र कुमार नायक के मुताबिक इस समय पश्चिमी हिस्से में साइक्लोनिक सर्कुलेशन सिस्टम सक्रिय है। इसके असर से पश्चिमी मध्य प्रदेश के कई जिलों में बारिश का दौर बना हुआ है।

    मौसम की अगली गतिविधि भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है। 19 सितंबर की शाम के आसपास उत्तर अंडमान सागर में नया निम्न दबाव क्षेत्र बनने की संभावना है। इसके बाद इसके दक्षिण ओडिशा और उत्तर आंध्र प्रदेश तट की ओर पश्चिम-उत्तर-पश्चिम दिशा में आगे बढ़ने के संकेत हैं। मौसम विशेषज्ञों के मुताबिक इस सिस्टम के बनने और आगे बढ़ने से मध्य प्रदेश के मौसम में एक बार फिर बदलाव की स्थिति बन सकती है।

    मानसून की विदाई का समय नजदीक होने के बावजूद प्रदेश में अभी बारिश की संभावनाएं बनी हुई हैं। ऐसे में अंतिम सप्ताह में यदि कुछ जिलों में अच्छी बारिश होती है तो जिन इलाकों में फिलहाल बारिश का आंकड़ा कम है, वहां सामान्य के करीब पहुंचने की उम्मीद बढ़ सकती है।

  • स्वामित्व योजना के कार्यक्रम में रणदिवे को लेकर चर्चा: सीएम ने बताया आयोजन का सूत्रधार विजयवर्गीय बोले राज की बात बता दी

    स्वामित्व योजना के कार्यक्रम में रणदिवे को लेकर चर्चा: सीएम ने बताया आयोजन का सूत्रधार विजयवर्गीय बोले राज की बात बता दी


    इंदौर । इंदौर में गुरुवार को स्वामित्व अधिकार योजना के तहत फ्री रजिस्ट्री बांटने के अभियान की शुरुआत के दौरान भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन की मौजूदगी में मंच से हुई एक टिप्पणी चर्चा में आ गई। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने भाजपा के प्रदेश महामंत्री गौरव रणदिवे का उल्लेख करते हुए उन्हें आयोजन का सूत्रधार बताया। इसके बाद नगरीय विकास एवं आवास विभाग मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने अपने संबोधन में मुख्यमंत्री की इसी टिप्पणी का संदर्भ लेते हुए कहा कि उन्होंने एक राज की बात बता दी। कार्यक्रम का यह हिस्सा सामने आए वीडियो के बाद राजनीतिक चर्चा का विषय बन गया।

    मुख्यमंत्री मोहन यादव ने अपने संबोधन के दौरान आयोजन की तैयारियों और उसे आकार देने में गौरव रणदिवे की भूमिका का उल्लेख किया। उन्होंने रणदिवे को आयोजन का सूत्रधार बताया। इसके बाद जब मंत्री कैलाश विजयवर्गीय अतिथियों के प्रति आभार व्यक्त करने के लिए मंच पर आए तो उन्होंने मुख्यमंत्री की बात को पकड़ते हुए कहा कि मुख्यमंत्री ने एक राज की बात बताई है। उन्होंने इसके लिए गौरव रणदिवे का भी आभार जताया।

    विजयवर्गीय की यह टिप्पणी सामने आने के बाद कार्यक्रम के राजनीतिक मायने निकाले जाने लगे। हालांकि सार्वजनिक तौर पर विजयवर्गीय और रणदिवे के बीच किसी औपचारिक विवाद की जानकारी सामने नहीं आई है। कार्यक्रम में हुई टिप्पणी को लेकर अलग-अलग राजनीतिक व्याख्याएं जरूर की जा रही हैं। भाजपा नेताओं से जुड़े समर्थक इसे विजयवर्गीय के सार्वजनिक मंचों पर दिखने वाले सहज और चुटीले अंदाज के रूप में देख रहे हैं।

    गौरव रणदिवे इंदौर भाजपा की राजनीति में लंबे समय से सक्रिय रहे हैं। इंदौर भाजपा के नगर अध्यक्ष की जिम्मेदारी संभालने के बाद संगठन में उनकी भूमिका बढ़ी और बाद में उन्हें प्रदेश महामंत्री की जिम्मेदारी मिली। स्थानीय राजनीतिक चर्चाओं में उनके संगठनात्मक कद को लेकर समय-समय पर चर्चा होती रही है। इसी वजह से मंच से उनका नाम लिए जाने और मुख्यमंत्री की ओर से आयोजन के सूत्रधार के तौर पर उल्लेख किए जाने को भी राजनीतिक हलकों में ध्यान से देखा गया।

    विजयवर्गीय और रणदिवे की राजनीतिक पृष्ठभूमि को लेकर भी इंदौर में चर्चा होती रही है। इससे पहले विजयवर्गीय एक कार्यक्रम में राजनीतिक संदर्भ में यह कह चुके हैं कि वे अपने द्वारा उगे हुए पौधों को नहीं काटते। उस समय भी उनके बयान को अलग-अलग राजनीतिक संदर्भों से जोड़कर देखा गया था। अब इंदौर के इस कार्यक्रम में रणदिवे को लेकर की गई टिप्पणी के बाद पुराना बयान भी सोशल मीडिया चर्चाओं में फिर सामने आया है।

    वहीं कांग्रेस की ओर से इस पूरे घटनाक्रम को भाजपा के भीतर गुटबाजी से जोड़कर टिप्पणी की गई। कांग्रेस मीडिया को-ऑर्डिनेटर नीलाभ शुक्ला ने कहा कि राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन की मौजूदगी वाले कार्यक्रम में भाजपा के नेताओं के बीच कथित खींचतान सामने आई है। उन्होंने मुख्यमंत्री और मंत्री के बयानों को आधार बनाकर संगठन के भीतर समन्वय पर सवाल उठाए।

    हालांकि कार्यक्रम के मंच से सामने आए बयानों के अलावा दोनों नेताओं के बीच किसी नए विवाद की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। ऐसे में इस घटनाक्रम का राजनीतिक अर्थ निकालने से पहले नेताओं के वास्तविक बयानों और पूरे कार्यक्रम के संदर्भ को देखना महत्वपूर्ण है। फिलहाल रणदिवे को लेकर मुख्यमंत्री की टिप्पणी और उसके बाद विजयवर्गीय का जवाब इंदौर के राजनीतिक गलियारों में चर्चा का विषय बना हुआ है।

  • महाकाल के दरबार में दिखी अद्भुत भक्ति: भस्म आरती में हुआ भव्य श्रृंगार रजत मुकुट त्रिशूल और आभूषणों से सजे बाबा

    महाकाल के दरबार में दिखी अद्भुत भक्ति: भस्म आरती में हुआ भव्य श्रृंगार रजत मुकुट त्रिशूल और आभूषणों से सजे बाबा


    उज्जैन । उज्जैन के विश्व प्रसिद्ध श्री महाकालेश्वर मंदिर में शुक्रवार तड़के भस्म आरती के दौरान भक्ति और आस्था का अद्भुत नजारा देखने को मिला। अलसुबह मंदिर के कपाट खुलने के साथ ही बाबा महाकाल की विशेष पूजा और श्रृंगार की प्रक्रिया शुरू हुई। भस्म आरती में शामिल होने के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु मंदिर पहुंचे। भक्तों ने बाबा महाकाल के दर्शन किए और सुख समृद्धि की कामना के साथ उनका आशीर्वाद लिया। पूरे मंदिर परिसर में जय महाकाल के जयकारों से वातावरण भक्तिमय बना रहा।

    मंदिर के कपाट खुलने के बाद सबसे पहले सभा मंडप में वीरभद्र जी के कान में स्वस्ति वाचन किया गया। इसके बाद घंटी बजाकर भगवान से पूजा की आज्ञा ली गई। सभा मंडप के चांदी के पट खोले गए और फिर गर्भगृह के कपाट खोले गए। गर्भगृह में प्रवेश के बाद पुजारियों ने भगवान महाकाल का पुराना श्रृंगार उतारा। इसके बाद विधि विधान के साथ पंचामृत पूजन किया गया। पूजा के बाद कर्पूर आरती की गई।

    भस्म आरती की परंपरा में भगवान महाकाल के पूजन के साथ नंदी जी की आराधना का भी विशेष महत्व माना जाता है। नंदी हाल में नंदी जी का स्नान कराया गया। इसके बाद ध्यान और पूजन किया गया। इसके बाद बाबा महाकाल का जल से अभिषेक हुआ। अभिषेक के दौरान दूध दही घी शक्कर शहद और फलों के रस से तैयार पंचामृत से भगवान का पूजन किया गया। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इस तरह के पूजन से भगवान महाकाल के प्रति भक्तों की श्रद्धा और समर्पण प्रकट होता है।

    पंचामृत पूजन के बाद बाबा महाकाल का विशेष श्रृंगार किया गया। भगवान को रजत चंद्र त्रिशूल मुकुट और विभिन्न आभूषण अर्पित किए गए। बाबा महाकाल ने शेषनाग का रजत मुकुट धारण किया। इसके साथ ही रजत की मुंडमाला रुद्राक्ष की माला और सुगंधित पुष्पों से बनी माला से उनका श्रृंगार किया गया। भांग चंदन ड्रायफ्रूट और भस्म भी अर्पित की गई। इसके बाद भगवान को फल और मिष्ठान का भोग लगाया गया।

    भस्म आरती के दौरान महा निर्वाणी अखाड़े की ओर से भगवान महाकाल को भस्म अर्पित की गई। उज्जैन में होने वाली भस्म आरती बाबा महाकाल की विशेष आराधना के रूप में जानी जाती है। धार्मिक मान्यता है कि भस्म अर्पित किए जाने के बाद भगवान महाकाल निराकार से साकार स्वरूप में भक्तों को दर्शन देते हैं। इसी आस्था के चलते भस्म आरती के दर्शन के लिए देशभर से श्रद्धालु उज्जैन पहुंचते हैं।

    शुक्रवार की भस्म आरती में बाबा महाकाल का राजा स्वरूप में किया गया श्रृंगार श्रद्धालुओं के आकर्षण का केंद्र रहा। रजत मुकुट त्रिशूल मुंडमाला और पुष्पमाला से सजे बाबा महाकाल की छवि ने भक्तों को भावविभोर कर दिया। आरती के दौरान मंदिर परिसर में आध्यात्मिक वातावरण बना रहा और श्रद्धालुओं ने बाबा महाकाल के दर्शन कर अपनी मनोकामनाओं की पूर्ति के लिए प्रार्थना की।

  • पूजा के बाद स्कूटी के पास पहुंची युवती तो दिखी सांप की पूंछ: इंजन में जा छिपा था सांप एक घंटे चला रेस्क्यू ऑपरेशन

    पूजा के बाद स्कूटी के पास पहुंची युवती तो दिखी सांप की पूंछ: इंजन में जा छिपा था सांप एक घंटे चला रेस्क्यू ऑपरेशन


    देवास । देवास में एक मंदिर में पूजा करने पहुंची युवती उस समय घबरा गई जब अपनी स्कूटी के पास लौटने पर उसे वाहन के अंदर सांप दिखाई दिया। सांप की पूंछ नजर आते ही युवती ने तुरंत आसपास मौजूद लोगों को इसकी जानकारी दी। कुछ ही देर में मौके पर लोगों की भीड़ जमा हो गई। लोगों ने स्कूटी को ध्यान से देखा तो पता चला कि सांप वाहन के अंदर काफी गहराई तक जा चुका था। इसके बाद सर्प मित्र को सूचना दी गई और सांप को सुरक्षित बाहर निकालने की कवायद शुरू हुई।

    मामला देवास के उज्जैन रोड स्थित शिव मंदिर का बताया जा रहा है। युवती मंदिर में पूजा करने के लिए पहुंची थी। उसने अपनी स्कूटी मंदिर के पास खड़ी की थी। पूजा पूरी करने के बाद जब वह वापस स्कूटी के पास आई तो उसकी नजर वाहन के अंदर मौजूद सांप की पूंछ पर पड़ी। सांप को देखते ही वह घबरा गई और उसने आसपास के लोगों को बुलाया। कुछ ही समय में वहां बड़ी संख्या में लोग जमा हो गए।

    सूचना मिलने पर सर्प मित्र शाहिद अली अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंचे। उस समय तक सांप स्कूटी के अंदर इंजन के आसपास के हिस्से में जाकर छिप चुका था। सांप को बाहर निकालने के लिए टीम ने पहले वाहन के अलग अलग हिस्सों की जांच की। काफी कोशिश के बाद भी सांप आसानी से बाहर नहीं आया। इसके बाद स्कूटी की डिक्की और दूसरे जरूरी पार्ट्स को खोलकर अंदर छिपे सांप की तलाश की गई।

    सर्प मित्र और उनकी टीम करीब एक घंटे तक स्कूटी में सांप की तलाश करती रही। सांप इंजन के पास जाकर इस तरह छिपा हुआ था कि उसे सीधे बाहर निकालना आसान नहीं था। टीम ने बेहद सावधानी के साथ स्कूटी के हिस्से खोले और सांप तक पहुंचने की कोशिश की। काफी मशक्कत के बाद आखिरकार सांप को सुरक्षित तरीके से बाहर निकाल लिया गया।

    सर्प मित्र शाहिद अली ने बताया कि सांप स्कूटी के अंदर काफी गहराई तक चला गया था। इसी वजह से उसे बाहर निकालने के लिए वाहन के कई हिस्सों को खोलना पड़ा। राहत की बात यह रही कि सांप जहरीला नहीं था। इसके बावजूद टीम ने पूरी सावधानी के साथ उसका रेस्क्यू किया ताकि सांप या आसपास मौजूद किसी व्यक्ति को नुकसान न पहुंचे।

    सांप के बाहर निकलने के बाद मौके पर मौजूद लोगों ने राहत की सांस ली। जिस स्कूटी में कुछ देर पहले तक सांप छिपा हुआ था उसे देखने के लिए भी लोगों की भीड़ लगी रही। रेस्क्यू के बाद सांप को किसी तरह की चोट नहीं आई और उसे सुरक्षित स्थान पर ले जाया गया। बाद में उसे जंगल में छोड़ दिया गया।

    इस घटना ने एक बार फिर यह दिखाया कि बारिश और बदलते मौसम के दौरान सांप सुरक्षित और गर्म जगह की तलाश में वाहनों के अंदर भी पहुंच सकते हैं। ऐसे में वाहन खड़ा करने के बाद उसे चलाने से पहले आसपास और खासकर खुले हिस्सों की जांच करना जरूरी है। अगर किसी वाहन में सांप दिखाई दे तो खुद उसे पकड़ने या निकालने की कोशिश करने के बजाय प्रशिक्षित सर्प मित्र या विशेषज्ञ की मदद लेना ज्यादा सुरक्षित रहता है।

  • राहुल गांधी के 19 सितंबर के दौरे पर देवड़ा का निशाना: कांग्रेस के लंबे शासनकाल को लेकर उठाए सवाल

    राहुल गांधी के 19 सितंबर के दौरे पर देवड़ा का निशाना: कांग्रेस के लंबे शासनकाल को लेकर उठाए सवाल


    देवास । मध्य प्रदेश की सियासत में राहुल गांधी के 19 सितंबर के इंदौर दौरे से पहले बयानबाजी तेज हो गई है। राहुल गांधी इंदौर में छात्रों की गूंज कार्यक्रम में शामिल होने वाले हैं जहां छात्रों से शिक्षा व्यवस्था और उनसे जुड़े मुद्दों पर संवाद प्रस्तावित है। इस बीच मध्य प्रदेश के उपमुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा ने राहुल गांधी के दौरे को लेकर कांग्रेस पर निशाना साधा है। देवड़ा ने कहा कि राहुल गांधी के कितने भी दौरे हो जाएं इसका जनता पर कोई असर नहीं होगा। उन्होंने दावा किया कि जनता भारतीय जनता पार्टी पर भरोसा करती है और कांग्रेस के लंबे शासनकाल को भी नहीं भूली है।

    देवास में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन के अवसर पर आयोजित सेवा संकल्प अभियान में शामिल होने पहुंचे देवड़ा ने मीडिया से बातचीत में राहुल गांधी के इंदौर दौरे को लेकर अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कांग्रेस के लंबे शासनकाल का जिक्र करते हुए कहा कि कांग्रेस को अपने शासन के दौरान किए गए कामों का हिसाब देना चाहिए। देवड़ा ने आरोप लगाया कि कांग्रेस के शासनकाल में कई घोटाले हुए और बुनियादी सुविधाओं से जुड़े मुद्दे भी बने रहे।

    उपमुख्यमंत्री ने सड़क बिजली और सिंचाई जैसे विषयों का जिक्र करते हुए कांग्रेस के पुराने शासन पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने करीब 60 वर्षों तक देश में शासन किया और अब जनता यह जानना चाहती है कि उस दौरान आम लोगों के लिए क्या काम किए गए। देवड़ा ने गरीबों के इलाज आवास और साफ पानी जैसी सुविधाओं को लेकर भी कांग्रेस से सवाल किए।

    राहुल गांधी का इंदौर कार्यक्रम 19 सितंबर को आयोजित होना है। छात्रों की गूंज नाम के इस कार्यक्रम में राहुल गांधी छात्रों से संवाद करेंगे। कार्यक्रम का फोकस शिक्षा व्यवस्था और छात्रों से जुड़े अनुभवों और समस्याओं पर बताया गया है। राहुल गांधी ने छात्रों से कार्यक्रम में शामिल होने और अपनी समस्याएं साझा करने की अपील भी की है।

    इंदौर में होने वाले कार्यक्रम को लेकर राजनीतिक गतिविधियां भी तेज हैं। कार्यक्रम के आयोजन स्थल को लेकर बदलाव हुआ है। रिपोर्टों के मुताबिक मूल रूप से प्रस्तावित नेहरू स्टेडियम में अनुमति नहीं मिलने के बाद क्षेत्रीय पार्क के पास वैकल्पिक स्थान तय किया गया है। आयोजन के लिए इंदौर विकास प्राधिकरण की ओर से जमीन के इस्तेमाल से जुड़ी अनुमति और भुगतान की प्रक्रिया भी चर्चा में रही है।

    देवड़ा ने राहुल गांधी के दौरे को लेकर कहा कि कांग्रेस के नेता चाहे जितने दौरे करें भाजपा सरकार को लेकर जनता का भरोसा बना हुआ है। यह बयान ऐसे समय आया है जब राहुल गांधी का इंदौर दौरा शिक्षा और छात्रों से जुड़े मुद्दों को लेकर चर्चा में है। दूसरी ओर कांग्रेस इस कार्यक्रम के जरिए छात्रों और युवाओं की समस्याओं को सामने लाने की बात कह रही है।

    इस पूरे घटनाक्रम से साफ है कि राहुल गांधी के इंदौर पहुंचने से पहले ही मध्य प्रदेश में राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। एक तरफ कांग्रेस का कार्यक्रम छात्रों की समस्याओं और शिक्षा व्यवस्था पर केंद्रित है तो दूसरी तरफ भाजपा नेता इसे लेकर कांग्रेस के पिछले शासन और मौजूदा राजनीतिक दावों पर सवाल उठा रहे हैं। अब 19 सितंबर को होने वाले कार्यक्रम में राहुल गांधी छात्रों के साथ किन मुद्दों पर संवाद करते हैं और उसके बाद प्रदेश की राजनीति में किस तरह की प्रतिक्रियाएं सामने आती हैं इस पर नजर रहेगी।

  • हाईकोर्ट से विदाई के साथ समाजसेवा का संकल्प: पूर्व जस्टिस अवनीन्द्र कुमार सिंह PM राहत कोष में देंगे एक करोड़ रुपए

    हाईकोर्ट से विदाई के साथ समाजसेवा का संकल्प: पूर्व जस्टिस अवनीन्द्र कुमार सिंह PM राहत कोष में देंगे एक करोड़ रुपए


    जबलपुर । मध्य प्रदेश हाईकोर्ट के पूर्व जस्टिस अवनीन्द्र कुमार सिंह ने रिटायरमेंट के मौके पर समाजसेवा से जुड़ा बड़ा संकल्प लिया है। उन्होंने प्रधानमंत्री राहत कोष में एक करोड़ एक लाख रुपए देने की घोषणा की है। यह रकम उन्हें अपने जनरल प्रोविडेंट फंड यानी GPF से प्राप्त होगी। इसके साथ ही उन्होंने अपनी पत्नी इंदिरा के साथ देहदान करने का भी संकल्प लिया है। जस्टिस सिंह ने यह घोषणा गुरुवार को जबलपुर स्थित मध्य प्रदेश हाईकोर्ट में आयोजित फुल कोर्ट फेयरवेल कार्यक्रम के दौरान की। इसी दिन वह न्यायाधीश के पद से सेवानिवृत्त हुए।

    फेयरवेल कार्यक्रम में जस्टिस सिंह ने अपने इस फैसले के पीछे पत्नी इंदिरा की इच्छा को प्रमुख वजह बताया। उन्होंने कहा कि उनकी पत्नी चाहती थीं कि रिटायरमेंट के बाद समाज के लिए कुछ किया जाए। इसी भावना का सम्मान करते हुए दोनों ने यह संकल्प लिया है। उन्होंने बताया कि GPF की राशि उनके बैंक खाते में आते ही उसे प्रधानमंत्री राहत कोष में ट्रांसफर कर दिया जाएगा। उनका यह फैसला कार्यक्रम में मौजूद लोगों के बीच चर्चा का विषय बन गया।

    जस्टिस सिंह ने अपने जीवन से जुड़ा एक भावुक प्रसंग भी साझा किया। उन्होंने बताया कि जब वह सिर्फ छह महीने के थे तभी उनकी मां का निधन हो गया था। इसके बाद उनके पिता के साथ उनकी मौसी स्वर्गीय निर्मला बुच और मौसा स्वर्गीय महेश नीलकंठ बुच ने उन्हें बेटे की तरह पाला। निर्मला बुच मध्य प्रदेश की मुख्य सचिव भी रह चुकी थीं। जस्टिस सिंह ने अपने पालन पोषण और जीवन निर्माण में परिवार की भूमिका को याद करते हुए अपनी बात रखी।

    फेयरवेल के दौरान उन्होंने न्याय व्यवस्था में आए बदलावों का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि पहले अदालतों में मुकदमों की सुनवाई मुख्य रूप से फिजिकल मोड में होती थी लेकिन अब वर्चुअल सुनवाई ने न्यायिक प्रक्रिया को कई स्तर पर आसान बनाया है। तकनीक के इस्तेमाल से अदालतों की कार्यप्रणाली में बदलाव आया है और न्यायिक प्रक्रिया के सामने मौजूद कई व्यावहारिक चुनौतियों को कम करने में मदद मिली है।

    कार्यक्रम के दौरान पत्नी इंदिरा का जिक्र करते हुए जस्टिस सिंह ने कहा कि उन्होंने अपने पूरे कार्यकाल में पत्नी की बातों का सम्मान किया है। अब रिटायरमेंट के बाद समाज के लिए देहदान करने का उनका संकल्प है और वह इस इच्छा को भी पूरा करेंगे। जैसे ही उन्होंने यह बात कही पूरा कोर्ट रूम तालियों से गूंज उठा।

    फेयरवेल कार्यक्रम को मध्य प्रदेश हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस अल्पेश यशवंत कोगजे ने भी संबोधित किया। उन्होंने जस्टिस सिंह के कार्यकाल की सराहना करते हुए कहा कि उन्हें जो भी जिम्मेदारियां दी गईं उन्होंने उन्हें पूरी जिम्मेदारी के साथ निभाया। जस्टिस सिंह ने हाईकोर्ट के जज के रूप में करीब तीन साल काम किया और इस दौरान कुल 8788 मुकदमों का निपटारा किया।

    चीफ जस्टिस ने यह भी कहा कि किसी जज के काम का आकलन केवल इस आधार पर नहीं होना चाहिए कि उन्होंने कितने मामलों का निपटारा किया बल्कि उनके फैसलों की गुणवत्ता भी महत्वपूर्ण होती है। इस तरह जस्टिस अवनीन्द्र कुमार सिंह की विदाई उनके न्यायिक कार्यकाल के आंकड़ों के साथ समाजसेवा और देहदान के संकल्प के लिए भी याद की जाएगी।

  • फर्जी पासपोर्ट रैकेट में 5वीं गिरफ्तारी: एजेंट नसीम धराया, कच्छ-नागपुर के मठों के पते पर भोपाल से बने 30 तक पासपोर्ट

    फर्जी पासपोर्ट रैकेट में 5वीं गिरफ्तारी: एजेंट नसीम धराया, कच्छ-नागपुर के मठों के पते पर भोपाल से बने 30 तक पासपोर्ट


    भोपाल। भोपाल और ग्वालियर से जुड़े फर्जी पासपोर्ट मामले की जांच में अब एजेंट नेटवर्क की कड़ियां सामने आने लगी हैं। बांग्लादेशी नागरिकों के कथित तौर पर फर्जी भारतीय दस्तावेज तैयार कर पासपोर्ट हासिल करने के मामले में एसटीएफ ने पांचवीं गिरफ्तारी की है। भोपाल से पासपोर्ट एजेंट नसीम अख्तर को पकड़ा गया है। पूछताछ में सामने आया है कि वह 20 से ज्यादा पासपोर्ट बनवाने की प्रक्रिया में शामिल रहा। जांच के दौरान कच्छ और नागपुर के मठों के पतों का इस्तेमाल कर भोपाल से करीब 25 से 30 पासपोर्ट बनवाए जाने की जानकारी भी सामने आई है।

    एसटीएफ के मुताबिक इस नेटवर्क में पासपोर्ट बनवाने के लिए लोगों से करीब 20 हजार रुपए तक लिए जाते थे। पुलिस वेरिफिकेशन को छोड़कर आवेदन से लेकर पासपोर्ट तैयार होने तक की ज्यादातर प्रक्रिया एजेंट संभालता था। इसी कड़ी में नसीम अख्तर की भूमिका सामने आने के बाद उसे गिरफ्तार किया गया। अब जांच एजेंसी उन सभी पासपोर्ट और उनमें इस्तेमाल किए गए दस्तावेजों की पड़ताल कर रही है जिनमें नसीम की भूमिका बताई गई है।

    पूछताछ में नसीम ने बताया कि वह वर्ष 2016 से भोपाल के एमपी नगर इलाके में टूर एंड ट्रैवल्स का काम करता था। इसी कारोबार के दौरान वह पासपोर्ट संबंधी काम से जुड़ गया और बाद में पासपोर्ट एजेंट के तौर पर काम करने लगा। इसी दौरान भोपाल पासपोर्ट कार्यालय के बाहर उसकी मुलाकात मित्यानंद भिक्षु उर्फ रेयाल चौधरी भिक्षु से हुई। इसके बाद दोनों के बीच संपर्क बढ़ा और कथित तौर पर पासपोर्ट बनवाने का काम शुरू हुआ।

    जांच के अनुसार मित्यानंद भिक्षु नसीम को पासपोर्ट बनवाने वाले लोगों के नाम और दस्तावेज उपलब्ध कराता था। नसीम उन्हीं दस्तावेजों के आधार पर ऑनलाइन आवेदन करता था। एसटीएफ अब यह पता लगाने में जुटी है कि इन दस्तावेजों की उत्पत्ति कहां से हुई और आवेदन में दर्ज पहचान तथा वास्तविक पहचान के बीच कितना अंतर था।

    नसीम के खिलाफ नागपुर में पहले से एक आपराधिक मामला दर्ज होने की जानकारी भी जांच में सामने आई है। एसटीएफ इस पुराने मामले और वर्तमान नेटवर्क के बीच किसी संभावित कड़ी की भी पड़ताल कर रही है।

    एसटीएफ एसपी राजेश सिंह भदौरिया के मुताबिक इस मामले में नसीम से पहले प्रियान चौधरी जय चौधरी रियाल चौधरी और विप्लव अधिकारी की गिरफ्तारी हो चुकी है। अब नसीम पांचवां गिरफ्तार आरोपी है। जांच के लिए एसटीएफ की छह टीमें कई राज्यों में दबिश और पूछताछ कर रही हैं। करीब 25 लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है जबकि अब तक 150 से ज्यादा लोगों से पूछताछ की जा चुकी है।

    जांच में यह भी सामने आया है कि रियाल करीब 10 साल पहले भारत आया था। आरोप है कि उसने 2021-22 के आसपास बौद्ध भिक्षुओं के नाम पर नेटवर्क तैयार करना शुरू किया। इसके बाद साथियों के भारतीय नाम से दस्तावेज तैयार कराए गए और उन्हीं के आधार पर पासपोर्ट बनवाए गए।

    मामले की जांच में कई ऐसे पासपोर्ट धारकों की जानकारी सामने आई है जिनके वास्तविक नाम और पासपोर्ट में दर्ज नाम अलग पाए गए हैं। यानी दस्तावेजों के जरिए कथित तौर पर पहचान बदलकर पासपोर्ट हासिल किए गए। एसटीएफ अब इन पासपोर्ट धारकों के विदेश यात्रा रिकॉर्ड और दस्तावेजों की भी जांच कर रही है। जांच आगे बढ़ने के साथ इस नेटवर्क में शामिल अन्य लोगों और फर्जी दस्तावेज तैयार करने की पूरी प्रक्रिया का खुलासा होने की संभावना है।

  • मुख्यमंत्री जी, 'दीये जलाने से फुर्सत मिल गई हो तो जमीनी हालत भी देखिए- इंदौर आने से पहले राहुल गांधी का तंज

    मुख्यमंत्री जी, 'दीये जलाने से फुर्सत मिल गई हो तो जमीनी हालत भी देखिए- इंदौर आने से पहले राहुल गांधी का तंज


    इंदौर।
    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Prime Minister Narendra Modi) के 76वें जन्मदिन पर देशभर में ‘आशीर्वाद के दीये’ (‘Lamps of Blessing’) जलाए जा रहे हैं। कांग्रेस नेता राहुल गांधी (Rahul Gandhi) ने मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) के सीएम मोहन यादव (CM Mohan Yadav) द्वारा दीये जलाने पर जमकर निशाना साधा है। उन्होंने तंज भरे लहजे में लिखा- ‘मुख्यमंत्री जी, दीये जलाने और उत्सव मनाने से फुर्सत मिल गई हो तो जरा राज्य की जमीनी हालत भी देखिए।’ इसके बाद उन्होंने लिखा- ‘मैं इंदौर आ रहा हूं।’


    आखिर किस बात पर भड़के राहुल गांधी

    दरअसल, राहुल गांधी ने बालाघाट में 30 आदिवासी बच्चों की मौत पर सीएम मोहन यादव पर निशाना साधा है। उन्होंने सीएम पर संवेदनहीनता का आरोप लगाते हुए एक्स पर लिखा- ‘बालाघाट में 30 से ज़्यादा आदिवासी बच्चों की बीमारी, कुपोषण और बुनियादी स्वास्थ्य सुविधाओं की कमी के बीच मौत हो चुकी है। संवेदनहीनता का आलम यह है मासूमों की मौतें होती रहीं, लेकिन कार्रवाई सुस्त रही, सरकार सोती रही।’


    दीये जलाने पर राहुल गांधी का तंज

    इसके बाद सीएम पर तंज भरे लहजे में लिखा- ‘मुख्यमंत्री जी, दीये जलाने और उत्सव मनाने से फुर्सत मिल गई हो तो जरा राज्य की जमीनी हालत भी देखिए।’ राहुल गांधी ने याद दिलाते हुए लिखा- ‘बीमारी, पोषण और साफ पानी की कमी और चरमराती स्वास्थ्य व्यवस्था नन्हें बच्चों की जान ले रही है। मिलावटी दवाइयां और जहरीली अवैध शराब सैकड़ों परिवारों को तबाह कर रही हैं।’


    राहुल गांधी बोले- मैं इंदौर आ रहा हूं…

    राहुल गांधी ने अपने इंदौर आने की बात भी लिखी। उन्होंने लिखा- ‘मैं इंदौर आ रहा हूं। सामने आ रही भयावह घटनाएं बता रही हैं कि मध्यप्रदेश की शिक्षा व्यवस्था आज देश भर में सबसे ज़्यादा बर्बाद है। छात्र, बच्चे, गरीब, दलित, आदिवासी, पिछड़े या महिलाएं – हर वर्ग प्रताड़ित है, कोई खुश नहीं। मध्य प्रदेश सरकार आज भारत की सबसे भ्रष्ट और सबसे कुशासित सरकार है – यही सच्चाई है।’

    बालाघाट में 30 से ज़्यादा आदिवासी बच्चों की बीमारी, कुपोषण और बुनियादी स्वास्थ्य सुविधाओं की कमी के बीच मौत हो चुकी है। संवेदनहीनता का आलम यह है मासूमों की मौतें होती रहीं, लेकिन कार्रवाई सुस्त रही, सरकार सोती रही।


    19 सितंबर को इसलिए इंदौर आ रहे राहुल गांधी

    आपको बताते चलें कि राहुल गांधी के इंदौर आने की वजह आ 19 सितंबर को होने वाले ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम में शामिल होना है। इस दौरान प्रदेश के छात्रों और युवाओं से जुड़े मुद्दों पर चर्चा प्रस्तावित है। इसी सिलसिले में राहुल गांधी ने अपने पोस्ट के अंत में मध्य प्रदेश सरकार पर भ्रष्टाचार और कुशासन के आरोप भी लगाए।

  • MP: उज्जैन में शिप्रा और महाकाल महालोक में एकसाथ जले 33.27 लाख दीये, बना वर्ल्ड रिकॉर्ड

    MP: उज्जैन में शिप्रा और महाकाल महालोक में एकसाथ जले 33.27 लाख दीये, बना वर्ल्ड रिकॉर्ड


    उज्जैन।
    मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) के उज्जैन (Ujjain) में गुरुवार शाम शिप्रा नदी (Shipra River) के घाटों से लेकर महाकाल महालोक (Mahakal Mahalok) तक ऐसा दीपोत्सव हुआ, जिसमें एक साथ लाखों दीये प्रज्ज्वलित किए गए. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Prime Minister Narendra Modi) के जन्मदिवस के मौके पर आयोजित इस कार्यक्रम में शिप्रा तट और महाकाल महालोक में कुल 33 लाख 27 हजार दीये एक साथ जलाए गए.

    आयोजकों के अनुसार, इतने बड़े स्तर पर एक साथ दीप प्रज्ज्वलित कर विश्व रिकॉर्ड बनाया गया. यह आयोजन ‘आशीर्वाद का दीया’ कार्यक्रम के तहत सेवा संकल्प अभियान की शुरुआत के तौर पर किया गया. उज्जैन के रामघाट पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन, प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल और प्रदेश प्रभारी महेंद्र सिंह मौजूद रहे. सभी ने उज्जैनवासियों के साथ मिलकर दीप प्रज्ज्वलित किए।

    कार्यक्रम के लिए शाम 7 बजे का समय तय किया गया था. सायरन बजते ही शिप्रा नदी के अलग-अलग घाटों और महाकाल महालोक में एक साथ दीप प्रज्ज्वलन शुरू हुआ. इस दौरान 25 हजार से अधिक वॉलंटियर्स के साथ श्रद्धालु और स्थानीय नागरिक भी शामिल हुए. कुछ ही देर में शिप्रा के घाटों पर दूर तक दीयों की कतारें दिखाई देने लगीं. रामघाट, दत्त अखाड़ा, केदारेश्वर घाट, सुनहरी घाट और भूखी माता घाट समेत अलग-अलग स्थान रोशनी से जगमगा उठे. महाकाल महालोक में भी दीप प्रज्ज्वलित किए गए. दीयों की रोशनी के बीच शिप्रा तट का नजारा काफी आकर्षक नजर आया. बड़ी संख्या में लोग इस सामूहिक दीप प्रज्ज्वलन का हिस्सा बने. आयोजन में शामिल लोगों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिवस पर उन्हें शुभकामनाएं भी दीं।


    रामघाट पर मुख्यमंत्री ने जलाया ‘आशीर्वाद का दीया’

    उज्जैन के रामघाट पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने ‘आशीर्वाद का दीया’ प्रज्ज्वलित किया. उनके साथ राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन, प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल और प्रदेश प्रभारी महेंद्र सिंह भी मौजूद रहे. इसके बाद मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और अन्य अतिथियों ने शिप्रा आरती में हिस्सा लिया. मां शिप्रा की आराधना कर प्रदेशवासियों की सुख-समृद्धि की कामना की गई. आयोजन से जुड़े लोगों के मुताबिक, दीप प्रज्ज्वलन को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सार्वजनिक जीवन के 25 वर्षों के दौरान राष्ट्र निर्माण और राष्ट्र सेवा से जोड़कर देखा गया. इसी भाव के साथ उज्जैन में ‘आशीर्वाद का दीया’ कार्यक्रम आयोजित किया गया।

    उज्जैन में शिप्रा के विभिन्न घाटों और महाकाल महालोक में कुल 33 लाख 27 हजार दीये प्रज्ज्वलित किए गए. इस सामूहिक दीप प्रज्ज्वलन को आयोजकों ने विश्व रिकॉर्ड बताया है. इससे पहले कार्यक्रम के लिए 25 लाख से ज्यादा दीये जलाने की तैयारी की गई थी, लेकिन अंतिम आयोजन में यह संख्या 33.27 लाख तक पहुंची. दीप प्रज्ज्वलन के दौरान बड़ी संख्या में वॉलंटियर्स की भूमिका रही. घाटों पर पहले से दीयों को व्यवस्थित किया गया था. सायरन बजने के बाद सभी ने एक साथ दीप जलाना शुरू किया, जिससे कुछ ही समय में पूरा आयोजन क्षेत्र रोशनी से भर गया।

    यह दीपोत्सव सिर्फ उज्जैन तक सीमित नहीं रहा. आयोजन के तहत मध्य प्रदेश के सभी जिलों और 845 आइकॉनिक प्लेस पर भी एक साथ दीये प्रज्ज्वलित किए गए. आयोजकों के अनुसार, पूरे प्रदेश में कुल 3 करोड़ 55 लाख दीये जलाए गए. इस तरह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिवस पर आयोजित ‘आशीर्वाद का दीया’ कार्यक्रम में प्रदेशभर के अलग-अलग स्थानों को दीपों से सजाया गया. उज्जैन इसका मुख्य केंद्र रहा, जहां शिप्रा तट और महाकाल महालोक में एक साथ 33 लाख 27 हजार दीये जलाए गए।


    घाटों से महाकाल महालोक तक रोशनी

    शाम होते ही उज्जैन के प्रमुख घाटों का दृश्य बदल गया. रामघाट, दत्त अखाड़ा, केदारेश्वर घाट, सुनहरी घाट और भूखी माता घाट पर दीयों की कतारें नजर आईं. दूसरी तरफ महाकाल महालोक भी दीपों की रोशनी से जगमगा उठा. हजारों श्रद्धालुओं और नागरिकों की मौजूदगी में हुए इस आयोजन में एक साथ दीप प्रज्ज्वलित करने का दृश्य लोगों के लिए खास आकर्षण रहा. 25 हजार से अधिक वॉलंटियर्स ने इस आयोजन में हिस्सा लिया. उज्जैन में हुए इस दीपोत्सव के साथ आयोजकों के अनुसार विश्व रिकॉर्ड बनाया गया. वहीं पूरे मध्य प्रदेश में 845 आइकॉनिक प्लेस समेत अलग-अलग स्थानों पर 3.55 करोड़ दीये प्रज्ज्वलित किए गए. इस तरह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिवस पर आयोजित ‘आशीर्वाद का दीया’ कार्यक्रम के जरिए प्रदेशभर में सामूहिक दीप प्रज्ज्वलन किया गया।