Category: Madhya Pradesh

  • ग्वालियर में घरेलू विवाद से तनाव, युवक ने जहर खाकर की आत्महत्या की कोशिश

    ग्वालियर में घरेलू विवाद से तनाव, युवक ने जहर खाकर की आत्महत्या की कोशिश


    नई दिल्ली। ग्वालियर के बहोड़ापुर इलाके में मंगलवार को एक दर्दनाक घटना सामने आई, जहां एक युवक ने जहरीला पदार्थ खाकर आत्महत्या करने की कोशिश की। यह मामला उस वक्त और गंभीर हो गया जब जहर खाने से ठीक पहले युवक ने अपने मोबाइल से तीन वीडियो रिकॉर्ड किए और उन्हें अपनी हाउसिंग सोसायटी के व्हाट्सऐप ग्रुप में भेज दिया।

    प्राइवेट कंपनी में काम करने वाला 28 वर्षीय वेंकट शर्मा मानपुर स्थित सरकारी मल्टी फेस-1 के एल-5 ब्लॉक में अपने फ्लैट में अकेला था। बताया जा रहा है कि मानसिक तनाव और पारिवारिक विवादों से परेशान होकर उसने यह कदम उठाया। वीडियो सामने आते ही सोसायटी के लोगों में हड़कंप मच गया और पड़ोसियों ने तुरंत सक्रियता दिखाते हुए पुलिस को सूचना दी।

    सूचना मिलते ही स्थानीय लोग विकास तोमर के साथ वेंकट के फ्लैट पर पहुंचे। दरवाजा खोलकर देखा तो युवक अचेत अवस्था में था। बिना देर किए उसे पुलिस की मदद से अस्पताल पहुंचाया गया, जहां डॉक्टरों की निगरानी में उसका इलाज जारी है। समय रहते हुई इस कार्रवाई से उसकी जान बच गई।

    घटना के बाद सामने आए वीडियो में वेंकट शर्मा रो-रोकर अपनी पीड़ा व्यक्त करता दिख रहा है। उसने अपनी पत्नी रितु शर्मा पर गंभीर आरोप लगाए हैं। वेंकट का कहना है कि उसकी पत्नी को महंगी जीवनशैली और लग्जरी चीजों का शौक है, वह एक लाख रुपये तक के मोबाइल फोन इस्तेमाल करती है। इसके साथ ही उसने पत्नी पर अनजान लोगों से देर रात तक बातचीत करने और विरोध करने पर धमकियां दिलवाने का भी आरोप लगाया है।

    वीडियो में वेंकट ने अपनी सास गीता शर्मा और अन्य परिजनों पर भी मानसिक प्रताड़ना के आरोप लगाए हैं। उसने दावा किया कि उसे उसके बेटे से दूर कर दिया गया, जिससे वह मानसिक रूप से टूट गया। वेंकट ने वीडियो में यह भी कहा कि लगातार मिल रही धमकियों और पारिवारिक तनाव के कारण वह गहरे अवसाद में चला गया।

    युवक ने वीडियो में आठ लोगों के नाम लेते हुए उन्हें अपनी स्थिति के लिए जिम्मेदार ठहराया और कार्रवाई की मांग की। उसने भावुक होकर कहा कि अगर उसे कुछ हो जाता है तो इसके लिए वही लोग जिम्मेदार होंगे।

    पुलिस के अनुसार, वीडियो और शिकायत को गंभीरता से लिया गया है और पूरे मामले की जांच की जा रही है। बहोड़ापुर थाना पुलिस ने बताया कि युवक के बयान स्वस्थ होने के बाद दर्ज किए जाएंगे और सभी तथ्यों की जांच की जा रही है।

    फिलहाल युवक अस्पताल में उपचाराधीन है और उसकी हालत स्थिर बताई जा रही है। पुलिस ने कहा है कि मामले की हर एंगल से जांच की जाएगी, ताकि वास्तविकता सामने आ सके।

  • खजुराहो योग कार्यक्रम में ‘संयम’ गायब, भोजन वितरण में भगदड़ जैसे हालात

    खजुराहो योग कार्यक्रम में ‘संयम’ गायब, भोजन वितरण में भगदड़ जैसे हालात


    नई दिल्ली। मध्य प्रदेश के खजुराहो में आयोजित अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के 25वें काउंटडाउन महोत्सव के दौरान एक ओर जहां हजारों लोगों ने सामूहिक योग कर स्वस्थ जीवन और मानसिक शांति का संदेश दिया, वहीं कार्यक्रम के बाद भोजन वितरण के समय हालात बेकाबू हो गए। योग से जुड़ा संयम और अनुशासन कुछ ही पलों में उस समय टूटता नजर आया जब खाने के पैकेट बांटे जाने लगे।

    कार्यक्रम में करीब 800 प्रतिभागियों ने योगासन, प्राणायाम और ध्यान के जरिए शारीरिक और मानसिक संतुलन का अभ्यास किया था। आयोजन का उद्देश्य लोगों को योग के माध्यम से स्वस्थ जीवनशैली के प्रति जागरूक करना था। लेकिन कार्यक्रम समाप्त होने के बाद जो दृश्य सामने आए, वह सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बन गए।

    जैसे ही भोजन वितरण शुरू हुआ, वहां मौजूद लोग एक साथ खाने के पैकेट लेने के लिए टूट पड़े। स्थिति इतनी तेजी से बिगड़ी कि कई जगह धक्का-मुक्की और अफरा-तफरी जैसे हालात बन गए। जिनके हाथ में जितने पैकेट आए, वे उन्हें लेकर तुरंत बाहर निकलते दिखाई दिए। पूरे घटनाक्रम का वीडियो सामने आने के बाद यह सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया।

    वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि भोजन वितरण की व्यवस्था अपेक्षा के अनुरूप नहीं रही, जिसके चलते भीड़ नियंत्रित नहीं हो सकी। आयोजकों द्वारा भोजन उपलब्ध कराने की व्यवस्था की गई थी, लेकिन वितरण प्रणाली में कमी के कारण भीड़ बेकाबू हो गई।

    इस घटना पर लोग अलग-अलग प्रतिक्रियाएं दे रहे हैं। कई लोग इसे व्यंग्य के रूप में देख रहे हैं कि योग जहां संयम, धैर्य और संतुलन का संदेश देता है, वहीं भोजन के सामने वही संयम कुछ ही पलों में टूट गया। सोशल मीडिया पर इस वीडियो को लेकर तरह-तरह की टिप्पणियां की जा रही हैं।

    कार्यक्रम में केंद्रीय मंत्री प्रतापराव जाधव भी मौजूद थे, जिन्होंने ऐतिहासिक मंदिर परिसर में योगासन कर फोटोशूट कराया। हालांकि योगासन के दौरान उन्हें संतुलन बनाने में काफी मशक्कत करनी पड़ी। कुछ मौकों पर सहयोगियों की मदद भी लेनी पड़ी, जिसका वीडियो भी सामने आया और वह भी चर्चा का विषय बन गया।

    इस पूरे आयोजन के अलग-अलग हिस्सों के वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे हैं, जिससे कार्यक्रम की चर्चा केवल योग तक सीमित न रहकर उसके आयोजन प्रबंधन और व्यवस्था पर भी पहुंच गई है।

    फिलहाल प्रशासन की ओर से इस घटना पर कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है, लेकिन वीडियो वायरल होने के बाद यह मामला लगातार सुर्खियों में बना हुआ है।

  • फुटकर व्यापारी से साइबर फ्रॉड: फोटो-वीडियो वायरल करने की धमकी देकर वसूले 1.36 लाख रुपए

    फुटकर व्यापारी से साइबर फ्रॉड: फोटो-वीडियो वायरल करने की धमकी देकर वसूले 1.36 लाख रुपए


    नई दिल्ली। इंदौर में ऑनलाइन लोन एप के जरिए साइबर ठगी और ब्लैकमेलिंग का एक गंभीर मामला सामने आया है। बाणगंगा थाना क्षेत्र में रहने वाले एक फुटकर व्यापारी को इंस्टाग्राम पर दिखाए गए “स्वीट मनी” नामक लोन एप के विज्ञापन ने फंसा लिया, जिसके बाद वह धीरे-धीरे बड़े साइबर फ्रॉड का शिकार हो गया।

    पीड़ित राहुल गिरी ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि फरवरी महीने में उन्हें पैसों की तत्काल जरूरत थी। इसी दौरान उन्होंने इंस्टाग्राम पर एक लोन एप का विज्ञापन देखा, जिसमें आसान लोन उपलब्ध कराने का दावा किया गया था। लिंक पर क्लिक करने के बाद उन्होंने एप डाउनलोड कर लिया और अपनी व्यक्तिगत जानकारी जैसे आधार कार्ड, पैन कार्ड और बैंक डिटेल्स साझा कर दी।

    जानकारी देने के कुछ ही समय बाद उनके बैंक खाते में लगभग 4 हजार रुपए का लोन ट्रांसफर कर दिया गया। शुरुआत में यह प्रक्रिया सामान्य लगी, लेकिन कुछ दिनों बाद मामला पूरी तरह बदल गया। अलग-अलग मोबाइल नंबरों और वॉट्सएप अकाउंट से उन्हें लगातार कॉल और मैसेज आने लगे।

    आरोपियों ने लोन की रकम को कई गुना बढ़ाकर मांगना शुरू कर दिया। जब राहुल ने इसका विरोध किया तो उन्हें धमकाया गया कि उनके मोबाइल से ली गई तस्वीरें और डाटा उनके पास मौजूद हैं। आरोपियों ने डराने के लिए कहा कि यदि पैसे नहीं दिए गए तो इन तस्वीरों को एडिट कर उनके रिश्तेदारों और परिचितों को भेज दिया जाएगा।

    डर और मानसिक दबाव में आकर पीड़ित ने आरोपियों द्वारा दिए गए यूपीआई अकाउंट्स में धीरे-धीरे करीब 1 लाख 36 हजार रुपए ट्रांसफर कर दिए। इसके बावजूद ठगों की मांग खत्म नहीं हुई और वे लगातार और पैसे की मांग करते रहे।

    इसके बाद आरोपियों ने धमकी और तेज कर दी और पीड़ित के एडिट किए गए फोटो उसके रिश्तेदारों और जान-पहचान के लोगों को भेज दिए। इस घटना से परेशान होकर राहुल ने अपना मोबाइल भी फॉर्मेट कर दिया, लेकिन तब तक वह पूरी तरह से साइबर जाल में फंस चुका था।

    मामले की गंभीरता को देखते हुए पीड़ित ने पहले साइबर क्राइम यूनिट में शिकायत दर्ज कराई। जांच के बाद मामला बाणगंगा थाना पुलिस को ट्रांसफर किया गया, जहां अब एफआईआर दर्ज कर ली गई है। पुलिस को पीड़ित ने आधा दर्जन से अधिक यूपीआई आईडी और अन्य डिजिटल साक्ष्य भी सौंपे हैं, जिनका उपयोग ठगी में किया गया।

    फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है और यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि इस साइबर गिरोह के पीछे कौन लोग हैं और यह नेटवर्क कहां से संचालित हो रहा है। शुरुआती जांच में यह मामला संगठित ऑनलाइन लोन फ्रॉड और ब्लैकमेलिंग गिरोह से जुड़ा माना जा रहा है।

  • इंदौर में गुंडागर्दी: पैसे मांगने पर इनकार किया तो चाकू से हमला, मंडी में मचा हड़कंप

    इंदौर में गुंडागर्दी: पैसे मांगने पर इनकार किया तो चाकू से हमला, मंडी में मचा हड़कंप


    नई दिल्ली। इंदौर की चोइथराम मंडी में बुधवार देर रात उस समय सनसनी फैल गई जब तीन से अधिक बदमाशों ने मंडी में काम करने वाले चार कर्मचारियों पर चाकू से हमला कर दिया। अचानक हुए इस हमले से पूरे क्षेत्र में अफरा-तफरी मच गई और लोग अपनी जान बचाकर इधर-उधर भागते नजर आए। घटना में चार लोग घायल हुए हैं, जिनमें दो की हालत गंभीर बताई जा रही है। सभी घायलों को तत्काल अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उनका इलाज जारी है।

    पुलिस के अनुसार घायल कर्मचारियों की पहचान अरुण (राजा रानी नगर निवासी), सुनील, रंजीत और सूरज के रूप में हुई है। ये सभी चोइथराम मंडी की एक दुकान पर काम करते हैं और रोज की तरह काम खत्म कर घर लौट रहे थे। इसी दौरान मंडी गेट के पास बने सार्वजनिक शौचालय के नजदीक अंधेरे में बैठे बदमाशों ने उन्हें रोक लिया।

    बताया जा रहा है कि बदमाशों ने कर्मचारियों से शराब पीने के लिए पैसे मांगे। जब सुनील ने पैसे देने से इनकार किया तो विवाद बढ़ गया और देखते ही देखते बदमाशों ने चाकू निकालकर हमला कर दिया। सुनील को बचाने आए अन्य तीन साथियों पर भी आरोपियों ने ताबड़तोड़ वार किए, जिससे चारों घायल हो गए।

    घटना के बाद मंडी परिसर में भगदड़ जैसी स्थिति बन गई और स्थानीय लोगों ने तुरंत पुलिस को सूचना दी। राजेंद्र नगर थाना पुलिस मौके पर पहुंची और घायलों को अस्पताल भिजवाया। पुलिस ने प्रारंभिक जांच के आधार पर बताया है कि हमलावर अहिरखेड़ी इलाके के रहने वाले हो सकते हैं और इनका मंडी क्षेत्र में पहले से आपराधिक रिकॉर्ड भी रहा है।

    सीसीटीवी फुटेज में कुछ संदिग्ध युवक दिखाई दिए हैं, जिनके आधार पर पुलिस ने उनकी पहचान करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। पुलिस टीम लगातार दबिश देकर आरोपियों की तलाश कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि जल्द ही आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।

    इधर, मंडी क्षेत्र में एक अन्य विवाद भी सामने आया, जहां चोइथराम मंडी चौराहे पर अवैध गुमटी हटाने को लेकर देर रात झगड़ा हो गया। इस दौरान पथराव और मारपीट की घटनाएं भी हुईं। हालांकि पुलिस ने किसी बड़े संगठित संघर्ष या फायरिंग की बात से इनकार किया है।

    शराब दुकान संचालक और स्थानीय लोगों के बीच अवैध गुमटी हटाने को लेकर लंबे समय से तनाव की स्थिति बनी हुई है, जो समय-समय पर विवाद का रूप ले लेती है। पुलिस फिलहाल दोनों घटनाओं की अलग-अलग जांच कर रही है और स्थिति पर नजर बनाए हुए है।

  • घर के बाहर खड़े होने से शुरू हुआ झगड़ा, पूर्व सांसद के स्टाफ तक पहुंचा मामला, क्रॉस FIR दर्ज

    घर के बाहर खड़े होने से शुरू हुआ झगड़ा, पूर्व सांसद के स्टाफ तक पहुंचा मामला, क्रॉस FIR दर्ज

    इंदौर। आईपीएल 2026 में राजस्थान रॉयल्स के युवा स्टार वैभव सूर्यवंशी का बल्ला ऐसा गरजा है कि बड़े-बड़े दिग्गज भी पीछे छूट गए हैं। महज 15 साल की उम्र में वैभव ने ऑरेंज कैप की रेस को पूरी तरह अपने कब्जे में ले लिया है। सनराइजर्स हैदराबाद के खिलाफ एलिमिनेटर मुकाबले में उन्होंने 97 रनों की विस्फोटक पारी खेलकर न सिर्फ अपनी टीम को जीत दिलाई बल्कि ऑरेंज कैप की दौड़ में भी खुद को सबसे आगे पहुंचा दिया।

    वैभव सूर्यवंशी अब आईपीएल 2026 में सबसे ज्यादा रन बनाने वाले बल्लेबाज बन चुके हैं। उन्होंने 15 मैचों में 45.33 की शानदार औसत और 242.86 के तूफानी स्ट्राइक रेट से 680 रन बनाए हैं। इस सीजन उनके बल्ले से 55 चौके और 65 गगनचुंबी छक्के निकले हैं। यही नहीं वह आईपीएल इतिहास के पहले ऐसे बल्लेबाज भी बन गए हैं जिन्होंने एक सीजन में 200 से ज्यादा स्ट्राइक रेट के साथ 600 रन का आंकड़ा पार किया है।

    सनराइजर्स हैदराबाद के खिलाफ उनकी 97 रनों की पारी ने पूरे क्रिकेट जगत को हैरान कर दिया। इस पारी में उन्होंने सिर्फ चौकों से नहीं बल्कि लंबे-लंबे छक्कों से गेंदबाजों की जमकर धुनाई की। वैभव ने 12 छक्के और 5 चौके लगाकर दिखा दिया कि वह सिर्फ भविष्य के स्टार नहीं बल्कि मौजूदा समय के सबसे खतरनाक टी20 बल्लेबाजों में शामिल हो चुके हैं।

    हालांकि ऑरेंज कैप की लड़ाई अभी खत्म नहीं हुई है। वैभव सूर्यवंशी को सबसे बड़ा खतरा गुजरात टाइटंस के ओपनर साई सुदर्शन से है। सुदर्शन इस समय 652 रनों के साथ दूसरे नंबर पर मौजूद हैं और दोनों बल्लेबाजों के बीच सिर्फ 28 रनों का अंतर है। खास बात यह है कि अब राजस्थान रॉयल्स और गुजरात टाइटंस के बीच क्वालीफायर-2 मुकाबला खेला जाना है। ऐसे में इस मैच में तय हो सकता है कि ऑरेंज कैप आखिर किस खिलाड़ी के सिर सजने वाली है।

    साई सुदर्शन के अलावा गुजरात टाइटंस के कप्तान शुभमन गिल भी इस रेस में बने हुए हैं। गिल के नाम इस सीजन 618 रन हैं और अगर वह क्वालीफायर-2 में बड़ी पारी खेलते हैं तो ऑरेंज कैप की तस्वीर पूरी तरह बदल सकती है। अगर गुजरात फाइनल में पहुंचती है तो गिल और सुदर्शन दोनों को एक अतिरिक्त मैच खेलने का मौका मिलेगा, जिससे उनकी दावेदारी और मजबूत हो जाएगी।

    दूसरी तरफ विराट कोहली अब इस रेस में काफी पीछे दिखाई दे रहे हैं। रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु के स्टार बल्लेबाज ने इस सीजन 15 मैचों में 600 रन बनाए हैं और वह ऑरेंज कैप की सूची में छठे स्थान पर हैं। आरसीबी पहले ही क्वालीफायर-1 जीतकर फाइनल में पहुंच चुकी है, ऐसे में विराट के पास अपने रन बढ़ाने का सिर्फ एक ही मौका बचा है।

    यही वजह है कि अब ऑरेंज कैप की असली जंग वैभव सूर्यवंशी, साई सुदर्शन और शुभमन गिल के बीच सिमटती नजर आ रही है। मगर जिस फॉर्म में वैभव बल्लेबाजी कर रहे हैं उसे देखकर यही लग रहा है कि ऑरेंज कैप उनसे छीनना अब किसी भी बल्लेबाज के लिए आसान नहीं होगा।

  • ऑटो की किश्तें नहीं भर पाया तो ड्राइवर ने लगाई फांसी, इंदौर में दो सुसाइड केस से हड़कंप

    ऑटो की किश्तें नहीं भर पाया तो ड्राइवर ने लगाई फांसी, इंदौर में दो सुसाइड केस से हड़कंप


    नई दिल्ली। इंदौर शहर में बुधवार रात दो अलग-अलग स्थानों पर आत्महत्या के दर्दनाक मामले सामने आए, जिससे इलाके में सनसनी फैल गई। दोनों ही घटनाओं में शुरुआती कारण आर्थिक तंगी और मानसिक तनाव बताए जा रहे हैं। पुलिस ने दोनों मामलों में मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी है।

    पहली घटना विजयनगर थाना क्षेत्र की है, जहां अंबिका नगर निवासी 28 वर्षीय विशाल वर्मा ने अपने घर में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। परिजन तुरंत उसे अस्पताल लेकर पहुंचे, लेकिन डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।

    परिवार के अनुसार विशाल ऑटो रिक्शा चलाता था और उसने फाइनेंस से वाहन लिया था। पिछले तीन वर्षों से वह नियमित रूप से किश्तें चुका रहा था, लेकिन पिछले दो महीनों से आर्थिक परेशानी के कारण वह भुगतान नहीं कर पा रहा था। इसी वजह से वह लगातार मानसिक तनाव में था। परिजनों ने बताया कि फाइनेंस कंपनी की ओर से लगातार किश्त जमा करने के लिए कॉल आ रहे थे, जिससे उसकी चिंता और बढ़ गई थी।

    परिवार ने यह भी बताया कि विशाल घर का इकलौता कमाने वाला सदस्य था। उसके पीछे माता-पिता, पत्नी और एक छोटी बेटी है, जिससे परिवार पर गहरा संकट खड़ा हो गया है। पुलिस ने शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेजकर जांच शुरू कर दी है।

    दूसरी घटना छोटी ग्वालटोली क्षेत्र की है, जहां बजरंग होटल के कमरे में 25 वर्षीय पवन ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। पवन मूल रूप से ग्वालियर का रहने वाला था और अपने दोस्त विपिन के साथ काम के सिलसिले में इंदौर आया था।

    जानकारी के अनुसार दोनों युवक बड़वानी में एक शराब दुकान पर काम करते थे। आरोप है कि दुकान के मैनेजर द्वारा एक महीने का भुगतान नहीं किया गया और दोनों के साथ मारपीट कर उन्हें वहां से भगा दिया गया था। इसके बाद से ही पवन मानसिक रूप से परेशान था।

    घटना से पहले पवन ने अपने चचेरे भाई को फोन कर आत्महत्या करने की बात भी कही थी। सूचना मिलने पर उसका दोस्त विपिन होटल पहुंचा, लेकिन कमरा अंदर से बंद था। होटल कर्मचारियों की मदद से दरवाजा खोला गया तो पवन फंदे पर लटका मिला। उसे तुरंत एमवाय अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया।

    पुलिस ने दोनों मामलों में मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी है और आत्महत्या के पीछे की परिस्थितियों की विस्तृत जांच की जा रही है। शुरुआती तौर पर आर्थिक दबाव, नौकरी की अस्थिरता और मानसिक तनाव को मुख्य कारण माना जा रहा है।

  • धार्मिक मंच से सामाजिक संदेश, बारिश का पानी जमीन में उतारने पर जोर

    धार्मिक मंच से सामाजिक संदेश, बारिश का पानी जमीन में उतारने पर जोर


    नई दिल्ली। देश के सबसे स्वच्छ शहर इंदौर से बकरीद के मौके पर सांप्रदायिक सौहार्द और गंगा-जमुनी तहजीब की अनोखी तस्वीर सामने आई। सदर बाजार स्थित ईदगाह में नमाज से पहले शहर काजी डॉ. इशरत अली ने समाज को एकता, भाईचारे और जिम्मेदारी का संदेश दिया। उन्होंने खुले मंच से गाय को राष्ट्रीय धरोहर घोषित करने की मांग उठाई, जिसका वहां मौजूद हजारों नमाजियों ने हाथ उठाकर समर्थन किया। इसके बाद शांतिपूर्ण माहौल में ईद की नमाज अदा की गई।

    शहर काजी ने अपने संबोधन में कहा कि गाय को देश की दूसरी कौम के लोग बेहद सम्मान की नजर से देखते हैं। मुसलमानों पर अक्सर गोवंश को लेकर आरोप लगाए जाते हैं। ऐसे में अब समय आ गया है कि सरकार गाय को राष्ट्रीय धरोहर घोषित करे, ताकि उसके संरक्षण को और मजबूती मिल सके तथा उसके वध पर पूरी तरह रोक लगाई जा सके।

    उन्होंने कहा कि समाज में आपसी सम्मान और धार्मिक भावनाओं की कद्र करना ही असली इंसानियत है। काजी की इस अपील पर ईदगाह में मौजूद नमाजियों ने हाथ उठाकर समर्थन जताया। इस दौरान माहौल भाईचारे और सौहार्द के संदेश से भरा नजर आया।

    शहर काजी ने पर्यावरण और जल संरक्षण को लेकर भी लोगों से अपील की। उन्होंने कहा कि बारिश के पानी को जमीन में उतारने के लिए हर व्यक्ति को आगे आना होगा। सिर्फ सरकार या प्रशासन के भरोसे रहने से समस्या हल नहीं होगी। उन्होंने लोगों से अपने घरों और मोहल्लों में जल संरक्षण के उपाय अपनाने की अपील की।

    अपने संबोधन में उन्होंने नशे के बढ़ते कारोबार पर भी चिंता जताई। काजी इशरत अली ने साफ शब्दों में कहा कि समाज के कुछ लोग खुद नशे के कारोबार में शामिल हैं और यह बेहद शर्मनाक है। उन्होंने कहा कि नशा समाज को खोखला कर रहा है और इससे युवाओं का भविष्य बर्बाद हो रहा है। उन्होंने महिलाओं के भी इस अवैध धंधे में शामिल होने पर चिंता व्यक्त की।

    उन्होंने कहा कि इंदौर में नशे के खिलाफ आवाज सबसे पहले उन्होंने उठाई थी और लगातार इस मुद्दे को प्रमुखता से उठाते रहे हैं। उन्होंने प्रदेश सरकार और मंत्री कैलाश विजयवर्गीय द्वारा नशे के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान की भी सराहना की।

    इंदौर की ईद एक और वजह से खास रही। यहां पिछले करीब 50 वर्षों से हिंदू-मुस्लिम एकता की मिसाल कायम करने वाली परंपरा निभाई जा रही है। ईद के दिन शहर काजी को उनके घर से ईदगाह तक लाने और वापस छोड़ने की जिम्मेदारी एक हिंदू परिवार निभाता है। इस बार भी सत्यनारायण सलवाडिया और उनके परिवार ने इस परंपरा को निभाया। उन्होंने शहर काजी का फूलमालाओं से स्वागत किया और उन्हें ससम्मान सजाई गई बग्घी में ईदगाह तक पहुंचाया।

    वहीं प्रशासन और पुलिस ने भी त्योहार को शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए व्यापक इंतजाम किए। शहर के प्रमुख चौराहों और संवेदनशील इलाकों में सुरक्षा बल तैनात रहा।

    इधर खंडवा में भी बकरीद के मौके पर शहर काजी सैयद निसार अली ने गाय को राष्ट्रीय पशु घोषित करने की मांग उठाई। उन्होंने कहा कि मुस्लिम समाज वर्षों से हिंदू समाज की भावनाओं का सम्मान करते हुए गोवंश की कुर्बानी से बचता रहा है। साथ ही गोवंश के नाम पर होने वाली मॉब लिंचिंग और अवैध कारोबार पर सख्त कार्रवाई की मांग भी की गई।

    बकरीद के मौके पर इंदौर और खंडवा से आया यह संदेश सामाजिक सौहार्द, धार्मिक सम्मान और पर्यावरण संरक्षण की दिशा में सकारात्मक पहल के रूप में देखा जा रहा है।

  • पिको डी ओरिजाबा पर लहराएगा तिरंगा, ज्योति ने शुरू की ऐतिहासिक तैयारी

    पिको डी ओरिजाबा पर लहराएगा तिरंगा, ज्योति ने शुरू की ऐतिहासिक तैयारी


    नई दिल्ली। भारतीय पर्वतारोहण जगत के लिए एक और गौरवपूर्ण क्षण सामने आने वाला है। मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल की प्रसिद्ध पर्वतारोही ज्योति रात्रे अब अपने अगले अंतरराष्ट्रीय मिशन पर निकलने जा रही हैं। उनका लक्ष्य मैक्सिको का प्रसिद्ध पिको डी ओरिजाबा शिखर है, जिसे उत्तरी अमेरिका का सबसे ऊंचा ज्वालामुखी माना जाता है। इस शिखर की ऊंचाई 5636 मीटर यानी करीब 18,491 फीट है।

    दुनिया के सबसे चुनौतीपूर्ण पर्वत अभियानों में शामिल इस मिशन को लेकर पर्वतारोहण जगत में खास उत्साह है। बर्फ से ढके विशाल स्ट्रेटोवोल्केनो पिको डी ओरिजाबा पर चढ़ाई आसान नहीं मानी जाती। यहां जमा देने वाली ठंड, तेज हवाएं, ऑक्सीजन की कमी और खड़ी बर्फीली ढलानें पर्वतारोहियों की कठिन परीक्षा लेती हैं। ऐसे में ज्योति रात्रे का यह अभियान केवल शारीरिक क्षमता ही नहीं, बल्कि मानसिक दृढ़ता और साहस की भी बड़ी कसौटी माना जा रहा है।

    इस अभियान की सबसे खास बात यह है कि अब तक किसी भारतीय महिला पर्वतारोही ने इस शिखर पर तिरंगा नहीं फहराया है। अगर ज्योति रात्रे अपने मिशन में सफल होती हैं, तो वह यह उपलब्धि हासिल करने वाली पहली भारतीय महिला बन सकती हैं। यह उपलब्धि भारतीय महिला पर्वतारोहण इतिहास में नया अध्याय जोड़ने वाली मानी जा रही है।

    ज्योति रात्रे इस मिशन को सिर्फ व्यक्तिगत उपलब्धि के रूप में नहीं देखतीं। उनका मानना है कि यह अभियान देशभर की महिलाओं, खासकर ग्रामीण क्षेत्रों की बेटियों और महिलाओं के लिए प्रेरणा का संदेश लेकर जाएगा। वे चाहती हैं कि महिलाएं अपनी क्षमताओं को पहचानें और हर चुनौती का सामना आत्मविश्वास के साथ करें।

    प्रस्थान से पहले ज्योति रात्रे ने कहा कि पर्वतारोहण हमें सिखाता है कि मजबूत इरादों के सामने कोई भी शिखर असंभव नहीं होता। उन्होंने कहा कि महिलाएं यह समझें कि सीमाएं वही होती हैं, जिन्हें वे खुद तय करती हैं। अगर आत्मविश्वास और मेहनत हो, तो दुनिया की कोई भी ऊंचाई हासिल की जा सकती है।

    55 वर्षीय ज्योति रात्रे इससे पहले भी कई अंतरराष्ट्रीय पर्वत अभियानों में सफलता हासिल कर चुकी हैं। उन्होंने दुनिया की सबसे ऊंची चोटी माउंट एवरेस्ट सहित कई प्रमुख शिखरों पर तिरंगा फहराकर देश का नाम रोशन किया है। उनकी उपलब्धियां न केवल मध्यप्रदेश बल्कि पूरे देश के लिए गर्व का विषय रही हैं।

    अब उनका नया लक्ष्य पिको डी ओरिजाबा है, जिसे फतह करना किसी भी पर्वतारोही के लिए बड़ी उपलब्धि माना जाता है। पर्वतारोहण विशेषज्ञों के अनुसार यह अभियान तकनीकी रूप से बेहद कठिन है और यहां मौसम कुछ ही मिनटों में बदल जाता है। ऐसे में इस मिशन के लिए महीनों की तैयारी, फिटनेस और विशेष प्रशिक्षण की जरूरत होती है।

    ज्योति रात्रे का यह अभियान महिला सशक्तिकरण, साहस और आत्मनिर्भरता का मजबूत संदेश भी देता है। खेल और रोमांच की दुनिया में उनका यह कदम आने वाली पीढ़ी की लड़कियों के लिए नई प्रेरणा बन सकता है। अब पूरे देश की नजरें इस अभियान पर टिकी हैं और सभी को उम्मीद है कि भोपाल की यह बेटी मैक्सिको की ऊंचाइयों पर तिरंगा लहराकर एक नया इतिहास रचेगी।

  • गोद ली बेटी ने उठाया आत्मघाती कदम, सुसाइड नोट ने बढ़ाई रहस्य की परतें

    गोद ली बेटी ने उठाया आत्मघाती कदम, सुसाइड नोट ने बढ़ाई रहस्य की परतें


    नई दिल्ली। राजधानी भोपाल के पॉश इलाके चार इमली से बेहद संवेदनशील मामला सामने आया है। यहां आईपीएस अधिकारी संजीव कंचन और जज रेणुका कंचन की 17 वर्षीय बेटी ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। इस घटना के बाद प्रशासनिक और न्यायिक हलकों में शोक का माहौल है। पुलिस फिलहाल मामले की हर एंगल से जांच कर रही है, लेकिन अब तक आत्महत्या की स्पष्ट वजह सामने नहीं आ सकी है।

    जानकारी के मुताबिक छात्रा 11वीं कक्षा में पढ़ती थी और रातीबड़ थाना क्षेत्र के एक प्रतिष्ठित स्कूल की छात्रा थी। शुरुआती जांच में सामने आया है कि वह हाल के दिनों में पढ़ाई को लेकर तनाव में थी। पुलिस को परिवार की ओर से यह जानकारी भी दी गई कि छात्रा के पास मोबाइल फोन मिला था, जबकि माता-पिता ने उसे मोबाइल नहीं दिलाया था।

    छात्रा की मां रेणुका कंचन ने पुलिस को बताया कि मोबाइल मिलने के बाद बेटी से पूछताछ की गई थी और उसे समझाइश दी गई थी। माना जा रहा है कि इसी बात से वह मानसिक रूप से परेशान हो गई। घटना के समय माता-पिता दोनों अपने-अपने दफ्तर में थे। रेणुका कंचन भोपाल गैस राहत न्यायालय में पदस्थ हैं, जबकि संजीव कंचन वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी हैं।

    हबीबगंज थाना प्रभारी संजीव चौकसे के अनुसार छात्रा ने दसवीं कक्षा पास करने के बाद हाल ही में 11वीं में प्रवेश लिया था। घटना की सूचना मिलने के बाद पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू की। छात्रा के कमरे से एक सुसाइड नोट भी बरामद हुआ है।

    सुसाइड नोट में छात्रा ने लिखा, “मम्मी-पापा, मैं आपसे बहुत प्यार करती हूं, लेकिन मैं आपकी अच्छी बेटी नहीं बन सकी। आई एम सॉरी।” हालांकि उसने आत्महत्या के पीछे की वजह का कोई जिक्र नहीं किया। पुलिस ने नोट और मोबाइल फोन जब्त कर लिया है।

    पुलिस कमिश्नर संजय सिंह ने पुष्टि की है कि छात्रा को दंपती ने महज तीन महीने की उम्र में विधिवत गोद लिया था। परिवार ने उसे बेहद प्यार और अच्छे माहौल में पाला था। ऐसे में यह घटना सभी को झकझोर देने वाली मानी जा रही है।

    जांच एजेंसियां अब छात्रा के दोस्तों, सहपाठियों और करीबी लोगों से बातचीत कर रही हैं ताकि उसके व्यवहार में आए बदलाव या किसी मानसिक तनाव के बारे में जानकारी मिल सके। साइबर सेल की मदद से उसके सोशल मीडिया अकाउंट्स, चैट्स और हालिया ऑनलाइन गतिविधियों की भी जांच की जा रही है।

    पुलिस अधिकारियों का कहना है कि फिलहाल किसी निष्कर्ष पर पहुंचना जल्दबाजी होगी। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट और फॉरेंसिक जांच के बाद ही स्थिति अधिक स्पष्ट हो पाएगी। परिवार भी गहरे सदमे में है, इसलिए विस्तृत बयान अभी दर्ज नहीं किए जा सके हैं।

    यह घटना एक बार फिर किशोर मानसिक स्वास्थ्य, पढ़ाई के दबाव और डिजिटल दुनिया के प्रभाव जैसे गंभीर मुद्दों को सामने लेकर आई है।

  • ताज-उल-मसाजिद में उमड़ी नमाजियों की भीड़, शांति बनाए रखने की अपील

    ताज-उल-मसाजिद में उमड़ी नमाजियों की भीड़, शांति बनाए रखने की अपील


    नई दिल्ली। राजधानी भोपाल में ईद-उल-अजहा यानी बकरीद का त्योहार शुक्रवार को अकीदत, भाईचारे और शांतिपूर्ण माहौल में मनाया गया। सुबह से ही शहर की मस्जिदों और ईदगाहों में नमाजियों की भीड़ उमड़ पड़ी। लोगों ने नमाज अदा कर देश में अमन-चैन, भाईचारे और खुशहाली की दुआ मांगी। नमाज के बाद लोगों ने एक-दूसरे को गले लगाकर ईद की मुबारकबाद दी और प्रेम व सौहार्द का संदेश दिया।

    शहर की सबसे बड़ी मस्जिद ताज-उल-मसाजिद में सुबह 7 बजे ईद-उल-अजहा की विशेष नमाज अदा की गई। यहां बड़ी संख्या में अकीदतमंद पहुंचे। नमाज के दौरान इमाम ने मुल्क में अमन, इंसाफ और आपसी एकता कायम रहने की दुआ कराई। साथ ही समाज में फैल रही बुराइयों को खत्म करने और लोगों के बीच प्रेम बनाए रखने की अपील की गई।

    इमाम ने कहा कि किसी भी देश की तरक्की और खुशहाली तभी संभव है जब समाज में भाईचारा, एकता और न्याय का माहौल कायम रहे। दुआ में प्रदेश की उन्नति, बेरोजगारों को रोजगार, बीमारों को शिफा और परेशान लोगों को राहत मिलने की भी प्रार्थना की गई। इसके अलावा मदरसों, मस्जिदों और दीन की खिदमत में जुटे लोगों की सुरक्षा और सलामती की दुआ भी मांगी गई।

    नमाज में बुजुर्गों के साथ बड़ी संख्या में युवा और छोटे बच्चे भी शामिल हुए। नमाज के बाद मस्जिद परिसर में लोगों ने एक-दूसरे को गले लगाकर बकरीद की शुभकामनाएं दीं। पूरे शहर में त्योहार को लेकर उत्साह और सौहार्द का माहौल दिखाई दिया।

    इधर बकरीद को लेकर मध्यप्रदेश वक्फ बोर्ड ने कुर्बानी से संबंधित दिशा-निर्देश भी जारी किए हैं। बोर्ड ने अपील की है कि कुर्बानी केवल निर्धारित और चिन्हित स्थानों पर ही की जाए। साथ ही कुर्बानी स्थल को चारों तरफ से दीवार या टीन शेड से ढंकने और साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखने के निर्देश दिए गए हैं।

    वक्फ बोर्ड ने लोगों से यह भी कहा है कि कुर्बानी के फोटो या वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर वायरल न करें। बोर्ड के मुताबिक इससे सामाजिक सौहार्द प्रभावित हो सकता है। इसके अलावा कुर्बानी के बाद अवशेषों का सुरक्षित और वैज्ञानिक तरीके से निपटान करने तथा नगर निगम और स्थानीय प्रशासन के साथ समन्वय बनाए रखने की अपील भी की गई है।

    निर्देशों में यह भी स्पष्ट किया गया है कि प्रतिबंधित पशुओं की कुर्बानी न की जाए और शासन के सभी नियमों का पालन किया जाए। वहीं ईद की नमाज केवल मस्जिदों और ईदगाह परिसरों में ही अदा करने की सलाह दी गई है। सार्वजनिक सड़कों और खुले रास्तों पर नमाज पढ़ने से बचने की अपील भी प्रशासन की ओर से की गई।

    बकरीद के मौके पर पुलिस और प्रशासन भी अलर्ट मोड पर नजर आया। शहर के संवेदनशील इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत रखी गई ताकि त्योहार शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हो सके। कुल मिलाकर राजधानी भोपाल में बकरीद का त्योहार भाईचारे, अनुशासन और सामाजिक सौहार्द के संदेश के साथ मनाया गया।