Category: Madhya Pradesh

  • अस्पताल प्रबंधन पर उठे सवाल, मॉर्च्युरी के बाहर पोस्टमॉर्टम से हड़कंप

    अस्पताल प्रबंधन पर उठे सवाल, मॉर्च्युरी के बाहर पोस्टमॉर्टम से हड़कंप


    नई दिल्ली। राजधानी भोपाल के सबसे बड़े सरकारी अस्पताल हमीदिया में मानव संवेदनाओं को झकझोर देने वाला मामला सामने आया है। यहां मॉर्च्युरी के बाहर खुले रास्ते पर एक शव का पोस्टमॉर्टम किए जाने का वीडियो वायरल होने के बाद अस्पताल प्रशासन सवालों के घेरे में आ गया है। वीडियो में साफ दिखाई दे रहा है कि स्ट्रेचर पर रखे शव की खुले में चीर-फाड़ की जा रही है, जबकि आसपास से मरीजों के परिजन और आम लोग लगातार गुजर रहे हैं।

    मामला बजरिया थाना क्षेत्र से जुड़े एक अज्ञात व्यक्ति के शव का बताया जा रहा है। पुलिस शव को पोस्टमॉर्टम के लिए हमीदिया अस्पताल लेकर पहुंची थी। लेकिन शव को मॉर्च्युरी के अंदर ले जाने के बजाय बाहर जाने वाले रास्ते पर ही स्ट्रेचर पर रख दिया गया। इसके बाद डॉक्टरों ने वहीं खुले में पोस्टमॉर्टम शुरू कर दिया।

    वीडियो में देखा जा सकता है कि डॉक्टर छेनी और हथौड़ी की मदद से शव की खोपड़ी खोल रहे हैं। इस दौरान आसपास खड़े लोग पूरी प्रक्रिया देखते रहे। जैसे ही बदबू फैलनी शुरू हुई, वहां मौजूद लोग दूर हटने लगे। कुछ देर बाद अन्य अस्पतालकर्मी और एक पुलिसकर्मी भी मौके पर नजर आए।

    सबसे गंभीर बात यह रही कि पोस्टमॉर्टम ऐसी जगह किया गया जहां से अस्पताल के भीतर लगातार लोगों की आवाजाही बनी हुई थी। न तो वहां कोई पर्दा लगाया गया था और न ही किसी तरह की गोपनीयता या सुरक्षा व्यवस्था दिखाई दी। इससे अस्पताल की कार्यप्रणाली और संवेदनशीलता पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।

    मामला सामने आने के बाद अस्पताल प्रशासन और फॉरेंसिक विभाग ने सफाई दी। गांधी मेडिकल कॉलेज के फॉरेंसिक विभाग के एचओडी डॉ. आशीष जैन ने कहा कि कुछ विशेष मामलों में शवों की सफाई या कीड़े हटाने की प्रक्रिया मॉर्च्युरी के बाहर बने शेड वाले हिस्से में की जाती है। उनका दावा था कि सामान्य पोस्टमॉर्टम मॉर्च्युरी के अंदर ही किए जाते हैं।

    हालांकि वायरल वीडियो प्रशासन के इन दावों से बिल्कुल अलग तस्वीर दिखा रहा है। वीडियो में स्पष्ट दिखाई दे रहा है कि सिर्फ सफाई नहीं बल्कि शव का पूरा पोस्टमॉर्टम किया जा रहा था। डॉक्टर स्ट्रेचर पर ही चीर-फाड़ कर रहे थे और शव की खोपड़ी तक खोली जा रही थी।

    अस्पताल प्रशासन का दावा था कि यह प्रक्रिया शेड वाले हिस्से में होती है, लेकिन वीडियो में शव मॉर्च्युरी के मुख्य रास्ते पर खुले में रखा दिखाई दे रहा है। इस दौरान वहां से लगातार लोग गुजरते रहे। ऐसे में प्रशासन की सफाई पर सवाल उठना लाजिमी माना जा रहा है।

    इस घटना ने सरकारी अस्पतालों में व्यवस्थाओं और संवेदनशीलता को लेकर एक बार फिर बहस छेड़ दी है। सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो को लेकर लोग नाराजगी जता रहे हैं और जिम्मेदारों पर कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। कई लोगों का कहना है कि मृतक के सम्मान और आम लोगों की भावनाओं का ध्यान रखना अस्पताल प्रशासन की जिम्मेदारी होती है, लेकिन इस मामले में गंभीर लापरवाही सामने आई है।

    अब देखना होगा कि इस मामले में स्वास्थ्य विभाग और अस्पताल प्रशासन क्या कार्रवाई करता है और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए क्या कदम उठाए जाते हैं।

  • एमपी में गर्मी का कहर जारी, 46 जिलों में हीटवेव अलर्ट, खजुराहो-नौगांव 10 दिन से सबसे गर्म

    एमपी में गर्मी का कहर जारी, 46 जिलों में हीटवेव अलर्ट, खजुराहो-नौगांव 10 दिन से सबसे गर्म


    भोपाल। मध्यप्रदेश में नौतपा के दौरान इस बार भीषण गर्मी के साथ आंधी और बारिश का मिला-जुला असर देखने को मिल रहा है। पिछले तीन दिनों से कई जिलों में बारिश दर्ज की गई है, वहीं गुरुवार को भी प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में लू, तेज गर्मी और कहीं-कहीं आंधी-बारिश की संभावना जताई गई है। मौसम विभाग ने 46 जिलों में हीटवेव को लेकर चेतावनी जारी की है।

    मौसम विभाग के अनुसार, छतरपुर जिले के खजुराहो और नौगांव पिछले 10 दिनों से प्रदेश के सबसे गर्म शहर बने हुए हैं। दोनों शहरों में गुरुवार के लिए भी तीव्र लू का रेड अलर्ट जारी किया गया है। IMD भोपाल के मुताबिक, 18 मई से लगातार इन शहरों का तापमान सबसे अधिक रिकॉर्ड किया जा रहा है। इस दौरान तापमान 47 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच चुका है। बुधवार को खजुराहो और नौगांव में अधिकतम तापमान 46.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।

    अगले तीन दिन बदल सकता है मौसम
    मौसम विभाग ने 29 से 31 मई तक कई जिलों में बारिश का अनुमान जताया है। पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने से प्रदेश में आंधी और बारिश का असर बना रहेगा, जिससे कुछ इलाकों में गर्मी से राहत मिलने की संभावना है।

    कई शहरों में 44 डिग्री से ऊपर पहुंचा पारा
    बुधवार को प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में भीषण गर्मी रही। दतिया 45.7 डिग्री सेल्सियस के साथ तीसरा सबसे गर्म शहर रहा। इसके अलावा रीवा में 45.4 डिग्री, दमोह में 45.2 डिग्री, राजगढ़ और टीकमगढ़ में 45 डिग्री तथा सतना में 44.9 डिग्री तापमान दर्ज किया गया। मंडला, नरसिंहपुर और श्योपुर में 44.6 डिग्री, सागर और रायसेन में 44.4 डिग्री, मलाजखंड में 44.2 डिग्री तथा गुना में 44 डिग्री सेल्सियस तापमान रिकॉर्ड किया गया। प्रदेश के बड़े शहरों में ग्वालियर सबसे गर्म रहा, जहां तापमान 44.5 डिग्री दर्ज हुआ। भोपाल में 43.6 डिग्री, जबलपुर में 43 डिग्री, उज्जैन में 41.8 डिग्री और इंदौर में 40.4 डिग्री सेल्सियस तापमान रहा।

    कुछ जिलों में राहत के आसार
    मौसम विभाग के मुताबिक, इंदौर, धार, बड़वानी, झाबुआ, अलीराजपुर, देवास, हरदा, नर्मदापुरम और बैतूल जिलों में लू से कुछ राहत मिल सकती है। वहीं छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, सिवनी, बालाघाट, मंडला और डिंडौरी में शाम के समय आंधी और बारिश की संभावना है।

    जिलों के लिए जारी अलर्ट
    रेड अलर्ट: निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर और पन्ना।
    ऑरेंज अलर्ट: सागर, दमोह, कटनी, उमरिया, मैहर, सतना, रीवा, सीधी, मऊगंज और सिंगरौली।
    यलो अलर्ट: भोपाल, ग्वालियर, श्योपुर, मुरैना, भिंड, दतिया, गुना, अशोकनगर, विदिशा, रायसेन, सीहोर, राजगढ़, शाजापुर, आगर-मालवा, उज्जैन, रतलाम, नीमच, मंदसौर, खरगोन, खंडवा, बुरहानपुर, पांढुर्णा, छिंदवाड़ा, बालाघाट, सिवनी, मंडला, जबलपुर, डिंडौरी, अनूपपुर और शहडोल।

    मौसम विभाग का अनुमान है कि 31 मई तक प्रदेश में गर्मी के साथ आंधी और बारिश का दौर जारी रहेगा। 30 और 31 मई को कई इलाकों में तापमान में गिरावट और गर्मी से राहत देखने को मिल सकती है।

  • मई का अंतिम प्रदोष व्रत 28 मई को, प्रदोष काल में करें शिव पूजा, मिलेगा विशेष फल

    मई का अंतिम प्रदोष व्रत 28 मई को, प्रदोष काल में करें शिव पूजा, मिलेगा विशेष फल


    नई दिल्ली । मई 2026 का आखिरी प्रदोष व्रत बेहद खास माना जा रहा है। इस बार ज्येष्ठ मास के शुक्ल पक्ष की त्रयोदशी तिथि गुरुवार के दिन पड़ रही है, इसलिए इसे गुरु प्रदोष व्रत कहा जाएगा। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार प्रदोष व्रत भगवान शिव को समर्पित होता है, लेकिन गुरुवार के संयोग के कारण इस दिन भगवान विष्णु की पूजा का भी विशेष महत्व बढ़ जाता है। माना जाता है कि इस व्रत को विधि-विधान से करने पर शिवजी और विष्णुजी दोनों की कृपा प्राप्त होती है तथा जीवन के दुख और बाधाएं दूर होती हैं।

    पंचांग के अनुसार ज्येष्ठ शुक्ल त्रयोदशी तिथि का आरंभ 28 मई 2026 गुरुवार सुबह 7 बजकर 58 मिनट पर होगा। वहीं यह तिथि 29 मई शुक्रवार सुबह 9 बजकर 51 मिनट तक रहेगी। प्रदोष काल के आधार पर व्रत और पूजा 28 मई को ही की जाएगी। गुरुवार के दिन पड़ने के कारण इसे गुरु प्रदोष व्रत कहा जा रहा है।

    हिंदू धर्म में प्रदोष काल का विशेष महत्व माना गया है। मान्यता है कि इस दौरान भगवान शिव की पूजा करने से विशेष पुण्य फल प्राप्त होता है। इस बार प्रदोष काल 28 मई को शाम 6 बजकर 12 मिनट से रात 7 बजकर 57 मिनट तक रहेगा। सूर्यास्त का समय शाम 7 बजकर 12 मिनट बताया गया है। सूर्यास्त से लगभग 45 मिनट पहले और बाद का समय प्रदोष काल माना जाता है।

    गुरु प्रदोष व्रत की पूजा के लिए सुबह जल्दी उठकर स्नान करने के बाद स्वच्छ वस्त्र धारण करें और व्रत का संकल्प लें। घर के मंदिर को साफ कर चौकी पर लाल या पीला वस्त्र बिछाकर भगवान शिव की प्रतिमा स्थापित करें। पूजा स्थल पर गंगाजल छिड़कें और घी का दीपक जलाएं।

    शाम के समय प्रदोष काल में शिव मंदिर जाकर भगवान शिव का जल, दूध, दही, शहद और शक्कर से अभिषेक करें। शिवलिंग पर बेलपत्र अर्पित करें और चंदन लगाएं। इसके बाद शिव मंत्रों का जप करें तथा प्रदोष व्रत कथा का पाठ करें। अंत में भगवान शिव की आरती कर भोग अर्पित करें और प्रसाद परिवार में बांटें।

    चूंकि यह व्रत गुरुवार को पड़ रहा है, इसलिए भगवान विष्णु की पूजा करना भी अत्यंत शुभ माना गया है। विष्णुजी के सामने घी का दीपक जलाकर उनकी आराधना करने से सुख-समृद्धि और वैवाहिक जीवन में खुशहाली बनी रहती है।

  • दिग्विजय सिंह को फिर राज्यसभा भेजने की मांग तेज, दिल्ली में कांग्रेस करेगी मंथन

    दिग्विजय सिंह को फिर राज्यसभा भेजने की मांग तेज, दिल्ली में कांग्रेस करेगी मंथन


    भोपाल । मध्यप्रदेश में राज्यसभा चुनाव को लेकर सियासी हलचल तेज हो गई है। कांग्रेस के भीतर एक बार फिर वरिष्ठ नेता और पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह को राज्यसभा भेजने की मांग जोर पकड़ने लगी है। पार्टी के वरिष्ठ नेता और पूर्व मंत्री पीसी शर्मा ने खुलकर कहा है कि मौजूदा राजनीतिक परिस्थितियों को देखते हुए दिग्विजय सिंह को राज्यसभा भेजा जाना चाहिए।

    पीसी शर्मा ने कहा कि प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी और नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार हाईकमान के साथ चर्चा कर अंतिम निर्णय लेंगे। उन्होंने यह भी संकेत दिए कि जल्द ही कांग्रेस अपने उम्मीदवार के नाम का ऐलान कर सकती है। उनके अनुसार दिग्विजय सिंह और कमलनाथ जैसे वरिष्ठ नेता भी इस मामले में अपना निर्णय और राय देंगे।

    इधर राज्यसभा चुनाव को लेकर कांग्रेस आलाकमान के स्तर पर दिल्ली में रणनीतिक बैठक होने जा रही है। बताया जा रहा है कि नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार दिल्ली में शीर्ष नेतृत्व से मुलाकात करेंगे। इस बैठक में मध्यप्रदेश की राज्यसभा सीटों को लेकर विस्तार से चर्चा होगी और संभावित नामों पर मंथन किया जाएगा।

    सूत्रों के मुताबिक तीन दिनों में दूसरी बार राज्यसभा उम्मीदवारों को लेकर चर्चा हो रही है। पार्टी के भीतर रायशुमारी कर एक नाम पर सहमति बनाने की कोशिश की जा रही है। कांग्रेस फिलहाल अपने एकमात्र संभावित सीट के लिए ऐसा चेहरा तलाश रही है जो संगठन और सियासी समीकरण दोनों के लिहाज से मजबूत माना जाए।

    वहीं कांग्रेस के इस मंथन पर बीजेपी ने भी तंज कसा है। भाजपा विधायक रामेश्वर शर्मा ने कहा कि कांग्रेस में नेताओं के बीच एक-दूसरे को नीचा दिखाने की होड़ मची हुई है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस की हालत ऐसी हो चुकी है कि उसकी हर बैठक विवाद और खींचतान का कारण बन रही है।

    राज्यसभा चुनाव कार्यक्रम के अनुसार 1 जून 2026 से नामांकन प्रक्रिया शुरू होगी। उम्मीदवार 8 जून तक नामांकन दाखिल कर सकेंगे। 9 जून को नामांकन पत्रों की जांच होगी जबकि 11 जून नाम वापसी की अंतिम तारीख तय की गई है। मतदान 18 जून को सुबह 9 बजे से शाम 4 बजे तक होगा और उसी दिन शाम 5 बजे से मतगणना शुरू की जाएगी।

    देश के 10 राज्यों की कुल 24 राज्यसभा सीटों पर चुनाव होना है। मध्यप्रदेश में तीन सीटों पर मतदान होगा। इनमें दिग्विजय सिंह, जॉर्ज कुरियन और सुमेर सिंह सोलंकी का कार्यकाल समाप्त हो रहा है।
    मध्यप्रदेश विधानसभा में वर्तमान संख्या बल के हिसाब से भाजपा के 164 और कांग्रेस के 64 विधायक हैं। इसी गणित के अनुसार बीजेपी को दो सीटें और कांग्रेस को एक सीट मिलने की संभावना जताई जा रही है।

  • रीवा में सिलेंडर ब्लास्ट से बड़ा हादसा, मकान में लगी भीषण आग, परिवार के 4 लोग झुलसे

    रीवा में सिलेंडर ब्लास्ट से बड़ा हादसा, मकान में लगी भीषण आग, परिवार के 4 लोग झुलसे


    रीवा । मध्यप्रदेश के रीवा जिले में गैस सिलेंडर ब्लास्ट से बड़ा हादसा हो गया। शहर के पैपखरा इलाके में हुए इस धमाके के बाद पूरे क्षेत्र में अफरा-तफरी मच गई। हादसे में एक मकान में भीषण आग लग गई, जिसमें परिवार के चार लोग गंभीर रूप से झुलस गए। घायलों को इलाज के लिए संजय गांधी अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

    प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक धमाका इतना जोरदार था कि आसपास के लोग दहल उठे। कुछ देर तक लोगों को समझ ही नहीं आया कि आखिर हुआ क्या है। देखते ही देखते आग ने पूरे घर को अपनी चपेट में ले लिया और मकान जलकर लगभग खाक हो गया।

    स्थानीय लोगों ने तुरंत फायर ब्रिगेड और पुलिस को सूचना दी। इसके बाद लोगों ने अपनी जान जोखिम में डालकर घर में फंसे परिवार के सदस्यों को बाहर निकाला। आग पर काबू पाने के लिए दमकल की टीम को काफी मशक्कत करनी पड़ी।

    प्रारंभिक जानकारी के अनुसार घर में रखे गैस सिलेंडर का रेगुलेटर खुला हुआ था। इसी दौरान एक बछड़ा वहां टकरा गया, जिससे सिलेंडर की पाइप निकल गई और पूरे घर में गैस फैल गई। बताया जा रहा है कि चूल्हे की आग के संपर्क में आते ही गैस ने विकराल रूप ले लिया और जोरदार धमाका हो गया।

    इस हादसे में यशोदानंद शुक्ला, इंद्रकली शुक्ला और दो मासूम बच्चे गंभीर रूप से झुलस गए हैं। सभी घायलों का अस्पताल में इलाज जारी है और उनकी हालत चिंताजनक बताई जा रही है। घटना के बाद इलाके में दहशत का माहौल है। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। साथ ही आग लगने और सिलेंडर ब्लास्ट के सही कारणों की भी जांच की जा रही है।

  • इंदौर का रेती मंडी ब्रिज बना इंजीनियरिंग फेलियर का नया उदाहरण, MANIT ने पकड़ी बड़ी खामी

    इंदौर का रेती मंडी ब्रिज बना इंजीनियरिंग फेलियर का नया उदाहरण, MANIT ने पकड़ी बड़ी खामी


    इंदौर । इंदौर का बहुप्रतीक्षित रेती मंडी ब्रिज अब तकनीकी लापरवाही और खराब प्लानिंग को लेकर सवालों के घेरे में आ गया है। भोपाल के चर्चित 90 डिग्री ब्रिज विवाद के बाद अब यह प्रोजेक्ट भी इंजीनियरिंग की गंभीर चूक का उदाहरण बनता नजर आ रहा है। करोड़ों रुपए खर्च होने के बावजूद चार साल से निर्माणाधीन यह ब्रिज अब तक पूरा नहीं हो पाया है और नई तकनीकी खामी सामने आने के बाद इसका काम फिर से करीब छह महीने आगे बढ़ गया है।

    सबसे बड़ी चिंता की बात यह है कि यदि समय रहते इस गलती को नहीं पकड़ा जाता तो भविष्य में यहां बड़ा हादसा हो सकता था। दरअसल रेती मंडी ब्रिज के टर्निंग पॉइंट पर सड़क की चौड़ाई केवल 7.50 मीटर रखी गई थी। जब मौलाना आजाद नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी यानी MANIT की विशेषज्ञ टीम ने प्रूफ चेक किया तो इसे गंभीर तकनीकी खामी बताया गया।

    विशेषज्ञों के मुताबिक इतनी कम चौड़ाई वाले टर्न पर भारी वाहनों और तेज रफ्तार ट्रैफिक के कारण दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ सकता था। इसके बाद लोक निर्माण विभाग को पूरे डिजाइन में बदलाव करना पड़ा है। अब इस टर्निंग पॉइंट की चौड़ाई 7.50 मीटर से बढ़ाकर 10 मीटर की जा रही है।

    नई चौड़ाई को सपोर्ट देने के लिए दो अतिरिक्त पिलर भी लगाए जाएंगे। यानी जो काम शुरुआती प्लानिंग में होना चाहिए था, उसे अब निर्माण के बीच में बदलना पड़ रहा है। इससे न केवल प्रोजेक्ट की लागत बढ़ेगी बल्कि काम पूरा होने में भी और देरी होगी।

    तकनीकी विशेषज्ञ अतुल सेठ ने कहा कि उन्होंने पहले ही इस खामी की ओर सरकार का ध्यान आकर्षित किया था। उनके अनुसार किसी भी बड़े टर्निंग पॉइंट पर इतनी कम चौड़ाई पर्याप्त नहीं मानी जाती। अगर समय रहते सुधार नहीं किया जाता तो भविष्य में यह ब्रिज गंभीर हादसों का कारण बन सकता था।

    मामले को लेकर राजनीति भी तेज हो गई है। कांग्रेस ने लोक निर्माण विभाग पर तीखा हमला बोलते हुए इसे सरकारी लापरवाही का उदाहरण बताया है। कांग्रेस प्रवक्ता नीलाभ शुक्ला ने आरोप लगाया कि इंदौर को प्रयोगशाला बनाकर बिना उचित प्लानिंग के निर्माण कार्य किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि कभी 90 डिग्री ब्रिज बनाया जाता है, कभी पिलर गायब हो जाते हैं और अब रेती मंडी ब्रिज में तकनीकी खामी सामने आ रही है।

    रेती मंडी ब्रिज अब केवल अधूरा प्रोजेक्ट नहीं बल्कि सरकारी सिस्टम की कार्यशैली और इंजीनियरिंग की कमजोरियों पर बड़ा सवाल बन चुका है। अब लोगों की नजर इस बात पर है कि इस मामले में जिम्मेदार अधिकारियों और इंजीनियरों पर कोई कार्रवाई होती है या नहीं।

  • सतना में सनसनी, पति-पत्नी के शव घर में फांसी के फंदे पर मिले

    सतना में सनसनी, पति-पत्नी के शव घर में फांसी के फंदे पर मिले


    सतना । मध्यप्रदेश के सतना जिले में बुधवार को एक दर्दनाक और सनसनीखेज मामला सामने आया, जहां पति-पत्नी के शव घर के अंदर फांसी के फंदे पर लटके मिले। घटना के बाद पूरे गांव में हड़कंप मच गया और इलाके में शोक का माहौल है। यह मामला रामपुर बघेलान थाना क्षेत्र के तिवनी गांव का है। पुलिस के अनुसार मृतकों की पहचान 45 वर्षीय मंगलदीन कोरी और उनकी 43 वर्षीय पत्नी शकुंतला कोरी के रूप में हुई है।

    जानकारी के मुताबिक बुधवार सुबह घर का दरवाजा खुला हुआ था, लेकिन काफी देर तक अंदर से कोई हलचल नहीं होने पर पड़ोसियों को शक हुआ। इसके बाद आसपास के लोगों ने घर के अंदर जाकर देखा तो पति-पत्नी के शव फांसी के फंदे पर लटके मिले। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और दोनों शवों को कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी। पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण किया और आसपास के लोगों से पूछताछ भी की।

    फिलहाल यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि मामला आत्महत्या का है या इसके पीछे कोई और वजह है। पुलिस हर पहलू को ध्यान में रखकर जांच कर रही है। शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है, जिसकी रिपोर्ट आने के बाद मौत के कारणों का खुलासा हो सकेगा। घटना के बाद गांव में तरह-तरह की चर्चाएं चल रही हैं और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।

  • महाकालेश्वर मंदिर का श्रावण महोत्सव 2026, राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय कलाकारों की होगी प्रस्तुति

    महाकालेश्वर मंदिर का श्रावण महोत्सव 2026, राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय कलाकारों की होगी प्रस्तुति


    उज्जैन । उज्जैन स्थित विश्व प्रसिद्ध महाकालेश्वर मंदिर में आगामी 30 जुलाई से 21वें अखिल भारतीय श्रावण महोत्सव 2026 का भव्य आयोजन शुरू होने जा रहा है। धार्मिक आस्था और भारतीय सांस्कृतिक परंपरा से जुड़े इस प्रतिष्ठित महोत्सव में देशभर के साथ अंतरराष्ट्रीय स्तर के कलाकार अपनी प्रस्तुतियां देंगे।

    श्री महाकालेश्वर मंदिर प्रबंध समिति के तत्वावधान में आयोजित होने वाला यह महोत्सव वर्ष 2004 से लगातार आयोजित किया जा रहा है। हर वर्ष की तरह इस बार भी श्रावण और भाद्रपद माह में विशेष सांस्कृतिक कार्यक्रमों की श्रृंखला आयोजित की जाएगी, जिसमें संगीत, नृत्य और कला की विविध विधाओं का संगम देखने को मिलेगा।

    मंदिर समिति के अनुसार महोत्सव का आयोजन 30 जुलाई से 7 सितंबर 2026 तक किया जाएगा। इस दौरान श्रावण और भाद्रपद माह के प्रत्येक शनिवार को विशेष सांस्कृतिक संध्याएं आयोजित होंगी। इन कार्यक्रमों में देश के विभिन्न राज्यों से कलाकारों को आमंत्रित किया जाएगा, जो अपनी कला से श्रद्धालुओं और दर्शकों को मंत्रमुग्ध करेंगे।

    महाकालेश्वर मंदिर में आयोजित होने वाला यह महोत्सव केवल धार्मिक आयोजन नहीं बल्कि भारतीय संस्कृति और परंपराओं को मंच देने वाला एक बड़ा सांस्कृतिक उत्सव माना जाता है। हर साल हजारों श्रद्धालु और पर्यटक इस आयोजन का हिस्सा बनते हैं। उज्जैन की आध्यात्मिक गरिमा और सांस्कृतिक विरासत को और भव्य बनाने वाला यह महोत्सव इस बार भी देशभर के कला प्रेमियों के आकर्षण का केंद्र रहेगा।

  • मिट्टी धंसने से हुई दर्दनाक मौतें, पन्ना में मृत मजदूरों को आज दी जाएगी अंतिम विदाई

    मिट्टी धंसने से हुई दर्दनाक मौतें, पन्ना में मृत मजदूरों को आज दी जाएगी अंतिम विदाई


    पन्ना । पन्ना जिले के अजयगढ़ क्षेत्र में निर्माणाधीन कुएं की मिट्टी धंसने से हुई दर्दनाक दुर्घटना के बाद पूरे गांव में शोक का माहौल बना हुआ है। हादसे में जान गंवाने वाले मजदूरों का पोस्टमार्टम कराने के बाद आज उनका अंतिम संस्कार किया जाएगा।

    यह हादसा अजयगढ़ जनपद की ग्राम पंचायत बीहरपुरवा के नयापुरवा गांव में हुआ था, जहां निर्माणाधीन कुएं में काम के दौरान अचानक मिट्टी धंस गई थी। हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई और गांव में मातम फैल गया। मृतकों के परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।

    सभी मृत मजदूरों का पोस्टमार्टम अजयगढ़ सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में कराया गया। इसके बाद शव परिजनों को सौंप दिए गए, जिनका आज अंतिम संस्कार किया जाएगा। गांव में इस दर्दनाक घटना के बाद लोगों में गहरा दुख और आक्रोश दोनों देखा जा रहा है।

    घटना की गंभीरता को देखते हुए सागर संभाग के कमिश्नर अनिल सुचारी और पुलिस महानिरीक्षक मिथिलेश कुमार शुक्ला अजयगढ़ पहुंचे। उन्होंने घटनास्थल और अस्पताल का निरीक्षण किया तथा पीड़ित परिवारों से मुलाकात कर उन्हें सांत्वना दी।

    अधिकारियों ने परिजनों को शासन और प्रशासन की ओर से हरसंभव सहायता का भरोसा दिलाया। साथ ही संबंधित अधिकारियों को पीड़ित परिवारों की मांगों के समाधान और राहत कार्यों को लेकर आवश्यक निर्देश भी दिए गए। हादसे के बाद पूरे क्षेत्र में शोक की लहर है और ग्रामीण लगातार पीड़ित परिवारों के घर पहुंचकर संवेदनाएं व्यक्त कर रहे हैं।

  • 12 घंटे ड्यूटी फिर भी वेतन नहीं, ग्वालियर में 108 एम्बुलेंस कर्मचारियों का फूटा गुस्सा

    12 घंटे ड्यूटी फिर भी वेतन नहीं, ग्वालियर में 108 एम्बुलेंस कर्मचारियों का फूटा गुस्सा


    ग्वालियर । ग्वालियर में लोगों की जान बचाने वाली 108 एम्बुलेंस सेवा खुद गंभीर बदहाली का शिकार होती नजर आ रही है। मेंटीनेंस की कमी, खराब वाहनों, डीजल संकट और कर्मचारियों को समय पर वेतन न मिलने जैसे आरोपों ने स्वास्थ्य सेवाओं की स्थिति पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं।

    मंगलवार को 108 एम्बुलेंस सेवा से जुड़े चालक और EMT कर्मचारी अपनी समस्याएं लेकर कलेक्ट्रेट पहुंचे और जिला प्रशासन के सामने अपनी पीड़ा रखी। कर्मचारियों ने सेवा संचालन करने वाली JASS कंपनी पर लापरवाही और व्यवस्थाओं की अनदेखी के गंभीर आरोप लगाए।

    कर्मचारियों के मुताबिक जिले में संचालित सात से आठ एम्बुलेंस लंबे समय से मेंटीनेंस के अभाव में बंद पड़ी हैं। कई वाहनों के एयर कंडीशनर खराब हैं, जिससे भीषण गर्मी में मरीजों और कर्मचारियों दोनों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

    उन्होंने बताया कि कई एम्बुलेंस की लाइटें खराब हैं और कुछ वाहन डीजल की कमी के कारण रास्ते में ही बंद हो जाते हैं। कर्मचारियों का कहना है कि ऐसी स्थिति में मरीजों को समय पर अस्पताल पहुंचाना मुश्किल हो रहा है, जिससे उनकी जान पर भी खतरा बन सकता है।

    एम्बुलेंस कर्मचारियों ने यह भी आरोप लगाया कि उन्हें लगातार 12-12 घंटे की ड्यूटी करनी पड़ रही है, लेकिन इसके बावजूद समय पर वेतन नहीं दिया जा रहा। वेतन में देरी और खराब कार्य परिस्थितियों से कर्मचारियों में नाराजगी बढ़ती जा रही है।

    कर्मचारियों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही व्यवस्थाओं में सुधार नहीं हुआ तो वे काम बंद करने को मजबूर हो सकते हैं। उनका कहना है कि कई बार शिकायतों के बावजूद कंपनी की ओर से कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई।

    इस पूरे मामले ने आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाओं की जमीनी स्थिति को उजागर कर दिया है। अब देखना होगा कि प्रशासन और संबंधित कंपनी 108 एम्बुलेंस सेवा को पटरी पर लाने के लिए क्या कदम उठाते हैं, क्योंकि इसका सीधा असर मरीजों की जिंदगी पर पड़ सकता है।