Category: Madhya Pradesh

  • मिसाइल टिप्पणी पर ओवैसी और रामेश्वर शर्मा आमने-सामने, काजी कैंप से UCC तक भोपाल में तेज हुई राजनीतिक बयानबाजी

    मिसाइल टिप्पणी पर ओवैसी और रामेश्वर शर्मा आमने-सामने, काजी कैंप से UCC तक भोपाल में तेज हुई राजनीतिक बयानबाजी

    मध्य प्रदेश: की राजधानी भोपाल में भाजपा विधायक रामेश्वर शर्मा और AIMIM प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी के बीच राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। विवाद की शुरुआत रामेश्वर शर्मा की उस टिप्पणी से हुई, जिसमें उन्होंने एक कार्यक्रम के दौरान करोंद चौराहे से काजी कैंप तक मिसाइल गिराने की बात कही थी। बाद में शर्मा ने सफाई देते हुए कहा कि उनका इशारा भोपाल के काजी कैंप की ओर नहीं, बल्कि इस्लामाबाद के काजी कैंप की ओर था।

    इस बयान के बाद मामला राजनीतिक विवाद में बदल गया। 15 सितंबर को भोपाल में आयोजित सभा में असदुद्दीन ओवैसी ने रामेश्वर शर्मा की टिप्पणी का जिक्र किया। उन्होंने शर्मा को चुनौती देते हुए कहा कि यदि उनमें हिम्मत है तो काजी कैंप में आकर मिसाइल गिराकर दिखाएं। ओवैसी ने यह भी कहा कि वह इस तरह के बयानों से डरने वाले नहीं हैं।

    ओवैसी की टिप्पणी के बाद रामेश्वर शर्मा ने भी पलटवार किया। उन्होंने कहा कि अगर ओवैसी बैरिस्टर हैं तो उन्हें बदतमीजी की भाषा छोड़कर उनका पूरा बयान सुनना चाहिए। शर्मा ने कहा कि यदि उनके बयान को लेकर कोई आपत्ति है तो अदालत का रास्ता अपनाया जा सकता है।

    रामेश्वर शर्मा ने अपने जवाब में ऑपरेशन सिंदूर, भारतीय मिसाइलों और आतंकवाद का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि भारत की सेना ने आतंकवाद के खिलाफ कार्रवाई में अपनी ताकत दिखाई है। शर्मा का कहना था कि जहां आतंकवाद के कैंप और भारत विरोधी गतिविधियां होंगी, वहां भारत की मिसाइल तैयार है।

    शर्मा ने यह भी कहा कि वह अपने पहले दिए गए बयान पर कायम हैं। इस दौरान उन्होंने ओवैसी के खिलाफ कई व्यक्तिगत और आपत्तिजनक टिप्पणियां भी कीं, जिससे दोनों नेताओं के बीच बयानबाजी और तीखी हो गई।

    यह राजनीतिक विवाद केवल मिसाइल वाली टिप्पणी तक सीमित नहीं रहा। समान नागरिक संहिता यानी UCC को लेकर भी रामेश्वर शर्मा और असदुद्दीन ओवैसी के बीच मतभेद सामने आए। रामेश्वर शर्मा ने UCC का समर्थन करते हुए कहा कि यदि राजनीतिक दल हिंदुओं के वोट चाहते हैं तो हिंदू कानून को लेकर सवाल क्यों उठाए जाते हैं।

    शर्मा ने कहा कि UCC लागू होने से शादी और परिवार से जुड़े नियमों में एक समान व्यवस्था आएगी। उन्होंने यह भी दावा किया कि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने 2029 तक 21 राज्यों में UCC लागू होने की बात कही है और मध्य प्रदेश में यह लागू हो चुका है।

    वहीं, असदुद्दीन ओवैसी UCC का लगातार विरोध करते रहे हैं। भोपाल में आयोजित सभा के दौरान उन्होंने इस मुद्दे पर अपनी आपत्तियां सामने रखीं। इस तरह दोनों नेताओं के बीच राजनीतिक मतभेद मिसाइल टिप्पणी से आगे बढ़कर समान नागरिक संहिता जैसे मुद्दे तक पहुंच गए।

    करोंद चौराहे और काजी कैंप के संदर्भ से शुरू हुआ यह विवाद अब आतंकवाद और UCC से जुड़े बयानों तक पहुंच चुका है। दोनों नेताओं की ओर से लगातार सामने आए बयानों और जवाबी टिप्पणियों के कारण भोपाल में इस मुद्दे को लेकर राजनीतिक चर्चा तेज हुई है। फिलहाल पूरा विवाद दोनों नेताओं के सार्वजनिक बयानों और उनके जवाबी बयानों के इर्द-गिर्द केंद्रित है।

  • जबलपुर में बिना नंबर की कार से अंग्रेजी शराब की तस्करी का खुलासा, पुलिस ने 251 बोतलों के साथ दो आरोपियों को पकड़ा

    जबलपुर में बिना नंबर की कार से अंग्रेजी शराब की तस्करी का खुलासा, पुलिस ने 251 बोतलों के साथ दो आरोपियों को पकड़ा

    जबलपुर: के माढ़ोताल थाना क्षेत्र में पुलिस ने अवैध शराब की तस्करी के खिलाफ कार्रवाई करते हुए बिना नंबर की कार से बड़ी मात्रा में अंग्रेजी शराब बरामद की है। मंगलवार रात मुखबिर से मिली सूचना के आधार पर पुलिस टीम ने ग्राम बसा क्षेत्र में दबिश दी। कार्रवाई के दौरान पुलिस ने मौके से दो युवकों को गिरफ्तार किया। उनके कब्जे से 251 बोतल अंग्रेजी शराब बरामद हुई, जबकि शराब और वाहन की कीमत लाखों रुपये बताई गई है।

    माढ़ोताल थाना प्रभारी वीरेंद्र सिंह पवार के अनुसार पुलिस को मंगलवार रात सूचना मिली थी कि ग्राम बसा इलाके में प्रियांश अग्निहोत्री के घर के सामने सड़क पर खड़ी बिना नंबर की कार में अवैध रूप से बड़ी मात्रा में शराब रखी गई है। सूचना मिलने के बाद पुलिस टीम ने बताए गए स्थान पर पहुंचकर घेराबंदी की और कार्रवाई शुरू की।

    पुलिस टीम को अपने पास आता देखकर दो संदिग्ध युवक कार के पास से भागने की कोशिश में थे। पुलिसकर्मियों ने दोनों को घेर लिया और मौके पर ही पकड़ लिया। पूछताछ में उनकी पहचान प्रियांश अग्निहोत्री निवासी ग्राम बसा और आशुतोष उर्फ चुंगा यादव निवासी ग्राम मड़ई, रांझी के रूप में हुई।

    इसके बाद पुलिस ने मौके पर मौजूद बिना नंबर की सफेद रंग की सुजुकी फ्रोन्स कार की तलाशी ली। तलाशी के दौरान कार से 19 कार्टून बरामद किए गए। इन कार्टूनों को खोलने पर कुल 251 बोतल अंग्रेजी शराब मिली। पुलिस ने शराब को जब्त कर वाहन को भी अपने कब्जे में ले लिया।

    कार्रवाई के दौरान पुलिस को प्रियांश के घर के पोर्च में रखा एक बड़ा काला थैला भी मिला। इसमें भी शराब भरी हुई थी। पुलिस के अनुसार आरोपी इस शराब को कार में लोड करने की तैयारी कर रहे थे। इसी दौरान पुलिस टीम ने मौके पर पहुंचकर दोनों को पकड़ लिया।

    पूछताछ के दौरान आरोपियों ने पुलिस को बताया कि करीब 10 दिन पहले बिक्री के लिए ग्वारीघाट निवासी अर्जुन केवट से 25 पेटी अंग्रेजी शराब मंगाई गई थी। उनके अनुसार आशुतोष उर्फ चुंगा यादव शराब को अर्जुन केवट की बिना नंबर वाली सफेद कार से प्रियांश के घर लेकर आया था।

    आरोपियों ने पुलिस को यह भी बताया कि पुलिस की गश्त और लगातार निगरानी के कारण वे शराब को किसी दूसरे सुरक्षित स्थान पर ले जाने की तैयारी कर रहे थे। इसी दौरान माढ़ोताल पुलिस को इसकी सूचना मिल गई और टीम ने मौके पर पहुंचकर कार्रवाई कर दी।

    पुलिस ने बरामद शराब और वाहन को जब्त करने के साथ दोनों आरोपियों के खिलाफ आबकारी अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया है। पुलिस अब मामले की आगे जांच कर रही है। पूछताछ के आधार पर अवैध शराब की आपूर्ति और तस्करी से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका की भी तलाश की जा रही है।

    इस कार्रवाई के बाद पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि 25 पेटी शराब कहां से लाई गई थी और इसे आगे किन लोगों तक पहुंचाया जाना था। मामले में गिरफ्तार दोनों आरोपियों से पूछताछ जारी है। पुलिस जांच के आधार पर अवैध शराब के इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों तक पहुंचने का प्रयास कर रही है।

  • उमरिया में 30 जंगली हाथियों का झुंड खेतों में घुसा, तीन एकड़ से ज्यादा फसल रौंदी, ग्रामीणों में फैली दहशत

    उमरिया में 30 जंगली हाथियों का झुंड खेतों में घुसा, तीन एकड़ से ज्यादा फसल रौंदी, ग्रामीणों में फैली दहशत

    मध्य प्रदेश: के उमरिया जिले के परासी महामन गांव में मंगलवार रात करीब 30 जंगली हाथियों के झुंड के खेतों में पहुंचने से ग्रामीणों में दहशत फैल गई। बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व के जंगलों से निकलकर आए हाथियों ने खेतों में खड़ी फसल को रौंद दिया। इस घटना में तीन एकड़ से अधिक क्षेत्र में लगी फसल पूरी तरह बर्बाद हो गई।

    हाथियों के अचानक गांव के नजदीक पहुंचने की जानकारी मिलते ही इलाके में हड़कंप मच गया। ग्रामीणों ने हाथियों को आबादी और खेतों से दूर करने का प्रयास किया। सूचना मिलने के बाद बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व की वन विभाग की टीम भी मौके पर पहुंची और स्थिति को संभालने में जुट गई।

    हाथियों के झुंड को जंगल की ओर वापस भेजने के लिए ग्रामीणों और वनकर्मियों ने मिलकर प्रयास किया। इस दौरान जोर-जोर से शोर किया गया और मिर्ची का तीखा धुआं किया गया। कई घंटे तक चले प्रयास के बाद हाथियों के झुंड को वापस जंगल की दिशा में मोड़ने में सफलता मिली।

    हाथियों के उत्पात से परासी और महामन गांव के किसानों की फसल को भारी नुकसान हुआ है। इस घटना में किसान बृजभूषण सिंह के परासी स्थित खेत और रामनरेश सिंह के महामन स्थित खेत की फसलें पूरी तरह नष्ट हो गईं। प्रभावित किसानों ने प्रशासन से फसल नुकसान का सर्वे कराने और उचित मुआवजा देने की मांग की है।

    ग्रामीणों के मुताबिक, हाथियों के बड़े झुंड के अचानक खेतों में पहुंचने से लोगों के बीच डर का माहौल बन गया। झुंड के वापस जंगल की ओर जाने के बाद भी ग्रामीणों की चिंता बनी हुई है, क्योंकि हाथियों के दोबारा खेतों और आबादी वाले इलाकों की तरफ आने की आशंका बनी हुई है।

    वन विभाग इस पूरे क्षेत्र में हाथियों की गतिविधियों पर नजर रख रहा है। विभाग के अधिकारियों के अनुसार, हाथियों को फिलहाल जंगल की ओर खदेड़ दिया गया है। इसके बाद भी उनकी आवाजाही पर निगरानी बनाए रखने के लिए वन अमला इलाके में लगातार गश्त कर रहा है।

    हाथियों का यह झुंड बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व के जंगलों में रहता है। जंगल से सटे इलाकों में हाथियों की मौजूदगी के कारण आसपास के खेतों और रिहायशी क्षेत्रों में उनके पहुंचने का खतरा बना रहता है। इसी वजह से वन विभाग की टीम झुंड की गतिविधियों पर नजर बनाए हुए है, ताकि हाथियों की दोबारा आबादी की ओर आवाजाही को नियंत्रित किया जा सके।

    घटना के बाद किसानों के सामने फसल नुकसान की भरपाई का सवाल भी खड़ा हो गया है। प्रभावित किसानों ने प्रशासन से नुकसान का आकलन कराकर मुआवजा उपलब्ध कराने की मांग की है। वहीं वन विभाग की टीम हाथियों की गतिविधियों की निगरानी में जुटी है और इलाके में गश्त जारी रखे हुए है।

  • रायसेन में खेत में मिले चाचा-भतीजे के शव, फूल लेने गए थे दोनों, बिजली के तारों की चपेट में आने की आशंका

    रायसेन में खेत में मिले चाचा-भतीजे के शव, फूल लेने गए थे दोनों, बिजली के तारों की चपेट में आने की आशंका

    मध्य प्रदेश। के रायसेन जिले के सुल्तानगंज थाना क्षेत्र में एक खेत से चाचा-भतीजे के शव मिलने का मामला सामने आया है। दोनों मंगलवार को फूल लेने के लिए घर से खेत की ओर गए थे, लेकिन देर शाम तक वापस नहीं लौटे। इसके बाद परिजनों ने उनकी तलाश शुरू की और पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने मोबाइल लोकेशन के आधार पर खोजबीन की, जिसके बाद दोनों के शव गांव के पास नदी किनारे स्थित एक खेत में मिले।

    मामला बेरखेड़ी राजाराम गांव का है। यहां रहने वाले 45 वर्षीय अशोक अहिरवार मंगलवार दोपहर अपने 16 वर्षीय भतीजे संजय अहिरवार के साथ फूल लेने खेत की ओर गए थे। काफी समय बीतने के बाद भी दोनों घर नहीं पहुंचे तो परिवार के लोगों को चिंता हुई। उन्होंने गांव और आसपास के इलाकों में दोनों की तलाश की। परिजनों ने उनके मोबाइल फोन पर संपर्क करने का भी प्रयास किया, लेकिन कोई जवाब नहीं मिला।

    इसके बाद परिवार ने घटना की जानकारी पुलिस को दी। पुलिस ने दोनों के मोबाइल नंबरों की लोकेशन के आधार पर तलाश शुरू की। खोजबीन के दौरान पुलिस टीम गांव के नजदीक नदी किनारे ग्राम चौकीदार नर्मदा चढ़ार के खेत तक पहुंची। वहां चाचा और भतीजे के शव खेत में पड़े मिले। दोनों की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत होने से इलाके में भी लोगों की भीड़ जुट गई।

    घटनास्थल पर शवों की स्थिति को देखते हुए करंट लगने की आशंका सामने आई है। परिजनों का कहना है कि मृतक अशोक के हाथ में बिजली का तार लिपटा हुआ मिला था। परिवार ने आरोप लगाया कि खेत में जंगली जानवरों से फसल की सुरक्षा के लिए बिजली प्रवाहित तार लगाए गए थे। परिजनों को आशंका है कि इन्हीं तारों की चपेट में आने से दोनों की मौत हुई।

    हालांकि, पुलिस ने अभी मौत की वजह को लेकर अंतिम निष्कर्ष नहीं दिया है। मामले की जांच शुरू कर दी गई है और घटनास्थल से जरूरी साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं। पुलिस का कहना है कि मौत के वास्तविक कारण की पुष्टि जांच और पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही हो सकेगी।

    घटना की जानकारी मिलने के बाद सुल्तानगंज के तहसीलदार देवेंद्र शुक्ला भी मौके पर पहुंचे। उन्होंने घटनास्थल का जायजा लिया और मृतकों के परिजनों से मुलाकात की। अधिकारियों ने परिवार के सदस्यों के बयान भी दर्ज किए और नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई तथा हरसंभव मदद का भरोसा दिलाया।

    सुल्तानगंज थाना प्रभारी दिनेश सिंह रघुवंशी के अनुसार, मामले में मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी गई है। पुलिस घटनास्थल पर मिले साक्ष्यों और परिस्थितियों की जांच कर रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर दोनों की मौत की वास्तविक वजह स्पष्ट होने के बाद आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

    फिलहाल पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि खेत में बिजली का तार किस उद्देश्य से लगाया गया था और वह किस तरह सक्रिय था। परिजनों की ओर से लगाए गए आरोपों की भी जांच की जा रही है। चाचा-भतीजे की एक साथ मौत से परिवार में शोक का माहौल है।

  • जिस जमीन पर पीढ़ियों से रह रहे थे अब मिलेगा अधिकार नितिन नवीन करेंगे इंदौर में योजना की शुरुआत

    जिस जमीन पर पीढ़ियों से रह रहे थे अब मिलेगा अधिकार नितिन नवीन करेंगे इंदौर में योजना की शुरुआत

    इंदौर । इंदौर में लंबे समय से अपनी जमीन और मकान पर रहने के बावजूद वैध दस्तावेज या पट्टा नहीं होने की समस्या झेल रहे हजारों लोगों के लिए बड़ी पहल होने जा रही है। इंदौर और आसपास के इलाकों में करीब 30 हजार लोगों को स्वामित्व का अधिकार देने की तैयारी की गई है। इस योजना की शुरुआत 17 सितंबर को इंदौर के सुपर कॉरिडोर मैदान में होने वाले कार्यक्रम से की जाएगी। कार्यक्रम में भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन शामिल होंगे। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव भी इस दौरान मौजूद रहेंगे।

    राष्ट्रीय अध्यक्ष बनने के बाद नितिन नवीन का यह मध्यप्रदेश में पहला दौरा होगा। हालांकि उनके स्वागत के लिए किसी तरह की बड़ी रैली या शोभायात्रा आयोजित नहीं की जाएगी। उनका दौरा सीमित समय का रहेगा और वे सीधे सरकारी कार्यक्रम में पहुंचेंगे। बताया गया है कि इसी दिन उनका उज्जैन और नीमच जाने का कार्यक्रम भी प्रस्तावित है। हालांकि उनके पूरे दौरे का अधिकृत कार्यक्रम अभी जिला प्रशासन को नहीं मिला है।

    मंत्री कैलाश विजयवर्गीय के अनुसार स्वामित्व योजना का उद्देश्य ऐसे लोगों को उनकी जमीन और मकान का अधिकार दिलाना है जो लंबे समय से किसी स्थान पर रह रहे हैं लेकिन उनके पास उस जमीन का वैध दस्तावेज या पट्टा उपलब्ध नहीं है। ग्रामीण क्षेत्रों से लंबे समय से यह समस्या सामने आती रही है कि कई परिवार चार दशक या उससे भी ज्यादा समय से अपनी जगह पर रह रहे हैं लेकिन जमीन के मालिकाना अधिकार से जुड़े कागजात उनके पास नहीं हैं।

    बताया गया है कि प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत गरीब परिवारों के लिए बड़ी संख्या में मकान बनाए गए हैं। इसी दौरान ग्रामीण इलाकों में रहने वाले परिवारों ने जमीन के अधिकार से जुड़ी समस्या भी सामने रखी। इसके बाद स्वामित्व योजना के जरिए ऐसे परिवारों को उसी स्थान पर अधिकार देने की दिशा में काम आगे बढ़ाया गया जहां वे वर्षों से रह रहे हैं।

    इंदौर के सुपर कॉरिडोर मैदान में होने वाले कार्यक्रम में 50 हजार से ज्यादा लोगों के शामिल होने की संभावना है। इनमें करीब 30 हजार लाभार्थी आसपास के गांवों से पहुंचेंगे। जिला प्रशासन ने कार्यक्रम को लेकर तैयारियां शुरू कर दी हैं। कार्यक्रम स्थल के साथ साथ आने जाने वाले रास्तों पार्किंग सुरक्षा व्यवस्था और यातायात प्रबंधन पर भी ध्यान दिया जा रहा है।

    लाभार्थियों को कार्यक्रम स्थल तक पहुंचाने के लिए करीब 2 हजार बसों की व्यवस्था किए जाने की तैयारी है। बारिश को देखते हुए भी आयोजन स्थल पर विशेष इंतजाम किए जा रहे हैं ताकि लोगों को परेशानी न हो। नितिन नवीन की सुरक्षा को देखते हुए उनके संभावित रूट पर पर्याप्त पुलिस बल की तैनाती और कार्यक्रम स्थल पर सीसीटीवी कैमरों समेत अन्य सुरक्षा इंतजाम किए जाएंगे।

    जिला प्रशासन को दिल्ली से राष्ट्रीय अध्यक्ष के दौरे का अंतिम कार्यक्रम मिलने के बाद सुरक्षा और ट्रैफिक प्लान को अंतिम रूप दिया जाएगा। इस कार्यक्रम के जरिए लंबे समय से जमीन पर रह रहे उन लोगों को स्वामित्व का अधिकार देने की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी जिनके पास अब तक अपने घर और जमीन से जुड़े वैध दस्तावेज नहीं थे।

  • राहुल गांधी के कार्यक्रम से पहले युवाओं के बीच पहुंची कांग्रेस गिटार से गाने और नुक्कड़ नाटक से न्योता

    राहुल गांधी के कार्यक्रम से पहले युवाओं के बीच पहुंची कांग्रेस गिटार से गाने और नुक्कड़ नाटक से न्योता


    इंदौर । इंदौर में 19 सितंबर को होने वाले छात्रों की गूंज कार्यक्रम को लेकर कांग्रेस ने प्रचार का तरीका बदला है। आमतौर पर राजनीतिक कार्यक्रमों के प्रचार में ढोल नगाड़े बड़े बैनर मंच और नेताओं के औपचारिक दौरे देखने को मिलते हैं लेकिन इस बार इंदौर में कांग्रेस कार्यकर्ता युवाओं के बीच अलग अंदाज में पहुंच रहे हैं। जींस और टीशर्ट पहनकर नेता कॉलेज और हॉस्टल सहित युवाओं से जुड़े स्थानों पर जा रहे हैं। यहां गिटार पर गाने डांस और नुक्कड़ नाटक के जरिए छात्रों से संवाद किया जा रहा है और इसके बाद उन्हें 19 सितंबर के कार्यक्रम में शामिल होने का न्योता दिया जा रहा है।

    नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी 19 सितंबर को इंदौर में छात्रों की गूंज कार्यक्रम में शामिल होंगे। कार्यक्रम से पहले कांग्रेस का जोर युवाओं तक पहुंचने और उनसे सीधे बातचीत करने पर है। पार्टी की ओर से संगीत कला खेल और नुक्कड़ नाटक को प्रचार अभियान का हिस्सा बनाया गया है। कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं का कहना है कि युवाओं के बीच जाकर उनसे सहज माहौल में बातचीत करना इस अभियान का प्रमुख उद्देश्य है।

    प्रचार अभियान के दौरान युवा कलाकार भी कांग्रेस कार्यकर्ताओं के साथ अलग अलग स्थानों पर पहुंच रहे हैं। कहीं कलाकार गिटार लेकर गाने गाते नजर आ रहे हैं तो कहीं डांस और नुक्कड़ नाटक के माध्यम से छात्रों से जुड़े विषय सामने रखे जा रहे हैं। कार्यक्रम के बारे में जानकारी देने के बाद युवाओं को छात्रों की गूंज में शामिल होने के लिए आमंत्रित किया जा रहा है। इस तरह अभियान में पारंपरिक सभा की जगह संवाद और सांस्कृतिक गतिविधियों को प्रमुखता दी गई है।

    इस अभियान में महिला कांग्रेस की प्रदेश अध्यक्ष रीना बौरासी भी सक्रिय हैं। वह अलग अलग स्थानों पर नुक्कड़ नाटक की टीम और कलाकारों के साथ युवाओं के बीच पहुंच रही हैं। खासतौर पर युवतियों से बातचीत कर उन्हें कार्यक्रम में आने का न्योता दिया जा रहा है। शहर कांग्रेस अध्यक्ष चिंटू चौकसे और एनएसयूआई के प्रदेश प्रभारी रवि दांगी भी युवाओं से संपर्क कर रहे हैं। कुछ स्थानों पर खेल प्रतियोगिताओं और छोटे कार्यक्रमों के जरिए भी छात्रों से संवाद किया जा रहा है।

    अभियान के दौरान स्कूल विद्यार्थियों के बीच भी कार्यक्रम को लेकर गतिविधियां दिखाई दीं। विद्यार्थियों ने मैदान में छात्रों की गूंज लिखकर अपनी भागीदारी जताई। कांग्रेस इसे युवाओं और विद्यार्थियों के बीच कार्यक्रम को लेकर बन रहे माहौल के तौर पर देख रही है।

    इंदौर में लगाए गए कार्यक्रम से जुड़े पोस्टरों में भी अलग तरीका अपनाया गया है। पोस्टरों में कांग्रेस का नाम नहीं लिखा गया है। हालांकि कांग्रेस नेताओं के फोटो नजर आ रहे हैं लेकिन उनके राजनीतिक पदों का उल्लेख नहीं किया गया है। इससे प्रचार को सीधे राजनीतिक सभा के बजाय छात्रों और युवाओं से जुड़े आयोजन के रूप में प्रस्तुत करने की कोशिश दिखाई देती है।

    कार्यक्रम की तैयारियों के बीच आयोजकों की ओर से राजवाड़ा स्थित प्राचीन वनखंडी हनुमान मंदिर परिसर में यज्ञ हवन और पूजन कराने की भी जानकारी दी गई है। विधानसभा क्षेत्र क्रमांक 3 के प्रभारी दीपक जोशी पिंटू पूर्व प्रदेश महासचिव सन्नी पठारे और महिला कांग्रेस प्रदेश महासचिव अधिवक्ता साक्षी शुक्ला ने बताया कि कार्यक्रम की सफलता के लिए यह आयोजन किया जाएगा। आयोजकों ने कार्यक्रम की अनुमति में देरी और अधिक राशि लेकर अनुमति देने जैसी बाधाओं के आरोप भी लगाए हैं। हालांकि इन दावों पर संबंधित प्रशासनिक पक्ष का जवाब इस जानकारी में सामने नहीं आया है।

  • बाबा महाकाल के दिव्य दर्शन से गूंजा मंदिर परिसर भस्म आरती में रजत आभूषणों से सजे भगवान

    बाबा महाकाल के दिव्य दर्शन से गूंजा मंदिर परिसर भस्म आरती में रजत आभूषणों से सजे भगवान


    उज्जैन । उज्जैन स्थित विश्व प्रसिद्ध श्री महाकालेश्वर मंदिर में बुधवार तड़के बाबा महाकाल की भस्म आरती विधि विधान के साथ संपन्न हुई। भोर होते ही मंदिर परिसर बाबा महाकाल के जयकारों और मंत्रोच्चार से गूंज उठा। भस्म आरती में बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए और बाबा महाकाल के दिव्य स्वरूप के दर्शन कर आशीर्वाद प्राप्त किया। आरती के दौरान भगवान महाकाल का विशेष श्रृंगार किया गया जिसमें उन्हें राजा स्वरूप प्रदान किया गया।

    भस्म आरती की परंपरा के अनुसार मंदिर के कपाट खुलने के बाद सबसे पहले वीरभद्र जी को प्रणाम किया गया। इसके बाद स्वस्ति वाचन हुआ और अनुमति लेकर चांदी का द्वार खोला गया। गर्भगृह के पट खुलने के बाद पुजारियों ने बाबा महाकाल का पूर्व श्रृंगार उतारा। इसके बाद भगवान का पंचामृत पूजन किया गया। पंचामृत पूजन के दौरान दूध दही घी शक्कर शहद और फलों के रस से भगवान का अभिषेक किया गया। धार्मिक विधियों के बाद कर्पूर आरती भी संपन्न हुई।

    जलाभिषेक और पंचामृत पूजन के बाद बाबा महाकाल को ड्रायफ्रूट फल और मिठाई का भोग लगाया गया। इसके बाद भस्म अर्पित करने की विशेष परंपरा निभाई गई। भस्म अर्पण के बाद भगवान महाकाल का स्वरूप और भी आकर्षक हो गया। धार्मिक मान्यता के अनुसार भस्म अर्पण के बाद बाबा महाकाल निराकार से साकार रूप में भक्तों को दर्शन देते हैं। इसी परंपरा के तहत भस्म आरती के दौरान बाबा महाकाल का विशेष श्रृंगार किया गया।

    भस्म आरती के बाद बाबा महाकाल को भांग चंदन और सिंदूर से सजाया गया। इसके साथ ही विभिन्न आभूषण धारण कराए गए। भगवान के मस्तक पर शेषनाग का रजत मुकुट सजाया गया जबकि रजत मुंडमाल और रुद्राक्ष की माला ने उनके स्वरूप की दिव्यता बढ़ा दी। सुगंधित फूलों से बनी माला भी भगवान को अर्पित की गई। राजा स्वरूप में बाबा महाकाल के दर्शन कर श्रद्धालु भावविभोर नजर आए।

    मंदिर के नंदी हॉल में भी विशेष पूजा अर्चना की गई। नंदी जी का स्नान कराया गया और इसके बाद ध्यान तथा पूजन की प्रक्रिया पूरी की गई। भस्म आरती के दौरान मंदिर की धार्मिक परंपराओं के अनुसार अलग अलग पूजन विधियां संपन्न होती रहीं।

    इस विशेष आरती में महा निर्वाणी अखाड़े की ओर से बाबा महाकाल को भस्म अर्पित की गई। उज्जैन के महाकाल मंदिर में भस्म आरती को विशेष धार्मिक महत्व प्राप्त है। देश के अलग अलग हिस्सों से श्रद्धालु इस आरती में शामिल होने और बाबा महाकाल के भस्म स्वरूप के दर्शन करने के लिए पहुंचते हैं।

    बुधवार को भी आरती के दौरान मंदिर में भक्तिमय माहौल बना रहा। भस्म आरती के बाद बाबा महाकाल के राजा स्वरूप के दर्शन ने श्रद्धालुओं को आकर्षित किया। रजत मुकुट रजत मुंडमाल रुद्राक्ष माला और फूलों से सजे बाबा महाकाल के दर्शन भक्तों के लिए विशेष आध्यात्मिक अनुभव रहे।

  • चीज पिज्जा मांगा था मिला वेज पिज्जा फिर जमकर हुआ विवाद देवास में ग्राहकों और कर्मचारियों पर FIR

    चीज पिज्जा मांगा था मिला वेज पिज्जा फिर जमकर हुआ विवाद देवास में ग्राहकों और कर्मचारियों पर FIR


    देवास । देवास शहर में पिज्जा के एक ऑर्डर को लेकर शुरू हुआ विवाद मारपीट तक पहुंच गया। घटना मंगलवार रात शहर के बस स्टैंड के सामने स्थित एनी टाइम बेकरी में हुई। यहां चीज पिज्जा की जगह वेज पिज्जा दिए जाने और ऑर्डर तैयार होने में देरी को लेकर ग्राहकों और बेकरी कर्मचारियों के बीच कहासुनी हो गई। देखते ही देखते विवाद इतना बढ़ गया कि दोनों पक्षों के बीच मारपीट हो गई। घटना के बाद दोनों पक्षों ने कोतवाली थाने पहुंचकर एक दूसरे के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने दोनों पक्षों की शिकायत पर मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
    जानकारी के अनुसार राम रहीम नगर निवासी प्रिंस और संजू चौहान मंगलवार रात करीब 11 बजे पिज्जा लेने के लिए बस स्टैंड के सामने स्थित बेकरी पहुंचे थे। दोनों ने वहां चीज पिज्जा का ऑर्डर दिया था। आरोप है कि कुछ समय बाद उन्हें चीज पिज्जा की जगह वेज पिज्जा तैयार करके दे दिया गया। पहले से ही ऑर्डर मिलने में देरी को लेकर नाराज ग्राहक जब कर्मचारियों से इस बारे में बात करने लगे तो दोनों पक्षों के बीच बहस शुरू हो गई।

    शुरुआत में विवाद केवल ऑर्डर को लेकर था लेकिन बातचीत के दौरान दोनों पक्षों के बीच तनाव बढ़ता चला गया। मामला इतना बढ़ गया कि ग्राहकों और बेकरी कर्मचारियों के बीच मारपीट शुरू हो गई। घटना में बेकरी कर्मचारी देवराज सेन ने पुलिस थाने पहुंचकर शिकायत दर्ज कराई। देवराज का आरोप है कि प्रिंस और संजू ने उसके साथ मारपीट की। इस दौरान उसके सिर में चोट आई। शिकायत के आधार पर पुलिस ने मामले में कार्रवाई शुरू की।

    वहीं दूसरी ओर प्रिंस और संजू चौहान ने भी पुलिस के सामने अपनी शिकायत दर्ज कराई। दोनों का आरोप है कि बेकरी कर्मचारी देवराज सेन के अलावा संचालक जसपाल और राजू ने उनके साथ मारपीट की। इस तरह विवाद में दोनों पक्षों की ओर से एक दूसरे पर मारपीट के आरोप लगाए गए हैं।

    घटना की जानकारी मिलने के बाद कोतवाली पुलिस ने दोनों पक्षों की शिकायत को दर्ज किया। कोतवाली थाना प्रभारी शशिकांत चौरसिया के मुताबिक विवाद चीज पिज्जा की जगह वेज पिज्जा दिए जाने और ऑर्डर में देरी को लेकर शुरू हुआ था। इसके बाद दोनों पक्षों के बीच मारपीट हुई। पुलिस ने दोनों पक्षों की शिकायत पर केस दर्ज कर लिया है और मामले की जांच की जा रही है।

    फिलहाल पुलिस घटना से जुड़े लोगों के बयान दर्ज कर रही है। साथ ही विवाद की वास्तविक वजह और मारपीट की परिस्थितियों को लेकर भी जानकारी जुटाई जा रही है। मामूली बात से शुरू हुआ यह विवाद अब पुलिस केस तक पहुंच गया है। पिज्जा के ऑर्डर में हुई गलती और देरी को लेकर शुरू हुई कहासुनी ने कुछ ही देर में ऐसा रूप ले लिया कि ग्राहकों और कर्मचारियों दोनों को थाने पहुंचना पड़ा।

  • घर में 10 बच्चे फिर भी छह को खोज रहा था पिता पत्नी की तलाश के बीच ट्रेन से कटकर मौत

    घर में 10 बच्चे फिर भी छह को खोज रहा था पिता पत्नी की तलाश के बीच ट्रेन से कटकर मौत


    देवास । देवास में पत्नी और बच्चों की तलाश कर रहे 45 वर्षीय व्यक्ति की ट्रेन की चपेट में आने से मौत हो गई। घटना मंगलवार रात विजयनगर क्षेत्र में रेलवे ट्रैक पर हुई। मृतक की पहचान मोती बंगला निवासी सरदार पिता पिट्टू डामोर के रूप में हुई है। बताया जा रहा है कि सरदार पिछले करीब एक महीने से अपनी पत्नी और छह बच्चों की तलाश में इधर उधर भटक रहा था। इसी दौरान मंगलवार रात रेलवे ट्रैक पर हुए हादसे ने परिवार को गहरे सदमे में डाल दिया।

    जानकारी के मुताबिक सरदार और उसकी पत्नी के बीच अक्सर विवाद होता रहता था। करीब एक महीने पहले भी दोनों के बीच किसी बात को लेकर झगड़ा हुआ था। विवाद के बाद उसकी पत्नी अपने छह बच्चों को लेकर घर से चली गई थी। पत्नी के घर से जाने के बाद सरदार लगातार उन्हें तलाश कर रहा था। उसने पत्नी के मायके में भी जानकारी ली और वहां जाकर बच्चों के बारे में पता करने की कोशिश की लेकिन उसे कोई सुराग नहीं मिला।

    सरदार के कुल 10 बच्चे बताए गए हैं। इनमें से चार बच्चे फिलहाल उसके साथ रह रहे थे जबकि छह बच्चे उसकी पत्नी के साथ घर से चले गए थे। पत्नी और बच्चों के अचानक चले जाने के बाद सरदार उनकी तलाश में लगातार परेशान था। परिवार और आसपास के लोगों से भी उसने जानकारी जुटाई लेकिन पत्नी और बच्चों का पता नहीं चल सका।

    मंगलवार रात करीब 9:30 बजे विजयनगर क्षेत्र में सरदार रेलवे ट्रैक पर था। इसी दौरान वह ट्रेन की चपेट में आ गया। हादसा इतना गंभीर था कि उसकी मौके पर ही मौत हो गई। घटना की सूचना मिलने के बाद पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर जिला अस्पताल की मोर्चरी में रखवाया।

    पुलिस ने घटना की जानकारी मृतक के परिवार और मोहल्ले के लोगों को दी। बुधवार सुबह शव का पोस्टमार्टम कराया गया। पोस्टमार्टम के बाद शव परिजन को सौंप दिया गया। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और हादसे से जुड़े परिस्थितियों की जानकारी जुटाई जा रही है।

    फिलहाल यह स्पष्ट नहीं हो सका है कि सरदार रेलवे ट्रैक पर किस वजह से पहुंचा था। पुलिस घटना के सभी पहलुओं की जांच कर रही है। पत्नी और छह बच्चों के घर से चले जाने के बाद करीब एक महीने तक उनकी तलाश करने की बात सामने आई है। इसी दौरान उसकी ट्रेन से कटकर मौत हो गई। हादसे के बाद परिवार में मातम का माहौल है और अब पुलिस घटना की परिस्थितियों को समझने के लिए जांच आगे बढ़ा रही है।

  • मेडिकल यूनिवर्सिटी के 250 करोड़ के फंड पर भी विवाद उज्जैन को 70 फीसदी राशि देने पर आपत्ति

    मेडिकल यूनिवर्सिटी के 250 करोड़ के फंड पर भी विवाद उज्जैन को 70 फीसदी राशि देने पर आपत्ति


    जबलपुर। जबलपुर स्थित मध्य प्रदेश आयुर्विज्ञान विश्वविद्यालय के पुनर्गठन का मामला अब हाईकोर्ट पहुंच गया है। विश्वविद्यालय को दो हिस्सों में बांटने की प्रक्रिया को लेकर जबलपुर निवासी डॉ. पीजी नाजपांडे सहित अन्य लोगों ने याचिका दायर की है। याचिका में आरोप लगाया गया है कि प्रदेश की इकलौती मेडिकल साइंस यूनिवर्सिटी के पुनर्गठन में जबलपुर के साथ समान व्यवहार नहीं किया गया। मामले की गंभीरता को देखते हुए हाईकोर्ट ने राज्य सरकार और चिकित्सा शिक्षा विभाग को नोटिस जारी किया है और चार सप्ताह के भीतर जवाब पेश करने को कहा है।

    याचिका में मध्य प्रदेश आयुर्विज्ञान विश्वविद्यालय के पुनर्गठन से जुड़े राजपत्र में प्रकाशित संशोधन अधिनियम के साथ मध्य प्रदेश धन्वंतरि विश्वविद्यालय अधिनियम 2026 की वैधानिकता को भी चुनौती दी गई है। याचिकाकर्ताओं का कहना है कि नए ढांचे के तहत जबलपुर विश्वविद्यालय के हिस्से में चार संभाग रखे गए हैं जबकि उज्जैन में गठित धन्वंतरि विश्वविद्यालय को छह संभाग दिए गए हैं। याचिका में इसी व्यवस्था को लेकर सवाल उठाए गए हैं और कहा गया है कि पुनर्गठन की प्रक्रिया समानता के संवैधानिक सिद्धांत के अनुरूप नहीं है।

    याचिकाकर्ताओं की ओर से अधिवक्ता दिनेश उपाध्याय ने अदालत में पुनर्गठन की प्रक्रिया को लेकर कई आपत्तियां रखीं। उनका कहना है कि विश्वविद्यालय के विभाजन से पहले किसी विशेषज्ञ समिति से विस्तृत अध्ययन नहीं कराया गया। इसके अलावा प्रक्रिया की व्यवहार्यता को लेकर भी कोई रिपोर्ट तैयार नहीं कराई गई। याचिका में दावा किया गया है कि इतने बड़े संस्थागत बदलाव से पहले प्रशासनिक और शैक्षणिक प्रभाव का विशेषज्ञ स्तर पर आकलन किया जाना जरूरी था। इसी आधार पर याचिकाकर्ताओं ने पुनर्गठन की पूरी प्रक्रिया पर सवाल खड़े किए हैं।

    मामले में विश्वविद्यालय की आर्थिक संपत्तियों का मुद्दा भी महत्वपूर्ण बन गया है। याचिका के अनुसार मध्य प्रदेश आयुर्विज्ञान विश्वविद्यालय के पास करीब 250 करोड़ रुपए का रिजर्व फंड है। याचिकाकर्ताओं ने इस राशि के बंटवारे को लेकर भी आपत्ति दर्ज कराई है। आरोप है कि रिजर्व फंड की करीब 70 प्रतिशत राशि उज्जैन में गठित धन्वंतरि विश्वविद्यालय को दिए जाने की प्रक्रिया चल रही है। याचिका में इस राशि के हस्तांतरण पर अंतरिम रोक लगाने की मांग की गई है।

    याचिकाकर्ताओं का कहना है कि विश्वविद्यालय का पुनर्गठन केवल प्रशासनिक सीमाओं का बदलाव नहीं है बल्कि इसका सीधा असर मेडिकल शिक्षा से जुड़े संस्थानों और विद्यार्थियों पर भी पड़ सकता है। ऐसे में संभागों के बंटवारे और आर्थिक संसाधनों के वितरण को लेकर स्पष्ट और समान नीति जरूरी है। हाईकोर्ट ने फिलहाल सरकार और चिकित्सा शिक्षा विभाग से जवाब मांगा है। अब मामले की अगली सुनवाई में सरकार का पक्ष सामने आने के बाद यह स्पष्ट होगा कि पुनर्गठन की प्रक्रिया को लेकर उठाई गई आपत्तियों पर उसका क्या रुख है।