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  • छात्रों की सुरक्षा से समझौता नहीं देवास में फायर सेफ्टी खामियों पर कोचिंग क्लास सील नगर निगम का अभियान तेज

    छात्रों की सुरक्षा से समझौता नहीं देवास में फायर सेफ्टी खामियों पर कोचिंग क्लास सील नगर निगम का अभियान तेज


    देवास । देवास में छात्रों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए नगर निगम ने कोचिंग संस्थानों की जांच का विशेष अभियान शुरू किया है। अभियान के दौरान रामनगर चौराहे के पास स्थित डीसी कोचिंग क्लासेस में गंभीर सुरक्षा खामियां मिलने पर नगर निगम ने संस्थान को तत्काल प्रभाव से सील कर दिया। कार्रवाई के बाद शहर के अन्य कोचिंग संस्थानों में भी हड़कंप की स्थिति बन गई है।

    नगर निगम की टीम ने निरीक्षण के दौरान पाया कि भवन में आपातकालीन निकास के लिए बनाई गई सीढ़ियां और रैंप बेहद खराब स्थिति में थे। ऐसी स्थिति में किसी भी आपातकाल के दौरान छात्रों के सुरक्षित बाहर निकलने में गंभीर खतरा हो सकता था। इसके अलावा कक्षाओं में भी कई आवश्यक सुरक्षा और मूलभूत व्यवस्थाओं का अभाव पाया गया।

    निरीक्षण में सबसे बड़ी लापरवाही फायर सेफ्टी को लेकर सामने आई। संस्थान में आग लगने जैसी आपात स्थिति से निपटने के लिए न तो पर्याप्त अग्निशमन उपकरण उपलब्ध थे और न ही सुरक्षा के आवश्यक इंतजाम किए गए थे। नगर निगम अधिकारियों ने इसे विद्यार्थियों की सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा मानते हुए कोचिंग संस्थान को सील करने की कार्रवाई की।

    कार्रवाई के दौरान नगर निगम के अधिकारी जितेंद्र सिसौदिया सहित निगम की टीम मौके पर मौजूद रही। अधिकारियों ने बताया कि सुरक्षा नियमों का पालन सभी शैक्षणिक संस्थानों के लिए अनिवार्य है और किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

    डीसी कोचिंग क्लासेस के अलावा नगर निगम की टीम ने शहर के अन्य कोचिंग संस्थानों का भी निरीक्षण किया। इस दौरान संचालकों को भवन सुरक्षा फायर सेफ्टी और आपातकालीन निकास सहित सभी सुरक्षा मानकों का कड़ाई से पालन करने के निर्देश दिए गए। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि जिन संस्थानों में खामियां पाई जाएंगी उनके खिलाफ भी इसी प्रकार की सख्त कार्रवाई की जाएगी।

    नगर निगम ने कहा कि यह अभियान आगे भी जारी रहेगा और विद्यार्थियों की सुरक्षा के साथ किसी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा। प्रशासन ने सभी कोचिंग संचालकों से अपील की है कि वे निर्धारित सुरक्षा मानकों को प्राथमिकता दें और समय रहते आवश्यक व्यवस्थाएं पूरी कर लें ताकि भविष्य में किसी अप्रिय घटना से बचा जा सके।

  • एक साल बाद फिर मंदिर में चोरी देवास के हनुमान मंदिर से चांदी का मुकुट गायब सीसीटीवी बना अहम सुराग

    एक साल बाद फिर मंदिर में चोरी देवास के हनुमान मंदिर से चांदी का मुकुट गायब सीसीटीवी बना अहम सुराग


    देवास । मध्य प्रदेश के देवास शहर में एक बार फिर मंदिर से चोरी की घटना सामने आई है। मोती बंगला क्षेत्र स्थित हनुमान मंदिर से भगवान का चांदी का मुकुट चोरी हो गया। पूरी वारदात मंदिर में लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई है। फुटेज के आधार पर पुलिस एक संदिग्ध महिला की तलाश में जुट गई है। खास बात यह है कि इसी मंदिर में करीब एक वर्ष पहले भी मुकुट चोरी की घटना हो चुकी है।

    मंदिर से जुड़े किशोर तिलवंकर ने बताया कि मंगलवार सुबह करीब 10 बजकर 45 मिनट पर एक महिला मंदिर में प्रवेश करती हुई दिखाई दी। वह कुछ समय तक मंदिर के अंदर रही और करीब दो मिनट बाद बाहर निकल गई। सीसीटीवी फुटेज में महिला के हाथ में चांदी के मुकुट जैसा सामान दिखाई दे रहा है जिससे चोरी की आशंका और मजबूत हो गई।

    शाम के समय जब किशोर तिलवंकर के पिता नियमित पूजा के लिए मंदिर पहुंचे तो उन्होंने देखा कि भगवान हनुमान का चांदी का मुकुट अपने स्थान पर नहीं है। इसके बाद मंदिर परिसर की जांच की गई और सीसीटीवी फुटेज खंगाले गए। रिकॉर्डिंग देखने पर महिला की गतिविधियां संदिग्ध नजर आईं और मुकुट चोरी होने की पुष्टि हुई।

    मंदिर प्रबंधन के अनुसार चोरी हुए चांदी के मुकुट की कीमत सात हजार रुपए से अधिक आंकी जा रही है। घटना की जानकारी तुरंत पुलिस को दी गई जिसके बाद पुलिस ने मौके पर पहुंचकर जांच शुरू की। अधिकारियों ने सीसीटीवी फुटेज अपने कब्जे में लेकर महिला की पहचान करने और उसे जल्द गिरफ्तार करने के प्रयास तेज कर दिए हैं।

    स्थानीय लोगों का कहना है कि एक ही मंदिर में बार बार चोरी की घटनाएं होना सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े करता है। लगभग एक वर्ष पहले भी इसी मंदिर से भगवान का मुकुट चोरी हुआ था। लगातार दूसरी घटना के बाद श्रद्धालुओं में नाराजगी है और उन्होंने मंदिर की सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने की मांग की है।

    पुलिस का कहना है कि सीसीटीवी फुटेज के आधार पर संदिग्ध महिला की पहचान की जा रही है। आसपास के क्षेत्रों में भी जांच की जा रही है और जल्द ही मामले का खुलासा करने का प्रयास किया जा रहा है।

  • गुरुवार की भस्म आरती में अलौकिक दर्शन पंचामृत अभिषेक के बाद भांग बिल्वपत्र और आभूषणों से सजे महाकाल

    गुरुवार की भस्म आरती में अलौकिक दर्शन पंचामृत अभिषेक के बाद भांग बिल्वपत्र और आभूषणों से सजे महाकाल



    उज्जैन  उज्जैन स्थित विश्व प्रसिद्ध श्री महाकालेश्वर मंदिर में गुरुवार तड़के आयोजित भस्म आरती के दौरान श्रद्धा और आस्था का अद्भुत संगम देखने को मिला। ब्रह्ममुहूर्त में सुबह चार बजे मंदिर के पट खुलते ही वैदिक मंत्रोच्चार के बीच भगवान महाकाल की विशेष पूजा अर्चना शुरू हुई। गर्भगृह में स्थापित सभी देवी देवताओं का पूजन करने के बाद भगवान महाकाल का जलाभिषेक किया गया और दूध दही घी शक्कर तथा फलों के रस से तैयार पंचामृत से अभिषेक संपन्न हुआ।

    पंचामृत पूजन के बाद प्रथम घंटाल बजाकर हरि ओम का जल अर्पित किया गया। इसके पश्चात कपूर आरती हुई और भगवान महाकाल का दिव्य श्रृंगार प्रारंभ किया गया। जटाधारी स्वरूप में विराजमान बाबा महाकाल के मस्तक पर रजत चंद्र धारण कराया गया। भांग चंदन और त्रिपुण्ड से अलंकरण किया गया तथा सुगंधित गुलाब के पुष्पों की माला अर्पित की गई। इसके साथ ही रजत मुकुट पहनाकर भगवान का राजाधिराज स्वरूप में भव्य श्रृंगार किया गया।

    श्रृंगार पूर्ण होने के बाद परंपरा के अनुसार ज्योतिर्लिंग को वस्त्र से आच्छादित कर पवित्र भस्म अर्पित की गई। महा निर्वाणी अखाड़े की ओर से भगवान महाकाल को भस्म समर्पित की गई। धार्मिक मान्यता है कि भस्म अर्पण के बाद भगवान महाकाल निराकार से साकार स्वरूप में भक्तों को दर्शन देते हैं। इसी कारण भस्म आरती का विशेष आध्यात्मिक महत्व माना जाता है और देश विदेश से श्रद्धालु इस दिव्य आरती में शामिल होने के लिए उज्जैन पहुंचते हैं।

    भस्म अर्पण के पश्चात भगवान महाकाल को शेषनाग का रजत मुकुट रजत की मुंडमाला रुद्राक्ष की माला और सुगंधित पुष्पों की मालाएं अर्पित की गईं। भांग ड्रायफ्रूट बिल्वपत्र और आभूषणों से सजे बाबा महाकाल के दिव्य स्वरूप ने श्रद्धालुओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। अंत में भगवान को फल और मिष्ठान का भोग अर्पित किया गया तथा भस्म आरती में उपस्थित हजारों श्रद्धालुओं ने दर्शन कर सुख समृद्धि और कल्याण की कामना की।

    गुरुवार की इस भस्म आरती में मंदिर परिसर पूरी तरह शिवमय दिखाई दिया। हर हर महादेव और जय श्री महाकाल के जयघोषों के बीच श्रद्धालुओं ने बाबा महाकाल का आशीर्वाद प्राप्त किया और आध्यात्मिक ऊर्जा का अनुभव किया।

  • एक्स रे विभाग में सांप दिखते ही मची अफरा तफरी देवास जिला अस्पताल में आधे घंटे बाद मिला राहत

    एक्स रे विभाग में सांप दिखते ही मची अफरा तफरी देवास जिला अस्पताल में आधे घंटे बाद मिला राहत


    देवास । देवास जिला अस्पताल में गुरुवार सुबह उस समय अफरा तफरी का माहौल बन गया जब एक्स रे विभाग में अचानक एक सांप दिखाई दिया। सांप को देखते ही मरीजों और अस्पताल कर्मचारियों में दहशत फैल गई। सूचना मिलते ही अस्पताल के सुरक्षा गार्ड मौके पर पहुंचे और करीब आधे घंटे तक चले रेस्क्यू अभियान के बाद सांप को सुरक्षित पकड़ लिया गया। इसके बाद उसे जंगल में छोड़ दिया गया जिससे किसी प्रकार की जनहानि नहीं हुई।

    जानकारी के अनुसार सुबह करीब 10 बजे अस्पताल का स्टाफ अपनी ड्यूटी पर पहुंचा था। इसी दौरान एक्स रे विभाग के फर्श पर एक सांप रेंगता हुआ दिखाई दिया। अचानक सांप नजर आने से वहां मौजूद मरीज और कर्मचारी घबरा गए। कुछ ही देर में सांप पास रखी एक अलमारी के भीतर घुस गया जिससे उसे पकड़ना और भी चुनौतीपूर्ण हो गया।

    घटना की सूचना तुरंत अस्पताल प्रबंधन और सुरक्षा गार्डों को दी गई। गार्ड मौके पर पहुंचे और सबसे पहले सुरक्षा के मद्देनजर एक्स रे विभाग में मरीजों और अन्य लोगों का प्रवेश अस्थायी रूप से रोक दिया गया ताकि किसी तरह की अप्रिय घटना न हो।

    इसके बाद गार्डों ने अलमारी में छिपे सांप को बाहर निकालने के लिए सावधानीपूर्वक रेस्क्यू अभियान शुरू किया। करीब आधे घंटे की मशक्कत के बाद सांप को सुरक्षित पकड़ लिया गया और उसे एक थैले में रखकर अस्पताल परिसर से बाहर ले जाया गया। बाद में उसे प्राकृतिक आवास में सुरक्षित छोड़ दिया गया।

    समय रहते सांप को पकड़ लिए जाने से किसी मरीज या कर्मचारी को कोई नुकसान नहीं पहुंचा और अस्पताल की सेवाएं जल्द ही सामान्य रूप से शुरू कर दी गईं। घटना के बाद कुछ समय तक मरीजों में डर का माहौल जरूर रहा लेकिन रेस्क्यू पूरा होने के बाद स्थिति पूरी तरह सामान्य हो गई।

    अस्पताल प्रशासन ने बताया कि बरसात के मौसम में सांप और अन्य जीव-जंतुओं के निकलने की घटनाएं बढ़ जाती हैं। ऐसे में परिसर की नियमित साफ-सफाई और निगरानी पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं से बचा जा सके।

  • शादी समारोह से लौट रहे कारोबारी की सड़क हादसे में मौत टक्कर इतनी भीषण कि मिनी ट्रक के दोनों आगे के पहिए निकल गए

    शादी समारोह से लौट रहे कारोबारी की सड़क हादसे में मौत टक्कर इतनी भीषण कि मिनी ट्रक के दोनों आगे के पहिए निकल गए


    देवास  मध्य प्रदेश के देवास जिले में बुधवार देर रात एक भीषण सड़क हादसे में दूध व्यापारी की मौत हो गई। हाटपीपल्या क्षेत्र के नेवरी चापड़ा मार्ग पर नलकी हनुमान मंदिर के पास कार और मिनी ट्रक की आमने सामने हुई जोरदार टक्कर में कार चालक गंभीर रूप से घायल हो गया। उसे तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया लेकिन डॉक्टरों ने जांच के बाद मृत घोषित कर दिया। हादसे के बाद क्षेत्र में अफरा तफरी का माहौल बन गया और पुलिस ने मौके पर पहुंचकर जांच शुरू कर दी।

    पुलिस के अनुसार मृतक की पहचान नेवरी निवासी 42 वर्षीय राजेश जाट के रूप में हुई है। वे दूध व्यापार के साथ पशु आहार का व्यवसाय भी करते थे। जानकारी के अनुसार राजेश जाट बिजवाड़ क्षेत्र में आयोजित एक शादी समारोह में शामिल होने के बाद देर रात अपने घर लौट रहे थे। इसी दौरान नेवरी चापड़ा मार्ग पर सामने से आ रहे मिनी ट्रक से उनकी कार की आमने सामने टक्कर हो गई।

    प्रत्यक्ष जानकारी के अनुसार हादसा इतना भीषण था कि टक्कर के प्रभाव से मिनी ट्रक के आगे के दोनों पहिए निकल गए और वाहन का संतुलन बिगड़ गया। वहीं कार का अगला हिस्सा पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। कार में लगे एयरबैग खुल गए लेकिन टक्कर इतनी जोरदार थी कि चालक को गंभीर चोटें आईं और उनकी जान नहीं बचाई जा सकी।

    घटना की सूचना मिलते ही हाटपीपल्या थाना पुलिस मौके पर पहुंची और स्थानीय लोगों की मदद से घायल राजेश जाट को अस्पताल पहुंचाया। चिकित्सकों ने परीक्षण के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया। गुरुवार सुबह पोस्टमार्टम की प्रक्रिया पूरी होने के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया।

    पुलिस के अनुसार मिनी ट्रक में प्याज भरे हुए थे। हादसे में ट्रक में सवार एक व्यक्ति के घायल होने की भी जानकारी मिली है। हालांकि उसने अभी तक पुलिस से संपर्क नहीं किया है। पुलिस उसके बारे में जानकारी जुटा रही है और दुर्घटना के सभी पहलुओं की जांच की जा रही है।

    प्रारंभिक जांच में दुर्घटना के पीछे तेज रफ्तार या अन्य कारणों की संभावना से इनकार नहीं किया गया है। पुलिस घटनास्थल से मिले साक्ष्यों के आधार पर हादसे के वास्तविक कारणों का पता लगाने में जुटी है। अधिकारियों ने वाहन चालकों से रात के समय विशेष सावधानी बरतने और निर्धारित गति सीमा का पालन करने की अपील की है ताकि इस तरह की दर्दनाक घटनाओं से बचा जा सके।

  • मैटरनिटी परिसर की घटना के बाद एक्शन देवास जिला अस्पताल ने बदली व्यवस्था अब प्रसव से पहले होगी विशेष निगरानी

    मैटरनिटी परिसर की घटना के बाद एक्शन देवास जिला अस्पताल ने बदली व्यवस्था अब प्रसव से पहले होगी विशेष निगरानी


    देवास  देवास जिला अस्पताल ने मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं को अधिक सुरक्षित और प्रभावी बनाने के लिए महत्वपूर्ण कदम उठाया है। अब हाई रिस्क गर्भवती महिलाओं को उनकी संभावित प्रसव तिथि से सात दिन पहले अस्पताल में भर्ती किया जाएगा ताकि प्रसव के दौरान किसी भी प्रकार की आपात स्थिति से समय रहते निपटा जा सके। यह निर्णय हाल ही में मैटरनिटी परिसर में हुई एक प्रसव संबंधी घटना के बाद लिया गया है जिसमें महिला के अस्पताल देर से पहुंचने की बात सामने आई थी।

    गुरुवार को मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. सरोजनी जेम्स बैक ने जिला अस्पताल की मैटरनिटी विंग का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने भर्ती गर्भवती महिलाओं से बातचीत कर उनके स्वास्थ्य की जानकारी ली और अस्पताल में उपलब्ध सुविधाओं का भी जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान यह पाया गया कि कई हाई रिस्क गर्भवती महिलाएं प्रसव पीड़ा शुरू होने के बाद काफी देर से अस्पताल पहुंचती हैं जिससे मां और नवजात दोनों के लिए गंभीर जोखिम पैदा हो जाता है।

    स्थिति की गंभीरता को देखते हुए अस्पताल प्रबंधन ने नई व्यवस्था लागू करने का निर्णय लिया है। इसके तहत सभी हाई रिस्क गर्भवती महिलाओं को संभावित प्रसव तिथि से सात दिन पहले अस्पताल में भर्ती कर उनकी नियमित चिकित्सकीय निगरानी की जाएगी। इससे किसी भी जटिल स्थिति का समय रहते उपचार संभव हो सकेगा और सुरक्षित प्रसव सुनिश्चित किया जा सकेगा।

    सिर्फ हाई रिस्क गर्भवतियों के लिए ही नहीं बल्कि सामान्य गर्भवती महिलाओं के लिए भी नई पहल शुरू की गई है। अस्पताल प्रशासन अब संभावित प्रसव तिथि से चार दिन पहले गर्भवती महिलाओं से फोन पर संपर्क करेगा और उन्हें समय पर अस्पताल पहुंचकर भर्ती होने के लिए प्रेरित करेगा। इसका उद्देश्य अंतिम समय की भागदौड़ और प्रसव के दौरान होने वाली संभावित जटिलताओं को कम करना है।

    निरीक्षण के दौरान सीएमएचओ ने अस्पताल के सोनोग्राफी केंद्र और चिकित्सकों के कक्ष का भी निरीक्षण किया तथा अधिकारियों को सभी आवश्यक व्यवस्थाएं बेहतर बनाए रखने के निर्देश दिए। उन्होंने गर्भवती महिलाओं को नियमित स्वास्थ्य जांच कराने और सरकार द्वारा संचालित मातृ स्वास्थ्य योजनाओं का पूरा लाभ उठाने की सलाह भी दी।

    अस्पताल प्रशासन का मानना है कि समय पर भर्ती और लगातार चिकित्सकीय निगरानी से मातृ मृत्यु और नवजात शिशुओं से जुड़े जोखिमों को काफी हद तक कम किया जा सकता है। नई व्यवस्था का उद्देश्य सुरक्षित मातृत्व को बढ़ावा देना और हर गर्भवती महिला को समय पर बेहतर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराना है।

  • बड़वाह की बिजली लाइन में फॉल्ट का असर इंदौर की जलापूर्ति पर नर्मदा परियोजना के सभी पंप बंद

    बड़वाह की बिजली लाइन में फॉल्ट का असर इंदौर की जलापूर्ति पर नर्मदा परियोजना के सभी पंप बंद


    इंदौर । इंदौर में गुरुवार को कई क्षेत्रों के लोगों को पानी की सप्लाई में परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। बड़वाह जलूद क्षेत्र में विद्युत आपूर्ति बाधित होने के कारण नर्मदा जल परियोजना के सभी प्रमुख पंप बंद हो गए हैं। इसका सीधा असर शहर की जलापूर्ति व्यवस्था पर पड़ा है और कई इलाकों में कम दबाव से पानी पहुंचने की संभावना जताई गई है।

    जानकारी के अनुसार 132 केवी बड़वाह विद्युत लाइन में तकनीकी खराबी आने के कारण नर्मदा परियोजना के फेज एक फेज दो और फेज तीन के सभी पंप अचानक बंद हो गए। इन पंपों के बंद होने से नर्मदा का पानी शहर की विभिन्न जल टंकियों तक नहीं पहुंच सका जिससे टंकियों का भराव प्रभावित हुआ है। इसी वजह से गुरुवार को होने वाली नियमित जलापूर्ति पर असर पड़ने की आशंका है।

    नगर निगम प्रशासन ने स्थिति को गंभीरता से लेते हुए तत्काल बिजली विभाग के अधिकारियों से संपर्क किया है। नगर निगम आयुक्त क्षितिज सिंघल ने बड़वाह क्षेत्र के मध्य प्रदेश विद्युत मंडल के अधिकारियों से चर्चा कर बिजली आपूर्ति जल्द से जल्द बहाल करने और तकनीकी खराबी दूर करने के निर्देश दिए हैं ताकि जलापूर्ति व्यवस्था सामान्य की जा सके।

    नगर निगम ने नागरिकों से अपील की है कि पानी का उपयोग आवश्यकता के अनुसार ही करें और अनावश्यक रूप से पानी की बर्बादी से बचें। जब तक बिजली आपूर्ति पूरी तरह बहाल नहीं हो जाती तब तक शहर के कुछ हिस्सों में पानी कम दबाव से पहुंच सकता है या निर्धारित समय से देरी भी हो सकती है।

    बिजली आपूर्ति सामान्य होते ही नर्मदा परियोजना के पंप दोबारा शुरू किए जाएंगे और जल टंकियों को भरने का कार्य तेजी से किया जाएगा। इसके बाद जल वितरण व्यवस्था भी धीरे धीरे सामान्य हो जाएगी। प्रशासन का कहना है कि तकनीकी समस्या दूर करने के लिए संबंधित विभाग लगातार काम कर रहा है ताकि लोगों को कम से कम असुविधा हो।

  • इंदौर में दर्दनाक सड़क हादसा पैदल युवक और बाइक सवार की गई जान तेज रफ्तार बनी हादसे की वजह

    इंदौर में दर्दनाक सड़क हादसा पैदल युवक और बाइक सवार की गई जान तेज रफ्तार बनी हादसे की वजह


    इंदौर । मध्य प्रदेश के इंदौर में तेज रफ्तार एक बार फिर जानलेवा साबित हुई। राऊ थाना क्षेत्र में बुधवार शाम हुए सड़क हादसे में सड़क पार कर रहे एक युवक और बाइक चालक दोनों की मौत हो गई। हादसे के बाद दोनों को गंभीर हालत में निजी अस्पताल पहुंचाया गया था लेकिन इलाज के दौरान दोनों ने दम तोड़ दिया। पुलिस ने मामला दर्ज कर दुर्घटना के कारणों की जांच शुरू कर दी है।

    पुलिस के अनुसार हादसा सेज यूनिवर्सिटी के सामने हुआ। अलीराजपुर जिले के कदावली गांव निवासी 22 वर्षीय नरपत सिंह चौहान काम खत्म करने के बाद अपने घर लौट रहे थे। इसी दौरान वह सड़क पार कर रहे थे तभी राऊ की ओर से तेज गति से आ रही एक बाइक ने उन्हें जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि नरपत सिंह और बाइक चालक दोनों सड़क पर गिरकर गंभीर रूप से घायल हो गए।

    हादसे के तुरंत बाद आसपास मौजूद लोगों ने मानवता दिखाते हुए दोनों घायलों को नजदीकी निजी अस्पताल पहुंचाया। डॉक्टरों ने दोनों का इलाज शुरू किया लेकिन गंभीर चोटों के कारण रात के दौरान दोनों की मौत हो गई। घटना की सूचना मिलने पर पुलिस अस्पताल पहुंची और आवश्यक कानूनी कार्रवाई शुरू की।

    मृतक नरपत सिंह चौहान इलेक्ट्रीशियन का काम करते थे। उनके परिवार में माता पिता और तीन भाई हैं जो अलीराजपुर जिले के कदावली गांव में रहते हैं। परिजनों के अनुसार उनकी शादी इसी वर्ष हुई थी और वे परिवार की जिम्मेदारियां निभाने के लिए इंदौर में काम कर रहे थे। उनकी असमय मौत से परिवार गहरे सदमे में है।

    दूसरे मृतक की पहचान 22 वर्षीय आयान पुत्र इमरान खान के रूप में हुई है जो सोनवाय क्षेत्र का रहने वाला था। वह एक कपड़ों की दुकान पर काम करता था जबकि उसके पिता छोटा व्यवसाय करते हैं। पुलिस के अनुसार हादसे के समय आयान अपनी नानी से मिलने मुंडला क्षेत्र जा रहा था। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि बाइक की रफ्तार काफी अधिक थी और चालक वाहन पर नियंत्रण नहीं रख सका जिससे यह दर्दनाक हादसा हो गया।

    राऊ थाना पुलिस ने दुर्घटना का मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस आसपास के सीसीटीवी कैमरों की फुटेज और अन्य साक्ष्यों के आधार पर हादसे की परिस्थितियों की जांच कर रही है। अधिकारियों ने वाहन चालकों से अपील की है कि वे निर्धारित गति सीमा का पालन करें और सड़क पर विशेष सावधानी बरतें क्योंकि तेज रफ्तार की छोटी सी लापरवाही भी किसी परिवार की खुशियां हमेशा के लिए छीन सकती है।

  • इंदौर में हरियाली का महाअभियान इस बार लगेंगे 21 लाख पौधे मंत्री विजयवर्गीय बोले पेड़ बचाना सबसे बड़ी जिम्मेदारी

    इंदौर में हरियाली का महाअभियान इस बार लगेंगे 21 लाख पौधे मंत्री विजयवर्गीय बोले पेड़ बचाना सबसे बड़ी जिम्मेदारी


    इंदौर । इंदौर में इस वर्ष बड़े स्तर पर हरियाली बढ़ाने की तैयारी शुरू हो गई है। शहर में 21 लाख पौधे लगाने के लक्ष्य के साथ व्यापक वृक्षारोपण अभियान चलाया जाएगा। इस अभियान में नगर निगम विभिन्न सरकारी विभाग सामाजिक संगठनों औद्योगिक संस्थानों और आम नागरिकों की भागीदारी सुनिश्चित की जाएगी। मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने कहा कि केवल पौधे लगाना ही नहीं बल्कि उन्हें जीवित रखना सबसे बड़ी प्राथमिकता होगी ताकि आने वाले वर्षों में इंदौर को देश का सबसे हराभरा शहर बनाया जा सके।

    बुधवार को एआईसीटीएसएल कार्यालय में आयोजित बैठक में अभियान की रूपरेखा पर विस्तार से चर्चा की गई। बैठक में जनप्रतिनिधियों नगर निगम अधिकारियों और सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया। बैठक के बाद मीडिया से बातचीत में मंत्री विजयवर्गीय ने कहा कि इस बार ऐसा मॉडल तैयार किया जा रहा है जिसमें लगाए गए प्रत्येक पौधे की देखभाल सुनिश्चित की जाएगी। उन्होंने बताया कि नगर निगम के साथ सभी सरकारी विभागों और स्वयंसेवी संस्थाओं का सहयोग लिया जाएगा ताकि अभियान जन आंदोलन का रूप ले सके।

    उन्होंने जानकारी दी कि देवगुराड़िया क्षेत्र के पास स्थित एक टेकरी को हराभरा बनाने की विशेष योजना तैयार की गई है। यहां एक से दो लाख पौधे लगाए जाएंगे। कोशिश होगी कि पांच फीट या उससे अधिक ऊंचाई वाले पौधे लगाए जाएं ताकि उनके जीवित रहने की संभावना अधिक रहे और कम समय में हरियाली विकसित हो सके।

    मंत्री ने कहा कि जल संरक्षण और वृक्षारोपण एक दूसरे से जुड़े हुए विषय हैं। उन्होंने चिंता जताई कि पहले जहां एक सौ से डेढ़ सौ फीट की गहराई पर पानी मिल जाता था वहीं अब कई स्थानों पर सात सौ फीट तक बोरिंग करने के बाद भी पर्याप्त पानी नहीं मिल रहा है। उनके अनुसार इसका प्रमुख कारण वर्षा जल का संरक्षण नहीं होना और प्राकृतिक संसाधनों के प्रति लापरवाही है। उन्होंने कहा कि अब कृत्रिम जल पुनर्भरण की दिशा में गंभीर प्रयास करना समय की आवश्यकता है।

    उन्होंने शहरवासियों से अपील की कि जिनके मकानों की छत लगभग पंद्रह सौ वर्गफीट है वे वर्षा जल को सीधे जमीन में पहुंचाने की व्यवस्था करें। उनके अनुसार पांच से सात हजार रुपये के खर्च से यह व्यवस्था आसानी से की जा सकती है जिससे भूजल स्तर बढ़ाने में मदद मिलेगी। उन्होंने बताया कि ऐसी व्यवस्था करने वाले लोगों को नगर निगम की ओर से संपत्ति कर में रियायत देने की योजना पर भी काम किया जा रहा है। उनका कहना था कि यदि आने वाली पीढ़ियों के लिए इंदौर को सुरक्षित और रहने योग्य बनाना है तो जल संरक्षण को जन आंदोलन बनाना होगा।

    विजयवर्गीय ने बताया कि इस अभियान में औद्योगिक संस्थानों और स्वयंसेवी संगठनों से उनके सामाजिक दायित्व के तहत सहयोग मांगा गया है। उनसे बड़े आकार के पौधे उपलब्ध कराने का अनुरोध किया गया है ताकि पौधारोपण के बेहतर परिणाम मिल सकें। उन्होंने यह भी कहा कि इस बार वन विभाग ने अभियान में पूरा सहयोग देने का भरोसा दिया है जबकि पिछले अभियान के दौरान अपेक्षित सहयोग नहीं मिल पाया था।

    मुख्यमंत्री को लिखे गए कथित पत्र के संबंध में पूछे गए सवाल पर मंत्री ने संक्षिप्त जवाब देते हुए कहा कि वह मामला अब पूरी तरह समाप्त हो चुका है और उस अध्याय को बंद समझा जाए। फिलहाल उनका पूरा ध्यान इंदौर को अधिक हराभरा बनाने और जल संरक्षण के व्यापक अभियान पर केंद्रित है।

  • मूसलाधार बारिश के बाद इंदौर में दर्दनाक हादसा नाले में बहे युवक का शव बरामद अहीरखेड़ी का युवक अब भी लापता

    मूसलाधार बारिश के बाद इंदौर में दर्दनाक हादसा नाले में बहे युवक का शव बरामद अहीरखेड़ी का युवक अब भी लापता


    इंदौर । इंदौर में लगातार हो रही तेज बारिश के बीच हुए हादसों ने शहर को झकझोर दिया है। बुधवार शाम हुई मूसलाधार बारिश के दौरान अलग अलग स्थानों पर तेज बहाव में दो युवक बह गए थे। इनमें लसूड़िया क्षेत्र से लापता हुए युवक का शव गुरुवार सुबह बरामद कर लिया गया जबकि अहीरखेड़ी क्षेत्र से बहा युवक अब भी लापता है। पुलिस और एसडीईआरएफ की टीम लगातार राहत और बचाव अभियान चला रही है।

    पुलिस के अनुसार लसूड़िया मोरी निवासी 34 वर्षीय गोलू पंवार बुधवार रात करीब नौ बजे अपने पिता के लिए खाना लेकर जा रहा था। रास्ते में वह नाले के किनारे से गुजर रहा था तभी तेज बारिश के कारण बढ़े पानी के बहाव में उसका संतुलन बिगड़ गया और वह नाले में बह गया। घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस और स्थानीय लोगों ने रात में उसकी तलाश शुरू की लेकिन अंधेरा और तेज बहाव के कारण सफलता नहीं मिल सकी।

    गुरुवार सुबह एसडीईआरएफ की टीम ने दोबारा सर्च ऑपरेशन शुरू किया। करीब एक घंटे की मशक्कत के बाद गोलू का शव पुल के नीचे कचरे में फंसा मिला। टीम ने शव को बाहर निकालकर पुलिस को सौंप दिया जिसके बाद उसे पोस्टमार्टम के लिए एमवाय अस्पताल भेजा गया। गोलू ईंट निर्माण फैक्ट्री में काम करता था। उसके परिवार में माता पिता और छोटा भाई हैं। उसके पिता एक निजी कंपनी में सुरक्षा गार्ड के रूप में कार्यरत हैं। घटना के बाद परिवार में शोक का माहौल है।

    दूसरी ओर अहीरखेड़ी क्षेत्र में बुधवार को तेज बहाव में बहा युवक महेश चौहान अब भी लापता है। जानकारी के अनुसार महेश अपने दोस्त मनीष के साथ पुल की रपट पार कर रहा था। इसी दौरान दोनों पानी के तेज बहाव की चपेट में आ गए। मनीष किसी तरह खुद को बचाने में सफल रहा लेकिन महेश बह गया और तब से उसका कोई पता नहीं चल सका है।

    पुलिस और राहत दल ने बुधवार रात से ही आसपास के इलाकों में खोज अभियान शुरू कर दिया था। गुरुवार सुबह भी एसडीईआरएफ और पुलिस की संयुक्त टीम ने कई स्थानों पर तलाशी अभियान चलाया लेकिन समाचार लिखे जाने तक महेश का कोई सुराग नहीं मिला था। अधिकारियों का कहना है कि पानी का बहाव कम होने के साथ खोज अभियान लगातार जारी रहेगा।

    लगातार हो रही बारिश के कारण शहर के कई नाले और पुलिया उफान पर हैं। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि बारिश के दौरान जलभराव वाले क्षेत्रों नालों और रपटों को पार करने का प्रयास न करें तथा मौसम खराब होने पर सुरक्षित स्थानों पर ही रहें। विशेषज्ञों का कहना है कि थोड़ी सी लापरवाही भी ऐसे मौसम में बड़े हादसे का कारण बन सकती है।