Category: Madhya Pradesh

  • भोपाल का पानी RO से भी ज्यादा शुद्ध? मेयर मालती राय ने प्लांट में खुद पिया पानी

    भोपाल का पानी RO से भी ज्यादा शुद्ध? मेयर मालती राय ने प्लांट में खुद पिया पानी

    भोपाल । भोपाल में भीषण गर्मी के बीच पानी की किल्लत और गंदे पानी की शिकायतों को लेकर चल रहे विवाद के बीच नगर निगम ने लोगों का भरोसा जीतने की कोशिश की है। इसी कड़ी में मंगलवार को भोपाल की मेयर मालती राय ने अरेरा हिल्स स्थित वॉटर फिल्ट्रेशन प्लांट का औचक निरीक्षण किया और वहां पहुंचकर खुद ट्रीटेड पानी का गिलास पीकर उसकी शुद्धता का दावा किया।

    मेयर मालती राय ने कहा कि अपर लेक से सप्लाई होने वाला पानी पूरी तरह सुरक्षित है और यह RO से भी बेहतर गुणवत्ता का है। उन्होंने लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देने और निगम के जल सप्लाई सिस्टम पर भरोसा रखने की अपील की। निरीक्षण के दौरान भाजपा पार्षद रवींद्र यति और नगर निगम के अधिकारी भी मौजूद रहे।

    अधिकारियों ने मेयर को जानकारी दी कि एनएबीएल मान्यता प्राप्त लैब में पानी के सैंपल की जांच की गई है, जिसमें पीएच लेवल, टीडीएस, टर्बिडिटी और बैक्टीरियल सेफ्टी सभी मानकों के अनुरूप पाए गए हैं। नगर निगम का दावा है कि अब तक 20 हजार से अधिक पानी के सैंपल की जांच की जा चुकी है और सभी रिपोर्ट संतोषजनक रही हैं।

    हालांकि दूसरी ओर शहर में लो-प्रेशर और गंदे पानी की शिकायतें लगातार सामने आ रही हैं। अधिकारियों ने माना कि बार-बार बिजली कटौती होने से पंपिंग सिस्टम प्रभावित होता है, जिसके कारण कई इलाकों में पानी का दबाव कम हो जाता है। सिस्टम को दोबारा शुरू करने में समय लगने से सप्लाई प्रभावित हो रही है।

    नगर निगम के आंकड़े भी शहर की जल व्यवस्था की चुनौतियों को उजागर कर रहे हैं। निगम के अनुसार 1 जनवरी से अब तक 5,610 पाइपलाइन लीकेज सुधारे गए हैं। इसका मतलब है कि पिछले करीब पांच महीनों में रोज औसतन 38 पाइपलाइन लीकेज सामने आए हैं।

    इसके अलावा नगर निगम ने 15 हजार से अधिक सीवेज चैंबरों की सफाई भी कराई है ताकि जलभराव और ओवरफ्लो जैसी समस्याओं को रोका जा सके। बावजूद इसके विशेषज्ञों और स्थानीय लोगों का कहना है कि प्लांट का पानी भले शुद्ध हो, लेकिन पुरानी और बार-बार टूटने वाली पाइपलाइनें घरों तक पहुंचते-पहुंचते पानी को दूषित कर सकती हैं। मेयर के इस निरीक्षण और दावे के बाद अब लोगों की नजर इस बात पर है कि नगर निगम पानी की गुणवत्ता के साथ वितरण व्यवस्था को सुधारने के लिए कितनी तेजी से काम करता है।

  • मुरैना में हैरान करने वाला कांड, स्कूटर पर पिस्टल लोड करते समय चली गोली, दोनों घायल

    मुरैना में हैरान करने वाला कांड, स्कूटर पर पिस्टल लोड करते समय चली गोली, दोनों घायल


    मुरैना । मध्यप्रदेश के मुरैना जिले में एक बेहद चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां दो युवकों ने खुद पर चली गोलियों को गैंगवार और हमले का रूप देने की कोशिश की, लेकिन पुलिस जांच और CCTV फुटेज ने पूरी सच्चाई उजागर कर दी।

    घटना मंगलवार को गर्ल्स स्कूल रोड इलाके में हुई, जब अचानक गोलियों की आवाज सुनकर इलाके में हड़कंप मच गया। स्कूटर पर सवार दो युवक गंभीर रूप से घायल हो गए और दोनों को तीन-तीन गोलियां लगीं। शुरुआत में मामला किसी आपसी रंजिश या गैंगवार जैसा दिखाई दिया, लेकिन जांच आगे बढ़ने पर कहानी पूरी तरह बदल गई।

    पुलिस के अनुसार घायल युवकों की पहचान गोपालपुरा निवासी राहुल सिकरवार और पुराना चुंगी नाका निवासी निखिल तिवारी के रूप में हुई है। दोनों एक स्कूटर पर सवार होकर जा रहे थे। इसी दौरान पीछे बैठे युवक ने अपनी अवैध पिस्टल निकाली और चलते वाहन पर ही उसे लोड करने लगा।

    जांच में सामने आया कि जैसे ही स्कूटर एक स्पीड ब्रेकर से गुजरा, जोरदार झटका लगने से युवक का संतुलन बिगड़ गया और पिस्टल से लगातार कई राउंड फायर हो गए। अचानक हुई फायरिंग में दोनों युवक खुद ही गोलियों की चपेट में आ गए।

    पुलिस ने जब सड़क किनारे लगे CCTV कैमरों की फुटेज देखी तो पूरी घटना साफ हो गई। फुटेज में स्कूटर के झटके के बाद गोली चलने और दोनों युवकों के घायल होने की घटना कैद हो गई। इसके बाद पुलिस को समझ आ गया कि यह किसी गैंगवार का मामला नहीं बल्कि लापरवाही और अवैध हथियार के इस्तेमाल का मामला है।

    इस घटना ने एक बार फिर चंबल क्षेत्र में अवैध हथियारों के बढ़ते इस्तेमाल और युवाओं में हथियारों के क्रेज को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। पुलिस सूत्रों के मुताबिक, इस्तेमाल की गई पिस्टल प्रतिबंधित श्रेणी की और बेहद खतरनाक मानी जा रही है। फिलहाल दोनों घायलों का इलाज जारी है। उनकी हालत स्थिर होने के बाद पुलिस आधिकारिक बयान दर्ज करेगी। इसके बाद आर्म्स एक्ट सहित अन्य धाराओं में कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

  • श्योपुर में हड़कंप, दुकान विवाद में न्याय न मिलने पर बुजुर्ग ने कलेक्ट्रेट में की आत्मघाती कदम

    श्योपुर में हड़कंप, दुकान विवाद में न्याय न मिलने पर बुजुर्ग ने कलेक्ट्रेट में की आत्मघाती कदम

    श्योपुर । श्योपुर कलेक्ट्रेट में मंगलवार को जनसुनवाई के दौरान एक दर्दनाक घटना सामने आई, जहां शिकायतों से परेशान एक बुजुर्ग ने सल्फास खाकर आत्महत्या कर ली। गंभीर हालत में उन्हें जिला अस्पताल ले जाया गया, जहां इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई।

    मृतक की पहचान देवेंद्र गोयल के रूप में हुई है, जो सब्जी मंडी क्षेत्र में दुकान के मालिक थे। बताया जा रहा है कि उनकी दुकान पर उनके ही परिवार के कुछ सदस्यों द्वारा कब्जा कर लिया गया था। इस मामले को लेकर वह लंबे समय से न्याय की गुहार लगा रहे थे।

    परिजनों और जानकारी के अनुसार, देवेंद्र गोयल ने 28 फरवरी को दुकान पर कब्जे की शिकायत दर्ज कराई थी। इसके बाद उन्होंने 2 मार्च से लेकर 26 मई तक कई बार लिखित आवेदन दिए, लेकिन आरोप है कि उनकी शिकायतों पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। इससे वे लगातार परेशान चल रहे थे।

    मंगलवार को वह अपनी समस्या लेकर श्योपुर कलेक्ट्रेट पहुंचे, जहां जनसुनवाई चल रही थी। उस समय कलेक्टर शीला दाहिमा मौजूद नहीं थीं। डेप्युटी कलेक्टर देवेंद्र मीणा ने उनका आवेदन लिया। इसके बाद बाहर निकलते ही बुजुर्ग ने सल्फास खा लिया और मौके पर ही बेहोश होकर गिर पड़े।

    घटना के दौरान उन्होंने यह भी कहा कि वह तीन बार जनसुनवाई में आ चुके हैं, लेकिन उनकी समस्या का समाधान नहीं हुआ। इसके बाद उन्हें तुरंत जिला अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें बचाने की कोशिश की, लेकिन उनकी मौत हो गई।

    बताया जा रहा है कि पहले उन्होंने पुलिस में भी शिकायत दी थी, लेकिन मामला राजस्व विभाग से जुड़ा होने के कारण उन्हें वहां भेज दिया गया था। इसके बाद से वह लगातार दफ्तरों के चक्कर काट रहे थे। इस घटना ने पूरे प्रशासनिक तंत्र पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं और कलेक्ट्रेट परिसर में हड़कंप मच गया है। प्रशासन ने मामले की जांच शुरू कर दी है।

  • मध्यप्रदेश में बड़ा रेस्क्यू ऑपरेशन: E-5 हाथी को मिला सहारा, तनाव में था हिंसक व्यवहार

    मध्यप्रदेश में बड़ा रेस्क्यू ऑपरेशन: E-5 हाथी को मिला सहारा, तनाव में था हिंसक व्यवहार


    शहडोल । मध्यप्रदेश के शहडोल और अनूपपुर वन क्षेत्र में पिछले कई दिनों से दहशत का कारण बना जंगली हाथी E-5 आखिरकार वन विभाग की टीम द्वारा सुरक्षित रेस्क्यू कर लिया गया है। इस हाथी पर तीन ग्रामीणों की मौत और कई मवेशियों व घरों को नुकसान पहुंचाने के आरोप थे, जिसके चलते इसे अत्यंत खतरनाक माना जा रहा था।

    लेकिन इस पूरे ऑपरेशन में जो बात सामने आई, उसने विशेषज्ञों को भी हैरान कर दिया। वन विभाग के अधिकारियों के अनुसार, E-5 वास्तव में स्वभाव से हिंसक नहीं था, बल्कि अपने झुंड से अलग हो जाने के कारण लंबे समय से अकेलेपन और तनाव में था। माना जा रहा है कि इसी मानसिक स्थिति ने उसके व्यवहार को आक्रामक बना दिया था।

    रेस्क्यू ऑपरेशन के दौरान सबसे बड़ा मोड़ तब आया जब बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व से प्रशिक्षित पालतू हाथी रामा को मैदान में उतारा गया। आमतौर पर जंगली हाथी अन्य हाथियों या इंसानों के संपर्क में आने पर आक्रामक हो जाते हैं, लेकिन E-5 ने रामा को देखते ही अलग व्यवहार दिखाया। वह शांत हुआ और धीरे-धीरे उसके करीब आने लगा। विशेषज्ञों ने इसे सामाजिक जुड़ाव की तलाश के रूप में देखा।

    वन विभाग की टीम ने इससे पहले 22 मई को हाथी को काबू में करने की कोशिश की थी, लेकिन वह प्रयास असफल रहा था। उस दौरान E-5 ने पिंजरा और GPS कॉलर तक तोड़ दिया था। इसके बाद रणनीति बदली गई और रातों-रात एक नया प्लान तैयार किया गया।

    मुख्य वन्यजीव वार्डन डॉ. समिता राजौरा के नेतृत्व में अगले चरण में पालतू हाथियों और माहूतों की मदद से उसे सफलतापूर्वक रेडियो कॉलर पहनाया गया। इसके बाद उसे सुरक्षित रूप से बांधवगढ़ रेंज में शिफ्ट किया गया।

    अब E-5 को अन्य हाथियों के झुंड के करीब रखा गया है, ताकि वह दोबारा सामाजिक वातावरण में लौट सके और सामान्य जीवन जी सके। यह पूरा मामला वन्यजीव व्यवहार और उनके मानसिक स्वास्थ्य को लेकर एक नई समझ भी सामने लाता है।

  • रेत माफिया का कहर: चेकिंग के दौरान आरक्षक पर चढ़ाया ट्रैक्टर, हालत गंभीर

    रेत माफिया का कहर: चेकिंग के दौरान आरक्षक पर चढ़ाया ट्रैक्टर, हालत गंभीर


    भोपाल । बालाघाट जिले के लालबर्रा थाना क्षेत्र में अवैध रेत खनन के खिलाफ कार्रवाई के दौरान रेत माफिया की दबंगई का एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। कामथी क्षेत्र में मंगलवार देर शाम चेकिंग के दौरान एक ट्रैक्टर चालक ने पुलिस आरक्षक पर वाहन चढ़ा दिया, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया।

    जानकारी के अनुसार, लालबर्रा थाने में पदस्थ आरक्षक सुनील और राजेश्वर रहांगडाले को मुखबिर से सूचना मिली थी कि क्षेत्र में अवैध रेत का परिवहन किया जा रहा है। सूचना पर दोनों आरक्षक मौके पर पहुंचे और कार्रवाई शुरू की। इसी दौरान जब पुलिस टीम घटनास्थल का वीडियो बनाने लगी, तभी ट्रैक्टर चालक ने अचानक वाहन आरक्षक राजेश्वर रहांगडाले पर चढ़ा दिया।

    घटना के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। गंभीर रूप से घायल आरक्षक को तुरंत जिला अस्पताल ले जाया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद उनकी हालत नाजुक देखते हुए उन्हें गोंदिया रेफर कर दिया गया। फिलहाल उनका इलाज जारी है और स्थिति गंभीर बनी हुई है।

    घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया। देर रात आईजी ललित शाक्यवार और एसपी आदित्य मिश्रा जिला अस्पताल पहुंचे और घायल आरक्षक का हाल जाना। अधिकारियों ने मामले को बेहद गंभीर मानते हुए तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए।

    आईजी ललित शाक्यवार ने बताया कि घटना के तुरंत बाद आरोपी ट्रैक्टर चालक को पुलिस अभिरक्षा में ले लिया गया है और वाहन को जब्त कर लिया गया है। मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है। इस घटना ने एक बार फिर अवैध रेत खनन और माफिया के बढ़ते हौसले पर सवाल खड़े कर दिए हैं। पुलिस और स्थानीय लोगों में इस घटना को लेकर गहरा आक्रोश देखा जा रहा है।

  • उज्जैन रेलवे ट्रैक पर बड़ी वारदात वंदे भारत ट्रेन पर पथराव से मचा हड़कंप

    उज्जैन रेलवे ट्रैक पर बड़ी वारदात वंदे भारत ट्रेन पर पथराव से मचा हड़कंप


    उज्जैन । उज्जैन में सोमवार शाम उस समय हड़कंप मच गया जब तेज रफ्तार वंदे भारत सुपरफास्ट ट्रेन पर अज्ञात बदमाशों ने पथराव कर दिया। यह घटना उज्जैन रेलवे स्टेशन से करीब 200 मीटर दूर गदा पुलिया और नीलगंगा रेलवे ट्रैक के बीच हुई, जिसमें ट्रेन के पांच से अधिक कोचों के शीशे क्षतिग्रस्त हो गए।

    जानकारी के अनुसार घटना शाम लगभग 7:30 बजे की है, जब वंदे भारत ट्रेन अपने निर्धारित रफ्तार से गुजर रही थी। इसी दौरान ट्रैक किनारे मौजूद कुछ युवकों ने अचानक ट्रेन पर पत्थर फेंकना शुरू कर दिया। पथराव इतना तेज था कि कोच C/6, C/7, C/8, C/9, E/1 और E/2 के विंडो ग्लास और पिलर ग्लास टूट गए। अचानक हुए हमले से ट्रेन में बैठे यात्रियों के बीच अफरा-तफरी और दहशत का माहौल बन गया।

    हालांकि राहत की बात यह रही कि इस घटना में किसी यात्री को चोट नहीं आई। इसके बावजूद अचानक कांच टूटने की आवाजों से कई यात्री घबरा गए और कुछ देर के लिए कोचों में भय का माहौल बना रहा। यात्रियों ने तुरंत रेलवे हेल्पलाइन और अधिकारियों को घटना की सूचना दी। ट्रेन को रोकने की आवश्यकता नहीं पड़ी और यह अपने तय समय पर आगे रवाना हो गई।

    घटना के बाद रेलवे सुरक्षा बल RPF मौके पर पहुंचा और पूरे क्षेत्र का निरीक्षण किया। उप निरीक्षक जयवीर सिंह के नेतृत्व में टीम ने प्रभावित कोचों की जांच की और यात्रियों के बयान दर्ज किए। इसके साथ ही आसपास लगे CCTV कैमरों की फुटेज भी खंगाली जा रही है ताकि आरोपियों की पहचान की जा सके।

    सामने आए CCTV फुटेज में कुछ संदिग्ध युवक ट्रेन के आने से पहले ट्रैक के आसपास घूमते दिखाई दे रहे हैं। जैसे ही ट्रेन पास आई, वे पथराव कर मौके से फरार हो गए। प्रारंभिक जांच में इसे अचानक किया गया हमला माना जा रहा है, हालांकि पुलिस सभी संभावित एंगल से जांच कर रही है।

    इस घटना ने रेलवे सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि रेलवे ट्रैक के आसपास सुरक्षा और निगरानी को और मजबूत करने की जरूरत है, क्योंकि पहले भी इस तरह की घटनाएं सामने आ चुकी हैं। रेलवे प्रशासन ने मामले को गंभीरता से लेते हुए कहा है कि दोषियों की जल्द पहचान कर कड़ी कार्रवाई की जाएगी और ट्रैक के आसपास निगरानी व्यवस्था को और सख्त किया जाएगा।

  • NGT का बड़ा आदेश: भोपाल में प्रदूषण रोकने के लिए 100 दिन की विंटर एक्शन प्लान तैयारी अनिवार्य

    NGT का बड़ा आदेश: भोपाल में प्रदूषण रोकने के लिए 100 दिन की विंटर एक्शन प्लान तैयारी अनिवार्य


    भोपाल । भोपाल की लगातार बिगड़ती हवा की गुणवत्ता को लेकर नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल NGT ने मध्यप्रदेश सरकार और नगर निगम को सख्त निर्देश जारी किए हैं। एनजीटी ने कहा है कि राजधानी में सर्दियों के दौरान एयर क्वालिटी इंडेक्स कई बार 300 के पार पहुंच जाता है, जो गंभीर स्थिति का संकेत है। इसी को देखते हुए ठंड शुरू होने से पहले 100 दिन का विस्तृत विंटर एक्शन प्लान तैयार करने के आदेश दिए गए हैं।

    एनजीटी ने स्पष्ट कहा है कि अगर अभी से प्रभावी कदम नहीं उठाए गए तो आने वाली सर्दियों में वायु प्रदूषण की स्थिति और भी भयावह हो सकती है। विशेषज्ञों के अनुसार, हवा में मौजूद पीएम 2.5 और धूल के महीन कण स्वास्थ्य के लिए बेहद खतरनाक हैं और ये हार्ट अटैक, स्ट्रोक, अस्थमा तथा अन्य श्वसन रोगों का बड़ा कारण बन रहे हैं।

    मामले में याचिकाकर्ता राशिद नूर खान ने बताया कि विशेषज्ञों ने खुले में कचरा, पत्तियां, बायोमास और फसल अवशेष जलाने पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने की सिफारिश की है। साथ ही पारंपरिक अलाव को भी प्रदूषण का बड़ा कारण बताया गया है, जिसके विकल्प के रूप में एलपीजी और इलेक्ट्रिक हीटर को बढ़ावा देने की बात कही गई है।

    एनजीटी ने अपने निर्देशों में खुले में कचरा जलाने, लकड़ी और कोयले के तंदूरों के उपयोग तथा निर्माण स्थलों से उड़ने वाली धूल पर सख्त नियंत्रण लगाने को कहा है। इसके अलावा होटल, ढाबों और रेस्तरां में लकड़ी-कोयले के उपयोग को सीमित करने की सिफारिश भी की गई है। ट्रिब्यूनल ने शहर में भारी वाहनों के प्रवेश को नियंत्रित करने, ट्रैफिक व्यवस्था सुधारने और लो-इमिशन जोन विकसित करने जैसे उपायों पर जोर दिया है।

    साथ ही ई-रिक्शा, साइकिल और सार्वजनिक परिवहन को बढ़ावा देने की भी बात कही गई है, ताकि निजी वाहनों पर निर्भरता कम हो सके। निर्माण स्थलों पर उड़ने वाली धूल को रोकने के लिए ग्रीन नेट लगाना अनिवार्य करने, नियमों का उल्लंघन करने वालों पर जुर्माना लगाने और नागरिकों की शिकायतों के लिए हेल्पलाइन शुरू करने के निर्देश दिए गए हैं।
    नगर निगम को नियमित सड़क सफाई, पानी का छिड़काव और डिवाइडरों की सफाई सुनिश्चित करने को कहा गया है। एनजीटी ने यह भी स्पष्ट किया है कि केवल योजना बनाना पर्याप्त नहीं होगा, बल्कि हर कदम की निगरानी के लिए एक मॉनिटरिंग कमेटी गठित की जाएगी, जो लगातार कार्रवाई की समीक्षा करेगी।

  • लालच का वायरस, बना कारण जबलपुर में स्वास्थ्य विभाग में 59 लाख की गड़बड़ी उजागर

    लालच का वायरस, बना कारण जबलपुर में स्वास्थ्य विभाग में 59 लाख की गड़बड़ी उजागर


    जबलपुर । जबलपुर में स्वास्थ्य विभाग एक बड़े वित्तीय घोटाले को लेकर चर्चा में है, जहां करीब 59 लाख रुपये के कथित गबन का मामला सामने आया है। इस पूरे प्रकरण को लेकर विभाग में हड़कंप मच गया है और जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई की तलवार लटक गई है।

    यह मामला संजीवनी क्लीनिकों के कायाकल्प और NQAS सर्टिफिकेशन की तैयारियों के लिए जारी की गई राशि से जुड़ा हुआ बताया जा रहा है। जानकारी के अनुसार, 58 संजीवनी क्लीनिकों को एक-एक लाख रुपये की राशि दी गई थी, ताकि रंगाई-पुताई और आवश्यक सुधार कार्य किए जा सकें, लेकिन आरोप है कि यह काम प्रस्तावित तरीके से पूरा नहीं हुआ।

    मामले के सामने आने के बाद यह भी आरोप लगाए जा रहे हैं कि निर्धारित कार्यों के बिना ही पूरी राशि का उपयोग कर लिया गया। इसके चलते संजीवनी अस्पतालों और क्लीनिकों के सुधार कार्य अधूरे रह गए, जबकि सरकारी फंड खर्च हो चुका था।

    इस वित्तीय अनियमितता के उजागर होने के बाद राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन ने सख्त रुख अपनाते हुए चार अधिकारियों को नोटिस जारी किया है। इनमें मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO) डॉ. नवीन कोठारी, सहायक शहरी कार्यक्रम प्रबंधक संदीप नामदेव, जिला क्वालिटी मॉनिटर शिखा गर्ग और लेखा प्रबंधक रेखा साहू शामिल हैं।

    अधिकारियों को नोटिस जारी करते हुए विभाग ने यह भी संकेत दिया है कि अगर तय मानकों के अनुसार NQAS सर्टिफिकेशन प्राप्त नहीं हुआ, तो संबंधित राशि की वसूली की कार्रवाई भी की जा सकती है। इस पूरे मामले ने स्वास्थ्य विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं और प्रशासनिक स्तर पर जांच की प्रक्रिया तेज कर दी गई है।

  • बकरीद से पहले खंडवा में पुलिस का बड़ा एक्शन , 200 बदमाश गिरफ्तार, दो जिला बदर

    बकरीद से पहले खंडवा में पुलिस का बड़ा एक्शन , 200 बदमाश गिरफ्तार, दो जिला बदर


    खंडवा । खंडवा में ईद-उल-अजहा यानी बकरीद से पहले पुलिस ने कानून व्यवस्था को लेकर बड़ा और सख्त अभियान चलाया है। जिले में शांति और सुरक्षा बनाए रखने के उद्देश्य से पुलिस पूरी तरह अलर्ट मोड पर नजर आ रही है। इसी के तहत व्यापक कॉम्बिंग गश्त और विशेष कार्रवाई करते हुए करीब 200 बदमाशों को गिरफ्तार किया गया है, जबकि दो लोगों को जिला बदर भी किया गया है।

    पुलिस ने त्योहार के दौरान किसी भी तरह की अप्रिय स्थिति से बचने के लिए पहले से ही तैयारी तेज कर दी है। इसके तहत थानों पर गुंडा परेड कराई जा रही है, जिसमें आपराधिक प्रवृत्ति के लोगों को पुलिस के सामने लाकर सख्त संदेश दिया जा रहा है कि किसी भी तरह की गड़बड़ी बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

    सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए शहर में करीब 450 से 500 पुलिसकर्मियों की तैनाती की जा रही है। इसमें पुलिस बल के साथ होमगार्ड और वन विभाग की टीमें भी सहयोग कर रही हैं। इसके अलावा मोबाइल वैन लगातार गश्त कर रही हैं ताकि हर क्षेत्र में नजर रखी जा सके।

    पुलिस ने संवेदनशील इलाकों, धार्मिक स्थलों और भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों में विशेष निगरानी बढ़ा दी है। गली मोहल्लों में लगातार पेट्रोलिंग की जा रही है, जबकि ड्रोन और सीसीटीवी कैमरों के जरिए पूरे शहर पर नजर रखी जा रही है। किसी भी स्थिति में तुरंत कार्रवाई के लिए टीमों को अलर्ट पर रखा गया है।

    इसके साथ ही साइबर सेल सोशल मीडिया पर भी नजर बनाए हुए है, ताकि किसी भी तरह की भड़काऊ पोस्ट या अफवाह फैलाने वालों पर तुरंत कार्रवाई की जा सके। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि त्योहार के दौरान माहौल बिगाड़ने वालों पर कड़ी निगरानी रखी जा रही है।

    खंडवा एसपी अगम जैन ने बताया कि पुलिस लगातार लोगों से संवाद कर रही है और शांति समिति की बैठक भी आयोजित की गई है, ताकि त्योहार सौहार्दपूर्ण माहौल में संपन्न हो सके। उन्होंने कहा कि कानून व्यवस्था से खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।

  • भोपाल में IPS अधिकारी की बेटी ने की आत्महत्या , घर में फांसी लगाकर दी जान

    भोपाल में IPS अधिकारी की बेटी ने की आत्महत्या , घर में फांसी लगाकर दी जान


    भोपाल । भोपाल में एक दर्दनाक घटना ने पूरे शहर को झकझोर दिया है, जहां एक IPS अधिकारी की नाबालिग बेटी ने आत्महत्या कर ली। यह घटना हबीबगंज थाना क्षेत्र के अंतर्गत पॉश इलाके चार इमली की बताई जा रही है, जहां छात्रा ने अपने घर पर फांसी लगाकर अपनी जीवन लीला समाप्त कर दी।

    जानकारी के अनुसार मृतिका 12वीं कक्षा की छात्रा थी और अपने परिवार के साथ रहती थी। घटना की सूचना मिलते ही इलाके में हड़कंप मच गया और तत्काल हबीबगंज थाना पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।

    मृतिका की पहचान IPS अधिकारी संजीव कंचन की बेटी के रूप में हुई है, जो वर्तमान में पुलिस मुख्यालय PHQ में AIG के पद पर पदस्थ हैं। इस घटना के बाद परिवार और आसपास के लोगों में गहरा शोक फैल गया है।

    पुलिस को शुरुआती जांच में मौके से कोई सुसाइड नोट नहीं मिला है, जिससे आत्महत्या के कारणों का स्पष्ट पता नहीं चल सका है। फिलहाल पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है और हर एंगल से मामले की पड़ताल की जा रही है।

    जांच के तहत पुलिस मृतिका के मोबाइल फोन को खंगाल रही है, साथ ही उसके संपर्कों और हाल की गतिविधियों की भी जांच की जा रही है। परिजनों और आसपास के लोगों से पूछताछ जारी है ताकि घटना के पीछे की वजहों का पता लगाया जा सके।

    पुलिस अधिकारियों का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट और तकनीकी जांच के बाद ही इस पूरे मामले में स्पष्ट जानकारी सामने आ सकेगी। फिलहाल इस घटना ने पूरे शहर में शोक और चिंता का माहौल पैदा कर दिया है।