Category: Madhya Pradesh

  • MP Police Bharti 2026: प्रधान आरक्षक और ASI भर्ती की फिजिकल परीक्षा 7 से 9 जून तक, आधार e-KYC अनिवार्य

    MP Police Bharti 2026: प्रधान आरक्षक और ASI भर्ती की फिजिकल परीक्षा 7 से 9 जून तक, आधार e-KYC अनिवार्य

    भोपाल । भोपाल में मध्यप्रदेश पुलिस भर्ती 2026 के तहत प्रधान आरक्षक कंप्यूटर और सहायक उप निरीक्षक कंप्यूटर के कुल 89 पदों पर भर्ती प्रक्रिया के अगले चरण की घोषणा कर दी गई है। चयनित उम्मीदवारों की शारीरिक दक्षता परीक्षा 7 से 9 जून तक आयोजित की जाएगी।

    यह फिजिकल टेस्ट भोपाल के लाल परेड ग्राउंड और जबलपुर के परेड ग्राउंड तथा 6वीं वाहिनी विसबल रांझी में संपन्न होगा। इस चरण में अभ्यर्थियों की 800 मीटर दौड़ सहित शारीरिक दक्षता से जुड़े अन्य परीक्षण किए जाएंगे। इसके साथ ही दस्तावेजों की भी जांच की जाएगी।

    सहायक पुलिस महानिरीक्षक चयन एवं भर्ती गोपाल सिंह धाकड़ ने जानकारी दी कि ऑनलाइन परीक्षा के बाद अगले चरण के लिए सूचना पत्र जारी कर दिए गए हैं। उम्मीदवार मध्यप्रदेश कर्मचारी चयन मंडल की आधिकारिक वेबसाइट से अपना सूचना पत्र डाउनलोड कर सकते हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि सभी अभ्यर्थियों को तय तारीख और स्थान पर ही उपस्थित होना अनिवार्य होगा और इसमें किसी प्रकार का बदलाव संभव नहीं है।

    भर्ती प्रक्रिया के दौरान आधार e-KYC का सत्यापन भी अनिवार्य किया गया है। अधिकारियों ने बताया कि सभी उम्मीदवारों को अपना आधार कार्ड साथ लाना होगा और यह सुनिश्चित करना होगा कि उनका आधार नंबर लॉक न हो। इसके बिना सत्यापन प्रक्रिया पूरी नहीं की जा सकेगी। इसके अलावा दस्तावेज परीक्षण के लिए अभ्यर्थियों को अपने सभी मूल प्रमाण पत्र और उनकी स्वयं प्रमाणित छायाप्रति साथ लाना जरूरी होगा।

    गौरतलब है कि इस भर्ती के लिए परीक्षा 24 और 25 मार्च 2026 को आयोजित की गई थी, जिसका परिणाम 8 मई 2026 को मध्यप्रदेश कर्मचारी चयन मंडल की वेबसाइट www.esb.mp.gov.in पर जारी किया जा चुका है। अब चयनित उम्मीदवार शारीरिक दक्षता परीक्षा के अगले चरण में शामिल होंगे, जो अंतिम चयन की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

  • योग कार्यक्रम में चूक से विवाद , खजुराहो में VIP एंट्री पर NO ENTRY लिखने से मचा बवाल

    योग कार्यक्रम में चूक से विवाद , खजुराहो में VIP एंट्री पर NO ENTRY लिखने से मचा बवाल


    खजुराहो । खजुराहो में अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के काउंटडाउन के तहत आयोजित योग महोत्सव के दौरान उस समय बड़ी लापरवाही सामने आ गई जब कार्यक्रम स्थल पर VIP एंट्री गेट पर ही नो एंट्री का बैनर लगा दिया गया। यह घटना भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण यानी ASI विभाग की ओर से की गई व्यवस्था में गंभीर चूक मानी जा रही है, जिसे लेकर मौके पर मौजूद लोगों और प्रशासनिक महकमे में हलचल मच गई।

    यह पूरा मामला खजुराहो के विश्व प्रसिद्ध पश्चिमी समूह मंदिर परिसर का है, जहां योग महोत्सव के लिए विशेष तैयारियां की गई थीं। इसी परिसर में VIP प्रवेश के लिए बनाए गए गेट पर अचानक NO ENTRY का बैनर नजर आया, जो कैमरों में कैद हो गया। जैसे ही यह वीडियो सामने आया, विभागीय अधिकारियों की नींद उड़ गई और तुरंत आनन फानन में बैनर को हटाने की कार्रवाई शुरू की गई। स्थिति को संभालने के लिए उस बैनर को लाल कपड़े से ढक दिया गया और उसे वहां से हटा दिया गया।

    दिलचस्प बात यह रही कि इसी VIP गेट से बाद में केंद्रीय आयुष मंत्री प्रताप जाधव योग महोत्सव में शामिल होने पहुंचे। कार्यक्रम Yoga for Healthy Aging थीम पर आधारित था और इसका उद्देश्य योग के माध्यम से स्वस्थ जीवनशैली को बढ़ावा देना था। लेकिन आयोजन से पहले हुई इस गलती ने पूरे कार्यक्रम की व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए।

    कार्यक्रम में केंद्रीय आयुष मंत्री के अलावा प्रदेश के आयुष मंत्री इंदर सिंह परमार, पर्यटन मंत्री धर्मेंद्र सिंह लोधी, सांसद वी.डी. शर्मा और राजनगर विधायक अरविंद पटेरिया भी मौजूद रहे। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव वर्चुअल माध्यम से इस आयोजन से जुड़े।

    इसी कार्यक्रम के दौरान मध्यप्रदेश सरकार ने आयुष क्षेत्र के विस्तार और विकास को लेकर कई महत्वपूर्ण घोषणाएं भी साझा कीं। बताया गया कि राज्य में पिछले ढाई वर्षों में 9 नए आयुर्वेद, यूनानी और होम्योपैथी महाविद्यालय शुरू किए गए हैं, जो स्वास्थ्य शिक्षा के क्षेत्र में बड़ा कदम माना जा रहा है।

    इसके साथ ही खजुराहो में 15 करोड़ रुपये की लागत से 50 बेड का हाईटेक आयुष वेलनेस सेंटर स्थापित करने की योजना भी सामने आई है। यह सेंटर न केवल देश-विदेश से आने वाले पर्यटकों के लिए उपयोगी होगा बल्कि स्थानीय लोगों को भी आधुनिक आयुष सुविधाएं प्रदान करेगा।

    पर्यटन मंत्री ने कहा कि धार्मिक और पर्यटन स्थलों पर ऐसे वेलनेस सेंटर एमपीटी के सहयोग से विकसित किए जा रहे हैं। पूरे मामले में जहां एक ओर आयोजन की व्यवस्थाओं को लेकर सवाल उठे, वहीं दूसरी ओर आयुष और योग के विस्तार को लेकर सरकार ने अपनी योजनाओं को आगे बढ़ाने का संदेश दिया।

  • उज्जैन में ई-साइकिल वितरण CM मोहन यादव ने ,PM मोदी के 12 साल पूरे होने पर की तारीफ

    उज्जैन में ई-साइकिल वितरण CM मोहन यादव ने ,PM मोदी के 12 साल पूरे होने पर की तारीफ


    उज्जैन । उज्जैन में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मंगलवार को एक कार्यक्रम के दौरान आशा कार्यकर्ताओं, एएनएम और आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को इलेक्ट्रिक साइकिल की सौगात दी। यह ई-साइकिलें कॉर्पोरेट सामाजिक दायित्व निधि के तहत एक कंपनी की ओर से उपलब्ध कराई गई हैं। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में महिला स्वास्थ्य और आंगनबाड़ी कार्यकर्ता मौजूद रहीं।

    मुख्यमंत्री ने इस मौके पर कहा कि यह पहल महिलाओं के लिए बेहद उपयोगी साबित होगी क्योंकि इससे उनके रोजमर्रा के कामकाज में सुविधा बढ़ेगी और पेट्रोल-डीजल पर होने वाला खर्च भी कम होगा। उन्होंने कहा कि आज के समय में ई-साइकिल एक बेहतर और पर्यावरण अनुकूल विकल्प बनकर सामने आई है, जो कामकाज को सरल और सुलभ बनाएगी।

    डॉ. मोहन यादव ने कहा कि विभिन्न जिलों और विधानसभा क्षेत्रों से आई बहनों को यह ई-साइकिल उनके फील्ड वर्क में काफी मदद करेगी। उन्होंने इस पहल को महिला सशक्तिकरण और आधुनिक तकनीक के उपयोग की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया।

    कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार के 12 वर्ष पूरे होने का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि इन वर्षों में देश ने सुशासन और विकास के नए आयाम स्थापित किए हैं और भारत को वैश्विक मंच पर एक नई पहचान मिली है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में देश लगातार प्रगति कर रहा है और आने वाले समय में यह गति और तेज होगी।

    उन्होंने यह भी कहा कि वे बाबा महाकाल से प्रार्थना करते हैं कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इसी तरह देश की सेवा करते रहें और देश को आगे बढ़ाते रहें। कार्यक्रम के अंत में मुख्यमंत्री ने सभी लाभार्थी महिलाओं को शुभकामनाएं दीं और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।

  • गंगा दशहरा पर नीलगंगा पहुंचे CM मोहन यादव संतों संग किया पूजन, सिंहस्थ को लेकर बड़ा बयान

    गंगा दशहरा पर नीलगंगा पहुंचे CM मोहन यादव संतों संग किया पूजन, सिंहस्थ को लेकर बड़ा बयान


    उज्जैन । धर्मनगरी उज्जैन में गंगा दशहरा के पावन अवसर पर भक्ति और आस्था का विशेष संगम देखने को मिला जब मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव नीलगंगा आश्रम पहुंचे। यहां उन्होंने विधि विधान से मां गंगा की प्रतिमा का पूजन और अभिषेक किया। परंपरा का निर्वहन करते हुए मुख्यमंत्री ने नीलगंगा सरोवर में गुप्त गंगा के दर्शन किए और प्रदेशवासियों के सुख, समृद्धि तथा उत्तम स्वास्थ्य की कामना की।

    नीलगंगा घाट पर इस अवसर पर आध्यात्मिक ऊर्जा और धार्मिक आस्था का अद्भुत वातावरण देखने को मिला। संतों की उपस्थिति में हुए इस आयोजन ने पूरे क्षेत्र को भक्ति रस में डुबो दिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में सिंहस्थ 2028 का आयोजन ऐतिहासिक होगा, जिसमें पूरी दुनिया सनातन संस्कृति की भव्यता और उज्जैन की दिव्यता का साक्षी बनेगी। उन्होंने कहा कि शिप्रा के घाटों पर परंपरा और संतों की भावना के अनुरूप भव्य आयोजन की तैयारियां की जा रही हैं।

    इस धार्मिक आयोजन में अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के महामंत्री हरि गिरि महाराज, अध्यक्ष महंत रवींद्र पुरी महाराज, शंकराचार्य स्वामी नरेंद्रानंद सरस्वती महाराज और नारायण गिरि महाराज सहित कई प्रमुख संत उपस्थित रहे। संतों ने मुख्यमंत्री का स्वागत किया और उन्हें आशीर्वाद प्रदान किया। कार्यक्रम के दौरान श्रद्धालुओं की भी बड़ी संख्या मौजूद रही, जिससे वातावरण पूरी तरह भक्तिमय हो गया।

    नीलगंगा आश्रम स्थित गंगा सरोवर के विकास और सौंदर्यीकरण कार्य भी इस समय तेजी से जारी हैं। करीब 4 करोड़ 56 लाख रुपये की लागत से यहां घाटों का पुनर्निर्माण, परिक्रमा पथ और अन्य सुविधाओं का विस्तार किया जा रहा है। संतों ने इन विकास कार्यों के लिए मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त किया और इसे धार्मिक स्थलों के संरक्षण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया।

    इस मौके पर हरि गिरि महाराज ने कहा कि उज्जैन में विकास कार्य उम्मीदों से कहीं आगे बढ़कर हो रहे हैं। उन्होंने शिप्रा नदी पर बन रहे 29 किलोमीटर लंबे घाटों का उल्लेख करते हुए इसे मुख्यमंत्री मोहन यादव की मजबूत इच्छाशक्ति का परिणाम बताया। उन्होंने कहा कि इन प्रयासों से उज्जैन की धार्मिक और सांस्कृतिक पहचान और अधिक मजबूत होगी।

    कार्यक्रम के अंत में जूना अखाड़ा के वरिष्ठ संतों ने मुख्यमंत्री का शॉल ओढ़ाकर सम्मान किया। मुख्यमंत्री ने भी सभी संतों से आशीर्वाद लिया और प्रदेश के विकास तथा आध्यात्मिक उन्नति के लिए संकल्प दोहराया।

  • एमपी में भीषण गर्मी का दौर जारी, आज भी तीव्र लू की चेतावनी, 28 मई से तीन दिन बारिश की संभावना

    एमपी में भीषण गर्मी का दौर जारी, आज भी तीव्र लू की चेतावनी, 28 मई से तीन दिन बारिश की संभावना

    भोपाल। मध्यप्रदेश में नौतपा के शुरुआती दो दिनों में जहां कई इलाकों में आंधी और बारिश देखने को मिली, वहीं अब मौसम विभाग ने 28 मई से लगातार तीन दिन तक प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में बारिश का अलर्ट जारी किया है। मौसम केंद्र भोपाल के अनुसार यह प्री-मानसून गतिविधियों की शुरुआत मानी जा रही है। विभाग का अनुमान है कि प्रदेश में मानसून 10 से 16 जून के बीच दस्तक दे सकता है।

    बुधवार को निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, पन्ना, सतना और रीवा जिलों में तीव्र लू का रेड अलर्ट जारी किया गया है। टीकमगढ़ में रात के समय भी तापमान अधिक बना रहने की संभावना है। वहीं ग्वालियर और जबलपुर में भी तीव्र लू का असर रहने की चेतावनी दी गई है। राजधानी भोपाल में भी हीटवेव चलने के आसार हैं।

    मंगलवार को प्रदेश के 16 शहरों में अधिकतम तापमान 44 डिग्री सेल्सियस या उससे अधिक दर्ज किया गया। छतरपुर जिले के खजुराहो और नौगांव सबसे गर्म रहे। खजुराहो में तापमान 46.4 डिग्री और नौगांव में 45.6 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया।

    इसके अलावा दतिया में 45.2 डिग्री, दमोह, सतना और टीकमगढ़ में 45 डिग्री, रीवा में 44.8 डिग्री, राजगढ़ में 44.6 डिग्री, श्योपुर में 44.4 डिग्री तथा गुना में 44.3 डिग्री तापमान दर्ज किया गया। नरसिंहपुर में 44.2 डिग्री, जबकि सागर, मंडला, मुरैना और रायसेन में तापमान 44 डिग्री तक पहुंच गया।

    प्रदेश के पांच बड़े शहरों में ग्वालियर सबसे गर्म रहा, जहां पारा 44.1 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। भोपाल में 43.2 डिग्री, जबलपुर में 43.9 डिग्री, उज्जैन में 42 डिग्री और इंदौर में 41.2 डिग्री सेल्सियस तापमान रिकॉर्ड किया गया।

    भोपाल में पिछले 14 वर्षों में सात बार नौतपा के दौरान बारिश दर्ज की गई है, जबकि दो बार केवल बूंदाबांदी हुई थी। इस बार भी नौतपा की शुरुआत में हल्की बारिश हो चुकी है। वर्ष 2018 और 2019 में सबसे अधिक गर्मी दर्ज की गई थी, जब औसत तापमान 43 डिग्री सेल्सियस से ऊपर पहुंच गया था।

    मौसम विभाग ने बुधवार के लिए छह जिलों—निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, पन्ना, सतना और रीवा में रेड अलर्ट जारी किया है। वहीं 19 जिलों में तीव्र लू का ऑरेंज अलर्ट और 22 जिलों में लू का येलो अलर्ट घोषित किया गया है। इंदौर, धार, बड़वानी, झाबुआ, अलीराजपुर, हरदा, नर्मदापुरम और बैतूल में तेज गर्मी का असर रहने की संभावना जताई गई है।

    मौसम विभाग के अनुसार 28 मई तक प्रदेश में गर्मी अपने चरम पर बनी रहेगी। हालांकि 29 मई से आंधी, बारिश और गरज-चमक के साथ मौसम में बदलाव देखने को मिल सकता है।

  • MP: भोपाल में IPS अधिकारी की नाबालिग बेटी की लगाई फांसी…. जांच में जुटी पुलिस

    MP: भोपाल में IPS अधिकारी की नाबालिग बेटी की लगाई फांसी…. जांच में जुटी पुलिस


    भोपाल।
    मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) की राजधानी भोपाल (Bhopal) के पॉश और हाई-प्रोफाइल इलाके ‘चार इमली (High-profile area ‘Char Imli’)’ में उस समय हड़कंप मच गया, जब एक वरिष्ठ IPS अधिकारी की नाबालिग बेटी (Minor Daughter) ने अपने घर में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली. मृतका की उम्र 17 वर्ष थी और वह 11वीं कक्षा की पढ़ाई पूरी कर इस साल 12वीं में पहुंची थी।

    जानकारी के मुताबिक मृतका अपने परिवार के साथ चार इमली स्थित सरकारी आवास में रहती थी. घटना के समय परिवार के सदस्य घर में ही मौजूद थे. इसी दौरान छात्रा अपने कमरे में गई और फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली. घटना की सूचना मिलते ही पुलिस के आला अधिकारी मौके पर पहुंचे. पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और मामले की विस्तृत जांच शुरू कर दी है।

    हबीबगंज थाना प्रभारी संजीव चौकसे ने बताया कि फिलहाल मौके से कोई सुसाइड नोट बरामद नहीं हुआ है. ऐसे में आत्महत्या के पीछे की वजह अभी स्पष्ट नहीं हो पाई है. हर पहलू को ध्यान में रखकर मामले की जांच की जा रही है. छात्रा के मोबाइल फोन की जांच की जा रही है. इसके अलावा उसके दोस्तों, परिचितों और संपर्क में रहने वाले लोगों की जानकारी भी जुटाई जा रही है. यह पता लगाया जा सके कि छात्रा किसी मानसिक तनाव या अन्य परेशानी से गुजर रही थी या नहीं।

    पुलिस क पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार
    पुलिस ने बताया कि घटना के बाद से ही परिवार गहरे सदमे में है. इसके बावजूद, पुलिस हर पहलू को स्पष्ट करने के लिए परिवार के सदस्यों, घरेलू सहायकों और मृतका के करीबी दोस्तों से पूछताछ कर रही है. पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के सही समय और स्थिति को लेकर तस्वीर पूरी तरह साफ हो पाएगी. फिलहाल जांच के आधार पर ही आगे की कार्रवाई की जाएगी।

  • MP: बॉयफ्रेंड को घर में रखना चाहती है पत्नी…पति ने जान का खतरा बताकर लगाई सुरक्षा की गुहार

    MP: बॉयफ्रेंड को घर में रखना चाहती है पत्नी…पति ने जान का खतरा बताकर लगाई सुरक्षा की गुहार


    ग्वालियर।
    मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) के ग्वालियर (Gwalior) में एक पति ने अपनी ही पत्नी से जान का खतरा बताते हुए पुलिस से सुरक्षा की गुहार लगाई है. पीड़ित पति (Victimized Husband) का आरोप है कि उसकी पत्नी अपने बॉयफ्रेंड (Boyfriend) को घर में साथ रखना चाहती थी. जब उसने इसका विरोध किया तो पत्नी ने उसे जान से मारने की धमकी दी और घर में रखे सोने-चांदी के जेवर, नगदी और बच्चों को लेकर चली गई. फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी हुई है।

    मामला ग्वालियर के सिकंदर कम्पू इलाके का है. यहां रहने वाले राजकुमार कुशवाह मंगलवार को एसपी ऑफिस में आयोजित जनसुनवाई में पहुंचे. उन्होंने पुलिस अधिकारियों को शिकायत देते हुए बताया कि साल 2008 में उनकी शादी पूनम कुशवाह से हिंदू रीति-रिवाज से हुई थी. शादी के बाद उनके तीन बेटियां और एक बेटा हुआ.

    राजकुमार का आरोप है कि कुछ समय से उसकी पत्नी का किसी दूसरे युवक से प्रेम प्रसंग चल रहा था. उसे इस बात की जानकारी तब हुई जब 22 जनवरी 2026 को उसकी पत्नी बिना बताए घर छोड़कर चली गई. करीब दो महीने बाद मार्च में जब वह वापस लौटी तो पूछताछ में उसने बताया कि वह आशु उर्फ कमल सेन नाम के युवक के साथ थी और अब उसी के साथ रहना चाहती है।

    पीड़ित पति के मुताबिक पत्नी ने उसके सामने ऐसी शर्त रखी जिसे सुनकर वह हैरान रह गया. राजकुमार का कहना है कि उसकी पत्नी ने कहा कि अगर उसे साथ रखना है तो उसका बॉयफ्रेंड भी उसी घर में रहेगा और तीनों एक ही छत के नीचे रहेंगे. जब उसने इसका विरोध किया तो घर में विवाद बढ़ गया।

    राजकुमार ने आरोप लगाया कि 5 मई 2026 को उसकी पत्नी फिर घर छोड़कर चली गई और दोपहर में वापस आने पर उसने झूठे केस में फंसाने और जिंदगी बर्बाद करने की धमकी दी. पीड़ित के अनुसार इसी दौरान पत्नी ने उसके सिर पर हमला भी किया. इसके बाद वह घर में रखे सोने-चांदी के जेवर, नगदी और अपने चारों बच्चों को लेकर चली गई.


    एसपी ऑफिस पहुंच पति ने मांगी पुलिस सुरक्षा

    पीड़ित पति का कहना है कि जाते-जाते उसकी पत्नी उसे धमकी देकर गई है कि वह उसकी हत्या करवा देगी. इसी डर के चलते वह एसपी ऑफिस पहुंचा और पुलिस से अपनी जान-माल की सुरक्षा की मांग की. वहीं पुलिस अधिकारियों का कहना है कि पति द्वारा लगाए गए आरोपों की जांच की जा रही है. साथ ही यह भी पता लगाया जा रहा है कि पत्नी बच्चों समेत घर छोड़कर किन परिस्थितियों में गई. पुलिस का कहना है कि जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

  • रीठी में हंगामा: महिलाओं सहित ग्रामीणों का आरोप-नशे का अवैध कारोबार और पुलिस पर हफ्ता वसूली

    रीठी में हंगामा: महिलाओं सहित ग्रामीणों का आरोप-नशे का अवैध कारोबार और पुलिस पर हफ्ता वसूली


    कटनी । कटनी जिले के रीठी थाना क्षेत्र अंतर्गत इमलाज और बांधा गांवों में अवैध शराब और गांजे की बिक्री के खिलाफ मंगलवार को ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा। सैकड़ों की संख्या में ग्रामीणों ने पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंचकर घेराव किया और जमकर नारेबाजी की। ग्रामीणों ने लिखित शिकायत सौंपकर तत्काल कार्रवाई की मांग की।

    ग्रामीणों का आरोप है कि गांव में अवैध नशे का कारोबार बड़े पैमाने पर चल रहा है, जिससे युवाओं और नाबालिगों पर बुरा असर पड़ रहा है। गांव का माहौल लगातार बिगड़ता जा रहा है और महिलाओं-बेटियों के लिए घर से निकलना भी मुश्किल हो गया है।

    स्थानीय लोगों ने कई नामों पर लगाए आरोप
    प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे सुरेश चौधरी ने आरोप लगाया कि फूलबाई यादव, घीसल काछी और लता चौधरी सहित कुछ लोग खुलेआम अवैध शराब और गांजे का कारोबार कर रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि बार-बार शिकायतों के बावजूद कार्रवाई नहीं होने से तस्करों के हौसले बुलंद हैं।

    पुलिस पर भी गंभीर आरोप, जांच की मांग
    ग्रामीणों ने रीठी थाना पुलिस पर भी गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि पुलिस गश्ती दल गांव में आता है, लेकिन कार्रवाई करने के बजाय कथित रूप से अवैध कारोबारियों से साठगांठ करता है। यहां तक कि कुछ पुलिसकर्मियों पर हफ्ता वसूली और नशा करने तक के आरोप लगाए गए हैं। हालांकि ग्रामीणों ने इन आरोपों को लेकर कोई ठोस सबूत प्रस्तुत नहीं किए हैं, लेकिन उन्होंने निष्पक्ष जांच की मांग की है।

    प्रशासन का जवाब: जांच और कार्रवाई के निर्देश
    एएसपी डॉ. डेहरिया ने बताया कि ग्रामीणों की शिकायत प्राप्त हुई है और तत्काल पुलिस टीम को मौके पर भेजा गया है। उन्होंने कहा कि जिन स्थानों पर अवैध गतिविधियों की बात कही गई है, वहां पहले भी कार्रवाई की जा चुकी है। पुलिस पर लगाए गए आरोपों को लेकर उन्होंने कहा कि यदि शिकायतकर्ता साक्ष्य उपलब्ध कराते हैं तो विभागीय जांच की जाएगी और दोषी पाए जाने पर सख्त कार्रवाई होगी।

  • पारिवारिक विवाद पहुंचा पुलिस के पास: बेटों और बहुओं की शिकायत लेकर एसपी ऑफिस पहुंचे माता-पिता

    पारिवारिक विवाद पहुंचा पुलिस के पास: बेटों और बहुओं की शिकायत लेकर एसपी ऑफिस पहुंचे माता-पिता

     
    झाबुआ । झाबुआ जिले के पेटलावद तहसील अंतर्गत ग्राम हिरानिनामापाड़ा से एक बेहद संवेदनशील मामला सामने आया है, जहां एक बुजुर्ग दंपति ने अपने ही बेटों और बहुओं पर लगातार मारपीट, प्रताड़ना और जान से मारने की धमकी देने के गंभीर आरोप लगाए हैं। पीड़ित रतनीबाई और उनके पति नाकु डांगी मंगलवार को पुलिस अधीक्षक कार्यालय में आयोजित जनसुनवाई में पहुंचे और न्याय की गुहार लगाई।

    जमीन बांटने के बाद भी नहीं थमी प्रताड़ना
    दंपति ने बताया कि उन्होंने अपनी पूरी जमीन-जायदाद पहले ही अपने तीनों बेटों धनसिंग, डूंगरसिंग और एक अन्य पुत्र के बीच बांट दी थी। इसके बावजूद अब उनके पास केवल एक बीघा जमीन बची है, जिससे वे किसी तरह जीवनयापन कर रहे हैं। लेकिन इसके बाद भी बेटों और बहुओं द्वारा उनके साथ लगातार दुर्व्यवहार किया जा रहा है।

    शराब के नशे में मारपीट और मकान तोड़ने का आरोप
    पीड़ित दंपति के अनुसार, बीते रविवार और 23 मई को बेटों और उनकी पत्नियों ने शराब के नशे में उनके साथ बेरहमी से मारपीट की। नाकु डांगी ने आरोप लगाया कि उन्हें पत्थर मारकर घायल किया गया, जिससे उनके पैर में चोट आई है। वहीं, रतनीबाई ने बताया कि आरोपियों ने उनका मकान तोड़ दिया, जिसके चलते उन्हें भीषण गर्मी में खुले बरामदे में रहने को मजबूर होना पड़ रहा है।

    ‘पुलिस भी कुछ नहीं बिगाड़ सकती’ कहकर धमकी का आरोप
    दंपति ने यह भी आरोप लगाया कि जब उन्होंने विरोध किया तो बेटों ने कहा कि अब जमीन और मकान उनके हैं और पुलिस भी उनका कुछ नहीं बिगाड़ सकती। पीड़ितों का कहना है कि जब उन्होंने थाने में शिकायत करने की कोशिश की, तो आरोपियों ने उन्हें जान से मारने की धमकी दी और उनका पीछा भी किया।

    एसपी से सख्त कार्रवाई की मांग
    लगातार प्रताड़ना से परेशान बुजुर्ग दंपति ने पुलिस अधीक्षक देवेन्द्र पाटीदार से निवेदन किया है कि उनके बेटों और बहुओं के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाए और उन्हें सुरक्षा प्रदान की जाए, ताकि वे अपना शेष जीवन भयमुक्त होकर जी सकें।

  • पानी के लिए हाहाकार: अवल्दा गांव में संकट, पाइपलाइन खराब और ट्यूबवेल बंद होने से लोग परेशान

    पानी के लिए हाहाकार: अवल्दा गांव में संकट, पाइपलाइन खराब और ट्यूबवेल बंद होने से लोग परेशान


    बड़वानी। बड़वानी जिले की ग्राम पंचायत अवल्दा के पुनर्वास स्थल पर पिछले एक सप्ताह से गंभीर पेयजल संकट बना हुआ है। नर्मदा जल आपूर्ति की पाइपलाइन जगह-जगह से टूट जाने के कारण बसाहट में पानी की सप्लाई पूरी तरह बाधित हो गई है। स्थिति यह है कि करीब 150 परिवारों को रोजाना दूर-दराज से कुएं, खेतों और नदी से पानी ढोना पड़ रहा है।

    इस गंभीर समस्या को लेकर मंगलवार को सरपंच धर्मेंद्र मंडलोई के नेतृत्व में ग्रामीण कलेक्टर कार्यालय की जनसुनवाई में पहुंचे और स्थायी समाधान की मांग की।

    चार ट्यूबवेल में से एक भी नहीं दे रहा पानी
    सरपंच ने बताया कि पुनर्वास स्थल पर खोदे गए चार ट्यूबवेलों में से एक भी सही तरीके से काम नहीं कर रहा है। दो ट्यूबवेल का जलस्तर काफी नीचे चला गया है, तीसरे में से मोटर पंप के पाइप निकाल लिए गए हैं, जबकि चौथे ट्यूबवेल में बार-बार मोटर जल जाने के कारण पानी की आपूर्ति ठप है। इस वजह से ग्रामीणों को मजबूरी में रोजाना कई किलोमीटर दूर से पानी लाना पड़ रहा है।

    पुनर्वास स्थल हैंडओवर नहीं, अस्थायी व्यवस्था पर निर्भर पंचायत
    सरपंच धर्मेंद्र मंडलोई ने यह भी बताया कि पुनर्वास स्थल अभी तक ग्राम पंचायत को आधिकारिक रूप से हैंडओवर नहीं किया गया है। इसके बावजूद पंचायत टैंकरों के माध्यम से किसी तरह पानी उपलब्ध कराने की कोशिश कर रही है, लेकिन यह व्यवस्था नाकाफी साबित हो रही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि नर्मदा पाइपलाइन की मरम्मत और स्थायी जल आपूर्ति व्यवस्था के बिना समस्या का समाधान संभव नहीं है।

    पशुओं के लिए भी पानी का संकट, होद निर्माण की मांग
    गांव में केवल इंसानों ही नहीं, बल्कि पशुओं के लिए भी गंभीर जल संकट पैदा हो गया है। बसाहट स्थल पर मवेशियों के लिए एक भी होद (पानी पीने का स्थान) नहीं बनाया गया है, जिससे गर्मी के मौसम में पशुधन भी प्रभावित हो रहा है। सरपंच ने एनवीडीए विभाग से पशुओं के लिए होद निर्माण कराने की मांग की है।

    ग्रामीणों में आक्रोश, आंदोलन की चेतावनी
    ग्रामीण गौरी बाई सहित अन्य लोगों ने बताया कि उन्हें रोजाना खेतों और कुओं से पानी लाना पड़ता है। शिकायत करने के बावजूद कोई स्थायी समाधान नहीं निकल रहा है। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द पेयजल व्यवस्था बहाल नहीं की गई तो वे आंदोलन करने को मजबूर होंगे।

    प्रशासन ने दिए कार्रवाई के निर्देश
    मामले को गंभीरता से लेते हुए कलेक्टर ने संबंधित विभाग को तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए हैं, ताकि पाइपलाइन की मरम्मत और जल आपूर्ति बहाल की जा सके।