Category: Madhya Pradesh

  • क्रेडिट कार्ड का कर्ज नहीं चुका पाया डिलीवरी बॉय ने उठाया खौफनाक कदम इंदौर में दो युवकों की मौत से सनसनी

    क्रेडिट कार्ड का कर्ज नहीं चुका पाया डिलीवरी बॉय ने उठाया खौफनाक कदम इंदौर में दो युवकों की मौत से सनसनी


    इंदौर मध्य प्रदेश के इंदौर में आर्थिक तंगी और बढ़ते कर्ज के दबाव के बीच एक युवा डिलीवरी बॉय की मौत ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं। चंदन नगर थाना क्षेत्र में रहने वाले 25 वर्षीय युवक ने कथित तौर पर जहरीला पदार्थ खा लिया। इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार वह लंबे समय से आर्थिक परेशानियों और क्रेडिट कार्ड के कर्ज को लेकर तनाव में था। वहीं शहर के आजाद नगर क्षेत्र में भी एक 21 वर्षीय युवक ने फांसी लगाकर जान दे दी। दोनों मामलों की पुलिस जांच जारी है।

    पुलिस के अनुसार चंदन नगर के व्यास नगर निवासी लखन कोटे ने बुधवार को अपने घर में जहरीला पदार्थ खा लिया। तबीयत बिगड़ने पर उसकी पत्नी ने परिवार के अन्य सदस्यों को सूचना दी जिसके बाद परिजन उसे तत्काल एमवाय अस्पताल लेकर पहुंचे। डॉक्टरों ने इलाज शुरू किया लेकिन गुरुवार तड़के उसकी मौत हो गई। घटना के बाद परिवार में शोक का माहौल है।

    परिजनों ने पुलिस को बताया कि लखन पार्सल डिलीवरी का काम करने के साथ साथ रेपिडो चलाकर भी परिवार का खर्च उठाता था। पिछले कुछ समय से आमदनी कम हो गई थी जबकि खर्च लगातार बढ़ रहे थे। आर्थिक जरूरतों को पूरा करने के लिए उसने क्रेडिट कार्ड के माध्यम से कर्ज लिया था। परिजनों के अनुसार वह समय पर भुगतान नहीं कर पा रहा था और इसी कारण मानसिक तनाव में रहने लगा था। हालांकि उसने कितना कर्ज लिया था इसकी आधिकारिक जानकारी अभी सामने नहीं आई है।

    लखन की शादी करीब डेढ़ वर्ष पहले हुई थी। परिवार में उसके माता पिता पत्नी और बड़ा भाई हैं। पुलिस को मौके से कोई सुसाइड नोट नहीं मिला है इसलिए आत्महत्या के कारणों की पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगी। पुलिस आर्थिक लेनदेन और अन्य पहलुओं की भी जांच कर रही है।

    इधर आजाद नगर थाना क्षेत्र के इदरीश नगर में रहने वाले 21 वर्षीय अनोज एड्रयू ने भी अपने घर में फांसी लगाकर जान दे दी। उसका शव कुछ परिचित लोग अस्पताल लेकर पहुंचे थे। पुलिस का कहना है कि शव अस्पताल पहुंचाने वाले लोगों से संपर्क करने का प्रयास किया जा रहा है ताकि घटना के कारणों का पता लगाया जा सके। फिलहाल इस मामले में भी जांच जारी है और आत्महत्या के पीछे की वजह स्पष्ट नहीं हो सकी है।

    लगातार सामने आ रही ऐसी घटनाएं आर्थिक दबाव और मानसिक तनाव की गंभीरता की ओर संकेत करती हैं। पुलिस दोनों मामलों में सभी पहलुओं की जांच कर रही है और पोस्टमार्टम रिपोर्ट तथा अन्य साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

  • ग्रामीणों के लिए बड़ी सौगात मध्य प्रदेश में शुरू हुई जी राम जी स्कीम 125 दिन रोजगार की गारंटी और मजदूरी में देरी पर मुआवजा

    ग्रामीणों के लिए बड़ी सौगात मध्य प्रदेश में शुरू हुई जी राम जी स्कीम 125 दिन रोजगार की गारंटी और मजदूरी में देरी पर मुआवजा


    भोपाल । मध्य प्रदेश सरकार ने ग्रामीण रोजगार और गांवों के समग्र विकास को नई दिशा देने के उद्देश्य से एक जुलाई से जी राम जी योजना लागू कर दी है। इस नई व्यवस्था के तहत पात्र ग्रामीण परिवारों को एक वित्तीय वर्ष में कम से कम 125 दिन के अकुशल रोजगार की गारंटी मिलेगी। यह अवधि मौजूदा मनरेगा के 100 दिनों की तुलना में 25 दिन अधिक है। योजना का उद्देश्य केवल रोजगार उपलब्ध कराना नहीं बल्कि गांवों में स्थायी विकास कार्यों को गति देना और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाना भी है।

    योजना के तहत सबसे महत्वपूर्ण प्रावधान यह है कि यदि कोई पात्र व्यक्ति रोजगार के लिए आवेदन करता है तो उसे 15 दिनों के भीतर काम उपलब्ध कराना अनिवार्य होगा। यदि निर्धारित समय सीमा में रोजगार नहीं दिया जाता है तो संबंधित व्यक्ति बेरोजगारी भत्ते का हकदार होगा। पहले 30 दिनों तक मजदूरी दर का 25 प्रतिशत और इसके बाद 50 प्रतिशत तक भत्ता देने की व्यवस्था की गई है। इससे रोजगार की कानूनी गारंटी को और मजबूत बनाया गया है।

    सरकार ने मजदूरी भुगतान को लेकर भी स्पष्ट नियम तय किए हैं। योजना में काम करने वाले श्रमिकों को साप्ताहिक आधार पर भुगतान किया जाएगा और किसी भी स्थिति में काम पूरा होने के 15 दिनों के भीतर मजदूरी देना अनिवार्य होगा। यदि भुगतान में देरी होती है तो 16वें दिन से बकाया मजदूरी पर प्रतिदिन 0.05 प्रतिशत की दर से मुआवजा भी दिया जाएगा। इससे समय पर भुगतान सुनिश्चित करने और श्रमिकों को आर्थिक नुकसान से बचाने का प्रयास किया गया है।

    रोजगार प्राप्त करने के लिए आवेदन की प्रक्रिया भी सरल बनाई गई है। पात्र व्यक्ति मौखिक लिखित या डिजिटल माध्यम से आवेदन कर सकेगा। आवेदन ग्राम पंचायत वार्ड सदस्य कार्यक्रम अधिकारी अथवा अधिकृत ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से किया जा सकेगा। आवेदन करने पर रसीद देना भी अनिवार्य होगा ताकि पूरी प्रक्रिया पारदर्शी बनी रहे।

    योजना का लाभ केवल उन्हीं ग्रामीण परिवारों को मिलेगा जिनका पंजीकरण होगा और जिनके वयस्क सदस्यों का नाम रोजगार गारंटी कार्ड में दर्ज होगा। परिवार का कोई भी वयस्क सदस्य रोजगार के लिए आवेदन कर सकेगा। सरकार ने वंचित और जरूरतमंद परिवारों को प्राथमिकता देने का भी प्रावधान किया है ताकि रोजगार का लाभ सबसे पहले उन लोगों तक पहुंचे जिन्हें इसकी सबसे अधिक आवश्यकता है।

    जी राम जी योजना के तहत जल संरक्षण सिंचाई ग्रामीण सड़कें आजीविका बढ़ाने वाले कार्य आधारभूत ग्रामीण अधोसंरचना और जलवायु परिवर्तन से जुड़े विकास कार्य कराए जाएंगे। सरकार का उद्देश्य ऐसी स्थायी परिसंपत्तियां तैयार करना है जिनका लाभ गांवों को लंबे समय तक मिलता रहे। साथ ही विकसित ग्राम पंचायत योजना के माध्यम से पंचायत स्तर की योजनाओं को जिला राज्य और राष्ट्रीय विकास योजनाओं से जोड़ने की भी तैयारी की गई है।

    योजना के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए आधुनिक तकनीक का भी उपयोग किया जाएगा। जीपीएस आधारित निगरानी मोबाइल उपस्थिति प्रणाली रियल टाइम डैशबोर्ड और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस जैसी तकनीकों के जरिए कार्यों की निगरानी होगी। इससे फर्जीवाड़े पर रोक लगाने पारदर्शिता बढ़ाने और समय पर भुगतान सुनिश्चित करने में मदद मिलने की उम्मीद है।

    इस योजना के वित्तीय मॉडल में केंद्र सरकार 60 प्रतिशत और राज्य सरकार 40 प्रतिशत खर्च वहन करेगी। सरकार का मानना है कि यह योजना ग्रामीण रोजगार बढ़ाने के साथ गांवों के स्थायी विकास और बुनियादी सुविधाओं को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।

  • एमपी की राजनीति में बयानों का बवाल सीएम की अतिशयोक्ति भरी तारीफ दिग्विजय को भाजपा का ऑफर और विजयवर्गीय का मासूम जवाब चर्चा में

    एमपी की राजनीति में बयानों का बवाल सीएम की अतिशयोक्ति भरी तारीफ दिग्विजय को भाजपा का ऑफर और विजयवर्गीय का मासूम जवाब चर्चा में


    भोपाल । मध्य प्रदेश की राजनीति में इन दिनों बयानों और राजनीतिक संकेतों का दौर लगातार सुर्खियां बटोर रहा है। मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव की मंच से हुई लंबी प्रशंसा दिग्विजय सिंह को भाजपा में शामिल होने का खुला न्योता और मंत्री कैलाश विजयवर्गीय की कथित चिट्ठी पर दिया गया जवाब राजनीतिक गलियारों में चर्चा का विषय बना हुआ है। इन घटनाओं ने सत्ता और विपक्ष दोनों के बीच सियासी हलचल को और तेज कर दिया है।

    राजगढ़ जिले के सारंगपुर में आयोजित जल गंगा संवर्धन अभियान के समापन कार्यक्रम के दौरान उस समय दिलचस्प स्थिति बन गई जब मंत्री गौतम टेटवाल ने मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव की लगातार प्रशंसा शुरू कर दी। उन्होंने मुख्यमंत्री को जनप्रिय लोकप्रिय बहुमुखी प्रतिभा के धनी इतिहासकार ज्योतिषाचार्य लेखक साहित्यकार खगोल और भूगोल का जानकार पहलवानों का पहलवान और बाबा महाकाल का लाल जैसी कई उपमाओं से संबोधित किया। इतना ही नहीं उन्होंने प्रदेश में जल संरक्षण और सिंचाई के प्रयासों का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री को भागीरथ तक बता दिया। मंच पर मौजूद मुख्यमंत्री मुस्कुराते रहे लेकिन जब तारीफ का सिलसिला लंबा होता गया तो उन्होंने मंत्री को बीच में ही रोकते हुए आगे बढ़ने का संकेत दिया। कार्यक्रम के बाद यह प्रसंग राजनीतिक और सामाजिक हलकों में चर्चा का विषय बन गया।

    उधर कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह को लेकर भी एक नया राजनीतिक बयान सामने आया। भाजपा विधायक प्रीतम सिंह लोधी ने मीडिया से बातचीत में दिग्विजय सिंह को भाजपा में शामिल होने का खुला निमंत्रण दे दिया। उन्होंने कहा कि दिग्विजय सिंह धीरे से भाजपा में आ जाएं और जोर का झटका धीरे से दें। विधायक ने यह भी कहा कि जब महाराज भाजपा में आ चुके हैं तो अब राजा भी आ जाएं जिससे दोनों की जोड़ी बन जाएगी। उन्होंने दिग्विजय सिंह को अनुभवी नेता बताते हुए कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी को उनसे सीख लेने की सलाह भी दी। इस बयान के बाद प्रदेश की राजनीति में नई चर्चाएं शुरू हो गई हैं।

    इधर मंत्री कैलाश विजयवर्गीय भी एक अलग वजह से सुर्खियों में बने हुए हैं। मुख्यमंत्री को लिखी गई कथित चिट्ठी को लेकर जब मीडिया ने उनसे सवाल किया तो उन्होंने साफ कहा कि उन्हें ऐसी किसी चिट्ठी की जानकारी नहीं है। उन्होंने आश्चर्य जताते हुए कहा कि उन्हें पता ही नहीं कि ऐसी सूचना कहां से आई। इससे पहले चर्चा थी कि उन्होंने मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर पिछले कुछ समय से उपेक्षा और सहयोग नहीं मिलने जैसी बातें उठाई थीं। हालांकि उनके ताजा बयान के बाद इस पूरे मामले पर और अटकलें लगने लगी हैं।

    इसी बीच मंत्रालय के भीतर एक वरिष्ठ महिला अधिकारी को लेकर भी प्रशासनिक हलकों में चर्चाएं जारी हैं। बताया जा रहा है कि उनकी सख्त कार्यशैली के कारण कुछ वरिष्ठ अधिकारी उन्हें हटाने की कोशिश करते रहे लेकिन अब तक सफल नहीं हो पाए। चर्चा यह भी है कि विभाग के शीर्ष अधिकारी का उन पर पूरा भरोसा बना हुआ है जिसके कारण वे अपने पद पर मजबूती से काम कर रही हैं।

    प्रदेश की राजनीति में बयानों और घटनाओं का यह सिलसिला आने वाले दिनों में और तेज हो सकता है। फिलहाल मुख्यमंत्री की मंच पर हुई प्रशंसा भाजपा का राजनीतिक न्योता और कथित चिट्ठी पर उठे सवाल सियासी गलियारों में सबसे ज्यादा चर्चा का विषय बने हुए हैं।

  • ई रिक्शा चालकों को निशाना बना रहे हाईटेक ठग मोबाइल ऐप से लॉक कर देते हैं बैटरी फिर अनलॉक करने के नाम पर वसूलते हैं पैसे

    ई रिक्शा चालकों को निशाना बना रहे हाईटेक ठग मोबाइल ऐप से लॉक कर देते हैं बैटरी फिर अनलॉक करने के नाम पर वसूलते हैं पैसे


    भोपाल । मध्य प्रदेश के भोपाल और उज्जैन में ई रिक्शा चालकों को निशाना बनाकर साइबर ठगी का एक नया तरीका सामने आया है जिसने हजारों चालकों की चिंता बढ़ा दी है। मोबाइल ऐप के जरिए ई रिक्शा की बैटरी मैनेजमेंट सिस्टम तक पहुंच बनाकर वाहन को बीच रास्ते में बंद कर दिया जाता है। इसके बाद आरोपी खुद को मैकेनिक बताकर मौके पर पहुंचता है और कुछ ही मिनटों में बैटरी दोबारा चालू करने के बदले दो सौ से चार सौ रुपये तक वसूल लेता है। पुलिस ने इस मामले में एक आरोपी को गिरफ्तार किया है जबकि पूरे नेटवर्क और तकनीकी खामियों की जांच जारी है।

    उज्जैन में पिछले कुछ दिनों के दौरान लगातार कई ई रिक्शा चलते चलते अचानक बंद हो गए। हर बार एक युवक मौके पर पहुंचता और खुद को मैकेनिक बताकर कुछ ही देर में वाहन चालू कर देता। शुरुआत में चालकों को यह सामान्य तकनीकी खराबी लगी लेकिन जब एक जैसी घटनाएं बार बार होने लगीं तो ई रिक्शा एसोसिएशन को शक हुआ। इसके बाद पुलिस को शिकायत दी गई और चालकों को सतर्क रहने की सलाह दी गई।

    बुधवार शाम लोटी स्कूल तिराहे पर एक ई रिक्शा अचानक बंद हुआ। कुछ देर बाद एक युवक वाहन ठीक करने के नाम पर तीन सौ रुपये मांगने पहुंचा। पहले से सतर्क चालक ने उसे पकड़ लिया और पुलिस के हवाले कर दिया। पूछताछ में उसकी पहचान रीतेश भानूपा के रूप में हुई। जांच में खुलासा हुआ कि वह मोबाइल में उपलब्ध एक बैटरी मैनेजमेंट ऐप के जरिए ब्लूटूथ से आसपास मौजूद ई रिक्शा की बैटरी मैनेजमेंट सिस्टम तक पहुंच बनाता था। जहां सुरक्षा के लिए पासवर्ड नहीं लगा होता था वहां से वह बैटरी लॉक कर देता और बाद में पैसे लेकर उसे दोबारा चालू कर देता था।

    इस तरह की घटनाएं केवल उज्जैन तक सीमित नहीं रहीं। भोपाल के पुराने शहर में भी कई ई रिक्शा बीच रास्ते में अचानक बंद हो गए। चालकों का आरोप है कि बैटरी लॉक होने के बाद उन्हें कंपनी के सर्विस सेंटर तक जाना पड़ा जहां अनलॉक करने के नाम पर उनसे अतिरिक्त पैसे लिए गए। इससे उनकी रोजी रोटी प्रभावित हुई और यात्रियों को भी भारी परेशानी उठानी पड़ी। कई जगह विवाद की स्थिति भी बन गई।

    ई रिक्शा चालकों का कहना है कि वाहन अचानक बंद होने से दिनभर की कमाई पर असर पड़ता है। स्कूल के बच्चों को लाने ले जाने वाले चालकों और रोजाना सवारी ढोने वालों को सबसे ज्यादा नुकसान हुआ। कई चालकों ने बताया कि एक ही दिन में उनकी गाड़ी कई बार बंद हुई जिससे काम पूरी तरह ठप हो गया।

    पुलिस के अनुसार संबंधित मोबाइल ऐप सामान्य रूप से उपलब्ध है और यदि ई रिक्शा की बैटरी का ब्लूटूथ पासवर्ड से सुरक्षित नहीं है तो कुछ मॉडलों में उसका दुरुपयोग किया जा सकता है। इसी वजह से अब कई कंपनियां ब्लूटूथ के लिए पासवर्ड सुविधा उपलब्ध करा रही हैं। चालकों को सलाह दी गई है कि वे अपनी बैटरी का सुरक्षा पासवर्ड तुरंत सक्रिय कराएं और किसी भी संदिग्ध व्यक्ति को वाहन या मोबाइल सिस्टम तक पहुंच न दें।

    पुलिस पूरे मामले की तकनीकी जांच कर रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि कितने चालकों को इस तरीके से निशाना बनाया गया और सुरक्षा में कहां चूक हुई। विशेषज्ञों का मानना है कि डिजिटल तकनीक जितनी सुविधाजनक है उतनी ही सतर्कता की भी मांग करती है। समय रहते सुरक्षा उपाय अपनाकर ही इस तरह की साइबर ठगी से बचा जा सकता है।

  • पूरे मध्य प्रदेश में छाया मानसून अब चार दिन भारी बारिश का दौर 13 जिलों में अलर्ट कई इलाकों में बाढ़ जैसे हालात

    पूरे मध्य प्रदेश में छाया मानसून अब चार दिन भारी बारिश का दौर 13 जिलों में अलर्ट कई इलाकों में बाढ़ जैसे हालात


    नई दिल्ली । मध्य प्रदेश में मानसून अब पूरी तरह सक्रिय हो गया है। गुरुवार को मानसून ने प्रदेश के सभी जिलों को कवर कर लिया जिसके साथ ही पूरे राज्य में बारिश का दौर तेज होने की संभावना बढ़ गई है। मौसम विभाग ने अगले चार दिनों तक कई जिलों में भारी से अति भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। कुछ जिलों के लिए ऑरेंज और यलो अलर्ट घोषित किया गया है जबकि कई क्षेत्रों में जलभराव तेज बहाव और बिजली गिरने जैसी स्थितियों को देखते हुए लोगों से सतर्क रहने की अपील की गई है।

    इस वर्ष प्रदेश में मानसून ने 24 जून को दस्तक दी थी और नौ दिनों के भीतर पूरे मध्य प्रदेश में फैल गया। हालांकि सामान्य स्थिति में मानसून 15 जून तक प्रदेश में पहुंच जाता है इसलिए इस बार इसकी एंट्री करीब नौ दिन देर से हुई। इसके बावजूद अब मानसून तेजी से सक्रिय हो चुका है और अधिकांश जिलों में लगातार बारिश दर्ज की जा रही है।

    मौसम विभाग के अनुसार हरदा नर्मदापुरम रायसेन छिंदवाड़ा पांढुर्णा और बालाघाट जिलों में अति भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। इन क्षेत्रों में अगले चौबीस घंटों के दौरान चार से आठ इंच तक बारिश होने की संभावना जताई गई है। वहीं अशोकनगर देवास खंडवा बैतूल सागर मंडला और डिंडौरी में भारी बारिश का यलो अलर्ट घोषित किया गया है। इसके अलावा भोपाल इंदौर उज्जैन ग्वालियर जबलपुर सहित प्रदेश के कई जिलों में गरज चमक के साथ तेज बारिश और आंधी की संभावना बनी हुई है।

    बुधवार को प्रदेश के कई हिस्सों में मानसून का असर साफ दिखाई दिया। इंदौर में तेज बारिश के कारण कई सड़कें जलमग्न हो गईं और निचले इलाकों में पानी भर गया। एक थार वाहन तेज बहाव में नाले में गिर गया जिसमें पूरा परिवार सवार था। स्थानीय लोगों की सतर्कता से सभी को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। वहीं इंदौर के अहीरखेड़ी काकड़ क्षेत्र में रपटा पार करते समय दो युवक तेज बहाव में बह गए। एक युवक को सुरक्षित बचा लिया गया जबकि दूसरे की तलाश पुलिस और बचाव दल लगातार कर रहे हैं। महू में भी एक कार पानी के तेज बहाव में फंस गई जिसे ट्रैक्टर की मदद से बाहर निकाला गया।

    मौसम विभाग का अनुमान है कि पांच जुलाई तक प्रदेश के कई हिस्सों में भारी से अति भारी बारिश का सिलसिला जारी रहेगा। तीन जुलाई को धार और बड़वानी में रेड अलर्ट जारी किया गया है जबकि चार जुलाई को खरगोन में भी अति भारी बारिश की संभावना जताई गई है। ऐसे में नदी नालों के किनारे रहने वाले लोगों और जलभराव वाले क्षेत्रों में विशेष सतर्कता बरतने की सलाह दी गई है।

    हालांकि प्रदेश में अब तक सामान्य से कम बारिश दर्ज की गई है। एक जुलाई तक मध्य प्रदेश में लगभग चार इंच वर्षा हुई है जबकि सामान्य औसत इससे काफी अधिक रहता है। इसके बावजूद मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि जुलाई का महीना प्रदेश के लिए सबसे अधिक वर्षा वाला समय होता है और पूरे मानसून की लगभग चालीस प्रतिशत बारिश इसी महीने में होती है। ऐसे में आने वाले दिनों में बारिश का आंकड़ा तेजी से बढ़ने की उम्मीद है और इससे खेती के साथ जलाशयों में भी पानी की उपलब्धता बेहतर होने की संभावना है।

  • नरक जैसी जिंदगी जीने को मजबूर लोग भोपाल की जर्जर मल्टियों में बारिश बन रही आफत कचरा सीलन और गिरती इमारतों ने बढ़ाई चिंता

    नरक जैसी जिंदगी जीने को मजबूर लोग भोपाल की जर्जर मल्टियों में बारिश बन रही आफत कचरा सीलन और गिरती इमारतों ने बढ़ाई चिंता


    भोपाल । देश के सबसे स्वच्छ शहरों में गिने जाने वाले भोपाल की एक ऐसी तस्वीर सामने आई है जो सरकारी दावों पर सवाल खड़े करती है। राजधानी के नेहरू नगर स्थित शबरी नगर मल्टी में रहने वाले हजारों लोगों की जिंदगी हर दिन बदबू गंदगी जर्जर इमारतों और हादसे के डर के बीच गुजर रही है। यहां रहने वाले परिवारों का कहना है कि यदि मजबूरी न होती तो कोई भी इंसान इस जगह रहने के बारे में सोच भी नहीं सकता। बारिश का मौसम शुरू होते ही उनकी मुश्किलें कई गुना बढ़ जाती हैं और हर तेज बारिश उनके लिए नई आफत लेकर आती है।

    मल्टी में रहने वाली महिलाओं का कहना है कि सुबह घर का दरवाजा खोलते ही कचरे की दुर्गंध उनका स्वागत करती है जबकि रातें इस चिंता में गुजरती हैं कि कहीं कमजोर हो चुकी दीवारें या छत भरभराकर न गिर जाएं। कई घरों में बारिश के दौरान छत से लगातार पानी टपकता है जिससे बेडरूम रसोई और पूरे घर में सीलन फैल जाती है। लोगों का कहना है कि कई बार सीवेज का गंदा पानी भी घरों तक पहुंच जाता है जिससे बच्चों और बुजुर्गों में बीमारियों का खतरा लगातार बना रहता है।

    शबरी नगर में करीब चालीस से अधिक बहुमंजिला इमारतें हैं जिनमें एक हजार से ज्यादा परिवार रहते हैं। इनमें कुछ इमारतें करीब बीस वर्ष पुरानी हैं जबकि कई पंद्रह वर्ष पहले बनाई गई थीं। समय के साथ इन भवनों की हालत इतनी खराब हो चुकी है कि जगह जगह दरारें दिखाई देती हैं। कई दीवारों में पेड़ उग आए हैं। छतों पर घास और झाड़ियां फैल चुकी हैं। कई स्थानों पर प्लास्टर झड़ चुका है और लोहे की सरिया बाहर नजर आने लगी है। लोगों का कहना है कि हल्का सा झटका भी किसी बड़े हादसे का कारण बन सकता है।

    रहवासियों का आरोप है कि नगर निगम नियमित रूप से टैक्स और अन्य शुल्क तो वसूलता है लेकिन सफाई और रखरखाव की ओर कोई ध्यान नहीं देता। नालियां जाम रहती हैं सड़कों पर पानी भर जाता है और जगह जगह कचरे के ढेर लगे रहते हैं। खुले बिजली बोर्ड बच्चों के लिए खतरा बने हुए हैं जबकि टूटे पाइप और खराब सीवेज व्यवस्था ने हालात और खराब कर दिए हैं। लोगों का कहना है कि चुनाव के समय जनप्रतिनिधि वादे करने जरूर आते हैं लेकिन चुनाव खत्म होते ही समस्याएं फिर अनदेखी कर दी जाती हैं।

    यह समस्या केवल शबरी नगर तक सीमित नहीं है। अर्जुन नगर श्याम नगर राहुल नगर और बीडीए के अंजली कॉम्प्लेक्स सहित शहर की कई सरकारी मल्टियों में रहने वाले लोग भी इसी तरह की परेशानियों का सामना कर रहे हैं। जर्जर भवनों खुले नालों गंदगी और जलभराव के कारण हजारों परिवार असुरक्षित माहौल में रहने को मजबूर हैं।

    इधर भोपाल की महापौर मालती राय का कहना है कि नगर निगम जर्जर इमारतों की पहचान कर रहा है और जहां भवन रहने योग्य नहीं हैं वहां लोगों को खाली करने की सूचना दी जा रही है। साथ ही सीवेज सफाई जल निकासी और गंदगी की समस्या दूर करने के लिए विशेष अभियान चलाया जा रहा है। हालांकि रहवासियों का कहना है कि उन्हें अब आश्वासनों से ज्यादा जमीन पर दिखाई देने वाले काम का इंतजार है क्योंकि उनकी सबसे बड़ी जरूरत सुरक्षित और सम्मानजनक जीवन है।

  • राजेंद्र भारती की सदस्यता खत्म होने के बाद दतिया में उपचुनाव का ऐलान चुनाव आयोग ने जारी किया पूरा कार्यक्रम अब जनता चुनेगी नया विधायक

    राजेंद्र भारती की सदस्यता खत्म होने के बाद दतिया में उपचुनाव का ऐलान चुनाव आयोग ने जारी किया पूरा कार्यक्रम अब जनता चुनेगी नया विधायक


    दतिया  मध्य प्रदेश की दतिया विधानसभा सीट पर होने वाले उपचुनाव का चुनावी शंखनाद हो चुका है। चुनाव आयोग ने उपचुनाव का पूरा कार्यक्रम घोषित करते हुए स्पष्ट कर दिया है कि क्षेत्र की जनता 30 जुलाई को अपने नए विधायक के लिए मतदान करेगी जबकि 3 अगस्त को मतगणना के बाद नतीजे घोषित कर दिए जाएंगे। इसके साथ ही दतिया विधानसभा क्षेत्र में आदर्श आचार संहिता तत्काल प्रभाव से लागू हो गई है जिससे प्रशासनिक और राजनीतिक गतिविधियों पर चुनावी नियम प्रभावी हो गए हैं। अब सभी दलों की नजर इस महत्वपूर्ण मुकाबले पर टिक गई है और चुनावी तैयारियां तेज होने लगी हैं।

    निर्वाचन आयोग की ओर से जारी कार्यक्रम के अनुसार उपचुनाव की अधिसूचना 6 जुलाई को जारी होगी। इसके बाद उम्मीदवार 13 जुलाई तक अपने नामांकन पत्र दाखिल कर सकेंगे। 14 जुलाई को नामांकन पत्रों की जांच की जाएगी जबकि 16 जुलाई नाम वापस लेने की अंतिम तिथि निर्धारित की गई है। सभी मतदान केंद्रों पर मतदान इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन और वीवीपैट के माध्यम से कराया जाएगा ताकि मतदान प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी और निष्पक्ष बनी रहे। निर्वाचन प्रक्रिया को 4 अगस्त तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।

    दतिया विधानसभा सीट पर उपचुनाव की नौबत कांग्रेस विधायक राजेंद्र भारती की विधानसभा सदस्यता समाप्त होने के बाद आई। उन्हें एक पुराने आपराधिक मामले में दो वर्ष से अधिक की सजा सुनाई गई थी जिसके बाद कानून के अनुसार उनकी सदस्यता स्वतः समाप्त हो गई। इसके बाद मध्य प्रदेश विधानसभा सचिवालय ने सीट को रिक्त घोषित कर दिया और निर्वाचन आयोग ने उपचुनाव कराने की प्रक्रिया शुरू कर दी।

    राजेंद्र भारती के खिलाफ मामला वर्ष 1998 में सामने आए दतिया सहकारी ग्रामीण विकास बैंक के एक कथित फिक्स्ड डिपॉजिट फर्जीवाड़े से जुड़ा है। आरोप था कि बैंक के रिकॉर्ड में कथित रूप से हेरफेर कर एक फिक्स्ड डिपॉजिट की अवधि तीन वर्ष से बढ़ाकर पंद्रह वर्ष कर दी गई। इसी आधार पर वर्ष 1999 से 2011 के बीच ब्याज की राशि निकाली जाती रही। उस समय राजेंद्र भारती बैंक के अध्यक्ष और संबंधित संस्था के ट्रस्टी भी थे। जांच के बाद इस मामले में आरोपपत्र दायर किया गया और अदालत की सुनवाई के बाद उन्हें दो वर्ष से अधिक की सजा सुनाई गई।

    कानूनी प्रावधानों के तहत दो वर्ष या उससे अधिक की सजा मिलने पर जनप्रतिनिधि की सदस्यता समाप्त हो जाती है। यही कारण है कि सुप्रीम कोर्ट के लिली थॉमस बनाम भारत संघ फैसले जनप्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 8 और संविधान के अनुच्छेद 191 के प्रावधानों के आधार पर उनकी विधानसभा सदस्यता खत्म कर दी गई। इसके बाद दतिया सीट रिक्त घोषित हुई और अब इस पर उपचुनाव कराया जा रहा है।

    दतिया विधानसभा उपचुनाव केवल एक सीट का चुनाव नहीं बल्कि प्रदेश की राजनीति के लिए भी अहम माना जा रहा है। सत्ता पक्ष और विपक्ष दोनों इस मुकाबले को प्रतिष्ठा का प्रश्न मान रहे हैं। आने वाले दिनों में चुनाव प्रचार तेज होगा और सभी राजनीतिक दल मतदाताओं को अपने पक्ष में करने के लिए पूरी ताकत झोंकेंगे। अब सबकी निगाहें 30 जुलाई के मतदान और 3 अगस्त को आने वाले जनादेश पर टिकी हैं जो दतिया की राजनीति की नई दिशा तय करेगा।

  • एमपी में मानसून ने पकड़ी रफ्तार, आज 13 जिलों में भारी से अति भारी बारिश की चेतावनी

    एमपी में मानसून ने पकड़ी रफ्तार, आज 13 जिलों में भारी से अति भारी बारिश की चेतावनी


    भोपाल। मध्य प्रदेश में मानसून तेजी से आगे बढ़ रहा है। बुधवार को मानसून ने भोपाल और सागर संभाग के कई जिलों में दस्तक दी। अब मौसम विभाग का अनुमान है कि गुरुवार को मानसून उज्जैन और ग्वालियर-चंबल संभाग के शेष हिस्सों तक पहुंच सकता है। इसके साथ ही प्रदेश के कई जिलों में भारी से अति भारी बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है।

    13 जिलों में भारी और अति भारी बारिश का अलर्ट
    भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) भोपाल ने हरदा, नर्मदापुरम, रायसेन, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा और बालाघाट जिलों के लिए अति भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। अगले 24 घंटों के दौरान इन क्षेत्रों में 4 से 8 इंच तक बारिश होने की संभावना जताई गई है। वहीं अशोकनगर, देवास, खंडवा, बैतूल, सागर, मंडला और डिंडौरी जिलों में भारी बारिश को लेकर यलो अलर्ट जारी किया गया है।

    भोपाल, इंदौर समेत कई जिलों में बारिश और आंधी की चेतावनी
    मौसम विभाग ने भोपाल, सीहोर, राजगढ़, विदिशा, इंदौर, झाबुआ, अलीराजपुर, धार, बुरहानपुर, बड़वानी, खरगोन, उज्जैन, नीमच, मंदसौर, रतलाम, आगर-मालवा, शाजापुर, बैतूल, ग्वालियर, श्योपुर, मुरैना, भिंड, दतिया, शिवपुरी, गुना, जबलपुर, कटनी, नरसिंहपुर, सिवनी, रीवा, सतना, सीधी, सिंगरौली, मऊगंज, मैहर, शहडोल, उमरिया, अनूपपुर, पन्ना, दमोह, छतरपुर, टीकमगढ़ और निवाड़ी में गुरुवार को तेज बारिश और आंधी की चेतावनी जारी की है। बुधवार को इंदौर के कई इलाकों में तेज बारिश हुई, जिससे वार्ड क्रमांक 80 में पानी दुकानों तक पहुंच गया और कई सड़कों पर जलभराव की स्थिति बन गई।

    5 जुलाई तक जारी रहेगा तेज बारिश का दौर
    मौसम विभाग के अनुसार प्रदेश में 5 जुलाई तक कई इलाकों में भारी से अति भारी बारिश होने की संभावना है। 3 जुलाई को धार और बड़वानी जिलों के लिए अति भारी बारिश का रेड अलर्ट जारी किया गया है, जबकि 4 जुलाई को खरगोन जिले में भी रेड अलर्ट घोषित किया गया है।

    अब तक सामान्य से 28 प्रतिशत कम बारिश
    प्रदेश में जून महीने के दौरान कई स्थानों पर आंधी और बारिश का दौर बना रहा। 1 जुलाई को भी अनेक जिलों में अच्छी बारिश दर्ज की गई। इसके बावजूद प्रदेश में अब तक कुल 100.2 मिमी (करीब 4 इंच) वर्षा हुई है, जो सामान्य 139.7 मिमी (करीब 5.4 इंच) की तुलना में 28 प्रतिशत कम है।

    जुलाई से बेहतर बारिश की उम्मीद
    मौसम विभाग का कहना है कि जून में बारिश अपेक्षाकृत कम रही, लेकिन जुलाई में मानसून के सक्रिय रहने की संभावना है। आमतौर पर प्रदेश की कुल मानसूनी बारिश का लगभग एक-तिहाई हिस्सा जुलाई में होता है।

    उदाहरण के तौर पर, भोपाल में सामान्य मानसूनी वर्षा करीब 39 इंच मानी जाती है, जिसमें से लगभग 14 इंच बारिश केवल जुलाई में होती है। वहीं, जबलपुर प्रदेश के प्रमुख शहरों में सबसे अधिक वर्षा वाला शहर है, जहां जुलाई में 17 इंच से अधिक बारिश दर्ज की जाती है। मौसम विभाग के अनुसार, जुलाई के दौरान प्रदेश में पूरे मानसून की करीब 40 प्रतिशत बारिश होने का अनुमान रहता है।

  • नवीन श्रम संहिताएं श्रमिकों को अधिक से अधिक लाभ दिलाएंगी : श्रम मंत्री पटेल

    नवीन श्रम संहिताएं श्रमिकों को अधिक से अधिक लाभ दिलाएंगी : श्रम मंत्री पटेल


    भोपाल । श्रमिकों के हितों को ध्यान में रखते हुए नवीन श्रम संहिताओं के नियमों को बनाया जाए। नियमों की व्याख्या इस तरह हो कि आम श्रमिक भी आसानी से समझ सके। इन्हें अधिक सरल, व्यवहारिक और श्रमिक-केंद्रित बनाया जाए। यह बात पंचायत एवं ग्रामीण विकास एवं श्रम मंत्री प्रहलाद सिंह पटेल ने विकास भवन में प्रदेश की नवीन श्रम संहिताओं के प्रस्तावित राज्य नियमों की समीक्षा करते हुए कही। मंत्री पटेल ने कहा कि नई श्रम संहिताओं का उद्देश्य श्रमिकों को अधिक सामाजिक सुरक्षा प्रदान करने के साथ श्रमिक एवं नियोक्ता के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करना है।

    मंत्री पटेल ने श्रमिक कल्याण मंडलों एवं विभिन्न बोर्डों की संरचना में श्रमिक क्षेत्रों में कार्य करने वाले अनुभवी कार्यकर्ताओं को भी शामिल करने के निर्देश दिए। उन्होंने समूह बीमा योजना के नियम इस प्रकार तैयार करने पर बल दिया, जिससे असंगठित कर्मकारों को अधिकतम लाभ मिल सके। साथ ही संबल योजना का दायरा बढ़ाकर अधिक से अधिक पात्र श्रमिकों को लाभान्वित करने के निर्देश भी दिए। उन्होंने कहा कि श्रमिकों के अंशदान में सरकार अथवा नियोक्ता की सहभागिता से योजनाओं का क्रियान्वयन अधिक सहज एवं प्रभावी होगा। मंत्री पटेल ने प्रस्तावित नियमों में कुछ प्रावधानों को और अधिक स्पष्ट एवं संवेदनशील बनाने पर जोर दिया। बीमा न्यायालय की कार्य प्रणाली, अर्द्धन्यायिक व्यवस्था तथा श्रमिकों को समयबद्ध न्याय उपलब्ध कराने के विभिन्न प्रावधानों पर भी विस्तृत चर्चा की गई।

    राष्ट्रीय फ्लोर वेज तथा न्यूनतम मजदूरी निर्धारण के संबंध में मंत्री पटेल ने कहा कि कृषि श्रमिकों की कार्यकुशलता, बाजार की वास्तविक परिस्थितियों तथा विशेष रूप से जनजातीय क्षेत्रों में प्रचलित मजदूरी दरों का समुचित अध्ययन कर व्यावहारिक निर्णय लिए जाने चाहिए। उन्होंने कहा कि श्रमिक हितों को ध्यान में रखते हुए मजदूरी निर्धारण की प्रक्रिया अधिक यथार्थपरक बनाई जाए। श्रमजीवी पत्रकारों के संबंध में विशेष प्रावधानों पर चर्चा करते हुए मंत्री पटेल ने कहा कि कोई भी निर्णय लेने से पहले पत्रकार संगठनों एवं उनके प्रतिनिधियों से संवाद किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि पत्रकारों की समस्याओं को संवेदनशीलता के साथ सुनकर उनके हितों के अनुरूप नियम तैयार किए जाएं।

    मंत्री पटेल अन्तर्राज्यीय प्रवासी कर्मकारों के ऑनलाइन पंजीयन के लिए डिजिटल पोर्टल विकसित करने पर भी विशेष जोर दिया गया। मंत्री पटेल ने कहा कि प्रवासी श्रमिकों का सटीक डेटाबेस तैयार होने से उनके हितों की बेहतर सुरक्षा सुनिश्चित होगी। उन्होंने पंचायत सचिवों एवं नगरीय निकायों के वार्ड स्तर के अधिकारियों की जिम्मेदारी एवं जवाबदेही भी तय करने के निर्देश दिए। श्रमिकों की दुर्घटनाओं की त्वरित सूचना एवं सहायता के लिए सक्रिय पोर्टल तथा टोल-फ्री हेल्पलाइन विकसित करने के भी निर्देश दिए गए। ट्रांसजेंडर एवं दिव्यांगजनों के लिए कार्य स्थलों पर सुलभ स्वास्थ्य, स्वच्छता एवं गरिमा से संबंधित प्रावधानों को स्पष्ट रूप से शामिल करने पर भी बल दिया गया। निरीक्षक प्रणाली के स्थान पर सुविधा प्रदाता (फैसिलिटेटर) आधारित व्यवस्था को प्रभावी रूप से लागू करने पर भी चर्चा हुई।

    बैठक में विभाग के सचिव रघुराज राजेन्द्रन ने नवीन श्रम संहिताओं के प्रमुख प्रावधानों का विस्तृत प्रस्तुतीकरण दिया। उन्होंने बताया कि 29 केंद्रीय श्रम कानूनों को समाहित कर 4 नई श्रम संहिताएं तैयार की गई हैं। इनका उद्देश्य सूचना आधारित पंजीयन व्यवस्था को बढ़ावा देना, नियोक्ता एवं कर्मचारी के बीच बेहतर संबंध स्थापित करना तथा उद्योगों को सुगम कार्य वातावरण उपलब्ध कराना है। उन्होंने बताया कि नई व्यवस्था में तकनीक आधारित पंजीयन, संस्थानों को 24×7 संचालन की सुविधा, पृथक बीमा न्यायालय, अपील प्राधिकरण, राष्ट्रीय फ्लोर वेज, असंगठित, गिग एवं प्लेटफॉर्म कर्मकारों के सामाजिक सुरक्षा प्रावधान, फिक्स्ड टर्म कर्मचारियों के लिए एक वर्ष की सेवा पर ग्रेच्युटी की पात्रता तथा श्रमजीवी पत्रकारों एवं अंतरराज्यीय प्रवासी श्रमिकों से संबंधित नए प्रावधान शामिल किए गए हैं। बैठक में विभागीय वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

  • भोपाल के मोहम्मद कोनैन दाद भारतीय जूनियर हॉकी टीम में शामिल, बेल्जियम दौरे पर दिखाएंगे दम

    भोपाल के मोहम्मद कोनैन दाद भारतीय जूनियर हॉकी टीम में शामिल, बेल्जियम दौरे पर दिखाएंगे दम


    भोपाल । मध्यप्रदेश राज्य हॉकी अकादमी, भोपाल के प्रतिभाशाली खिलाड़ी मोहम्मद कोनैन दाद का चयन 5 से 18 जुलाई तक होने वाले भारतीय जूनियर पुरुष हॉकी टीम के बेल्जियम दौरे के लिए भारतीय टीम में हुआ है। इस दौरे के दौरान भारतीय जूनियर टीम बेल्जियम में अंतर्राष्ट्रीय स्तर के मुकाबलों में भाग लेते हुए अपनी तैयारियों को और मजबूत करेगी। मोहम्मद कोनैन डैड फॉरवर्ड खिलाड़ी के रूप में भारतीय टीम का प्रतिनिधित्व करेंगे।

    अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर मध्यप्रदेश की सशक्त उपस्थिति
    मोहम्मद कोनैन दाद का भारतीय जूनियर टीम में चयन मध्यप्रदेश राज्य हॉकी अकादमी में खिलाड़ियों को दिए जा रहे उच्च स्तरीय प्रशिक्षण, वैज्ञानिक खेल सुविधाओं एवं उत्कृष्ट कोचिंग व्यवस्था का परिणाम है। यह उपलब्धि प्रदेश की खेल प्रतिभाओं के निरंतर उभरते स्तर को दर्शाती है तथा मध्यप्रदेश को राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय हॉकी मानचित्र पर नई पहचान दिला रही है।

    मेहनत, अनुशासन और उत्कृष्ट प्रदर्शन का मिला प्रतिफल
    मोहम्मद कोनैन दाद ने विभिन्न राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में अपने उत्कृष्ट प्रदर्शन, तेज़ खेल कौशल एवं निरंतर मेहनत के बल पर भारतीय जूनियर टीम में स्थान बनाया है। उनका चयन उनके समर्पण, अनुशासन और उत्कृष्ट प्रदर्शन का प्रतिफल है। बेल्जियम दौरे के दौरान वे अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर भारत और मध्यप्रदेश की प्रतिभा का प्रदर्शन करेंगे।

    प्रदेश के युवा हॉकी खिलाड़ियों के लिए प्रेरणा
    मोहम्मद कोनैन दाद की यह उपलब्धि प्रदेश के उभरते हॉकी खिलाड़ियों के लिए प्रेरणास्रोत है। यह सफलता इस बात का प्रमाण है कि सही मार्गदर्शन, नियमित अभ्यास और दृढ़ संकल्प के साथ खिलाड़ी अंतर्राष्ट्रीय स्तर तक अपनी पहचान बना सकते हैं। उनकी सफलता प्रदेश में हॉकी के प्रति युवाओं के उत्साह को और अधिक प्रोत्साहित करेगी।

    खेल मंत्री विश्वास कैलाश सारंग ने दी शुभकामनाएँ
    खेल एवं युवा कल्याण मंत्री विश्वास कैलाश सारंग ने मोहम्मद कोनैन दाद को भारतीय जूनियर पुरुष हॉकी टीम में चयनित होने पर हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएँ देते हुए कहा कि मध्यप्रदेश के खिलाड़ी लगातार अंतर्राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में देश का गौरव बढ़ा रहे हैं। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि मोहम्मद कोनैन डैड बेल्जियम दौरे में उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए भारत और मध्यप्रदेश का नाम रोशन करेंगे।