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  • यूपी पुलिस के तीन कर्मियों पर गिरी गाज, कारोबारी ने लगाए हिरासत में मारपीट और 4.72 लाख रुपये लेने के आरोप

    यूपी पुलिस के तीन कर्मियों पर गिरी गाज, कारोबारी ने लगाए हिरासत में मारपीट और 4.72 लाख रुपये लेने के आरोप


    मेरठ । उत्तर प्रदेश के मेरठ और मुजफ्फरनगर में पुलिसकर्मियों पर अवैध वसूली के गंभीर आरोप सामने आए हैं। नोएडा के फर्नीचर कारोबारी शाहिद चौधरी की शिकायत के बाद मेरठ के लिसाड़ी गेट थाने में तैनात दरोगा अंकित सागर और मुख्य आरक्षी नीरज कुमार को निलंबित कर दिया गया है। वहीं मुजफ्फरनगर के पमनावली चौकी प्रभारी आरिफ अली को भी निलंबित किए जाने की जानकारी सामने आई है। कारोबारी का आरोप है कि बैंक खाता खुलवाने और फ्रीज खाते को दोबारा चालू कराने के नाम पर उनसे कुल 4.72 लाख रुपये वसूले गए। पुलिस अधिकारियों ने मामले की जांच शुरू कर दी है।

    गौतमबुद्धनगर के गेझा सेक्टर-93 निवासी शाहिद चौधरी फर्नीचर का कारोबार करते हैं। उनकी शिकायत के मुताबिक दो अगस्त को लिसाड़ी गेट थाने में तैनात दरोगा अंकित सागर और मुख्य आरक्षी नीरज कुमार ने दानिश नाम के युवक की शिकायत के आधार पर उन्हें थाने बुलाया था। शाहिद का आरोप है कि थाने में उनके साथ अभद्रता की गई और उन्हें हिरासत में रखकर मारपीट की गई। उन्होंने दावा किया कि इस दौरान उनका आईफोन घड़ी और बेल्ट भी अपने कब्जे में ले ली गई।

    कारोबारी के मुताबिक जब उनके भाई थाने पहुंचे तो उनसे रकम की मांग की गई। शाहिद ने अपनी शिकायत में आरोप लगाया कि चार अगस्त को 1.20 लाख रुपये शादाब राव के खाते में ट्रांसफर कराए गए। इसके बाद 2.80 लाख रुपये नकद दिए गए। उनका दावा है कि रकम मिलने के बाद आईफोन वापस कर दिया गया लेकिन घड़ी और बेल्ट नहीं लौटाई गईं। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि अगले दिन पुलिसकर्मियों ने वरिष्ठ अधिकारी को देने के नाम पर सोफा मांगा और इसके लिए तस्वीरें तथा क्यूआर कोड भेजे गए। बाद में दो अन्य खातों में 36-36 हजार रुपये भेजने के लिए कहा गया। कारोबारी के अनुसार इन लेनदेन और बातचीत से संबंधित साक्ष्य उन्होंने अधिकारियों को देने की बात कही है।

    शाहिद ने डीआईजी कलानिधि नैथानी को तीन पन्नों की शिकायत देकर पूरे मामले की जांच कराने की मांग की थी। शिकायत में उन्होंने शादाब राव उर्फ शालू पर भी पुलिसकर्मियों के साथ मिलकर रकम वसूलने का आरोप लगाया है। कारोबारी का दावा है कि शादाब थाने के सामने जनसुविधा केंद्र चलाता है और पुलिसकर्मियों के संपर्क में रहता है। उन्होंने बैंक ट्रांजैक्शन कॉल डिटेल और अन्य दस्तावेजों के जरिए आरोपों की जांच कराने की मांग की है।

    मेरठ पुलिस की ओर से जारी प्रेस नोट के अनुसार लिसाड़ी गेट थाने में तैनात उपनिरीक्षक अंकित सागर और मुख्य आरक्षी नीरज कुमार को साइबर अपराध से जुड़े पीड़ित के साथ अनुचित आचरण करने और पुलिस विभाग की छवि धूमिल करने के मामले में तत्काल प्रभाव से निलंबित किया गया है। दोनों के खिलाफ विभागीय जांच एसपी सिटी विनायक गोपाल भोंसले को सौंपी गई है। मामले की जांच सीओ साइबर क्राइम सौम्या अस्थाना को भी दी गई है।

    इस मामले में शुरुआती जांच को लेकर भी सवाल उठे हैं। डीआईजी के मुताबिक सीओ कोतवाली संग्राम सिंह ने कथित तौर पर पीड़ित से बात किए बिना जांच पूरी कर दी थी। इस पर नाराजगी जताते हुए उन्हें अंतिम चेतावनी दी गई है। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि जांच में लापरवाही या गलत आचरण सामने आने पर कार्रवाई की जाएगी।

    शाहिद ने मुजफ्फरनगर के खतौली क्षेत्र में तैनात रहे दरोगा आरिफ अली पर भी आरोप लगाए हैं। शिकायत के अनुसार उनकी पत्नी का बैंक खाता कथित धोखाधड़ी के मामले में फ्रीज किया गया था। कारोबारी का दावा है कि खाते को दोबारा चालू कराने के नाम पर उनके भाई से एक लाख रुपये लिए गए। उन्होंने इस भुगतान से संबंधित वीडियो साक्ष्य होने की बात भी कही है। मुजफ्फरनगर के एसएसपी सूरज राय के अनुसार पमनावली चौकी प्रभारी आरिफ अली को निलंबित कर दिया गया है और मामले की विस्तृत जांच कराई जा रही है।

    फिलहाल तीनों पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई और विभागीय जांच की प्रक्रिया जारी है। कारोबारी की ओर से लगाए गए आरोपों की अंतिम पुष्टि जांच के निष्कर्षों और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर होगी।

  • आजम खान के समर्थन में उतरे अखिलेश यादव, जेल में मुलाकात के बाद दिया बड़ा बयान, पत्रकारों के सवाल पर दिखे नाराज

    आजम खान के समर्थन में उतरे अखिलेश यादव, जेल में मुलाकात के बाद दिया बड़ा बयान, पत्रकारों के सवाल पर दिखे नाराज


    नई दिल्ली। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने गुरुवार को रामपुर जेल पहुंचकर पार्टी के वरिष्ठ नेता आजम खान से मुलाकात की। करीब एक घंटे तक चली इस मुलाकात के बाद अखिलेश यादव ने आजम खान के समर्थन में बयान देते हुए कहा कि आजम खान पहले भी आजम थे आज भी आजम हैं और आगे भी आजम रहेंगे। उन्होंने कहा कि फर्जी मुकदमों में इतनी ताकत नहीं है कि आजम खान को लंबे समय तक जेल में रखा जा सके। अखिलेश के इस बयान को आजम खान के प्रति पार्टी के समर्थन और राजनीतिक एकजुटता के संदेश के रूप में देखा जा रहा है।

    जेल से बाहर निकलने के बाद अखिलेश यादव ने पत्रकारों से बातचीत की। इस दौरान उन्होंने आजम खान के साथ अपनी मुलाकात को लेकर प्रतिक्रिया दी। हालांकि जब पत्रकारों ने उनसे पूछा कि आजम खान से मिलने आने में करीब 11 महीने का समय क्यों लग गया तो वह सवाल पर नाराज होते दिखाई दिए। इस दौरान बातचीत का वीडियो भी सामने आया है। मुलाकात के बाद उनके बयान और सवाल पर उनकी प्रतिक्रिया राजनीतिक चर्चा का विषय बन गई।

    आजम खान समाजवादी पार्टी के प्रमुख नेताओं में गिने जाते हैं और रामपुर की राजनीति में उनका लंबे समय से प्रभाव रहा है। उनके खिलाफ दर्ज मुकदमों और जेल में रहने को लेकर उत्तर प्रदेश की राजनीति में लगातार बहस होती रही है। समाजवादी पार्टी इन मामलों को राजनीतिक प्रतिशोध से जोड़कर देखती रही है जबकि आरोपों और कानूनी मामलों का फैसला अदालतों की प्रक्रिया के तहत होता है। अखिलेश यादव का ताजा बयान इसी राजनीतिक संदर्भ में अहम माना जा रहा है।

    अखिलेश यादव ने अपने बयान में आजम खान के राजनीतिक महत्व को रेखांकित करते हुए कहा कि उन्हें फर्जी मुकदमों के जरिए दबाया नहीं जा सकता। समाजवादी पार्टी लंबे समय से आजम खान और उनके परिवार से जुड़े मामलों को लेकर सवाल उठाती रही है। पार्टी नेताओं का कहना है कि कानूनी कार्रवाई के नाम पर उनके वरिष्ठ नेता को निशाना बनाया गया है। हालांकि किसी मुकदमे को फर्जी या सही मानने का अंतिम फैसला संबंधित अदालत के अधिकार क्षेत्र में आता है।

    रामपुर जेल में हुई इस मुलाकात को लेकर राजनीतिक गलियारों में कई तरह की चर्चाएं शुरू हो गई हैं। खास तौर पर इस बात पर ध्यान दिया जा रहा है कि अखिलेश यादव ने लंबे अंतराल के बाद आजम खान से मुलाकात की। पत्रकारों ने इसी अवधि को लेकर सवाल किया था। सवाल के जवाब में अखिलेश की नाराजगी ने इस मुलाकात को और चर्चा में ला दिया। हालांकि उपलब्ध जानकारी में मुलाकात के दौरान दोनों नेताओं के बीच हुई बातचीत का विस्तृत ब्यौरा सामने नहीं आया है।

    आजम खान उत्तर प्रदेश की राजनीति में एक प्रमुख मुस्लिम नेता के रूप में पहचाने जाते हैं और रामपुर से उनका गहरा राजनीतिक जुड़ाव रहा है। उनके जेल में रहने और कानूनी मामलों को लेकर समाजवादी पार्टी के समर्थक लगातार प्रतिक्रिया देते रहे हैं। अखिलेश यादव का यह दौरा पार्टी के भीतर आजम खान के महत्व को दोहराने वाला कदम माना जा रहा है। इससे यह भी संकेत मिलता है कि समाजवादी पार्टी नेतृत्व अपने वरिष्ठ नेता के साथ खड़े होने का संदेश देना चाहता है।

    फिलहाल इस मुलाकात के बाद अखिलेश यादव के बयान और पत्रकारों के सवाल पर उनकी प्रतिक्रिया चर्चा में है। आजम खान से मिलने के बाद उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि आजम खान का राजनीतिक प्रभाव खत्म नहीं हुआ है। वहीं मुलाकात में किन मुद्दों पर चर्चा हुई और आगे पार्टी इस मामले को लेकर क्या रणनीति अपनाएगी इस पर अभी कोई विस्तृत जानकारी सामने नहीं आई है।

  • भारत मंडपम में पीएम मोदी ने किया चिन्मय अमृत महोत्सव सम्मेलन का उद्घाटन, युवा शक्ति को बताया मजबूत भारत की आधारशिला

    भारत मंडपम में पीएम मोदी ने किया चिन्मय अमृत महोत्सव सम्मेलन का उद्घाटन, युवा शक्ति को बताया मजबूत भारत की आधारशिला

    नई दिल्ली । प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार, 23 अक्टूबर 2026 को नई दिल्ली के भारत मंडपम में चिन्मय अमृत महोत्सव वैश्विक सम्मेलन का उद्घाटन किया। इस अवसर पर उन्होंने युवा शक्ति को मजबूत और सक्षम भारत के निर्माण का आधार बताया। प्रधानमंत्री ने स्वामी चिन्मयानंद के साथ अपनी मुलाकात और उनसे मिले आशीर्वाद को याद करते हुए कहा कि युवाओं की क्षमता का विकास देश के भविष्य के लिए महत्वपूर्ण है। इस वैश्विक सम्मेलन में भारत और विदेशों से 9,000 से अधिक प्रतिभागियों के शामिल होने की जानकारी दी गई है।

    कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री ने आधुनिक तकनीक के माध्यम से स्वामी चिन्मयानंद के होलोग्राम को देखने और उनसे बातचीत का अनुभव साझा किया। उन्होंने बताया कि यह उनके लिए भावुक क्षण था, जिसने उन्हें वर्ष 1993 में वडोदरा में हुई मुलाकात की याद दिला दी। उस समय स्वामी चिन्मयानंद के साथ हुई बातचीत, उनका स्नेह और आशीर्वाद आज भी उनके स्मरण में हैं। प्रधानमंत्री ने इस अनुभव को संभव बनाने के लिए चिन्मय मिशन के सदस्यों के प्रति आभार भी व्यक्त किया।

    प्रधानमंत्री ने कहा कि स्वामी चिन्मयानंद के साथ उनकी बातचीत में युवा शक्ति के विकास और उसके माध्यम से मजबूत भारत के निर्माण का विषय प्रमुख रहा था। उन्होंने अपने सार्वजनिक जीवन की यात्रा का उल्लेख करते हुए कहा कि गुजरात के मुख्यमंत्री के रूप में जिम्मेदारी संभालने से लेकर सरकार के मुखिया के तौर पर काम करने तक गुरुदेव का आशीर्वाद उनके साथ रहा है। उनके संबोधन में युवाओं को देश की प्रगति और राष्ट्र निर्माण से जोड़ने पर विशेष जोर दिखाई दिया।

    मोदी ने कहा कि युवाओं को सक्षम बनाने, उनकी प्रतिभा को निखारने और उन्हें आगे बढ़ने के अवसर उपलब्ध कराने से भारत मजबूत बन सकता है। युवाओं की ऊर्जा और क्षमता का सही उपयोग देश को भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार करने में मदद कर सकता है। उन्होंने अपने संबोधन में युवाओं को राष्ट्र निर्माण में भागीदारी के लिए प्रेरित करने की आवश्यकता पर भी बल दिया। प्रधानमंत्री ने कहा कि उनकी नीतियों के केंद्र में देश के युवा हैं।

    प्रधानमंत्री ने भारत की सांस्कृतिक और आध्यात्मिक विरासत का उल्लेख करते हुए आजादी के 75 वर्ष पूरे होने के अवसर को भी याद किया। उन्होंने कहा कि यह पड़ाव केवल विकसित भारत के लक्ष्य को आगे बढ़ाने का अवसर नहीं था, बल्कि भारत की उस ज्ञान परंपरा को दुनिया के सामने रखने का भी मौका था, जो प्राचीन विचारों और अनुभवों के माध्यम से संपूर्ण मानवता के कल्याण की बात करती है।

    उन्होंने भारतीय ज्ञान परंपरा के महत्व पर जोर देते हुए कहा कि देश की सांस्कृतिक और आध्यात्मिक विरासत आने वाली पीढ़ियों को दिशा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है। भारत के प्राचीन विचारों और अनुभवों को वर्तमान समय के संदर्भ में समझना तथा उन्हें नई पीढ़ी तक पहुंचाना भी इस विरासत को आगे बढ़ाने का हिस्सा है।

    चिन्मय अमृत महोत्सव वैश्विक सम्मेलन 23 से 25 अक्टूबर 2026 तक भारत मंडपम में आयोजित किया जा रहा है। यह चिन्मय मिशन की स्थापना के 75 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में साल भर आयोजित कार्यक्रमों का समापन है। चिन्मय मिशन की स्थापना स्वामी चिन्मयानंद ने वर्ष 1951 में की थी। मिशन का प्रमुख उद्देश्य वेदांत और भगवद गीता के ज्ञान को अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाना है।

    समय के साथ चिन्मय मिशन ने आध्यात्मिक शिक्षा, सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण, युवा सशक्तिकरण और सामुदायिक सेवा जैसे क्षेत्रों में भी काम किया है। सम्मेलन के माध्यम से आध्यात्मिक विचारों, भारतीय ज्ञान परंपरा और समकालीन समाज में उनके महत्व पर चर्चा की जा रही है। प्रधानमंत्री का संबोधन भी युवा शक्ति, सांस्कृतिक मूल्यों और विकसित भारत के लक्ष्य के बीच संबंध को रेखांकित करने पर केंद्रित रहा।

  • गाजीपुर में सिपाही और नाबालिग छात्रा के आरोपों से मामला गरमाया, शादी का झांसा और ब्लैकमेलिंग के दावों की जांच की मांग

    गाजीपुर में सिपाही और नाबालिग छात्रा के आरोपों से मामला गरमाया, शादी का झांसा और ब्लैकमेलिंग के दावों की जांच की मांग


    गाजीपुर । उत्तर प्रदेश के गाजीपुर जिले में दसवीं कक्षा में पढ़ने वाली 17 वर्षीय छात्रा ने एक पुलिस कांस्टेबल पर शादी का झांसा देकर यौन शोषण करने और निजी तस्वीरों के जरिए ब्लैकमेल करने के गंभीर आरोप लगाए हैं। छात्रा का कहना है कि सिपाही मोहित यादव ने उससे शादी करने का वादा किया था लेकिन अब उसकी शादी कहीं और तय हो गई है। दूसरी ओर सिपाही ने छात्रा के आरोपों को गलत बताते हुए दावा किया है कि उसे फंसाया जा रहा है। दोनों पक्षों के विरोधाभासी बयानों के बीच मामला जांच का विषय बना हुआ है।

    मीडिया रिपोर्ट के अनुसार छात्रा ने 20 अक्टूबर को एक वीडियो जारी कर अपने साथ कथित शोषण की बात कही थी। उसने आरोप लगाया कि सिपाही से उसकी मुलाकात तीन मई 2026 को ट्रेन में हुई थी। वह अपनी बुआ के साथ लखनऊ घूमने गई थी और वापस लौटते समय ट्रेन में मोहित यादव से बातचीत शुरू हुई। छात्रा के अनुसार मोहित ने खुद को पुलिसकर्मी बताया और अपना मोबाइल नंबर दिया। इसके बाद दोनों के बीच फोन पर बातचीत होने लगी और धीरे-धीरे नजदीकियां बढ़ गईं।

    छात्रा का आरोप है कि मोहित ने उससे शादी करने का भरोसा दिलाया और उसे होटल ले जाने लगा। इसी दौरान उसकी निजी तस्वीरें और वीडियो बनाए गए। छात्रा के मुताबिक बाद में सिपाही ने उस पर दूसरे लोगों से मिलने का दबाव बनाया और कथित तौर पर निजी तस्वीरों के जरिए उसे डराया। उसने यह भी दावा किया कि कुछ लोगों के पास उसे भेजा गया और उसके साथ गलत काम हुआ। ये सभी आरोप छात्रा की ओर से लगाए गए हैं। इनकी पुष्टि जांच और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर ही हो सकेगी।

    छात्रा का कहना है कि अब मोहित की शादी कहीं और तय हो गई है। उसने आरोप लगाया कि शिकायत करने के बाद उस पर अपना बयान बदलने का दबाव बनाया गया। उसके मुताबिक सिपाही ने फोन पर उससे कहा कि वह बालिग होने के बाद शादी कर सकता है और उसे शिकायत में लगाए गए आरोप वापस लेने चाहिए। छात्रा ने यह भी कहा कि उसके परिवार पर बदनामी के डर से मामला खत्म करने का दबाव है और उसे न्याय पाने के लिए अलग-अलग अधिकारियों के पास जाना पड़ रहा है। उसने चेतावनी दी कि यदि उसे या उसके परिवार को कोई नुकसान होता है तो इसके लिए मोहित जिम्मेदार होगा। इस आरोप की भी स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।

    दूसरी ओर सिपाही मोहित यादव ने छात्रा के आरोपों से इनकार किया है। उसका कहना है कि ट्रेन में पहली बार छात्रा से मुलाकात हुई थी। उसके मुताबिक किसी व्यक्ति द्वारा छात्रा का वीडियो बनाए जाने पर उसने मदद की थी और बाद में छात्रा ने खुद उसका नंबर मांगा था। मोहित ने स्वीकार किया कि दोनों की बातचीत होती थी और वे मिलते भी थे लेकिन उसने यौन शोषण और ब्लैकमेलिंग के आरोपों को गलत बताया। उसने छात्रा पर लोगों को फंसाकर पैसे वसूलने का आरोप भी लगाया है। हालांकि इस दावे के समर्थन में कोई स्वतंत्र प्रमाण रिपोर्ट में सामने नहीं रखा गया है।

    रिपोर्ट के मुताबिक मोहित यादव वर्ष 2025 बैच का सिपाही है और उसकी तैनाती गाजीपुर के गहमर थाने की भदौरा चौकी पर है। छात्रा दिलदार नगर थाना क्षेत्र के एक गांव की रहने वाली है। छात्रा ने पांच अक्टूबर को पुलिस अधीक्षक के पास शिकायत लेकर जाने की बात कही है। इसके बाद 17 अक्टूबर को जमानिया के क्षेत्राधिकारी के समक्ष उसका बयान दर्ज किए जाने की जानकारी दी गई है। छात्रा का आरोप है कि इसके बाद भी उसे दबाव का सामना करना पड़ा।

    मामले में एक पक्ष ने यौन शोषण और ब्लैकमेलिंग के आरोप लगाए हैं जबकि दूसरे पक्ष ने उन्हें निराधार बताया है। चूंकि शिकायतकर्ता नाबालिग है इसलिए मामले की निष्पक्ष जांच और उसकी सुरक्षा बेहद महत्वपूर्ण है। पुलिस को आरोपों से जुड़े डिजिटल साक्ष्यों और दोनों पक्षों के बयानों की जांच करनी होगी ताकि वास्तविक घटनाक्रम सामने आ सके। फिलहाल किसी भी पक्ष के दावे को जांच के निष्कर्ष या अदालत में साबित तथ्य के रूप में नहीं माना जा सकता।

  • शिवा शर्मा की मौत के मामले में चर्चा में श्रद्धा दुबे की पुरानी जिंदगी, बचपन के दोस्तों ने किए कई दावे

    शिवा शर्मा की मौत के मामले में चर्चा में श्रद्धा दुबे की पुरानी जिंदगी, बचपन के दोस्तों ने किए कई दावे


    लखनऊ । लखनऊ में होटल कारोबारी शिवा शर्मा की मौत के मामले में आरोपी मॉडल श्रद्धा दुबे की जिंदगी से जुड़े पुराने किस्से सामने आ रहे हैं। पुलिस मामले की जांच कर रही है और इसी बीच मीडिया रिपोर्ट में श्रद्धा के बचपन के दोस्तों के हवाले से उसके स्कूल के दिनों और निजी जीवन को लेकर कई दावे किए गए हैं। दोस्तों के मुताबिक श्रद्धा रायबरेली में पढ़ाई के दौरान काफी लोकप्रिय थी और कई लड़के उससे दोस्ती करना चाहते थे। हालांकि इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है और इन्हें जांच में साबित हुए तथ्यों के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए।

    रिपोर्ट के अनुसार श्रद्धा की शुरुआती पढ़ाई रायबरेली के मालिकमऊ कॉलोनी स्थित मदर टेरेसा इंटर कॉलेज में हुई थी। उसके साथ सातवीं कक्षा में पढ़ने वाले एक दोस्त ने बताया कि वह बातचीत करने में अच्छी थी और स्कूल में कई बच्चों से उसकी दोस्ती थी। दोस्त के मुताबिक पढ़ाई में उसकी खास रुचि नहीं थी। वहीं नौवीं कक्षा में साथ पढ़ चुके एक अन्य दोस्त ने दावा किया कि उस समय श्रद्धा के कई लड़कों से संपर्क थे और वह उनसे फोन पर बातचीत करती थी।

    दोस्तों ने यह भी दावा किया कि स्कूल के दिनों में श्रद्धा को लेकर लड़कों के बीच कई बार विवाद हुए थे। उनके अनुसार अलग-अलग समय पर तीन लड़कों ने कथित तौर पर जहर खाकर आत्महत्या करने की कोशिश की थी। एक दोस्त ने यह भी कहा कि एक लड़का अपना हाथ काटने की बात कर रहा था लेकिन उसके साथियों ने उसे रोक लिया। इन घटनाओं को लेकर रिपोर्ट में दोस्तों के बयान दिए गए हैं लेकिन इनकी पुष्टि के लिए कोई स्वतंत्र जानकारी सामने नहीं रखी गई है। इसलिए इन दावों को सावधानी से देखने की जरूरत है।

    रिपोर्ट में श्रद्धा के किशोरावस्था के दिनों से जुड़ा एक और दावा किया गया है। उसके एक पुराने दोस्त के अनुसार जब वह ग्यारहवीं कक्षा में थी तो स्कूल के एक परिचित के भाई के साथ मुंबई चली गई थी। वह करीब 20 से 25 दिन वहां रही और फिर घर लौट आई। दोस्त के मुताबिक श्रद्धा ने बताया था कि युवक ने उसे अभिनेत्री बनाने का वादा किया था। बाद में श्रद्धा ने फैशन और मॉडलिंग की दिशा में काम करना शुरू किया।

    परिवार से जुड़े घटनाक्रम के बारे में रिपोर्ट में बताया गया है कि श्रद्धा बाद में लखनऊ में एक रिश्तेदार के यहां रहने लगी थी। इसके बाद परिवार ने उसकी शादी प्रतापगढ़ निवासी लोकेश पांडेय से कराई। लोकेश हैदराबाद की एक आईटी कंपनी में काम करते थे और शादी के बाद श्रद्धा उनके साथ हैदराबाद चली गई। वहां उसने फैशन और मॉडलिंग से संबंधित कोर्स किया और एक बेटे को जन्म दिया। बाद में दोनों के बीच मतभेद हुए और साल 2022 में उनका तलाक हो गया। इसके बाद श्रद्धा लखनऊ लौट आई और फैशन ब्लॉगर तथा मॉडल के रूप में काम करने लगी। सोशल मीडिया पर भी उसके फॉलोअर्स बढ़े।

    रिपोर्ट के मुताबिक साल 2024 में श्रद्धा की मुलाकात लखनऊ के होटल कारोबारी शिवा शर्मा से हुई। दोनों हजरतगंज स्थित अवध ग्रीन अपार्टमेंट में लिव-इन रिलेशनशिप में रहने लगे। नौ अक्टूबर की रात शिवा की अपार्टमेंट की चौथी मंजिल से गिरने के बाद मौत हो गई। मामले में शिवा की मां रंजना शर्मा ने श्रद्धा और अन्य लोगों पर प्रताड़ना तथा हत्या में शामिल होने के आरोप लगाए। पुलिस ने मामले में श्रद्धा की बहन समेत कई लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है। ये आरोप हैं और मामले में दोष तय होना न्यायिक प्रक्रिया पर निर्भर करेगा।

    घटना के बाद श्रद्धा के फरार होने और अलग-अलग स्थानों पर जाने की बात भी रिपोर्ट में कही गई है। बाद में उत्तर प्रदेश एसटीएफ ने उसे नागपुर से गिरफ्तार किया। खबर के अनुसार गिरफ्तारी के बाद उसे लखनऊ लाया गया और अदालत के आदेश पर पुलिस हिरासत में भेजा गया। अब जांच एजेंसियां शिवा की मौत से जुड़े घटनाक्रम और उपलब्ध साक्ष्यों की पड़ताल कर रही हैं। श्रद्धा के पुराने दोस्तों के दावों के बीच इस मामले में सबसे अहम सवाल यही है कि नौ अक्टूबर की रात वास्तव में क्या हुआ था और जांच में सामने आए साक्ष्य किस निष्कर्ष तक पहुंचते हैं।

  • यूपी विधान परिषद चुनाव में फर्जी वोटिंग के आरोपों से गरमाया माहौल, दोपहर 12 बजे तक 24 फीसदी मतदान

    यूपी विधान परिषद चुनाव में फर्जी वोटिंग के आरोपों से गरमाया माहौल, दोपहर 12 बजे तक 24 फीसदी मतदान


    उत्तर प्रदेश। उत्तर प्रदेश में विधान परिषद की 11 सीटों पर हो रहे चुनाव के दौरान शुक्रवार को कई जगह हंगामे और मारपीट की घटनाएं सामने आईं। मुजफ्फरनगर में राज्यमंत्री कपिलदेव अग्रवाल के सामने समाजवादी पार्टी और भाजपा के कार्यकर्ता आपस में भिड़ गए। फतेहपुर में दोनों दलों के समर्थकों के बीच जमकर मारपीट हुई। वहीं गोरखपुर में सपा प्रत्याशी डॉ. संजयन त्रिपाठी के साथ धक्का-मुक्की किए जाने का आरोप लगा है। चुनाव के दौरान फर्जी वोटिंग और मतदान प्रक्रिया में गड़बड़ी को लेकर भी राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप देखने को मिले।

    मुजफ्फरनगर में विवाद उस समय बढ़ गया जब राज्यमंत्री कपिलदेव अग्रवाल के सामने सपा और भाजपा कार्यकर्ताओं के बीच कहासुनी मारपीट में बदल गई। सपा समर्थकों का आरोप था कि मंत्री वोट डालने के दौरान कई लोगों को लेकर मतदान केंद्र के अंदर गए। इसी बात को लेकर दोनों पक्षों के बीच विवाद बढ़ गया। हालांकि इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।

    फतेहपुर में खागा तहसील क्षेत्र के विजयीपुर ब्लॉक परिसर के बाहर शुक्रवार सुबह करीब 10 बजे हंगामा हुआ। सपा कार्यकर्ताओं ने भाजपा नेताओं पर फर्जी वोटिंग कराने का आरोप लगाया। इसके बाद दोनों दलों के कार्यकर्ता आमने-सामने आ गए और एक-दूसरे को दौड़ाकर पीटने लगे। करीब आधे घंटे तक चले विवाद के बाद पुलिस ने मौके पर पहुंचकर दोनों पक्षों को शांत कराया। इस घटना ने चुनाव के दौरान सुरक्षा और मतदान केंद्रों के आसपास व्यवस्था को लेकर सवाल खड़े किए हैं।

    गोरखपुर में सपा प्रत्याशी डॉ. संजयन त्रिपाठी के साथ धक्का-मुक्की किए जाने का आरोप सामने आया। बताया गया कि वह मतदान केंद्र के बाहर मीडिया को बयान दे रहे थे। इसी दौरान उनके साथ विवाद हुआ। उधर अलीगढ़ में राज्यमंत्री सुरेंद्र दिलेर के मतदान केंद्र के अंदर जाने को लेकर सपा समर्थकों और एजेंटों ने आपत्ति जताई। यहां भाजपा प्रत्याशी के एजेंट बनकर पहुंचे दो युवकों को पकड़े जाने की भी जानकारी सामने आई है। इन घटनाओं को लेकर संबंधित पक्षों के आरोपों की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।

    वाराणसी में मछलीशहर से सपा विधायक रागिनी सोनकर ने अपने मताधिकार का इस्तेमाल किया। उन्होंने जिला विद्यालय निरीक्षक यानी डीआईओएस पर धमकी देने का आरोप लगाया। उनका कहना था कि स्कूलों की मान्यता रद्द करने और शिक्षकों की नौकरी खत्म करने जैसी बातें कही जा रही हैं। दूसरी ओर इटावा के सैफई में सपा के राष्ट्रीय महासचिव शिवपाल सिंह यादव ने अपनी पत्नी सरला यादव के साथ मतदान किया। उन्होंने मतदाता सूची में गड़बड़ी और कुछ मतदाताओं के वोट नहीं पड़ पाने का मुद्दा उठाया। शिवपाल ने कहा कि जहां भी अनियमितता हुई है वहां जिम्मेदार अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई की जानी चाहिए। उन्होंने सपा प्रवक्ता राजकुमार भाटी के बयान को भी अनुशासनहीनता के दायरे में बताया और कहा कि इस पर फैसला पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष करेंगे।

    उत्तर प्रदेश विधान परिषद की शिक्षक खंड की छह और स्नातक खंड की पांच सीटों पर कुल 152 प्रत्याशी चुनाव मैदान में हैं। इन सीटों के लिए 14.28 लाख मतदाता पंजीकृत हैं और मतदान कराने के लिए 2697 केंद्र बनाए गए हैं। शुक्रवार दोपहर 12 बजे तक 24.09 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया। बरेली-मुरादाबाद क्षेत्र में मतदान का स्तर अपेक्षाकृत अधिक बताया गया जबकि लखनऊ और वाराणसी समेत कई क्षेत्रों में मतदान प्रतिशत इससे कम रहा। मतदान शाम चार बजे तक निर्धारित है और मतगणना 27 अक्टूबर को होगी। कानपुर कानपुर देहात और उन्नाव में इस चरण में मतदान नहीं हो रहा है। इन क्षेत्रों में चुनाव वर्ष 2029 में प्रस्तावित है। चुनावी प्रक्रिया के बीच सामने आए विवादों के कारण अब प्रशासन और निर्वाचन अधिकारियों की भूमिका पर भी नजर बनी हुई है।

  • AI इफेक्ट….TCS-इन्फोसिस समेत 6 कंपनियों में 3% घटा वर्कफोर्स… एक वर्ष में कम हुए 24,422 कर्मचारी

    AI इफेक्ट….TCS-इन्फोसिस समेत 6 कंपनियों में 3% घटा वर्कफोर्स… एक वर्ष में कम हुए 24,422 कर्मचारी


    नई दिल्ली ।
    भारत (India) की टॉप 6 आईटी और इंजीनियरिंग कंपनियों (IT and Engineering Companies) में पिछले एक साल के भीतर कुल 24,422 कर्मचारी कम हुए हैं। स्टाफिंग फर्म एक्सफेनो (Staffing firm Xpheno) के मुताबिक, इनमें पुराने कर्मचारियों के नौकरी छोड़ने की रफ्तार नई नियुक्तियों से ज्यादा तेज है, जिससे कुल कर्मचारियों की संख्यामें भारी कमी आई है।

    यह गिरावट भारत की टीसीएस, इन्फोसिस, एचसीएल टेक, विप्रो, टेक महिंद्रा, और एलटीआई माइंडट्री कंपनियों में देखी गई है। पिछले एक साल में इन कंपनियों से कुल 92,000 कर्मचारियों ने एग्जिट किया। कंपनियों ने खाली पदों को पूरी तरह नहीं भरा और केवल 68,000 नए कर्मचारी ही नियुक्त किए। इसके चलते अक्तूबर 2025 के 8,22,144 कर्मचारियों के मुकाबले अक्तूबर 2026 में इन कंपनियों का कुल वर्कफोर्स लगभग 3% घटकर 7,97,722 रह गया है।


    नौकरियां घटने की दो मुख्य वजहें

    एक्सपर्ट्स और स्टाफिंग फर्मों के अनुसार, इसके पीछे एआई मुख्य वजह है। विशेषज्ञों के मुताबिक, एप्लीकेशन मेंटेनेंस, मैनुअल टेस्टिंग, इंफ्रास्ट्रक्चर सपोर्ट जैसी पारंपरिक आईटी भूमिकाओं को एआई खुद संभाल रहा है। इनमें नई भर्तियां बहुत कम हो रही हैं। दूसरी वजह यह है कि कमजोर वैश्विक विकास के माहौल में कंपनियां अपने उन कर्मचारियों की संख्या को कम कर रही हैं जो किसी एक्टिव क्लाइंट प्रोजेक्ट का हिस्सा नहीं हैं। इससे कंपनियों की आमदनी पर तो असर नहीं पड़ रहा लेकिन खर्चे जरूर घट रहे हैं।


    5,000 को निकालेगा बार्कलेज सालाना बचेंगे 12,323 करोड़

    बार्कलेज बैंक अपने खर्चों को कम करने के लिए वैश्विक स्तर पर लगभग 5,000 नौकरियों की कटौती करने जा रहा है। बैंक की तीसरी तिमाही के मिले-जुले नतीजों और ट्रेडिंग रेवेन्यू (व्यापारिक कमाई) में आई गिरावट के बाद, बैंक ने लागत कम करने के लिए एआई और ऑटोमेशन के इस्तेमाल को तेजी से बढ़ाने का फैसला किया है।

    बैंक जिनको निकालेगा, उनमें मुख्य रूप से बैक-ऑफिस, सपोर्ट और मिडिल-मैनेजमेंट रोल्स से जुड़े कर्मचारी शामिल होंगे। बैंक बड़े पैमाने पर एआई-आधारित तकनीकों को लागू कर रहा है ताकि कम लागत में रूटीन और डेटा से जुड़े काम निपटाए जा सकें। इस छंटनी से बार्कलेज सालाना 12,323 करोड़ रुपये (1.3 बिलियन डॉलर) की बचत करेगा।

    एआई आधारित छंटनी का भारत पर सीधा असर होगा, क्योंकि भारत इस ब्रिटिश बैंक का दूसरा सबसे बड़ा वैश्विक केंद्र है। दरअसल एआई कोड लिखने और बुनियादी टेक कार्यों को तेजी से निपटा रहा है, इसलिए बैंक को अब कम डेवलपर्स की जरूरत है।

  • अयोध्या में दीपोत्सव को भव्य बनाने की तैयारी शुरू, 56 घाटों पर जलेंगे 30 लाख दीये

    अयोध्या में दीपोत्सव को भव्य बनाने की तैयारी शुरू, 56 घाटों पर जलेंगे 30 लाख दीये


    नई दिल्ली। अयोध्या में 10वें दीपोत्सव को भव्य बनाने की तैयारियां शुरू हो गई हैं। इस बार सरयू नदी के किनारे स्थित 56 घाटों को 30 लाख दीयों से रोशन करने का लक्ष्य रखा गया है। घाटों की सफाई के बाद दीये रखने के लिए मार्किंग का काम शुरू हो चुका है। शुक्रवार, 23 अक्टूबर 2026 को वैदिक मंत्रोच्चार के बीच भूमि पूजन के साथ तैयारियों की औपचारिक शुरुआत होगी।

    दीपोत्सव की तैयारियों का समन्वय डॉ. राममनोहर लोहिया अवध विश्वविद्यालय कर रहा है। विश्वविद्यालय ने 30 लाख दीये जलाने के लक्ष्य को पूरा करने के लिए 33 लाख दीये मंगवाए हैं। परिवहन और रखरखाव के दौरान दीयों के टूटने की आशंका को देखते हुए अतिरिक्त दीयों की व्यवस्था की गई है।

    शुक्रवार सुबह 7:30 बजे होगा भूमि पूजन

    दीपोत्सव की तैयारियों के लिए शुक्रवार सुबह 7:30 बजे घाट नंबर 10 पर भूमि पूजन किया जाएगा। इसमें डॉ. राममनोहर लोहिया अवध विश्वविद्यालय के कुलपति बिजेंद्र सिंह सहित विश्वविद्यालय के वरिष्ठ अधिकारी शामिल होंगे। भूमि पूजन के साथ घाटों पर दीयों की व्यवस्था और अन्य तैयारियों में तेजी आएगी।

    55 से बढ़ाकर 56 घाटों पर होगी दीयों की व्यवस्था

    इस बार दीपोत्सव के लिए 56 घाटों को शामिल किया गया है। इनमें विस्तारित राम की पैड़ी, चौधरी चरण सिंह घाट और भजन संध्या स्थल भी शामिल हैं। इससे पहले दीयों की व्यवस्था 55 घाटों पर की जाती थी।

    दीयों को निर्धारित संख्या और एक समान क्रम में लगाने के लिए ब्लॉक आधारित लेआउट तैयार किया जा रहा है। अधिकारियों के मुताबिक, घाटों पर मार्किंग का काम तीन से चार दिनों में पूरा होने की उम्मीद है। इसके बाद दीये रखने और अन्य व्यवस्थाओं को अंतिम रूप दिया जाएगा।

    35 हजार स्वयंसेवक संभालेंगे व्यवस्था

    दीये लगाने और उन्हें जलाने के लिए करीब 35 हजार स्वयंसेवकों को तैनात किया जाएगा। इनमें 30 डिग्री कॉलेज, 40 इंटरमीडिएट कॉलेज और विश्वविद्यालय परिसर के विद्यार्थी शामिल होंगे। स्वयंसेवकों को अलग-अलग घाटों के हिसाब से जिम्मेदारियां सौंपी जाएंगी। इसके लिए उनका प्रशिक्षण भी चल रहा है।

    स्वयंसेवकों का ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन किया जाएगा। उन्हें क्यूआर कोड, फोटो, संपर्क विवरण और तैनाती स्थल की जानकारी वाले पहचान पत्र दिए जाएंगे।

    दीयों की आपूर्ति, घाटों के प्रबंधन, स्वयंसेवकों की तैनाती और कार्यक्रम की सुरक्षा सहित सभी व्यवस्थाओं को सुचारु बनाने के लिए विश्वविद्यालय और जिला प्रशासन मिलकर काम कर रहे हैं। इस बार 56 घाटों पर 30 लाख दीये जलाने का लक्ष्य दीपोत्सव को भव्य स्वरूप देने की तैयारी का अहम हिस्सा है।

  • भारत के डिफेंस एक्सपोर्ट में ब्रह्मोस सबसे आगे, 2027-28 तक आएगा हल्का वर्जन: CEO जयतीर्थ जोशी

    भारत के डिफेंस एक्सपोर्ट में ब्रह्मोस सबसे आगे, 2027-28 तक आएगा हल्का वर्जन: CEO जयतीर्थ जोशी


    नई दिल्ली। भारत की सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल ब्रह्मोस को पूरी तरह स्वदेशी बनाने की दिशा में तेजी से काम किया जा रहा है। ब्रह्मोस एयरोस्पेस के एमडी और सीईओ डॉ. जयतीर्थ आर. जोशी के मुताबिक, भारत के रक्षा निर्यात में ब्रह्मोस की अहम भूमिका है। ऑपरेशन सिंदूर के दौरान इस मिसाइल के इस्तेमाल के बाद वैश्विक स्तर पर इसकी क्षमता और प्रतिष्ठा को लेकर चर्चा बढ़ी है। कंपनी अब उत्पादन बढ़ाने, सप्लाई चेन मजबूत करने और ब्रह्मोस के हल्के वर्जन विकसित करने पर जोर दे रही है।

    ब्रह्मोस को भारतीय थल सेना, नौसेना और वायुसेना में शामिल किया जा चुका है। अब इसके नेक्स्ट जेनरेशन वर्जन ब्रह्मोस-एनजी पर काम चल रहा है। इसके अलावा, लंबी दूरी तक मार करने वाले स्ट्राइक वेरिएंट की अवधारणा पर भी काम किया जा रहा है।

    डिफेंस एक्सपोर्ट में ब्रह्मोस की बढ़ती भूमिका
    भारत का रक्षा निर्यात सालाना 62.7 प्रतिशत की वृद्धि के साथ 38,400 करोड़ रुपये तक पहुंचने का दावा किया गया है। इसमें ब्रह्मोस मिसाइल सिस्टम की अहम हिस्सेदारी है।

    डॉ. जोशी के मुताबिक, ब्रह्मोस की निर्यात सफलता की शुरुआत 2025 में इसके युद्ध में इस्तेमाल से पहले ही हो गई थी। वर्ष 2022 में भारत को इस मिसाइल के लिए पहला बड़ा निर्यात ऑर्डर मिला था। इस सौदे ने अंतरराष्ट्रीय बाजार में भारतीय रक्षा उत्पादों की संभावनाओं को मजबूती दी।

    फिलीपींस के साथ शुरुआती निर्यात समझौते के बाद इस साल दक्षिण-पूर्व एशिया के दो और देशों के साथ सौदे किए गए हैं। रिपोर्ट के अनुसार, फिलीपींस, इंडोनेशिया और वियतनाम को मिले ऑर्डर और डिलीवरी के साथ ब्रह्मोस का निर्यात 600 मिलियन डॉलर से अधिक होने का अनुमान है।

    सप्लाई चेन मजबूत करने के लिए बढ़ेंगे साझेदार
    ब्रह्मोस की बढ़ती मांग को पूरा करने के लिए कंपनी उत्पादन क्षमता और सप्लाई चेन का विस्तार कर रही है। डॉ. जोशी ने बताया कि हैदराबाद, नागपुर, पिलानी और लखनऊ स्थित उत्पादन इकाइयां तेजी से काम कर रही हैं।

    कंपनी हर सिस्टम और सब-सिस्टम के लिए औद्योगिक साझेदारों की संख्या बढ़ाने की तैयारी में है। अभी जहां एक या दो प्रमुख साझेदारों पर निर्भरता रही है, वहीं इसे बढ़ाकर 45 सोर्स तक विकसित करने की योजना है। इससे उत्पादन में तेजी लाने के साथ गुणवत्ता और लागत के स्तर पर प्रतिस्पर्धा बढ़ाने में मदद मिलने की उम्मीद है।

    2027-28 तक तैयार हो सकता है ब्रह्मोस-एनजी का प्रोटोटाइप
    ब्रह्मोस के नए संस्करणों में ब्रह्मोस-एनजी यानी नेक्स्ट जेनरेशन मिसाइल महत्वपूर्ण है। यह मौजूदा मिसाइल की तुलना में छोटी और हल्की होगी। इसका उद्देश्य लड़ाकू विमानों में इसे एकीकृत करना आसान बनाना और भारत की हवाई हमले की क्षमता को मजबूत करना है।

    इस मिसाइल को भारत के रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (DRDO) और रूस की एनपीओ मशीनोस्ट्रोयेनिया के सहयोग से विकसित किया जा रहा है।

    डॉ. जोशी के अनुसार, ब्रह्मोस-एनजी का पहला प्रोटोटाइप 2027 या 2028 तक तैयार होने की उम्मीद है। इसमें अधिक स्वदेशी तकनीक और उन्नत सामग्री का इस्तेमाल करने की योजना है। इसके लिए व्यापक अनुसंधान एवं विकास की जरूरत होगी।

    1,500 किलोमीटर रेंज वाले वर्जन पर भी काम
    ब्रह्मोस एयरोस्पेस 1,500 किलोमीटर की रेंज वाले स्ट्राइक वेरिएंट पर भी काम कर रहा है। कंपनी के मुताबिक, मिसाइल ने जमीन, समुद्र और हवा से किए गए परीक्षणों में लंबी दूरी तक मार करने की क्षमता दिखाई है। हालांकि, 1,500 किलोमीटर रेंज वाला वर्जन अभी अवधारणा के स्तर पर है।

    ब्रह्मोस की खासियत इसकी सुपरसोनिक गति, सटीक निशाना लगाने की क्षमता और अलग-अलग प्लेटफॉर्म से लॉन्च किए जाने की सुविधा है। नए संस्करणों के विकास से भारतीय सेनाओं की परिचालन क्षमता बढ़ाने और अंतरराष्ट्रीय बाजार में निर्यात की संभावनाओं को मजबूत करने का लक्ष्य है।

    नौसेना के लिए ब्रह्मोस का नया कॉन्ट्रैक्ट
    रक्षा मंत्रालय ने 6 अक्टूबर को भारतीय नौसेना के जहाजों के लिए ब्रह्मोस फायर कंट्रोल सिस्टम और लॉन्चर खरीदने के लिए ब्रह्मोस एयरोस्पेस के साथ अनुबंध किया। इस परियोजना में कम से कम 68 प्रतिशत स्वदेशी सामग्री का इस्तेमाल किया जाएगा। इसमें सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों (MSME) सहित विभिन्न भारतीय उद्योगों की भागीदारी भी रहेगी।

    डॉ. जोशी के मुताबिक, ऑपरेशन सिंदूर ने ब्रह्मोस की परिचालन क्षमता को प्रदर्शित किया है। कंपनी का जोर अब इस मिसाइल को अधिक स्वदेशी बनाने, उत्पादन बढ़ाने और नई पीढ़ी के संस्करणों को विकसित करने पर है।

  • पोलैंड के प्रधानमंत्री डोनाल्ड टस्क ने की पीएम मोदी की तारीफ, भारत को बताया दुनिया के लिए उम्मीद की किरण

    पोलैंड के प्रधानमंत्री डोनाल्ड टस्क ने की पीएम मोदी की तारीफ, भारत को बताया दुनिया के लिए उम्मीद की किरण


    नई दिल्ली ।
    पोलैंड के प्रधानमंत्री डोनाल्ड टस्क ने भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तारीफ करते हुए उन्हें अनिश्चितता और राजनीतिक उथल-पुथल के दौर में दुनिया के लिए उम्मीद की किरण बताया। भारत की तीन दिवसीय यात्रा पर आए टस्क ने द्विपक्षीय बातचीत के बाद संयुक्त बयान में कहा कि उन्हें मोदी को अपना मित्र कहने पर गर्व है। उन्होंने भारत और पोलैंड के बीच मजबूत होते संबंधों, साझा मूल्यों और आर्थिक विकास की भी सराहना की।

    डोनाल्ड टस्क ने कहा कि भारत जैसे शक्तिशाली देश का नेतृत्व नरेंद्र मोदी जैसे व्यक्ति के हाथों में होना हम सभी के लिए उम्मीद की किरण है। उन्होंने दोहराया कि उन्हें वास्तव में गर्व है कि वह खुद को प्रधानमंत्री मोदी का मित्र कह सकते हैं। टस्क के मुताबिक, दोनों देशों के बीच बातचीत बेहद सफल रही है। इसकी वजह केवल भारत और पोलैंड के बीच समानताएं नहीं, बल्कि यह भी है कि भौगोलिक दूरी को छोड़कर दोनों देशों के संबंधों में कोई बड़ा अंतर या बाधा नहीं है।

    पोलैंड के प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत और पोलैंड के बीच तालमेल स्वाभाविक है और दोनों देशों के हितों में कोई टकराव नहीं है। उन्होंने यह भी कहा कि ऐसा कोई ऐतिहासिक मुद्दा नहीं है जो दोनों देशों को एक-दूसरे से अलग करता हो। दोनों देश भरोसे, साझा मूल्यों और विचारों के आधार पर अपनी मित्रता को आगे बढ़ा रहे हैं। टस्क ने विशेष रूप से अहिंसा के विचार का उल्लेख करते हुए इसे दोनों देशों के साझा मूल्यों में शामिल बताया।

    टस्क ने भारत और पोलैंड की आर्थिक प्रगति की भी प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि पिछले 35 वर्षों में दोनों देशों ने असाधारण आर्थिक सफलता और तेज विकास देखा है। उनके अनुसार, दुनिया भारत और पोलैंड की विकास यात्रा को ईर्ष्या की नजर से देखती है। उनका बयान ऐसे समय आया है, जब वैश्विक स्तर पर राजनीतिक अनिश्चितता और विभिन्न क्षेत्रों में जारी संघर्षों के बीच देशों के बीच सहयोग और संवाद को अहम माना जा रहा है।

    बैठक के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि भारत और पोलैंड रक्षा, अंतरिक्ष तथा परमाणु ऊर्जा जैसे क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर सहमत हुए हैं। उन्होंने बताया कि दोनों देशों ने अपनी रणनीतिक साझेदारी का विस्तार करने और आपसी सहयोग को व्यापक बनाने के लिए कई कदम उठाने का फैसला किया है। मोदी के मुताबिक, भारत और पोलैंड द्विपक्षीय संबंधों को नई दिशा देने तथा विभिन्न क्षेत्रों में साझेदारी मजबूत करने के लिए प्रतिबद्ध हैं।

    प्रधानमंत्री मोदी ने यूक्रेन और पश्चिम एशिया में शांति स्थापित करने के लिए किए जा रहे सार्थक प्रयासों को भारत का समर्थन जारी रहने की बात भी कही। टस्क की भारत यात्रा ऐसे समय हो रही है, जब यूक्रेन में जारी संघर्ष को समाप्त करने के लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नए प्रयास किए जा रहे हैं। ऐसे में दोनों देशों के बीच बातचीत में द्विपक्षीय सहयोग के साथ वैश्विक शांति से जुड़े मुद्दे भी महत्वपूर्ण रहे।

    मोदी ने अपनी वर्ष 2024 की पोलैंड यात्रा को याद करते हुए कहा कि उस दौरान डोनाल्ड टस्क ने उनका और उनके प्रतिनिधिमंडल का गर्मजोशी से स्वागत किया था। उन्होंने टस्क का भारत में स्वागत करने पर खुशी जताई। दोनों नेताओं के बयानों से भारत और पोलैंड के बीच राजनीतिक संवाद, आपसी विश्वास और रणनीतिक सहयोग को आगे बढ़ाने की साझा इच्छा सामने आई। रक्षा, अंतरिक्ष और परमाणु ऊर्जा में सहयोग बढ़ाने पर सहमति इस साझेदारी के महत्वपूर्ण पहलुओं में शामिल है।