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  • मंगलवार की जगह सोमवार को होगी महाराष्ट्र कैबिनेट बैठक, वर्षा बंगले पर महायुति नेताओं के डिनर ने बढ़ाई राजनीतिक चर्चाएं

    मंगलवार की जगह सोमवार को होगी महाराष्ट्र कैबिनेट बैठक, वर्षा बंगले पर महायुति नेताओं के डिनर ने बढ़ाई राजनीतिक चर्चाएं


    नई दिल्ली ।
    महाराष्ट्र में साप्ताहिक कैबिनेट बैठक के कार्यक्रम में अचानक बदलाव ने राज्य की राजनीति में चर्चाओं को तेज कर दिया है। नियमित रूप से मंगलवार को होने वाली कैबिनेट बैठक अब सोमवार दोपहर सह्याद्री गेस्ट हाउस में आयोजित की जाएगी। बैठक के कार्यक्रम में हुए इस बदलाव की आधिकारिक वजह मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस का मंगलवार को मुंबई से बाहर धार्मिक कार्यक्रम में शामिल होना बताई गई है।

    कैबिनेट बैठक के दिन में बदलाव अपने आप में प्रशासनिक कारणों से जुड़ा बताया जा रहा है, लेकिन इसके तुरंत बाद होने वाली महायुति के प्रमुख नेताओं की बैठक ने राजनीतिक हलकों का ध्यान खींचा है। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के सरकारी आवास वर्षा बंगले पर सोमवार को गठबंधन के वरिष्ठ नेताओं और मंत्रियों के लिए डिनर का कार्यक्रम रखा गया है।

    इस कार्यक्रम में भारतीय जनता पार्टी, शिवसेना और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी से जुड़े प्रमुख नेताओं की मौजूदगी रहने की संभावना है। उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे और सुनेत्रा पवार के बीच भी चर्चा प्रस्तावित है। ऐसे में कैबिनेट बैठक और उसके बाद होने वाली राजनीतिक बैठक को लेकर गठबंधन के भीतर समन्वय और रणनीति से जुड़े मुद्दों पर बातचीत की संभावना जताई जा रही है।

    मुख्यमंत्री फडणवीस का हालिया दिल्ली दौरा भी इस पूरे घटनाक्रम के बीच चर्चा का विषय बना हुआ है। दिल्ली दौरे के बाद राज्य में राजनीतिक गतिविधियों के बढ़ने और अब कैबिनेट बैठक के कार्यक्रम में बदलाव के कारण सत्ता के गलियारों में संभावित बदलावों को लेकर अटकलें लगाई जा रही हैं।

    हालांकि, अभी तक सरकार या महायुति की ओर से किसी बड़े राजनीतिक बदलाव, मंत्रिमंडल फेरबदल या गठबंधन के समीकरण में परिवर्तन को लेकर कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है। इसलिए मौजूदा परिस्थितियों को फिलहाल राजनीतिक गतिविधियों और आपसी समन्वय के संदर्भ में ही देखा जा रहा है।

    सरकारी स्तर पर कैबिनेट बैठक और गठबंधन नेताओं की बातचीत का उद्देश्य सरकार के कामकाज में बेहतर तालमेल, आपसी मतभेदों को दूर करना और प्रशासनिक फैसलों में तेजी लाना बताया जा रहा है। महायुति सरकार के सामने विभिन्न राजनीतिक और प्रशासनिक मुद्दों पर समन्वय बनाए रखना महत्वपूर्ण है।

    सोमवार को होने वाली बैठक में सरकार से जुड़े विभिन्न प्रस्तावों पर चर्चा और निर्णय लिए जाने की संभावना है। इसके बाद वर्षा बंगले पर होने वाली बैठक में गठबंधन के नेताओं के बीच राजनीतिक और संगठनात्मक मुद्दों पर विचार-विमर्श हो सकता है।

    महाराष्ट्र की राजनीति में भाजपा, शिवसेना और एनसीपी के बीच समन्वय सत्ता के संचालन के लिए महत्वपूर्ण माना जाता है। ऐसे में शीर्ष नेताओं का एक साथ बैठना राजनीतिक रूप से भी अहम माना जा रहा है। हालांकि, बैठक के एजेंडे को लेकर अभी विस्तृत जानकारी सामने नहीं आई है।

    फिलहाल कैबिनेट बैठक को एक दिन पहले करने का कारण प्रशासनिक कार्यक्रम बताया गया है, जबकि उसके बाद होने वाली महायुति नेताओं की बैठक ने संभावित राजनीतिक फैसलों को लेकर उत्सुकता बढ़ा दी है। आने वाले दिनों में इस बैठक के बाद सामने आने वाले फैसलों और नेताओं के बयानों से तस्वीर अधिक स्पष्ट हो सकती है।

  • चेन्नई के दूसरे एयरपोर्ट पर विजय सरकार का बड़ा फैसला, DMK ने विधानसभा में जानकारी को लेकर उठाए गंभीर सवाल

    चेन्नई के दूसरे एयरपोर्ट पर विजय सरकार का बड़ा फैसला, DMK ने विधानसभा में जानकारी को लेकर उठाए गंभीर सवाल

    नई दिल्ली ।तमिलनाडु के मुख्यमंत्री जोसेफ विजय ने सोमवार को विधानसभा में चेन्नई के पास परंदूर में प्रस्तावित ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट परियोजना को रद्द करने की घोषणा की। इस फैसले के साथ चेन्नई में दूसरे हवाई अड्डे के निर्माण की योजना फिलहाल रोक दी गई है। सरकार के निर्णय के बाद राज्य की राजनीति में इस परियोजना को लेकर नया विवाद खड़ा हो गया है। विपक्षी दल डीएमके ने विजय सरकार के फैसले पर सवाल उठाते हुए परियोजना से जुड़ी फाइलें सार्वजनिक करने की मांग की है।

    मुख्यमंत्री विजय ने विधानसभा में कहा कि चेन्नई का मौजूदा मीनमबक्कम हवाई अड्डा वर्तमान में यात्रियों की जरूरतों को संभालने की क्षमता रखता है। उनके मुताबिक शहर की मौजूदा जरूरतों को देखते हुए अभी नए हवाई अड्डे की तत्काल आवश्यकता नहीं है। उन्होंने औद्योगिक विकास और कार्गो परिवहन से जुड़ी भविष्य की जरूरतों का भी उल्लेख किया।

    विजय ने कहा कि यदि आने वाले समय में चेन्नई के लिए नए हवाई अड्डे की जरूरत महसूस होती है तो उसके लिए ऐसी जगह का चयन किया जाना चाहिए, जहां कृषि भूमि और रिहायशी इलाकों पर न्यूनतम प्रभाव पड़े। सरकार के इस रुख को परंदूर परियोजना से जुड़े पर्यावरणीय और सामाजिक प्रभावों से जोड़कर देखा जा रहा है।

    चेन्नई से करीब 70 किलोमीटर दूर परंदूर में प्रस्तावित एयरपोर्ट परियोजना का स्थानीय स्तर पर लंबे समय से विरोध होता रहा था। स्थानीय लोगों और किसानों की ओर से बहुफसली उपजाऊ कृषि भूमि के संभावित नुकसान को लेकर चिंता जताई गई थी। इसके अलावा पर्यावरण पर पड़ने वाले प्रभाव और परियोजना के कारण प्रभावित होने वाले इलाकों को लेकर भी सवाल उठते रहे हैं।

    मुख्यमंत्री विजय विधानसभा चुनाव से पहले भी परंदूर एयरपोर्ट परियोजना के विरोध में स्थानीय लोगों और किसानों के साथ खड़े दिखाई दिए थे। उन्होंने इस मुद्दे को लेकर अभियान चलाया था। अब सत्ता में आने के बाद परियोजना को रद्द करने की घोषणा को उनके पहले के राजनीतिक रुख से जोड़कर देखा जा रहा है।

    हालांकि, परियोजना रद्द किए जाने के बाद विवाद खत्म होने के बजाय राजनीतिक रूप से और तेज हो गया है। डीएमके ने विजय सरकार से मांग की है कि पिछली सरकार के कार्यकाल में शुरू की गई परंदूर एयरपोर्ट परियोजना से संबंधित सभी फाइलें सार्वजनिक की जाएं। विपक्ष का कहना है कि दस्तावेज सामने आने से परियोजना की पूरी प्रक्रिया और उससे जुड़े निर्णयों की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।

    डीएमके ने सरकार को इसके लिए एक सप्ताह का समय देने की बात कही है। विपक्ष के अनुसार यदि निर्धारित अवधि में फाइलें सार्वजनिक नहीं की गईं तो विधानसभा में विशेषाधिकार प्रस्ताव लाने पर विचार किया जाएगा। डीएमके ने यह भी आरोप लगाया है कि मुख्यमंत्री ने विधानसभा में परियोजना से संबंधित जानकारी सही तरीके से प्रस्तुत नहीं की।

    इस बीच, चेन्नई की भविष्य की हवाई परिवहन जरूरतों को लेकर भी बहस शुरू हो गई है। सरकार का कहना है कि मौजूदा हवाई अड्डे की क्षमता फिलहाल पर्याप्त है, जबकि भविष्य में आवश्यकता बढ़ने पर कम प्रभावित क्षेत्र में नई परियोजना पर विचार किया जा सकता है।

    परंदूर परियोजना को रद्द करने का फैसला विकास, पर्यावरण और कृषि भूमि के संरक्षण के बीच संतुलन से जुड़े सवालों को भी सामने लाता है। अब इस मुद्दे पर सरकार और विपक्ष के बीच आगे की राजनीतिक बहस विधानसभा में देखने को मिल सकती है। डीएमके की ओर से दिए गए एक सप्ताह के अल्टीमेटम के बाद परियोजना की फाइलें सार्वजनिक करने और सरकार के फैसले पर स्पष्टीकरण देने को लेकर विजय सरकार पर राजनीतिक दबाव बढ़ गया है।

  • Miss Universe India 2026 का खिताब केरल की केजिया लिज मेजो ने जीता, वैष्णवी गणेश और अनुश्री सातवलेकर बनीं रनर-अप

    Miss Universe India 2026 का खिताब केरल की केजिया लिज मेजो ने जीता, वैष्णवी गणेश और अनुश्री सातवलेकर बनीं रनर-अप

    नई दिल्ली ।केरल की 19 वर्षीय केजिया लिज मेजो ने मिस यूनिवर्स इंडिया 2026 का प्रतिष्ठित खिताब अपने नाम कर लिया है। जयपुर में आयोजित ग्रैंड फिनाले में देशभर से आईं प्रतिभागियों के बीच मुकाबले के बाद केजिया को विजेता घोषित किया गया। मिस यूनिवर्स इंडिया 2025 की विजेता मनिका विश्वकर्मा ने उन्हें ताज पहनाया। खिताब जीतने के बाद केजिया भावुक नजर आईं और उन्होंने इस उपलब्धि को अपने लिए बड़ी जिम्मेदारी बताया।

    जयपुर के जी-स्टूडियो में रविवार देर रात आयोजित फिनाले में प्रतिभागियों ने टैलेंट, आत्मविश्वास, व्यक्तित्व और मंच पर अपनी प्रस्तुति के जरिए निर्णायकों को प्रभावित किया। प्रतियोगिता में देश के अलग-अलग हिस्सों से पहुंची सुंदरियों के बीच कड़ा मुकाबला देखने को मिला। अंतिम दौर में पहुंचीं प्रतिभागियों में केजिया लिज मेजो, वैष्णवी गणेश, तेजस्विनी श्रीवास्तव, अनुश्री सातवलेकर और अनुभा वशिष्ठ शामिल थीं।

    अंतिम परिणाम में तमिलनाडु की वैष्णवी गणेश ने फर्स्ट रनर-अप का स्थान हासिल किया। गुजरात की अनुश्री सातवलेकर सेकंड रनर-अप रहीं। इसके साथ ही केरल की केजिया लिज मेजो ने प्रतियोगिता का विजेता खिताब हासिल किया। इस जीत के साथ अब केजिया इस साल होने वाली 75वीं मिस यूनिवर्स प्रतियोगिता में भारत का प्रतिनिधित्व करेंगी।

    खिताब जीतने के बाद केजिया ने कहा कि यह ताज उनके लिए केवल एक उपलब्धि नहीं, बल्कि बड़ी जिम्मेदारी है। उन्होंने अंतरराष्ट्रीय मंच पर भारत का प्रतिनिधित्व करने को गर्व और सम्मान का अवसर बताया। केजिया का कहना है कि वह इस मंच के माध्यम से भारत की विविधता, संस्कृति, प्रतिभा और नई पीढ़ी की शक्ति को दुनिया के सामने प्रस्तुत करना चाहती हैं।

    केजिया लिज मेजो की पहचान सिर्फ ब्यूटी पेजेंट तक सीमित नहीं है। वह कानून की छात्रा हैं और मॉडलिंग के साथ क्लासिकल डांस से भी जुड़ी हुई हैं। वह फिलहाल बेंगलुरु में कानून की पढ़ाई कर रही हैं और उनका संबंध कोच्चि से है। उनके माता-पिता के नाम मेजो अब्राहम और सुजा मेजो बताए गए हैं।

    केजिया ने वर्ष 2026 में मिस यूनिवर्स केरल का खिताब भी जीता था। इससे पहले वह मिस टीन इंटरनेशनल 2025 में फर्स्ट रनर-अप रह चुकी हैं। उन्होंने मिस टीन इंडिया का खिताब भी अपने नाम किया था और अंतरराष्ट्रीय टीन ब्यूटी पेजेंट में भारत का प्रतिनिधित्व किया था। कम उम्र में लगातार मिल रही सफलताओं ने उन्हें ब्यूटी पेजेंट की दुनिया में एक अलग पहचान दिलाई है।

    केजिया सोशल मीडिया पर भी सक्रिय हैं। वह इंस्टाग्राम पर अपनी तस्वीरें और वीडियो साझा करती हैं। इसके अलावा वह मानसिक स्वास्थ्य और व्यक्तिगत विकास जैसे विषयों पर भी अपनी बात रखती हैं। सोशल मीडिया पर उनके हजारों फॉलोअर्स हैं और उनकी ऑनलाइन मौजूदगी लगातार चर्चा में रहती है।

    मिस यूनिवर्स इंडिया 2026 का ताज मिलने के बाद केजिया के सामने अब अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता की चुनौती है। राष्ट्रीय स्तर पर मिली इस सफलता के बाद वह भारत की ओर से मिस यूनिवर्स के वैश्विक मंच पर उतरेंगी। देशभर में अब उनके अंतरराष्ट्रीय प्रदर्शन को लेकर उम्मीदें बढ़ गई हैं।

  • मुख्यमंत्री विजय के बड़े ऐलान से राहत की उम्मीद, मुफ्त सिलेंडर योजना के साथ महिलाओं के लिए विस्तृत बस यात्रा सुविधा

    मुख्यमंत्री विजय के बड़े ऐलान से राहत की उम्मीद, मुफ्त सिलेंडर योजना के साथ महिलाओं के लिए विस्तृत बस यात्रा सुविधा

    नई दिल्ली ।तमिलनाडु में मुख्यमंत्री विजय ने राज्य के गरीब परिवारों, महिलाओं और ट्रांसजेंडर समुदाय के लिए कई महत्वपूर्ण घोषणाएं की हैं। सरकार के मुताबिक इन फैसलों का उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को राहत देने के साथ महिलाओं की सार्वजनिक परिवहन तक पहुंच आसान बनाना है। इसके तहत गरीब परिवारों को हर साल तीन मुफ्त LPG सिलेंडर देने की योजना शुरू करने का ऐलान किया गया है। साथ ही महिलाओं और ट्रांसजेंडर यात्रियों के लिए बसों में मुफ्त यात्रा की सुविधा का दायरा बढ़ाने की बात कही गई है।

    सरकार की ओर से घोषित ‘अन्नपूर्णानी सुपर सिक्स’ योजना पोंगल 2027 से शुरू होने की बात कही गई है। इस योजना के तहत ऐसे परिवारों को लाभ देने का प्रस्ताव है, जिनकी वार्षिक आय 2.5 लाख रुपये से कम है। पात्र परिवारों को एक साल में तीन LPG सिलेंडर मुफ्त उपलब्ध कराए जाएंगे। सरकार के अनुमान के अनुसार इस योजना से करीब 1.30 करोड़ परिवार लाभान्वित हो सकते हैं।

    इस योजना पर राज्य सरकार के खजाने से हर साल करीब 4 हजार करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है। लाभार्थियों को पहले LPG सिलेंडर खरीदना होगा और इसके बाद सिलेंडर की कीमत सीधे उनके बैंक खाते में जमा किए जाने की व्यवस्था बताई गई है। इस तरह सरकार ने योजना को प्रत्यक्ष आर्थिक सहायता से जोड़ने की तैयारी की है।

    मुख्यमंत्री विजय ने महिलाओं के लिए मुफ्त बस यात्रा को लेकर भी बड़ा ऐलान किया है। प्रस्तावित सुविधा केवल सामान्य बसों तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि एक्सप्रेस, एलएसएस और डीलक्स बसों में भी महिलाओं को मुफ्त यात्रा की सुविधा देने की बात कही गई है। इसके अलावा अंतर-जिला बस सेवाओं में भी महिलाओं को इस सुविधा का लाभ दिए जाने की जानकारी सामने आई है।

    महिलाओं के लिए मुफ्त बस यात्रा की यह सुविधा ‘वेट्री पयाना थिट्टम’ के तहत 2 अक्टूबर से शुरू करने की घोषणा की गई है। इसके दायरे में ट्रांसजेंडर यात्रियों को भी शामिल किया जाएगा। सरकार का मानना है कि इससे महिलाओं और आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों के लिए सार्वजनिक परिवहन का इस्तेमाल अधिक सुगम हो सकता है।

    इन कल्याणकारी घोषणाओं के साथ चेन्नई के प्रस्तावित नए एयरपोर्ट को लेकर भी सरकार ने अपना रुख स्पष्ट किया है। परंदूर में प्रस्तावित एयरपोर्ट परियोजना का स्थानीय लोगों की ओर से विरोध किए जाने के बाद मुख्यमंत्री विजय ने कहा कि सरकार ऐसे वैकल्पिक स्थानों की तलाश कर रही है, जहां एयरपोर्ट निर्माण से परिवार प्रभावित न हों।

    सरकार ने नए एयरपोर्ट के लिए कुछ वैकल्पिक स्थानों की पहचान किए जाने की बात कही है। मुख्यमंत्री ने दोहराया कि मौजूदा परिस्थितियों में सरकार परंदूर में एयरपोर्ट बनाने के पक्ष में नहीं है। इसके साथ ही चेन्नई के मौजूदा मीनांबक्कम एयरपोर्ट पर नया टर्मिनल-5 बनाने की योजना का भी ऐलान किया गया है।

    मुख्यमंत्री विजय ने किसानों के हितों को भी प्राथमिकता देने की बात कही। उन्होंने किसानों को देश की रीढ़ बताते हुए कहा कि विकास परियोजनाओं के नाम पर उनके हितों की अनदेखी नहीं की जानी चाहिए। ऐसे में सरकार के हालिया फैसलों में एक ओर गरीब परिवारों को घरेलू ईंधन पर राहत देने का प्रयास दिखाई देता है, वहीं दूसरी ओर महिलाओं और ट्रांसजेंडर यात्रियों के लिए सार्वजनिक परिवहन को अधिक सुलभ बनाने पर जोर दिया गया है। इन घोषणाओं के लागू होने के बाद इनके वास्तविक लाभ और वित्तीय प्रभाव का आकलन किया जा सकेगा।

  • सीएम योगी ने जनता दर्शन में सुनीं लोगों की समस्याएं, गोपालन के लिए महिला को मदद और दिव्यांग को न्याय का भरोसा

    सीएम योगी ने जनता दर्शन में सुनीं लोगों की समस्याएं, गोपालन के लिए महिला को मदद और दिव्यांग को न्याय का भरोसा

    नई दिल्ली । उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को आयोजित जनता दर्शन में प्रदेश के अलग-अलग जिलों से पहुंचे लोगों की समस्याएं सुनीं और अधिकारियों को उनके समयबद्ध निस्तारण के निर्देश दिए। इस दौरान सीतापुर की रहने वाली पूनम देवी ने मुख्यमंत्री के सामने गोपालन के जरिए आत्मनिर्भर बनने की इच्छा जताई। उनकी मांग पर मुख्यमंत्री ने संबंधित अधिकारियों को नियमानुसार सहायता उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।

    सीतापुर के गुरुदेव नगर हरगांव की निवासी पूनम देवी ने जनता दर्शन में मुख्यमंत्री को दिए प्रार्थना पत्र में बताया कि वह गोपालन के माध्यम से अपने परिवार को आर्थिक रूप से मजबूत करना चाहती हैं। उनके पास पहले से पांच गाय हैं और उन्होंने बताया कि अन्य गोवंश रखने के लिए उनके पास पर्याप्त स्थान भी उपलब्ध है। उन्होंने सरकार से अतिरिक्त गाय उपलब्ध कराने की मांग रखी, ताकि दूध और उससे जुड़े उत्पादों की बिक्री के माध्यम से परिवार की आय बढ़ाई जा सके।

    पूनम देवी की बात सुनने के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपर मुख्य सचिव पशुधन को निर्देश दिया कि उन्हें नियमानुसार निराश्रित गाय उपलब्ध कराने की व्यवस्था की जाए। साथ ही मुख्यमंत्री सहभागिता योजना के तहत गोवंश की देखभाल के लिए मिलने वाली आर्थिक सहायता का लाभ भी दिलाने को कहा गया। मुख्यमंत्री ने महिला की गोपालन के प्रति रुचि और आत्मनिर्भर बनने की इच्छा की सराहना करते हुए उनका उत्साह बढ़ाया।

    जनता दर्शन के दौरान मुख्यमंत्री ने लोगों से एक-एक करके उनकी समस्याएं पूछीं और प्रार्थना पत्रों को संबंधित अधिकारियों तक पहुंचाते हुए आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए। पूनम देवी से बातचीत के दौरान उन्होंने गोसेवा के महत्व का उल्लेख किया और कहा कि सरकार की ओर से उन्हें नियमानुसार योजनाओं का लाभ दिलाने का प्रयास किया जाएगा। महिला ने अपनी मांग पर तत्काल संज्ञान लिए जाने के लिए मुख्यमंत्री के प्रति आभार भी जताया।

    इसी दौरान जनता दर्शन में पहुंचे एक दिव्यांग व्यक्ति ने अपनी भूमि पर अवैध कब्जे की शिकायत मुख्यमंत्री के सामने रखी। पीड़ित ने बताया कि उसकी जमीन पर किसी अन्य व्यक्ति ने कब्जा कर लिया है, जिसके कारण उसे परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। मुख्यमंत्री ने मामले को गंभीरता से लेते हुए संबंधित अधिकारियों को जमीन की जांच कराने और नियमानुसार समस्या का समाधान करने का निर्देश दिया।

    मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से कहा कि जनता दर्शन में आने वाले लोगों की शिकायतों का समयबद्ध और प्रभावी तरीके से निस्तारण सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने प्रदेश के विभिन्न जनपदों से आए फरियादियों की समस्याओं पर आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश भी दिए। जनता दर्शन में सामने आए मामलों में सरकारी योजनाओं का लाभ, भूमि विवाद और अन्य स्थानीय समस्याएं शामिल रहीं।

    इस दौरान मुख्यमंत्री का जोर इस बात पर रहा कि पात्र लोगों को सरकारी योजनाओं का लाभ मिलने में अनावश्यक देरी न हो और शिकायतों का समाधान संबंधित विभागों के स्तर पर प्रभावी ढंग से किया जाए। महिला की गोपालन संबंधी मांग और दिव्यांग की भूमि से जुड़े मामले में तत्काल निर्देश दिए जाने से जनता दर्शन में शिकायतों के समाधान की प्रक्रिया पर प्रशासनिक सक्रियता का संदेश गया।

  • CJP के कार्यक्रम में हंगामा, ABVP और BJP युवा मोर्चा कार्यकर्ताओं ने दीवार फांदी; पुलिस ने दो को पकड़ा

    CJP के कार्यक्रम में हंगामा, ABVP और BJP युवा मोर्चा कार्यकर्ताओं ने दीवार फांदी; पुलिस ने दो को पकड़ा


    नई दिल्ली। जोधपुर में रविवार को CJP प्रवक्ता आशुतोष रांका के कार्यक्रम के दौरान उस समय हंगामा खड़ा हो गया जब ABVP और बीजेपी युवा मोर्चा से जुड़े कार्यकर्ता गांधी शांति प्रतिष्ठान परिसर में दीवार फांदकर अंदर पहुंच गए। कार्यक्रम का आयोजन शिक्षा और नई पीढ़ी से जुड़े मुद्दों पर किया गया था। आशुतोष रांका कार्यक्रम में संविधान की किताब लेकर पहुंचे थे। इसी दौरान परिसर के बाहर अचानक विरोध और नारेबाजी का माहौल बन गया। आरोप है कि प्रदर्शनकारियों में शामिल एक व्यक्ति ने कार्यक्रम स्थल के बाहर मौजूद युवक को थप्पड़ मार दिया और इसके बाद हॉल में प्रवेश करने की कोशिश की गई। स्थिति बिगड़ती देख मौके पर तैनात पुलिसकर्मी तुरंत सक्रिय हुए और दो लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ के लिए रातानाडा थाने ले गए।

    पुलिस के मुताबिक दो लोग दीवार फांदकर कार्यक्रम स्थल के भीतर पहुंचे थे। DCP ईस्ट मनीष चौधरी ने बताया कि दोनों को डिटेन किया गया है और उनसे पूरे घटनाक्रम को लेकर पूछताछ की जा रही है। पुलिस यह भी पता लगाने में जुटी है कि कार्यक्रम स्थल में प्रवेश करने और हंगामा करने के पीछे क्या वजह थी तथा क्या किसी तरह की पूर्व योजना के तहत वहां पहुंचा गया था।

    घटना के दौरान कार्यक्रम में मौजूद लोगों के बीच भी अफरा-तफरी की स्थिति बन गई। बताया गया कि ABVP के संयोजक ललित दाधीच और बीजेपी युवा मोर्चा के प्रदेश प्रवक्ता राजवीर बांता को पुलिस मौके से बाहर लेकर गई। हालांकि घटनाक्रम को लेकर दोनों पक्षों की ओर से अलग-अलग दावे सामने आ सकते हैं और पुलिस की जांच के बाद ही पूरे मामले की तस्वीर स्पष्ट होगी।

    यह विवाद ऐसे समय हुआ है जब CJP की ओर से हाल के दिनों में ‘लीगल कॉकरोचेज’ जैसे विरोध प्रदर्शनों और विभिन्न मुद्दों को लेकर कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। आशुतोष रांका का जोधपुर कार्यक्रम भी इसी सिलसिले का हिस्सा बताया गया। कार्यक्रम में शिक्षा और नई पीढ़ी से जुड़े सवालों पर चर्चा होनी थी लेकिन विरोध और हंगामे के चलते माहौल तनावपूर्ण हो गया।

    पुलिस ने स्थिति को नियंत्रित करने के साथ कार्यक्रम में सुरक्षा व्यवस्था भी बढ़ा दी। कार्यक्रम समाप्त होने के बाद आशुतोष रांका को पुलिस सुरक्षा में जोधपुर से जयपुर रवाना किया गया। पुलिस की मौजूदगी में उन्हें शहर से बाहर ले जाया गया ताकि रास्ते में किसी तरह की अप्रिय स्थिति पैदा न हो।

    बताया गया है कि CJP के कार्यकर्ताओं का जोधपुर में आगे भी कार्यक्रम प्रस्तावित था। ऐसे में रविवार की घटना के बाद पुलिस की सतर्कता बढ़ गई है। प्रशासन की कोशिश है कि आगामी कार्यक्रमों के दौरान किसी तरह का विवाद या टकराव न हो। फिलहाल पुलिस हिरासत में लिए गए दोनों लोगों से पूछताछ कर रही है और पूरे घटनाक्रम से जुड़े तथ्यों की जांच की जा रही है।

  • अमृतसर के संवेदनशील सैन्य इलाकों को लेकर खुफिया अलर्ट, पाकिस्तानी नेटवर्क की गतिविधियों पर एजेंसियों की पैनी नजर

    अमृतसर के संवेदनशील सैन्य इलाकों को लेकर खुफिया अलर्ट, पाकिस्तानी नेटवर्क की गतिविधियों पर एजेंसियों की पैनी नजर

    नई दिल्ली ।पंजाब में संभावित आतंकी साजिश को लेकर सुरक्षा एजेंसियां सतर्क हो गई हैं। खुफिया इनपुट में आशंका जताई गई है कि पाकिस्तान से जुड़े कुछ ऑपरेटिव्स राज्य में सैन्य प्रतिष्ठानों को निशाना बनाने की कोशिश कर सकते हैं। इनपुट के सामने आने के बाद संवेदनशील इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने और संदिग्ध गतिविधियों पर नजर बढ़ाने के निर्देश दिए गए हैं।

    बताया जा रहा है कि अमृतसर जिले में सैन्य ठिकानों से जुड़े दो स्थानों की कथित तौर पर रेकी की गई है। खुफिया जानकारी में इन ऑपरेटिव्स की पहचान राणा भाई और मलिक के नाम से किए जाने की बात सामने आई है। जिन स्थानों का उल्लेख किया गया है, उनमें खासा छावनी और उसके आसपास का बूढ़ा ठेह इलाका शामिल है।

    खासा छावनी का नाम सामने आने से सुरक्षा एजेंसियों की चिंता और बढ़ गई है। कुछ समय पहले छावनी की बाहरी दीवार के पास विस्फोट की घटना हुई थी। उस घटना में बड़ा नुकसान नहीं हुआ था, लेकिन अब नए खुफिया इनपुट के बाद पुराने घटनाक्रम की भी नए सिरे से समीक्षा किए जाने की संभावना है।

    हालांकि, मौजूदा खुफिया इनपुट और पहले हुए विस्फोट के बीच किसी सीधी कड़ी की पुष्टि अभी नहीं हुई है। जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि दोनों घटनाओं का कोई आपसी संबंध है या नहीं। सुरक्षा से जुड़े अधिकारियों के सामने फिलहाल प्राथमिकता संभावित खतरे का आकलन करने और संवेदनशील प्रतिष्ठानों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की है।

    इस पूरे घटनाक्रम में पाकिस्तान में सक्रिय बताए जा रहे गैंगस्टर शहजाद भट्टी का नेटवर्क भी जांच के दायरे में है। भारतीय एजेंसियां पहले से उसके कथित नेटवर्क से जुड़े मामलों की जांच कर रही हैं। आरोप है कि इस नेटवर्क का इस्तेमाल भारत में हिंसक गतिविधियों और युवाओं की भर्ती के लिए किया जा रहा था।

    शहजाद भट्टी से जुड़े नेटवर्क के खिलाफ अलग-अलग मामलों में कार्रवाई भी की गई है। जांच में पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी से कथित संपर्क और सीमा पार से संचालित गतिविधियों की जानकारी सामने आने का दावा किया गया है। ऐसे मामलों में सुरक्षा एजेंसियां आतंकी नेटवर्क, हथियारों की तस्करी और स्थानीय संपर्कों के बीच संभावित संबंधों की पड़ताल करती हैं।

    पंजाब में अवैध हथियारों की तस्करी से जुड़े नेटवर्क पर भी कार्रवाई जारी है। हाल में पुलिस ने दो संदिग्धों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से अत्याधुनिक पिस्तौल, मैगजीन और कारतूस बरामद किए जाने की जानकारी दी थी। प्रारंभिक जांच में उनके विदेशी संपर्कों और सीमा क्षेत्र के जरिए हथियारों की खेप हासिल करने की आशंका जताई गई।

    जांच में ड्रोन के जरिए सीमा पार से हथियार पहुंचाने की आशंका भी सामने आई है। इससे पंजाब में सीमा से जुड़े क्षेत्रों की सुरक्षा चुनौती और गंभीर हो जाती है। एजेंसियां अब हथियारों की आपूर्ति, विदेशी संचालकों और स्थानीय नेटवर्क के बीच संभावित संपर्कों की जानकारी जुटा रही हैं।

    पंजाब पुलिस और केंद्रीय सुरक्षा एजेंसियों के बीच समन्वय इस पूरे मामले में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। सैन्य प्रतिष्ठानों के अलावा सीमावर्ती और संवेदनशील इलाकों में निगरानी बढ़ाई जा रही है। हालांकि, सामने आए इनपुट को लेकर अंतिम स्थिति जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगी। फिलहाल सुरक्षा एजेंसियां किसी भी संभावित खतरे को रोकने के लिए सतर्कता के साथ आगे बढ़ रही हैं।

  • आतंकी धमकी से कश्मीरी पंडित कर्मचारियों में चिंता, पत्र में कई लोगों की निजी जानकारी का किया गया जिक्र

    आतंकी धमकी से कश्मीरी पंडित कर्मचारियों में चिंता, पत्र में कई लोगों की निजी जानकारी का किया गया जिक्र

    नई दिल्ली ।जम्मू-कश्मीर में कश्मीरी पंडितों को कथित आतंकी संगठन की ओर से धमकी भरे पत्र मिलने का मामला सामने आया है। इन पत्रों में कई कश्मीरी पंडितों के नाम और उनके पते का उल्लेख किए जाने से सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है। अधिकारियों ने मामले की गंभीरता को देखते हुए पत्रों के स्रोत और इसके पीछे शामिल लोगों की जांच शुरू कर दी है।

    बताया गया है कि धमकी भरे पत्र में कश्मीरी पंडित समुदाय के कुछ लोगों को निशाना बनाने की चेतावनी दी गई है। पत्र में लोगों के नाम के साथ उनके घर और गली से जुड़ी जानकारी भी दर्ज होने की बात सामने आई है। इस तरह की निजी जानकारी का इस्तेमाल किए जाने से प्रभावित लोगों की सुरक्षा को लेकर प्रशासन के सामने चुनौती बढ़ गई है।

    जानकारी के अनुसार, पत्र में कश्मीर से बाहर चले गए कश्मीरी पंडितों को लेकर आपत्तिजनक आरोप लगाए गए हैं। पत्र में यह भी दावा किया गया है कि संबंधित लोगों की गतिविधियों पर नजर रखी जा रही है। हालांकि, प्रशासन इस बात की जांच कर रहा है कि पत्र वास्तव में किस संगठन या व्यक्ति की ओर से भेजे गए हैं और इनमें किए गए दावों की वास्तविकता क्या है।

    मामले में यूनाइटेड लिबरेशन काउंसिल नाम के संगठन का उल्लेख सामने आया है, जिसे लश्कर-ए-तैयबा से जुड़ा एक मोर्चा बताया जा रहा है। हालांकि, पत्र की वास्तविकता, इसे जारी करने वाले व्यक्ति या संगठन और इसके पीछे की मंशा की पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी। सुरक्षा एजेंसियां सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर मामले की पड़ताल कर रही हैं।

    यह घटना इसलिए भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है क्योंकि इससे पहले भी कश्मीरी पंडित कर्मचारियों को धमकी भरे पत्र मिलने की जानकारी सामने आई थी। पिछले मामले में कुछ सरकारी कर्मचारियों के नाम और संपर्क संबंधी जानकारी पत्र में शामिल होने की बात कही गई थी। इसके बाद संबंधित विभागों ने कर्मचारियों की सुरक्षा को लेकर सतर्कता बढ़ाई थी।

    हालिया घटनाक्रम ऐसे समय सामने आया है जब घाटी में अल्पसंख्यक समुदाय के कर्मचारियों की सुरक्षा पहले से संवेदनशील मुद्दा बनी हुई है। कुछ समय पहले कुलगाम में दो प्रवासी मजदूरों पर हमला कर उनकी हत्या किए जाने की घटना ने भी सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल खड़े किए थे।

    जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने भी हाल में घाटी में कार्यरत कश्मीरी पंडित कर्मचारियों को मिल रही आतंकी धमकियों को गंभीरता से लेने की बात कही थी। उन्होंने सुरक्षा व्यवस्था से जुड़े अधिकारियों से ऐसे मामलों को नजरअंदाज नहीं करने की अपील की थी। मुख्यमंत्री ने पूर्व में अल्पसंख्यक समुदाय के लोगों को निशाना बनाए जाने की घटनाओं का भी उल्लेख किया था।

    प्रशासन के सामने अब सबसे बड़ी प्राथमिकता धमकी की विश्वसनीयता का आकलन करने के साथ प्रभावित लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है। सुरक्षा एजेंसियां पत्रों की जांच, उनके प्रसार के स्रोत और संभावित जिम्मेदार लोगों की पहचान करने में जुटी हैं। अधिकारियों का कहना है कि मामले से जुड़े तथ्यों की पुष्टि जांच के आधार पर की जाएगी।

    कश्मीरी पंडित समुदाय के लिए इस घटनाक्रम ने सुरक्षा और विश्वास से जुड़े पुराने सवालों को फिर सामने ला दिया है। प्रशासन की ओर से सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा और समय रहते आवश्यक कदम उठाना महत्वपूर्ण माना जा रहा है, ताकि धमकी के कारण लोगों में भय का माहौल न बने और किसी संभावित घटना को रोका जा सके।

  • प्रणेश एम ने सात अंक लेकर जीता खिताब, बेहतर टाईब्रेक से भारतीय ग्रैंडमास्टर ने हासिल किया पहला स्थान

    प्रणेश एम ने सात अंक लेकर जीता खिताब, बेहतर टाईब्रेक से भारतीय ग्रैंडमास्टर ने हासिल किया पहला स्थान


    नई दिल्ली ।
    भारतीय ग्रैंडमास्टर प्रणेश एम ने हंगरी में आयोजित कानिज्सा ओपन 2026 शतरंज टूर्नामेंट का खिताब अपने नाम कर लिया है। नौ राउंड की इस प्रतियोगिता में प्रणेश ने कुल सात अंक हासिल किए और बेहतर टाईब्रेक के आधार पर पहला स्थान हासिल किया। मजबूत अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ियों के बीच मिली यह जीत भारतीय शतरंज के लिए महत्वपूर्ण उपलब्धि मानी जा रही है।

    टूर्नामेंट के नौवें और आखिरी राउंड में प्रणेश ने जर्मनी के वादिम पेट्रोव्स्की को सफेद मोहरों से हराया। इस जीत के साथ उन्होंने सात अंक पूरे किए और खिताब की दौड़ में अपनी स्थिति मजबूत कर ली। अंतिम राउंड के परिणामों के बाद कई खिलाड़ी समान अंकों पर थे, जिसके चलते विजेता का फैसला टाईब्रेक के आधार पर हुआ।

    नौ राउंड पूरे होने के बाद प्रणेश के अलावा इजराइल के ओर ब्रोंस्टीन, यूक्रेन के आंद्रेई वोलोकिटिन और भारत के कार्तिक वेंकटरमन ने भी सात-सात अंक हासिल किए। हालांकि, बेहतर टाईब्रेक के कारण प्रणेश सबसे आगे रहे और उन्होंने टूर्नामेंट का खिताब अपने नाम कर लिया।

    कार्तिक वेंकटरमन के पास आखिरी दौर से पहले खिताब अकेले जीतने का अवसर था, लेकिन उनके मुकाबले में आंद्रेई वोलोकिटिन ने ड्रॉ हासिल किया। दूसरी ओर, ओर ब्रोंस्टीन ने अपने हमवतन आईएम बेनी आइजेनबर्ग को हराकर सात अंक पूरे किए और शीर्ष समूह में जगह बनाई।

    प्रणेश की उपलब्धि इसलिए खास है क्योंकि कानिज्सा ओपन को मध्य यूरोप के प्रतिस्पर्धी ओपन टूर्नामेंटों में शामिल किया जाता है। ऐसे टूर्नामेंट में अलग-अलग देशों के मजबूत खिलाड़ियों के खिलाफ लगातार अच्छा प्रदर्शन करना किसी भी शतरंज खिलाड़ी के लिए चुनौतीपूर्ण होता है। प्रणेश ने पूरे आयोजन के दौरान अपनी स्थिति मजबूत बनाए रखी और आखिरी दौर में जीत के साथ खिताब पर कब्जा किया।

    अगस्त 2026 की ताजा एफआईडीई रैंकिंग के अनुसार प्रणेश की रेटिंग 2673 है और वह विश्व रैंकिंग में 44वें स्थान पर हैं। तमिलनाडु के कराईकुडी से आने वाले प्रणेश ने अंतरराष्ट्रीय शतरंज में लगातार अपने प्रदर्शन से पहचान बनाई है। कानिज्सा ओपन की जीत उनके करियर में एक और महत्वपूर्ण उपलब्धि जोड़ती है।

    इस प्रतियोगिता में भारतीय खिलाड़ियों का सामूहिक प्रदर्शन भी उल्लेखनीय रहा। कानिज्सा ओपन 2026 के ग्रुप ए में कुल 226 खिलाड़ी शामिल हुए। भारत के नीलाश साहा ने 6.5 अंक हासिल कर 10वां स्थान प्राप्त किया। वह कई अन्य खिलाड़ियों के साथ समान अंकों पर रहे।

    नीतीश बेलुरकर ने छह अंक के साथ 20वां स्थान हासिल किया। अजय संतोष पार्वथारेड्डी और भट्टाचार्य सोहम भी छह-छह अंक लेकर क्रमश: 21वें और 23वें स्थान पर रहे। इस तरह छह भारतीय खिलाड़ी शीर्ष 23 में जगह बनाने में सफल रहे।

    प्रणेश की जीत पर हंगरी स्थित भारतीय दूतावास ने भी उन्हें बधाई दी। उनकी सफलता को वैश्विक मंच पर भारतीय शतरंज प्रतिभा के शानदार प्रदर्शन के रूप में रेखांकित किया गया। हंगरी में भारतीय खिलाड़ियों के अच्छे प्रदर्शन के संदर्भ में भी इस उपलब्धि को महत्वपूर्ण बताया गया।

    कानिज्सा ओपन में प्रणेश का प्रदर्शन उनकी निरंतरता और दबाव में बेहतर परिणाम हासिल करने की क्षमता को दर्शाता है। सात अंकों पर संयुक्त रूप से रहने वाले चार खिलाड़ियों में बेहतर टाईब्रेक के आधार पर पहला स्थान हासिल करना उनकी इस प्रतियोगिता में मजबूत स्थिति को स्पष्ट करता है। यह जीत आने वाले अंतरराष्ट्रीय आयोजनों के लिए भी उनके आत्मविश्वास को बढ़ाने वाली उपलब्धि साबित हो सकती है।

  • सभी को कराना PNG कनेक्शन …. मीडिल ईस्ट संकट के बीच केन्द्र ने राज्यों को दिए आदेश

    सभी को कराना PNG कनेक्शन …. मीडिल ईस्ट संकट के बीच केन्द्र ने राज्यों को दिए आदेश


    नई दिल्‍ली।
    भारत सरकार (Indian Government) ने देश में रसोई गैस (LPG – Liquefied Petroleum Gas) यानी LPG सिलेंडर को लेकर एक बड़ा निर्देश जारी किया है. पेट्रोलियम मंत्रालय ने सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को आदेश दिया है कि LPG सिलेंडर की जगह पाइपलाइन वाली नेचुरल गैस (Piped Natural Gas- PNG) के इस्‍तेमाल को तेजी से बढ़ाव दें, ताकि एलपीजी की सप्‍लाई को कम किया जा सके।

    साथ में यह भी कहा गया है कि जिन इलाकों में पीएनजी कनेक्‍शन पहुंचा है और लोग फिर भी एलपीजी गैस का यूज कर रहे हैं तो उनका कनेक्‍शन अपने आप ही कैंसिल हो जाएगा, जिसका मतलब है कि उन्‍हें रसोई गैस की समस्‍या का सामना करना पड़ सकता है।

    इसका मकसद गैस आपूर्ति व्यवस्था को डिजिटल और सुरक्षित बनाना है. नए ‘एलपीजी कंट्रोल ऑर्डर 2026’ और ‘नैचुरल गैस डिस्ट्रीब्यूशन ऑर्डर 2026’ के तहत नए निर्देश जारी किया गया है. इस निर्देश के तहत PNG और LPG दोनों तरह के कनेक्‍शन रखना प्रतिबंधित है. इसका मतलब है कि ऐसे लोगों को अपना एलपीजी सिलेंडर सरेंडर करना होगा।


    कराना ही होगा पीएनजी कनेक्‍शन?

    पेट्रोलियम सचिव नीरज मित्तल ने राज्‍यों के भेजे लेटर में कहा कि सरकार ने एलपीजी से पीएनजी शिफ्ट होने के नियमों को सख्‍त कर दिया है. उन्‍होंने कहा‍ कि जिन सोसायटीज या इलाकों में पीएनजी नेटवर्क आ चुका है, वहां के यूजर्स को नोटिस दिया जाएगा. अगर नोटिस मिलने के बाद भी समय से कोई ग्राहक पीएनजी कनेक्‍शन नहीं लेता है, तो उसका एलपीजी सिलेंडर कनेक्‍शन अपने आप ही कैंसिल कर दिया जाएगा।


    मिडिल ईस्‍ट में संकट जारी

    अमेरिका-ईरान के बीच जंग को लेकर अनिश्‍चतता बनी हुई है. दोनों देश होर्मुज पर अपना-अपना दावा कर रहे है, जिस कारण मिडिल ईस्‍ट से एशिया क्षेत्र की ओर, होर्मुज से होकर आने वाली तेल-गैस से भरी जहाजें प्रभावित हो रही हैं. इसी कारण, गैस की सप्‍लाई को लेकर समस्‍या आ रही है. हालांकि, भारत कई देशों के साथ तेल-गैस की सप्‍लाई कर रहा है, लेकिन लागत में बढ़ोतरी हुई है. ऐसे में भारत अब LPG से निर्भरता को कम करने के लिए PNG की ओर शिफ्ट कर रहा है. इस कारण पाइपलाइन गैस लगाने को प्रमुखता दे रहा है।


    हर जिले में PNG कोऑर्डिनेशन कमेटी

    PNG कनेक्‍शन प्रॉसेस को तेजी से लागू करने के लिए सरकार ने खास इंफ्रास्‍ट्रक्‍चर तैयार किया है. तेल डिस्‍ट्रीब्‍यूशन कंपन‍ियों और सिटी गैस डिस्‍ट्रीब्‍यूशन संस्‍थाओं को हर क्षेत्र में पीएनजी कोऑर्डिनेशन कमेटी में बनाने का निर्देश दिया गया है. राज्‍यो से कहा गया है कि वे खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग के जिला आपूर्ति अधिकारी (DSO) स्तर के अधिकारी को जिले का नोडल ऑफिसर बनाएं।