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  • 10वीं-12वीं का इंतजार खत्म: MP Board रिजल्ट जारी, जानिए चेक करने का आसान तरीका

    10वीं-12वीं का इंतजार खत्म: MP Board रिजल्ट जारी, जानिए चेक करने का आसान तरीका


    नई दिल्ली।मध्य प्रदेश माध्यमिक शिक्षा मंडल (MPBSE) ने कक्षा 10वीं और 12वीं का रिजल्ट 2026 (MP Board Result 2026) जारी कर दिया है। बोर्ड ने आज 15 अप्रैल को सुबह 11 बजे परिणाम घोषित किए, जिसका इंतजार लाखों छात्रों को था।

    इस साल करीब 16 लाख से ज्यादा छात्र बोर्ड परीक्षाओं में शामिल हुए थे। रिजल्ट जारी होते ही आधिकारिक वेबसाइट पर भारी ट्रैफिक देखने को मिला, जिसके चलते छात्रों को थोड़ी दिक्कत भी हो सकती है। ऐसे में वैकल्पिक तरीकों से रिजल्ट चेक करना बेहतर विकल्प माना जा रहा है।

    CBSE कब कर सकता है रिजल्ट जारी, इस लिंक पर क्लिक कर जानिए

    ऐसे चेक करें MP Board Result 2026
    छात्र अपना रिजल्ट कई तरीकों से आसानी से देख सकते हैं।

    सबसे पहले आधिकारिक वेबसाइट mpbse.nic.in या mpresults.nic.in पर जाएं
    “MP Board 10th/12th Result 2026” लिंक पर क्लिक करें
    अपना रोल नंबर और एप्लीकेशन नंबर दर्ज करें
    स्क्रीन पर आपका रिजल्ट दिखाई देगा, जिसे डाउनलोड भी कर सकते हैं
    इसके अलावा DigiLocker ऐप और UMANG प्लेटफॉर्म के जरिए भी डिजिटल मार्कशीट डाउनलोड की जा सकती है।

    SMS और अन्य तरीकों से भी मिलेगा रिजल्ट
    अगर वेबसाइट स्लो हो जाए तो छात्र SMS के जरिए भी अपना रिजल्ट चेक कर सकते हैं। इसके लिए मोबाइल से तय फॉर्मेट में मैसेज भेजना होता है, जिसके बाद रिजल्ट फोन पर ही मिल जाता है।

    रिजल्ट में छात्र का नाम, रोल नंबर, विषयवार अंक, कुल प्रतिशत और पास/फेल स्टेटस जैसी जानकारी दी जाती है।

    बोर्ड ने इस साल एक और बड़ा बदलाव किया है। अब सप्लीमेंट्री परीक्षा की जगह “सेकंड मेन एग्जाम” का विकल्प दिया गया है, जिससे छात्र अपने नंबर सुधार सकते हैं।

    कुल मिलाकर, MP Board का रिजल्ट छात्रों के लिए एक अहम मोड़ होता है, जो उनके आगे के करियर की दिशा तय करता है। ऐसे में सभी छात्रों को सलाह दी जाती है कि वे अपने रिजल्ट की जानकारी ध्यान से जांचें और आगे की योजना सही तरीके से बनाएं।

  • आईएसआई से जुड़े जासूसी नेटवर्क का बड़ा भंडाफोड़, 53 खातों में पहुंचा विदेशी पैसा, एनआईए करेगी गहन जांच

    आईएसआई से जुड़े जासूसी नेटवर्क का बड़ा भंडाफोड़, 53 खातों में पहुंचा विदेशी पैसा, एनआईए करेगी गहन जांच

    गाजियाबाद। उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद के कौशांबी क्षेत्र से उजागर हुए जासूसी नेटवर्क ने सुरक्षा एजेंसियों की चिंता बढ़ा दी है। आईएसआई से जुड़े इस मामले में अब राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) जांच की कमान संभालने जा रही है। इसके लिए संबंधित विभागों के बीच पत्राचार शुरू हो चुका है।

    विदेशी फंडिंग का बड़ा नेटवर्क सामने आया
    एसआईटी की जांच में खुलासा हुआ है कि इस नेटवर्क से जुड़े लोगों के 53 बैंक खातों में करीब 1.27 करोड़ रुपये विदेश से भेजे गए। ये खाते पंजाब, पश्चिम बंगाल और बिहार में संचालित हो रहे थे। इनमें सबसे अधिक रकम बिहार के भागलपुर से जुड़े खाते में ट्रांसफर की गई।

    रेलवे गतिविधियों की रिकॉर्डिंग भेजी गई विदेश
    जांच एजेंसियों को पता चला है कि सोनीपत रेलवे स्टेशन पर लगे कैमरे के जरिए ट्रेनों की आवाजाही की करीब आठ घंटे की वीडियो रिकॉर्डिंग तैयार कर पाकिस्तान भेजी गई। तकनीकी जांच में इस बात की पुष्टि होने के बाद मामले की गंभीरता और बढ़ गई है।

    कई देशों तक फैला नेटवर्क
    इस जासूसी गिरोह के तार सिर्फ पाकिस्तान तक ही सीमित नहीं हैं, बल्कि यूके, मलेशिया और सऊदी अरब तक जुड़े पाए गए हैं। शुरुआती जांच कौशांबी थाने में दर्ज एफआईआर के आधार पर शुरू हुई थी, जिसमें एसआईटी, खुफिया एजेंसियों और अन्य सुरक्षा संगठनों ने मिलकर काम किया।

    अब तक 29 संदिग्ध हिरासत में
    गाजियाबाद और हापुड़ से अब तक 29 लोगों को हिरासत में लिया गया है, जिनमें छह नाबालिग भी शामिल हैं। इस नेटवर्क का खुलासा 14 मार्च को सुहैल मलिक और साने इरम समेत कई आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद हुआ। इसके बाद 20 और 21 मार्च को अन्य संदिग्ध पकड़े गए, जबकि 24 मार्च को दिल्ली, शामली और कौशांबी से तीन और लोगों को गिरफ्तार किया गया।

    सोशल मीडिया से हुई भर्ती और संपर्क
    जांच में सामने आया है कि गिरोह का मुख्य सदस्य समीर उर्फ शूटर ने 2023 में हथियारों के साथ अपने फोटो और वीडियो सोशल मीडिया पर साझा किए थे। इन्हीं पोस्ट को देखकर सुहैल मलिक और नौशाद अली ने उससे संपर्क किया। बाद में उन्हें व्हाट्सएप ग्रुप में जोड़कर पाकिस्तान में बैठे सरफराज के निर्देश पर अलग-अलग जिम्मेदारियां सौंपी गईं।

    दो साल से सक्रिय था नेटवर्क, बड़ी साजिश की थी तैयारी
    जांच एजेंसियों के अनुसार, यह जासूसी नेटवर्क करीब दो साल से सक्रिय था। पाकिस्तान में बैठा सरफराज भारत में एक मजबूत जासूसी तंत्र तैयार कर रहा था, जिसका मकसद संवेदनशील जानकारियां जुटाकर भविष्य में बड़ी साजिश को अंजाम देना था। आरोपियों के मोबाइल फोन से कई संदिग्ध चैट, फोटो और वीडियो बरामद हुए हैं, जिनकी जांच जारी है।

    एनआईए करेगी आगे की विस्तृत जांच
    डीसीपी सिटी धवल जायसवाल के मुताबिक, जासूसी से जुड़े सबूतों के साथ-साथ मनी ट्रेल की भी गहन जांच की जा रही है। विदेशी फंडिंग के कई अहम सुराग मिलने के बाद अब इस पूरे मामले की जांच एनआईए को सौंपने की प्रक्रिया तेज कर दी गई है।

  • देश में गर्मी दिखाने लगी तीखे तेवर… कई शहरों में तापमान पहुंचा 40 डिग्री के आसपास

    देश में गर्मी दिखाने लगी तीखे तेवर… कई शहरों में तापमान पहुंचा 40 डिग्री के आसपास


    नई दिल्ली।
    पिछले कुछ दिनों के दौरान हल्की बारिश के बाद अब गर्मी (Heat wave ) ने अपना रंग दिखाना शुरू कर दिया है। उत्तर भारत (North India) के अधिकतर हिस्सों में अधिकतम तापमान 40 डिग्री सेल्सियस (Temperature 40 degrees Celsius) के आसपास पहुंच गया है और अगले पांच दिनों के दौरान इसके 40 डिग्री के पार जाने की संभावना है। राजस्थान में कई जगह तो पहले ही तापमान 40 डिग्री से ज्यादा हो गया है। इस सप्ताह, मध्य, पूर्वी, पश्चिमी और दक्षिणी भारत के कुछ हिस्सों में लू चलने और उमस भरे मौसम रहने की संभावना है, जबकि पूर्वोत्तर भारत में गरज-चमक और तेज हवाओं के साथ छिटपुट बारिश के आसार हैं।

    भारतीय मौसम विभाग (आईएमडी) के अनुसार, मंगलवार सुबह 8:30 बजे तक बीते 24 घंटों के दौरान उत्तराखंड, पंजाब, हरियाणा, उत्तर प्रदेश और बिहार में कुछ स्थानों पर 30-50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलीं। गुजरात क्षेत्र, मध्य महाराष्ट्र, छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश, तटीय महाराष्ट्र, ओडिशा, मणिपुर और अरुणाचल प्रदेश में भी कुछ स्थानों पर आंधी आई। वहीं, सौराष्ट्र और कच्छ, नगालैंड, असम और मेघालय में कुछ स्थानों पर 50-70 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलीं और गरज-चमक के साथ हल्की बारिश भी दर्ज की गई। दिल्ली, यूपी और राजस्थान में शुष्क मौसम के साथ तेज धूप का असर दिखने लगा है। कोलकाता में भी उमस भरी गर्मी बढ़ गई है। दिल्ली में अधिकतम तापमान 40 डिग्री सेल्सियस के करीब पहुंच गया है, जो आने वाले पांच दिनों में 42 डिग्री तक पहुंच सकता है। उत्तर प्रदेश में बांदा 40.4 डिग्री सेल्सियस के साथ सबसे गर्म रहा


    आज रात सक्रिय होगा नया पश्चिमी विक्षोभ

    मौसम विभाग ने बताया कि बुधवार की रात से पश्चिमी हिमालय क्षेत्र में एक नए कमजोर पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने की संभावना है। इसके प्रभाव से जम्मू-कश्मीर-लद्दाख-गिलगित-बाल्टिस्तान-मुजफ्फराबाद में 15 से 18 अप्रैल के दौरान हल्की से मध्यम स्तर की वर्षा और बर्फबारी हो सकती है। कुछ जगहों पर गरज के साथ बिजली कड़कने और 40-50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने का अनुमान है। हिमाचल प्रदेश में 17 से 19 अप्रैल के दौरान छिटपुट वर्षा हो सकती है। पंजाब, हरियाणा और चंडीगढ़ में 17 और 18 अप्रैल को बारिश होने और 30-40 किमी प्रति घंटे की गति से हवाएं चलने की संभावना है। जम्मू-कश्मीर और लद्दाख में 17 और 18 अप्रैल को हल्की ओलावृष्टि भी हो सकती है।


    पूर्वोत्तर में कुछ जगहों पर भारी बारिश के आसार

    असम और मेघालय में 18 अप्रैल तक छिटपुट बारिश, गरज और चमक के साथ 30-50 किमी की गति से हवा चल सकती है। इस दौरान अरुणाचल प्रदेश में कुछ जगहों पर बिजली गिरने की संभावना है। 15 से 17 अप्रैल के दौरान नगालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में भी यही स्थिति रहेगी। 15 अप्रैल को अरुणाचल प्रदेश में और 18 अप्रैल को असम, मेघालय और नागालैंड में अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश की संभावना है।


    राजस्थान में बाड़मेर व ओडिशा में टिटलगढ़ रहा सबसे गर्म

    राजस्थान में पिछले 24 घंटों में दिन के तापमान में 2 से 3 डिग्री सेल्सियस की वृद्धि हुई है। चुरू, चितौड़गढ़, कोटा और बाड़मेर में पारा 40 डिग्री के पार चला गया है। प्रदेश में बाड़मेर में सबसे अधिक तापमान 41.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। 17 और 18 अप्रैल को पश्चिमी राजस्थान के कुछ हिस्सों, विशेषकर जोधपुर और बीकानेर डिवीजनों में, अधिकतम तापमान 42 से 44 डिग्री सेल्सियस तक दर्ज किया जा सकता है। कुछ स्थानों पर लू चलने की संभावना है। ओडिशा में कई स्थानों पर लू चल रही है। टिटलगढ़ में सबसे अधिक 41.7 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज किया गया। अगले तीन दिनों के दौरान अधिकतम तापमान में 2-4 डिग्री की बढ़ोतरी होने की संभावना है।

  • Chhattisgarh: सक्ती के बिजली प्लांट में भीषण विस्फोट… 13 श्रमिकों की मौत, 21 घायल

    Chhattisgarh: सक्ती के बिजली प्लांट में भीषण विस्फोट… 13 श्रमिकों की मौत, 21 घायल


    सक्ती।
    छत्तीसगढ़ (Chhattisgarh) के सक्ती जिले (Sakti district) में एक निजी बिजली प्लांट (Private power plant.) में भीषण विस्फोट के बाद आग लग गई। इससे 13 श्रमिकों की मौत हो गई जबकि कम से कम 21 अन्य घायल हो गए हैं। धमाका इतना जोरदार था कि आवाज दूर तक सुनाई दी। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस, बचाव दल मौके पर पहुंचे और रेस्क्यू अभियान चलाया। घायलों को तुरंत पास के अस्पताल में भर्ती कराया गया। कुछ की हालत गंभीर बताई जा रही है। प्रशासन ने मामले की जांच शुरू कर दी है।


    4 की मौके पर ही मौत

    सक्ती के पुलिस अधीक्षक प्रफुल्ल ठाकुर ने बताया कि धमाका अपराह्न करीब 2:30 बजे जिले के डभरा थाना क्षेत्र के अंतर्गत सिंघीतराई गांव में स्थित वेदांता लिमिटेड के बिजली संयंत्र में बॉयलर से टरबाइन तक हाई-प्रेशर भाप पहुंचाने वाली एक ट्यूब में हुआ। घटना में 4 श्रमिकों की मौके पर ही मौत हो गई जबकि अन्य ने अस्पतालों में इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। घायलों को पड़ोसी रायगढ़ और बिलासपुर जिले के अलग-अलग अस्पतालों में भर्ती कराया गया है।


    इलाज के दौरान 9 ने तोड़ा दम

    वहीं रायगढ़ में औद्योगिक सुरक्षा विभाग के एक अधिकारी ने बताया कि अस्पतालों में इलाज के दौरान नौ अन्य श्रमिकों की मृत्यु हुई है जबकि 21 घायल श्रमिकों का अलग-अलग अस्पतालों में इलाज किया जा रहा है। घटना के बाद प्लांट में अफरातफरी मच गई। कर्मचारी जान बचाने के लिए इधर-उधर भागते नजर आए। घायल मजदूरों को बचाने के लिए राहत कार्य तेजी से चलाया गया। धमाका पहले ट्यूब में हुआ। ब्लास्ट के बाद मौके पर हालात बेहद खराब हो गए।


    सीएम ने जताया शोक

    छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय (Chief Minister Vishnu Dev Sai) ने हादसे पर शोक संवेदना प्रकट की है। उन्होंने कहा कि सक्ती जिले में सिंघीतराई स्थित ‘वेदांता पावर प्लांट’ में बॉयलर फटने से हुई भीषण दुर्घटना की सूचना अत्यंत दुःखद एवं पीड़ादायक है। मेरी संवेदनाएं शोकाकुल परिजनों के साथ हैं। ईश्वर से प्रार्थना है कि दिवंगत आत्माओं को अपने श्रीचरणों में स्थान दें। ईश्वर प्रभावित परिवारों को इस असहनीय दुःख को सहने की शक्ति प्रदान करें।


    घटना की होगी जांच, नहीं बख्शे जाएंगे दोषी

    मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आगे कहा कि राहत और बचाव कार्य जारी हैं। घायलों के बेहतर इलाज के लिए दिशा निर्देश दिए गए हैं। घटना की गहन और निष्पक्ष जांच सुनिश्चित की जाएगी। इसमें जो भी दोषी होंगे उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। सीएम ने बिलासपुर संभाग के कमिश्नर को इस घटना की जांच करने का आदेश दिया है। वहीं जिला प्रशासन ने भी इस घटना की मजिस्ट्रेट जांच के आदेश दिए हैं।


    पीएम और सीएम ने किया आर्थिक मदद का ऐलान

    मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने घटना पर दुख जताते हुए मृतकों के परिजनों को 5 लाख रुपये जबकि घायलों को 50 हजार रुपये मुआवजा देने की घोषणा की है। वहीं पीएम मोदी ने हादसे पर दुख जताते हुए मृतकों के परिवारों को दो लाख रुपये की आर्थिक मदद का ऐलान किया है। पीएमओ की ओर से घायलों को 50 हजार रुपये मुआवजा देने की बात कही गई है।


    बलौदाबाजार में भी हुआ था ऐसा ही ब्लास्ट

    इसी साल जनवरी महीने में छत्तीसगढ़ के बलौदाबाजार में ऐसा ही हादसा सामने आया था। जिले के भाटापारा ग्रामीण थाना क्षेत्र के बकुलाही गांव स्थित रियल इस्पात फैक्ट्री के फर्नेस में अचानक जोरदार धमाका हो गया था। हादसे में बिहार के रहने वाले 6 मजदूरों की मौके पर ही मौत हो गई थी। हादसे में कई अन्य बुरी तरह झुलस गए थे। प्रशासन ने हादसे की जांच के लिए एक कमेटी बनाई थी।

    अधिकारियों की मानें तो शुरुआती जांच में SOP का पालन नहीं करने के कारण हादसा हुआ था। पाया गया कि ‘किल्न’ को बंद किए बिना मजदूरों से बेहद खतरनाक हालत में काम कराया गया। साथ ही न तो डस्ट-सेटलिंग चैंबर का दरवाजा बंद किया गया और न ही काम के लिए कोई सही आदेश जारी किया गया। हादसे के बाद मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के निर्देश पर हुई जांच में सुरक्षा नियमों की बड़ी अनदेखी पाए जाने के बाद कारखाना अधिनियम के तहत ‘किल्न’ सभी कामों पर तुरंत रोक लगाने का आदेश दिया गया था।

  • बिहार: नए CM सम्राट चौधरी आज डिप्टी सीएम बिजेंद्र यादव और विजय चौधरी के साथ लेंगे शपथ

    बिहार: नए CM सम्राट चौधरी आज डिप्टी सीएम बिजेंद्र यादव और विजय चौधरी के साथ लेंगे शपथ


    पटना।
    बिहार (Bihar) में भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) (Bharatiya Janata Party (BJP) और राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) (National Democratic Alliance (NDA)) के नए मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी (New Chief Minister Samrat Chaudhary) के साथ आज 15 अप्रैल को सिर्फ दो नेता ही शपथ लेंगे। सूत्रों के मुताबिक आज सुबह लोकभवन में आयोजित शपथ ग्रहण समारोह में राज्यपाल सैयद अता हसनैन सीएम सम्राट चौधरी के साथ जनता दल यूनाइटेड (जेडीयू) के वरिष्ठ नेता बिजेंद्र प्रसाद यादव (Bijendra Prasad Yadav) और विजय कुमार चौधरी (Vijay Kumar Chaudhary) को डिप्टी सीएम पद की शपथ दिलाएंगे। सम्राट चौधरी सरकार के कैबिनेट विस्तार में भाजपा, जदयू और चिराग पासवान की लोक जनशक्ति पार्टी- रामविलास (एलजेपी-आर), जीतनराम मांझी की हिन्दुस्तानी आवाम मोर्चा (एचएएम) और उपेंद्र कुशवाहा की राष्ट्रीय लोक मोर्चा (आरएलएम) के नेताओं को मंत्री बनाया जाएगा।

    सूत्रों के मुताबिक सम्राट चौधरी विधानसभा में बहुमत साबित करने के बाद मंत्रिमंडल का विस्तार कर सकते हैं, जिसमें भाजपा, जदयू, लोजपा-आर, हम और रालोमो के ज्यादातर पुराने मंत्रियों को फिर से मौका मिल सकता है। भाजपा से जुड़े सूत्रों का कहना है कि पार्टी 4 मई को पश्चिम बंगाल, असम और दूसरे राज्यों के विधानसभा चुनाव के नतीजों के बाद कैबिनेट विस्तार की योजना बना रही है। तब तक सम्राट चौधरी विधानसभा का सत्र बुलाकर अपना बहुमत साबित कर लेंगे।

    एनडीए के दोनों प्रमुख दल भाजपा और जदयू के बीच मंत्रियों की संख्या और विभागों के बंटवारे पर शुरुआती सहमति बन जाएगी, तभी दोनों दल बचे हुए सहयोगी दल लोजपा-आर, हम और रालोमो से बातचीत करेंगे। विधानसभा अध्यक्ष का पद भी भाजपा और जदयू के बीच लेन-देन की चर्चा का विषय हो सकता है, जिस पद पर अभी भाजपा के प्रेम कुमार हैं।

  • मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने लॉन्च की जनकल्याण योजना, पानी की समस्या पर बड़ा समाधान..

    मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने लॉन्च की जनकल्याण योजना, पानी की समस्या पर बड़ा समाधान..

    नई दिल्ली । अंबेडकर जयंती के अवसर पर राजधानी दिल्ली में जनकल्याण से जुड़ी एक महत्वपूर्ण पहल की शुरुआत की गई। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने डॉ. भीमराव अंबेडकर को पुष्पांजलि अर्पित कर श्रद्धांजलि दी और उनके विचारों को याद करते हुए कहा कि बाबा साहेब ने भारतीय लोकतंत्र की मजबूत नींव रखी, जिसके कारण देश आज सुचारु रूप से आगे बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य समाज के अंतिम व्यक्ति तक बुनियादी सुविधाएं पहुंचाना है, ताकि हर नागरिक को सम्मानजनक जीवन मिल सके।

    इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने शालीमार बाग क्षेत्र के GP ब्लॉक और बेरिवाला बाग ब्लॉक में वॉटर ATM योजना का शुभारंभ किया। इस पहल को राजधानी में स्वच्छ पेयजल की उपलब्धता सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। मुख्यमंत्री कार्यालय के अनुसार वार्ड 55, 56 और 57 में कुल सात वॉटर ATM लगाए गए हैं, जिनमें प्रत्येक यूनिट प्रति घंटे लगभग दो हजार लीटर शुद्ध पानी उपलब्ध कराने की क्षमता रखती है। इन मशीनों में पांच-स्तरीय RO प्यूरीफिकेशन सिस्टम लगाया गया है, जो उच्च TDS वाले पानी को भी पीने योग्य बनाने में सक्षम है।

    सरकारी जानकारी के अनुसार इन वॉटर ATM मशीनों की 24 घंटे निगरानी की जाएगी ताकि पेयजल आपूर्ति में किसी प्रकार की बाधा न आए। इस सुविधा के तहत नागरिकों को एक विशेष कार्ड के माध्यम से प्रतिदिन निर्धारित मात्रा में शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराया जाएगा। योजना के तहत प्रत्येक व्यक्ति को प्रतिदिन लगभग 20 लीटर तक स्वच्छ पेयजल की सुविधा दी जाएगी। इस पहल का उद्देश्य शहरी क्षेत्रों में पेयजल संकट को कम करना और आम लोगों को आसानी से सुरक्षित पानी उपलब्ध कराना है।

    मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि उनकी सरकार का फोकस केवल योजनाओं की घोषणा तक सीमित नहीं है, बल्कि उन्हें जमीनी स्तर पर प्रभावी तरीके से लागू करना है। उन्होंने कहा कि बाबा साहेब अंबेडकर का सपना था कि देश का हर नागरिक समान अवसरों और बुनियादी सुविधाओं का लाभ उठाए, और यह योजना उसी दिशा में एक ठोस प्रयास है।

    कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री द्वारा दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे के उद्घाटन का भी स्वागत किया और कहा कि इससे राजधानी की कनेक्टिविटी और परिवहन व्यवस्था में बड़ा सुधार होगा। उन्होंने बताया कि इस एक्सप्रेसवे से यात्रा समय में उल्लेखनीय कमी आएगी और लोगों को बेहतर आवागमन सुविधा मिलेगी।

    अंबेडकर जयंती के अवसर पर शुरू की गई यह पहल राजधानी में जनसुविधा और बुनियादी ढांचे के विस्तार की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है, जिससे आने वाले समय में हजारों लोगों को सीधा लाभ मिलने की उम्मीद है।

  • लगातार दूसरी बार राष्ट्रीय सम्मान से चमका पतंजलि अनुसंधान संस्थान, वैज्ञानिक शोध ने बढ़ाया देश का मान

    लगातार दूसरी बार राष्ट्रीय सम्मान से चमका पतंजलि अनुसंधान संस्थान, वैज्ञानिक शोध ने बढ़ाया देश का मान

    नई दिल्ली:   वैज्ञानिक अनुसंधान और नवाचार के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि दर्ज करते हुए पतंजलि अनुसंधान संस्थान को लगातार दूसरी बार राष्ट्रीय स्तर पर सम्मान प्राप्त हुआ है। संस्थान को Dr. P. D. Sethi National HPTLC Awards 2025 में प्राइवेट इंडस्ट्री कैटेगरी में प्रथम स्थान से सम्मानित किया गया है। यह उपलब्धि आंवला (Phyllanthus emblica) के बीज तेल पर किए गए गहन वैज्ञानिक शोध के लिए प्रदान की गई है, जिसमें इसके एंटी-माइक्रोबियल और बायोफिल्म-रोधी गुणों को प्रमाणित किया गया है।

    संस्थान ने पिछले वर्ष भी इसी श्रेणी में यह सम्मान प्राप्त किया था, जिससे यह स्पष्ट होता है कि अनुसंधान की गुणवत्ता और निरंतरता दोनों में स्थिरता बनी हुई है। इस बार का शोध विशेष रूप से आंवला बीज तेल के औषधीय गुणों पर केंद्रित रहा, जिसमें यह पाया गया कि यह प्राकृतिक तेल कई प्रकार के सूक्ष्मजीवों के खिलाफ प्रभावी भूमिका निभाने की क्षमता रखता है और बायोफिल्म निर्माण को रोकने में भी सहायक है। इस शोध को वैज्ञानिक दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि यह प्राकृतिक संसाधनों के औषधीय उपयोग की नई संभावनाएं प्रस्तुत करता है।

    इस अवसर पर आचार्य बालकृष्ण ने कहा कि यह उपलब्धि केवल एक सम्मान नहीं है, बल्कि संस्थान के वैज्ञानिकों की वर्षों की मेहनत, समर्पण और शोध के प्रति उनकी गहरी प्रतिबद्धता का परिणाम है। उन्होंने कहा कि संस्थान का उद्देश्य ऐसे शोध करना है जो समाज के लिए उपयोगी, सुरक्षित और प्रभावी समाधान प्रदान कर सकें। उनके अनुसार यह सम्मान उन सभी वैज्ञानिकों के समर्पण की पहचान है जो निरंतर मानव कल्याण के लिए कार्य कर रहे हैं।

    संस्थान के प्रमुख वैज्ञानिक डॉ. अनुराग वार्ष्णेय ने बताया कि यह पुरस्कार देश में विश्लेषणात्मक रसायन विज्ञान के क्षेत्र में उत्कृष्ट शोध को पहचान देने वाला एक प्रतिष्ठित मंच है। लगातार दूसरी बार इस सम्मान का मिलना संस्थान की मजबूत वैज्ञानिक आधारशिला और अनुसंधान की गुणवत्ता को दर्शाता है। उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि आंवला बीज तेल पर किए गए शोध को पहले भी विभिन्न वैज्ञानिक मंचों पर सराहा जा चुका है।

    संस्थान के अनुसार इन शोधों को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी मान्यता मिली है और इन्हें वैज्ञानिक पत्रिकाओं में प्रकाशित किया गया है, जिससे भारतीय पारंपरिक औषधीय ज्ञान को आधुनिक विज्ञान के साथ जोड़ने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

    इस उपलब्धि के साथ पतंजलि अनुसंधान संस्थान ने एक बार फिर यह साबित किया है कि भारत में पारंपरिक ज्ञान और आधुनिक वैज्ञानिक तकनीक का संगम वैश्विक स्तर पर नई संभावनाओं के द्वार खोल सकता है।

  • नीतीश युग का अंत, ‘सम्राट युग’ की शुरुआत, बिहार में नई सरकार के सामने ये हैं बड़ी चुनौतियां

    नीतीश युग का अंत, ‘सम्राट युग’ की शुरुआत, बिहार में नई सरकार के सामने ये हैं बड़ी चुनौतियां


    पटना। बिहार की राजनीति में बड़ा बदलाव देखने को मिला है। दो दशक से मुख्यमंत्री रहे नीतीश कुमार ने पद से इस्तीफा दे दिया है और मंत्रिमंडल भंग होने के बाद राज्य में नए राजनीतिक युग की शुरुआत हो गई है। एनडीए विधायक दल ने सम्राट चौधरी को अपना नेता चुन लिया है, जिसके बाद अब उनके मुख्यमंत्री बनने का रास्ता साफ माना जा रहा है।

    बिहार में सम्राट युग की शुरुआत
    नीतीश कुमार के लंबे कार्यकाल के बाद अब बिहार में पहली बार बीजेपी से मुख्यमंत्री बनने की संभावना है। नई सरकार के सामने सबसे बड़ी चुनौती प्रशासनिक ढांचे को संभालने और विकास की रफ्तार को बनाए रखने की होगी। इसके अलावा राज्य में भ्रष्टाचार और अफसरशाही को लेकर लंबे समय से सवाल उठते रहे हैं। रेड टेप कल्चर के कारण कई सरकारी योजनाएं जमीन पर सही ढंग से लागू नहीं हो पातीं, जिससे जनता तक योजनाओं का पूरा लाभ नहीं पहुंच पाता।

    बेरोजगारी और पलायन पर फोकस जरूरी

    बिहार में बेरोजगारी और पलायन हमेशा से बड़ा मुद्दा रहा है। युवाओं का लगातार अन्य राज्यों की ओर जाना सरकार के लिए गंभीर चुनौती है। पेपर लीक, शिक्षा व्यवस्था और महिला सुरक्षा जैसे मुद्दे भी राजनीतिक विमर्श के केंद्र में रहे हैं।

    शिक्षा, स्वास्थ्य और कृषि ढांचा कमजोर
    राज्य में उच्च शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं की स्थिति अपेक्षाकृत कमजोर मानी जाती है। ग्रामीण क्षेत्रों में बुनियादी स्वास्थ्य सुविधाओं की कमी और कृषि व सिंचाई ढांचे की कमजोर स्थिति विकास में बाधा बनती रही है।

    शराबबंदी पर भी चर्चा तेज
    बिहार में लागू शराबबंदी नीति एक बार फिर चर्चा में है। कुछ एनडीए नेताओं द्वारा इस पर पुनर्विचार की मांग भी उठती रही है। हालांकि इस फैसले के सामाजिक और राजनीतिक असर को लेकर मतभेद बने हुए हैं।

    नीतीश से अलग पहचान बनाने की चुनौती

    नई सरकार के सामने एक बड़ी राजनीतिक चुनौती पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की छवि और कार्यशैली से अलग पहचान बनाना भी होगी। नीतीश कुमार की सुशासन बाबू की छवि ने लंबे समय तक जनता को प्रभावित किया है। ऐसे में नई सरकार को ऐसी नीतियां और योजनाएं लानी होंगी, जो सीधे जनता, खासकर महिलाओं और युवाओं के जीवन में बदलाव ला सकें।

    कुल मिलाकर बिहार अब एक नए राजनीतिक चरण में प्रवेश कर रहा है, जहां नेतृत्व परिवर्तन के साथ उम्मीदें भी बढ़ी हैं और चुनौतियां भी। नई सरकार के प्रदर्शन पर ही आने वाले समय में राज्य की राजनीतिक दिशा तय होगी।

  • राष्ट्रीय राजमार्गों पर ओवरलोड वाहनों के खिलाफ सख्त नियम लागू, सरकार ने बदला शुल्क ढांचा

    राष्ट्रीय राजमार्गों पर ओवरलोड वाहनों के खिलाफ सख्त नियम लागू, सरकार ने बदला शुल्क ढांचा

    नई दिल्ली। केंद्र सरकार ने राष्ट्रीय राजमार्गों पर ओवरलोडेड वाहनों के संचालन को नियंत्रित करने और सड़क सुरक्षा को मजबूत बनाने के लिए शुल्क संबंधी नियमों में बड़ा संशोधन किया है। सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय द्वारा जारी नए प्रावधानों के तहत अब ओवरलोडिंग की मात्रा के आधार पर शुल्क तय किया जाएगा। इस निर्णय का उद्देश्य न केवल सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाना है, बल्कि हाईवे इंफ्रास्ट्रक्चर को होने वाले नुकसान को भी कम करना है। नए नियम 15 अप्रैल 2026 से पूरे देश में लागू होंगे।

    संशोधित व्यवस्था के अनुसार यदि कोई वाहन निर्धारित वजन सीमा से अधिक लेकिन दस प्रतिशत तक अतिरिक्त भार लेकर चलता है, तो उस पर कोई अतिरिक्त शुल्क नहीं लिया जाएगा। लेकिन यदि ओवरलोडिंग दस प्रतिशत से अधिक और चालीस प्रतिशत तक पाई जाती है, तो वाहन मालिक को बेस रेट का दोगुना शुल्क देना होगा। वहीं चालीस प्रतिशत से अधिक ओवरलोड वाले वाहनों पर चार गुना शुल्क लागू किया जाएगा, जिससे अत्यधिक लोडिंग पर सख्त रोक लगाई जा सके।

    सरकार ने स्पष्ट किया है कि ओवरलोडिंग की जांच टोल प्लाजा पर लगाए गए प्रमाणित और आधुनिक वजन मापने वाले उपकरणों से की जाएगी। इससे पारदर्शिता बढ़ेगी और किसी भी तरह की माप में गड़बड़ी की संभावना कम होगी। जिन टोल प्लाजा पर वजन मापने की सुविधा उपलब्ध नहीं होगी, वहां ओवरलोड शुल्क लागू नहीं किया जाएगा, जिससे तकनीकी ढांचे के विस्तार को भी बढ़ावा मिलेगा।

    नए नियमों के तहत ओवरलोड शुल्क का भुगतान केवल फास्टैग प्रणाली के माध्यम से ही किया जाएगा। इससे डिजिटल भुगतान को बढ़ावा मिलेगा और पूरी प्रक्रिया अधिक तेज और पारदर्शी बनेगी। इसके अलावा ऐसे सभी वाहनों का रिकॉर्ड राष्ट्रीय वाहन रजिस्टर में दर्ज किया जाएगा, जिससे निगरानी व्यवस्था और अधिक मजबूत हो सके। बिना वैध फास्टैग के हाईवे पर प्रवेश करने वाले वाहनों के खिलाफ मौजूदा नियमों के अनुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी।

    सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि कुछ निजी निवेश आधारित परियोजनाओं पर यह नियम तत्काल लागू नहीं होंगे, जब तक संबंधित कंपनियां इन्हें अपनाने की सहमति नहीं देतीं। इससे सार्वजनिक और निजी क्षेत्र के बीच संतुलन बनाए रखने का प्रयास किया गया है।

    इसके साथ ही वेट इन मोशन तकनीक के उपयोग को बढ़ावा दिया गया है, जिसके तहत वाहनों का वजन चलते हुए ही मापा जा सकेगा। इससे टोल प्लाजा पर रुकावट कम होगी और ट्रैफिक प्रवाह भी सुचारू रहेगा। सरकार का मानना है कि इन नए नियमों से ओवरलोडिंग पर प्रभावी नियंत्रण होगा, सड़कें अधिक सुरक्षित होंगी और राष्ट्रीय राजमार्गों की गुणवत्ता और आयु में भी सुधार आएगा।

  • बिहार की राजनीति में निर्णायक मोड़, नीतीश कुमार के इस्तीफे के बाद सत्ता का पूरा गणित बदला,नई सरकार के गठन की तैयारियां तेज,

    बिहार की राजनीति में निर्णायक मोड़, नीतीश कुमार के इस्तीफे के बाद सत्ता का पूरा गणित बदला,नई सरकार के गठन की तैयारियां तेज,

    नई दिल्ली:   बिहार की राजनीति में हाल ही में हुए बड़े घटनाक्रम के बाद सम्राट चौधरी को भारतीय जनता पार्टी के विधायक दल का नेता चुन लिया गया है। इस निर्णय के साथ ही राज्य में नई राजनीतिक दिशा और संभावित सत्ता परिवर्तन को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं। पार्टी के भीतर सर्वसम्मति से लिए गए इस फैसले ने बिहार की सियासत में एक महत्वपूर्ण मोड़ पैदा कर दिया है और आने वाले समय की राजनीतिक रणनीति को लेकर भी नई संभावनाएं खुल गई हैं।

    विधायक दल का नेता चुने जाने के बाद सम्राट चौधरी ने पार्टी नेतृत्व के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि वह पिछले लगभग तीस वर्षों से लगातार संगठन और जनसेवा से जुड़े हुए हैं। उन्होंने कहा कि यह जिम्मेदारी उनके लिए केवल एक पद नहीं बल्कि जनता की सेवा करने का अवसर है, जिसे वह पूरी निष्ठा, ईमानदारी और समर्पण के साथ निभाएंगे। उन्होंने यह भी कहा कि उनका संकल्प बिहार के विकास को गति देना और लोगों की उम्मीदों पर खरा उतरना है।

    उन्होंने अपने बयान में कहा कि राजनीतिक जीवन में जिम्मेदारियां बदलती रहती हैं, लेकिन उनका उद्देश्य हमेशा बिहार के हित में काम करना रहा है और आगे भी वे इसी दिशा में निरंतर कार्य करते रहेंगे। उन्होंने विश्वास जताया कि पार्टी नेतृत्व ने जो भरोसा उन पर जताया है, उस पर वह पूरी तरह खरा उतरने का प्रयास करेंगे और जनता के विश्वास को मजबूत बनाए रखेंगे।

    बैठक के दौरान पार्टी के वरिष्ठ नेताओं और विधायकों की उपस्थिति में यह निर्णय सर्वसम्मति से लिया गया। इस दौरान राज्य की मौजूदा राजनीतिक स्थिति, संगठनात्मक रणनीति और भविष्य की दिशा को लेकर विस्तार से चर्चा हुई। बैठक के बाद लिए गए फैसले की औपचारिक घोषणा के साथ ही पार्टी कार्यकर्ताओं में उत्साह का माहौल देखा गया।

    सम्राट चौधरी ने कहा कि वे केंद्र और राज्य नेतृत्व के मार्गदर्शन में बिहार को विकास, सुशासन और समृद्धि की नई ऊंचाइयों पर ले जाने के लिए प्रतिबद्ध हैं। उन्होंने आश्वस्त किया कि सरकार बनने की स्थिति में जनकल्याणकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन, रोजगार सृजन और आधारभूत ढांचे के विकास को प्राथमिकता दी जाएगी।

    इस घटनाक्रम के बाद राजनीतिक हलकों में यह चर्चा और तेज हो गई है कि बिहार की राजनीति में आने वाले दिनों में बड़े बदलाव देखने को मिल सकते हैं। नए नेतृत्व के सामने विकास, रोजगार, कानून व्यवस्था और सामाजिक संतुलन जैसी कई महत्वपूर्ण चुनौतियां होंगी, जिनसे निपटने की दिशा में रणनीति तय की जाएगी।

    समर्थकों और कार्यकर्ताओं में इस निर्णय के बाद उत्साह का माहौल है और पार्टी के भीतर नई ऊर्जा का संचार देखा जा रहा है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह फैसला बिहार की राजनीति में एक नए अध्याय की शुरुआत कर सकता है।