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  • कितनी पढ़ाई की डॉ. अंबेडकर ने? जानिए उनके जीवन के ऐतिहासिक योगदान

    कितनी पढ़ाई की डॉ. अंबेडकर ने? जानिए उनके जीवन के ऐतिहासिक योगदान


    नई दिल्ली। Dr. BR Ambedkar भारतीय इतिहास के सबसे शिक्षित और प्रभावशाली नेताओं में से एक माने जाते हैं। उन्होंने न सिर्फ उच्च शिक्षा हासिल की, बल्कि अपने ज्ञान और संघर्ष से देश के सामाजिक और संवैधानिक ढांचे को मजबूत किया।

    डॉ. अंबेडकर ने भारत के साथ-साथ विदेशों में भी पढ़ाई की। उन्होंने मुंबई विश्वविद्यालय से ग्रेजुएशन किया और इसके बाद अमेरिका की कोलंबिया यूनिवर्सिटी से इकोनॉमिक्स में मास्टर्स और पीएचडी की डिग्री हासिल की। इसके अलावा उन्होंने लंदन स्कूल ऑफ इकोनॉमिक्स से भी डॉक्टरेट और कानून की पढ़ाई (Barrister-at-Law) पूरी की। उस दौर में इतनी उच्च शिक्षा हासिल करना अपने आप में बड़ी उपलब्धि थी।

    डॉ. अंबेडकर जयंती के मौके पर पीएम मोदी ने उन्हें श्रद्धांजलि दी।

    Dr. BR Ambedkar ने कितनी पढ़ाई की और क्यों माने जाते हैं सबसे शिक्षित नेता
    डॉ. अंबेडकर ने कुल मिलाकर कई उच्च डिग्रियां हासिल की थीं, जिनमें अर्थशास्त्र, कानून और राजनीति जैसे विषय शामिल थे। वे पहले भारतीयों में से थे जिन्होंने विदेश जाकर इतनी ऊंची शिक्षा प्राप्त की।

    उनकी पढ़ाई सिर्फ डिग्री तक सीमित नहीं थी, बल्कि उन्होंने समाज को समझने और सुधारने के लिए अपने ज्ञान का इस्तेमाल किया। शिक्षा को वे सामाजिक बदलाव का सबसे बड़ा हथियार मानते थे और उन्होंने दलितों व पिछड़े वर्गों को पढ़ने के लिए प्रेरित किया।

    संविधान निर्माण से लेकर सामाजिक सुधार तक योगदान
    डॉ. अंबेडकर का सबसे बड़ा योगदान भारतीय संविधान के निर्माण में रहा। उन्हें संविधान सभा की ड्राफ्टिंग कमेटी का चेयरमैन बनाया गया था और उन्होंने देश को एक मजबूत लोकतांत्रिक ढांचा दिया।

    इसके अलावा उन्होंने दलितों और वंचित वर्गों के अधिकारों के लिए लंबा संघर्ष किया। उन्होंने छुआछूत और भेदभाव के खिलाफ आवाज उठाई और समाज में समानता की नींव रखी।

    उन्होंने श्रम कानूनों, महिलाओं के अधिकार और शिक्षा के क्षेत्र में भी महत्वपूर्ण काम किए। रिजर्वेशन नीति और सामाजिक न्याय की अवधारणा को मजबूत करने में उनका योगदान बेहद अहम रहा।

    कुल मिलाकर, डॉ. भीमराव अंबेडकर न सिर्फ एक महान विद्वान थे, बल्कि ऐसे समाज सुधारक भी थे, जिन्होंने अपने ज्ञान और संघर्ष से भारत को नई दिशा दी।

  • 1 घाटकोपर में डॉ. बीआर आंबेडकर जयंती पर भव्य आयोजन, हजारों लोगों की भागीदारी से गूंजा पूरा मैदान

    1 घाटकोपर में डॉ. बीआर आंबेडकर जयंती पर भव्य आयोजन, हजारों लोगों की भागीदारी से गूंजा पूरा मैदान

    नई दिल्ली : डॉ. बीआर आंबेडकर की 135वीं जयंती पर घाटकोपर में भव्य आयोजन, हजारों लोगों की भागीदारी से गूंजा पूरा मैदान घाटकोपर स्थित पुलिस ग्राउंड में डॉ. बीआर आंबेडकर की 135वीं जयंती के अवसर पर एक विशाल और भव्य कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जिसमें मुंबई के विभिन्न हिस्सों से बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए। यह आयोजन सामाजिक एकता, सांस्कृतिक अभिव्यक्ति और सामूहिक सहभागिता का एक प्रभावशाली उदाहरण बनकर सामने आया। हजारों की संख्या में पहुंचे लोगों ने पूरे माहौल को उत्सवमय बना दिया और बाबासाहेब के विचारों को सम्मान देने के लिए एकजुटता का प्रदर्शन किया।

    कार्यक्रम का उद्देश्य डॉ. आंबेडकर के समानता, न्याय और सामाजिक सशक्तिकरण के संदेश को जन-जन तक पहुंचाना रहा। आयोजन को विभिन्न सामाजिक संगठनों और समितियों के सहयोग से संपन्न किया गया, जिसमें कई सामाजिक कार्यकर्ताओं की सक्रिय भूमिका रही। पूरे स्थल को विशेष रूप से सजाया गया था और हर ओर उत्साह और ऊर्जा का वातावरण दिखाई दे रहा था।

    इस अवसर पर सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने लोगों को विशेष रूप से आकर्षित किया। मंच पर प्रस्तुत गीतों और लोकनृत्यों ने माहौल को भावनात्मक और ऊर्जावान बना दिया। स्थानीय कलाकारों द्वारा प्रस्तुत कार्यक्रमों ने दर्शकों का मन मोह लिया और पूरे आयोजन को जीवंत बना दिया। इसके साथ ही विभिन्न खेल प्रतियोगिताओं का आयोजन भी किया गया, जिसमें शतरंज और क्रिकेट जैसे खेल शामिल रहे और बड़ी संख्या में युवाओं ने भाग लिया।

    कार्यक्रम में तकनीक आधारित प्रस्तुतियों को भी शामिल किया गया, जिनके माध्यम से डॉ. आंबेडकर के जीवन और ऐतिहासिक घटनाओं को प्रभावशाली ढंग से दर्शाया गया। इन प्रस्तुतियों ने दर्शकों को उनके संघर्ष और सामाजिक योगदान से जोड़ने का कार्य किया और कार्यक्रम को एक आधुनिक दृष्टिकोण भी प्रदान किया।

    इस आयोजन में 135 किलोग्राम का विशाल केक भी आकर्षण का केंद्र रहा, जिसे जयंती के प्रतीक के रूप में काटा गया। इस अवसर पर कई विशिष्ट अतिथियों की उपस्थिति रही, जिन्होंने बाबासाहेब के विचारों और उनके सामाजिक योगदान पर अपने विचार व्यक्त किए। पूरे कार्यक्रम के दौरान अनुशासन और व्यवस्था का विशेष ध्यान रखा गया।पूरे परिसर को सांस्कृतिक और सामाजिक गतिविधियों का केंद्र बना दिया गया था। यहां भोजन स्टॉल, पुस्तक प्रदर्शनी, सामाजिक जागरूकता केंद्र और उद्यमिता से जुड़े कियोस्क लगाए गए थे, जिससे लोगों को मनोरंजन के साथ-साथ ज्ञानवर्धन का अवसर भी मिला।

    इस आयोजन में युवाओं की भागीदारी विशेष रूप से उल्लेखनीय रही। उन्होंने न केवल कार्यक्रम में सक्रिय भूमिका निभाई बल्कि पूरे आयोजन को सफल बनाने में भी महत्वपूर्ण योगदान दिया। कार्यक्रम ने सामाजिक एकता और जागरूकता का मजबूत संदेश दिया और डॉ. आंबेडकर के विचारों को एक बार फिर व्यापक स्तर पर जीवंत किया।

  • नोएडा प्रदर्शन के बाद यूपी सरकार का बड़ा फैसला, पूरे राज्य में बढ़ी न्यूनतम मजदूरी, श्रमिकों को मिला सीधा फायदा

    नोएडा प्रदर्शन के बाद यूपी सरकार का बड़ा फैसला, पूरे राज्य में बढ़ी न्यूनतम मजदूरी, श्रमिकों को मिला सीधा फायदा


    नई दिल्ली:उत्तर प्रदेश सरकार ने श्रमिक वर्ग के हित में एक महत्वपूर्ण और बड़ा निर्णय लेते हुए न्यूनतम मजदूरी दरों में संशोधन को लागू कर दिया है। नोएडा और ग्रेटर नोएडा जैसे औद्योगिक क्षेत्रों में हाल ही में हुए श्रमिक प्रदर्शनों और लगातार बढ़ती महंगाई को ध्यान में रखते हुए यह कदम उठाया गया है। सरकार का कहना है कि इस निर्णय का उद्देश्य श्रमिकों की आर्थिक स्थिति को मजबूत करना और उन्हें महंगाई के दबाव से राहत प्रदान करना है। संशोधित वेतन दरें 1 अप्रैल 2026 से पूरे राज्य में प्रभावी हो गई हैं।

    इस निर्णय की पृष्ठभूमि में औद्योगिक क्षेत्रों में हुए श्रमिक आंदोलनों को एक प्रमुख कारण माना जा रहा है। मजदूरों की मांगों और मौजूदा परिस्थितियों का गहन अध्ययन करने के लिए एक उच्च स्तरीय समिति का गठन किया गया था। समिति की सिफारिशों के आधार पर ही यह संशोधन लागू किया गया है। प्रशासन का मानना है कि यह कदम श्रमिकों और उद्योग जगत दोनों के बीच संतुलन बनाए रखने में मदद करेगा और आर्थिक स्थिरता पर भी सकारात्मक प्रभाव डालेगा।

    गौतमबुद्ध नगर और गाजियाबाद जैसे प्रमुख औद्योगिक जिलों में मजदूरी दरों में उल्लेखनीय बढ़ोतरी की गई है। यहां अकुशल श्रमिकों का वेतन बढ़ाकर 13690 रुपये कर दिया गया है, जबकि अर्धकुशल श्रमिकों को 15059 रुपये और कुशल श्रमिकों को 16868 रुपये प्रतिमाह वेतन मिलेगा। इस वृद्धि से श्रमिकों को लगभग 2000 से 3000 रुपये तक का प्रत्यक्ष लाभ मिलने की संभावना है, जिससे उनकी दैनिक जरूरतों को पूरा करने में काफी राहत मिलेगी।

    प्रदेश के अन्य नगर निगम क्षेत्रों में भी मजदूरी दरों में संशोधन किया गया है। इन क्षेत्रों में अकुशल श्रमिकों का वेतन अब 13006 रुपये, अर्धकुशल श्रमिकों का 14306 रुपये और कुशल श्रमिकों का 16025 रुपये निर्धारित किया गया है। सरकार का कहना है कि यह बदलाव संतुलित तरीके से लागू किया गया है ताकि सभी श्रेणियों के श्रमिकों को समान लाभ मिल सके और किसी भी वर्ग पर अतिरिक्त आर्थिक दबाव न पड़े।

    इसके अलावा अन्य जिलों में भी न्यूनतम मजदूरी में बढ़ोतरी की गई है। इन जिलों में अकुशल श्रमिकों को 12356 रुपये, अर्धकुशल श्रमिकों को 13591 रुपये और कुशल श्रमिकों को 15224 रुपये प्रति माह दिए जाएंगे। यह संशोधन पूरे राज्य में समान रूप से लागू किया गया है, जिससे श्रमिक वर्ग को व्यापक राहत मिलने की उम्मीद है।

    सरकार ने अपने आदेश में यह भी स्पष्ट किया है कि उद्योग जगत पहले से ही बढ़ती उत्पादन लागत और कच्चे माल की कीमतों के दबाव का सामना कर रहा है, इसके बावजूद श्रमिकों की स्थिति को ध्यान में रखते हुए यह निर्णय लिया गया है। प्रशासन का दावा है कि इस कदम से श्रमिकों को राहत मिलेगी और औद्योगिक गतिविधियों पर किसी बड़े नकारात्मक प्रभाव की संभावना नहीं है।

    हालांकि सरकार ने सोशल मीडिया पर फैल रही उन अफवाहों को भी खारिज कर दिया है, जिनमें न्यूनतम मजदूरी को 20000 रुपये तक बढ़ाने की बात कही जा रही थी। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि केवल आधिकारिक रूप से जारी आदेश ही मान्य होंगे और वर्तमान में घोषित संशोधित दरें ही लागू रहेंगी।

    आगे की योजना के तहत सरकार ने संकेत दिए हैं कि यह बढ़ोतरी फिलहाल एक अंतरिम कदम है। भविष्य में वेज बोर्ड के माध्यम से व्यापक समीक्षा कर एक स्थायी और संतुलित वेतन संरचना तैयार की जाएगी, जिससे श्रमिकों को दीर्घकालिक लाभ सुनिश्चित हो सके।

  • ‘जय श्री राम’ बोलने पर 500 रुपये की छूट: कोलकाता के डॉक्टर के ऑफर पर सियासी बवाल

    ‘जय श्री राम’ बोलने पर 500 रुपये की छूट: कोलकाता के डॉक्टर के ऑफर पर सियासी बवाल

    कोलकाता। पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता में एक हृदय रोग विशेषज्ञ (Cardiologist) के अनोखे ऑफर ने राजनीतिक गलियारों में विवाद खड़ा कर दिया है। डॉक्टर ने घोषणा की है कि जो भी मरीज उनके क्लिनिक में आकर ‘जय श्री राम’ कहेगा, उसे कंसल्टेशन फीस में 500 रुपये की भारी छूट दी जाएगी। डॉक्टर ने अपने इस कदम को राज्य में ‘राजनीतिक बदलाव’ की उम्मीद से जोड़ा है।
    इंटरवेंशनल कार्डियोलॉजिस्ट डॉ. पी.के. हाजरा ने यह छूट केवल दक्षिण कोलकाता स्थित अपने निजी चेंबर पर लागू की है। वे एक प्राइवेट अस्पताल में इंटरवेंशनल कार्डियोलॉजी विभाग के निदेशक भी हैं, लेकिन वहां यह छूट लागू नहीं होगी।

    डॉ. हाजरा ने अपने क्लिनिक पर एक पोस्टर लगाया है, जिसमें वे भारतीय जनता पार्टी (BJP) का दुपट्टा पहने नजर आ रहे हैं। उन्होंने यह जानकारी सोशल मीडिया पर भी शेयर की है। डॉक्टर के मुताबिक, यह पोस्टर उनके ही एक मरीज ने तैयार किया था।
    डॉ. हाजरा ने कहा कि यह पूरी तरह से उनके दिमाग की उपज है। उन्होंने अपनी मंशा स्पष्ट करते हुए कहा: पिछले कई वर्षों में एक डॉक्टर के तौर पर मैंने मरीजों के सवाल झेले हैं कि आखिर उन्हें इलाज के लिए दूसरे राज्यों में क्यों जाना पड़ता है। जब भी मैं बंगाल के मरीजों को इलाज के लिए असम, ओडिशा या दक्षिण भारत जाते देखता हूं, तो मुझे बहुत बुरा लगता है। इसके विपरीत दूसरे राज्यों से लोग यहां नहीं आते। मुझे लगता है कि इस चलन को बदलने की जरूरत है। डॉक्टर ने आगे कहा कि वह सीधे तौर पर भाजपा से नहीं जुड़े हैं, लेकिन वह भाजपा शासित अन्य राज्यों की प्रगति के प्रशंसक हैं।
    डॉ. हाजरा ने स्वीकार किया कि उन्हें अपने गृह जिले पश्चिम मेदिनीपुर के पिंगला से भाजपा का टिकट मिलने की उम्मीद थी। जब ऐसा नहीं हुआ, तो उन्होंने लोगों को राज्य में बदलाव के लिए वोट करने हेतु प्रेरित करने का यह अनोखा तरीका निकाला। उन्होंने मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के काम की तारीफ भी की, लेकिन कहा कि अन्य राज्यों की विकास गति को देखते हुए बंगाल पिछड़ रहा है। उनके अनुसार, केंद्र और टीएमसी सरकार के बीच चल रही “खींचतान” का सीधा असर राज्य की स्वास्थ्य प्रणाली पर पड़ा है।
    तृणमूल कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पेशे से चिकित्सक डॉ. निर्मल माझी ने इस कदम की कड़ी आलोचना की है। उन्होंने आरोप लगाया: डॉ. हाजरा अपनी जुटाई गई अपार संपत्ति की रक्षा करने के लिए भाजपा का पक्ष लेने की कोशिश कर रहे हैं। वह खुद को बचाने के लिए भाजपा की ‘वाशिंग मशीन’ में घुसकर अपनी छवि साफ करना चाहते हैं। माझी ने यह भी दावा किया कि ऐसे कदमों से भाजपा को चुनाव जीतने में कोई मदद नहीं मिलेगी क्योंकि जनता का समर्थन टीएमसी के साथ है।
    भाजपा के राज्यसभा सांसद और बंगाल के पूर्व भाजपा अध्यक्ष राहुल सिन्हा ने डॉ. हाजरा के इस कदम की सराहना की। उन्होंने कहा: मुझे लगता है कि यह पहल अन्य डॉक्टरों को भी आगे आने और ऐसे फैसले लेने के लिए प्रेरित करेगी, ताकि राज्य के स्वास्थ्य ढांचे की बेहतरी के लिए बदलाव लाया जा सके। बता दें कि पश्चिम बंगाल की 294 सदस्यीय विधानसभा के लिए 23 और 29 अप्रैल को मतदान होना है, और मतों की गिनती 4 मई को की जाएगी।

  • फर्जी न्यायिक अधिकारी बनकर घूम रहे दो आरोपी गिरफ्तार, दिल्ली पुलिस ने अवैध हथियार और जाली दस्तावेज किए बरामद

    फर्जी न्यायिक अधिकारी बनकर घूम रहे दो आरोपी गिरफ्तार, दिल्ली पुलिस ने अवैध हथियार और जाली दस्तावेज किए बरामद


    नई दिल्ली:   राजधानी दिल्ली में सुरक्षा व्यवस्था को चुनौती देने वाला एक गंभीर मामला सामने आया है, जिसमें दो व्यक्तियों को फर्जी पहचान और अवैध हथियारों के साथ गिरफ्तार किया गया है। आरोप है कि इनमें से एक व्यक्ति ने खुद को न्यायिक अधिकारी बताकर न केवल सरकारी पहचान का दुरुपयोग किया बल्कि फर्जी दस्तावेजों के जरिए सुरक्षा व्यवस्था को गुमराह करने की कोशिश भी की। यह कार्रवाई राजधानी में बढ़ती सुरक्षा सतर्कता के बीच की गई है, जहां संदिग्ध गतिविधियों पर लगातार नजर रखी जा रही थी।

    गिरफ्तार किए गए आरोपियों की पहचान झांसी जिले के रहने वाले 31 वर्षीय सूर्या अग्रवाल और 21 वर्षीय निखिल यादव के रूप में हुई है। दोनों पर आरोप है कि वे फर्जी पहचान और अवैध हथियारों के सहारे खुद को प्रभावशाली और आधिकारिक पदों से जुड़ा दिखाने की कोशिश कर रहे थे। पुलिस ने बताया कि यह कार्रवाई संसद मार्ग थाना क्षेत्र में उस समय की गई जब एक संदिग्ध वाहन की गतिविधियों पर शक हुआ और उसे रोककर जांच शुरू की गई।

    जानकारी के अनुसार, एक एसयूवी वाहन बिना पंजीकरण नंबर प्लेट के चल रही थी और उस पर काली फिल्म चढ़ी हुई थी, जो नियमों के खिलाफ है। वाहन पर न्यायिक अधिकारी से जुड़ा एक स्टिकर भी लगा हुआ था, जिससे संदेह और गहरा गया। इसी आधार पर पुलिस ने वाहन को रोककर तलाशी ली। जांच के दौरान जो तथ्य सामने आए, उन्होंने सुरक्षा एजेंसियों को भी सतर्क कर दिया।

    तलाशी में निखिल यादव के पास से एक पिस्तौल और चार जिंदा कारतूस बरामद किए गए, जबकि सूर्या अग्रवाल के पास से पांच जिंदा कारतूस मिले। इसके अलावा जांच में यह भी सामने आया कि अग्रवाल खुद को वकील और एक सिविल जज के रूप में पेश कर रहा था। उसने एक न्यायिक पहचान पत्र और दिल्ली में हथियार ले जाने की अनुमति से जुड़ा एक दस्तावेज भी दिखाया, जिसे बाद में फर्जी पाया गया।

    पुलिस की सत्यापन प्रक्रिया में यह स्पष्ट हुआ कि प्रस्तुत किए गए पहचान पत्र और अनुमति पत्र पूरी तरह से जाली और डिजिटल रूप से बदले गए थे। हालांकि अग्रवाल के पास उत्तर प्रदेश में जारी एक वैध हथियार लाइसेंस था, लेकिन यह केवल उसी राज्य तक सीमित था और उसे दिल्ली में हथियार ले जाने की कोई अनुमति नहीं देता था। इस गंभीर अनियमितता के बाद दोनों आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया।

    इस पूरे प्रकरण में पुलिस ने न केवल अवैध हथियार बल्कि फर्जी दस्तावेज, संदिग्ध स्टिकर और संबंधित वाहन को भी जब्त कर लिया है। शुरुआती जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपी लंबे समय से अपनी पहचान को लेकर भ्रम फैलाने की कोशिश कर रहे थे और खुद को प्रभावशाली पदों से जोड़कर पेश कर रहे थे।

    पुलिस अब इस बात की जांच में जुटी है कि इन फर्जी दस्तावेजों को तैयार करने में और कौन लोग शामिल हो सकते हैं और क्या यह किसी बड़े नेटवर्क का हिस्सा है। सुरक्षा एजेंसियां इस मामले को गंभीरता से लेते हुए सभी पहलुओं की गहन जांच कर रही हैं ताकि इस तरह की घटनाओं को भविष्य में रोका जा सके।

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    संक्षिप्त विवरण

  • किन्नर समाज की आस्था का अनोखा केंद्र: जहां माता करती हैं मुर्गे की सवारी

    किन्नर समाज की आस्था का अनोखा केंद्र: जहां माता करती हैं मुर्गे की सवारी

    मेहसाणा। देश में एक से बढ़कर एक मंदिर हैं जिनके लिए भक्तों की आस्था गहरी है. कुछ मंदिर रहस्‍यों से भरे है तो कुछ मंदिर आश्चर्य का कारण बनते हैं. इस कड़ी में हम गुजरात के मेहसाणा जिले में स्थित देवी बहुचरा माता मंदिर के बारे में जानेंगे जहां से किन्नर समाज की गहरी आस्था जुड़ी है. देश के कोने-कोने से यहां किन्नर पहुंचते हैं और बहुचरा माता को अर्धनारीश्वर के रूप में पूजकर उनका आशीर्वाद प्राप्त करें. आइए बहुचरा माता मंदिर के बारे में विस्तार से जानते हैं.

    बहुचरा देवी मंदिर की मान्यता
    स्‍थानीय मान्यताओं के अनुसार बहुचरा माता ने एक साथ बहुत सारे राक्षसों का अंत किया था जिसके कारण देवी का नाम बहुचरा पड़ा. मंद‍िर में बहुत सारे मुर्गे घूमते है जिसके कारण मंदिर को मुर्गों वाली देवी के रूप में भी जाना जाता है. माता बहुचरा मुर्गे की सवारी करती है. यह मंदिर किन्नरों के लिए गहरी आस्था का केंद्र है. मंदिर को लेकर मान्‍यता है क‍ि जो भी व्यक्ति इस मंदिर में पूजा कर माता का आशीर्वाद लेता है उसे अगले किसी भी जन्म में क‍िन्‍नर के रूप में नहीं जन्‍म लेना पड़ता. वहीं, संतान प्राप्ति की इच्छा भी देवी बहुचरा पूरी करती है. मान्यता है कि जब माता के आशीर्वाद से संतान प्राप्ति हो जाती है तो बच्चे के केश मंदिर में छोड़े जाती है और मंदिर में मुर्गों के दान भी किया जाता है.
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  • भीषण गर्मी पर महाराष्ट्र सरकार का बड़ा प्रहार, दोपहर 12 से 4 बजे तक आउटडोर काम पर पूर्ण प्रतिबंध लागू

    भीषण गर्मी पर महाराष्ट्र सरकार का बड़ा प्रहार, दोपहर 12 से 4 बजे तक आउटडोर काम पर पूर्ण प्रतिबंध लागू


    नई दिल्ली:   महाराष्ट्र में बढ़ती गर्मी और लगातार तेज हो रही हीटवेव के खतरे को देखते हुए राज्य सरकार ने श्रमिकों और आम जनता की सुरक्षा के लिए बड़ा और निर्णायक कदम उठाया है। राज्य में तापमान लगातार सामान्य से अधिक दर्ज किया जा रहा है और कई क्षेत्रों में लू की स्थिति गंभीर रूप ले चुकी है। इसी को ध्यान में रखते हुए आपदा प्रबंधन विभाग की ओर से असंगठित क्षेत्र में काम करने वाले आउटडोर श्रमिकों के लिए सख्त मानक संचालन प्रक्रिया यानी SOP लागू करने की घोषणा की गई है, ताकि गर्मी के सबसे खतरनाक समय में लोगों की जान और स्वास्थ्य की रक्षा की जा सके।

    नई व्यवस्था के अनुसार ऑरेंज और रेड अलर्ट के दौरान दोपहर 12 बजे से 4 बजे तक सभी बाहरी कार्य पूरी तरह प्रतिबंधित रहेंगे। यह समय दिन का सबसे अधिक गर्म हिस्सा माना जाता है, जब लू लगने और शरीर में पानी की कमी जैसी समस्याओं का खतरा सबसे अधिक होता है। इसके अलावा कामकाजी समय में भी बड़ा बदलाव किया गया है, जिसके तहत अब श्रमिक सुबह 6 बजे से 11 बजे तक और शाम 4 बजे से 8 बजे तक ही काम कर सकेंगे। इस निर्णय का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि श्रमिक अत्यधिक गर्मी के संपर्क में न आएं और सुरक्षित वातावरण में अपना काम पूरा कर सकें।

    सरकार ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि निर्माण स्थलों, औद्योगिक क्षेत्रों, बाजारों और ठेला वेंडिंग जोन में इन नियमों का सख्ती से पालन किया जाए। स्थानीय प्रशासन को निगरानी बढ़ाने के निर्देश दिए गए हैं ताकि किसी भी स्तर पर नियमों का उल्लंघन न हो सके। प्रशासन का कहना है कि यह कदम केवल एक अस्थायी व्यवस्था नहीं बल्कि बदलते मौसम और जलवायु परिस्थितियों को देखते हुए जरूरी सुरक्षा उपाय है।

    राज्य के कई हिस्सों में हालात गंभीर होते जा रहे हैं। विशेष रूप से विदर्भ, मराठवाड़ा और खानदेश क्षेत्र सबसे अधिक प्रभावित बताए जा रहे हैं, जहां तापमान लगातार ऊंचा बना हुआ है। वहीं मुंबई, पुणे, नागपुर और नासिक जैसे बड़े शहरों में शहरी ताप द्वीप प्रभाव के कारण तापमान सामान्य से अधिक दर्ज किया जा रहा है। इस कारण शहरी क्षेत्रों में भी गर्मी का असर तेजी से बढ़ता जा रहा है।

    मौसम विभाग के अनुमान के अनुसार कुछ इलाकों में तापमान 47 से 49 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच सकता है, जो स्वास्थ्य के लिहाज से बेहद खतरनाक स्थिति मानी जाती है। ऐसे हालात में सरकार ने पहले से ही तैयारी तेज कर दी है ताकि किसी भी आपात स्थिति से समय रहते निपटा जा सके।

    राज्य सरकार ने 15 जिलों को हाई रिस्क जोन घोषित किया है, जिनमें लातूर, अमरावती, यवतमाल, वाशिम, अकोला, बुलढाणा, नागपुर, वर्धा, चंद्रपुर, गोंदिया, भंडारा, जलगांव, नंदुरबार, धुले और नांदेड़ शामिल हैं। इन जिलों में विशेष सतर्कता बरती जा रही है और जरूरत पड़ने पर इस SOP को अन्य क्षेत्रों में भी लागू किया जा सकता है।

    गर्मी से राहत देने के लिए प्रशासन ने कई स्तरों पर तैयारी शुरू की है। प्रमुख बाजारों, ट्रैफिक जंक्शनों और भीड़भाड़ वाले इलाकों में पीने के पानी की व्यवस्था की जा रही है। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों के माध्यम से ओआरएस और इलेक्ट्रोलाइट्स उपलब्ध कराए जा रहे हैं ताकि लोगों को डिहाइड्रेशन से बचाया जा सके। इसके साथ ही श्रमिक क्षेत्रों में अस्थायी छाया, आराम स्थल और ठंडक की व्यवस्था पर भी जोर दिया जा रहा है।

    महिला कामगारों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए विशेष इंतजाम किए जा रहे हैं, वहीं स्वास्थ्य विभाग को अलर्ट मोड पर रखा गया है। आपातकालीन एंबुलेंस सेवाओं को संवेदनशील क्षेत्रों में तैनात किया गया है ताकि किसी भी स्थिति में तुरंत सहायता उपलब्ध कराई जा सके।

    सरकार का मानना है कि यह SOP न केवल तत्काल राहत प्रदान करेगी बल्कि लंबे समय में हीटवेव से होने वाले जोखिमों को भी कम करने में मदद करेगी। बदलते मौसम के इस दौर में यह कदम श्रमिक वर्ग की सुरक्षा और जनस्वास्थ्य की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है।

  • सीजफायर के ऐलान के बाद 20400 मीट्रिक टन LPG लेकर आज भारत पहुंचेगा पहला भारतीय जहाज जग विक्रम

    सीजफायर के ऐलान के बाद 20400 मीट्रिक टन LPG लेकर आज भारत पहुंचेगा पहला भारतीय जहाज जग विक्रम


    नई दिल्ली।
    भारतीय झंडे वाला जहाज जग विक्रम (Indian-flagged ship Jag Vikram) 20,400 मीट्रिक टन एलपीजी लेकर 14 अप्रैल को गुजरात के कांडला बंदरगाह पर पहुंचने वाला है। पोर्ट्स, शिपिंग एंड वाटरवेज मंत्रालय ने सोमवार को यह जानकारी दी। एडिशनल सेक्रेटरी मुकेश मंगल ने बताया कि यह जहाज 11 अप्रैल को होर्मुज स्ट्रेट (Strait of Hormuz) को पार कर चुका है। इस यात्रा को नई दिल्ली के लिए एक अहम उपलब्धि माना जा रहा है, क्योंकि अमेरिका और ईरान के बीच 14 दिन के युद्धविराम की घोषणा के बाद यह पहला भारतीय जहाज (Indian ship) है जो इस समुद्री मार्ग से गुजरा है। जहाज पर कुल 24 भारतीय नाविक सवार हैं।

    एडिशनल सेक्रेटरी मुकेश मंगल ने कहा, ‘भारतीय झंडे वाला LPG वाहक जहाज जग विक्रम के 11 अप्रैल को होर्मुज स्ट्रेट पार करने के बाद 14 अप्रैल को कांडला पहुंचने की संभावना है। इस जहाज में 20,400 मीट्रिक टन एलपीजी लदा हुआ है और इसमें 24 नाविक सवार हैं।’ उन्होंने आगे बताया कि खाड़ी क्षेत्र में भारतीय जहाजों और नाविकों की स्थिति पूरी तरह सुरक्षित है। पिछले 24 घंटों में किसी भी भारतीय झंडे वाले जहाज से संबंधित कोई घटना रिपोर्ट नहीं हुई है।

    2177 भारतीय नाविकों की सुरक्षित वापसी
    मंत्रालय ने अब तक 2177 से अधिक भारतीय नाविकों की सुरक्षित वापसी सुनिश्चित की है, जिसमें पिछले 24 घंटों में ही 93 नाविक शामिल हैं। इस प्रक्रिया में विदेश मंत्रालय, भारतीय मिशनों और समुद्री हितधारकों के साथ निरंतर तालमेल बनाए रखा जा रहा है। मंत्रालय ने भारतीय बंदरगाहों पर सामान्य परिचालन की पुष्टि की है। सभी भारतीय बंदरगाहों पर कामकाज बिना किसी बाधा के चल रहा है और किसी भी प्रकार की भीड़ या कंजेशन की रिपोर्ट नहीं आई है। समुद्री कर्मियों की भलाई सुनिश्चित करना मंत्रालय की प्राथमिकता है।

    क्षेत्रीय तनाव के बावजूद मंत्रालय निरंतर निगरानी और समन्वय के माध्यम से भारतीय जहाजों की सुरक्षा सुनिश्चित कर रहा है। जग विक्रम का सफलतापूर्वक आना इस बात का सबूत है कि युद्धविराम के बाद समुद्री मार्ग धीरे-धीरे सामान्य हो रहे हैं। भारत अपनी लगभग 90 प्रतिशत एलपीजी आयात खाड़ी क्षेत्र के देशों से करता है। ऐसे में होर्मुज स्ट्रेट जैसे अहम मार्ग की सुरक्षा और सुचारू परिचालन भारत की ऊर्जा सुरक्षा के लिए अत्यंत आवश्यक है।

  • पहाड़ी और पूर्वोत्तर क्षेत्रों में बारिश से मिलेगी राहत, वहीं यूपी और राजस्थान में हीटवेव ने बढ़ाई आम लोगों की मुश्किलें

    पहाड़ी और पूर्वोत्तर क्षेत्रों में बारिश से मिलेगी राहत, वहीं यूपी और राजस्थान में हीटवेव ने बढ़ाई आम लोगों की मुश्किलें


    नई दिल्ली:   देश के विभिन्न हिस्सों में मौसम ने अचानक करवट ले ली है, जिससे लोगों को अलग अलग परिस्थितियों का सामना करना पड़ रहा है। एक ओर जहां कई राज्यों में बारिश और आंधी तूफान की चेतावनी जारी की गई है, वहीं दूसरी ओर कई क्षेत्रों में तेज गर्मी और लू ने जनजीवन को प्रभावित करना शुरू कर दिया है। ताजा पूर्वानुमान के अनुसार आज कई राज्यों में मौसम अस्थिर रहेगा और लोगों को सतर्क रहने की जरूरत है।

    उत्तर भारत के पर्वतीय क्षेत्रों में मौसम का रुख बदला हुआ नजर आ रहा है। हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड और जम्मू कश्मीर के कई हिस्सों में बारिश और तेज हवाओं की संभावना है। इन इलाकों में गरज चमक के साथ वर्षा होने से तापमान में गिरावट दर्ज की जा सकती है, जिससे कुछ हद तक राहत मिलने की उम्मीद है। पश्चिम बंगाल में भी मौसम परिवर्तनशील बना हुआ है और कुछ स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है।

    राजधानी दिल्ली और आसपास के क्षेत्रों में दिन के समय तेज हवाएं चलने की संभावना है, जिससे धूल भरी स्थिति बन सकती है। इसके बाद अगले कुछ दिनों में मौसम साफ रहने और तापमान में तेजी से बढ़ोतरी का अनुमान है। आने वाले दिनों में अधिकतम तापमान लगातार बढ़ सकता है, जिससे गर्मी का असर और अधिक महसूस होगा।

    उत्तर प्रदेश में आज बारिश की संभावना बेहद कम है और यहां भीषण गर्मी का प्रभाव देखने को मिल सकता है। राज्य के कई जिलों में लू चलने की आशंका जताई गई है। लखनऊ सहित कई प्रमुख शहरों में तापमान ऊंचा बना रहेगा, जिससे लोगों को दिन के समय बाहर निकलने में कठिनाई हो सकती है।

    राजस्थान में भी मौसम शुष्क बना हुआ है और यहां हीटवेव की स्थिति बनने की संभावना है। जयपुर सहित कई जिलों में तापमान में लगातार वृद्धि दर्ज की जा रही है। तेज धूप और गर्म हवाएं लोगों के लिए परेशानी का कारण बन रही हैं और आने वाले दिनों में स्थिति और गंभीर हो सकती है।

    पूर्वोत्तर भारत के राज्यों में मौसम अपेक्षाकृत संतुलित बना हुआ है। सिक्किम में भारी बारिश की संभावना है, जबकि अरुणाचल प्रदेश, मणिपुर, मिजोरम, नागालैंड और त्रिपुरा में हल्की बारिश का पूर्वानुमान है। इन क्षेत्रों में बादल और ठंडी हवाएं मौसम को सुहावना बनाए रख सकती हैं।

    बिहार में भी गर्मी का असर तेजी से बढ़ रहा है। पटना सहित कई जिलों में लू चलने की संभावना है, जिससे लोगों को सावधानी बरतने की आवश्यकता है। दिन के समय तापमान काफी ऊंचा रहने का अनुमान है, जिससे सामान्य गतिविधियां प्रभावित हो सकती हैं।

    हरियाणा और पंजाब में भी तापमान में बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है। कई शहरों में गर्मी धीरे धीरे अपना असर दिखा रही है और आने वाले दिनों में इसमें और तेजी आने की संभावना है। वहीं उत्तराखंड के कई इलाकों में बारिश का अनुमान है, जिससे वहां के मौसम में ठंडक बनी रह सकती है।

    जम्मू कश्मीर में भी बारिश और तूफान की संभावना जताई गई है। कई जिलों में मौसम अचानक बदल सकता है, जिससे तापमान में गिरावट देखने को मिलेगी और लोगों को गर्मी से राहत मिल सकती है।

  • Rajya Sabha: हरिवंश फिर बनाए जा सकते हैं उपसभापति… सरकार कर रही विचार… विपक्ष ने जताई आपत्ति

    Rajya Sabha: हरिवंश फिर बनाए जा सकते हैं उपसभापति… सरकार कर रही विचार… विपक्ष ने जताई आपत्ति


    नई दिल्ली।
    राज्यसभा (Rajya Sabha) के अपने पिछले कार्यकाल में उच्च सदन के उपसभापति (Deputy Speaker) रहे हरिवंश (Harivansh) को फिर से यह मौका मिल सकता है। सरकार की ओर से इस पर विचार चल रहा है। उनका पिछला कार्यकाल 9 अप्रैल को समाप्त हुआ था और 10 तारीख को उन्हें मनोनीत सांसद के तौर पर शपथ दिलाई गई थी। पहले वह जेडीयू (JDU) की ओर से लगातार दूसरी बार राज्यसभा के सांसद थे, लेकिन इस बार उन्हें मौका नहीं मिला था। वहीं सत्ता पक्ष की ओर से उन्हें मनोनीत सांसद के तौर पर सदन में भेजा गया है। अब उन्हें फिर से उपसभापति की भूमिका देने की तैयारी है और इस पर विपक्ष (Opposition) ने आपत्ति भी जाहिर कर दी है।

    केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा ने राज्यसभा के उपसभापति के चुनाव के लिए विपक्षी नेताओं से बात की थी। उनकी ओर से कहा गया था कि हरिवंश को फिर से उपसभापति बनाया जाए। इसी को लेकर नड्डा ने विपक्षी दलों से बात की थी, लेकिन उनकी ओर से इसे लेकर असहमति जाहिर की गई है। सूत्रों का कहना है कि कांग्रेस, टीएमसी और कुछ लेफ्ट दलों ने कहा है कि हम इस पर सहमत नहीं है। ऐसे में हरिवंश का सर्वसम्मति से सदन में पहुंचना मुश्किल दिख रहा है। विपक्षी दलों का कहना है कि लोकसभा में डिप्टी स्पीकर का पद लंबे समय से खाली है। सरकार उसे भरने पर विचार नहीं कर रही है। ऐसे में राज्यसभा के डिप्टी स्पीकर को लेकर इतनी जल्दी क्यों दिखा रही है।

    लोकसभा में डिप्टी स्पीकर का पद 2019 से ही रिक्त है। अब तक डिप्टी चेयरमैन का पद भरने के लिए कोई आधिकारिक नोटिफिकेशन जारी नहीं किया गया है। सूत्रों का कहना है कि यह प्रक्रिया सदन में तीन दिनों के विशेष सत्र के दौरान की जा सकती है। तब दोनों सदनों की बैठक होगी। इस सत्र का मुख्य उद्देश्य महिला आरक्षण संशोधन विधेयक को पारित कराना है। इसी दौरान राज्यसभा के डिप्टी स्पीकर का फैसला हो सकता है। सर्वसम्मति ना बनने की स्थिति में चुनाव भी कराया जा सकता है। कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश का कहना है कि सरकार डिप्टी स्पीकर के पद के चुनाव को जबरदस्ती करना चाहती है।

    विपक्ष बोला- लोकसभा में तो यह पद 7 साल से खाली, यहां क्यों जल्दी
    उन्होंने कहा कि इस सरकार ने लोकसभा में डिप्टी स्पीकर के पद के लिए 7 सालों से कोई प्रयास नहीं किया है। यह पद खाली ही पड़ा है। लेकिन आखिर राज्यसभा में डिप्टी स्पीकर का पद 4 दिन के अंदर ही भरने की इतनी क्या जल्दी है। वहीं टीएमसी के नेता डेरेक ओ ब्रायन ने कहा कि सरकार चाहती है कि डिप्टी स्पीकर पद का चुनाव 17 अप्रैल को ही हो जाए। उन्होंने कहा कि यह तो संसद का मजाक बनाने की कोशिश है। डेरेक ने कहा कि लोकसभा में डिप्टी स्पीकर का पद 2019 से खाली है। फिर राज्यसभा को लेकर भाजपा इतनी जल्दबाजी में क्यों है।