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  • अखिलेश के बयान पर सियासी घमासान: जयंत के समर्थन में उतरीं मायावती, बोलीं- तुरंत माफी मांगें सपा प्रमुख

    अखिलेश के बयान पर सियासी घमासान: जयंत के समर्थन में उतरीं मायावती, बोलीं- तुरंत माफी मांगें सपा प्रमुख


    नई दिल्ली। समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव के ‘चवन्नी को रुपया बना दिया’ वाले बयान को लेकर उत्तर प्रदेश की सियासत में बयानबाजी तेज हो गई है। राष्ट्रीय लोकदल (RLD) अध्यक्ष जयंत चौधरी के जाट समाज को निशाना बनाए जाने के आरोप के बाद अब बसपा सुप्रीमो मायावती भी उनके समर्थन में उतर आई हैं। मायावती ने अखिलेश यादव के बयान को अहंकारी और अशोभनीय बताते हुए उनसे तुरंत माफी मांगने की मांग की है।

    जयंत बोले- राजनीतिक लड़ाई में मेरा नाम लेते, समाज को क्यों घसीटा?

    जयंत चौधरी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट कर अखिलेश यादव पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि राजनीतिक विरोध के बीच अखिलेश ने पूरे जाट समाज को निशाना बनाया। जयंत ने कहा कि अगर अखिलेश को उनसे कोई शिकायत थी तो सीधे उनका नाम लेकर बात करनी चाहिए थी। पूरे समाज को इस विवाद में घसीटना उचित नहीं है।

    जयंत ने अखिलेश के रवैये को अहंकारी बताते हुए कहा कि उन्होंने इस तरह के राजनीतिक अहंकार को करीब से देखा है और यही किसी के राजनीतिक पतन की वजह बनता है।

    मायावती ने जयंत का किया समर्थन

    मायावती ने भी X पर पोस्ट कर जयंत चौधरी का समर्थन किया। उन्होंने अखिलेश यादव के बयान को न केवल जयंत और राष्ट्रीय लोकदल का अपमान बताया, बल्कि इसे पूर्व प्रधानमंत्री चौधरी चरण सिंह और जाट समाज का भी अपमान करार दिया।

    मायावती ने कहा कि अखिलेश यादव को अपने बयान के लिए तुरंत माफी मांगनी चाहिए। उन्होंने समाजवादी पार्टी पर अहंकारी रवैया अपनाने का आरोप भी लगाया।

    1993 के सपा-बसपा गठबंधन का भी किया जिक्र

    मायावती ने सपा पर निशाना साधते हुए 1993 के सपा-बसपा गठबंधन का जिक्र किया। उन्होंने आरोप लगाया कि समाजवादी पार्टी के इसी अहंकारी रवैये के कारण गठबंधन टूट गया था और इसके बाद स्टेट गेस्ट हाउस कांड हुआ।

    मायावती का कहना है कि बाद में दोनों दलों के बीच राजनीतिक गठबंधन जरूर हुआ, लेकिन अखिलेश यादव के रवैये में भी कथित तौर पर वही अहंकार दिखाई दिया। उन्होंने सपा पर राजनीतिक जरूरत के हिसाब से रुख बदलने का आरोप लगाते हुए कहा कि पार्टी काम निकलने के बाद ‘गिरगिट की तरह रंग बदलती है।’

    PDA में पंडितों को शामिल करने पर भी साधा निशाना

    मायावती ने अखिलेश यादव के PDA में ‘P’ को पंडितों से जोड़ने वाले बयान पर भी निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि सपा अब पंडित समाज को अपना हितैषी बताने की कोशिश कर रही है, जबकि उनके मुताबिक पार्टी ने कभी पिछड़े वर्गों, अल्पसंख्यकों या ब्राह्मण समाज के हित में वास्तविक रूप से काम नहीं किया।

    क्या था अखिलेश का ‘चवन्नी’ वाला बयान?

    दरअसल, कुछ दिन पहले एक कार्यक्रम में अखिलेश यादव ने अपने सहयोगी दलों और राजनीतिक साथियों का जिक्र करते हुए बिना नाम लिए आरएलडी और जयंत चौधरी पर तंज कसा था। उन्होंने कहा था कि समाजवादी पार्टी ने अपने सहयोगियों को आगे बढ़ाया, लेकिन इसके बावजूद कुछ लोग पार्टी का साथ छोड़कर चले गए।

    अखिलेश ने इसी संदर्भ में कहा था कि ‘हम लोगों ने चवन्नी का रुपया बना दिया, फिर भी हमें छोड़कर चले गए।’ इसी बयान को लेकर अब जयंत चौधरी और मायावती ने सपा प्रमुख पर हमला बोला है।

  • छत और छज्जे की ढलाई के दौरान बड़ा हादसा, शटरिंग गिरने से 3 की मौत; मजदूरों ने मांगा 50 लाख मुआवजा

    छत और छज्जे की ढलाई के दौरान बड़ा हादसा, शटरिंग गिरने से 3 की मौत; मजदूरों ने मांगा 50 लाख मुआवजा


    मथुरा  मथुरा के वृंदावन में निर्माणाधीन मॉल में शुक्रवार सुबह हुए दर्दनाक हादसे ने निर्माण स्थलों पर मजदूरों की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। रुक्मणी विहार इलाके में निर्माणाधीन ओमेक्स मॉल में सुबह करीब सात बजे छत और छज्जे की ढलाई के दौरान अचानक शटरिंग और निर्माण सामग्री भरभराकर नीचे आ गिरी। हादसे के समय कुछ मजदूर नाइट शिफ्ट के बाद निर्माण कार्य में जुटे हुए थे। अचानक हुए इस हादसे में कई मजदूर मलबे के नीचे दब गए। चीख-पुकार सुनकर आसपास मौजूद लोगों में अफरा-तफरी मच गई और तत्काल पुलिस तथा राहत दल को सूचना दी गई।

    घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस प्रशासन फायर ब्रिगेड और बचाव दल मौके पर पहुंचा। मलबे को हटाने के लिए रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया गया। शुरुआती कार्रवाई में एक मजदूर का शव मौके से बाहर निकाला गया जबकि तीन मजदूर घायल अवस्था में मिले। सभी घायलों को तत्काल अस्पताल ले जाया गया। गंभीर हालत को देखते हुए उन्हें आगरा के एसएन मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया लेकिन इलाज के दौरान दो और मजदूरों ने दम तोड़ दिया। इस तरह हादसे में मृतकों की संख्या तीन हो गई है। एक मजदूर का इलाज अभी जारी है और उसकी हालत को लेकर चिकित्सकों की निगरानी बनी हुई है।

    पुलिस के मुताबिक मृतकों में एक मजदूर नेपाल का रहने वाला था जबकि दो मजदूर पश्चिम बंगाल से संबंधित थे। मृतक की पहचान नेपाल के कैलाली जिले के सिमरी निवासी करीब 40 वर्षीय शिवराम के रूप में हुई है। उनकी मौके पर ही मौत हो गई थी। अस्पताल में इलाज के दौरान पश्चिम बंगाल के कूचबिहार निवासी रफीउल और आलम ने भी दम तोड़ दिया। पश्चिम बंगाल के ही एक अन्य मजदूर दिलबार का इलाज चल रहा है। हादसे की सूचना मिलने के बाद मृतकों के परिवारों में मातम पसरा हुआ है।

    घटना की गंभीरता को देखते हुए जिलाधिकारी और वरिष्ठ पुलिस अधिकारी भी मौके पर पहुंचे और हालात का जायजा लिया। प्रशासन ने हादसे के कारणों की जांच शुरू कर दी है। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि शटरिंग किस वजह से गिरी और निर्माण कार्य के दौरान सुरक्षा मानकों का पालन किया जा रहा था या नहीं। निर्माण स्थल पर इस्तेमाल की जा रही सामग्री और ढांचे की मजबूती की भी जांच की जा रही है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने हादसे पर दुख जताते हुए अधिकारियों को घायलों के समुचित इलाज और प्रभावित परिवारों को हरसंभव मदद उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं।

    मृतक शिवराम के परिवार की ओर से न्याय की मांग उठाई गई है। उनकी भतीजी मनीषा के मुताबिक शिवराम कुछ दिन पहले ही काम के लिए मथुरा आए थे। परिवार का कहना है कि निर्माण स्थल पर लंबे समय से काम चल रहा था लेकिन हादसे ने उनका सब कुछ छीन लिया। परिजनों ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।

    वहीं निर्माण स्थल पर काम कर रहे अन्य मजदूरों ने सुरक्षा व्यवस्था को लेकर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि यदि सुरक्षा मानकों का सख्ती से पालन किया जाता तो इस तरह का हादसा शायद टाला जा सकता था। मजदूरों ने मृतकों के परिवारों के लिए 50 लाख रुपये के मुआवजे की मांग भी रखी है। हालांकि इन आरोपों की आधिकारिक पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगी।

    मॉल प्रबंधन की ओर से बताया गया कि हादसे के समय चार से पांच मजदूर ही मौके पर काम कर रहे थे। प्रबंधन के अनुसार छज्जे का निर्माण करते समय अचानक शटरिंग गिर गई और हादसा हो गया। हादसा किस तकनीकी कारण से हुआ इसकी जानकारी जुटाई जा रही है। फिलहाल पुलिस और प्रशासन की जांच जारी है और पोस्टमॉर्टम तथा अन्य कानूनी प्रक्रिया के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। इस हादसे ने एक बार फिर बड़े निर्माण प्रोजेक्ट्स में मजदूरों की सुरक्षा और निर्माण गुणवत्ता की निगरानी को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

  • उज्जैन के मंगलनाथ मंदिर में हैदराबाद के ओहरी परिवार ने 50 लाख की चांदी दान कर नई जलाधारी स्थापित कराई

    उज्जैन के मंगलनाथ मंदिर में हैदराबाद के ओहरी परिवार ने 50 लाख की चांदी दान कर नई जलाधारी स्थापित कराई

    नई दिल्ली । धर्मनगरी उज्जैन स्थित प्राचीन श्री मंगलनाथ मंदिर में श्रद्धा और आस्था से जुड़ा विशेष अवसर सामने आया है। हैदराबाद के ओहरी परिवार ने भगवान मंगलनाथ को करीब 20 किलो चांदी दान की है। इस चांदी की अनुमानित कीमत लगभग 50 लाख रुपये बताई गई है। भक्त परिवार की इस भेंट से मंदिर में धार्मिक परंपरा के साथ एक नई सौगात जुड़ी है।

    दान की गई चांदी से भगवान मंगलनाथ के लिए नई जलाधारी तैयार कराई गई है। निर्धारित विधि-विधान और वैदिक मंत्रोच्चार के बीच मंदिर में पुरानी जलाधारी को हटाकर नई जलाधारी स्थापित की गई। नई जलाधारी धारण करने के बाद भगवान मंगलनाथ अब भक्तों को इसी स्वरूप में दर्शन दे रहे हैं।

    मंदिर में पहले करीब 15 वर्ष पुरानी जलाधारी स्थापित थी। समय बीतने के बाद उसे बदलने की आवश्यकता महसूस की गई। इसके बाद ओहरी परिवार की ओर से चांदी दान किए जाने पर नई जलाधारी तैयार कराई गई। धार्मिक अनुष्ठान के साथ इसकी स्थापना पूरी की गई।

    नई जलाधारी की स्थापना के बाद मंदिर में दर्शन करने पहुंचने वाले श्रद्धालुओं में विशेष उत्साह देखा जा रहा है। भगवान मंगलनाथ के नए स्वरूप को देखने के लिए भक्तों में उत्सुकता बनी हुई है। मंदिर पहुंचने वाले श्रद्धालु इसे भगवान के प्रति अपनी आस्था और धार्मिक समर्पण से जोड़कर देख रहे हैं।

    उज्जैन का मंगलनाथ मंदिर धार्मिक और ज्योतिषीय दृष्टि से विशेष महत्व रखता है। यह मंदिर भगवान मंगल ग्रह को समर्पित प्रमुख धार्मिक स्थलों में शामिल है। यहां देश के अलग-अलग हिस्सों से श्रद्धालु भगवान मंगलनाथ के दर्शन और पूजा-अर्चना के लिए पहुंचते हैं।

    मान्यता के अनुसार मंगलनाथ मंदिर में मंगल दोष की शांति के लिए विशेष पूजा और भात पूजा कराई जाती है। श्रद्धालु जीवन में सुख, शांति और समृद्धि की कामना के साथ यहां धार्मिक अनुष्ठान कराते हैं। इसी कारण मंदिर में वर्षभर श्रद्धालुओं की आवाजाही बनी रहती है।

    मंदिर में नई चांदी की जलाधारी स्थापित होने से धार्मिक वातावरण में भी विशेष आकर्षण देखने को मिल रहा है। चांदी से निर्मित जलाधारी भगवान मंगलनाथ के गर्भगृह की धार्मिक व्यवस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा है। भक्तों के लिए यह केवल नया स्वरूप नहीं, बल्कि श्रद्धा से जुड़ा एक विशेष अवसर भी है।

    हैदराबाद के ओहरी परिवार की ओर से दी गई करीब 20 किलो चांदी की यह भेंट मंदिर के प्रति उनकी धार्मिक आस्था को दर्शाती है। करीब 50 लाख रुपये मूल्य की इस चांदी से तैयार जलाधारी अब भगवान मंगलनाथ को अर्पित की जा चुकी है।

    नई जलाधारी की स्थापना के बाद मंदिर में आने वाले श्रद्धालु भगवान मंगलनाथ के दर्शन कर रहे हैं। धार्मिक अनुष्ठान के बाद नई व्यवस्था के साथ दर्शन शुरू होने से मंदिर परिसर में भक्तों के बीच उत्साह का माहौल बना हुआ है। उज्जैन आने वाले श्रद्धालुओं के लिए यह धार्मिक अवसर आकर्षण का नया केंद्र बन गया है।

  • सर्किट हाउस विवाद में महुआ मोइत्रा की बढ़ीं मुश्किलें, कृष्णानगर अदालत ने समन के बाद गिरफ्तारी वारंट जारी किया

    सर्किट हाउस विवाद में महुआ मोइत्रा की बढ़ीं मुश्किलें, कृष्णानगर अदालत ने समन के बाद गिरफ्तारी वारंट जारी किया


    नई दिल्ली । 
    पश्चिम बंगाल के कृष्णानगर से तृणमूल कांग्रेस की सांसद महुआ मोइत्रा की मुश्किलें बढ़ गई हैं। कृष्णानगर की तृतीय न्यायिक मजिस्ट्रेट अदालत ने सर्किट हाउस विवाद से जुड़े एक मामले में उनके खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी किया है। यह कार्रवाई अदालत की ओर से जारी किए गए समन के बावजूद सुनवाई के दौरान उनकी उपस्थिति नहीं होने के बाद की गई है। मामले की जानकारी सामने आने के बाद राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में भी इसकी चर्चा तेज हो गई है।

    पुलिस के अनुसार, मामला भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा 227 के तहत दायर शिकायत से जुड़ा हुआ है। शिकायत में महुआ मोइत्रा के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की कई धाराओं के तहत आरोप लगाए गए हैं। इनमें महिला की मर्यादा के अपमान, विभिन्न समूहों के बीच वैमनस्य बढ़ाने, धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने वाले जानबूझकर किए गए कृत्य, आपराधिक धमकी और सार्वजनिक व्यवस्था प्रभावित करने वाले बयान से संबंधित प्रावधान शामिल हैं।

    अदालत ने मामले की सुनवाई के दौरान महुआ मोइत्रा को कई बार समन जारी किए थे। निर्धारित प्रक्रिया के तहत अदालत में उपस्थित होने का अवसर दिए जाने के बावजूद उनकी पेशी नहीं हुई। इसके बाद न्यायिक प्रक्रिया को आगे बढ़ाते हुए अदालत ने गिरफ्तारी वारंट जारी करने का आदेश दिया। पुलिस ने भी अदालत के इस आदेश की पुष्टि की है।

    यह पूरा विवाद 14 अगस्त की रात कृष्णानगर सर्किट हाउस में हुई घटना से जुड़ा है। महुआ मोइत्रा के अनुसार, वह शाम करीब 6 बजकर 15 मिनट पर सर्किट हाउस पहुंची थीं और उन्हें नियमित रूप से एक कमरा आवंटित किया गया था। बाद में रात करीब 10 बजे उन्हें परिसर खाली करने के लिए कहा गया।

    महुआ मोइत्रा ने दावा किया था कि रात करीब 9 बजकर 47 मिनट पर अतिरिक्त जिला मजिस्ट्रेट की ओर से उन्हें फोन किया गया और सर्किट हाउस खाली करने को कहा गया। इसके बाद डिप्टी कलेक्टर की ओर से उन्हें व्हाट्सऐप संदेश के जरिए 12 अगस्त का एक आदेश भेजा गया था। इस आदेश में रखरखाव और सफाई कार्य का हवाला देते हुए परिसर खाली कराने की बात कही गई थी।

    घटना के बाद महुआ मोइत्रा ने नादिया जिला प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारियों के आचरण पर सवाल उठाए थे। उन्होंने आरोप लगाया था कि उनके साथ अपमानजनक व्यवहार किया गया और संसदीय प्रोटोकॉल का भी पालन नहीं किया गया। इस मामले को लेकर उन्होंने लोकसभा अध्यक्ष के समक्ष विशेषाधिकार नोटिस भी दिया था।

    अब अदालत की ओर से गिरफ्तारी वारंट जारी किए जाने से विवाद ने नया कानूनी मोड़ ले लिया है। हालांकि वारंट जारी होना अपने आप में आरोपों की पुष्टि या दोष सिद्ध होने का प्रमाण नहीं है। मामले में लगाए गए आरोपों पर अंतिम निर्णय न्यायिक प्रक्रिया के तहत ही होगा।

    फिलहाल अदालत की कार्रवाई के बाद महुआ मोइत्रा की कानूनी स्थिति पर ध्यान केंद्रित हो गया है। आगे की कार्यवाही में उनकी अदालत के समक्ष पेशी और मामले से जुड़े आरोपों पर होने वाली सुनवाई महत्वपूर्ण होगी। सर्किट हाउस में हुए विवाद से शुरू हुआ यह मामला अब न्यायिक प्रक्रिया के अगले चरण में पहुंच चुका है।

  • अमित शाह ने सीमा सुरक्षा पर जवानों से की चर्चा, बंगाल में BSF के लिए जमीन उपलब्ध कराने का दावा किया

    अमित शाह ने सीमा सुरक्षा पर जवानों से की चर्चा, बंगाल में BSF के लिए जमीन उपलब्ध कराने का दावा किया


    नई दिल्ली । 
    केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह शुक्रवार को पश्चिम बंगाल के सिलीगुड़ी पहुंचे, जहां उन्होंने दो दिवसीय दौरे के दौरान सीमा सुरक्षा से जुड़े मुद्दों पर सुरक्षा बलों के अधिकारियों और जवानों से चर्चा की। बागडोगरा एयरपोर्ट पहुंचने के बाद उनका स्वागत राज्य के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने किया। इसके बाद अमित शाह एसएसबी कैंप पहुंचे और जवानों से मुलाकात की।

    एसएसबी कैंप में गृह मंत्री ने सीमा पर सुरक्षा व्यवस्था, ऑपरेशनल तैयारियों और बॉर्डर मैनेजमेंट से संबंधित विभिन्न विषयों की जानकारी ली। उन्होंने सीमा क्षेत्रों में तैनात जवानों की भूमिका की सराहना करते हुए कहा कि देश की सीमाओं की सुरक्षा में सुरक्षा बलों का योगदान महत्वपूर्ण है। उन्होंने जवानों के साथ संवाद करते हुए सीमा पर आने वाली चुनौतियों और सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाए रखने की जरूरत पर जोर दिया।

    इसी दौरान अमित शाह ने पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर भी राजनीतिक निशाना साधा। उन्होंने कहा कि जब वह पहले गृह मंत्री के तौर पर जिम्मेदारी संभाल रहे थे, तब ममता बनर्जी को सशस्त्र सीमा बल के कार्यक्रमों में आमंत्रित किया जाता था, लेकिन वह इन कार्यक्रमों में शामिल नहीं हुईं। शाह ने सुरक्षा बलों के साथ राज्य सरकार के समन्वय को महत्वपूर्ण बताते हुए अपनी बात रखी।

    अमित शाह ने पश्चिम बंगाल में सीमा सुरक्षा के लिए जमीन उपलब्ध कराने के मुद्दे को भी प्रमुखता से उठाया। उन्होंने दावा किया कि राज्य में सीमा सुरक्षा बल के लिए 1,129 एकड़ जमीन उपलब्ध कराई गई है। उनके मुताबिक, सीमा सुरक्षा को और मजबूत करने के लिए 29 एकड़ अतिरिक्त जमीन भी जल्द उपलब्ध कराई जाएगी।

    गृह मंत्री ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार अंतरराष्ट्रीय सीमा के संवेदनशील हिस्सों में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने और बाड़ लगाने की दिशा में लगातार काम करना चाहती थी, लेकिन राज्य स्तर पर जमीन उपलब्ध नहीं होने के कारण कुछ स्थानों पर काम प्रभावित हुआ। उन्होंने मौजूदा सरकार द्वारा जमीन उपलब्ध कराने को सीमा सुरक्षा के लिहाज से महत्वपूर्ण कदम बताया।

    अमित शाह के सिलीगुड़ी दौरे का राजनीतिक और प्रशासनिक दोनों स्तरों पर महत्व माना जा रहा है। उत्तर बंगाल का यह क्षेत्र अंतरराष्ट्रीय सीमाओं और रणनीतिक दृष्टि से संवेदनशील इलाकों के नजदीक है। ऐसे में गृह मंत्री के दौरे के दौरान सीमा प्रबंधन, घुसपैठ और सुरक्षा व्यवस्था से जुड़े विषयों पर चर्चा होना महत्वपूर्ण रहा।

    दौरे के दौरान अमित शाह सिलीगुड़ी के कावाखाली मैदान में आयोजित कार्यक्रम में भी शामिल होंगे। यहां वह आपराधिक प्रक्रिया से संबंधित प्रदर्शनी का उद्घाटन करेंगे। इसके बाद उनकी पार्टी की बैठक में शामिल होने की भी योजना है। शुक्रवार रात उनके सुकना स्थित एक होटल में ठहरने का कार्यक्रम है।

    शनिवार को गृह मंत्री पहाड़ी जिलों से जुड़े विभिन्न मुद्दों को लेकर बैठक करेंगे। इसके बाद उनका दिल्ली लौटने का कार्यक्रम है। उनके दौरे में सुरक्षा व्यवस्था के साथ उत्तर बंगाल के पहाड़ी क्षेत्रों से जुड़े विषयों को भी प्रमुखता मिलने की संभावना है।

    पश्चिम बंगाल में सीमा सुरक्षा और घुसपैठ लंबे समय से राजनीतिक बहस के प्रमुख मुद्दे रहे हैं। अमित शाह के ताजा दौरे में इन विषयों के साथ राज्य सरकार और केंद्र के बीच समन्वय का मुद्दा भी सामने आया। सिलीगुड़ी में उनकी गतिविधियों के बाद आने वाले समय में सीमा सुरक्षा और उत्तर बंगाल से जुड़े राजनीतिक मुद्दों पर चर्चा और तेज होने की संभावना है।

  • पहली बार यूपी में नेताओं को दी गई बुलेट प्रूफ जैकेट, 11 मंत्रियों समेत 52 नाम शामिल; जानिए किसे मिली कौन सी सुरक्षा

    पहली बार यूपी में नेताओं को दी गई बुलेट प्रूफ जैकेट, 11 मंत्रियों समेत 52 नाम शामिल; जानिए किसे मिली कौन सी सुरक्षा


    उत्तर प्रदेश। उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव 2027 से पहले नेताओं की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। योगी सरकार ने समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव और बहुजन समाज पार्टी की प्रमुख मायावती समेत 52 नेताओं को बुलेट प्रूफ जैकेट उपलब्ध कराई है। खास बात यह है कि उत्तर प्रदेश में पहली बार इतनी बड़ी संख्या में राजनीतिक नेताओं को इस तरह की सुरक्षा व्यवस्था का हिस्सा बनाया गया है। सूची में सत्ता पक्ष के नेताओं के साथ विपक्ष के प्रमुख चेहरे और अलग-अलग दलों से जुड़े कई नेता भी शामिल हैं।

    जानकारी के मुताबिक सुरक्षा मुख्यालय की ओर से इन बुलेट प्रूफ जैकेट की खरीद की गई है। एक जैकेट की कीमत करीब डेढ़ लाख रुपये बताई जा रही है। पहले चरण में आठ नेताओं को जैकेट दी गई थी जबकि दूसरे चरण में 44 और नेताओं को यह सुरक्षा उपकरण उपलब्ध कराया गया है। इस तरह कुल 52 नेता अब बुलेट प्रूफ जैकेट पाने वालों की सूची में शामिल हो गए हैं। इनमें प्रदेश सरकार के 11 कैबिनेट मंत्री भी बताए जा रहे हैं।

    जिन प्रमुख नामों को जैकेट दी गई है उनमें मंत्री संजय निषाद नंद गोपाल गुप्ता नंदी ओम प्रकाश राजभर और अपर्णा यादव शामिल हैं। पश्चिमी उत्तर प्रदेश के चर्चित भाजपा नेताओं संगीत सोम और सुरेश राणा का नाम भी सूची में बताया गया है। हालांकि सरकार ने आधिकारिक तौर पर यह स्पष्ट नहीं किया है कि किन विशेष परिस्थितियों को देखते हुए नेताओं को बुलेट प्रूफ जैकेट देने का फैसला किया गया। सुरक्षा मुख्यालय के एक अधिकारी के मुताबिक पहले बुलेट प्रूफ जैकेट सुरक्षा मानकों में शामिल नहीं थी लेकिन अब इसे सुरक्षा व्यवस्था का हिस्सा बनाया गया है।

    इस फैसले को 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले सुरक्षा तैयारियों से जोड़कर देखा जा रहा है। प्रदेश में कई नेताओं को पहले से ही अलग-अलग श्रेणियों की सुरक्षा उपलब्ध है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार उत्तर प्रदेश में कुल 98 नेताओं और अन्य महत्वपूर्ण लोगों को विभिन्न सुरक्षा श्रेणियां मिली हुई हैं। इनमें सबसे अधिक लोगों को Y श्रेणी की सुरक्षा हासिल है जबकि कुछ लोगों को Y प्लस और एस्कॉर्ट के साथ अतिरिक्त सुरक्षा प्रदान की गई है।

    राज्य की सबसे ऊंची सुरक्षा श्रेणियों में शामिल Z प्लस सुरक्षा पाने वालों में राज्यपाल आनंदीबेन पटेल मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के अलावा अखिलेश यादव और मायावती भी शामिल बताए गए हैं। केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह पूर्व सांसद मुरली मनोहर जोशी और विनय कटियार समेत कई अन्य प्रमुख नेताओं को भी इस श्रेणी में सुरक्षा दी गई है। भाजपा के वरिष्ठ नेता सुरेश राणा उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य पूर्व उपमुख्यमंत्री दिनेश शर्मा और हाईकोर्ट के एक सेवानिवृत्त न्यायाधीश का नाम भी Z प्लस सुरक्षा सूची में बताया गया है।

    वहीं उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक और बसपा नेता सतीश चंद्र मिश्रा को Z श्रेणी की सुरक्षा मिली हुई है। भाजपा के पूर्व विधायक संगीत सोम पूर्व सांसद बृजभूषण शरण सिंह और प्रदेश सरकार के मंत्री नंद गोपाल नंदी समेत कई नेताओं को भी इसी स्तर की सुरक्षा हासिल है। दूसरी ओर ओम प्रकाश राजभर बेबी रानी मौर्य लक्ष्मी नारायण चौधरी और बलदेव सिंह औलख समेत कई नेताओं को Y प्लस श्रेणी की सुरक्षा दी गई है।

    मंत्री संजय निषाद को Y श्रेणी की सुरक्षा एस्कॉर्ट के साथ मिली हुई है। उनके अलावा कई सांसद विधायक पूर्व राज्यपाल और अन्य राजनीतिक हस्तियों को भी अलग-अलग श्रेणियों में सुरक्षा उपलब्ध कराई गई है। बुलेट प्रूफ जैकेट के मामले में मंत्री संजय निषाद ने बताया कि उन्हें अभी इसे पहनने का प्रशिक्षण नहीं मिला है।

    कुल मिलाकर चुनावी वर्ष से पहले उत्तर प्रदेश में नेताओं की सुरक्षा को लेकर सरकार की तैयारियां तेज होती दिखाई दे रही हैं। हालांकि बुलेट प्रूफ जैकेट बांटने के फैसले की विस्तृत वजह सरकार की ओर से सार्वजनिक नहीं की गई है। ऐसे में यह कदम सुरक्षा समीक्षा का हिस्सा है या चुनाव से पहले संभावित खतरे को देखते हुए एहतियाती व्यवस्था इसका स्पष्ट जवाब आने वाले समय में ही सामने आएगा।

  • इंडिगो वेबसाइट डाउन: टिकट बुकिंग और वेब चेक-इन प्रभावित, एक सप्ताह में दूसरी बार डिजिटल सेवाओं में आई परेशानी

    इंडिगो वेबसाइट डाउन: टिकट बुकिंग और वेब चेक-इन प्रभावित, एक सप्ताह में दूसरी बार डिजिटल सेवाओं में आई परेशानी

    नई दिल्ली । देश की सबसे बड़ी एयरलाइन इंडिगो की वेबसाइट और कुछ ऑनलाइन सेवाओं में शुक्रवार को एक बार फिर तकनीकी समस्या सामने आई। वेबसाइट के काम नहीं करने के कारण यात्रियों को टिकट बुक करने, वेब चेक-इन पूरा करने और अन्य डिजिटल सुविधाओं का इस्तेमाल करने में परेशानी हुई। कुछ यात्रियों ने मोबाइल एप में लॉगिन से जुड़ी समस्या की भी जानकारी दी। खास बात यह है कि एक सप्ताह के भीतर दूसरी बार एयरलाइन की ऑनलाइन सेवाएं प्रभावित हुई हैं।

    तकनीकी गड़बड़ी के दौरान कई यात्रियों के लिए बुकिंग प्रक्रिया पूरी करना मुश्किल रहा। कुछ लोगों को फ्लाइट टिकट बुक करते समय परेशानी हुई, जबकि कुछ यात्रियों ने वेब चेक-इन नहीं हो पाने की शिकायत की। इसके अलावा भुगतान प्रक्रिया पूरी होने के बाद पेमेंट कन्फर्मेशन नहीं मिलने की समस्या भी सामने आई। यात्रा के करीब पहुंच चुके यात्रियों के लिए ऑनलाइन चेक-इन में बाधा विशेष चिंता का विषय बनी।

    इंडिगो ने अपनी सेवा व्यवस्था में आ रही तकनीकी परेशानी को स्वीकार करते हुए बताया कि ऑनलाइन सेवाओं में रुक-रुककर व्यवधान आ रहा है। एयरलाइन की तकनीकी टीमें समस्या को दूर करने में जुटी हैं। कंपनी ने यात्रियों को सलाह दी कि जिन लोगों को तत्काल यात्रा संबंधी सहायता की जरूरत है, वे ग्राहक सहायता केंद्र से संपर्क करें।

    एयरलाइन ने उन यात्रियों को कुछ समय बाद दोबारा डिजिटल सेवाओं का इस्तेमाल करने की सलाह दी, जिनकी यात्रा तत्काल नहीं है। यात्रियों से कहा गया कि वे वेबसाइट या मोबाइल एप पर बाद में फिर से प्रयास करें। इस दौरान सोशल मीडिया पर कई उपयोगकर्ताओं ने ऑनलाइन सेवाओं में आ रही दिक्कतों को लेकर अपनी शिकायतें दर्ज कराईं।

    यह समस्या उस तकनीकी व्यवधान के कुछ ही दिन बाद सामने आई है, जिसका असर इंडिगो की मुख्य आरक्षण व्यवस्था पर पड़ा था। आरक्षण प्रणाली एयरलाइन के लिए बेहद महत्वपूर्ण है, क्योंकि टिकट बुकिंग और यात्रियों से जुड़ी कई ऑनलाइन प्रक्रियाएं इसी व्यवस्था पर निर्भर करती हैं। सिस्टम में तकनीकी बाधा आने पर एक साथ बड़ी संख्या में यात्रियों की सेवाएं प्रभावित हो सकती हैं।

    इंडिगो की तकनीकी टीमें अपने तकनीकी सहयोगी के साथ मिलकर समस्या को प्राथमिकता के आधार पर ठीक करने में लगी हुई हैं। एयरलाइन की डिजिटल सेवाओं पर यात्रियों की निर्भरता काफी अधिक है। टिकट खरीदने से लेकर बुकिंग प्रबंधन और वेब चेक-इन तक कई प्रक्रियाएं अब ऑनलाइन पूरी की जाती हैं। ऐसे में डिजिटल सिस्टम में व्यवधान होने पर यात्रियों को वैकल्पिक सहायता की जरूरत पड़ती है।

    इंडिगो घरेलू विमानन बाजार में सबसे बड़ी हिस्सेदारी वाली एयरलाइन है। जुलाई में घरेलू बाजार में कंपनी की हिस्सेदारी करीब 67 प्रतिशत बताई गई थी। एयरलाइन का नेटवर्क देश के कई शहरों में फैला हुआ है और बड़ी संख्या में यात्री रोजाना उसकी उड़ानों से यात्रा करते हैं। इसलिए डिजिटल सिस्टम में आने वाली तकनीकी समस्या का प्रभाव व्यापक हो सकता है।

    लगातार दूसरी बार ऑनलाइन सेवाओं में रुकावट सामने आने से एयरलाइन की डिजिटल व्यवस्था की स्थिरता भी चर्चा में आ गई है। हालांकि उपलब्ध जानकारी के अनुसार कंपनी ने समस्या को ठीक करने के लिए तकनीकी स्तर पर काम शुरू कर दिया है। यात्रियों के लिए फिलहाल सलाह यही है कि तत्काल सहायता की आवश्यकता होने पर ग्राहक सहायता केंद्र से संपर्क करें और अन्य यात्री कुछ समय बाद वेबसाइट या मोबाइल एप के माध्यम से अपनी प्रक्रिया दोबारा पूरी करने का प्रयास करें।

  • तलाक की सुनवाई के बाद रची खौफनाक साजिश 3 हथियार खरीदे पत्नी की रेकी की और 30 मिनट में उजाड़ दिया पूरा परिवार

    तलाक की सुनवाई के बाद रची खौफनाक साजिश 3 हथियार खरीदे पत्नी की रेकी की और 30 मिनट में उजाड़ दिया पूरा परिवार


    उत्तर प्रदेश। लखनऊ में एक बैंक अधिकारी द्वारा अपनी पत्नी और बहन की हत्या के बाद खुदकुशी किए जाने के मामले ने सनसनी फैला दी है। पुलिस की शुरुआती जांच में सामने आया है कि पति-पत्नी के बीच लंबे समय से विवाद चल रहा था और दोनों के बीच तलाक की कानूनी प्रक्रिया भी शुरू हो चुकी थी। पुलिस सूत्रों के मुताबिक 18 अगस्त को फैमिली कोर्ट में हुई सुनवाई के दौरान गुजारा भत्ते की रकम को लेकर दोनों के बीच विवाद हुआ था। इसके बाद आरोपी मानस बाजपेयी ने कथित तौर पर पत्नी और अपनी बहन की हत्या करने के साथ खुदकुशी की योजना बनाई। हालांकि इस मामले में सामने आई कई बातें अभी पुलिस जांच का हिस्सा हैं और अंतिम निष्कर्ष जांच तथा साक्ष्यों के आधार पर ही सामने आएगा।

    बताया जा रहा है कि मानस और दिव्या की करीब नौ साल पहले लव मैरिज हुई थी। शादी के शुरुआती वर्षों में दोनों का रिश्ता सामान्य रहा लेकिन बाद में पारिवारिक विवाद बढ़ने लगे। सबसे बड़ा विवाद मानस की बहन शीबा के साथ रहने को लेकर बताया जा रहा है। परिवार के मुताबिक दिव्या अपनी ननद के साथ नहीं रहना चाहती थीं जबकि मानस अपनी बहन को अकेला छोड़ने के लिए तैयार नहीं था। इसी बात को लेकर पति-पत्नी के बीच दूरी बढ़ती गई और आखिरकार दोनों अलग रहने लगे।

    पुलिस जांच के मुताबिक वर्ष 2025 में विवाद दोबारा गहराने के बाद दिव्या ने घर छोड़ दिया था। इसके बाद उन्होंने तलाक के लिए परिवार न्यायालय का रुख किया। 18 अगस्त की सुनवाई के दौरान कथित तौर पर आर्थिक समझौते और एलिमनी को लेकर भी चर्चा हुई। पुलिस को शक है कि इसी घटनाक्रम के बाद मानस ने बेहद खतरनाक कदम उठाने का फैसला किया। जांच में यह बात भी सामने आई है कि उसने दो दिन के भीतर तीन हथियारों का इंतजाम किया। इनमें दो पिस्टल और एक तमंचा शामिल बताए जा रहे हैं। पुलिस ने हथियार बरामद कर लिए हैं और अब उनके स्रोत की जांच की जा रही है।

    20 अगस्त को मानस कथित तौर पर दिव्या के ऑफिस के बाहर पहुंचा। दिव्या एक बैंक में मैनेजर के तौर पर काम कर रही थीं। पुलिस के अनुसार मानस ने उन्हें इशारे से बाहर बुलाया और बातचीत के दौरान दोनों के बीच विवाद बढ़ गया। आरोप है कि उसने पहले पत्नी के साथ मारपीट की और फिर गोली चला दी। बैंक के गार्ड और कर्मचारी मदद के लिए दौड़े लेकिन तब तक दिव्या गंभीर रूप से घायल हो चुकी थीं। घटना के बाद मानस वहां से फरार हो गया और अपने घर पहुंचा।

    पुलिस के अनुसार घर पहुंचने के बाद उसने अपनी बहन शीबा को गोली मार दी और फिर खुद को भी गोली मारकर जान दे दी। घटना से पहले उसके वॉट्सऐप स्टेटस को लेकर भी जांच की जा रही है। बताया गया है कि स्टेटस में उसने पत्नी पर धोखा देने का आरोप लगाया था और परिवार के कुछ अन्य सदस्यों का भी जिक्र किया था। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि स्टेटस में किए गए दावों की वास्तविकता क्या थी और वारदात के पीछे उसकी मानसिक स्थिति तथा पारिवारिक विवाद की क्या भूमिका रही।

    दिव्या की बहन और यूट्यूबर प्रज्ञा मिश्रा ने भी मानस पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने दावा किया कि उनकी बहन लंबे समय से परेशान थी और मानस कथित तौर पर उसका पीछा भी करता था। प्रज्ञा ने सोशल मीडिया पर परिवार से जुड़े कई आरोप लगाए हैं। हालांकि इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है और पुलिस इन आरोपों की भी जांच कर रही है।

    यह घटना एक ऐसे रिश्ते का भयावह अंत है जिसकी शुरुआत प्रेम विवाह से हुई थी। पुलिस अब सीसीटीवी फुटेज हथियारों की बरामदगी वॉट्सऐप स्टेटस और परिवार के सदस्यों के बयानों के आधार पर पूरी घटना की कड़ियां जोड़ रही है। फिलहाल यह स्पष्ट है कि लंबे समय से चले आ रहे पारिवारिक विवाद ने बेहद गंभीर रूप ले लिया और कुछ ही समय में तीन जिंदगियां खत्म हो गईं। मामले की जांच पूरी होने के बाद ही हत्या की साजिश और उसके पीछे की वास्तविक वजहों की पूरी तस्वीर साफ हो सकेगी।

  • तेलंगाना सीएम रेवंत रेड्डी का अमेरिकी दौरा रद्द, केंद्र से मंजूरी नहीं मिलने का आरोप लगाकर सरकार पर साधा निशाना

    तेलंगाना सीएम रेवंत रेड्डी का अमेरिकी दौरा रद्द, केंद्र से मंजूरी नहीं मिलने का आरोप लगाकर सरकार पर साधा निशाना

    नई दिल्ली । तेलंगाना के मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी का प्रस्तावित अमेरिका दौरा रद्द हो गया है। मुख्यमंत्री कार्यालय की ओर से बताया गया है कि केंद्र सरकार से आवश्यक मंजूरी नहीं मिलने के कारण मुख्यमंत्री के नेतृत्व वाले प्रतिनिधिमंडल की अमेरिका यात्रा आगे नहीं बढ़ सकी। रेवंत रेड्डी फिलहाल लंदन के दौरे पर हैं और अमेरिका की यात्रा के बजाय लंदन से सीधे हैदराबाद लौट सकते हैं।

    मुख्यमंत्री का विदेश दौरा राज्य में निवेश, शिक्षा और विभिन्न संस्थानों के साथ संभावित सहयोग को लेकर महत्वपूर्ण माना जा रहा था। निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार लंदन के बाद रेवंत रेड्डी को 24 अगस्त को अमेरिका पहुंचना था। वहां कई प्रमुख शैक्षणिक संस्थानों और अन्य प्रतिनिधियों के साथ बैठकें प्रस्तावित थीं। दौरे में तेलंगाना राइजिंग टीम के अधिकारी भी शामिल थे।

    जानकारी के मुताबिक, रेवंत रेड्डी 20 अगस्त को लंदन पहुंचे थे। लंदन प्रवास के दौरान उनके ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी, कैम्ब्रिज यूनिवर्सिटी और लंदन बिजनेस स्कूल जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में जाने का कार्यक्रम था। इन मुलाकातों के जरिए शिक्षा, कौशल, निवेश और राज्य के विकास से जुड़े विभिन्न विषयों पर बातचीत की योजना बनाई गई थी।

    लंदन के बाद अमेरिका में भी मुख्यमंत्री के कई कार्यक्रम निर्धारित थे। प्रस्तावित कार्यक्रम के अनुसार हार्वर्ड यूनिवर्सिटी और मैसाचुसेट्स इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी यानी एमआईटी में जाने की योजना थी। इसके अलावा बोस्टन में 25 अगस्त को एक टीम के साथ बातचीत और 26 अगस्त को न्यूयॉर्क में एक कार्यक्रम में शामिल होने का कार्यक्रम प्रस्तावित था।

    मुख्यमंत्री कार्यालय के अनुसार, विदेश मंत्रालय से आवश्यक अनुमति नहीं मिलने के कारण अमेरिका की यात्रा रद्द करनी पड़ी। कार्यालय ने कहा कि रेवंत रेड्डी के नेतृत्व में तेलंगाना राइजिंग प्रतिनिधिमंडल को अमेरिका जाने की मंजूरी नहीं मिली। इसके बाद यात्रा कार्यक्रम में बदलाव किया गया है।

    अमेरिका दौरे के दौरान जिन संस्थानों और प्रतिनिधियों के साथ बैठकें प्रस्तावित थीं, उनमें से कुछ कार्यक्रमों को पूरी तरह समाप्त करने के बजाय आगे की तारीखों के लिए निर्धारित करने के निर्देश दिए गए हैं। राज्य सरकार की ओर से संबंधित अधिकारियों को इस संबंध में कार्यक्रमों को पुनर्निर्धारित करने के लिए कहा गया है।

    मुख्यमंत्री के इस दौरे की पृष्ठभूमि में तेलंगाना में निवेश आकर्षित करने और राज्य के विकास से जुड़े अंतरराष्ट्रीय संपर्कों को मजबूत करने की कोशिश भी देखी जा रही थी। प्रस्तावित अमेरिकी यात्रा के दौरान उद्योग, शिक्षा और तकनीकी क्षेत्र से जुड़े लोगों के साथ संवाद की संभावना थी।

    रेवंत रेड्डी 19 अगस्त को कांग्रेस कार्य समिति की बैठक में शामिल होने के लिए दिल्ली में थे। इसके बाद वह 20 अगस्त को लंदन के लिए रवाना हुए। पहले तय कार्यक्रम के अनुसार उनकी विदेश यात्रा के बाद 30 अगस्त को हैदराबाद लौटने की योजना थी। हालांकि अमेरिका दौरा रद्द होने के बाद अब उनकी वापसी की समय-सारणी में बदलाव हो सकता है।

    अमेरिकी यात्रा को लेकर अनुमति नहीं मिलने का मुद्दा केंद्र और तेलंगाना सरकार के बीच राजनीतिक मतभेदों को लेकर भी चर्चा में आ गया है। मुख्यमंत्री कार्यालय ने अनुमति नहीं मिलने की बात कही है, जबकि इस घटनाक्रम के बाद राज्य सरकार के आगामी विदेश संपर्क कार्यक्रमों में भी बदलाव की संभावना बनी हुई है।

  • यूपी में मानसून बना मुसीबत कहीं सड़क पर नाव तो कहीं छत पर अंतिम संस्कार, 25 अगस्त तक बारिश का अनुमान

    यूपी में मानसून बना मुसीबत कहीं सड़क पर नाव तो कहीं छत पर अंतिम संस्कार, 25 अगस्त तक बारिश का अनुमान

    उत्तर प्रदेशउत्तर प्रदेश में लगातार हो रही मानसूनी बारिश ने कई जिलों में जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित कर दिया है। गंगा और घाघरा समेत कई प्रमुख नदियां खतरे के निशान के ऊपर बह रही हैं और प्रदेश के 13 जिलों में बाढ़ जैसे हालात बन गए हैं। बड़ी संख्या में लोग प्रभावित हुए हैं और कई गांवों का संपर्क आसपास के इलाकों से टूटने लगा है। चित्रकूट में मंदाकिनी नदी का पानी बाजार तक पहुंच गया है जिससे सड़कें जलमग्न हो गई हैं और लोगों को आवागमन के लिए नावों का सहारा लेना पड़ रहा है। बाढ़ की स्थिति को देखते हुए गुप्त गोदावरी की दोनों गुफाओं को पर्यटकों के लिए बंद कर दिया गया है।

    बहराइच में भी कई गांवों में पानी भर गया है। हालात का जायजा लेने पहुंचे मंत्री दिनेश प्रताप सिंह ने ट्रैक्टर के जरिए बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का दौरा किया और ग्रामीणों से मुलाकात कर उन्हें प्रशासन की ओर से हरसंभव सहायता उपलब्ध कराने का भरोसा दिलाया। दूसरी ओर प्रयागराज में गंगा और यमुना का जलस्तर लगातार चिंता बढ़ा रहा है। नदी का पानी रिवर फ्रंट रोड तक पहुंच गया है और कई निचले इलाकों में जलभराव की स्थिति बनी हुई है। गंगा का पानी लेटे हुए हनुमान मंदिर कॉरिडोर के आसपास भी पहुंच गया है।

    वाराणसी में भी गंगा का बढ़ता जलस्तर जनजीवन और धार्मिक गतिविधियों पर असर डाल रहा है। विश्वनाथ मंदिर का गंगा द्वार बंद करना पड़ा है। मणिकर्णिका और हरिश्चंद्र घाट के नियमित शवदाह स्थल पानी में डूब गए हैं। इसके चलते अंतिम संस्कार के लिए वैकल्पिक स्थानों का इस्तेमाल करना पड़ रहा है। हरिश्चंद्र घाट पर गलियों और सीढ़ियों के आसपास अंतिम संस्कार किया गया जबकि मणिकर्णिका घाट पर छत के हिस्से में यह प्रक्रिया करनी पड़ी। दशाश्वमेध घाट की प्रसिद्ध गंगा आरती भी छत से कराई गई। नमो घाट का बड़ा हिस्सा भी जलमग्न हो चुका है।

    प्रयागराज में पिछले कई दिनों से रुक-रुककर बारिश हो रही है। दारागंज करेली और सलोरी जैसे इलाकों में कई घरों में कई फीट तक पानी भरने की सूचना है। जलभराव और बिगड़ते हालात के कारण बड़ी संख्या में छात्रों को हॉस्टल खाली करना पड़ा है। कौशांबी और आसपास के जिलों में भी बारिश का असर देखने को मिला है। फर्रुखाबाद में करीब 30 गांव बाढ़ की चपेट में बताए जा रहे हैं और कई संपर्क मार्गों पर पानी बह रहा है। कुछ गांवों के टापू में बदल जाने के कारण प्रशासन ने राहत और बचाव के लिए नावों तथा मोटर बोट की व्यवस्था की है।

    राज्य के अलग-अलग हिस्सों में नदियों का जलस्तर लगातार निगरानी में है। घाघरा सरयू गंगा शारदा टोंस सोन और मंदाकिनी जैसी नदियां कई स्थानों पर खतरे के निशान के ऊपर बह रही हैं। पिछले 72 घंटों में बारिश से जुड़े हादसों में मकान गिरने के कारण छह लोगों की मौत की भी सूचना है। इनमें मिर्जापुर जौनपुर और अमेठी के मामले शामिल हैं।

    मौसम विभाग ने प्रदेश के बड़े हिस्से में बारिश को लेकर अलर्ट जारी किया है। हालांकि लखनऊ कानपुर और वाराणसी जैसे कई शहरों में फिलहाल मौसम अपेक्षाकृत साफ है लेकिन बादलों की आवाजाही बनी हुई है। मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक बंगाल की खाड़ी से आने वाली नम हवाओं के प्रभाव से उत्तर प्रदेश में बारिश का दौर जारी है और 25 अगस्त तक कई इलाकों में रुक-रुककर बारिश होने की संभावना बनी हुई है। ऐसे में नदी किनारे और निचले इलाकों में रहने वाले लोगों के लिए आने वाले दिन भी चुनौतीपूर्ण रह सकते हैं और प्रशासन को राहत एवं बचाव कार्यों को लेकर सतर्क रहने की जरूरत है।