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  • चित्तौड़गढ़ में योगी का अभिभूत संबोधन, मातृभूमि और नारी शक्ति का संदेश..

    चित्तौड़गढ़ में योगी का अभिभूत संबोधन, मातृभूमि और नारी शक्ति का संदेश..


    नई दिल्ली /चित्तौड़गढ़ के ऐतिहासिक किले पर आयोजित जौहर श्रद्धांजलि समारोह में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मातृभूमि की वीरता और नारी शक्ति को नमन किया। अपने संबोधन की शुरुआत में उन्होंने मेवाड़ की पावन मिट्टी को शीश नवाते हुए कहा कि वे केवल इतिहास का स्मरण करने नहीं आए हैं, बल्कि उस महान भूमि से साक्षात्कार करने आए हैं जिसने अपने खून से देश के लिए बलिदान किया। सीएम ने कहा कि चित्तौड़गढ़ की जौहर भूमि देश की आत्मा है और यह युगों-युगों तक राष्ट्रभक्ति और समर्पण की प्रेरणा देती रहेगी।

    योगी आदित्यनाथ ने विशेष रूप से नारी शक्ति और मातृ शक्ति के अदम्य साहस पर बल दिया। उन्होंने जौहर की ज्वाला को याद करते हुए झांसी की रानी लक्ष्मीबाई के बलिदान का उल्लेख किया और वर्तमान परिप्रेक्ष्य में महिलाओं की सुरक्षा का मुद्दा उठाया। सीएम ने कहा कि आज उत्तर प्रदेश महिलाओं के दृष्टिकोण से पूरी तरह सुरक्षित राज्य बन चुका है और यह आयोजन यह दर्शाता है कि देश की हर नारी और बेटी को सुरक्षा और सम्मान की गारंटी मिलनी चाहिए। उनका कहना था कि मातृ शक्ति का साहस अतीत में अजय था और भविष्य में भी अजय बना रहेगा। चुनौतियों का डटकर सामना करना ही सनातन की मर्यादा है।

    देश की वर्तमान राजनीतिक और सामाजिक स्थिति पर चिंता व्यक्त करते हुए योगी आदित्यनाथ ने जातिवाद की राजनीति पर कड़ा प्रहार किया। उन्होंने कहा कि जातिवाद की राजनीति देश की नींव को कमजोर कर रही है और राष्ट्र की प्रगति के लिए काम न करने वाले लोग समाज को बांटने का प्रयास कर रहे हैं। सीएम ने देशवासियों से आह्वान किया कि वे इस प्रकार के मतभेदों से ऊपर उठें और देश की एकता और सुरक्षा के लिए एकजुट हों।

    संबोधन के दौरान योगी आदित्यनाथ ने सनातन संस्कृति और उसकी मर्यादा को भी रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि सनातन की परंपराएं अमर हैं और दुनिया की कोई भी शक्ति इन्हें मिटा नहीं सकती। मेवाड़ के वीर और वीरांगनाओं के बलिदान को याद करते हुए उन्होंने बताया कि यह इतिहास हमें सिखाता है कि आत्मसम्मान के लिए कैसी भी कुर्बानी दी जा सकती है। सीएम ने कालिका माता मंदिर में पूजा-अर्चना के बाद कहा कि यह उनके लिए सौभाग्य की बात है और इस पावन भूमि से उन्हें नई ऊर्जा मिली।

    अपने उद्बोधन के अंत में योगी आदित्यनाथ ने चित्तौड़गढ़ के हर वीर और वीरांगना को नमन किया जिन्होंने मातृभूमि की रक्षा के लिए अपने प्राणों की आहुति दी। उन्होंने कहा कि जौहर मेला केवल एक आयोजन नहीं, बल्कि हमारी गौरवशाली विरासत को आने वाली पीढ़ियों तक पहुँचाने का माध्यम है। कार्यक्रम के दौरान हजारों लोग ‘जय जौहर’ और ‘जय श्री राम’ के नारों के साथ सीएम का स्वागत करते दिखे। यह समारोह एक बार फिर मेवाड़ की धरती पर राष्ट्रीय गौरव और वीरता की भावना को प्रज्वलित करने वाला रहा।

  • गया: CM के बेटे निशांत और मैथिली ठाकुर की 'आपत्तिजनक AI फोटो' वायरल करने वाला गिरफ्तार

    गया: CM के बेटे निशांत और मैथिली ठाकुर की 'आपत्तिजनक AI फोटो' वायरल करने वाला गिरफ्तार



    नई दिल्ली। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) तकनीक का सहारा लेकर मशहूर हस्तियों को बदनाम करने का एक बड़ा मामला बिहार के गया जिले में उजागर हुआ है। पुलिस ने विकास कुमार यादव (35) नामक युवक को गिरफ्तार किया है, जिसने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के बेटे निशांत कुमार और प्रसिद्ध लोक गायिका व विधायक मैथिली ठाकुर की मर्यादा को ठेस पहुँचाने वाली एआई-जनित (AI Generated) तस्वीरें सोशल मीडिया पर साझा की थीं। आरोपी ने सोशल मीडिया पर रातों-रात लोकप्रियता और फॉलोअर्स पाने की सनक में इस गंभीर अपराध को अंजाम दिया।

    साजिश: AI की मदद से तैयार की ‘फर्जी’ तस्वीरें
    पुलिस की साइबर सेल और स्थानीय थाने की जांच में कई चौंकाने वाली बातें सामने आई हैं:

    डीपफेक का इस्तेमाल: आरोपी विकास यादव (निवासी: शब्दों गांव, फतेहपुर) ने करीब एक सप्ताह पहले एआई टूल की मदद से निशांत और मैथिली ठाकुर की चेहरे वाली आपत्तिजनक और भ्रामक तस्वीरें तैयार कीं।

    सोशल मीडिया पर वायरल: इन फर्जी तस्वीरों को उसने अपने फेसबुक प्रोफाइल पर पोस्ट कर दिया, जिससे तेजी से अफवाहें फैलने लगीं और दोनों हस्तियों की छवि को नुकसान पहुँचा।

    बयान: आरोपी ने पूछताछ में कबूल किया कि उसने केवल लाइक और फॉलोअर्स बढ़ाने की लालच में यह काम किया था, उसे अंदाजा नहीं था कि वह कानून के लंबे हाथों से बच नहीं पाएगा।

    पुलिसिया कार्रवाई: आईटी एक्ट की धाराओं में केस दर्ज
    गया पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए तत्काल कार्रवाई की:

    साइबर सर्विलांस: सोशल मीडिया पर आपत्तिजनक पोस्ट की निगरानी कर रही टीम ने आईपी एड्रेस और लोकेशन के आधार पर आरोपी को ट्रेस किया।

    गिरफ्तारी: फतेहपुर पुलिस ने दबिश देकर विकास कुमार यादव को उसके घर से गिरफ्तार कर लिया। पुलिस अब उसके मोबाइल और कंप्यूटर की जांच कर रही है ताकि यह पता चल सके कि उसने और किन हस्तियों को निशाना बनाया है।

    निष्कर्ष
    “एआई तकनीक का यह दुरुपयोग समाज के लिए एक नया और खतरनाक खतरा बन गया है। महज कुछ लाइक पाने की चाह में किसी की प्रतिष्ठा को सरेराह नीलाम करने की कोशिश करने वाला यह अपराधी अब जेल की सलाखों के पीछे है। यह मामला उन सभी के लिए चेतावनी है जो सोशल मीडिया को अपनी मनमानी का जरिया समझते हैं।”

  • दरोगा भर्ती परीक्षा विवाद: ‘पंडित’ विकल्प पर राजनीति, सीएम योगी ने जताई नाराजगी

    दरोगा भर्ती परीक्षा विवाद: ‘पंडित’ विकल्प पर राजनीति, सीएम योगी ने जताई नाराजगी


    नई दिल्ली। उत्तर प्रदेश में दरोगा भर्ती परीक्षा के सामान्य हिंदी के प्रश्नपत्र में विकल्प में ‘पंडित’ दिए जाने को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। शनिवार को पूछे गए सवाल में पूछा गया था कि “अवसर के हिसाब से बदल जाने वाले को क्या कहेंगे?” इसके विकल्पों में ‘पंडित’, ‘अवसरवादी’, ‘निष्कपट’ और ‘सदाचारी’ थे। सवाल सामने आते ही विरोध शुरू हो गया, विशेषकर ब्राह्मण समुदाय में।

    मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने स्पष्ट किया कि जाति, धर्म या किसी समाज के खिलाफ अमर्यादित टिप्पणी कतई बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने सभी भर्ती बोर्डों को निर्देश दिए कि ऐसे मामलों में नियमों का पालन किया जाए और बार-बार गलती करने वालों पर प्रतिबंध लगाया जाए। वहीं, डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने कहा कि मामले की जांच की जाएगी और जिम्मेदारों के खिलाफ कार्रवाई होगी।

    विवाद के बाद पुलिस भर्ती बोर्ड ने रविवार सुबह निर्देश जारी किया। इसमें कहा गया कि एग्जाम सेंटर में प्रवेश से पहले अभ्यर्थियों से कलावा, मंगलसूत्र आदि न उतारवाए जाएं, ताकि किसी की धार्मिक भावनाएं आहत न हों। इसके बाद दूसरे दिन परीक्षा केंद्रों पर नरमी बरती गई; महिला अभ्यर्थियों से मंगलसूत्र नहीं उतरवाए गए और पुरुषों के कलावा नहीं काटे गए, जबकि सामान्य सुरक्षा उपाय जैसे जूते, बेल्ट और हाथ के कड़े उतारवाए गए।

    इस भर्ती परीक्षा में प्रदेश के सभी 75 जिलों में 1,090 सेंटर बनाए गए हैं। परीक्षा दो दिन में पूरी की जा रही है और इसमें कुल 4,543 पदों पर नियुक्ति की जाएगी। भर्ती के लिए 15,75,760 अभ्यर्थियों ने रजिस्ट्रेशन कराया है, जिनमें 11,66,386 पुरुष और 4,09,374 महिला अभ्यर्थी शामिल हैं।

    पूर्व डीजीपी सुलखान सिंह ने बताया कि पुलिस परीक्षाओं के प्रश्नपत्र गोपनीय तरीके से तैयार किए जाते हैं। हजारों प्रश्नों में से कुछ ही चुनकर प्रश्नपत्र में शामिल किए जाते हैं। उन्होंने सवाल के विवाद को गैरजिम्मेदाराना बताया और कहा कि ‘पंडित’ का अर्थ विद्वान होता है, जाति विशेष के लिए नहीं। उनका मानना है कि यह मुद्दा केवल ध्यान भटकाने के लिए उठाया गया।

    भाजपा के तीन ब्राह्मण विधायक शलभ मणि त्रिपाठी, प्रकाश द्विवेदी और रमेश मिश्र ने भी इस पर सीएम को पत्र लिखकर कार्रवाई की मांग की। साथ ही, सहारनपुर के पूर्व सांसद राघव लखनपाल शर्मा ने भी लिखा कि परीक्षा में विकल्प के इस प्रयोग से ब्राह्मण समाज की भावनाएं आहत हुई हैं।

    ब्राह्मण समाज उत्तर प्रदेश में 9–11 प्रतिशत आबादी का प्रतिनिधित्व करता है और कई जिलों में राजनीतिक रूप से प्रभावी भूमिका निभाता है। पूर्वांचल, बुंदेलखंड और मध्य प्रदेश के कुछ हिस्सों में ब्राह्मण मतदाता चुनाव परिणामों पर बड़ा असर डालते हैं। राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, ब्राह्मण मतदाता भाजपा के लिए महत्वपूर्ण स्विंग वोटबैंक रहे हैं।

    इस विवाद ने भर्ती परीक्षा में निष्पक्षता, प्रशासनिक सतर्कता और सामाजिक संवेदनशीलता की जरूरत को उजागर किया है। अधिकारियों ने सभी पक्षों से संयम बनाए रखने और किसी भी जाति विशेष के प्रति अनुचित टिप्पणी से बचने की अपील की है।

  • गैस सिलेंडर की कमी, कतारों में खड़े उपभोक्ता, रविवार को बंद रहेंगे बाटलिंग प्लांट

    गैस सिलेंडर की कमी, कतारों में खड़े उपभोक्ता, रविवार को बंद रहेंगे बाटलिंग प्लांट

    नई दिल्ली: रायपुर समेत छत्तीसगढ़ के कई हिस्सों में एलपीजी गैस सिलेंडरों की किल्लत बढ़ती जा रही है। तेल कंपनियों ने इस संकट के बीच गैस एजेंसियों को आपूर्ति पर 20 से 25 प्रतिशत तक का कोटा निर्धारित कर दिया है। इसका मतलब यह है कि अब सिलेंडर की आपूर्ति मांग के अनुसार नहीं होगी बल्कि तय कोटे के आधार पर ही होगी। इस स्थिति का असर आम आदमी की रसोई तक सीधे पहुंच रहा है और घरेलू बजट पर दबाव बढ़ गया है।

    सूत्रों के अनुसार, जिन एजेंसियों की मासिक बिक्री औसतन 10,000 सिलेंडर होती थी, उन्हें अब केवल 7,500 सिलेंडर ही उपलब्ध कराए जा रहे हैं। वहीं, कई वितरण केंद्रों पर जहां रोजाना लगभग 2,500 सिलेंडरों की मांग होती है, वहां अब आपूर्ति घटकर महज 500 सिलेंडर तक रह गई है। इस भारी अंतर के कारण उपभोक्ताओं को रिफिल के लिए पांच से सात दिन तक इंतजार करना पड़ रहा है।

    राजधानी रायपुर में एलपीजी एजेंसियों के बाहर लंबी कतारें बन गई हैं। लोग सिलेंडरों के लिए कई घंटों तक इंतजार कर रहे हैं, जिससे रोजमर्रा की घरेलू गतिविधियों पर असर पड़ा है। इस संकट का मुख्य कारण अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अमेरिका, इजराइल और ईरान के बीच बढ़ते तनाव और युद्ध की स्थिति है, जिसका सीधा असर तेल कीमतों और गैस आपूर्ति पर पड़ा है।

    इस बीच स्थिति और गंभीर हो सकती है क्योंकि रविवार को बाटलिंग प्लांट बंद रहेंगे। इससे सिलेंडरों की आपूर्ति और कम हो जाएगी और दबाव और बढ़ने की संभावना है। तेल कंपनियां उपभोक्ताओं को यह सलाह दे रही हैं कि आपात स्थिति के लिए बचत सिलेंडर का उपयोग करें और गैर-जरूरी सिलेंडर का उपयोग टालें।

    विशेषज्ञों का कहना है कि यह संकट अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल और गैस की कीमतों में उतार-चढ़ाव और वैश्विक राजनीतिक तनाव के कारण पैदा हुआ है। घरेलू स्तर पर तेल कंपनियां कोटा प्रणाली लागू कर रही हैं ताकि सीमित आपूर्ति को अधिकतम संख्या में उपभोक्ताओं तक पहुंचाया जा सके।

    गृहिणियों और आम नागरिकों के लिए यह स्थिति चुनौतीपूर्ण हो गई है। रसोई के रोजमर्रा के काम प्रभावित हो रहे हैं और सिलेंडर रिफिल के लिए लंबा इंतजार करना पड़ रहा है। उपभोक्ताओं को सलाह दी जा रही है कि सिलेंडर के लिए किसी एक वितरण केंद्र पर लगातार न रहें और अपने नजदीकी एजेंसी से समय-समय पर जानकारी लेते रहें।

    इस संकट से निपटने के लिए प्रशासन और तेल कंपनियां लगातार उपाय कर रही हैं। बैकअप आपूर्ति सुनिश्चित करने और आपूर्ति श्रृंखला को दुरुस्त करने की कोशिश की जा रही है, लेकिन रविवार को बाटलिंग प्लांट बंद रहने से स्थिति अस्थायी रूप से और गंभीर हो जाएगी।

     रायपुर में एलपीजी सिलेंडर संकट उपभोक्ताओं के लिए चिंता का विषय बन गया है। तेल कंपनियों द्वारा कोटा लागू करने के बाद भी सिलेंडरों की उपलब्धता सीमित है और घरेलू रसोई के बजट पर इसका सीधा असर पड़ रहा है। उपभोक्ताओं को सतर्क रहने और आपूर्ति की स्थिति के अनुसार योजना बनाने की आवश्यकता है।

  • गाजियाबाद से 6 संदिग्ध जासूस पकड़े, PAK भेजते थे लाइव वीडियो; दिल्ली में लगा रखा था IP सोलर कैमरा

    गाजियाबाद से 6 संदिग्ध जासूस पकड़े, PAK भेजते थे लाइव वीडियो; दिल्ली में लगा रखा था IP सोलर कैमरा

    नई दिल्‍ली। दिल्ली-एनसीआर के संवेदनशील स्थानों के वीडियो और फोटो बनाकर पाकिस्तान भेजने वाले छह संदिग्ध जासूसों को गाजियाबाद के कौशांबी थानाक्षेत्र से गिरफ्तार किया गया है। आरोपियों में एक महिला शामिल है। शनिवार को पकड़े गए ये छह आरोपी देश के खिलाफ बड़ी साजिश रच रहे थे। शुरुआती जांच में पता चला है कि आरोपी एक साल में 50 से अधिक वीडियो पाकिस्तान में बैठे अपने आकाओं को भेज चुके हैं।

    पुलिस ने शनिवार सुबह गुप्त सूचना पर भोवापुर तिराहा के पास से मेरठ के परतापुर निवासी सुहेल मलिक, भोवापुर निवासी प्रवीन, राज, शिवा और रितिक को गिरफ्तार कर लिया। इनसे पूछताछ के बाद आनंद विहार बॉर्डर से संभल निवासी साने इरम उर्फ महक को पकड़ लिया।
    दिल्ली में आईपी सोलर कैमरे लगा पाक भेजते थे लाइव वीडियो

    आरोपियों के पास से आठ मोबाइल फोन मिले हैं। इनमें दिल्ली के रेलवे स्टेशनों और सैन्य ठिकानों के फोटो, वीडियो हैं। सबसे ज्यादा हैरान करने वाली बात ये है कि इन लोगों ने दिल्ली में कुछ स्थान पर आईपी सोलर कैमरे भी लगा रखे थे और वहां की लाइव वीडियो पाकिस्तान भेजते थे। सूत्रों के अनुसार, अभी तक दिल्ली में सिर्फ एक स्थान पर ऐसे कैमरे के बारे में आरोपियों ने बताया है। इसकी सूचना दिल्ली पुलिस को दे दी गई है। आगे की जांच में पता चलेगा कि और कितनी जगहों पर आरोपियों ने ऐसे कैमरे लगाए थे।
    पाकिस्तान से आई डिमांड पर आरोपी संबंधित जगह जाकर फोटो-वीडियो बनाकर भेजते थे। लोकेशन के हिसाब से इन्हें पांच से आठ हजार रुपये तक एक जगह के मिलते थे। आरोपियों के मोबाइलों से पुलिस को अब तक एक ही पाकिस्तानी नंबर मिला है। जांच में सामने आया है कि आरोपी करीब एक साल से पाकिस्तान में बैठे सरगना के संपर्क में थे। बातचीत सिर्फ वॉट्सऐप चैट के जरिये होती थी। पाकिस्तान में बैठा मास्टरमाइंड गिरोह से जुड़ने वाले हर सदस्य से सीधे संपर्क में रहता था। वह सभी से अलग-अलग स्थानों के फोटो और वीडियो की मांग करता था और आरोपी उसका आदेश को पूरा करते थे। हालांकि, अब तक की जांच में सुहेल के खाते में ही पाकिस्तान से रकम भेजने की बात सामने आई है। बाकी आरोपियों के बैंक खातों की जानकारी भी जल्द पुलिस को मिलेगी। शनिवार शाम सभी आरोपियों को पुलिस ने कोर्ट में पेश किया। कोर्ट ने सभी को न्यायिक हिरासत में भेजने का आदेश दिया है।
    दिल्ली के कई स्थानों पर थी नजर

    मोबाइल से दिल्ली स्थित आनंद विहार रेलवे स्टेशन, दिल्ली कैंटोनमेंट, बीएसएफ व सीआरपीएफ के मुख्यालय समेत कई संवेदनशील स्थानों के फोटो-वीडियो मिले हैं। इन्हें पाकिस्तानी नंबर पर भेजा गया है। आरोपियों के मोबाइल से 20 से अधिक स्थानों के 50 वीडियो और इससे भी अधिक फोटो मिले हैं। सभी वीडियो और फोटो दिल्ली में ही अलग-अलग संवेदनशील स्थानों के हैं। पुलिस इन चैट और डिजिटल साक्ष्यों की जांच कर रही है। आशंका है कि दिल्ली में घटना को अंजाम देने साजिश की जा रही थी। दिल्ली में बीते साल लाल किला के पास हुए धमाके से भी इसे जोड़कर देखा जा रहा है।
    सुहेल-इरम मिलने आते थे

    मेरठ में रहने वाले गिरोह का सरगना सुहेल बिजनौर के नरगढ़ी का मूल निवासी है। राज वाल्मीकि औरैया कोतवाली क्षेत्र, शिवा बदायूं के उझियानी और रितिक शाहजहांपुर के कटरा का है। सुहेल और इरम के अलावा बाकी चारों भोवापुर में किराये के मकान में रहते थे। चारों साहिबाबाद औद्योगिक क्षेत्र की फैक्ट्रियों में कर्मचारी के पद पर काम करते थे। कानून-व्यवस्था एवं यातायात के एडिशनल सीपी राजकरन नैय्यर ने बताया कि सभी छह आरोपियों के मोबाइल से पाकिस्तानी नंबर पर बातचीत और संवेदनशील ठिकानों के फोटो और वीडियो मिले हैं। आरोपियों को गिरफ्तार कर जांच की जा रही है।
    नाहल में पकड़े गए आरोपियों से भी संबंध होने की आशंका

    गाजियाबाद के नाहल क्षेत्र से एटीएस ने भी छह संदिग्धों को गिरफ्तार किया था। आशंका है कि इनका एटीएस द्वारा पकड़े गए आरोपियों से भी संपर्क था। हालांकि, अभी तक पुलिस जांच में यह तथ्य नहीं आया है। नाहल के किसी भी आरोपी या उनसे जुड़े पाकिस्तानी नंबर पुलिस को आरोपियों के फोन से नहीं मिले। आरोपियों के सभी आठ मोबाइल फोन फॉरेंसिक जांच के लिए भेजे जाएंगे तभी पता चल पाएगा कि आरोपी कब से पाकिस्तान के संपर्क में थे।
    गिरोह में कुछ और युवतियां शामिल

    सुहेल के बाद इरम गिरोह में दूसरे नंबर पर थी। दोनों समय-समय पर मेरठ और संभल से आकर चारों से मिलते थे। इरम मुख्य रूप से गिरोह में शामिल करने के लिए युवाओं को चिह्नित कर उनसे संपर्क करती थी। शुरुआत में कंटेंट के लिए फोटो व वीडियो के लिए बात करते। पहली बार आरोपियों को रुपये मिल जाते, जिसके बाद वे सवाल पूछे बिना आरोपियों की कही बात मानते रहते थे। अंदेशा है कि गिरोह में कुछ और युवतियां भी शामिल हो सकती हैं।
    एजेंसियों ने पूछताछ की

    आरोपियों के पकड़े जाते ही इसकी सूचना खुफिया एजेंसियों को दी गई। तुरंत एटीएस और आईबी के साथ स्थानीय खुफिया इकाई पहुंची और आरोपियों से लंबी पूछताछ की। सभी के बयान दर्ज किए गए। पाकिस्तान में कितने लोगों से संपर्क हैं, कितने समय से काम कर रहे हैं, गिरोह में कितने लोग, कहां-कहां के शामिल हैं। फोटो-वीडियो क्यों मंगाए गए, क्या साजिश है, इन सभी बिंदुओं पर पूछताछ के बाद खुफिया टीम कौशांबी थाने से लौट गई।
    स्थानीय लोगों की सजगता से पकड़े गए

    आरोपी दिल्ली के अलावा आसपास के इलाकों के भी फोटो और वीडियो बनाते थे। आरोपियों ने पड़ोसियों को बताया था कि इसके लिए रुपये मिलते हैं और वे रुपयों का लालच देकर अन्य लोगों को भी इससे जोड़ने के प्रयास में थे। आसपास के लोगों को इनकी गतिविधि पर शक हुआ और इसकी सूचना पुलिस को दी। पुलिस के मुताबिक स्थानीय लोगों की सजगता से बड़ी साजिश का पर्दाफाश हुआ है।

  • मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू ने अल्लू सिरिश-नयनिका रेड्डी से की मुलाकात, नवविवाहित जोड़े को दी हार्दिक शुभकामनाएं

    मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू ने अल्लू सिरिश-नयनिका रेड्डी से की मुलाकात, नवविवाहित जोड़े को दी हार्दिक शुभकामनाएं


    नई दिल्ली:साउथ फिल्म इंडस्ट्री के अभिनेता अल्लू सिरिश और उनकी लॉन्गटाइम गर्लफ्रेंड नयनिका रेड्डी की शादी की खुशियों के बीच हाल ही में एक और खास मौका आया। आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू ने नवविवाहित जोड़े से मुलाकात की और उन्हें वैवाहिक जीवन के लिए अपनी हार्दिक शुभकामनाएं दीं। इस मुलाकात की तस्वीरें अल्लू सिरिश ने अपने सोशल मीडिया हैंडल पर साझा की और मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त किया।

    अल्लू सिरिश ने इंस्टाग्राम पर तस्वीरों के साथ लिखा कि यह उनके लिए बहुत बड़ा सम्मान और यादगार पल था। उन्होंने आगे कहा कि मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू एक ऐसे नेता हैं जिनकी वह बहुत इज्जत करते हैं। मुख्यमंत्री उनके घर आए और शादी के लिए उन्हें और नयनिका को शुभकामनाएं दीं। इसके अलावा उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री के साथ एक घंटे की बातचीत में उन्हें कई नई बातें सीखने का मौका मिला।

    अल्लू सिरिश और नयनिका रेड्डी ने 6 मार्च 2026 को हैदराबाद में अपने करीबी दोस्तों और परिवार के बीच एक निजी समारोह में शादी की थी। इस खास अवसर पर साउथ फिल्म इंडस्ट्री और राजनीति की कई हस्तियां भी शामिल हुईं। इनमें चिरंजीवी, राम चरण, सूर्या, पवन कल्याण, और राशी खन्ना प्रमुख थे। इसके अलावा तेलंगाना के मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी भी इस शादी में उपस्थित रहे।

    इस शादी को लेकर सोशल मीडिया पर भी काफी उत्साह देखा गया। अल्लू सिरिश और नयनिका रेड्डी के फैंस ने भी अपने-अपने तरीके से नवविवाहित जोड़े को बधाई दी। अल्लू सिरिश ने सोशल मीडिया पर तस्वीरें साझा करते हुए फैंस का धन्यवाद भी किया। उन्होंने लिखा कि इस खास दिन को और भी यादगार बनाने में उनके परिवार और दोस्तों ने बड़ी भूमिका निभाई।

    मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू के साथ मुलाकात का यह पल अल्लू सिरिश के लिए बेहद खास रहा। उन्होंने बताया कि इस मुलाकात ने उन्हें न केवल प्रेरित किया बल्कि कई नई बातें सीखने का अवसर भी दिया। उन्होंने कहा कि एक नेता के साथ सीधे बातचीत करना और उनके अनुभव सुनना उनके लिए एक सम्मान की बात थी।

    अल्लू सिरिश साउथ फिल्म इंडस्ट्री के मशहूर अभिनेता अल्लू अर्जुन के छोटे भाई हैं। उनके फिल्मी करियर और निजी जीवन दोनों ही फैंस के बीच काफी चर्चा में रहते हैं। वहीं नयनिका रेड्डी लंबे समय से अल्लू सिरिश के साथ हैं और उनकी शादी ने दोनों के फैंस के बीच काफी उत्साह पैदा किया।

    इस मुलाकात के साथ ही नवविवाहित जोड़े की खुशी और बढ़ गई है। फैंस अब उनके आने वाले पलों और अपडेट्स का इंतजार कर रहे हैं। सोशल मीडिया पर साझा की गई तस्वीरों में जोड़े की खुशी साफ दिखाई दे रही है और मुख्यमंत्री का आशीर्वाद इस खास दिन को और भी यादगार बना गया है।
  • उन्नाव में दर्दनाक घटना: पति की मौत का सदमा नहीं सह पाई महिला, वीडियो बनाकर लगाई फांसी

    उन्नाव में दर्दनाक घटना: पति की मौत का सदमा नहीं सह पाई महिला, वीडियो बनाकर लगाई फांसी


    उन्नाव। उत्तर प्रदेश के Unnao जिले से दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। यहां Priyadarshini Nagar मोहल्ले में 30 वर्षीय महिला ने पति की मौत के गहरे सदमे में आकर फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली।
    इस दर्दनाक कदम से पहले महिला ने एक भावुक वीडियो बनाकर अपने व्हाट्सऐप स्टेटस पर डाला, जिसमें उसने अपनी बेबसी और अकेलेपन का दर्द बयां किया।

    कुछ ही सालों में टूट गया पूरा परिवार

    जानकारी के मुताबिक मृतका एकता अपने माता-पिता की इकलौती संतान थी। बीते कुछ वर्षों में उसने एक-एक कर अपने माता-पिता को खो दिया था। इसके बाद उसका पति आलोक उर्फ बबलू ही उसका एकमात्र सहारा था। दोनों मायके में ही साथ रहते थे।

    लेकिन 2 मार्च को अचानक दिल का दौरा पड़ने से आलोक की भी मौत हो गई। इस घटना के बाद एकता पूरी तरह टूट गई थी।

    तेरहवीं के बाद बढ़ गया अकेलापन

    शुक्रवार को आलोक की तेरहवीं का कार्यक्रम हुआ था, जिसमें रिश्तेदार और परिचित बड़ी संख्या में मौजूद थे।

    इस दौरान घर में लोगों की मौजूदगी से एकता का ध्यान कुछ समय के लिए बंटा रहा।

    लेकिन शनिवार सुबह जब रिश्तेदार वापस लौट गए और घर में सन्नाटा छा गया, तो एकता का अकेलापन और अवसाद बढ़ गया। इसी दौरान उसने मोबाइल से एक वीडियो रिकॉर्ड किया और अपनी अंतिम बातें कही।

    वीडियो में छलका दर्द

    वीडियो में एकता रोते हुए कहती है, “एक लड़की के तीन सहारे होते हैं—मां, बाप और पति। मेरे पास अब कोई नहीं बचा है। सब कहते हैं कि आगे सब अच्छा होगा, लेकिन इससे बुरा क्या होगा? मैं अपने पति के बिना नहीं जी सकती।

    मेरा अंतिम संस्कार अच्छे से कर देना।”

    स्टेटस देखकर पहुंचा भाई, लेकिन…

    वीडियो को व्हाट्सऐप स्टेटस पर डालने के कुछ देर बाद ही एकता ने घर में पंखे से फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली। जब उसके चचेरे भाई निकेत ने स्टेटस देखा तो वह तुरंत घर पहुंचा, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी।

    सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। इस घटना ने पूरे इलाके में शोक और सन्नाटा फैला दिया है।

  • हरदा के IIT ग्रेजुएट श्रेयांश बड़ोदिया ने 2.3 करोड़ की नौकरी छोड़ यूपीएससी में पहले प्रयास में हासिल की सफलता

    हरदा के IIT ग्रेजुएट श्रेयांश बड़ोदिया ने 2.3 करोड़ की नौकरी छोड़ यूपीएससी में पहले प्रयास में हासिल की सफलता


    नई दिल्ली। मध्यप्रदेश के हरदा निवासी श्रेयांश बड़ोदिया ने यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा 2025 में 194वीं रैंक हासिल कर प्रदेश का नाम रोशन किया है। खास बात यह है कि उन्होंने 2.3 करोड़ रुपए सालाना पैकेज वाली नौकरी छोड़कर देश और समाज के लिए खुद को समर्पित किया। श्रेयांश ने बताया कि नौकरी से आर्थिक सुविधा तो मिल रही थी, लेकिन मन को संतुष्टि नहीं मिल रही थी। वे चाहते थे कि उनका काम समाज के लिए लाभकारी हो।

    श्रेयांश ने अपनी स्थिति को इंग्लिश की कहावत “I was in two minds” से जोड़ा, क्योंकि एक तरफ जीवन आरामदायक था, वहीं दूसरी तरफ मन संतुष्ट नहीं था। उन्होंने सोचा कि भविष्य में जब अपने जीवन को देखेंगे तो महसूस हो कि उन्होंने देश और समाज के लिए कुछ किया।

    श्रेयांश ने 2018 में IIT मुंबई से बीटेक की पढ़ाई पूरी की और उसके बाद गुरुग्राम की एक कंपनी में सॉफ्टवेयर इंजीनियर के रूप में काम शुरू किया। नौकरी के दौरान ही उन्होंने सिविल सेवा की ओर झुकाव महसूस किया। उनके कई मित्र पहले ही सिविल सेवा में थे, जिससे उन्हें प्रेरणा मिली।

    अगस्त 2024 में श्रेयांश ने नौकरी छोड़कर पूरी तरह यूपीएससी की तैयारी में लग गए। उन्होंने मई 2025 में प्रीलिम्स, अगस्त 2025 में मेंस और जनवरी 2026 में इंटरव्यू सफलतापूर्वक पास किया। करीब नौ माह की मेहनत और फोकस के साथ उन्होंने देश की सबसे कठिन परीक्षाओं में से एक को पहले प्रयास में पास कर लिया।

    श्रेयांश का कहना है कि आईटी सेक्टर में उन्हें कंफर्ट जोन जरूर मिला था, लेकिन संतुष्टि नहीं। प्रशासनिक सेवा में जाकर वे अपनी क्षमताओं का सही उपयोग करना चाहते थे। उनका उद्देश्य शिक्षा और स्वास्थ्य क्षेत्र में सुधार करना है। खासकर प्राथमिक शिक्षा को मजबूत बनाना और स्वास्थ्य सेवा में लोगों को “आउट ऑफ पॉकेट खर्च” कम करना उनका लक्ष्य है।

    श्रेयांश का परिवार फिलहाल मुंबई में रहता है। उनके पिता जीडी बड़ोदिया नर्मदापुरम में जिला कोषालय अधिकारी रह चुके हैं और समाज में सक्रिय भूमिका निभाते रहे हैं। परिवार ने श्रेयांश के इस फैसले का पूरा समर्थन किया और परिणाम घोषित होने के बाद उनका स्वागत किया।

    UPSC 2025 में कुल 958 उम्मीदवार विभिन्न सेवाओं के लिए क्वालिफाई हुए। राजस्थान के चित्तौड़गढ़ के अनुज अग्निहोत्री ने ऑल इंडिया टॉप किया, जबकि भोपाल और धार से भी कई युवा टॉप 10 में शामिल हुए।

    श्रेयांश की कहानी प्रेरणादायक है क्योंकि उन्होंने आराम और आर्थिक सुविधा को त्याग कर समाज और देश के लिए चुनौतियों से भरा रास्ता चुना। यह साबित करता है कि असली सफलता केवल पैकेज और पद से नहीं, बल्कि समाज के लिए योगदान और संतुष्टि से मापी जाती है।

  • ईद पर काले कपड़े और काली पट्टी! जेल से आजम खान का चौंकाने वाला संदेश, वजह सुनकर रूह कांप जाएगी

    ईद पर काले कपड़े और काली पट्टी! जेल से आजम खान का चौंकाने वाला संदेश, वजह सुनकर रूह कांप जाएगी


    नई दिल्ली। समाजवादी पार्टी के दिग्गज नेता और रामपुर जेल में बंद आजम खान ने इस साल ईद को लेकर एक बड़ा और भावुक संदेश जारी किया है। शनिवार को सपा नेता यूसुफ मलिक और अन्य नेताओं ने जेल में आजम खान और उनके बेटे अब्दुल्ला आजम से मुलाकात की। मुलाकात के बाद मीडिया को जानकारी देते हुए बताया गया कि आजम खान ने मुस्लिम समुदाय, विशेषकर सुन्नी मुसलमानों से अपील की है कि वे इस बार ईद की नमाज के दौरान काले कपड़े पहनें या बांह पर काली पट्टी बांधकर प्रतीकात्मक विरोध दर्ज कराएं।

    आजम खान ने अपनी अपील की वजह ईरान में हाल ही में हुई दुखद घटना बताई, जिसमें 160 बच्चियां शहीद हुईं। उन्होंने कहा कि यह इंसानी और नैतिक जिम्मेदारी है कि इस हादसे पर शोक व्यक्त किया जाए और दुनिया का ध्यान इस घातक घटना की ओर खींचा जाए। उनके अनुसार, ये बच्चियां भी हमारी अपनी बेटियों जैसी थीं और उनके लिए सम्मान जताना हम सभी का कर्तव्य है।

    सपा नेता ने बताया कि आजम खान ने ईद के दिन सादगी बनाए रखने पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि लोग केवल काले कपड़े पहनें और काली पट्टी बांधें, सामान्य हंसी-खुशी और पारंपरिक उत्सव से दूर रहें। उनका संदेश ‘खिराज-ए-तहसीन’ के रूप में मासूमों को श्रद्धांजलि देने और वैश्विक स्तर पर हो रहे जुल्म के खिलाफ प्रतीकात्मक विरोध का रूप है।

    मुलाकात में आजम खान की पत्नी तजीन फात्मा भी मौजूद थीं। करीब आधे घंटे तक चली बातचीत में राजनीतिक चर्चा के बजाय मानवीय और सामाजिक संवेदनाओं पर जोर दिया गया। जेल प्रशासन की कड़ी सुरक्षा के बीच यह बातचीत पूरी हुई। सपा नेता यूसुफ मलिक ने कहा कि आजम खान लगातार मानवता और इंसानी मूल्यों पर जोर देते रहे हैं, और उनके संदेश का असर रामपुर और आसपास के जिलों में भी दिखाई दे रहा है।

    ज्ञात हो कि आजम खान लंबे समय से जेल में बंद हैं, लेकिन उनके पैगाम और बयान समाज और राजनीति पर लगातार असर डाल रहे हैं। इस अपील के बाद यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि ईद के दिन मुस्लिम समुदाय इस प्रतीकात्मक विरोध में किस हद तक शामिल होता है और उनके संदेश का जमीन पर क्या असर दिखाई देता है।

  • इलाहाबाद हाईकोर्ट की संभल प्रशासन को कड़ी फटकार: हालात नहीं संभल रहे, तो इस्तीफा दें SP और DM

    इलाहाबाद हाईकोर्ट की संभल प्रशासन को कड़ी फटकार: हालात नहीं संभल रहे, तो इस्तीफा दें SP और DM


    नई दिल्ली: इलाहाबाद हाईकोर्ट ने संभल जिले में रमजान के पवित्र महीने के दौरान नमाजियों की संख्या सीमित करने के जिला प्रशासन के फैसले पर सख्त नाराजगी जाहिर की है। न्यायालय ने कड़े शब्दों में टिप्पणी करते हुए कहा कि यदि पुलिस अधीक्षक SP और जिलाधिकारी DM को लगता है कि वे कानून के शासन को प्रभावी ढंग से लागू करने में सक्षम नहीं हैं, तो उन्हें या तो अपने पदों से इस्तीफा दे देना चाहिए या फिर तुरंत तबादले की मांग करनी चाहिए। न्यायमूर्ति सिद्धार्थ नंदन और न्यायमूर्ति अतुल श्रीधरन की खंडपीठ ने मुनाजिर खान द्वारा दायर याचिका पर सुनवाई करते हुए यह तल्ख टिप्पणी की।

    मामले की जड़ गाटा संख्या-291 पर स्थित एक स्थल है, जिसे याचिकाकर्ता ने मस्जिद बताते हुए वहां नमाज अदा करने की अनुमति मांगी थी। याचिका में दलील दी गई थी कि स्थानीय प्रशासन ने कानून-व्यवस्था और सुरक्षा का हवाला देते हुए नमाजियों की संख्या को केवल 20 तक सीमित कर दिया है, जो धार्मिक स्वतंत्रता का उल्लंघन है। दूसरी ओर, राज्य सरकार ने अदालत में तर्क दिया कि रिकॉर्ड के अनुसार संबंधित भूमि निजी व्यक्तियों के नाम दर्ज है और शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए यह प्रतिबंधात्मक सीमा तय की गई थी।

    हालांकि, हाईकोर्ट ने सरकार की इन दलीलों को सिरे से खारिज कर दिया। अदालत ने स्पष्ट रूप से कहा कि प्रत्येक समुदाय को अपने निर्धारित पूजा स्थलों पर शांतिपूर्वक इबादत और पूजा-अर्चना करने का संवैधानिक अधिकार है। न्यायालय ने जोर देकर कहा कि राज्य का प्राथमिक कर्तव्य कानून का शासन स्थापित करना है, न कि अधिकारों को सीमित करना। मामले की गंभीरता को देखते हुए कोर्ट ने याचिकाकर्ता को संबंधित स्थल की तस्वीरें और राजस्व अभिलेख प्रस्तुत करने के लिए समय दिया है। इस मामले की अगली सुनवाई अब 16 मार्च को होगी और अदालत ने इसे ताजा मामलों की सूची में शीर्ष 10 में शामिल करने का निर्देश दिया है।