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  • OBC आरक्षण पर SC का बड़ा फैसला… कहा- सिर्फ आय के आधार पर तय नहीं कर सकते क्रीमी लेयर

    OBC आरक्षण पर SC का बड़ा फैसला… कहा- सिर्फ आय के आधार पर तय नहीं कर सकते क्रीमी लेयर

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    नई दिल्ली।
    सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) ने गुरुवार को अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) के आरक्षण (OBC Reservation) को लेकर एक बड़ा फैसला सुनाया है। शीर्ष अदालत ने स्पष्ट किया है कि किसी उम्मीदवार के क्रीमी लेयर (Creamy Layer) में होने या न होने का निर्धारण केवल उसकी पारिवारिक आय के आधार पर नहीं किया जा सकता है। पीठ ने मामले की सुनवाई करते हुए कहा, “पदों की श्रेणियों और स्टेटस मापदंडों का संदर्भ लिए बिना, केवल आय के आधार पर क्रीमी लेयर का दर्जा तय करना कानून की दृष्टि से टिकाऊ नहीं है।” अदालत का मानना है कि आय के साथ-साथ व्यक्ति के सामाजिक और व्यावसायिक पद को भी ध्यान में रखा जाना अनिवार्य है।


    क्या है क्रीमी लेयर की अवधारणा?

    क्रीमी लेयर शब्द का प्रयोग ओबीसी समुदाय के उन लोगों के लिए किया जाता है जो आर्थिक और सामाजिक रूप से काफी समृद्ध हो चुके हैं। आरक्षण का लाभ इस वर्ग को न मिलकर समुदाय के उन गरीब और पिछड़े लोगों तक पहुंचे, जिन्हें इसकी वास्तव में आवश्यकता है। इस अवधारणा की शुरुआत 1992 के प्रसिद्ध इंद्रा सहनी बनाम भारत सरकार मामले के बाद हुई थी। तब सुप्रीम कोर्ट ने ओबीसी आरक्षण को तो बरकरार रखा था, लेकिन संपन्न तबके को इससे बाहर रखने का आदेश दिया था। इसके बाद 1993 में सरकार ने इसे लागू करने के नियम बनाए थे।

    वर्तमान नियमों के अनुसार, यदि किसी ओबीसी परिवार की वार्षिक आय 8 लाख रुपये से अधिक है तो उसे क्रीमी लेयर में माना जाता है। ऐसे उम्मीदवार सरकारी नौकरियों और शैक्षणिक संस्थानों में आरक्षण के हकदार नहीं होते। आय की यह सीमा आखिरी बार 2017 में 6 लाख रुपये से बढ़ाकर 8 लाख रुपये की गई थी।

    आय के अलावा उच्च संवैधानिक पदों पर आसीन व्यक्तियों, वरिष्ठ सरकारी अधिकारियों, सशस्त्र बलों के उच्च अधिकारियों और बड़े व्यवसायियों के बच्चों को भी क्रीमी लेयर की श्रेणी में रखा जाता है।

    सुप्रीम कोर्ट के इस नए फैसले से सरकार पर क्रीमी लेयर की पहचान करने वाले 1993 के नियमों की समीक्षा करने का दबाव बढ़ सकता है। अदालत ने संकेत दिया है कि केवल पैसे को पैमाना मान लेना सामाजिक न्याय के व्यापक उद्देश्यों के खिलाफ हो सकता है। उदाहरण के लिए एक कम वेतन पाने वाला व्यक्ति भी अगर ऊंचे प्रशासनिक पद पर है तो उसकी सामाजिक स्थिति एक अमीर व्यापारी से भिन्न हो सकती है।

  • प्रधानमंत्री बोले- LPG को लेकर पैनिक फैलाकर देश का बड़ा नुकसान कर रहे हैं कुछ लोग

    प्रधानमंत्री बोले- LPG को लेकर पैनिक फैलाकर देश का बड़ा नुकसान कर रहे हैं कुछ लोग


    नई दिल्ली।
    प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी (Prime Minister Narendra Modi) ने भारत (India) में रसोई गैस (LPG) की स्थिति को लेकर दहशत फैलाने की कोशिश करने वालों पर निशाना साधते हुए गुरुवार को कहा कि वे न केवल जनता के सामने खुद को बेनकाब कर रहे हैं बल्कि देश को भी नुकसान पहुंचा रहे हैं। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी (Prime Minister Narendra Modi) ने भारत (India) में रसोई गैस (LPG) की स्थिति को लेकर दहशत फैलाने की कोशिश करने वालों पर निशाना साधते हुए गुरुवार को कहा कि वे न केवल जनता के सामने खुद को बेनकाब कर रहे हैं बल्कि देश को भी नुकसान पहुंचा रहे हैं। उन्होंने कहा कि कुछ लोग हैं, जो एलपीजी को लेकर पैनिक फैलाने की कोशिश कर रहे हैं। वे अपना एजेंडा चलाना चाहते हैं और देश का बड़ा नुकसान कर रहे हैं। एनएक्सटी समिट को संबोधित करते हुए मोदी ने यह भी कहा कि पश्चिम एशिया में मौजूदा संकट से कोई भी देश अछूता नहीं है और सरकार भारत की ऊर्जा सुरक्षा सुनिश्चत करने के लिए हर संभव प्रयास कर रही है।

    उन्होंने यह भी कहा कि कुछ लोग मौजूदा हालात का फायदा उठाकर कुछ उत्पादों की कालाबाजारी करने की कोशिश कर रहे हैं और चेतावनी दी कि ऐसे तत्वों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। मोदी ने कहा, ”कुछ लोग एलपीजी को लेकर दहशत फैलाने की कोशिश कर रहे हैं। बिना किसी राजनीतिक टिप्पणी के मैं सिर्फ इतना कहूंगा कि वे न सिर्फ लोगों के सामने खुद को उजागर कर रहे हैं, बल्कि देश को भी नुकसान पहुंचा रहे हैं।”

    प्रधानमंत्री ने यह भी कहा कि पश्चिम एशिया में संघर्ष से उत्पन्न मौजूदा संकट से निपटने में हर किसी की महत्वपूर्ण भूमिका है- चाहे वह राजनीतिक दल हों, मीडिया हो, युवा हों, शहर हों या गांव हों। पीएम मोदी ने कहा कि कई वैश्विक संकटों के बावजूद, विश्व नेता और विशेषज्ञ भारत की ओर बड़ी आशा से देखते हैं, जिससे भारत की जिम्मेदारियां भी बढ़ जाती हैं। उन्होंने कहा, ”आज पूरी दुनिया जानती है कि यदि आप भविष्य का हिस्सा बनना चाहते हैं, तो आपको भारत से जुड़ना होगा और भारत में रहना होगा।”

    उन्होंने कहा, ”हमारा एक ही लक्ष्य है, एक ही मंजिल है, और वो है विकसित भारत। भारत न केवल प्रगति कर रहा है, बल्कि अगले स्तर की ओर अग्रसर है।” प्रधानमंत्री ने यह भी कहा कि विश्व एक कठिन दौर से गुजर रहा है, लेकिन भारत तेज और स्थिर गति से आगे बढ़ रहा है। मोदी ने कहा, ”कई वैश्विक नेता कह रहे हैं कि भारत पूरी दुनिया के लिए आकर्षण का केंद्र बनता जा रहा है।”

  • हरदीप पुरी बोले- देश में पेट्रोल-डीजल की कोई कमी नहीं…. LPG प्रोडक्शन भी 28% बढ़ा

    हरदीप पुरी बोले- देश में पेट्रोल-डीजल की कोई कमी नहीं…. LPG प्रोडक्शन भी 28% बढ़ा

    Hardeep Puri

    नई दिल्ली। केंद्रीय पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी (Hardeep Singh Puri) ने गुरुवार को कहा कि देश में पेट्रोल-डीजल (Petrol-Diesel) और केरोसिन की कोई कमी नहीं है, एलपीजी प्रोडक्शन (LPG production) में 28 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है और सरकार की प्राथमिकता है कि देश में करोड़ों परिवारों की रसोई में खाना पकाने के लिए गैस की कमी न हो। उन्होंने यह भी कहा कि इस मुद्दे पर अफवाह नहीं फैलाई जानी चाहिए। अमेरिका-इजराइल और ईरान के बीच युद्ध के कारण होर्मुज जलडमरुमध्य में बनी प्रतिकूल स्थिति का जिक्र करते हुए पुरी ने लोकसभा में कहा कि पश्चिम एशिया के संघर्ष में कोई भूमिका नहीं होने के बावजूद भारत को इसके परिणामों से पार पाना होगा।

    लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी (Rahul Gandhi) द्वारा यह मुद्दा उठाए जाने के बाद पुरी ने कहा, ”दुनिया ने ऐसा संकट, ऊर्जा के इतिहास में कभी नहीं देखा। होर्मुज जलडमरूमध्य से 20 प्रतिशत कच्चा तेल की आपूर्ति होती है। इतिहास में पहली बार वाणिज्यिक पोत परिवहन के लिए होर्मुज को प्रभावी रूप से बंद कर दिया गया है।” उन्होंने देश में एलपीजी सिलेंडर की कमी से निपटने के लिए उठाए गए कदमों का जिक्र करते हुए कहा, ”पिछले पांच दिन में एलपीजी उत्पादन 28 प्रतिशत बढ़ा है। मोदी सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है कि भारत के 33 करोड़ परिवारों, खासकर गरीबों और वंचितों की रसोई को (एलपीजी की) किसी कमी का सामना नहीं करना पड़े।”

    पुरी ने कहा कि एलपीजी सिलेंडर के मांग प्रबंधन उपाय के तौर पर शहरों में 25 दिन के न्यूनतम अंतराल पर बुकिंग की जा सकती है, वहीं ग्रामीण तथा दुर्गम क्षेत्रों में 45 दिन के बाद सिलेंडर की बुकिंग की जा सकती है। उन्होंने कहा, ”भारत को कच्चा तेल की आपूर्ति सुरक्षित है। 45 प्रतिशत कच्चा तेल होर्मुज से आता है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की उत्कृष्ट कूटनीतिक पहुंच के कारण भारत ने इस अवधि में जो कच्चा तेल प्राप्त किया, वह संकटग्रस्त होर्मुज से ऐसे समय में आपूर्ति हो सकने वाली मात्रा से अधिक है।” पुरी ने कहा, ”देश में रिफाइनरी उच्च क्षमता के साथ काम कर रही हैं। कई मामलों में तो शत-प्रतिशत से अधिक काम कर रही हैं। देश में पेट्राल, डीजल, एटीएफ (विमान का ईंधन), केरोसिन की कमी नहीं है। खुदरा विक्रेता के पास भंडार है और इन उत्पादों के लिए आपूर्ति श्रृंखलाएं सामान्य तरीके से काम कर रही हैं।” पुरी ने कहा कि घरेलू एलपीजी सिलेंडर की बुकिंग से डिलीवरी का मानक समय ढाई दिन बना हुआ है जो बदला नहीं है।

    उन्होंने यह भी कहा कि अस्पतालों और शिक्षण संस्थानों में निर्बाध आपूर्ति प्राथमिकता के साथ की जा रही है। उन्होंने कहा कि व्यावसायिक एलपीजी को पूरी तरह विनियमित तरीके से बेचा जा रहा है जो बाजार मूल्य पर उपलब्ध है। पुरी ने यह भी कहा कि हाल ही में 60 रुपये के समायोजन के बाद बिना सब्सिडी वाले सिलेंडर का मूल्य 913 रुपये है, जबकि बाजार द्वारा तय मूल्य लगभग 987 रुपये है। पुरी ने पाकिस्तान का नाम लिए बिना कहा कि एक पड़ोसी देश ने सारे स्कूल बंद कर दिए हैं, घर से काम करने के नियम जारी किए हैं और सड़कों पर सरकारी वाहनों की संख्या आधी कर दी है। उन्होंने कहा कि एक और पड़ोसी देश में विश्वविद्यालय तय समय से पहले बंद कर दिए गए और ईंधन बचाने के लिए ईद की छुट्टियां बढ़ा दी गईं। मंत्री ने कहा कि यह अफवाह फैलाने और झूठे विमर्श पैदा करने का समय नहीं है। उन्होंने कहा कि देश में स्कूल खुले हुए हैं और पेट्रोल-डीजल सामान्य तरीके से मिल रहा है।

    विपक्ष की नारेबाजी के बीच पेट्रोलियम मंत्री ने कहा कि इस संकट से पहले भारत के कच्चे तेल का करीब 45 प्रतिशत आयात होर्मुज मार्ग से हो रहा था। उन्होंने कहा, ”कच्चे तेल का गैर-होर्मुज स्रोत से आयात बढ़कर करीब 70 प्रतिशत हो गया है जो संघर्ष शुरू होने से पहले 55 प्रतितश था।” पुरी ने सदन में कहा कि भारत आज 40 देशों से कच्चे तेल का आयात करता है जो 2006-07 में 27 देशों से होता था। अमेरिका और इजराइल द्वारा गत 28 फरवरी को संयुक्त रूप से हमला किए जाने के बाद ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य मार्ग से तेल और गैस लेकर आने वाले जहाजों की आवाजाही रोक दी है। इस समुद्री मार्ग से दुनिया को 20 प्रतिशत कच्चा तेल, प्राकृतिक गैस और एलपीजी की आपूर्ति होती है। पुरी ने कहा कि पश्चिम एशिया में संघर्ष के कारण आपूर्ति अवरुद्ध हो गई। उन्होंने कहा कि कच्चा तेल की खरीद में विविधता लाई गई है और खाड़ी क्षेत्र के उपलब्ध स्रोतों के अलावा अमेरिका, नॉर्वे, कनाडा, अल्जीरिया और रूस से मालवाहक जहाज आ रहे हैं।

  • मां ने चार महीने के बेटे को मार डाला, नुकीली ईंट से हत्या कर लकड़ियों में छिपाया शव

    मां ने चार महीने के बेटे को मार डाला, नुकीली ईंट से हत्या कर लकड़ियों में छिपाया शव


    नई दिल्ली। जिस मां की गोद को बच्चे के लिए सबसे सुरक्षित माना जाता है, वहीं मां जब मासूम बेटे की कातिल बन जाए तो समाज सन्न रह जाता है। यूपी के प्रयागराज में सरायममरेज के पिलखिनी गांव में बुधवार शाम ऐसी ही सनसनीखेज वारदात हुई, जिसमें पति से विवाद के बाद एक महिला ने अपने चार माह के बेटे को नुकीली ईंट से प्रहार कर मौत के घाट उतार दिया। वारदात के बाद उसने बच्चे के शव को लकड़ियों के ढेर में छिपा दिया। पुलिस ने आरोपी महिला को गिरफ्तार कर लिया है।

    सरायममरेज थानाक्षेत्र के पिलखिनी गांव का पूरे जयसिंह निवासी संतोष यादव मजदूरी करता है। पुलिस के मुताबिक, उसका पत्नी मनोरमा यादव से घरेलू बातों को लेकर अक्सर झगड़ा होता था। पिछले तीन-चार दिनों से पति-पत्नी के बीच झगड़ा बढ़ गया था। ऐसे ही झगड़े के बाद बुधवार शाम गुस्से में आकर मनोरमा ने अपने चार माह के बेटे ईश्वर पर सीमेंट की नुकीली ईंट से कई प्रहार कर दिए, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। हत्या को छिपाने के लिए मनोरमा ने बच्चे के शव को घर के पास टीनशेडनुमा कमरे में लकड़ियों के ढेर में महुआ के पत्तों व घासफूस से छिपा दिया और सामान्य रूप से घर के कामकाज में लग गई।

    काफी देर तक बच्चा नजर नहीं आने पर पति संतोष और परिजन परेशान हो गए। उन्होंने मनोरमा से सख्ती से पूछताछ की, तो उसने बेटे की हत्या करने की बात कबूल कर ली। सूचना पर पहुंची पुलिस ने बच्चे के शव को पोस्टमॉर्टम को भेजकर मनोरमा को गिरफ्तार किया। पुलिस ने मृतक बच्चे के दादा हरिलाल यादव उर्फ मुन्नीलाल की तहरीर पर नामजद मुकदमा दर्ज किया है।

    घरेलू कलह की बलि चढ़ गया चार माह का ईश्वर
    गंगापार के सरायममरेज थानाक्षेत्र के पिलखिनी गांव में बुधवार शाम हुई सनसनीखेज घटना ने पूरे इलाके को झकझोर दिया। दो साल के लंबे इंतजार के बाद जिस बेटे ने परिवार में खुशियां लाई थीं, उसी मासूम की जिंदगी घरेलू कलह की बलि चढ़ गई। पति से विवाद के बाद गुस्से में अंधी हुई मां ने ही अपने चार माह के इकलौते बेटे ईश्वर की कंक्रीट के नुकीले टुकड़े से वार कर हत्या कर दी।

    ये भी पढ़ें:बदायूं डबल मर्डर में पुलिस की लापरवाही! एक महीने पहले दी गई थी धमकी की शिकायत
    ग्रामीणों के मुताबिक संतोष यादव की यह दूसरी शादी थी। पहली पत्नी से शादी के करीब पंद्रह दिन बाद ही दोनों के बीच अलगाव हो गया था। इसके बाद करीब दो साल पहले संतोष ने मनोरमा से विवाह किया। लंबे इंतजार के बाद चार माह पहले बेटे ईश्वर का जन्म हुआ था। ग्रामीणों का कहना है कि पति-पत्नी के बीच लंबे समय से घरेलू बातों को लेकर नोकझोंक होती रहती थी। पिछले तीन-चार दिनों से यह विवाद और बढ़ गया था। बुधवार को जब संतोष मजदूरी के लिए घर से बाहर गया था, उसी दौरान मनोरमा ने गुस्से में आकर मासूम ईश्वर के पेट और शरीर पर कंक्रीट के नुकीले टुकड़े से वार कर दिया, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। घटना की जानकारी मिलते ही गांव में शोक और सन्नाटा पसर गया।

    इधर, घटनास्थल की जानकारी होने पर देर शाम सरायममरेज थाना प्रभारी अतुल मिश्रा व जंघई चौकी प्रभारी शरद सिंह ने मयफोर्स पहुंचकर जांच पड़ताल की। पुलिस ने हत्या में प्रयुक्त ईंट का टुकड़ा भी बरामद कर लिया है। सरायममरेज पुलिस के अनुसार आरोपी महिला के खिलाफ हत्या और साक्ष्य छिपाने का मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। उसकी मानसिक स्थिति भी सामान्य नहीं लग रही है।

  • यूपी भाजपा में बन रही बड़े संगठनात्मक फेरबदल की योजना, 2027 चुनाव से पहले नई टीम बनाने की तैयारी

    यूपी भाजपा में बन रही बड़े संगठनात्मक फेरबदल की योजना, 2027 चुनाव से पहले नई टीम बनाने की तैयारी

    लखनऊ। उत्तर प्रदेश में आगामी 2027 विधानसभा चुनाव को ध्यान में रखते हुए भाजपा संगठन में बड़े बदलाव की तैयारी शुरू हो गई है। करीब डेढ़ दशक बाद प्रदेश संगठन में व्यापक फेरबदल की योजना बनाई जा रही है। वर्ष 2010 से अब तक संगठन में कई नेता महामंत्री, उपाध्यक्ष, मंत्री और प्रवक्ता जैसे पदों पर लगातार बने हुए हैं। इस दौरान सात प्रदेश अध्यक्ष बदले, लेकिन अधिकतर पदों पर वही चेहरे बने रहे। इनमें से कई नेता विधायक या विधान परिषद सदस्य भी बन चुके हैं, फिर भी संगठन में उनकी जिम्मेदारियां बरकरार हैं।

    सूत्रों के मुताबिक नए प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी संगठन में बड़े स्तर पर बदलाव की रणनीति तैयार कर रहे हैं। इस बार केवल औपचारिक फेरबदल नहीं, बल्कि जमीनी स्तर पर असर दिखाने वाले बदलाव किए जाने की योजना है। नई टीम बनाते समय जातीय, क्षेत्रीय और सामाजिक संतुलन को प्राथमिकता देने की बात कही जा रही है।

    पिछले वर्षों में प्रदेश अध्यक्षों का चेहरा भले बदला हो, लेकिन संगठन के कई प्रमुख पदों पर वही नेता बने रहे। इससे क्षेत्रीय और सामाजिक संतुलन प्रभावित हुआ। संगठन में कानपुर, वाराणसी, गोरखपुर और संत कबीर नगर जैसे कुछ जिलों को अपेक्षाकृत अधिक प्रतिनिधित्व मिला, जबकि कई अन्य क्षेत्रों को पर्याप्त भागीदारी नहीं मिल पाई। प्रदेश और राष्ट्रीय स्तर पर भी इन जिलों को अधिक प्राथमिकता मिलने की चर्चा होती रही है।

    कई क्षेत्रों को नहीं मिला पर्याप्त प्रतिनिधित्व
    सूर्य प्रताप शाही के अध्यक्ष बनने के बाद कुछ जिलों से संगठन में दो से चार पदाधिकारी शामिल किए गए, जबकि कानपुर-बुंदेलखंड, ब्रज और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के अलावा काशी और अवध क्षेत्र के कई जिलों को अपेक्षित प्रतिनिधित्व नहीं मिला। इससे कार्यकर्ताओं में असंतोष बढ़ा है और इसका असर पार्टी के कार्यक्रमों व चुनावी तैयारियों पर पड़ने की आशंका जताई जा रही है।

    नए प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी इस असंतुलन को दूर करने के लिए नई टीम के गठन पर गंभीरता से काम कर रहे हैं। प्रदेश नेतृत्व सभी समीकरणों को ध्यान में रखते हुए संगठन का नया ढांचा तैयार कर रहा है। माना जा रहा है कि कई जिलों से तीन-चार पदाधिकारियों तक को बदला जा सकता है, ताकि संतुलन स्थापित हो सके।

    क्षेत्रीय अध्यक्षों में भी बदलाव संभव
    सूत्रों के अनुसार संगठन के छह क्षेत्रीय अध्यक्ष-काशी, गोरक्ष, अवध, पश्चिम, ब्रज और कानपुर-बुंदेलखंड-को भी बदले जाने की संभावना है। इसके पीछे दो मुख्य कारण बताए जा रहे हैं। पहला, चयन में जातीय संतुलन का पर्याप्त ध्यान नहीं रखा गया और दूसरा, कुछ अध्यक्षों के खिलाफ प्रदेश नेतृत्व को शिकायतें भी मिली हैं। इन शिकायतों में पार्टी गतिविधियों की तुलना में व्यक्तिगत हितों को प्राथमिकता देने और कार्यकर्ताओं के बीच विवाद सुलझाने में सक्रियता की कमी जैसी बातें शामिल हैं।

    विधायक बने पदाधिकारियों पर भी असर
    संगठन में ऐसे कई पदाधिकारी हैं जो राज्यसभा, विधानसभा या विधान परिषद के सदस्य बन चुके हैं, लेकिन अब भी महामंत्री या उपाध्यक्ष जैसे पदों पर बने हुए हैं। इस बार ऐसे नेताओं को भी बदले जाने की संभावना जताई जा रही है। इनमें कई नेता सूर्य प्रताप शाही, लक्ष्मीकांत वाजपेई, केशव प्रसाद मौर्य, महेंद्र नाथ पांडेय और स्वतंत्रदेव सिंह के कार्यकाल से संगठन में जिम्मेदारी निभा रहे हैं।

    कुर्सी बचाने की कोशिशें तेज
    संभावित फेरबदल की खबर से संगठन के कई पदाधिकारी सक्रिय हो गए हैं। कुछ नेता नए प्रदेश नेतृत्व से संपर्क बढ़ाने की कोशिश कर रहे हैं, तो कुछ उनके करीब रहने की रणनीति अपना रहे हैं। वहीं कुछ लोग संघ के साथ अपने संबंधों को भी मजबूत करने में जुटे हैं। ऐसे में माना जा रहा है कि जल्द घोषित होने वाली नई टीम में कई नए चेहरों को मौका मिल सकता है।

  • पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव पर PM मोदी ने ईरानी राष्ट्रपति से की बात, भारतीयों की सुरक्षा और ऊर्जा आपूर्ति पर जोर

    पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव पर PM मोदी ने ईरानी राष्ट्रपति से की बात, भारतीयों की सुरक्षा और ऊर्जा आपूर्ति पर जोर

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    नई दिल्ली।
    पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और बिगड़ते हालात के बीच प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने गुरुवार को ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन से फोन पर बातचीत कर क्षेत्र की मौजूदा स्थिति की समीक्षा की। इस दौरान दोनों नेताओं के बीच क्षेत्रीय सुरक्षा, बढ़ते संघर्ष और उसके संभावित वैश्विक प्रभावों पर चर्चा हुई।

    प्रधानमंत्री मोदी ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर जानकारी साझा करते हुए कहा कि पश्चिम एशिया में बढ़ती हिंसा, नागरिकों की मौत और बुनियादी ढांचे को हुए नुकसान को लेकर भारत गहरी चिंता व्यक्त करता है। उन्होंने कहा कि मौजूदा परिस्थितियों में विदेशों में रह रहे भारतीय नागरिकों की सुरक्षा सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है।

    पीएम मोदी ने बातचीत के दौरान यह भी रेखांकित किया कि सामान और ऊर्जा की निर्बाध आवाजाही भारत के लिए बेहद अहम है। उन्होंने कहा कि यदि ऊर्जा आपूर्ति या व्यापारिक मार्गों में किसी तरह की रुकावट आती है तो इसका असर न केवल भारत की अर्थव्यवस्था पर पड़ेगा, बल्कि पूरे क्षेत्र की स्थिरता भी प्रभावित हो सकती है।

    प्रधानमंत्री ने सभी पक्षों से संयम बरतने की अपील करते हुए कहा कि मौजूदा संकट का समाधान केवल संवाद और कूटनीति के माध्यम से ही संभव है। उन्होंने तनाव कम करने और रचनात्मक बातचीत को आगे बढ़ाने की आवश्यकता पर जोर दिया, ताकि हालात और ज्यादा खराब न हों।

    भारत और ईरान के बीच लंबे समय से गहरे सांस्कृतिक, ऐतिहासिक और आर्थिक संबंध रहे हैं। ऊर्जा सहयोग दोनों देशों के रिश्तों का महत्वपूर्ण आधार रहा है। इसके अलावा चाबहार पोर्ट परियोजना भारत के लिए मध्य एशिया और अफगानिस्तान तक व्यापार और संपर्क का एक अहम रणनीतिक मार्ग मानी जाती है।

    प्रधानमंत्री मोदी की यह बातचीत ऐसे समय में हुई है जब पश्चिम एशिया में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव ने वैश्विक ऊर्जा बाजार, व्यापार मार्गों और प्रवासी समुदायों की सुरक्षा को लेकर नई चिंताएं पैदा कर दी हैं। भारत इन परिस्थितियों में संतुलित कूटनीति के जरिए अपने राष्ट्रीय हितों और क्षेत्रीय शांति, दोनों को साधने की कोशिश कर रहा है।

    भारत लगातार क्षेत्र में शांति, स्थिरता और कूटनीतिक समाधान की वकालत करता रहा है। यह अहम भी है क्योंकि पश्चिम एशिया में अस्थिरता का असर भारत की ऊर्जा सुरक्षा और वहां रह रहे बड़े भारतीय समुदाय पर सीधे तौर पर पड़ सकता है।

  • संसद के बाहर नारेबाजी, ‘नरेंदर भी गायब, सिलेंडर भी गायब’; LPG संकट पर पेट्रोलियम मंत्री देंगे जवाब

    संसद के बाहर नारेबाजी, ‘नरेंदर भी गायब, सिलेंडर भी गायब’; LPG संकट पर पेट्रोलियम मंत्री देंगे जवाब

    नई दिल्ली। लोकसभा में गुरुवार को विपक्ष के सांसदों ने LPG संकट को लेकर हंगामा किया। संसद के बाहर ‘नरेंदर भी गायब, सिलेंडर भी गायब’ के नारे लगे। कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने कहा कि प्रधानमंत्री एनर्जी सिक्योरिटी से समझौता कर चुके हैं और देश को बड़ी समस्या का सामना करना पड़ सकता है।

    रिपोर्ट्स के अनुसार, राहुल गांधी के नोटिस के बाद संसद गैस संकट पर चर्चा के लिए तैयार हो गई है। पेट्रोलियम मंत्री हरदीप पुरी आज सदन में जवाब देंगे, जबकि बहस की शुरुआत राहुल गांधी करेंगे।

    लोकसभा में ग्रांट्स डिमांड्स पर दो घंटे से चर्चा जारी रही। तमिलनाडु से आईयूएमएल सांसद नवासकनी तमिल भाषा में बोलते नजर आए। सांसदों ने LPG की बढ़ती कीमतों, सप्लाई की कमी और योजनाओं के क्रियान्वयन पर सवाल उठाए।

    सागरिका घोष (ShTMc सांसद) ने कहा कि LPG महंगा हुआ और सरकार लंबे समय तक इनकार करती रही। उन्होंने पूछा कि सरकार ने LPG का स्टॉक पहले क्यों नहीं बढ़ाया या सप्लाई के दूसरे स्रोत क्यों नहीं तलाशे। उनका कहना था कि आम नागरिक इस संकट का सामना कर रहे हैं, जबकि प्रधानमंत्री चुनावी रैलियों में व्यस्त हैं।

    सुप्रिया सुले (एनसीपी-एसपी सांसद) ने कहा कि आयातित अमोनिया की जगह ग्रीन अमोनिया लाने का वादा किया गया था, लेकिन इसमें कोई प्रगति नहीं हुई। उन्होंने सरकार से आग्रह किया कि ऑल पार्टी मीटिंग बुलाकर इस संकट का समाधान निकाला जाए।

    राहुल गांधी ने सदन में प्रधानमंत्री की अनुपस्थिति पर निशाना साधा। उन्होंने कहा, “प्रधानमंत्री कहते हैं घबराने की जरूरत नहीं, लेकिन खुद परेशान लग रहे हैं। एप्स्टीन-अदाणी केस और अन्य मुद्दों को लेकर चिंता साफ दिख रही है।”

    इस बीच, राज्यसभा में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री फारूक अब्दुल्ला पर हालिया हमले का मुद्दा उठाया।

    स्पीकर ओम बिरला की अध्यक्षता में चर्चा चल रही है। विपक्ष लगातार सरकार को यह चेतावनी दे रहा है कि देश में LPG संकट गंभीर है, आम जनता को राहत मिलनी चाहिए और सप्लाई चैन मजबूत करना आवश्यक है।

    विशेषज्ञों का कहना है कि संसद में उठाए गए ये सवाल सरकार के लिए दबाव पैदा करेंगे। LPG और गैस संकट के मुद्दे पर आने वाले दिनों में संसद और मीडिया में बहस तेज होने की संभावना है।

  • सरकार ने एलपीजी सप्लाई पर दी अपडेट: 60% आयात, 90% होर्मुज स्ट्रेट से रोजाना 50 लाख सिलेंडर डिलीवर, पैनिक बुकिंग से बचें

    सरकार ने एलपीजी सप्लाई पर दी अपडेट: 60% आयात, 90% होर्मुज स्ट्रेट से रोजाना 50 लाख सिलेंडर डिलीवर, पैनिक बुकिंग से बचें



    नई दिल्ली। भारत सरकार ने गुरुवार को देश में गैस और कच्चे तेल की स्थिति को लेकर जॉइंट प्रेस कॉन्फ्रेंस कर पूरी जानकारी दी। सरकार ने कहा कि देश अपनी जरूरत का लगभग 60% एलपीजी आयात करता है, जिसमें से लगभग 90% सप्लाई स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के रास्ते आती है। मंत्रालयों ने जोर देकर कहा कि हालात चुनौतीपूर्ण हैं, लेकिन रोजाना करीब 50 लाख एलपीजी सिलेंडर की डिलीवरी हो रही है और पैनिक बुकिंग की वजह से सिलेंडर बुकिंग में असामान्य बढ़ोतरी देखी गई है।

    पेट्रोलियम मंत्रालय की जॉइंट सेक्रेटरी सुजाता शर्मा ने बताया कि देश में पेट्रोल-डीजल और एलपीजी की उपलब्धता संतोषजनक है। भारत रोजाना करीब 55 लाख बैरल कच्चे तेल का उपयोग करता है और दुनिया के चौथे सबसे बड़े रिफाइनर होने के कारण ईंधन की आपूर्ति स्थिर है। 9 मार्च को जारी आदेश के तहत सभी रिफाइनरियों ने एलपीजी उत्पादन बढ़ाया है, घरेलू उत्पादन 25% से बढ़कर 28% हो गया है। देशभर में लगभग 1 लाख रिटेल आउटलेट काम कर रहे हैं, जहां कहीं भी ईंधन की कमी नहीं है।

    शिपिंग मंत्रालय ने बताया कि फारस की खाड़ी में भारत के 28 जहाज मौजूद हैं, जिनमें 778 भारतीय नाविक सवार हैं। इनमें से 677 पश्चिमी होर्मुज स्ट्रेट में और 101 पूर्वी हिस्से में तैनात हैं। हाल ही में विदेशी झंडे वाले कुछ जहाजों पर हादसे हुए, जिसमें तीन भारतीय नाविकों की मौत हुई, चार घायल और एक लापता है। सरकार सभी जहाजों और क्रू की सुरक्षा पर निगरानी रख रही है।

    विदेश मंत्रालय ने कहा कि ईरान में फंसे भारतीय नागरिकों की मदद के लिए भारतीय दूतावास सक्रिय है। भारतीयों को आर्मेनिया और अजरबैजान के रास्ते सुरक्षित बाहर निकाला जा रहा है। दूतावास वीजा सुविधा के साथ अंतरराष्ट्रीय भूमि सीमा पार करने में भी मदद कर रहा है।

    सरकार ने सप्लाई संकट के दो मुख्य कारण बताए हैं। पहला, स्ट्रेट ऑफ होर्मुज का असुरक्षित होना, जो 167 किलोमीटर लंबा जलमार्ग है और ईरान-जंग के कारण बंद हो गया। दुनिया के कुल पेट्रोलियम का लगभग 20% इसी रूट से गुजरता है। भारत अपनी जरूरत का 50% कच्चा तेल और 54% LNG इसी रास्ते से आयात करता है। दूसरा, कतर में LNG प्लांट पर ड्रोन हमले के बाद प्रोडक्शन रुका, जिससे भारत को गैस की सप्लाई घट गई। भारत अपनी जरूरत का करीब 40% LNG कतर से आयात करता है।

    इंडियन ऑयल के मुख्य महाप्रबंधक (LPG) के.एम. ठाकुर ने कहा कि ग्राहकों को घबराने की जरूरत नहीं है और पैनिक बुकिंग न करें। सरकार वैकल्पिक कार्गो आयात पर विचार कर रही है। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर G7 देश इमरजेंसी तेल भंडार से सप्लाई जारी करने की योजना बना रहे हैं। रूस और अल्जीरिया से भी अतिरिक्त कच्चा तेल आने की उम्मीद है।

    सरकार ने राज्यों को निर्देश दिए हैं कि घरेलू और कमर्शियल सिलेंडर की प्राथमिकता के आधार पर जरूरतमंदों को सप्लाई सुनिश्चित करें।

    मुख्य बातें:

    भारत अपनी जरूरत का 60% LPG आयात करता है, 90% होर्मुज स्ट्रेट से आता है।

    रोजाना 50 लाख सिलेंडर डिलीवरी, पैनिक बुकिंग से बचें।

    एलपीजी उत्पादन बढ़कर 28% हुआ।

    ईंधन सप्लाई सुरक्षित, देशभर के पेट्रोल पंप सामान्य काम कर रहे हैं।

    ईरान में भारतीय नागरिकों को सुरक्षित निकालने के लिए दूतावास मदद कर रहा है।

    सप्लाई संकट: होर्मुज स्ट्रेट असुरक्षित, कतर में LNG प्रोडक्शन रुका।

    वैकल्पिक आयात और अंतरराष्ट्रीय सहयोग से संकट कम करने की कोशिशें।

  • कल का मौसम 13 मार्च 2026: दिल्ली में चुभती गर्मी, उत्तर भारत में बारिश की संभावना

    कल का मौसम 13 मार्च 2026: दिल्ली में चुभती गर्मी, उत्तर भारत में बारिश की संभावना

     
    नई दिल्ली । नई दिल्ली देश के कई हिस्सों में मार्च की शुरुआत से ही मौसम तेजी से बदल रहा है। 13 मार्च को दिल्ली-एनसीआर में तेज धूप और बढ़ती गर्मी का असर रहेगा, वहीं उत्तर प्रदेश, हरियाणा, पंजाब, उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश जैसे राज्यों में बारिश और तेज हवाओं की संभावना है।

    दिल्ली-एनसीआर में गर्मी का असर

    दिल्ली-एनसीआर में मार्च की शुरुआत से ही जून-जुलाई जैसी गर्मी महसूस हो रही है। मौसम विभाग के अनुसार 13 मार्च को राजधानी में अधिकतम तापमान 34 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम 18 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है। दिनभर तेज धूप और बढ़ती गर्मी के साथ बीच-बीच में बादलों की हल्की आवाजाही भी देखने को मिल सकती है।

    अगले दिनों दिल्ली का मौसम

    मौसम विशेषज्ञों के अनुसार 14 मार्च से पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से दिल्ली-एनसीआर में बदलाव देखने को मिलेगा। बादलों की आवाजाही बढ़ सकती है और 15 मार्च को छिटपुट बारिश की संभावना है। तेज हवाओं के साथ दिनभर बादल छाए रहने से तापमान में कमी आ सकती है, जिससे गर्मी से राहत मिल सकती है।

    शहरवार 13 मार्च का तापमान

    शहर अधिकतम तापमान न्यूनतम तापमान
    दिल्ली 34°C 18°C
    मुंबई 38°C 23°C
    चेन्नई 34°C 22°C
    कोलकाता 32°C 24°C
    लखनऊ 36°C 19°C
    पटना 34°C 21°C
    रांची 33°C 19°C
    भोपाल 35°C 21°C
    जयपुर 34°C 21°C
    शिमला 22°C 10°C
    नैनीताल 27°C 15°C

    उत्तर भारत में मौसम का मिजाज

    उत्तर प्रदेश, हरियाणा, राजस्थान, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड के कई इलाकों में मौसम में उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है। कुछ जगहों पर बादल छाए रह सकते हैं और हल्की बारिश या गरज-चमक की संभावना है। तेज हवाएं 40-55 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चल सकती हैं। बारिश और हवाओं के कारण तापमान में थोड़ी कमी आ सकती है।

    अन्य राज्यों में मौसम

    गुजरात, राजस्थान पश्चिमी हिस्से मध्य प्रदेश: गर्म हवाओं और तेज धूप के कारण दिन का तापमान 40 डिग्री के आसपास रह सकता है।

    बिहार, झारखंड, पश्चिम बंगाल, पूर्वोत्तर: मौसम अपेक्षाकृत बदलता रहेगा। कुछ इलाकों में हल्की बारिश या गरज-चमक की संभावना है।

    दक्षिण भारत कर्नाटक, तमिलनाडु, आंध्र प्रदेश, तेलंगाना सामान्यतः गर्म और शुष्क मौसम रहेगा। समुद्री तटीय इलाकों में हल्की हवाएं चल सकती हैं।

    कश्मीर में लगातार हिमपात और बारिश

    कश्मीर के ऊंचाई वाले इलाकों में लगातार दूसरे दिन हिमपात जारी रहा। घाटी के मैदानी हिस्सों में मध्यम बारिश हुई। केरन, माछिल कुपवाड़ा बांदीपोरा का गुरेज और गांदरबल जिले में सोनमर्गजोजिला क्षेत्र सहित कई ऊंचाई वाले इलाकों में हिमपात हुआ। श्रीनगर सहित घाटी में भी बारिश का सिलसिला जारी रहेगा। मौसम विभाग ने अगले 24 घंटों में ऊंचाई वाले इलाकों में छिटपुट हिमपात और घाटी में बादलों और हल्की बारिश की चेतावनी जारी की है।
  • मौत के 'पॉइंट ब्लैंक' रेंज से लौटे फारूक अब्दुल्ला, 70 साल के हमलावर ने सिर पर तानी थी रिवॉल्वर Z+ सिक्योरिटी में चूक पर भड़के CM उमर

    मौत के 'पॉइंट ब्लैंक' रेंज से लौटे फारूक अब्दुल्ला, 70 साल के हमलावर ने सिर पर तानी थी रिवॉल्वर Z+ सिक्योरिटी में चूक पर भड़के CM उमर


    नई दिल्ली। बुधवार रात जम्मू के एक शादी समारोह में उस वक्त अफरा-तफरी मच गई, जब जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री फारूक अब्दुल्ला की हत्या का प्रयास किया गया। एक 70 वर्षीय हमलावर ने सुरक्षा घेरे को तोड़ते हुए अब्दुल्ला के सिर से महज कुछ इंच की दूरी पर पिस्टल तानकर फायरिंग कर दी। किस्मत और सुरक्षाकर्मियों की मुस्तैदी की वजह से फारूक अब्दुल्ला बाल-बाल बच गए।

    घटनाक्रम: ‘शादी’ के जश्न के बीच गूंजी गोलियां
    फारूक अब्दुल्ला अपने साथी और डिप्टी सीएम सुरिंदर चौधरी के साथ नेशनल कॉन्फ्रेंस कार्यकर्ता सुरजीत सिंह के बेटे की शादी में शामिल होने ‘रॉयल पार्क’ पहुंचे थे।जैसे ही फारूक अब्दुल्ला समारोह से बाहर निकल रहे थे, पीछे से आए कमल सिंह जामवाल ने उनके सिर पर रिवॉल्वर तान दी।सीसीटीवी फुटेज में साफ दिख रहा है कि हमलावर ने जैसे ही ट्रिगर दबाया, पास खड़े सिक्योरिटी गार्ड ने उसकी कोहनी पकड़कर हाथ ऊपर की तरफ झटका, जिससे गोली हवा में चली गई।

    अब्दुल्ला का बयान: हमले के बाद फारूक अब्दुल्ला ने कहा, “मुझे ऊपर वाले ने बचाया है। मुझे लगा कि कोई पटाखा फूटा है, बाद में पता चला कि वह गोली थी।”

    हमलावर का कबूलनामा: ’20 साल से थी मारने की जिद’
    पुलिस की गिरफ्त में आए हमलावर कमल सिंह जामवाल (जो कि दूल्हे के पिता का चचेरा भाई और बिजनेसमैन है) ने चौंकाने वाला बयान दिया हैपुलिस रिमांड पर ले जाते समय कमल ने चिल्लाकर कहा, “मैंने किसी के कहने पर गोली नहीं चलाई, यह मेरी मर्जी थी और मैं पिछले 20 साल से उन्हें मारना चाहता था।”पुलिस के मुताबिक, हमलावर के पास पिछले कई सालों से लाइसेंसी हथियार है।

    सुरक्षा में भारी चूक: सीएम उमर अब्दुल्ला के तीखे सवाल
    इस घटना ने जम्मू-कश्मीर के सुरक्षा तंत्र को कटघरे में खड़ा कर दिया है।मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने सोशल मीडिया पर सवाल उठाया कि एक Z+ और NSG प्रोटेक्टेड पूर्व मुख्यमंत्री के इतने करीब एक शख्स लोडेड पिस्टल लेकर कैसे पहुँच गया? सुरिंदर चौधरी ने आरोप लगाया कि रॉयल पार्क जैसे व्यस्त स्थल पर स्थानीय पुलिस की तैनाती नहीं थी, जो एक बड़ी सुरक्षा विफलता है।

    सियासी उबाल: जम्मू की सड़कों पर प्रदर्शन
    घटना के विरोध में नेशनल कॉन्फ्रेंस के हजारों कार्यकर्ता सड़कों पर उतर आए हैं। कार्यकर्ताओं ने केंद्र सरकार और उपराज्यपाल मनोज सिन्हा के प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की। उन्होंने इसे लोकतांत्रिक राजनीति के लिए एक गंभीर चुनौती करार देते हुए दोषियों और इसके पीछे की साजिश की गहन जांच की मांग की है।

    केंद्रीय गृह मंत्री ने लिया संज्ञान
    मामले की गंभीरता को देखते हुए केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने स्वयं फारूक अब्दुल्ला को फोन किया और उनका कुशलक्षेम जाना। गृह मंत्रालय ने इस सुरक्षा चूक पर रिपोर्ट तलब की है।