Category: National

  • हीटवेव और बाढ़ से निपटने के लिए अमित शाह ने बुलाई हाई लेवल मीटिंग… दिए ये निर्देश

    हीटवेव और बाढ़ से निपटने के लिए अमित शाह ने बुलाई हाई लेवल मीटिंग… दिए ये निर्देश


    नई दिल्ली।
    केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह (Amit Shah) ने रविवार को दिल्ली में एक हाई लेवल मीटिंग (High Level Meeting.) में देश में संभावित बाढ़ और हीट वेव (Floods and Heat Waves) से निपटने की तैयारियों की समीक्षा की. उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में हमें ‘जीरो कैजुअल्टी डिजास्टर मैनेजमेंट’ के लिए काम करना होगा.

    मीटिंग में देश के हर राज्य में बाढ़ संकट प्रबंधन टीमों (FCMT) के गठन, हीटवेव से कृषि क्षेत्र को होने वाले नुकसान को न्यूनतम रखने और मौसम संबंधी योजनाओं को जमीनी स्तर तक प्रभावी ढंग से पहुंचाने पर फोकस किया गया।

    इसके साथ ही भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) और सेंट्रल वाटर कमीशन के मौसम और बाढ़ संबंधी पूर्वानुमान के समय को 3 दिन से बढ़ाकर 7 दिन करने की बात भी कही गई।


    एनडीएमए के दिशानिर्देशों का पालन

    गृह मंत्रालय की ओर से कहा गया कि आपदाओं को लेकर नेशनल डिज़ास्टर मैनेजमेंट अथॉरिटी (NDMA) द्वारा जारी दिशानिर्देशों के पालन की राज्य, जिला और नगरपालिका स्तर पर नियमित समीक्षा की जानी चाहिए।

    जल संचय और चेक डैम परियोजनाओं के जरिए जलस्तर सुधारने और जल संरक्षण की संभावनाओं को बढ़ाने पर जोर दिया गया. इसके अलावा कैम्पा फंड का इस्तेमाल पर्यावरण संतुलन के लिए किए जा रहे प्रयासों को और प्रभावी बनाने के लिए कहा गया है.

    साथ ही, कम से कम 60 जोखिम वाली झीलों के लिए पूर्व चेतावनी प्रणाली विकसित करने की योजना पर काम करने के निर्देश दिए हैं. सभी राज्यों में स्टेट-लेवल इंटीग्रेटेड रिज़र्वॉयर ऑपरेशंस लागू करने पर भी जोर दिया गया. मौसम संबंधी पूर्वानुमानों और चेतावनियों का व्यापक और प्रभावी प्रचार-प्रसार की बात भी कही गई.

  • PM मोदी की देशवासियों से अपील… बोले- एक साल तक सोना खरीदने से बचें….

    PM मोदी की देशवासियों से अपील… बोले- एक साल तक सोना खरीदने से बचें….


    नई दिल्ली।
    पीएम नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) ने रविवार को देशवासियों से 1 साल तक सोना ना खरीदने का आग्रह किया। साथ ही उन्होंने लोगों से विदेश यात्रा (Foreign travel) को आगे बढ़ाने की भी बात कही। प्रधानमंत्री ने यह अपील ऐसे समय में की है जब युद्ध की वजह से दुनिया भर में अनिश्चितता का माहौल बना हुआ है। पीएम मोदी की इस अपील के पीछे की वजह फॉरेन एक्सचेंज (foreign exchange) की बचत को माना जा रहा है।

    ईरान-अमेरिका युद्ध (Iran-US war) की वजह से दुनिया भर में अनिश्चितता का माहौल बना हुआ है। कच्चे तेल की कीमतें सातवें आसमान पर हैं। साथ पूरी सप्लाई चेन तहस-नहस हो गई है। जिससे भारत जैसे आयात करने वाले देश अधिक प्रभावित हुए हैं। बता दें, पीएम मोदी अपनी अपील के जरिए फॉरेन एक्सचेंज आउटफ्लो को कम करना चाहते हैं।

    पीएम नरेंद्र मोदी ने अपनी अपील को देशभक्ति के साथ जोड़ा है। उन्होंने तेल की बचत करने का भी आग्रह किया है। पीएम ने लोगों को पब्लिक ट्रांसपोर्ट, वर्क फ्रॉम होम सिस्टम, नेचुरल फार्मिंग और स्वदेशी प्रोडक्ट्स का उपयोग करने की सलाह दी है।


    क्यों है गोल्ड का आयात इतना महत्वपूर्ण? (Why Gold matters)

    भारत दुनिया का सबसे अधिक गोल्ड आयात करने वाले देशों में से एक है। भारत का घरेलू मांग विदेशी आयात पर निर्भर करता है। क्योंकि भारत से खरीदे गए गोल्ड के लिए डॉलर में भुगतान करना होता है इसलिए यह भारत जैसे देशों पर अतिरिक्त दबाव बनाता है। इससे इंपोर्ट बिल बढ़ता है। फॉरेन एक्सचेंज रिजर्व लगातार घटता है।

    यह चिंता मौजूदा परिस्थितियों में और बढ़ जाती है। भारत अपनी जरूरत का 85 प्रतिशत तेल इंपोर्ट करता है। ऐसे में कच्चे तेल का बढ़ता रेट भी अतिरिक्त दबाव बना रहा है। बता दें, तेल और खाद के खर्च की वजह से डॉलर की निकासी पर दबाव बढ़ रहा है।

    ऐसे में अगर देश कम सोना खरीदता है तो वह रुपये की सेहत के लिए भी अच्छा रहेगा। वहीं, इससे ट्रेड बैलेंस भी बेहतर होगा।


    भारत का फॉरेक्स रिजर्व मजबूत (India forex reserves)

    फॉरेक्स रिजर्व के मोर्चे पर अभी घबराने की कोई जरूरत नहीं है। मार्च 2026 तक के आंकड़ों के अनुसार भारत का फॉरेक्स रिजर्व 691.11 अरब डॉलर है। जोकि 11 महीने के इंपोर्ट के लिए काफी है। रिपोर्ट के अनुसार भारत का फॉरेक्स रिजर्व में गोल्ड का शेयर मार्च 2026 तक बढ़कर 16.70 प्रतिशत हो गया है। सितंबर 2025 तक यह 13.92 प्रतिशत था।

  • थाली में जितने ज्यादा रंग, उतनी बेहतर सेहत, विशेषज्ञों ने बताया गर्भावस्था में संतुलित और पौष्टिक आहार का सबसे आसान तरीका

    थाली में जितने ज्यादा रंग, उतनी बेहतर सेहत, विशेषज्ञों ने बताया गर्भावस्था में संतुलित और पौष्टिक आहार का सबसे आसान तरीका

    नई दिल्ली ।
    गर्भावस्था के दौरान महिलाओं को अपने खान-पान पर सबसे ज्यादा ध्यान देने की जरूरत होती है क्योंकि इस समय लिया गया भोजन केवल मां ही नहीं बल्कि गर्भ में पल रहे शिशु की सेहत को भी प्रभावित करता है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार, इस दौरान संतुलित और पोषण से भरपूर आहार बेहद जरूरी होता है और इसी कारण ‘सतरंगी थाली’ को सबसे बेहतर विकल्प माना जाता है। सतरंगी थाली का मतलब है भोजन में अलग-अलग रंगों के फल, सब्जियां, अनाज और पौष्टिक खाद्य पदार्थों को शामिल करना, जिससे शरीर को हर जरूरी पोषक तत्व मिल सके।

    विशेषज्ञों का कहना है कि हर रंग के खाद्य पदार्थ में अलग-अलग पोषण तत्व मौजूद होते हैं। जब भोजन में कई रंग शामिल होते हैं, तो शरीर को विटामिन, मिनरल्स, फाइबर, एंटीऑक्सीडेंट्स और प्रोटीन संतुलित मात्रा में मिलते हैं। यही कारण है कि केवल एक जैसे भोजन पर निर्भर रहने के बजाय विविधता वाला भोजन ज्यादा लाभकारी माना जाता है।

    गर्भवती महिलाओं के लिए यह और भी ज्यादा जरूरी हो जाता है क्योंकि इस समय शरीर को अतिरिक्त ऊर्जा और पोषण की आवश्यकता होती है। सही खान-पान से गर्भ में बच्चे का विकास बेहतर होता है और मां की सेहत भी मजबूत बनी रहती है। इसके अलावा संतुलित आहार प्रसव के बाद शरीर की रिकवरी में भी मदद करता है और रोग प्रतिरोधक क्षमता को मजबूत बनाता है।

    हरे रंग की सब्जियां जैसे पालक और अन्य पत्तेदार सब्जियां आयरन और फोलिक एसिड का अच्छा स्रोत मानी जाती हैं, जो खून की कमी को दूर करने में मदद करती हैं। लाल रंग के खाद्य पदार्थ शरीर को जरूरी एंटीऑक्सीडेंट्स और विटामिन प्रदान करते हैं, जबकि पीले और नारंगी रंग के फल विटामिन सी और पोटैशियम से भरपूर होते हैं। इसी तरह बैंगनी रंग के खाद्य पदार्थ शरीर में सूजन कम करने और कोशिकाओं की सुरक्षा में मददगार माने जाते हैं।

    डाइट एक्सपर्ट्स का मानना है कि गर्भावस्था में एक जैसा भोजन बार-बार खाने से शरीर को सभी जरूरी पोषक तत्व नहीं मिल पाते। ऐसे में भोजन में रंगों और स्वाद की विविधता होना जरूरी है। इससे न केवल खाने का स्वाद बढ़ता है बल्कि भूख भी अच्छी लगती है और शरीर को संपूर्ण पोषण प्राप्त होता है।

    स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार, स्वस्थ मां ही स्वस्थ बच्चे को जन्म देती है और इसकी शुरुआत सही खान-पान से होती है। इसलिए गर्भावस्था के दौरान रोजाना की थाली में अलग-अलग रंगों के मौसमी फल और सब्जियां शामिल करना बेहद जरूरी माना जाता है। सतरंगी थाली केवल देखने में आकर्षक नहीं होती, बल्कि यह बेहतर स्वास्थ्य और सुरक्षित मातृत्व की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम भी है।

  • PM Fasal Bima Yojana: अब जंगली जानवरों से बर्बाद फसल पर भी मिलेगा मुआवजा, किसानों को बड़ी राहत

    PM Fasal Bima Yojana: अब जंगली जानवरों से बर्बाद फसल पर भी मिलेगा मुआवजा, किसानों को बड़ी राहत


    नई दिल्ली। खेती-किसानी में मौसम के साथ-साथ जंगली जानवरों का खतरा भी किसानों के लिए बड़ी परेशानी बन चुका है। कई बार खेतों में घुसकर नीलगाय, जंगली सूअर और दूसरे वन्य जीव पूरी फसल बर्बाद कर देते हैं, जिससे किसानों को भारी नुकसान उठाना पड़ता है। अब किसानों के लिए राहत की खबर है। केंद्र सरकार ने प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना में बड़ा बदलाव करते हुए जंगली जानवरों और जलभराव से खराब होने वाली फसलों को भी बीमा कवर में शामिल करने का फैसला किया है।

    केंद्रीय कृषि मंत्री Shivraj Singh Chouhan ने जानकारी दी कि खरीफ 2026 सीजन से यह नई व्यवस्था लागू की जाएगी। इसके तहत अगर किसी किसान की फसल जंगली जानवरों द्वारा नुकसान पहुंचाने या भारी बारिश के कारण खेतों में पानी भरने से खराब होती है, तो उसे भी बीमा योजना के तहत मुआवजा दिया जाएगा। लंबे समय से किसान इस तरह के नुकसान को योजना में शामिल करने की मांग कर रहे थे।

    सरकार के मुताबिक, नई व्यवस्था का फायदा देशभर के हजारों किसानों को मिलेगा। अब तक फसल बीमा योजना में प्राकृतिक आपदाओं और मौसम से होने वाले नुकसान को ही प्राथमिकता दी जाती थी, लेकिन अब खेती को प्रभावित करने वाले दूसरे बड़े जोखिमों को भी शामिल किया जा रहा है। इससे किसानों को आर्थिक सुरक्षा मिलने की उम्मीद बढ़ी है।

    कैसे मिलेगा बीमा क्लेम?
    नई गाइडलाइन के अनुसार, फसल खराब होने की स्थिति में किसान को 72 घंटे के भीतर इसकी सूचना देनी होगी। किसान मोबाइल ऐप या संबंधित पोर्टल के जरिए शिकायत दर्ज कर सकेंगे। इसके साथ खेत की जियो-टैग फोटो भी अपलोड करनी होगी, ताकि नुकसान की पुष्टि की जा सके। इसके बाद अधिकारी मौके पर जांच करेंगे और रिपोर्ट के आधार पर मुआवजा जारी किया जाएगा।

    सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि किन जंगली जानवरों से हुए नुकसान को योजना में शामिल किया जाएगा और किन जिलों में यह सुविधा लागू होगी, इसका फैसला संबंधित राज्य सरकारें करेंगी।

    विशेषज्ञों का मानना है कि यह फैसला उन किसानों के लिए बड़ी राहत साबित हो सकता है, जो हर साल जंगली जानवरों या जलभराव के कारण भारी नुकसान झेलते हैं। सरकार का कहना है कि खेती को सुरक्षित और किसानों की आय को मजबूत बनाने के लिए योजनाओं में लगातार सुधार किए जा रहे हैं और यह कदम उसी दिशा में अहम माना जा रहा है।

  • अब नहीं जाना पड़ेगा दफ्तर: कार्यस्थल उत्पीड़न की शिकायत ऑनलाइन दर्ज करने की सुविधा शुरू

    अब नहीं जाना पड़ेगा दफ्तर: कार्यस्थल उत्पीड़न की शिकायत ऑनलाइन दर्ज करने की सुविधा शुरू


    नई दिल्ली । कार्यस्थल पर महिलाओं की सुरक्षा को मजबूत बनाने की दिशा में केंद्र सरकार ने एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। अब महिलाएं किसी भी तरह के यौन उत्पीड़न या बदसलूकी की शिकायत सीधे ऑनलाइन प्लेटफॉर्म SHE-Box पोर्टल के जरिए दर्ज कर सकती हैं। यह व्यवस्था महिलाओं को सुरक्षित, पारदर्शी और तेज शिकायत समाधान प्रणाली उपलब्ध कराने के उद्देश्य से विकसित की गई है।

    क्या है SHE-Box पोर्टल?
    SHE-Box (Sexual Harassment Electronic Box) एक डिजिटल शिकायत मंच है, जहां सरकारी और निजी दोनों क्षेत्रों में काम करने वाली महिलाएं अपनी शिकायत दर्ज करा सकती हैं। इस पोर्टल का मुख्य उद्देश्य कार्यस्थल पर महिलाओं के खिलाफ होने वाले यौन उत्पीड़न को रोकना और शिकायत प्रक्रिया को आसान बनाना है।
    जैसे ही कोई शिकायत दर्ज होती है, संबंधित संस्था और अधिकारियों को इसकी सूचना तुरंत मिल जाती है, जिससे कार्रवाई में तेजी आती है।

     शिकायत प्रक्रिया हुई आसान और पारदर्शी
    इस पोर्टल की सबसे बड़ी खासियत यह है कि महिलाएं घर बैठे ही शिकायत दर्ज कर सकती हैं। अब उन्हें किसी दफ्तर के चक्कर लगाने की जरूरत नहीं है। इसके अलावा, महिलाएं अपनी शिकायत की स्थिति (स्टेटस) भी ऑनलाइन ट्रैक कर सकती हैं। इससे पूरी प्रक्रिया पारदर्शी और समयबद्ध बनती है।

    सभी क्षेत्रों की महिलाओं के लिए उपलब्ध सुविधा
    SHE-Box पोर्टल का उपयोग सरकारी कार्यालयों, निजी कंपनियों, शैक्षणिक संस्थानों और अन्य कार्यस्थलों पर काम करने वाली सभी महिलाएं कर सकती हैं। यह व्यवस्था 2013 के उस कानून के तहत मजबूत की गई है, जिसके अनुसार हर संस्थान में Internal Complaints Committee (ICC) बनाना अनिवार्य है।

     महिलाओं के अधिकारों को मिलेगा और मजबूती
    विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह के डिजिटल प्लेटफॉर्म महिलाओं को अपने अधिकारों के प्रति जागरूक और सशक्त बनाते हैं। कार्यस्थल पर यदि किसी महिला को मानसिक उत्पीड़न, गलत व्यवहार या छेड़छाड़ का सामना करना पड़ता है, तो वह बिना डर के शिकायत दर्ज कर सकती है। यह प्रणाली न केवल सुरक्षा सुनिश्चित करती है, बल्कि कार्यस्थल पर सम्मान और समानता का माहौल बनाने में भी मदद करती है।

     डिजिटल सिस्टम से बढ़ी सुरक्षा और भरोसा
    SHE-Box पोर्टल महिलाओं के लिए एक मजबूत डिजिटल सुरक्षा कवच साबित हो रहा है। यह न केवल शिकायत दर्ज करने की प्रक्रिया को आसान बनाता है, बल्कि समय पर कार्रवाई सुनिश्चित करके महिलाओं के भरोसे को भी मजबूत करता है। यह पहल कार्यस्थलों को अधिक सुरक्षित और सम्मानजनक बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

  • गरीब और प्रतिभाशाली छात्रों के लिए सुनहरा मौका, बिना फीस SSC, JEE और यूपी पुलिस की मुफ्त कोचिंग से बदलेगा भविष्य

    गरीब और प्रतिभाशाली छात्रों के लिए सुनहरा मौका, बिना फीस SSC, JEE और यूपी पुलिस की मुफ्त कोचिंग से बदलेगा भविष्य


    नई दिल्ली । एक छोटे शहर का एक छात्र लंबे समय से अपने सपनों को साकार करने की कोशिश कर रहा था। वह SSC और अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करना चाहता था, लेकिन आर्थिक स्थिति उसके रास्ते में सबसे बड़ी बाधा बन रही थी। कोचिंग की ऊंची फीस उसके परिवार के लिए संभव नहीं थी, जिससे उसका आत्मविश्वास धीरे-धीरे कम होने लगा था।

    इसी दौरान उसे एक ऐसी पहल के बारे में जानकारी मिली जिसने उसकी सोच बदल दी। उसे पता चला कि अब उसे अपने सपनों को छोड़ने की जरूरत नहीं है, क्योंकि प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए एक ऐसी व्यवस्था शुरू की गई है जहां पढ़ाई पूरी तरह मुफ्त है। इस योजना के तहत SSC, NDA, NEET, JEE और यूपी पुलिस जैसी परीक्षाओं की तैयारी विशेषज्ञ शिक्षकों के मार्गदर्शन में कराई जा रही है।

    यह सुविधा उन सभी युवाओं के लिए है जो मेहनत तो करना चाहते हैं लेकिन संसाधनों की कमी के कारण पीछे रह जाते हैं। यहां किसी भी तरह की आय या वर्ग की सीमा नहीं रखी गई है, जिससे हर प्रतिभाशाली छात्र को समान अवसर मिल सके। इस पहल का उद्देश्य केवल पढ़ाई कराना नहीं, बल्कि युवाओं को सही दिशा देना और उनके सपनों को वास्तविकता में बदलना है।

    इस व्यवस्था में शिक्षकों का चयन भी एक पारदर्शी प्रक्रिया के माध्यम से किया जाता है। विषय विशेषज्ञों को एक चयन प्रक्रिया से गुजरना होता है, जिसके बाद ही उन्हें छात्रों को पढ़ाने की जिम्मेदारी दी जाती है। इससे यह सुनिश्चित किया जाता है कि छात्रों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिले और वे प्रतियोगी परीक्षाओं में बेहतर प्रदर्शन कर सकें।

    समय के साथ इस योजना के परिणाम भी सामने आने लगे हैं। यहां से पढ़ाई करने वाले कई छात्र पहले ही विभिन्न सरकारी पदों पर चयनित हो चुके हैं। यह सफलता इस बात का प्रमाण है कि सही मार्गदर्शन और उचित अवसर मिलने पर कोई भी छात्र अपने लक्ष्य को हासिल कर सकता है।

    कक्षाओं का संचालन निर्धारित समय पर किया जाता है और इसके लिए अलग-अलग शिक्षण केंद्र बनाए गए हैं, जहां छात्र नियमित रूप से पढ़ाई कर सकते हैं। साथ ही, आवेदन प्रक्रिया को भी सरल रखा गया है ताकि अधिक से अधिक युवा इसका लाभ उठा सकें। छात्र अपने आवश्यक दस्तावेजों के साथ आसानी से आवेदन कर सकते हैं और इस सुविधा का हिस्सा बन सकते हैं।

    इस पहल ने उन युवाओं के लिए नई उम्मीद जगाई है जो अब तक संसाधनों की कमी के कारण अपने सपनों से समझौता करने को मजबूर थे। अब उनके पास एक ऐसा मंच है जहां वे बिना किसी आर्थिक दबाव के अपनी तैयारी कर सकते हैं और अपने भविष्य को बेहतर बना सकते हैं। यह केवल एक कोचिंग व्यवस्था नहीं, बल्कि उन हजारों युवाओं के लिए अवसर है जो मेहनत करने के लिए तैयार हैं, बस उन्हें सही दिशा की जरूरत है।

  • UP Cabinet Expansion: योगी कैबिनेट में बड़ा फेरबदल, 6 नए मंत्रियों की एंट्री, 2 मंत्रियों को प्रमोशन

    UP Cabinet Expansion: योगी कैबिनेट में बड़ा फेरबदल, 6 नए मंत्रियों की एंट्री, 2 मंत्रियों को प्रमोशन



    नई दिल्ली। उत्तर प्रदेश की Government of Uttar Pradesh में रविवार को बड़ा राजनीतिक फेरबदल देखने को मिला। मुख्यमंत्री Yogi Adityanath के मंत्रिमंडल का दूसरी बार विस्तार किया गया, जिसमें 6 नए चेहरों को शामिल किया गया, जबकि 2 राज्य मंत्रियों को प्रमोशन देकर राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) बनाया गया।

    राजभवन में आयोजित शपथ ग्रहण समारोह में सबसे पहले भाजपा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष Bhupendra Chaudhary ने मंत्री पद की शपथ ली। इसके बाद समाजवादी पार्टी से बगावत कर चुके विधायक Manoj Pandey ने शपथ ली। दोनों नेताओं को कैबिनेट मंत्री बनाया गया है।

    इसके अलावा अजीत पाल और सोमेंद्र तोमर को प्रमोशन देकर राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) बनाया गया। वहीं कृष्णा पासवान, कैलाश राजपूत, सुरेंद्र दिलेर और हंसराज विश्वकर्मा को राज्यमंत्री पद की जिम्मेदारी दी गई है। कृष्णा पासवान की चर्चा इसलिए भी हो रही है क्योंकि राजनीति में आने से पहले वह आंगनबाड़ी कार्यकर्ता रह चुकी हैं।

    शपथ ग्रहण के बाद नए मंत्रियों ने राज्यपाल और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के पैर छूकर आशीर्वाद लिया। नए मंत्रिमंडल में जातीय और सामाजिक संतुलन साधने की कोशिश भी दिखाई दी। इसमें एक ब्राह्मण, तीन ओबीसी और दो दलित वर्ग के नेताओं को जगह दी गई है। अब योगी सरकार में मुख्यमंत्री समेत कुल मंत्रियों की संख्या 60 हो गई है।

    कैबिनेट विस्तार के बाद राजनीतिक बयानबाजी भी तेज हो गई है। मंत्री पद नहीं मिलने से नाराज भाजपा विधायक आशा मौर्य ने पार्टी पर मौर्य समाज की अनदेखी का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि दलबदलू नेताओं को ज्यादा महत्व दिया गया है।

    वहीं समाजवादी पार्टी प्रमुख Akhilesh Yadav ने सोशल मीडिया पर तंज कसते हुए कहा कि “भाजपा राज में CM का मतलब सिर्फ कूरियर मैसेंजर बनकर रह गया है।” उन्होंने कैबिनेट विस्तार को लेकर सरकार पर निशाना साधा और कहा कि फैसले कहीं और से तय होते हैं।

    उधर, केंद्रीय मंत्री और उत्तर प्रदेश भाजपा अध्यक्ष Pankaj Chaudhary ने नए मंत्रियों को बधाई देते हुए कहा कि सभी मंत्री प्रदेश के विकास और जनता की सेवा के लिए मिलकर काम करेंगे।

    राजनीतिक जानकारों का मानना है कि आगामी चुनावों और सामाजिक समीकरणों को ध्यान में रखते हुए योगी सरकार ने यह विस्तार किया है, जिससे अलग-अलग वर्गों को साधने की कोशिश दिखाई दे रही है।

  • PM Modi Bengaluru Visit: कार्यक्रम स्थल के पास मिला विस्फोटक, सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट, जांच में जुटी पुलिस

    PM Modi Bengaluru Visit: कार्यक्रम स्थल के पास मिला विस्फोटक, सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट, जांच में जुटी पुलिस


    नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की बेंगलुरु यात्रा के दौरान सुरक्षा व्यवस्था को लेकर बड़ा अलर्ट सामने आया है। रविवार को बेंगलुरु के बाहरी इलाके कागलीपुरा के पास उस क्षेत्र से दो जिलेटिन स्टिक बरामद की गईं, जहां से कुछ दूरी पर पीएम मोदी का कार्यक्रम आयोजित होना था। विस्फोटक मिलने की खबर के बाद सुरक्षा एजेंसियों और पुलिस प्रशासन में हड़कंप मच गया।

    जानकारी के मुताबिक, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बेंगलुरु स्थित Art of Living Foundation के अंतरराष्ट्रीय केंद्र में आयोजित विशेष समारोह में शामिल होने पहुंचे थे। यह कार्यक्रम संस्था के 45 वर्ष पूरे होने के अवसर पर आयोजित किया गया था। इसी बीच कार्यक्रम स्थल से करीब 3 किलोमीटर दूर फुटपाथ किनारे संदिग्ध विस्फोटक सामग्री मिलने से सुरक्षा एजेंसियां तुरंत सक्रिय हो गईं।

    बेंगलुरु सेंट्रल रेंज के डीआईजी के अनुसार, प्रधानमंत्री के दौरे से पहले इलाके में नियमित सुरक्षा जांच की जा रही थी। इसी दौरान रविवार सुबह दो जिलेटिन स्टिक बरामद हुईं। बरामदगी के तुरंत बाद पूरे क्षेत्र को घेर लिया गया और बम निरोधक दस्ता तथा फॉरेंसिक टीम को मौके पर बुलाया गया। अधिकारियों ने बरामद सामग्री को कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी है।

    घटना ऐसे समय सामने आई है जब खुफिया एजेंसियों ने हाल ही में संभावित आतंकी खतरे को लेकर अलर्ट जारी किया था। इसके बाद दिल्ली समेत कई बड़े शहरों में सुरक्षा बढ़ा दी गई थी। पुलिस को संवेदनशील इलाकों में संदिग्ध गतिविधियों, लावारिस सामान और खड़ी गाड़ियों पर विशेष नजर रखने के निर्देश दिए गए थे।

    बेंगलुरु पुलिस अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि विस्फोटक सामग्री वहां कैसे पहुंची और क्या इसके पीछे किसी बड़ी साजिश का एंगल जुड़ा हुआ है। फिलहाल अधिकारियों ने कहा है कि मामले की हर पहलू से जांच की जा रही है और सुरक्षा व्यवस्था को और सख्त कर दिया गया है।

  • दिल्ली में पुष्कर सिंह धामी और नितिन नवीन की अहम मुलाकात, संगठन और समसामयिक मुद्दों पर हुआ मंथन

    दिल्ली में पुष्कर सिंह धामी और नितिन नवीन की अहम मुलाकात, संगठन और समसामयिक मुद्दों पर हुआ मंथन


    नई दिल्ली
    में रविवार को हुई एक महत्वपूर्ण राजनीतिक मुलाकात ने संगठन और नेतृत्व के बीच बेहतर तालमेल के संकेत दिए। उत्तराखंड के मुख्यमंत्री Pushkar Singh Dhami ने भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष Nitin Naveen से मुलाकात कर विभिन्न संगठनात्मक और समसामयिक विषयों पर विस्तार से चर्चा की। इस दौरान भाजपा उत्तराखंड के प्रदेश अध्यक्ष और राज्यसभा सदस्य महेंद्र भट्ट भी मौजूद रहे।

    यह मुलाकात केवल औपचारिक शिष्टाचार तक सीमित नहीं रही, बल्कि इसमें संगठन की मजबूती, राजनीतिक परिस्थितियों और विभिन्न समकालीन मुद्दों को लेकर विचार-विमर्श किया गया। राजनीतिक हलकों में इस बैठक को आगामी रणनीतियों और संगठनात्मक दिशा तय करने के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

    मुलाकात के दौरान मुख्यमंत्री धामी ने राष्ट्रीय अध्यक्ष को उत्तराखंड का शहद भेंट किया। यह उपहार राज्य की प्राकृतिक पहचान और सांस्कृतिक विरासत का प्रतीक माना गया। इस छोटे लेकिन विशेष भाव ने बैठक के माहौल को और आत्मीय बना दिया। राजनीतिक कार्यक्रमों के बीच इस तरह के सांस्कृतिक प्रतीक अक्सर राज्यों की पहचान और परंपराओं को सामने लाने का माध्यम बनते हैं।

    मुख्यमंत्री धामी ने मुलाकात के बाद कहा कि राष्ट्रीय नेतृत्व के साथ हुई चर्चा बेहद सकारात्मक रही और उन्हें संगठन तथा शासन से जुड़े विषयों पर मार्गदर्शन प्राप्त हुआ। उन्होंने यह भी संकेत दिया कि राज्य के विकास और संगठन की मजबूती के लिए केंद्र और राज्य नेतृत्व के बीच बेहतर समन्वय लगातार जारी रहेगा।

    हाल के वर्षों में भाजपा लगातार अपने संगठनात्मक ढांचे को मजबूत करने पर जोर देती रही है। ऐसे में राष्ट्रीय नेतृत्व और राज्यों के मुख्यमंत्रियों के बीच होने वाली बैठकें राजनीतिक रूप से अहम मानी जाती हैं। उत्तराखंड जैसे रणनीतिक और संवेदनशील राज्य में विकास, पर्यटन, रोजगार और बुनियादी ढांचे को लेकर कई बड़े लक्ष्य निर्धारित किए गए हैं, जिन पर सरकार आगे बढ़ रही है।

    इससे पहले मुख्यमंत्री धामी ने असम के राजनीतिक नेतृत्व को भी नई जिम्मेदारी मिलने पर शुभकामनाएं दी थीं। उन्होंने अपने संदेश में विकास, आत्मनिर्भरता और मजबूत प्रशासन की दिशा में आगे बढ़ने की उम्मीद जताई थी। उनके संदेश में राज्यों के बीच राजनीतिक सहयोग और राष्ट्रीय नेतृत्व के प्रति विश्वास की झलक दिखाई दी।

    इसके अलावा मातृ दिवस के अवसर पर मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों को शुभकामनाएं देते हुए मां के महत्व को भारतीय संस्कृति की सबसे बड़ी शक्ति बताया। उन्होंने अपने संदेश में कहा कि मां जीवन का पहला संस्कार, पहली सीख और सबसे बड़ा प्रेरणा स्रोत होती हैं। उनके अनुसार समाज और परिवार की मजबूती में मातृत्व की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण होती है।

    नई दिल्ली में हुई यह मुलाकात राजनीतिक दृष्टि से इसलिए भी अहम मानी जा रही है क्योंकि आने वाले समय में विभिन्न राज्यों में संगठन और सरकार के बीच बेहतर समन्वय की भूमिका और अधिक बढ़ने वाली है। इस तरह की बैठकों को केवल राजनीतिक संवाद नहीं बल्कि रणनीतिक सहयोग के रूप में भी देखा जा रहा है, जो भविष्य की राजनीतिक दिशा तय करने में मददगार साबित हो सकती हैं।

  • होनहार बच्चों के लिए बड़ा अवसर: पीएम राष्ट्रीय बाल पुरस्कार 2026 के आवेदन शुरू, जानिए पूरी प्रक्रिया

    होनहार बच्चों के लिए बड़ा अवसर: पीएम राष्ट्रीय बाल पुरस्कार 2026 के आवेदन शुरू, जानिए पूरी प्रक्रिया


    नई दिल्ली ।
    देश के प्रतिभाशाली और प्रेरणादायक बच्चों को सम्मानित करने के लिए प्रधानमंत्री राष्ट्रीय बाल पुरस्कार 2026 की आवेदन प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। यह सम्मान उन बच्चों को दिया जाता है जिन्होंने कम उम्र में किसी विशेष क्षेत्र में उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल की हो या अपने साहस, प्रतिभा और सामाजिक योगदान से लोगों को प्रेरित किया हो।

    यह पुरस्कार देश के सबसे प्रतिष्ठित बाल सम्मानों में शामिल है, जिसका उद्देश्य बच्चों की क्षमता को पहचान देना और उन्हें आगे बढ़ने के लिए प्रोत्साहित करना है। हर वर्ष अलग-अलग क्षेत्रों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले बच्चों का चयन किया जाता है और उन्हें राष्ट्रीय स्तर पर सम्मानित किया जाता है।

    इस पुरस्कार के लिए 5 वर्ष से अधिक और 18 वर्ष से कम आयु के बच्चे आवेदन कर सकते हैं। खेल, कला, विज्ञान, नवाचार, सामाजिक सेवा, पर्यावरण संरक्षण और बहादुरी जैसे क्षेत्रों में विशेष कार्य करने वाले बच्चों को प्राथमिकता दी जाती है। सरकार का मानना है कि छोटी उम्र में असाधारण कार्य करने वाले बच्चों को पहचान देना समाज और देश दोनों के लिए प्रेरणादायक साबित होता है।

    आवेदन प्रक्रिया को पूरी तरह ऑनलाइन रखा गया है, ताकि देश के किसी भी हिस्से से आसानी से आवेदन किया जा सके। अभिभावक या संबंधित व्यक्ति बच्चे की उपलब्धियों से जुड़े दस्तावेजों और आवश्यक जानकारी के साथ आवेदन जमा कर सकते हैं। आवेदन करने की अंतिम तिथि 31 जुलाई 2026 निर्धारित की गई है। इसके बाद किसी भी आवेदन को स्वीकार नहीं किया जाएगा।

    चयन प्रक्रिया के दौरान विशेषज्ञ समिति बच्चों की उपलब्धियों, उनके कार्यों के प्रभाव और समाज में उनके योगदान का मूल्यांकन करती है। समिति यह सुनिश्चित करती है कि चयनित बच्चे वास्तव में अपने क्षेत्र में प्रेरणादायक कार्य कर चुके हों। इसके बाद अंतिम सूची तैयार की जाती है और चयनित बच्चों के नाम वीर बाल दिवस के अवसर पर घोषित किए जाते हैं।

    पुरस्कार समारोह के दौरान बच्चों को राष्ट्रीय स्तर पर सम्मानित किया जाता है। उन्हें मेडल, प्रमाणपत्र और अन्य विशेष सम्मान दिए जाते हैं। यह सम्मान न केवल बच्चों के आत्मविश्वास को बढ़ाता है, बल्कि अन्य बच्चों को भी बेहतर करने के लिए प्रेरित करता है।

    पिछले वर्षों में कई ऐसे बच्चों को यह सम्मान मिला है जिन्होंने कम उम्र में असाधारण प्रतिभा का प्रदर्शन किया। कुछ ने खेलों में रिकॉर्ड बनाए, कुछ ने विज्ञान और तकनीक के क्षेत्र में नई उपलब्धियां हासिल कीं, जबकि कई बच्चों ने बहादुरी और मानवता की मिसाल पेश कर पूरे देश का ध्यान आकर्षित किया।

    सरकार की यह पहल इस बात को दर्शाती है कि देश का भविष्य केवल बड़े शहरों या संसाधनों तक सीमित नहीं है, बल्कि हर कोने में प्रतिभाएं मौजूद हैं। प्रधानमंत्री राष्ट्रीय बाल पुरस्कार उन बच्चों को मंच देने का प्रयास है जो अपनी मेहनत, साहस और प्रतिभा से समाज में सकारात्मक बदलाव ला रहे हैं।

    यह पुरस्कार केवल सम्मान नहीं बल्कि देश के युवा भविष्य पर विश्वास और उनकी क्षमता को पहचानने का प्रतीक भी माना जाता है।