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  • ISI ने रची थी दिल्ली में होली पर बड़े हमले की साजिश… पकड़े गए आतंकियों की जांच में हुए चौकाने वाले खुलासे

    ISI ने रची थी दिल्ली में होली पर बड़े हमले की साजिश… पकड़े गए आतंकियों की जांच में हुए चौकाने वाले खुलासे


    नई दिल्ली।
    दिल्ली (Delhi) में पकड़े गए लश्कर-ए-तैयबा (Lashkar-e-Taiba) के संदिग्ध मॉड्यूल की जांच में चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं। दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल के मुताबिक पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई (Pakistan’s Intelligence Agency ISI) की साजिश के तहत बांग्लादेशी मूल के युवकों का नेटवर्क तैयार किया गया। इस नेटवर्क का संचालन बांग्लादेश में बैठा लश्कर का एक कमांडर कर रहा था, जिसने वहीं बैठक कर हमलों की पूरी रूपरेखा बनाई।

    जांच में सामने आया है कि मॉड्यूल के निशाने पर देश के बड़े मेट्रो शहर दिल्ली, मुंबई, कोलकाता और चेन्नई थे। सूत्रों के मुताबिक कुछ स्थानों की रेकी भी कर ली गई थी और होली के मौके पर हमले की तैयारी थी। खुफिया इनपुट के बाद स्पेशल सेल ने कार्रवाई तेज की और मॉड्यूल का भंडाफोड़ कर दिया।


    हाफिज सईद और लखवी से सीधा संपर्क

    जांच से जुड़े अधिकारियों का दावा है कि बांग्लादेशी हैंडलर शब्बीर अहमद लोन सीधे लश्कर प्रमुख हाफिज सईद और आतंकी सरगना जैकी उर रहमान लखवी के संपर्क में था।पुलिस का कहना है कि आईएसआई भारत में अवैध रूप से रह रहे बांग्लादेशी नागरिकों के जरिए लोकल मॉड्यूल खड़ा कर रही थी। इसके लिए फंडिंग भी की जा रही थी, ताकि बड़े शहरों में समन्वित हमले किए जा सकें। शब्बीर इस नेटवर्क में आईएसआई और बांग्लादेशी मूल के आतंकी सैदुल इस्लाम के बीच कड़ी का काम कर रहा था। सैदुल संदिग्धों को निर्देश देता था और उन्हें टारगेट तय करने में मदद करता था।


    2007 में पकड़ा गया, 2018 में फिर सक्रिय

    स्पेशल सेल के अनुसार शब्बीर अहमद लोन 2007 में आत्मघाती हमले की साजिश में एके-47 और हैंड ग्रेनेड के साथ पकड़ा गया था। सजा पूरी करने के बाद 2018 में जेल से बाहर आया और दोबारा लश्कर से जुड़ गया। उसने अपना बेस बांग्लादेश में बनाया, जबकि कनेक्शन पाकिस्तान से बनाए रखे।

    अधिकारियों का कहना है कि जेल से रिहाई के बाद उसने पुराने नेटवर्क को फिर सक्रिय किया और सोशल मीडिया के जरिए युवकों को जोड़ना शुरू किया। जांच एजेंसियों को उसके डिजिटल ट्रेल से कई अहम सुराग मिले हैं।


    सोशल मीडिया से जोड़ा गया मॉड्यूल

    पुलिस के मुताबिक पकड़े गए संदिग्धों को पहले सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के जरिए संपर्क में लाया गया। इसके बाद उन्हें बांग्लादेश बुलाकर बैठक की गई। कोलकाता से पकड़े गए उमर फारूक को संवेदनशील स्थानों की रेकी का जिम्मा दिया गया था। संदिग्धों को किराए पर अपार्टमेंट लेने और सुरक्षित ठिकाने बनाने के निर्देश भी दिए गए। मोबाइल फोन की फॉरेंसिक जांच में हथियार जुटाने की कोशिशों से जुड़े वीडियो और चैट सामने आए हैं। सुरक्षा एजेंसियों को पहले ही इनपुट मिला था कि लश्कर होली के दौरान बड़ी वारदात की फिराक में है।


    ऑपरेशन जारी, कई राज्यों में छापे

    दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल का ऑपरेशन अभी जारी है। कुछ संदिग्धों के फरार होने की आशंका में कई राज्यों में छापेमारी की जा रही है। सभी आरोपियों को दिल्ली लाकर पूछताछ की जाएगी। पुलिस अधिकारियों का दावा है कि समय रहते साजिश नाकाम कर दी गई, लेकिन नेटवर्क के बाकी सिरों तक पहुंचना अभी बाकी है।

    सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट मोड पर हैं और देश के बड़े शहरों में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। स्पेशल सेल के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि यह मॉड्यूल लंबी योजना का हिस्सा था। अगर समय पर कार्रवाई नहीं होती तो होली के मौके पर बड़ा नुकसान हो सकता था।


    विवादित पोस्टर से खुला मॉड्यूल का राज

    स्पेशल सेल के हत्थे चढ़े आठ संदिग्धों में से चार दिल्ली में ‘फ्री कश्मीर’ जैसे विवादित पोस्टर लगाकर तमिलनाडु और पश्चिम बंगाल लौट गए थे। जांच यहीं से आगे बढ़ी और नेटवर्क का सिरा हाथ लगा। अधिकारियों का कहना है कि पोस्टरबाजी महज ट्रायल रन थी, असली मकसद बड़े हमले की तैयारी था। खुफिया एजेंसियों ने पहले अलर्ट जारी किया था कि आईएसआई समर्थित लश्कर लोकल मॉड्यूल तैयार कर रहा है। एक अन्य इनपुट में लाल किले के आसपास हमले की आशंका जताई गई थी। सुरक्षा एजेंसियों को पहले ही इनपुट मिला था कि लश्कर होली के दौरान बड़ी वारदात की फिराक में है।

  • नारियल निकालने की कोशिश बनी जानलेवा, 9 दिन बाद पानीपत नहर में मिला बच्चे का शव

    नारियल निकालने की कोशिश बनी जानलेवा, 9 दिन बाद पानीपत नहर में मिला बच्चे का शव


    नई दिल्ली । हरियाणा के Panipat से एक ऐसी खबर सामने आई है, जिसने पूरे इलाके को शोक में डुबो दिया। बत्रा कॉलोनी निवासी 13 वर्षीय अल्तमस का शव नौ दिन बाद नहर से बरामद हुआ। मासूम पिछले शुक्रवार 13 फरवरी को रहस्यमय परिस्थितियों में नहर में डूब गया था। परिजन, स्थानीय लोग और प्रशासन लगातार उसकी तलाश में जुटे थे। आखिरकार नारायण गांव के पास नहर में उसका शव मिलने की पुष्टि हुई, जिसके बाद परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा।

    नारियल निकालने की कोशिश बनी जानलेवा

    परिजनों के अनुसार, अल्तमस अपने दो दोस्तों के साथ दिल्ली पैरलल नहर पर घूमने गया था। इसी दौरान नहर में बहकर आया एक नारियल देखने के बाद वह उसे निकालने की कोशिश करने लगा। बताया जा रहा है कि जैसे ही वह किनारे से नीचे उतरा, उसका पैर फिसल गया और वह गहरे पानी में जा गिरा। नहर में तेज बहाव होने के कारण वह कुछ ही पलों में आंखों से ओझल हो गया। दोस्तों ने शोर मचाया, लेकिन जब तक मदद पहुंचती, बहुत देर हो चुकी थी।

    नौ दिन चला सर्च ऑपरेशन
    घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और गोताखोरों की टीम मौके पर पहुंची। नहर के कई किलोमीटर क्षेत्र में सर्च ऑपरेशन चलाया गया। स्थानीय प्रशासन ने लगातार तलाशी अभियान जारी रखा, लेकिन शुरुआती दिनों में कोई सफलता नहीं मिली। नौ दिन बाद नारायण गांव के पास नहर में शव दिखाई देने की सूचना मिली। टीम ने मौके पर पहुंचकर शव को बाहर निकाला और पहचान की पुष्टि की। पानी में लंबे समय तक रहने के कारण शव की स्थिति बेहद खराब बताई जा रही है।

    पांच बहनों का इकलौता भाई था अल्तमस

    अल्तमस आठवीं कक्षा का छात्र था और परिवार की उम्मीदों का केंद्र भी। वह पांच बहनों का इकलौता छोटा भाई था। उसकी असामयिक मौत से घर में मातम पसरा हुआ है। परिजन बेसुध हैं और पूरे क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई है। मोहल्ले के लोगों का कहना है कि अल्तमस बेहद मिलनसार और चंचल स्वभाव का था। उसकी अचानक मौत ने सभी को झकझोर कर रख दिया है।

    प्रशासन की कार्रवाई और सुरक्षा पर सवाल
    पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए अस्पताल के शवगृह में भिजवा दिया है। नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जा रही है। पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को अंतिम संस्कार के लिए सौंप दिया जाएगा। इस हादसे ने एक बार फिर नहर किनारे सुरक्षा इंतजामों और बच्चों की सतर्कता पर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय लोग प्रशासन से मांग कर रहे हैं कि नहर के पास चेतावनी बोर्ड और सुरक्षा प्रबंध मजबूत किए जाएं, ताकि भविष्य में ऐसी दर्दनाक घटनाएं दोबारा न हों।

    अल्तमस की मौत ने यह कड़वा सच फिर सामने ला दिया है कि जरा सी लापरवाही या जोखिम भरा कदम जिंदगी छीन सकता है। परिवार और क्षेत्र के लोग आज भी यही सोचकर सिहर उठते हैं कि अगर उस दिन वह नारियल निकालने की कोशिश न करता, तो शायद आज जिंदा होता।

  • चेन्नई के गोल्डन बीच पर दर्दनाक हादसा: महाराष्ट्र की छात्रा की डूबने से मौत, सीएम फडणवीस ने लिया संज्ञान

    चेन्नई के गोल्डन बीच पर दर्दनाक हादसा: महाराष्ट्र की छात्रा की डूबने से मौत, सीएम फडणवीस ने लिया संज्ञान


    नई दिल्ली । तमिलनाडु की राजधानी चेन्नई स्थित Golden Beach पर शनिवार को उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब महाराष्ट्र से घूमने आए छात्रों के एक समूह के साथ बड़ा हादसा हो गया। जानकारी के मुताबिक 26 छात्रों का दल समुद्र किनारे घूमने पहुंचा था। इसी दौरान तीन छात्र पानी में उतरे और तेज लहरों की चपेट में आ गए। हादसे में भंडारा जिले की रहने वाली मयूरी चौधरी की डूबने से मौत हो गई, जबकि एक अन्य छात्र जय पाटिल का अब तक कोई सुराग नहीं मिल सका है। तीसरे छात्र राज केदारी को समय रहते सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया।

    लहरों में फंसे तीन छात्र, एक की मौत, एक लापता

    तमिलनाडु प्रशासन के अनुसार, पूरे समूह में से केवल तीन छात्र ही समुद्र में गए थे। अचानक आई तेज लहरों ने उन्हें गहरे पानी की ओर खींच लिया। स्थानीय लोगों और रेस्क्यू टीम की मदद से राज केदारी को बाहर निकाल लिया गया, लेकिन मयूरी को बचाया नहीं जा सका। जय पाटिल की तलाश के लिए तटरक्षक बल और स्थानीय पुलिस द्वारा युद्धस्तर पर सर्च ऑपरेशन चलाया जा रहा है। समुद्र में लगातार बदलती लहरों और ज्वार-भाटा के कारण बचाव कार्य चुनौतीपूर्ण बना हुआ है।

    सीएम फडणवीस ने तमिलनाडु सरकार से की बात

    घटना की जानकारी मिलते ही महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री Devendra Fadnavis ने तुरंत तमिलनाडु सरकार से संपर्क साधा। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर जानकारी देते हुए बताया कि राज्य सरकार लगातार राहत एवं बचाव कार्यों पर नजर रखे हुए है और तमिलनाडु प्रशासन से समन्वय बनाए हुए है। मुख्यमंत्री कार्यालय के मुताबिक, पीड़ित परिवारों से संपर्क कर हरसंभव मदद उपलब्ध कराई जा रही है।

    परिवारों पर टूटा दुखों का पहाड़

    मयूरी चौधरी के परिजन नागपुर से चेन्नई के लिए रवाना हो चुके हैं, जबकि लापता जय पाटिल के रिश्तेदार भी शहर पहुंच गए हैं। परिजनों ने बताया कि मयूरी ने हाल ही में नौकरी शुरू की थी और छुट्टी के दिन सहकर्मियों के साथ समुद्र तट पर घूमने गई थीं। हादसे की सूचना परिवार को सुबह करीब सात बजे मिली, जिसके बाद से घर में मातम पसरा हुआ है। भाई ने मीडिया को बताया कि पिता, दादा और अन्य परिजन चेन्नई के लिए निकल चुके हैं।

    समुद्र तटों पर सतर्कता जरूरी

    इस हादसे ने एक बार फिर समुद्र तटों पर सुरक्षा उपायों और सतर्कता की आवश्यकता को रेखांकित किया है। प्रशासन की ओर से पर्यटकों को चेतावनी संकेतों का पालन करने और लाइफगार्ड की सलाह मानने की अपील की गई है। फिलहाल सभी की नजरें जय पाटिल की खोज पर टिकी हैं, और उम्मीद की जा रही है कि रेस्क्यू टीम जल्द सफलता हासिल करेगी।

  • दिल्ली में घर खरीदना बन गया लक्जरी, जानें सर्कल रेट के हिसाब से सबसे महंगे 5 इलाके

    दिल्ली में घर खरीदना बन गया लक्जरी, जानें सर्कल रेट के हिसाब से सबसे महंगे 5 इलाके


    नई दिल्ली । देश की राजधानी नई दिल्ली में घर खरीदना सिर्फ जरूरत नहीं, बल्कि सामाजिक प्रतिष्ठा का प्रतीक बन चुका है। खासतौर पर ए-कैटेगरी के इलाके, जहां सर्कल रेट सबसे ऊंचे हैं, वहां संपत्ति लेना सामान्य खरीदार के लिए आसान नहीं। राजधानी में ए से लेकर एच श्रेणियों तक के इलाके हैं, जिनमें ए-कैटेगरी का न्यूनतम सर्कल रेट करीब 7.74 लाख रुपये प्रति वर्ग मीटर तक पहुंचता है। ऐसे इलाकों में बड़े-बड़े बंगले, लक्जरी फ्लैट और प्रीमियम मार्केट मिलते हैं।

    सबसे महंगा इलाका है लुटियंस बंगला जोन, जिसे LBZ भी कहा जाता है। राष्ट्रपति भवन, प्रधानमंत्री आवास और कई केंद्रीय मंत्रियों के घरों के पास फैले इस इलाके में बड़े प्लॉट और विशाल बंगले हैं। पृथ्वीराज रोड और अमृता शेरगिल मार्ग जैसे प्रतिष्ठित पते इसी क्षेत्र में आते हैं। इसकी कीमतें देश में सबसे ऊंची मानी जाती हैं और यहां घर खरीदना सिर्फ संपत्ति नहीं, बल्कि सामाजिक हैसियत का प्रतीक भी है।

    इसके बाद आता है गोल्फ लिंक्स। दिल्ली गोल्फ कोर्स के पास स्थित यह इलाका शांत वातावरण और बड़े प्लॉट वाले लक्जरी घरों के लिए प्रसिद्ध है। यहां घर लेना सिर्फ आर्थिक क्षमता नहीं, बल्कि सामाजिक स्तर और प्रतिष्ठा दिखाने का तरीका भी है।

    तीसरे नंबर पर है जोर बाग, जो लोदी गार्डन और सफदरजंग मकबरे के पास स्थित है। सीमित प्लॉट और उच्च मांग के कारण यहां कीमतें लगातार ऊंची बनी रहती हैं। यह इलाका हाई-प्रोफाइल कारोबारियों और वरिष्ठ अधिकारियों की पसंदीदा जगह माना जाता है।

    चौथे स्थान पर है चाणक्यपुरी, दिल्ली का डिप्लोमैटिक एन्क्लेव। यहां कई विदेशी दूतावास, चौड़ी सड़कें, हरियाली और उच्च सुरक्षा है। ए-कैटेगरी में शामिल होने के कारण सर्कल रेट राजधानी में सबसे अधिक है।

    पांचवें नंबर पर है ग्रेटर कैलाश GK-1 और GK-2। यह साउथ दिल्ली का प्रमुख रिहायशी और प्रीमियम मार्केट वाला इलाका है। यहां लक्जरी फ्लैट, हाई-एंड बिल्डर फ्लोर मौजूद हैं। भले ही कुछ हिस्सों में अपार्टमेंट संस्कृति भी है, फिर भी सर्कल रेट ए-कैटेगरी में आता है।

    इन इलाकों की कीमतें लोकेशन, सीमित जमीन, सत्ता और प्रशासनिक केंद्र के नजदीक होने, हरियाली और सुरक्षा के कारण ऊंची हैं। मांग अधिक और आपूर्ति सीमित होने से सर्कल रेट और बाजार मूल्य दोनों लगातार ऊंचे बने रहते हैं। दिल्ली में घर लेना कई लोगों का सपना है, लेकिन इन इलाकों में रहना केवल सपनों की पूर्ति नहीं बल्कि सामाजिक स्तर और जीवनशैली का प्रतीक भी है।

  • ब्राजील बना भारत का 'सुपर पार्टनर': रेयर अर्थ मिनरल्स से लेकर एयरोस्पेस तक 9 बड़े समझौते, चीन के एकाधिकार पर मोदी का सीधा प्रहार!

    ब्राजील बना भारत का 'सुपर पार्टनर': रेयर अर्थ मिनरल्स से लेकर एयरोस्पेस तक 9 बड़े समझौते, चीन के एकाधिकार पर मोदी का सीधा प्रहार!


    नई दिल्ली ।दुनिया भर में ‘रेयर अर्थ मिनरल्स’ दुर्लभ खनिजों की प्रोसेसिंग और खनन पर लगभग 70% से 90% तक नियंत्रण रखने वाला चीन अब मुश्किल में पड़ सकता है। अपनी इस ताकत के दम पर समय-समय पर दुनिया को आंख दिखाने वाले चीन की हेकड़ी को शांत करने के लिए भारत ने एक मास्टरस्ट्रोक खेला है। शनिवार को भारत और ब्राजील के बीच एक ऐसी ऐतिहासिक ट्रेड डील हुई है, जो न केवल चीन पर निर्भरता कम करेगी, बल्कि वैश्विक सप्लाई चेन के समीकरण को भी पूरी तरह बदल कर रख देगी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और ब्राजील के राष्ट्रपति लुइज इनासियो लूला डी सिल्वा के बीच हुई उच्च स्तरीय वार्ता के बाद दोनों देशों ने जरूरी मिनरल्स और स्टील सप्लाई चेन में सहयोग के लिए समझौतों पर मुहर लगा दी है।

    प्रधानमंत्री मोदी ने इस साझेदारी को रणनीतिक रूप से अत्यंत महत्वपूर्ण बताया है। उन्होंने कहा कि ब्राजील के साथ हुए इस खनिज समझौते से चीन पर भारत की निर्भरता काफी हद तक कम होगी और यह एक मजबूत, सुरक्षित सप्लाई चेन बनाने की दिशा में मील का पत्थर साबित होगा। इस मुलाकात के दौरान भारत और ब्राजील ने साल 2030 तक अपने द्विपक्षीय व्यापार को 30 अरब अमेरिकी डॉलर तक ले जाने का एक महत्वाकांक्षी लक्ष्य भी निर्धारित किया है। आपको बता दें कि 2006 में जहां यह व्यापार महज 2.4 अरब डॉलर था, वहीं अब यह 15 अरब डॉलर तक पहुंच चुका है, लेकिन दोनों नेताओं का मानना है कि दोनों देशों की क्षमता इससे कहीं अधिक है।

    इस ऐतिहासिक अवसर पर कुल 9 महत्वपूर्ण समझौतों पर हस्ताक्षर किए गए। इनमें सबसे प्रमुख है ‘रेयर अर्थ मिनरल्स’ के क्षेत्र में सहयोग और भविष्य की जरूरतों को देखते हुए बनाई गई ‘डिजिटल साझेदारी’। केंद्रीय वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल ने इस बात पर जोर दिया कि ब्राजील के पास नायोबियम, लिथियम और लौह अयस्क जैसे बहुमूल्य खनिज संसाधनों का भंडार है, जबकि भारत के पास विश्व स्तरीय तकनीक और विनिर्माण क्षमता है। जब ये दोनों शक्तियां हाथ मिलाएंगी, तो दुनिया को एक वैकल्पिक और विश्वसनीय औद्योगिक पार्टनर मिलेगा।

    व्यापारिक मोर्चे पर भी बड़े कदम उठाए गए हैं। एनएमडीसी, वेल और अडानी गंगावरम पोर्ट के बीच करीब 500 मिलियन डॉलर की लागत से लौह अयस्क ब्लेंडिंग सुविधा स्थापित करने पर सहमति बनी है। इसके अलावा, एयरोस्पेस क्षेत्र में एक बड़ी सफलता तब मिली जब ब्राजील की दिग्गज कंपनी ‘एम्ब्रेयर’ और ‘अडानी डिफेंस’ ने भारत में ई175 रीजनल जेट की असेंबली लाइन स्थापित करने का फैसला किया। फार्मा क्षेत्र में भी कैंसर जैसी गंभीर बीमारियों की दवाओं के संयुक्त शोध के लिए हाथ मिलाया गया है। साफ है कि भारत और ब्राजील की यह नई जुगलबंदी न केवल चीन के आर्थिक दबदबे को चुनौती दे रही है, बल्कि विकासशील देशों के हितों को वैश्विक मंच पर मजबूती से स्थापित भी कर रही है।

  • तमिलनाडु और बंगाल से 8 आतंकी गिरफ्तार, दिल्ली में बड़े हमले की कर रहे थे प्लानिंग

    तमिलनाडु और बंगाल से 8 आतंकी गिरफ्तार, दिल्ली में बड़े हमले की कर रहे थे प्लानिंग


    नई दिल्ली।
    राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली (Delhi) में आतंकी हमले (Terrorist attacks) का अलर्ट जारी है. इस बीच बड़ी आतंकी साजिश बेनकाब हुई है. पुलिस ने बड़े आतंकी हमले की प्लानिंग बनाने वाले 8 संदिग्ध लोगों को गिरफ्तार किया है. ये आरोपी पाकिस्तान (Pakistan) की ISI और बांग्लादेश (Bangladesh) के आतंकी संगठनों (Terrorist Organizations) के इशारे पर काम कर रहे थे.

    दिल्ली पुलिस स्पेशल सेल के एक ऑपरेशन के तहत, तमिलनाडु और पश्चिम बंगाल से इन 8 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है. अब पुलिस इन आरोपियों को अब दिल्ली लेकर आ रही है. गिरफ्तार हुए आरोपियों में बांग्लादेश के नागरिक भी शामिल हैं. उनके पास से 8 मोबाइल फोन और 16 सिम कार्ड भी बरामद हुए हैं. आरोपियों के नाम मिजानुर रहमान, मोहम्मद शबत, उमर, मोहम्मद लितान, मोहम्मद शाहिद और मोहम्मद उज्जल हैं।

    बताया जा रहा है कि ये लोग फर्जी आधार कार्ड का इस्तेमाल कर रहे थे. पुलिस ने पश्चिम बंगाल से भी 2 आरोपी गिरफ्तार किए हैं, इनमें एक बांग्लादेशी नागरिक शामिल है. इस आतंकी मॉड्यूल ने 8 फरवरी को दिल्ली के अलग-अलग इलाकों और मेट्रो में भड़काऊ पोस्टर लगाए थे, जिनमें कश्मीर से जुड़ी बातें भी लिखी गई थीं. भड़काऊ पोस्टर में FREE KASHMIR जैसी बातें लिखी हुई थीं.

    जब दिल्ली पुलिस ने पोस्टर को लेकर जांच शुरू की तो इस आतंकी मॉड्यूल का खुलासा हुआ. इसके बाद पुलिस ने इन सभी को तिरुप्पुर जिले के उथुकुली (2), पल्लडम (3) और तिरुमुरुगनपूंडी (1) स्थित गारमेंट यूनिट्स से गिरफ्तार किया.


    दिल्ली में बड़े आतंकी हमले का अलर्ट

    हाल ही में जानकारी मिली कि पाकिस्तान आधारित आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा दिल्ली में बड़े आतंकी हमले को अंजाम देने वाला है. संगठन भीड़भाड़ वाले इलाके और धार्मिक स्थलों को निशाना बना सकता है. खुफिया एजेंसियों के मुताबिक, लश्कर-ए-तैयबा भारत के बड़े शहरों में IED ब्लास्ट की साजिश रच रहा है.


    लाल किला-चांदनी चौक में कड़ी सुरक्षा

    आतंकी हमले के हाई अलर्ट के बाद पुरानी दिल्ली में लाल किला के आसपास और चांदनी चौक की सुरक्षा बढ़ा दी गई है. संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखने के लिए अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किए गए हैं. भीड़भाड़ वाले इलाकों पर विशेष निगरानी रखी जा रही है. पुलिस ने स्थानीय लोगों और व्यापारियों को सतर्क रहने और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस को देने के निर्देश दिए हैं.

  • AI के दौर में 80 लाख नौकरियों की दरकार, पी. चिदंबरम ने जताई सामाजिक विस्फोट की आशंका

    AI के दौर में 80 लाख नौकरियों की दरकार, पी. चिदंबरम ने जताई सामाजिक विस्फोट की आशंका


    नई दिल्ली । कृत्रिम मेधा एआई के तेजी से विस्तार के बीच भारत के सामने सबसे बड़ी चुनौती रोजगार सृजन की है। पूर्व वित्त मंत्री पी. चिदंबरम ने चेतावनी दी है कि देश को हर साल कम से कम 80 लाख नई नौकरियां पैदा करनी होंगी, जबकि वास्तविक आवश्यकता इससे भी अधिक हो सकती है। उनका कहना है कि आधिकारिक बेरोजगारी दर भले 5.1 प्रतिशत बताई जाती हो, लेकिन जमीनी हकीकत कहीं अधिक गंभीर है। युवा बेरोजगारी दर 15 प्रतिशत तक पहुंच चुकी है और लगभग 55 प्रतिशत लोग स्वरोजगार या दिहाड़ी मजदूरी पर निर्भर हैं, जो अस्थिर आय और असुरक्षित भविष्य का संकेत है।

    चिदंबरम ने कहा कि एआई मानव क्षमताओं और उत्पादकता को कई गुना बढ़ाने की क्षमता रखता है, लेकिन इसके साथ बड़े पैमाने पर रोजगार विस्थापन का खतरा भी जुड़ा है। उन्होंने डारियो अमोदेई के उस विश्लेषण का हवाला दिया, जिसमें कहा गया है कि एआई अभूतपूर्व गति से श्रम बाजारों को बाधित कर सकता है और निकट भविष्य में वाइट कॉलर नौकरियों का बड़ा हिस्सा प्रभावित हो सकता है। टिकट चेकर, बस और ट्रेन कंडक्टर, रेल सिग्नलकर्मी, स्टेनोग्राफर, टाइपिस्ट, बैंक कर्मचारी, अनुवादक और निजी शिक्षक जैसी पारंपरिक नौकरियां स्वचालन की चपेट में आ सकती हैं।

    हाल के घटनाक्रम भी इस आशंका को बल देते हैं। Microsoft के सीईओ ने संकेत दिया है कि कई भूमिकाओं में स्वचालन बढ़ेगा और कंपनी ने 2025 में हजारों कर्मचारियों की छंटनी की। इसी तरह Tata Consultancy Services ने पुनर्गठन के तहत बारह हजार से अधिक कर्मचारियों को हटाने की घोषणा की। टेक निवेशक विनोद खोसला का मानना है कि एआई के कारण आईटी सेवाएं और बीपीओ उद्योग आने वाले वर्षों में बुनियादी बदलाव से गुजरेंगे।

    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एआई को भविष्य और समृद्धि का माध्यम बताया है, लेकिन चिदंबरम का तर्क है कि भारत की सामाजिक-आर्थिक संरचना विकसित देशों से भिन्न है। यहां उच्चतर माध्यमिक स्तर पर नामांकन में गिरावट देखी जाती है और उच्च शिक्षा का सकल नामांकन अनुपात 45-50 प्रतिशत के बीच है। अधिकांश स्नातक डिग्रीधारी रोजगार योग्य कौशल से वंचित रहते हैं, जिससे उपयुक्त नौकरी पाना कठिन हो जाता है।

    उन्होंने आगाह किया कि यदि शहरी क्षेत्रों में भी रोजगार सिमटने लगे और शिक्षित युवाओं को आईटी व अन्य कुशल क्षेत्रों में अवसर न मिलें, तो सामाजिक असंतोष बढ़ सकता है। समाधान के तौर पर उन्होंने शिक्षा, स्वास्थ्य और पर्यावरण प्रबंधन में बड़े निवेश, कौशल आधारित शिक्षा को बढ़ावा, गैर-रोजगारपरक पाठ्यक्रमों की समीक्षा और स्थानीय बाजारों को मजबूत करने की आवश्यकता बताई। एमएसएमई क्षेत्र को सबसे बड़ा रोजगार सृजक बताते हुए उन्होंने कहा कि एआई का उपयोग इन उद्यमों की उत्पादकता बढ़ाने में किया जाए, न कि केवल लागत घटाने में।

    चिदंबरम का निष्कर्ष स्पष्ट है तकनीक को अपनाना अनिवार्य है, लेकिन इसके साथ रोजगार सृजन की सामाजिक जिम्मेदारी भी तय करनी होगी। अन्यथा, काम से वंचित समाज असंतुलन और असंतोष की ओर बढ़ सकता है। एआई का प्रभाव आने वाले वर्षों में और स्पष्ट होगा, इसलिए अभी से ठोस नीतिगत कदम उठाने का समय है।

  • ट्रेन टिकट बुकिंग का तरीका बदला… शॉर्टकट अपनाया तो ब्लॉक होगी IRCTC आईडी

    ट्रेन टिकट बुकिंग का तरीका बदला… शॉर्टकट अपनाया तो ब्लॉक होगी IRCTC आईडी


    नई दिल्ली।
    ऑनलाइन रेल टिकट बुकिंग (Online Train Ticket Booking) के दौरान शॉर्टकट (Shortcut) अपनाने से आपकी आईआरसीटीसी आईडी (IRCTC ID) ब्लॉक हो सकती है। समय से पहले बुकिंग प्रक्रिया पूरा करने पर यह कार्रवाई की जा सकती है। आईआरसीटीसी की नई तकनीक टिकट बुकिंग के दौरान टाइपिंग की गति से वैध-अवैध उपभोक्ताओं का पता लगा लेगी। इस सख्ती से आम जनता को कन्फर्म टिकट मिलने की संभावना 40 फीसदी तक बढ़ जाएगी।

    रेलवे बोर्ड के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि रेलवे ने ऑनलाइन टिकट बुकिंग में नया एआई प्रीडेटर सिस्टम (एआई सॉफ्टवेयर) लागू कर दिया गया है। इस नई तकनीक का उद्देश्य अवैध सॉफ्टवेयर की मदद आईआरसीटीसी वेबसाइट में घुसपैठ कर कन्फर्म टिकट लेने वाले दलालों पर नकेल कसना है।

    एआई आधारित सिस्टम बुकिंग के दौरान प्रक्रिया से पहचान लेगा कि टिकट इंसान बुक कर रहा या कोई सॉफ्टवेयर। ऐसे रेल यात्रियों को सतर्क रहने की जरूरत है जो टिकट बुक करते समय स्मार्ट ट्रिक्स (कट-पेस्ट) अपनाते हैं। ऐसे उपभोक्ताओं को संदिग्ध मानकर रेलवे का सिस्टम यूजर आईडी (अकाउंट) को ब्लॉक कर सकता है। यदि आम उपभोक्ता रात में थोक में नाम जोड़ते या हटाता है तो वह एआई के जद में आएंगे।


    फॉर्म कम समय में न भरे

    रेलवे का एल्गोरिदम टाइपिंग की गति मापता है। यदि पांच यात्रियों का विवरण (नाम, उम्र, जेंडर आदि) 4.2 सेकेंड से कम समय में भर दिया जाता है तो सिस्टम यूजर को रेड फ्लैग कर देगा।


    आधे घंटे में पांच बार से ज्यादा लॉगिन न करें

    एक अधिकारी ने बताया, अगर उपभोक्ता एक आईडी से आधे घंटे में पांच बार से ज्यादा लॉगइन या लॉगआउट करते हैं तो ऐसे अकाउंट को 24 घंटे के लिए बैन कर दिया जाएगा। इसके अलावा आईपी एड्रेस और मोबाइल नंबर एक ही क्षेत्र में होना चाहिए। अगर दोनों अलग-अलग हैं तो ट्रांजक्शन बीच में ही रुक जाएगा। एक महीने में 2.8 लाख ऐसे अकाउंट ब्लॉक किए गए हैं।


    रेलवन ऐप से अनारक्षित टिकट पर डिजिटल पेमेंट से मिलेगी छूट

    बता दें कि, भारतीय रेलवे यात्रियों को डिजिटल माध्यमों से अधिक सुविधा, पारदर्शिता और प्रोत्साहन देने की दिशा में लगातार कार्य कर रहा है। इसी क्रम में रेलवे द्वारा संचालित रेलवन ऐप के माध्यम से अनारक्षित रेल टिकट बुकिंग पर मिलने वाली 3 प्रतिशत बोनस छूट की सुविधा का दायरा बढ़ा दिया गया है। यह व्यवस्था ट्रायल आधार पर 14 जनवरी 2026 से 14 जुलाई 2026 तक लागू रहेगी। इस सुविधा की जानकारी यात्रियों तक पहुंचाने के लिए प्रमुख स्टेशनों पर जागरूकता अभियान भी चलाया जा रहा है। अब तक रेलवन ऐप पर अनारक्षित टिकट बुक करने पर केवल आर-वॉलेट से भुगतान करने पर ही 3 प्रतिशत बोनस कैशबैक की सुविधा उपलब्ध थी। यात्रियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए तथा डिजिटल भुगतान को अधिक प्रोत्साहन देने के उद्देश्य से रेलवे ने यह लाभ अब सभी स्वीकृत डिजिटल भुगतान माध्यमों पर लागू करने का निर्णय लिया है।

    नई व्यवस्था के अंतर्गत रेलवन ऐप के जरिए अनारक्षित टिकट लेते समय यदि यात्री यूपीआई, डेबिट कार्ड, क्रेडिट कार्ड, नेट बैंकिंग अथवा अन्य स्वीकृत डिजिटल भुगतान माध्यमों का उपयोग करते हैं, तो उन्हें टिकट मूल्य पर 3 प्रतिशत का लाभ प्राप्त होगा। इससे यात्रियों को टिकट बुकिंग में प्रत्यक्ष आर्थिक बचत होगी।

    रेलवे की यह पहल कैशलेस लेन-देन को बढ़ावा देने के साथ-साथ डिजिटल इंडिया अभियान को भी मजबूती प्रदान करेगी। विशेष रूप से दैनिक यात्रा करने वाले, अनारक्षित श्रेणी में सफर करने वाले आम नागरिकों और उपनगरीय क्षेत्रों के यात्रियों को इस सुविधा से सीधा लाभ मिलेगा।

    रेलवन ऐप को प्ले स्टोर से डाउनलोड कर रेल कनेक्ट या यूटीएस मोबाइल ऐप के मौजूदा उपयोगकर्ता अपनी पहचान के प्रमाण के साथ सीधे लॉग इन कर सकते हैं। इस ऐप पर अनारक्षित टिकट, आरक्षित टिकट, प्लैटफॉर्म टिकट, ट्रेन एवं स्टेशन से संबंधित जानकारी, शिकायत निवारण सहित विभिन्न यात्री सुविधाएं एक ही मंच पर उपलब्ध हैं।

  • SIR के बाद 6 राज्यों की वोटर लिस्ट जारी… गुजरात में सबसे ज्यादा 68 लाख और MP में हटाए गए 34.25 लाख नाम

    SIR के बाद 6 राज्यों की वोटर लिस्ट जारी… गुजरात में सबसे ज्यादा 68 लाख और MP में हटाए गए 34.25 लाख नाम


    नई दिल्ली।
    भारत निर्वाचन आयोग (Election Commission of India- ECI) ने देश के छह राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में मतदाता सूचियों (Voter lists) के ‘विशेष गहन पुनरीक्षण’ (Special Intensive Revision – SIR) का कार्य सफलतापूर्वक संपन्न कर लिया है। शनिवार को जारी आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, इस प्रक्रिया के दौरान मतदाता सूचियों में बड़े पैमाने पर बदलाव दर्ज किए गए हैं। लाखों की संख्या में अपात्र मतदाताओं के नाम हटाए गए हैं।

    एसआईआर के आंकड़ों में सबसे चौंकाने वाली गिरावट गुजरात में देखी गई है। यहां कुल 68,12,711 मतदाताओं के नाम सूची से हटाए गए हैं। पुनरीक्षण से पहले गुजरात में मतदाताओं की संख्या 5,08,43,436 थी, जो अब घटकर 4,40,30,725 रह गई है। यह कुल मतदाता संख्या में 13.40% की भारी गिरावट है। गुजरात के बाद मध्य प्रदेश में भी मतदाता सूची में बड़ी शुद्धि की गई है। यहां 34,25,078 नाम हटाए गए, जिससे मतदाताओं की संख्या 5,74,06,143 से कम होकर 5,39,81,065 (-5.97%) पर आ गई है।


    कहां कितनी हुई कटौती?

    – राजस्थान: मतदाताओं की संख्या 5,46,56,215 से घटकर 5,15,19,929 हो गई। 31,36,286 नाम काटे गए।
    – छत्तीसगढ़: यहां मतदाता सूची 2,12,30,737 से घटकर 1,87,30,914 रह गई। 24,99,823 नाम काटे गए।
    – केरल: सूची से 8,97,211 नाम हटाए गए, जिसके बाद अब कुल मतदाता 2,69,53,644 हैं।
    – गोवा: मतदाताओं की संख्या में 1,27,468 की गिरावट दर्ज की गई।

    केंद्र शासित प्रदेशों की स्थिति
    – पुडुचेरी: 77,367 मतदाताओं के नाम हटाए गए।
    – अंडमान और निकोबार: 52,364 नामों की कटौती की गई।
    – लक्षद्वीप: यहां सबसे कम केवल 206 नामों में बदलाव हुआ है।

    चुनाव अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि यह बदलाव ‘नेट चेंज’ को दर्शाता है, जिसमें अपात्र मतदाताओं की संख्या में से नए जुड़े पात्र मतदाताओं को घटाया गया है। सूची से नाम हटाने के प्राथमिक कारणों में मृत्यु, स्थायी रूप से स्थानांतरण, एक से अधिक जगहों पर नाम और अन्य पात्रता संबंधी मुद्दे शामिल हैं। आयोग ने दोहराया कि मतदाता सूची को अपडेट करना एक निरंतर चलने वाली प्रक्रिया है।

    उत्तर प्रदेश और पश्चिम बंगाल की बारी
    निर्वाचन आयोग ने देश के 12 राज्यों में इस राष्ट्रव्यापी अभ्यास की शुरुआत की थी। दूसरे चरण के 12 राज्यों में से अब केवल तीन राज्य शेष हैं। पश्चिम बंगाल, उत्तर प्रदेश और तमिलनाडु के लिए ‘विशेष गहन पुनरीक्षण’ (SIR) का डेटा इस महीने के अंत में जारी किया जाएगा। आयोग ने शेष राज्यों के मुख्य निर्वाचन अधिकारियों (CEOs) को भी प्रारंभिक कार्य शुरू करने के निर्देश दिए हैं।

    SIR प्रक्रिया का अगला चरण अप्रैल में शुरू होने वाला है, जो मतदाता सूची के सत्यापन के देशव्यापी अभियान का हिस्सा होगा। फिलहाल, राजस्थान, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, केरल, गोवा और अंडमान-निकोबार के लिए अंतिम मतदाता सूचियां आधिकारिक तौर पर प्रकाशित कर दी गई हैं।

  • PM मोदी आज देश के इस क्षेत्र को देंगे हाईस्पीड रीजनल ट्रेन और मेट्रो की सौगात

    PM मोदी आज देश के इस क्षेत्र को देंगे हाईस्पीड रीजनल ट्रेन और मेट्रो की सौगात


    मेरठ ।
    क्रांति की धरती मेरठ (Meerut.) एक बार फिर ऐतिहासिक पल का गवाह बनने जा रही है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Prime Minister Narendra Modi) रविवार को मेरठ के 135 मिनट के प्रवास के दौरान ‘नमो भारत’ (RRTS) और ‘मेरठ मेट्रो’ (Meerut Metro) की बड़ी सौगात देंगे। यह न केवल पश्चिमी उत्तर प्रदेश के लिए एक बड़ी उपलब्धि है, बल्कि वैश्विक स्तर पर परिवहन तकनीक का एक अनूठा उदाहरण भी है। प्रधानमंत्री द्वारा शुरू की जा रही इस परियोजना की कई ऐसी विशेषताएं हैं जो इसे देश के अन्य शहरों से अलग बनाती हैं।

    भारत में पहली बार एक ही इंफ्रास्ट्रक्चर और ट्रैक पर ‘नमो भारत’ (रीजनल रैपिड ट्रांजिट सिस्टम) और ‘मेरठ मेट्रो’ का संचालन होगा। मेरठ मेट्रो देश की सबसे तेज मेट्रो सेवाओं में से एक होगी, जिसकी डिजाइन स्पीड 135 किमी/घंटा और ऑपरेशनल स्पीड 120 किमी/घंटा तक हो सकती है। साहिबाबाद से मेरठ के बीच का सफर अब मिनटों में तय होगा, जिससे दिल्ली-एनसीआर और मेरठ के बीच की दूरी का अहसास खत्म हो जाएगा। नमो भारत और मेट्रो के स्टेशनों को विश्व स्तरीय सुविधाओं जैसे—प्लेटफॉर्म स्क्रीन डोर्स (PSDs), हाई-स्पीड वाईफाई और स्मार्ट टिकटिंग से लैस किया गया है।


    सीएम योगी ने किया निरीक्षण

    उद्घाटन कार्यक्रम से एक दिन पहले शनिवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (Chief Minister Yogi Adityanath) ने मेरठ पहुंचकर रैपिड के प्रोजेक्ट साइट शताब्दीनगर, मेरठ साउथ स्टेशन और कार्यक्रम स्थल का बारीकी से निरीक्षण किया। दोनों स्टेशनों का निरीक्षण कर मुख्यमंत्री ने जनसभा स्थल पर अधिकारियों के साथ बैठक कर सुरक्षा और व्यवस्थाओं को अंतिम रूप दिया। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह कॉरिडोर न केवल दूरी कम करेगा, बल्कि उत्तर प्रदेश की प्रगति को नई गति प्रदान करेगा। Xइस कॉरिडोर के शुरू होने से न केवल यात्रा के समय में भारी बचत होगी, बल्कि इसके बहुआयामी प्रभाव भी देखने को मिलेंगे।

    उन्होंने कहा कि पश्चिमी उत्तर प्रदेश के यातायात और बुनियादी ढांचे के इतिहास में नया अध्याय जुड़ने जा रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी क्षेत्रीय रैपिड ट्रांजिट सिस्टम (आरआरटीएस) यानी ‘रैपिड मेट्रो’ के नए खंड का भव्य उद्घाटन करेंगे। इस कॉरिडोर के शुरू होने से न केवल यात्रा के समय में भारी बचत होगी, बल्कि इसके बहुआयामी प्रभाव भी देखने को मिलेंगे।


    जनसभा और संबोधन

    उद्घाटन के बाद प्रधानमंत्री एक विशाल जनसभा को संबोधित करेंगे। लगभग 50 मिनट के इस भाषण में वह मेरठ और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के लिए भविष्य के विजन को साझा करेंगे। मेरठ आगमन से लेकर प्रस्थान तक प्रधानमंत्री 105 मिनट मेरठ की धरती पर रहेंगे, जो शहर के इतिहास में स्वर्णिम अक्षरों में दर्ज होने जा रहा है।


    रूट डायवर्जन

    प्रधानमंत्री के कार्यक्रम को लेकर मेरठ में रविवार को रूट डायवर्जन रहेगा। सुबह छह से शाम छह बजे तक दिल्ली-देहरादून हाइवे पर गाजियाबाद-मेरठ के बीच वाहनों का आवागमन पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा। वहीं, दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे पर वाहन चलते रहेंगे। मेरठ से गाजियाबाद जाने वाले वाहनों को हापुड़ होकर गाजियाबाद भेजा जाएगा। एटीएस, एसटीएफ और इंटेलिजेंस यूनिट को अलर्ट पर रखा गया है।


    मेरठ से दिल्ली जाने वाले वाहन

    – मेरठ शहर से दिल्ली जाने वाले वाहन दिल्ली रोड नहीं जाएंगे। सभी वाहन मेरठ शहर से मोदीपुरम पुल, सरधना पुल, रोहटा पुल, बागपत पुल से एनएच-58 से होकर काशी टोल प्लाजा से दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे होते हुए जा सकेंगे।
    – मेरठ शहर से दिल्ली जाने वाले वाहन बिजली बंबा चौराहे से होते हुए हापुड़ से दिल्ली-मुरादाबाद हाईवे से दिल्ली जा सकेगे।


    दिल्ली से मेरठ शहर आने वाले वाहन

    – दिल्ली से मेरठ शहर आने वाले वाहन एक्सप्रेस-वे से काशी टोल प्लाजा से एनएच-58 होते हुए मेरठ शहर आ सकेंगे।
    – दिल्ली से मेरठ शहर आने वाले वाहन दिल्ली मुरादाबाद हाईवे होते हुए हापुड से बिजली बंबा चौराहे से मेरठ शहर में आ सकेंगे।
    – मेरठ से दिल्ली आने/जाने वाले वाहन परतापुर इन्टरचेंज से दिल्ली रोड होते हुए मेरठ शहर मे प्रवेश नहीं कर सकेंगे।
    – यातायात प्रबंधन के दौरान किसी भी प्रकार की आपात कालीन सेवाएं एंव एम्बुलेंस बाधित नहीं रहेगी।
    – मोदीनगर से मेरठ की ओर भी कोई भी वाहन नहीं आने दिया जाएगा। सभी वाहन दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेस वे से जाएंगे।
    – एनएच-58 पर परतापुर इंटरचेंज से मोदीनगर-दिल्ली की ओर कोई वाहन नहीं जाएगा। सभी वाहन दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेस वे से आएंगे-जाएंगे।


    एटीएस और एसटीएफ समेत इंटेलिजेंस यूनिट अलर्ट

    एटीएस, एसटीएफ और इंटेलिजेंस यूनिट को अलर्ट किया गया है। सुरक्षा का पूरा जिम्मा एसपीजी ने संभाला हुआ है। लोकल इनपुट को लेकर टीम और स्थानीय पुलिस अलर्ट है। सभास्थल के आसपास का इलाका पूरी तरह पुलिस की निगरानी में रखा जाएगा।