Category: National

  • फरीदाबाद जेल में राम मंदिर हमले के आरोपी का खून देश विरोध की साजिश का अंत या जेल सुरक्षा पर सवाल

    फरीदाबाद जेल में राम मंदिर हमले के आरोपी का खून देश विरोध की साजिश का अंत या जेल सुरक्षा पर सवाल


    नई दिल्ली :अयोध्या में बने राम मंदिर पर हमले की कथित साजिश से जुड़े मामले में फरीदाबाद जिला जेल से एक सनसनीखेज घटना सामने आई है। जेल में बंद उन्नीस वर्षीय आरोपी अब्दुल रहमान की रविवार रात हत्या कर दी गई। अब्दुल रहमान पर आरोप था कि वह राम मंदिर परिसर पर ग्रेनेड हमले की साजिश में शामिल था। इस घटना ने न केवल जेल प्रशासन की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं बल्कि अंडरवर्ल्ड गैंग की खुलेआम चुनौती को भी उजागर किया है।

    अब्दुल रहमान को मार्च दो हजार पच्चीस में हरियाणा एसटीएफ और गुजरात एटीएस की संयुक्त कार्रवाई में गिरफ्तार किया गया था। गिरफ्तारी के समय उसके पास से दो हैंड ग्रेनेड बरामद किए गए थे। जांच एजेंसियों का दावा था कि वह आईएसआई से जुड़े नेटवर्क के संपर्क में था और अयोध्या स्थित राम मंदिर से संबंधित कई संवेदनशील वीडियो उसके मोबाइल से मिले थे। इसके बाद उसे फरीदाबाद जिला जेल में न्यायिक हिरासत में रखा गया था।

    रविवार रात करीब आठ बजे जेल के भीतर अचानक हिंसा भड़क उठी। बताया जा रहा है कि उसी बैरक में बंद कैदी अरुण चौधरी ने किसी नुकीली वस्तु या पत्थर से अब्दुल रहमान के सिर पर हमला कर दिया। हमले के बाद जेल प्रशासन में हड़कंप मच गया। गंभीर रूप से घायल अब्दुल रहमान को तुरंत अस्पताल ले जाया गया जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।

    इस हत्या के बाद मामला और ज्यादा गंभीर तब हो गया जब कुख्यात रोहित गोदारा गैंग की ओर से सोशल मीडिया पर एक पोस्ट सामने आई। गैंग के सदस्य महेंद्र डेलाना ने इस हत्या की जिम्मेदारी को नैतिक समर्थन देते हुए अरुण चौधरी की खुलेआम सराहना की। पोस्ट में कहा गया कि जो भी देश के खिलाफ जाएगा उसका यही अंजाम होगा। इस बयान को सुरक्षा एजेंसियां खुलेआम धमकी और कानून व्यवस्था को चुनौती के रूप में देख रही हैं।

    रोहित गोदारा गैंग का नाम पहले भी कई आपराधिक मामलों में सामने आ चुका है। जेल के भीतर इस तरह की वारदात और उसके बाद गैंग का खुला समर्थन यह संकेत देता है कि जेलों के अंदर अपराधी नेटवर्क किस हद तक सक्रिय हैं। सवाल यह भी उठ रहा है कि एक हाई प्रोफाइल आतंकी मामले के आरोपी की सुरक्षा में इतनी बड़ी चूक कैसे हुई।

    उधर अब्दुल रहमान के परिवार को जैसे ही जेल से सूचना मिली वे फरीदाबाद के लिए रवाना हो गए। पोस्टमॉर्टम की प्रक्रिया चल रही है। परिजनों का कहना है कि अब्दुल रहमान उनके परिवार का इकलौता वारिस था। दो दिन पहले ही वे उससे जेल में मिलकर लौटे थे और किसी को अंदेशा नहीं था कि इतनी बड़ी घटना हो जाएगी।

    इस मामले की जांच अब कई स्तरों पर की जा रही है। एक ओर हत्या की आपराधिक जांच होगी वहीं दूसरी ओर जेल प्रशासन की भूमिका भी जांच के घेरे में है। यह घटना एक बार फिर यह सोचने पर मजबूर करती है कि क्या जेलें सुधार गृह हैं या अपराध का नया मैदान बनती जा रही हैं।

  • महाराष्ट्र जिला परिषद चुनाव में BJP का दबदबा कायम, शिंदे सेना और NCP भी मजबूत स्थिति में

    महाराष्ट्र जिला परिषद चुनाव में BJP का दबदबा कायम, शिंदे सेना और NCP भी मजबूत स्थिति में

    नई दिल्‍ली । महाराष्ट्र में नगर निकाय चुनावों के बाद अब जिला परिषद चुनावों में भी भारतीय जनता पार्टी ने अपनी मजबूत मौजूदगी दर्ज कराई है। शुरुआती रुझानों के अनुसार, भाजपा 145 सीटों पर बढ़त बनाए हुए है। वहीं मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे की शिवसेना 85 सीटों पर और अजित पवार गुट की एनसीपी करीब 80 सीटों पर आगे चल रही है।

    बता दें कि राज्यभर में कुल 731 जिला परिषद और 1462 पंचायत समिति सीटों के लिए रविवार को मतदान कराया गया था, जिसमें लगभग 2 करोड़ मतदाताओं ने अपने मताधिकार का इस्तेमाल किया। यह चुनाव पहले 5 फरवरी को प्रस्तावित थे, लेकिन उपमुख्यमंत्री अजित पवार के निधन के कारण इन्हें स्थगित कर दिया गया था। इसके बाद 8 फरवरी को मतदान संपन्न हुआ और अब इसके नतीजे सामने आ रहे हैं।

    भाजपा को सांगली, सतारा और पनवेल में बढ़त

    अब तक सामने आए रुझानों के मुताबिक, भाजपा ने सांगली, सतारा और पनवेल जैसे अहम क्षेत्रों में बढ़त बना ली है। दूसरी ओर, अजित पवार का पारंपरिक गढ़ माने जाने वाले बारामती इलाके में एनसीपी का प्रदर्शन मजबूत नजर आ रहा है। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि एनसीपी को यह बढ़त अजित पवार के हालिया निधन के बाद बनी सहानुभूति के चलते मिली हो सकती है। अजित पवार को पुणे और मराठवाड़ा क्षेत्र के प्रभावशाली नेताओं में शुमार थे और इन इलाकों में उनकी गहरी पकड़ रही है। ऐसे में उनके निधन के बाद मतदाताओं में भावनात्मक जुड़ाव का असर चुनावी नतीजों में झलकता दिखाई दे रहा है।

    विपक्ष को करारा झटका

    731 जिला परिषद सीटों पर हुए चुनाव में भाजपा सबसे बड़ी पार्टी के तौर पर उभरती दिख रही है। महायुति के सहयोगी दलों में एकनाथ शिंदे गुट की शिवसेना दूसरे स्थान पर है, जबकि अजित पवार की एनसीपी तीसरे नंबर पर बनी हुई है। विधानसभा चुनाव के बाद से लगातार संघर्ष कर रहे विपक्ष को इन नतीजों से एक बार फिर करारा झटका लगा है। कांग्रेस महज 30 सीटों पर सिमटती नजर आ रही है, जबकि उद्धव ठाकरे गुट की शिवसेना केवल 21 सीटों पर ही बढ़त दर्ज कर पाई है। वहीं पुणे और सोलापुर जैसे प्रमुख जिलों में एनसीपी ने बेहतर प्रदर्शन करते हुए मुकाबला अपने पक्ष में कर लिया है।

    सोलापुर-पुणे में एनसीपी का दबदबा, सतारा में BJP ने बनाई बढ़त

    जिला परिषद चुनावों के रुझानों में सोलापुर और पुणे जिलों में एनसीपी का प्रदर्शन काफी मजबूत नजर आ रहा है। सोलापुर में पार्टी अब तक 24 सीटों पर बढ़त बनाए हुए है, जबकि कांग्रेस यहां अपना खाता खोलने में भी नाकाम रही है। पुणे जिले में भी एनसीपी को बढ़त मिलती दिख रही है, जिसे राजनीतिक विश्लेषक सहानुभूति लहर से जोड़कर देख रहे हैं। वहीं सतारा जिले में भाजपा ने स्पष्ट बढ़त हासिल की है। यहां भाजपा 32 सीटों पर आगे चल रही है, जबकि एनसीपी 17 और शिवसेना 10 सीटों पर बढ़त बनाए हुए है।

  • भारत सेशेल्स साझेदारी को नई ऊँचाई 175 मिलियन डॉलर के विशेष आर्थिक पैकेज की घोषणा

    भारत सेशेल्स साझेदारी को नई ऊँचाई 175 मिलियन डॉलर के विशेष आर्थिक पैकेज की घोषणा


    नई दिल्ली । प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने सेशेल्स के राष्ट्रपति श्री अर्मिनी और उनके प्रतिनिधिमंडल का भारत आगमन पर हार्दिक स्वागत किया तथा राष्ट्रपति चुने जाने पर 140 करोड़ भारतवासियों की ओर से उन्हें शुभकामनाएं दीं। प्रधानमंत्री ने कहा कि राष्ट्रपति अर्मिनी की यह पहली भारत यात्रा ऐसे महत्वपूर्ण वर्ष में हो रही है जब सेशेल्स अपना 50वां स्वतंत्रता दिवस तथा भारत सेशेल्स राजनयिक संबंधों की 50वीं वर्षगांठ मना रहा है जो दोनों देशों की मित्रता की गहराई को दर्शाता है।

    प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत और सेशेल्स के संबंध केवल राजनयिक दायरे तक सीमित नहीं हैं बल्कि हिंद महासागर के माध्यम से सदियों पुराने ऐतिहासिक सांस्कृतिक और व्यापारिक संबंधों पर आधारित हैं। एक समुद्री पड़ोसी और विश्वसनीय साझेदार के रूप में सेशेल्स भारत के ‘महासागर विज़न’ का अभिन्न हिस्सा है।

    प्रधानमंत्री ने बताया कि आज की वार्ताओं में आर्थिक सहयोग को और सुदृढ़ करने स्थानीय मुद्राओं में व्यापार बढ़ाने फिनटेक और डिजिटल समाधान के क्षेत्र में सहयोग को आगे बढ़ाने पर सहमति बनी है। विकास साझेदारी को भारत सेशेल्स संबंधों की मजबूत नींव बताते हुए उन्होंने सेशेल्स की प्राथमिकताओं के अनुरूप 175 मिलियन अमेरिकी डॉलर के विशेष आर्थिक पैकेज की घोषणा की। यह पैकेज सामाजिक आवास ई-मोबिलिटी व्यावसायिक प्रशिक्षण स्वास्थ्य रक्षा तथा समुद्री सुरक्षा जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में परियोजनाओं को समर्थन देगा जिससे युवाओं के लिए रोजगार और कौशल विकास के नए अवसर सृजित होंगे।

    प्रधानमंत्री ने बताया कि सेशेल्स की क्षमता निर्माण में भारत के आईटीईसी कार्यक्रम की अहम भूमिका रही है। इस दिशा में सेशेल्स के सिविल सेवकों के प्रशिक्षण हेतु समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए गए हैं। इसके साथ ही डिजिटल परिवर्तन स्वास्थ्य सहयोग किफायती औषधियों की आपूर्ति नवीकरणीय ऊर्जा और जलवायु अनुकूल समाधानों में सहयोग को और विस्तार देने पर सहमति बनी है।

    प्रधानमंत्री ने कहा कि ब्लू इकोनॉमी समुद्री अनुसंधान क्षमता निर्माण और डेटा साझाकरण जैसे क्षेत्रों में सहयोग स्वाभाविक है। रक्षा सहयोग और समुद्री सुरक्षा को साझेदारी का महत्वपूर्ण स्तंभ बताते हुए उन्होंने कोलंबो सुरक्षा सम्मेलन में पूर्ण सदस्य के रूप में सेशेल्स के शामिल होने का स्वागत किया।

    प्रधानमंत्री ने दोनों देशों के बीच लोगों से लोगों के संबंधों को सबसे बड़ी ताकत बताते हुए पर्यटन शिक्षा संस्कृति और खेल के माध्यम से युवा आदान-प्रदान बढ़ाने पर बल दिया। उन्होंने कहा कि आज जारी किया जा रहा भारत सेशेल्स संयुक्त दृष्टि-पत्र आने वाले वर्षों में द्विपक्षीय सहयोग का मार्गदर्शक बनेगा।

  • परीक्षा पे चर्चा 2026 एपिसोड 2 कोयंबटूर से गुवाहाटी तक छात्रों से संवाद, जीवन परीक्षा के गुर दे गए प्रधानमंत्री

    परीक्षा पे चर्चा 2026 एपिसोड 2 कोयंबटूर से गुवाहाटी तक छात्रों से संवाद, जीवन परीक्षा के गुर दे गए प्रधानमंत्री


    नई दिल्ली । परीक्षा पे चर्चा 2026 के एपिसोड 2 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देशभर के छात्रों से सीधे संवाद कर यह संदेश दिया कि यह कार्यक्रम सिखाने से ज्यादा सीखने का मंच है। इस बार चर्चा स्टूडियो तक सीमित न रहकर देश के अलग अलग हिस्सों में पहुंची जहां प्रधानमंत्री ने विद्यार्थियों के बीच बैठकर उनकी जिज्ञासाएं सुनीं और सरल उदाहरणों से समाधान सुझाए।

    तमिलनाडु के कोयंबटूर से शुरुआत करते हुए प्रधानमंत्री ने छात्रों के सवालों पर स्टार्टअप पैशन और पढ़ाई के संतुलन विकसित भारत 2047 और अनुशासन के महत्व पर खुलकर बात की। उन्होंने कहा कि स्टार्टअप के लिए उम्र नहीं स्पष्ट सोच और टीमवर्क जरूरी है। पढ़ाई और रुचि को विरोधी न मानते हुए दोनों को साथ साथ आगे बढ़ाने की सलाह दी। विकसित भारत के सपने को साकार करने के लिए उन्होंने नागरिक कर्तव्यों स्वच्छता नियमों का पालन और ‘वोकल फॉर लोकल को अहम बताया।

    छात्रों द्वारा पूछे गए एआई और भविष्य के करियर से जुड़े सवाल पर प्रधानमंत्री ने कहा कि तकनीक से डरने की जरूरत नहीं बल्कि उसे समझकर अपने काम में वैल्यू एडिशन करना चाहिए। अनुशासन को प्रेरणा से भी अधिक जरूरी बताते हुए उन्होंने कहा कि बिना डिसिप्लिन के इंस्पिरेशन भी बोझ बन जाता है।

    इसके बाद चर्चा छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर पहुंची जहां संवाद के साथ साथ स्थानीय व्यंजनों और संस्कृति का भी रंग देखने को मिला। प्रधानमंत्री ने छात्रों को भारत भ्रमण की सलाह देते हुए कहा कि छात्र जीवन में साधारण साधनों से यात्रा करने से जीवन के वास्तविक अनुभव मिलते हैं। परीक्षा के तनाव पर उन्होंने रिवीजन प्रैक्टिस अच्छी नींद और आत्मविश्वास को सबसे कारगर उपाय बताया। खेल और पढ़ाई के संतुलन पर जोर देते हुए कहा कि शिक्षा और खेल दोनों जीवन के लिए आवश्यक हैं।

    गुजरात के आदिवासी क्षेत्र में पहुंचे प्रधानमंत्री ने शिक्षा और इंफ्रास्ट्रक्चर को विकास की कुंजी बताया। उन्होंने अपने अनुभव साझा करते हुए कहा कि आदिवासी क्षेत्रों में शिक्षा संस्थानों के विस्तार से बड़ा बदलाव संभव हुआ। तनाव प्रबंधन पर उन्होंने कहा कि लगातार अभ्यास लिखने की आदत और पर्याप्त नींद तनाव को दूर करती है। करियर चयन पर प्रधानमंत्री ने छात्रों को सपनों के अनुरूप जीवन बनाने और शोर नहीं बल्कि सफलता को बोलने देने की सीख दी।

    अंत में असम के गुवाहाटी में ब्रह्मपुत्र के तट पर हुई चर्चा में आत्मविश्वास स्वास्थ्य खान पान और तुलना की मानसिकता पर खुलकर संवाद हुआ। प्रधानमंत्री ने कहा कि आत्मविश्वास का अर्थ है स्वयं पर विश्वास और अपनी क्षमता को पहचानना। उन्होंने छात्रों को दूसरों से नहीं खुद से प्रतिस्पर्धा करने की सलाह दी।

    एपिसोड 2 का सार यही रहा कि परीक्षा केवल अंकों की नहीं बल्कि जीवन को समझने की प्रक्रिया है। अलग अलग स्थान अलग अलग छात्र लेकिन एक ही उद्देश्य छात्रों को सुनना समझना और उन्हें आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ने की प्रेरणा देना।

  • तेज प्रताप के वैवाहिक रिश्तों वाले बयान पर JDU का पहला रिएक्शन, निशाने पर तेजस्वी यादव क्यों?

    तेज प्रताप के वैवाहिक रिश्तों वाले बयान पर JDU का पहला रिएक्शन, निशाने पर तेजस्वी यादव क्यों?


    नई दिल्ली । सियासी गलियारे में एक बार फिर लालू यादव के बड़े बेटे तेज प्रताप यादव की चर्चा है. बीते रविवार 08 फरवरी, 2026 को सोशल मीडिया पर यह चर्चा शुरू हो गई थी कि तेज प्रताप यादव को बेटी हुई है. अनुष्का यादव ने एक बच्ची को जन्म दिया है. केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी ने सार्वजनिक रूप से बधाई भी दे दी थी. इसके बाद तेज प्रताप ने रात में 8:30 बजे प्रेस कॉन्फ्रेंस की. इन दावों को उन्होंने खारिज कर दिया. साफ कहा कि अनुष्का से उनका कोई संबंध नहीं है. बेटी होने की बात को भी अफवाह बताया. कोर्ट जाने की बात कही. इन सबके बीच जेडीयू का रिएक्शन आया है. निशाने पर तेजस्वी यादव रहे.
    आरजेडी के नेताओं-कार्यकर्ताओं को दी सलाह
    राजीव रंजन ने कहा, “कहीं न कहीं जो पार्टी का निराशाजनक प्रदर्शन हुआ है आरजेडी बहुत मुश्किल से 25 सीटें जीत पाई है. दरअसल दो अंकों में भी पहुंच पाना यह सिलसिला जारी रहेगा तो आने वाले वर्षों में उनके लिए और मुश्किल हो जाएगी. इसलिए जरूर आरजेडी के नेताओं और कार्यकर्ताओं को सोचना होगा कि तेजस्वी यादव के नेतृत्व में आरजेडी कैसे गुमनामी के अंधेरे में जाने से बच सके.

    तेज प्रताप यादव के बयान के बाद भले सियासत शुरू हो गई है लेकिन अब देखना होगा कि इस पर आगे क्या कुछ होता है. बता दें कि अनुष्का का ही मामला जब सामने आया था तो तेज प्रताप यादव को पार्टी से उनके पिता लालू यादव ने निष्कासित कर दिया था. परिवार से तेज प्रताप को अलग होना पड़ा. इसके बाद उन्होंने अपनी पार्टी बनाई. महुआ से 2025 में चुनाव लड़े लेकिन हार गए.

  • घर में ही मिला भारत का दुश्मन, पाकिस्तान के लिए करता था जासूसी; ISI को भेजी सेना की गोपनीय जानकारी

    घर में ही मिला भारत का दुश्मन, पाकिस्तान के लिए करता था जासूसी; ISI को भेजी सेना की गोपनीय जानकारी


    नई दिल्ली । पंजाब के अमृतसर से एक चिंताजनक खबर सामने आई हैजिसने देश की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्टेट स्पेशल ऑपरेशन सेल ने एक सीक्रेट ऑपरेशन के तहत अमृतसर में एक ऐसे शख्स को गिरफ्तार किया हैजो पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी ISI के लिए भारतीय सेना की गोपनीय जानकारियां भेज रहा था। आरोपी की पहचान हरपाल सिंह के रूप में हुई हैजो अजनाला सेक्टर के सीमावर्ती इलाके का रहने वाला और पेशे से किसान बताया जा रहा है। पुलिस ने आरोपी पर मामला दर्ज कर लिया है और जांच जारी है।

    शुरुआती जांच में पता चला है कि हरपाल सिंह लगभग एक साल से ISI के संपर्क में था और नियमित रूप से भारतीय सेना से जुड़ी संवेदनशील जानकारियां पाकिस्तान को भेज रहा था। इस मामले की गहराई का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि आरोपी के कब्जे से एक सीडी और मोबाइल फोन बरामद हुए हैं। मोबाइल फोन में कुछ पाकिस्तान के नंबर भी मिले हैंजिससे उसकी पाकिस्तानी एजेंसी के साथ कनेक्शन की पुष्टि होती है।

    खुफिया इनपुट के आधार पर SSO ने अमृतसर के खालसा कॉलेज इलाके में नाकेबंदी की और हरपाल सिंह को दबोच लिया। 35 वर्षीय आरोपी अमृतसर जिले की तहसील अजनाला के सीमावर्ती इलाके का रहने वाला है। पहले से ही सुरक्षा एजेंसियों की नजर उसकी गतिविधियों पर बनी हुई थीइसलिए कार्रवाई तुरंत संभव हो पाई। तलाशी के दौरान मिली सीडी में सेना से संबंधित डाटा और सैन्य गतिविधियों की मूवमेंट से जुड़ी जानकारियां होने की बात सामने आई हैजो राष्ट्रीय सुरक्षा के लिहाज से बेहद गंभीर है।

    आरोपी के मोबाइल फोन को फॉरेंसिक जांच के लिए भेजा गया है। इससे यह पता लगाने की कोशिश की जाएगी कि वह किन-किन लोगों के संपर्क में था और किस अंतरराष्ट्रीय जासूसी नेटवर्क से जुड़ा था। मोबाइल की कॉल डिटेलचैटसोशल मीडिया और अन्य डिजिटल गतिविधियों की जांच की जाएगी ताकि पूरा नेटवर्क उजागर हो सके। पुलिस आरोपी को अदालत में पेश कर रिमांड हासिल करने की तैयारी कर रही हैताकि उससे विस्तार से पूछताछ की जा सके और मामले की गहराई से जांच हो सके।

    पंजाब के सीमावर्ती जिलों में पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी ISI की जासूसी का जाल लगातार फैलता रहा है। अमृतसरपठानकोटफिरोजपुरफाजिल्का और गुरदासपुर से पहले भी कई ऐसे लोग पकड़े जा चुके हैंजो पैसों और अन्य लालच में फंसकर जासूसी नेटवर्क का हिस्सा बन गए। खासकर सीमा से सटे गांवों के लोग ISI की फंदेबाजी का शिकार बनते हैं।

    मई 2025 में भारत-पाकिस्तान के बीच हुए सैन्य संघर्ष के बाद से पंजाब में सुरक्षा एजेंसियों की सतर्कता और बढ़ गई है। लगातार जासूसों की गिरफ्तारी इस बात का संकेत है कि दुश्मन देश की साजिशें अभी भी जारी हैं। इसलिए सुरक्षा एजेंसियां सीमावर्ती इलाकों में निगरानी और सुरक्षा व्यवस्था को और कड़ा कर रही हैंताकि देश की सुरक्षा को किसी भी तरह का नुकसान न हो।

  • भारत-अमेरिका ट्रेड डील: तेल खरीदने की रणनीति पर गोयल ने दिया स्पष्टीकरण

    भारत-अमेरिका ट्रेड डील: तेल खरीदने की रणनीति पर गोयल ने दिया स्पष्टीकरण


    नई दिल्ली। केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने भारत और अमेरिका के बीच हाल ही में हुई ट्रेड डील पर अपनी राय रखी। उन्होंने कहा कि अमेरिका से तेल खरीदना भारत के रणनीतिक हित में है, क्योंकि इससे देश को स्रोत में विविधता मिलती है। वहीं, रूसी तेल को लेकर उन्होंने स्पष्ट जवाब देने से बचते हुए कहा कि इस मामले में विदेश मंत्रालय अधिक उपयुक्त जवाब दे सकता है।

    तेल खरीद निर्णय खरीददारों पर निर्भर

    गोयल ने कहा, अमेरिका से कच्चा तेल, एलएनजी या एलपीजी खरीदना रणनीतिक हित में है। लेकिन यह फैसला घरेलू खरीदार खुद ही लेते हैं। ट्रेड डील यह तय नहीं करती कि कौन किससे क्या खरीदेगा। उन्होंने बताया कि व्यापार समझौते का उद्देश्य दोनों देशों के बीच कारोबार को आसान बनाना और विशेष पहुंच प्रदान करना है। गोयल ने कहा, “एफ़टीए का मतलब ही होता है कि प्रतिस्पर्धियों की तुलना में विशेष पहुंच मिले। जब हम पर 18 प्रतिशत का पारस्परिक शुल्क है, तो हमें दूसरे विकासशील देशों पर बढ़त मिलती है।

    500 अरब डॉलर का व्यापार भी कोई चुनौती नहीं
    मीडिया से बातचीत में गोयल ने कहा कि भारत अगले पांच वर्षों में अमेरिका से 500 अरब डॉलर मूल्य के उत्पाद खरीदने में सक्षम है। उन्होंने इसे अत्यंत रूढ़िवादी आंकड़ा बताया। इसके अंतर्गत ऊर्जा उत्पाद, विमान और उनके पुर्जे, कीमती धातुएं, प्रौद्योगिकी उत्पाद और कोकिंग कोयला शामिल हैं। गोयल ने कहा, “तेल, एलएनजी, एलपीजी और कच्चे तेल के अलावा केवल विमानन क्षेत्र के लिए ही कम से कम 100 अरब डॉलर से अधिक की आवश्यकता होगी।

    डील का रणनीतिक महत्व
    साथ ही उन्होंने बताया कि वर्तमान में भारत अमेरिका से लगभग 300 अरब डॉलर मूल्य के ऐसे सामान आयात कर सकता है, जो अब तक अन्य देशों से खरीदे जा रहे थे। यह समझौता दोनों देशों के बीच व्यापारिक संबंधों को गति देने और प्रतिस्पर्धा में बढ़त दिलाने के लिए किया गया है।
  • गाजियाबाद में नकली Liv-52 टैबलेट बनाने वाले गिरोह का पर्दाफाश, सरगना समेत 5 गिरफ्तार

    गाजियाबाद में नकली Liv-52 टैबलेट बनाने वाले गिरोह का पर्दाफाश, सरगना समेत 5 गिरफ्तार


    गाजियाबाद । मुरादनगर पुलिस ने एक बड़े पैमाने पर नकली दवा बनाने वाले गिरोह का पर्दाफाश किया है। गिरोह ने नामी कंपनी के नाम का इस्तेमाल कर Liv-52 टैबलेट नकली बनाकर बेचने का काम किया। पुलिस ने गिरोह के सरगना मयंक अग्रवाल सहित कुल 5 लोगों को गिरफ्तार किया है। इनके कब्जे से लगभग 50,000 टैबलेट, डेढ़ हजार खाली डिब्बियां और रैपर बरामद किए गए हैं।

    पकड़े गए आरोपी और उनकी पहचान

    डीसीपी देहात सुरेंद्र नाथ तिवारी ने बताया कि पकड़े गए आरोपियों में शामिल हैं:
    मयंक अग्रवाल (मोदीनगर, तिबड़ा रोड) – सरगना
    अनूप गर्ग (दिल्ली, उत्तम नगर)
    तुषार ठाकुर (नंदग्राम, सुभाषनगर)
    आकाश ठाकुर (नंदग्राम, हिंडन विहार)
    नितिन त्यागी (निवाड़ी)

    पुलिस अब अन्य छह साथियों की तलाश कर रही है। गिरफ्तार करने वाली टीम को 20,000 रुपये का इनाम भी मिला।

    गिरोह का काम करने का तरीका

    जांच में पता चला कि गिरोह ने लगभग चार महीने पहले ही यह नेटवर्क तैयार किया। आरोपियों ने सफेद डिब्बी और ढक्कन मेरठ के एक प्लास्टिक उद्योग से बनवाए, रैपर की प्रिंटिंग प्रेस खैरनगर चौपला में करवाई। टैबलेट सोनीपत की सुबको लेबोरेट्रीज़ से बनवाई जाती थी। सभी सामग्री इकट्ठा कर मुरादनगर निवासी जोनी और फरमान के साथ मिलकर पैक की जाती थी। फर्म में मुकेश कुमार को मालिक बनाया गया था और फरमान जीएसटी की फर्जी बिलिंग तैयार करता था।

    जिम्मेदारी बांटी गई थी
    मयंक – सोनीपत की लेबोरेट्री से दवा बनवाता
    तुषार – मेडिकल कॉलेज में पढ़ाई के साथ दवा की सप्लाई और कुरियरिंग
    नितिन – नगर पंचायत के पूर्व अध्यक्ष, प्रशासनिक मदद

    50,000 से अधिक गोलियां सप्लाई
    जांच में पता चला कि गिरोह ने पिछले चार महीनों में अलीगढ़, मथुरा, बिजनौर, आगरा, मेरठ, शामली और अन्य जिलों में 50,000 से अधिक नकली टैबलेट सप्लाई की। दवा को बाजार भाव से 20% कम पर मेडिकल स्टोर संचालकों को दिया गया। डीसीपी सुरेंद्र नाथ तिवारी ने बताया, “पुलिस ने नामी कंपनी के नाम का इस्तेमाल कर Liv-52 बनाने वाले गिरोह के पांच आरोपी गिरफ्तार किए। दवाइयों के सैंपल जांच के लिए प्रयोगशाला भेज दिए गए हैं।”

  • केन्द्र सरकार इन साल इन बड़ी योजनाओं में 40% बजट ही कर पाई खर्च… सबसे पीछे किसानों से जुड़ी ये स्कीम

    केन्द्र सरकार इन साल इन बड़ी योजनाओं में 40% बजट ही कर पाई खर्च… सबसे पीछे किसानों से जुड़ी ये स्कीम


    नई दिल्ली।
    केन्द्र सरकार (Central Government) ने इस वित्त वर्ष में अपनी सबसे बड़ी योजनाओं (Biggest Plans) पर 40 फीसदी बजट ही खर्च किया है। ये वे योजनाएं हैं जिनके लिए लगभग 500 करोड़ रुपये का बजट निर्धारित किया गया था। इन योजनाओं में केंद्र और राज्यों को मिलकर खर्च करना है। इन योजनाओं में स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण के तहत इन्फ्रास्ट्रक्चर सुधार, इंदिरा गांधी राष्ट्रीय विधवा पेशन योजना (Widow Pension Scheme.) और अनुसूचित जाति के छात्रों के लिए प्री मैट्रिक वजीफा योजना (Pre Matric Scholarship Scheme) शामिल है। इसके अलावा मनरेगा, अनुसूचित जनजाति के छात्रों के लिए पोस्ट मैट्रिक स्कॉलरशिप योजना पर भी 40 फीसदी ही खर्च हो पाया है।

    कुल 53 योजनाओं में से 6 योजनाओं पर 40 फीसदी से कम खर्च किया गया है। चार पर 40 से 50 फीसदी, 15 योनजाओं पर 51 से 75 फीसदी, 10 पर 90 से 100 पर्सेंट और 6 योजनाों पर 100 प्रतिशत खर्च हुआ है। बाकी 47 योजनाओं पर रिवाइज्ड एस्टिमेट बजट एस्टिमेट से कम है। प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना में 850 करोड़ के बजट काआवंटन किया गया था जिसमें से केवल 150 करोड़ रुपये खर्च हुए हैं।

    अगर कुल 53 योजनाओं पर कुल खर्च की बात करें तो यह 3.8 करोड़ रुपये है। इन योजनाओं पर 5 लाख करोड़ के बजट का ऐलान हुआ था। 31 दिसंबर तक दो लाख करोड़ का बजट रिलीज किया गया था। यह कुल बजट का 41.2 फीसदी था। प्रधानमंत्री किसान सम्मान योजना, वॉटर मैनेजमेंट, पीएम ईबस सेवा, धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान, जल जीवन मिशन, कंप्यूटराइजेशन ऑफ प्राइमरी ऐग्रीकस्च्र क्रेडिट सोसाइटी और अन्य कई योजाओं पर बजट का 40 फीसदी ही खर्च हुआ है। इनमें से 6 योजनाएं ऐसी भी हैं जिनके लिए केवल 10 फीसदी ही बजट रिलीज हुआ है।

    इस बजट सत्र के दौरान केंद्रीय जल शक्ति मंत्री सी आर पाटील ने शनिवार को यहां बताया कि देश में जल जीवन मिशन (जेजेएम) के तहत अब तक 16 करोड़ घरों में नल से जल पहुंचाया जा चुका है।पाटिल ने यहां केन्द्रीय बजट को लेकर प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए यह जानकारी दी। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अमृत सरोवर योजना और जेजेएम ऐतिहासिक साबित हो रहे हैं और अमृत सरोवर योजना के तहहत देशभर में 69 हजार से अधिक सरोवरों का निर्माण किया गया है, जिससे भूजल स्तर में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है।

    उन्होंने बताया कि जेजेएम के लिए 67 हजार 300 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं और अब तक 16 करोड़ घरों में नल से जल पहुंचाया जा चुका है और चार-पांच करोड़ घरों को और पानी देना है तथा इस योजना को वर्ष 2028 तक विस्तारित किया गया है। इससे देश की लगभग नौ करोड़ माताओं-बहनों का करीब 4.5 करोड़ घंटे का समय बचा है। साथ ही जल गुणवत्ता जांच के लिए 24 लाख 80 हजार महिलाओं को प्रशिक्षित भी किया गया है और आठ लाख महिलाओं ने परीक्षण पोर्टल पर अपनी रिपोर्ट को रखा है।

  • आतंकवाद के मुद्दे पर मिला इस देश का साथ … PM मोदी बोले- भारत का संदेश स्पष्ट

    आतंकवाद के मुद्दे पर मिला इस देश का साथ … PM मोदी बोले- भारत का संदेश स्पष्ट

    नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Prime Minister Narendra Modi) ने रविवार को कहा कि आतंकवाद (Terrorism) के मुद्दे पर भारत (Indore) का संदेश बिल्कुल स्पष्ट है। भारत इस मुद्दे पर न तो दोहरे मापदंड अपनाता है और न ही किसी तरह का समझौता करता है। मलेशिया के प्रधानमंत्री अनवर इब्राहिम (Malaysian Prime Minister Anwar Ibrahim) के साथ बैठक के बाद उन्होंने यह बात कही। मलेशिया के प्रधानमंत्री अनवर इब्राहिम के साथ वार्ता के बाद जारी संयुक्त बयान में दोनों नेताओं ने सीमापार आतंकवाद की कड़ी निंदा की।

    दोनों ने आतंकवाद के प्रति ‘जीरो टॉलरेंस’ अपनाने और इससे निपटने के लिए वैश्विक स्तर पर प्रयासों पर जोर दिया। दोनों ने आतंक के वित्तपोषण पर अंकुश लगाने और नई तकनीकों के दुरुपयोग को रोकने के लिए मिलकर काम करने पर सहमति जताई।

    मलेशिया दौरे के आखिरी दिन विभिन्न क्षेत्रों के दिग्गजों से मुलाकात के बाद PM मोदी ने कहा, भारत और मलेशिया के बीच विशेष संबंध हैं और दोनों देश विभिन्न क्षेत्रों में साझेदारी को आगे बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध हैं। उन्होंने कहा कि दोनों पक्ष आतंकवाद और खुफिया क्षेत्र में सहयोग एवं समुद्री सुरक्षा के क्षेत्र में तालमेल मजबूत करेंगे। साथ ही रक्षा सहयोग को भी और व्यापक बनाया जाएगा। PM मोदी ने कहा कि AI और डिजिटल तकनीक के साथ सेमीकंडक्टर, स्वास्थ्य और खाद्य सुरक्षा के क्षेत्रों में साझेदारी को आगे बढ़ाया जाएगा।

    PM मोदी ने हिंद-प्रशांत क्षेत्र का जिक्र करते हुए कहा कि यह क्षेत्र दुनिया की विकास धुरी के रूप में उभर रहा है और भारत आसियान देशों के साथ मिलकर इस क्षेत्र में शांति, स्थिरता और विकास के लिए प्रतिबद्ध है। मलेशियाई प्रधानमंत्री इब्राहिम ने कहा कि भारत और मलेशिया व्यापार, निवेश, कनेक्टिविटी और रक्षा सहयोग को लगातार विस्तार दे रहे हैं। उन्होंने वैश्विक व्यापार और अर्थव्यवस्था के क्षेत्र में भारत की तेज प्रगति की सराहना की।


    उद्योगपतियों से मुलाकात की

    PM मोदी ने मलेशिया के चार प्रमुख उद्योगपतियों से मुलाकात कर भारतीय अर्थव्यवस्था में उनकी बढ़ती दिलचस्पी की सराहना की। प्रधानमंत्री ने भारत और मलेशिया के बीच बढ़ते कारोबारी रिश्तों को सकारात्मक बताया और कहा कि भारतीय विकास यात्रा में मलेशियाई कंपनियों की भागीदारी महत्वपूर्ण है। प्रधानमंत्री ने पेट्रोनास के प्रमुख तेंगकु मोहम्मद तौफिक, बरजाया कॉरपोरेशन के संस्थापक विंसेंट टैन, खजानाह नेशनल के प्रबंध निदेशक अमीरुल फैसल वान जाहिर और फिसन इलेक्ट्रॉनिक्स के संस्थापक पुआ खेन सेंग से अलग-अलग मुलाकात की।


    भारतीय मूल के नेताओं से मिले

    PM मोदी ने भारतीय मूल के मंत्रियों, सांसदों, सीनेटरों से मुलाकात की और भारत-मलेशिया संबंध मजबूत करने में उनकी भूमिका की सराहना की। PM मोदी ने कहा कि इन नेताओं का भारत से भावनात्मक जुड़ाव स्पष्ट दिखता है और सार्वजनिक जीवन में उनकी उपलब्धियां गर्व की बात हैं। उन्होंने कहा कि विभिन्न राजनीतिक दलों के नेताओं की भागीदारी भारत-मलेशिया मित्रता के समर्थन को दर्शाती है।


    भारत-मलेशिया को जोड़ती है तमिल

    PM मोदी ने कहा, भारत और मलेशिया तमिल भाषा के प्रति साझा लगाव से जुड़े हुए हैं। मलेशिया में तमिल की मजबूत मौजूदगी शिक्षा, मीडिया और सांस्कृतिक जीवन में साफ दिखाई देती है। मलेशिया में भारतीय मूल के करीब 30 लाख लोग रहते हैं, जो दुनिया में दूसरी सबसे बड़ी भारतीय प्रवासी आबादी है। इनमें बड़ी संख्या तमिल मूल के लोगों की है।


    आजाद हिंद फौज के पूर्व सैनिक से मिले

    PM मोदी आजाद हिंद फौज के पूर्व सैनिक जयराज राजा राव से भी मिले। उन्होंने उनके साहस, विरासत और बलिदान के लिए देशवासियों की ओर से आभार व्यक्त किया। प्रधानमंत्री ने एक्स पर लिखा, नेताजी सुभाष चंद्र बोस और आजाद हिंद फौज के वीरों का साहस भारत की नियति को आकार देने में अहम रहा। राव से मिलना बहुत विशेष रहा और उनके अनुभव बेहद प्रेरणादायक हैं।


    ‘इब्राहिम भी एमजीआर के बड़े प्रशंसक’

    PM मोदी ने कहा कि उनके मलेशियाई समकक्ष अनवर इब्राहिम भी तमिल अभिनेता और पूर्व मुख्यमंत्री एमजीआर के बड़े प्रशंसक हैं। उन्होंने यह टिप्पणी तब की जब इब्राहिम द्वारा आयोजित लंच के दौरान एमजीआर की फिल्म नालै नमथे का गीत प्रस्तुत किया गया। एमजीआर यानी मरुथुर गोपालन रामचंद्रन प्रसिद्ध अभिनेता, निर्देशक और निर्माता रहे हैं। उन्होंने तमिलनाडु में एआईएडीएमके की स्थापना की और बाद में राज्य के मुख्यमंत्री बने। 1975 में रिलीज हुई नालै नमथे उनकी लोकप्रिय फिल्मों में शामिल है।