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  • उत्तराखंड में गंगा घाटों पर सिर्फ हिंदुओं को मिलेगा प्रवेश… गैर हिंदुओं की एंट्री पर रोक की तैयारी

    उत्तराखंड में गंगा घाटों पर सिर्फ हिंदुओं को मिलेगा प्रवेश… गैर हिंदुओं की एंट्री पर रोक की तैयारी


    देहरादून।
    उत्तराखंड (Uttarakhand) में सनातन आस्था (Sanatan faith) के प्रमुख केंद्र हरिद्वार और ऋषिकेश (Haridwar and Rishikesh) में गंगा के घाटों (Ganges Ghats) पर भविष्य में केवल हिन्दू धर्मावलंबियों को ही प्रवेश की अनुमति होगी। राज्य सरकार गंगा घाटों पर गैर हिंदुओं के प्रवेश पर रोक की व्यवस्था को सख्ती से लागू करने की तैयारी कर रही है। मालूम हो तमाम संत इस संबंध में कई बार प्रदेश सरकार से मांग कर चुके हैं।

    मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि इस संबंध में पूर्व से कानून लागू है। अधिकारियों को इस कानून का अध्ययन करने के निर्देश दिए गए हैं। हमारी सरकार चाहती है कि इस कानून को और सख्ती तथा व्यापक रूप से लागू किया जाए।

    सूत्रों के अनुसार, हर की पैड़ी समेत कुछ प्रमुख गंगा घाटों पर प्रवेश को लेकर देश की आजादी से पहले से ही कुछ नियम लागू हैं। वर्ष 1954 के निकाय ऐक्ट के अनुसार, हरिद्वार कुछ क्षेत्रों में गैर हिंदू संपत्ति नहीं खरीद सकते।

    जानकारों के अनुसार, इस प्रतिबंध पर सख्ती से अमल नहीं हो पा रहा है। ऐसे में कई संतों ने समय समय पर हरिद्वार में प्रतिबंधित क्षेत्र में जमीन खरीदने, गंगा घाटों में गैर हिंदुओं की एंट्री पर रोक लगाने और उनके शहरी क्षेत्र में रात को ठहरने पर भी रोक लगाने का अनुरोध किया है।

  • केरल के त्रिशूर रेलवे स्टेशन की पार्किंग में लगी भीषण आग, 500 से अधिक बाइकें जलकर राख

    केरल के त्रिशूर रेलवे स्टेशन की पार्किंग में लगी भीषण आग, 500 से अधिक बाइकें जलकर राख


    त्रिशूर।
    केरल (Kerala) के त्रिशूर में रेलवे स्टेशन (Thrissur Railway Station) के पार्किंग क्षेत्र में रविवार को आग लग जाने से सैकड़ों दोपहिया वाहन जलकर खाक हो गए। पुलिस की प्राथमिकी में कहा गया है कि लगभग 500 दोपहिया वाहन (500 Two-Wheelers Burnt) जलकर खाक हो गए, लेकिन दक्षिणी रेलवे (Southern Railway) ने अपने बयान में कहा कि लगभग 250 वाहन क्षतिग्रस्त हुए हैं। अधिकारी ने बताया कि पार्किंग क्षेत्र में सुबह छह बजकर 20 मिनट पर आग लगी और इस संबंध में अग्निशमन विभाग को छह बजकर 40 मिनट पर जानकारी मिली।

    शुरू में पुलिस और दमकल कर्मियों को संदेह जताया कि बिजली के तार से निकली चिंगारी किसी ढके हुए दोपहिया वाहन पर गिरने से आग लगी होगी। हालांकि, रेलवे ने अपने बयान में दावा किया कि आग ओवरहेड इक्विपमेंट (ओएचई) या रेलवे के किसी विद्युत उपकरण से नहीं लगी थी। रेलवे ने बताया कि प्रारंभिक जांच से पता चलता है कि आग खड़े दोपहिया वाहनों में से किसी एक से लगी। अधिकारियों का अनुमान है कि शेड में लगभग 500 दोपहिया वाहन खड़े थे, जिनमें से अधिकतर इस घटना में जलकर खाक हो गए।


    5 दमकल गाड़ियों ने पाया काबू

    अधिकारियों ने बताया कि पांच दमकल गाड़ियां भेजी गईं और सुबह करीब 7.45 बजे तक आग पर काबू पा लिया गया। रेलवे स्टेशन के प्लेटफॉर्म तक आग फैलने और आगे नुकसान होने से रोकने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाए गये। अधिकारी ने कहा कि आग जिस जगह लगी, उसके पास रेलवे पटरी पर एक इंजन खड़ा था लेकिन रेलवे ने उसे कोई बड़ा नुकसान होने की पुष्टि नहीं की। अधिकारी ने बताया कि दोपहिया वाहनों के अलावा टिन की चादरों से ढका पूरा शेड भी आग में क्षतिग्रस्त हो गया।

    दमकल अधिकारियों ने बताया कि पुलिस और रेलवे अधिकारियों ने आग लगने के सटीक कारण का पता लगाने के लिए जांच शुरू कर दी है। पार्किंग क्षेत्र सीसीटीवी कैमरे की निगरानी में था। हालांकि, आग में सीसीटीवी कंट्रोल यूनिट और हार्ड डिस्क क्षतिग्रस्त हो गई, जिन्हें स्थानीय पुलिस को सौंप दिया गया है। त्रिशूर पश्चिम पुलिस ने आग लगने की घटना के संबंध में मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।


    बाइक के साथ कैश भी जला

    प्राथमिकी के अनुसार, रेलवे स्टेशन के पश्चिमी हिस्से में पार्किंग सुविधा संचालित करने का ठेका रखने वाली अश्वथी एंटरप्राइजेज की पार्किंग शुल्क छापने वाली मशीन समेत लगभग 500 दोपहिया वाहन आग में जलकर खाक हो गए। प्राथमिकी में यह भी बताया गया है कि अश्वथी एंटरप्राइजेज के कर्मचारियों के दो मोबाइल फोन और 10000 रुपये नकद भी आग में नष्ट हो गए।

    राज्य पुलिस प्रमुख आर ए चंद्रशेखर ने भी मौके पर जाकर स्थिति का जायजा लिया। उन्होंने कहा कि इस घटना के मद्देनजर केरल में सशुल्क पार्किंग सुविधाओं पर आग संबंधी ऑडिट कराने का निर्णय लिया गया है। चंद्रशेखर ने कहा कि प्रारंभिक बयानों से संकेत मिलता है कि संभव है की एक इलेक्ट्रिक लाइन से निकली चिंगारी के कारण आग लगी लेकिन इसकी पुष्टि के लिए जांच की जरूरत है।

  • MP में कड़ाके की ठंड और घने कोहरा…. दिन में भी कांप रहे लोग, 16 जिलों में स्कूलों की छुट्टी

    MP में कड़ाके की ठंड और घने कोहरा…. दिन में भी कांप रहे लोग, 16 जिलों में स्कूलों की छुट्टी


    भोपाल।
    मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) इन दिनों भीषण ठंड (Severe cold), घने कोहरे (Dense fog) और शीतलहर (Cold wave) की चपेट में है। राज्य के कई जिलों में जनजीवन प्रभावित हो गया है। सरकार के आदेश पर 16 जिलों में स्कूलों में छुट्टियां (School Closed) घोषित की गई हैं। भोपाल समेत कुछ जिलों में स्कूलों की टाइमिंग बदली गई है। वहीं, ट्रेन और फ्लाइट सेवाओं पर भी कोहरे का असर पड़ा है। मौसम विभाग के मुताबिक अगले दो दिनों तक हालात ऐसे ही बने रहने की संभावना है।


    35 से अधिक जिलों में घना कोहरा

    सोमवार सुबह भोपाल, इंदौर, उज्जैन, देवास, सीहोर, राजगढ़, रायसेन, आगर-मालवा, शाजापुर, विदिशा, सागर, दमोह, गुना, अशोकनगर, शिवपुरी, श्योपुर, मुरैना, भिंड, ग्वालियर, दतिया, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, पन्ना, सतना, रीवा, मऊगंज, सीधी, सिंगरौली, मैहर, शहडोल, उमरिया और कटनी में घना कोहरा छाया रहा। दिन के दौरान राजगढ़, दतिया, छतरपुर और उमरिया में शीतलहर का अलर्ट जारी किया गया है।


    इन 16 जिलों में स्कूल बंद

    कड़ाके की ठंड और घने कोहरे के चलते राज्य के कई जिलों में स्कूलों में अवकाश घोषित किया गया है। इंदौर में कक्षा 1 से 8 तक के स्कूल तीन दिन के लिए बंद रहेंगे, जबकि उज्जैन में नर्सरी से कक्षा 5 तक एक दिन की छुट्टी दी गई है। मंदसौर में नर्सरी से कक्षा 8 तक दो दिन का अवकाश रहेगा। शाजापुर और विदिशा में नर्सरी से कक्षा 8 (विदिशा में कक्षा 5 तक) के स्कूल 5 और 6 जनवरी को बंद रहेंगे। ग्वालियर में भी नर्सरी से कक्षा 8 तक 5–6 जनवरी को स्कूल बंद रहेंगे और 7 जनवरी से दोबारा खुलेंगे।

    कहीं तीन तो कहीं दो दिन अवकाश
    वहीं, अशोकनगर में 5 जनवरी को स्कूलों के साथ आंगनवाड़ी केंद्र भी बंद रखे गए हैं। रायसेन में नर्सरी से कक्षा 5 तक के स्कूल 7 जनवरी तक बंद रहेंगे। आगर मालवा में कक्षा 1 से 8 तक के स्कूल दो दिन बंद रहेंगे और आंगनवाड़ी केंद्रों में भी अवकाश रहेगा। टीकमगढ़, नीमच और रतलाम में नर्सरी से कक्षा 8 तक के स्कूल 5–6 जनवरी को बंद रहेंगे, जबकि हरदा में सोमवार को नर्सरी से कक्षा 8 तक अवकाश घोषित किया गया है। राजगढ़ में कक्षा 8 तक के स्कूल एक दिन के लिए बंद रहेंगे। मंडला में नर्सरी से कक्षा 8 तक 5–6 जनवरी को स्कूल और आंगनवाड़ी केंद्र बंद रहेंगे। वहीं जबलपुर में भी नर्सरी से कक्षा 8 तक 5–6 जनवरी को स्कूल और आंगनवाड़ी केंद्र बंद रहेंगे, हालांकि परीक्षाएं अपने तय कार्यक्रम के अनुसार ही आयोजित की जाएंगी।


    भोपाल और धार में स्कूलों के समय में बदलाव

    ठंड और कोहरे को देखते हुए भोपाल और धार में स्कूलों के समय में बदलाव किया गया है। भोपाल में नर्सरी से कक्षा 8 तक के सभी स्कूल अब सुबह 9:30 बजे के बाद ही खुलेंगे। वहीं धार जिले में भी नर्सरी से कक्षा 8 तक के स्कूलों का संचालन 9:30 बजे के बाद किया जाएगा, जबकि कक्षा 9 से 12 तक की कक्षाएं अपने सामान्य समय पर ही संचालित होंगी।

  • तीन फीसदी भी स्वयंसेवक बनें तो समाज में आ सकता है सकारात्मक बदलाव सुनील आंबेकर

    तीन फीसदी भी स्वयंसेवक बनें तो समाज में आ सकता है सकारात्मक बदलाव सुनील आंबेकर


    नई दिल्ली । राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ RSS के अखिल भारतीय प्रचार प्रमुख सुनील आंबेकर ने रविवार को ‘दिल्ली महोत्सव 2026’ में हिस्सा लिया और संघ के 100 साल की यात्रा पर अपने विचार साझा किए। उन्होंने कहा कि यदि समाज के महज तीन फीसदी लोग भी स्वयंसेवक बनेंतो इससे समाज में सकारात्मक बदलाव लाया जा सकता है।

    सुनील आंबेकर ने कहा कि संघ के संस्थापक डॉ. केशव बलिराम हेडगेवार का जीवन और कार्य राष्ट्रीयता से प्रेरित था। उनका मानना था कि स्वतंत्रता के बाद भी देश की स्वाधीनता कायम रहनी चाहिए और राष्ट्र को समृद्धि की दिशा में ले जाना चाहिए। हेडगेवार ने इसी उद्देश्य से राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की स्थापना की थीताकि हिंदू समाज को एकजुट किया जा सके और देश में सकारात्मक परिवर्तन लाया जा सके।

    संघ की शाखाओं का महत्व

    आंबेकर ने संघ की शाखाओं के बारे में विस्तार से बतायाजो जीवन के मूल्यों को सिखाने का एक मंच प्रदान करती हैं। एक घंटे की शाखाओं में स्थानीय लोग इकट्ठा होते हैंव्यायाम करते हैंचर्चाएं होती हैं और महापुरुषों के जीवन को याद किया जाता है। उन्होंने कहा कि शाखाओं में अनुशासन का अभ्यास कराया जाता हैऔर भगवा ध्वज के सामने रोज संकल्प लिया जाता है कि मैं ऐसा व्यक्ति बनूं जैसा देश और समाज के लिए आवश्यक है। आंबेकर ने बताया कि देशभर में रोजाना 87,000 से अधिक शाखाएं लगती हैंजबकि 32,000 शाखाएं सप्ताह में एक बार होती हैं। इसके अलावासुबह और शाम के समय भी विभिन्न शाखाएं आयोजित होती हैं।

    संघ की विचारधारा और समाज में बदलाव

    सुनील आंबेकर ने संघ की विचारधारा और उसके कार्यों पर भी चर्चा की। उन्होंने कहा कि संघ के विचारों को कई लोग मानते हैंजबकि अन्य लोग उसके कार्यों में सहयोग करते हैं। डॉ. हेडगेवार ने कहा था कि यदि शहरों और गांवों में एक से तीन फीसदी लोग भी स्वयंसेवक बनते हैंतो समाज में वह सकारात्मक वातावरण उत्पन्न किया जा सकता हैजिसे संघ बनाना चाहता है।

    आंबेकर ने यह भी जोड़ा कि संघ का संगठन और शाखाएं देश के विभिन्न हिस्सों में अपने कार्यों को लेकर सक्रिय हैं और आने वाले समय में जब तक देश को इसकी आवश्यकता होगीसंघ का यह प्रयास जारी रहेगा।सुनील आंबेकर का यह बयान संघ के कार्यों और समाज में सकारात्मक बदलाव लाने के महत्व को उजागर करता है। उन्होंने स्वयंसेवकों की भूमिका पर जोर देते हुए यह संदेश दिया कि समाज को बेहतर बनाने के लिए हमें अपने व्यक्तिगत और सामाजिक जिम्मेदारियों को निभाने की आवश्यकता है।

  • वाराणसी में सबसे बड़े खेल मेला का आज होगा आगाज, PM मोदी करेंगे उद्घाटन

    वाराणसी में सबसे बड़े खेल मेला का आज होगा आगाज, PM मोदी करेंगे उद्घाटन


    वाराणसी।
    उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) के वाराणसी (Varanasi) में सबसे बड़े खेल मेला (Biggest Sports Fair) का आज से शुभारंभ होने जा रहा है। पहली बार 72वीं राष्ट्रीय सीनियर महिला एवं पुरुष वॉलीबाल प्रतियोगिता की शुरुआत सिगरा स्थित डॉ. संपूर्णानंद स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स में होगी। काशी के इतिहास का यह सबसे बड़ा खेल मेला होगा। इसका उद्घाटन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Prime Minister Narendra Modi) वर्चुअल माध्यम से करेंगे। शुभारंभ समारोह में शामिल होने के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ एक दिन पहले ही वाराणसी पहुंच चुके हैं। प्रतियोगिता में देश की कुल 58 टीमें हिस्सा ले रही हैं। 30 टीमें पुरुषों और 28 टीमें महिला वर्ग की शामिल हो रही हैं।

    दोपहर 12 बजे प्रधानमंत्री का लाइव संबोधन होगा। इसके बाद पीएम मोदी उद्घाटन करेंगे। उद्घाटन के बाद ही मैच शुरू हो जाएंगे। 4 से 7 जनवरी तक लीग मैच खेले जाएंगे। इस दौरान कुल 125 मैच होंगे। 8 जनवरी को प्री-क्वार्टर फाइनल मैच खेले जाएंगे। 9 जनवरी को क्वार्टर फाइनल और 10 जनवरी को सेमीफाइनल होगा। 11 जनवरी को फाइनल मुकाबला और समापन समारोह होगा।

    आयोजन समिति अध्यक्ष महापौर अशोक तिवारी ने शनिवार को स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स में प्रतियोगिता के बारे में विस्तार से जानकारी दी। बताया कि इस प्रतियोगिता में देश के कई राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी अपने तेज-तर्रार प्रदर्शन से दर्शकों को रोमांचित करेंगे। इनमें अर्जुन अवार्डी खिलाड़ी भी शामिल हैं। इस खेल की एक खासियत यह भी है कि खेल के नियम ऐसे होते हैं कि वॉलीबॉल में अंक काफी तेजी से बनते हैं और दर्शकों का भरपूर मनोरंजन भी होता रहता है। इसके एक नियम के मुताबिक टीमों का कोई खिलाड़ी अंपायर के किसी फैसले पर खुद आपत्ति नहीं उठा सकता है। इसके लिए उसे अपने कप्तान के जरिये शिकायत करनी होती है।

    महापौर ने बताया कि खिलाड़ियों के उत्साहवर्धन के लिए हर दिन कोई न कोई जनप्रतिनिधि मौजूद रहेगा। 8 जनवरी को प्रदेश की राज्यपाल भी शामिल हो सकती हैं। समापन समारोह के मुख्य अतिथि केंद्रीय युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया और उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य होंगे। उद्घाटन समारोह में सीएम योगी के साथ ही यूपी के डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक भी मौजूद रहेंगे।

  • गुजरात के गांधीनगर में 100 लोग अस्पताल में भर्ती; पानी के सेंपल लिए

    गुजरात के गांधीनगर में 100 लोग अस्पताल में भर्ती; पानी के सेंपल लिए


    गांधीनगर।
    इंदौर (Indore) के बाद अब गुजरात (Gujarat) के गांधीनगर (Gandhinagar) के कई इलाकों में प्रशासन ने लोगों को पानी उबालकर पीने और साफ-सफाई बरतने की सलाह दी है। बताया जाता है कि टाइफाइड (Typhoid) के चलते 104 संदिग्ध मरीजों (104 Suspected patients) को सिविल अस्पताल में भर्ती कराया गया है। स्वास्थ्य जांच में पता चला है कि प्रभावित क्षेत्रों का पीने का पानी असुरक्षित है जिसके बाद नगर निगम ने घर-घर सर्वेक्षण और क्लोरीन की गोलियां बांटना शुरू कर दिया है। खुद केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं। मरीजों के इलाज के लिए 22 डॉक्टरों की टीम तैनात की गई है। प्रशासन ने लोगों को पानी उबालकर पीने और साफ-सफाई बरतने की सलाह दी है।


    बच्चों समेत 104 मरीज भर्ती

    एक रिपोर्ट के मुताबिक, गांधीनगर में बड़े पैमाने पर टाइफाइड के मामले सामने आए हैं। अधिकारियों ने बताया कि बच्चों समेत 104 मरीजों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है। बीते 3 दिनों में सिविल अस्पताल में टाइफाइड के मरीजों की संख्या में बढ़ोतरी हुई है। बाल चिकित्सा वार्ड में 104 मरीजों को भर्ती कराया गया है। खुद उपमुख्यमंत्री हर्ष संघवी ने शनिवार को गांधीनगर सिविल अस्पताल में हालात की समीक्षा की।


    22 डॉक्टरों की टीम गठित

    हर्ष संघवी ने बताया कि अस्पताल में स्थिति का जायजा लेने के लिए उप जिलाधिकारी समेत वरिष्ठ अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं। भर्ती मरीजों के परिवारों के लिए भोजन और अन्य सुविधाओं की व्यवस्था कर दी गई है। मरीजों के इलाज के लिए 22 डॉक्टरों की एक टीम गठित की गई है।


    अमित शाह ने ली हालात की जानकारी

    उपमुख्यमंत्री हर्ष संघवी ने बताया कि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने भी जिलाधिकारी से फोन पर 3 बार हालात की जानकारी ली। 104 संदिग्ध मामले सामने आए हैं। प्रशासन इलाज के साथ ही निगरानी व्यवस्था को लगातार मजबूत कर रहा है। मरीजों और उनके परिवारों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने की कोशिशें हो रही हैं।


    इलाकों से लिए पानी के नमूने

    वहीं सिविल अस्पताल की चिकित्सा अधीक्षक डॉ. मीता पारिख ने बताया कि गांधीनगर के सेक्टर 24, 25, 26 और 28 के साथ-साथ आदिवाड़ा क्षेत्र से बच्चों सहित कई लोगों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है। लोगों की हालत स्थिर है। इन क्षेत्रों से पानी के सेंपल जमा किए गए हैं। रिपोर्ट में खुलासा हुआ है कि पीने का पानी सुरक्षित नहीं है।


    पानी उबाल कर पीने की सलाह

    यही कारण है कि गांधीनगर नगर निगम के स्वास्थ्य विभाग ने प्रभावित क्षेत्रों में घर-घर जाकर सर्वेक्षण शुरू कर दिया है। प्रभावित इलाकों में लोगों को पानी उबाल कर पीने और घर का बना खाना खाने की सलाह दी गई है। नगर निगम पानी की टंकियों की सफाई पर जोर दे रहा है। साथ ही क्लोरीन की गोलियां भी बांट रहा है।

    इंदौर में गर्म है माहौल
    यह घटना ऐसे वक्त में सामने आई है जब इंदौर में दूषित पानी पीने से कई लोगों की मौत हो गई है। इसे लेकर माहौल गर्म है। इंदौर प्रशासन ने भागीरथपुरा इलाके में दूषित पानी पीने से अब तक छह लोगों के मारे जाने की बात कही है तो स्थानीय नागरिक 6 महीने के बच्चे समेत 16 लोगों के मारे जाने की बात कह रहे हैं। वहीं इंदौर के महापौर पुष्यमित्र भार्गव का कहना है कि उनको 10 मरीजों की मौत की जानकारी मिली है। बता दें कि इंदौर नगर निगम पड़ोसी खरगोन जिले के जलूद में नर्मदा नदी से पानी को 80 किलोमीटर दूर लाकर घर-घर पहुंचाता है।

  • RSS चीफ का लव जिहाद पर कड़ा प्रहार… बोले- घर से ही शुरू हो इसे रोकने का प्रयास

    RSS चीफ का लव जिहाद पर कड़ा प्रहार… बोले- घर से ही शुरू हो इसे रोकने का प्रयास


    भोपाल।
    राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (Rashtriya Swayamsevak Sangh-RSS) प्रमुख ने शनिवार को कहा कि ‘लव जिहाद’ (Love Jihad) को रोकने के प्रयास परिवार से ही शुरू होने चाहिए। उन्होंने इसके लिए परिवारों में संवाद, महिलाओं में जागरूकता (Awareness Women) और सामूहिक सामाजिक प्रतिक्रिया की आवश्यकता पर बल दिया। आरएसएस की ओर से जारी विज्ञप्ति में कहा गया कि संगठन की ओर से यहां आयोजित ‘स्त्री शक्ति संवाद’ कार्यक्रम को संबोधित करते हुए भागवत ने महिलाओं की सामाजिक भूमिका पर चर्चा के दौरान ‘लव जिहाद’ के मुद्दे का उल्लेख किया।

    ‘लव जिहाद’ शब्द का इस्तेमाल दक्षिणपंथी संगठन मुस्लिम पुरुषों द्वारा हिंदू महिलाओं का कथित तौर पर प्रेम संबंध या शादी के जाल में फंसाकर इस्लाम धर्म में धर्मांतरण कराने के संदर्भ में करते हैं। भागवत ने कहा कि परिवारों को यह आत्ममंथन करना चाहिए कि किसी परिवार की लड़की किसी अजनबी के प्रभाव में कैसे आ जाती है। उन्होंने इसे परिवारों में संवाद की कमी का परिणाम बताया।

    आरएसएस प्रमुख ने कहा कि इस दिशा में तीन स्तरों पर प्रयास जरूरी हैं, जिनमें परिवारों के भीतर निरंतर संवाद, लड़कियों में जागरूकता पैदा करना और स्वयं की रक्षा के लिए उन्हें सक्षम बनाना तथा ऐसे अपराध करने वालों के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई शामिल है। उन्होंने कहा कि सामाजिक संगठनों को भी सतर्क रहना चाहिए और समाज को सामूहिक रूप से प्रतिक्रिया देनी चाहिए, ताकि इस समस्या का समाधान निकाला जा सके।

    भागवत ने कहा कि धर्म, संस्कृति और सामाजिक व्यवस्था महिलाओं के कारण सुरक्षित है। उन्होंने महिलाओं के सशक्तीकरण, वैचारिक दिशा और पारिवारिक व सामाजिक जीवन में उनकी सक्रिय भागीदारी पर जोर दिया। आरएसएस प्रमुख ने कहा, ‘वह समय बीत चुका है जब सुरक्षा के नाम पर महिलाओं को घरों तक सीमित रखा जाता था।’ उन्होंने कहा कि परिवार और समाज पुरुषों और महिलाओं के संयुक्त प्रयासों से आगे बढ़ते हैं, इसलिए दोनों का ‘प्रबोधन’ आवश्यक है।

    कार्यक्रम में आरएसएस के मध्य भारत प्रांत के प्रांत संघचालक अशोक पांडे और विभाग संघचालक सोमकांत उमलाकर भी मंच पर मौजूद थे। भागवत ने कहा कि महिलाएं परिवार में देखभाल करने वाली की केंद्रीय भूमिका निभाती हैं और संतुलन, संवेदनशीलता एवं व्यवस्था बनाए रखने में उनकी अहम भूमिका है। उन्होंने कहा कि देश की आबादी में महिलाओं की संख्या लगभग आधी है और सामाजिक तथा राष्ट्रीय कार्यों में अधिक से अधिक महिलाओं की भागीदारी सुनिश्चित करने की जरूरत है।

    मानसिक स्वास्थ्य का उल्लेख करते हुए भागवत ने कहा कि यह जरूरी है कि परिवार में कोई भी स्वयं को अकेला महसूस न करे। उन्होंने बच्चों पर वास्तविकता से परे अपेक्षाएं थोपने से बचने की सलाह दी और कहा कि सफलता से अधिक महत्वपूर्ण जीवन का अर्थ है। भागवत ने कहा कि भारत ‘मानसिक गुलामी’ से बाहर निकल रहा है और दुनिया उम्मीदों के साथ देश की ओर देख रही है।

  • उत्तर भारत में सर्दी की मार, कोहरे और बर्फबारी से जीवन प्रभावित, शीतलहर के कारण अलर्ट जारी

    उत्तर भारत में सर्दी की मार, कोहरे और बर्फबारी से जीवन प्रभावित, शीतलहर के कारण अलर्ट जारी


    नई दिल्ली । उत्तर भारत के कई हिस्सों में सर्दी और कोहरे के कारण जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हो गया है। दिल्ली उत्तर प्रदेश पंजाब हरियाणा और अन्य मैदानी इलाकों में घना कोहरा और शीतलहर ने दिनचर्या को अस्त-व्यस्त कर दिया है। भारतीय मौसम विभाग IMD के अनुसार अगले कुछ दिनों तक यह स्थिति बनी रहने की संभावना है।

    दिल्ली और उत्तर प्रदेश

    दिल्ली और उत्तर प्रदेश के कई इलाकों में इस समय घना कोहरा छाया हुआ है जिससे विजिबिलिटी बहुत कम हो गई है। राजधानी दिल्ली में न्यूनतम तापमान 8-9 डिग्री सेल्सियस के आसपास है जबकि अधिकतम तापमान 16-18 डिग्री तक पहुँच रहा है। कोहरे की वजह से हवाई और रेल यातायात पर भी असर पड़ा है कई उड़ानें देरी से चल रही हैं। इसके अलावा यूपी के लखनऊ वाराणसी और प्रयागराज जैसे शहरों में ट्रैफिक जाम और सड़क हादसों का खतरा बढ़ गया है। मौसम विभाग ने यूपी के लगभग 30 जिलों में शीतलहर का अलर्ट जारी किया है और 4-6 जनवरी तक यह स्थिति बनी रहने की संभावना जताई है।

    पंजाब और हरियाणा

    पंजाब और हरियाणा में भी घना कोहरा और शीतलहर जारी है। यहां विजिबिलिटी 50 मीटर से भी कम हो गई है। मौसम विभाग ने इन राज्यों में शीतलहर की स्थिति को 6 जनवरी तक जारी रहने का अनुमान जताया है। न्यूनतम तापमान इन क्षेत्रों में सामान्य से काफी नीचे जा चुका है और ठंड के कारण लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

    जम्मू-कश्मीर और हिमाचल प्रदेश

    जम्मू-कश्मीर और हिमाचल प्रदेश के पहाड़ी क्षेत्रों में बर्फबारी का सिलसिला जारी है। गुलमर्ग सोनमर्ग पहलगाम और अन्य ऊपरी इलाकों में नए साल के मौके पर ताजा बर्फबारी हुई है जो पर्यटकों के लिए आकर्षण का केंद्र बन चुकी है। जम्मू-कश्मीर में ‘चिल्लई कलां’ के दौरान कड़ाके की ठंड ने तापमान को और नीचे गिरा दिया है लेकिन पर्यटक बर्फबारी का आनंद ले रहे हैं। वहीं हिमाचल प्रदेश के मनाली रोहतांग पास लाहौल-स्पीति जैसे क्षेत्रों में भी हल्की से मध्यम बर्फबारी हो रही है जिससे ठंड का असर बढ़ा है लेकिन पर्यटकों की भीड़ बनी हुई है।

    कोहरा और ठंड की चुनौती

    उत्तर प्रदेश में विशेष रूप से 30 से अधिक जिलों में घना कोहरा छाया रहेगा और शीतलहर के कारण सामान्य जनजीवन में बाधाएं उत्पन्न हो सकती हैं। मौसम विभाग ने लखनऊ समेत कई जिलों में अगले तीन दिनों के लिए शीतलहर का अलर्ट जारी किया है। घना कोहरा और शीतलहर का प्रभाव कृषि ट्रांसपोर्ट और दैनिक गतिविधियों पर भी पड़ा है और इससे बचने के लिए लोगों को विशेष सतर्कता बरतने की सलाह दी गई है।अगले कुछ दिनों तक मौसम में कोई खास राहत की उम्मीद नहीं जताई गई है इसलिए उत्तर भारत के लोग खासकर यात्री और स्कूलों के छात्र अपनी यात्रा और अन्य गतिविधियों को लेकर सतर्क रहें।

  • PMAY 2.0 से साकार हो रहा अपने घर का सपना…. मोदी सरकार अब होम लोन पर देगी बड़ा तोहफा

    PMAY 2.0 से साकार हो रहा अपने घर का सपना…. मोदी सरकार अब होम लोन पर देगी बड़ा तोहफा


    नई दिल्ली।
    घर खरीदना (Buying Home) हर किसी का सपना होता है लेकिन इस सपने को साकार कर पाना इतना आसान भी नहीं है। इस सपने को साकार करने के लिए केंद्र सरकार (Central government) की प्रधानमंत्री आवास योजना (Prime Minister’s Housing Scheme- PMAY) 2.0 काफी अहम भूमिका निभाती है। योजना के तहत, योग्य कर्जदार 25 लाख रुपये तक के होम लोन पर 1.8 लाख रुपये तक की इंटरेस्ट सब्सिडी पा सकते हैं। यह सब्सिडी पांच सालाना किस्तों में दी जाती है और सीधे कर्जदार के लोन अकाउंट में जमा की जाती है, जिससे बकाया मूलधन और EMI कम हो जाती है।


    किस-किस कैटेगरी के लिए योजना

    यह योजना तय इनकम कैटेगरी के लोगों के लिए है। सालाना 3 लाख रुपये तक कमाने वाले आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (EWS) के परिवार, 3 लाख से 6 लाख रुपये के बीच इनकम वाले कम इनकम ग्रुप (LIG) के कर्जदार और सालाना 6-9 लाख रुपये कमाने वाले मिडिल इनकम ग्रुप (MIG) के खरीदार, अन्य शर्तों के अधीन, इसके लिए योग्य हैं। सीधी सब्सिडी के अलावा टैक्स इंसेंटिव भी री-पेमेंट का दबाव कम करने में अहम भूमिका निभाते हैं।

    इनकम टैक्स एक्ट के सेक्शन 24(b) के तहत, कर्ज लेने वाले होम लोन के ब्याज पर हर साल 2 लाख रुपये तक की कटौती का दावा कर सकते हैं। इसके अलावा, सेक्शन 80C प्रिंसिपल रीपेमेंट पर 1.5 लाख रुपये तक की कटौती की अनुमति देता है, जिससे समय के साथ कर्ज लेने की असल लागत कम होती है।


    योजना के बारे में

    प्रधानमंत्री आवास योजना-शहरी 2.0 भारत के प्रमुख शहरी आवास मिशन का दूसरा चरण है, जिसका लक्ष्य शहरों और कस्बों में सभी के लिए आवास हासिल करना है। योजना में विधवाओं, अकेली महिलाओं, वरिष्ठ नागरिकों, दिव्यांग व्यक्तियों, ट्रांसजेंडर व्यक्तियों और SC/ST और अल्पसंख्यक समुदायों को प्राथमिकता दी जाती है। यह योजना बुनियादी सुविधाओं के साथ किफायती आवास को बढ़ावा देती है, जिससे राज्यों को घर के आकार के नियमों में लचीलापन मिलता है। आवेदकों के पास भारत में कहीं भी पक्का घर नहीं होना चाहिए और उन्हें निर्धारित आय सीमा के भीतर आना चाहिए।

  • सर्दियों की सुपरहिट सब्जियां, गर्म तासीर से सेहत मजबूत, बीमारियां रहेंगी दूर

    सर्दियों की सुपरहिट सब्जियां, गर्म तासीर से सेहत मजबूत, बीमारियां रहेंगी दूर


    नई दिल्ली। सर्दियों का मौसम आते ही शरीर को अतिरिक्त देखभाल की जरूरत होती है। ठंड के कारण इम्युनिटी कमजोर पड़ सकती है, पाचन धीमा हो जाता है और सर्दी-खांसी जैसी परेशानियां बढ़ सकती हैं। ऐसे समय में डाइट में गर्म तासीर वाली सब्जियों को शामिल करना बेहद फायदेमंद साबित होता है। आयुर्वेद और पोषण विशेषज्ञों के अनुसार, ये सब्जियां न केवल शरीर को अंदर से गर्म रखती हैं, बल्कि रोगों से लड़ने की ताकत भी बढ़ाती हैं।

    मूली: सर्दियों की पहली पसंद
    सर्दियों की सबसे लोकप्रिय और फायदेमंद सब्जियों में मूली का नाम सबसे ऊपर आता है। मूली की तासीर गर्म होती है और यह पाचन तंत्र को मजबूत बनाने में मदद करती है। ठंड के मौसम में मूली खाने से गैस, कब्ज और अपच की समस्या कम होती है। मूली का सलाद, सब्जी और पराठा सर्दियों में खास तौर पर पसंद किया जाता है।

    इसके अलावा मूली में मौजूद विटामिन सी और एंटीऑक्सीडेंट्स शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को भी बढ़ाते हैं।

    लहसुन: सर्दियों का प्राकृतिक औषधि
    लहसुन को आयुर्वेद में सर्दियों का प्राकृतिक औषधि माना जाता है। इसकी गर्म तासीर शरीर में रक्त संचार को बेहतर बनाती है और इम्युनिटी को मजबूत करती है। नियमित रूप से लहसुन का सेवन सर्दी-खांसी, जुकाम और संक्रमण से बचाव में मदद करता है। कुछ विशेषज्ञ इसे सुबह खाली पेट लेने की सलाह भी देते हैं, जिससे यह अधिक प्रभावी होता है। लहसुन में एंटीबायोटिक और एंटीवायरल गुण भी पाए जाते हैं, जो शरीर को अंदर से स्वस्थ बनाए रखते हैं।

    अदरक: शरीर में तुरंत गर्माहट
    अदरक सर्दियों की सबसे असरदार जड़ी-बूटी मानी जाती है। चाय में अदरक का इस्तेमाल हो या सब्जियों में, यह शरीर को तुरंत गर्माहट देती है। अदरक गले की खराश, खांसी और जुकाम से राहत दिलाने में मदद करता है।

    इसके अलावा यह पाचन सुधारने और मेटाबॉलिज्म को तेज करने में भी सहायक है। अदरक का नियमित सेवन शरीर को ठंड से लड़ने की क्षमता देता है और एनर्जी लेवल को बनाए रखता है।

    चुकंदर: खून की कमी और कमजोरी से बचाव
    सर्दियों में चुकंदर का सेवन भी बेहद फायदेमंद माना जाता है। आयरन और फाइबर से भरपूर चुकंदर खून की कमी दूर करता है और शरीर में गर्माहट बनाए रखता है। ठंड के मौसम में चुकंदर का सलाद या जूस ऊर्जा देने के साथ-साथ कमजोरी से भी बचाता है। इसके अलावा चुकंदर में पाए जाने वाले एंटीऑक्सीडेंट्स हृदय और लिवर की सेहत के लिए भी लाभकारी हैं।

    हरी मिर्च: पाचन और गर्माहट का साथी
    सर्दियों में हरी मिर्च का सेवन सीमित मात्रा में फायदेमंद होता है।

    इसकी गर्म तासीर शरीर का तापमान संतुलित रखती है और पाचन तंत्र को सक्रिय बनाती है। हालांकि अधिक मात्रा में हरी मिर्च खाने से पेट की समस्याएं हो सकती हैं, इसलिए इसका सेवन संयमित रूप से करना चाहिए। हरी मिर्च में विटामिन सी और कैप्साइसिन शरीर की इम्युनिटी और ऊर्जा को बढ़ाने में मदद करते हैं।

    पालक: हरी पत्तेदार वरदान
    सर्दियों में हरी पत्तेदार सब्जियों में पालक को विशेष स्थान दिया जाता है। पालक आयरन, फाइबर, विटामिन और मिनरल्स से भरपूर होती है। यह न केवल शरीर को गर्म रखने में मदद करती है, बल्कि इम्युनिटी बढ़ाकर मौसमी बीमारियों से भी बचाती है।

    पालक की सब्जी, सूप या सलाद के रूप में सेवन शरीर को संपूर्ण पोषण प्रदान करता है।

    संतुलित डाइट से सर्दियों में सेहतमंद जीवन
    कुल मिलाकर, सर्दियों में गर्म तासीर वाली सब्जियां शरीर को ठंड से बचाने के साथ-साथ संपूर्ण स्वास्थ्य को मजबूत बनाती हैं। मूली, लहसुन, अदरक, चुकंदर, हरी मिर्च और पालक जैसी सब्जियों को संतुलित मात्रा में रोज़ाना डाइट में शामिल करने से न केवल सर्दियों में बीमारियों से बचाव होता है, बल्कि शरीर में ऊर्जा और एनर्जी का स्तर भी बना रहता है।

    यदि इन्हें नियमित रूप से सेवन किया जाए, तो सर्दियों का मौसम भी फिट और सक्रिय होकर बिताया जा सकता है। इसलिए इस ठंड में अपने आहार में गर्म तासीर वाली सब्जियों को शामिल करना न भूलें और सेहतमंद जीवन का आनंद लें।इसमें सर्दियों की सब्जियों के फायदे, तासीर, पाचन, इम्युनिटी और सेवन के तरीके सभी को एकदम जानकारीपूर्ण और रोचक तरीके से शामिल किया गया है।