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  • महाअष्टमी पर पीएम मोदी का संदेश: मां महागौरी से मांगी सुख-समृद्धि की कामना

    महाअष्टमी पर पीएम मोदी का संदेश: मां महागौरी से मांगी सुख-समृद्धि की कामना


    नई दिल्ली। जगज्जननी आदिशक्ति मां दुर्गा के पावन पर्व महाअष्टमी पर देशभर में श्रद्धा और भक्ति का माहौल देखने को मिल रहा है। नवरात्रि के आठवें दिन मां के अष्टम स्वरूप मां महागौरी की विधि-विधान से पूजा-अर्चना की जा रही है। इस अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी समेत कई नेताओं ने देशवासियों को शुभकामनाएं दीं और मां के आशीर्वाद की कामना की।

    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर पोस्ट करते हुए मां महागौरी के चरणों में कोटि-कोटि प्रणाम किया। उन्होंने कहा कि मां की दिव्य आभा हर किसी के जीवन में सुख-समृद्धि और उत्तम स्वास्थ्य लेकर आए। पीएम ने इस अवसर पर एक संस्कृत श्लोक भी साझा किया, जिसमें मां से शुभ फल प्रदान करने की प्रार्थना की गई है।

    उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी श्रद्धालुओं को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि मां महागौरी की आराधना से जीवन में पवित्रता, आत्मसंयम और शक्ति का संचार होता है। उन्होंने कामना की कि मां की कृपा से सभी की इच्छाएं पूर्ण हों और जीवन में सुख, शांति और नई ऊर्जा आए।

    दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने अपने संदेश में कहा कि महाअष्टमी शक्ति की उपासना का विशेष पर्व है। मां महागौरी का यह स्वरूप जीवन के अंधकार को दूर कर सात्त्विकता और सरलता का मार्ग दिखाता है। उन्होंने कामना की कि मां की कृपा से हर घर में सुख, समृद्धि और सकारात्मक ऊर्जा का वास हो।

    राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा और उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने भी इस पावन अवसर पर लोगों को शुभकामनाएं दीं और मां से सभी के जीवन में धन-वैभव, सुख-शांति और उत्तम स्वास्थ्य की प्रार्थना की।

    धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, नवरात्रि के नौ दिनों में मां दुर्गा के नौ रूपों की पूजा की जाती है। महाअष्टमी के दिन मां महागौरी की विशेष आराधना होती है, जिन्हें पवित्रता, शांति और ज्ञान का प्रतीक माना जाता है। इस दिन मंदिरों में विशेष पूजा, कन्या पूजन और भंडारों का आयोजन किया जाता है, जिससे पूरा वातावरण भक्तिमय हो उठता है।

  • रामनवमी पर राष्ट्रपति मुर्मु का संदेश: प्रभु राम से मिलते हैं जीवन के आदर्श

    रामनवमी पर राष्ट्रपति मुर्मु का संदेश: प्रभु राम से मिलते हैं जीवन के आदर्श


    नई दिल्ली।  मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्री राम के जन्मोत्सव रामनवमी के पावन अवसर पर देशभर में भक्ति और आस्था का माहौल देखने को मिला। इस खास दिन पर द्रौपदी मुर्मु, नरेंद्र मोदी, ओम बिरला समेत कई बड़े नेताओं ने देशवासियों को शुभकामनाएं दीं और भगवान राम के आदर्शों को जीवन में अपनाने का संदेश दिया।

    राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने सोशल मीडिया के जरिए देशवासियों को बधाई देते हुए कहा कि भगवान श्रीराम का जीवन त्याग, समरसता और आदर्श मूल्यों का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि यह पर्व हमें न्याय, कर्तव्य और सदाचार के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देता है। राष्ट्रपति ने सभी नागरिकों से रामराज्य की परिकल्पना के अनुरूप एक समृद्ध, न्यायपूर्ण और विकसित भारत के निर्माण में योगदान देने का आह्वान किया।

    वहीं, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी देशवासियों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि प्रभु श्रीराम का जीवन त्याग, तप और संयम से भरा हुआ है। उनके आदर्श हर परिस्थिति में मजबूती से खड़े रहने की प्रेरणा देते हैं और मानवता के लिए सदैव मार्गदर्शक रहेंगे। उन्होंने कामना की कि भगवान राम की कृपा से सभी का कल्याण हो और देश आत्मनिर्भर व विकसित बनने की दिशा में आगे बढ़े।

    उपराष्ट्रपति सी.पी. राधाकृष्णन ने अपने संदेश में भगवान राम को धैर्य, त्याग और न्यायप्रियता का प्रतीक बताते हुए कहा कि उनका जीवन संपूर्ण मानवता के लिए सर्वोच्च आदर्श है। उन्होंने प्रार्थना की कि समाज में अधर्म, अहंकार और अशांति का अंत हो तथा राष्ट्र निरंतर प्रगति के पथ पर आगे बढ़े।

    लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने भी इस अवसर पर कहा कि भगवान श्रीराम भारतीय संस्कृति, आस्था और लोकमंगल के प्रतीक हैं। उनके आदर्श आज भी सुशासन, न्याय और लोककल्याण के लिए प्रेरणा देते हैं। उन्होंने सभी से कर्तव्य, संस्कार और राष्ट्रसेवा के मार्ग पर आगे बढ़ने का आह्वान किया।

    इसके अलावा केंद्रीय मंत्री किरण रिजिजू, दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता और उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने भी देशवासियों को रामनवमी की शुभकामनाएं दीं। सभी नेताओं ने भगवान राम के आदर्शों सत्य, सेवा, समर्पण और धर्-को अपनाकर एक बेहतर समाज और राष्ट्र के निर्माण पर जोर दिया।

    देशभर में इस मौके पर मंदिरों में विशेष पूजा-अर्चना, भजन-कीर्तन और शोभायात्राओं का आयोजन किया गया। श्रद्धालुओं ने प्रभु श्रीराम के जन्मोत्सव को उत्साह और श्रद्धा के साथ मनाया।

  • वैश्विक तनाव के बीच बढ़ी ऊर्जा चिंता, जानें कैसे बढ़ाएं गाड़ी का माइलेज, ये हैं आसान उपाय

    वैश्विक तनाव के बीच बढ़ी ऊर्जा चिंता, जानें कैसे बढ़ाएं गाड़ी का माइलेज, ये हैं आसान उपाय


    नई दिल्ली। पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और वैश्विक तेल बाजार की अनिश्चितता के बीच ऊर्जा सुरक्षा फिर से चर्चा में है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हाल ही में अपने संबोधन में कोरोना काल का उदाहरण देते हुए कहा कि मौजूदा हालात लंबे समय तक चुनौतीपूर्ण रह सकते हैं और लोगों को सतर्क रहने की आवश्यकता है।

    चुनौतीपूर्ण समय और वैश्विक आपूर्ति शृंखला पर असर

    प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में ईरान-इस्राइल-अमेरिका के बीच तनाव और महामारी के दौर की तुलना की। उन्होंने कहा कि दोनों ही परिस्थितियों में वैश्विक सप्लाई चेन बाधित हुई, भले ही वजह अलग रही। उन्होंने स्पष्ट किया, इस युद्ध के कारण, वैश्विक स्तर पर बनी कठिन स्थिति लंबे समय तक बनी रह सकती है। हमें हर स्थिति के लिए तैयार और एकजुट रहना होगा। अफवाह फैलाने वालों को सफल नहीं होने देना चाहिए। हालांकि पीएम ने किसी लॉकडाउन की घोषणा नहीं की, लेकिन उनके बयान के बाद सोशल मीडिया पर पावर लॉकडाउन जैसी चर्चाएं बढ़ गईं।

    अन्य देशों में ऊर्जा संकट के कदम

    विशेषज्ञों के अनुसार, कई देशों में ऊर्जा संकट से निपटने के लिए अलग-अलग उपाय अपनाए जा रहे हैं:-
    श्रीलंका: स्कूल और गैर-जरूरी सरकारी दफ्तरों में छुट्टी
    बांग्लादेश: ऑनलाइन क्लास और तय बिजली कटौती
    पाकिस्तान और फिलीपींस: सरकारी कर्मचारियों के लिए 4-दिन का वर्क वीक
    वियतनाम: रिमोट वर्क को बढ़ावा
    इन उदाहरणों से साफ है कि वैश्विक स्तर पर ऊर्जा बचत को लेकर चिंता बढ़ रही है।

    भारत में स्थिति और सावधानियां

    विशेषज्ञ मानते हैं कि फिलहाल भारत में लॉकडाउन जैसी स्थिति नहीं है। फिर भी ईंधन की बढ़ती कीमतों और सप्लाई में संभावित रुकावट के बीच हर लीटर ईंधन का अधिकतम उपयोग करना जरूरी हो जाता है।

    माइलेज बढ़ाने के आसान तरीके

    ड्राइविंग स्टाइल बदलें: अचानक एक्सीलेरेशन, बार-बार ब्रेक लगाना और तेज लेन बदलना ईंधन ज्यादा खर्च करता है। स्मूद ड्राइविंग से बचत होती है।
    स्थिर स्पीड बनाए रखें: बार-बार स्पीड बदलने से इंजन पर दबाव बढ़ता है। हाईवे पर समान रफ्तार और शहर में ट्रैफिक को समझकर चलना बेहतर माइलेज देता है।
    इंजन आइडलिंग कम करें: लंबे समय तक गाड़ी चालू रखना ईंधन बर्बाद करता है। सिग्नल या इंतजार के दौरान इंजन बंद करना लाभकारी है।
    वाहन की सही देखभाल: सही टायर प्रेशर, साफ एयर फिल्टर और समय पर इंजन ऑयल बदलना ईंधन की खपत कम करता है।
    वजन और ट्रिप प्लानिंग: गाड़ी में अनावश्यक वजन हटाएं, एक ही ट्रिप में कई काम निपटाएं और भीड़भाड़ वाले समय से बचें।

    सावधान और स्मार्ट ड्राइविंग की जरूरत

    भले ही वैश्विक हालात ईंधन की कीमत और उपलब्धता को प्रभावित करें, सही ड्राइविंग आदतें अपनाकर खर्च को नियंत्रित किया जा सकता है। छोटे-छोटे बदलाव से न सिर्फ माइलेज बढ़ेगा, बल्कि आपकी जेब पर भी कम असर पड़ेगा।

  • यूपी में ISI के बड़े जासूसी नेटवर्क का खुलासा, विदेशों से युवाओं को फंसाकर कराई जा रही संदिग्ध गतिविधियां

    यूपी में ISI के बड़े जासूसी नेटवर्क का खुलासा, विदेशों से युवाओं को फंसाकर कराई जा रही संदिग्ध गतिविधियां


    नई दिल्ली। गाजियाबाद पुलिस द्वारा जासूसी के आरोप में पकड़े गए शामली के बुटराड़ा गांव निवासी समीर समेत अन्य आरोपियों से पूछताछ में ISI के एक बड़े अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क का खुलासा हुआ है। जांच एजेंसियों के अनुसार, यह नेटवर्क नेपाल, दुबई, अमेरिका और बांग्लादेश से संचालित हो रहा था, जहां से एजेंट भारत के युवाओं को अपने जाल में फंसा रहे थे।

    व्हाट्सएप-टेलीग्राम ग्रुप के जरिए नेटवर्क का संचालन

    पुलिस के मुताबिक समीर को गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई और ISI हैंडलर सरफराज उर्फ सरदार के नाम से बनाए गए व्हाट्सएप और टेलीग्राम ग्रुप में जोड़ा गया था। इन ग्रुपों के जरिए देश-विदेश के युवाओं को जोड़कर उन्हें अलग-अलग काम सौंपे जाते थे। दुबई में बैठे एजेंटों को शामली, मेरठ, मुजफ्फरनगर, गाजियाबाद, दिल्ली, सहारनपुर, बिजनौर, हरियाणा और बिहार के युवाओं को जोड़ने की जिम्मेदारी दी गई थी।

    हर तीसरे दिन जूम मीटिंग से समीक्षा

    जांच में सामने आया है कि गैंगस्टरों के नाम पर ग्रुप इसलिए बनाए गए ताकि पुलिस को शक न हो। इन ग्रुपों से जुड़े युवाओं को धार्मिक स्थलों और सेना से जुड़े इलाकों की फोटो और वीडियो जुटाने के निर्देश दिए जाते थे। हर तीसरे दिन जूम मीटिंग के जरिए इन गतिविधियों की समीक्षा की जाती थी, जिसमें विदेशों में बैठे सरगना शामिल होते थे।

    20 से ज्यादा एजेंट रडार पर, 250 लोग जांच के दायरे में

    जांच एजेंसियों ने दुबई और नेपाल के 20 से अधिक एजेंटों को चिन्हित किया है। एसपी नरेंद्र प्रताप सिंह के मुताबिक इन ग्रुपों से जुड़े 250 से ज्यादा लोग पुलिस के रडार पर हैं। गाजियाबाद पुलिस अन्य एजेंसियों के साथ मिलकर मामले की जांच आगे बढ़ा रही है और कई अहम सुराग हाथ लगे हैं।

    धार्मिक सामग्री से किया जाता था ब्रेनवॉश

    जांच में यह भी सामने आया है कि युवाओं को प्रभावित करने के लिए ग्रुपों में तबलीगी जमात और अन्य धार्मिक गतिविधियों से जुड़े वीडियो साझा किए जाते थे। साथ ही उर्दू में लिखे दस्तावेज भेजकर उनका ब्रेनवॉश किया जाता था।

    पहचान छिपाने के लिए बदले जा रहे नाम
    पुलिस के अनुसार ISI हैंडलर अपनी पहचान छिपाने के लिए हिंदू नामों का इस्तेमाल कर रहे हैं। एक व्हाट्सएप ग्रुप सरदार नाम से चलाया जा रहा था, जिसमें सरफराज ने अपना नाम बदल लिया था। कुछ सदस्य ऑनलाइन मीटिंग के दौरान माथे पर टीका लगाकर भी लोगों को भ्रमित करते थे।

    तीन किश्तों में मिले पैसे

    जांच में यह भी खुलासा हुआ है कि समीर को गिरोह की ओर से तीन बार में कुल 5 हजार रुपये दिए गए थे। पहली और दूसरी बार 1500-1500 रुपये, जबकि तीसरी बार 2000 रुपये मिले। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि यह रकम कहां से और किस माध्यम से भेजी गई। जानकारी के अनुसार गिरफ्तार मीरा ने भी समीर को पैसे दिए थे। जांच एजेंसियां पूरे नेटवर्क की गहराई से पड़ताल कर रही हैं। अधिकारियों का मानना है कि आने वाले समय में इस मामले में और भी बड़े खुलासे हो सकते हैं।

  • 46 साल बाद खुला रहस्यमयी खजाना जगन्नाथ मंदिर के रत्न भंडार की गिनती ने रचा इतिहास

    46 साल बाद खुला रहस्यमयी खजाना जगन्नाथ मंदिर के रत्न भंडार की गिनती ने रचा इतिहास


    नई दिल्ली । पुरी स्थित श्री जगन्नाथ मंदिर का रत्न भंडार एक बार फिर चर्चा के केंद्र में है जहां 46 वर्षों के लंबे अंतराल के बाद खजाने की आधिकारिक गिनती और मूल्यांकन की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है यह दिन मंदिर के इतिहास में एक महत्वपूर्ण अध्याय के रूप में दर्ज हो गया है क्योंकि इससे पहले वर्ष 1978 में इस प्रकार की विस्तृत जांच की गई थी

    पहले दिन की कार्यवाही बेहद व्यवस्थित और सफल रही लगभग छह घंटे तक चली इस प्रक्रिया में चलती रत्न भंडार के करीब 80 प्रतिशत आभूषणों की गणना और सूची तैयार कर ली गई है यह वे आभूषण हैं जो भगवान के दैनिक अनुष्ठानों और विशेष अवसरों पर उपयोग में लाए जाते हैं प्रशासन के अनुसार यह केवल शुरुआत है और शेष वस्तुओं का मूल्यांकन आने वाले दिनों में जारी रहेगा

    इस बार की सबसे खास बात यह है कि पूरी प्रक्रिया को अत्याधुनिक तकनीक से जोड़ा गया है पारंपरिक तरीके से हटकर अब 3D मैपिंग के जरिए हर वस्तु का डिजिटल रिकॉर्ड तैयार किया जा रहा है इससे न केवल पारदर्शिता बढ़ेगी बल्कि भविष्य के लिए एक सटीक और स्थायी दस्तावेज भी तैयार होगा इसके साथ ही हाई डेफिनिशन फोटोग्राफी और वीडियोग्राफी के जरिए हर आभूषण और कीमती वस्तु को रिकॉर्ड किया जा रहा है ताकि किसी भी प्रकार की त्रुटि या विवाद की संभावना समाप्त हो सके

    मंदिर प्रशासन के मुख्य प्रशासक डॉ अरविंद कुमार पाढी ने जानकारी दी कि पहले दिन का काम बिना किसी बाधा के पूरा हुआ और टीम ने निर्धारित लक्ष्य के अनुसार तेजी से प्रगति की उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि अभी तक खजाने में मौजूद सोने चांदी या रत्नों की कुल मात्रा या वजन का खुलासा नहीं किया गया है क्योंकि पूरी प्रक्रिया चरणबद्ध तरीके से पूरी की जाएगी

    रत्न भंडार को दो हिस्सों में बांटा जाता है जिसमें चलती रत्न भंडार और भीतर रत्न भंडार शामिल हैं फिलहाल पहले हिस्से पर काम चल रहा है जबकि भीतर रत्न भंडार की गणना और मूल्यांकन आगामी चरणों में किया जाएगा यही वह हिस्सा है जिसे लेकर लोगों में सबसे ज्यादा उत्सुकता बनी हुई है क्योंकि माना जाता है कि इसमें अत्यंत दुर्लभ और ऐतिहासिक आभूषण सुरक्षित हैं

    इस ऐतिहासिक प्रक्रिया के दौरान श्रद्धालुओं की सुविधा का भी विशेष ध्यान रखा गया मंदिर में दर्शन व्यवस्था को पूरी तरह बंद नहीं किया गया बल्कि बाहर कथा के माध्यम से भक्तों को दर्शन की अनुमति दी गई जिससे धार्मिक गतिविधियां भी जारी रहीं और प्रशासनिक कार्य भी सुचारु रूप से चलते रहे

    कुल मिलाकर यह पहल न केवल धार्मिक दृष्टि से बल्कि प्रशासनिक और ऐतिहासिक दृष्टिकोण से भी बेहद महत्वपूर्ण मानी जा रही है आने वाले दिनों में जैसे जैसे रत्न भंडार के बाकी हिस्सों की गिनती पूरी होगी वैसे वैसे इस प्राचीन खजाने से जुड़े कई रहस्य सामने आने की उम्मीद है

  • राहुल गांधी का खुलासा: मां के कमरे में पूरी रात जागकर बिताया समय

    राहुल गांधी का खुलासा: मां के कमरे में पूरी रात जागकर बिताया समय


    नई दिल्ली।कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने अपनी मां सोनिया गांधी की तबीयत को लेकर भावुक बयान दिया है। सोनिया गांधी को अस्वस्थ होने के कारण सर गंगाराम अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां राहुल गांधी पूरी रात उनके साथ अस्पताल के कमरे में मौजूद रहे। उन्होंने बताया कि वह अपनी मां के कमरे में एक छोटे से सोफे पर सोए और एक बेटे की तरह उनकी सेहत को लेकर बेहद चिंतित थे।

    केरल रैली छोड़ मां के पास रहे

    राहुल गांधी ने केरल में आयोजित एक रैली को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए संबोधित करते हुए कहा कि वह वहां आना चाहते थे, लेकिन मां की तबीयत को देखते हुए उन्हें दिल्ली में ही रुकना पड़ा। उन्होंने कहा कि एक बेटे के तौर पर उनका फर्ज था कि वह अपनी मां के साथ रहें। उन्होंने भरोसा जताया कि केरल के लोग उनकी स्थिति को समझेंगे।

    नर्स की सेवा से मिली तसल्ली

    राहुल गांधी ने अस्पताल में बिताई रात का जिक्र करते हुए एक खास अनुभव साझा किया। उन्होंने बताया कि केरल की एक नर्स हर घंटे आकर सोनिया गांधी की जांच करती थी, उनका हाथ थामती थी और मुस्कुराकर उनका हौसला बढ़ाती थी। राहुल ने कहा कि पूरी रात उन्हें उसी नर्स की सेवा भावना से तसल्ली मिलती रही। उन्होंने भावुक होते हुए कहा कि ऐसी नर्सें न सिर्फ मरीजों की देखभाल करती हैं, बल्कि उनके परिवार को भी मानसिक सहारा देती हैं।

    नर्सों की सेवा भावना की सराहना

    राहुल गांधी ने कहा कि जब पूरी दुनिया सो रही होती है, तब केरल की नर्सें और स्वास्थ्यकर्मी पूरी रात जागकर लोगों की सेवा करते हैं। उन्होंने सुबह नर्स से पूछा कि क्या वह सोती है, तो उसने जवाब दिया कि वह पूरी रात काम करती है। राहुल ने इसे समर्पण और सेवा का बेहतरीन उदाहरण बताया और कहा कि ऐसे लोग समाज की असली ताकत हैं।

    भाजपा-एलडीएफ पर भी साधा निशाना

    अपने संबोधन के दौरान राहुल गांधी ने राजनीतिक मुद्दों पर भी बात की। उन्होंने आरोप लगाया कि केरल में भाजपा और एलडीएफ के बीच मिलीभगत है। उनका कहना था कि राज्य में असल मुकाबला यूडीएफ और भाजपा-एलडीएफ गठजोड़ के बीच है। उन्होंने यह भी दावा किया कि दोनों दलों की नीतियों में ज्यादा अंतर नहीं है और वे जनता के प्रति जवाबदेह नहीं हैं।

  • दर्द-बुखार से लेकर 1000 से ज्यादा जरूरी दवाएं होंगी महंगी…. 1 अप्रैल से बढ़ जाएंगी कीमतें

    दर्द-बुखार से लेकर 1000 से ज्यादा जरूरी दवाएं होंगी महंगी…. 1 अप्रैल से बढ़ जाएंगी कीमतें


    नई दिल्ली।
    आम लोगों की जेब पर एक और असर पड़ने वाला है। 1 अप्रैल 2026 से पेरासिटामोल (Paracetamol), एंटीबायोटिक्स (Antibiotics) और अन्य जरूरी दवाओं के दाम बढ़ने जा रहे हैं। सरकार ने आवश्यक दवाओं (Necessary Medicines) की राष्ट्रीय सूची (NLEM) में शामिल दवाओं की कीमतों में करीब 0.6% तक बढ़ोतरी की अनुमति दे दी है। यह बढ़ोतरी 1000 से ज्यादा आवश्यक दवाओं पर लागू होगी।

    राष्ट्रीय औषधि मूल्य निर्धारण प्राधिकरण (National Pharmaceutical Pricing Authority-NPPA) ने बताया, “वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय के उद्योग एवं आंतरिक व्यापार विभाग में आर्थिक सलाहकार कार्यालय द्वारा उपलब्ध कराए गए थोक मूल्य सूचकांक (WPI) के आंकड़ों के आधार पर, वर्ष 2025 के दौरान वर्ष 2024 की समान अवधि की तुलना में WPI में वार्षिक बदलाव (+) 0.64956% है।” समायोजित कीमतें NLEM की 1,000 से अधिक दवाओं पर लागू होंगी।

    कौन-कौन सी प्रमुख दवाओं पर पड़ेगा असर
    सूचीबद्ध (नियंत्रित) दवाओं के दामों में बदलाव की अनुमति साल में एक बार दी जाती है। आवश्यक दवाओं की सूची में पेरासिटामोल, बैक्टीरियल संक्रमण के इलाज में इस्तेमाल होने वाली एंटीबायोटिक एजिथ्रोमाइसिन, खून की कमी (एनीमिया) की दवाएं, विटामिन और खनिज (मिनरल) जैसी दवाएं शामिल हैं। कोविड-19 के मध्यम से गंभीर रोगियों के इलाज में इस्तेमाल होने वाली कुछ दवाएं और स्टेरॉयड भी इस सूची में हैं।

    फार्मा उद्योग के एक अधिकारी के अनुसार, यह मामूली बढ़ोतरी ऐसे समय में हुई है, जब ईरान युद्ध के कारण बढ़ती इनपुट यानी कच्चे माल की लागत ने उद्योग के मुनाफे के मार्जिन को गंभीर रूप से प्रभावित किया है।


    पैरासिटामोल में 25% और सिप्रोफ्लोक्सासिन में 30% बढ़ोतरी

    उद्योग विशेषज्ञों का कहना है कि चल रहे युद्ध के कारण कुछ प्रमुख एक्टिव फार्मास्युटिकल इंग्रिएंट्स (APIs) और सॉल्वैंट्स के दाम काफी बढ़ गए हैं और यह बढ़ोतरी मुश्किल से ही कोई राहत देगी।

    उदाहरण के लिए, पिछले कुछ हफ्तों में APIs की कीमतों में औसतन 30-35% की वृद्धि हुई है। उद्योग अधिकारियों ने बताया कि ग्लिसरीन की कीमत 64% बढ़ गई है, जबकि पैरासिटामोल की कीमत 25% और सिप्रोफ्लोक्सासिन की कीमत 30% बढ़ गई है। पॉलीविनाइल क्लोराइड और एल्युमीनियम फॉयल जैसी पैकेजिंग सामग्री की कीमत में भी 40% की वृद्धि हुई है।


    फार्मा लॉबी ने क्या कहा

    एक फार्मा लॉबी समूह के प्रतिनिधि ने नाम न छापने की शर्त पर कहा, “ग्लिसरीन, प्रोपलीन ग्लाइकॉल, और हर लिक्विड दवा जैसे सिरप, ड्रॉप्स में इस्तेमाल होने वाले सॉल्वैंट्स महंगे हो गए हैं। इंटरमीडिएट्स के दाम भी काफी बढ़ गए हैं। इसे देखते हुए, हमें इससे बेहतर बढ़ोतरी की जरूरत है और हम NPPA के सामने अपना पक्ष रखेंगे।”

  • LPG संकट में भारत का ऑपरेशन ऊर्जा सुरक्षा….जानें नौसेना होर्मुज से कैसे निकाल रही जहाज!

    LPG संकट में भारत का ऑपरेशन ऊर्जा सुरक्षा….जानें नौसेना होर्मुज से कैसे निकाल रही जहाज!


    नई दिल्ली।
    भारत (India) में LPG संकट के बीच ऑपरेशन ऊर्जा सुरक्षा (Operation Energy Security) की शुरुआत की गई है। खबर है कि भारतीय नौसेना (Indian Navy) ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज (Strait of Hormuz) से जहाजों को सुरक्षित निकालने के लिए युद्धपोत तैनात किए हैं। हालांकि, इसे लेकर सेना की ओर से आधिकारिक तौर पर कुछ नहीं कहा गया है। ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची (Iran’s Foreign Minister Abbas Araghchi) ने कहा है कि मित्र देशों के जहाजों को निकलने की अनुमति दी गई है, जिनमें भारत भी शामिल है।

    एक रिपोर्ट में सूत्रों के हवाले से बताया गया है कि ऑपरेशन के तहत भारतीय नौसेना ने 5 से ज्यादा युद्धपोत तैनात किए हैं। ऑपरेशन का मकसद उन जलमार्गों और जहाजों को सुरक्षित करना है, जिनके जरिए एलपीजी, एलएजी और कच्चा तेल भारत पहुंच रहा है। माना जा रहा है कि ईरान और अमेरिका के बीच जारी जंग में भारत के लिए निकले 20 कार्गो फंस गए हैं।

    एक सूत्र ने बताया, ‘जब भारत आने वाला कोई मालवाहक जहाज इस स्ट्रेट को पार कर लेता है, तो ओमान की खाड़ी में तैनात नौसेना के युद्धपोत उस जहाज को सुरक्षा देते हैं और उसे संकटग्रस्त क्षेत्र से बाहर अरब सागर की ओर ले जाते हैं।’ वहीं, रिस्क एनालिस्ट मार्टिन कैली कहते हैं, ‘ऐसा लगता है कि ईरान चुनिंदा जहाजों को वेरिफिकेशन के बाद होर्मुज से गुजरने की अनुमति दे रहा है, जो ईरानी जलक्षेत्र के अंदर जहाजों के ट्रांजिट के दौरान किया जाता है।’


    नौसेना का ऐक्शन

    रिपोर्ट के अनुसार, फारस की खाड़ी से निकलने वाले भारतीय कार्गो के संपर्क में नौसेना बनी रहती है। जहाज जब ईरान की सहमति से एक पॉइंट से गुजर जाता है, तो नौसेना के डेस्ट्रॉयर्स और फ्रिगेट्स कमान संभालते हैं। ये मिलकर जहाज को खतरे के क्षेत्र से बाहर निकालकर ले जाते हैं।


    भारत पहुंचे कई जहाज

    खबर है कि इस मिशन के चलते कई भारतीय जहाज सुरक्षित रूप से भारत लौट आए हैं। इनमें एलपीजी लाने वाले पाइन गैस और जग वसंत का नाम शामिल है। दोनों मिलकर करीब 92 हजार टन एलपीजी लाए हैं।


    ईरान ने दिया भारतीय जहाजों को रास्ता

    मुंबई में ईरान के कॉन्सुलेट ने एक पोस्ट में कहा, ‘ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची: हमने चीन, रूस, भारत, इराक और पाकिस्तान सहित मित्र देशों के लिए Strait of Hormuz से गुजरने की अनुमति दे दी है।


    इन लोगों की एलपीजी सप्लाई बंद करने की तैयारी

    पाइप के जरिये आपूर्ति की जाने वाली रसोई गैस (पीएनजी) की सुविधा उपलब्ध होने पर भी इसकी सेवा नहीं लेने वाले उपभोक्ताओं की घरेलू रसोई गैस (एलपीजी) की आपूर्ति बंद कर दी जाएगी। सरकार ने आदेश जारी कर इसकी जानकारी दी है। यह कदम गैस नेटवर्क के विस्तार को तेज करने और एक ही ईंधन पर निर्भरता कम करने के उद्देश्य से उठाया गया है।

    पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय की संयुक्त सचिव सुजाता शर्मा ने कहा कि नोटिस मिलने के तीन महीने के भीतर ग्राहकों को पीएनजी अपनानी होगी, ऐसा न करने पर रसोई गैस (एलपीजी) की आपूर्ति बंद कर दी जाएगी।

  • Bank Holiday: आज कई जगह राम नवमी की छुट्टी… इन शहरों में बंद रहेंगे बैक

    Bank Holiday: आज कई जगह राम नवमी की छुट्टी… इन शहरों में बंद रहेंगे बैक


    नई दिल्ली।
    आज यानी 26 मार्च को देश के कई हिस्सों में बैंकों की छुट्टी (Bank Holiday) है। यह हॉलीडे रामनवमी (Ram Navami) के अवसर पर घोषित किया गया है। इस दिन मुंबई, अहमदाबाद, कोलकाता समेत कई बड़े शहरों में बैंक शाखाएं (Bank Branches) बंद रहेंगी। भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के कैलेंडर के अनुसार, आज इन प्रमुख शहरों अहमदाबाद, आइजोल, बेलापुर, चंडीगढ़, देहरादून, जयपुर, कानपुर, कोलकाता, लखनऊ, मुंबई, नागपुर और शिमला में बैंक बंद रहेंगे।

    ध्यान दें कि बैंक छुट्टियां राज्य और स्थानीय त्योहारों के अनुसार अलग-अलग होती हैं, इसलिए पूरे देश में एक साथ बैंक बंद नहीं रहते। बता दें उत्तर प्रदेश में राम नवमी के लिए सरकार ने दो दिन का अवकाश घोषित किया है।

    26 से 31 मार्च तक लंबी छुट्टियां, जानें पूरा शेड्यूल
    मार्च के आखिरी सप्ताह में बैंकिंग सेवाओं पर असर पड़ने वाला है। 26 मार्च से 31 मार्च के बीच लगातार छुट्टियों के कारण बैंक सिर्फ एक दिन ही खुलेंगे। ऐसे में ग्राहकों को अपने जरूरी काम पहले ही निपटा लेने की सलाह दी जा रही है।

    दरअसल, 26 और 27 मार्च को रामनवमी के चलते कई राज्यों में बैंक बंद रहेंगे। इसके बाद 28 मार्च को महीने का चौथा शनिवार होने की वजह से देशभर में बैंकिंग सेवाएं बंद रहेंगी। 29 मार्च को रविवार का साप्ताहिक अवकाश रहेगा। इन लगातार छुट्टियों के बाद 30 मार्च (सोमवार) को ही बैंक खुलेंगे।

    हालांकि, राहत सिर्फ एक दिन की ही है, क्योंकि 31 मार्च को महावीर जयंती के अवसर पर फिर से बैंक बंद रहेंगे। यानी 26 से 31 मार्च के बीच पूरे 6 दिनों में बैंक सिर्फ 30 मार्च को ही खुलेंगे। इस दौरान ऑनलाइन बैंकिंग, यूपीआई और एटीएम सेवाएं जारी रहेंगी, लेकिन शाखाओं से जुड़े काम प्रभावित हो सकते हैं। इसलिए चेक क्लियरेंस, कैश डिपॉजिट या अन्य जरूरी बैंकिंग कार्यों के लिए ग्राहकों को पहले से योजना बनाने की जरूरत है।

    इससे पहले भी मार्च की शुरुआत में होली के मौके पर यूपी में लगातार 4 दिन बैंक बंद रहे थे, जिससे लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ा था। अब एक बार फिर लंबी छुट्टियों का असर बैंकिंग सेवाओं पर पड़ने वाला है।

    RBI कैलेंडर के मुताबिक मार्च में 18 छुट्टियां
    भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) हर साल बैंक हॉलिडे कैलेंडर जारी करता है। इसके मुताबिक मार्च 2026 में कुल 18 बैंक छुट्टियां निर्धारित हैं, जिनमें त्योहारों के अलावा रविवार और दूसरे-चौथे शनिवार भी शामिल हैं। इनमें से अधिकतर बित चुकी हैं।

    क्यों मनाई जाती है राम नवमी: राम नवमी भगवान श्रीराम के जन्मोत्सव के रूप में मनाई जाती है, जो भगवान विष्णु के अवतार माने जाते हैं। यह दिन देशभर में पूजा, व्रत और भक्ति के साथ मनाया जाता है।

  • न्यायपालिका पर दबाव की कोशिश पर CJI का कड़ा संदेश कानून से बच नहीं पाएंगे दोषी

    न्यायपालिका पर दबाव की कोशिश पर CJI का कड़ा संदेश कानून से बच नहीं पाएंगे दोषी

    नई दिल्ली:सुप्रीम कोर्ट में न्यायिक प्रक्रिया को प्रभावित करने और दबाव बनाने की कोशिश का एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है जहां एक केस से जुड़े व्यक्ति ने सीधे भारत के मुख्य न्यायाधीश Surya Kant के परिवार से संपर्क करने की हिम्मत दिखाई इस घटना पर चीफ जस्टिस ने बेहद कड़ा रुख अपनाते हुए साफ संदेश दिया कि ऐसे तत्वों को किसी भी हाल में छोड़ा नहीं जाएगा चाहे वे देश के बाहर ही क्यों न हों

    मामला उस समय सामने आया जब एक याचिका पर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई चल रही थी यह मामला एक ऐसे व्यक्ति से जुड़ा था जिसने सामान्य श्रेणी से होने के बावजूद बौद्ध धर्म अपनाने के बाद अल्पसंख्यक प्रमाण पत्र के आधार पर मेडिकल कॉलेज में दाखिला लेने का लाभ मांगा था इस पर अदालत ने पहले ही हरियाणा सरकार को निर्देश दिया था कि वह अल्पसंख्यक प्रमाण पत्र से जुड़े नियमों और दिशा निर्देशों को कोर्ट में प्रस्तुत करे

    सुनवाई के दौरान Surya Kant ने भरी अदालत में इस घटना का खुलासा किया उन्होंने बताया कि संबंधित व्यक्ति ने उनके भाई को फोन कर उनके द्वारा दिए गए आदेश पर सवाल उठाए यह न केवल एक गंभीर हस्तक्षेप था बल्कि न्यायपालिका की गरिमा को चुनौती देने जैसा भी था

    इस घटना से नाराज चीफ जस्टिस ने कहा कि वह पिछले 23 वर्षों से ऐसे दबाव और हस्तक्षेप करने वाले तत्वों से निपटते आ रहे हैं और इस तरह की हरकतों को किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा उन्होंने दो टूक कहा कि अगर जरूरत पड़ी तो वह उस व्यक्ति को देश के बाहर से भी पकड़ लेंगे

    चीफ जस्टिस ने इस पूरे मामले को गंभीरता से लेते हुए संबंधित व्यक्ति के खिलाफ आपराधिक अवमानना की कार्रवाई की संभावना पर भी विचार करने का निर्देश दिया उन्होंने हरियाणा सरकार के वकील को निर्देश दिया कि उस व्यक्ति से इस हरकत के लिए जवाब मांगा जाए और स्पष्ट किया जाए कि उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई क्यों न शुरू की जाए

    यह मामला न्यायपालिका की स्वतंत्रता और निष्पक्षता को प्रभावित करने की कोशिश के रूप में देखा जा रहा है और चीफ जस्टिस का यह सख्त रुख इस बात का संकेत है कि न्याय प्रणाली पर किसी भी तरह का दबाव स्वीकार नहीं किया जाएगा

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