Category: National

  • आज की सरकारी नौकरी अपडेट 2026: बैंक, प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग में 25 हजार से अधिक पदों पर भर्ती

    आज की सरकारी नौकरी अपडेट 2026: बैंक, प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग में 25 हजार से अधिक पदों पर भर्ती


    नई दिल्ली: सरकारी नौकरी Government Jobs 2026 की तलाश कर रहे युवाओं के लिए आज कई महत्वपूर्ण अपडेट सामने आए हैं। बैंक, राज्य प्रशासन और स्वास्थ्य सेवाओं में हजारों पदों पर भर्ती की प्रक्रिया जारी है। इन भर्तियों में आवेदन की समयसीमा नजदीक होने के कारण उम्मीदवारों को सतर्क रहने की सलाह दी जा रही है।

    लातूर डिस्ट्रिक्ट को-ऑपरेटिव बैंक भर्ती

    महाराष्ट्र के लातूर डिस्ट्रिक्ट को-ऑपरेटिव बैंक ने कुल 375 पदों पर भर्ती निकाली है। इन पदों में क्लर्क, चपरासी और ड्राइवर शामिल हैं। क्लर्क पद के लिए किसी भी विषय में स्नातक डिग्री और कंप्यूटर ज्ञान अनिवार्य है। चपरासी और ड्राइवर पदों के लिए न्यूनतम 12वीं पास योग्यता निर्धारित की गई है। इसके अलावा, ड्राइवर पद के लिए वैध लाइट मोटर व्हीकल लाइसेंस जरूरी है। चयन लिखित परीक्षा, स्किल टेस्ट या इंटरव्यू और दस्तावेज सत्यापन के आधार पर किया जाएगा। उम्मीदवार 21 जनवरी 2026 तक आवेदन कर सकते हैं।

    बिहार सेकेंड इंटर लेवल भर्ती

    बिहार कर्मचारी चयन आयोग ने सेकेंड इंटर लेवल संयुक्त प्रतियोगिता परीक्षा 2025 के तहत पदों की संख्या बढ़ाकर 24,492 कर दी है। पहले घोषित पदों के अलावा 1,317 नए पद जोड़े गए हैं। इस भर्ती में 12वीं पास उम्मीदवार आवेदन कर सकते हैं। आयोग ने स्पष्ट किया है कि पहले से आवेदन कर चुके अभ्यर्थियों को फॉर्म दोबारा भरने की आवश्यकता नहीं है। चयन प्रक्रिया में प्रारंभिक परीक्षा, मुख्य परीक्षा और स्किल टेस्ट शामिल होगा। आवेदन की अंतिम तिथि 15 जनवरी 2026 है।

    नेशनल हेल्थ मिशन, पंजाब भर्ती

    स्वास्थ्य क्षेत्र में नौकरी की तलाश कर रहे डॉक्टरों के लिए नेशनल हेल्थ मिशन पंजाब ने 300 स्पेशलिस्ट पदों पर भर्ती की घोषणा की है। इन पदों के लिए उम्मीदवारों के पास एमबीबीएस के साथ संबंधित विषय में पोस्ट ग्रेजुएट डिग्री या डिप्लोमा होना अनिवार्य है। अधिकतम आयु सीमा 64 वर्ष रखी गई है। चयन शैक्षणिक योग्यता, कार्य अनुभव और इंटरव्यू के आधार पर किया जाएगा। इंटरव्यू जनवरी 2026 में अलग-अलग तिथियों पर आयोजित किए जाएंगे।

    छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग CGPSC भर्ती

    छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग द्वारा आयोजित राज्य सेवा परीक्षा 2025 के लिए आज आवेदन की अंतिम तिथि है। इस भर्ती के जरिए कुल 238 प्रशासनिक पद भरे जाएंगे। प्रारंभिक परीक्षा फरवरी 2026 में प्रस्तावित है। आयोग ने उम्मीदवारों से समय रहते आवेदन प्रक्रिया पूरी करने की अपील की है।

    उम्मीदवारों के लिए महत्वपूर्ण टिप्स

    विशेषज्ञों का कहना है कि समयसीमा और पात्रता शर्तों की अनदेखी करने पर सरकारी नौकरी का अवसर हाथ से निकल सकता है। उम्मीदवारों को सलाह दी जा रही है कि वे आवेदन प्रक्रिया, दस्तावेज और पात्रता नियमों की सही जानकारी लेकर ही आवेदन करें।इन भर्तियों में आवेदन करने से युवाओं को बैंकिंग, प्रशासनिक और स्वास्थ्य क्षेत्र में स्थिर और सम्मानजनक कैरियर बनाने का मौका मिलेगा। ऐसे में अगर आप सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे हैं तो समय रहते इन भर्तियों के लिए आवेदन करना बेहद जरूरी है।

  • मथुरा में नए साल पर सनी लियोन के प्रोग्राम पर बवाल, भड़के साधु-संत, दी आंदोलन की चेतावनी

    मथुरा में नए साल पर सनी लियोन के प्रोग्राम पर बवाल, भड़के साधु-संत, दी आंदोलन की चेतावनी


    नई दिल्ली । नए साल के आगमन पर उत्तर प्रदेश में जगह-जगह रंगारंग कार्यक्रम हो रहे हैं. लेकिन ऐसे ही एक प्रोग्राम को लेकर मथुरा में माहौल गरमा गया. साधु-संत इसको लेकर नाराजगी जाहिर करने लगे और कार्यक्रम रद्द करने की मांग करने लगे. इस बाबत उन्होंने प्रशासन को पत्र लिखा और आंदोलन की चेतावनी भी दी. आखिरकार, साधु-संतों की धमकी व विरोध के चलते सनी लियोन का प्रोग्राम अब कैंसिल हो गया है. आइये जानते हैं पूरा मामला..
    दरअसल, श्रीकृष्ण जन्मभूमि मामले के मुख्य याचिकाकर्ता दिनेश फलाहारी महाराज ने नए साल पर मथुरा में आयोजित होने वाले सनी लियोन के कार्यक्रम का कड़ा विरोध किया था. उन्होंने होटल ललिता ग्रैंड और होटल द ट्रक में होने वाले इस आयोजन को ब्रजभूमि को कलंकित करने की साजिश बताया था.
    सोमवार को साधु-संतों ने ‘जिंदाबाद-मुर्दाबाद’ के नारे लगाते हुए प्रदर्शन किया और कार्यक्रम को तुरंत निरस्त करने की मांग की. दिनेश फलाहारी महाराज ने पत्र लिखकर कहा कि यह दिव्य गोलोक भूमि योग, साधना और भजन की है. यहां फूहड़ता और अश्लीलता परोसने की अनुमति नहीं दी जाएगी. संतों का तर्क था कि ऐसी अभिनेत्री, जो पोर्न फिल्मों से जुड़ी रही हों, उनका ब्रज में आना धार्मिक भावनाओं को भड़काने जैसा है. उन्होंने प्रशासन से आयोजकों पर सख्त कार्रवाई करने की अपील की थी. फिलहाल, ये पूरा विवाद गहरा गया है और पुलिस भी अलर्ट हो गई है. मंगलवार को कन्फर्म किया गया कि सनी लियोन का प्रोग्राम रद्द कर दिया गया है.
  • डिजिटल पेमेंट की ओर बढ़ रहा देश… ATM की संख्या घटी, बचत खातों में जमा हुए 3.3 लाख करोड़

    डिजिटल पेमेंट की ओर बढ़ रहा देश… ATM की संख्या घटी, बचत खातों में जमा हुए 3.3 लाख करोड़


    नई दिल्ली।
    भारतीय रिजर्व बैंक (Reserve Bank of India- RBI) की एक रिपोर्ट के अनुसार, देश में एटीएम (ATM) की संख्या में कमी आई है, क्योंकि लोग डिजिटल पेमेंट (Digital payments) की ओर बढ़ रहे हैं। ई-पेमेंट नेटवर्क ने ग्राहकों की नकद निकासी की जरूरत को कम कर दिया है, भले ही बैंक शाखाओं का विस्तार जारी रहा।


    प्राइवेट बैंकों ने एटीएम सबसे ज्यादा घटाए

    रिपोर्ट के मुताबिक, निजी बैंकों ने अपना एटीएम नेटवर्क 79,884 से घटाकर 77,117 कर दिया। वहीं, सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों ने मुख्य रूप से ऑफसाइट मशीनें बंद करके अपने एटीएम 134,694 से 133,544 कर दिए।


    व्हाइट लेबल एटीएम बढ़े

    इसके विपरीत, व्हाइट लेबल एटीएम (नॉन-बैंकिंग संस्थाओं द्वारा स्थापित) ऑपरेटरों ने अपनी मौजूदगी बढ़ाई और इनकी संख्या 34,602 से बढ़कर 36,216 हो गई।


    शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में अंतर

    सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों ने ग्रामीण, अर्ध-शहरी, शहरी और महानगरीय क्षेत्रों में अपने एटीएम संतुलित रूप से वितरित रखे। हालांकि, निजी और विदेशी बैंक अभी भी अपने एटीएम मुख्य रूप से शहरी और महानगरीय केंद्रों में केंद्रित रखते हैं।


    बैंक शाखाओं का विस्तार जारी

    इस दौरान, सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों के तेज विस्तार के चलते बैंक शाखाओं की संख्या 2.8 प्रतिशत बढ़कर लगभग 1,64,000 हो गई। सार्वजनिक बैंकों द्वारा खोली गई दो-तिहाई से अधिक नई शाखाएं ग्रामीण और अर्ध-शहरी क्षेत्रों में थीं, जबकि निजी बैंकों की केवल 37.5 प्रतिशत नई शाखाएं इन क्षेत्रों में खुलीं।

    बचत खातों और जमा राशि में वृद्धि
    बेसिक बचत बैंक जमाखातों में लगातार वृद्धि दर्ज की गई, जो 2.6 प्रतिशत बढ़कर 72.4 करोड़ खाते हो गए। इन खातों में जमा राशि 9.5 प्रतिशत बढ़कर 3.3 लाख करोड़ रुपये हो गई। अधिकांश खाते बिजनेस करिस्पॉन्डेंट के माध्यम से संचालित होते हैं, जो जमीनी स्तर पर बैंकिंग पहुंच बढ़ाने में उनकी भूमिका को रेखांकित करता है।


    जमा बीमा कवरेज

    जमा बीमा के संदर्भ में, रिपोर्ट में कहा गया है कि वित्त वर्ष 2025 के अंत तक 97.6 प्रतिशत खाते मौजूदा 5 लाख रुपये के बीमा सीमा के दायरे में थे। हालांकि, बीमाकृत जमा राशि का अनुपात पिछले वर्ष के 43.1 प्रतिशत से थोड़ा घटकर 41.5 प्रतिशत हो गया।


    डिजिटलीकरण है मुख्य कारण

    आरबीआई ने एटीएम संख्या में कमी का कारण भुगतानों के बढ़ते डिजिटलीकरण को बताया है, जिसने ग्राहकों की एटीएम के माध्यम से लेनदेन की आवश्यकता को कम कर दिया है।

  • देश के औद्योगिक उत्पादन में इजाफा, दो साल के उच्च स्तर पर पहुंची वृद्धि दर

    देश के औद्योगिक उत्पादन में इजाफा, दो साल के उच्च स्तर पर पहुंची वृद्धि दर


    नई दिल्ली।
    खनन और विनिर्माण क्षेत्रों (Mining and Manufacturing sectors) के मजबूत प्रदर्शन से नवंबर महीने में देश के औद्योगिक उत्पादन में वृद्धि दर (Country’s Industrial Production growth rate) दो साल के उच्च स्तर 6.7 प्रतिशत पर पहुंच गई। राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय (NSO) के आंकड़ों के मुताबिक, औद्योगिक उत्पादन को मापने वाला औद्योगिक उत्पादन सूचकांक (IIP) नवंबर, 2024 में पांच प्रतिशत बढ़ा था। इससे पहले औद्योगिक उत्पादन का उच्च स्तर नवंबर, 2023 में 11.9 प्रतिशत दर्ज किया गया था।

    त्योहारों से पहले देश में मांग और खपत को बढ़ावा देने के लिए कई उपभोक्ता वस्तुओं पर वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) की दरों में 22 सितंबर 2025 से कटौती की गई थी। इससे जीएसटी दरों में कमी का लाभ उठाने के लिए विनिर्माण ऑर्डरों में तेजी आई।


    अक्टूबर के आंकड़ों में बदलाव

    इसके साथ एनएसओ ने अक्टूबर 2025 के लिए औद्योगिक उत्पादन वृद्धि के आंकड़े को भी संशोधित किया है। अक्टूबर के लिए आईआईपी वृद्धि को बढ़ाकर 0.5 प्रतिशत कर दिया गया है जबकि पिछले महीने जारी अस्थायी अनुमान 0.4 प्रतिशत का था।


    बिजली उत्पादन का प्रदर्शन कमजोर

    आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक, नवंबर 2025 में विनिर्माण क्षेत्र का उत्पादन आठ प्रतिशत बढ़ा, जो एक साल पहले इसी महीने में 5.5 प्रतिशत था। खनन क्षेत्र का उत्पादन भी नवंबर में 5.4 प्रतिशत बढ़ा जबकि नवंबर 2024 में यह वृद्धि 1.9 प्रतिशत रही थी। हालांकि, बिजली उत्पादन का प्रदर्शन पिछले महीने कमजोर रहा। नवंबर में बिजली उत्पादन में 1.5 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई, जबकि पिछले वर्ष की समान अवधि में इसमें 4.4 प्रतिशत की वृद्धि हुई थी।


    प्रमुख क्षेत्रों में रफ्तार की वापसी

    नवंबर महीने के आईआईपी आंकड़ों में सुधार से संकेत मिलता है कि औद्योगिक गतिविधियों में खासकर विनिर्माण और खनन जैसे प्रमुख क्षेत्रों में रफ्तार की वापसी हो रही है। वित्त वर्ष 2025-26 में अप्रैल-नवंबर के दौरान देश का औद्योगिक उत्पादन 3.3 प्रतिशत की दर से बढ़ा, जबकि एक साल पहले इसी अवधि में यह आंकड़ा 4.1 प्रतिशत था। विनिर्माण क्षेत्र के तहत 23 में 20 उद्योग समूहों ने नवंबर 2025 में सालाना आधार पर सकारात्मक वृद्धि दर्ज की।


    अमेरिकी टैरिफ का असर

    इक्रा की मुख्य अर्थशास्त्री अदिति नायर ने कहा, अमेरिकी टैरिफ और जुर्माने का असर कुछ विनिर्माण खंडों में दिखाई दे सकता है, जिससे जीएसटी दरों में बदलाव के सकारात्मक प्रभाव का असर कम हो सकता है।

    उन्होंने कहा कि दो महीने के बाद दिसंबर 2025 में बिजली की मांग बढ़ी है, जिससे उस महीने बिजली उत्पादन को बढ़ावा मिलेगा और यह आईआईपी वृद्धि के लिए सकारात्मक संकेत है। नायर ने आगे कहा, हमें उम्मीद है कि दिसंबर 2025 में आईआईपी वृद्धि घटकर 3.5 से 5.0 प्रतिशत के दायरे में आ सकती है, क्योंकि तुलनात्मक आधार प्रभाव सामान्य होगा।


    औद्योगिक उत्पादन में बढ़ोतरी का मतलब

    औद्योगिक उत्पादन में बढ़ोतरी का मतलब है कि अर्थव्यवस्था की सेहत बेहतर हो रही है। इसका सीधा लाभ नौकरी, आय, व्यापार और सरकारी सेवाओं के जरिए आम आदमी तक पहुंचता है। हालांकि इसका पूरा असर दिखने में कुछ समय लग सकता है, लेकिन संकेत सकारात्मक माने जाते हैं। इसे इस तरह समझा जा सकता है—


    रोजगार के अवसर बढ़ने की संभावना

    जब फैक्ट्रियां और उद्योग ज्यादा उत्पादन करते हैं, तो उन्हें अधिक मजदूर, तकनीशियन और कर्मचारियों की जरूरत होती है। नए रोजगार पैदा हो सकते हैं। अस्थायी और कॉन्ट्रैक्ट नौकरियों में भी बढ़ोतरी होती है। इससे बेरोजगारी का दबाव कुछ हद तक कम हो सकता है।


    आमदनी और खर्च करने की क्षमता में सुधार

    उद्योगों की स्थिति बेहतर होने पर वेतन में बढ़ोतरी, ओवरटाइम और बोनस मिलने की संभावना बढ़ जाती है। इससे लोगों की खरीदने की ताकत सुधरती है।


    महंगाई पर मिला-जुला असर

    ज्यादा उत्पादन होने से बाजार में वस्तुओं की आपूर्ति बढ़ती है, जिससे कई सामानों के दाम स्थिर रह सकते हैं। कुछ चीजें सस्ती भी हो सकती हैं। हालांकि अगर कच्चा माल महंगा है या ब्याज दरें ऊंची हैं, तो महंगाई पूरी तरह कम होना जरूरी नहीं।


    छोटे कारोबार और एमएसएमई को सहारा

    बड़े उद्योगों की रफ्तार बढ़ने से छोटे उद्योगों, ट्रांसपोर्ट, पैकेजिंग और सप्लाई चेन को भी काम मिलता है। इससे स्थानीय कारोबार को फायदा होता है।


    सरकार की आय बढ़ने से, सुविधाएं बेहतर होंगी

    उद्योगों के अच्छे प्रदर्शन से टैक्स संग्रह बढ़ता है। सरकार के पास बुनियादी ढांचे, स्वास्थ्य और शिक्षा पर खर्च के लिए ज्यादा संसाधन होते हैं जिसका फायदा आम नागरिकों को मिलता है।


    शेयर बाजार और निवेश पर असर

    औद्योगिक उत्पादन में तेजी से बाजार में भरोसा बढ़ता है। म्यूचुअल फंड और शेयर में निवेश करने वालों को फायदा हो सकता है। हालांकि यह असर हर व्यक्ति पर एक जैसा नहीं होता।

  • BJP में स्वागत है… CM मोहन यादव ने RSS की तारीफ पर दिग्विजय सिंह को दिया ऑफर

    BJP में स्वागत है… CM मोहन यादव ने RSS की तारीफ पर दिग्विजय सिंह को दिया ऑफर


    भोपाल।
    मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) के मुख्यमंत्री मोहन यादव (Chief Minister Mohan Yadav) ने भाजपा (BJP) और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) (Rashtriya Swayamsevak Sangh – RSS) की संगठनात्मक शक्ति की प्रशंसा करने के लिए वरिष्ठ कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह (Digvijay Singh) को बधाई दी। इसके साथ ही उन्होंने दिग्विजय को राज्य की सत्तारूढ़ पार्टी में शामिल होने का प्रस्ताव दिया, जिसे पूर्व मुख्यमंत्री ने ठुकरा दिया।

    दिग्विजय सिंह ने शनिवार को आरएसएस-भाजपा की संगठनात्मक शक्ति की सराहना करते ‘एक्स’ पर एक पुरानी तस्वीर साझा की थी, जिसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) आगे की तरफ नीचे बैठे हुए हैं तथा उनके पीछे भाजपा के दिग्गज नेता लालकृष्ण आडवाणी कुर्सी पर बैठे नजर आ रहे हैं।

    दिग्विजय सिंह ने पोस्ट में कहा था, ‘‘कोरा वेबसाइट पर मुझे यह फोटो मिला। बहुत ही प्रभावशाली है। किस प्रकार आरएसएस का जमीनी स्वयंसेवक व जनसंघ भाजपा का कार्यकर्ता नेताओं के चरणों में फर्श पर बैठकर प्रदेश का मुख्यमंत्री व देश का प्रधानमंत्री बना। यह संगठन की शक्ति है। जय सियाराम।’’

    विवाद खड़ा होने पर सिंह ने कहा था कि उन्होंने केवल संगठन और इसकी शक्ति की तारीफ की है, अन्यथा वह आरएसएस और मोदी के घोर विरोधी हैं। दिग्विजय सिंह की ओर से आरएसएस-भाजपा की संगठनात्मक शक्ति की सराहना किए जाने के बारे में एक समाचार चैनल से बातचीत में मोहन यादव ने रविवार को इंदौर में कहा कि भाजपा है ही इस लायक कि उसकी तारीफ की जाए। उन्होंने कहा, ‘‘दिग्विजय सिंह जी को भी बधाई। आइए, भाजपा में आपका स्वागत है।’’

    कांग्रेस कार्यसमिति की बैठक में शामिल होने के बाद रविवार शाम भोपाल पहुंचे दिग्विजय सिंह से जब मुख्यमंत्री मोहन यादव की ओर से भाजपा में शामिल होने को लेकर दिए गए प्रस्ताव के बारे में पूछा गया तो वह ‘अरे छोड़िए’ कहकर आगे बढ़ गए। राजनीतिक हलकों में दिग्विजय सिंह की इस टिप्पणी को सीधे तौर पर मुख्यमंत्री के प्रस्ताव को ठुकराए जाने के रूप में देखा जा रहा है।

  • शीतलहर की चपेट में पूरा उत्तर भारत, 600 उड़ानें रद्द…. देरी से चल रहीं 100 से ज्यादा ट्रेनें

    शीतलहर की चपेट में पूरा उत्तर भारत, 600 उड़ानें रद्द…. देरी से चल रहीं 100 से ज्यादा ट्रेनें


    नई दिल्ली।
    पूरे उत्तर भारत (North India) में भीषण शीतलहर (Severe Cold wave) जारी है। घने कोहरे (Fog) का असर यातायात संसाधनों पर भी देखने को मिला है। भीषण कोहरे के चलते 600 उड़ानें प्रभावित हुईं और 100 से अधिक ट्रेनें लेट (100 trains delayed) हुई हैं। इंडिगो ने सोमवार को खराब मौसम और ऑपरेशनल कारणों के चलते 118 उड़ानें रद्द (118 Indigo flights cancelled) कर दीं। इनमें से छह उड़ानें ऑपरेशनल कारणों के चलते रद्द की गईं, जबकि बाकी अलग-अलग हवाईअड्डे पर खराब मौसम की वजह से कैंसिल हुई हैं। मौसम विभाग के अनुसार, कुछ जगहों पर मंगलवार को दिन के तापमान में सामान्य से 4-5 डिग्री की गिरावट हो सकती है।


    दिल्ली हवाईअड्डे पर 128 उड़ानें रद्द

    घने कोहरे के कारण अकेले दिल्ली हवाईअड्डे पर 128 उड़ानें रद्द कर दी गईं, जिनमें आगमन और प्रस्थान की 64-64 उड़ानें शामिल थीं। आठ उड़ानों को दूसरे शहरों में डायवर्ट करना पड़ा। लगभग 470 उड़ानें विलंबित हुईं। इनमें प्रत्येक उड़ान के प्रस्थान में औसतन 24 मिनट की देरी हुई।

    इंडिगो एयरलाइन ने कहा खराब मौसम के कारण उसे अपने नेटवर्क में 80 उड़ानें रद्द करनी पड़ीं, इनमें से लगभग आधी दिल्ली हवाईअड्डे से थीं। इंडिगो की वेबसाइट के अनुसार, दिल्ली, मुंबई, बंगलूरू, कोच्चि, हैदराबाद, कोलकाता, अमृतसर, चंडीगढ़, जयपुर, देहरादून, इंदौर, पटना और भोपाल समेत कई जगहों पर उड़ान सेवाएं रद्द की गई हैं। एयरलाइन ने सुबह 11.20 बजे एक यात्रा सलाह में कहा, दिल्ली और उत्तरी भारत के कई हवाई अड्डों पर कोहरे की स्थिति बनी हुई है और दृश्यता में अभी पूरी तरह से सुधार नहीं हुआ है।

    इसे अलावा पंजाब के अमृतसर, आदमपुर, हलवारा, पठानकोट, चंडीगढ़ एयरफोर्स स्टेशन, सहरानपुर और आगरा में एयरफोर्स स्टेशन और मध्य प्रदेश के ग्वालियर में कई क्षेत्रों में दृश्यता शून्य मीटर रही। जिसका असर उड़ानों पर देखने को मिला। इससे पहले 25 दिसंबर को इंडिगो ने मौसम की स्थिति का हवाला देते हुए कई हवाई अड्डों के लिए 67 उड़ानें रद्द कर दी थीं, जबकि शनिवार को उसने खराब मौसम का हवाला देते हुए कई एयरपोर्ट से 57 और उड़ानें रद्द की थीं।


    इंडिगो की 118 उड़ानें रद्द

    इंडिगो ने सोमवार को खराब मौसम और परिचालन कारणों से 118 उड़ानें रद्द कर दी। इंडिगो की वेबसाइट से यह जानकारी मिली। वेबसाइट से मिली जानकारी के मुताबिक, इनमें से छह उड़ान सेवाएं परिचालन कारणों से रद्द की गईं जबकि बाकी विभिन्न हवाई अड्डों पर खराब मौसम की स्थिति के कारण रद्द कर दी गईं। इंडिगो की वेबसाइट के अनुसार, मुंबई, बेंगलुरु, कोचिन, हैदराबाद, कोलकाता, अमृतसर, चंडीगढ़, जयपुर, देहरादून, इंदौर, पटना और भोपाल जैसे अन्य हवाई अड्डों से आने-जाने वाली उड़ानें भी रद्द की गई हैं। इंडिगो की वेबसाइट के मुताबिक, इन 80 फ्लाइट्स में से आधी दिल्ली एयरपोर्ट से कैंसिल की गईं और बाकी में मुंबई, बेंगलुरु, कोचीन, हैदराबाद, कोलकाता, अमृतसर, चंडीगढ़, जयपुर, देहरादून, इंदौर, पटना और भोपाल जैसे एयरपोर्ट से आने-जाने वाली फ्लाइट्स शामिल थीं।


    रेल सेवाएं बुरी तरह प्रभावित

    साल के आखिरी सप्ताह में पड़ रहे घने कोहरे के कारण ट्रेनों की आवाजाही बुरी तरह प्रभावित हुई है। तेजस से राजधानी एक्सप्रेस तक देर से चल रही हैं। यह देरी 16-16 घंटों तक की हो रही है। आनंद विहार सैरंग राजधानी एक्सप्रेस 12.30 घंटे लेट चल रही थी। नई दिल्ली राजेंद्र नगर तेजस राजधानी एक्सप्रेस 15.30 घंटे, नई दिल्ली हावड़ा राजधानी एक्सप्रेस 16 घंटे और नई दिल्ली सियालदह राजधानी 16 घंटे 30 मिनट की देरी से चल रही थीं। संपूर्ण क्रांति, मगध एक्सप्रेस, पुरुषोत्तम एक्सप्रेस, ब्रह्मपुत्र मेल और अमृत भारत जैसी ट्रेनों का भी यही हाल है। 100 से ज्यादा ट्रेनें प्रभावित हुई हैं। ट्रेनें औसतन 8-10 घंटे की देरी से चल रही हैं। आम यात्रियों को सर्दी में परेशानी झेलनी पड़ी।

    10 फरवरी तक के लिए अलर्ट
    विमानन नियामक, नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (डीजीसीए) ने 10 दिसंबर से 10 फरवरी के बीच की अवधि को इस सर्दी में आधिकारिक कोहरे की अवधि घोषित किया है।दिल्ली अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा लिमिटेड (डीआईएएल) ने सोमवार सुबह जारी यात्री परामर्श में कहा, लगातार घने कोहरे के कारण, उड़ान संचालन श्रेणी तीन के अंतर्गत बना हुआ है, जिसके परिणामस्वरूप उड़ानों में देरी हो सकती है। हम आपसे अनुरोध करते हैं कि नवीनतम उड़ान जानकारी के लिए आप अपनी संबंधित एयरलाइन से संपर्क करें या हमारी वेबसाइट देखें। श्रेणी-तीन एक उन्नत नेविगेशन प्रणाली है जो विमान को कोहरे की स्थिति में उतरने में सक्षम बनाती है।

    भीषण ठंड से कांपा उत्तर भारत, अलर्ट जारी
    दिल्ली में इस बार नए साल पर भी मौसम खराब रह सकता है। हिमालयी क्षेत्रों में एक नया पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय हो रहा है। इस वजह से दिल्ली में 31 दिसंबर को बादल छाऐंगे और एक जनवरी को हल्की बारिश हो सकती है। मौसम विभाग के अनुसार, दिल्ली में अगले तीन दिनों यानी 31 दिसंबर तक घना कोहरा पड़ने के आसार हैं।

    भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) के अनुसार, जम्मू मंडल, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, पंजाब, हरियाणा, उत्तर प्रदेश और चंडीगढ़ के कुछ हिस्सों में रविवार रात से सोमवार सुबह तक अत्यधिक घना कोहरा छाया रहा। वहीं पश्चिमी और पूर्वी उत्तर प्रदेश में सोमवार को कई जगह घना से अधिक घना कोहरा रहा और लोग ठंड से कांपते नजर आए। ऐसा ही मौसम मंगलवार को भी रहने के आसार हैं और संभाग में कई जगह शीत दिवस की चेतावनी भी जारी की गई है। मौसम विभाग के अनुसार, मंगलवार को दिन के तापमान में सामान्य से 4-5 डिग्री की गिरावट के आसार हैं। कई जिलों में घने कोहरे के साथ शीत दिवस की चेतावनी भी जारी की गई है।

  • पहाड़ी राज्यों में बर्फबारी से मध्य प्रदेश में कड़ाके की ठंड, मंदसौर सबसे ठंडा, शीतलहर का अलर्ट

    पहाड़ी राज्यों में बर्फबारी से मध्य प्रदेश में कड़ाके की ठंड, मंदसौर सबसे ठंडा, शीतलहर का अलर्ट

    भोपाल । पहाड़ी राज्यों में हो रही लगातार बर्फबारी का असर अब मध्यप्रदेश में साफ नजर आने लगा है। प्रदेश कड़ाके की ठंड की चपेट में है। भोपाल, इंदौर सहित पांच जिलों में शीतलहर चल रही है, जबकि मंदसौर प्रदेश का सबसे ठंडा जिला बन गया है, जहां न्यूनतम तापमान 2.9 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। बीती रात प्रदेश के करीब 30 शहरों में पारा 10 डिग्री सेल्सियस से नीचे रहा। उत्तरी जिलों में घना कोहरा छाया रहा, जिससे जनजीवन प्रभावित हुआ।मौसम विभाग ने रविवार को भोपाल, इंदौर, शाजापुर, सीहोर और राजगढ़ में कोल्ड वेव का अलर्ट जारी किया है। इन जिलों में दिन का तापमान 25 डिग्री से नीचे रहने की संभावना है, जिससे दिन में भी ठंड का एहसास बना रहेगा। लोगों को आवश्यक सावधानी बरतने और गर्म कपड़े पहनकर ही बाहर निकलने की सलाह दी गई है।

    मालवा-निमाड़ में ठंड का सबसे ज्यादा असर

    प्रदेश में ठंड का सबसे ज्यादा असर मालवा और निमाड़ अंचल में देखने को मिल रहा है। इंदौर और उज्जैन संभाग के 15 जिलों में तापमान लगातार गिरा है। मंदसौर के बाद शाजापुर दूसरा सबसे ठंडा शहर रहा, जहां न्यूनतम तापमान 3.1 डिग्री दर्ज किया गया। पांच बड़े शहरों में भोपाल में 4.6 डिग्री, इंदौर में 6.2 डिग्री, ग्वालियर में 6.7 डिग्री, उज्जैन में 7.3 डिग्री और जबलपुर में 7.4 डिग्री सेल्सियस तापमान रिकॉर्ड किया गया।

    शनिवार की रात में शहडोल के कल्याणपुर में 3.2 डिग्री, राजगढ़ में 3.8 डिग्री, नौगांव में 4.6 डिग्री, उमरिया में 4.7 डिग्री, पचमढ़ी में 4.8 डिग्री, खजुराहो में 5 डिग्री, मलाजखंड में 5.6 डिग्री और रीवा में तापमान 5.8 डिग्री रहा। वहीं, रायसेन, शिवपुरी, दमोह, मंडला, दतिया, सतना, गुना, श्योपुर, धार, रतलाम समेत करीब 30 शहरों में पारा 10 डिग्री से नीचे दर्ज किया गया। इधर, 16 से ज्यादा जिलों में कोहरे का असर भी देखा गया।

    कोहरे से रेल यातायात प्रभावित

    शनिवार को ग्वालियर, भिंड, दतिया, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, पन्ना, सतना, रीवा, सीधी, सिंगरौली सहित कई जिलों में घना कोहरा छाया रहा। कोहरे और सर्द हवाओं के चलते दिल्ली से मध्यप्रदेश आने वाली कई ट्रेनें देरी से पहुंचीं। भोपाल, इंदौर, मंदसौर, शाजापुर और आसपास के जिलों में तेज सर्द हवाओं ने ठंड का असर और बढ़ा दिया।

    आगे और बढ़ सकती है ठंड

    मौसम विभाग के अनुसार, 30 दिसंबर को पश्चिमी विक्षोभ पश्चिमी हिमालयी क्षेत्र को प्रभावित करेगा, जिसका असर मध्य प्रदेश में भी देखने को मिल सकता है। सर्द हवाओं और जेट स्ट्रीम के सक्रिय रहने से आने वाले दिनों में ठंड और तेज होने की संभावना जताई गई है।

  • वाराणसी के संत रविदास मंदिर में अचानक लगी आग,बड़ा हादसा टला

    वाराणसी के संत रविदास मंदिर में अचानक लगी आग,बड़ा हादसा टला


    वाराणसी।
    उत्तर प्रदेश के वाराणसी सीर गोवर्धनपुर स्थित संत शिरोमणि रविदास की जन्मस्थली स्थित रविदास मंदिर परिसर में सोमवार सुबह आग लगने से अफरा-तफरी मच गई। सूचना मिलते ही फायर ब्रिगेड की टीम, लंका पुलिस और वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंच गए। दमकल कर्मियों ने मंदिर प्रबंधन के सहयोग से तत्परता दिखाते हुए आग पर शीघ्र काबू पा लिया। हादसे में किसी श्रद्धालु के झुलसने की सूचना नहीं है। मंदिर में स्थापित संत शिरोमणि रविदास की मूर्ति तथा मुख्य द्वार पूरी तरह सुरक्षित हैं।

    मंदिर प्रशासन ने बताया कि सतर्कता बरतते हुए सभी श्रद्धालुओं को समय रहते सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया, जिससे किसी भी प्रकार की जनहानि या गंभीर नुकसान नहीं हुआ। घटना की जानकारी लेते हुए पुलिस अधिकारियों ने मंदिर प्रबंधन और मौके पर मौजूद श्रद्धालुओं से पूछताछ की। सहायक पुलिस आयुक्त (एसीपी) भेलूपुर गौरव कुमार ने बताया कि मंदिर के पिछले हिस्से में स्थित एक कमरे में सुबह करीब 6:30 बजे शॉर्ट सर्किट के कारण आग लगी थी। समय पर कार्रवाई से आग को फैलने से रोक लिया गया और मंदिर का मुख्य हिस्सा पूरी तरह सुरक्षित है। फिलहाल स्थिति सामान्य है ।

  • केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह असम पहुंचे, हवाई अड्डे पर मुख्यमंत्री ने किया स्वागत

    केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह असम पहुंचे, हवाई अड्डे पर मुख्यमंत्री ने किया स्वागत


    गुवाहाटी।
    केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह आज गुवाहाटी पहुंचे।। गृहमंत्री का लोकप्रिय गोपीनाथ बरदलै अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर असम के मुख्यमंत्री डॉ हिमंत बिस्व सरमा ने गर्मजोशी से स्वागत किया। हवाई अड्डे से गृह मंत्री सीधे हेलीकॉप्टर के जरिए श्रीमंत शंकरदेव के जन्म स्थान बटद्रबा थान के लिए रवाना हुए। वहां वो भव्य सांस्कृतिक प्रकल्प का उद्घाटन करेंगे।

    मुख्यमंत्री डॉ. सरमा ने अमित शाह को असम की पुण्यभूमि का आत्मिक शुभचिंतक बताते हुए कहा कि उनकी यह यात्रा राज्य के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। इस दौरान केंद्रीय गृहमंत्री असम की विरासत और विकास से जुड़े कई अहम परियोजनाओं को प्रदेशवासियों को समर्पित करेंगे। मुख्यमंत्री ने विश्वास जताया कि अमित शाह की यह यात्रा असम के लिए विकास और सांस्कृतिक नवजागरण के एक नए दौर की शुरुआत करेगी।

  • सागर के हिलगन के जंगल में मृत मिला बाघ, वन विभाग में मचा हड़कंप

    सागर के हिलगन के जंगल में मृत मिला बाघ, वन विभाग में मचा हड़कंप

    सागर। मध्‍य प्रदेश के सागर जिले के ढाना वन परिक्षेत्र अंतर्गत ग्राम हिलगन के जंगल में रविवार को एक बाघ मृत अवस्था में मिलने से क्षेत्र में सनसनी फैल गई। घटना की जानकारी मिलते ही वन विभाग में हड़कंप मच गया। दोपहर करीब 2 बजे वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और जांच प्रक्रिया शुरू की गई।

    ग्रामीणों द्वारा दी गई सूचना पर प्राप्त जानकारी के अनुसार, गांव का एक ग्रामीण जंगल की ओर गया हुआ था। इसी दौरान उसकी नजर जंगल में पड़े एक मृत बाघ पर पड़ी। बाघ को इस हालत में देखकर वह घबरा गया और तत्काल गांव लौटकर अन्य ग्रामीणों को इसकी सूचना दी। ग्रामीणों द्वारा वन विभाग को जानकारी दिए जाने पर अधिकारी और कर्मचारी तुरंत मौके पर पहुंचे।

    मृत शेर का शरीर काफी फूला हुआ पाया

    मौके पर मौजूद अधिकारियों के अनुसार, मृत बाघ का शरीर काफी फूला हुआ पाया गया है। इससे अंदाजा लगाया जा रहा है कि उसकी मौत एक या दो दिन पहले हो चुकी होगी। हालांकि बाघ की मौत किन कारणों से हुई, इसका स्पष्ट खुलासा फिलहाल नहीं हो सका है। वास्तविक कारणों की पुष्टि पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच के बाद ही संभव हो पाएगी

    समीप ही रानी वीरांगना दुर्गावती टाइगर रिजर्व का क्षेत्र

    वन विभाग ने बताया कि जिस स्थान पर बाघ मृत मिला है, उसके समीप ही रानी वीरांगना दुर्गावती टाइगर रिजर्व का क्षेत्र आता है। इस रिजर्व में बाघ, तेंदुआ सहित कई बड़े वन्य जीवों की मौजूदगी रहती है। ऐसे में आशंका जताई जा रही है कि यह बाघ टाइगर रिजर्व क्षेत्र से भटककर हिलगन के जंगल तक पहुंचा होगा।

    वरिष्ठ वन अधिकारी भी मौके पर

    घटना की गंभीरता को देखते हुए वरिष्ठ वन अधिकारी भी मौके पर पहुंच गए हैं। क्षेत्र को घेराबंदी कर सुरक्षित किया गया है और आसपास के ग्रामीणों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है। वन विभाग द्वारा सभी संभावित पहलुओं पर जांच की जा रही है, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि बाघ की मौत प्राकृतिक कारणों से हुई है या इसके पीछे कोई अन्य वजह है।

    वन विभाग का क्या है कहना?वन विभाग के अनुसार प्राथमिक जांच में मृत बाघ के शरीर पर किसी तरह की बाहरी चोट या संघर्ष के निशान नहीं पाए गए हैं। ऐसे में बाघ की मौत को लेकर रहस्य बना हुआ है। फिलहाल मौत के कारणों का स्पष्ट पता नहीं चल सका है। ढाना रेंजर प्रतीक श्रीवास्तव ने बताया कि मृत बाघ की उम्र करीब 8 से 10 वर्ष है और वह मादा है। बाघ का शव हिलगन गांव के पास जंगल क्षेत्र में मिला है। वन विभाग का कहना है कि जांच पूरी होने और पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही शेर की मौत के कारणों को लेकर आधिकारिक जानकारी साझा की जाएगी। फिलहाल यह घटना पूरे क्षेत्र में चर्चा का विषय बनी हुई है।