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  • सरकार का बड़ा फैसला उड़ान स्कीम से देश के 100 नए एयरपोर्ट्स विकसित होंगे कनेक्टिविटी होगी मजबूत

    सरकार का बड़ा फैसला उड़ान स्कीम से देश के 100 नए एयरपोर्ट्स विकसित होंगे कनेक्टिविटी होगी मजबूत


    नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में केंद्र सरकार ने क्षेत्रीय कनेक्टिविटी योजना यानी उड़ान योजना के संशोधित संस्करण को मंजूरी दे दी है। इस योजना के तहत 28,840 करोड़ रुपये का कुल परिव्यय तय किया गया है और इसका उद्देश्य देश के छोटे शहरों और दूरदराज के क्षेत्रों में हवाई संपर्क को मजबूत करना है।

    यह योजना वित्त वर्ष 2026-27 से 2035-36 तक लागू रहेगी और इसका मुख्य फोकस उन क्षेत्रों पर होगा जहां अभी तक हवाई सेवाएं सीमित या उपलब्ध नहीं हैं। सरकार का लक्ष्य है कि इस योजना के जरिए देश के 100 नए एयरपोर्ट विकसित किए जाएं, जिससे टियर 2 और टियर 3 शहरों में आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा।

    इस योजना से न केवल हवाई यात्रा सस्ती और सुलभ होगी बल्कि दूरस्थ और पहाड़ी क्षेत्रों में आपातकालीन सेवाओं और स्वास्थ्य सुविधाओं तक पहुंच भी बेहतर होगी। इससे पर्यटन, व्यापार और स्थानीय रोजगार को भी बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।

    कैबिनेट के अनुसार इस योजना के तहत हवाई अड्डों के संचालन और रखरखाव के लिए भी सहायता दी जाएगी ताकि वे आर्थिक रूप से टिकाऊ बन सकें। इसके लिए प्रति हवाई अड्डा 3.06 करोड़ रुपये और हेलीपोर्ट के लिए 0.90 करोड़ रुपये की सहायता देने का प्रस्ताव है। लगभग 441 हवाई अड्डों के लिए यह सहायता दी जाएगी।

    इसके अलावा सरकार ने पहाड़ी और दूरस्थ क्षेत्रों में कनेक्टिविटी को मजबूत करने के लिए 200 आधुनिक हेलीपैड बनाने का भी प्रस्ताव रखा है। इससे आपातकालीन सेवाओं और अंतिम मील कनेक्टिविटी को बेहतर बनाया जा सकेगा। इस योजना के तहत 15 करोड़ रुपये प्रति हेलीपैड की लागत तय की गई है।

    सरकार की यह पहल आत्मनिर्भर भारत के लक्ष्य के अनुरूप है और इसका उद्देश्य देश के एयरोस्पेस सेक्टर को मजबूत करना है। साथ ही ‘विकसित भारत 2047’ के लक्ष्य को हासिल करने में भी यह योजना अहम भूमिका निभाएगी।

    योजना के तहत एयरलाइन ऑपरेटरों को वित्तीय सहायता भी दी जाएगी जिसे विजिबिलिटी फंड यानी वीजीएफ के रूप में जाना जाता है। इसके लिए 10,043 करोड़ रुपये का प्रावधान अगले 10 वर्षों में किया गया है ताकि एयरलाइंस कम लाभ वाले मार्गों पर भी सेवाएं जारी रख सकें।

    इसके साथ ही छोटे विमानों की कमी को पूरा करने के लिए सरकार ने पवन हंस के लिए दो हेलीकॉप्टर और एलायंस एयर के लिए दो विमान खरीदने का भी प्रस्ताव रखा है। इससे देश में हवाई सेवाओं का नेटवर्क और मजबूत होगा।

  • आकाशवाणी में बड़ा बदलाव अब बजेगा ‘वंदे मातरम’ का पूरा संस्करण All India Radio

    आकाशवाणी में बड़ा बदलाव अब बजेगा ‘वंदे मातरम’ का पूरा संस्करण All India Radio


    नई दिल्ली: भारत के सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय के तहत संचालित All India Radio यानी आकाशवाणी ने अपने सुबह के प्रसारण में एक महत्वपूर्ण बदलाव की घोषणा की है अब तक जहां सुबह की शुरुआत प्रतिष्ठित धुन और उसके बाद ‘वंदे मातरम’ के दो छंदों वाले संस्करण से होती थी वहीं अब इसकी जगह राष्ट्रीय गीत का पूरा संस्करण प्रसारित किया जाएगा यह बदलाव 26 मार्च 2026 से लागू हो रहा है

    आजादी के बाद से आकाशवाणी की यह परंपरा रही है कि वह अपने सुबह के कार्यक्रम की शुरुआत एक खास धुन से करता है और उसके बाद ‘वंदे मातरम’ का छोटा संस्करण बजाया जाता था जिसकी अवधि लगभग 65 सेकंड होती थी लेकिन गृह मंत्रालय द्वारा 28 जनवरी 2026 को जारी नए दिशानिर्देशों के बाद अब इस परंपरा में बदलाव किया गया है नए नियम के अनुसार अब राष्ट्रीय गीत के छह छंदों वाला पूर्ण संस्करण हर दिन प्रसारित किया जाएगा

    इस नए संस्करण की अवधि लगभग 3 मिनट 10 सेकंड है और इसकी प्रस्तुति प्रसिद्ध हिंदी शास्त्रीय गायक Pandit Chandrashekhar Vaze द्वारा राग देश में की गई है उनकी आवाज में गाया गया यह संस्करण देशभक्ति की भावना और संगीत की गहराई को और अधिक प्रभावी बनाता है अब श्रोता पूरे गीत के माध्यम से ‘वंदे मातरम’ की मूल भावना और उसकी भावनात्मक शक्ति को बेहतर तरीके से अनुभव कर सकेंगे

    इस पहल का एक और महत्वपूर्ण पहलू यह है कि अब देशभर के अलग अलग राज्यों के लिए ‘वंदे मातरम’ के क्षेत्रीय संस्करण भी तैयार किए जाएंगे इन संस्करणों में स्थानीय संगीत वाद्ययंत्रों और शास्त्रीय धुनों का उपयोग किया जाएगा जिससे हर क्षेत्र के लोग अपनी भाषा और संगीत के अंदाज में इस गीत को सुन और महसूस कर सकेंगे यह कदम भारत की सांस्कृतिक विविधता को सम्मान देने और उसे और अधिक समृद्ध बनाने की दिशा में एक बड़ा प्रयास माना जा रहा है

    आकाशवाणी का यह नया कदम न केवल राष्ट्रीय गीत को एक नए स्वरूप में प्रस्तुत करेगा बल्कि नई पीढ़ी को भी इसकी पूरी गहराई से परिचित कराएगा इससे श्रोताओं को एक समग्र और समृद्ध देशभक्ति का अनुभव मिलेगा और सुबह की शुरुआत पहले से कहीं अधिक प्रेरणादायक और ऊर्जावान बन जाएगी

  • रामनवमी पर बड़ा फैसला 26 के साथ 27 मार्च को भी अवकाश Yogi Adityanath का ऐलान

    रामनवमी पर बड़ा फैसला 26 के साथ 27 मार्च को भी अवकाश Yogi Adityanath का ऐलान



    नई दिल्ली: उत्तर प्रदेश में रामनवमी के पावन अवसर पर मुख्यमंत्री Yogi Adityanath ने एक बड़ा और जनभावनाओं को ध्यान में रखने वाला निर्णय लिया है सरकार ने अब 26 मार्च के साथ साथ 27 मार्च 2026 को भी सार्वजनिक अवकाश घोषित कर दिया है यह फैसला खासतौर पर उन श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए लिया गया है जो रामनवमी के अवसर पर बड़े पैमाने पर मंदिरों में दर्शन करने के लिए पहुंचते हैं

    रामनवमी का मुख्य पर्व 26 मार्च को मनाया जाएगा और उस दिन पहले से ही छुट्टी तय थी लेकिन प्रदेश के प्रमुख धार्मिक स्थलों जैसे अयोध्या मथुरा और वाराणसी में भक्तों की भारी भीड़ को देखते हुए प्रशासन और सरकार ने अतिरिक्त अवकाश देने का निर्णय लिया है इस फैसले से लाखों श्रद्धालुओं को आसानी से दर्शन करने का अवसर मिलेगा और यात्रा के दौरान होने वाली भीड़ और दबाव को भी कम किया जा सकेगा

    सरकार का मानना है कि त्योहारों के दौरान मंदिरों में उमड़ने वाली भीड़ से न सिर्फ यातायात व्यवस्था प्रभावित होती है बल्कि सुरक्षा बनाए रखना भी एक बड़ी चुनौती बन जाता है ऐसे में दो दिन की छुट्टी से श्रद्धालु आराम से अपने समय के अनुसार दर्शन पूजन कर सकेंगे और किसी तरह की जल्दबाजी या भीड़भाड़ से बचा जा सकेगा

    मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि इस दौरान सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए जाएं खासकर अयोध्या जैसे प्रमुख धार्मिक स्थलों पर जहां देशभर से लाखों श्रद्धालु पहुंचते हैं प्रशासन को भीड़ नियंत्रण के लिए विशेष प्रबंध करने के आदेश दिए गए हैं साथ ही यातायात व्यवस्था को सुचारू बनाए रखने पर भी जोर दिया गया है

    यह निर्णय न केवल श्रद्धालुओं के लिए राहत लेकर आया है बल्कि सरकारी कर्मचारियों को भी अपने परिवार के साथ धार्मिक अनुष्ठानों में शामिल होने का अवसर देगा आस्था और सुविधा के संतुलन को ध्यान में रखते हुए लिया गया यह कदम प्रदेश सरकार की संवेदनशीलता को दर्शाता है

    रामनवमी जैसे बड़े पर्व पर लगातार दो दिन का अवकाश घोषित करना इस बात का संकेत है कि सरकार धार्मिक आस्थाओं का सम्मान करते हुए आम जनता की सुविधा को भी प्राथमिकता दे रही है इस फैसले से त्योहार के दौरान होने वाली भीड़ और अव्यवस्था को नियंत्रित करने में प्रशासन को भी काफी मदद मिलेगी

  • वंदे भारत की सर्विस पर सवाल प्लेट में कीड़े देख भड़के पैसेंजर्स वायरल वीडियो ने उठाए सवाल

    वंदे भारत की सर्विस पर सवाल प्लेट में कीड़े देख भड़के पैसेंजर्स वायरल वीडियो ने उठाए सवाल


    नई दिल्ली:  देश की हाई-टेक और प्रीमियम ट्रेन Vande Bharat Express एक बार फिर चर्चा में है लेकिन इस बार वजह उसकी स्पीड नहीं बल्कि खाने की गुणवत्ता है। सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है जिसमें यात्रियों के खाने की थाली में कीड़े रेंगते हुए नजर आ रहे हैं।

    वीडियो में दिखाया गया है कि यात्रियों को परोसे गए भोजन में मटर पनीर और दही के बीच छोटे कीड़े पाए गए। इस घटना को देखकर यात्री बेहद नाराज हो गए और उन्होंने तुरंत इसकी शिकायत स्टाफ से की। हालांकि यात्रियों के मुताबिक स्टाफ की ओर से कोई संतोषजनक जवाब नहीं दिया गया।

    वीडियो में एक यात्री गुस्से में कहते हुए दिखाई देता है कि “हम पैसे देकर जहर खा रहे हैं”। यह बयान सोशल मीडिया पर तेजी से फैल रहा है और लोग इस पर कड़ी प्रतिक्रिया दे रहे हैं। कई यूजर्स इसे यात्रियों की सुरक्षा के साथ खिलवाड़ बता रहे हैं।

    लोगों का कहना है कि जिस ट्रेन को देश की शान और आधुनिकता का प्रतीक माना जाता है, उसमें इस तरह की लापरवाही बेहद चिंताजनक है। यात्रियों ने आरोप लगाया कि न केवल खाना खराब था बल्कि यह सीधे तौर पर स्वास्थ्य के लिए खतरा भी बन सकता है।

    इस घटना के सामने आने के बाद रेलवे और संबंधित एजेंसियों पर भी सवाल उठने लगे हैं कि आखिर खाने की गुणवत्ता की जांच कैसे की जा रही है। यात्रियों का कहना है कि जब तक इस तरह की घटनाओं पर सख्त कार्रवाई नहीं होगी, तब तक भरोसा कायम रखना मुश्किल होगा।

    फिलहाल यह वीडियो सोशल मीडिया पर चर्चा का बड़ा विषय बना हुआ है और लोग रेलवे से सख्त कदम उठाने की मांग कर रहे हैं ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके।

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    Vande Bharat, Train Food Quality, Indian Railways, Viral Video, Passenger Complaint

  • राम मंदिर में दर्शन के बाद बिट्टा बोले भगवान को राजनीति से ऊपर रखें

    राम मंदिर में दर्शन के बाद बिट्टा बोले भगवान को राजनीति से ऊपर रखें


    नई दिल्ली: अखिल भारतीय आतंकवाद विरोधी मोर्चा के अध्यक्ष मनिंदरजीत सिंह बिट्टा ने अयोध्या धाम पहुंचकर राम मंदिर और हनुमानगढ़ी में दर्शन-पूजन किया। इस दौरान उन्होंने देश से जुड़े कई अहम मुद्दों पर खुलकर अपनी राय रखी और लोगों को एक मजबूत संदेश देने की कोशिश की।

    दर्शन के बाद मीडिया से बातचीत में बिट्टा ने कहा कि वह वर्षों से भगवान राम और हनुमान जी के दर्शन करते आ रहे हैं और उनकी कृपा से ही उनका जीवन सुरक्षित रहा है। उन्होंने कहा कि उन्होंने हमेशा देश में शांति बनाए रखने का प्रयास किया और अपने जीवन में न गोली चलने दी न दंगे-फसाद होने दिए और न ही बम विस्फोट होने दिए।

    उन्होंने लोगों से अपील करते हुए कहा कि भगवान राम को राजनीति से ऊपर रखा जाना चाहिए। उनका साफ कहना था कि राम पहले हैं और सियासत बाद में। उन्होंने कहा कि देश के हर नागरिक को धर्म और राष्ट्रहित को प्राथमिकता देनी चाहिए ताकि समाज में एकता और शांति बनी रहे।

    बिट्टा ने अपने बयान में अनुच्छेद 370 हटाने और राम मंदिर निर्माण का भी जिक्र किया। उन्होंने इसे देश को आतंकवाद से मुक्त करने की दिशा में एक बड़ा कदम बताया। उनके अनुसार ये फैसले राष्ट्रीय एकता और सुरक्षा को मजबूत करते हैं।

    उन्होंने अपनी पहचान को लेकर भी एक भावुक बयान दिया। उन्होंने कहा कि उनका धर्म भारत माता है और उनकी जाति वंदे मातरम् है। इस दौरान उन्होंने सिख समाज से भी अपील की कि वे खुलकर सामने आएं और देश विरोधी गतिविधियों का विरोध करें। उन्होंने कहा कि जब तक समाज एकजुट होकर ऐसे मुद्दों पर आवाज नहीं उठाएगा तब तक समस्याएं बनी रहेंगी।

    फिल्म धुरंधर में सिख किरदार को लेकर उठे विवाद पर उन्होंने कहा कि आज का दौर सोशल मीडिया का है और अब सच्चाई छिप नहीं सकती। उन्होंने कहा कि ऐसी फिल्में बननी चाहिए जिससे लोगों के सामने सही तथ्य आ सकें और इतिहास की वास्तविकता सामने आए।

    इसके अलावा अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर बात करते हुए उन्होंने ईरान से जुड़े युद्ध के हालात पर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि किसी भी युद्ध का असर सिर्फ एक देश तक सीमित नहीं रहता बल्कि पूरी दुनिया को इसकी कीमत चुकानी पड़ती है। उन्होंने संकेत दिया कि ऐसे संघर्षों का प्रभाव वैश्विक अर्थव्यवस्था और संसाधनों पर भी पड़ता है जिसमें भारत भी अछूता नहीं रह सकता।

    बिट्टा का यह दौरा और बयान ऐसे समय में सामने आया है जब देश में धार्मिक और राजनीतिक मुद्दों पर लगातार चर्चा हो रही है। उनके संदेश को एकता और राष्ट्रहित के दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

  • मध्य पूर्व संकट के बीच सरकार अलर्ट खाद आपूर्ति सुचारू रखने और कालाबाजारी पर सख्ती के निर्देश

    मध्य पूर्व संकट के बीच सरकार अलर्ट खाद आपूर्ति सुचारू रखने और कालाबाजारी पर सख्ती के निर्देश


    नई दिल्ली:शॉर्ट डिस्क्रिप्शनमध्य पूर्व में जारी तनाव के बीच भारत सरकार ने कृषि क्षेत्र को लेकर सतर्कता बढ़ा दी है इसी कड़ी में केंद्रीय कृषि मंत्री Shivraj Singh Chouhan ने एक अहम समीक्षा बैठक कर देशभर में खाद आपूर्ति को सुचारू बनाए रखने और जमाखोरी व कालाबाजारी पर सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए बैठक में आने वाले खरीफ सीजन की तैयारियों का भी विस्तार से आकलन किया गया

    कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय की ओर से जारी बयान के अनुसार सरकार का स्पष्ट लक्ष्य है कि किसानों को समय पर खाद बीज और अन्य जरूरी संसाधन उपलब्ध कराए जाएं ताकि खेती का काम प्रभावित न हो मंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि देश के हर हिस्से में खाद की उपलब्धता समान रूप से सुनिश्चित की जाए और सप्लाई चेन में किसी भी तरह की रुकावट न आने पाए

    बैठक के दौरान फार्मर आईडी योजना को तेजी से लागू करने पर भी जोर दिया गया मंत्री का मानना है कि इससे वितरण प्रणाली अधिक पारदर्शी और प्रभावी बनेगी और वास्तविक किसानों तक संसाधन पहुंचाना आसान होगा उन्होंने यह भी संकेत दिया कि इस मुद्दे पर जल्द ही राज्यों के मुख्यमंत्रियों और कृषि मंत्रियों के साथ समन्वय बैठक आयोजित की जाएगी

    मंत्री ने खास तौर पर जमाखोरी और कालाबाजारी को लेकर कड़ा रुख अपनाने के निर्देश दिए उन्होंने कहा कि वैश्विक संकट के समय कुछ तत्व अनुचित लाभ उठाने की कोशिश कर सकते हैं ऐसे में उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई जरूरी है राज्य सरकारों को भी इस दिशा में सक्रिय भूमिका निभाने के लिए कहा गया है

    इसके अलावा बैठक में कृषि रसायनों और बीजों के प्रसंस्करण में इस्तेमाल होने वाली गैसों की उपलब्धता की समीक्षा की गई साथ ही दूध और अन्य कृषि उत्पादों की पैकेजिंग के लिए जरूरी सामग्री की पर्याप्त सप्लाई सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया गया मंत्री ने पेट्रोलियम मंत्रालय और अन्य संबंधित विभागों के साथ बेहतर तालमेल बनाने के निर्देश दिए ताकि आपूर्ति श्रृंखला मजबूत बनी रहे

    सरकार ने कृषि क्षेत्र की स्थिति पर नजर रखने के लिए एक स्पेशल सेल भी गठित किया है यह सेल चौबीसों घंटे काम करेगा और हर सप्ताह खाद बीज और कीटनाशकों की उपलब्धता पर रिपोर्ट सीधे मंत्री को सौंपेगा इससे किसी भी संभावित संकट का समय रहते समाधान किया जा सकेगा

    बैठक में मंत्री ने अधिकारियों से कहा कि वर्तमान परिस्थितियों में उन्हें और अधिक सक्रिय और जिम्मेदार भूमिका निभानी होगी उन्होंने दोहराया कि सरकार किसानों तक हर जरूरी संसाधन समय पर पहुंचाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है

    उन्होंने यह भी बताया कि पिछले एक दशक में देश के कृषि उत्पादन में करीब 44 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है और किसानों की आय बढ़ाने के लिए सरकार लगातार प्रयास कर रही है न्यूनतम समर्थन मूल्य पर रिकॉर्ड खरीद सहित कई योजनाएं किसानों को सशक्त बनाने की दिशा में लागू की जा रही हैं

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  • सोनिया गांधी हेल्थ अपडेट एंटीबायोटिक पर इलाज जारी डॉक्टर बोले स्थिति नियंत्रण में

    सोनिया गांधी हेल्थ अपडेट एंटीबायोटिक पर इलाज जारी डॉक्टर बोले स्थिति नियंत्रण में

    नई दिल्ली: कांग्रेस संसदीय दल की अध्यक्ष सोनिया गांधी की तबीयत बिगड़ने के बाद उन्हें नई दिल्ली स्थित Sir Ganga Ram Hospital में भर्ती कराया गया है जहां डॉक्टरों की निगरानी में उनका इलाज जारी है। ताजा जानकारी के मुताबिक उनकी हालत फिलहाल स्थिर बताई जा रही है जिससे पार्टी कार्यकर्ताओं और समर्थकों ने राहत की सांस ली है।

    अस्पताल के चेयरमैन डॉ अजय स्वरूप ने जानकारी देते हुए बताया कि सोनिया गांधी की स्थिति नियंत्रण में है और डॉक्टरों की एक विशेष टीम लगातार उनकी सेहत पर नजर रखे हुए है। उन्होंने बताया कि उनकी तबीयत खराब होने के पीछे पेट और यूरिन से जुड़ा संक्रमण हो सकता है जिसकी जांच की जा रही है। फिलहाल उन्हें एंटीबायोटिक दवाएं दी जा रही हैं और सभी जरूरी मेडिकल टेस्ट भी किए जा रहे हैं।

    बताया जा रहा है कि सोनिया गांधी को मंगलवार देर शाम अस्पताल लाया गया था। उनकी उम्र और पहले से मौजूद स्वास्थ्य समस्याओं को ध्यान में रखते हुए डॉक्टर कोई भी जोखिम नहीं लेना चाहते इसलिए उन्हें निगरानी में रखा गया है। गौरतलब है कि सोनिया गांधी को पहले से अस्थमा की समस्या है और वह नियमित रूप से चेकअप के लिए इसी अस्पताल में आती रही हैं।

    इस बीच उनके बेटे और कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने अपनी मां की तबीयत को देखते हुए केरल का दौरा रद्द कर दिया है। वहीं कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे केरल के कार्यक्रम में शामिल होने पहुंचे हैं। सोनिया गांधी की तबीयत को लेकर पूरे गांधी परिवार की चिंता साफ नजर आ रही है।

    राजनीतिक गतिविधियों पर भी इसका असर पड़ा है। संसद में आज ईरान और अमेरिका से जुड़े मुद्दे पर बुलाई गई सर्वदलीय बैठक में कांग्रेस के बड़े नेता शामिल नहीं हो सके। राहुल गांधी और प्रियंका गांधी भी संसद में नजर नहीं आए। उनकी जगह पार्टी की ओर से लोकसभा सांसद तारिक अनवर और राज्यसभा सांसद मुकुल वासनिक को बैठक में भेजा गया है।

    गौरतलब है कि गांधी परिवार का गंगाराम अस्पताल पर काफी भरोसा रहा है। यही वजह है कि परिवार के कई महत्वपूर्ण मेडिकल मामलों का इलाज यहीं कराया गया है। प्रियंका गांधी के बच्चों का जन्म भी इसी अस्पताल में हुआ था।

    फिलहाल डॉक्टरों की टीम सोनिया गांधी की स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है और आने वाले दिनों में उनकी सेहत को लेकर और अपडेट सामने आ सकते हैं। उनके समर्थक और कांग्रेस कार्यकर्ता जल्द स्वस्थ होने की कामना कर रहे हैं।

  • ममता के किले पर निशाना! नंदीग्राम से उठे Suvendu Adhikari की सियासी तैयारी

    ममता के किले पर निशाना! नंदीग्राम से उठे Suvendu Adhikari की सियासी तैयारी


    नई दिल्ली नंदीग्राम आंदोलन से उभरकर बड़े नेता बने सुवेंदु अधिकारी अब ममता बनर्जी के खिलाफ आक्रामक रुख में नज  आ रहे हैं। जानिए उनका पूरा राजनीतिक सफर, बड़े फैसले और हालिया विवाद।  पश्चिम बंगाल की राजनीति में सुवेंदु अधिकारी एक ऐसा नाम बन चुके हैं, जिनकी पहचान संघर्ष, आंदोलन और बड़े राजनीतिक फैसलों से बनी है। नंदीग्राम आंदोलन से उभरकर राज्य की राजनीति में बड़ा चेहरा बने अधिकारी ने उसी जमीन पर अपने सबसे बड़े प्रतिद्वंद्वी ममता बनर्जी को हराकर इतिहास रच दिया था।

    नंदीग्राम से शुरू हुआ सफर
    साल 2007 में Nandigram में जमीन अधिग्रहण के खिलाफ बड़ा आंदोलन हुआ था। उस समय सुवेंदु अधिकारी Trinamool Congress के नेता थे और आंदोलन के प्रमुख चेहरों में शामिल थे। उन्होंने गांव-गांव जाकर लोगों को संगठित किया और आंदोलन को मजबूत बनाया। यही आंदोलन उनके राजनीतिक करियर की नींव बना। 2021 विधानसभा चुनाव में नंदीग्राम सीट से उन्होंने सीधे Mamata Banerjee को चुनौती दी। यह मुकाबला बेहद कांटे का रहा और पूरे देश की नजरें इस सीट पर टिकी रहीं। आखिरकार सुवेंदु अधिकारी ने मामूली अंतर से जीत हासिल की। यह जीत इसलिए खास थी क्योंकि ममता बनर्जी ने अपनी पारंपरिक सीट छोड़कर यहां से चुनाव लड़ा था। एक समय सुवेंदु अधिकारी Trinamool Congress के सबसे भरोसेमंद नेताओं में गिने जाते थे, लेकिन 2020 में उन्होंने पार्टी छोड़कर BJP का दामन थाम लिया। यह फैसला जोखिम भरा था, लेकिन इसी के बाद वह राज्य की राजनीति में एक मजबूत विपक्षी चेहरा बनकर उभरे।

    हालिया घटनाओं से बढ़ी नाराजगी
    हाल के दिनों में कई घटनाओं को लेकर सुवेंदु अधिकारी ने नाराजगी जताई है। जनवरी 2026 में पश्चिम मेदिनीपुर के चंद्रकोना में उनके काफिले पर हमला हुआ, जिसके बाद उन्होंने टीएमसी कार्यकर्ताओं पर आरोप लगाए। उन्होंने पुलिस पर भी निष्क्रिय रहने का आरोप लगाया। इसके अलावा मार्च 2026 में नंदीग्राम में मूर्ति से छेड़छाड़ की घटना पर भी उन्होंने कड़ी प्रतिक्रिया दी और राज्य सरकार पर कानून-व्यवस्था को लेकर सवाल उठाए।पहले भी कूचबिहार की घटना को लेकर उन्होंने अपनी सुरक्षा पर खतरे की बात कही थी। सुवेंदु अधिकारी को आज बागी नेता और आक्रामक विपक्षी चेहरे के रूप में देखा जाता है। विधानसभा में उनके तीखे बयान और सरकार पर हमले अक्सर सुर्खियों में रहते हैं।

    जमीनी नेता की पहचान
    उनका राजनीतिक सफर जमीनी स्तर से शुरू हुआ है। नंदीग्राम आंदोलन के दौरान उन्होंने सीधे जनता के बीच रहकर काम किया, जिससे उनकी मजबूत पकड़ बनी। यही वजह है कि उन्हें आज भी एक “ग्रासरूट लीडर” माना जाता है। नंदीग्राम से शुरू हुआ Suvendu Adhikari का सफर उन्हें पश्चिम बंगाल की राजनीति के केंद्र में ले आया। जहां एक ओर उन्होंने बड़े राजनीतिक दांव खेलकर अपनी पहचान बनाई, वहीं दूसरी ओर मौजूदा घटनाओं को लेकर उनकी नाराजगी यह दिखाती है कि राज्य की राजनीति में टकराव और सियासी गर्मी अभी भी बरकरार है।

  • 7 महीने से फरार AAP विधायक हरमीत सिंह पठानमाजरा गिरफ्तार, रेप और धोखाधड़ी का आरोप

    7 महीने से फरार AAP विधायक हरमीत सिंह पठानमाजरा गिरफ्तार, रेप और धोखाधड़ी का आरोप


    नई दिल्ली पंजाब में बड़ी कार्रवाई करते हुए पटियाला पुलिस ने Harmeet Singh Pathanmajra को गिरफ्तार कर लिया है। वह पिछले 7 महीनों से फरार चल रहे थे और उनके खिलाफ रेप, धोखाधड़ी और आपराधिक धमकी जैसे गंभीर आरोप दर्ज थे।

    सितंबर 2025 से थे फरार
    सनौर से विधायक Harmeet Singh Pathanmajra 2 सितंबर 2025 से ही फरार थे। बार-बार समन के बावजूद कोर्ट में पेश नहीं होने पर अदालत ने उन्हें भगोड़ा घोषित कर दिया था और उनके खिलाफ लुकआउट नोटिस भी जारी किया गया था।

    क्या हैं आरोप?
    विधायक पर एक महिला ने गंभीर आरोप लगाए हैं, जिनमें शामिल हैं, रेप (बलात्कार) धोखाधड़ी आपराधिक धमकी इन आरोपों के आधार पर पुलिस ने उनके खिलाफ मामला दर्ज किया था। पुलिस के अनुसार, आरोपी की गिरफ्तारी के लिए विशेष टीम बनाई गई थी।
    तकनीकी निगरानी और लगातार छापेमारी के बाद आखिरकार पुलिस को सफलता मिली और उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया।

    अदालत में पेशी और आगे की कार्रवाई
    पुलिस अब Harmeet Singh Pathanmajra को अदालत में पेश करेगी और रिमांड की मांग करेगी, ताकि मामले की गहराई से जांच की जा सके।

    दो दिन में दो विधायकों की गिरफ्तारी
    पंजाब में 48 घंटे के भीतर यह दूसरे विधायक की गिरफ्तारी है। इससे पहले Laljit Singh Bhullar को आत्महत्या के लिए उकसाने के मामले में गिरफ्तार किया गया था। इन लगातार गिरफ्तारियों के बाद Aam Aadmi Party सरकार पर दबाव बढ़ गया है। विपक्ष कानून-व्यवस्था और नेताओं के आचरण को लेकर सवाल उठा रहा है। AAP विधायक हरमीत सिंह पठानमाजरा की गिरफ्तारी से पंजाब की राजनीति में हलचल तेज हो गई है। अब इस मामले में आगे की जांच और अदालत की कार्यवाही पर सभी की नजरें टिकी हैं।

  • देवास में आयुष्मान योजना मरीजों के लिए बनी संजीवनी, मुफ्त डायलिसिस की सुविधा

    देवास में आयुष्मान योजना मरीजों के लिए बनी संजीवनी, मुफ्त डायलिसिस की सुविधा


    देवास। प्रधानमंत्री आयुष्मान भारत योजना के तहत मध्य प्रदेश के देवास जिले में आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के लोगों को स्वास्थ्य सेवाओं का बड़ा लाभ मिल रहा है। इस केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी योजना का उद्देश्य सर्वोत्तम स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराना है। केलोद जिले के निवासी कांतिलाल ने बताया कि उन्होंने लगभग तीन साल पहले अपना आयुष्मान कार्ड बनवाया था और अब भी उन्हें लगातार लाभ मिल रहा है। उन्होंने कहा कि 2022 से जिला अस्पताल में उनकी डाय सबमिशन कारगर हो रही है। पहले इनका इलाज निजी तौर पर निजी उपभोक्ताओं के लिए किया जाता था, लेकिन अब इन्हें जिला अस्पताल में मुफ्त इलाज मिल रहा है। कांतिलाल ने प्रधानमंत्री से की बातचीत और कहा कि यह योजना उनके लिए बेहद फायदेमंद है।

    राजाराम नगर निवासी सुनील चौहान ने भी अपना अनुभव साझा किया। उन्होंने बताया कि उनका आयुष्मान कार्ड चार साल पहले बना था और गंभीर बीमारियों के इलाज के लिए उनका नियमित डायबेसिस एंटरप्राइजेज है। 2022 से आयुष्मान योजना के तहत उनका इलाज मुफ्त हो रहा है, जिससे उन्हें आर्थिक राहत मिलेगी। उन्होंने कहा कि यदि वैधानिक आयुष्मान नहीं होता है, तो हर बार डाय बस के लिए खर्च करना होगा। इस तरह के जिलों में कई मरीज ऐसे हैं जो गंभीर रूप से सक्रिय हैं और इलाज में पहले लाखों रुपये खर्च करते थे, लेकिन अब आयुष्मान योजना के माध्यम से उन्हें मुफ्त इलाज मिल रहा है।

    मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी सरोजिनी जेम्स ने बताया कि जिले के अस्पतालों सहित अन्य संबंधित क्षेत्रों में आयुष्मान योजना के तहत गरीबों का इलाज मुफ्त किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि आयुष्मान कार्ड के कारण मरीज अब बेहतर स्वास्थ्य सेवा बिना आर्थिक भार के प्राप्त कर रहे हैं। यह पहला गरीब और धार्मिक लोगों के लिए स्वास्थ्य सुरक्षा का बड़ा कदम साबित हो रहा है।

    आयुष्मान योजना के माध्यम से देवास जिले में न सिर्फ डायरिया बल्कि अन्य गंभीर बीमारियों के इलाज में भी मरीजों को राहत मिल रही है। इस मित्र और उनके परिवार का आर्थिक दबाव कम हुआ है और उन्हें समय पर उपचार मिलने के कारण जीवन की गुणवत्ता में सुधार हुआ है। योजना ने गरीबों के लिए स्वास्थ्य सेवाओं को आसान और सस्ता बनाने के लिए सामाजिक सुरक्षा में महत्वपूर्ण योगदान दिया है।