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  • केन्द्र ने अरावली पहाड़ियों में नए खनन पट्टे देने पर लगाई रोक, राज्यों को दिया निर्देश

    केन्द्र ने अरावली पहाड़ियों में नए खनन पट्टे देने पर लगाई रोक, राज्यों को दिया निर्देश


    नई दिल्ली।
    अरावली पहाड़ियों (Aravalli Hills) को लेकर केंद्र सरकार (Central government) ने बुधवार को बड़ा फैसला (Big Decision) लिया। केंद्र ने राज्यों को अरावली में नए खनन पट्टे (New Mining Leases) देने पर पूरी तरह प्रतिबंध लगाने का निर्देश दिया है। सरकार का कहना है कि वह अरावली की पहाड़ियों के संरक्षण के लिए पूरी तरह से प्रतिबद्ध है। जैव विविधता के संरक्षण में इसकी महत्वपूर्ण भूमिका को मान्यता देती है। अरावली रेंज दिल्ली से गुजरात तक फैली हुई है, जिसको लेकर पिछले कुछ दिनों से विवाद चल रहा था। सोशल मीडिया पर भी लोग अरावली को लेकर सरकार का विरोध कर रहे थे। अब अवैध खनन से बचाने के लिए बड़ा कदम उठाते हुए केंद्रीय पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय ने राज्यों को अरावली में किसी भी तरह की नई माइनिंग पर पूरी तरह से रोक लगाने के आदेश दिए।

    पर्यावरण मंत्रालय ने कहा, ”यह रोक पूरी अरावली रेंज पर समान रूप से लागू होगी और इसका मकसद इस रेंज की अखंडता को बनाए रखना है। इन निर्देशों का मकसद अरावली को गुजरात से राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र तक फैली एक लगातार भूवैज्ञानिक पहाड़ी के रूप में सुरक्षित रखना और सभी अनियमित माइनिंग गतिविधियों को रोकना है।” इसके अलावा, मंत्रालय ने इंडियन काउंसिल ऑफ फॉरेस्ट्री रिसर्च एंड एजुकेशन (ICFRE) को पूरे अरावली क्षेत्र में ऐसे और इलाकों/जोन की पहचान करने का निर्देश दिया है, जहां खनन पर रोक लगाई जानी चाहिए। ये इलाके केंद्र द्वारा पहले से प्रतिबंधित खनन क्षेत्रों के अलावा होंगे, और इनकी पहचान पारिस्थितिक, भूवैज्ञानिक और लैंडस्केप-स्तर के विचारों के आधार पर की जाएगी।

    सरकार ने यह भी निर्देश दिया है कि जो खदानें पहले से चल रही हैं, उनके लिए संबंधित राज्य सरकारें सभी पर्यावरणीय सुरक्षा उपायों का सख्ती से पालन सुनिश्चित करें और सुप्रीम कोर्ट के आदेश के अनुसार काम करें। पर्यावरण की सुरक्षा और टिकाऊ खनन तरीकों का पालन सुनिश्चित करने के लिए, चल रही खनन गतिविधियों को अतिरिक्त प्रतिबंधों के साथ सख्ती से रेगुलेट किया जाएगा।

    नवंबर 2025 में, शीर्ष अदालत ने पर्यावरण मंत्रालय के नेतृत्व वाली एक समिति की सिफारिश पर अरावली पहाड़ियों और अरावली रेंज की एक समान कानूनी परिभाषा को स्वीकार कर लिया। इस परिभाषा के तहत, ‘अरावली पहाड़ी’ अपने आसपास के इलाके से कम से कम 100 मीटर की ऊंचाई वाली एक भू-आकृति है और ‘अरावली रेंज’ एक दूसरे के 500 मीटर के भीतर दो या दो से अधिक ऐसी पहाड़ियों का समूह है। इसके बाद सोशल मीडिया पर सरकार की आलोचना शुरू हो गई थी।

    वहीं, केंद्रीय पर्यावरण मंत्री भूपेन्द्र यादव (Bhupendra Yadav) ने कांग्रेस पर अरावली की नई परिभाषा के मुद्दे पर ‘गलत सूचना’ और ‘झूठ’ फैलाने का आरोप लगाते हुए कहा था कि पर्वत श्रृंखला के केवल 0.19 प्रतिशत हिस्से में ही कानूनी रूप से खनन किया जा सकता है। यादव ने प्रेसवार्ता में कहा कि नरेन्द्र मोदी सरकार अरावली की सुरक्षा और पुनर्स्थापन के लिए ‘पूरी तरह से प्रतिबद्ध’ है। उन्होंने आरोप लगाया, ‘‘कांग्रेस ने अपने शासनकाल में राजस्थान में बड़े पैमाने पर अवैध खनन की अनुमति दी, लेकिन वह अब इस मुद्दे पर भ्रम, गलत सूचना और झूठ फैला रही है।’’ उन्होंने कहा कि पर्यावरण मंत्रालय की सिफारिश पर उच्चतम न्यायालय द्वारा अनुमोदित नई परिभाषा का उद्देश्य ‘अवैध खनन पर अंकुश लगाना’ और ‘कानूनी रूप से टिकाऊ खनन’ की अनुमति देना है तथा वह भी तब होगा जब भारतीय वानिकी अनुसंधान और शिक्षा परिषद (आईसीएफआरई) संपोषणीय खनन के लिए प्रबंधन योजना (एमपीएसएम) तैयार कर लेती है।

  • PM मोदी आज लखनऊ में करेंगे राष्ट्र प्रेरणा स्थल का लोकार्पण… म्यूजियम का उद्घाटन भी होगा

    PM मोदी आज लखनऊ में करेंगे राष्ट्र प्रेरणा स्थल का लोकार्पण… म्यूजियम का उद्घाटन भी होगा

    लखनऊ। उत्तर प्रदेश के लखनऊ (Lucknow) में बसंतकुंज योजना (Basant Kunj Scheme) में बने राष्ट्र प्रेरणा स्थल (National Inspiration Site) का लोकार्पण आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Prime Minister Narendra Modi) करेंगे। कार्यक्रम की तैयारियां पूरी हो गई हैं। पीएम यहां पर लगी तीन विभूतियों अटल बिहारी वापजेयी, श्यामा प्रसाद मुखर्जी और पं. दीन दयाल उपाध्याय की भव्य प्रतिमाओं का अनावरण भी करेंगे। इन विभूतियों के संस्मरणों को संजोने के लिए बने म्यूजियम का लोकार्पण भी होगा।

    इस आयोजन में डेढ़ लाख से अधिक लोगों के शामिल होने का अनुमान है। समारोह में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और रक्षामंत्री राजनाथ सिंह भी प्रमुख रूप से मौजूद रहेंगे। प्रधानमंत्री करीब दो बजे आयोजन स्थल पर हेलीकाॅप्टर से पहुंचेंगे। लोकार्पण के लिए आयोजन स्थल के साथ पूरे शहर को सजाया व संवारा गया है। आयोजन स्थल को भव्य बनाने के लिए कई प्रदेशों से बेहतरीन फूल वाले पौधे मंगाए गए हैं।

    पूरे शहर में डिवाइडरों को साफ कर रंगा गया है। प्रमुख चौराहों और मार्गों पर स्ट्रीट लाइट के पोल पर रंगीन लाइट वाली झालरें लगाई गई हैं। दीवारों पर आकर्षक चित्रकारी कराई गई है। सुरक्षा को लेकर भी पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। आयोजन में आसपास के कई जिलों से करीब 2000 बसें आ रही हैं। इनकी पार्किंग के खास इंतजाम किए गए हैं। कुल 13 पार्किंग बनाई गई हैं। इनमें 2600 बसें और 2000 कारें खड़ी हो सकेंगी। व्यवस्था बनी रहे इसके लिए अफसरों और कर्मचारियों की ड्यूटी भी लगाई गई है।


    आकर्षित करती हैं भव्य प्रतिमाएं

    – प्रेरणा स्थल में श्यामा प्रसाद मुखर्जी, पंडित दीन दयाल उपाध्याय और अटल बिहारी वाजपेयी की 65 फीट ऊंची भव्य कांस्य प्रतिमाएं लगी हैं।
    – राष्ट्र प्रेरणा स्थल 65 एकड़ में फैला है और इसके निर्माण पर 232 करोड़ रुपये खर्च हुए हैं। इसका निर्माण दिसंबर 2022 में शुरू हुआ था।
    – पंडित दीन दयाल उपाध्याय की प्रतिमा का निर्माण प्रसिद्ध मूर्तिकार राम सुतार ने किया है जिन्होंने स्टैच्यू ऑफ यूनिटी का निर्माण किया था।
    – डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी और पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की प्रतिमा का निर्माण मूर्तिकार माटू राम ने पूरा किया है।
    – तीनों विभूतियों की प्रतिमाओं के निर्माण पर 21 करोड़ रुपये खर्च हुए हैं।


    पहले प्रतिमाओं को होगा अनावरण

    बृहस्पतिवार को प्रधानमंत्री सबसे पहले राष्ट्र नायकों की प्रतिमाओं का अनावरण कर श्रद्धा सुमन अर्पित करेंगे। इस अवसर पर राष्ट्रीयता की भावना के संचार के लिए तिरंगा गुब्बारे छोड़े जाएंगे। इसके बाद प्रधानमंत्री राष्ट्र नायकों को समर्पित म्यूजियम को लोकार्पण करेंगे। वह श्यामा प्रसाद मुखर्जी, दीन दयाल उपाध्याय और अटल बिहारी वाजपेयी को समर्पित गैलरियों को देखेंगे। पहली गैलरी में डिजिटल सिस्टम के जरिये राष्ट्र नायकों का संक्षिप्त जीवन परिचय दिखाया जाएगा। इसके बाद प्रधानमंत्री म्यूजियम परिसर में ही बनाए गए भारत माता, जनसंघ के प्रतीक चिह्न दीपक और सुदर्शन चक्र गैलरी में जाएंगे। राष्ट्र नायकों जुड़ी हुई वस्तुओं को देखने के लिए प्रथम तल पर बनी गैलरी में भी जाएंगे। म्यूजियम से बाहर निकल कर प्रधानमंत्री प्रेरणा स्थल पर बने मंच से कार्यक्रम में आए लोगों को संबोधित करेंगे।


    बदला रहेगा शहर का यातायात

    25 दिसंबर को प्रधानमंत्री राष्ट्र प्रेरणा स्थल का लोकार्पण करने राजधानी आ रहे हैं। कार्यक्रम के मद्देनजर ट्रैफिक पुलिस ने डायवर्जन जारी किया है। 24 दिसंबर की रात 12 बजे से बृहस्पतिवार को कार्यक्रम की समाप्ति तक यातायात बदला रहेगा। इमरजेंसी की स्थिति में प्रतिबंधित मार्ग पर एंबुलेंस, फायर सर्विस, स्कूली वाहन, शव वाहन को रास्ता दिया जाएगा। इसके लिए ट्रैफिक कंट्रोल नंबर 9454405155 पर संपर्क किया जा सकता है।


    आंतरिक डायवर्जन

    – मलीहाबाद चौराहे से बाजनगर किसान पथ, छंदोईया की ओर भारी या अन्य वाहन नहीं जा सकेंगे। इन्हें जीरो पॉइंट मोहान रोड होकर जाना होगा।
    – मुंजासा तिराहे से बाजनगर किसान पथ, छंदोईया की ओर वाहन नहीं जाएंगे। ये वाहन जीरो पॉइंट मोहान रोड होकर जा सकेंगे।
    – बाजनगर किसान पथ अंडरपास से छंदोईया बाईपास तिराहे की ओर वाहन नहीं जा सकेंगे। ये वाहन बाजनगर किसान पथ अंडरपास से किसान पथ होकर जाएंगे।
    – कसमंडी (हमसफर लॉन) अंडरपास से अंधे की चौकी तिराहे की ओर वाहन नहीं जाएंगे। इन्हें किसानपथ होकर जाना होगा।
    – छंदोईया बाईपास तिराहे से कार्यक्रम स्थल, भिठौली तिराहे की तरफ वाहन नहीं जा सकेंगे। ये वाहन अंधे की चौकी तिराहे, बाजनगर किसान पथ अंडरपास से किसान पथ या दुबग्गा तिराहे होकर जाएंगे।
    – तिकोनिया तिराहे से दुबग्गा तिराहे, छंदोईया बाईपास तिराहे की तरफ भारी वाहन नहीं जाएंगे। ये वाहन नहर तिराहे मोहान रोड, खुशहालगंज बाजार होते हुए खुशहालगंज किसान पथ अंडरपास से किसानपथ होकर जाएंगे।
    – भिठौली तिराहे से कार्यक्रम स्थल, छंदोईया बाईपास तिराहे की तरफ वाहन नहीं जाएंगे। इन्हें सैरपुर तिराहे, अस्ति क्राॅसिंग, बख्शी का तालाब होकर इंदौराबाग अंडरपास से किसान पथ या इंजीनियरिंग कॉलेज चौराहे से होकर जाना होगा।
    – नया पक्कापुल तिराहे, कुड़ियाघाट तिराहे से कार्यक्रम स्थल, घैला तिराहे की ओर वाहन नहीं जाएंगे। इन्हें रूमी गेट, कोनेश्वर चौराहे, बालागंज चौराहे, दुबग्गा तिराहे से होकर जाना होगा।
    – दुबग्गा तिराहे से वाहन छंदोईया या सीतापुर बाईपास की तरफ नहीं जाएंगे। इन्हें तिकोनिया तिराहे से होकर जाना होगा।
    – नहरपुल तिराहे से वाहन बुद्धेश्वर की तरफ नहीं जाएंगे। इन्हें जीरो पॉइंट या किसान पथ के ऊपर से होकर जाना होगा।


    कुछ ऐसा रहेगा बाहर से आने वाले वाहनों का डायवर्जन

    – कानपुर की तरफ से आने वाले भारी वाहन अंबेडकरनगर, बस्ती, संत कबीरनगर, गोरखपुर, देवरिया, महराजगंज, कुशीनगर, बलिया, गाजीपुर, आजमगढ़ समेत अन्य जिलों की ओर जाने के लिए कानपुर, फतेहपुर, लालगंज, बछरांवा, हैदरगढ़, पूर्वांचल एक्सप्रेसवे होकर जाएंगे।
    – उन्नाव की तरफ से आने वाले भारी वाहन उन्नाव के दही चौकी से पुरवा, मौरावां, बछरावां, हैदरगढ़, पूर्वांचल एक्सप्रेसवे होकर जा सकेंगे। इसके अलावा उन्नाव (ललऊखेड़ा) से बीघापुर लालगंज, गुरुबक्शगंज, बछरावां से पूर्वांचल एक्सप्रेसवे होकर भी जा सकेंगे।
    – सीतापुर की तरफ से आने वाले भारी वाहन चाहलारी होते हुए बहराईच से गोंडा व बलरामपुर होकर जा सकेंगे।
    – हरदोई की तरफ से आने वाले भारी वाहन बघौली, बांगरमऊ, उन्नाव (ललऊखेड़ा), बीघापुर लालगंज, गुरुबक्शगंज, बछरांवा से पूर्वांचल एक्सप्रेसवे होकर जा सकेंगे।
    – सुल्तानुपर रोड / हैदरगढ़ (जनपद बाराबंकी) की तरफ से आने वाले भारी वाहन हैदरगढ़ से पूर्वांचल एक्सप्रेसवे होकर जाएंगे।
    – रायबरेली रोड की तरफ से आने वाले भारी वाहन बछरावां से हैदरगढ़ होकर पूर्वांचल एक्सप्रेसवे से जाएंगे।
    – बाराबंकी रोड की तरफ से आने वाले भारी वाहन हैदरगढ, बछरावां, लालगंज, फतेहपुर, चौडगरा होकर जा सकेंगे। इसके अलावा बाराबंकी रोड से बहराईच के चहलारी घाट से सीतापुर होकर भी जा सकते हैं।


    चप्पे-चप्पे पर रहेगी की पुलिस की नजर

    प्रधानमंत्री के कार्यक्रम को लेकर पुलिस ने सुरक्षा के कड़े बंदोबस्त किए हैं। जेसीपी एलओ बबलू कुमार ने बताया कि कार्यक्रम स्थल व उसके आसपास के पूरे इलाके पर पुलिस की पैनी नजर बनी हुई है। हर जगह चेकिंग की जा रही है। सुरक्षा के लिए 18 पुलिस उपायुक्त, 26 अपर पुलिस उपायुक्त, 80 सहायक पुलिस आयुक्त, 189 इंस्पेक्टर, 1367 दरोगा, 214 महिला दरोगा, 4312 सिपाही, 997 महिला सिपाही, 18 कंपनी पीएसी, 4 कंपनी आरएएफ, 8 बम निरोधक दस्ता, एनएसजी की दो टीमें, एटीएस की एक टीम, एंटी ड्रोन की दो टीमें, एक एंटी माइन टीम, 14 एंटी सबोटाज टीम तैनात की गई है। 24 घंटे सीसीटीवी कैमरों की निगरानी भी की जा रही है। क्विक रिस्पांस टीम का भी गठन किया गया है। पुलिस की चार टीमों को रिजर्व में रखा गया है।


    अलर्ट पर लखनऊ के सरकारी अस्पताल

    शहर में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आगमन को लेकर स्वास्थ्य विभाग ने तैयारी पूरी कर ली है। स्वास्थ्य विभाग की ओर से केजीएमयू, पीजीआई और लोकबंधु अस्पताल को सेफ हाउस बनाया गया है। लोकबंधु की टीम एयरपोर्ट पर मुस्तैद रहेगी। इसके अलावा एंबुलेंस, प्रधानमंत्री के ब्लड ग्रुप के लाइव डोनर की भी पुख्ता व्यवस्था कर रखी गई है।

    सीएमओ डॉ. एनबी सिंह ने बताया कि प्रधानमंत्री के आगमन को देखते हुए पीजीआई, केजीएमयू को सेफ हाउस बनाया गया है। वहां अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस बेड आरक्षित किए गए हैं। डॉक्टर और स्टाफ की ड्यूटी लगाई है। ऐसे ही लोकबंधु अस्पताल के डॉक्टर, स्टाफ की ड्यूटी तीसरे सेफ हाउस के तौर पर एयरपोर्ट पर रहेगी।

    प्रधानमंत्री के शहर में आगमन से लेकर जाने तक 20 बीएलएस (बेसिक लाइफ सपोर्ट) और चार एएलएस (एडवांस लाइफ सपोर्ट) एंबुलेंस अलर्ट रहेंगी। प्रधानमंत्री के ब्लड ग्रुप के दो लाइव डोनर उनकी फ्लीट में रहेंगे। सभी ब्लड बैंकों में प्रधानमंत्री के ब्लड ग्रुप वाले रक्त को सुरक्षित रखने के निर्देश भी दिए गए हैं। इसके अलावा कार्यक्रम स्थल की पार्किंग में डॉक्टर व स्टॉफ की 20 टीमें रहेंगी। पीएम की फ्लीट के साथ चार टीमें रहेंगी।

  • माता वैष्णो देवी यात्रा को लेकर नए साल पर बदले नियम, RFID कार्ड से तय होगी चढ़ाई और वापसी की समय सीमा

    माता वैष्णो देवी यात्रा को लेकर नए साल पर बदले नियम, RFID कार्ड से तय होगी चढ़ाई और वापसी की समय सीमा


    नई दिल्‍ली । माता वैष्णो देवी की यात्रा पर जाने वाले श्रद्धालुओं के लिए श्री माता वैष्णो देवी श्राइन बोर्ड ने नए आदेश जारी किए हैं, जो तुरंत लागू हो गए हैं। नए नियमों के अनुसार, हर श्रद्धालु को यात्रा पंजीकरण के साथ आरएफआईडी यात्रा कार्ड प्राप्त करना अनिवार्य होगा। इसके अलावा, यात्रा शुरू करने और पूरी करने के लिए अब स्पष्ट समय सीमा तय की गई है। नए नियम के अनुसार, श्रद्धालुओं को आरएफआईडी कार्ड प्राप्त करने के 12 घंटे के भीतर यात्रा शुरू करनी होगी और 24 घंटे के भीतर यात्रा पूरी कर कटड़ा आधार शिविर लौटना अनिवार्य होगा। बता दें कि पहले केवल यात्रा आरंभ करने के लिए 12 घंटे की सीमा थी, लेकिन यात्रा पूरी करने की कोई निर्धारित समय सीमा नहीं थी। अब पहली बार यात्रा पूरी करने के लिए भी समय सीमा लागू कर दी गई है।

    क्‍यों लिया गया ये फैसला?

    श्राइन बोर्ड प्रशासन ने कहा है कि नव वर्ष के करीब आते ही श्रद्धालुओं की संख्या में तेजी से वृद्धि होती है। विशेष रूप से नव वर्ष से कुछ दिन पहले माता वैष्णो देवी मंदिर में भारी भीड़ देखने को मिलती है। इस संभावित भीड़ और भगदड़ जैसी परिस्थितियों से बचने के लिए यात्रा की सुरक्षा सुनिश्चित करने हेतु नए आदेश लागू किए गए हैं। बोर्ड ने यात्रा पंजीकरण केंद्रों पर तैनात अधिकारियों और कर्मचारियों को निर्देश दिया है कि वे श्रद्धालुओं को इन आदेशों के बारे में लगातार जानकारी देते रहें। नए नियम सभी प्रकार की यात्रा पर लागू होंगे, चाहे श्रद्धालु पैदल, हेलीकॉप्टर या बैटरी कार से यात्रा कर रहे हों।

    RFID कार्ड मिलने का समय बढ़ाया गया

    कटड़ा रेलवे स्टेशन के पास स्थित यात्रा पंजीकरण केंद्र पर RFID यात्रा कार्ड प्राप्‍त करने का समय बढ़ाया गया है। अब श्रद्धालु रात 12 बजे तक अपने RFID यात्रा कार्ड प्राप्त कर सकते हैं। पहले यह सेवा केवल रात 10 बजे तक उपलब्ध थी। जो यात्री ट्रेन से देर रात कटड़ा पहुंचते हैं, वे दर्शन डियोड़ी प्रवेश द्वार पर 24 घंटे RFID कार्ड ले सकते हैं। इससे रात में भी श्रद्धालुओं को यात्रा आरंभ करने में सुविधा होगी और भीड़ नियंत्रित रखने में मदद मिलेगी।

    SMVDSB ने अधिकारियों के साथ की समीक्षा बैठक

    माता वैष्णो देवी श्राइन बोर्ड SMVDSB ने मंगलवार को अधिकारियों के साथ बैठक कर तीर्थयात्रियों के लिए सुरक्षित और सहज यात्रा सुनिश्चित करने के इंतजामों की समीक्षा की। बैठक में बोर्ड के CEO ने अधिकारियों को यात्रा प्रबंधन और सुरक्षा उपायों को और मजबूत करने के निर्देश दिए। बैठक में विशेष रूप से RFID-आधारित एक्सेस कंट्रोल के जरिए यात्रा के कड़े नियमों पर जोर दिया गया, ताकि केवल वैध RFID कार्ड वाले श्रद्धालु ही आगे बढ़ सकें।सुरक्षा एजेंसियों ने मीटिंग में मल्टी-टियर सिक्योरिटी ग्रिड की जानकारी साझा की, जिसमें पुलिस, CRPF और श्राइन बोर्ड सुरक्षा टीम शामिल हैं। इन टीमों के साथ क्विक रिस्पॉन्स यूनिट्स तैनात हैं, जो तुरंत कार्रवाई कर सकें। इसके अलावा, एडवांस्ड सर्विलांस टूल्स के इस्तेमाल पर भी जोर दिया गया, ताकि वास्तविक समय में संभावित खतरों का तुरंत अंदाजा लगाया जा सके।

    कितनी है कटरा से वैष्णो देवी यात्रा की दूरी?

    कटरा से माता वैष्णो देवी मंदिर तक की दूरी लगभग 13 किलोमीटर है। श्रद्धालु इसे पैदल, घोड़े, पिट्ठू, बैटरी कार या हेलीकॉप्टर के माध्यम से तय कर सकते हैं। पैदल यात्रा में सामान्य तौर पर लगभग 8 घंटे का समय लगता है। जबकि सामान्य दिनों में यात्रा पूरी करने में कुल 24 से 36 घंटे लग सकते हैं, जिसमें चढ़ाई और लौटने का समय शामिल है।

  • 'उसका घर तो उन्नाव में है ना, ही-ही-ही… मंत्री राजभर ने उड़ाया रेप पीड़िता का मजाक, Video

    'उसका घर तो उन्नाव में है ना, ही-ही-ही… मंत्री राजभर ने उड़ाया रेप पीड़िता का मजाक, Video


    नई दिल्‍ली । दिल्ली हाईकोर्ट ने 2017 के उन्नाव रेप केस मामले में दोषी ठहराए गए और उम्रकैद की सजा काट रहे बीजेपी के पूर्व विधायक कुलदीप सिंह सेंगर को सशर्त जमानत दी है. इसके विरोध में रेप पीड़िता और उसकी मां ने इंडिया गेट पर धरना दिया. इसे लेकर जब उत्तर प्रदेश सरकार में मंत्री ओपी राजभर से सवाल पूछा गया तो वे खिलखिलाकर हंस दिए.सेंगर को जमानत दिए जाने के विरोध में उन्नाव रेप पीड़िता और उनके परिवार ने आज इंडिया गेट पर धरना दिया. लेकिन यह प्रदर्शन ज्यादा देर तक नहीं चल सका. दिल्ली पुलिस ने पीड़िता और उनकी मां को प्रदर्शन स्थल से हटा दिया.

    इसे लेकर जब यूपी सरकार में मंत्री ओपी राजभर से सवाल पूछा गया तो उन्होंने कहा कि जब कोर्ट ने सेंगर को पीड़िता के घर के पांच किलोमीटर दूर तक नहीं जाने को कहा है तो कोई असुरक्षित कहां हैं? पीड़ित पक्ष अभी दिल्ली में क्या कर रहा है? दिल्ली में प्रदर्शन की क्या जरूरत है? बता दें कि दिल्ली हाईकोर्ट ने रेप के मामले में कुलदीप सिंह को सशर्त जमानत दी है. कोर्ट ने 15 लाख रुपये के मुचलके और इतनी ही राशि के जमानत की शर्त रखी है. कोर्ट ने साफ कहा है कि सेंगर पीड़िता के पांच किलोमीटर के दायरे में नहीं आएगा और जमानत की अवधि के दौरान दिल्ली में ही रहेगा. उसे हर सोमवार पुलिस को रिपोर्ट करना अनिवार्य होगा.

    अदालत का साफतौर पर कहना है कि कुलदीप सेंगर उन्नाव रेप पीड़िता और उसके परिवार को प्रत्यक्ष या परोक्ष रूप से किसी भी तरह की धमकी नहीं देगा. उसे अपना पासपोर्ट निचली अदालत में जमा करना होगा और किसी भी शर्त के उल्लंघन की स्थिति में उसकी जमानत तुरंत रद्द की जा सकती है. हालांकि, इसके बावजूद सेंगर की तत्काल रिहाई संभव नहीं लग रही क्योंकि उसे पीड़िता के पिता की हत्या के मामले में भी दोषी ठहराया गया है और इस मामले में वह दस साल की सजा काट रहा है. ऐसे में वह फिलहाल जेल में ही रहेगा.

    उन्नाव रेप केस की नाबालिग पीड़िता को 11 से 20 जून 2017 के बीच कुलदीप सेंगर ने अगवा कर रेप किया. इसके बाद उसे 60 हजार रुपये में बेच दिया गया. बाद में पीड़िता को माखी थाना क्षेत्र से बरामद किया गया. आरोप यह भी है कि पीड़िता को पुलिस अधिकारियों की ओर से लगातार धमकाया गया और सेंगर के निर्देश पर चुप रहने का दबाव बनाया गया. इसके बाद रेप, अपहरण और आपराधिक धमकी सहित पॉक्सो एक्ट की धाराओं में एफआईआर दर्ज की गई. इलाहाबाद हाईकोर्ट के आदेश के बाद कुलदीप सेंगर को गिरफ्तार किया गया था.

  • उद्धव-राज ठाकरे के गठबंधन पर कांग्रेस की पहली प्रतिक्रिया, 'हम कभी MNS के साथ…'

    उद्धव-राज ठाकरे के गठबंधन पर कांग्रेस की पहली प्रतिक्रिया, 'हम कभी MNS के साथ…'


    नई दिल्ली । महाराष्ट्र में आखिरकार उद्धव ठाकरे और राज ठाकरे के बीच सियासी गठबंधन हो ही गया. बुधवार 24 दिसंबर को दोनों भाइयों ने 15 जनवरी को होने वाले बीएमसी चुनाव से पहले गठबंधन की घोषणा कर दी. उससे शिवसेना यूबीटी और महाराष्ट्र नवनिर्माण सेनाके कार्यकर्ताओं में उत्साह है. उद्धव ठाकरे विपक्षी गठबंधन महाविकास अघाड़ी का भी हिस्सा हैं जिसमें कांग्रेस भी शामिल है. दोनों भाइयों के गठबंधन पर कांग्रेस की प्रतिक्रिया सामने आई है.

    हमारे पास नाराज होने का कोई कारण नहीं- वड्डेटीवार

    कांग्रेस नेता विजय वड्डेटीवार ने अगर मुंबई में दो भाई साथ आने का फैसला करते हैं तो हम बिल्कुल खुश है. जब कोई एक परिवार एकजुट होकर चुनाव लड़ता है तो हमें नाराज़ होने का कोई कारण नहीं है. उन्होंने साथ ही कहालेकिन याद रखें कांग्रेस कभी भी MNS के साथ गठबंधन करने को तैयार नहीं रही है.

    हमें निकाय चुनाव में ज्यादा सफलता मिली- वड्डेटीवार

    नागपुर में मीडिया से बातचीत में विजय वड्डेटीवार ने कहा हाल ही में संपन्न हुए म्यूनसिपल काउंसिल के चुनावों के नतीजों में महाविकास अघाड़ी में कांग्रेस सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी. ये बात अब सबभी को साफ तौर पर दिखाई दे रही है. कांग्रेस ने बिना गठबंधन के चुनाव लड़ा. चाहे वह कुल वोट हों मेयर के उम्मीदवार हों या कॉर्पोरेटर की सीटें हों हमें बाकी दोनों पार्टियों शरद पवार गुट और उद्धव ठाकरे गुट से ज़्यादा सफलता मिली.

    कांग्रेस कार्यकर्ता स्वतंत्र रूप से लड़ना चाहते हैं
    इसके आगे उन्होंने कहा ये नतीजे पूरी तरह से कांग्रेस के कार्यकर्ताओं की मनोदशा को दर्शाते हैं कि वे स्थानीय चुनाव स्वतंत्र रूप से लड़ना चाहते हैं. अगर दो भाई साथ आने का फैसला करते हैं तो हम वाकई में खुश हैं. हम उन्हें बधाई देते हैं और आने वाले चुनावों में उनकी सफलता की सच्ची कामना करते हैं। हमारा रुख हमेशा शिवसेना यूबीटी और शरद पवार के साथ खड़े रहने का रहा है और आज भी वही है.

    महाराष्ट्र पर कब्जा करने की साजिश- वड्डेटीवार

    वड्डेटीवार ने ये भी कहा महाराष्ट्र के लिए मराठी लोग क्या फैसला लेते हैं यह उन पर निर्भर करता है. लेकिन यह सच है कि राज्य में मराठी भाषा और मराठी पहचान पर खतरा मंडरा रहा है। भले ही मैं कांग्रेसी हूं लेकिन सच तो सच ही रहता है. मुंबई पर कब्ज़ा करने और उसे गुजरात के कंट्रोल में लाने की एक सोची-समझी कोशिश की जा रही है.

  • गिरिराज सिंह का मानसिक संतुलन. इमरान मसूद को आतंकी कहे जाने पर भड़के इमरान प्रतापगढ़ी

    गिरिराज सिंह का मानसिक संतुलन. इमरान मसूद को आतंकी कहे जाने पर भड़के इमरान प्रतापगढ़ी


    नई दिल्‍ली । गिरिराज सिंह ने इमरान मसूद को आतंकी कह दिया, इस पर कांग्रेस सांसद इमरान मसूद की कड़ी प्रतिक्रिया देखने को मिली है. इसके साथ ही उन्होंने कई मुद्दों पर खुल कर से अपनी राय रखी है. इमरान मसूद द्वारा प्रियंका गांधी को प्रधानमंत्री लायक बताए जाने, बांग्लादेश की घटना के बंगाल चुनाव पर संभावित असर, हिमंता बिस्वा सरमा की आशंका और अरावली जैसे मुद्दों पर क्या कुछ कहा है आइए जानते हैं.

    गिरिराज सिंह का मानसिक संतुलन हिला हुआ है- इमरान प्रतापगढ़ी

    केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह द्वारा कांग्रेस सांसद इमरान मसूद को आतंकी कहे जाने पर इमरान प्रतापगढ़ी बोले- उनका बयान प्रतिक्रिया देने लायक नहीं होता. उनका मानसिक संतुलन हिला हुआ है. समझ नहीं आता कि संविधान की शपथ लेकर कोई इतना गैर-संवैधानिक बयान कैसे दे सकता है. प्रधानमंत्री मोदी, गृह मंत्री अमित शाह और बीजेपी अध्यक्ष जेपी नड्डा को इस पर संज्ञान लेना चाहिए और बताना चाहिए कि जिसकी मानसिक स्थिति ठीक न हो, उसे केंद्र में मंत्री बनाया जाना चाहिए या नहीं.

    कांग्रेस में कई नेता हैं जो PM बनने की क्षमता रखते हैं- इमरान प्रतापगढ़ी

    इमरान मसूद द्वारा प्रियंका गांधी वाड्रा को पीएम मटेरियल बताए जाने पर इमरान प्रतापगढ़ी ने कहा कि पार्टी में बहुत से ऐसे नेता हैं जो प्रधानमंत्री बन सकते हैं. राहुल गांधी, प्रियंका गांधी और मल्लिकार्जुन खड़गे समेत तमाम लोग हैं जिनमें पीएम बनने की क्षमता है. इस विषय पर जो विवाद पैदा किया जा रहा है, वह मीडिया की देन है. इस मुद्दे पर मीडिया ने ही बहस छेड़ी है. मीडिया ने ही प्लांट करके रॉबर्ट वाड्रा से बयान लिया और उसे गलत तरीके से पेश किया. यह अच्छी बात है कि कांग्रेस पार्टी में आंतरिक लोकतंत्र है, इससे बेहतर आंतरिक लोकतंत्र हो ही नहीं सकता.

    उन्होंने कहा, क्या बीजेपी में कोई कह सकता है कि अमित शाह और जेपी नड्डा पीएम बन सकते हैं. कांग्रेस में कई ऐसे नेता हैं जो पीएम बनने की क्षमता रखते हैं. प्रियंका गांधी वाड्रा में भी प्रधानमंत्री बनने की पूरी क्षमता है. उन्होंने संसद में वंदे मातरम पर जो कुछ कहा, उसकी चर्चा पूरे देश में हुई. प्रधानमंत्री सत्र छोड़कर विदेश चले गए थे. तमाम मुद्दों पर बीजेपी घिरी हुई है और मुद्दों से ध्यान भटकाने के लिए इस तरह का विवाद खड़ा किया जाता है. मीडिया ऐसे मामलों में बीजेपी की मदद करती रहती है. यह सब मीडिया की गढ़ी हुई कहानी है. हम सभी मुद्दों पर डटे हुए हैं और हमारे मुद्दे पूरी तरह स्पष्ट हैं.

    ब्राह्मण विधायकों पर भी बोले इमरान प्रतापगढ़ी

    यूपी में बीजेपी के ब्राह्मण विधायकों द्वारा एकजुट होकर डिनर पार्टी आयोजित किए जाने पर इमरान प्रतापगढ़ी ने कहा कि इस पर बीजेपी को ही प्रतिक्रिया देनी चाहिए कि ब्राह्मण विधायकों को यह क्यों कहना पड़ा कि वे पीछे हो रहे हैं. इस मामले में बीजेपी को आत्ममंथन करने की जरूरत है. कांग्रेस पार्टी सभी को साथ लेकर चलती है, जबकि बीजेपी जातिवादी पार्टी है. बीजेपी के लोग जातिवादी सम्मेलन करते हैं और अब डिनर कर रहे हैं. हम इसमें कोई संभावना नहीं देखते. हम संविधान बचाने की लड़ाई लड़ रहे हैं. राहुल गांधी ने साफ कहा है कि हम जाति और धर्म की राजनीति नहीं करेंगे.

    PM शेख हसीना की मेहमाननवाजी में लगे हैं- इमरान प्रतापगढ़ी

    बांग्लादेश के हालात और पश्चिम बंगाल चुनाव पर उसके संभावित असर को लेकर इमरान प्रतापगढ़ी ने कहा कि इस मुद्दे पर भारत सरकार को बोलना चाहिए. कांग्रेस पार्टी लगातार इस पर आवाज उठा रही है. प्रियंका गांधी ने भी इस पर काफी कुछ कहा है. यह भारत सरकार की बड़ी विफलता है. यह शर्मनाक है कि बंगाल चुनाव को लेकर तो बातें की जा रही हैं, लेकिन पड़ोसी देश में अल्पसंख्यकों पर हो रहे अत्याचार पर हमारी सरकार चुप है. दुनिया में कहीं भी अल्पसंख्यकों पर अत्याचार होता है तो भारत सरकार को बोलना चाहिए. प्रधानमंत्री और विदेश मंत्रालय शेख हसीना की मेहमाननवाज़ी में लगे हैं, लेकिन बांग्लादेश के मुद्दे पर चुप्पी साधे हुए हैं.हिमंता बिस्वा सरमा के इस बयान पर कि असम में घुसपैठिए बढ़ते जा रहे हैं, इमरान प्रतापगढ़ी ने कहा कि आखिर कहां-कहां घुसपैठिए बढ़ रहे हैं. झारखंड में प्रभारी रहते हुए उन्होंने वहां भी यही कहा था. दिल्ली और बिहार चुनाव में भी यही बात कही गई. इसके बाद असम और यूपी में भी यही कहा जा रहा है, क्योंकि वहां चुनाव नजदीक हैं. जिन राज्यों में चुनाव खत्म हो जाते हैं, वहां बीजेपी घुसपैठियों की बात भूल जाती है.

    हम उनके बुलडोजरों के सामने खड़े मिलेंगे- इमरान प्रतापगढ़ी

    अरावली के मुद्दे पर इमरान प्रतापगढ़ी ने कहा कि बीजेपी उद्योगपतियों की मदद करना चाहती है. भाजपा जल, जंगल और जमीन की दुश्मन है. इनका जनता से कोई सरोकार नहीं है. 400 पार का नारा देने वाली बीजेपी ए क्यू आई 400 पार लेकर चली गई है. यह सरकार संसाधनों को लूटकर चंद उद्योगपति दोस्तों को फायदा पहुंचाना चाहती है. अरावली को न तो लूटने देंगे और न ही बर्बाद होने देंगे. हम उनके बुलडोजरों के सामने खड़े मिलेंगे.कांग्रेस सांसद और अल्पसंख्यक प्रकोष्ठ के अध्यक्ष इमरान प्रतापगढ़ी आज जयपुर में थे. यहां से वह पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे द्वारा भेजी गई चादर लेकर अजमेर दरगाह के लिए रवाना हुए
  • चंडीगढ़ मेयर चुनाव से पहले AAP को झटका, दो पार्षद BJP में शामिल, जानें क्या है नया नंबर गेम

    चंडीगढ़ मेयर चुनाव से पहले AAP को झटका, दो पार्षद BJP में शामिल, जानें क्या है नया नंबर गेम


    नई दिल्‍ली । चंडीगढ़ नगर निगम में आम आदमी पार्टी AAP को बड़ा झटका लगा है. पार्टी के दो पार्षद भारतीय जनता पार्टी BJP में शामिल हो गए हैं. आम आदमी पार्टी पार्षद सुमन देवी और पूनम देवी ने पार्टी छोड़ बीजेपी में शामिल होने का फैसला ले लिया है. बता दें, जनवरी 2026 में मेयर चुनाव होने वाला है. इससे पहले आम आदमी पार्टी के लिए यह बड़ा नुकसान माना जा रहा है. चंडीगढ़ नगर निगम में कुल 35 पार्षद हैं, जबकि एक वोट स्थानीय सांसद का होता है.

    चंडीगढ़ नगर निगम में पार्षदों की क्या है संख्या?

    निगम में बीजेपी के अब तक 16 पार्षद थे, जिनकी संख्या बढ़कर 18 हो गई है. वहीं, आम आदमी पार्टी के 13 पार्षद थे जिनकी संख्या घट कर 11 रह गई है. कांग्रेस के 6 पार्षद हैं जबकि एक वोट कांग्रेस सांसद मनीष तिवारी का है.

    नगर निगम में बहुमत के लिए कितने वोट चाहिए?
    मालूम हो, इस साल जनवरी 2025 में हुए मेयर चुनाव में बीजेपी ने कम पार्षद होने के बावजूद जीत हासिल की थी. बीजेपी की हरप्रीत कौर बबला ने आम आदमी पार्टी और कांग्रेस की सांझा उम्मीदवार प्रेम लता को हराया था. बबला को 19 वोट मिले थे, जबकि प्रेम लता को 17 वोट मिले थे. नगर निगम में बहुमत का आंकड़ा 19 है.

  • तेजस्वी यादव की विदेश यात्रा पर जेडीयू ने उठाए सवालकरीबी का जिक्र कर डीजीपी को भेजा पत्रकी ये मांग

    तेजस्वी यादव की विदेश यात्रा पर जेडीयू ने उठाए सवालकरीबी का जिक्र कर डीजीपी को भेजा पत्रकी ये मांग

    नई दिल्‍ली । जनता दल यूनाइटेड के एमएलसी और पार्टी के मुख्य प्रवक्ता नीरज कुमार ने बुधवार को बिहार के पुलिस महानिदेशक को एक पत्र भेजा है। पत्र में उन्होंने तेजस्वी यादव की विदेश यात्रा को लेकर सामने आई मीडिया रिपोर्ट्स का हवाला दिया है। नीरज कुमार ने पत्र में कहा कि बिहार विधानमंडल का सत्र चलने के दौरान यह जानकारी सामने आई कि तेजस्वी यादव विदेश गए हुए हैं। रिपोर्ट्स में यह भी दावा किया गया है कि इस यात्रा में यूपी के बलरामपुर निवासी हिस्ट्रीशीटर रमीज नेमत खान उनके साथ मौजूद है। इसके अलावादेवा गुप्ता के भी इस विदेश यात्रा में शामिल होने की संभावना जताई गई है। जेडीयू नेता ने डीजीपी से आग्रह किया है कि तेजस्वी यादव के साथ यात्रा कर रहे आपराधिक पृष्ठभूमि वाले व्यक्तियों की गतिविधियों पर निगरानी रखी जाए और मामले को गंभीरता से लिया जाए।

    तेजस्वी यादव की विदेश यात्रा पर जेडीयू का शक

    डीजीपी को पत्र लिखने वाले जेडीयू एमएलसी और पार्टी के मुख्य प्रवक्ता नीरज कुमार ने मीडिया से बातचीत में अपनी आशंकाएं जाहिर कीं। उन्होंने कहा कि उन्हें संदेह है कि तेजस्वी यादव अपनी हालिया विदेश यात्रा के दौरान रमीज नेमत खान को साथ ले गए हैं। नीरज कुमार का दावा है कि चुनाव परिणाम आने के बाद से तेजस्वी यादव सार्वजनिक रूप से सामने नहीं आए हैं। उन्होंने यह भी याद दिलाया कि तेजस्वी यादव की बहन रोहिणी आचार्य पहले रमीज नेमत खान पर गंभीर आरोप लगा चुकी हैं। उनके अनुसाररमीज उत्तर प्रदेश में गैंगस्टर एक्ट का आरोपी है और उस पर आपराधिक गतिविधियों के आरोप हैं। इसके बावजूद उसके तेजस्वी यादव के साथ होने की चर्चा सामने आ रही है।

    नीरज कुमार ने कहा कि इस मामले में न तो तेजस्वी यादव और न ही आरजेडी की ओर से कोई स्पष्ट सफाई दी गई है। उन्होंने यह भी दावा किया कि जानकारी मिली है कि 28 आपराधिक मामलों के आरोपी देवा गुप्ता जो मोतिहारी से आरजेडी का उम्मीदवार रह चुका हैउसके भी विदेश यात्रा में शामिल होने की संभावना है। जेडीयू नेता ने कहा कि जब रमीज नेमत खान के विदेश जाने की आशंका जताई जा रही हैतो देवा गुप्ता के जाने की संभावना से भी इनकार नहीं किया जा सकता। इसी वजह से डीजीपी से अनुरोध किया गया है कि देवा गुप्ता की गतिविधियों पर भी कड़ी निगरानी रखी जाए।

    नीरज कुमार का सवालआरजेडी ने अब तक कदम क्यों नहीं उठाया?
    नीरज कुमार ने आरजेडी की भूमिका पर सवाल खड़े करते हुए कहा कि यदि देवा गुप्ता फरार है और उस पर एक लाख रुपये का इनाम घोषित हैतो पार्टी ने उसके खिलाफ अब तक कोई कार्रवाई क्यों नहीं की। उन्होंने कहा कि जिन लोगों पर गंभीर आपराधिक आरोप हैंउन पर आरजेडी की ओर से कोई सख्ती नहीं दिखाई दे रही है। इसी वजह से यह आशंका गहराती है कि दोनों व्यक्ति तेजस्वी यादव के संपर्क में हो सकते हैं। नीरज कुमार ने आगे कहा कि यदि यह साबित होता है कि ये दोनों लोग तेजस्वी यादव के साथ हैंतो फिर कानून अपना काम करेगा और उस स्थिति में तेजस्वी यादव पर भी कार्रवाई की जाएगी।

    जेडीयू के आरोपों पर आरजेडी का जवाब

    जेडीयू द्वारा लगाए गए आरोपों और डीजीपी को लिखे गए पत्र पर आरजेडी ने कड़ा जवाब दिया है। पार्टी के प्रवक्ता मृत्युंजय तिवारी ने कहा कि जेडीयू को दूसरों पर सवाल उठाने के बजाय अपनी पार्टी और सरकार की स्थिति पर ध्यान देना चाहिए। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि जेडीयू इस डर में जी रही है कि मुख्यमंत्री पद को लेकर उस पर दबाव बढ़ रहा है। मृत्युंजय तिवारी ने आरोप लगाया कि यह सब तेजस्वी यादव को लेकर फैली घबराहट का नतीजा है।
    उन्होंने सवाल किया कि जब राज्य में अपराध पर नियंत्रण करने में सरकार नाकाम साबित हो रही हैतो उसे इस बात की चिंता क्यों है कि तेजस्वी यादव कहां हैं और किसके साथ हैं। देवा गुप्ता के मुद्दे पर प्रतिक्रिया देते हुए आरजेडी प्रवक्ता ने कहा कि अगर किसी व्यक्ति ने चुनाव के दौरान अपना हलफनामा दाखिल किया थातो उस समय बिहार पुलिस सोई थी क्या? उन्होंने पूछा कि चुनावी प्रक्रिया के दौरान पुलिस और प्रशासन ने उस पर कोई कार्रवाई क्यों नहीं की।

  • ये कैसा न्याय है कुलदीप सेंगर को जमानत मिलने पर भड़के राहुल गांधी उन्नाव गैंगरेप पीड़िता से आज कर सकते हैं मुलाकात

    ये कैसा न्याय है कुलदीप सेंगर को जमानत मिलने पर भड़के राहुल गांधी उन्नाव गैंगरेप पीड़िता से आज कर सकते हैं मुलाकात


    नई दिल्‍ली । उन्नाव रेप केस मामले में ट्रायल कोर्ट से पूर्व बीजेपी विधायक कुलदीप सिंह सेंगर को 2019 में सुनाई गई उम्र कैद की सजा के मामले में दिल्ली हाईकोर्ट की एक बेंच ने सजा को निलंबित कर दिया है. इस पर कांग्रेस सांसद और लोकसभा नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी भी भड़क गए हैं. उन्होंने एक्स पर पोस्ट कर अपनी नाराजगी जताई है. खबर है कि नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी उन्नाव की पीड़िता से आज शाम 7 बजे मिल सकते हैं. मंगलवार को कोर्ट के फैसले के बाद पीड़िता उनकी मां और महिला अधिकार एक्टिविस्ट योगिता भयाना ने इंडिया गेट पर विरोध प्रदर्शन किया था. प्रदर्शन के दौरान दिल्ली पुलिस ने पीड़िता उनकी मां और योगिता भायना को प्रदर्शन करने से रोकते हुए हटा दिया.

    राहुल ने बोले- लोकतंत्र में आवाज उठाना अधिकार है

    राहुल गांधी ने गैंगरेप पीड़िता को समर्थन देते हुए पूछा क्या एक गैंगरेप पीड़िता के साथ ऐसा व्यवहार उचित है? क्या उसकी गलती ये है कि वो न्याय के लिए अपनी आवाज उठाने की हिम्मत कर रही है? उसके अपराधी पूर्व BJP MLA को जमानत मिलना बेहद निराशाजनक और शर्मनाक है. खासकर तब जब पीड़िता को बार-बार प्रताड़ित किया जा रहा हो और वो डर के साए में जी रही हो. बलात्कारियों को जमानत और पीड़िताओं के साथ अपराधियों सा व्यवहार ये कैसा न्याय है? हम सिर्फ एक मृत अर्थव्यवस्था नहीं ऐसी अमानवीय घटनाओं के साथ हम एक मृत समाज भी बनते जा रहे हैं. लोकतंत्र में असहमति की आवाज उठाना अधिकार है और उसे दबाना अपराध. पीड़िता को सम्मान सुरक्षा और न्याय मिलना चाहिए न कि बेबसी भय और अन्याय.

    पीड़िता का आरोप- 2027 चुनाव से पहले दी जमानत

    इंडिया गेट पर 2017 के उन्नाव गैंगरेप केस पीड़िता ने आरोप लगाया कि 2027 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनावों को देखते हुए सेंगर को जमानत दी गई है. 2017 के इस मामले ने तब विवाद पकड़ा था जब बिना नंबर प्लेट वाले एक ट्रक उस कार से टकरा गया था जिसमें पीड़िता जा रही थी.
    इस घटना में पीड़िता और उसका वकील गंभीर रूप से घायल हो गए थे. जबकि उसकी दो मौसियों की मौत हो गई थी. इस मामले में सेंगर पर अलग से एक मामला दर्ज है. इस मामले में भी 2021 को दिल्ली की एक अदालत ने उन्हें आरोप मुक्त करते हुए दुर्घटना को सबूतों के आभाव में साजिश मानने से इनकार कर दिया था.

  • ऐपल का 2026 मेगा प्लान: 50वें जन्मदिन पर 20 से ज्यादा नए प्रोडक्ट्स, फोल्डेबल आईफोन से Apple Glasses तक रिपोर्ट

    ऐपल का 2026 मेगा प्लान: 50वें जन्मदिन पर 20 से ज्यादा नए प्रोडक्ट्स, फोल्डेबल आईफोन से Apple Glasses तक रिपोर्ट

    नई दिल्ली: सोशल मीडिया पर अपने बेबाक और विवादित बयानों के लिए पहचाने जाने वाले हिंदुस्तानी भाऊ उर्फ विकास पाठक एक बार फिर सुर्खियों में हैं। इस बार उन्होंने राज्यसभा सांसद और वरिष्ठ अभिनेत्री जया बच्चन के पपराजी को लेकर दिए गए बयान पर कड़ी प्रतिक्रिया दी है। हिंदुस्तानी भाऊ ने जया बच्चन की टिप्पणी को अपमानजनक बताते हुए पपराजी से अपील की है कि वे उन जगहों पर कवरेज न करें, जहां उन्हें सम्मान नहीं दिया जाता।दरअसल, हाल ही में जया बच्चन ने वरिष्ठ पत्रकार बरखा दत्त के चर्चित शो वी द वुमन में पपराजी को लेकर अपनी नाराजगी जाहिर की थी। उन्होंने कहा था कि मीडिया से उनके संबंध अच्छे हैं, लेकिन पपराजी से नहीं। जया बच्चन ने पपराजी के व्यवहार और पहनावे पर सवाल उठाते हुए कहा था कि सिर्फ मोबाइल फोन होने का मतलब यह नहीं कि कोई भी किसी की तस्वीर खींच सकता है या मनचाहे कमेंट कर सकता है।जया बच्चन के इस बयान के सामने आते ही सोशल मीडिया पर बहस तेज हो गई। कुछ लोगों ने उनके बयान को निजता से जोड़कर सही ठहराया, तो वहीं कई यूजर्स ने इसे पपराजी का अपमान बताया। इसी बीच हिंदुस्तानी भाऊ ने इस मुद्दे पर खुलकर अपनी नाराजगी जाहिर की।

    एक सार्वजनिक कार्यक्रम के दौरान हिंदुस्तानी भाऊ ने जया बच्चन के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि पपराजी की वजह से ही कई कलाकार और सार्वजनिक हस्तियां चर्चा में बनी रहती हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि जब पपराजी ही पहचान दिलाते हैं, तो फिर उनके साथ ऐसा व्यवहार क्यों किया जाता है।हिंदुस्तानी भाऊ ने कहा,उन्होंने कपड़ों पर कमेंट किया। अमिताभ बच्चन की पत्नी जया बच्चन खुद सस्ती साड़ी पहनती हैं और दूसरों को गरीब बोलती हैं। ऐसे लोगों के पीछे क्यों जाते हो, जहां आपकी इज्जत नहीं होती।

    उन्होंने पपराजी से हाथ जोड़कर अपील करते हुए कहा कि आत्मसम्मान सबसे जरूरी है और जहां सम्मान न मिले, वहां जाना ही नहीं चाहिए। भाऊ ने कहा कि पपराजी की मेहनत से ही कई सेलिब्रिटीज जनता के बीच बने रहते हैं।उन्होंने आगे कहा,आप लोगों की वजह से ही ये लोग दिखते हैं। अगर आप इन्हें दिखाना बंद कर दो, तो कोई इन्हें जानता भी नहीं। जहां इज्जत न मिले, वहां मत जाओ। आप लोग ही इन्हें बनाते हो।हिंदुस्तानी भाऊ ने यह भी कहा कि अगर पपराजी एकजुट होकर ऐसे लोगों को कवरेज देना बंद कर दें, तो उन्हें अपनी गलती का एहसास जरूर होगा। उन्होंने इसे सिर्फ पेशे का नहीं, बल्कि आत्मसम्मान का सवाल बताया।

    दूसरी ओर, जया बच्चन के बयान को लेकर सोशल मीडिया पर पहले से ही तीखी प्रतिक्रियाएं देखने को मिल रही हैं। कुछ यूजर्स का कहना है कि सेलिब्रिटीज को भी निजता का अधिकार है, जबकि कई लोगों का मानना है कि सार्वजनिक जीवन में रहने वालों को आलोचना और कैमरों का सामना करना पड़ता है।जया बच्चन ने शो में कहा था,पपराजी को लगता है कि मोबाइल कैमरा होने से वे किसी के घर में चूहे की तरह घुस सकते हैं। वे जैसे कपड़े पहनते हैं और जैसे कमेंट करते हैं, वह मुझे बिल्कुल पसंद नहीं।इस पूरे विवाद के बाद एक बार फिर यह सवाल खड़ा हो गया है कि सेलिब्रिटीज और पपराजी के बीच रिश्तों की सीमाएं क्या होनी चाहिए और सम्मान दोनों पक्षों से कितना जरूरी है। फिलहाल, हिंदुस्तानी भाऊ का बयान सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है और लोग इस मुद्दे पर खुलकर अपनी-अपनी राय रख रहे हैं।