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  • गुजरात में सुरक्षा को नई ताकत वडोदरा में हाईटेक पुलिस कंट्रोल सेंटर शुरू

    गुजरात में सुरक्षा को नई ताकत वडोदरा में हाईटेक पुलिस कंट्रोल सेंटर शुरू


    नई दिल्ली: गुजरात में स्मार्ट पुलिसिंग की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए गुजरात के वडोदरा में नया कमांड एंड कंट्रोल सेंटर स्थापित किया गया है इस आधुनिक केंद्र का उद्घाटन राज्य के उपमुख्यमंत्री हर्ष संघवी ने पुलिस भवन में किया

    यह सेंटर नेटवर्क फॉर टेक्नोलॉजी इनेबल्ड रैपिड एश्योरेंस एंड मॉनिटरिंग यानी नेट्रा एम परियोजना के तहत विकसित किया गया है इसका मुख्य उद्देश्य शहर में सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करना और पुलिस की कार्यक्षमता को तकनीक के माध्यम से और अधिक प्रभावी बनाना है

    उद्घाटन के दौरान पुलिस महानिदेशक केएलएन राव और नगर पुलिस आयुक्त नरसिम्हा कुमार ने उपमुख्यमंत्री का स्वागत किया समारोह में पुलिस टुकड़ी ने उन्हें गार्ड ऑफ ऑनर भी दिया और केंद्र के उद्घाटन की स्मृति में एक पट्टिका का अनावरण किया गया

    यह अत्याधुनिक सेंटर रियल टाइम में अपराध की निगरानी करने प्रमुख आयोजनों और त्योहारों के दौरान बेहतर समन्वय स्थापित करने तथा पुलिस संसाधनों का प्रभावी प्रबंधन करने में सक्षम है इसके जरिए शहर की सुरक्षा और ट्रैफिक व्यवस्था की लगातार निगरानी की जा सकती है जिससे किसी भी घटना पर तुरंत प्रतिक्रिया दी जा सकेगी

    उपमुख्यमंत्री ने सेंटर का दौरा कर यहां स्थापित सीसीटीवी नेटवर्क और अन्य तकनीकी सुविधाओं का निरीक्षण किया उन्हें बताया गया कि यह प्रणाली किस प्रकार शहर की सुरक्षा और यातायात नियंत्रण में मदद कर रही है उन्होंने पुलिस व्यवस्था में आधुनिक तकनीक के अधिकतम उपयोग पर जोर दिया और इसे और मजबूत बनाने के सुझाव दिए

    यह नया कमांड एंड कंट्रोल सेंटर वडोदरा में पुलिस व्यवस्था के आधुनिकीकरण की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है इसका उद्देश्य अपराध की रोकथाम को बेहतर बनाना यातायात प्रबंधन को सुव्यवस्थित करना और एक केंद्रीकृत निगरानी प्रणाली प्रदान करना है

    यह पहल स्मार्ट पुलिसिंग और तकनीक के माध्यम से शहरी सुरक्षा को मजबूत करने की दिशा में गुजरात पुलिस की प्रतिबद्धता को दर्शाती है जिससे शहर के नागरिकों को अधिक सुरक्षित और बेहतर सेवाएं मिल सकेंगी

  • पश्चिम एशिया तनाव के बीच पीएम मोदी ने ईरान से की अहम चर्चा शांति का संदेश

    पश्चिम एशिया तनाव के बीच पीएम मोदी ने ईरान से की अहम चर्चा शांति का संदेश

    नई दिल्ली: भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पश्चिम एशिया में जारी तनाव के बीच ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियन से फोन पर बातचीत की और उन्हें ईद तथा नवरोज के अवसर पर शुभकामनाएं दीं यह बातचीत ऐसे समय में हुई है जब अमेरिका और इजरायल के साथ ईरान के बीच संघर्ष लगातार जारी है

    प्रधानमंत्री ने अपनी बातचीत में पश्चिम एशिया में शांति स्थिरता और समृद्धि की उम्मीद जताई उन्होंने कहा कि ऐसे पावन अवसर आपसी समझ और सहयोग को बढ़ाने का माध्यम बन सकते हैं और क्षेत्र में सकारात्मक माहौल तैयार कर सकते हैं

    पीएम मोदी ने बातचीत के दौरान इस बात पर भी चिंता व्यक्त की कि क्षेत्र में महत्वपूर्ण इंफ्रास्ट्रक्चर पर हो रहे हमले न केवल क्षेत्रीय स्थिरता को प्रभावित कर रहे हैं बल्कि वैश्विक सप्लाई चेन को भी बाधित कर सकते हैं उन्होंने ऐसे कदमों की निंदा करते हुए सभी पक्षों से संयम बरतने की अपील की

    समुद्री मार्गों की सुरक्षा पर जोर देते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय व्यापार और ऊर्जा आपूर्ति के लिए समुद्री रास्तों का सुरक्षित और निर्बाध रहना बेहद जरूरी है भारत ने इस दौरान ईरान का आभार भी जताया कि वह वहां रह रहे भारतीय नागरिकों की सुरक्षा का ध्यान रख रहा है

    इससे पहले भी दोनों नेताओं के बीच 12 मार्च को बातचीत हुई थी जिसमें क्षेत्र में बढ़ते तनाव और उसके वैश्विक प्रभावों पर चर्चा की गई थी उस समय भी प्रधानमंत्री ने आवश्यक वस्तुओं और ऊर्जा की निर्बाध आपूर्ति की आवश्यकता पर जोर दिया था और चेतावनी दी थी कि किसी भी तरह की रुकावट भारत और पूरे क्षेत्र की अर्थव्यवस्था को प्रभावित कर सकती है

    भारत लगातार इस पूरे संकट के दौरान “डायलॉग और डिप्लोमेसी” की नीति पर जोर दे रहा है प्रधानमंत्री मोदी ने हाल ही में कई देशों के नेताओं से बातचीत कर शांति की पहल को आगे बढ़ाया है उन्होंने कुवैत के क्राउन प्रिंस ओमान के सुल्तान फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों मलेशिया के प्रधानमंत्री और कतर के अमीर से भी बातचीत की थी

    इन सभी बातचीतों में भारत का संदेश एक ही रहा है कि किसी भी विवाद का समाधान संवाद और कूटनीति के जरिए ही संभव है प्रधानमंत्री ने स्पष्ट किया कि बातचीत और सहयोग ही स्थायी शांति का सबसे प्रभावी रास्ता है

    वर्तमान में ईरान और अमेरिका-इजरायल के बीच जारी संघर्ष के कारण वैश्विक स्तर पर ऊर्जा संकट और व्यापार बाधित होने की आशंका बढ़ गई है ऐसे में भारत का यह कूटनीतिक प्रयास न केवल क्षेत्रीय बल्कि वैश्विक स्थिरता के लिए भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है

    प्रधानमंत्री मोदी की यह बातचीत शांति संवाद और सहयोग पर आधारित भारत की विदेश नीति को दर्शाती है जो मौजूदा वैश्विक तनाव के बीच संतुलन और स्थिरता बनाए रखने की दिशा में अहम भूमिका निभा रही है
  • समुद्री ताकत में बड़ा इजाफा 3 अप्रैल को नौसेना में शामिल होगा स्वदेशी स्टेल्थ फ्रिगेट तारागिरी

    समुद्री ताकत में बड़ा इजाफा 3 अप्रैल को नौसेना में शामिल होगा स्वदेशी स्टेल्थ फ्रिगेट तारागिरी


    नई दिल्ली: भारतीय नौसेना अपनी समुद्री ताकत को लगातार मजबूत करने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रही है और इसी क्रम में स्वदेशी तकनीक से तैयार एक और अत्याधुनिक युद्धपोत को बेड़े में शामिल किया जा रहा है गाइडेड मिसाइल स्टेल्थ फ्रिगेट तारागिरी को आगामी 3 अप्रैल को विशाखापत्तनम में औपचारिक रूप से नौसेना में शामिल किया जाएगा इस अवसर पर राजनाथ सिंह स्वयं इस युद्धपोत को राष्ट्र को समर्पित करेंगे

    यह युद्धपोत प्रोजेक्ट 17ए के तहत बनाए जा रहे नीलगिरी क्लास फ्रिगेट्स का हिस्सा है जो भारतीय नौसेना को वर्ष 2047 तक पूर्ण आत्मनिर्भर बनाने के लक्ष्य की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है इससे पहले इसी श्रृंखला के तहत आईएनएस नीलगिरी को जनवरी 2025 में शामिल किया गया था जबकि हिमगिरी और उदयगिरी भी नौसेना के बेड़े में शामिल हो चुके हैं अब तारागिरी इस श्रृंखला का चौथा फ्रिगेट बनकर तैयार है

    तारागिरी को अत्याधुनिक हथियारों और रक्षा प्रणालियों से लैस किया गया है इसमें सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल ब्रह्मोस मिसाइल लगी है जो दुश्मन के जहाजों और सतही लक्ष्यों को सटीकता से निशाना बनाने में सक्षम है इसके अलावा इसमें लंबी दूरी की सतह से हवा में मार करने वाली बराक 8 मिसाइल प्रणाली भी है जो हवाई हमलों से रक्षा प्रदान करती है

    पनडुब्बी रोधी क्षमताओं को मजबूत करने के लिए इसमें स्वदेशी टॉरपीडो वरुणास्त्र और रॉकेट लॉन्चर लगाए गए हैं साथ ही यह आधुनिक सोनार कॉम्बैट मैनेजमेंट सिस्टम और मल्टी फंक्शन डिजिटल रडार से लैस है जो लंबी दूरी से आने वाले खतरों का पता लगाने और उन्हें निष्क्रिय करने में सक्षम बनाते हैं इस युद्धपोत में हेलिकॉप्टर हैंगर भी मौजूद है जिसमें दो हेलिकॉप्टर एक साथ संचालन कर सकते हैं

    करीब 6700 टन वजनी यह फ्रिगेट 30 नॉटिकल मील प्रति घंटे की गति से चल सकता है और इसकी सबसे बड़ी खासियत इसका स्टेल्थ डिजाइन है जो इसे दुश्मन के रडार से बचाने में मदद करता है प्रोजेक्ट 17ए के तहत बनाए जा रहे इन युद्धपोतों में लगभग 75 प्रतिशत उपकरण स्वदेशी कंपनियों से लिए गए हैं जिससे रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता को बढ़ावा मिल रहा है

    इन फ्रिगेट्स का डिजाइन भारतीय नौसेना के वॉरशिप डिजाइन ब्यूरो द्वारा तैयार किया गया है जबकि इनके निर्माण में मजगांव डॉक शिपबिल्डर्स लिमिटेड और गार्डन रीच शिपबिल्डर्स एंड इंजीनियर्स की महत्वपूर्ण भूमिका रही है प्रोजेक्ट 17ए के तहत कुल सात युद्धपोत बनाए जा रहे हैं जिनमें से अधिकांश को 2019 से 2022 के बीच लॉन्च किया जा चुका है और शेष के समुद्री परीक्षण जारी हैं

    तारागिरी के नौसेना में शामिल होने से न केवल भारत की समुद्री सुरक्षा और युद्ध क्षमता में उल्लेखनीय वृद्धि होगी बल्कि यह देश के स्वदेशी रक्षा निर्माण के बढ़ते सामर्थ्य का भी प्रतीक है आने वाले समय में जब सभी नीलगिरी क्लास फ्रिगेट पूरी तरह सेवा में आ जाएंगे तब भारतीय नौसेना हिंद महासागर क्षेत्र में और अधिक सशक्त और प्रभावी उपस्थिति दर्ज कराएगी

  • कोयला उत्पादन में रिकॉर्ड कायम भारत ने फिर रचा इतिहास ऊर्जा सुरक्षा को मिली नई मजबूती

    कोयला उत्पादन में रिकॉर्ड कायम भारत ने फिर रचा इतिहास ऊर्जा सुरक्षा को मिली नई मजबूती


    नई दिल्ली: भारत ने ऊर्जा क्षेत्र में एक और महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल करते हुए लगातार दूसरे वर्ष 1 अरब टन कोयला उत्पादन का लक्ष्य पूरा कर लिया है यह उपलब्धि देश की बढ़ती ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने और आत्मनिर्भरता की दिशा में एक मजबूत संकेत मानी जा रही है कोयला मंत्रालय के अनुसार यह लक्ष्य 20 मार्च को हासिल किया गया जो देश के औद्योगिक और ऊर्जा ढांचे के लिए बेहद अहम है

    इस उपलब्धि के पीछे कोयला क्षेत्र से जुड़े सभी हितधारकों का समन्वित प्रयास और निरंतर मेहनत रही है बेहतर योजना प्रभावी कार्यान्वयन और आपूर्ति शृंखला में मजबूत तालमेल ने इस लक्ष्य को संभव बनाया है इससे न केवल बिजली उत्पादन में स्थिरता आई है बल्कि उद्योगों को भी निरंतर ईंधन आपूर्ति सुनिश्चित हुई है

    देश के कोयला आधारित थर्मल पावर प्लांट्स में रिकॉर्ड स्तर का कोयला स्टॉक बनाए रखने में भी इस उपलब्धि ने अहम भूमिका निभाई है मंत्रालय के अनुसार यह स्थिति बिजली आपूर्ति को सुचारु बनाए रखने और संभावित संकटों से निपटने में सहायक साबित हो रही है

    वर्तमान वैश्विक परिस्थितियों खासकर पश्चिम एशिया में जारी तनाव के बीच भारत की यह उपलब्धि और भी महत्वपूर्ण हो जाती है इसके बावजूद देश के थर्मल पावर प्लांट्स के पास लगभग 53.41 मिलियन टन कोयला स्टॉक उपलब्ध है जो मौजूदा खपत के अनुसार करीब 23 दिनों के लिए पर्याप्त माना जा रहा है इसके साथ ही भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए कोयला खदानों के पास भी अतिरिक्त भंडारण किया जा रहा है

    आर्थिक दृष्टि से भी यह उपलब्धि सकारात्मक संकेत देती है वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय के ताजा आंकड़ों के अनुसार फरवरी में देश के आठ प्रमुख इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर का संयुक्त इंडेक्स 2.3 प्रतिशत बढ़ा है इसी अवधि में कोयला उत्पादन में भी 2.3 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई जबकि बिजली उत्पादन में 0.5 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है

    कोयला मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि वह एक स्थिर पारदर्शी और प्रदर्शन आधारित प्रणाली विकसित करने के लिए प्रतिबद्ध है इसके तहत नीतिगत सुधार नियमित निगरानी और सभी संबंधित पक्षों के बीच बेहतर तालमेल पर लगातार जोर दिया जा रहा है

    इस बीच कोल इंडिया लिमिटेड भी छोटे मध्यम और बड़े सभी उपभोक्ताओं को पर्याप्त कोयला उपलब्ध कराने के लिए सक्रिय रूप से कदम उठा रही है कंपनी की भूमिका देश में ऊर्जा आपूर्ति को संतुलित बनाए रखने में महत्वपूर्ण मानी जाती है

    लगातार दूसरे वर्ष 1 अरब टन कोयला उत्पादन का लक्ष्य हासिल करना भारत के लिए एक बड़ी उपलब्धि है जो यह दर्शाता है कि देश न केवल अपनी ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने में सक्षम हो रहा है बल्कि वैश्विक अनिश्चितताओं के बीच भी अपने ऊर्जा ढांचे को मजबूत बनाए रखने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है

  • नागपुर में उपराष्ट्रपति का पहला कदम संघ की प्रेरणा और निस्वार्थ सेवा पर जोर

    नागपुर में उपराष्ट्रपति का पहला कदम संघ की प्रेरणा और निस्वार्थ सेवा पर जोर


    महाराष्ट्र उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन का महाराष्ट्र दौरा कई मायनों में विशेष रहा जहां उन्होंने नागपुर में विभिन्न कार्यक्रमों में भाग लेते हुए देश और समाज के प्रति निस्वार्थ सेवा के महत्व को प्रमुखता से रेखांकित किया यह दौरा उनके उपराष्ट्रपति बनने के बाद राज्य का पहला आधिकारिक दौरा था जिससे इसे और अधिक महत्व मिला

    नागपुर पहुंचने पर उपराष्ट्रपति का भव्य स्वागत किया गया डॉ बाबासाहेब अम्बेडकर अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर राज्यपाल जिष्णु देव वर्मा राजस्व मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले और नागपुर नगर निगम की मेयर नीता राजेंद्र ठाकरे सहित कई गणमान्य व्यक्तियों ने उनका अभिनंदन किया इस स्वागत ने उनके दौरे को गरिमामय शुरुआत दी

    अपने संबोधन में उपराष्ट्रपति ने विक्रम संवत 2083 के शुभ अवसर पर देशवासियों को हार्दिक शुभकामनाएं दीं और सभी के सुख समृद्धि की कामना की उन्होंने कहा कि भारतीय परंपराएं और सांस्कृतिक मूल्य हमें निरंतर आगे बढ़ने की प्रेरणा देते हैं और समाज को एकजुट रखते हैं

    उन्होंने अपने पुराने अनुभवों को साझा करते हुए कहा कि महाराष्ट्र के राज्यपाल के रूप में कार्य कर चुके होने के कारण नागपुर आना उनके लिए घर वापसी जैसा अनुभव है यह शहर केवल भौगोलिक दृष्टि से ही नहीं बल्कि वैचारिक और सांस्कृतिक दृष्टि से भी देश में विशेष स्थान रखता है

    उपराष्ट्रपति ने नागपुर को राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की जन्मभूमि बताते हुए कहा कि वर्ष 1925 में विजयादशमी के पावन अवसर पर डॉ केशव बलिराम हेडगेवार ने यहां संघ की स्थापना की थी उन्होंने कहा कि संघ ने समाज में सेवा समर्पण और अनुशासन की भावना को मजबूत किया है और उनका स्वयं का जुड़ाव भी इस विचारधारा से रहा है जिससे उन्हें निस्वार्थ सेवा का संस्कार मिला

    दौरे के दौरान उपराष्ट्रपति ने डॉ हेडगेवार स्मृति भवन पहुंचकर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की और उनके योगदान को स्मरण किया उन्होंने कहा कि ऐसे महान व्यक्तित्वों के विचार आज भी समाज को दिशा देने का कार्य कर रहे हैं

    अपने भाषण की शुरुआत में उन्होंने मंच पर उपस्थित सभी विशिष्ट अतिथियों का अभिवादन किया जिनमें केंद्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय दिल्ली के कुलपति प्रो श्रीनिवासु वरेकेडी भारतीय युवा संसद के राष्ट्रीय संयोजक वासुदेव जोशी और अन्य प्रमुख लोग शामिल थे

    उपराष्ट्रपति ने अपने संबोधन के अंत में कहा कि उन्हें जीवन में जो भी जिम्मेदारियां मिली हैं उन्होंने हमेशा उन्हें निस्वार्थ भाव से निभाने का प्रयास किया है और यही भावना राष्ट्र निर्माण की आधारशिला है उनका यह संदेश स्पष्ट करता है कि सेवा और समर्पण ही समाज को आगे ले जाने की सबसे बड़ी शक्ति है

  • बिल्ली पालने की जिद और पिता से तकरार: हैदराबाद में 23 साल की एमबीबीएस छात्रा ने की आत्महत्या, टूट गया डॉक्टर बनने का सपना!

    बिल्ली पालने की जिद और पिता से तकरार: हैदराबाद में 23 साल की एमबीबीएस छात्रा ने की आत्महत्या, टूट गया डॉक्टर बनने का सपना!

    ई दिल्ली: तेलंगाना की राजधानी हैदराबाद के अलवाल इलाके से एक बेहद दुखद और विचलित कर देने वाली खबर सामने आई है। यहाँ एक 23 वर्षीय युवती, जिसने हाल ही में अपनी एमबीबीएस (MBBS) की पढ़ाई पूरी की थी और डॉक्टर बनने की दहलीज पर खड़ी थी, उसने आत्महत्या कर अपनी जान दे दी। पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, इस खौफनाक कदम के पीछे की वजह घर में ‘बिल्ली पालने’ को लेकर हुआ पारिवारिक विवाद बताया जा रहा है। युवती ने करीब तीन महीने पहले एक बिल्ली पाली थी, जिसे लेकर उसके माता-पिता खुश नहीं थे और इसी बात को लेकर घर में अक्सर बहस होती थी।

    घटना वाले दिन भी बिल्ली को रखने या न रखने के मुद्दे पर युवती का अपने माता-पिता से कड़ा विरोध हुआ। विवाद इतना बढ़ गया कि मानसिक रूप से आहत होकर युवती ने सुसाइड कर लिया। पुलिस मामले की जांच कर रही है और यह समझने की कोशिश कर रही है कि क्या विवाद के पीछे कोई और गंभीर कारण था या महज पालतू जानवर का मुद्दा ही इस चरम कदम की वजह बना। एक होनहार डॉक्टर की इस तरह अचानक मौत से इलाके में शोक की लहर है और यह घटना मानसिक स्वास्थ्य और छोटी-छोटी बातों पर बढ़ते तनाव की ओर इशारा करती है।

    हैरानी की बात यह है कि हैदराबाद में पालतू जानवरों से जुड़ी खुदकुशी का यह पिछले कुछ दिनों में दूसरा मामला है। इससे पहले 18 मार्च को भी शहर के मीरपेट इलाके से ऐसी ही एक घटना सामने आई थी, जहाँ एक 20 वर्षीय युवती ने अपनी पालतू बिल्ली की मौत से दुखी होकर आत्महत्या कर ली थी। पालतू जानवरों के प्रति अत्यधिक लगाव और फिर परिवार के साथ उपजे संघर्ष के कारण होने वाली ये मौतें समाज के लिए एक गंभीर चेतावनी हैं। फिलहाल पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और परिवार के सदस्यों के बयान दर्ज किए जा रहे हैं।

  • कांग्रेस प्रवक्ता शमा मोहम्मद ने केरल विधानसभा चुनाव में टिकट नहीं मिलने पर जताया दुख

    कांग्रेस प्रवक्ता शमा मोहम्मद ने केरल विधानसभा चुनाव में टिकट नहीं मिलने पर जताया दुख

    नई दिल्ली। कांग्रेस की राष्ट्रीय प्रवक्ता डॉ. शमा मोहम्मद ने केरल विधानसभा चुनाव में टिकट नहीं मिलने पर दुख प्रकट करते हुए कहा कि पार्टी ने सिर्फ नौ महिला उम्मीदवारो को टिकट दिया है, जो चिंता का विषय है। उन्होंने लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी से महिला सीटें बढाने की अपील की।

    कांग्रेस की राष्ट्रीय प्रवक्ता डॉ. शमा मोहम्मद ने नाराजगी व्यक्त करते हुए शुक्रवार को सोशल मीडिया प्लेटफार्म एक्स पर पोस्ट कर लिखा कि, हमें नकारा गया है, लेकिन हम हारे नहीं हैं। मैं अपने नेता राहुल गांधी से आग्रह करती हूं कि केरल की कांग्रेस महिलाओं की मदद करें। 92 टिकटों में से सिर्फ 9 महिलाओं को ही टिकट दिए गए हैं। 2024 के लोकसभा चुनाव में भी 16 टिकटों में सिर्फ एक महिला को मौका मिला था। अगर कोई महिला प्रतिभाशाली हो, तब भी हालात बेहद खराब हैं। यह बहुत दुखद है।

    डॉ. शमा मोहम्मद ने कहा कि महिलाओं के प्रतिभाशाली होने के बावजूद भी उनको नाकारा जा रहा है, यह बहुत ही दुख की बात है। उन्होंने अपने नेता राहुल गांधी से अपील की है कि इस पर ध्यान दिया जाए ताकि कांग्रेस की प्रतिभाशाली महिलाओं को भी अवसर मिले।

    उल्लेखनीय है कि, डॉ. शमा मोहम्मद कांग्रेस की राष्ट्रीय प्रवक्ता और अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (एआईसीसी) की सदस्य हैं। केरल में जन्मी और पेशे से दंत चिकित्सक है, शमा मोहम्मद 2015 में कांग्रेस में शामिल हुईं और पार्टी के मीडिया पैनल में सक्रिय भूमिका निभाती हैं, साथ ही महिला शिक्षा व सुरक्षा जैसे मुद्दों को उठाती हैं।

  • देशभर में मनाई जा रही ‘Eid’, अलग-अलग शहरों में अदा की गई नमाज; Narendra Modi ने दी शुभकामनाएं

    देशभर में मनाई जा रही ‘Eid’, अलग-अलग शहरों में अदा की गई नमाज; Narendra Modi ने दी शुभकामनाएं


    नई दिल्ली। पूरे देश में ईद-उल-फितर का पर्व हर्षोल्लास और भाईचारे के साथ मनाया गया। रमजान के पवित्र महीने के समापन के बाद सुबह से ही मस्जिदों और ईदगाहों में नमाज अदा करने के लिए लोगों की भीड़ उमड़ पड़ी। लोगों ने नए कपड़े पहनकर नमाज अदा की और एक-दूसरे को गले लगाकर “ईद मुबारक” कहा।

    अलग-अलग शहरों में नमाज

    देश के कई बड़े शहरों जैसे दिल्ली, मुंबई और पटना में ईद की नमाज अदा की गई। मस्जिदों और ईदगाहों में हजारों की संख्या में लोग नमाज अदा और देश में अमन, शांति और तरक्की के लिए दुआ मांगी।

    पीएम मोदी ने दी शुभकामनाएं

    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देशवासियों को ईद की बधाई देते हुए कहा कि यह त्योहार भाईचारे, करुणा और इंसानियत का संदेश देता है। वे सभी नागरिकों के स्वस्थ और खुशहाल जीवन की कामना की।

    सुरक्षा के कड़े इंतजाम

    ईद के मौके पर देशभर में सुरक्षा व्यवस्था भी कड़ी रखी गई। राजधानी दिल्ली में पुलिस द्वारा बहु-स्तरीय सुरक्षा तैनात की गई, जहां ड्रोन और सीसीटीवी कैमरों से निगरानी की गई। संवेदनशील इलाकों में अतिरिक्त सुरक्षाबलों की तैनाती की गई। पटना के गांधी मैदान में मुख्य नमाज अदा की गई, जहां बड़ी संख्या में नमाजी पहुंचे और नीतीश कुमार भी इस अवसर पर मौजूद रहे।

    कानपुर में हाई अलर्ट

    कानपुर में भी सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए। पुलिस, पीएसी, स्वाट और साइबर टीम को तैनात किया गया, जबकि पूरे शहर की निगरानी ड्रोन और सीसीटीवी के जरिए की गई।

    सौहार्द और एकता का संदेश

    ईद-उल-फितर का यह पर्व देशभर में प्रेम, एकता और भाईचारे का प्रतीक बनकर सामने आया। नमाज, दुआ और मिलन के इस खास दिन ने एक बार फिर समाज में सकारात्मकता और सद्भाव का संदेश दिया।

  • ‘धुरंधर 2’ पर सियासी विवाद तेज, बैन की मांग; डायरेक्टर-प्रोड्यूसर पर कार्रवाई की उठी आवाज

    ‘धुरंधर 2’ पर सियासी विवाद तेज, बैन की मांग; डायरेक्टर-प्रोड्यूसर पर कार्रवाई की उठी आवाज


    मुंबई। बॉक्स ऑफिस पर तेजी से आगे बढ़ रही फिल्म धुरंधर 2 अब राजनीतिक विवादों में घिरती नजर आ रही है। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता राशिद अल्वी ने फिल्म पर गंभीर आरोप लगाते हुए इसके प्रदर्शन पर रोक लगाने और निर्माताओं के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।

    अल्वी का कहना है कि फिल्म में माफिया अतीक अहमद की सार्वजनिक हत्या को सही ठहराने का प्रयास किया गया है, जो समाज और न्याय व्यवस्था के लिए गलत संदेश देता है। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या फिल्मों के जरिए इस तरह की घटनाओं को उचित ठहराना सही है।

    “ऐसी फिल्मों से माहौल खराब होता है”

    राशिद अल्वी ने आरोप लगाया कि इस तरह की फिल्मों से देश का माहौल खराब होता है। उन्होंने यह भी कहा कि संभव है ऐसी फिल्मों को सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) का समर्थन या फंडिंग मिलती हो, हालांकि इस दावे के समर्थन में उन्होंने कोई ठोस प्रमाण पेश नहीं किया।

    उन्होंने तीखे शब्दों में कहा कि अगर फिल्मों के जरिए हत्याओं को जायज ठहराया जाएगा, तो क्या देश में अदालतों की जरूरत ही खत्म हो जाएगी?

    पाकिस्तान-चीन एंगल पर भी सवाल

    कांग्रेस नेता ने फिल्म की कहानी पर सवाल उठाते हुए कहा कि इसमें केवल पाकिस्तान के खिलाफ माहौल दिखाया गया है, जबकि चीन का जिक्र नहीं किया गया। उनके मुताबिक, यह एकतरफा सोच को दर्शाता है।

    नोटबंदी को लेकर भी उठे सवाल

    अल्वी ने दावा किया कि फिल्म में नोटबंदी जैसे मुद्दे को भी सही ठहराने की कोशिश की गई है। उन्होंने कहा कि इस तरह के चित्रण से उन लोगों की पीड़ा नजरअंदाज होती है, जो उस फैसले से प्रभावित हुए थे।

    बॉक्स ऑफिस पर मजबूत प्रदर्शन

    विवादों के बीच धुरंधर 2 की कमाई लगातार बढ़ रही है। फिल्म ने रिलीज के शुरुआती दो दिनों में ही 200 करोड़ रुपये से अधिक का कलेक्शन कर लिया है। इससे पहले इसके पहले भाग धुरंधर ने 1000 करोड़ रुपये से ज्यादा की कमाई की थी।

    प्रोपेगैंडा बनाम एंटरटेनमेंट की बहस

    फिल्म को लेकर देश में दो धड़े बनते दिख रहे हैं। एक पक्ष इसे प्रोपेगैंडा करार दे रहा है, जबकि दूसरा इसे मनोरंजन और देशभक्ति से जुड़ी कहानी बता रहा है।

    फिलहाल, धुरंधर 2 पर बैन को लेकर कोई आधिकारिक फैसला नहीं हुआ है, लेकिन इस विवाद ने फिल्म को लेकर राजनीतिक बहस जरूर तेज कर दी है।

  • राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने की 21 किमी गोवर्धन परिक्रमा भक्ति और परंपरा का अद्भुत संगम

    राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने की 21 किमी गोवर्धन परिक्रमा भक्ति और परंपरा का अद्भुत संगम


    नई दिल्ली: द्रौपदी मुर्मू का मथुरा प्रवास गहरी आस्था और भारतीय संस्कृति की झलक के रूप में सामने आया जहां उन्होंने शनिवार को गिरिराज गोवर्धन पर्वत की लगभग 21 किलोमीटर लंबी परिक्रमा पूरी की यह परिक्रमा न केवल धार्मिक महत्व रखती है बल्कि भारतीय परंपरा में श्रद्धा और समर्पण का प्रतीक भी मानी जाती है राष्ट्रपति ने पूरे मार्ग में भक्तिभाव के साथ यात्रा की और इस दौरान आम श्रद्धालुओं के बीच विशेष उत्साह देखने को मिला

    परिक्रमा के बाद राष्ट्रपति दान घाटी मंदिर पहुंचीं जहां उन्होंने विधिवत पूजा अर्चना की इस दौरान उनके साथ आनंदीबेन पटेल भी मौजूद रहीं मंदिर परिसर में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे लेकिन इसके बावजूद वातावरण पूरी तरह श्रद्धा और भक्ति से ओतप्रोत रहा

    राष्ट्रपति का यह दौरा तीन दिनों का है जिसमें उन्होंने आध्यात्मिक स्थलों का भ्रमण कर भारतीय संस्कृति की गहराई को अनुभव किया शुक्रवार को वे केली कुंज आश्रम पहुंचीं जहां उन्होंने संत प्रेमानंद महाराज के दर्शन किए और उनका सत्संग सुना इस दौरान राष्ट्रपति ने संत से एकांत में संवाद भी किया जिसमें अध्यात्म सेवा और जनकल्याण जैसे विषयों पर चर्चा हुई इस मुलाकात ने उनके प्रवास को और भी विशेष बना दिया राष्ट्रपति ने संत प्रेमानंद के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि संत समाज देश की सांस्कृतिक विरासत को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है

    इससे पहले गुरुवार को राष्ट्रपति प्रेम मंदिर पहुंचीं जहां उन्होंने राधा कृष्ण के दर्शन कर पूजा अर्चना की मंदिर का भव्य वातावरण और लेजर शो उन्हें बेहद आकर्षक लगा उन्होंने इसकी सराहना भी की मंदिर परिसर में उनकी सुरक्षा को लेकर विशेष प्रबंध किए गए थे राष्ट्रपति ने मंदिर परिसर का भ्रमण करते हुए गर्भगृह के सामने पहुंचकर दिव्य युगल विग्रह के दर्शन किए और विधिपूर्वक पूजा संपन्न की

    राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू का यह मथुरा प्रवास केवल एक औपचारिक यात्रा नहीं बल्कि भारतीय आध्यात्मिक परंपरा से उनका गहरा जुड़ाव दर्शाता है उनके इस दौरे ने यह संदेश दिया कि देश की सांस्कृतिक और धार्मिक विरासत आज भी उतनी ही जीवंत और प्रेरणादायक है जितनी सदियों पहले थी