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  • पश्चिम एशिया तनाव के बीच एयर इंडिया ग्रुप आज 30 उड़ानें संचालित करेगा

    पश्चिम एशिया तनाव के बीच एयर इंडिया ग्रुप आज 30 उड़ानें संचालित करेगा


    नई दिल्ली।
    अमेरिका-इजराइल और ईरान के बीच जारी तनाव के बावजूद एयर इंडिया और एयर इंडिया एक्सप्रेस ने 23 मार्च को पश्चिम एशिया के लिए कुल 30 उड़ानें संचालित करने का फैसला किया है। एयरलाइन के आधिकारिक बयान के अनुसार, यह उड़ानें निर्धारित (शिड्यूल्ड) और गैर-निर्धारित (नॉन-शिड्यूल्ड) दोनों श्रेणियों में होंगी।

    एयर इंडिया ग्रुप जेद्दा के लिए कुल 10 उड़ानें संचालित करेगा। इनमें दिल्ली और मुंबई से एयर इंडिया की उड़ानें शामिल हैं, जबकि एयर इंडिया एक्सप्रेस बेंगलुरु, कोझिकोड और मंगलुरु से सेवाएं देगा।

    एयर इंडिया एक्सप्रेस मस्कट के लिए चार और रियाद के लिए चार उड़ानें संचालित करेगा। इसके अलावा, 12 अतिरिक्त गैर-निर्धारित उड़ानें संयुक्त अरब अमीरात और सऊदी अरब के लिए चलाई जाएंगी, जो परिचालन स्थितियों और स्लॉट उपलब्धता पर निर्भर करेंगी।

    यूएई में दुबई, अबू धाबी और शारजाह के लिए विशेष उड़ानें संचालित की जाएंगी। एयर इंडिया दिल्ली-दुबई रूट पर सेवा देगा, जबकि एयर इंडिया एक्सप्रेस दिल्ली, मुंबई और मंगलुरु से कनेक्टिविटी सुनिश्चित करेगा।

    हालांकि, दोहा, कुवैत सिटी और तेल अवीव समेत कई गंतव्यों के लिए उड़ानें फिलहाल स्थगित रहेंगी।

    एयरलाइन ने प्रभावित यात्रियों को बिना अतिरिक्त शुल्क के टिकट री-बुकिंग या पूर्ण रिफंड का विकल्प दिया है। साथ ही, व्हाट्सएप और कस्टमर सपोर्ट के जरिए सहायता उपलब्ध कराई जा रही है।

    एयर इंडिया ग्रुप ने कहा कि वह हालात पर लगातार नजर रखे हुए है और जरूरत पड़ने पर अतिरिक्त उड़ानें संचालित करने पर भी विचार किया जा रहा है, ताकि यात्रियों को कम से कम असुविधा हो।

  • लेक न्योस का खौफनाक सच 1986 की त्रासदी और दुनिया की सबसे खतरनाक झील

    लेक न्योस का खौफनाक सच 1986 की त्रासदी और दुनिया की सबसे खतरनाक झील

    नई दिल्ली:दुनिया में कई प्राकृतिक स्थल अपनी खूबसूरती के लिए जाने जाते हैं लेकिन कुछ जगहें ऐसी भी हैं जहां सुंदरता के पीछे खतरनाक रहस्य छिपा होता है कैमरून की लेक न्योस ऐसी ही एक झील है जो देखने में शांत और आकर्षक लगती है लेकिन इसका इतिहास एक भयानक त्रासदी से जुड़ा है

    लेक न्योस कैमरून के ओकू ज्वालामुखी क्षेत्र में स्थित एक क्रेटर झील है जो एक निष्क्रिय ज्वालामुखी के गड्ढे में बनी है वैज्ञानिकों के अनुसार इस झील की गहराई में मौजूद मैग्मा लगातार कार्बन डाइऑक्साइड गैस छोड़ता रहता है यह गैस पानी में घुलकर झील के तल में जमा होती रहती है और जब दबाव अत्यधिक बढ़ जाता है तो यह गैस अचानक विस्फोट की तरह बाहर निकल सकती है

    इस घटना को लीम्निक विस्फोट कहा जाता है 21 अगस्त 1986 को लेक न्योस से अचानक बड़ी मात्रा में कार्बन डाइऑक्साइड का घातक बादल निकला यह बादल लगभग 100 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से आसपास की घाटी में फैल गया इस भयावह घटना में करीब 1800 लोगों की जान चली गई इसके अलावा हजारों मवेशी और कई पक्षी भी इस गैस के कारण मारे गए लोग ज्यादातर अपने घरों में सो रहे थे और उन्हें सांस लेने का मौका तक नहीं मिला

    गैस का यह बादल भारी होने के कारण जमीन के करीब ही फैल गया और इसमें ऑक्सीजन की कमी थी जिससे सांस लेना असंभव हो गया यह घटना इतिहास की सबसे दर्दनाक प्राकृतिक आपदाओं में से एक मानी जाती है

    घटना के बाद वैज्ञानिकों ने लेक न्योस के रहस्य को समझने के लिए विस्तृत अध्ययन किया और पाया कि झील के नीचे जमा गैस ही इस त्रासदी का कारण थी इसके बाद इस तरह की घटनाओं को रोकने के लिए उपाय किए गए

    साल 2001 में झील में एक डीगैसिंग सिस्टम लगाया गया जिसमें पाइपों के जरिए धीरे धीरे गैस को बाहर निकाला जाने लगा ताकि दबाव खतरनाक स्तर तक न पहुंचे बाद में 2011 में और पाइप लगाए गए जिससे गैस के सुरक्षित निष्कासन को और बेहतर बनाया गया

    इस तकनीक की मदद से अब झील से कार्बन डाइऑक्साइड नियंत्रित तरीके से बाहर निकल रही है और बड़े विस्फोट का खतरा काफी हद तक कम हो गया है वैज्ञानिक अभी भी अन्य अफ्रीकी झीलों जैसे लेक मोनन पर नजर बनाए हुए हैं जहां ऐसी ही खतरनाक स्थिति बन सकती है जो यह याद दिलाती है कि प्रकृति जितनी सुंदर है उतनी ही अनिश्चित और खतरनाक भी हो सकती है

  • लिथियम से लेकर टाइटेनियम तक भारत की नई खनिज नीति से आत्मनिर्भरता को मिलेगा बल

    लिथियम से लेकर टाइटेनियम तक भारत की नई खनिज नीति से आत्मनिर्भरता को मिलेगा बल


    नई दिल्ली:
    देश की आर्थिक उन्नति और भविष्य की ऊर्जा परियोजनाओं को ध्यान में रखते हुए केंद्र सरकार एक और बड़ा कदम उठाने जा रही है सोमवार से खनिज ब्लॉकों की नीलामी के सातवें चरण की शुरुआत होगी इस महत्वपूर्ण प्रक्रिया का शुभारंभ केंद्रीय मंत्री जी किशन रेड्डी और राज्य मंत्री सतीश चंद्र दुबे द्वारा किया जाएगा। भारत के खान मंत्रालय के अनुसार यह नीलामी देश की खनिज सुरक्षा और आर्थिक विकास के लिए बेहद अहम मानी जा रही है
    आज के समय में जब दुनिया स्वच्छ ऊर्जा और उन्नत तकनीकों की ओर तेजी से बढ़ रही है तब लिथियम ग्रेफाइट दुर्लभ पृथ्वी तत्व टंगस्टन वैनेडियम और धातुओं जैसे खनिजों की मांग लगातार बढ़ रही है हालांकि इन खनिजों की उपलब्धता सीमित है और कुछ ही क्षेत्रों में केंद्रित होने के कारण वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला पर दबाव बना रहता है।
    46 खनिज ब्लॉकों की नीलामी कर चुकी है जिसे उद्योग जगत से पॉजिटिव रिएक्शन मिला है इससे यह संकेत मिलता है कि भारत के खनिज क्षेत्र में निवेश और भागीदारी बढ़ रही है सातवें चरण में इस रेट को जारी रखते हुए कई राज्यों में 19 नए ब्लॉक नीलामी के लिए पेश किए जाएंगे जिनमें स्वच्छ ऊर्जा उर्वरक और खनिज उद्योगों के लिए जरूरी खनिज शामिल हैं

    नीलामी प्रक्रिया को ज्यादा उचित और असरदार बनाने के लिए सरकार ने नियमों में भी कई सुधार किए हैं 2025 और 2026 के संशोधनों के तहत प्रदर्शन सुरक्षा अग्रिम भुगतान और अन्य गतिविधियों को सरल बनाया गया है साथ ही बैंक गारंटी के विकल्प के रूप में बीमा गारंटी बॉन्ड की सुविधा भी दी गई है जिससे भारतीयों को आसानी होगी

    यह पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन दो चरणों वाली उचित नीलामी प्रणाली के तहत आयोजित की जाएगी जिसमें उच्चतम बोली लगाने वाले को खनन का अधिकार मिलेगा इस पहल से न केवल देश की खनिज आपूर्ति मजबूत होगी बल्कि भारत की वैश्विक प्रतिस्पर्धा क्षमता भी वहीं

    आने वाले समय में यह कदम भारत को स्वच्छ ऊर्जा और उन्नत तकनीकों के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है

  • दुबई के रास्ते सोना तस्करी का नेटवर्क रान्या राव केस में नए खुलासे से हड़कंप

    दुबई के रास्ते सोना तस्करी का नेटवर्क रान्या राव केस में नए खुलासे से हड़कंप

    नई दिल्ली:कन्नड़ एक्ट्रेस रान्या राव से जुड़े 102 करोड़ रुपये के हाई प्रोफाइल गोल्ड तस्करी मामले में अब एक नया और चौंकाने वाला खुलासा सामने आया है जांच एजेंसियों के अनुसार रान्या और उनके पार्टनर तरुण कोंडुरु राजू ने एक सुनियोजित प्लान के तहत भारत में बड़े पैमाने पर सोने की तस्करी का नेटवर्क तैयार किया था इस प्लान में अफ्रीकी देशों जैसे युगांडा केन्या और तंजानिया से सोना खरीदने और उसे दुबई के जरिए भारत लाने की योजना शामिल थी

    इस पूरी साजिश में एक और मोड़ तब आया जब उनके साथ जुड़े युगांडा के एक तस्कर ने उन्हें करीब 2 करोड़ रुपये का चूना लगा दिया बताया जा रहा है कि इस तस्कर ने अफ्रीका से सीधे सोने की सप्लाई का वादा किया था लेकिन पैसे लेने के बाद उसने अपना वादा पूरा नहीं किया इस धोखाधड़ी के बाद रान्या और उनके पार्टनर ने केन्या के अधिकारियों से भी संपर्क किया लेकिन अंततः उन्होंने अफ्रीका से सीधे सोना मंगवाने की योजना को छोड़ दिया

    जांच एजेंसियों के अनुसार यह पूरा नेटवर्क बेहद संगठित तरीके से काम कर रहा था राजस्व खुफिया निदेशालय ने मार्च 2025 में रान्या राव को उस समय पकड़ा जब वह दुबई से भारत लौट रही थीं उनके पास से लगभग 14.213 किलोग्राम सोना बरामद हुआ जिसकी कीमत करोड़ों में आंकी गई थी यह मामला तब और गंभीर हो गया जब जांच में सामने आया कि रान्या के पास से मिले सोने की तस्करी कोई एक बार की घटना नहीं थी बल्कि यह एक लंबे समय से चल रहे नेटवर्क का हिस्सा था

    प्रवर्तन निदेशालय की जांच में यह भी सामने आया है कि मार्च 2024 से मार्च 2025 के बीच इस नेटवर्क ने करीब 127 किलोग्राम सोने की तस्करी की जिसकी कुल कीमत लगभग 102 करोड़ रुपये बताई जा रही है इस सोने को देश के विभिन्न हिस्सों में ज्वैलर्स और अन्य हैंडलर्स के नेटवर्क के जरिए बाजार में खपाया गया

    ईडी ने इस मामले में रान्या राव और उनके पार्टनर के खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग के आरोपों के तहत कार्रवाई करते हुए उनकी करीब 34 करोड़ रुपये की संपत्तियां जब्त कर ली हैं इसके अलावा हवाला नेटवर्क से जुड़े एक अन्य व्यक्ति का नाम भी इस जांच में सामने आया है जिससे इस पूरे रैकेट की जटिलता का अंदाजा लगाया जा सकता है

    जांच एजेंसियों का मानना है कि यह मामला केवल तस्करी तक सीमित नहीं है बल्कि इसमें अंतरराष्ट्रीय स्तर पर फैले हुए नेटवर्क का इस्तेमाल किया गया है दुबई को एक ट्रांजिट हब के रूप में इस्तेमाल कर सोने को भारत में लाने की कोशिश की गई जिससे यह पूरा ऑपरेशन और भी जटिल और खतरनाक बन गया

    इस केस ने एक बार फिर यह दिखा दिया है कि कैसे संगठित गिरोह अंतरराष्ट्रीय स्तर पर काम कर तस्करी जैसे अपराधों को अंजाम देते हैं और किस तरह जांच एजेंसियां लगातार इन नेटवर्क्स को तोड़ने के लिए काम कर रही हैं आने वाले दिनों में इस मामले में और भी बड़े खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है

  • आत्मनिर्भर रक्षा शक्ति की ओर भारत की तेज रफ्तार और पाकिस्तान के लिए नई चुनौती

    आत्मनिर्भर रक्षा शक्ति की ओर भारत की तेज रफ्तार और पाकिस्तान के लिए नई चुनौती


    नई दिल्ली :
    भारत ने बदलते वैश्विक सुरक्षा परिदृश्य को देखते हुए अपनी रक्षा रणनीति में बड़ा बदलाव किया है और अब देश नॉन कॉन्टैक्ट वॉरफेयर के युग के लिए खुद को तैयार कर रहा है इसका उद्देश्य सीधे टकराव के बजाय तकनीक और उन्नत सिस्टम के जरिए दुश्मन के हमलों को पहले ही निष्क्रिय करना है इसी रणनीति के तहत सरकार ने लगभग ₹2.19 लाख करोड़ की लागत वाली कई प्रमुख रक्षा परियोजनाओं को आगे बढ़ाया है जो आने वाले समय में देश की सैन्य क्षमता को एक नए स्तर पर ले जाएंगी

    इस पूरी रणनीति के केंद्र में ‘अनंत शस्त्र’ QRSAM सिस्टम है जो क्विक रिएक्शन के जरिए कम ऊंचाई पर उड़ने वाले ड्रोन और मिसाइल जैसे खतरों को तेजी से नष्ट करने में सक्षम होगा आधुनिक युद्ध में जहां ड्रोन और सटीक हमले तेजी से बढ़ रहे हैं वहां यह सिस्टम भारतीय वायु रक्षा को बेहद मजबूत बनाएगा विशेषज्ञों का मानना है कि यह तकनीक दुश्मन के लिए एक बड़ी चुनौती साबित होगी क्योंकि यह सिस्टम तेजी से प्रतिक्रिया देकर हमलों को शुरुआती चरण में ही खत्म करने की क्षमता रखता है

    इसके साथ ही भारत लंबी दूरी की सतह से हवा में मार करने वाली LRSAM प्रणाली पर भी काम कर रहा है जिसे रूस की S-400 प्रणाली के समकक्ष माना जा रहा है यह सिस्टम दुश्मन के विमानों और बैलिस्टिक मिसाइलों को लंबी दूरी से ही निष्क्रिय कर सकता है जिससे भारत की एयर डिफेंस क्षमता कई गुना बढ़ जाएगी इस दिशा में हो रहे निवेश का उद्देश्य विदेशी प्रणालियों पर निर्भरता को कम करना और स्वदेशी तकनीक को बढ़ावा देना है

    हवाई ताकत के क्षेत्र में भी भारत तेजी से आगे बढ़ रहा है एडवांस्ड मीडियम कॉम्बैट एयरक्राफ्ट AMCA अब डिजाइन चरण से आगे बढ़कर विकास के चरण में पहुंच चुका है यह पांचवीं पीढ़ी का स्टील्थ फाइटर जेट होगा जिसमें दुश्मन के रडार से बचने की क्षमता होगी साथ ही स्वदेशी इंजन पर भी काम चल रहा है जिससे भारत को तकनीकी आत्मनिर्भरता हासिल होगी आने वाले समय में छठी पीढ़ी के लड़ाकू विमानों पर भी काम किया जाएगा जिन्हें भविष्य के युद्धों के लिए ‘फ्लाइंग कमांड सेंटर’ माना जा रहा है

    सिर्फ वायु शक्ति ही नहीं बल्कि समुद्री और साइबर सुरक्षा पर भी भारत का ध्यान केंद्रित है नौसेना के लिए एंटी ड्रोन और टॉरपीडो डिफेंस सिस्टम विकसित किए जा रहे हैं वहीं इलेक्ट्रॉनिक वॉरफेयर सिस्टम दुश्मन के संचार और रडार सिस्टम को जाम करने में सक्षम होंगे इससे भारतीय युद्धपोतों की सुरक्षा और मजबूत होगी

    इसके अलावा रक्षा अनुसंधान और विकास संगठन DRDO आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और साइबर सुरक्षा पर भी बड़ा निवेश कर रहा है ताकि साइबर हमलों को रोका जा सके और स्वायत्त हथियारों का बेहतर उपयोग हो सके मिसाइल सिस्टम में भी ‘अस्त्र’ ‘नाग’ और ‘ध्रुवास्त्र’ के नए संस्करणों पर काम चल रहा है जिससे उनकी मारक क्षमता और सटीकता और अधिक बढ़ेगी

    इस पूरी रणनीति के पीछे ‘ऑपरेशन सिंदूर’ और हाल के आतंकी हमलों जैसे घटनाक्रमों का भी बड़ा प्रभाव माना जा रहा है इन घटनाओं ने यह स्पष्ट कर दिया है कि आधुनिक युद्ध में तकनीकी श्रेष्ठता और त्वरित प्रतिक्रिया कितनी महत्वपूर्ण है इसी को ध्यान में रखते हुए भारत अपने रक्षा बजट में लगातार वृद्धि कर रहा है और स्वदेशी रक्षा उत्पादन को बढ़ावा दे रहा है

    आने वाले समय में यह स्पष्ट होता जा रहा है कि भारत न केवल अपनी सुरक्षा को और मजबूत करेगा बल्कि वैश्विक स्तर पर एक शक्तिशाली सैन्य ताकत के रूप में अपनी स्थिति को और सुदृढ़ करेगा

  • अरब सागर में तनाव चरम पर ब्रिटेन की न्यूक्लियर पनडुब्बी से ईरान पर बढ़ा दबाव और युद्ध की आहट

    अरब सागर में तनाव चरम पर ब्रिटेन की न्यूक्लियर पनडुब्बी से ईरान पर बढ़ा दबाव और युद्ध की आहट


    नई दिल्ली: 
    अमेरिका और ईरान के बीच जारी तनाव अब एक खतरनाक मोड़ पर पहुंचता दिखाई दे रहा है और इस टकराव में अब ब्रिटेन की एंट्री ने हालात को और गंभीर बना दिया है अरब सागर के नजदीक ईरान के आसपास ब्रिटेन की परमाणु ऊर्जा से चलने वाली पनडुब्बी HMS Anson की तैनाती ने साफ संकेत दे दिया है कि यदि हालात और बिगड़ते हैं तो संघर्ष का दायरा वैश्विक स्तर तक पहुंच सकता है यह तैनाती सिर्फ एक सैन्य कदम नहीं बल्कि एक रणनीतिक संदेश के रूप में देखी जा रही है

    रिपोर्ट्स के अनुसार यह पनडुब्बी ऑस्ट्रेलिया के पर्थ से रवाना होकर अब उत्तरी अरब सागर के गहरे पानी में अपनी स्थिति बना चुकी है इसकी सबसे बड़ी ताकत इसके हथियार हैं जिनमें टॉमहॉक ब्लॉक IV क्रूज मिसाइल शामिल हैं जिनकी मारक क्षमता लगभग 1600 किलोमीटर तक है यह मिसाइलें बेहद सटीक मानी जाती हैं और इन्हें दूर बैठे लक्ष्य को निशाना बनाने के लिए जाना जाता है इसके अलावा इस पनडुब्बी में स्पीयरफिश टॉरपीडो भी मौजूद हैं जो समुद्री युद्ध में बेहद घातक साबित हो सकते हैं

    HMS Anson की सबसे बड़ी खासियत इसकी परमाणु ऊर्जा प्रणाली है जिससे यह बिना रुके महीनों तक समुद्र में रह सकती है इसे बार बार ईंधन भरने की जरूरत नहीं पड़ती और यह पूरी तरह गुप्त तरीके से काम करती है इसकी लोकेशन का पता लगाना बेहद मुश्किल होता है क्योंकि यह साइलेंट मोड में रहकर ऑपरेशन करती है और दुश्मन के लिए यह एक अदृश्य खतरे की तरह होती है

    इस तैनाती का महत्व इसलिए भी बढ़ गया है क्योंकि इससे पहले ईरान ने हिंद महासागर में स्थित डिएगो गार्सिया सैन्य अड्डे को निशाना बनाने की कोशिश की थी जो अमेरिका और ब्रिटेन का संयुक्त बेस है हालांकि इस हमले में ईरान की मिसाइलें लक्ष्य तक नहीं पहुंच सकीं लेकिन इस घटना ने तनाव को और बढ़ा दिया है और यह संकेत दिया है कि ईरान अपनी सैन्य क्षमता को और मजबूत कर रहा है

    ब्रिटेन ने पहले अमेरिका को अपने सैन्य अड्डों का उपयोग करने की अनुमति दी थी जो पहले केवल रक्षात्मक कार्यों तक सीमित थी लेकिन अब इस अनुमति का दायरा बढ़ा दिया गया है जिससे यह स्पष्ट होता है कि अगर जरूरत पड़ी तो ब्रिटेन भी आक्रामक भूमिका में आ सकता है इस पूरे घटनाक्रम में अमेरिका और ब्रिटेन दोनों एक साथ ईरान पर दबाव बनाते नजर आ रहे हैं

    सैन्य विशेषज्ञों का मानना है कि HMS Anson की तैनाती एक रणनीतिक संदेश है और यह संकेत देती है कि पश्चिमी देश किसी भी संभावित खतरे के लिए तैयार हैं अंतिम निर्णय ब्रिटेन के प्रधानमंत्री की मंजूरी के बाद लिया जाएगा और उसी के आधार पर आगे की कार्रवाई तय होगी

    इस पूरे घटनाक्रम ने वैश्विक राजनीति में हलचल पैदा कर दी है और यह सवाल खड़ा कर दिया है कि क्या यह तनाव आगे जाकर एक बड़े युद्ध का रूप ले सकता है या फिर कूटनीति के जरिए स्थिति को नियंत्रित किया जाएगा आने वाले दिनों में स्थिति और स्पष्ट होगी लेकिन फिलहाल हालात बेहद संवेदनशील बने हुए हैं

    शॉर्ट डिस्क्रिप्शन
    अरब सागर में ब्रिटेन की न्यूक्लियर पनडुब्बी की तैनाती से ईरान के खिलाफ तनाव बढ़ा, डिएगो गार्सिया हमले के बाद हालात और गंभीर

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    Iran Tension, UK Navy, Nuclear Submarine, Middle East Conflict, Global War Risk

  • बिहार दिवस पर नीतीश कुमार का संदेश विकास सांस्कृतिक गौरव और पीएम मोदी के योगदान की सराहना

    बिहार दिवस पर नीतीश कुमार का संदेश विकास सांस्कृतिक गौरव और पीएम मोदी के योगदान की सराहना


    नई दिल्ली:बिहार दिवस के अवसर पर राज्य के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रति आभार व्यक्त करते हुए राज्य के विकास और सांस्कृतिक गौरव पर विस्तृत संदेश साझा किया उन्होंने अपने संदेश में बिहार की समृद्ध विरासत, परंपराओं और विकास यात्रा का उल्लेख करते हुए इसे राज्य और देश दोनों के लिए गर्व का विषय बताया

    मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर अपने संदेश में कहा कि बिहार के सर्वांगीण विकास, सामाजिक न्याय, सुशासन और मजबूत आधारभूत संरचना के निर्माण के लिए उनकी सरकार पूरी तरह प्रतिबद्ध है उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि केंद्र सरकार का सहयोग राज्य के विकास को नई गति दे रहा है और इसी सहयोग से बिहार तेजी से प्रगति के पथ पर अग्रसर है

    नीतीश कुमार ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के योगदान की सराहना करते हुए कहा कि उनके मार्गदर्शन और समर्थन से बिहार के प्रतिभाशाली लोग राज्य और देश को नई ऊंचाइयों तक ले जाएंगे उन्होंने विश्वास जताया कि आने वाले समय में बिहार देश के अग्रणी राज्यों में शामिल होगा और राष्ट्रीय विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा

    अपने संदेश में मुख्यमंत्री ने बिहार दिवस को राज्य की समृद्ध ऐतिहासिक और सांस्कृतिक विरासत का उत्सव बताया उन्होंने कहा कि यह दिन बिहार के सामर्थ्य, परंपरा और गौरवशाली अतीत को याद करने का अवसर है बिहार की भूमि ने प्राचीन काल से ही ज्ञान, आध्यात्मिकता और नैतिक मूल्यों के माध्यम से समाज को दिशा दी है

    उन्होंने भगवान बुद्ध और आचार्य चाणक्य का उल्लेख करते हुए कहा कि बिहार की धरती ने ऐसे महान व्यक्तित्वों को जन्म दिया है जिन्होंने न केवल भारत बल्कि पूरी दुनिया को प्रभावित किया है चाणक्य और चंद्रगुप्त मौर्य के प्रयासों ने एक सशक्त और संगठित भारत की नींव रखी जो आज भी प्रेरणा का स्रोत है

    नीतीश कुमार ने बिहार के लोगों की मेहनत, ईमानदारी और प्रतिभा की सराहना करते हुए कहा कि बिहारवासियों ने देश और दुनिया में अपनी अलग पहचान बनाई है चाहे वह शिक्षा का क्षेत्र हो, उद्योग, कला या संस्कृति हर क्षेत्र में बिहार के लोगों का योगदान उल्लेखनीय रहा है

    उन्होंने यह भी कहा कि बिहार के लोग जहां भी जाते हैं अपनी संस्कृति और मूल्यों को साथ लेकर चलते हैं जिससे राज्य की पहचान वैश्विक स्तर पर और मजबूत होती है उन्होंने विशेष रूप से छठ महापर्व का उल्लेख किया जो अब दुनिया भर में बिहार की सांस्कृतिक पहचान बन चुका है

    मुख्यमंत्री ने अपने संदेश में ऐतिहासिक संदर्भों का भी उल्लेख किया जिसमें महात्मा गांधी के चंपारण सत्याग्रह, लोकनायक जयप्रकाश नारायण का आंदोलन और जननायक कर्पूरी ठाकुर का योगदान शामिल है उन्होंने कहा कि इन महान नेताओं ने बिहार और देश को नई दिशा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई

    उन्होंने राज्य के इंफ्रास्ट्रक्चर, कनेक्टिविटी और समावेशी विकास के क्षेत्र में सरकार की उपलब्धियों का भी उल्लेख किया और कहा कि बिहार अब तेजी से विकास की राह पर आगे बढ़ रहा है प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में राज्य में कई बड़े बदलाव देखने को मिले हैं

    अंत में मुख्यमंत्री ने कहा कि आज का बिहार अपने गौरवशाली अतीत से प्रेरणा लेते हुए आत्मविश्वास के साथ भविष्य की ओर बढ़ रहा है यह यात्रा न केवल बिहार की बल्कि पूरे भारत की प्रगति और परिवर्तन की कहानी को भी दर्शाती है

  • नरेंद्र मोदी ने बनाया नया इतिहास भारत में सबसे लंबे समय तक सरकार प्रमुख रहने का रिकॉर्ड

    नरेंद्र मोदी ने बनाया नया इतिहास भारत में सबसे लंबे समय तक सरकार प्रमुख रहने का रिकॉर्ड

    नई दिल्ली: भारत की राजनीति में एक महत्वपूर्ण और ऐतिहासिक उपलब्धि दर्ज की गई है प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारत में सबसे लंबे समय तक निर्वाचित सरकार के प्रमुख रहने का रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया है इस उपलब्धि के साथ उन्होंने सिक्किम के पूर्व मुख्यमंत्री पवन कुमार चामलिंग का रिकॉर्ड पीछे छोड़ दिया है

    पवन कुमार चामलिंग ने मुख्यमंत्री के रूप में 8930 दिनों तक कार्य किया था जबकि प्रधानमंत्री मोदी ने गुजरात के मुख्यमंत्री और प्रधानमंत्री के रूप में अपने कार्यकाल को मिलाकर 8931 दिनों का आंकड़ा पार कर लिया है यह उपलब्धि उनके लंबे राजनीतिक अनुभव निरंतर जनसमर्थन और नेतृत्व क्षमता को दर्शाती है

    प्रधानमंत्री मोदी ने अपने राजनीतिक सफर की शुरुआत एक संगठनात्मक कार्यकर्ता के रूप में की थी उनका जन्म 17 सितंबर 1950 को गुजरात के वडनगर में हुआ था और उन्होंने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ से अपने सार्वजनिक जीवन की शुरुआत की वर्ष 1985 में वे भारतीय जनता पार्टी में शामिल हुए और संगठन को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई

    7 अक्टूबर 2001 को उन्होंने पहली बार गुजरात के मुख्यमंत्री के रूप में कार्यभार संभाला इसके बाद वे लगातार चार बार 2001 2002 2007 और 2012 में मुख्यमंत्री बने और लगभग 12 साल 7 महीने तक राज्य का नेतृत्व किया उनके कार्यकाल को विकास और प्रशासनिक सुधारों के लिए जाना जाता है

    वर्ष 2014 में वे पहली बार देश के प्रधानमंत्री बने और तब से लगातार इस पद पर बने हुए हैं उन्होंने 2014 2019 और 2024 के लोकसभा चुनावों में जीत हासिल की और इस तरह वे लगातार तीन बार चुनाव जीतने वाले पहले गैर कांग्रेसी प्रधानमंत्री बने

    प्रधानमंत्री के रूप में उनके कार्यकाल में कई बड़े फैसले और योजनाएं लागू की गईं जिनका उद्देश्य देश के विकास और सामाजिक सुधार को गति देना रहा उनके नेतृत्व में भारत ने अंतरराष्ट्रीय मंच पर भी अपनी स्थिति को मजबूत किया

    यह उपलब्धि केवल आंकड़ों का रिकॉर्ड नहीं है बल्कि यह उनके लंबे राजनीतिक जीवन निरंतरता और देश के प्रति समर्पण का प्रतीक है यह दर्शाता है कि भारतीय लोकतंत्र में स्थिर नेतृत्व और जनता का विश्वास कितनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है

  • पुडुचेरी चुनाव 2026 भाजपा की दूसरी सूची जारी कराईकल साउथ से एम अरुल मुरुगन उम्मीदवार

    पुडुचेरी चुनाव 2026 भाजपा की दूसरी सूची जारी कराईकल साउथ से एम अरुल मुरुगन उम्मीदवार

    नई दिल्ली:   पुडुचेरी विधानसभा चुनाव 2026 को लेकर राजनीतिक सरगर्मियां तेज हो गई हैं इसी बीच भारतीय जनता पार्टी ने अपनी दूसरी उम्मीदवार सूची जारी कर चुनावी मैदान में अपनी रणनीति को और स्पष्ट कर दिया है पार्टी की केंद्रीय चुनाव समिति ने कराईकल साउथ विधानसभा सीट से एम अरुल मुरुगन को उम्मीदवार घोषित किया है

    यह घोषणा ऐसे समय में की गई है जब चुनाव की तारीखें नजदीक हैं और सभी राजनीतिक दल अपने प्रचार अभियान और संगठनात्मक तैयारियों को अंतिम रूप देने में जुटे हुए हैं भाजपा अपनी पूरी ताकत के साथ चुनाव में उतरने की रणनीति बना रही है ताकि सभी सीटों पर मजबूत प्रदर्शन किया जा सके

    इससे पहले शनिवार को भाजपा ने अपनी पहली सूची जारी की थी जिसमें कई महत्वपूर्ण सीटों पर उम्मीदवारों के नाम घोषित किए गए थे मन्नादीपेट सीट से ए नमस्सिवायम ओस्सुडु एससी सीट से ई थीप्पैंथन कालापेट सीट से पीएमएल कल्याणसुंदरम और राज भवन सीट से वीपी रामलिंगम को टिकट दिया गया है इसके अलावा मुदलियारपेट से ए जॉनकुमार मनावेली से एम्बलम आर सेल्वम तिरुनल्लार से जीएनएस राजसेकरन नेरावी टीआर पट्टिनम से टीकेएसएम मीनाक्षीसुंदरम और माहे सीट से ए दिनेशन को उम्मीदवार बनाया गया है

    पार्टी ने न केवल पुडुचेरी बल्कि अन्य राज्यों में भी अपने उम्मीदवारों की घोषणा तेज कर दी है इसी क्रम में केरल के लिए भी तीसरी सूची जारी की गई है जिसमें 11 उम्मीदवारों के नाम शामिल हैं यह दर्शाता है कि भाजपा अपने संगठन और चुनावी रणनीति को व्यापक स्तर पर मजबूत करने में लगी है

    पुडुचेरी विधानसभा में कुल 33 सीटें हैं जिनमें से 30 सीटों पर जनता द्वारा सीधे मतदान किया जाता है जबकि 3 सीटें केंद्र सरकार द्वारा नामित की जाती हैं इस चुनावी प्रक्रिया में जनता के वोट का महत्व बेहद महत्वपूर्ण होता है

    पुडुचेरी विधानसभा चुनाव 9 अप्रैल को एक ही चरण में संपन्न होंगे जबकि 4 मई को मतगणना की जाएगी और उसी दिन परिणाम घोषित कर दिए जाएंगे चुनावी तारीखों के ऐलान के बाद क्षेत्र में राजनीतिक गतिविधियां और तेज हो गई हैं सभी प्रमुख दल मतदाताओं को अपने पक्ष में करने के लिए जनसभाएं रैलियां और प्रचार अभियान चला रहे हैं

    इस पूरी चुनावी प्रक्रिया में भाजपा अपनी मजबूत उम्मीदवार सूची और संगठनात्मक ताकत के सहारे बेहतर प्रदर्शन करने की कोशिश कर रही है वहीं अन्य दल भी अपनी रणनीति के साथ मैदान में सक्रिय हो गए हैं जिससे चुनावी मुकाबला और भी रोचक होने की उम्मीद है

  • समुद्री शक्ति और सहयोग का प्रदर्शन आईएनएस त्रिकंड का सेशेल्स अभियान

    समुद्री शक्ति और सहयोग का प्रदर्शन आईएनएस त्रिकंड का सेशेल्स अभियान


    नई दिल्ल:
    भारतीय नौसेना का अत्याधुनिक युद्धपोत आईएनएस त्रिकंड हिंद महासागर क्षेत्र में भारत की समुद्री कूटनीति और सामरिक सहयोग को मजबूत करते हुए सेशेल्स के पोर्ट विक्टोरिया से सफलतापूर्वक रवाना हो गया है यह यात्रा भारत की बढ़ती समुद्री शक्ति और क्षेत्रीय सहयोग की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है

    यह पोर्ट कॉल 16 मार्च को शुरू हुआ था और इस दौरान दोनों देशों के बीच रक्षा सहयोग को नई मजबूती मिली आईएनएस त्रिकंड भारतीय नौसेना का एक आधुनिक स्टेल्थ फ्रिगेट है जो अपनी उन्नत तकनीक और युद्ध क्षमताओं के लिए जाना जाता है सेशेल्स में अपने प्रवास के दौरान जहाज ने कई महत्वपूर्ण गतिविधियों में हिस्सा लिया और द्विपक्षीय संबंधों को नई दिशा देने का कार्य किया

    जहाज के कमांडिंग ऑफिसर कैप्टन सचिन कुलकर्णी ने सेशेल्स सरकार के वरिष्ठ अधिकारियों और भारत के उच्चायुक्त से मुलाकात की इन बैठकों में दोनों देशों के बीच सहयोग को और गहरा करने पर चर्चा हुई साथ ही सेशेल्स को आवश्यक स्पेयर पार्ट्स और अन्य जरूरी सामग्री भी सौंपी गई जो आपसी भरोसे और सहयोग का प्रतीक है

    इस यात्रा का सबसे अहम पहलू संयुक्त सैन्य अभ्यास लामितिये 2026 में भारतीय भागीदारी रही यह पहली बार था जब इस अभ्यास में भारतीय थल सेना नौसेना और वायुसेना तीनों की संयुक्त भागीदारी देखी गई इस अभ्यास को व्यापक स्तर पर आयोजित किया गया और इसमें भारत तथा सेशेल्स के सैनिकों ने मिलकर अपनी संयुक्त क्षमताओं का प्रदर्शन किया

    अभ्यास के दौरान कई महत्वपूर्ण सैन्य गतिविधियां आयोजित की गईं हार्बर चरण में विजिट बोर्ड सर्च एंड सीजर प्रशिक्षण कराया गया जिसमें संयुक्त बोर्डिंग ऑपरेशनों का अभ्यास हुआ इसके बाद समुद्री चरण में आईएनएस त्रिकंड ने सेशेल्स कोस्ट गार्ड के जहाज ले विजिलेंट के साथ मिलकर संयुक्त अभ्यास किया

    इस दौरान भारतीय नौसेना के मरीन कमांडो और सेशेल्स के विशेष बलों ने समुद्र में सफलतापूर्वक संयुक्त बोर्डिंग ऑपरेशन को अंजाम दिया जिसमें जहाज पर चढ़ाई तलाशी और नियंत्रण जैसे महत्वपूर्ण कार्य शामिल थे इसके अलावा घुसपैठ रोकने ड्रोन से निगरानी छापेमारी और घायल सैनिकों को निकालने जैसे अभ्यास भी किए गए

    अभ्यास का एक और महत्वपूर्ण हिस्सा प्रस्लिन द्वीप पर किया गया संयुक्त लैंडिंग ऑपरेशन था जिसमें दोनों देशों की सेनाओं ने मिलकर अपनी समन्वित क्षमता का प्रदर्शन किया इस दौरान सेशेल्स के वरिष्ठ सैन्य अधिकारी भी मौजूद रहे और उन्होंने पूरे अभ्यास का प्रत्यक्ष अवलोकन किया

    यह पूरा अभियान भारत की महासागर नीति का सशक्त उदाहरण है जो क्षेत्रीय सुरक्षा और सहयोग को बढ़ावा देने पर केंद्रित है आईएनएस त्रिकंड की यह तैनाती भारत की इस प्रतिबद्धता को दर्शाती है कि वह हिंद महासागर क्षेत्र में एक विश्वसनीय सुरक्षा भागीदार और प्रथम प्रतिक्रिया देने वाली शक्ति के रूप में अपनी भूमिका निभाता रहेगा

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    Indian Navy, INS Trikand, Maritime Security, Defense Cooperation, Indo Pacific