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  • मनरेगा की जगह अब आएगा 'G Ram G'125 दिन रोजगार की गारंटी वाला नया बिल संसद में पेश होगाBJP ने जारी किया व्हिप

    मनरेगा की जगह अब आएगा 'G Ram G'125 दिन रोजगार की गारंटी वाला नया बिल संसद में पेश होगाBJP ने जारी किया व्हिप


    नई दिल्ली । केंद्र सरकार ने ग्रामीण रोजगार प्रणाली में एक बड़ा बदलाव करने की योजना बनाई है। महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम मनरेगा के स्थान पर एक नया विधेयक लाने की तैयारी हैजिसे ‘विकसित भारत गारंटी फॉर रोजगार और आजीविका मिशन ग्रामीण 2025’ नाम दिया गया है। इस विधेयक को संक्षेप में VB-G RAM G कहा जाएगा। इस नए बिल का उद्देश्य ग्रामीण इलाकों में रोजगार और आजीविका के लिए एक नया और अधिक मजबूत ढांचा तैयार करना हैजो गरीब और पिछड़े समुदायों के लिए जीवन की गुणवत्ता में सुधार ला सके।

    मनरेगा की जगह VB-G RAM G

    मनरेगा महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम को ग्रामीण भारत में रोजगार की स्थिरता देने वाला एक महत्वपूर्ण कानून माना जाता है। यह कानून ग्रामीण इलाकों के बेरोजगारों को कम से कम 100 दिन का रोजगार मुहैया कराता है। हालांकियह योजना कई मायनों में विफल रही है और सरकार ने अब इसे बदलने का निर्णय लिया है। नए विधेयक का मकसद रोजगार की गारंटी को बढ़ाकर 125 दिनों तक करना है और इसके जरिए ग्रामीण इलाकों में नई रोजगार योजनाओं को लागू करना है।

    क्या है VB-G RAM G का उद्देश्य

    ‘VB-G RAM G’ विधेयक का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के अवसर बढ़ाना और जीवन यापन को बेहतर बनाना है। यह विधेयक न केवल रोजगार की गारंटी देगाबल्कि इससे ग्रामीण इलाकों में रोजगार के नए अवसर और स्वरोजगार के विकल्प भी पैदा होंगे। इसके अलावायह योजनाएं ग्रामीण बुनियादी ढांचे में सुधार करनेग्रामीण शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं को बढ़ावा देने और महिलाओं तथा युवा वर्ग को रोजगार में अधिक शामिल करने पर भी ध्यान केंद्रित करेंगी।

    125 दिन रोजगार की गारंटी

    VB-G RAM G के तहतसरकार अब ग्रामीण क्षेत्रों में 125 दिन का रोजगार देने का वादा कर रही है। इससे पहले मनरेगा में 100 दिन तक रोजगार की गारंटी दी जाती थी। यह कदम सरकार द्वारा ग्रामीण इलाकों में स्थिर रोजगार और आर्थिक वृद्धि को बढ़ावा देने की दिशा में उठाया गया है। इसके तहत ग्रामीण कामकाजी वर्ग को लंबे समय तक रोजगार प्राप्त होगाजिससे उनकी आर्थिक स्थिति को मजबूत करने में मदद मिलेगी।

    BJP ने जारी किया व्हिप

    सूत्रों के मुताबिककेंद्र सरकार ने अपने विधायकों और सांसदों को इस विधेयक के पक्ष में मतदान करने के लिए व्हिप जारी किया है। भाजपा ने सुनिश्चित किया है कि इस विधेयक के समर्थन में पूरी पार्टी एकजुट रहेताकि इसे संसद में जल्दी से पास किया जा सके। पार्टी का मानना है कि यह नया विधेयक ग्रामीण विकास की दिशा में एक बड़ा कदम है और इससे लाखों लोगों को रोजगार मिलेगा।

    नए विधेयक की संभावित विशेषताएं

    125 दिन रोजगार की गारंटी: यह मनरेगा से एक कदम आगे होगाजहां ग्रामीण श्रमिकों को 125 दिन तक काम मिल सकेगा। स्वरोजगार को बढ़ावा: इस विधेयक में स्वरोजगार के अवसरों को बढ़ावा देने के लिए नई योजनाएं बनाई जाएंगी। ग्रामीण बुनियादी ढांचे में सुधार: इसमें ग्रामीण क्षेत्रों के लिए बुनियादी ढांचे का विकास करने का भी प्रस्ताव हैजिससे रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे। महिलाओं और युवाओं को प्राथमिकता: महिलाओं और युवाओं के लिए विशेष रोजगार अवसर दिए जाएंगे। नई परियोजनाओं की शुरुआत: ग्रामीण विकासजल संरक्षणशिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं के लिए नई परियोजनाएं शुरू की जाएंगी।

    क्या होगा मनरेगा के स्थान पर

    मनरेगा को पूरी तरह से खत्म नहीं किया जाएगाबल्कि इसे नए विधेयक के तहत अपडेट किया जाएगा। जहां मनरेगा में मुख्य रूप से फिजिकल कामों पर ध्यान केंद्रित किया गया थावहीं VB-G RAM G का उद्देश्य रोजगार के अवसरों को और विस्तारित करना हैताकि अधिक से अधिक लोगों को फायदा हो सके।

    आखिरकारइस विधेयक का क्या असर होगा

    ‘VB-G RAM G’ विधेयक के लागू होने से यह उम्मीद की जा रही है कि ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार की स्थिरता में सुधार होगा और श्रमिकों को अधिक काम मिलेगा। इससे न केवल गांवों में आर्थिक सुधार होगाबल्कि यह राष्ट्रीय विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हो सकता है। यह कदम केंद्र सरकार द्वारा ग्रामीण इलाकों में रोजगार की गारंटी देने के लिए उठाया गया एक बड़ा कदम हैऔर यह देश के किसानों और श्रमिकों के लिए बहुत महत्वपूर्ण साबित हो सकता है। हालांकिइसे लेकर विपक्ष में विभिन्न विचार हो सकते हैंलेकिन इसे ग्रामीण विकास और रोजगार की दिशा में एक महत्वपूर्ण सुधार माना जा रहा है।

  • घने कोहरे से उत्तर भारत में हाहाकार यूपी-राजस्थान में बड़े हादसे दिल्ली एयरपोर्ट पर फ्लाइट्स लेट

    घने कोहरे से उत्तर भारत में हाहाकार यूपी-राजस्थान में बड़े हादसे दिल्ली एयरपोर्ट पर फ्लाइट्स लेट


    नई दिल्ली । भारत में घने कोहरे के कारण रविवार को जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ है। कोहरे ने न केवल दृश्यता को कम किया बल्कि कई सड़क हादसों को भी जन्म दिया जिनमें कई लोगों की जान चली गई और दर्जनों लोग घायल हो गए। उत्तर प्रदेश राजस्थान और पंजाब में बड़े सड़क हादसे हुए हैं और दिल्ली एयरपोर्ट पर भी फ्लाइट्स में देरी की सूचना है।

    उत्तर प्रदेश में बड़े हादसे
    उत्तर प्रदेश में कोहरे के कारण कई बड़े सड़क हादसे हुए हैं। बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे पर हमीरपुर के इचौली इलाके में रविवार सुबह करीब नौ बजे एक स्लीपर बस ने एक बोलेरो को टक्कर मार दी। इस हादसे में बोलेरो सवार दो भाइयों सहित चार लोगों की मौत हो गई। दोनों भाई अपनी मां की अस्थियां विसर्जित करने महोबा से प्रयागराज जा रहे थे। इस हादसे में अन्य दो लोग भी घायल हुए हैं जिनका इलाज जारी है। इसके अलावा उत्तर प्रदेश के विभिन्न हिस्सों में 30 से ज्यादा वाहन आपस में टकरा गए जिससे कई लोग घायल हुए और कुछ की हालत गंभीर बताई जा रही है। दुर्घटनाओं के कारण राज्यभर में यातायात ठप हो गया और कई सड़कें अवरुद्ध हो गईं।

    राजस्थान और पंजाब में भी हादसे

    राजस्थान और पंजाब में भी कोहरे के कारण बड़ी सड़क दुर्घटनाएं हुईं। पंजाब में एक कार पुल से गिर गई जिससे उसमें सवार दंपती की मौत हो गई। हादसा सोमवार सुबह हुआ जब कोहरे के कारण वाहन चालक नियंत्रण खो बैठा और कार पुल से गिर गई। इस हादसे में दंपती की मौके पर ही मौत हो गई जबकि उनका बच्चा गंभीर रूप से घायल हो गया है।

    दिल्ली एयरपोर्ट पर देरी
    कोहरे के असर से दिल्ली एयरपोर्ट पर फ्लाइट्स में देरी हो रही है। खराब दृश्यता के कारण कई उड़ानें लेट हो गई हैं जिससे यात्रियों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। एयरपोर्ट अधिकारियों के अनुसार कोहरे के कारण विमानों की लैंडिंग और टेक-ऑफ में देरी हो रही है और इस स्थिति में सुधार होने तक फ्लाइट्स की स्थिति अनिश्चित बनी रहेगी।

    मौसम की चेतावनी

    मौसम विभाग ने उत्तर भारत के अधिकतर हिस्सों में अगले कुछ दिनों तक घने कोहरे की संभावना जताई है। पंजाब उत्तर प्रदेश हरियाणा दिल्ली और राजस्थान में कोहरे के कारण आने वाली दोपहर तक दृश्यता में कमी रह सकती है। यातायात सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए विभाग ने ड्राइवरों को सतर्क रहने और धीमी गति से गाड़ी चलाने की सलाह दी है।

    उत्तर भारत में घने कोहरे ने एक बार फिर जानलेवा हादसों को जन्म दिया है। सड़क सुरक्षा को लेकर सतर्कता बरतना और मौसम की चेतावनियों का पालन करना अत्यंत जरूरी है खासकर इस समय में जब दृश्यता बहुत कम हो जाती है। वहीं दिल्ली एयरपोर्ट पर फ्लाइट्स में देरी यात्रियों के लिए एक और चुनौती बन गई है। मौसम सुधारने तक यह स्थिति बनी रह सकती है।

  • अनिरुद्धाचार्य का विवादित हमला: मीडिया को बताया ‘मंथरा का अपडेट वर्जन’, साजिश और धमकी तक का आरोप

    अनिरुद्धाचार्य का विवादित हमला: मीडिया को बताया ‘मंथरा का अपडेट वर्जन’, साजिश और धमकी तक का आरोप


    नई दिल्ली। कथावाचक और धार्मिक वक्ता अनिरुद्धाचार्य एक बार फिर अपने तीखे और विवादित बयानों को लेकर चर्चा में आ गए हैं। हाल ही में एक सार्वजनिक मंच से उन्होंने मीडिया के एक वर्ग पर जोरदार हमला बोलते हुए उसे मंथरा का अपडेट वर्जन और धृतराष्ट्र तक कह दिया। अनिरुद्धाचार्य का आरोप है कि कुछ मीडिया संस्थान और पत्रकार टीआरपी की दौड़ में उनके खिलाफ झूठी खबरें फैलाने और साजिश रचने का काम कर रहे हैं। अपने बयान में अनिरुद्धाचार्य ने कहा कि आज का मीडिया सच दिखाने के बजाय सनसनी फैलाने में ज्यादा दिलचस्पी ले रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ चैनल और पत्रकार लगातार उनके नाम को विवादों से जोड़कर पेश करते हैं, जबकि उनके सामाजिक और धार्मिक कार्यों को पूरी तरह नजरअंदाज कर दिया जाता है। उन्होंने कहा कि वे सनातन धर्म के प्रचार के साथ-साथ वृद्धाश्रम, शिक्षा और गौसेवा जैसे कार्यों में वर्षों से सक्रिय हैं, लेकिन मीडिया इन पहलुओं को कभी प्रमुखता से नहीं दिखाती।

    अपनी उम्र और सेवा कार्यों का जिक्र करते हुए अनिरुद्धाचार्य ने बताया कि वे 35 वर्ष के हैं और महज 25 साल की उम्र से ही समाजसेवा में लगे हुए हैं। उनका कहना है कि इसके बावजूद मीडिया उनके काम की बजाय उनके बयानों को तोड़-मरोड़कर पेश करती है। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि जिस तरह कभी-कभी मीडिया बिना पुष्टि के गलत खबरें चला देता है, उसी का नतीजा है कि एक बार अभिनेता धर्मेंद्र के जीवित रहते हुए उनकी मौत की खबर फैला दी गई थी। यह मीडिया की जल्दबाजी और गैर-जिम्मेदारी को दिखाता है। लिव-इन रिलेशनशिप को लेकर दिए गए अपने पुराने बयान का जिक्र करते हुए अनिरुद्धाचार्य ने कहा कि उन्होंने केवल भारतीय संस्कृति के संदर्भ में अपनी राय रखी थी। उनके अनुसार, लिव-इन रिलेशनशिप भारतीय सांस्कृतिक मूल्यों का हिस्सा नहीं है। इस विषय पर राय रखने के बाद ही मीडिया का एक वर्ग उनके पीछे पड़ गया और लगातार उनके खिलाफ रिपोर्टिंग करने लगा। उन्होंने आरोप लगाया कि टीआरपी के लिए उनके बयान को गलत ढंग से पेश किया गया और जानबूझकर विवाद खड़ा किया गया।

    अनिरुद्धाचार्य ने यह भी दावा किया कि उनके खिलाफ झूठी एफआईआर और अफवाहें तक फैलाई गईं। उन्होंने कहा कि उन्होंने आज तक किसी का नुकसान नहीं किया, न ही किसी को भड़काने का काम किया, इसके बावजूद उन्हें बार-बार विवादों में घसीटा जाता है। उनका आरोप है कि कुछ पत्रकार और मीडिया संस्थान सनातन धर्म के खिलाफ पूर्वाग्रह के साथ काम कर रहे हैं।अपने सबसे तीखे शब्दों में उन्होंने मीडिया की तुलना रामायण की मंथरा से करते हुए कहा कि जैसे मंथरा ने साजिश कर परिवारों में फूट डाली थी, वैसे ही आज का मीडिया समाज को बांटने का काम कर रहा है। उन्होंने कहा कि पहले मंथरा हिंदुओं को आपस में लड़वाती थी और अब वही भूमिका मीडिया निभा रहा है। इसके साथ ही उन्होंने मीडिया को धृतराष्ट्र बताते हुए कहा कि यह सच देखने के बावजूद आंखें मूंद लेता है।

    अनिरुद्धाचार्य ने यहां तक कहा कि टीआरपी की होड़ में मीडिया किसी की जान को भी खतरे में डाल सकता है। उन्होंने आरोप लगाया कि सनातन धर्म की सेवा करने वालों के खिलाफ साजिशें रची जा सकती हैं और उन्हें बदनाम करने या नुकसान पहुंचाने की कोशिश हो सकती है। उनके इस बयान को कई लोग धमकी भरे लहजे के तौर पर भी देख रहे हैं। गौरतलब है कि यह पहली बार नहीं है जब अनिरुद्धाचार्य अपने बयानों को लेकर विवादों में आए हों। इससे पहले भी उनके कुछ वक्तव्यों पर सोशल मीडिया पर तीखी प्रतिक्रियाएं देखने को मिली हैं और कुछ मामलों में कानूनी नोटिस तक की नौबत आई है। उनका ताजा बयान एक बार फिर सोशल मीडिया और मीडिया जगत में बहस का मुद्दा बन गया है। जहां उनके समर्थक इसे सच बोलने की हिम्मत बता रहे हैं, वहीं आलोचक इसे गैर-जिम्मेदाराना और भड़काऊ करार दे रहे हैं।

  • सोनिया गांधी को पत्र लिखना पड़ा महंगा ओडिशा के पूर्व विधायक मोहम्मद मुकीम कांग्रेस से निष्कासित

    सोनिया गांधी को पत्र लिखना पड़ा महंगा ओडिशा के पूर्व विधायक मोहम्मद मुकीम कांग्रेस से निष्कासित


    नई दिल्ली । भुवनेश्वर कांग्रेस पार्टी ने ओडिशा के पूर्व विधायक मोहम्मद मुकीम को पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से निष्कासित कर दिया है। यह कदम पार्टी की अनुशासन समिति के निर्देश पर लिया गया क्योंकि मुकीम पर पार्टी विरोधी गतिविधियों में शामिल होने का आरोप था। यह फैसला पार्टी के भीतर नेतृत्व और कार्यप्रणाली को लेकर बढ़ती असंतोष की स्थितियों के बीच आया है।

    सोनिया गांधी को पत्र लिखकर जताई थी नाराजगी

    मुकीम जो पहले बाराबती-कटक सीट से विधायक रह चुके हैं ने हाल ही में कांग्रेस की अंतरिम अध्यक्ष सोनिया गांधी को एक पत्र लिखा था जिसमें उन्होंने पार्टी की स्थिति और नेतृत्व पर अपनी गहरी चिंता व्यक्त की थी। पत्र में उन्होंने कांग्रेस की कमजोर स्थिति का उल्लेख करते हुए सोनिया गांधी से पार्टी के भविष्य के लिए मार्गदर्शन की अपील की थी। मुकीम ने लिखा था कि कांग्रेस वर्तमान में कठिन दौर से गुजर रही है और संगठन जमीनी स्तर पर कमजोर होता जा रहा है। उन्होंने यह भी कहा था कि सोनिया गांधी का मार्गदर्शन पार्टी के लिए बेहद जरूरी है ताकि पार्टी को इस संकट से उबारा जा सके।

    खड़गे की उम्र और नेतृत्व पर सवाल

    पत्र का सबसे विवादास्पद हिस्सा मल्लिकार्जुन खड़गे की उम्र पर था। मुकीम ने खड़गे की उम्र 83 वर्ष का जिक्र करते हुए यह सवाल उठाया कि विपक्ष के नेता के रूप में इतनी उम्र में सक्रियता दौड़-भाग और जनसंपर्क करना संभव नहीं हो पा रहा है। उन्होंने खड़गे को सलाहकार की भूमिका में रखने की सलाह दी और युवा नेतृत्व को आगे लाने की आवश्यकता पर बल दिया। मुकीम ने प्रियंका गांधी वाड्रा को केंद्रीय भूमिका में और राहुल गांधी को लोकसभा में विपक्ष के नेता के रूप में प्रभावी बनाए जाने की बात भी की।

    युवा नेताओं को आगे लाने की वकालत

    मुकीम ने अपने पत्र में पार्टी में युवा नेताओं को बढ़ावा देने की वकालत की। उन्होंने सचिन पायलट डीके शिवकुमार ए रेवंत रेड्डी और शशि थरूर जैसे नेताओं को पार्टी की शीर्ष नेतृत्व टीम में शामिल करने की बात की। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि कांग्रेस को ज्योतिरादित्य सिंधिया मिलिंद देवड़ा और हिमंता बिस्वा सरमा जैसे नेताओं के पार्टी छोड़ने के कारणों को समझना चाहिए और इसे पार्टी की उपेक्षा और अनदेखी का परिणाम बताया।

    राहुल गांधी से मुलाकात न होने की शिकायत

    पत्र में मुकीम ने यह भी शिकायत की थी कि वे पिछले तीन वर्षों से राहुल गांधी से मुलाकात की कोशिश कर रहे थे लेकिन उन्हें कभी समय नहीं मिल सका। उन्होंने इसे अपनी व्यक्तिगत पीड़ा नहीं बल्कि पार्टी कार्यकर्ताओं और नेतृत्व के बीच बढ़ती दूरी का प्रतीक बताया।

    कांग्रेस की अनुशासनात्मक कार्रवाई

    कांग्रेस ने मुकीम के इस पत्र को पार्टी अनुशासन के खिलाफ माना और उन्हें पार्टी से निष्कासित कर दिया। ओडिशा प्रदेश कांग्रेस कमेटी की ओर से जारी आदेश में कहा गया है कि पार्टी विरोधी गतिविधियों को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और अनुशासन बनाए रखना पार्टी की प्राथमिकता है।
    कांग्रेस पार्टी की ओर से इस मामले पर कोई विस्तृत आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है लेकिन यह कदम संगठन में अनुशासन बनाए रखने की कोशिश के तौर पर देखा जा रहा है। पार्टी ने यह स्पष्ट कर दिया है कि पार्टी के भीतर अनुशासनहीनता के लिए कोई स्थान नहीं है।

    संघर्षपूर्ण समय में पार्टी का कदम

    यह घटना उस समय हुई है जब कांग्रेस पार्टी अपने संगठन और नेतृत्व को लेकर आंतरिक असंतोष का सामना कर रही है। मुकीम का पत्र इस असंतोष की गहराई को उजागर करता है और उनकी निष्कासन की कार्रवाई से यह भी साफ हो जाता है कि कांग्रेस नेतृत्व को पार्टी में गहरी अंतर्विरोधों की चुनौती का सामना करना पड़ रहा है।

  • दिल्ली-NCR में प्रदूषण का कहर: GRAP 4 लागू, AAP ने केंद्र और दिल्ली सरकार को घेरा

    दिल्ली-NCR में प्रदूषण का कहर: GRAP 4 लागू, AAP ने केंद्र और दिल्ली सरकार को घेरा


    नई दिल्ली। दिल्ली में प्रदूषण लगातार उच्च स्तर पर बना हुआ है। आज राजधानी में AQI 500 के पार पहुंच गया है, जिससे सांस लेना मुश्किल हो गया है और विजिबिलिटी भी काफी कम हो गई है। स्थिति के मद्देनजर नेशनल कैपिटल में GRAP 4 लागू कर दिया गया है।

    AAP ने उठाया केंद्र और दिल्ली सरकार पर सवाल
    AAP के दिल्ली अध्यक्ष सौरभ भारद्वाज ने कहा कि “यह सरकार लगभग एक साल से सत्ता में है, लेकिन प्रदूषण को लेकर कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। बंद कमरे में भी धुंध दिखाई दे रही है। CM को यह नहीं पता कि AQI क्या होता है। एक्सपर्ट्स को आगे आना चाहिए और मुख्यमंत्री को पीछे हट जाना चाहिए।”

    GRAP 4: क्या है नियम
    GRAP-IV के तहत राज्य और केंद्रीय एजेंसियों को NCR में हवा की गुणवत्ता सुधारने के उपाय तेज करने के निर्देश दिए गए हैं।

    बच्चों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए स्कूलों में क्लास 5 तक हाइब्रिड मोड में पढ़ाई अनिवार्य कर दी गई है।

    क्लास 6 से 11 तक फिजिकल क्लास बंद करने का विकल्प भी राज्य सरकारों को दिया गया है।

    प्रदूषण का स्वास्थ्य पर असर
    दिल्ली-NCR में लोगों को सांस लेने में तकलीफ, आंखों में जलन, गले में खराश और खांसी जैसी समस्याएं हो रही हैं।

    डॉक्टरों ने सलाह दी है कि अगर संभव हो तो अगले कुछ हफ्तों तक दिल्ली से बाहर जाने पर विचार किया जाए।

    दिल्ली में लगातार बढ़ते प्रदूषण के कारण GRAP 4 लागू किया गया है, लेकिन विपक्ष और AAP का कहना है कि केंद्र और दिल्ली सरकार इस गंभीर समस्या को गंभीरता से नहीं ले रही हैं। राजधानीवासियों के लिए फिलहाल सफर और बाहरी गतिविधियों में सावधानी बरतना आवश्यक है।

  • सस्ते धान को छत्तीसगढ़ में खपाने की साजिश नाकाम, बिचौलियों पर सरकार की बड़ी कार्रवाई

    सस्ते धान को छत्तीसगढ़ में खपाने की साजिश नाकाम, बिचौलियों पर सरकार की बड़ी कार्रवाई


    अंबिकापुर। छत्तीसगढ़ सरकार ने पड़ोसी राज्यों से सस्ते धान को अपने यहां खपाने की बिचौलियों की सुनियोजित साजिश को समय रहते नाकाम कर दिया है। उत्तर प्रदेश, झारखंड और मध्यप्रदेश की सीमाओं से लगे बलरामपुर जिले में प्रशासन की सख्ती के चलते अब तक 11,300 क्विंटल धान और 48 वाहन जब्त किए जा चुके हैं। जब्त किए गए धान की अनुमानित कीमत करीब 3 करोड़ 50 लाख रुपये बताई जा रही है। प्रशासनिक अधिकारियों के मुताबिक, यदि यह धान जब्त नहीं किया जाता तो इसे छत्तीसगढ़ के सरकारी उपार्जन केंद्रों में बेच दिया जाता। इससे बिचौलियों को भारी मुनाफा होता और राज्य सरकार को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ता।

    समर्थन मूल्य का अंतर बना वजह
    इस पूरे मामले की जड़ राज्यों के बीच न्यूनतम समर्थन मूल्य MSP का अंतर है। झारखंड में धान की खरीद 2,450 रुपये प्रति क्विंटल उत्तर प्रदेश में 2,369 रुपये प्रति क्विंटल जबकि छत्तीसगढ़ में सरकार 3,100 रुपये प्रति क्विंटल की दर से धान खरीद रही है यानी छत्तीसगढ़ में प्रति क्विंटल लगभग 700 रुपये अधिक का लाभ मिल रहा है। इसी अंतर का फायदा उठाने के लिए बिचौलिये यूपी और झारखंड से धान खरीदकर छत्तीसगढ़ में बेचने की तैयारी कर रहे थे।

    सीमावर्ती इलाकों में कड़ी निगरानी

    बलरामपुर जिला तीन राज्यों की सीमा से लगा होने के कारण बिचौलियों के लिए आसान रास्ता बनता रहा है। लेकिन इस बार प्रशासन ने पहले से ही सतर्कता बरतते हुए सीमावर्ती क्षेत्रों में विशेष निगरानी शुरू कर दी थी। धान की अवैध ढुलाई में लगे ट्रकों, पिकअप वाहनों और ट्रैक्टरों की जांच की गई। इसी दौरान बड़ी मात्रा में धान जब्त किया गया और 48 वाहनों को कब्जे में लिया गया।

    किसानों के हक की रक्षा
    प्रशासन का कहना है कि यह कार्रवाई केवल सरकारी नुकसान रोकने के लिए नहीं, बल्कि स्थानीय किसानों के अधिकारों की रक्षा के लिए भी बेहद जरूरी थी। यदि बाहरी राज्यों का धान उपार्जन केंद्रों तक पहुंच जाता, तो असली किसानों को अपनी उपज बेचने में दिक्कत होती। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि छत्तीसगढ़ सरकार की नीति है कि समर्थन मूल्य का लाभ केवल राज्य के वास्तविक किसानों को ही मिले। बिचौलियों या बाहरी धान की किसी भी सूरत में अनुमति नहीं दी जाएगी।

    आगे भी जारी रहेगी कार्रवाई
    प्रशासन ने संकेत दिए हैं कि यह कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी। सीमावर्ती जिलों में पुलिस, राजस्व और खाद्य विभाग की संयुक्त टीमें लगातार गश्त और जांच करेंगी। उपार्जन केंद्रों पर भी सख्त सत्यापन व्यवस्था लागू की गई है, ताकि बाहरी धान की पहचान की जा सके।सरकार का मानना है कि ऐसी सख्ती से न केवल बिचौलियों पर लगाम लगेगी, बल्कि किसानों में भी भरोसा बढ़ेगा कि उनकी फसल सही दाम पर सुरक्षित रूप से खरीदी जाएगी।इस पूरे अभियान के जरिए छत्तीसगढ़ सरकार ने साफ संदेश दिया है कि धान खरीदी व्यवस्था से किसी भी तरह की छेड़छाड़ बर्दाश्त नहीं की जाएगी। MSP का फायदा गलत तरीके से उठाने वालों के खिलाफ सख्त कदम उठाए जाएंगे।

  • शिल्पा शेट्टी के पब में बिल चुकाने को लेकर जमकर हंगामा बेंगलुरु पुलिस ने VIDEO वायरल होने पर शुरू की जाँच

    शिल्पा शेट्टी के पब में बिल चुकाने को लेकर जमकर हंगामा बेंगलुरु पुलिस ने VIDEO वायरल होने पर शुरू की जाँच


    नई दिल्ली ।बॉलीवुड एक्ट्रेस शिल्पा शेट्टी के स्वामित्व वाले बेंगलुरु स्थित एक हाई-प्रोफाइल पब में देर रात ग्राहकों के बीच बिल को लेकर हुए हंगामे ने सुर्खियां बटोरी हैं। यह घटना बेंगलुरु के सेंट मार्क्स रोड पर स्थित बैस्टियन पब की है जिसे शिल्पा शेट्टी ने साल 2019 में रेस्टोरेंट बिजनेसमैन रंजीत बिंद्रा के साथ पार्टनरशिप में शुरू किया था।

    क्या है पूरा मामला

    जानकारी के अनुसार यह घटना 11 दिसंबर की देर रात लगभग 1:30 बजे की बताई जा रही है। पब के अंदर हुए इस हंगामे का सीसीटीवी फुटेज सामने आया है जो सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर तेज़ी से वायरल हो रहा है।वायरल फुटेज में ग्राहकों के एक गुट को आपस में तीखी बहस करते हुए साफ तौर पर देखा जा सकता है। सूत्रों के मुताबिक यह बहस पब के बिल का भुगतान बिल चुकाने या किसी अन्य मामूली बात पर शुरू हुई थी जो जल्द ही एक बड़ी कहा-सुनी में बदल गई। हालांकि जो सीसीटीवी फुटेज सार्वजनिक हुआ है उसमें किसी भी तरह की शारीरिक हाथापाई या तोड़फोड़ की पुष्टि नहीं होती है लेकिन ग्राहकों के बीच हुई तीखी नोकझोंक और हंगामे ने पब के माहौल को प्रभावित किया।

    पुलिस ने शुरू की जाँच

    पब के अंदर हुए इस हंगामे का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद पुलिस ने मामले का संज्ञान लिया है। पुलिस ने औपचारिक रूप से कोई शिकायत दर्ज होने का इंतज़ार किए बिना ही वायरल फुटेज के आधार पर घटना की जाँच शुरू कर दी है। पुलिस अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि हंगामे का सटीक कारण क्या था और क्या यह मामला केवल तीखी बहस तक सीमित था या इसमें कोई अन्य गैरकानूनी गतिविधि शामिल थी। इस घटना ने एक बार फिर देर रात तक चलने वाले पब और रेस्टोरेंट में सुरक्षा और व्यवस्था को बनाए रखने की आवश्यकता पर ध्यान केंद्रित किया है।

  • माओवादियों को बड़ा झटका: MMC ज़ोन कमांडर समेत दो ACM का सरेंडर 20 लाख का इनाम था घोषित

    माओवादियों को बड़ा झटका: MMC ज़ोन कमांडर समेत दो ACM का सरेंडर 20 लाख का इनाम था घोषित


    नई दिल्ली महाराष्ट्र-मध्य प्रदेश-छत्तीसगढ़ MMC ज़ोन में सुरक्षा बलों को बड़ी सफलता मिली है। दर्रेकसा एरिया कमेटी के कमांडर रोशन उर्फ मारा इरिया वेदजा और दो ACM एरिया कमेटी मेंबर ने गोंदिया पुलिस के सामने आत्मसमर्पण कर दिया है। इन तीनों पर कुल ₹20 लाख का इनाम था।  महाराष्ट्र-मध्य प्रदेश-छत्तीसगढ़ MMC ट्राई-जंक्शन पर सक्रिय माओवादी संगठन को एक बार फिर बड़ा झटका लगा है। दर्रेकसा एरिया कमेटी के कमांडर समेत कुल तीन प्रमुख माओवादी कैडरों ने महाराष्ट्र के गोंदिया पुलिस के समक्ष हथियार डाल दिए हैं।
    आत्मसमर्पण करने वाले इन तीनों माओवादियों पर कुल ₹20 लाख रुपये का नकद इनाम घोषित था जो इनकी संगठनात्मक महत्ता को दर्शाता है। यह आत्मसमर्पण तीनों राज्यों महाराष्ट्र मध्य प्रदेश छत्तीसगढ़ की सुरक्षा एजेंसियों के लिए एक बड़ी सफलता है जो लंबे समय से इन क्षेत्रों में शांति बहाली के लिए प्रयासरत थीं।आत्मसमर्पण करने वाले प्रमुख माओवादी कैडर समर्पण करने वाले माओवादी दर्रेकसा एरिया कमेटी के प्रमुख सदस्य थे। इनमें निम्नलिखित लोग शामिल हैं:

    रोशन उर्फ मारा इरिया वेदजा 35:

    पद: दर्रेकसा एरिया कमेटी का कमांडर।मूल निवास: छत्तीसगढ़ के बीजापुर जिले का मेंदरी गांव।इनाम राशि: ₹8 लाख रुपये घोषित। सुभाष उर्फ पोज्जा बंडू राववा 26: पद: एरिया कमेटी मेंबर ACM। मूल निवास: बीजापुर जिले की उसूर तहसील का वेरापल्ली गांव। इनाम राशि: ₹6 लाख रुपये घोषित। रतन उर्फ मनकू ओमा पोय्याम 25: पद: एरिया कमेटी मेंबर ACM। मूल निवास: नारायणपुर जिले का रेखापाल गांव। इनाम राशि: ₹6 लाख रुपये घोषित।तीनों माओवादियों ने गोंदिया में पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंचकर विधिवत आत्मसमर्पण किया। अधिकारियों ने इस घटनाक्रम की पुष्टि करते हुए बताया कि इन कैडरों ने माओवादी संगठन के भीतर बढ़ती असुरक्षा पुलिस और सुरक्षा बलों की लगातार और प्रभावी कार्रवाई तथा मुख्यधारा में लौटने की प्रबल इच्छा के कारण यह निर्णय लिया। सरकार की पुनर्वास नीति का लाभ उठाकर अब ये सामान्य जीवन जी सकेंगे।

    MMC ज़ोन में समर्पण की लहर
    यह आत्मसमर्पण MMC ज़ोन में चल रहे व्यापक आत्मसमर्पण अभियान की एक महत्वपूर्ण कड़ी है। हाल के सप्ताहों में माओवादी कैडरों द्वारा मुख्यधारा में लौटने के मामलों में तेजी आई है जो सुरक्षा एजेंसियों के बढ़ते दबाव और सामुदायिक सहयोग का परिणाम है: 28 नवंबर का बड़ा सरेंडर: इससे पहले माओवादियों की एमएमएसी ज़ोन के प्रवक्ता और जेआरबी डिवीजन के इंचार्ज विकास नागपुरे उर्फ रमेश सय्याना भास्कर समेत दस अन्य माओवादियों ने भी गोंदिया पुलिस के सामने समर्पण किया था। 7 दिसंबर की कार्रवाई: 7 दिसंबर को भी 11 माओवादियों ने बालाघाट पुलिस मध्य प्रदेश के सामने हथियार डाले थे।

    8 दिसंबर की ऐतिहासिक सफलता: सबसे बड़ी कामयाबी 8 दिसंबर को छत्तीसगढ़ की सुरक्षा एजेंसियों को मिली जब माओवादियों के शीर्ष लीडर एक करोड़ पांच लाख रुपये के इनामी रामधेर और उनके 11 साथियों ने अविभाजित राजनांदगांव जिले में समर्पण किया। इन लगातार सफलताओं के बाद ऐसा प्रतीत होता है कि MMC ज़ोन में माओवादी हिंसकों के मुख्यधारा में लौटने का यह आखिरी दौर शुरू हो चुका है। पुलिस सूत्रों के अनुसार अब इस पूरे ज़ोन में केवल एक माओवादी रंजीत ही शेष बचा है और सुरक्षा एजेंसियां जल्द ही उसके भी समर्पण किए जाने का दावा कर रही हैं।यह घटना न केवल माओवादी संगठन की कमर तोड़ने का काम करती है बल्कि यह भी स्थापित करती है कि सरकार की पुनर्वास नीतियां माओवादियों को हिंसा का रास्ता छोड़ने के लिए प्रेरित कर रही हैं जिससे इन क्षेत्रों में विकास और शांति की उम्मीदें मजबूत हुई हैं।

  • लिंक्डइन पर निकली अनोखी ‘फुलटाइम हाइब्रिड गर्लफ्रेंड’ की जॉब! यूजर्स पूछ रहे- सैलरी कितनी मिलेगी

    लिंक्डइन पर निकली अनोखी ‘फुलटाइम हाइब्रिड गर्लफ्रेंड’ की जॉब! यूजर्स पूछ रहे- सैलरी कितनी मिलेगी


    नई दिल्ली । सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर आए दिन कुछ न कुछ नया और अजीब वायरल होता रहता है लेकिन इस बार एक शख्स ने प्रोफेशनल नेटवर्किंग साइट लिंक्डइन को ही डेटिंग का मंच बना डाला है। एक यूजर ने लिंक्डइन पर गर्लफ्रेंड के पद के लिए बाकायदा एक आधिकारिक ‘वेकेंसी पोस्ट’ की है जो इंटरनेट पर तेज़ी से वायरल हो गई है।

    यह पोस्ट करने वाले यूजर का नाम दिनेश बताया जा रहा है जिनका प्रोफाइल बताता है कि वह पहले टेक महिंद्रा जैसी कंपनी में सीनियर एसोसिएट के तौर पर काम कर चुके हैं। दिनेश ने इस वेकेंसी को ‘फुलटाइम हाइब्रिड गर्लफ्रेंड’ का नाम दिया है जिसने प्रोफेशनल जगत में इस्तेमाल होने वाले शब्द हाइब्रिड वर्क मॉडल का इस्तेमाल व्यक्तिगत रिश्ते के लिए किया है।

    जॉब डिस्क्रिप्शन लंबी योग्यता लिस्ट

    दिनेश ने इस पोस्ट में गर्लफ्रेंड की भूमिका के लिए जरूरी योग्यताओं और खूबियों की एक लंबी-चौड़ी लिस्ट साझा की है। इस लिस्ट में संभावित रूप से ऐसे गुण शामिल हैं जो वे अपने आदर्श साथी में देखना चाहते हैं और जिसके आधार पर ‘सही उम्मीदवार’ का चुनाव किया जाएगा। यह पोस्ट किसी कॉर्पोरेट जॉब वेकेंसी की तरह डिज़ाइन की गई है जिससे इसकी हास्यास्पद अपील और बढ़ गई है।

    यूजर्स की प्रतिक्रिया और मुख्य सवाल
    यह अनोखी जॉब पोस्ट देखते ही देखते वायरल हो गई और लिंक्डइन के साथ साथ अन्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर भी चर्चा का विषय बन गई। प्रोफेशनल यूजर्स ने इसे मज़ाकिया अंदाज़ में लिया और इस पर मजेदार प्रतिक्रियाएं देना शुरू कर दिया।

    सबसे ज़्यादा जो सवाल पूछा गया वह था इस फुलटाइम हाइब्रिड गर्लफ्रेंड की सैलरी कितनी मिलेगी यह प्रतिक्रिया दर्शाती है कि यूजर्स ने इस पोस्ट को एक ‘प्रोफेशनल’ ऑफर के रूप में लेते हुए इसके सबसे महत्वपूर्ण जॉब क्राइटेरिया’ यानी पारिश्रमिक के बारे में जानने की उत्सुकता दिखाई। कुछ यूजर्स ने यह भी पूछा कि क्या इस जॉब में वर्क फ्रॉम होम की सुविधा उपलब्ध है और इसमें ईयरली बोनस मिलेगा या नहीं।

    इस तरह की पोस्ट यह दिखाती है कि सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म की सीमाएं अब धुंधली हो रही हैं और लोग प्रोफेशनल साइट्स पर भी अपने व्यक्तिगत या मनोरंजक विचारों को खुलकर साझा कर रहे हैं। हालांकि दिनेश की इस वेकेंसी का उद्देश्य स्पष्ट रूप से मनोरंजन और ध्यान आकर्षित करना ही रहा होगा।

  • दिल्ली-NCR में दमघोंटू हवा, AQI 490 पार! रामलीला मैदान में कांग्रेस की ‘वोट चोरी’ रैली, सचिन पायलट और अजय लल्लू ने साधा बीजेपी पर निशाना

    दिल्ली-NCR में दमघोंटू हवा, AQI 490 पार! रामलीला मैदान में कांग्रेस की ‘वोट चोरी’ रैली, सचिन पायलट और अजय लल्लू ने साधा बीजेपी पर निशाना


    नई दिल्‍ली । दिल्ली-NCR में वायु गुणवत्ता (AQI) गंभीर स्तर पर पहुँच गई है और राजधानी में सांस लेना लोगों के लिए मुश्किल हो गया है। प्रदूषण की स्थिति इतनी खराब है कि विशेषज्ञ लोगों को मास्क पहनने और घर के भीतर रहने की सलाह दे रहे हैं। AQI 490 के पार पहुंचने से स्वास्थ्य के लिए चेतावनी जारी की गई है।

    इसी बीच दिल्ली के रामलीला मैदान में कांग्रेस ने ‘वोट चोरी’ के खिलाफ बड़ी रैली आयोजित की। रैली को संबोधित करते हुए कांग्रेस नेता सचिन पायलट ने कहा कि राहुल गांधी ने कई बार वोट चोरी के सबूत चुनाव आयोग को दिए, लेकिन आयोग ने इस मुद्दे पर कोई जवाब नहीं दिया। पायलट ने कहा कि देश के कई हिस्सों में बीएलओ खुदकुशी कर रहे हैं, महंगाई और अन्य समस्याओं से जनता परेशान है, और कांग्रेस हर बूथ पर इस मुद्दे के खिलाफ लड़ाई लड़ने को तैयार है।

    ओडिशा कांग्रेस के इंचार्ज अजय कुमार लल्लू ने कहा कि बीजेपी सरकार लोकतंत्र को बंधक बना रही है और देश की लोकतांत्रिक व्यवस्था को कमजोर कर रही है। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस के माध्यम से हर वोटर और पोलिंग बूथ की जानकारी जनता और मीडिया के सामने रखी, ताकि पारदर्शिता बनी रहे।

    रैली में कांग्रेस के अन्य नेता जैसे भूपेंद्र हुड्डा और गौरव गोगोई ने भी बीजेपी पर निशाना साधा। गौरव गोगोई ने कहा कि सत्ता में बैठे लोग वोट चोरी की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन कांग्रेस के कार्यकर्ता हर बूथ पर खड़े रहेंगे और निष्पक्ष चुनाव सुनिश्चित करेंगे। रैली में जनता को सेवा का अवसर देने और लोकतंत्र की रक्षा करने का संदेश दिया गया।