Category: National

  • जनसभा में भड़कीं ‘लेडी सिंघम’ IPS ईशा सिंह, करूर कांड पर TVK नेता को लगाई जोरदार फटकार

    जनसभा में भड़कीं ‘लेडी सिंघम’ IPS ईशा सिंह, करूर कांड पर TVK नेता को लगाई जोरदार फटकार


    नई दिल्ली । TVK यानी तमिलगा वेत्री (tamilga vetri)कषगम प्रमुख विजय ने मंगलवार को पुडुचेरी (Puducherry)में अपनी पहली जनसभा की। इस दौरान उनकी पार्टी के नेताओं और एक महिला आईपीएस(IPS) के बीच बहस का वीडियो सामने आया है। वीडियो में नजर आ रहा है कि अधिकारी करूर रैली(Karur Rally) में हुई मौतों का जिक्र कर नेताओं पर निशाना साध रही हैं। मामले का वीडियो वायरल हो रहा है।

    क्या था मामला
    मामला टीवीके की उप्पालम पोर्ट ग्राउंड में हुई जनसभा का है। एक वायरल वीडियो में पुडुचेरी पुलिस अधीक्षक ईशा सिंह को नाराज होते हुए देखा जा सकता है। वह कह रही हैं, ‘तुम पर इतने लोगों का खून है। तुम मुझे पूछ रहे हो कि मैं क्या कर रही हूं। तुम क्या कर रहे हो। 40 लोग मर गए थे। तुम क्या कर रहे।’ मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, उन्हें टीवीके महासचिव बस्सी आनंद के हाथों से माइक छीनते हुए भी देखा गया।

    खबर है कि एसपी ईशा सिंह ने अपने विजय के रोड शो को अनुमति देने के पहले ही अपने सीनियर्स को चेताया था। इसके बाद उन्हें रैली की देखरेख का काम सौंपा गया। खास बात है कि करूर में हुए कांड के बाद विजय की यह पहली बड़ी रैली थी। उस रैली में 41 लोगों की मौत हो गई थी।

    कौन हैं आईपीएस ईशा सिंह
    साल 1998 में मुंबई में जन्मीं ईशा सिंह के पिता योगेश प्रताप सिंह भी 1985 बैच के आईपीएस अधिकारी रहे हैं। कहा जाता है कि भ्रष्टाचार उजागर करने के चलते बार-बार सजा के तौर पर मिल रही पोस्टिंग के बाद उन्होंने इस्तीफा दे दिया था। सिंह की मां आभा सिंह भारतीय डाक सेवा में कार्यरत थीं, लेकिन बाद में उन्होंने कानून का रास्ता चुना और वकालत की और जनहित के मामलों में रहीं। इनमें सलमान खान हिट एंड रन केस भी शामिल है।

    इंडिया टुडे के अनुसार, ईशा सिंह भी पुलिस अधिकारी बनने से पहले वकालत में समय गुजार चुकी हैं। उन्होंने नेशनल लॉ स्कूल से शिक्षा हासिल की थी। साल 2010 में उन्होंने सैप्टिक टैंक की सफाई के दौरान जान गंवाने वाले कर्मियों की विधवाओं को 10 लाख रुपये मुआवजा दिलवाया था।

  • तिरुपति मंदिर में नकली घी के बाद एक और घोटाला… पॉलिस्टर शॉल को बना दिया 100% सिल्क

    तिरुपति मंदिर में नकली घी के बाद एक और घोटाला… पॉलिस्टर शॉल को बना दिया 100% सिल्क


    तिरुपति।
    आंध्र प्रदेश (Andhra Pradesh) के मशहूर तिरुपति बालाजी मंदिर (Tirupati Balaji Temple) में नकली घी घोटाले के बाद अब एक नया घोटाला सामने आया है। तिरुमाला मंदिर (Tirumala Temple) को मैनेज करने वाले ट्रस्ट, तिरुमाला तिरुपति देवस्थानम (TTD) की अंदरूनी जांच में यह घोटाला सामने आया है, जिसमें पाया गया कि एक कॉन्ट्रैक्टर लगातार दस सालों तक 100% पॉलिस्टर शॉल (Polyester Shawl) को शुद्ध शहतूत सिल्क शॉल बताकर बिल का भुगतान करवा रहा था। 2015 से 2025 तक यानी पूरे एक दशक तक TTD में चले 54 करोड़ रुपये के सिल्क शॉल घोटाले के खुलासे से हड़कंप मच गया है।

    TTD की आंतरिक जांच रिपोर्ट में कहा गया है कि एक कॉन्ट्रैक्टर 100% पॉलिएस्टर शॉल को 100 फीसदी शुद्ध मलबरी सिल्क शॉल बताकर लगातार एक दशक से सप्लाई कर रहा था, और सिल्क के दाम वसूल रहा था। चेयरमैन बीआर नायडू के नेतृत्व वाले TTD बोर्ड द्वारा शॉल की क्वालिटी पर चिंता जताने के बाद शुरू की गई इस जांच से कथित धोखाधड़ी का पता चला। मंदिर प्रबंधन द्वारा ये शॉल बड़े दानदाताओं या वीआईपीज को दिए जाते हैं और वेदासिरवचनम जैसे मंदिर के रीति-रिवाजों में भी इनका इस्तेमाल होता है।


    10 साल से चल रहा था गोरखधंधा

    एक रिपोर्ट में कहा गया है कि ये गड़बड़ियां पिछले दस सालों के दौरान हुईं, जिससे मंदिर ट्रस्ट को लगभग 54 करोड़ रुपये से ज़्यादा का नुकसान हुआ है। TTD बोर्ड के चेयरमैन बीआर नायडू ने कहा, “एक शॉल जिसकी कीमत लगभग 350 रुपये है, उसका बिल 1,300 रुपये दिया गया और उसका भुगतान किया गया। कुल सप्लाई 50 करोड़ रुपये से ज़्यादा की होगी। हमने ACB (एंटी-करप्शन ब्यूरो) से जांच कराने को कहा है।”


    दो लैब में भेजे गए थे शॉल के सैंपल्स

    उन्होंने बाया कि शॉल के सैंपल्स साइंटिफिक एनालिसिस के लिए दो लैब में भेजे गए थे, जिनमें से एक सेंट्रल सिल्क बोर्ड (CSB) के तहत थी। दोनों टेस्ट से पता चला कि मैटेरियल पॉलिएस्टर था, जो टेंडर स्पेसिफिकेशन्स का साफ उल्लंघन है। विजिलेंस अधिकारियों ने यह भी देखा कि असली सिल्क प्रोडक्ट्स को ऑथेंटिकेट करने के लिए ज़रूरी सिल्क होलोग्राम, सप्लाई किए गए सैंपल्स में नहीं था। कहा जाता है कि इस दौरान TTD को कपड़े की ज्यादातर सप्लाई के लिए एक ही फर्म और उसकी सिस्टर कंपनियां जिम्मेदार थीं।


    सभी मौजूदा टेंडर कैंसल

    विजिलेंस रिपोर्ट पर तुरंत एक्शन लेते हुए, TTD ट्रस्ट बोर्ड ने फर्म के साथ सभी मौजूदा टेंडर कैंसल कर दिए हैं और पूरे मामले को पूरी क्रिमिनल जांच के लिए स्टेट एंटी-करप्शन ब्यूरो (ACB) को भेज दिया है। बता दें कि पिछले साल इसी मंदिर में नकली घी की सप्लाई करने और उससे प्रसादम (लड्डू) बनाने का मामला उजागर हुआ था। पांच साल को दौरान TTD को करीब 250 करोड़ रुपये मूल्य का 68 लाख किलो नकली घी की सप्लाई की गई थी।

  • राजनीति का सुखद पल… शरद पवार के घर डिनर में राहुल, अजित, अडानी समेत कई केंद्रीय मंत्री भी हुए शामिल

    राजनीति का सुखद पल… शरद पवार के घर डिनर में राहुल, अजित, अडानी समेत कई केंद्रीय मंत्री भी हुए शामिल


    नई दिल्ली।
    राजधानी दिल्ली (Capital Delhi) में राजनीतिक गलियारों की शाम बुधवार बेहद ख़ास रही. एनसीपी–एसपी प्रमुख शरद पवार (NCP-SP chief Sharad Pawar) के आवास पर दलगत सीमाओं से परे कई नेता डिनर के लिए जुटे. इस डिनर में देश के उद्योगपति भी नज़र आए. यह मुलाकात उनके 85वें जन्मदिन (85th Birthday) से ठीक एक दिन पहले हुई और माहौल पूरी तरह निजी रहा.

    शरद पवार एक दिग्गज नेता हैं, जो लंबे समय से सियासत करते आ रहे हैं और उनके डिनर आयोजन में मौजूद नेताओं की लिस्ट ने इसे और ख़ास बना दिया. इस डिनर आयोजन में कांग्रेस नेता राहुल गांधी और प्रियंका गांधी वाड्रा शामिल हुए. सबसे ज्यादा ध्यान इस आयोजन में उद्योगपति गौतम अडानी की मौजूदगी ने खींचा, क्योंकि राजनीति और व्यापार के ऐसे मेलजोल के मौके कम देखने को मिलते हैं.

    इसके अलावा तेलंगाना के मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी भी शामिल हुए. प्रदेश में नई सरकार बनने के बाद यह पहला मौका होगा जब मुख्यमंत्री रेड्डी किसी बड़े राजनीतिक आयोजन में दिखे। एक और दिलचस्प दृश्य देखने मिला कि शरद पवार के भतीजे और महाराष्ट्र के डिप्टी सीएम अजित पवार भी इस डिनर में शामिल दिखाई दिए. अजित पवार के इस आयोजन में शामिल होना दर्शाता है कि राजनीतिक मतभेदों के बावजूद दोनों के व्यक्तिगत रिश्ते राजनीति की सीमाओं से परे चलते हैं।

    शरद पवार ने छह दशक से अधिक समय तक राजनीति में सक्रिय रहकर लगभग हर दल के नेताओं से मजबूत संबंध बनाए हैं. महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री, रक्षा मंत्री और कृषि मंत्री जैसे कई महत्वपूर्ण पदों पर रहते हुए उन्होंने न केवल एडमिनिस्ट्रेटिव क्षमता दिखाई, बल्कि अपनी राजनीतिक समझ के कारण सम्मान भी हासिल किया।

  • नेतन्याहू ने PM मोदी से की फोन पर बातचीत, 'बहुत जल्द मुलाकात पर जताई सहमति'

    नेतन्याहू ने PM मोदी से की फोन पर बातचीत, 'बहुत जल्द मुलाकात पर जताई सहमति'


    येरूशलम।
    इस्राइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू (Israeli Prime Minister Benjamin Netanyahu) ने बुधवार (10 दिसंबर) को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Prime Minister Narendra Modi) से फोन पर बातचीत की। जिसमें दोनों नेताओं ने ‘बहुत जल्द’ मुलाकात करने पर सहमति जताई है। यह जानकारी इस्राइल प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) ने साझा की। नेतन्याहू और पीएम मोदी के बीच टेलीफोन पर हुई बातचीत के बारे में बताते हुए इस्राइल पीएमओ (Israel PMO) ने एक सोशल मीडिया पोस्ट शेयर किया।


    इस्राइली पीएमओ ने साझा किया पोस्ट

    पीएमओ की ओर से सोशल मीडिया पर जारी पोस्ट में कहा गया, “गर्मजोशी भरी और मित्रतापूर्ण बातचीत के अंत में दोनों नेताओं ने बहुत जल्द मिलने पर सहमति दी।” मालूम हो कि दोनों नेताओं ने आपसी बातचीत में भारत–इस्राइल रणनीतिक साझेदारी को आगे बढ़ाने पर सहमति जताई। इस्राइली प्रधानमंत्री की यह बहुप्रतीक्षित यात्रा दोनों तरफ से कई उच्च-स्तरीय मंत्री स्तरीय यात्राओं के बाद होगी।

    फ्री ट्रेड एग्रीमेंट के अंतिम चरण में दोनों देश
    इस साल इस्राइल के पर्यटन मंत्री हैम काट्ज, अर्थव्यवस्था और उद्योग मंत्री नीर बरकत, कृषि और खाद्य सुरक्षा मंत्री एवी डिचटर तथा वित्त मंत्री बेजलेल स्मोट्रिच भारत का दौरा कर चुके हैं। ये सभी दौरे दोनों रणनीतिक साझेदार देशों के बीच फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (FTA) को अंतिम रूप देने की दिशा में बढ़ते कदमों को दर्शाते हैं।

    दोनों देशों ने स्मोट्रिच की यात्रा के दौरान एक द्विपक्षीय निवेश संधि (BIT) पर हस्ताक्षर किए और फिर पिछले महीने वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल की इस्राइल यात्रा के दौरान FTA की ओर ले जाने वाले नियमों और शर्तों (TOR) पर हस्ताक्षर किए।


    भारत की यात्रा को लेकर किया था ये दावा खारिज

    हाल ही में कुछ मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया गया था कि दिल्ली धमाकों के बाद सुरक्षा कारणों से नेतन्याहू ने भारत की यात्रा स्थगित कर दी है, लेकिन इस्राइल पीएमओ ने इन दावों को खारिज कर दिया था। साथ ही इस्राइल ने भारत की सुरक्षा व्यवस्था पर ‘पूरा भरोसा’ जताते हुए कहा कि नेतन्याहू की यात्रा को लेकर दोनों देश तारीखों को अंतिम रूप देने की प्रक्रिया में हैं।

  • क्रिसमस 2025 का सुपर स्पेशल संयोग: 25/12/25, 100 साल में सिर्फ एक बार

    क्रिसमस 2025 का सुपर स्पेशल संयोग: 25/12/25, 100 साल में सिर्फ एक बार


    नई दिल्ली: 25 दिसंबर 2025 का क्रिसमस इस बार सिर्फ एक पर्व नहीं, बल्कि एक दुर्लभ कैलेंडर संयोग लेकर आ रहा है। तारीख 25/12/25 में दिन (25), महीना (12) और साल (25) का अद्भुत मेल देखने को मिलेगा। यह पैटर्न पूरे 100 साल में सिर्फ एक बार बनता है, जिससे यह क्रिसमस और भी ऐतिहासिक और यादगार बन गया है।

    100 साल में एक बार बनता है यह संयोग

    ऐसे दुर्लभ पैटर्न का पिछला उदाहरण 1925 में देखा गया था और अगली बार यह 2125 में ही बनेगा। जब यह संयोग किसी बड़े वैश्विक त्योहार जैसे क्रिसमस से जुड़ता है, तो इसकी अहमियत और बढ़ जाती है। कैलेंडर प्रेमियों और न्यूमेरोलॉजी फॉलोअर्स इसे ‘वन्स इन अ सेंचुरी डेट’ भी कहते हैं।

    सोशल मीडिया पर उत्साह

    25/12/25 के इस खास संयोग को लेकर सोशल मीडिया पर 251225 तेजी से ट्रेंड कर रहा है। लोग डिजिटल कार्ड, पोस्ट, डिजाइन और खास कलेक्शन बनाने में जुट गए हैं। कई लोग इस दिन शादी, सगाई और अन्य खास आयोजनों की योजना भी बना रहे हैं, ताकि यह दिन जीवनभर यादगार बन सके।

    क्या बनाता है यह तारीख खास?

    क्रिसमस की धार्मिक परंपराएं हर साल की तरह रहेंगी-चर्च में प्रार्थना, परिवार के साथ समय बिताना, उपहारों का आदान-प्रदान और जश्न। लेकिन इस बार तारीख की दुर्लभता इसे और रोमांचक और यादगार बना रही है। कई लोग इसे शुभ संयोग मान रहे हैं और इसे विशेष तरीके से मनाने की तैयारी कर रहे हैं।

    क्रिसमस 25 दिसंबर क्यों मनाया जाता है?

    क्रिसमस, यीशु मसीह के जन्मोत्सव के रूप में मनाया जाता है। हालांकि बाइबिल में उनकी सटीक जन्मतिथि दर्ज नहीं है, लेकिन ईस्वी 350 में पोप जूलियस प्रथम ने 25 दिसंबर को आधिकारिक रूप से क्रिसमस की तिथि घोषित की। यह तारीख रोमन साम्राज्य के विंटर सोल्सटिस और ‘सोल इन्विक्टस’ उत्सव के आसपास आती थी, जिससे ईसाई परंपराओं को आम लोगों में लोकप्रिय बनाना आसान हुआ।

    आज क्रिसमस कैसे मनाया जाता है

    आज क्रिसमस केवल धार्मिक पर्व नहीं, बल्कि एक वैश्विक सांस्कृतिक उत्सव बन चुका है। लोग इस दिन चर्च में प्रार्थना करते हैं, परिवार और मित्रों के साथ खुशियां बांटते हैं, उपहारों का आदान-प्रदान करते हैं और घरों को रंग-बिरंगी लाइटों और क्रिसमस ट्री से सजाते हैं।

    25/12/25 का क्रिसमस भी यही सब होगा, लेकिन इस दुर्लभ तारीख की वजह से यह दिन इतिहास में और भी विशेष और यादगार बन जाएगा।

  • CBSE ने क्लास 10 के लिए जारी की नई गाइडलाइन, उत्तर पुस्तिका में लिखने का तरीका बदला

    CBSE ने क्लास 10 के लिए जारी की नई गाइडलाइन, उत्तर पुस्तिका में लिखने का तरीका बदला


    नई दिल्ली: केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) ने कक्षा 10 बोर्ड परीक्षा 2026 के लिए छात्रों के लिए महत्वपूर्ण दिशा-निर्देश जारी किए हैं। बोर्ड ने विज्ञान और सामाजिक विज्ञान के प्रश्नों के उत्तर लिखने के तरीके में बड़ा बदलाव किया है। अब छात्रों को अपनी उत्तर पुस्तिका को अलग-अलग सेक्शनों में बांटकर लिखना अनिवार्य होगा।

    तीन हिस्सों में विज्ञान का प्रश्नपत्र

    CBSE के अनुसार विज्ञान का प्रश्नपत्र तीन हिस्सों में विभाजित होगा:

    सेक्शन A: बायोलॉजी

    सेक्शन B: केमिस्ट्री

    सेक्शन C: फिजिक्स

    छात्रों को उत्तर पुस्तिका में भी इसी क्रम में तीन अलग-अलग सेक्शन बनाकर अपने उत्तर लिखने होंगे। अगर किसी छात्र ने फिजिक्स का उत्तर गलती से बायोलॉजी वाले सेक्शन में लिखा, तो उस प्रश्न के अंक नहीं मिलेंगे।

    चार हिस्सों में सामाजिक विज्ञान का प्रश्नपत्र

    सामाजिक विज्ञान के प्रश्नपत्र को चार सेक्शनों में बांटा गया है:

    सेक्शन A: इतिहास

    सेक्शन B: भूगोल

    सेक्शन C: राजनीति विज्ञान

    सेक्शन D: अर्थशास्त्र

    छात्रों को उत्तर पुस्तिका में भी चार स्पष्ट सेक्शन बनाकर ही उत्तर लिखना होगा। किसी भी उत्तर को गलत सेक्शन में लिखने पर उसे मूल्यांकन नहीं किया जाएगा।

    CBSE के मुख्य निर्देश

    विज्ञान की उत्तर पुस्तिका में तीन सेक्शन, और सामाजिक विज्ञान की उत्तर पुस्तिका में चार सेक्शन बनाना अनिवार्य है।

    किसी भी उत्तर को गलत सेक्शन में नहीं लिखा जा सकता।

    अगर कोई छात्र ऐसा करता है, तो उस उत्तर का मूल्यांकन नहीं होगा, और री-चेकिंग या री-इवैल्युएशन में भी इसे सही नहीं किया जा सकेगा।

    बोर्ड ने साफ किया है कि यह बदलाव उत्तर पुस्तिका को व्यवस्थित और मूल्यांकन प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने के लिए किया गया है। छात्रों को समय रहते इन नई गाइडलाइन्स को समझकर अभ्यास करना जरूरी होगा।

  • शशि थरूर ने ठुकराया वीर सावरकर अवॉर्ड, आयोजकों का दावा: कांग्रेस के डर से पीछे हटे सांसद

    शशि थरूर ने ठुकराया वीर सावरकर अवॉर्ड, आयोजकों का दावा: कांग्रेस के डर से पीछे हटे सांसद


    नई दिल्ली: कांग्रेस सांसद शशि थरूर एक बार फिर विवादों में आ गए हैं। इस बार वजह है वीर सावरकर अवॉर्ड। हाल ही में पुरस्कार आयोजकों ने इस वर्ष के विजेताओं की सूची में थरूर का नाम शामिल किया, लेकिन सांसद ने यह अवॉर्ड स्वीकार करने से साफ इंकार कर दिया।

    थरूर का पक्ष

    शशि थरूर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर पोस्ट करते हुए कहा कि उन्हें मीडिया रिपोर्ट्स के माध्यम से ही पता चला कि उन्हें अवॉर्ड के लिए चुना गया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि उन्हें इसके बारे में कोई पूर्व जानकारी नहीं थी और न ही उन्होंने इसे स्वीकार किया था। थरूर ने इसे आयोजकों की गैर-जिम्मेदाराना कार्रवाई बताया।

    उन्होंने कहा, “पुरस्कार की प्रकृति, इसे देने वाले संगठन या अन्य विवरणों की जानकारी न होने के कारण, मेरे शामिल होने या पुरस्कार स्वीकार करने का सवाल ही नहीं उठता।”

    आयोजकों का पलटवार

    वहीं, पुरस्कार आयोजक हाई रेंज रूरल डेवलपमेंट सोसाइटी (HRDS) इंडिया ने थरूर के आरोपों को खारिज कर दिया। HRDS के सचिव अजी कृष्णन ने कहा कि थरूर को काफी पहले ही सूचित किया गया था। उन्होंने दावा किया कि संगठन और जूरी के चेयरमैन ने थरूर से उनके आवास पर मुलाकात कर उन्हें समारोह में शामिल होने के लिए आमंत्रित किया था।

    कृष्णन ने कहा कि थरूर ने उस समय अन्य अवॉर्ड विजेताओं की सूची भी मांगी और उन्हें वह सूची दे दी गई। उन्होंने सीधे आरोप लगाया कि शायद थरूर कांग्रेस की प्रतिक्रिया के डर से अवॉर्ड लेने से पीछे हटे।

    राजनीतिक बहस

    सावरकर पर अपनी बेबाक टिप्पणियों के लिए जाने जाने वाले थरूर का यह कदम अब राजनीतिक चर्चा का विषय बन गया है। कांग्रेस पार्टी, जो ऐतिहासिक रूप से सावरकर की विचारधारा की आलोचक रही है, के एक सांसद का पुरस्कार ठुकराना पार्टी लाइन के अनुरूप है।

    हालांकि आयोजकों के दावे ने विवाद को नया आयाम दिया है। अब यह मामला केवल पुरस्कार तक सीमित नहीं रहा, बल्कि राजनीतिक बहस और मीडिया में बड़े पैमाने पर चर्चा का केंद्र बन गया है।

  • UP में रोजगार का मेगा मिशन: CM योगी ने गोरखपुर में आधुनिक ITI भवन का किया उद्घाटन, बोले-“50 हजार युवाओं को मिली है सीधे नौकरी”

    UP में रोजगार का मेगा मिशन: CM योगी ने गोरखपुर में आधुनिक ITI भवन का किया उद्घाटन, बोले-“50 हजार युवाओं को मिली है सीधे नौकरी”


    गोरखपुर। उत्तर प्रदेश सरकार ने युवाओं को कौशल और रोजगार से जोड़ने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पिपरौली ब्लॉक में नवनिर्मित राजकीय ITI भवन का उद्घाटन किया। यह अत्याधुनिक ITI पावर ग्रिड कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड द्वारा CSR फंडिंग के तहत बनाया गया है।

    सरकार का यह प्रयास न सिर्फ तकनीकी शिक्षा को आधुनिक बनाएगा, बल्कि गोरखपुर को कौशल विकास का नया केंद्र बनाने की दिशा में भी मील का पत्थर साबित होगा।

    GIDA के अनुरूप तैयार होगा आधुनिक वर्कफोर्स

    सीएम योगी ने कहा कि यह नया ITI, गोरखपुर औद्योगिक विकास प्राधिकरण (GIDA) में तेजी से बढ़ते औद्योगिक माहौल के हिसाब से युवाओं को भविष्य की तकनीकों में दक्ष बनाएगा।
    उन्होंने कहा-
    अब युवाओं को सिर्फ पारंपरिक हुनर नहीं, बल्कि ड्रोन, AI, रोबोटिक्स, 3D प्रिंटिंग और IoT जैसी अत्याधुनिक तकनीकों का भी प्रशिक्षण दिया जाएगा। इसके लिए ITI में अल्पकालिक और दीर्घकालिक दोनों प्रकार के कोर्स शुरू किए गए हैं।

    सरकार का लक्ष्य है कि हर युवा नई टेक्नोलॉजी पर पकड़ बनाए और रोजगार की नई संभावनाओं का लाभ उठा सके।

    GIDA में 15,000 करोड़ का निवेश-50,000 को मिली नौकरी

    मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बताया कि बीते आठ वर्षों में गोरखपुर के GIDA क्षेत्र में अब तक 12–15 हजार करोड़ का निवेश हो चुका है।
    इससे सीधे 50,000 युवाओं को नौकरी मिली है।

    उन्होंने कहा-
    “UP अब निवेश का नया गढ़ बन चुका है। उद्योगों के स्थापित होने से युवाओं को बड़े पैमाने पर रोजगार मिल रहा है।”

    यह आंकड़ा स्पष्ट करता है कि योगी सरकार प्रदेश में उद्योग, तकनीकी प्रशिक्षण और स्किल डेवलपमेंट को मजबूत करने पर बेहद जोर दे रही है।

    UP में हर गांव से निकलेगा नया टैलेंट

    हाल ही में सीएम योगी ने 75 जिलों में एक साथ बड़े पैमाने पर कौशल विकास कार्यक्रम शुरू करने की घोषणा की है। सरकार का लक्ष्य है कि हर गांव, हर ब्लॉक और हर जिले से तकनीकी रूप से प्रशिक्षित युवा निकलकर रोजगार और उद्यमिता के नए अवसरों को अपनाएं।

    राज्य में सांस्कृतिक प्रोजेक्ट्स को भी बढ़ावा

    इसी बीच योगी सरकार ने सांस्कृतिक विकास के लिए भी बड़े कदम उठाए हैं-

    दीपावली को यूनेस्को की अमूर्त विरासत सूची में शामिल किए जाने पर CM ने प्रसन्नता जताई।

    बरेली के छह प्राचीन मंदिरों के विकास के लिए 11.98 करोड़ स्वीकृत किए गए हैं।

    गोरखपुर ITI का उद्घाटन, GIDA में बढ़ता निवेश और हजारों युवाओं को मिली नौकरी-ये सब दर्शाते हैं कि योगी सरकार तकनीक, कौशल और रोजगार को लेकर तेजी से आगे बढ़ रही है। आने वाले समय में UP का हर जिला आधुनिक शिक्षा और औद्योगिक विकास का बड़ा केंद्र बन सकता है।

  • दिवाली हुई ग्लोबल: यूनेस्को की अमूर्त सांस्कृतिक विरासत सूची में शामिल, भारत में जश्न-PM मोदी बोले, दुनिया में बढ़ेगी दिवाली की लोकप्रियता

    दिवाली हुई ग्लोबल: यूनेस्को की अमूर्त सांस्कृतिक विरासत सूची में शामिल, भारत में जश्न-PM मोदी बोले, दुनिया में बढ़ेगी दिवाली की लोकप्रियता


    नई दिल्ली। भारत के सबसे बड़े और पवित्र त्योहारों में से एक दिवाली को अब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी ऐतिहासिक मान्यता मिल गई है। यूनेस्को ने बुधवार को दीपावली को अपनी अमूर्त सांस्कृतिक विरासत (Intangible Cultural Heritage) सूची में शामिल करने की घोषणा की। यह फैसला नई दिल्ली के लाल किले में हो रही 20वीं अंतरसरकारी समिति की बैठक में लिया गया, जिसमें 78 देशों के नामांकन पर विचार किया जा रहा है।

    PM मोदी ने जताई खुशी

    यूनेस्को के इस फैसले पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि पूरी दुनिया में भारतीय समुदाय के लिए यह गर्व का क्षण है। उन्होंने एक्स पर लिखा-
    “दीपावली हमारी संस्कृति और मूल्यों का जीवंत प्रतीक है। इसे वैश्विक विरासत सूची में शामिल किए जाने से इस उत्सव की लोकप्रियता और बढ़ेगी। यह त्योहार सत्य, प्रकाश और मानवता की विजय का संदेश देता है।”

    भारत पहली बार कर रहा है समिति की मेजबानी

    यह पहला अवसर है जब भारत यूनेस्को की ICH समिति की बैठक की मेजबानी कर रहा है। लाल किले पर आयोजित इस सत्र में हजारों वर्षों पुरानी भारतीय परंपराओं को विशेष रूप से प्रदर्शित किया गया। दिवाली को सूची में शामिल किए जाने की घोषणा होते ही “वंदे मातरम” और “भारत माता की जय” के नारे गूंज उठे।

    केंद्रीय संस्कृति मंत्री ने इसे बताया ऐतिहासिक सम्मान

    केंद्रीय संस्कृति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने कहा-
    “यह सिर्फ त्योहार नहीं, भारतीय समाज की भावनात्मक धरोहर है। मिट्टी के दीये बनाने वाले कुम्हारों से लेकर हाथों से सजावट तैयार करने वाले कारीगरों तक-लाखों लोग इस परंपरा से जुड़े हैं। यूनेस्को का टैग हमें इसे भविष्य के लिए सुरक्षित रखने की जिम्मेदारी भी देता है।”

    दिल्ली में मनाया जाएगा विशेष उत्सव

    दिवाली को वैश्विक विरासत सूची में जगह मिलने के बाद दिल्ली सरकार ने शहर को रोशनी से सजाने, सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित करने और विशेष दीप-प्रज्वलन समारोह की तैयारी की है। कई ऐतिहासिक इमारतों को शानदार लाइटिंग से सजाया गया है।

    क्यों है दिवाली इतनी खास?

    दिवाली भारत ही नहीं, बल्कि दुनिया के कई देशों में रहने वाले करोड़ों लोगों का सबसे महत्वपूर्ण त्योहार है।

    हिंदू, सिख, जैन और कई अन्य समुदाय इसे अपनी-अपनी धार्मिक परंपराओं के अनुसार मनाते हैं।

    यह त्योहार अंधकार पर प्रकाश, बुराई पर अच्छाई और अज्ञान पर ज्ञान की जीत का प्रतीक है।

    उत्तर भारत में इसे भगवान श्रीराम के अयोध्या लौटने की स्मृति में मनाया जाता है।

    अमावस्या की रात घरों में दीये जलाना, रंगोली बनाना, लक्ष्मी पूजा, मिठाइयाँ बांटना और नई खरीदारी करना इस उत्सव का महत्वपूर्ण हिस्सा है।

    भारत की ये परंपराएँ पहले से सूची में शामिल हैं

    दिवाली के साथ भारत की कुल 15 सांस्कृतिक परंपराएँ अब यूनेस्को की अमूर्त विरासत सूची का हिस्सा हैं। इनमें शामिल हैं-

    रामलीला

    योग

    कुंभ मेला

    कोलकाता की दुर्गा पूजा

    गुजरात का गरबा

    वैदिक मंत्रोच्चार परंपरा

    यूनेस्को की सूची में दिवाली का शामिल होना सिर्फ एक सम्मान नहीं, बल्कि भारतीय संस्कृति की वैश्विक शक्ति का प्रमाण है। यह त्योहार अब दुनिया भर में भारतीय पहचान और सांस्कृतिक विविधता का और मजबूत प्रतीक बन जाएगा।

  • 'EVM नहीं, दिलों को हैक करते हैं PM मोदी'; कंगना रनौत का कांग्रेस पर तंज

    'EVM नहीं, दिलों को हैक करते हैं PM मोदी'; कंगना रनौत का कांग्रेस पर तंज


    नई दिल्ली। संसद के शीतकालीन सत्र के दौरान बीजेपी सांसद कंगना रनौत संसद कांग्रेस के EVM हैक वाले आरोप को लेकर बड़ा आरोप लगया। कंगना रनौता ने कहा कि कांग्रेस वालों तुम लोग ये समझ नहीं पा रहे, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी EVM हैक नहीं करते प्रधानमंत्री, वो तो दिलों को हैक करते है।Modi EVM Hack Row
    दरअसल, फिल्म अभिनेत्री और बीजेपी सांसद कंगना रनौत ने लोकसभा में एसआईआर पर चर्चा के दौरान बोल रहीं थी। इस दौरान उन्होंने में एसआईआर पर बात करते हुए कहा कि पीएम मोदी ‘EVM नहीं बल्कि दिल हैक करते हैं। कंगना रनौत का कहना है कि विपक्ष ने सदन को चलने नहीं दिया और हर तरह की चालें चलीं।

    उल्लेखनीय है कि संसद के शीतकालीन सत्र के दौरान जहां विपक्ष ने एसआईआर, वोट चोरी और वंदे मातरम के मुद्दे पर सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल रखा है। इसी के जवाब के दौरान बीजेपी सांसद कंगना रनौत ने बीजेपी पर तीखा व्यंग किया।

    इससे पहले हिमाचल प्रदेश के मंडी से बीजेपी सांसद कंगना रनौत ने राहुल गांधी के जर्मनी दौरे को लेकर बड़ा बयान दिया। उन्होंने कहा, ‘मैं उनके (राहुल गांधी) के दौरों की कोई खबर नहीं रखती हूं, न ही उनके बारे में कोई न्यूज पढ़ती हूं। उनकी खबरें हमेशा बेकार ही होती हैं।’ उन्होंने कहा कि राहुल गांधी के चरित्र में कोई ताकत नहीं है इसलिए मेरे पास कहने के लिए कुछ नहीं है।

    राहुल गांधी पर्यटन वाले नेता
    राहुल गांधी के जर्मनी यात्रा को लेकर भाजपा ने निशाना साधते हुए उन्हें पर्यटन वाला नेता कहा है। एक तरफ जहां, सत्ताधारी बीजेपी ने उन पर बार-बार विदेश यात्राओं के लिए अपने कर्तव्यों की उपेक्षा करने का आरोप लगाया है। तो वहीं, कांग्रेस ने पलटवार करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की विदेश यात्राओं का हवाला दिया है।