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  • यूपी सरकार ने 455 लेखपालों को पदोन्नति देकर बनाया राजस्व निरीक्षक, ऑनलाइन डीपीसी से पूरी हुई चयन वर्ष 2025-26 की प्रक्रिया

    यूपी सरकार ने 455 लेखपालों को पदोन्नति देकर बनाया राजस्व निरीक्षक, ऑनलाइन डीपीसी से पूरी हुई चयन वर्ष 2025-26 की प्रक्रिया

    नई दिल्ली । उत्तर प्रदेश सरकार ने राजस्व प्रशासन को मजबूत करने के उद्देश्य से प्रदेश के 455 लेखपालों को पदोन्नति देकर राजस्व निरीक्षक यानी कानूनगो बनाया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर उत्तर प्रदेश राजस्व परिषद बोर्ड ने चयन वर्ष 2025-26 के तहत ऑनलाइन विभागीय पदोन्नति समिति (डीपीसी) की प्रक्रिया पूरी की। पदोन्नत कर्मचारियों की तैनाती से संबंधित आदेश जल्द जारी किए जाएंगे। इस निर्णय से राजस्व निरीक्षक संवर्ग में रिक्त पदों को भरने में मदद मिलने की उम्मीद है।

    उत्तर प्रदेश राजस्व परिषद बोर्ड के चेयरमैन बीएल मीणा के अनुसार, पदोन्नति की पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन माध्यम से संपन्न कराई गई। इसके तहत निर्धारित पात्रता मानकों और कर्मचारियों के सेवा अभिलेखों के आधार पर उनकी पात्रता का परीक्षण किया गया। जांच के बाद कुल 455 लेखपालों को राजस्व निरीक्षक के पद पर पदोन्नति के लिए उपयुक्त पाया गया। ऑनलाइन डीपीसी के माध्यम से प्रक्रिया पूरी किए जाने से विभागीय पदोन्नति में पारदर्शिता और समयबद्धता को बढ़ावा मिला है। चयन प्रक्रिया में पात्रता और सेवा अभिलेखों को आधार बनाया गया।

    पदोन्नति के बाद राजस्व निरीक्षक संवर्ग में खाली पदों को भरने में सहायता मिलेगी। इससे तहसील और क्षेत्रीय स्तर पर राजस्व से जुड़े कार्यों की निगरानी और पर्यवेक्षण को अधिक प्रभावी बनाने की उम्मीद है। राजस्व निरीक्षक प्रशासनिक व्यवस्था की महत्वपूर्ण कड़ी होते हैं। उनकी जिम्मेदारियों में राजस्व कार्यों की निगरानी, अभिलेखों के रखरखाव और भूमि से संबंधित मामलों में विभागीय प्रक्रियाओं के प्रभावी क्रियान्वयन में भूमिका निभाना शामिल है। ऐसे में पदोन्नत कर्मचारियों की तैनाती से क्षेत्रीय स्तर पर राजस्व प्रशासन की कार्यप्रणाली को गति मिल सकती है।

    भूमि संबंधी मामलों के निस्तारण, जमीन की पैमाइश और राजस्व अभिलेखों से जुड़े कामों में भी इस पदोन्नति से तेजी आने की उम्मीद जताई गई है। तहसील स्तर पर राजस्व निरीक्षकों की भूमिका विभिन्न राजस्व कार्यों के पर्यवेक्षण और विभागीय प्रक्रियाओं को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण होती है। पदोन्नति के बाद रिक्त पदों पर नियुक्ति होने से संबंधित कामकाज के संचालन में मदद मिल सकती है। हालांकि, पदोन्नत कर्मचारियों की तैनाती के आदेश अभी जारी होने बाकी हैं। आदेश जारी होने के बाद कर्मचारियों की नियुक्ति से संबंधित जानकारी स्पष्ट होगी।

    मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ राजस्व मामलों के त्वरित और न्यायसंगत निस्तारण के साथ प्रशासनिक प्रक्रियाओं में तकनीक के अधिकतम इस्तेमाल पर जोर देते रहे हैं। इसी दिशा में ऑनलाइन डीपीसी को कार्मिक प्रबंधन में पारदर्शिता, निष्पक्षता और तकनीक के प्रभावी उपयोग की पहल के रूप में देखा जा रहा है। विभागीय पदोन्नति की प्रक्रिया को ऑनलाइन माध्यम से पूरा करने का उद्देश्य निर्धारित मानकों के अनुसार कर्मचारियों की पात्रता का परीक्षण करना और प्रक्रिया को समयबद्ध तरीके से संपन्न कराना है।

    राज्य सरकार राजस्व प्रशासन को अधिक जवाबदेह और प्रभावी बनाने के लिए विभागीय प्रक्रियाओं को तकनीक से जोड़ने पर जोर दे रही है। 455 लेखपालों की पदोन्नति इसी प्रक्रिया का हिस्सा है। इससे राजस्व निरीक्षक संवर्ग में रिक्त पदों को भरने के साथ तहसील और क्षेत्रीय स्तर पर प्रशासनिक निगरानी को मजबूती मिलने की उम्मीद है। अब पदोन्नत कर्मचारियों की तैनाती के आदेश जारी होने का इंतजार है, जिसके बाद वे अपने नए पद के अनुसार जिम्मेदारियां संभालेंगे।

  • दिल्ली में 10 अक्टूबर के प्रदर्शन से रेल यातायात प्रभावित, नई दिल्ली और हजरत निजामुद्दीन आने वाली कई ट्रेनें रद्द

    दिल्ली में 10 अक्टूबर के प्रदर्शन से रेल यातायात प्रभावित, नई दिल्ली और हजरत निजामुद्दीन आने वाली कई ट्रेनें रद्द

    नई दिल्ली । राजधानी दिल्ली में 10 अक्टूबर को होने वाले विरोध प्रदर्शन का असर रेल यात्रियों की आवाजाही पर पड़ने की संभावना है। प्रदर्शन को देखते हुए रेलवे ने नई दिल्ली और हजरत निजामुद्दीन रेलवे स्टेशन आने वाली कई ट्रेनों को रद्द करने का फैसला किया है। इससे शनिवार को दिल्ली पहुंचने की योजना बना रहे यात्रियों को परेशानी हो सकती है। जिन लोगों ने 10 अक्टूबर के लिए ट्रेन का टिकट बुक कराया है, उन्हें घर से निकलने से पहले अपनी ट्रेन की स्थिति की जानकारी लेने की सलाह दी गई है।

    रेलवे के मुताबिक, 10 अक्टूबर को दोपहर 2 बजे के बाद अपने शुरुआती स्टेशन से रवाना होने वाली कुछ ट्रेनें रद्द रहेंगी। इस फैसले के दायरे में ऐसी ट्रेनें भी शामिल हैं, जिन्हें शनिवार सुबह 4 बजे से दोपहर 2 बजे के बीच नई दिल्ली या हजरत निजामुद्दीन रेलवे स्टेशन पहुंचना था। ऐसे में दिल्ली आने वाले यात्रियों के लिए अपनी ट्रेन से संबंधित जानकारी पहले से प्राप्त करना जरूरी है। इससे उन्हें स्टेशन पहुंचने के बाद ट्रेन रद्द होने या यात्रा कार्यक्रम में बदलाव के कारण होने वाली असुविधा से बचने में मदद मिल सकती है।

    दिल्ली के जंतर-मंतर पर 10 अक्टूबर को विरोध प्रदर्शन प्रस्तावित है। प्रदर्शन को देखते हुए नई दिल्ली और हजरत निजामुद्दीन रेलवे स्टेशन के आसपास भीड़ बढ़ने और यातायात प्रभावित होने की आशंका जताई गई है। इसी स्थिति को ध्यान में रखते हुए कुछ मेल और एक्सप्रेस ट्रेनों को रद्द करने का निर्णय लिया गया है। रेलवे के अनुसार, इस व्यवस्था का उद्देश्य यात्रियों को संभावित परेशानियों से बचाने में मदद करना है। प्रदर्शन के दौरान संबंधित इलाकों में आवाजाही बढ़ने की आशंका के कारण यात्रियों को अपनी यात्रा की योजना बनाते समय सावधानी बरतने की जरूरत है।

    यह विरोध प्रदर्शन चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ किया जा रहा है। इसके चलते दिल्ली में रेल यात्रियों की आवाजाही पर भी असर पड़ने की संभावना बताई गई है। खासकर उन यात्रियों को अपनी यात्रा से जुड़ी जानकारी पर ध्यान देना चाहिए, जिन्हें शनिवार सुबह दिल्ली पहुंचना है। ट्रेन रद्द होने की स्थिति में यात्रियों को अपने कार्यक्रम में बदलाव करना पड़ सकता है। इसलिए स्टेशन के लिए रवाना होने से पहले ट्रेन की निर्धारित स्थिति की पुष्टि करना महत्वपूर्ण है।

    यात्री अपनी ट्रेन के संचालन और रद्द होने से संबंधित जानकारी रेलवे की आधिकारिक वेबसाइट या नेशनल ट्रेन इन्क्वायरी सिस्टम (एनटीईएस) ऐप के माध्यम से देख सकते हैं। इन माध्यमों से यह पता लगाया जा सकता है कि संबंधित ट्रेन निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार चल रही है या उसे रद्द किया गया है। यात्रियों को केवल पुराने टिकट या पहले से तय समय पर निर्भर रहने के बजाय यात्रा से पहले उपलब्ध ताजा जानकारी जांचनी चाहिए। खासकर नई दिल्ली और हजरत निजामुद्दीन आने वाली ट्रेनों से सफर करने वाले लोगों को यह जांच कर लेनी चाहिए कि उनकी ट्रेन पर रद्दीकरण का असर पड़ा है या नहीं।

  • नाना पाटेकर का अंतिम संस्कार देर रात क्यों हुआ? बेटे मल्हार ने बताई वजह, सुबह निधन के बाद लिया था फैसला

    नाना पाटेकर का अंतिम संस्कार देर रात क्यों हुआ? बेटे मल्हार ने बताई वजह, सुबह निधन के बाद लिया था फैसला

    नई दिल्ली: हिंदी सिनेमा के अभिनेता नाना पाटेकर का 75 वर्ष की उम्र में गोवा में निधन हो गया। 8 अक्टूबर की सुबह उनकी तबीयत बिगड़ने के बाद उन्हें अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। इसके बाद देर रात उनका अंतिम संस्कार किया गया। बेटे मल्हार पाटेकर और उनकी पत्नी ने उन्हें मुखाग्नि दी। नाना को अंतिम विदाई देने के लिए परिवार के सदस्यों के साथ उनके करीबी और फिल्म जगत से जुड़े कई लोग पहुंचे। अंतिम संस्कार देर रात किए जाने को लेकर जब मल्हार से सवाल पूछा गया, तो उन्होंने इसकी वजह बताई।

    मल्हार पाटेकर से पूछा गया कि अंतिम संस्कार इतनी देर रात क्यों किया गया, जबकि कई अन्य लोग और फिल्म जगत की हस्तियां भी नाना को अंतिम विदाई देने के लिए पहुंचना चाहती थीं। सवाल में यह भी कहा गया कि बॉलीवुड के कई लोग अंतिम संस्कार में शामिल नहीं हो सके, ऐसे में उसी रात अंतिम विदाई देने की क्या जरूरत थी। इस पर मल्हार ने स्पष्ट किया कि परिवार के फैसले के पीछे ऐसी कोई खास वजह नहीं थी, जैसा सवाल में पूछा जा रहा था।

    मल्हार ने बताया कि नाना पाटेकर के साथ यह घटना सुबह जल्दी हुई थी और तब तक काफी समय बीत चुका था। इसलिए परिवार ने उसी दिन अंतिम संस्कार करने का फैसला किया। उन्होंने कहा कि ऐसा कोई विशेष कारण नहीं था कि अंतिम संस्कार रात में ही करना जरूरी था या अगले दिन नहीं किया जा सकता था। परिवार ने परिस्थितियों को देखते हुए उसी दिन उन्हें विदाई देने का निर्णय लिया। इस तरह मल्हार ने देर रात अंतिम संस्कार किए जाने को लेकर उठ रहे सवालों का जवाब दिया।

    नाना पाटेकर को राजकीय सम्मान के साथ अंतिम विदाई दी गई। उनके अंतिम सफर के दौरान ‘नाना साहेब अमर रहें’ के नारे भी सुनाई दिए। अंतिम संस्कार में अभिनेता जैकी श्रॉफ, फिल्म निर्देशक अनिल शर्मा, प्रवीण तरड़े, ‘क्रांतिवीर’ के निर्देशक मेहुल कुमार, लेखक किरण और महेश मांजरेकर की पत्नी मेधा मांजरेकर सहित कई लोग शामिल हुए। नाना के चाहने वाले और करीबी भी उन्हें अंतिम विदाई देने पहुंचे। उनके निधन से फिल्म जगत में शोक का माहौल रहा।

    नाना पाटेकर की तबीयत गोवा स्थित उनके फ्लैट में बिगड़ी थी। जानकारी के मुताबिक, उन्हें सीने में तेज दर्द हुआ था। इसके बाद उनके बेटे मल्हार के अनुसार, घर पर मेडिकल टीम बुलाई गई। टीम जब पहुंची, तब नाना बेहोशी की हालत में थे। उन्हें बचाने की कोशिश की गई और फिर तुरंत मणिपाल अस्पताल ले जाया गया। अस्पताल में डॉक्टरों ने उनकी जान बचाने के लिए प्रयास जारी रखे।

    अस्पताल में डॉक्टरों ने करीब 45 मिनट तक सीपीआर देकर नाना पाटेकर को बचाने की कोशिश की, लेकिन उनकी हालत में सुधार नहीं हुआ। इसके बाद सुबह 5 बजकर 20 मिनट पर डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। 75 वर्ष की उम्र में उनके निधन के बाद परिवार ने उसी दिन अंतिम संस्कार करने का फैसला लिया। मल्हार के बयान के अनुसार, सुबह घटना होने और काफी समय बीत जाने के कारण परिवार ने देर रात अंतिम विदाई दी। अंतिम संस्कार में मौजूद लोगों ने नाना को श्रद्धांजलि दी और उन्हें याद किया।

  • नाना पाटेकर का देर रात क्यों हुआ अंतिम संस्कार? बेटे मल्हार ने बताई वजह, 75 साल की उम्र में हुआ निधन

    नाना पाटेकर का देर रात क्यों हुआ अंतिम संस्कार? बेटे मल्हार ने बताई वजह, 75 साल की उम्र में हुआ निधन

    नई दिल्ली: हिंदी और मराठी सिनेमा के अभिनेता नाना पाटेकर का 75 साल की उम्र में निधन हो गया। गोवा में उनके निधन के बाद गुरुवार, 8 अक्टूबर की देर रात उनका अंतिम संस्कार किया गया। बेटे मल्हार पाटेकर और पत्नी ने उन्हें मुखाग्नि दी। नाना पाटेकर के अंतिम दर्शन और विदाई के लिए उनके परिवार के सदस्यों, करीबी लोगों और फिल्म जगत से जुड़े कई कलाकारों ने पहुंचकर श्रद्धांजलि दी। हालांकि, देर रात अंतिम संस्कार किए जाने को लेकर सवाल भी उठे। इस पर उनके बेटे मल्हार ने स्पष्ट किया कि परिवार ने किसी विशेष वजह से अंतिम संस्कार में देरी नहीं की थी। उन्होंने बताया कि नाना पाटेकर के निधन की घटना सुबह जल्दी हुई थी और तब तक काफी समय बीत चुका था। इसी कारण परिवार ने उसी दिन अंतिम संस्कार करने का फैसला लिया।

    नाना पाटेकर के अंतिम संस्कार के बाद उनके बेटे मल्हार से पूछा गया कि जब फिल्म जगत के कई लोग और अन्य परिचित उन्हें अंतिम विदाई देना चाहते थे, तो अंतिम संस्कार इतनी देर रात क्यों किया गया। सवाल में यह भी कहा गया कि देर होने के कारण फिल्म उद्योग से जुड़े कई लोग अंतिम दर्शन के लिए नहीं पहुंच सके। इस पर मल्हार ने कहा कि ऐसी कोई विशेष बात नहीं थी कि अंतिम संस्कार देर रात ही करना जरूरी था। उन्होंने बताया कि परिवार के सामने ऐसा कोई कारण नहीं था कि अंतिम संस्कार अगले दिन किया जाता। चूंकि घटना सुबह जल्दी हुई थी और तब तक काफी समय बीत चुका था, इसलिए परिवार ने उसी दिन अंतिम संस्कार करने का निर्णय लिया। उनके बयान से स्पष्ट हुआ कि अंतिम विदाई का समय परिवार के फैसले के अनुसार तय किया गया था।

    नाना पाटेकर को अंतिम विदाई राजकीय सम्मान के साथ दी गई। उनके अंतिम सफर के दौरान मौजूद लोगों ने श्रद्धांजलि दी और ‘नाना साहेब अमर रहें’ के नारे भी सुनाई दिए। उनके निधन से फिल्म जगत में शोक का माहौल रहा। अंतिम संस्कार में अभिनेता जैकी श्रॉफ, फिल्म निर्देशक अनिल शर्मा, प्रवीण तरड़े, फिल्म ‘क्रांतिवीर’ के निर्देशक मेहुल कुमार, ‘नटसम्राट’ के लेखक किरण और महेश मांजरेकर की पत्नी मेधा मांजरेकर सहित कई लोग पहुंचे। इन लोगों ने नाना पाटेकर को अंतिम विदाई दी। उनके लंबे फिल्मी करियर और अभिनय के कारण उन्हें जानने वाले लोगों के लिए उनका निधन एक बड़ी क्षति है। अंतिम संस्कार में शामिल लोगों ने परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त की।

    नाना पाटेकर का निधन गोवा स्थित उनके फ्लैट में सीने में तेज दर्द होने के बाद हुआ। जानकारी के मुताबिक, उनकी तबीयत बिगड़ने पर घर पर मेडिकल टीम पहुंची। उस समय वह बेहोशी की हालत में मिले। उन्हें बचाने के लिए चिकित्सकीय प्रयास किए गए और इसके बाद तुरंत मणिपाल अस्पताल ले जाया गया। अस्पताल में डॉक्टरों ने उन्हें बचाने की कोशिश जारी रखी। बताया गया कि डॉक्टरों ने करीब 45 मिनट तक सीपीआर दिया, लेकिन उनकी हालत में सुधार नहीं हुआ। इसके बाद सुबह 5 बजकर 20 मिनट पर उन्हें मृत घोषित कर दिया गया। नाना पाटेकर 75 वर्ष के थे। उनके निधन के बाद परिवार ने उसी दिन अंतिम संस्कार करने का फैसला किया और देर रात उन्हें अंतिम विदाई दी गई। उनके बेटे मल्हार ने अंतिम संस्कार के समय को लेकर उठे सवालों पर परिवार का पक्ष स्पष्ट किया।

  • नाना पाटेकर की मौत के मामले में अप्राकृतिक डेथ का केस दर्ज… पणजी पुलिस ने शुरू की जांच

    नाना पाटेकर की मौत के मामले में अप्राकृतिक डेथ का केस दर्ज… पणजी पुलिस ने शुरू की जांच


    पणजी।
    पणजी पुलिस (Panaji Police) ने दिग्गज अभिनेता नाना पाटेकर (Nana Patekar) की मौत के मामले में भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 194 के तहत अप्राकृतिक मौत (Unnatural death- UD) का मामला दर्ज किया है। पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक, 76 वर्षीय अभिनेता को गोवा (Goa) के डोना पाउला (Dona Paula) स्थित ओशन पार्क में उनके आवास से मणिपाल अस्पताल, बम्बोलिम के इमरजेंसी वार्ड में लाया गया था, जहां उन्हें मृत घोषित कर दिया गया। मामले की आगे की जांच पुलिस सब-इंस्पेक्टर (PSI) नितिन नाइक के नेतृत्व में की जा रही है।


    राजकीय सम्मान के साथ हुआ नाना पाटेकर का अंतिम संस्कार

    नाना पाटेकर का गुरुवार रात पुणे के डोंजे स्थित उनके फार्महाउस में पूरे राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया। उनके निधन की खबर गुरुवार सुबह सामने आई थी। इसके बाद से ही फिल्म जगत से लेकर आम लोगों तक, हर कोई उन्हें याद कर श्रद्धांजलि दे रहा है। नाना पाटेकर ने अपने अभिनय और बेबाक अंदाज से लोगों के दिलों में खास जगह बनाई थी, जिसे उनके जाने के बाद भी भुला पाना आसान नहीं होगा।


    ‘नाना साहेब कभी हमसे दूर नहीं हो सकते’

    अंतिम संस्कार के बाद नाना पाटेकर के बेटे मल्हार पाटेकर ने मीडिया से बात की। इस दौरान उन्होंने अपने पिता को याद करते हुए कहा कि नाना साहेब जैसे लोग कभी सच में दुनिया से विदा नहीं होते। उनके काम और उपलब्धियों ने उन्हें अमर बना दिया है। नाना साहेब जैसे इंसान हमें कभी छोड़कर नहीं जाते। उनकी उपलब्धियों ने उन्हें अमर बना दिया है। दूसरी बात, उनका हमेशा मानना था कि पूरी दुनिया में लोगों को एक साथ आना चाहिए और सही रास्ते पर चलना चाहिए। तीसरी बात, नाना साहेब ने जो सोच और सपना हमारे लिए छोड़ा है, उसे आगे बढ़ाना ही हमारे आने वाले जीवन की दिशा तय करेगा। मल्हार के इन शब्दों से साफ था कि परिवार के लिए नाना पाटेकर सिर्फ एक पिता ही नहीं, बल्कि एक ऐसी शख्सियत थे, जिनकी सोच और सीख आने वाले समय में भी उनका मार्गदर्शन करती रहेगी।


    शाहरुख खान ने पुरानी तस्वीर साझा कर किया याद

    नाना पाटेकर के निधन की खबर सामने आने के बाद बॉलीवुड के किंग खान यानी शाहरुख खान ने भी उन्हें भावुक अंदाज में श्रद्धांजलि दी। शाहरुख ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर नाना के साथ अपनी एक पुरानी तस्वीर साझा की और उन्हें अपना गुरु, शिक्षक, आलोचक और दोस्त बताया। शाहरुख ने नाना के साथ अपनी पहली मुलाकात का किस्सा भी साझा किया। उन्होंने बताया कि नाना के सामने वह इतने प्रभावित और असहज हो गए थे कि अपने बालों से खेलने लगे। यह देखकर नाना ने उनका हाथ झटक दिया और कहा, ‘हीरो की तरह बाल मत बना… तू एक्टर है।’

    शाहरुख के मुताबिक, नाना पाटेकर का अंदाज बाकी लोगों से बिल्कुल अलग था। वह किसी की झूठी तारीफ नहीं करते थे और न ही वही कहते थे, जो सामने वाला सुनना चाहता था। वह हमेशा वही बात कहते थे, जिसकी किसी को सच में जरूरत होती थी।


    ‘पहले डांटते थे, फिर उसी में प्यार जता देते थे’

    शाहरुख खान ने अपने पोस्ट में लिखा कि नाना पाटेकर सीधे मुंह पर बात कहने वाले इंसान थे। उनका स्वभाव थोड़ा सख्त और बेबाक था, लेकिन उनकी मुस्कान बेहद खूबसूरत थी। प्यार जताने का उनका तरीका भी कुछ अलग ही था। शाहरुख ने लिखा, ‘वह हमेशा अपने प्यार का इजहार अजीब तरीके से करते थे। पहले आप पर चिल्लाते थे और फिर तीसरी या चौथी बार बेइज्जती करने के बीच आपको एहसास होता था कि असल में वह आपको गले लगा रहे हैं। उन्होंने आगे बताया कि नाना उनसे बहुत प्यार करते थे और वह भी नाना को उतना ही चाहते थे। नाना उनके गुरु, शिक्षक, आलोचक और दोस्त थे। इसके साथ ही वह कैरम खेलने में भी माहिर थे। शाहरुख ने मजाकिया अंदाज में याद किया कि नाना बार-बार कैरम के खेल में उन्हें और अपने आसपास मौजूद बाकी लोगों को हरा देते थे और अपनी जीत का पूरा मजा लेते थे।


    साथ में और वक्त बिताना चाहते थे शाहरुख

    नाना पाटेकर को याद करते हुए शाहरुख खान ने इस बात का अफसोस भी जताया कि उन्हें साथ में वक्त बिताने के और मौके नहीं मिले। उन्होंने कहा कि काश, दोनों के बीच कुछ और बातचीत होती, कुछ और बहसें होतीं, साथ बैठकर चाय पीने और कैरम खेलने के कुछ और मौके मिलते। शाहरुख ने अपने पोस्ट में लिखा, ‘नाना, आपकी तीव्रता, आपकी हंसी, आपका पागलपन और आपका प्यार हमेशा हमारे साथ रहेगा। बस यही अफसोस है कि काश हमारे पास और वक्त होता, ताकि कुछ और बातें कर पाते, एक और बहस होती, एक और कप चाय साथ पीते और कैरम का एक और खेल खेलते।’ उन्होंने आगे कहा कि नाना के जाने से सिर्फ सिनेमा की दुनिया में ही नहीं, बल्कि भारत और पूरी दुनिया के लोगों के दिलों में भी एक खालीपन आ गया है। शाहरुख ने लिखा कि वह नाना को बहुत याद करेंगे और उनके शब्दों को जिंदगी के आखिरी पल तक अपने दिल में संजोकर रखेंगे।


    नाना की वह सीख, जिसे हमेशा याद रखेंगे शाहरुख

    शाहरुख खान ने अपने भावुक संदेश में नाना पाटेकर की एक ऐसी सीख का भी जिक्र किया, जो उनके दिल में हमेशा के लिए बस गई। नाना ने उनसे कहा था, ‘हीरो बनने के चक्कर में एक्टर मत खोना।’ इस छोटी-सी बात में अभिनय की दुनिया के लिए एक बड़ी सीख छिपी है। इसका मतलब है कि पर्दे पर हीरो बनने और बड़ी छवि बनाने की कोशिश में अपने अभिनय की असली पहचान को कभी नहीं खोना चाहिए। शाहरुख ने इस सीख को याद करते हुए बताया कि नाना की बातें आज भी उनके लिए उतनी ही मायने रखती हैं। उन्होंने अपने पोस्ट के आखिर में लिखा, ‘नाना, आपकी आत्मा को शांति मिले। अल्लाह आप पर अपनी रहमत बरसाए। स्वर्ग को आपके आने से और खूबसूरती मिलेगी। आप एक शानदार अभिनेता और कैरम के बेजोड़ खिलाड़ी थे। आपसे प्यार है और आपकी बहुत याद आएगी। बहुत जल्दी चले गए, मेरे हीरो एक्टर! रेस्ट इन पीस।’ अपने संदेश के अंत में शाहरुख ने एक बार फिर नाना के प्रति अपना प्यार जताया और कहा कि वह उनकी सीख को हमेशा अपने दिल में रखेंगे।


    पत्नी नीलकांति और बेटे मल्हार को पीछे छोड़ गए नाना

    नाना पाटेकर अपने पीछे पत्नी नीलकांति पाटेकर और बेटे मल्हार पाटेकर को छोड़ गए हैं। उनके निधन से फिल्म जगत ने एक ऐसे कलाकार को खो दिया, जो अपनी दमदार अदाकारी, बेबाक बातचीत और अलग अंदाज के लिए पहचाने जाते थे। शाहरुख खान की भावुक श्रद्धांजलि से भी यही जाहिर हुआ कि नाना का रिश्ता उनके लिए सिर्फ फिल्मी दुनिया तक सीमित नहीं था, बल्कि उसमें अपनापन, दोस्ती और जिंदगी भर साथ रहने वाली सीख भी शामिल थी। नाना पाटेकर की यादें, उनके निभाए किरदार और उनकी कही बातें उनके चाहने वालों के बीच हमेशा जिंदा रहेंगी।

  • उत्तर से दक्षिण तक… आज देश के 15 राज्यों में अलर्ट, कहीं झमाझम तो कहीं हो सकती है हल्की बारिश

    उत्तर से दक्षिण तक… आज देश के 15 राज्यों में अलर्ट, कहीं झमाझम तो कहीं हो सकती है हल्की बारिश


    नई दिल्ली।
    देश के कई राज्यों में 9 अक्टूबर को मौसम का मिजाज (Weather Conditions) बदला हुआ रह सकता है. कहीं बारिश (Rain) और गरज-चमक लोगों को गर्मी से राहत दे सकती है, तो कहीं तेज हवाएं और भारी बारिश (Heavy Rain) परेशानी बढ़ा सकती हैं. मौसम विभाग (IMD) के मुताबिक, उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश, बिहार, दिल्ली, राजस्थान, मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) समेत कई राज्यों में बारिश और आंधी की संभावना है. कुछ इलाकों में हवा की रफ्तार 60 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है।

    वहीं, दक्षिण भारत के कुछ हिस्सों में भी भारी बारिश का अलर्ट है. दूसरी ओर, देश से दक्षिण-पश्चिम मॉनसून की वापसी जारी है. मौसम विभाग के अनुसार, अगले 3 से 4 दिनों में पूर्वी भारत, उत्तरी प्रायद्वीपीय भारत और पूर्वोत्तर के कुछ और हिस्सों से मॉनसून की वापसी के लिए परिस्थितियां अनुकूल बन रही हैं. हालांकि, मॉनसून की वापसी का मतलब यह नहीं है कि बारिश का दौर पूरी तरह खत्म हो गया है।

    दक्षिण-पश्चिम मॉनसून अब देश के कई हिस्सों से लौट रहा है. 8 अक्टूबर तक यह महाराष्ट्र के बाकी हिस्सों, गोवा के कुछ इलाकों, कर्नाटक, तेलंगाना और ओडिशा के कुछ भागों के अलावा झारखंड और छत्तीसगढ़ के कई हिस्सों से वापस जा चुका था. इसके बावजूद देश के अलग-अलग हिस्सों में बारिश जारी है. इसकी वजह स्थानीय वेदर सिस्टम, साइक्लोनिक सर्कुलेशन और वेस्टर्न डिस्टर्बेंस जैसी गतिविधियां हैं. मौसम विभाग के मुताबिक, अगले 3 से 4 दिनों में पूर्वी भारत, उत्तरी प्रायद्वीपीय भारत और पूर्वोत्तर के कुछ और हिस्सों से मॉनसून की वापसी के लिए परिस्थितियां अनुकूल हो सकती हैं।


    दिल्ली-UP समेत 15 राज्यों में IMD का अलर्ट

    मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक, 9 अक्टूबर को उत्तर भारत, मध्य भारत, पूर्वी भारत और दक्षिण भारत के कई हिस्सों में बारिश के साथ तेज हवाएं चल सकती हैं. जिन राज्यों में मौसम खराब रहने की आशंका है, उनमें उत्तर प्रदेश, बिहार, दिल्ली, राजस्थान, मध्य प्रदेश, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर, पंजाब, हरियाणा, झारखंड, पश्चिम बंगाल, केरल, कर्नाटक और ओडिशा शामिल हैं. इनमें से कुछ इलाकों में गरज-चमक के साथ तेज बारिश हो सकती है. पहाड़ी राज्यों में भारी बारिश के कारण भूस्खलन का खतरा भी बना रह सकता है.


    दिल्ली-NCR में कैसा रहेगा मौसम?

    दिल्ली और आसपास के इलाकों में 9 अक्टूबर को बादल छाए रहने और बारिश होने की संभावना है. इस दौरान गरज-चमक के साथ हवाएं चल सकती हैं. उपलब्ध पूर्वानुमान के मुताबिक, दिल्ली में हवा की रफ्तार करीब 20 किलोमीटर प्रति घंटे रह सकती है. दिल्ली में अधिकतम तापमान करीब 31 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 22 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है. हरियाणा, चंडीगढ़ और पंजाब में भी 9 से 14 अक्टूबर के दौरान कहीं-कहीं बारिश हो सकती है.


    यूपी में आंधी और बारिश के आसार

    उत्तर प्रदेश के कई जिलों में 9 अक्टूबर को बारिश और तेज हवाओं की संभावना है. गाजियाबाद, मेरठ, मिर्जापुर, गोरखपुर, कानपुर, आगरा, प्रयागराज, सहारनपुर, बस्ती और रायबरेली समेत कई इलाकों में मौसम बदल सकता है. कुछ स्थानों पर हवा की रफ्तार 60 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंचने की चेतावनी दी गई है. पश्चिमी उत्तर प्रदेश में 11 अक्टूबर तक कहीं-कहीं बारिश हो सकती है, जबकि पूर्वी उत्तर प्रदेश में 10 अक्टूबर तक बारिश के आसार बने हुए हैं. लखनऊ में अधिकतम तापमान करीब 29 से 31 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 22 डिग्री सेल्सियस के आसपास रह सकता है।


    बिहार में भी बारिश का है पूर्वानुमान

    बिहार में भी बारिश का दौर जारी रह सकता है. मधुबनी, दरभंगा, गया, जहानाबाद, रोहतास, सहरसा और बक्सर समेत कई जिलों में बारिश की चेतावनी है. इस दौरान गरज-चमक के साथ हवा की रफ्तार 40 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है. पटना में अधिकतम तापमान करीब 29 से 30 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 22 से 23 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है. राज्य में 11 अक्टूबर तक कुछ इलाकों में बारिश की गतिविधियां जारी रह सकती हैं।


    राजस्थान और मध्य प्रदेश में भी बारिश

    राजस्थान के बीकानेर, अजमेर, धौलपुर, भरतपुर और बूंदी समेत कुछ इलाकों में बारिश की संभावना है. इस दौरान तेज हवाएं चल सकती हैं. जयपुर में अधिकतम तापमान करीब 35 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 22 से 23 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है. मध्य प्रदेश में विदिशा, सीधी, दमोह, सागर, इंदौर, उज्जैन, शहडोल और छिंदवाड़ा समेत कई इलाकों में गरज-चमक के साथ बारिश हो सकती है. कुछ स्थानों पर हवा की रफ्तार 45 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है. भोपाल में अधिकतम तापमान करीब 33 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 21 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है।


    पहाड़ी राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट

    उत्तराखंड में 9 अक्टूबर को कहीं-कहीं भारी बारिश हो सकती है. हरिद्वार, ऋषिकेश और चमोली समेत कई इलाकों में बारिश और तेज हवाओं की संभावना है. कुछ स्थानों पर हवा की रफ्तार 60 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है. देहरादून में अधिकतम तापमान 24 डिग्री और न्यूनतम तापमान 18 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है।

    हिमाचल प्रदेश के धर्मशाला, कांगड़ा, मंडी और सोलन में भी बारिश हो सकती है. यहां कुछ इलाकों में 45 किलोमीटर प्रति घंटे तक की रफ्तार से हवाएं चलने की आशंका है. पहाड़ी इलाकों में लगातार बारिश से भूस्खलन और सड़क यातायात प्रभावित होने का खतरा बढ़ सकता है. जम्मू-कश्मीर में भी कुछ स्थानों पर बारिश की संभावना है।


    दक्षिण भारत में भी मौसम बदलेगा

    दक्षिण भारत में 9 अक्टूबर को बारिश की गतिविधियां तेज रह सकती हैं. मौसम विभाग ने दक्षिण आंतरिक कर्नाटक में कहीं-कहीं भारी बारिश की चेतावनी दी है. केरल, माहे, तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराईकल में भी 10 अक्टूबर तक बारिश का दौर जारी रह सकता है. इन इलाकों में गरज-चमक और तेज हवाएं चलने की संभावना है. दक्षिण आंतरिक कर्नाटक में 9 और 10 अक्टूबर को बिजली चमकने के साथ बारिश हो सकती है. मौसम की इन गतिविधियों के पीछे ऊपरी हवा में बने साइक्लोनिक सर्कुलेशन और समुद्री इलाकों में सक्रिय ट्रफ लाइन का असर बताया गया है।


    पूर्वी और पूर्वोत्तर भारत में भी बारिश

    बिहार के अलावा झारखंड और गांगेय पश्चिम बंगाल में 9 और 10 अक्टूबर को बारिश हो सकती है. ओडिशा में 14 अक्टूबर तक अलग-अलग इलाकों में बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है. दक्षिणी तटीय ओडिशा और उससे सटे उत्तर-पश्चिमी बंगाल की खाड़ी के ऊपर साइक्लोनिक सर्कुलेशन बना हुआ है. पूर्वोत्तर भारत में भी मौसम पूरी तरह साफ नहीं रहेगा. अरुणाचल प्रदेश, असम, मेघालय और आसपास के राज्यों में बारिश के साथ बिजली गिरने की आशंका है. लोगों को गरज-चमक के दौरान खुले मैदानों और पेड़ों के नीचे खड़े होने से बचना चाहिए।

  • चारधाम यात्रा: IRCTC की वेबसाइट पर आज से हेलीकॉप्टर टिकट की बुकिंग शुरू

    चारधाम यात्रा: IRCTC की वेबसाइट पर आज से हेलीकॉप्टर टिकट की बुकिंग शुरू


    देहरादून।
    आज 16 अक्तूबर से नौ नवंबर के बीच हेलीकॉप्टर (Helicopter) से चारधाम यात्रा (Char Dham Yatra) के लिए शुक्रवार को टिकट बुक होंगे। आईआरसीटीसी की वेबसाइट www.heliyatra.irctc.co.in पर यह बुकिंग की जा सकेगी। यूकाडा के सीईओ प्रतीक जैन ने यह जानकारी दी। हेलीकॉप्टर से चारधाम यात्रा करने के लिए आज टिकट बुक होंगे। आईआरसीटीसी की अधिकृत वेबसाइट पर शाम तीन बजे से बुकिंग विंडो खुलेगी।


    सिर्फ ऑनलाइन ही बुक होंगे टिकट

    उत्तराखंड सिविल एविएशन डेवलपमेंट अथॉरिटी (यूकाडा) के मुख्य कार्यकारी अधिकारी प्रतीक जैन ने बताया कि चारधाम यात्रा के लिए हेलीकॉप्टर की ऑनलाइन टिकट सिर्फ www.heliyatra.irctc.co.in के माध्यम से ही बुक हो पाएंगे।


    फर्जी एजेंटों से सावधान रहें

    उन्होंने कहा कि यात्री किसी भी तरह की धोखाधड़ी से बचने के लिए अनधिकृत व्यक्तियों, ट्रैवल एजेंटों या फर्जी वेबसाइट अथवा लिंक के माध्यम से टिकट बुकिंग न करें।


    प्रभावित न हो कुंभ की तैयारी: बर्द्धन

    देहरादून। मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन ने कुंभ मेले की तैयारियों को समय पर पूरा करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि चुनाव और जनगणना की वजह से कुंभ के कार्य प्रभावित नहीं होने चाहिए। मुख्य सचिव ने गुरुवार को कुंभ की तैयारियों की समीक्षा की। उन्होंने कहा कि कार्यों के लिए समय सीमा निर्धारित की जाए और जो कार्य समानांतर रूप से किए जा सकते हैं, उन्हें प्राथमिकता के आधार पर पूरा किया जाए। जनगणना व चुनावों के कार्यों के कारण कुंभ के लिए कर्मचारियों की उपलब्धता प्रभावित न हो यह भी सुनिश्चित किया जाए।


    संस्कृत ग्रामों को पर्यटन से जोड़ेंगे

    उत्तराखंड में आदर्श संस्कृत ग्रामों को अब पर्यटन गतिविधियों से जोड़ा जाएगा। मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन की अध्यक्षता में गुरुवार को संस्कृत संस्थानम् के शासी निकाय की तीसरी बैठक में संस्कृत के उत्थान के लिए कई फैसले लिए गए। मुख्य सचिव ने संस्कृत स्पर्धाओं में प्रतिभागियों की संख्या बढ़ाने पर जोर दिया। साथ ही संस्कृत के प्रचार के लिए ऑनलाइन मॉड्यूल तैयार करने के साथ ही सूचनात्मक रील्स बनाने, मोबाइल ऐप के प्रभावी उपयोग के निर्देश दिए।

  • ओडिशा में एंबुलेंस के अंदर ऑक्सीजन सिलेंडर फटा, मरीज की मौत, दो झुलसे, धमाके से छत उड़ी

    ओडिशा में एंबुलेंस के अंदर ऑक्सीजन सिलेंडर फटा, मरीज की मौत, दो झुलसे, धमाके से छत उड़ी


    बारीपाड़ा। ओडिशा के मयूरभंज जिले में गुरुवार शाम एक एंबुलेंस के अंदर ऑक्सीजन सिलेंडर फटने से मरीज की मौत हो गई, जबकि दो अन्य लोग झुलस गए। हादसा उदला अनुमंडल अस्पताल के बाहर उस समय हुआ, जब गंभीर हालत में मरीज को भुवनेश्वर ले जाया जा रहा था। धमाका इतना तेज था कि एंबुलेंस की छत उड़ गई। पुलिस के मुताबिक, मरीज को ऑक्सीजन देने के लिए सिलेंडर का वाल्व खोला गया था, तभी यह घटना हुई।

    भुवनेश्वर ले जाते समय हुआ हादसा
    मृतक की पहचान 35 वर्षीय सुजोष बारिक के रूप में हुई है। वह मयूरभंज जिले के उदला थाना क्षेत्र के कुंडाबाई का रहने वाला था और गंभीर रक्त संक्रमण से पीड़ित था। उसकी हालत को देखते हुए परिजन उसे इलाज के लिए भुवनेश्वर के एक अस्पताल ले जा रहे थे।

    इसके लिए एक निजी संचालक से एंबुलेंस किराये पर ली गई थी। इसी दौरान उदला अनुमंडल अस्पताल के बाहर ऑक्सीजन सिलेंडर में विस्फोट हो गया। एंबुलेंस के भीतर आग फैलने से मरीज गंभीर रूप से झुलस गया और उसकी मौत हो गई।

    मरीज को बचाने की कोशिश में दो लोग झुलसे
    उदला थाने के प्रभारी निरीक्षक बनमाली बारिक ने बताया कि सिलेंडर फटने से एंबुलेंस के अंदर आग लग गई थी। मरीज को बाहर निकालकर बचाने की कोशिश में दो अन्य लोग भी झुलस गए।

    पुलिस के अनुसार, परिवार के सदस्यों ने जलती हुई एंबुलेंस से मरीज को बाहर निकाल लिया था, लेकिन वह बुरी तरह झुलस चुका था। कुछ ही मिनटों में उसकी मौत हो गई।

    ऑक्सीजन सिलेंडर में कैसे हुआ विस्फोट?
    पुलिस के मुताबिक, एंबुलेंस चालक ने मरीज को ऑक्सीजन देने के लिए सिलेंडर का वाल्व खोला था। इसी दौरान धमाका हुआ। शुरुआती आशंका है कि सिलेंडर से अचानक ऑक्सीजन गैस का रिसाव हुआ, जिसके बाद आग लग गई और सिलेंडर फट गया।

    हालांकि, गैस रिसाव या आग लगने की वास्तविक वजह की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी। केवल ऑक्सीजन का रिसाव अपने आप आग लगने का कारण नहीं होता; ऑक्सीजन खुद नहीं जलती, लेकिन आग को तेजी से भड़काने में मदद करती है। इसलिए किसी ज्वलनशील पदार्थ या अन्य संभावित कारण की भूमिका की जांच जरूरी है।

    धमाके से एंबुलेंस की छत उड़ी
    पुलिस ने बताया कि विस्फोट की तीव्रता इतनी ज्यादा थी कि एंबुलेंस की छत उड़ गई। घटना के बाद दमकल कर्मियों को बुलाया गया, जिन्होंने आग पर काबू पाया।

    पुलिस ने मामले में केस दर्ज कर लिया है। अब जांच में यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि ऑक्सीजन सिलेंडर में विस्फोट किन परिस्थितियों में हुआ और हादसे के लिए कोई तकनीकी खराबी या अन्य वजह जिम्मेदार थी या नहीं।

  • प्रेमानंद महाराज के शिष्य की मौत का मामला मानवाधिकार आयोग पहुंचा, ADG को जांच के निर्देश

    प्रेमानंद महाराज के शिष्य की मौत का मामला मानवाधिकार आयोग पहुंचा, ADG को जांच के निर्देश


    मथुरा। वृंदावन में संत प्रेमानंद महाराज के शिष्य रसिक दुलारी उर्फ दीपक पटेल लोधी की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत का मामला अब राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग तक पहुंच गया है। आयोग ने शिकायत पर संज्ञान लेते हुए आगरा जोन के अपर पुलिस महानिदेशक (ADG) को मामले की निष्पक्ष जांच कराने और आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में शरीर पर चोटों के निशान मिलने और परिजनों की ओर से लगाए गए आरोपों के बाद इस मामले की जांच में कई पहलुओं पर ध्यान दिया जा रहा है।

    सामाजिक कार्यकर्ता की शिकायत पर आयोग ने लिया संज्ञान
    राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग ने दिल्ली निवासी सामाजिक कार्यकर्ता कृष्णा राजपूत की शिकायत के बाद यह कदम उठाया है। शिकायत में रसिक दुलारी के जीवन और गरिमा के साथ जीने के अधिकार का हवाला देते हुए घटना की स्वतंत्र और पारदर्शी जांच की मांग की गई है।

    शिकायतकर्ता ने मामले से जुड़े सभी सीसीटीवी फुटेज, फॉरेंसिक साक्ष्य, मृतक के कमरे की परिस्थितियों और अन्य महत्वपूर्ण सबूतों की जांच कराने की मांग की है। आयोग ने आगरा जोन के ADG को मामले की जांच कर आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं।

    आश्रम की चौथी मंजिल से गिरने से हुई थी मौत
    रसिक दुलारी की 25 सितंबर को वृंदावन स्थित गुरु कृपा कुंज आश्रम में मौत हो गई थी। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, वह आश्रम की चौथी मंजिल से नीचे गिरे थे। शुरुआती जानकारी में घटना को आत्महत्या बताया गया था, लेकिन बाद में सामने आए साक्ष्यों और पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट ने मामले की परिस्थितियों को लेकर सवाल खड़े कर दिए।

    पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में उनके शरीर पर सात स्थानों पर चोट के निशान मिलने की बात सामने आई है। इनमें निजी अंगों पर गंभीर चोटों का भी उल्लेख किया गया है। इन चोटों की परिस्थितियों और घटना से उनके संबंध की जांच की जा रही है। फिलहाल इन तथ्यों के आधार पर किसी निष्कर्ष पर पहुंचना जल्दबाजी होगी।

    परिवार ने लगाए दो साल तक संपर्क नहीं करने देने के आरोप
    रसिक दुलारी के परिवार ने आरोप लगाया है कि आश्रम में दीक्षा लेने के बाद पिछले दो वर्षों से उन्हें अपने बेटे से मिलने या फोन पर बात करने की अनुमति नहीं दी गई। परिजनों का यह भी आरोप है कि उनकी मौत के बाद आश्रम से जुड़े लोगों ने जल्दबाजी में अंतिम संस्कार कर दिया।

    परिवार ने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से पूरे मामले की केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) से जांच कराने की मांग की है। इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि होना अभी बाकी है।

    CCTV फुटेज में खून से लथपथ हालत में दिखे
    पुलिस जांच में आश्रम के सीसीटीवी फुटेज भी अहम कड़ी माने जा रहे हैं। हाल में सामने आए फुटेज में रसिक दुलारी खून से लथपथ और बदहवास हालत में कमरे से बाहर निकलकर सीढ़ियों के रास्ते छत की ओर जाते दिखाई दिए थे।

    जांच एजेंसियां फुटेज के घटनाक्रम, कमरे की स्थिति और अन्य साक्ष्यों का मिलान कर रही हैं, ताकि मौत से पहले की परिस्थितियों को समझा जा सके। पुलिस यह भी पता लगा रही है कि आश्रम में रहने वाले शिष्यों के मोबाइल फोन के इस्तेमाल और बाहरी लोगों से संपर्क को लेकर किस तरह के नियम या प्रतिबंध लागू थे।

    कमरे से मिला खून लगा ग्राइंडर, फॉरेंसिक जांच जारी
    पुलिस को कमरे से खून लगा एक ग्राइंडर मिलने की जानकारी भी सामने आई है। इसके अलावा जांच में नशीले पदार्थों से जुड़े किसी संभावित पहलू को भी खारिज करने के लिए खून के नमूनों की फॉरेंसिक और टॉक्सिकोलॉजी जांच कराई जा रही है।

    इन जांचों का उद्देश्य घटनास्थल से मिले साक्ष्यों और मृतक के शरीर में किसी संभावित पदार्थ की मौजूदगी के बारे में तथ्य जुटाना है। जांच रिपोर्ट सामने आने के बाद ही इन पहलुओं पर स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।

    ट्रस्ट ने पुलिस जांच में सहयोग की बात कही
    इस मामले के सामने आने के बाद प्रेमानंद महाराज के श्री राधा केलीकुंज ट्रस्ट ने बयान जारी कर पुलिस जांच में पूरा सहयोग करने की बात कही है। अब राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग के निर्देशों के बाद जांच की निष्पक्षता और साक्ष्यों के परीक्षण पर विशेष ध्यान रहने की उम्मीद है।

    फिलहाल पुलिस विभिन्न साक्ष्यों और परिस्थितियों की जांच कर रही है। मौत के कारणों, शरीर पर मिले चोटों के निशानों और परिवार की ओर से लगाए गए आरोपों को लेकर अंतिम निष्कर्ष जांच पूरी होने के बाद ही सामने आएगा।

  • बेंगलुरु में SIR पर जनता की अदालत, ध्रुव राठी और प्रकाश राज होंगे शामिल; महिलाओं के समर्थन में चप्पल प्रदर्शन

    बेंगलुरु में SIR पर जनता की अदालत, ध्रुव राठी और प्रकाश राज होंगे शामिल; महिलाओं के समर्थन में चप्पल प्रदर्शन


    नई दिल्ली ।
    कर्नाटक के बेंगलुरु स्थित फ्रीडम पार्क में 8 अक्टूबर को स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन यानी SIR को लेकर पीपुल्स ट्रिब्यूनल आयोजित किया गया। कार्यक्रम में सीजेपी संस्थापक अभिजीत दीपके, अभिनेता और सामाजिक कार्यकर्ता प्रकाश राज तथा यूट्यूबर ध्रुव राठी शामिल हुए। कर्नाटक के अलग-अलग हिस्सों से SIR से प्रभावित होने का दावा करने वाले लोग भी कार्यक्रम में पहुंचे और मतदाता सूची से जुड़े अपने अनुभव सामने रखे।

    पीपुल्स ट्रिब्यूनल के बाद महिलाओं के समर्थन में चप्पल प्रदर्शन भी आयोजित किया गया। कार्यक्रम से पहले प्रकाश राज ने लोगों से बड़ी संख्या में फ्रीडम पार्क पहुंचने की अपील की थी। उन्होंने कहा था कि यह लोकतंत्र को बचाने की लड़ाई है और इसमें सभी नागरिकों को साथ आना चाहिए। उन्होंने 8 अक्टूबर को बेंगलुरु पहुंचकर इस अभियान का हिस्सा बनने की अपील की थी।

    प्रकाश राज ने एक वीडियो के जरिए ध्रुव राठी के कार्यक्रम में शामिल होने की जानकारी भी साझा की थी। इसके बाद ध्रुव राठी ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर वीडियो जारी कर कार्यक्रम में अपनी मौजूदगी की पुष्टि की। उन्होंने भी कहा कि यह लड़ाई लोकतंत्र को बचाने के लिए है। इसके बाद दोनों की मौजूदगी को लेकर कार्यक्रम से पहले ही चर्चा तेज हो गई थी।

    अभिजीत दीपके ने भी कार्यक्रम को लेकर सरकार पर निशाना साधा था। उन्होंने कहा था कि सत्ता भले ही सरकार के पास हो, लेकिन सड़कें जनता की हैं और इन्हीं सड़कों के जरिए भारत के लोग अपना लोकतंत्र वापस हासिल करेंगे। उनके इस बयान के बाद कार्यक्रम को लेकर लोगों के बीच और अधिक चर्चा हुई।

    6 अक्टूबर को कार्यक्रम की जानकारी साझा करते हुए सीजेपी के सह-संयोजक आशुतोष रांका ने कहा था कि पीपुल्स ट्रिब्यूनल में उन कन्नड़ नागरिकों से बातचीत की जाएगी, जिनके बारे में आरोप है कि उन्हें गलत तरीके से मतदाता सूची से हटा दिया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य SIR से प्रभावित बताए जा रहे लोगों की बात सुनना और उनके अनुभव सामने रखना बताया गया था।

    रांका ने यह भी कहा था कि पीपुल्स ट्रिब्यूनल के बाद महिलाओं के साथ एकजुटता दिखाने के लिए चप्पल प्रदर्शन किया जाएगा। इस प्रदर्शन के जरिए महिलाओं के समर्थन में अपनी आवाज उठाने का संदेश दिया गया। कार्यक्रम में महिलाओं और छात्रों समेत विभिन्न वर्गों के लोगों की मौजूदगी रही और SIR से संबंधित मुद्दों को लेकर नारे तथा पोस्टर भी दिखाई दिए।

    फ्रीडम पार्क में आयोजित इस कार्यक्रम के दौरान SIR को लेकर मतदाता सूची में नाम हटाए जाने से संबंधित शिकायतों को प्रमुखता से उठाया गया। आयोजकों के अनुसार, कर्नाटक के विभिन्न क्षेत्रों से ऐसे लोग कार्यक्रम में पहुंचे, जो इस प्रक्रिया से प्रभावित होने का दावा करते हैं। पीपुल्स ट्रिब्यूनल और उसके बाद हुए चप्पल प्रदर्शन के जरिए आयोजकों ने मतदाता सूची तथा महिलाओं से जुड़े मुद्दों पर अपनी बात रखने की कोशिश की।