Category: National

  • विराट कोहली ने प्रेमानंद महाराज के आश्रम जाने पर लगे 5 करोड़ रुपये के आरोपों को बताया निराधार

    विराट कोहली ने प्रेमानंद महाराज के आश्रम जाने पर लगे 5 करोड़ रुपये के आरोपों को बताया निराधार

    नई दिल्ली । वृंदावन स्थित केलीकुंज आश्रम से जुड़े घटनाक्रम के बीच क्रिकेटर विराट कोहली ने उनके बारे में लगाए गए एक गंभीर आरोप को खारिज किया है। श्रीकृष्ण जन्मभूमि संघर्ष न्यास के अध्यक्ष फलाहारी महाराज ने दावा किया था कि विराट कोहली को पांच करोड़ रुपये देकर प्रेमानंद महाराज के आश्रम में दर्शन के लिए बुलाया गया था। कोहली के प्रवक्ता ने बुधवार को बयान जारी कर इन दावों को पूरी तरह झूठा, बेबुनियाद और तथ्यों के लिहाज से गलत बताया।

    विराट कोहली के प्रवक्ता ने कहा कि कोहली प्रेमानंद महाराज के प्रति गहरी आस्था और श्रद्धा रखते हैं और इसी वजह से उनसे मिलने जाते हैं। बयान में फलाहारी महाराज की ओर से लगाए गए आरोपों का स्पष्ट रूप से खंडन किया गया। साथ ही मीडिया से अपील की गई कि ऐसे दावों को आगे बढ़ाने या प्रकाशित करने से पहले तथ्यों की सावधानी से जांच की जाए और जिम्मेदारी के साथ रिपोर्टिंग की जाए।

    यह विवाद प्रेमानंद महाराज के शिष्य रसिक दुलारी शरण उर्फ दीपक लोदी की मौत के बाद सामने आया, जिसके बाद वृंदावन का केलीकुंज आश्रम चर्चा में आ गया। इसी बीच फलाहारी महाराज ने प्रेमानंद महाराज को पत्र लिखकर विराट कोहली से जुड़ा दावा किया। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रेमानंद महाराज की टीम से जुड़े एक साधु गुट ने विराट कोहली को पांच करोड़ रुपये देकर उनके दरबार में दर्शन के लिए बुलाया था। फलाहारी महाराज के मुताबिक, ऐसा इसलिए किया गया ताकि प्रेमानंद महाराज को सेलिब्रिटी के तौर पर स्थापित किया जा सके।

    फलाहारी महाराज ने अपने पत्र में आश्रम और उससे जुड़े लोगों को लेकर अन्य गंभीर आरोप भी लगाए। उन्होंने दावा किया कि प्रेमानंद महाराज की टीम में साधु के भेष में कई भू-माफिया प्रवेश कर चुके हैं। उनके आरोप के मुताबिक, ऐसे लोग यमुना के डूब क्षेत्र की जमीनों की बिक्री में शामिल हैं। उन्होंने बच्चों की किडनी चोरी जैसे गंभीर अपराधों का भी दावा किया। हालांकि उपलब्ध जानकारी में इन आरोपों के समर्थन में कोई स्वतंत्र प्रमाण सामने नहीं बताया गया है।

    फलाहारी महाराज ने प्रेमानंद महाराज से गोवर्धन आने की अपील भी की थी। उन्होंने पूरे मामले की केंद्रीय जांच ब्यूरो यानी सीबीआई से जांच कराने की मांग रखी। पत्र में उन्होंने प्रेमानंद महाराज की सुरक्षा को लेकर भी चिंता जताते हुए कहा कि वह वहां सुरक्षित नहीं हैं। उन्होंने सरकार से प्रेमानंद महाराज को जेड प्लस सुरक्षा देने की मांग की।

    विराट कोहली के प्रवक्ता की ओर से जारी प्रतिक्रिया में पांच करोड़ रुपये लेकर आश्रम जाने के दावे को सीधे तौर पर अस्वीकार किया गया है। बयान में यह भी स्पष्ट किया गया कि कोहली और प्रेमानंद महाराज की मुलाकातों का कारण धार्मिक आस्था और श्रद्धा है। इस तरह फलाहारी महाराज के आरोपों और विराट कोहली के पक्ष की प्रतिक्रिया के बीच विवाद का केंद्र पांच करोड़ रुपये वाला दावा बना हुआ है।

  • महाराष्ट्र MLC चुनाव में महायुति और MVA में बगावत, आधिकारिक उम्मीदवारों के खिलाफ उतरे असंतुष्ट नेता

    महाराष्ट्र MLC चुनाव में महायुति और MVA में बगावत, आधिकारिक उम्मीदवारों के खिलाफ उतरे असंतुष्ट नेता


    नई दिल्ली
    : महाराष्ट्र में 23 अक्टूबर को होने वाले विधान परिषद चुनाव के लिए नामांकन की समयसीमा खत्म होते ही सत्ताधारी महायुति और विपक्षी महाविकास आघाड़ी (एमवीए) के भीतर खींचतान खुलकर सामने आ गई है। दोनों गठबंधनों के असंतुष्ट दावेदारों ने अपने ही दलों के आधिकारिक उम्मीदवारों के खिलाफ नामांकन दाखिल किया है। इसके साथ ही गठबंधन में शामिल दलों के बीच सीट बंटवारे को लेकर भी मतभेद दिखाई दिए हैं। कुछ जगहों पर सहयोगी दलों ने एक-दूसरे की सीट पर दावा करते हुए अपने उम्मीदवार उतार दिए हैं।

    78 सदस्यीय महाराष्ट्र विधान परिषद की पांच सीटों के लिए यह द्विवार्षिक चुनाव हो रहा है। इनमें पुणे संभाग स्नातक, नागपुर संभाग स्नातक, पुणे संभाग शिक्षक, छत्रपति संभाजीनगर संभाग स्नातक और अमरावती शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र शामिल हैं। महायुति में भाजपा, एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी शामिल हैं। वहीं, एमवीए में कांग्रेस, राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरदचंद्र पवार) और शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) शामिल हैं।

    नागपुर स्नातक निर्वाचन क्षेत्र में कांग्रेस ने मौजूदा विधान परिषद सदस्य अभिजीत वंजारी को उम्मीदवार बनाया है, जबकि भाजपा ने सुधाकर कोहले को मैदान में उतारा है। हालांकि, भाजपा के भीतर भी असंतोष सामने आया है। पार्टी के पूर्व विधान परिषद सदस्य अनिल सोले ने टिकट नहीं मिलने के बाद निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में नामांकन दाखिल कर दिया। इससे इस सीट पर मुकाबला गठबंधन के अंदरूनी समीकरणों के लिहाज से भी महत्वपूर्ण हो गया है।

    अमरावती शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र में कांग्रेस ने अदिति पोहरे को उम्मीदवार बनाया है। वहीं, महायुति की ओर से शिवसेना के मौजूदा विधान परिषद सदस्य किरण सरनाइक चुनाव मैदान में हैं। दूसरी ओर, कांग्रेस के उम्मीदवार के बावजूद शिवसेना (यूबीटी) ने दत्तात्रेय लहाने को भी उम्मीदवार बनाया है। शिवसेना (यूबीटी) की ओर से छत्रपति संभाजीनगर स्नातक सीट पर दिलीप घुगे को भी उम्मीदवार बनाया गया है।

    पुणे स्नातक सीट से भाजपा की स्मिता जाधव ने नामांकन दाखिल किया है। वह ‘पुधारी’ समूह के अध्यक्ष एवं संपादक योगेश जाधव की पत्नी हैं। इसी तरह पुणे शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से भाजपा के कौस्तुभ गावड़े ने नामांकन दाखिल किया है। उनकी सहयोगी शिवसेना के मंगेश चिवटे ने भी इसी सीट से नामांकन दाखिल किया है। इससे महायुति के भीतर भी सीट को लेकर टकराव की स्थिति बन गई है।

    राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष सुनील तटकरे ने कहा कि शिक्षक और स्नातक निर्वाचन क्षेत्रों के चुनाव में सीट बंटवारे का मुद्दा गठबंधन सहयोगियों के बीच बातचीत से सुलझाया जाएगा। उन्होंने कहा कि राकांपा के पास छत्रपति संभाजीनगर स्नातक और पुणे स्नातक, दो सीटें थीं और पार्टी को उम्मीद थी कि पुणे सीट उसे मिलेगी। तटकरे के मुताबिक इस मुद्दे पर पहले पार्टी के भीतर चर्चा होगी और जरूरत पड़ने पर मुख्यमंत्री तथा भाजपा नेता देवेंद्र फडणवीस से भी बातचीत की जाएगी। उन्होंने कहा कि ऐसे मामलों का समाधान बातचीत और आपसी सौहार्द से निकाला जा सकता है।

  • राहुल गांधी की हिरासत पर भड़के शशि थरूर, जर्मनी में होने के कारण प्रदर्शन से रहे दूर

    राहुल गांधी की हिरासत पर भड़के शशि थरूर, जर्मनी में होने के कारण प्रदर्शन से रहे दूर

    नई दिल्ली ।कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने राहुल गांधी को हिरासत में लिए जाने पर चिंता जताते हुए सरकार की प्रतिक्रिया पर सवाल उठाए हैं। मंगलवार को नई दिल्ली में चुनाव आयोग के खिलाफ इंडिया गठबंधन के प्रदर्शन के दौरान राहुल गांधी समेत कई विपक्षी नेताओं को पुलिस ने हिरासत में लिया था। देर रात राहुल गांधी और अन्य नेताओं को रिहा कर दिया गया। प्रदर्शन में शामिल नहीं हो सके शशि थरूर ने कहा कि राहुल गांधी के साथ कथित हाथापाई की तस्वीरें देखकर वह बेहद परेशान हैं।

    शशि थरूर ने कहा कि ऐसे समय में विरोध प्रदर्शन करना उन नागरिकों के साथ खड़े होने जैसा है, जिनके संवैधानिक अधिकारों के उल्लंघन का आरोप लगाया जा रहा है। उन्होंने राहुल गांधी को हिरासत में लिए जाने की तस्वीरों पर प्रतिक्रिया देते हुए सरकार के रुख को शर्मनाक बताया। थरूर ने यह भी कहा कि वह प्रदर्शन स्थल पर मौजूद नहीं थे, लेकिन उनका समर्थन विपक्षी आंदोलन के साथ है। उन्होंने अपने संदेश में न्याय मिलने की उम्मीद भी जताई।

    प्रदर्शन में खुद शामिल नहीं होने को लेकर शशि थरूर ने स्थिति स्पष्ट की। उन्होंने बताया कि वह जर्मनी में एक कॉन्फ्रेंस में हिस्सा लेने के लिए गए हुए हैं। उनके अनुसार, करीब चार महीने पहले बर्लिन में आयोजित होने वाली इस कॉन्फ्रेंस में शामिल होने का वादा किया था। इसी प्रतिबद्धता के कारण वह दिल्ली के प्रदर्शन में नहीं पहुंच सके। उन्होंने कहा कि वह दूर रहकर ही अपना समर्थन दे सकते हैं, लेकिन उनकी भावनात्मक मौजूदगी प्रदर्शन कर रहे नेताओं के साथ है।

    इससे पहले मंगलवार को इंडिया गठबंधन के सांसदों ने संसद भवन से निर्वाचन सदन की ओर मार्च निकाला था। पुलिस ने संसद मार्ग पर नीति आयोग और आकाशवाणी भवन के सामने विपक्षी सांसदों को रोक दिया। इसके बाद कई सांसद सड़क पर धरने पर बैठ गए। राहुल गांधी, प्रियंका गांधी वाद्रा और कांग्रेस तथा सहयोगी दलों के कुछ नेता आकाशवाणी भवन परिसर में बरगद के पेड़ के नीचे धरने पर बैठ गए। यह धरना दोपहर करीब 12:20 बजे शुरू हुआ और कई घंटे तक जारी रहा।

    धरने के दौरान राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ प्रमुख मोहन भागवत और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर मतदाता सूची से जुड़े आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि विपक्षी दलों के सांसद निर्वाचन आयुक्तों से मिलना चाहते हैं। राहुल गांधी के मुताबिक, करीब 300 सांसद मुख्य चुनाव आयुक्त और दोनों निर्वाचन आयुक्तों से मिलने पहुंचे थे, लेकिन उन्हें मिलने की अनुमति नहीं दी गई। विपक्षी दल मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं।

    पुलिस के अनुसार, मंगलवार रात करीब आठ बजे राहुल गांधी, प्रियंका गांधी वाद्रा और अन्य विपक्षी नेताओं को हिरासत में लिया गया। पुलिस ने प्रदर्शन स्थल से करीब 260 लोगों को हिरासत में लिए जाने की जानकारी दी, जिनमें 10 सांसद भी शामिल थे। हिरासत में लिए गए नेताओं में कांग्रेस सांसद केसी वेणुगोपाल, पवन खेड़ा, के. सुरेश, अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग और इमरान प्रतापगढ़ी के अलावा तृणमूल कांग्रेस के डेरेक ओब्रायन और समाजवादी पार्टी के सांसद मोहिबुल्ला नदवी भी शामिल थे। नेताओं को किंग्सवे कैंप ले जाया गया और करीब दो घंटे बाद रात 10 बजे राहुल गांधी, प्रियंका गांधी और अन्य नेताओं को रिहा कर दिया गया।

  • CEC ज्ञानेश कुमार के खिलाफ विपक्ष का लंबा आंदोलन, मतदाता सूची विवाद पर देशभर में अभियान की तैयारी

    CEC ज्ञानेश कुमार के खिलाफ विपक्ष का लंबा आंदोलन, मतदाता सूची विवाद पर देशभर में अभियान की तैयारी


    नई दिल्ली ।
    मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ विपक्षी दलों ने आंदोलन को आगे बढ़ाने की तैयारी शुरू कर दी है। मतदाता सूची में कथित गड़बड़ी और विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR को लेकर विपक्ष का कहना है कि यह अभियान केवल एक-दो दिन का नहीं होगा, बल्कि लंबे समय तक जारी रहेगा। लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने कांग्रेस के महासचिवों और प्रदेश अध्यक्षों से इस मुद्दे को लगातार उठाने और आंदोलन को व्यापक स्तर तक ले जाने को कहा है। मंगलवार को संसद भवन से चुनाव आयोग तक मार्च और आकाशवाणी भवन में धरने के बाद विपक्ष ने अपने आंदोलन को और तेज करने का संकेत दिया।

    इंडिया गठबंधन के कई दल करीब एक सप्ताह पहले हुई बैठक में मतदाता सूची से जुड़े मुद्दे पर कई महीने तक अभियान चलाने का ऐलान कर चुके हैं। इसके बाद कांग्रेस ने सोमवार को एसआईआर के दौरान मतदाता सूची से हटाए गए नामों को फिर से जुड़वाने के लिए एक महीने का अभियान शुरू करने की घोषणा की। विपक्षी दलों की ओर से इसे घर-घर तक पहुंचाने की तैयारी है। मंगलवार के मार्च में इंडिया गठबंधन के कई दलों की मौजूदगी के साथ बीजू जनता दल की भागीदारी भी दिखाई दी। विपक्ष इसे अपने अभियान के लिए व्यापक समर्थन के तौर पर देख रहा है।

    इस मुद्दे को राहुल गांधी पिछले एक साल से उठाते रहे हैं। विपक्ष ने पहली बार 7 अगस्त 2025 को इसे प्रमुखता से सामने रखा था। उस समय राहुल गांधी ने महाराष्ट्र, हरियाणा और कर्नाटक का उदाहरण देते हुए मतदाता सूची से जुड़े सवाल उठाए थे। इसके बाद विपक्षी दल लगातार इस विषय को अलग-अलग मंचों पर उठाते रहे। बाद में पश्चिम बंगाल में एसआईआर के दौरान बड़ी संख्या में मतदाताओं के नाम हटाए जाने की खबरों और चुनाव परिणामों के बाद विपक्ष ने इस मुद्दे पर और ज्यादा जोर दिया।

    विपक्षी रणनीतिकारों के मुताबिक, इस पूरे अभियान में एकजुटता सबसे महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। संसद के मानसून सत्र के दौरान भी विपक्षी दलों ने एक साथ कई मुद्दे उठाए थे। अब मतदाता सूची के मुद्दे पर भी अलग-अलग दलों के एक मंच पर आने से आंदोलन को आगे बढ़ाने की कोशिश की जा रही है। विपक्ष का रुख है कि यदि मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार इस्तीफा नहीं देते हैं तो शीतकालीन सत्र के दौरान भी यह मुद्दा जोर-शोर से उठाया जाएगा और संसद के भीतर विरोध और अधिक तीखा हो सकता है।

    विपक्षी दलों ने केवल संसद और चुनाव आयोग तक सीमित रहने के बजाय आंदोलन को देश के अलग-अलग हिस्सों तक ले जाने की योजना बनाई है। इंडिया गठबंधन की ओर से पांच बड़ी रैलियों का भी ऐलान किया गया है। इसके साथ ही कांग्रेस का एक महीने का अभियान मतदाता सूची से हटाए गए नामों को लेकर लोगों तक पहुंचने पर केंद्रित रहेगा। विपक्षी नेताओं का मानना है कि इस मुद्दे को स्थानीय स्तर तक ले जाने से मतदाताओं की शिकायतों और आपत्तियों को सामने लाने में मदद मिलेगी।

    विपक्ष एसआईआर को लेकर आम मतदाताओं में पैदा हुई कथित असहजता को भी अपने अभियान का आधार बना रहा है। विपक्षी रणनीतिकारों का दावा है कि मतदाता सूची में नाम हटने और जुड़ने से जुड़े सवालों के कारण चुनाव प्रक्रिया को लेकर लोगों के बीच चिंता बनी हुई है। इसी वजह से आंदोलन को लंबे समय तक चलाने की तैयारी की जा रही है। फिलहाल विपक्ष का अभियान संसद, चुनाव आयोग, देशव्यापी कार्यक्रमों और घर-घर संपर्क के जरिए आगे बढ़ाने की योजना पर केंद्रित है।

  • गाजियाबाद में पुलिस भर्ती दौड़ के दौरान दो अभ्यर्थियों की मौत, 12 की तबीयत बिगड़ी

    गाजियाबाद में पुलिस भर्ती दौड़ के दौरान दो अभ्यर्थियों की मौत, 12 की तबीयत बिगड़ी


    नई दिल्ली ।
    गाजियाबाद के गोविंदपुरम स्थित पीएसी की 47वीं बटालियन के मैदान में उत्तर प्रदेश पुलिस सिपाही भर्ती की शारीरिक दक्षता परीक्षा के दौरान दो अभ्यर्थियों की मौत हो गई। यह घटना पांच और छह अक्टूबर को आयोजित दौड़ के दौरान हुई। मृतकों में मथुरा निवासी 26 वर्षीय अतुल कुमार और शामली निवासी 23 वर्षीय विवेक कुमार शामिल हैं। वहीं, मंगलवार को दौड़ के दौरान तबीयत बिगड़ने पर 12 अभ्यर्थियों को संयुक्त जिला अस्पताल ले जाया गया। इनमें कुछ अभ्यर्थियों को सांस लेने में परेशानी, सीने में दर्द और कमजोरी की शिकायत हुई, जबकि तीन के पैर में फ्रैक्चर भी सामने आया।

    पुलिस के अनुसार, मथुरा जिले के गांव कारब निवासी अतुल कुमार पुत्र सतीश चंद्र 5 अक्टूबर को सिपाही भर्ती की दौड़ में शामिल हुए थे। दौड़ के दौरान उनकी तबीयत अचानक बिगड़ गई। हालत गंभीर होने के बाद उन्हें दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। वहीं, शामली जिले के गांव पुरमाफी निवासी 23 वर्षीय विवेक कुमार पुत्र बालेंद्र सिंह की मंगलवार को दौड़ के बाद तबीयत बिगड़ गई। उन्हें संयुक्त जिला अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने जांच के बाद मृत घोषित कर दिया।

    एसीपी कविनगर अभय डागा के मुताबिक, दोनों अभ्यर्थियों की दौड़ के दौरान तबीयत बिगड़ी थी और इसी दौरान उनकी मौत हुई। मौत की सही वजह पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट आने के बाद स्पष्ट होगी। दोनों शवों का पोस्टमॉर्टम कराया गया है। पुलिस ने मामले में मौत के सटीक कारण का पता लगाने के लिए रिपोर्ट का इंतजार करने की बात कही है।

    संयुक्त जिला अस्पताल के सीएमएस डॉ. संजय गुप्ता के अनुसार, मंगलवार को 12 अभ्यर्थियों को उपचार के लिए अस्पताल लाया गया। इनमें विवेक को मृत अवस्था में अस्पताल पहुंचाया गया था। अन्य अभ्यर्थियों में किसी को सांस लेने में परेशानी हुई तो किसी ने सीने में दर्द और कमजोरी की शिकायत की। शामली निवासी अंकुर के दाएं पैर में परेशानी थी, जबकि मथुरा निवासी योगेश को स्वास्थ्य संबंधी दिक्कत के बाद उपचार दिया गया। गोविंदपुरम निवासी राहुल को सामान्य कमजोरी की शिकायत थी। भाविक और गौरव को सांस लेने में परेशानी हुई, जबकि सूरज को सीने में दर्द के बाद इमरजेंसी में इलाज दिया गया।

    मथुरा निवासी हेमेंद्र और बंटी को भी सांस संबंधी परेशानी के कारण अस्पताल में भर्ती किया गया। मथुरा निवासी अंकित को सीने में दर्द होने पर हायर सेंटर रेफर किया गया, जबकि सचिन को सांस लेने में परेशानी के कारण इमरजेंसी में भर्ती किया गया। इलाज के बाद कुछ अभ्यर्थियों की हालत में सुधार होने पर उन्हें छुट्टी दे दी गई, जबकि कुछ का उपचार जारी रहा। इससे पहले सोमवार को भी दौड़ के दौरान कई अभ्यर्थियों को चोट और तबीयत बिगड़ने के कारण अस्पताल पहुंचाया गया था। मेरठ निवासी गौरव और मुकीमपुर निवासी कृष्णा के पैर में फ्रैक्चर होने पर उन्हें रेफर किया गया था। मेरठ के भासुमा गांव निवासी सौरव भी गंभीर रूप से घायल हुए थे।

    यूपी पुलिस आरक्षी भर्ती की दौड़ 3 से 9 अक्टूबर तक आयोजित की जा रही है। 3, 5 और 6 अक्टूबर को पुरुष अभ्यर्थियों की दौड़ हुई, जिसमें प्रतिदिन करीब 875 अभ्यर्थी शामिल हो रहे हैं। 7 अक्टूबर को महिला अभ्यर्थियों की दौड़ निर्धारित है, जिसमें करीब 650 अभ्यर्थियों के शामिल होने की संभावना है। दौड़ के लिए सुबह पांच बजे से प्रवेश शुरू होता है और पूरी प्रक्रिया सुबह नौ बजे तक पूरी की जाती है। अतुल और विवेक के परिजन उन्हें पुलिस की वर्दी में देखने का सपना लेकर भर्ती में भेजे थे, लेकिन दोनों की मौत के बाद परिवारों में मातम छा गया।

  • डोसे में चूहा मिलने के बाद होटल मालिक से 25 लाख की वसूली मांग, दो आरोपी गिरफ्तार

    डोसे में चूहा मिलने के बाद होटल मालिक से 25 लाख की वसूली मांग, दो आरोपी गिरफ्तार

    मुंबई। के बोरीवली वेस्ट स्थित एक होटल में डोसे के अंदर चूहा मिलने के बाद बनाया गया वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के मामले ने नया मोड़ ले लिया। होटल मालिक ने आरोप लगाया कि वीडियो को दोबारा फैलाने और अन्य कार्रवाई की धमकी देकर उससे पैसे मांगे गए। बोरीवली पुलिस ने 5 अक्टूबर को इस मामले में FIR दर्ज की है। मामले में मानसी अमित आचार्य और किंजल सुभाष भाटिया को आरोपी बनाया गया है। यह पूरा मामला 24 सितंबर को राधाकृष्ण होटल-बुफे-फास्ट फूड में हुई घटना से जुड़ा है।

    जानकारी के अनुसार, 24 सितंबर को होटल में आए लोगों में से एक ने डोसा मंगाया था। आरोप है कि डोसे के अंदर चूहा मिलने के बाद उसका वीडियो बनाया गया। यह वीडियो बाद में सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। घटना के बाद खाद्य एवं औषधि प्रशासन ने 28 सितंबर को होटल का लाइसेंस निलंबित कर दिया था। लाइसेंस निलंबित होने के बाद होटल बंद रहा।

    होटल मालिक ने पुलिस को दी शिकायत में आरोप लगाया कि वीडियो वायरल होने के बाद कुछ लोगों ने उसका इस्तेमाल पैसे मांगने के लिए करना शुरू किया। शिकायत के मुताबिक, वीडियो को सोशल मीडिया पर और फैलाने तथा दूसरे कदम उठाने की धमकी दी गई। शुरुआत में होटल मालिक से 25 लाख रुपये मांगे गए थे। बाद में कथित तौर पर यह रकम घटाकर 20 लाख रुपये और फिर 15 लाख रुपये कर दी गई।

    आरोप है कि बातचीत के बाद आखिरकार 7 लाख रुपये में मामला तय करने की बात हुई। होटल मालिक ने इसमें से 1 लाख रुपये नकद बतौर टोकन देने का दावा किया। इसके बाद भी बाकी रकम को लेकर मांग जारी रही। शिकायतकर्ता के मुताबिक, 30 सितंबर से 5 अक्टूबर के बीच उसे लगातार फोन कॉल और वाट्सऐप संदेशों के जरिए पैसे देने के लिए दबाव बनाया गया।

    होटल मालिक का आरोप है कि उसे लगातार चेतावनी दी जाती रही कि अगर बाकी रकम नहीं दी गई तो वायरल वीडियो को फिर से फैलाया जा सकता है और उसे अन्य नतीजे भी भुगतने पड़ सकते हैं। होटल मालिक ने 29 सितंबर को पुलिस से संपर्क किया था। इसके बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू की और पैसों की मांग जारी रहने के दौरान आरोपियों को पकड़ने की योजना बनाई गई।

    5 अक्टूबर को पुलिस की योजना के तहत शिकायतकर्ता से बाकी 6 लाख रुपये की व्यवस्था करने को कहा गया। शाम करीब 5:45 बजे जब आरोपी कथित तौर पर यह रकम लेने पहुंचे, तब उन्हें गवाहों की मौजूदगी में पकड़ लिया गया। इसके बाद पुलिस ने दोनों आरोपियों को हिरासत में लिया। मामले में भारतीय न्याय संहिता की धारा 308(2) और धारा 3(5) के तहत केस दर्ज किया गया है।

    पुलिस की जांच अब केवल होटल में डोसे के अंदर चूहा मिलने की मूल घटना तक सीमित नहीं है, बल्कि उसके बाद हुई पैसों की मांग पर भी केंद्रित है। जांच में वायरल वीडियो, फोन कॉल, वाट्सऐप पर हुई बातचीत और नकद लेन-देन से जुड़े पहलुओं को देखा जा रहा है। होटल का लाइसेंस निलंबित किए जाने और उसके बाद पैदा हुए हालात की भी जांच की जा रही है। FIR में होटल मालिक की ओर से लगाए गए आरोप दर्ज हैं और पूरे मामले की जांच जारी है।

  • तेलंगाना में फर्जी Form 7 मामले में पहली FIR, BJP बूथ एजेंट पर 30 मुस्लिम मतदाताओं के नाम हटाने की कोशिश का आरोप

    तेलंगाना में फर्जी Form 7 मामले में पहली FIR, BJP बूथ एजेंट पर 30 मुस्लिम मतदाताओं के नाम हटाने की कोशिश का आरोप

    नई दिल्ली: तेलंगाना में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR के दौरान कथित तौर पर फर्जी Form 7 जमा करने के मामले में पहली FIR दर्ज की गई है। हैदराबाद के चिक्कड़पल्ली थाने में भाजपा के बूथ लेवल एजेंट एस. बालचंदर के खिलाफ मामला दर्ज हुआ है। आरोप है कि उन्होंने मुशीराबाद विधानसभा क्षेत्र के 30 मतदाताओं के नाम मतदाता सूची से हटाने की मांग वाले प्री-प्रिंटेड Form 7 जमा करने की कोशिश की। उपलब्ध शिकायत और जांच के अनुसार, इन 30 मतदाताओं के नाम वाले फॉर्म पहले से तैयार थे और बाद में उन्हें बूथ लेवल ऑफिसर के पास जमा करने का प्रयास किया गया।

    FIR के अनुसार, 28 सितंबर 2026 को बालचंदर मतदान केंद्र संख्या 210 के बूथ लेवल ऑफिसर के पास 30 प्री-प्रिंटेड Form 7 लेकर पहुंचे थे। Form 7 का इस्तेमाल मतदाता सूची में किसी व्यक्ति के नाम को हटाने या उसके नाम पर आपत्ति दर्ज कराने के लिए किया जाता है। आरोप है कि इन फॉर्म में उन मतदाताओं के नाम पहले से दर्ज थे, जिनसे बालचंदर का कोई संबंध नहीं था। BLO और BLO सुपरवाइजर ने कथित तौर पर फॉर्म का यह सामूहिक सेट स्वीकार करने से इनकार कर दिया। बार-बार अनुरोध के बावजूद फॉर्म स्वीकार नहीं किए गए, जिसके बाद बालचंदर उन्हें परिसर में छोड़कर चले गए।

    इसके बाद चुनाव अधिकारियों ने संबंधित मतदाताओं की वास्तविक स्थिति की जांच की। 30 सितंबर को BLO और सुपरवाइजर ने फील्ड वेरिफिकेशन किया और 1 अक्टूबर को सहायक निर्वाचक पंजीकरण अधिकारी तथा निर्वाचक पंजीकरण अधिकारी ने भी सत्यापन में हिस्सा लिया। जांच में सभी 30 मतदाता अपने मतदाता रिकॉर्ड में दर्ज पते पर रहते हुए पाए गए। अधिकारियों के मुताबिक, इनमें से 14 मतदाता एक पते पर और बाकी 16 दूसरे पते पर दर्ज थे। इन 30 लोगों में एक कांग्रेस बूथ लेवल एजेंट भी शामिल बताया गया है। सत्यापन के आधार पर संबंधित Form 7 को स्वीकार करने योग्य नहीं माना गया और उन्हें खारिज किए जाने की बात कही गई।

    पुलिस ने यह कार्रवाई मुशीराबाद विधानसभा क्षेत्र के निर्वाचक पंजीकरण अधिकारी टी. प्रवीण कुमार रेड्डी की शिकायत के आधार पर की है। बालचंदर के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 217 और 318(2) के साथ जन-प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1950 की धारा 31 के तहत मामला दर्ज किया गया है। धारा 217 गलत जानकारी देकर सरकारी अधिकारी की कानूनी शक्ति के इस्तेमाल को प्रभावित करने से संबंधित है, जबकि धारा 318(2) धोखाधड़ी से जुड़ी है। मामले में प्री-प्रिंटेड फॉर्म तैयार करने और जमा करने से जुड़े पहलुओं की भी जांच की जा रही है।

    यह मामला तेलंगाना में मतदाता सूची के SIR के दौरान Form 7 के कथित दुरुपयोग को लेकर चल रहे विवाद के बीच सामने आया है। मुशीराबाद के अलावा हैदराबाद के बहादुरपुरा और गोशामहल विधानसभा क्षेत्रों से भी पहले से भरी हुई जानकारी वाले Form 7 सामने आने की बात सामने आई है। चुनाव अधिकारियों ने ऐसे मामलों में जानबूझकर गलत जानकारी या घोषणा देने वालों के खिलाफ जांच के बाद कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। वहीं, कांग्रेस ने इस मामले में व्यापक जांच की मांग की है और आरोप लगाया है कि मतदाताओं का डेटा जुटाने तथा फॉर्म तैयार करने में अन्य लोग भी शामिल हो सकते हैं। दूसरी ओर, भाजपा ने पार्टी स्तर पर मतदाता सूची से नाम हटाने के अभियान के आरोपों को खारिज किया है।

  • फ्रांस से 10 मिराज भारत लाने वाले आशुतोष दीक्षित बने नए IAF चीफ, 3300 घंटे की उड़ान और 3 राष्ट्रपति पदकों का शानदार रिकॉर्ड

    फ्रांस से 10 मिराज भारत लाने वाले आशुतोष दीक्षित बने नए IAF चीफ, 3300 घंटे की उड़ान और 3 राष्ट्रपति पदकों का शानदार रिकॉर्ड


    नई दिल्ली। भारतीय वायु सेना को नया प्रमुख मिल गया है। एयर मार्शल आशुतोष दीक्षित ने भारतीय वायु सेना के चीफ ऑफ एयर स्टाफ के रूप में कमान संभाल ली है। करीब चार दशक लंबे सैन्य करियर में उन्होंने फाइटर पायलट से लेकर वायु सेना के शीर्ष पद तक का सफर तय किया है। उनके करियर में युद्ध अभियानों से लेकर फाइटर विमानों के परीक्षण और रणनीतिक योजना तक कई महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां शामिल रही हैं। फ्रांस से मिराज 2000 विमानों को भारत लाने के महत्वपूर्ण मिशन से लेकर कारगिल युद्ध के दौरान निभाई गई जिम्मेदारी तक उनका सैन्य सफर कई उपलब्धियों से भरा रहा है।

    आशुतोष दीक्षित को 6 दिसंबर 1986 को भारतीय वायु सेना की फाइटर स्ट्रीम में कमीशन मिला था। वह नेशनल डिफेंस एकेडमी की 69वीं कोर्स के पूर्व छात्र हैं। उन्होंने बांग्लादेश से स्टाफ कोर्स किया और नई दिल्ली स्थित नेशनल डिफेंस कॉलेज से 57वें एनडीसी कोर्स के तहत प्रशिक्षण प्राप्त किया। सैन्य शिक्षा के साथ उनके पास विमान उड़ाने का भी लंबा अनुभव है।

    आशुतोष दीक्षित एक क्वालिफाइड फ्लाइंग इंस्ट्रक्टर और एक्सपेरिमेंटल टेस्ट पायलट रहे हैं। उन्होंने मिराज 2000 सहित कई फाइटर विमान ट्रेनर और ट्रांसपोर्ट एयरक्राफ्ट उड़ाए हैं। उनके नाम 3300 घंटे से अधिक की उड़ान का अनुभव दर्ज है। लंबे फ्लाइंग करियर ने उन्हें भारतीय वायु सेना के ऑपरेशनल और तकनीकी दोनों पहलुओं की गहरी समझ दी।

    उनके करियर की सबसे उल्लेखनीय जिम्मेदारियों में फ्रांस से मिराज 2000 विमानों को भारत लाने का मिशन भी शामिल है। विंग कमांडर के तौर पर उन्हें फ्रांस से 10 मिराज विमानों को सुरक्षित भारत लाने की जिम्मेदारी दी गई थी। उन्होंने दो बैच में इस मिशन को पूरा किया। इसके अलावा उन्होंने पश्चिमी सीमा पर मिराज 2000 की 9वीं स्क्वाड्रन की कमान संभाली और उसे कम समय में कॉम्बैट रेडी बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

    कारगिल युद्ध के दौरान ऑपरेशन सफेद सागर और सीमा पर चले ऑपरेशन रक्षक में भी उन्होंने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। बाद में ग्रुप कैप्टन के रूप में उन्होंने छह बड़ी विदेशी कंपनियों के फाइटर जेट्स के फील्ड ट्रायल और तकनीकी मूल्यांकन से जुड़े महत्वपूर्ण कार्यों का नेतृत्व किया। इससे उनकी तकनीकी समझ और रणनीतिक क्षमता का पता चलता है।

    आशुतोष दीक्षित को उनकी सेवाओं के लिए कई महत्वपूर्ण सैन्य सम्मान भी मिल चुके हैं। उन्हें 26 जनवरी 2006 को वायु सेना मेडल दिया गया। इसके बाद 26 जनवरी 2011 को विशिष्ट सेवा मेडल और 26 जनवरी 2023 को अति विशिष्ट सेवा मेडल से सम्मानित किया गया। ये सम्मान उनके लंबे सैन्य करियर में निभाई गई महत्वपूर्ण जिम्मेदारियों और सेवाओं को दर्शाते हैं।

    अपने 38 साल से अधिक लंबे करियर में उन्होंने एयर हेडक्वार्टर और कमान स्तर पर कई अहम पद संभाले। वह एएसटीई बेंगलुरु की फाइटर टेस्ट स्क्वाड्रन और ग्वालियर की 9वीं स्क्वाड्रन के कमांडिंग ऑफिसर रहे। उन्होंने डिप्टी चीफ ऑफ एयर स्टाफ के रूप में प्रोजेक्ट्स और प्लानिंग की जिम्मेदारी संभाली। इसके बाद प्रयागराज स्थित सेंट्रल एयर कमान के एयर ऑफिसर कमांडिंग इन चीफ और चीफ ऑफ इंटीग्रेटेड डिफेंस स्टाफ जैसी महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभाईं। वाइस चीफ ऑफ एयर स्टाफ के पद पर रहने के बाद अब उन्होंने भारतीय वायु सेना के सर्वोच्च पद की जिम्मेदारी संभाल ली है।

  • UP से राज्यसभा की 10 सीटों के लिए 12 उम्मीदवार चुनाव मैदान में, 2 निर्दलीयों ने भी भरे पर्चे

    UP से राज्यसभा की 10 सीटों के लिए 12 उम्मीदवार चुनाव मैदान में, 2 निर्दलीयों ने भी भरे पर्चे


    लखनऊ।
    यूपी (UP) से राज्यसभा चुनाव (Rajya Sabha Elections) में नामांकन (Enrollment) दाखिल करने का मंगलवार को आखिरी दिन था. इस दिन निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में ओंकारनाथ चौरसिया ने पर्चा भरा. इसके साथ ही बीजेपी के 8 और एक निर्दलीय समेत 9 लोगों ने नामांकन दाखिल किया।

    अब तक कुल 12 राज्यसभा प्रत्याशियों ने पर्चा भरा है. 12वें प्रत्याशी के रूप में इंडिपेंडेंट कांते सायन्ना ने नामांकन दाखिल किया. अब तक बीजेपी के 8, समाजवादी पार्टी के 2 और 2 निर्दलीय प्रत्याशियों ने नामांकन दाखिल किया है।

    बीजेपी के राज्यसभा प्रत्याशी धर्मपाल सिंह, राधाकांत ओझा, प्रकाश पाल, विद्यासागर सोनकर, गोपी कृष्ण पांडेय, प्रियंका सिंह रावत, राम प्रताप सिंह चौहान और श्रुति गंगवार ने मंगलवार को अपना नामांकन पत्र दाखिल किया. इन सभी प्रत्याशियों ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष एवं केंद्रीय वित्त राज्यमंत्री पंकज चौधरी, उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य और ब्रजेश पाठक के नेतृत्व में नामांकन दाखिल किया. इस दौरान प्रदेश सरकार के मंत्री, पार्टी पदाधिकारी और वरिष्ठ नेता मौजूद रहे।


    सपा के दो उम्मीदवार मैदान में

    समाजवादी पार्टी के दो उम्मीदवार हैं. इनमें पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव प्रो. रामगोपाल यादव और रिलायंस समूह के वरिष्ठ अधिकारी धनराज परिमल नथवानी शामिल हैं. प्रो. रामगोपाल यादव छठी बार उच्च सदन जाने की तैयारी में हैं. दोनों उम्मीदवारों ने 30 सितंबर को सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव की मौजूदगी में अपना नामांकन दाखिल किया था।


    क्या है जीत-हार की स्थिति

    उत्तर प्रदेश की 10 राज्यसभा सीटों पर चुनाव हो रहे हैं. मौजूदा सदस्यों का कार्यकाल 25 नवंबर को समाप्त हो रहा है. विधानसभा की वर्तमान प्रभावी संख्या 397 विधायक है. इसके आधार पर प्रत्येक उम्मीदवार को जीत के लिए 37 प्रथम वरीयता वोटों की जरूरत होगी. भाजपा के पास करीब 255 विधायक हैं. सहयोगी दलों को मिलाकर एनडीए की संख्या 285 से 290 के पार है. इस संख्या के आधार पर एनडीए सात सीटें आसानी से जीत सकता है. वहीं, आठवीं सीट जीतने के लिए उसे करीब 6 अतिरिक्त वोटों की जरूरत होगी. सपा के पास 100 से 101 विधायक हैं. चायल से विधायक पूजा पाल आधिकारिक रिकॉर्ड में सपा के खाते में हैं, हालांकि वे भाजपा के संपर्क में रही हैं. इसके अलावा सपा को कांग्रेस के 2 विधायकों का समर्थन हासिल है. इस संख्या के आधार पर सपा दो सीटें आसानी से जीत सकती है।

  • मथुरा में गूंजा श्रीकृष्ण भक्ति का संदेश, जन्मभूमि पर विशेष पूजन के बाद उडुपी पीठाधीश्वर का बड़ा बयान

    मथुरा में गूंजा श्रीकृष्ण भक्ति का संदेश, जन्मभूमि पर विशेष पूजन के बाद उडुपी पीठाधीश्वर का बड़ा बयान


    नई दिल्ली। मथुरा में बुधवार को श्रीकृष्ण जन्मभूमि पर धार्मिक और आध्यात्मिक माहौल देखने को मिला। उडुपी के पेजावर अधोक्षज मठ के पीठाधीश्वर विश्वप्रसन्न तीर्थ महाराज ने श्रीकृष्ण जन्मस्थान मंदिर परिसर में विशेष पूजा अर्चना की। द्वैत वेदांत परंपरा के अनुसार वैदिक मंत्रों के साथ हुए इस अनुष्ठान में उडुपी की उपासना परंपरा और ब्रज की भक्ति का अनूठा संगम देखने को मिला। महाराजश्री अपने साथ करीब 800 वर्ष पुराने भगवान के चल विग्रह लेकर श्रीकृष्ण जन्मभूमि पहुंचे थे। गर्भगृह में तुलसी दल और पुष्पों से भगवान का पूजन किया गया तथा विष्णु सहस्त्रनाम का पाठ करते हुए पुष्प अर्पित किए गए।

    पूजा अर्चना के बाद विश्वप्रसन्न तीर्थ महाराज ने श्रीकृष्ण जन्मभूमि परिसर का भ्रमण किया। इस दौरान श्रद्धालुओं ने हरिनाम संकीर्तन किया। मृदंग झांझ और मजीरों की मंगल ध्वनि से पूरा परिसर भक्तिमय नजर आया। श्रीकृष्ण जन्मस्थान सेवा संस्थान के सचिव कपिल शर्मा ने उनका तुलसी माला पुष्पमाला और अंगवस्त्र से स्वागत किया। इसके बाद महाराजश्री ने श्रीभागवत भवन में भगवान श्रीकृष्ण भगवान श्रीराम और भगवान हयग्रीव के श्रीविग्रह के समक्ष भी पूजा की।

    इस धार्मिक आयोजन की खास बात यह रही कि विश्वप्रसन्न तीर्थ महाराज अपने साथ जगद्गुरु माध्वाचार्य द्वारा पूजित करीब 800 वर्ष पुराने चल विग्रह भी लेकर आए थे। गर्भगृह में उन्होंने वैदिक परंपरा के अनुसार विधिवत पूजा की। तुलसी और पुष्प अर्पित करने के साथ विष्णु सहस्त्रनाम का पाठ किया गया। इस दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद रहे और पूरे परिसर में धार्मिक वातावरण बना रहा।

    पूजन के बाद विश्वप्रसन्न तीर्थ महाराज ने मथुरा में श्रीकृष्ण मंदिर निर्माण से जुड़े विषय पर भी अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि सनातन के पवित्र स्थलों पर बने पुराने ढांचों से करोड़ों सनातनियों की भावनाएं आहत हुई हैं। उन्होंने अयोध्या और काशी का उल्लेख करते हुए कहा कि अयोध्या में रामलला भव्य मंदिर में विराजमान हो चुके हैं जबकि काशी में बाबा विश्वनाथ मंदिर अपने आध्यात्मिक स्वरूप को प्राप्त कर रहा है। उनके अनुसार अब मथुरा में भगवान श्रीकृष्ण अपनी लीला निश्चित करेंगे।

    विश्वप्रसन्न तीर्थ महाराज ने इसे सांस्कृतिक और आध्यात्मिक पुनरोत्थान के दौर के रूप में बताया। उन्होंने कहा कि अन्याय और अत्याचार के प्रतीक हटेंगे तथा न्याय की बांसुरी बजेगी। उनका यह बयान श्रीकृष्ण जन्मभूमि को लेकर चल रही धार्मिक चर्चाओं के बीच सामने आया है। हालांकि मंदिर निर्माण और उससे जुड़े विवाद का अंतिम स्वरूप कानूनी और संबंधित संस्थागत प्रक्रियाओं से तय होना है।

    श्रीकृष्ण जन्मभूमि परिसर में महाराजश्री के आगमन के दौरान श्रद्धालुओं में भी खास उत्साह दिखाई दिया। हरिनाम संकीर्तन के बीच मृदंग झांझ और मजीरों की धुन से वातावरण भक्तिमय बना रहा। द्वैत वेदांत परंपरा से जुड़े विशेष पूजन और ब्रज की भावमय भक्ति के इस संगम ने कार्यक्रम को खास बना दिया। मथुरा की धार्मिक पहचान और श्रीकृष्ण जन्मभूमि की आस्था के बीच यह आयोजन श्रद्धालुओं के लिए विशेष महत्व वाला रहा।