Category: National

  • वाराणसी से मिर्जापुर तक, मनोरंजन जगत के लिए बेहद खास उत्तर प्रदेश, सैकड़ों फिल्मों की हो चुकी है शूटिंग

    वाराणसी से मिर्जापुर तक, मनोरंजन जगत के लिए बेहद खास उत्तर प्रदेश, सैकड़ों फिल्मों की हो चुकी है शूटिंग

    नई दिल्ली।  जनसंख्या के लिहाज से देश का सबसे बड़ा और खूबसूरत राज्य उत्तर प्रदेश न केवल पर्यटन बल्कि सिनेमा जगत को समृद्ध करने में भी अहम योगदान देता रहा है। प्राचीन शहरों के गंगा घाट, पतली गलियां, ऐतिहासिक मंदिर, ताजमहल और खूबसूरत नजारे फिल्मों के लिए आकर्षक पृष्ठभूमि बनाते हैं। यही वजह है कि यूपी भारत के सबसे फिल्म फ्रेंडली राज्यों में शुमार है। 2021 में इसे “मोस्ट फिल्म फ्रेंडली स्टेट” घोषित किया गया था।

    शूटिंग की विशेषताएं और फिल्म नीति

    राज्य सरकार ने शूटिंग नियमों को सरल किया है। सिंगल विंडो क्लीयरेंस सिस्टम के जरिए फिल्म मेकर्स को ऑनलाइन अनुमति और सब्सिडी मिलती है। वेब सीरीज के लिए भी सब्सिडी का प्रावधान है। सूचना विभाग की नोड एजेंसी ‘फिल्म बंधु’ फिल्म शूटिंग को बढ़ावा दे रही है। यूपी की फिल्म पॉलिसी सांस्कृतिक, पौराणिक और ऐतिहासिक विरासत को दुनिया तक पहुंचाने पर केंद्रित है।

    बोलती पृष्ठभूमि: प्रसिद्ध फिल्में और वेब सीरीज

    मसान (2015) में विक्की कौशल और ऋचा चड्ढा के किरदार काशी की गहराई को छूते हैं।
    रांझणा (2013) बनारस की गलियों में प्रेम, त्याग और सामाजिक विभाजन की कहानी दिखाती है।
    मुक्ति भवन (2016) में कॉमेडी और भावुकता का अनोखा मिश्रण है।
    बनारस में शहर की आध्यात्मिकता और रहस्य कहानी को मजबूती देती है।
    मोहल्ला अस्सी अस्सी घाट और स्थानीय संस्कृति पर आधारित व्यंग्यात्मक कहानी है।
    ब्रह्मास्त्र: पार्ट वन – शिव (2022) में पौराणिक कथाओं से प्रेरित कहानी और शक्तियों का खेल है।
    गैंग्स ऑफ वासेपुर (2012) में अपराध, सत्ता और बदले की महाकाव्य कहानी दिखाई गई।
    मिर्जापुर (वेब सीरीज) में अपराधी कालीन त्रिपाठी का साम्राज्य और क्राइम थ्रिलर कहानी है।
    वनवास (2024) बुजुर्ग माता-पिता की उपेक्षा और परिवारिक संघर्ष पर आधारित भावुक कहानी है।
    भूल चूक माफ में वाराणसी की रंगीन गलियों और टाइम लूप की रोमांटिक कॉमेडी दिखाई गई।

    उत्तर प्रदेश की फिल्म नीति और पुरस्कार

    यूपी ने कई बड़े पुरस्कार जीते हैं। 64वें और 68वें नेशनल फिल्म अवॉर्ड, 2021 में आईएफएफआई गोवा, और 2022 में मुंबई इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल से ‘शूटिंग फ्रेंडली राज्य’ का सम्मान मिला।

    उत्तर प्रदेश अपने खूबसूरत नजारों, सांस्कृतिक विरासत और फिल्म फ्रेंडली नीति से सिनेमा जगत का पसंदीदा राज्य बनकर 77वें स्थापना दिवस पर गौरव महसूस कर रहा है।

  • RJD में बड़े संगठनात्मक बदलाव के संकेत, तेजस्वी यादव को मिल सकती है अहम जिम्मेदारी, कल फैसले के आसार

    RJD में बड़े संगठनात्मक बदलाव के संकेत, तेजस्वी यादव को मिल सकती है अहम जिम्मेदारी, कल फैसले के आसार


    नई दिल्‍ली। राष्ट्रीय जनता दल RJD में जल्द ही बड़ा फैसला लिया जा सकता है। तेजस्वी यादव को कार्यकारी राष्ट्रीय अध्यक्ष की जिम्मेदारी सौंपे जाने की चर्चा तेज हो गई है। सूत्रों के मुताबिक, 25 जनवरी को होने वाली RJD की राष्ट्रीय कार्यकारिणी बैठक में इस प्रस्ताव पर अंतिम मुहर लग सकती है। यदि यह निर्णय होता है, तो पार्टी के संगठनात्मक ढांचे में यह एक अहम बदलाव माना जाएगा।

    पूरा मामला क्या है

    आजेडी की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की एक महत्वपूर्ण बैठक 25 जनवरी को पटना स्थित होटल मौर्या में सुबह 11:30 बजे आयोजित होने वाली है। इस बैठक को पार्टी के भविष्य के लिहाज से बेहद अहम माना जा रहा है। सूत्रों के अनुसार, इस बैठक में तेजस्वी यादव को पार्टी का कार्यकारी राष्ट्रीय अध्यक्ष बनाए जाने पर विचार किया जा सकता है। यदि प्रस्ताव रखा गया तो उस पर अंतिम फैसला RJD सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव और राष्ट्रीय कार्यकारिणी के सदस्यों की सहमति से लिया जाएगा। पार्टी के अंदरखाने में यह चर्चा तेज है कि आने वाले वर्षों की राजनीतिक रणनीति को ध्यान में रखते हुए तेजस्वी यादव संगठन की कमान और मजबूत रूप से अपने हाथ में लेना चाहते हैं। माना जा रहा है कि यह कदम RJD के नेतृत्व को स्पष्ट करने की दिशा में अहम साबित हो सकता है।

    तेजस्वी यादव की सुरक्षा में हालिया बदलाव

    हाल ही में तेजस्वी यादव की सुरक्षा व्यवस्था में बदलाव किया गया था। बिहार के कई प्रमुख नेताओं की सुरक्षा श्रेणी की समीक्षा केंद्र और राज्य सरकार के स्तर पर की गई थी, जिसके बाद यह निर्णय लिया गया। इस कदम को लेकर विपक्ष ने सरकार पर निशाना साधते हुए इसे राजनीतिक मंशा से जुड़ा बताया था। वहीं सरकार की ओर से स्पष्ट किया गया कि यह फैसला पूरी तरह खतरे के आकलन और सुरक्षा एजेंसियों की रिपोर्ट के आधार पर लिया गया है।

    तेजस्वी यादव फिलहाल बिहार विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष की भूमिका निभा रहे हैं। पिछला विधानसभा चुनाव आरजेडी के लिए निराशाजनक रहा था, जहां एनडीए ने भारी बहुमत के साथ जीत दर्ज की और महागठबंधन को हार का सामना करना पड़ा। चुनाव परिणामों के बाद तेजस्वी यादव को सदन में विपक्ष का नेता चुना गया।

    गौरतलब है कि चुनाव के बाद लालू परिवार के भीतर मतभेद भी सार्वजनिक रूप से सामने आए थे। लालू प्रसाद यादव की बेटी रोहिणी आचार्य ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर अपने भाई तेजस्वी यादव पर तीखी टिप्पणी की थी, जिससे राजनीतिक और पारिवारिक चर्चाएं तेज हो गई थीं। इसी दौरान तेजस्वी यादव के बड़े भाई तेज प्रताप यादव को चुनाव से पहले ही पार्टी से निष्कासित कर दिया गया था। इसके बाद तेज प्रताप ने अलग राजनीतिक दल बनाकर चुनाव लड़ा, हालांकि उन्हें चुनावी सफलता नहीं मिल पाई।

  • चुनाव आयोग का कड़ा रुख: मतदाता सूची में गड़बड़ी की तो BLOs पर होगी सीधी FIR, ECI ने जारी किए सख्त निर्देश

    चुनाव आयोग का कड़ा रुख: मतदाता सूची में गड़बड़ी की तो BLOs पर होगी सीधी FIR, ECI ने जारी किए सख्त निर्देश

    नई दिल्ली/कोलकाता। भारत निर्वाचन आयोग ECI ने लोकतंत्र की सबसे बुनियादी इकाई ‘मतदाता सूची’ की शुद्धता सुनिश्चित करने के लिए कमर कस ली है। आयोग ने स्पष्ट कर दिया है कि बूथ लेवल ऑफिसर्स BLOs द्वारा की गई किसी भी प्रकार की लापरवाही, जानबूझकर की गई गड़बड़ी या निर्देशों की अवहेलना को अब बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। शुक्रवार को जारी नई गाइडलाइंस के अनुसार, दोषी अधिकारियों के खिलाफ न केवल विभागीय जांच होगी, बल्कि आपराधिक कृत्य पाए जाने पर सीधे FIR भी दर्ज कराई जाएगी।

    गाइडलाइंस के मुख्य बिंदु: क्यों और कैसे होगी कार्रवाई

    आयोग ने उन परिस्थितियों को स्पष्ट किया है जिनके तहत BLOs पर गाज गिर सकती है गड़बड़ी के दायरे: मतदाता सूची की सटीकता को प्रभावित करना, ड्यूटी से नदारद रहना, दुर्व्यवहार, चुनाव कानूनों का उल्लंघन या आयोग के आदेशों की जानबूझकर अनदेखी करना। निलंबन और विभागीय जांच: जिला निर्वाचन अधिकारी DEO के पास दोषी BLO को तत्काल निलंबित करने का अधिकार होगा। संबंधित अनुशासनात्मक प्राधिकारी को 6 महीने के भीतर कार्यवाही पूरी कर रिपोर्ट देनी होगी।

    आपराधिक कार्यवाही FIR यदि गड़बड़ी आपराधिक श्रेणी की है, तो लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम RP Act 1950 की धारा 32 के तहत मुख्य निर्वाचन अधिकारी CEO की अनुमति से तुरंत FIR दर्ज की जाएगी। निगरानी: CEO को यह अधिकार होगा कि वे स्वयं या DEO की रिपोर्ट पर संज्ञान लेकर कार्रवाई करें। अनुशासनात्मक कार्यवाही का अंतिम निर्णय CEO की सहमति के बिना प्रभावी नहीं होगा।

    पश्चिम बंगाल: सर्वोच्च न्यायालय के आदेश के बाद विशेष सतर्कता

    पश्चिम बंगाल में विशेष गहन पुनरीक्षण SIR 2026 के दौरान कानून-व्यवस्था को लेकर चुनाव आयोग बेहद संवेदनशील है। सुप्रीम कोर्ट का हस्तक्षेप: 19 जनवरी 2026 को सर्वोच्च न्यायालय द्वारा जारी आदेश के बाद, बंगाल के CEO मनोज अग्रवाल ने सभी जिला मजिस्ट्रेटों DM को निर्देश दिए हैं कि मतदाता सूची संशोधन के दौरान किसी भी प्रकार की हिंसा या धांधली को रोकने के लिए पुख्ता इंतजाम किए जाएं। सुरक्षा और पारदर्शिता: बंगाल में पुनरीक्षण कार्य के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए स्थानीय प्रशासन को विशेष निर्देश दिए गए हैं ताकि मतदाता बिना किसी डर के अपना नाम जुड़वा सकें या संशोधन करा सकें।

    BLO की भूमिका का महत्व

    एक BLO के पास औसतन 970 मतदाता या लगभग 300 घरों की जिम्मेदारी होती है। जमीनी स्तर पर यही अधिकारी तय करते हैं कि मतदाता सूची कितनी पारदर्शी है। आयोग का मानना है कि यदि नींव BLO स्तर मजबूत और ईमानदार होगी, तो चुनाव की पूरी प्रक्रिया पर जनता का विश्वास बना रहेगा।

  • सारंडा के बीहड़ों में 'ऑपरेशन मेगाबुरु': 47 घंटे की जंग में 13 खूंखार नक्सली ढेर, 4.5 करोड़ का इनाम साफ

    सारंडा के बीहड़ों में 'ऑपरेशन मेगाबुरु': 47 घंटे की जंग में 13 खूंखार नक्सली ढेर, 4.5 करोड़ का इनाम साफ


    झारखंड । झारखंड और ओडिशा की सीमा पर स्थित एशिया के सबसे घने सारंडा जंगलों में सुरक्षाबलों ने नक्सलियों के खिलाफ अब तक की सबसे बड़ी और निर्णायक कार्रवाई को अंजाम दिया है। ‘ऑपरेशन मेगाबुरु’ के तहत 47 घंटों तक चली इस भीषण मुठभेड़ में 13 हार्डकोर नक्सलियों को मार गिराया गया है। मारे गए इन नक्सलियों पर कुल 4.49 करोड़ रुपये का सामूहिक इनाम घोषित था। पश्चिमी सिंहभूम जिले के कुमडीह और बहादा जंगल में चली इस गोलीबारी ने नक्सली संगठन की जड़ों को हिलाकर रख दिया है। सुरक्षाबलों ने मौके से भारी मात्रा में अत्याधुनिक हथियार आईईडी और गोला-बारूद भी बरामद किया है।

    ऑपरेशन मेगाबुरु की बड़ी सफलताएं

    सुरक्षाबलों के लिए यह जीत रणनीतिक रूप से अत्यंत महत्वपूर्ण है, क्योंकि इसमें संगठन के कई बड़े चेहरे खत्म हो गए हैं रापा मुंडा 35 लाख का इनामी जोनल कमांडर रापा मुंडा इस मुठभेड़ का सबसे बड़ा शिकार बना। वह अप्रैल 2025 में हुए उस घातक आईईडी ब्लास्ट का मास्टरमाइंड था जिसमें झारखंड जगुआर का एक जवान शहीद हुआ था। मुवति होनहांगा 2 लाख की इनामी इस महिला नक्सली को भी सुरक्षाबलों ने ढेर कर दिया है। बड़ी बरामदगी मुठभेड़ स्थल से एके-47 इंसास राइफलें और भारी मात्रा में बारूद बरामद हुआ है।

    दहशत के बीच भारी नाकेबंदी

    मुठभेड़ इतनी भीषण थी कि इसका असर आसपास के गांवों में साफ देखा जा रहा है घरों में कैद ग्रामीण फायरिंग की गूंज से डरे हुए लगभग 20 परिवार अपने घरों में सिमटे हुए हैं। लॉजिस्टिक्स घने जंगलों से नक्सलियों के शव बाहर निकालने के लिए प्रशासन को 6 ट्रैक्टरों और सुरक्षा के लिए 8 मजिस्ट्रेटों की तैनाती करनी पड़ी। सील इलाका: कुमडीह और सेडल नाका सहित पूरे इलाके को झारखंड पुलिस और सीआरपीएफ ने चारों तरफ से सील कर दिया है।

    सर्च ऑपरेशन अब भी जारी

    हालांकि मुख्य मुठभेड़ थम गई है, लेकिन ‘ऑपरेशन मेगाबुरु’ अभी खत्म नहीं हुआ है। पुलिस को अंदेशा है कि घने बीहड़ों और गुफाओं में कुछ और हार्डकोर नक्सली छिपे हो सकते हैं। चप्पे-चप्पे पर जवानों की तैनाती है ताकि कोई भी अपराधी घेराबंदी तोड़कर ओडिशा की सीमा में न भाग सके।

  • पीएमकेवीवाई 4.0 से देश में कौशल क्रांति 38 क्षेत्रों में 27 लाख से अधिक युवाओं को मिला प्रशिक्षण

    पीएमकेवीवाई 4.0 से देश में कौशल क्रांति 38 क्षेत्रों में 27 लाख से अधिक युवाओं को मिला प्रशिक्षण


    नई दिल्ली।केंद्र सरकार ने बताया है कि प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना 4.0 के तहत देशभर में बड़े स्तर पर युवाओं को कौशल प्रशिक्षण दिया जा रहा है सात दिसंबर 2025 तक इस योजना के अंतर्गत कुल 27.08 लाख युवाओं को प्रशिक्षण प्रदान किया जा चुका है यह प्रशिक्षण 38 अलग अलग क्षेत्रों में दिया गया है और इसमें 36 राज्य तथा 732 जिले शामिल हैं

    कौशल विकास एवं उद्यमिता मंत्रालय के अनुसार अप्रैल 2024 से सात दिसंबर 2025 के बीच आईटी और आईटीईएस एयरोस्पेस और एविएशन कृषि रबर चमड़ा पर्यटन और होटल उद्योग जैसे क्षेत्रों में 7.5 लाख से अधिक युवाओं को प्रशिक्षित किया गया है यह कार्य 34 राज्यों और 670 जिलों में किया गया जिससे योजना की व्यापक पहुंच स्पष्ट होती हैमंत्रालय ने बताया कि प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना उसकी प्रमुख अल्पकालिक प्रशिक्षण योजना है जो चार चरणों में लगातार विकसित हुई है एक छोटी योजना के रूप में शुरू होकर यह अब मांग आधारित और रोजगार उन्मुख कौशल प्रशिक्षण प्रणाली बन चुकी है

    युवाओं को भविष्य की जरूरतों के अनुरूप तैयार करने के लिए 77 विशेष कोर्स और 102 नई जॉब भूमिकाएं शुरू की गई हैं इनमें आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस इंडस्ट्री 4.0 ग्रीन जॉब्स और डिजिटल सेवाओं जैसे आधुनिक क्षेत्र शामिल हैं जो तेजी से बदलती वैश्विक अर्थव्यवस्था की मांग को पूरा करते हैंसरकार ने बताया कि देशभर में 15,500 से अधिक संस्थान पीएमकेवीवाई 4.0 को लागू कर रहे हैं इनमें 7,000 से ज्यादा स्किल हब स्कूलों कॉलेजों और आईटीआई में संचालित हो रहे हैं इसके अलावा आईआईटी आईआईएम एनआईटी आईआईआईटी सरकारी संस्थान और सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनियां भी पहली बार इस योजना से जुड़ी हैं

    अप्रैल 2024 से सितंबर 2025 के बीच इस योजना पर 1,652.89 करोड़ रुपए खर्च किए गए हैं वहीं पीएमकेवीवाई 4.0 के तहत 200 करोड़ रुपए का अलग बजट प्रशिक्षकों और मूल्यांकनकर्ताओं का राष्ट्रीय समूह तैयार करने के लिए निर्धारित किया गया है इसके नियम पाठ्यक्रम और प्रमाणन व्यवस्था एनसीवीईटी द्वारा तय की गई है और इन्हें स्किल इंडिया डिजिटल हब पर उपलब्ध कराया गया है

    मंत्रालय के अनुसार अप्रैल 2024 से नवंबर 2025 तक 34,505 प्रशिक्षकों और 13,844 मूल्यांकनकर्ताओं को प्रमाणित किया गया हैआईटीआई को देश में व्यावसायिक शिक्षा की रीढ़ बताते हुए मंत्रालय ने कहा कि 2014 से 2025 के बीच आईटीआई की संख्या 9,977 से बढ़कर 14,682 हो गई है इस दौरान 4,605 नए आईटीआई स्थापित किए गए वहीं छात्रों की संख्या 9.5 लाख से बढ़कर 14 लाख से अधिक हो गई है जो कौशल शिक्षा पर बढ़ते भरोसे को दर्शाता है

  • भाजपा सरकार ने उत्तर प्रदेश को बीमारू से ब्रेक थ्रू राज्य बनाया अमित शाह

    भाजपा सरकार ने उत्तर प्रदेश को बीमारू से ब्रेक थ्रू राज्य बनाया अमित शाह


    नई दिल्ली।लखनऊ में यूपी दिवस के अवसर पर आयोजित राज्यस्तरीय कार्यक्रम में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि उत्तर प्रदेश ने पिछले कुछ वर्षों में ऐतिहासिक परिवर्तन देखा है जो कभी लेबर सोर्स स्टेट के रूप में पहचाना जाता था वही प्रदेश आज देश की चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन चुका है यह परिवर्तन भाजपा सरकार की नीतियों और नेतृत्व का परिणाम है

    अमित शाह ने कहा कि कांग्रेस सपा और बसपा के शासनकाल में उत्तर प्रदेश को बीमारू राज्य बनाकर रखा गया था लेकिन भाजपा सरकार ने प्रदेश को विकास की मुख्यधारा से जोड़ते हुए ब्रेक थ्रू राज्य के रूप में स्थापित किया है उन्होंने कहा कि आज उत्तर प्रदेश विकसित भारत के संकल्प का मजबूत स्तंभ बन रहा है

    कार्यक्रम के दौरान गृह मंत्री ने सरदार वल्लभभाई पटेल के नाम पर शुरू की गई सरदार पटेल औद्योगिक योजना का शुभारंभ किया उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश को वन ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने के लिए एक सुनियोजित रोडमैप तैयार किया गया है आने वाले समय में प्रदेश का हर जिला रोजगार से युक्त होगा और युवाओं को अपने ही राज्य में सम्मानजनक आजीविका मिलेगी

    अमित शाह ने कहा कि एक समय था जब उत्तर प्रदेश को मजदूर भेजने वाला राज्य कहा जाता था लेकिन आज वही प्रदेश देश की आर्थिक प्रगति का इंजन बन रहा है यह परिवर्तन हर उत्तर भारतीय के लिए गर्व का विषय है उन्होंने दोहराया कि भाजपा सरकार ने विकास को गांव गांव तक पहुंचाया है
    उन्होंने एक जिला एक उत्पाद योजना का उल्लेख करते हुए कहा कि वर्ष 2017 में भाजपा के घोषणा पत्र में इस योजना को शामिल किया गया था आज यह योजना न केवल उत्तर प्रदेश में सफल हुई है बल्कि पूरे देश के लिए मॉडल बन चुकी है इस योजना से कारीगरों युवाओं महिलाओं और माताओं को रोजगार के नए अवसर मिले हैं

    गृह मंत्री ने प्रेरणा स्थल का भी विशेष उल्लेख किया और कहा कि यह स्थल राष्ट्र की चेतना को जागृत करने वाला केंद्र बनेगा उन्होंने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और दोनों उपमुख्यमंत्रियों की सराहना करते हुए कहा कि जिस स्थान पर कभी कूड़े का पहाड़ था वहां आज एक भव्य प्रेरणादायी स्थल विकसित किया गया हैअमित शाह ने कहा कि श्यामा प्रसाद मुखर्जी दीनदयाल उपाध्याय और अटल बिहारी वाजपेयी जैसे महान नेताओं की स्मृति में बना यह स्थल आने वाली पीढ़ियों को दशकों तक दिशा देता रहेगा उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विकसित भारत के संकल्प को साकार करने में उत्तर प्रदेश निर्णायक भूमिका निभाने जा रहा है

    कार्यक्रम में उन्होंने बताया कि प्रदेश सरकार हर वर्ष एक लाख युवाओं को पांच लाख रुपये तक का ब्याज मुक्त और गारंटी मुक्त ऋण उपलब्ध करा रही है जिसमें अनुदान की भी व्यवस्था है अब तक एक लाख से अधिक युवा इस योजना का लाभ उठा चुके हैंअंत में अमित शाह ने कहा कि उत्तर प्रदेश केवल भौगोलिक ही नहीं बल्कि सांस्कृतिक और आध्यात्मिक रूप से भी देश की आत्मा है और वर्ष 2047 में जब भारत आजादी की शताब्दी मनाएगा तब उत्तर प्रदेश पूर्ण विकसित राज्य के रूप में देश का मजबूत आधार बनेगा

  • उत्तर प्रदेश स्थापना दिवस: मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने दीं शुभकामनाएं, राष्ट्र निर्माण में UP के योगदान को सराहा

    उत्तर प्रदेश स्थापना दिवस: मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने दीं शुभकामनाएं, राष्ट्र निर्माण में UP के योगदान को सराहा

    भोपाल। मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने शनिवार 24 जनवरी को उत्तर प्रदेश स्थापना दिवस के अवसर पर उत्तर प्रदेश के समस्त नागरिकों को हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं प्रेषित की हैं। मुख्यमंत्री ने उत्तर प्रदेश को भारतीय संस्कृति का केंद्र बताते हुए राष्ट्र के सर्वांगीण विकास में इसकी महत्वपूर्ण भूमिका को रेखांकित किया मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने अपने संदेश में कहा कि उत्तर प्रदेश केवल एक राज्य नहीं, बल्कि हमारी गौरवशाली परंपराओं, आध्यात्मिक चेतना और ऐतिहासिक विरासत का संगम है। उन्होंने कहा: भारतीय संस्कृति महान परंपराओं और राष्ट्र निर्माण के महायज्ञ में उत्तर प्रदेश का योगदान अतुलनीय और प्रेरणादायी है। प्रभु श्री राम और श्री कृष्ण की यह पावन धरा आज प्रगति के नए आयाम स्थापित कर रही है।

    विकास और सुशासन की कामना

    मुख्यमंत्री ने उत्तर प्रदेश के निरंतर उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए विश्वास जताया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में राज्य सफलता के नए शिखर छुएगा। उन्होंने आगे कहा सांस्कृतिक एकता मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश के बीच गहरे सांस्कृतिक और ऐतिहासिक संबंध हैं। दोनों राज्य मिलकर एक भारत-श्रेष्ठ भारत’ की परिकल्पना को साकार कर रहे हैं। समृद्धि का पथ डॉ. यादव ने कामना की कि गौरवशाली उत्तर प्रदेश विकास, समृद्धि और सुशासन के पथ पर इसी तरह निरंतर अग्रसर बना रहे और देश की अर्थव्यवस्था में अपना बहुमूल्य योगदान देता रहे।

    क्यों मनाया जाता है UP दिवस

    गौरतलब है कि 24 जनवरी 1950 को ही तत्कालीन यूनाइटेड प्रोविंस का नाम बदलकर ‘उत्तर प्रदेश’ किया गया था। साल 2018 से प्रतिवर्ष इस दिन को स्थापना दिवस के रूप में बड़े उत्साह के साथ मनाया जाता है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव की यह बधाई दोनों पड़ोसी राज्यों के बीच सौहार्द और परस्पर सहयोग की भावना को और प्रगाढ़ करती है।

  • नीतीश के सामने ललन ने निशांत से कहा ‘अब मान जाइए’, पॉलिटिकल डेब्यू की अटकलों से फिर गरमाई बिहार की सियासत

    नीतीश के सामने ललन ने निशांत से कहा ‘अब मान जाइए’, पॉलिटिकल डेब्यू की अटकलों से फिर गरमाई बिहार की सियासत


    नई दिल्ली। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के बेटे निशांत कुमार की राजनीति में एंट्री को लेकर चल रही चर्चाएं एक बार फिर तेज हो गई हैं। सरस्वती पूजा के मौके पर सामने आए एक वीडियो ने बिहार की सियासत में नई हलचल पैदा कर दी है। वीडियो में केंद्रीय मंत्री और जदयू नेता ललन सिंह नीतीश कुमार की मौजूदगी में निशांत कुमार से कहते नजर आ रहे हैं
    “अब बोल दीजिए कि मान जाएंगे, आज बोल ही दीजिए।” इस एक लाइन ने निशांत के राजनीतिक भविष्य को लेकर अटकलों को और हवा दे दी है।

    दरअसल, शुक्रवार को पटना में एक पूजा स्थल पर नीतीश कुमार दर्शन के लिए पहुंचे थे, जहां निशांत कुमार पहले से मौजूद थे। उसी दौरान ललन सिंह, विजय चौधरी समेत एनडीए के कई वरिष्ठ नेता भी वहां मौजूद थे। बातचीत के दौरान ललन सिंह ने निशांत के कंधे पर हाथ रखकर यह बात कही। हालांकि, निशांत कुमार ने कोई जवाब नहीं दिया और मुस्कुराते हुए आगे बढ़ गए।

    नीतीश कुमार ने भी इस पूरे घटनाक्रम पर चुप्पी साधे रखी और पूजा में लीन रहे। मौके पर मौजूद लोग इस बातचीत पर मुस्कुरा दिए, लेकिन वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होते ही राजनीतिक चर्चाओं का दौर शुरू हो गया।

    इस वीडियो के सामने आने के बाद जदयू और भाजपा दोनों दलों में बयानबाज़ी शुरू हो गई है। जदयू प्रवक्ता अभिषेक झा ने कहा कि वीडियो का संदर्भ स्पष्ट नहीं है और यह जरूरी नहीं कि बात राजनीति में आने को लेकर ही हो। वहीं प्रवक्ता मनीष यादव ने कहा कि निशांत कुमार पढ़े-लिखे और सक्षम युवा हैं, लेकिन राजनीति में आने का फैसला पूरी तरह उनका और पार्टी नेतृत्व का होगा।

    भाजपा की ओर से भी प्रतिक्रिया आई है।

    भाजपा नेता प्रभाकर मिश्रा ने कहा कि निशांत कुमार में क्षमता है और अगर वे राजनीति में आते हैं तो बिहार को उनके अनुभव का लाभ मिलेगा। उन्होंने यह भी साफ किया कि अंतिम निर्णय निशांत कुमार का ही होगा और सभी को उसका सम्मान करना चाहिए।

    गौरतलब है कि यह पहली बार नहीं है जब निशांत कुमार के राजनीतिक डेब्यू की चर्चा हुई हो।

    इससे पहले भी जदयू नेताओं और समर्थकों की ओर से पोस्टर, उपवास और नारेबाज़ी के जरिए उन्हें राजनीति में लाने की मांग उठती रही है। उपेंद्र कुशवाहा जैसे नेता भी निशांत की वकालत कर चुके हैं।

    फिलहाल, नीतीश कुमार और निशांत कुमार की खामोशी बनी हुई है, लेकिन ललन सिंह का यह बयान बिहार की राजनीति में एक बार फिर बड़े सवाल खड़े कर गया हैक्या निशांत कुमार जल्द सियासी मैदान में उतरेंगे या यह चर्चा यूं ही चलती रहेगी

  • MP में मौसम में आया बदलाव: हल्की बारिश और कोहरे के साथ ठंड से मिली राहत, 26 से फिर बदलेगा करवट

    MP में मौसम में आया बदलाव: हल्की बारिश और कोहरे के साथ ठंड से मिली राहत, 26 से फिर बदलेगा करवट


    भोपाल। मध्य प्रदेश में जनवरी के अंतिम दिनों में मौसम ने एक बार फिर नया रूप दिखाया है। 26 जनवरी के बाद प्रदेश में ठंड का नया चरण शुरू होने की संभावना है। उत्तर भारत में सक्रिय मजबूत पश्चिमी विक्षोभ का असर अब मध्य प्रदेश तक पहुँच रहा है।

    प्रदेश के कई हिस्सों में रात की सर्दी से राहत मिली है। दिन में बादल छाए रहे और कुछ जगहों पर हल्की बूंदाबांदी भी दर्ज की गई। शुक्रवार को ग्वालियर-चंबल क्षेत्र में बादलों और बारिश के संकेत देखे गए, जबकि शनिवार की सुबह कई जिलों में हल्का कोहरा रहा।

    मौसम विभाग ने बताया कि अगले दो दिन तक तेज ठंड की संभावना नहीं है।

    मौसम विभाग के अनुसार, उत्तर पाकिस्तान के ऊपर सक्रिय निम्न दाब क्षेत्र और उससे जुड़ी ट्रफ के कारण प्रदेश में मौसम में बदलाव आया है। ग्वालियर, मुरैना, भिंड, श्योपुर, दतिया, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, पन्ना और सतना में शुक्रवार को बादल छाए रहे और कुछ स्थानों पर हल्की बूंदाबांदी हुई। भोपाल में दोपहर के समय बादलों की मौजूदगी के कारण तापमान में 2-3 डिग्री की गिरावट दर्ज की गई।

    शनिवार को प्रदेश के कई हिस्सों में कोहरा छाया रहा। ग्वालियर, मुरैना, भिंड, श्योपुर, दतिया, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर और पन्ना में हल्का से मध्यम कोहरा रहा।

    भोपाल, इंदौर और उज्जैन में भी हल्का कोहरा देखा गया।

    मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि 26 जनवरी से उत्तर-पश्चिम भारत में सक्रिय एक और पश्चिमी विक्षोभ मध्य प्रदेश को प्रभावित कर सकता है। इसके प्रभाव से ग्वालियर, मुरैना, भिंड, दतिया, शिवपुरी, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, अशोकनगर, गुना, राजगढ़, आगर-मालवा, नीमच और मंदसौर में हल्की बारिश होने की संभावना है। तेज ठंड की संभावना नहीं है, लेकिन सुबह के समय कोहरा बना रह सकता है।

    शुक्रवार की रात न्यूनतम तापमान में वृद्धि दर्ज की गई। भोपाल और इंदौर में तापमान 17 डिग्री सेल्सियस पार कर गया, जो जनवरी में पहली बार हुआ। भोपाल में 17.4, इंदौर में 17.3, ग्वालियर में 13.5, उज्जैन में 15 और जबलपुर में 14.8 डिग्री सेल्सियस तापमान रिकॉर्ड हुआ। वहीं, शहडोल का कल्याणपुर सबसे ठंडा रहा, जहां न्यूनतम तापमान 5.3 डिग्री सेल्सियस था। शिवपुरी 8, चित्रकूट 8.4, कटनी के करौंदी 8.6, रीवा 8.4, खजुराहो 9.4 और मंडला 9.7 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज किया गया।

  • उत्तर भारत में सर्दी का नया दौर: तीन दिन तक बढ़ेगी ठिठुरन, पहाड़ों में बर्फबारी जारी

    उत्तर भारत में सर्दी का नया दौर: तीन दिन तक बढ़ेगी ठिठुरन, पहाड़ों में बर्फबारी जारी


    नई दिल्ली । उत्तर भारत में सर्दियों ने फिर तेवर दिखा दिए हैं। हाल की बारिश और बर्फबारी के बाद अब शुष्क और ठंडी हवाओं ने मैदानी इलाकों में तापमान तेजी से गिराया है। दिल्ली-NCR, पंजाब, हरियाणा, पश्चिमी उत्तर प्रदेश और बिहार में पहाड़ी क्षेत्रों से आ रही बर्फीली हवाओं का असर महसूस किया जा रहा है। मौसम विभाग के अनुसार आने वाले 72 घंटे काफी ठंडे रहेंगे।

    घने कोहरे, तेज हवाओं और गिरते तापमान के चलते जनजीवन प्रभावित हो सकता है। पिछले पश्चिमी विक्षोभ के कमजोर होने के बाद वर्षा में कमी आई है, लेकिन उत्तर-पश्चिम दिशा से 15–35 किलोमीटर प्रति घंटे की ठंडी हवाएं सर्दी को और तेज कर रही हैं। IMD के अनुसार अगले तीन दिनों में कई शहरों में न्यूनतम तापमान 3 से 5 डिग्री तक गिर सकता है। पहाड़ी इलाकों में नया सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ ठंड और कोहरे की स्थिति और गंभीर बना सकता है।

    शिमला में बर्फबारी

    हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला में मंगलवार को हुई जोरदार बर्फबारी ने शहर को पूरी तरह सफेद चादर में ढक दिया। जाखू मंदिर और आसपास के इलाकों में सैलानी बर्फीले नजारों का आनंद ले रहे हैं।

    उत्तराखंड में ऑरेंज अलर्ट
    उत्तराखंड मौसम विभाग ने अगले तीन घंटों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। देहरादून, टिहरी, उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग, चमोली, बागेश्वर और पिथौरागढ़ सहित कई क्षेत्रों में तेज हवाओं और मध्यम हिमपात की संभावना है। लोगों को गैर-जरूरी यात्रा से बचने की सलाह दी गई है।

    जम्मू-कश्मीर में बारिश की समस्या

    जम्मू-कश्मीर के उधमपुर जिले में लगातार बारिश से मुश्किलें बढ़ गई हैं। NH-44 पर संगूर चौक अंडरपास में जलभराव ने यातायात बाधित कर दिया है।

    ठंड क्यों तेज हुई
    IMD के अनुसार उत्तर-पश्चिम से आ रही शुष्क और ठंडी हवाएं, सब-ट्रॉपिकल वेस्टरली जेट स्ट्रीम की सक्रियता और उत्तर पाकिस्तान के ऊपर बना कम दबाव का क्षेत्र तापमान तेजी से गिराने का कारण हैं। 24 से 26 जनवरी के बीच उत्तर भारत के कई हिस्सों में न्यूनतम तापमान 3–5 डिग्री तक गिर सकता है। दिन में अधिकतम तापमान 13–17 डिग्री के बीच रहेगा, लेकिन सुबह और रात में ठंड सबसे ज्यादा महसूस होगी।

    अन्‍य राज्‍यों के हाल

    दिल्ली और आसपास के इलाकों में न्यूनतम तापमान 10–13 डिग्री तक गिर सकता है। 24–26 जनवरी के बीच हल्के से घने कोहरे की चेतावनी जारी है। 26–28 जनवरी के बीच हल्की बारिश भी हो सकती है। पूर्वी यूपी और बिहार में सुबह घना कोहरा पड़ने की संभावना है। न्यूनतम तापमान 11–15 डिग्री और अधिकतम 23–26 डिग्री के बीच रहेगा। 26–28 जनवरी के बीच हल्की बारिश हो सकती है। अमृतसर, चंडीगढ़, हिसार और श्रीगंगानगर में घना कोहरा दृश्यता कम कर सकता है। न्यूनतम तापमान 9–13 डिग्री के बीच रहेगा। जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में 26 जनवरी से नया पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होगा। इससे भारी बारिश और बर्फबारी की संभावना है। तमिलनाडु, केरल, कर्नाटक, तेलंगाना और आंध्र प्रदेश में मौसम सामान्य बना रहेगा और तापमान में बड़े बदलाव की संभावना नहीं है।