महिला सशक्तिकरण और स्वास्थ्य सेवा में उल्लेखनीय कार्य प्रधानमंत्री ने पार्वती गिरि के सामुदायिक सेवा के प्रति समर्पण की सराहना करते हुए कहा कि स्वास्थ्य सेवा, महिला सशक्तिकरण और संस्कृति के संरक्षण जैसे क्षेत्रों में उनके कार्य आज भी प्रेरणा देते हैं। उन्होंने समाज के अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति की सेवा को ही अपना धर्म माना। प्रधानमंत्री ने यह भी साझा किया कि उन्होंने पिछले महीने अपने प्रसिद्ध रेडियो कार्यक्रम मन की बात में भी पार्वती गिरि जी के जीवन संघर्ष और उनकी महानता का विशेष उल्लेख किया था। एक प्रेरणादायी व्यक्तित्व पार्वती गिरि जी का जन्म 19 जनवरी 1926 को हुआ था। उन्होंने अपना पूरा जीवन अनाथों की सेवा और जेल सुधार जैसे रचनात्मक कार्यों में समर्पित कर दिया। प्रधानमंत्री ने विश्वास जताया कि उनकी जन्म शताब्दी पर देशवासी उनके आदर्शों को अपनाकर एक समावेशी समाज के निर्माण का संकल्प लेंगे।
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प्रधानमंत्री मोदी ने 'ओडिशा की मदर टेरेसा' पार्वती गिरि को दी श्रद्धांजलि; स्वतंत्रता संग्राम और समाज सेवा में उनके योगदान को सराहा
नई दिल्ली/भुवनेश्वर। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने आज प्रसिद्ध स्वतंत्रता सेनानी और समाज सुधारक पार्वती गिरि जी की जन्म शताब्दी के अवसर पर उन्हें भावपूर्ण श्रद्धांजलि अर्पित की। प्रधानमंत्री ने औपनिवेशिक शासन के विरुद्ध भारत के स्वतंत्रता संग्राम में उनकी अदम्य साहसपूर्ण भूमिका और आजादी के बाद समाज के वंचित वर्गों के उत्थान के लिए किए गए उनके कार्यों को याद किया। स्वतंत्रता संग्राम की प्रखर नायिका प्रधानमंत्री मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पूर्व में ट्विटर पर साझा किए गए अपने संदेश में कहा कि पार्वती गिरि जी ने विदेशी शासन के खिलाफ आंदोलन में बेहद सराहनीय भूमिका निभाई थी। मात्र 16 वर्ष की आयु में ‘भारत छोड़ो आंदोलन’ में सक्रिय भागीदारी करने वाली पार्वती गिरि अपनी अटूट देशभक्ति के लिए जानी जाती हैं। उन्हें उनके सेवा भाव के कारण ‘ओडिशा की मदर टेरेसा’ के नाम से भी जाना जाता है। -

बजट 2026 को लेकर नई चर्चा… पति-पत्नी को मिल सकती है एक साथ ITR भरने की सुविधा
नई दिल्ली। केंद्रीय बजट 2026 (Union Budget 2026) से पहले टैक्स को लेकर एक नई चर्चा तेज हो गई है। माना जा रहा है कि सरकार शादीशुदा लोगों के लिए ‘संयुक्त कराधान’ यानी ज्वाइंट टैक्सेशन (Joint taxation) का विकल्प पेश कर सकती है। अगर यह व्यवस्था लागू होती है, तो पति और पत्नी (Husband and wife) मिलकर एक साथ आयकर रिटर्न (Income tax return) भर सकेंगे। इससे खासकर उन परिवारों को राहत मिल सकती है, जहां कमाई का जिम्मा एक ही व्यक्ति पर है। अगर यह प्रस्ताव लागू होता है, तो खासकर एकल कमाई वाले परिवारों को Tax में लाखों रुपये की बचत हो सकती है।बजट से पहले इंस्टीट्यूट ऑफ चार्टर्ड अकाउंटेंट्स ऑफ इंडिया (आईसीएआई) ने वित्त मंत्रालय को बजट को लेकर एक खास सलाह दी है। उसने पति-पत्नी को संयुक्त रिटर्न फाइल का विकल्प देने की सलाह दी है। अभी पति और पत्नी को अलग-अलग रिटर्न फाइल करना पड़ता है।
फिलहाल नई कर व्यवस्था ही आयकर रिटर्न के लिए डिफॉल्ट व्यवस्था है। हालांकि, करदाता पुरानी कर व्यवस्था को भी चुन सकते हैं। दोनों में ही टैक्स की अलग-अलग स्लैब हैं जहां आमदनी बढ़ने के साथ-साथ कर की दर बढ़ती हैं। नई टैक्स व्यवस्था के तहत जहां तीन लाख रुपये सालाना आय पर कोई टैक्स नहीं है, वहीं पुरानी टैक्स व्यवस्था में यह 2.5 लाख रुपये सालाना के लिए लागू है। दोनों में ही यह सीमा परिवार के हर एक सदस्य पर अलग-अलग लागू है।
विवाहितों पर बढ़ता है बोझ
बहुत से घर ऐसे होते हैं जहां एक ही व्यक्ति नौकरी या काम करता है। दूसरा जीवनसाथी घर, बच्चों और बुजुर्गों की देखभाल करता है। यह काम भले ही बहुत अहम हो, लेकिन कर प्रणाली में इसकी कोई कीमत नहीं मानी जाती है। नतीजा यह होता है कि ऐसे परिवारों पर कर का बोझ ज्यादा पड़ता है।मौजूदा समय में भारत में हर व्यक्ति को अपनी आय पर अलग-अलग कर देना होता है। चाहे वह शादीशुदा ही क्यों न हो। पति-पत्नी दोनों को अलग-अलग बेसिक छूट, स्लैब और कटौतियां मिलते हैं। इस वजह से शादीशुदा होने के बावजूद दूसरे जीवनसाथी को कर छूट का पूरा फायदा नहीं मिल पाता है।
क्या है ज्वाइंट टैक्सेशन सिस्टम
इसका मतलब है कि शादीशुदा जोड़े अपनी कमाई को जोड़कर एक साथ आयकर रिटर्न फाइल करें। इसके लिए दोनों के पास पैन कार्ड होना जरूरी होगा। माना जा रहा है कि बुनियादी छूट सीमा को भी बढ़ाया जा सकता है।जैसे अभी अगर एक व्यक्ति को तीन लाख रुपये तक टैक्स छूट मिलती है, तो जॉइंट फाइलिंग में यह सीमा छह लाख रुपये या उससे ज्यादा हो सकती है। इससे मध्यम वर्गीय परिवार को सीधा फायदा मिलेगा। इसके अलावा होम लोन ब्याज, हेल्थ इंश्योरेंस और दूसरी कटौतियों को भी बेहतर तरीके से समायोजित किया जा सकेगा। अगर दोनों पति-पत्नी कमाते हैं, तो भी उन्हें अलग-अलग मानक कटौती मिलने की बात कही जा रही है।
सरचार्ज पर भी राहत संभव
साथ ही, सरचार्ज को लेकर भी राहत मिल सकती है। अभी 50 लाख रुपये से ज्यादा आय पर सरचार्ज लगता है, लेकिन संयुक्त कराधान में इसकी सीमा 75 लाख रुपये या उससे ज्यादा की जा सकती है। इससे उच्च कर दायरे में आने वाले परिवारों को भी राहत मिलेगी। अगर यह प्रस्ताव लागू होता है, तो यह भारत के टैक्स सिस्टम में एक बड़ा और ऐतिहासिक बदलाव माना जाएगा। इससे कुल करयोग्य आय कम हो जाएगी और परिवार के पास खर्च करने के लिए ज्यादा पैसे बचेंगे।
इन देशों में है ज्वाइंट टैक्सेशन सिस्टम
अमेरिका, जर्मनी, स्पेन, पुर्तगाल जैसे कई देशों में शादीशुदा जोड़ों को संयुक्त कर रिटर्न दाखिल करने की सुविधा मिलती है। वहां परिवार को एक आर्थिक इकाई माना जाता है। भारत भी ऐसी प्रणाली अपनाकर अपने कर कानूनों को आसान और आधुनिक बना सकता है। -

वसंत पंचमी शुक्रवार को, भोजशाला में पूजा होगा या फिर नमाज…. सुप्रीम कोर्ट पहुंचा विवाद
नई दिल्ली। मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) के धार (Dhar) स्थित भोजशाला (Bhojshala) से जुड़ा विवाद एक बार फिर सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) पहुंच गया है. इस बार विवाद की वजह यह है कि 23 जनवरी को वसंत पंचमी (Vasant Panchami) शुक्रवार के दिन पड़ रही है, जबकि भोजशाला परिसर में हर शुक्रवार को मुस्लिम समुदाय की जुमे की नमाज अदा होती हैइसको लेकर हिंदू फ्रंट फॉर जस्टिस की ओर से सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल की गई है. याचिका में मांग की गई है कि 23 जनवरी को भोजशाला परिसर में जुमे की नमाज पर रोक लगाई जाए और उस दिन केवल हिंदुओं को सरस्वती पूजा करने की अनुमति दी जाए. याचिकाकर्ता की ओर से पेश हुए वरिष्ठ वकील विष्णु शंकर जैन ने बताया कि याचिका में यह भी मांग की गई है कि वसंत पंचमी के दिन ASI और राज्य सरकार कड़ी सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करें, ताकि किसी तरह की कानून-व्यवस्था की स्थिति न बने.
याचिका में समय की कमी का हवाला देते हुए सुप्रीम कोर्ट से तत्काल सुनवाई करने का आग्रह भी किया गया है. हिंदू पक्ष का कहना है कि वसंत पंचमी बेहद नजदीक है और स्थिति को लेकर पहले से स्पष्ट आदेश जरूरी है. हिंदू फ्रंट फॉर जस्टिस की ओर से दाखिल अर्जी में कहा गया है कि भोजशाला परिसर में मां वाग्देवी यानी ज्ञान, संगीत और कला की देवी सरस्वती का मंदिर है, जिसका निर्माण 11वीं सदी में परमार राजाओं ने करवाया था. ऐतिहासिक रूप से यहां हिंदू पूजा-अर्चना करते रहे हैं.
याचिका में भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI) के 7 अप्रैल 2003 के आदेश का जिक्र किया गया है. इस आदेश के तहत हिंदुओं को हर मंगलवार और वसंत पंचमी के दिन पूजा की अनुमति दी गई. मुस्लिम समुदाय को हर शुक्रवार दोपहर 1 से 3 बजे तक जुमे की नमाज़ अदा करने की अनुमति दी गई. हालांकि, याचिका में यह सवाल उठाया गया है कि ASI का यह आदेश इस स्थिति पर पूरी तरह मौन है, जब वसंत पंचमी शुक्रवार को ही पड़ जाए.
इस बार क्यों बढ़ा विवाद?
हिंदू पक्ष का कहना है कि 23 जनवरी को वसंत पंचमी और शुक्रवार एक ही दिन पड़ रहे हैं, जिससे पूजा और नमाज़ दोनों के समय टकराव की स्थिति बन रही है. इसी कारण सुप्रीम कोर्ट से हस्तक्षेप की मांग की गई है, ताकि किसी तरह का विवाद या तनाव न हो. -

J&K में गणतंत्र दिवस से पहले आतंकियों के खिलाफ बड़ा अभियान, 8 जवान घयाल
जम्मू। जम्मू कश्मीर (Jammu and Kashmir) में किश्तवाड़ जिले (Kishtwar district) के एक सुदूर वन क्षेत्र में रविवार को सुरक्षाबलों (Security forces) और आतंकवादियों (Terrorists) के बीच छिड़ी मुठभेड़ में आठ जवान घायल हो गए। अधिकारियों ने यह जानकारी दी। अधिकारियों ने बताया कि दोनों पक्षों के बीच घंटों तक भीषण गोलीबारी हुई। उन्होंने बताया कि फिलहाल गोलीबारी बंद है। अधिकारियों के मुताबिक, घेराबंदी को मजबूत करने और आतंकवादियों को मार गिराने के लिए अतिरिक्त बल तैनात किए गए हैं। सेना की जम्मू आधारित व्हाइट नाइट कोर द्वारा ‘ऑपरेशन त्राशी-1’ नाम से शुरू किया गया यह अभियान दोपहर के समय शुरू हुआ।‘व्हाइट नाइट कोर’ ने ‘एक्स’ पर बताया कि जम्मू कश्मीर पुलिस के साथ मिलकर चलाए जा रहे संयुक्त आतंकवाद रोधी अभियान के तहत तलाशी के दौरान सुरक्षाबलों का चतरू के उत्तर-पूर्व में सोननार क्षेत्र में आतंकवादियों से सामना हुआ।
सेना ने कहा, ‘‘घेराबंदी को मजबूत करने के लिए अतिरिक्त बलों को तैनात किया गया है तथा नागरिक प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियों के साथ घनिष्ठ समन्वय के साथ अभियान जारी है।’’ सेना ने चुनौतीपूर्ण भौगोलिक स्थिति और परिस्थितियों में गोलीबारी का जवाब देते हुए असाधारण पेशेवर अंदाज एवं दृढ़ रुख प्रदर्शित करने पर जवानों की सराहना की।
रुक-रुककर होती रही गोलीबारी
अधिकारियों ने कहा कि एक तलाशी दल का सामना दो- तीन विदेशी आतंकवादियों से हुआ, जो कथित तौर पर पाकिस्तान आधारित जैश-ए-मोहम्मद से संबंधित हैं। उन्होंने कहा कि इन आतंकवादियों ने अंधाधुंध गोलीबारी की और घेराबंदी तोड़कर भागने की कोशिश के तहत हथगोले फेंके। उन्होंने बताया कि सुरक्षाबलों ने जवाबी कार्रवाई की तथा घेराबंदी को और कड़ा करने के लिए सेना, केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) और पुलिस के अतिरिक्त जवान मौके पर भेजे गए। उन्होंने बताया कि शाम 5.40 बजे तक दोनों पक्षों के बीच रुक-रुककर गोलीबारी होती रही।
तीसरी मुठभेड़
अधिकारियों ने बताया कि मुठभेड़ के दौरान आठ सैनिक घायल हो गए और उन्हें अस्पताल ले जाया गया। उन्होंने कहा कि घायलों में अधिकतर को हथगोले में धमाके से निकले छर्रे लगने से चोटें आई हैं। अधिकारियों ने बताया कि अभियान में तेजी लाने के लिए ड्रोन सहित उन्नत निगरानी उपकरण और खोजी कुत्तों को तैनात किया गया है। जम्मू क्षेत्र में इस साल सुरक्षाबलों और आतंकवादियों के बीच यह तीसरी मुठभेड़ है। इससे पहले कठुआ जिले के बिलवार क्षेत्र के कहोग और नजोते जंगलों में 7 और 13 जनवरी को मुठभेड़ हुई थी।
गणतंत्र दिवस से पहले घुसपैठ की फिराक में आतंकी
पिछले साल 15 दिसंबर को उधमपुर जिले के माजलता क्षेत्र के सोआन गांव में आतंकवादियों के साथ मुठभेड़ में एक पुलिस अधिकारी की जान गई थी जबकि घने जंगल और अंधेरे का फायदा उठाकर आतंकवादी फरार होने में सफल रहे थे।अधिकारियों ने बताया कि ये मुठभेड़ पिछले साल दिसंबर में जम्मू क्षेत्र के वन क्षेत्र में छिपे लगभग तीन दर्जन आतंकवादियों को खदेड़ने के लिए शुरू किए गए एक बड़े आतंकवाद रोधी अभियान के बाद हुई है। उन्होंने बताया कि गणतंत्र दिवस से पहले शांतिपूर्ण समारोह सुनिश्चित करने के लिए अभियान को तेज किया गया है, क्योंकि खुफिया जानकारी मिली है कि पाकिस्तान में बैठे आतंकियों के आका और अधिक आतंकवादियों को भेजने की फिराक में हैं।
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स्वर्ण मंदिर के सरोवर को अपवित्र करने पर बवाल… मुस्लिम शख्स ने हाथ-पैर धोए… कुल्ला किया
अमृतसर। पंजाब के अमृतसर (Amritsar) शहर के प्रसिद्ध स्वर्ण मंदिर (Famous Golden Temple) में एक मुस्लिम युवक (Muslim youth) न पवित्र सरोवर के पानी से वुजू किया, जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने से बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। वीडियो में युवक को सरोवर में पैर डुबोए, मुंह कुल्ला करते और नाक साफ करते देखा जा सकता है, जिससे कई लोगों ने इसे सरोवर को गंदा करने और सिख मर्यादा का उल्लंघन बताया। सिख समुदाय और सोशल मीडिया पर बड़ी संख्या में लोगों ने इसे पवित्र स्थल के प्रति अपमान करार दिया, क्योंकि सरोवर केवल स्नान और धार्मिक डुबकी के लिए है, जबकि वुजू के लिए अलग से बहते पानी की व्यवस्था मौजूद है।शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (SGPC) के मुख्य सचिव कुलवंत सिंह मानन ने कहा कि हिंदू और सिख समुदाय मर्यादा जानते हैं, लेकिन अन्य धर्मों के लोग कभी-कभी गलती कर बैठते हैं। एसजीपीसी ने वीडियो की जांच शुरू कर दी है और ऐसे मामलों पर पहले भी चर्चा की जा चुकी है। आरोपी युवक की पहचान दिल्ली निवासी सुभान रंगरेज के रूप में हुई, जो खुद को मुस्लिम शेर कहता है। विवाद बढ़ने के बाद उसने सार्वजनिक रूप से माफी मांग ली। उसने वीडियो जारी कर कहा कि उसे स्वर्ण मंदिर की मर्यादा के बारे में जानकारी नहीं थी और न ही वहां मौजूद किसी ने उसे रोका या बताया।
वीडियो वायरल होने पर क्या बोला आरोपी
आरोपी ने बताया कि वह लंबे समय से स्वर्ण मंदिर घूमना चाहता था और सिख धर्म के प्रति गहरा सम्मान रखता है। एक अन्य वीडियो में उसने स्वर्ण मंदिर को भारत की एकता का प्रतीक बताया, जहां सिख, हिंदू, मुस्लिम और ईसाई सब भाई-भाई की तरह रहते हैं। उसने टोपी पहनने के बावजूद किसी की ओर से आपत्ति न करने की बात कही और कहा कि वह दोबारा जाकर व्यक्तिगत रूप से माफी मांगेगा। हालांकि, कुछ सोशल मीडिया यूजर्स ने इसे भक्ति का प्रदर्शन बताया, लेकिन अधिकांश ने इसे अनजान होने के बावजूद गलत करार दिया। एसजीपीसी ने सभी से अपील की है कि वे मर्यादा का पालन करें और स्थल को पर्यटन स्थल की तरह न इस्तेमाल करें। -

MC में मेयर की जंग: शिंदे गुट ने ढाई साल तक शिवसेना को मेयर पद देने का दावा, भाजपा-शिंदे में खींचतान
मुंबई। बीएमसी चुनावी नतीजों के बाद महाराष्ट्र की सियासत में नया उलझाव खड़ा हो गया है। भाजपा ने मुंबई में सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरते हुए 89 वार्ड जीतकर पहली बार BMC मेयर के लिए मजबूत दावेदार बन गई है। लेकिन इसके बाद शिंदे गुट ने मेयर पद को लेकर नया दावा करके सियासी पेंच फंसाया है।सूत्रों के मुताबिक, शिंदे गुट का दावा है कि 2026 शिवसेना संस्थापक बाला साहेब ठाकरे की जन्म शताब्दी वर्ष है, इसलिए कम से कम ढाई साल शिवसेना का मेयर होना चाहिए। इसी मांग को लेकर भाजपा और शिंदे गुट के बीच खींचतान शुरू हो गई है।
शिंदे गुट ने 29 पार्षदों को होटल में किया शिफ्ट, सुरक्षा के कड़े इंतजाम
केंद्रीय रूप से भाजपा-शिंदे गुट की सीटों पर नजर रखने के लिए शिंदे गुट ने अपने 29 नए पार्षदों को बांद्रा के होटल ताज लैंड्स एंड में शिफ्ट कर दिया है। होटल के बाहर कड़ा पहरा भी लगाया गया है।
यह कदम हॉर्स-ट्रेडिंग रोकने और पार्षदों को पार्टी लाइन में बनाए रखने के उद्देश्य से बताया जा रहा है।शिंदे गुट ने बताया है कि सभी 29 पार्षदों को बुधवार दोपहर 3 बजे तक होटल में बने रहने का निर्देश दिया गया है और इसके बाद भी उन्हें कम से कम 3 दिन होटल में ही रहना होगा।
उद्धव गुट ने लगाया बड़ा आरोप, कहाशिंदे खुद नहीं चाहते भाजपा का मेयर बने
इसी बीच उद्धव ठाकरे के गुट (UBT) के सांसद संजय राउत ने दावा किया कि शिंदे खुद नहीं चाहते कि BMC में भाजपा का मेयर बने, इसलिए वे अपने पार्षदों को होटल में रखे हुए हैं।
उनका कहना है कि शिंदे गुट भाजपा को मेयर पद नहीं दिलाने की कोशिश कर रहा है।वहीं उद्धव गुट ने यह भी संकेत दिए कि अगर “भगवान चाहें” तो उनकी पार्टी का मेयर बन सकता है, जिससे राजनीतिक अटकलें और तेज हो गई हैं।
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बिजली वितरण कंपनियों की बड़ी वापसी: वर्षों के घाटे के बाद 2024-25 में 2,701 करोड़ का मुनाफा
नई दिल्ली।देश की विद्युत वितरण कंपनियों के लिए एक ऐतिहासिक मोड़ आया है। कई वर्षों तक लगातार घाटे में रहने के बाद अब बिजली वितरण कंपनियां दोबारा मुनाफे में लौट आई हैं। विद्युत मंत्रालय की ओर से रविवार को जारी बयान के अनुसार, वित्त वर्ष 2024-25 में देश की वितरण कंपनियों ने सामूहिक रूप से 2,701 करोड़ रुपए का कर पश्चात मुनाफा PAT दर्ज किया है। इसे बिजली वितरण क्षेत्र के लिए एक बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है।विद्युत मंत्रालय ने अपने बयान में कहा कि राज्य विद्युत बोर्डों के विभाजन और निगमीकरण के बाद से वितरण कंपनियां लंबे समय तक घाटे से जूझती रही हैं। हालांकि अब स्थिति में बड़ा सुधार देखने को मिला है। मंत्रालय के अनुसार, जहां वित्त वर्ष 2023-24 में वितरण कंपनियों को 25,553 करोड़ रुपए का घाटा हुआ था, वहीं वित्त वर्ष 2013-14 में यह घाटा 67,962 करोड़ रुपए तक पहुंच गया था। ऐसे में 2024-25 में मुनाफे में वापसी इस क्षेत्र के लिए एक नया अध्याय है।
इस उपलब्धि पर केंद्रीय विद्युत मंत्री मनोहर लाल ने प्रसन्नता जताते हुए कहा कि यह वितरण क्षेत्र की चिंताओं को दूर करने के लिए किए गए लगातार प्रयासों का परिणाम है। उन्होंने कहा कि यह सफलता प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व और दूरदर्शी नीतियों के कारण संभव हो पाई है। मंत्री के मुताबिक, भारत न केवल अपनी बल्कि वैश्विक विकास यात्रा को भी गति दे रहा है, जिसमें ऊर्जा क्षेत्र की भूमिका बेहद अहम है।मनोहर लाल ने आगे कहा कि सरकार बिजली क्षेत्र में जरूरी सुधारों के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है, ताकि यह क्षेत्र देश की तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था को मजबूती प्रदान कर सके और विकसित भारत के लक्ष्य में अपना योगदान दे सके।
सरकार के अनुसार, पिछले एक दशक में विद्युत मंत्रालय ने देशभर में वितरण कंपनियों के प्रदर्शन को सुधारने के लिए कई ठोस कदम उठाए हैं। नीतिगत पहलों के साथ-साथ राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के साथ लगातार संवाद किया गया है। खासतौर पर 2025 में गंगटोक, मुंबई, बेंगलुरु, चंडीगढ़ और पटना में आयोजित ऊर्जा मंत्रियों के क्षेत्रीय सम्मेलनों के दौरान वितरण क्षेत्र में सुधारों को लेकर विस्तृत चर्चा की गई।मंत्रालय का कहना है कि नियमित समीक्षा, संवाद और निगरानी ने वितरण कंपनियों की वित्तीय स्थिति सुधारने में अहम भूमिका निभाई है। अब इस मुनाफे के साथ सरकार को उम्मीद है कि आने वाले वर्षों में बिजली वितरण क्षेत्र और अधिक मजबूत होकर देश के आर्थिक विकास को नई ऊर्जा देगा।
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मौनी अमावस्या पर प्रयागराज में बवाल: पुलिस ने शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद को रोका, पालकी खींची गई, स्नान से वंचित रहे
प्रयागराज । प्रयागराज माघ मेले में मौनी अमावस्या के पावन स्नान के दौरान रविवार को उस समय तनाव की स्थिति बन गई, जब शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद की पालकी को पुलिस ने संगम जाने से रोक दिया। पुलिस ने भीड़ का हवाला देते हुए शंकराचार्य से रथ से उतरकर पैदल संगम जाने का अनुरोध किया, लेकिन उनके शिष्य इस बात पर सहमत नहीं हुए और पालकी आगे बढ़ाने लगे।इसी बात को लेकर पुलिस और शिष्यों के बीच पहले बहस हुई और फिर देखते ही देखते धक्का-मुक्की शुरू हो गई। हालात बिगड़ते देख पुलिस ने कई शिष्यों को हिरासत में ले लिया।
आरोप है कि इस दौरान एक साधु को चौकी में ले जाकर मारपीट भी की गई, जिससे संत समाज में नाराजगी फैल गई।घटना की जानकारी मिलते ही शंकराचार्य स्वयं आक्रोशित हो गए और अपने शिष्यों की रिहाई की मांग पर अड़ गए। मौके पर मौजूद वरिष्ठ अधिकारियों ने उन्हें समझाने की कोशिश की, हाथ जोड़कर अनुरोध भी किया, लेकिन शंकराचार्य नहीं माने। करीब दो घंटे तक मौके पर तनावपूर्ण माहौल बना रहा और संगम क्षेत्र में गहमागहमी रही।
इसके बाद पुलिस ने शंकराचार्य के और समर्थकों को हिरासत में ले लिया और उनकी पालकी को खींचते हुए संगम से लगभग एक किलोमीटर दूर ले जाया गया। इस दौरान पालकी का एक हिस्सा टूट भी गया।
पूरे घटनाक्रम के कारण शंकराचार्य मौनी अमावस्या का पवित्र स्नान नहीं कर पाए, जिससे उनके अनुयायियों में गहरा आक्रोश देखा गया।प्रशासन की ओर से बताया गया कि मौनी अमावस्या के कारण संगम तट पर श्रद्धालुओं की रिकॉर्ड भीड़ है। अब तक करीब 3 करोड़ श्रद्धालु स्नान कर चुके हैं, जबकि प्रशासन का अनुमान है कि दिन खत्म होने तक यह संख्या 4 करोड़ तक पहुंच सकती है। भीड़ नियंत्रण के लिए मेला क्षेत्र में AI आधारित सिस्टम, CCTV कैमरे और ड्रोन से निगरानी की जा रही है। करीब 800 हेक्टेयर में फैले मेला क्षेत्र को 7 सेक्टरों में बांटा गया है और 8 किलोमीटर लंबे अस्थायी घाट बनाए गए हैं।
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Republic Day of india: 26 जनवरी को देखना चाहते हैं परेड तो इन बातों का रखें खास खयाल
नई दिल्ली। गणतंत्र दिवस के लिए दिल्ली में चाक चौबंद सुरक्षा तैयारियों को फाइनल टच दिया जा रहा है। लगातार मिल रहे खुफिया अलर्ट से दिल्ली पुलिस सतर्क है। 26 जनवरी और बीटिंग रिट्रीट के दौरान दिल्ली से जुड़े सभी राज्यों के बॉर्डर पर पैनी नजर रहेगी। सूत्रों से पता चला कि आईबी ने लाल किला पर हुए फिदायीन अटैक जैसे खतरे को लेकर आगाह किया है। गणतंत्र दिवस परेड के दौरान सुरक्षा एजेंसियों की जूते और जैकेट पर पैनी नजर रहेगी। सुरक्षा तैयारियों की इस कड़ी में 26 और 29 जनवरी को दिल्ली के इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर हवाई क्षेत्र में अस्थायी प्रतिबंध लागू रहेंगे।पहचान पत्र साथ रखना जरूरी
इन प्रतिबंधों के बीच 26 जनवरी को कर्तव्य पथ पर होने वाले परेड में सुरक्षा जांच को आसान बनाने के लिए कोशिश की जा रही है कि लोग कम सामान लेकर जाएं। आप अपने बैग में सिर्फ आईडी कार्ड, मोबाइल फोन, जरूरी डॉक्यूमेंट और पानी की छोटी बोतल जैसी जरूरी चीजें ही रखें। पुलिस का कहना है कि परेड देखने आने वालों को पहचान पत्र साथ रखना जरूरी है। गणतंत्र दिवस परेड 2026 की मुख्य थीम ‘वंदे मातरम’ रखी गई है।
भूलकर भी साथ न ले जाएं ये चीजें
सुरक्षा कारणों से कई चीजों पर पूरी तरह रोक रहेगी। अगर आप इनमें से कोई भी सामान साथ ले जाते हैं, तो पुलिस रोक सकती है। ऐसे में हथियार, चाकू, ब्लेड, कैंची या कोई भी तेजधार वाली चीज, भारी बैग या बड़ा बैकपैक, नेल, कटर, शराब, सिगरेट या किसी भी तरह का नशीला पदार्थ, ज्वलनशील सामान जैसे माचिस, लाइटर, इसके अलावा बिना परमिशन के पावर बैंक, सेल्फी स्टिक और लेजर लाइट, ड्रोन या कोई प्रोफेशनल कैमरा इन चीजों को भूलकर भी साथ न ले जाएं।
