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  • भारत के कौशल विकास को नई उड़ान: पुणे में पीएम-सेतु उद्योग परामर्श आयोजित

    भारत के कौशल विकास को नई उड़ान: पुणे में पीएम-सेतु उद्योग परामर्श आयोजित


    नई दिल्ली । भारत के कौशल विकास और उद्यमिता के भविष्य को आकार देने के लिए पुणे में 19 जनवरी 2026 को पीएम-सेतु उद्योग परामर्श का आयोजन किया गया। यह परामर्श कौशल विकास और उद्यमिता मंत्रालय  एमएसडीई महाराष्ट्र सरकार और यशवंतराव चव्हाण विकास प्रशासन अकादमी यशादा के सहयोग से आयोजित किया गया। पीएम-सेतुप्रधानमंत्री की दृष्टि के अनुरूप एक महत्वाकांक्षी योजना हैजिसका उद्देश्य देश में भविष्य के लिए तैयारवैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी कार्यबल का निर्माण करना है। कार्यशाला में निर्माणवस्त्रऑटोमोटिवएफएमसीजीइलेक्ट्रॉनिक्सतेल और गैसनवीकरणीय ऊर्जा समेत 50 से अधिक प्रमुख कंपनियों ने भाग लिया। मंत्रालय की सचिव देबाश्री मुखर्जी और महाराष्ट्र सरकार की अपर मुख्य सचिव मनीषा वर्मा ने परामर्श की अध्यक्षता की और क्षेत्र के आईटीआई और उद्योगों का दौरा भी किया।

    पीएम-सेतु योजना का केंद्र बिंदु हब-एंड-स्पोक दृष्टिकोण है। इसके तहत 1,000 सरकारी आईटीआई को आधुनिकीकरण के तहत विकसित किया जाएगा। 200 हब आईटीआई में उन्नत बुनियादी ढांचा और आधुनिक प्रशिक्षण सुविधाओं का विकास किया जाएगाजबकि 800 स्पोक आईटीआई स्थानीय स्तर पर प्रशिक्षण का विस्तार करेंगे। योजना के तहत आईटीआई का स्वामित्व सरकार का होगालेकिन उद्योग इसका प्रबंधन करेंगे। इस तरह मांग-आधारित प्रशिक्षणशिक्षुता और उद्योगों के साथ क्लस्टर-आधारित साझेदारी को बढ़ावा मिलेगा। अधिकारियों ने बताया कि पीएम-सेतु उद्योग के लिए कौशल विकास प्रक्रिया में सक्रिय भागीदारी का अवसर प्रदान करता है। उद्योग क्लस्टर मॉडल के जरिए वे प्रशिक्षणपाठ्यक्रम सुधारसंकाय प्रशिक्षणशिक्षुता और नियोजन प्रक्रियाओं में योगदान देंगे। इससे भर्ती लागत कम होगीउत्पादकता बढ़ेगी और उद्योग मानकों के अनुरूप कुशल प्रतिभाएं तैयार होंगी।

    योजना के प्रारंभिक कार्य पहले ही 29 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में शुरू हो चुके हैं। 25 राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों ने अपनी राज्य संचालन समितियों को अधिसूचित किया है। परामर्श के दौरान व्यावसायिक प्रशिक्षण और रोजगार क्षमता को सुदृढ़ करने हेतु औपचारिक समझौता ज्ञापनों का आदान-प्रदान भी हुआ। इनमें महाराष्ट्र के व्यावसायिक शिक्षा एवं प्रशिक्षण निदेशालय और फिएट इंडियाश्नाइडर इलेक्ट्रिक इंडिया तथा अनुदीप फाउंडेशन के बीच साझेदारियां शामिल हैं। पीएम-सेतु योजना भारत में कौशल विकास की दिशा में मील का पत्थर साबित होगी। यह योजना उच्च गुणवत्ता वाले व्यावसायिक संस्थानों का निर्माण करेगीपाठ्यक्रम को भविष्य की आवश्यकताओं के अनुरूप ढालेगी और उभरते क्षेत्रों में मजबूत प्रतिभा आपूर्ति श्रृंखला तैयार करेगी। उद्योग और सरकार के सहयोग से युवाओं को वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी बनाने का यह प्रयास भारत के कौशल विकास की यात्रा को नई दिशा देगा।

  • प्रधानमंत्री मोदी ने भारत रत्न डॉ. एम.जी. रामचंद्रन को उनकी जयंती पर श्रद्धांजलि अर्पित की

    प्रधानमंत्री मोदी ने भारत रत्न डॉ. एम.जी. रामचंद्रन को उनकी जयंती पर श्रद्धांजलि अर्पित की


    नई दिल्ली। प्रधानमंत्री श्री नरेन्‍द्र मोदी ने तमिलनाडु के पूर्व मुख्यमंत्री और भारत रत्न डॉ. एम.जी. रामचंद्रनजिन्हें एमजीआर के नाम से भी जाना जाता हैको उनकी जन्‍म जयंती के अवसर पर भावपूर्ण श्रद्धांजलि अर्पित की। प्रधानमंत्री ने अपने बयान में एमजीआर की बहुआयामी विरासत की सराहना करते हुए उनकी तमिलनाडु के सामाजिक और आर्थिक विकास में महत्वपूर्ण भूमिका को याद किया। एमजीआर ने न केवल राज्य के विकास में अहम योगदान दियाबल्कि तमिल संस्कृति को वैश्विक स्तर पर पहचान दिलाने में भी अपना योगदान दिया। प्रधानमंत्री ने अपने सोशल मीडिया पोस्ट में लिखा कि एमजीआर को उनकी जयंती पर श्रद्धांजलि अर्पित करता हूँ। उन्होंने तमिलनाडु की प्रगति में एमजीआर के योगदान को उत्कृष्ट बताया और तमिल संस्कृति को लोकप्रिय बनाने में उनकी भूमिका को उल्लेखनीय करार दिया। प्रधानमंत्री ने कहा कि उनके दृष्टिकोण और आदर्शों को समाज के लिए साकार करने के लिए निरंतर प्रयास जारी रहेंगे।

    एमजीआर का जीवन राजनीतिफिल्म और समाज सेवा के क्षेत्र में प्रेरक उदाहरण है। उन्होंने तमिलनाडु में शिक्षास्वास्थ्य और सामाजिक कल्याण के क्षेत्र में कई महत्वपूर्ण पहल कीजो आज भी लोगों के जीवन को प्रभावित कर रही हैं। उनके नेतृत्व में तमिलनाडु ने औद्योगिक विकासआर्थिक सुदृढ़ता और सामाजिक उत्थान में नए आयाम हासिल किए। प्रधानमंत्री ने एमजीआर की छवि को केवल एक राजनीतिक नेता तक सीमित नहीं रखा। उन्होंने बताया कि एमजीआर ने तमिल संस्कृति और भाषा को व्यापक रूप से फैलाने में भी योगदान दियाजिससे तमिल साहित्यकला और सांस्कृतिक पहचान का वैश्विक स्तर पर सम्मान बढ़ा। उनके प्रयासों की वजह से तमिलनाडु की सांस्कृतिक विरासत आज अंतरराष्ट्रीय मंच पर गौरवान्वित महसूस कराती है।

    एमजीआर की जयंती पर प्रधानमंत्री की श्रद्धांजलि केवल उनके योगदान को याद करने तक सीमित नहीं हैबल्कि यह नागरिकों और युवा पीढ़ी को उनके आदर्शों से प्रेरित होने का संदेश भी देती है। प्रधानमंत्री ने कहा कि एमजीआर का दृष्टिकोणउनकी सामाजिक सोच और तमिलनाडु के प्रति उनका समर्पण आज भी हमारे लिए प्रेरणा का स्रोत हैं। इस अवसर पर प्रधानमंत्री की श्रद्धांजलि ने एमजीआर की याद और उनके योगदान को एक बार फिर राष्ट्रीय स्तर पर उजागर किया। उनके जीवन की उपलब्धियां न केवल तमिलनाडुबल्कि पूरे भारत के लिए प्रेरणा का स्रोत हैं।

  • गणतंत्र दिवस 2026: लोकभवन 25 से 27 जनवरी तक आमजन के लिए खुलेगा, 26 जनवरी को विशेष भ्रमण का मौका

    गणतंत्र दिवस 2026: लोकभवन 25 से 27 जनवरी तक आमजन के लिए खुलेगा, 26 जनवरी को विशेष भ्रमण का मौका


    भोपाल । गणतंत्र दिवस 2026 के अवसर पर मध्य प्रदेश के नागरिकों के लिए एक खास मौका तैयार किया गया है। राज्यपाल श्री मंगुभाई पटेल के निर्देशानुसार लोकभवन को 25 से 27 जनवरी तक आमजन के लिए खोला जा रहा है। इस तीन दिवसीय अवसर पर नागरिक न केवल राज्यपाल कार्यालय का अवलोकन कर सकेंगेबल्कि उन्हें सांस्कृतिक कार्यक्रमों और लघु फिल्मों का भी आनंद लेने का मौका मिलेगा। इसके साथ ही लोकभवन में चित्र प्रदर्शनी भी लगाई जाएगीजो राज्य की समृद्ध संस्कृति और इतिहास को दर्शाएगी। राज्यपाल के प्रमुख सचिव डॉ. नवनीत मोहन कोठारी ने बताया कि इस पहल का उद्देश्य आमजन को लोकतांत्रिक संस्थाओं से जोड़ना और गणतंत्र दिवस के महत्व को और अधिक प्रभावी ढंग से समझाना है। उन्होंने कहा कि लोकभवन का यह खुलापन नागरिकों को राज्यपाल के कार्यालय की कार्यप्रणालीइतिहास और समकालीन गतिविधियों के बारे में जानकारी प्राप्त करने का अवसर प्रदान करेगा।

    लोकभवन में आमजन का भ्रमण तीन दिनों के लिए निर्धारित किया गया है। 25 और 27 जनवरी को लोकभवन अपरान्ह 2 बजे से सायं 8 बजे तक खुलेगाजबकि 26 जनवरीगणतंत्र दिवस के दिन विशेष तौर पर प्रातः 11 बजे से दोपहर 2 बजे तक ही आमजन भ्रमण कर पाएंगे। इस दिन लोकभवन का दौरा गणतंत्र दिवस समारोह से जुड़े उत्सव और कार्यक्रमों के साथ विशेष रूप से आयोजित किया जाएगा। लोकभवन में प्रवेश और निकास की सुविधा गेट क्रमांक-1 के माध्यम से सुनिश्चित की गई है। प्रशासन ने बताया कि इस दौरान नागरिकों के आराम और सुरक्षा का पूरा ध्यान रखा जाएगा। भ्रमण के दौरान आगंतुकों को लोकभवन की ऐतिहासिक संरचनाचित्रकला और राज्य के प्रशासनिक दृष्टिकोण की झलक देखने का अवसर मिलेगा। इसके अलावा नागरिकों को छोटे वीडियो और लघु फिल्मों के माध्यम से गणतंत्र दिवस की महत्ताभारतीय संविधान और लोकतंत्र की मूलभूत अवधारणाओं की जानकारी भी दी जाएगी।

    इस अवसर से आमजन न केवल राज्यपाल के दफ्तर का दौरा कर पाएंगेबल्कि उन्हें राज्य की ऐतिहासिक और सांस्कृतिक विरासत से जुड़ने का अवसर भी मिलेगा। विशेषज्ञों के अनुसारइस तरह की पहल नागरिकों में लोकतंत्र के प्रति जागरूकता और भागीदारी बढ़ाने में सहायक होती है। लोकभवन में लगे चित्र और प्रदर्शनीसांस्कृतिक कार्यक्रम और लघु फिल्में सभी आयु वर्ग के नागरिकों के लिए आकर्षक और ज्ञानवर्धक अनुभव प्रदान करेंगी। इस तरह, गणतंत्र दिवस 2026 के दौरान 25 से 27 जनवरी तक आयोजित यह विशेष आयोजन न केवल राज्यपाल कार्यालय को आमजन के करीब लाएगाबल्कि नागरिकों को लोकतंत्रसंस्कृति और प्रशासनिक प्रणाली के प्रति संवेदनशील और जागरूक बनाएगा। नागरिक इस अवसर का लाभ उठाकर लोकभवन के सुंदर और ऐतिहासिक वातावरण में सजीव अनुभव प्राप्त कर सकेंगे।

  • असदुद्दीन ओवैसी का सख्त बयान: AIMIM में किसी को भी पार्टी तोड़ने की कोशिश न करने की चेतावनी

    असदुद्दीन ओवैसी का सख्त बयान: AIMIM में किसी को भी पार्टी तोड़ने की कोशिश न करने की चेतावनी

    नई दिल्ली।  AIMIM चीफ असदुद्दीन ओवैसी ने महाराष्ट्र में नगर निगम चुनावों के संदर्भ में पार्टी के कॉरपोरेटर्स को सख्त चेतावनी दी है। ओवैसी ने कहा कि महाराष्ट्र में नगर निगम में किससे गठबंधन करना है या नहीं, इसका निर्णय पूरी तरह से पार्टी करेगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि कोई भी पार्षद खुद से फैसला नहीं ले सकता, अगर ऐसा हुआ तो उस पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

    ओवैसी ने कहा, “अगर हमारी पार्टी को तोड़ने की कोशिश हुई तो जनता से उन्हें तमाचा मिलेगा। बिहार में हमारी पार्टी को तोड़ने की कोशिश की गई थी, जनता ने उन्हें जवाब दिया था।” उन्होंने यह भी कहा कि कॉरपोरेटर AIMIM से चुनकर आए हैं, वे कहीं नहीं जाएंगे।

    कॉरपोरेटर्स के लिए स्पष्ट निर्देश

    ओवैसी ने अपने संबोधन में कहा कि बीएमसी में हमारी पार्टी के 8 कॉरपोरेटर जीतकर आए हैं, इसलिए उनसे निवेदन है कि बिना पार्टी की अनुमति के कोई भी निर्णय न लें। उन्होंने यह भी चेतावनी दी कि अगर कोई पार्षद स्वतंत्र निर्णय लेगा, तो उस पर कार्रवाई की जाएगी।

    विपक्ष के वोटर लिस्ट आरोपों पर जवाब

    वोटर लिस्ट के विवादित आरोपों पर ओवैसी ने कहा कि उनकी टीम ने वोटर लिस्ट की जांच की, और यह सही पाई गई। उन्होंने कहा कि एकनाथ शिंदे के वार्ड में शिवसेना का पार्षद जीत गया, जबकि अमरावती और अकोला में AIMIM के कॉरपोरेटर जीते हैं। इसके अलावा औरंगाबाद में 33 कॉरपोरेटर और बीएमसी में 8 कॉरपोरेटर AIMIM के जीत के गौरवशाली परिणाम हैं।

    कामयाबी में शामिल विभिन्न समुदाय

    ओवैसी ने महाराष्ट्र निकाय चुनाव के प्रचार पर भी बात की और कहा, “मुझे खेद है कि हम वेस्ट महाराष्ट्र में प्रचार नहीं कर सके। लेकिन हमारी कामयाबी में कई हिन्दू भाई और दलित साथी भी शामिल हैं। जो पार्षद हमारे जीतकर आए हैं, वे जनता की उम्मीदों पर खरा उतरेंगे।”

    उन्होंने कहा कि महाराष्ट्र के उन वोटरों का धन्यवाद करेंगे, जिन्होंने AIMIM के 125 पार्षदों को चुना। ओवैसी ने अपने कार्यकर्ताओं की मेहनत की सराहना की और कहा कि उनकी टीम ने कड़ी मेहनत की है।

    बीजेपी पर निशाना और सामाजिक संदेश

    ओवैसी ने बीजेपी सरकार पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा, “बालासोर में मॉब लिंचिंग हुई और ओडिशा में बीजेपी की सरकार है। वहां खुलेआम हत्या हो रही है। यह हमारी समाजिक जिम्मेदारी है कि हम ऐसी घटनाओं के खिलाफ आवाज उठाएं।”

    AIMIM की रणनीति और भविष्य की योजना

    ओवैसी ने यह भी कहा कि पार्टी महाराष्ट्र में स्ट्रॉन्ग और संगठित होकर काम कर रही है। उन्होंने कहा कि कॉरपोरेटर और पार्टी कार्यकर्ता जनता की सेवा में लगे रहेंगे और सभी नागर निकायों में पार्टी की मजबूती के लिए काम करेंगे। उन्होंने दोहराया कि कोई भी पार्षद स्वतंत्र निर्णय नहीं ले सकता, और पार्टी की नीति के खिलाफ कोई कदम उठाना भारी पड़ सकता है।

  • 2040 तक भारत बनेगा दुनिया की चौथी सबसे ताकतवर नेवी शक्ति ब्रिटेन को छोड़ेगा पीछे; जानिए कितने देशों को पछाड़ देगा भारत

    2040 तक भारत बनेगा दुनिया की चौथी सबसे ताकतवर नेवी शक्ति ब्रिटेन को छोड़ेगा पीछे; जानिए कितने देशों को पछाड़ देगा भारत


    नई दिल्ली । भारतीय नौसेना आने वाले डेढ़ दशक में समुद्री ताकत के मामले में इतिहास रचने जा रही है। मौजूदा रुझानों और स्वदेशी परमाणु पनडुब्बी कार्यक्रमों की रफ्तार को देखते हुए अनुमान है कि भारत साल 2040 तक दुनिया की चौथी सबसे ताकतवर परमाणु पनडुब्बी शक्ति बन जाएगा। इस दौरान भारत न सिर्फ फ्रांस बल्कि ब्रिटेन जैसे परंपरागत समुद्री शक्ति वाले देश को भी पीछे छोड़ देगा और अमेरिका रूस व चीन के बाद शीर्ष चार नौसैनिक शक्तियों में शामिल हो जाएगा।

    फिलहाल परमाणु पनडुब्बियों की संख्या के मामले में अमेरिका दुनिया में सबसे आगे है। उसके पास 60 से 70 के बीच परमाणु पनडुब्बियां हैं जिनमें बैलिस्टिक मिसाइल और अटैक पनडुब्बियां शामिल हैं। इसके बाद रूस और चीन का स्थान आता है। अभी चौथे नंबर पर ब्रिटेन और पांचवें पर फ्रांस है जबकि भारत इस सूची में तेजी से ऊपर चढ़ रहा है। इस समय भारतीय नौसेना के पास दो सक्रिय परमाणु पनडुब्बियां हैं। एक तीसरी परमाणु पनडुब्बी के इस साल के अंत तक और चौथी के अगले साल सेवा में शामिल होने की उम्मीद है। यह संख्या भले ही अभी कम लगती हो लेकिन यह भारत के अब तक के सबसे बड़े और महत्वाकांक्षी पनडुब्बी निर्माण कार्यक्रम की शुरुआती अवस्था है।

    भारत की यह बढ़त पूरी तरह स्वदेशी कार्यक्रमों पर आधारित है। इसमें INS अरिहंत से शुरू हुई अरिहंत क्लास पनडुब्बियां भविष्य की S5 क्लास बैलिस्टिक मिसाइल पनडुब्बियां और प्रोजेक्ट-77 के तहत विकसित की जा रही परमाणु अटैक पनडुब्बियां शामिल हैं। भारतीय नौसेना दो S5 क्लास पनडुब्बियों का निर्माण शुरू कर चुकी है और भविष्य में चार और S5 क्लास पनडुब्बियां बनाने की योजना है। यानी कुल छह S5 क्लास पनडुब्बियां भारत की समुद्री परमाणु ताकत की रीढ़ बनेंगी। इसके साथ ही प्रोजेक्ट-77 के तहत परमाणु अटैक पनडुब्बियों का निर्माण किया जा रहा है। शुरुआत में दो पनडुब्बियां बनाई जाएंगी लेकिन आगे चलकर इनकी संख्या छह तक पहुंच सकती है। ये पनडुब्बियां विमानवाहक पोतों की सुरक्षा दुश्मन पनडुब्बियों की निगरानी और हिंद-प्रशांत क्षेत्र में भारत की रणनीतिक मौजूदगी को मजबूत करेंगी।

    अनुमान है कि 2035 तक भारत के पास कुल आठ परमाणु पनडुब्बियां होंगी जिनमें चार अरिहंत क्लास दो S5 क्लास और दो प्रोजेक्ट-77 की पनडुब्बियां शामिल होंगी। इस स्तर पर भारत फ्रांस को पीछे छोड़ देगा जिसकी परमाणु पनडुब्बियों की संख्या फिलहाल नौ के आसपास है और आगे इसमें ज्यादा बढ़ोतरी की संभावना नहीं है। 2040 तक भारत कम से कम 10 परमाणु पनडुब्बियों का बेड़ा खड़ा कर लेगा जबकि ब्रिटेन की संख्या लगभग नौ पर स्थिर रहने की उम्मीद है। इस तरह भारत 15 साल बाद फ्रांस और ब्रिटेनदोनों देशों को पीछे छोड़ते हुए दुनिया की चौथी सबसे बड़ी परमाणु पनडुब्बी शक्ति बन जाएगा। INS अरिहंत से शुरू हुई यह यात्रा भारत को वैश्विक समुद्री शक्ति संतुलन में निर्णायक स्थान दिलाने की ओर बढ़ा रही है।

  • गणतंत्र दिवस परेड 2026: वीआईपी कल्चर पर विराम , नदियों के नाम पर दर्शक दीर्घाएं; ‘वंदे मातरम’ थीम ,मेट्रो सफर रहेगा फ्री

    गणतंत्र दिवस परेड 2026: वीआईपी कल्चर पर विराम , नदियों के नाम पर दर्शक दीर्घाएं; ‘वंदे मातरम’ थीम ,मेट्रो सफर रहेगा फ्री


    नई दिल्ली । गणतंत्र दिवस परेड 2026 को पहले से कहीं अधिक समावेशी सांस्कृतिक और जन-केंद्रित बनाने की दिशा में रक्षा मंत्रालय ने बड़ा और प्रतीकात्मक फैसला लिया है। 26 जनवरी को दिल्ली के कर्तव्य पथ पर आयोजित होने वाली गणतंत्र दिवस परेड में इस बार दर्शक दीर्घाओं को नदियों के नाम दिए जाएंगे। गंगा यमुना ब्रह्मपुत्र सहित देश की प्रमुख नदियों के नाम पर दर्शक खंडों का नामकरण कर वीआईपी नॉन वीआईपी के फर्क को खत्म करने की पहल की गई है।

    अब तक गणतंत्र दिवस परेड में दर्शक दीर्घाओं की पहचान ए बी सी या अंकों के आधार पर होती थी जिससे वीआईपी संस्कृति की झलक दिखाई देती थी। रक्षा सचिव राजेश कुमार सिंह ने शुक्रवार को आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि यह व्यवस्था बदलने का उद्देश्य हर नागरिक को समान सम्मान का अनुभव कराना है। नदियों के नाम भारतीय संस्कृति सभ्यता और एकता के प्रतीक हैं और इनके जरिए राष्ट्रीय पहचान को और मजबूत किया जाएगा।

    इस वर्ष गणतंत्र दिवस समारोह की समग्र थीम वंदे मातरम की 150वीं वर्षगांठ पर केंद्रित रखी गई है। इसी भावना को परेड झांकियों आमंत्रण पत्रों टिकटों और कर्तव्य पथ की सजावट में प्रमुखता से दिखाया जाएगा। रक्षा सचिव ने बताया कि परेड में सेना की तैयारियों को बैटल ऐरे के रूप में प्रस्तुत किया जाएगा ताकि सशस्त्र बलों की ऑपरेशनल क्षमता और युद्ध तत्परता को प्रभावी तरीके से देश और दुनिया के सामने रखा जा सके।

    गणतंत्र दिवस परेड देखने के लिए इस बार कुल 77 हजार दर्शकों के बैठने की व्यवस्था की गई है। इनमें 10 हजार विशेष आमंत्रित अतिथि होंगे जिन्हें विभिन्न सरकारी योजनाओं के सफल क्रियान्वयन और जनसेवा में योगदान के लिए बुलाया गया है। आम जनता के लिए 32 हजार टिकट बिक्री पर रखे गए हैं। टिकट ऑनलाइन के साथ-साथ ऑफलाइन भी उपलब्ध हैं जिन्हें राजीव चौक सहित कुछ चुनिंदा मेट्रो स्टेशनों से खरीदा जा सकता है।

    दर्शकों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए 26 जनवरी को मेट्रो यात्रा पूरी तरह निःशुल्क रहेगी। दिल्ली मेट्रो की सेवाएं सुबह 3 बजे से शुरू होंगी ताकि लोग समय पर कर्तव्य पथ पहुंच सकें। यह कदम खासतौर पर आम नागरिकों को परेड से जोड़ने के उद्देश्य से उठाया गया है। इस बार गणतंत्र दिवस समारोह में अंतरराष्ट्रीय रंग भी देखने को मिलेगा। यूरोपीय संघ EU परिषद और यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष मुख्य अतिथि होंगी। साथ ही यूरोपीय संघ की नौसेना का एक मार्चिंग दस्ता भी परेड में हिस्सा लेगा जो भारत और यूरोप के मजबूत होते रणनीतिक संबंधों का प्रतीक होगा।

    परेड में कुल 30 झांकियां शामिल की जाएंगी। इनमें 17 झांकियां विभिन्न राज्यों की और 13 झांकियां केंद्रीय मंत्रालयों व विभागों की होंगी। सभी झांकियों की थीम स्वतंत्रता का मंत्र वंदे मातरम रखी गई है जो देश की सांस्कृतिक विरासत विविधता और राष्ट्रभक्ति को दर्शाएगी। सेना के मार्च पास्ट में नवगठित भैरव बटालियन और लद्दाख स्काउट्स विशेष आकर्षण होंगी वहीं पशु दस्ता भी परंपरागत रंग जोड़ेगा। गणतंत्र दिवस परेड की रिहर्सल को लेकर 19 20 और 21 जनवरी को सुबह 10:15 से दोपहर 12:30 बजे तक कर्तव्य पथ और आसपास के इलाकों में यातायात प्रभावित रहेगा। दिल्ली ट्रैफिक पुलिस ने लोगों से वैकल्पिक मार्ग अपनाने की अपील की है।

  • वंदे भारत स्लीपर ट्रेन का उद्घाटन आज पीएम मोदी करेंगे, ये हैं ट्रेन की खासियतें

    वंदे भारत स्लीपर ट्रेन का उद्घाटन आज पीएम मोदी करेंगे, ये हैं ट्रेन की खासियतें

    नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज देश की पहली वंदे भारत स्लीपर ट्रेन को हरी झंडी दिखाएंगे। इसे भारतीय रेलवे के इतिहास में एक बड़ा और खास कदम माना जा रहा है। अब तक वंदे भारत ट्रेनें सिर्फ चेयरकार कोच में चल रही थीं, लेकिन स्लीपर वर्जन के शुरू होने से लंबी दूरी की रात की यात्रा में क्रांतिकारी बदलाव आएगा। खासकर उन यात्रियों के लिए यह ट्रेन बड़ी राहत होगी, जो रात में आरामदायक और तेज सफर चाहते हैं।

    वंदे भारत स्लीपर को पूरी तरह आधुनिक तकनीक और यात्रियों की सुविधा को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है। इसके इंटीरियर में भारतीय संस्कृति से प्रेरित डिजाइन का इस्तेमाल किया गया है, जिससे ट्रेन के अंदर का माहौल न सिर्फ आरामदायक बल्कि देखने में भी आकर्षक होगा। बर्थ, लाइटिंग और कोच की बनावट इस तरह की गई है कि लंबा सफर थकान भरा न लगे।

    सुरक्षा और आधुनिक तकनीक का भरोसा

    सुरक्षा के मामले में वंदे भारत स्लीपर ट्रेन काफी एडवांस है। इसमें ‘कवच’ ऑटोमैटिक ट्रेन प्रोटेक्शन सिस्टम लगाया गया है, जो ट्रेन की स्पीड और सिग्नल पर नजर रखता है और हादसों की आशंका को काफी हद तक कम करता है। इसके अलावा यात्रियों की सुविधा के लिए इमरजेंसी टॉक-बैक यूनिट भी उपलब्ध है। ड्राइवर के केबिन में आधुनिक कंट्रोल और सेफ्टी सिस्टम लगाए गए हैं।

    स्वच्छता और स्वास्थ्य का विशेष ध्यान

    रेल मंत्रालय के मुताबिक, वंदे भारत स्लीपर में यूवीसी डिसइंफेक्टेंट तकनीक लगी है, जो हवा में मौजूद वायरस और बैक्टीरिया को खत्म करती है। यह सिस्टम कोच की हवा को फिल्टर करके साफ करता है और फिर ताजी हवा अंदर छोड़ता है। इसका मतलब है कि अगर आसपास किसी यात्री को सर्दी-जुकाम हो, तो भी बाकी यात्रियों को चिंता करने की जरूरत नहीं होगी।

    आराम और प्रीमियम सुविधाएं

    ट्रेन का बाहरी लुक आधुनिक और एयरोडायनामिक है, जिससे यह स्मूद तरीके से चलेगी और ऊर्जा की खपत कम होगी। दरवाजे ऑटोमैटिक हैं, जो स्टेशन पर रुकने और चलने के समय अपने आप खुलेंगे और बंद होंगे।

    वंदे भारत स्लीपर की अधिकतम गति 180 किलोमीटर प्रति घंटा होगी, जबकि सामान्य परिचालन में यह करीब 130 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से चलेगी। यात्रियों के लिए हाई क्वालिटी कंबल, कवर, एडवांस्ड बेडरोल और कैटरिंग सर्विस जैसी प्रीमियम सुविधाएं उपलब्ध होंगी।

    आरामदायक यात्रा के लिए विशेष व्यवस्था:

    एर्गोनोमिक बर्थ और बेहतर कुशनिंग

    शोर कम करने की तकनीक

    सभी ऑनबोर्ड स्टाफ तय यूनिफॉर्म में

    कोच संरचना और किराया

    इस ट्रेन में कुल 16 कोच होंगे:

    11 थर्ड एसी

    4 सेकंड एसी

    1 फर्स्ट एसी

    किराया राजधानी एक्सप्रेस जैसी प्रीमियम ट्रेनों से थोड़ा अधिक होगा। गुवाहाटी से हावड़ा तक थर्ड एसी का किराया लगभग 2,300 रुपये के आसपास रहेगा।

  • स्पीकर विजेंद्र गुप्ता ने FSL रिपोर्ट से दी सफाई: आतिशी के वीडियो में कोई छेड़खानी नहीं पाई गई

    स्पीकर विजेंद्र गुप्ता ने FSL रिपोर्ट से दी सफाई: आतिशी के वीडियो में कोई छेड़खानी नहीं पाई गई

    नई दिल्ली। दिल्ली विधानसभा के स्पीकर विजेंद्र गुप्ता ने ‘गुरुओं’ को लेकर टिप्पणी मामले में नेता प्रतिपक्ष आतिशी के वीडियो की फॉरेंसिक साइंस लेबोरेटरी (एफएसएल) रिपोर्ट सार्वजनिक की। स्पीकर ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि जांच में यह स्पष्ट हुआ कि वीडियो में किसी प्रकार की छेड़खानी या संपादन नहीं हुआ है। एफएसएल रिपोर्ट के अनुसार ऑडियो और वीडियो पूरी तरह प्रमाणिक हैं।

    स्पीकर ने यह भी बताया कि 6 जनवरी को दिल्ली विधानसभा में हुई बहस का ट्रांसक्रिप्ट साझा किया गया है। उन्होंने कहा कि वीडियो की फॉरेंसिक जांच विपक्ष की मांग पर करवाई गई थी और सत्तारूढ़ दल ने भी इस पर मंजूरी दी थी।

    विजेंद्र गुप्ता ने कहा, “जब वीडियो जांच के लिए भेजा गया तो 9 जनवरी को अचानक खबर आई कि पंजाब सरकार ने पहले ही इसकी जांच कर ली, रिपोर्ट आ गई और एफआईआर दर्ज कर दी गई। यह जो नाटकीय घटनाक्रम रहा, आज उसका दूध का दूध-पानी का पानी हो गया है।” उन्होंने सवाल उठाया कि क्या एक कांस्टेबल एआई टूल से वीडियो की जांच कर सकता है और किस आधार पर पंजाब सरकार ने रिपोर्ट तैयार की।

    स्पीकर ने साफ कहा कि वह पंजाब सरकार की रिपोर्ट की सीबीआई जांच की सिफारिश करेंगे। उन्होंने कहा, “वीडियो में ‘गुरु’ शब्द का इस्तेमाल स्पष्ट है। जो भी घटनाक्रम पंजाब में हो रहा है, उस पूरे घटनाक्रम की सीबीआई जांच जरूरी है। सच्चाई यह है कि आतिशी की टिप्पणी पर जवाब देने से बचने के लिए विपक्ष राजनीतिक हथकंडे अपना रहा है और राज्य एजेंसी का इस्तेमाल किया गया।”

  • मालदा में PM के आगमन पर उत्सव का माहौल, वंदे भारत स्लीपर ट्रेन के उद्घाटन ने बढ़ाया जोश

    मालदा में PM के आगमन पर उत्सव का माहौल, वंदे भारत स्लीपर ट्रेन के उद्घाटन ने बढ़ाया जोश

    नई दिल्ली। पश्चिम बंगाल के मालदा टाउन रेलवे स्टेशन पर शनिवार को खुशी और उत्साह का माहौल देखने को मिला। हजारों लोग प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आगमन और भारत की पहली वंदे भारत स्लीपर कोच ट्रेन के उद्घाटन के लिए सुबह से ही मौजूद थे। आम जनता के साथ-साथ बड़ी संख्या में स्कूल के बच्चे भी कार्यक्रम में शामिल हुए।

    प्रधानमंत्री का दौरा और ट्रेन उद्घाटन
    पीएम मोदी ने मालदा टाउन स्टेशन से देश की पहली वंदे भारत स्लीपर कोच का उद्घाटन किया। इसके बाद उन्होंने पुराने मालदा बाईपास के पास के मैदान में कई अन्य ट्रेनों का उद्घाटन किया और फिर एक जनसभा को संबोधित किया। कार्यक्रम की तैयारियां पूरी कर दी गई थीं, और दूर-दूर से लोग उत्सुकता से कार्यक्रम स्थल पर पहुंचे।

    जनता की प्रतिक्रिया और उत्साह
    भीड़ में मौजूद लोगों ने खुशी और गर्व जताया। एक महिला ने कहा, “पीएम मोदी यहां आकर वंदे भारत स्लीपर कोच ट्रेन का उद्घाटन कर रहे हैं। यह हमारे लिए गर्व का पल है।” वहीं एक पुरुष ने कहा, “बहुत अच्छा लग रहा है कि वंदे भारत स्लीपर एक्सप्रेस की शुरुआत होने जा रही है। यह ट्रेन यात्रियों के लिए बड़ी सुविधा होगी।” एक युवा ने उत्साह जताते हुए कहा कि वे देखना चाहते हैं कि इस ट्रेन में यात्रियों को कौन-कौन सी नई सुविधाएं मिलेंगी।

    जनता की उम्मीदें पीएम मोदी से
    कार्यक्रम के दौरान कुछ लोग प्रधानमंत्री से अपनी उम्मीदें भी साझा कर रहे थे।

    देवलिना साहा ने कहा कि बंगाल में बेटियों की सुरक्षा और युवाओं के रोजगार के अवसर बेहतर हों, और उनका मानना है कि भाजपा के आने से आतंक और असुरक्षा खत्म होगी।

    आशा मुंडा ने बंगाल की सुरक्षा मजबूत करने और आदिवासी समुदाय के लिए कदम उठाने की उम्मीद जताई।

    गायत्री सरकार पॉल ने कहा, “यह हमारे शहर के लिए खुशी का पल है। जब भी पीएम मोदी बंगाल आते हैं, वे कुछ नई सौगात लेकर आते हैं।”

    मालदा के लिए खास दिन
    इस प्रकार मालदा में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आगमन और वंदे भारत स्लीपर कोच ट्रेन का उद्घाटन एक ऐतिहासिक और गर्वपूर्ण दिन साबित हुआ। जनता की उमंग और उनकी उम्मीदें इस दिन को और भी खास बना रही थीं।

  • FSL ने दी सफाई, आतिशी के बयान पर स्पीकर ने कहा-अब माफी के अलावा कोई रास्ता नहीं

    FSL ने दी सफाई, आतिशी के बयान पर स्पीकर ने कहा-अब माफी के अलावा कोई रास्ता नहीं


    नई दिल्ली। दिल्ली विधानसभा में आतिशी मार्जिन के बयान को लेकर चल रहा विवाद अब नए मोड़ पर पहुंच गया है। दिल्ली विधानसभा अध्यक्ष विजेंद्र गुप्ता ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में दावा किया है कि सदन की आधिकारिक रिकॉर्डिंग को विपक्ष की मांग पर फोरेंसिक साइंस लेबोरेटरी (FSL) में जांच के लिए भेजा गया था और रिपोर्ट अब आ चुकी है। स्पीकर के मुताबिक FSL की रिपोर्ट में साफ कहा गया है कि रिकॉर्डिंग में कोई छेड़छाड़ नहीं हुई है और ऑडियो-वीडियो दोनों पूरी तरह मैच करते हैं।
    स्पीकर विजेंद्र गुप्ता ने कहा कि 8 जनवरी को दोनों पक्षों की सहमति से रिकॉर्डिंग FSL को सौंप दी गई थी, लेकिन अगले दिन अचानक पंजाब सरकार की तरफ से अपनी ‘अलтернатив जांच’ का दावा सामने आया और वीडियो को डॉक्टर्ड बताया गया। इसके साथ ही FIR भी दर्ज की गई, जिसे स्पीकर ने “नाटकीय मोड़” करार दिया। अब दिल्ली की FSL रिपोर्ट सामने आने के बाद यह मामला और तेज हो गया है, क्योंकि रिपोर्ट ने पहले किए गए दावों को चुनौती दी है।

    स्पीकर का AAP पर हमला, गुरुओं के सम्मान को बताया ठेस
    विजेंद्र गुप्ता ने इस प्रकरण को केवल राजनीतिक मुद्दा नहीं बल्कि संविधानिक गरिमा और धार्मिक भावनाओं का मामला बताया।

    उन्होंने कहा कि कुछ राजनीतिक दलों ने सरकारी एजेंसियों का दुरुपयोग कर गुरुओं के सम्मान को ठेस पहुंचाई और विधानसभा की प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचाने की कोशिश की। स्पीकर ने कहा, “यह बिल्कुल बर्दाश्त नहीं किया जाएगा” और इस मामले की कड़ी निंदा की।

    आतिशी से माफी की मांग, पंजाब CM को दी चेतावनी
    स्पीकर ने साफ कहा कि FSL रिपोर्ट के बाद अब आतिशी मार्जिन को माफी मांगनी होगी। उन्होंने कहा कि रिकॉर्डिंग, ट्रांसक्रिप्ट और ऑडियो-वीडियो में कोई अंतर नहीं है, इसलिए आतिशी को आगे आकर अपनी गलती स्वीकार करनी चाहिए, बयान वापस लेना चाहिए और सार्वजनिक माफी मांगनी चाहिए। साथ ही, स्पीकर ने पंजाब के मुख्यमंत्री को चेतावनी दी कि दिल्ली विधानसभा के मामलों में दखल नहीं दें।