Category: National

  • संजय कपूर की संपत्ति विवाद मामले में कोर्ट ने करिश्मा कपूर से मांगे तलाक के दस्तावेज

    संजय कपूर की संपत्ति विवाद मामले में कोर्ट ने करिश्मा कपूर से मांगे तलाक के दस्तावेज


    मुम्बई।
    पिछले साल सितंबर में, करिश्मा कपूर (Karisma Kapoor) की दो संतान ने अपने दिवंगत पिता संजय कपूर (Sanjay Kapoor) की संपत्ति में हिस्सा पाने के लिए हाई कोर्ट (High Court) में याचिका दायर की और उनकी 21 मार्च 2025 की वसीयत को चुनौती दी। वसीयत में, संजय कपूर की कथित तौर पर पूरी संपत्ति प्रिया सचदेव कपूर (Priya Sachdev Kapoor) को कर दी गई है। जस्टिस ए.एस. चंदुरकर की पीठ ने शुक्रवार को प्रिया सचदेव कपूर की याचिका पर अपने कक्ष में सुनवाई की और सूत्रों के अनुसार, करिश्मा कपूर से दो सप्ताह के भीतर जवाब मांगा।

    सूत्रों ने बताया कि बॉलीवुड अभिनेत्री के वकील ने याचिका का विरोध किया और इसकी स्वीकार्यता पर आपत्ति जताते हुए कहा कि प्रिया सचदेव कपूर 2016 के समझौते में एक असंबद्ध तीसरी पक्षकार हैं और इस मामले में उनका कोई अधिकार नहीं बनता। करिश्मा कपूर की ओर से वकील रवि शर्मा और अपूर्व शुक्ला पेश हुए, जिन्होंने दलील दी कि सहमति की शर्तें और तलाकनामा पहले से ही प्रिया सचदेव कपूर के पास मौजूद हैं।

    प्रिया कपूर के वकील ने दलील दी कि ये दस्तावेज मौजूदा संपत्ति विवाद से सीधे तौर पर संबंधित हैं, जिसमें वित्तीय प्रावधान, बच्चों को सहायता और तलाक के बाद की जिम्मेदारियों से जुड़े मुद्दे दिल्ली उच्च न्यायालय के समक्ष बार-बार उठाए जा चुके हैं। पिछले साल 12 जून को इंग्लैंड में एक पोलो मैच के दौरान गिरने के बाद संजय कपूर का निधन हो गया था। खबरों के अनुसार, उन्हें अचानक दिल का दौरा पड़ा था।

  • BMC चुनाव में महायुति की प्रचंड जीत…. मुम्बई में पहली बार बनेगा BJP का मेयर

    BMC चुनाव में महायुति की प्रचंड जीत…. मुम्बई में पहली बार बनेगा BJP का मेयर


    मुम्बई।
    महाराष्ट्र (Maharashtra) के निकाय चुनाव (Local Body Elections.) में शुक्रवार को भाजपा (BJP) के नेतृत्व वाले महायुति गठबंधन (Mahayuti Alliance) को बड़ी जीत मिली। बीएमसी में भी भाजपा और एकनाथ शिंदे की शिवसेना के गठबंधन ने मिलकर ठाकरे बंधुओं की शिवसेना यूबीटी और एमएनएस को हरा दिया। शुक्रवार रात साढ़े नौ बजे तक के आंकड़े के अनुसार, भाजपा 88, शिवसेना 28, शिवसेना यूबीटी 65, एमएनएस 6, कांग्रेस 24 वार्डों में या तो जीत चुकी है या फिर बढ़त बनाए हुए है। बीएमसी में भाजपा का पहली बार मेयर बनने जा रहा है, जोकि भगवा दल के लिए बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है। पिछले तीन दशक से बीएमसी की कमान ठाकरे परिवार के पास ही रही है। ऐसे में अब इसमें बड़ा बदलाव होने जा रहा है। भाजपा की इस जीत के पीछे 5 बड़ी वजहे हैं।


    पीएम मोदी पर जनता का भरोसा

    पिछले एक दशक से भी ज्यादा समय से भाजपा पीएम मोदी के नेतृत्व में विभिन्न चुनावों में जीत दर्ज करती आई है। लोकसभा में लगातार तीन बार से सत्ता में आ रही भाजपा पिछले साल हुए महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव में भी बंपर सीटों से जीती। एक दशक में विपक्ष को भाजपा ने बुरी तरह से उन राज्यों में भी पराजित किया है, जहां कुछ दशक पहले कोई सोच नहीं सकता था। मुंबई में मिली इस जीत के पीछे भी पीएम मोदी का बहुत बड़ा योगदान है। जीत के बाद देवेंद्र फडणवीस ने भी इसका जिक्र किया और कहा कि पीएम मोदी के नेतृत्व में विकास के विजन के साथ भाजपा ने चुनाव लड़ा और जीत मिली। फिलहाल, विपक्ष के पास पीएम मोदी का तोड़ ढूंढ पाना बहुत मुश्किल दिखाई दे रहा है।


    शिवसेना में टूट

    साल 2019 में शिवसेना और भाजपा की राह तब अलग हो गई, जब विधानसभा चुनाव के बाद शिवसेना ने ढाई साल के लिए सीएम पद की मांग कर दी। इसके बाद, शिवसेना, एनसीपी और कांग्रेस ने साथ मिलकर सरकार बनाई और उद्धव ठाकरे मुख्यमंत्री बने। हालांकि, 2022 में शिवसेना टूट गई और एकनाथ शिंदे कई विधायकों और सांसदों को अपने साथ ले गए। भाजपा ने शिंदे को सीएम बना दिया। बाद में शिंदे की पार्टी को शिवसेना नाम से जाना गया और उद्धव ठाकरे को शिवसेना यूबीटी। इसके बाद से उद्धव ठाकरे की ताकत लगातार कमजोर होती चली गई। इस बीएमसी चुनाव में भी एकनाथ शिंदे की शिवसेना ने 28 वार्ड्स में जीत हासिल की और उद्धव ठाकरे की शिवसेना यूबीटी के वोट काटे, जिसका सीधा लाभ भाजपा के नेतृत्व वाले महायुति को मिला।


    मनसे के साथ आने पर उत्तर भारतीय शिवसेना यूबीटी से नाराज?

    साल 2006 में अलग पार्टी बनाने वाले राज ठाकरे ने बीएमसी चुनाव के लिए उद्धव के साथ गठबंधन किया था। मुंबई में रहने वाले मराठी वोटर्स का मनसे को काफी सपोर्ट मिलता रहा है और इस चुनाव में भी शिवसेना और मनसे के गठबंधन को मराठी मतदाताओं के जमकर वोट पड़े। लेकिन एग्जिट पोल की मानें तो उत्तर भारतीयों का समर्थन भाजपा को ज्यादा मिला। दरअसल, राज ठाकरे की मनसे उत्तर भारतीयों के खिलाफ लंबे समय से हिंसा करती आई है और यही वजह है कि इसका फायदा भाजपा गठबंधन को सीधे तौर पर मिला। मनसे और शिवसेना के गठबंधन ने कुछ खास कमाल नहीं दिखाया और महायुति के सामने हार गया।


    भाजपा ने लगा दी पूरी ताकत, खुद फडणवीस ने संभाली कमान

    बीएमसी चुनाव में जीत हासिल करने के लिए भाजपा ने पूरी ताकत लगा दी। खुद मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने इसकी कमान संभाली और जमकर प्रचार किया। भाजपा के तमाम महाराष्ट्र के मंत्रियों ने भी चुनाव प्रचार में हिस्सा लिया और जनता का समर्थन हासिल किया। उद्धव और राज ठाकरे ने भी चुनावी रैलियां कीं और भीड़ भी इकट्ठी हुई, लेकिन वोटों में यह तब्दील नहीं हो सकी। शिवसेना यूबीटी और मनसे के मुकाबले भाजपा और शिवसेना का चुनाव प्रचार ज्यादा मजबूत रहा और यही नतीजों में भी दिखाई दिया।


    उद्धव के खिलाफ एंटी इनकमबेंसी का भाजपा को फायदा

    देश के सबसे अमीर नगर निगम बीएमसी पर पिछले लगभग तीन दशकों से ठाकरे परिवार का कब्जा रहा है। पहली बार भाजपा को जीत मिली है। शिवसेना (अविभाजति) को पिछले बार तक भाजपा से ज्यादा वार्ड पर जीत मिली, जिससे उसका लंबे समय तक मेयर रहा। लंबे समय तक राज करने की वजह से शिवसेना यूबीटी के खिलाफ एक एंटी इनकमबेंसी भी बनी और जिसका फायदा सीधे तौर पर भाजपा को मिला। साथ ही, एकनाथ शिंदे की शिवसेना का साथ होने के कारण भाजपा का पलड़ा भारी रहा।

  • मेरठ केस अपडेट: सोनू कश्यप की मौत कैसे हुई? मंत्री नरेंद्र कश्यप ने अधिकारियों से मांगी रिपोर्ट

    मेरठ केस अपडेट: सोनू कश्यप की मौत कैसे हुई? मंत्री नरेंद्र कश्यप ने अधिकारियों से मांगी रिपोर्ट

    नई दिल्ली।  उत्तर प्रदेश के मेरठ में सरधना के सोनू कश्यप हत्याकांड की जांच को सुलझाने के लिए भाजपा सरकार ने स्वतंत्र प्रभार राज्य मंत्री नरेंद्र कश्यप को जिम्मेदारी सौंपी है. मंत्री नरेंद्र कश्यप ने हाल ही में सोनू कश्यप के परिजनों से मुलाकात कर उनका दर्द सुना था. इसके बाद शुक्रवार को उन्होंने मेरठ के वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के साथ बैठक कर पूरे मामले की जानकारी ली और परिजनों का पक्ष अधिकारियों के सामने रखा.

    इस हत्याकांड में अब भी सबसे बड़ा सवाल यह बना हुआ है कि सोनू कश्यप की मौत आखिर कैसे हुई? पुलिस की प्रारंभिक जांच के अनुसार, आरोपी नाबालिग थ्री-व्हीलर टेंपो चालक ने पहले सोनू कश्यप की पिटाई की, फिर उसकी हत्या कर शव को मोबिल ऑयल डालकर जला दिया.

    परिजनों का आरोप पीएम रिपोर्ट नहीं सौंपी
    मृतक के परिजनों का आरोप है कि सोनू कश्यप को जिंदा जलाया गया, और इस वारदात में नाबालिग आरोपी के अलावा अन्य लोग भी शामिल हैं. परिजनों का कहना है कि घटना के इतने दिन बीत जाने के बावजूद उन्हें अब तक पोस्टमार्टम रिपोर्ट नहीं सौंपी गई, जिसके चलते सोनू कश्यप की मौत के असली कारण पर अभी भी रहस्य बना हुआ है.

    मंत्री का दावा दोषियों पर होगी कार्रवाई
    मंत्री नरेंद्र कश्यप ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि मामले की निष्पक्ष और गहन जांच की जाए. उन्होंने आश्वासन दिया कि यदि जांच में इस हत्याकांड में किसी अन्य आरोपी की संलिप्तता सामने आती है, तो उसके खिलाफ भी कड़ी से कड़ी कार्रवाई की जाएगी. साथ ही पोस्टमार्टम रिपोर्ट के माध्यम से मौत के वास्तविक कारणों को स्पष्ट किया जाएगा. मंत्री ने कहा कि पीड़ित परिवार को न्याय दिलाना सरकार की प्राथमिकता है और किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा.

    उधर इस मामले में विपक्षी दलों ने प्रदेश सरकार पर लीपापोती का आरोप लगाया है. यही नहीं पीड़ित परिवार से मिलने को लेकर स्थानीय पुलिस-प्रशासन और विपक्ष के नेताओं में नोंक झोंक भी हुई.

  • दिल्ली में चार दिन इन रास्तों से बचकर निकलें, रिपब्लिक डे परेड रिहर्सल की वजह से बंद रहेंगे कई रूट

    दिल्ली में चार दिन इन रास्तों से बचकर निकलें, रिपब्लिक डे परेड रिहर्सल की वजह से बंद रहेंगे कई रूट

    नई दिल्ली।  गणतंत्र दिवस नजदीक आते ही राजधानी दिल्ली में तैयारियां तेज हो गई हैं। इसी कड़ी में 17, 19, 20 और 21 जनवरी को गणतंत्र दिवस परेड की रिहर्सल आयोजित की जाएगी। दिल्ली ट्रैफिक पुलिस ने लोगों को पहले से सतर्क करते हुए ट्रैफिक एडवाइजरी जारी की है। पुलिस के मुताबिक, इन चारों दिनों कर्तव्य पथ पर परेड की रिहर्सल होगी, जिसके चलते दिल्ली के कई प्रमुख मार्गों और चौराहों पर यातायात आंशिक या पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा।

    विजय चौक से इंडिया गेट तक होगी परेड रिहर्सल
    दिल्ली पुलिस ने बताया कि रिहर्सल विजय चौक से शुरू होकर इंडिया गेट तक होगी और परेड रूट को सी-हेक्सागन तक विस्तारित किया गया है। परेड के सुचारू संचालन और सुरक्षा व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए सुबह 10:15 बजे से दोपहर 12:30 बजे तक ट्रैफिक प्रतिबंध लागू रहेंगे। इस दौरान आम लोगों को अनावश्यक रूप से इस क्षेत्र में आने से बचने की सलाह दी गई है।

    उत्तर-दक्षिण आवागमन के लिए वैकल्पिक रास्ते
    उत्तर से दक्षिण या दक्षिण से उत्तर दिल्ली जाने वाले यात्रियों को ट्रैफिक पुलिस ने वैकल्पिक मार्ग अपनाने की सलाह दी है। यात्री सराय काले खां और आईपी फ्लाईओवर के रास्ते राजघाट की ओर जाने वाली रिंग रोड का इस्तेमाल कर सकते हैं। इसके अलावा मथुरा रोड और भैरों रोड होते हुए रिंग रोड से भी गंतव्य तक पहुंचा जा सकता है। एक अन्य विकल्प लाजपत राय मार्ग है, जो मथुरा रोड से रिंग रोड को जोड़ता है।

    मध्य और नई दिल्ली के लिए सुझाए गए रूट
    यात्री अरबिंदो मार्ग, सफदरजंग रोड, कमाल अतातुर्क मार्ग और कौटिल्य मार्ग से होते हुए सरदार पटेल मार्ग, मदर टेरेसा क्रिसेंट और बाबा खड़क सिंह मार्ग की ओर जा सकते हैं। वहीं, पृथ्वी राज रोड से राजेश पायलट मार्ग और सुब्रमण्यम भारती मार्ग के जरिए मथुरा रोड और रिंग रोड की ओर भी पहुंचा जा सकता है।

    पूर्व-पश्चिम दिशा में जाने वालों के लिए राहत
    पूर्व से पश्चिम या पश्चिम से पूर्व दिशा में यात्रा करने वाले लोग भैरों रोड और मथुरा रोड के जरिए रिंग रोड का उपयोग कर सकते हैं। इसके बाद सुब्रमण्यम भारती मार्ग, राजेश पायलट मार्ग और पृथ्वी राज रोड से आगे सफदरजंग रोड और कमाल अतातुर्क मार्ग होते हुए पंचशील मार्ग, साइमन बोलिवर मार्ग, अपर रिज रोड या वंदे मातरम मार्ग की ओर बढ़ सकते हैं।

    आजादपुर, आईएसबीटी और धौला कुआं के लिए विकल्प
    यात्री रिंग रोड के जरिए आईएसबीटी, चांदगी राम अखाड़ा और मॉल रोड होते हुए आजादपुर की ओर जा सकते हैं। इसके अलावा वाहन बर्फखाना से आजाद मार्केट और रानी झांसी फ्लाईओवर के रास्ते पंचकुइयां रोड, हनुमान मूर्ति और धौला कुआं की दिशा में भी जा सकते हैं।

    कनॉट प्लेस और केंद्रीय सचिवालय जाने वालों के लिए एडवाइजरी
    दक्षिण दिल्ली से कनॉट प्लेस और केंद्रीय सचिवालय जाने वाले यात्रियों को मदर टेरेसा क्रिसेंट और पार्क स्ट्रीट होते हुए मंदिर मार्ग या बाबा खड़क सिंह मार्ग का इस्तेमाल करने की सलाह दी गई है। एक अन्य विकल्प वंदे मातरम मार्ग और लिंक रोड के जरिए रिंग रोड से पंचकुइयां रोड की ओर जाना है।

    ट्रैफिक पुलिस की अपील
    दिल्ली ट्रैफिक पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि वे यात्रा से पहले ट्रैफिक एडवाइजरी जरूर देखें, समय का अतिरिक्त प्रावधान रखें और संभव हो तो सार्वजनिक परिवहन का उपयोग करें। नियमों का पालन कर सहयोग करने से परेड रिहर्सल के दौरान यातायात व्यवस्था सुचारू रूप से बनी रहेगी।

  • उत्तर भारत में 'कोल्ड वेव' का अलर्ट: दिल्ली से यूपी तक पारा गिरा, पंजाब में तापमान 0°C दर्ज

    उत्तर भारत में 'कोल्ड वेव' का अलर्ट: दिल्ली से यूपी तक पारा गिरा, पंजाब में तापमान 0°C दर्ज

    नई दिल्ली। उत्तर भारत में कड़ाके की ठंड का दौर शुक्रवार को जारी रहा। कश्मीर के अलावा कई जगहों पर रात का तापमान शून्य से नीचे रहा। पंजाब के एसबीएस नगर (नवांशहर) जिले का बल्लोवाल सबसे ठंडा रहा। यहां का न्यूनतम तापमान 0.9 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जोकि सामान्य से 4.3 डिग्री सेल्सियस कम था। इस सीजन में न्यूनतम तापमान में पहली इतनी गिरावट दर्ज की गई।

    हरियाणा का भिवानी 1.5 डिग्री सेल्सियस तापमान
    राज्य के सात जिलों में न्यूनतम तापमान पांच डिग्री सेल्सियस से नीचे रहा। गुरदासपुर में न्यूनतम तापमान 2.7, बठिंडा में तीन और अमृतसर में 3.2 डिग्री सेल्सियस रहा। हरियाणा का भिवानी 1.5 डिग्री सेल्सियस तापमान के साथ राज्य का सबसे ठंडा स्थान रहा।

    भारत मौसम विज्ञान विभाग (आइएमडी) के अनुसार, हरियाणा के अंबाला में न्यूनतम तापमान 5.8 डिग्री, गुरुग्राम में 4.9 डिग्री जबकि फरीदाबाद में 4.9 डिग्री दर्ज किया गया। इसके अलावा, दोनों राज्यों के कई स्थानों पर सुबह के समय कोहरे के कारण ²श्यता कम हो गई। राजस्थान में कड़ाके की सर्दी से कोई राहत नहीं मिली। अलवर, नागौर, फतेहपुर और करौली सहित चार स्थानों पर न्यूनतम तापमान लगभग तीन डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।

    पांच दिनों की शीतलहर के बाद दिल्ली के तापमान में मामूली सुधार
    लगातार पांच दिनों की शीतलहर के बाद शुक्रवार को राजधानी के तापमान में मामूली सुधार देखा गया। दिन में चटक धूप भी खिली, जिसने कंपकंपाती ठंड से राहत दी। दिल्ली का न्यूनतम तापमान 4.3 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से 3.3 डिग्री कम है। सुबह के समय मध्यम से घना कोहरा छाया रहा। आइजीआइ एयरपोर्ट पर सुबह साढ़े सात बजे दृश्यता घटकर 150 मीटर रह गई।

    मौसम विभाग ने शनिवार के लिए मध्यम से घना कोहरा छाने व दिन में आंशिक रूप से बादल रहने का यलो अलर्ट जारी किया है। अगले कुछ दिनों में हल्की वर्षा होने की भी संभावना है।

    सोनमर्ग में बर्फबारी, जम्मू में पारा गिरा
    श्रीनगर में चिल्ले कलां के बीच पर्यटन स्थल सोनमर्ग सहित कश्मीर के अन्य पर्वतीय क्षेत्रों में बर्फबारी से शीतलहर ने शुक्रवार को फिर जोर पकड़ लिया। घाटी के अधिकांश हिस्सों में दिन के पारे में गिरावट आई है। जम्मू में भी कड़ाके की ठंड से कोई राहत नहीं मिली है। वहीं, श्रीनगर में न्यूनतम तापमान माइनस 1.5, पहलगाम में माइनस 2.6, गुलमर्ग में माइनस 2.3, जम्मू में 4.7 और कटड़ा में 2.0 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।

    उत्तराखंड को बर्फबारी का इंतजार
    उत्तराखंड में सुबह और शाम कड़ाके की ठंड ने लोगों को बेहाल कर रखा है। मैदानी क्षेत्रों में घने कोहरे का प्रकोप जारी है, जबकि कई स्थानों पर शीतलहर और शीत दिवस जैसी स्थिति बनी हुई है। मौसम विज्ञान केंद्र ने शनिवार को उत्तरकाशी, चमोली और पिथौरागढ़ ऊंची चोटियों पर बर्फबारी व निचले क्षेत्रों में वर्षा का पूर्वानुमान व्यक्त किया है। हरिद्वार और उधम सिंह नगर के लिए घने कोहरे का यलो अलर्ट जारी किया गया है।

    हिमाचल में हल्का हिमपात
    हिमाचल प्रदेश में रोहतांग सहित ¨शकुला, बारालाचा व कुंजम दर्रे में हल्का हिमपात हुआ। प्रदेश भर में कई स्थानों पर बादल छाए रहे, लेकिन वर्षा नहीं हुई। पर्यटकों सहित किसान व बागवान हिमपात और वर्षा का इंतजार कर रहे हैं। शुक्रवार शाम ऊंची चोटियों व दारचा घाटी सहित मयाड़ व कोकसर घाटी में भी हिमपात हुआ। मनाली घाटी में बादल छाए रहे। लाहुल स्पीति सहित मनाली में हिमपात की उम्मीद बढ़ गई है।

  • केंद्रीय मंत्री गडकरी आज करेंगे 4,400 करोड़ रूपये की 8 राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं का लोकार्पण–शिलान्यास

    केंद्रीय मंत्री गडकरी आज करेंगे 4,400 करोड़ रूपये की 8 राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं का लोकार्पण–शिलान्यास

    भोपाल । मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि 17 जनवरी का दिन मध्यप्रदेश के लिए सौगात भरा होगा। इस दिन केन्द्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी विदिशा जिले में आयोजित कार्यक्रम में 4,400 करोड़ रूपये से अधिक लागत से निर्मित एवं प्रस्तावित 8 राष्ट्रीय राजमार्ग परियाजनाओं का लोकार्पण एवं शिलान्यास करेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि 181 किलोमीटर लम्बी ये परियोजनाएँ मध्य भारत एवं बुंदेलखंड क्षेत्र की सड़क कनेक्टिविटी को मजबूती प्रदान करेंगी और प्रदेश के सड़क एवं परिवहन अवसंरचना विकास की दिशा में एक ओर ऐतिहासिक अध्याय जुड़ेगा।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश को मिल रही ये परियोजनाएं क्षेत्रीय विकास, औद्योगिक गतिविधियों के विस्तार, आवागमन की सुगमता और आर्थिक प्रगति को नई गति प्रदान करेंगी। साथ ही सड़क सुरक्षा को बढ़ावा देने और कुशल, प्रशिक्षित चालकों की उपलब्धता सुनिश्चित करने की दिशा में 3 आधुनिक ड्राइविंग ट्रेनिंग सेंटर परियोजनाओं का भी शिलान्यास किया जाएगा। ये केंद्र सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने, सुरक्षित ड्राइविंग व्यवहार विकसित करने तथा युवाओं को रोजगारोन्मुखी प्रशिक्षण प्रदान करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।

    बेहतर कनेक्टिविटी, कम यात्रा समय और सुरक्षित सड़कें

    इन परियोजनाओं के पूर्ण होने से भोपाल–विदिशा–सागर–राहतगढ़–ब्यावरा सहित प्रमुख औद्योगिक, कृषि एवं पर्यटन मार्गों पर यातायात सुगम होगा। चार-लेन चौड़ीकरण से जहां यात्रा समय में उल्लेखनीय कमी आएगी, वहीं ईंधन की बचत, प्रदूषण में कमी और सड़क सुरक्षा में वृद्धि सुनिश्चित होगी। कई खंडों पर ब्लैक स्पॉट सुधार, अंडरपास तथा ज्यामितीय सुधार किए गए हैं, जिससे दुर्घटनाओं के जोखिम में कमी आएगी।

    ड्राइविंग ट्रेनिंग सेंटर: सड़क सुरक्षा की मजबूत नींव

    MoRTH की पहल के तहत विदिशा और सागर जिलों में प्रस्तावित 3 ड्राइविंग ट्रेनिंग सेंटर आधुनिक प्रशिक्षण सुविधाओं से युक्त होंगे। IDTR एवं RDTC अवधारणा पर विकसित ये केंद्र सुरक्षित, अनुशासित और जिम्मेदार ड्राइविंग को प्रोत्साहित करेंगे, जिससे सड़क दुर्घटनाओं में कमी आएगी। इन तीनों सेंटर का शिलान्यास भी किया जायेगा।

    लोकार्पित होने वाली परियोजनाएँ

    1. रातापानी वन्यजीव अभ्यारण्य क्षेत्र, अब्दुल्लागंज-इटारसी खंड0020

    4-लेन चौड़ीकरण लंबाई 12 किमी

    लागत ₹418 करोड़

    यह परियोजना ओबेदुल्लागंज-इटारसी-बैतूल कॉरिडोर का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है, जो बैतूल के माध्यम से नागपुर तक बेहतर सड़क संपर्क प्रदान करती है। पहले यह खंड दो-लेन का होने के कारण राष्ट्रीय राजमार्ग पर एक प्रमुख बॉटलनेक बना हुआ था, जिससे भारी यातायात जाम की स्थिति उत्पन्न होती थी। चार-लेन चौड़ीकरण के बाद यातायात प्रवाह सुचारू होगा, जिससे लगभग 15–30 मिनट तक का यात्रा समय बचेगा तथा ईंधन की बचत और प्रदूषण में कमी आएगी। परियोजना के अंतर्गत वन्यजीव संरक्षण को प्राथमिकता देते हुए एनिमल अंडरपास एवं साउंड-प्रूफ कॉरिडोर का निर्माण किया गया है, जिससे टाइगर सहित अन्य वन्यजीवों को सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित होगी और मानव-वन्यजीव संघर्ष में कमी आएगी।

    2 देहगांव–बम्होरी मार्ग का निर्माण कार्य

    लंबाई: 27 किमी

    लागतः ₹60 करोड़

    CRIF के अंतर्गत देहगांव से बम्होरी तक 27 किमी लंबाई में सड़क निर्माण किया गया है। यह मार्ग रायसेन जिले को बाटेरा–सिलवानी–सागर मार्ग के माध्यम से सागर से जोड़ता है। परियोजना से किसानों को कृषि उत्पादों के सुरक्षित, तेज़ और सुगम परिवहन की सुविधा मिलेगी तथा मंडियों और बाजारों तक पहुंच आसान होगी। इसके साथ ही शिक्षा, स्वास्थ्य और आपातकालीन सेवाओं तक बेहतर पहुंच सुनिश्चित होगी, जिससे क्षेत्रीय सामाजिक-आर्थिक गतिविधियों को गति मिलेगी।

    शिलान्यास होने वाली परियोजनाएँ

    1. भोपाल-विदिशा खंड का 4-लेन चौड़ीकरण

    लंबाई 42 किमी

    लागत ₹1,041 करोड़

    यह परियोजना भोपाल-कानपुर कॉरिडोर का एक प्रमुख हिस्सा है, जिसका उद्देश्य मौजूदा मार्ग को हाई-कैपेसिटी नेशनल हाईवे मानकों के अनुरूप विकसित करना है। परियोजना से अंतर-जिला एवं अंतर-राज्यीय यातायात अधिक सुगम होगा तथा लंबी दूरी और माल ढुलाई ट्रैफिक की आवाजाही सुरक्षित एवं तेज़ बनेगी। इस मार्ग से रायसेन जिले में स्थित यूनेस्को विश्व धरोहर स्थल सांची तक बेहतर कनेक्टिविटी मिलेगी, जिससे पर्यटन, व्यापार और क्षेत्रीय विकास को प्रोत्साहन मिलेगा।

    2. विदिशा-ग्यारसपुर खंड का 4-लेन चौड़ीकरण

    लंबाई 29 किमी

    लागत ₹543 करोड़

    इस परियोजना से विदिशा और आसपास के क्षेत्रों के बीच यात्रा समय में उल्लेखनीय कमी आएगी। चौड़ीकरण और ज्यामितीय सुधारों से सड़क सुरक्षा एवं ड्राइविंग आराम में वृद्धि होगी। परियोजना से सांची जैसे ऐतिहासिक स्थलों तक बेहतर पहुंच सुनिश्चित होगी तथा विदिशा जिले के उच्च गुणवत्ता वाले गेहूं एवं अन्य कृषि उत्पादों के परिवहन को बढ़ावा मिलेगा।

    3. ग्यारसपुर-राहतगढ़ खंड का 4-लेन चौड़ीकरण

    लंबाई 36 किमी

    लागत ₹903 करोड़

    यह खंड क्षेत्रीय एवं लंबी दूरी की कनेक्टिविटी को मजबूत करेगा। परियोजना से यात्रा समय में कमी, सड़क सुरक्षा में सुधार और माल ढुलाई को गति मिलेगी। व्यापार, लॉजिस्टिक गतिविधियों और स्थानीय पर्यटन को बढ़ावा मिलने से क्षेत्रीय आर्थिक विकास को मजबूती मिलेगी।

    4 राहतगढ़-बेरखेड़ी खंड का 4-लेन चौड़ीकरण

    लंबाई: 10 किमी

    लागतः ₹731 करोड़

    यह परियोजना राष्ट्रीय एवं अंतर-राज्यीय यातायात के लिए सड़क क्षमता बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। चौड़ीकरण से यातायात सुचारू होगा और दुर्घटनाओं के जोखिम में कमी आएगी। इसके माध्यम से व्यापार, कृषि उत्पादों के परिवहन और क्षेत्रीय आर्थिक गतिविधियों को गति मिलेगी।

    5. सागर वेस्टर्न बायपास (ग्रीनफील्ड) का 4-लेन निर्माण

    लंबाई 20.2 किमी

    लागत ₹688 करोड़

    यह परियोजना NH-146 को सीधे NH-44 से जोड़ने के उद्देश्य से प्रस्तावित है, जिससे सागर शहर के भीतर से गुजरने वाले ट्रैफिक को बाहर डायवर्ट किया जा सकेगा। बायपास के निर्माण से यात्रा समय में लगभग 70% तक की कमी आएगी और लॉजिस्टिक दक्षता में उल्लेखनीय सुधार होगा। शहरी ट्रैफिक जाम में कमी, ईंधन बचत और परिवहन लागत में कमी के साथ यह परियोजना क्षेत्रीय व्यापार और आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा देगी।

    6. भोपाल–ब्यावरा खंड पर 05 अंडरपास (LVUP/VUP)

    लंबाई 5 किमी

    लागत ₹122 करोड़

    यह परियोजना ब्लैकस्पॉट सुधार के तहत विकसित की जा रही है, जिससे सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाई जा सके। अंडरपास निर्माण से हाईवे एवं स्थानीय मार्गों के बीच सुरक्षित और बाधारहित यातायात सुनिश्चित होगा। परियोजना से ग्रामीण-शहरी कनेक्टिविटी मजबूत होगी तथा व्यापार, कृषि और सामाजिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा।

  • BMC में बुरी तरह हारी सपा, तो अबू आजमी बोले- आम आदमी के लिए चुनाव, जीतना मुश्किल हो गया है

    BMC में बुरी तरह हारी सपा, तो अबू आजमी बोले- आम आदमी के लिए चुनाव, जीतना मुश्किल हो गया है


    नई दिल्ली । पूर्व भारतीय क्रिकेटर मनोज तिवारी के बयान से एक नया विवाद खड़ा हो गया है. तिवारी के मुताबिक भारतीय क्रिकेट टीम के मुख्य कोच गौतम गंभीर ने रोहित शर्मा को वनडे कप्तानी से हटाने में अहम भूमिका निभाई. तिवारी का कहना है कि यह फैसला सीधे तौर पर नहीं लिया गया थाबल्कि चयन समिति के प्रमुख अजीत अगरकर पर प्रभाव डालकर इसे लागू किया गया. भारतीय क्रिकेट नियंत्रण बोर्ड BCCI ने जब पिछले साल अक्टूबर में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ तीन मैचों की वनडे सीरीज के लिए भारतीय टीम घोषित की थीतब रोहित शर्मा के स्थान पर शुभमन गिल को नया कप्तान बनाया गया था.
    इस निर्णय ने क्रिकेट जगत में कई सवाल खड़े कर दिए थे क्योंकि रोहित वनडे क्रिकेट में बेहतरीन फॉर्म में थे और 2027 विश्व कप को ध्यान में रखते हुए अपनी तैयारी कर रहे थे.मनोज तिवारी ने भारत के लिए 12 ओडीआई मैचों में 287 और 3 टी20 इंटरनेशनल मुकाबले में 15 रन बनाए थे. तिवारी ने स्पोर्ट्स टुडे से कहा’अजीत आगरकर मजबूत व्यक्तित्व हैं और खुद निर्णय लेने में सक्षम हैं. लेकिन इतना बड़ा फैसला अकेले नहीं लिया जा सकता. पर्दे के पीछे कई चीजें होती हैं. इसमें कोच की इनपुट जरूर रही होगी.
    रोहित का उत्साह कम हो चुका: मनोज तिवारी
    मनोज तिवारी को इस बात पर संदेह है कि रोहित शर्मा को हटाने का फैसला पूर्णत: सेलेक्शन पैनल का था. तिवारी का कहना है कि गौतम गंभीर का दृष्टिकोण इसमें शामिल रहा होगा. तिवारी ने यह भी कबूल किया कि रोहित शर्मा को कप्तानी से हटाए जाने के बाद उनकी ODI प्रारूप में रुचि कम हो गई है. उन्होंने कहा कि रोहित पहले की तरह एनिमेटेड नजर नहीं आते और मैदान पर उनका उत्साह कम दिखता है.मनोज तिवारी ने कहा’मैंने रोहित के साथ खेला है. उनको हटाया जाना काफी असम्मानजनक लगा. इतने बड़े खिलाड़ी के साथ ऐसा व्यवहार नहीं होना चाहिए था.’ तिवारी ने रोहित शर्मा के नेतृत्व और प्रदर्शन का बचाव करते हुए कहा कि रोहित एक मंझे कप्तान हैं और उन्हें हटाने का कोई क्रिकेटिंग लॉजिक नहीं था.
    मनोज तिवारी ने कहा कि रोहित शर्मा ने बतौर कप्तान दो ICC ट्रॉफी जीती हैं. 2023 वर्ल्ड कप फाइनल में भी भारत जीत सकता था. तिवारी का मानना है कि रोहित की क्षमता पर संदेह करना गलत था और उनका 2027 तक खेलना बिल्कुल संभव है. तिवारी ने यह भी कहा कि यदि कप्तानी की जिम्मेदारी युवा खिलाड़ी को देनी ही थीतो प्रोसेस को धीरे-धीरे और सम्मानजनक तरीके से लागू किया जा सकता था.मनोज तिवारी के इन आरोपों पर अब तक बीसीसीआईअजीत आगरकर या गौतम गंभीर की ओर से कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है. हालांकितिवारी का बयान अब सोशल मीडिया पर तेजी से चर्चा में है. क्रिकेट प्रशंसक इस फैसले को लेकर दो धड़ों में बंटे दिखाई दे रहे हैं.
  • दिल्ली विधानसभा विवाद मामले में AAP का जवाब, आतिशी के वॉइस सैंपल की नहीं जरूरत, बस कान चाहिए!

    दिल्ली विधानसभा विवाद मामले में AAP का जवाब, आतिशी के वॉइस सैंपल की नहीं जरूरत, बस कान चाहिए!


    नई दिल्ली।  दिल्ली विधानसभा में नेता विपक्ष और AAP की नेता आतिशी को लेकर जारी विवाद अब सियासी घमासान का रूप ले चुका है। भाजपा नेता और दिल्ली सरकार के मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने सवाल उठाया कि जब आतिशी का वॉइस सैंपल लिया ही नहीं गया, तो वीडियो की फॉरेंसिक जांच कैसे संभव हुई। सिरसा का आरोप है कि आतिशी ने गुरुओं का अपमान किया, लेकिन पंजाब पुलिस मामले में उनके झूठ को छुपाने का काम कर रही है।
    उन्होंने कहा कि दिल्ली में उनके एक अधिकारी की ऑडियो जांच इस आधार पर रोकी गई थी कि वॉइस सैंपल नहीं मिला, जबकि पंजाब पुलिस बिना वॉइस सैंपल के ही जांच कर रही है।

    इस पर AAP ने शुक्रवार को जवाब दिया। पार्टी के संयोजक और पूर्व मंत्री सौरभ भारद्वाज ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में स्पष्ट कहा कि वीडियो में विवादित गुरु शब्द का इस्तेमाल नहीं हुआ, इसलिए किसी वॉइस सैंपल की जरूरत ही नहीं थी। उन्होंने कहा, “सिरसा जी कह रहे थे कि आतिशी का वॉइस सैंपल लिया नहीं गया, लेकिन इसमें वॉइस सैंपल की क्या जरूरत? किसी के वॉइस में गुरु शब्द ही नहीं आ रहा है। इसके लिए सिर्फ कान चाहिए। अगर सिरसा जी ध्यान से सुनेंगे, तो उन्हें भी सुनाई दे जाएगा।

    सौरभ भारद्वाज ने प्रिवलेज कमिटी के लेटर के मीडिया तक लीक होने पर भी सवाल उठाया। उन्होंने कहा कि यदि यह लीक उनके दफ्तर से हुआ है, तो कार्रवाई होनी चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि यह मीडिया के लिए किया जा रहा है, न कि प्रिवलेज कमिटी के लिए।

    विश्लेषकों का कहना है कि इस मामले में सियासी टकराव और बढ़ गया है। BJP और AAP दोनों ने अपने-अपने पक्ष में बयान जारी किए हैं। सिरसा का आरोप है कि AAP अपने झूठ और विवाद को छुपाने के लिए फॉरेंसिक जांच का राजनीतिक इस्तेमाल कर रही है, जबकि AAP का जवाब है कि जांच साफ-सुथरी और कानूनी तौर पर वैध है, क्योंकि वीडियो में विवादित शब्द मौजूद ही नहीं है।

    इस विवाद ने दिल्ली विधानसभा में राजनीतिक माहौल को और गरम कर दिया है। जनता और विपक्ष दोनों ही इस मुद्दे पर निगाह बनाए हुए हैं, और सियासी घमासान अब और तेज होने की संभावना है।

  • BMC चुनाव 2026: 22 शहरों में जीरो, मुंबई में भी दहाई का आंकड़ा नहीं, MNS का करारी हार का अलार्म, राज ठाकरे की पार्टी बेहाल

    BMC चुनाव 2026: 22 शहरों में जीरो, मुंबई में भी दहाई का आंकड़ा नहीं, MNS का करारी हार का अलार्म, राज ठाकरे की पार्टी बेहाल


    नई दिल्ली। महाराष्ट्र में BMC समेत 29 नगर निगम क्षेत्रों के 2869 वार्डों के लिए हुए चुनाव में बीजेपी और उसके गठबंधन ने निर्णायक बढ़त बनाई है। बीएमसी में पहली बार बीजेपी बहुमत की ओर बढ़ती दिख रही है, जबकि एकनाथ शिंदे की शिवसेना ने 282 वार्डों में बढ़त दर्ज की है।

    राज ठाकरे की पार्टी MNS का प्रदर्शन बेहद निराशाजनक रहा। मुंबई की 227 सीटों में MNS केवल 5 सीटों पर बढ़त दर्ज कर पा रही है। कल्याण-डोंबिवली में 122 सीटों में सिर्फ 4 सीट, ठाणे की 131 सीटों में केवल 1 सीट, नासिक की 122 सीटों में सिर्फ 2 सीट और नवी मुंबई की 1 सीट पर ही पार्टी आगे है।

    पूरे महाराष्ट्र में MNS को केवल 12 सीटें मिलीं, जबकि 22 शहरों में पार्टी का खाता तक नहीं खुला। इन शहरों में पुणे, नागपुर, कोल्हापुर, सांगली-मिरज, मीरा-भायंदर, वसई-विरार, भिवंडी, पनवेल, परभणी, जलगांव, धुले, नांदेड़, लातूर, अमरावती, अकोला और चंद्रपुर शामिल हैं।

    बीजेपी गठबंधन का प्रदर्शन जोरदार रहा। बीजेपी ने 1064 वार्डों में बढ़त बनाई, वहीं एकनाथ शिंदे की शिवसेना ने 282 वार्डों में बढ़त दर्ज की। कांग्रेस को 222 सीटें मिली हैं।
    मुंबई में ठाकरे ब्रदर्स ने साथ आकर चुनाव लड़ा, लेकिन MNS को केवल 5 सीटें ही मिलीं।

    पुणे और नासिक में राज ठाकरे ने खास जोर लगाया था, लेकिन परिणाम बेहद कमजोर रहे।
    विश्लेषकों का कहना है कि बीजेपी और शिंदे की शिवसेना ने महाराष्ट्र नगर निगम चुनाव में अपनी पकड़ मजबूत कर दी है। दूसरी ओर, MNS और उद्धव की शिवसेना का प्रदर्शन निराशाजनक रहा, जिससे राज ठाकरे की राजनीतिक चमक पर सवाल खड़े हो गए हैं।
    इस चुनाव से यह साफ हो गया है कि महाराष्ट्र में बीजेपी गठबंधन की ताकत और विस्तार लगातार बढ़ रहा है, जबकि MNS अब सिर्फ कुछ शहरों तक ही सीमित नजर आ रही है।
  • जज यशवंत वर्मा कैश कांड, सुप्रीम कोर्ट ने लोकसभा जांच कमेटी को वैध ठहराया

    जज यशवंत वर्मा कैश कांड, सुप्रीम कोर्ट ने लोकसभा जांच कमेटी को वैध ठहराया


    नई दिल्ली। इलाहाबाद हाई कोर्ट के जज यशवंत वर्मा से जुड़े कैश कांड में सुप्रीम कोर्ट ने बड़ा फैसला सुनाया है। कोर्ट ने उनकी याचिका खारिज कर दी, जिसमें उन्होंने लोकसभा द्वारा गठित जांच कमेटी की वैधता पर सवाल उठाया था।

    सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट किया कि लोकसभा की कार्रवाई कानूनी है और जजेस इंक्वायरी एक्ट, 1968 के तहत पूरी तरह वैध है। कोर्ट ने कहा कि जस्टिस वर्मा को हटाने के लिए दोनों सदनों की सहमति जरूरी है, लेकिन जांच कमेटी का गठन सिर्फ लोकसभा की ओर से करना कानून के तहत सही है।

    जांच कमेटी के अध्यक्ष सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस अरविंद कुमार हैं, जबकि सदस्य मद्रास हाई कोर्ट के जस्टिस मनिंद्र मोहन श्रीवास्तव और वरिष्ठ वकील बी.वी. आचार्य हैं।

    जस्टिस वर्मा को 24 जनवरी, 2026 को व्यक्तिगत रूप से कमेटी के सामने पेश होना होगा। इस तारीख के बाद पूरी जांच कमेटी के अधीन आगे बढ़ेगी।
    14 मार्च, 2025 को जस्टिस वर्मा के दिल्ली निवास में आग लगी थी। आग बुझाने के दौरान बड़ी मात्रा में जला हुआ कैश मिला था, जिसके बाद उन्हें इलाहाबाद हाई कोर्ट में ट्रांसफर कर दिया गया और न्यायिक कार्य से अस्थायी रूप से अलग किया गया।
    सुप्रीम कोर्ट का यह फैसला साफ करता है कि लोकसभा की जांच कमेटी वैध है और जस्टिस वर्मा की याचिका का कोई असर नहीं होगा।