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  • नेपाल त्रासदी में अपनों का इंतजार, बीमार माता-पिता से छिपाया बेटा-बहू के लापता होने का दर्द, टीवी-अखबार कराया बंद

    नेपाल त्रासदी में अपनों का इंतजार, बीमार माता-पिता से छिपाया बेटा-बहू के लापता होने का दर्द, टीवी-अखबार कराया बंद

    कानपुर। नेपाल में आई भीषण त्रासदी के बाद कानपुर के एक परिवार की उम्मीदें अब भी अपनों की वापसी पर टिकी हैं। श्यामनगर निवासी और अमेरिकी नागरिक पंकज मिश्रा, उनकी पत्नी रागिनी मिश्रा और छोटे भाई की पत्नी पूनम मिश्रा का 25 अगस्त के बाद से कोई पता नहीं चल सका है। परिवार को अब भी उनके सुरक्षित मिलने की उम्मीद है। वहीं, बेटे और बहू के लापता होने की खबर बुजुर्ग माता-पिता से इसलिए छिपाई जा रही है, क्योंकि दोनों हृदय रोगी हैं। उन्हें जानकारी न मिले, इसके लिए घर में आने वाला अखबार बंद करा दिया गया है और टीवी का कनेक्शन भी कटवा दिया गया है।

    श्यामनगर के ई-ब्लॉक निवासी राजेंद्र मिश्रा सेवानिवृत्त एयरफोर्स कर्मी हैं। परिवार में पत्नी सुमन मिश्रा और तीन बेटे पंकज, धीरज और अनुज हैं। पंकज पत्नी रागिनी और बेटे अरमान के साथ अमेरिका में रहते हैं। उनके छोटे भाई धीरज भी पत्नी पूनम, बेटे ध्रुव और बेटी मानसी के साथ अमेरिका में रहते हैं। पंकज, धीरज और पूनम सॉफ्टवेयर इंजीनियर हैं, जबकि रागिनी सरकारी शिक्षिका हैं। परिवार के सभी सदस्य अमेरिका के नागरिक हैं।

    कैलाश मानसरोवर यात्रा के लिए काठमांडू गए थे
    परिवार के मुताबिक, 20 अगस्त को सभी लोग अमेरिका से फ्लाइट से दिल्ली पहुंचे थे। इसके बाद दिल्ली से कैलाश मानसरोवर यात्रा के लिए काठमांडू रवाना हुए। इससे पहले उन्होंने नेपाल में पशुपतिनाथ मंदिर के दर्शन भी किए थे। उनके साथ कुल 31 लोग थे, जिनमें 26 पर्यटक और पांच गाइड शामिल थे।

    श्यामनगर में रहने वाले सबसे छोटे भाई डॉ. अनुज मिश्रा ने बताया कि आखिरी बार 25 अगस्त को उनकी भाई पंकज से बात हुई थी। इसके बाद से पंकज, रागिनी और पूनम से संपर्क नहीं हो सका है। परिवार लगातार फोन मिलाने की कोशिश कर रहा है, लेकिन कोई जवाब नहीं मिल रहा। नेपाल में आई त्रासदी के बाद से परिजनों की चिंता लगातार बढ़ती जा रही है। परिवार नेपाल के पीएमओ से भी संपर्क करने की कोशिश कर रहा है।

    माता-पिता को बताया- फोन पर संपर्क नहीं हो पा रहा
    अनुज ने बताया कि उनके पिता राजेंद्र और मां सुमन दोनों हृदय रोगी हैं। ऐसे में परिवार ने उन्हें नेपाल में अपनों के लापता होने की जानकारी नहीं दी है। माता-पिता बार-बार बेटे और बहू से बात कराने के लिए कह रहे हैं तो परिजन उन्हें फोन पर संपर्क नहीं हो पाने की बात बताकर टाल रहे हैं।

    बुजुर्ग माता-पिता को किसी तरह खबर न मिल जाए, इसके लिए घर में आने वाला अखबार बंद करा दिया गया है। टीवी का कनेक्शन भी कटवा दिया गया है। परिवार इस समय एक तरफ अपनों के सुरक्षित लौटने की प्रार्थना कर रहा है, वहीं दूसरी ओर माता-पिता से सच्चाई छिपाने की मजबूरी से जूझ रहा है।

    ‘बहन राखी भेजती थी, इस बार मन बेचैन है’
    पीरोड में रहने वाले रागिनी मिश्रा के भाई प्रवीण द्विवेदी ने बताया कि रक्षाबंधन पर उनकी बहन हर साल राखी भेजती थीं। इस बार भी उन्होंने राखी भेजी थी, लेकिन अब बहन, बहनोई और उनकी देवरानी के लापता होने की खबर ने पूरे परिवार को बेचैन कर दिया है। प्रवीण ने कहा कि परिवार लगातार उनके सुरक्षित मिलने की उम्मीद लगाए बैठा है। हर फोन कॉल और हर नई सूचना के साथ परिजनों की उम्मीदें जुड़ी हुई हैं।

  • यूपी चुनाव से पहले मायावती का मंथन, बोलीं- विरोधी अपना सकते हैं कई हथकंडे, बसपा कार्यकर्ता रहें सावधान

    यूपी चुनाव से पहले मायावती का मंथन, बोलीं- विरोधी अपना सकते हैं कई हथकंडे, बसपा कार्यकर्ता रहें सावधान

    लखनऊ। आगामी उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव को लेकर बसपा सुप्रीमो मायावती ने सोमवार को लखनऊ में पार्टी की अहम बैठक की। इसमें प्रदेश के सभी राज्य स्तरीय पदाधिकारी और सभी 75 जिलों के जिलाध्यक्ष शामिल हुए। दिवंगत विधायक उमाशंकर सिंह के बेटे युकेश भी बैठक में मौजूद रहे। बैठक में चुनावी तैयारियों के साथ संगठन की प्रगति की समीक्षा की गई।

    मायावती ने पार्टी नेताओं से चुनाव की तैयारियों में तेजी लाने और बदलते राजनीतिक हालात के अनुसार संगठन को और प्रभावी बनाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि विरोधी दल साम, दाम, दंड और भेद जैसे हथकंडे अपना सकते हैं, इसलिए बसपा कार्यकर्ताओं को मजबूती से उनका सामना करने के लिए तैयार रहना होगा।

    मायावती ने कहा कि बसपा उत्तर प्रदेश में पांचवीं बार ऐसी सरकार बनाने के लक्ष्य के साथ काम करेगी, जिसमें कानून के जरिए बेहतर कानून का राज स्थापित हो और ‘सर्वजन हिताय-सर्वजन सुखाय’ के उद्देश्य को पूरा किया जा सके।

    ‘चुनावी रेवड़ियों और लुभावने वादों से रहें सावधान’
    बसपा प्रमुख ने चुनाव के दौरान किए जाने वाले वादों और घोषणाओं को लेकर पार्टी कार्यकर्ताओं और जनता को आगाह किया। उन्होंने कहा कि चुनाव से पहले महिलाओं समेत विभिन्न वर्गों को निजी लाभ देने वाली योजनाओं, लुभावने वादों और घोषणाओं के जरिए मतदाताओं को प्रभावित करने की कोशिश की जाती है।

    उन्होंने कहा कि चुनाव के बाद इन्हीं वादों को लेकर वादाखिलाफी की शिकायतें सामने आती हैं। इसलिए जनता को विरोधी दलों के छलावे और विश्वासघात से बचना चाहिए और अपने विवेक से स्वतंत्र एवं निष्पक्ष होकर मतदान करना चाहिए।

    9 अक्टूबर को कांशीराम की पुण्यतिथि पर बड़ा कार्यक्रम
    बैठक में बसपा संस्थापक मान्यवर कांशीराम की 9 अक्टूबर को होने वाली पुण्यतिथि के कार्यक्रम की तैयारियों पर भी चर्चा हुई। मायावती ने बताया कि इस बार कार्यक्रम लखनऊ में वीआईपी रोड स्थित बौद्ध स्मृति उपवन के सामने विकसित किए गए ‘मान्यवर श्री कांशीराम जी स्मारक स्थल’ में आयोजित किया जाएगा।

    पार्टी के मुताबिक कार्यक्रम में पश्चिमी उत्तर प्रदेश सहित प्रदेशभर से लोग शामिल होंगे और कांशीराम को श्रद्धांजलि देंगे। बसपा ने कार्यक्रम को ‘कांशीराम का मिशन अधूरा, बीएसपी करेगी पूरा’ और ‘बहनजी करेंगी पूरा’ जैसे संकल्पों के साथ आयोजित करने की बात कही है।

    नेपाल की बाढ़ पर जताई चिंता
    मायावती ने पड़ोसी देश नेपाल में बाढ़ से हुए जान-माल के भारी नुकसान पर भी चिंता जताई। उन्होंने प्रभावित परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए केंद्र और राज्य सरकारों से बाढ़ प्रभावित लोगों तक हरसंभव मदद तत्काल पहुंचाने की अपील की। उन्होंने कहा कि आपदा योजनाओं का लाभ जरूरतमंद परिवारों तक समय पर पहुंचना चाहिए। मायावती ने कहा कि बाढ़ हर साल आने वाली त्रासदी है, इसलिए इसके स्थायी समाधान के लिए भी गंभीरता से प्रयास किए जाने चाहिए।

  • अखिलेश का योगी सरकार पर हमला, बोले- विपक्ष को बदनाम करने AI वीडियो बनाकर वायरल कर रही सरकार

    अखिलेश का योगी सरकार पर हमला, बोले- विपक्ष को बदनाम करने AI वीडियो बनाकर वायरल कर रही सरकार

    लखनऊ। सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने सोमवार को लखनऊ में मीडिया से बातचीत के दौरान योगी सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार विपक्षी नेताओं को बदनाम करने के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) से वीडियो तैयार कराकर वायरल कर रही है। अखिलेश ने कहा, ‘सरकार हमें बदनाम करने के लिए बच्चों के खेल न खेले। AI में हम उनसे काफी आगे हैं।’

    प्रेस कॉन्फ्रेंस में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को लेकर बनाया गया एक AI वीडियो भी दिखाया गया। इसमें प्रदेश की कानून-व्यवस्था समेत कई मुद्दों को लेकर सरकार पर सवाल उठाए गए। अखिलेश ने कहा कि सरकार अगर AI का इस्तेमाल विपक्ष को बदनाम करने के लिए करेगी तो वे भी इस तकनीक में उसे पीछे छोड़ देंगे। उन्होंने सरकार को ऐसी गतिविधियों से बचने की नसीहत दी।

    ‘यूपी में बड़े पैमाने पर लूट, सबसे ज्यादा भ्रष्ट सरकार’
    सपा प्रमुख ने प्रदेश सरकार पर भ्रष्टाचार के आरोप भी लगाए। उन्होंने कहा, ‘प्रदेश में इस समय बड़े पैमाने पर लूट हो रही है। यह अब तक यूपी की सबसे ज्यादा भ्रष्ट सरकार है।’ उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार स्कूल बंद करवा रही है। अखिलेश ने कहा कि सपा बंद किए गए स्कूलों में जाकर कार्यक्रम करेगी और लोगों को सरकार के कामकाज की जानकारी देगी।

    एक्सप्रेसवे में गड्ढों को लेकर सरकार पर सवाल
    अखिलेश ने कानपुर-लखनऊ एक्सप्रेसवे की गुणवत्ता पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा बनाए गए एक्सप्रेसवे में गड्ढे हो गए हैं। अब इसके डिजाइन में गड़बड़ी की बात कही जा रही है। उन्होंने सवाल किया कि अगर डिजाइन में गलती हुई है तो इसके लिए जिम्मेदार कौन है।

    उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा उद्घाटित एक एक्सप्रेसवे की स्थिति पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि उसमें भी गड्ढे हो गए हैं। अखिलेश ने आरोप लगाया कि पीडब्ल्यूडी में बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार हो रहा है।

    ‘कुंभ से अब तक एक लाख करोड़ से ज्यादा खर्च, विकास कहां हुआ?’
    अखिलेश ने प्रयागराज में हुए खर्च को लेकर भी सरकार को घेरा। उन्होंने कहा कि कुंभ से लेकर अब तक प्रयागराज में एक लाख करोड़ रुपये से ज्यादा खर्च हो चुका है। इसके बावजूद सवाल यह है कि वास्तव में कितना विकास हुआ। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश में भ्रष्टाचार चरम पर है और पूरा राज्य भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ गया है।

    जयंत चौधरी पर बोले अखिलेश- ‘भाजपा 61 सीटें दे तो सम्मान होगा’
    अखिलेश यादव ने केंद्रीय मंत्री जयंत चौधरी को लेकर भी भाजपा पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि भाजपा अगर जयंत चौधरी को 61 सीटें देती है तो इसे उनका सम्मान माना जाएगा। इससे कम सीटें मिलने पर यह उनका अपमान होगा।

  • कौशाम्बी में पटाखा फैक्टरी में भीषण विस्फोट, मनौरी बाजार दहला, 5 की मौत, कई की हालत नाजुक

    कौशाम्बी में पटाखा फैक्टरी में भीषण विस्फोट, मनौरी बाजार दहला, 5 की मौत, कई की हालत नाजुक

    कौशाम्बी। पिपरी थाना क्षेत्र के मनौरी बाजार में सोमवार दोपहर पटाखा फैक्टरी में भीषण आग लगने के बाद लगातार कई धमाके हुए। करीब 12 बजे हुए विस्फोटों से पूरा इलाका दहल उठा। धमाकों की आवाज दो से तीन किलोमीटर दूर तक सुनाई दी। फैक्टरी के आसपास बने 15 से ज्यादा मकान धराशायी हो गए। प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक हादसे में पांच लोगों की मौत हो गई है, जबकि दर्जनभर से अधिक लोग गंभीर रूप से झुलसे हैं। इनमें कई की हालत बेहद नाजुक बताई जा रही है।

    विस्फोट के बाद उठे धुएं के गुबार ने आसपास के इलाके को ढक लिया। बाजार में भगदड़ जैसी स्थिति बन गई और लोग घरों से बाहर निकल आए। धमाका इतना तेज था कि मकानों की ईंट और मलबा करीब 250 मीटर दूर स्थित रेलवे पुल तक जा पहुंचा। मलबे में कई लोगों के दबे होने की आशंका है।

    फैक्टरी में मौजूद थे करीब दर्जनभर लोग
    बताया जा रहा है कि बस्ती से कुछ दूरी पर एक मकान में पटाखा फैक्टरी संचालित हो रही थी। हादसे के समय फैक्टरी के अंदर करीब दर्जनभर लोगों के मौजूद होने की सूचना है। अचानक मकान से धुआं उठने के बाद पटाखों में विस्फोट शुरू हो गया। इसके बाद एक के बाद एक कई धमाके हुए।

    आसपास के ग्रामीण मौके पर पहुंचे, लेकिन लगातार हो रहे विस्फोटों के कारण फैक्टरी के अंदर जाना मुश्किल था। मकान के ऊपर से बिजली के तार भी गुजर रहे थे। आग और विस्फोट की वजह अभी स्पष्ट नहीं हो सकी है।

    जेसीबी से मलबा हटाकर तलाशे जा रहे लोग
    हादसे की सूचना मिलते ही कौशाम्बी और प्रयागराज जिले के पुलिस एवं प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंच गए। दो थानों की पुलिस फोर्स के साथ राहत और बचाव दल को लगाया गया है। जेसीबी और अन्य संसाधनों की मदद से मलबा हटाकर उसमें दबे लोगों की तलाश की जा रही है।

    घायलों को एंबुलेंस से अस्पताल भेजा गया। गंभीर रूप से झुलसे लोगों को प्रयागराज के एसआरएन अस्पताल रेफर किया गया है। कौशाम्बी के डीएम डॉ. अमित पाल ने मेडिकल कॉलेज अस्पताल पहुंचकर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। डॉक्टरों को अलर्ट मोड पर रखा गया है।

    सेना और एयरफोर्स के जवान भी रेस्क्यू में जुटे
    हादसे की गंभीरता को देखते हुए सेना के जवानों को भी मौके पर बुलाया गया है। एयरफोर्स के जवान राहत और बचाव अभियान में शामिल होकर मलबे में फंसे लोगों को निकालने में जुटे हैं।

    प्रयागराज के एडीजी, आईजी, डीआईजी और अपर पुलिस आयुक्त के अलावा कौशाम्बी के डीएम और एसपी समेत दोनों जिलों के वरिष्ठ अधिकारी मौके पर मौजूद हैं। एडीएम सिटी प्रयागराज और एसीपी डॉ. अजय पाल शर्मा भी बचाव अभियान की निगरानी कर रहे हैं।

    आसपास के इलाकों में दहशत
    लगातार हुए धमाकों से मनौरी बाजार और आसपास के इलाकों में दहशत फैल गई। कई मकानों के शीशे टूट गए और बड़ी संख्या में लोग सुरक्षित स्थानों की ओर चले गए। प्रशासन ने इलाके में सुरक्षा बढ़ा दी है।

    फिलहाल प्राथमिकता मलबे में दबे लोगों को बाहर निकालने और घायलों को तत्काल उपचार उपलब्ध कराने की है। फैक्टरी में आग लगने और उसके बाद हुए भीषण विस्फोट का वास्तविक कारण जांच के बाद ही सामने आएगा।

  • UP: कुशीनगर में गंडक नदी में मिले 4 और शव, नेपाल बाढ़ के बाद अब तक 13 शव बरामद

    UP: कुशीनगर में गंडक नदी में मिले 4 और शव, नेपाल बाढ़ के बाद अब तक 13 शव बरामद


    नई दिल्ली।
    नेपाल (Nepal) में आई भीषण बाढ़ (Devastating floods) की तबाही का असर अब सीमा पार उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) में भी दिखने लगा है. कुशीनगर (Kushinagar) में गंडक नदी (Gandak River) से रविवार को चार और शव बरामद किए गए. पिछले चार दिनों में नदी से अब तक कुल 13 शव निकाले जा चुके हैं, जिनके नेपाल से बहकर आने की आशंका जताई जा रही है।

    रविवार को SDRF की टीम छितौनी बांध के भेड़ियारी ठोकर नंबर-3 के पास नदी की निगरानी कर रही थी. इसी दौरान जवानों को पानी में चार शव दिखाई दिए. टीम नदी में उतरी और सभी को बाहर निकाल लिया. इनमें दो महिलाएं और दो पुरुष हैं. इससे एक दिन पहले भी इसी इलाके में तीन शव मिले थे. बरामद शवों की जानकारी नेपाल के पड़ोसी जिले के अधिकारियों को दे दी गई है. हालांकि, अभी तक किसी की पहचान नहीं हो पाई है।

    खड्डा थाने के पुलिस अधिकारी संदीप कुमार सिंह के मुताबिक, जरूरी औपचारिकताएं पूरी करने के बाद चारों शवों को मोर्चरी भेज दिया गया. कुशीनगर की मोर्चरी में जगह भर जाने के कारण बाकी शवों को गोरखपुर भेजा गया है. पुलिस शवों की पहचान कराने की कोशिश कर रही है, ताकि पता चल सके कि इनमें नेपाल के बाढ़ प्रभावित लोग कौन हैं.


    नेपाल में बाढ़ से भारी तबाही

    नेपाल में 26 अगस्त को तिब्बत सीमा के पास ग्लेशियर टूटने के बाद भारी बाढ़ आई थी. बर्फ, चट्टानों और मलबे के तेज बहाव ने कई गांवों को अपनी चपेट में ले लिया. बुनियादी ढांचे को नुकसान पहुंचा, जबकि कई हाइड्रोपावर स्टेशन भी तबाह हो गए. भोटेकोशी नदी के रास्ते आगे बढ़े बाढ़ के पानी ने उत्तरी और मध्य नेपाल में भारी तबाही मचाई. नेपाल में रविवार तक बाढ़ से मरने वालों की संख्या 788 पहुंच गई थी. वहीं, 2,500 से ज्यादा लोग अब भी लापता बताए गए हैं।

    विदेश मंत्रालय के मुताबिक, नेपाल में 275 से ज्यादा भारतीय नागरिक संपर्क से बाहर हैं. इनके अलावा 128 भारतीय मूल के लोगों से भी संपर्क नहीं हो पाया है. रविवार को मंत्रालय ने 149 लोगों के सुरक्षित बचाए जाने की सूची जारी की. कुशीनगर में मिले शवों की पहचान होने के बाद ही यह साफ हो सकेगा कि इनमें नेपाल के बाढ़ प्रभावित लोग शामिल हैं या नहीं।

  • भारत-उज्बेकिस्तान के बीच यूरेनियम को लेकर बड़ी डील, UPI- वीजा फ्री एंट्री समेत हुए 16 अहम समझौते

    भारत-उज्बेकिस्तान के बीच यूरेनियम को लेकर बड़ी डील, UPI- वीजा फ्री एंट्री समेत हुए 16 अहम समझौते


    ताशकंद।
    भारत (India) और उज्बेकिस्तान (Uzbekistan) ने रविवार को असैन्य परमाणु ऊर्जा क्षेत्र में सहयोग बढ़ाते हुए लंबे समय के लिए यूरेनियम आपूर्ति (Uranium supply) की व्यवस्था बनाने पर सहमति जताई है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Prime Minister Narendra Modi) और उज्बेकिस्तान (Uzbekistan) के राष्ट्रपति शौकत मिर्जियोयेव (President Shavkat Mirziyoyev) के बीच रविवार को हुई वार्ता में यह अहम फैसला हुआ। दोनों देशों ने अपने संबंधों को ‘व्यापक रणनीतिक साझेदारी’ के स्तर तक ले जाने की घोषणा भी की। साथ ही, वर्ष 2030 तक द्विपक्षीय व्यापार को पांच अरब डॉलर सालाना तक पहुंचाने का लक्ष्य तय किया गया।


    2030 तक 5 अरब डॉलर करना है व्यापार

    मोदी और मिर्जियोयेव की वार्ता के बाद जारी संयुक्त बयान में यूरेनियम आपूर्ति की प्रस्तावित मात्रा और समयसीमा का खुलासा नहीं किया गया। प्रधानमंत्री ने कहा कि दोनों देशों के बीच मौजूदा व्यापार एक अरब डॉलर से अधिक हो चुका है। अब इसे 2030 तक पांच अरब डॉलर तक पहुंचाने का लक्ष्य है। उन्होंने कहा कि रणनीतिक साझेदारी की 15वीं वर्षगांठ के अवसर पर संबंधों को व्यापक रणनीतिक साझेदारी के नए स्तर पर ले जाना महत्वपूर्ण उपलब्धि है।


    विदेश मंत्रियों की समन्वय परिषद बनेगी

    मोदी ने कहा कि द्विपक्षीय सहयोग के सभी पहलुओं को दिशा देने के लिए विदेश मंत्रियों के स्तर पर समन्वय परिषद स्थापित की जाएगी। संयुक्त आयोग का स्तर भी सचिवों से बढ़ाकर मंत्रिस्तरीय किया जाएगा। दोनों देश कारोबारी नेताओं की भागीदारी वाला संयुक्त व्यापार सम्मेलन आयोजित करेंगे। दोनों देशों ने आतंकवाद, उग्रवाद और अलगाववाद के खिलाफ ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति पर प्रतिबद्धता जताई। मोदी ने कहा कि ये चुनौतियां पूरे क्षेत्र की सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा हैं।


    बौद्ध स्थलों के संरक्षण पर सहमति

    भारत और उज्बेकिस्तान ने प्राचीन बौद्ध स्थलों फयाज तेपा और कारा तेपा के संरक्षण एवं पुनरुद्धार के लिए आशय पत्र पर सहमति जताई। दोनों स्थल सिल्क रोड के जरिए मध्य एशिया में बौद्ध धर्म के प्रसार के महत्वपूर्ण प्रमाण माने जाते हैं।


    52 योग साधकों का विशेष सत्र

    मोदी ने ताशकंद में 52 योग साधकों की भागीदारी वाला विशेष योग सत्र भी देखा। उन्होंने कहा, ‘उज्बेकिस्तान योग से प्यार करता है।’ दोनों देशों ने व्यापार, निवेश, बुनियादी ढांचा, महत्वपूर्ण खनिज, खनन, रक्षा एवं सुरक्षा, कृषि, फार्मास्यूटिकल्स, स्वास्थ्य, सूचना प्रौद्योगिकी, यूपीआई और शिक्षा समेत कई क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर जोर दिया। रक्षा उद्योगों को सैन्य उपकरणों के सह-विकास और सह-उत्पादन की दिशा में काम करने के लिए भी प्रोत्साहित किया जाएगा। व्यापार विस्तार पर जोर दिया जाएगा।


    भारतीयों के लिए 30 दिन तक वीजा फ्री एंट्री

    प्रधानमंत्री मोदी की उज्बेकिस्तान यात्रा के दौरान दोनों देशों के लोगों के बीच आवाजाही आसान करने की दिशा में बड़ा फैसला हुआ। उज्बेकिस्तान ने भारतीय नागरिकों के लिए 30 दिन की वीजा-मुक्त यात्रा व्यवस्था लागू करने की घोषणा की है। राष्ट्रपति शौकत मिर्जियोयेव ने कहा कि इससे दोनों देशों के बीच जन-जन के संपर्क, पर्यटन और कारोबारी आदान-प्रदान को बड़ा बढ़ावा मिलेगा।


    उज्बेकिस्तान में चलेगा यूपीआई

    डिजिटल सहयोग के तहत एनपीसीआई और उज्बेकिस्तान के नेशनल इंटरबैंक प्रोसेसिंग सेंटर के बीच वाणिज्यिक समझौता हुआ। इसके लागू होने के बाद भारतीय यात्री यूपीआई ऐप के जरिए उज्बेकिस्तान में कोड स्कैन कर दुकानों पर भुगतान कर सकेंगे।

    प्रधानमंत्री मोदी उज्बेकिस्तान की यात्रा के बाद रविवार को शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) शिखर सम्मेलन में शामिल होने के लिए किर्गिस्तान पहुंचे। किर्गिस्तान के मंत्रिपरिषद के अध्यक्ष अदेलबेक कासिमालियेव ने हवाई अड्डे पर उनका स्वागत किया। इस दौरान पारंपरिक किर्गिज नृत्य की प्रस्तुति भी दी गई। होटल पहुंचने पर प्रधानमंत्री मोदी का स्वागत ‘वंदे मातरम्’ के जयघोष से हुआ। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रंधीर जैसवाल ने ‘एक्स’ पर कहा कि सम्मेलन में 10 सदस्य देश, 15 साझेदार देश और दो पर्यवेक्षक देश क्षेत्रीय एवं सहयोग को आगे बढ़ाने के लिए एकत्र होंगे।

  • केरल के इस्लामिक स्कॉलर का विवादित बयान, ‘महिलाओं के मंच पर आने से मचेगी तबाही, घरों में रहें’

    केरल के इस्लामिक स्कॉलर का विवादित बयान, ‘महिलाओं के मंच पर आने से मचेगी तबाही, घरों में रहें’


    नई दिल्ली। केरल में महिलाओं के सार्वजनिक मंचों पर पुरुषों के साथ मौजूद रहने को लेकर जारी विवाद अब और बढ़ गया है। इस बीच इस्लामिक स्कॉलर कंथापुरम एपी अबूबकर मुसलियार ने महिलाओं को घरों तक सीमित रहने की सलाह दी है। उन्होंने कहा कि महिलाओं को सार्वजनिक मंचों पर लाने से ‘बड़ी तबाही’ हो सकती है और इसी वजह से इस्लाम में महिलाओं के लिए पर्दे का प्रावधान किया गया है।

    कंथापुरम ने रविवार को कोच्चि में आयोजित एक इस्लामिक सम्मेलन में यह बयान दिया। उनका यह बयान ऐसे समय आया है, जब समस्थ केरल जमीयतुल उलेमा के कंथापुरम गुट के एक सर्कुलर को लेकर पहले ही विवाद चल रहा है।

    महिलाओं के पुरुषों के साथ मंच साझा करने पर रोक
    समस्थ केरल जमीयतुल उलेमा के कंथापुरम गुट ने पिछले सप्ताह धार्मिक समारोहों और कार्यक्रमों को निर्धारित सीमाओं के भीतर आयोजित करने की बात कही थी। संगठन के अध्यक्ष ई. सुलेमान मुसलियार और महासचिव कंथापुरम एपी अबूबकर मुसलियार की ओर से जारी निर्देश में कहा गया था कि महिलाएं पुरुषों के साथ मंच साझा न करें और सार्वजनिक स्थानों पर पुरुषों के साथ नजर न आएं। इस निर्देश के बाद विवाद शुरू हो गया था। कई महिला राजनीतिक नेताओं ने भी इसका विरोध किया था।

    ‘महिलाओं को घरों तक सीमित रहना चाहिए’
    रविवार को सम्मेलन में कंथापुरम ने अपने रुख को दोहराते हुए कहा कि महिलाओं के सार्वजनिक मंचों पर आने से बड़ी तबाही हो सकती है। उन्होंने कहा कि इसी को ध्यान में रखते हुए इस्लाम में महिलाओं के लिए पर्दे का प्रावधान किया गया है। उन्होंने कहा, ‘पवित्र कुरान में कहा गया है कि महिलाओं को अपने घरों तक सीमित रहना चाहिए और सार्वजनिक रूप से सामने नहीं आना चाहिए।’ कंथापुरम ने दावा किया कि इस तरह की शिक्षा पिछले 100 वर्षों से धार्मिक विद्वानों, विशेष रूप से समस्थ के नेताओं की ओर से दी जाती रही है।

    ‘विरोध के बावजूद बोलते रहेंगे’
    कंथापुरम ने कहा कि धार्मिक मामलों का अध्ययन करने वाले विद्वानों की इस विषय पर अपनी बात रखने की जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि विरोध या सवाल उठाए जाने के बावजूद वे अपने विचार व्यक्त करते रहेंगे। उन्होंने कहा कि अगर किसी अन्य संगठन या समस्थ के नेता उनके रुख का विरोध करते हैं, तब भी वे अपनी बात कहेंगे। कंथापुरम ने स्पष्ट शब्दों में कहा, ‘हम इसे कहेंगे और कहते रहेंगे। कोई हमें रोक नहीं सकता।’ उनके इस बयान के बाद महिलाओं की सार्वजनिक भागीदारी और धार्मिक संगठनों के निर्देशों को लेकर केरल में बहस और तेज होने की संभावना है।

  • अंकित बालियान हत्याकांड के दो शूटर एनकाउंटर में ढेर, शामली में पुलिस से मुठभेड़

    अंकित बालियान हत्याकांड के दो शूटर एनकाउंटर में ढेर, शामली में पुलिस से मुठभेड़


    लखनऊ। हरियाणवी सिंगर और यूट्यूबर अंकित बालियान हत्याकांड में उत्तर प्रदेश पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। शामली में पुलिस और एसटीएफ के साथ मुठभेड़ में हत्याकांड में शामिल बताए जा रहे दो कथित शूटर मोहित और सुमित मारे गए। दोनों पर 50-50 हजार रुपये का इनाम घोषित था और पुलिस के मुताबिक वे गोगी गैंग से जुड़े हुए थे।

    पुलिस के मुताबिक, अंकित बालियान की हत्या को अंजाम देने के लिए कुल चार शूटर शामली पहुंचे थे। इनमें से दो का एनकाउंटर हो चुका है। जांच में दो अन्य लोगों की भूमिका भी सामने आई है, जो रेकी और दूसरी मदद में शामिल बताए जा रहे हैं। इस तरह अब तक हत्याकांड से जुड़े छह लोगों की भूमिका सामने आई है।

    CCTV से मिली शूटरों की पहचान

    वारदात के बाद पुलिस ने आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली। इसके आधार पर चारों कथित शूटरों की पहचान की गई। पुलिस के मुताबिक, गोली चलाने वाले आरोपी हरियाणा के हिसार और रोहतक के रहने वाले हैं।

    जांच में सामने आया कि इनमें से एक आरोपी पहले भी हत्या के मामले में जेल जा चुका था, जबकि अन्य तीन के खिलाफ छोटे-मोटे आपराधिक मामले दर्ज होने की जानकारी मिली थी।

    आरोपियों की पहचान सामने आने के बाद हरियाणा पुलिस ने उनके घरों और रिश्तेदारों के ठिकानों पर दबिश दी। परिवार और करीबियों से पूछताछ शुरू होने के बाद आरोपियों ने मोबाइल फोन बंद कर दिए और फरार हो गए। इसके बाद यूपी एसटीएफ ने उनकी तलाश तेज कर दी।

    पुलिस ने अंकित बालियान की कॉल डिटेल और व्हाट्सऐप मैसेजिंग हिस्ट्री भी खंगाली। इसके जरिए हत्याकांड में मददगारों और साजिश में शामिल लोगों तक पहुंचने की कोशिश की जा रही थी।

    सात जिलों की पुलिस की 8 टीमें जांच में जुटीं

    हत्याकांड के खुलासे के लिए मेरठ जोन के सात जिलों की पुलिस की आठ टीमें लगाई गई थीं। हरियाणा और दिल्ली में लगातार दबिश दी जा रही थी। इससे पहले मेरठ जोन के ADG भानु भास्कर ने शामली पहुंचकर अधिकारियों के साथ करीब दो घंटे बैठक की थी। उन्होंने कहा था कि पुलिस आरोपियों और वारदात में इस्तेमाल हथियारों के बेहद करीब पहुंच चुकी है।

    होटल में रुककर की थी रेकी

    पुलिस के मुताबिक, 20 अगस्त को अंकित बालियान की रेकी की गई थी। दो शूटर शामली पहुंचे और अंकित की गतिविधियों पर नजर रखी। दोनों सूर्या होटल में रुके थे और होटल में आधार कार्ड समेत जरूरी दस्तावेज जमा किए थे।

    पुलिस ने होटल की सीसीटीवी फुटेज खंगाली, जिससे जांच में अहम सुराग मिला। पुलिस के मुताबिक, वारदात के बाद दो शूटर बाइक से करनाल की तरफ भागे, जबकि मोहित और सुमित बागपत की ओर फरार हुए।

    कैराना रोड पर मुठभेड़, दोनों की मौत

    पुलिस के मुताबिक, मोहित और सुमित को ट्रैक करने के बाद कैराना रोड स्थित इंडियन गैस गोदाम के पास घेराबंदी की गई। दोनों की पुलिस से मुठभेड़ हुई। जवाबी फायरिंग में दोनों को गोली लगी। इसके बाद उन्हें अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया।

    मुठभेड़ में SWAT टीम के हेड कांस्टेबल हरविंदर और प्रदीप भी घायल हुए हैं। पुलिस ने मौके से दो पिस्टल, जिंदा और खोखा कारतूस, स्प्लेंडर बाइक, बैग, मोबाइल फोन और 5 हजार रुपये नकद बरामद किए हैं। पुलिस अब हत्याकांड में शामिल बताए जा रहे अन्य आरोपियों और कथित मददगारों की तलाश में जुटी है।

  • क्लर्क से महान साहित्यकार बनने तक का सफर: कर्ण के दर्द को शब्द देकर शिवाजी सावंत ने रचा मृत्युंजय और कहलाए मृत्युंजयकार

    क्लर्क से महान साहित्यकार बनने तक का सफर: कर्ण के दर्द को शब्द देकर शिवाजी सावंत ने रचा मृत्युंजय और कहलाए मृत्युंजयकार


    नई दिल्ली। शिवाजी गोविंदराव सावंत का नाम मराठी साहित्य में उन रचनाकारों के बीच लिया जाता है जिन्होंने इतिहास और पौराणिक पात्रों को केवल कथाओं तक सीमित नहीं रखा बल्कि उनके भीतर छिपे संघर्ष संवेदनाओं और मानवीय पक्ष को अपनी लेखनी से जीवंत कर दिया। 31 अगस्त 1940 को महाराष्ट्र के कोल्हापुर जिले के आजरा गांव में एक साधारण किसान परिवार में जन्मे शिवाजी सावंत का शुरुआती जीवन आर्थिक कठिनाइयों से भरा रहा। बचपन में मां से सुनी कथा कीर्तन और पौराणिक कहानियों ने उनके भीतर साहित्य के प्रति गहरी रुचि पैदा की। युवावस्था में वे कबड्डी के बेहतरीन खिलाड़ी रहे और उन्होंने अपने पेशेवर जीवन की शुरुआत अदालत में एक साधारण क्लर्क के रूप में की।

    साहित्य के प्रति बढ़ती रुचि और पुस्तकालयों के करीब रहने की इच्छा उन्हें कोल्हापुर की राजाराम प्रशाला तक ले गई जहां उन्होंने 1962 से 1974 तक शिक्षक के रूप में काम किया। इसके बाद वे पुणे पहुंचे और महाराष्ट्र सरकार के शिक्षा विभाग की पत्रिका लोकशिक्षण से जुड़े। पहले उन्होंने सह संपादक और बाद में संपादक के रूप में जिम्मेदारी संभाली। लेकिन उनकी असली पहचान उस रचना से बनी जिसने उन्हें मराठी साहित्य में अमर कर दिया।

    उनका उपन्यास मृत्युंजय 1967 में प्रकाशित हुआ और देखते ही देखते साहित्य जगत में चर्चा का विषय बन गया। महाभारत के महान लेकिन उपेक्षित योद्धा कर्ण के जीवन पर आधारित इस उपन्यास को पूरा करने में शिवाजी सावंत ने सात वर्षों तक अथक मेहनत की। कर्ण के व्यक्तित्व को समझने की उनकी जिज्ञासा उस समय और गहरी हुई जब एफवाईबीए की पढ़ाई के दौरान उन्होंने कवि केदारनाथ मिश्र प्रभात का हिंदी खंडकाव्य कर्ण पढ़ा। इसके बाद उन्होंने कर्ण के जीवन और कुरुक्षेत्र से जुड़े संदर्भों को गहराई से खंगालना शुरू किया।

    उनकी शोध और लेखन के प्रति समर्पण का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि जब उन्होंने कुरुक्षेत्र की यात्रा करने का फैसला किया तब उनकी जेब में केवल 50 रुपए थे। इसके बावजूद उन्होंने अपनी आर्थिक स्थिति को आड़े नहीं आने दिया और कुरुक्षेत्र पहुंचकर वहां की भौगोलिक परिस्थितियों को करीब से समझा। उस समय कोल्हापुर की एक पुलिस चॉल में बड़े भाई विश्वासराव के साथ रहते हुए वे इस रचना को लिख रहे थे और अपने लेखन को लंबे समय तक गुप्त रखा।

    मृत्युंजय की सबसे बड़ी विशेषता इसकी अनोखी शैली रही। सावंत ने कहानी को केवल कर्ण की नजर से नहीं देखा बल्कि कर्ण के साथ कुंती दुर्योधन वृषाली शोण और श्रीकृष्ण के दृष्टिकोण को भी शामिल किया। अलग अलग पात्रों के स्वगत कथनों के जरिए उन्होंने कर्ण के व्यक्तित्व के कई आयाम सामने रखे। इस रचना में भाग्य और स्वतंत्र इच्छा के बीच संघर्ष के साथ कर्ण की पीड़ा उसकी महत्वाकांक्षा उसकी वफादारी और उसके भीतर चलने वाला द्वंद्व बेहद प्रभावशाली तरीके से सामने आता है। इसी अद्भुत कृति ने शिवाजी सावंत को मृत्युंजयकार की उपाधि दिलाई।

    हालांकि उनकी साहित्यिक यात्रा केवल पौराणिक कथाओं तक सीमित नहीं रही। वर्ष 1980 में प्रकाशित छावा में उन्होंने छत्रपति संभाजी महाराज के जीवन और संघर्ष को केंद्र में रखा। इस रचना ने मराठा इतिहास के एक वीर योद्धा के मानवीय पक्ष को पाठकों के सामने रखा। बाद में इसी कथा पर आधारित हिंदी फिल्म भी बनी जिसने व्यापक व्यावसायिक सफलता हासिल की। वर्ष 2000 में प्रकाशित युगंधर में उन्होंने भगवान श्रीकृष्ण को एक अलग दृष्टिकोण से प्रस्तुत किया और उनके व्यक्तित्व में रणनीतिक सोच के साथ मानवीय संवेदनाओं को भी उभारा।

    मराठी साहित्य में उनके योगदान को राष्ट्रीय स्तर पर भी पहचान मिली। वर्ष 1994 में उन्हें भारतीय ज्ञानपीठ के प्रतिष्ठित मूर्तिदेवी पुरस्कार से सम्मानित किया गया और वे यह सम्मान पाने वाले पहले मराठी लेखक बने। उनकी रचनाओं का कई भारतीय भाषाओं में अनुवाद हुआ। परिवार की ओर से पत्नी मृणालिनी पुत्र अमिताभ और पुत्री कादंबिनी ने भी उनकी साहित्यिक यात्रा को मजबूती दी।

    18 सितंबर 2002 को गोवा में 76वें अखिल भारतीय मराठी साहित्य सम्मेलन के अध्यक्ष पद के लिए प्रचार के दौरान हृदय गति रुकने से शिवाजी सावंत का आकस्मिक निधन हो गया। लेकिन उनकी रचनाएं आज भी पाठकों के बीच जीवित हैं। मृत्युंजय ने उन्हें केवल एक महान लेखक नहीं बनाया बल्कि कर्ण की पीड़ा और संघर्ष को पीढ़ियों तक पहुंचाने वाला वह साहित्यकार बना दिया जिसे दुनिया मृत्युंजयकार के नाम से याद करती है।

  • पुरानी गलियों से स्मार्ट रोड तक बदला लखनऊ! सीएम योगी बोले- विरासत और आधुनिकता का अनोखा संगम

    पुरानी गलियों से स्मार्ट रोड तक बदला लखनऊ! सीएम योगी बोले- विरासत और आधुनिकता का अनोखा संगम


    नई दिल्ली। उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ को विकास की नई सौगात देते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और केंद्रीय रक्षा मंत्री एवं लखनऊ के सांसद राजनाथ सिंह ने रविवार को लखनऊ छावनी को मॉडल छावनी के रूप में विकसित करने की दिशा में 101 करोड़ रुपये की 12 विकास परियोजनाओं का भूमिपूजन और शिलान्यास किया। इस दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के मार्गदर्शन में उत्तर प्रदेश सुरक्षा सुशासन और विकास के क्षेत्र में तेजी से आगे बढ़ रहा है। आज प्रदेश देश के ग्रोथ इंजन के रूप में अपनी मजबूत पहचान बना चुका है और लखनऊ इसका प्रमुख उदाहरण है।

    मुख्यमंत्री ने लखनऊ के बदलते स्वरूप का जिक्र करते हुए कहा कि करीब दो दशक पहले रेलवे स्टेशन पर मुस्कुराइए आप लखनऊ में हैं का संदेश दिखाई देता था लेकिन शहर की जाम से भरी सड़कों संकरी गलियों और अव्यवस्थित हालात के कारण लोगों के लिए मुस्कुराना मुश्किल होता था। आज वही लखनऊ अपनी ऐतिहासिक पहचान को सुरक्षित रखते हुए आधुनिक और स्मार्ट शहर के रूप में आगे बढ़ रहा है। शहर में पुरानी गलियों के साथ स्मार्ट रोड और सीएम ग्रिड की आधुनिक सड़कें हैं तो दूसरी ओर किसान पथ जैसे बड़े आउटर रिंग रोड भी यातायात को नई दिशा दे रहे हैं।

    सीएम योगी ने कहा कि लखनऊ की खासियत उसकी विरासत और आधुनिकता का अनोखा मेल है। एक ओर ऊदा देवी पासी और महाराजा बिजली पासी जैसी महान विभूतियों का इतिहास शहर की पहचान से जुड़ा है तो दूसरी ओर रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता की दिशा में ब्रह्मोस जैसी अत्याधुनिक मिसाइलों के निर्माण का केंद्र भी लखनऊ बन रहा है। उन्होंने कहा कि चिकनकारी हस्तशिल्प खानपान और सांस्कृतिक विरासत के लिए दुनियाभर में प्रसिद्ध लखनऊ अब आधुनिक बुनियादी ढांचे के कारण भी अपनी अलग पहचान बना रहा है।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के प्रयासों से लखनऊ छावनी में भी आधुनिक सुविधाओं का तेजी से विस्तार हो रहा है। छावनी परिषद में ठोस कचरा प्रबंधन के लिए एआई आधारित व्यवस्था तैयार की जा रही है। इसके साथ ही छावनी क्षेत्र के स्कूलों में मुख्यमंत्री अभ्युदय कोचिंग जैसी पहल शुरू की जा रही है। इन प्रयासों का सीधा लाभ सैन्यकर्मियों पूर्व सैनिकों उनके परिवारों और छावनी क्षेत्र में रहने वाले आम नागरिकों को मिलेगा।

    गोमती नदी की सफाई का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि नदी को स्वच्छ बनाने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं और भरोसा जताया कि इस वर्ष के अंत तक गोमती को पूरी तरह स्वच्छ बनाने में सफलता मिलेगी। उन्होंने इस अभियान में सेंट्रल कमांड की ओर से मिल रहे सहयोग की भी सराहना की। मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2017 से पहले उत्तर प्रदेश के सामने पहचान का संकट था और प्रदेश अभाव अराजकता तथा उपद्रव की स्थिति से गुजर रहा था लेकिन आज हालात पूरी तरह बदल चुके हैं।

    उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश अब डिफेंस मैन्युफैक्चरिंग कॉरिडोर एक्सप्रेसवे रेलवे मेट्रो और एयर कनेक्टिविटी के क्षेत्र में तेजी से आगे बढ़ रहा है। लखनऊ मेट्रो के दूसरे चरण को केंद्र से मंजूरी मिलने के बाद इसके काम को भी जल्द गति दी जाएगी। प्रदेश में वर्तमान में 17 घरेलू और पांच अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट संचालित हैं। वहीं सैनिक स्कूलों के माध्यम से युवाओं को देश की सुरक्षा जरूरतों के अनुरूप तैयार किया जा रहा है।

    सीएम योगी ने कहा कि देश की सीमाओं की रक्षा में सैनिक चौबीसों घंटे डटे रहते हैं इसलिए सैनिकों पूर्व सैनिकों और उनके परिवारों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराना सरकार की जिम्मेदारी है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि छावनी परिषदों में विकास कार्यों के लिए धन की कमी नहीं होने दी जाएगी। लखनऊ छावनी को आदर्श और मॉडल छावनी बनाने के लिए सड़क स्वच्छता शिक्षा कचरा प्रबंधन और अन्य नागरिक सुविधाओं को लगातार बेहतर किया जाएगा। उन्होंने कहा कि लखनऊ आज अपनी ऐतिहासिक विरासत और आधुनिक विकास को साथ लेकर आगे बढ़ रहा है और बदलते उत्तर प्रदेश की नई तस्वीर पेश कर रहा है।