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  • बच्चा रोया तो मां ने चलाई हनुमान चालीसा कुछ ही सेकंड में हुआ शांत 2 मिनट में सो गया वीडियो वायरल

    बच्चा रोया तो मां ने चलाई हनुमान चालीसा कुछ ही सेकंड में हुआ शांत 2 मिनट में सो गया वीडियो वायरल


    नई दिल्ली। छोटे बच्चे का रोना माता पिता के लिए अक्सर चिंता का कारण बन जाता है। चार महीने के बच्चे को शांत कराना खास तौर पर आसान नहीं होता क्योंकि इस उम्र में बच्चा अपनी जरूरत को शब्दों में नहीं बता सकता। ऐसे में माता पिता उसे गोद में लेकर टहलाते हैं। कोई लोरी सुनाता है तो कोई धीमा संगीत चलाकर उसे शांत करने की कोशिश करता है। लेकिन अमेरिका के लॉस एंजिल्स में रहने वाली चीनी मूल की एक महिला ने अपने बच्चे को शांत कराने के लिए जिस तरीके का इस्तेमाल किया है उसने सोशल मीडिया पर लोगों का ध्यान खींच लिया है।

    महिला का नाम सारा जेन हो बताया गया है। उन्होंने सोशल मीडिया पर अपने बच्चे की दिनचर्या से जुड़ा अनुभव साझा किया है। उनके मुताबिक जब उनका चार महीने का बेटा रोने लगता है तो वह हनुमान चालीसा चला देती हैं। सारा का कहना है कि हनुमान चालीसा सुनते ही बच्चा कुछ ही सेकंड में शांत होने लगता है और करीब दो मिनट में उसकी आंख लग जाती है। इसी अनुभव से जुड़ा वीडियो और पोस्ट सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है।

    इस पूरी कहानी की खास बात यह है कि सारा भारतीय नहीं हैं। रिपोर्ट के मुताबिक वह चीनी मूल की हैं और अमेरिका में रहती हैं। उन्होंने बताया कि उन्हें हनुमान चालीसा के बारे में अपने भारतीय दोस्तों से जानकारी मिली थी। पहली बार उन्होंने इसे बर्निंग मैन कार्यक्रम के दौरान सुना था। सारा को हनुमान चालीसा की धुन और आवाज शांत महसूस हुई। इसके बाद उन्होंने इसे अपनी रोजमर्रा की जिंदगी का हिस्सा बना लिया।

    सारा के मुताबिक बच्चे के रोने पर वह हनुमान चालीसा सुनाने का तरीका अपनाती हैं। उनका व्यक्तिगत अनुभव है कि इसे सुनने के बाद बच्चा तेजी से शांत होता है और कुछ समय में सो जाता है। सोशल मीडिया पर इसी दावे को लेकर लोगों के बीच चर्चा शुरू हो गई है। कई यूजर्स को यह अनुभव बेहद दिलचस्प और प्यारा लगा है।

    बच्चे की दिनचर्या में सिर्फ हनुमान चालीसा ही शामिल नहीं है। सारा ने बताया है कि वह बच्चे को ब्रह्मा की लोरी भी सुनाती हैं। इसके अलावा बच्चे को प्राकृतिक माहौल में समय देने जैसी गतिविधियों को भी वह अपनी रूटीन का हिस्सा बताती हैं। उनका मानना है कि बच्चे के लगातार रोने पर उसे अकेला छोड़ने के बजाय उसे शांत करने के अलग अलग तरीके आजमाने चाहिए।

    हालांकि यहां यह समझना जरूरी है कि हनुमान चालीसा सुनने के बाद बच्चे के शांत होने की बात सारा का व्यक्तिगत अनुभव है। इसे बच्चों को सुलाने का प्रमाणित वैज्ञानिक या मेडिकल तरीका नहीं माना जा सकता। हर बच्चे की प्रतिक्रिया अलग हो सकती है। वायरल वीडियो की वजह से चर्चा में आई इस कहानी की सबसे दिलचस्प बात यही है कि अमेरिका में रहने वाली एक चीनी मूल की मां ने भारतीय धार्मिक रचना को अपने बच्चे की रोजमर्रा की रूटीन में शामिल किया और उनका यह अनुभव इंटरनेट पर लोगों के बीच चर्चा का विषय बन गया।

  • कैंसर के महंगे इलाज पर लगेगी लगाम…, जांच से लेकर दवाओं तक के लिए तैयार हो रहा नया मानक रोडमैप

    कैंसर के महंगे इलाज पर लगेगी लगाम…, जांच से लेकर दवाओं तक के लिए तैयार हो रहा नया मानक रोडमैप


    नई दिल्ली।
    देश में कैंसर (Cancer) के महंगे इलाज (Expensive Medical Treatments) और जीवनरक्षक दवाओं (Life-saving Medicines) की भारी कीमतों को लेकर सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) की सख्त टिप्पणियों और संसद की स्थायी समिति के मंथन के बाद केंद्र सरकार ने इस दिशा में निर्णायक कदम उठाने की तैयारी कर ली है। केंद्र सरकार अब कैंसर की प्राथमिक जांच, आधुनिक तकनीक और दवाओं के सटीक इस्तेमाल के लिए एक व्यापक व मानक रोडमैप तैयार कर रही है।

    इस नीति का मुख्य उद्देश्य यह तय करना है कि किस कैंसर में कौन-सी जांच, थेरेपी और दवा सबसे प्रभावी व जरूरी है, ताकि मरीजों को गैर-जरूरी महंगे जांच से बचाया जा सके। स्वास्थ्य मंत्रालय प्रस्तावित रोडमैप के तहत कैंसर के हर चरण के लिए मानक उपचार प्रोटोकॉल को नए सिरे से अपडेट कर रहा है। देखा गया है कि सटीक दिशानिर्देश के अभाव में मरीजों को ऐसी महंगी दवाएं या जांच लिख दी जाती हैं, जिनका प्रभाव सीमित होता है।

    नई व्यवस्था में तथ्य आधारित इलाज को अनिवार्य बनाकर यह सुनिश्चित किया जाएगा कि सरकारी और निजी अस्पतालों में इलाज की प्रक्रिया पारदर्शी, तर्कसंगत और मरीज की जेब के अनुकूल हो। कुल मिलाकर दवा, तकनीक या मशीनों को तैयार करने में होने वाले खर्च और आम लोगों तक उसके पहुंचने की कीमत की समीक्षा होगी।


    हर जिले में विशेष जांच केंद्र

    सरकार की योजना में कैंसर की जांच को गांवों तक ले जाने पर जोर है। इसके तहत जिला स्तर पर प्राथमिक स्क्रीनिंग तकनीकों का विस्तार किया जाएगा, जिससे शुरुआती चरण में ही बीमारी की पहचान कर इलाज के कुल खर्च को कम किया जा सके। इसके लिए हर जिले के सरकारी अस्पताल में कैंसर की जांच के लिए विशेष केंद्र स्थापित किए जाएंगे। स्तन, मुंह और गर्भाशय ग्रीवा के कैंसर की जांच के लिए एआई आधारित तकनीकों का इस्तेमाल किया जाएगा। जांच रिपोर्ट तैयार करने में एआई आधारित टेली-पैथोलॉजी और डिजिटल पैथोलॉजी का इस्तेमाल बढ़ाने की भी योजना है।


    जांच व इलाज की लागत का आकलन

    हेल्थ टेक्नोलॉजी असेसमेंट इन इंडिया (एचटीएआईएन) के जरिये अलग-अलग जांच और इलाज की लागत-प्रभाविता का आकलन किया जाएगा। हाल ही में स्वास्थ्य संबंधी संसद की स्थायी समिति के सामने भी इस पर चर्चा हुई थी। कैंसर की दवाओं का भी इसी आधार पर आकलन होगा। देखा जाएगा कि कौन-सी दवा किस तरह के कैंसर में ज्यादा उपयोगी है।

  • मोहम्मद दीपक की गिरफ्तारी से बढ़ी हलचल, साड़ी दुकान पर विवाद के बाद कोतवाली में पुलिस का पहरा

    मोहम्मद दीपक की गिरफ्तारी से बढ़ी हलचल, साड़ी दुकान पर विवाद के बाद कोतवाली में पुलिस का पहरा


    नई दिल्ली। उत्तराखंड के कोटद्वार में मोहम्मद दीपक नाम से चर्चित दीपक कुमार एक बार फिर विवाद को लेकर चर्चा में हैं। फेसबुक पर किए गए कमेंट से शुरू हुआ विवाद गंगा दत्त जोशी मार्ग स्थित एक साड़ी की दुकान तक पहुंच गया। व्यापारी की शिकायत के बाद पुलिस ने दीपक कुमार को गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक मामले में शिकायत के आधार पर कार्रवाई की गई है। घटना के बाद मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए कोटद्वार कोतवाली में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया।

    रिपोर्टों के मुताबिक पूरा विवाद मध्य प्रदेश के उज्जैन में सड़क चौड़ीकरण से जुड़े घटनाक्रम पर सोशल मीडिया पर की गई एक पोस्ट और उस पर आए कमेंट से शुरू हुआ। दीपक कुमार ने इस मामले से संबंधित एक वीडियो सोशल मीडिया पर साझा किया था। इसके बाद गंगादत्त जोशी मार्ग स्थित राधिका गारमेंट्स के संचालक संजीव टांक की ओर से उस पोस्ट पर प्रतिक्रिया दी गई। व्यापारी का आरोप है कि इसी कमेंट को लेकर दीपक कुमार नाराज हुए और गुरुवार सुबह उनकी दुकान पर पहुंचे।

    व्यापारी ने पुलिस को दी शिकायत में दीपक कुमार पर अभद्रता और गाली गलौज करने के साथ धमकी देने के आरोप लगाए। अमर उजाला की रिपोर्ट के मुताबिक व्यापारी ने हाथापाई का भी आरोप लगाया है। दूसरी ओर पुलिस ने शिकायत के आधार पर मामला दर्ज कर दीपक कुमार को हिरासत में लिया। उपलब्ध रिपोर्टों में पुलिस कार्रवाई और आगे की कानूनी प्रक्रिया का उल्लेख किया गया है।

    दीपक की गिरफ्तारी की खबर फैलने के बाद बड़ी संख्या में व्यापारी और भाजपा संगठन से जुड़े लोग कोटद्वार कोतवाली पहुंचे। वहां नारेबाजी की स्थिति बनने के बाद पुलिस ने अतिरिक्त बल तैनात किया। माहौल को नियंत्रित रखने के लिए कोटद्वार में पुलिस की ओर से फ्लैग मार्च भी किया गया। पुलिस का कहना है कि फिलहाल स्थिति नियंत्रण में है और पूरे मामले की जांच की जा रही है।

    दीपक कुमार इससे पहले जनवरी 2026 में एक वायरल वीडियो के बाद चर्चा में आए थे। रिपोर्टों के अनुसार 26 जनवरी को कोटद्वार में एक बुजुर्ग मुस्लिम दुकानदार से जुड़े विवाद के दौरान दीपक उनके समर्थन में सामने आए थे। इसी दौरान नाम पूछे जाने पर उन्होंने खुद को मोहम्मद दीपक बताया था। वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद वह इसी नाम से चर्चा में आ गए। बाद में इस मामले को लेकर विरोध प्रदर्शन भी हुआ था। उपलब्ध रिपोर्टों में दीपक की पहचान दीपक कुमार कश्यप के रूप में बताई गई है और उन्हें कोटद्वार में जिम संचालक बताया गया था।

    जनवरी की घटना के बाद विवाद कानूनी और सामाजिक स्तर पर भी चर्चा में रहा। अब अक्टूबर में सामने आए नए मामले ने दीपक कुमार को फिर सुर्खियों में ला दिया है। फिलहाल पुलिस व्यापारी की शिकायत और घटनाक्रम से जुड़े तथ्यों की जांच कर रही है। गिरफ्तारी के बाद आगे की कानूनी प्रक्रिया के तहत उन्हें मजिस्ट्रेट के सामने पेश किए जाने की बात पुलिस रिपोर्ट में कही गई है। मामले में लगाए गए आरोपों की अंतिम स्थिति जांच और न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही स्पष्ट होगी।

  • मानसून की विदाई के बाद भी कई राज्यों में बारिश का दौर जारी… आज इन राज्यों में अलर्ट

    मानसून की विदाई के बाद भी कई राज्यों में बारिश का दौर जारी… आज इन राज्यों में अलर्ट


    नई दिल्ली।
    मानसून (Monsoon) की विदाई कई राज्यों में हो गई है. लेकिन बारिश का सिलसिला है कि अभी रुकने का नाम ही नहीं ले रहा है। देश के कई हिस्सों में मौसम का मिजाज (Weather Conditions) बिगड़ सकता है. बंगाल की खाड़ी (Bay of Bengal) के आसपास सक्रिय हुए मौसमी हलचल का असर पूर्वी और दक्षिणी राज्यों के साथ उत्तर भारत में भी देखने को मिलेगा। बंगाल की खाड़ी में एक नया वेदर सिस्टम एक्टिव हो गया है। इसलिए 2 अक्टूबर को देश के कई हिस्सों में मौसम अचानक करवट ले सकता है।

    मौसम विभाग (IMD) के अनुसार बंगाल की खाड़ी और उसके आसपास बनी मौसमी हलचल का असर पूर्वी और दक्षिणी राज्यों तक दिखाई देने की संभावना है. मौसम विभाग ने दिल्ली से लेकर उत्तर प्रदेश और बिहार तक बारिश और आंधी का अलर्ट जारी किया है. कुछ इलाकों में तेज हवाओं के झोंके 60 से 65 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकते हैं. पहाड़ी राज्यों में भी बारिश का दौर परेशान कर सकता है. उत्तराखंड में तेज हवा के साथ भारी बारिश की चेतावनी है. हिमाचल प्रदेश और जम्मू-कश्मीर में भी कई इलाकों में मौसम बिगड़ने का अनुमान है।

    मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक पूर्वोत्तर और दक्षिण भारत में भी मौसमी गतिविधियां बनी रहेंगी. अरुणाचल प्रदेश में भारी बारिश की संभावना है. असम से लेकर त्रिपुरा तक गरज-चमक के साथ बिजली गिरने का खतरा बना रहेगा. दक्षिण भारत में केरल और माहे से लेकर तमिलनाडु और लक्षद्वीप तक तेज हवाएं चल सकती हैं. वहीं पूर्वोत्तर बंगाल की खाड़ी के आसपास की सक्रियता का असर पूर्वी हिस्सों में देखने को मिल सकता है. उत्तरपूर्वी असम और आसपास के क्षेत्रों में निचले क्षोभमंडलीय स्तर पर साइक्लोनिक सर्कुलेशन बना हुआ है. उत्तरी तटीय तमिलनाडु और आसपास भी एक साइक्लोनिक सर्कुलेशन मौजूद है. ऐसे में 2 अक्टूबर को कई राज्यों में लोगों को बारिश के साथ तेज हवा और बिजली से भी सतर्क रहना होगा।


    यूपी में 2 अक्टूबर को बारिश के साथ तेज आंधी बढ़ाएगी परेशानी

    उत्तर प्रदेश के कई जिलों में 2 अक्टूबर को मौसम खराब रहने की संभावना है. मेरठ, आगरा, मथुरा, गाजियाबाद, बहराइच, गोंडा, कानपुर, हरदोई, लखीमपुर खीरी, श्रावस्ती, उन्नाव, कन्नौज, सीतापुर, फर्रुखाबाद, बरेली, एटा, फिरोजाबाद, कासगंज, मैनपुरी, रामपुर, प्रयागराज, गोरखपुर और देवरिया में मध्यम से भारी बारिश की चेतावनी है. इस दौरान 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवा चल सकती है. लखनऊ में अधिकतम तापमान 33 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 24 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है. बारिश के साथ गरज-चमक की स्थिति भी बन सकती है.


    बिहार में 2 अक्टूबर को बारिश और आंधी का दोहरा अलर्ट

    बिहार के कई हिस्सों में 2 अक्टूबर को भारी बारिश के साथ तेज आंधी की चेतावनी है. पटना, गया, जहानाबाद, पश्चिमी चंपारण, पूर्वी चंपारण, मुजफ्फरपुर, वैशाली, समस्तीपुर, दरभंगा, मधुबनी, पूर्णिया, किशनगंज, भागलपुर, मुंगेर और कटिहार में मौसम खराब रह सकता है. यहां हवा की रफ्तार 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंचने का अनुमान है. सीमांचल के जिलों में बिजली चमकने और वज्रपात का खतरा भी बना रहेगा. पटना में अधिकतम तापमान 33 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 24 डिग्री सेल्सियस रह सकता है।


    झारखंड में 2 अक्टूबर को 50 KM की आंधी के साथ बरसेंगे बादल

    झारखंड में 2 और 3 अक्टूबर को मौसम सक्रिय रहने वाला है. गुमला, गढ़वा, सिमडेगा, रांची, धनबाद, गिरिडीह, बोकारो, हजारीबाग, पलामू और जमशेदपुर में भारी बारिश और आंधी की चेतावनी जारी की गई है. इस दौरान हवा की रफ्तार करीब 50 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है. रांची में 2 अक्टूबर को अधिकतम तापमान 29 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 20 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है. बारिश और तेज हवा के कारण स्थानीय स्तर पर आवागमन प्रभावित हो सकता है.


    पश्चिम बंगाल में 2 अक्टूबर को भी बढ़ेगी गरज-चमक वाली बारिश

    पश्चिम बंगाल और पूर्वी भारत के आसपास भी मौसमी गतिविधियां बनी रहने की संभावना है. बंगाल की खाड़ी के आसपास सक्रिय मौसमी प्रणाली का असर पूर्वी हिस्सों में देखने को मिल सकता है. अगले करीब 12 घंटे तक इसके प्रभाव में मौसम में हलचल बनी रहने का अनुमान है. राज्य के कुछ हिस्सों में गरज-चमक के साथ बारिश हो सकती है. पूर्वी भारत के आसपास बिजली गिरने की गतिविधियां भी बढ़ सकती हैं।


    राजस्थान में 2 अक्टूबर को कई जिलों में आंधी के साथ बारिश

    राजस्थान में भी 2 अक्टूबर को मौसम का मिजाज बदला हुआ नजर आएगा. भीलवाड़ा, टोंक, सवाई माधोपुर, बारां, कोटा, भरतपुर, बीकानेर, बूंदी, जयपुर, अजमेर और उदयपुर में बारिश और आंधी की चेतावनी है. इस दौरान हवा की रफ्तार 50 से 55 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है. जयपुर में अधिकतम तापमान 35 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 20 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है. तेज हवा के साथ बारिश होने पर तापमान में भी गिरावट देखने को मिल सकती है. कई इलाकों में अचानक मौसम बदलने की स्थिति बन सकती है।


    मध्य प्रदेश में 2 अक्टूबर को बारिश के साथ चलेंगे तेज हवा के झोंके

    मध्य प्रदेश के कई जिलों में 2 अक्टूबर को बारिश और आंधी की संभावना है. देवास, होशंगाबाद, भोपाल, इंदौर, खंडवा, गुना, मुरैना, अशोकनगर, नीमच, उमरिया, छिंदवाड़ा, कटनी और पन्ना में मौसम सक्रिय रह सकता है. यहां करीब 30 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवा के झोंके चलने का अनुमान है. भोपाल में अधिकतम तापमान 32 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 22 डिग्री सेल्सियस रह सकता है. बारिश के दौरान गरज-चमक भी देखने को मिल सकती है।


    पंजाब में 2 अक्टूबर को बारिश और तेज हवा से बदलेगा मौसम

    पंजाब में 2 अक्टूबर को कई जिलों में बारिश और आंधी की संभावना है. पठानकोट, बरनाला, चंडीगढ़, जालंधर, अमृतसर, पटियाला, गुरदासपुर और लुधियाना में मौसम विभाग ने बारिश और तेज हवा की चेतावनी दी है. इस दौरान हवा की रफ्तार 50 से 55 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है. बारिश के साथ तेज झोंके चलने से मौसम में अचानक बदलाव देखने को मिल सकता है।

    हरियाणा में भी मानसून की विदाई के बीच मौसम पूरी तरह साफ नहीं रहेगा. आसपास के क्षेत्रों में पश्चिमी और पूर्वी हिस्सों से आने वाली मौसमी गतिविधियों का असर देखने को मिल सकता है. बारिश और तेज हवा के दौरान स्थानीय स्तर पर मौसम बदल सकता है. ऐसे में वाहन चालकों को भी सावधानी बरतनी होगी. खासकर तेज हवा के दौरान खुले इलाकों में यात्रा करते समय अतिरिक्त सतर्कता जरूरी है।


    हिमाचल में 2 अक्टूबर को बारिश के साथ तेज हवाओं का असर

    हिमाचल प्रदेश में भी 2 अक्टूबर को मौसम सक्रिय रहने वाला है. सोलन, बिलासपुर, किन्नौर, लाहौल-स्पीति, कांगड़ा और सिरमौर में भारी बारिश और आंधी की चेतावनी है. इस दौरान 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवा चल सकती है. मनाली में अधिकतम तापमान 12 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 2 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है. ऊंचाई वाले इलाकों में बारिश के साथ ठंड बढ़ सकती है. पहाड़ी रास्तों पर यात्रा करने वालों को मौसम में अचानक बदलाव को ध्यान में रखना होगा।


    जम्मू-कश्मीर में भी 2 अक्टूबर को बारिश और आंधी का अलर्ट

    जम्मू-कश्मीर के कई जिलों में 2 अक्टूबर को बारिश और तेज हवा की संभावना है. राजौरी, अनंतनाग, बारामूला, पुंछ, रामबन, कठुआ, डोडा और सांबा में भारी बारिश और आंधी की चेतावनी जारी की गई है. इस दौरान हवा की रफ्तार 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है. श्रीनगर में अधिकतम तापमान 27 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 13 डिग्री सेल्सियस रह सकता है।


    पूर्वोत्तर में 2 अक्टूबर को भारी बारिश का साया

    पूर्वोत्तर भारत में भी 2 अक्टूबर को मौसम सक्रिय रहेगा. अरुणाचल प्रदेश में भारी बारिश की संभावना जताई गई है. इसके अलावा अरुणाचल प्रदेश, असम, मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में गरज-चमक के साथ बिजली गिरने की आशंका है. उत्तरपूर्वी असम और आसपास के क्षेत्रों में निचले क्षोभमंडलीय स्तर पर साइक्लोनिक सर्कुलेशन बना हुआ है. इसी वजह से इस क्षेत्र में बादलों की गतिविधि बढ़ सकती है।


    दक्षिण भारत में 2 अक्टूबर को 50 KM की रफ्तार से चल सकती है हवा

    दक्षिण भारत के तटीय और द्वीपीय इलाकों में भी मौसम सक्रिय रहने का अनुमान है. केरल और माहे, लक्षद्वीप, तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराईकल में गरज-चमक के साथ 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवा के झोंके चल सकते हैं. उत्तरी तटीय तमिलनाडु और आसपास के क्षेत्रों में साइक्लोनिक सर्कुलेशन बना हुआ है. इसके असर से बारिश और गरज-चमक की गतिविधियां बढ़ सकती हैं. तमिलनाडु और आसपास के तटीय क्षेत्रों में अचानक तेज हवा और बारिश की स्थिति बन सकती है।

  • देश में तेजी से बढ़ रहीं डायबिटीज और मानसिक तनाव जैसी समस्याएं…. हर 10 में से 4 इससे पीड़ित

    देश में तेजी से बढ़ रहीं डायबिटीज और मानसिक तनाव जैसी समस्याएं…. हर 10 में से 4 इससे पीड़ित


    नई दिल्ली।
    देश में डायबिटीज (Diabetes) और मानसिक तनाव (Mental stress) जैसी स्वास्थ्य समस्याएं तेजी से बढ़़ रही हैं, इसका अंदाजा हाल के हेल्थ डेटा (Health data) से लगाया जा सकता है. डाटा के मुताबिक, देश में बड़ी संख्या में लोगों की ब्लड शुगर (Blood sugar) सामान्य से अधिक पाई गई है. वहीं करीब 40 फीसदी लोगों ने अपने शरीर में मानसिक तनाव का लेवल काफी ज्यादा बताया. आंकड़े यह भी दिखाते हैं कि स्वास्थ्य जांच कराने के मामले में लोगों की आर्थिक स्थिति का बड़ा असर पड़ता है.

    Workforce Health Index 2026 के डाटा के मुताबिक, 10 में से लगभग 4 रिपोर्ट में बढ़ी शुगर आई है. कुल 7,088 लोगों के HbA1c टेस्ट रिपोर्ट में 38.7 फीसदी रिपोर्ट ऐसी थीं, जिनमें ब्लड शुगर का लेवल प्री-डायबिटीज या डायबिटीज पर था. HbA1c एक तरह का ब्लड टेस्ट है, जिससे पिछले करीब 2-3 महीनों के दौरान शरीर में ब्लड शुगर के औसत स्तर का अंदाजा लगाया जाता है. इसलिए इस टेस्ट की रिपोर्ट व्यक्ति के लंबे समय के ब्लड शुगर कंट्रोल के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी देती है।


    10 में 4 लोगों ने बताया ज्यादा मानसिक तनाव

    ब्लड शुगर के साथ मानसिक स्वास्थ्य से जुड़ा एक और आंकड़ा सामने आया. कुल 7,346 लोगों में से 40.4 फीसदी लोगों ने पिछले एक सप्ताह में अपने शरीर में मानसिक तनाव लेवल बहुत ज्यादा बताया है. यानी बड़ी संख्या में लोगों ने खुद को काफी ज्यादा मानसिक तनाव महसूस किया है।

    आंकड़ों में यह भी सामने आया कि हेल्थ इंश्योरेंस से जुड़े दावों में कर्मचारियों की तुलना में उनके परिवार की हिस्सेदारी ज्यादा रही. कुल दावों में 66.5 फीसदी परिवार के सदस्यों से जुड़े थे, जबकि कर्मचारियों से जुड़े दावों की हिस्सेदारी 33.5 फीसदी रही. यह आंकड़ा बताता है कि स्वास्थ्य बीमा का इस्तेमाल केवल कर्मचारी ही नहीं, बल्कि उनके परिवार के सदस्य भी बड़ी संख्या में कर रहे हैं.


    आय बढ़ी तो फुल-बॉडी हेल्थ टेस्ट भी बढ़ा

    स्वास्थ्य जांच को लेकर आर्थिक स्थिति का बड़ा अंतर भी देखने को मिला. सालाना 3 लाख रुपये से कम आय वाले लोगों में केवल 15.6 फीसदी ने फुल-बॉडी डायग्नोस्टिक टेस्ट कराने की जानकारी दी. इसग्वालियर हाईकोर्ट का फैसला, OBC क्रीमी लेयर तय करने में सिर्फ वेतन नहीं, अन्य पहलू भी जरूरीके मुकाबले 40 लाख रुपये या उससे अधिक सालाना आय वाले लोगों में यह आंकड़ा बढ़कर 54.3 फीसदी हो गया है।

  • 30 हजार के जूते और फंडिंग का सवाल, कॉकरोच जनता पार्टी के आंदोलन से पहले अभिजीत दीपके का बेबाक जवाब

    30 हजार के जूते और फंडिंग का सवाल, कॉकरोच जनता पार्टी के आंदोलन से पहले अभिजीत दीपके का बेबाक जवाब


    नई दिल्ली। कॉकरोच जनता पार्टी के संस्थापक अभिजीत दीपके एक बार फिर चर्चा में हैं। मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ 2 अक्टूबर से मुंबई में प्रस्तावित विरोध प्रदर्शन से पहले उनसे पार्टी की फंडिंग को लेकर सवाल किया गया। जवाब में दीपके ने कहा कि उनकी फंडिंग और चुनाव आयोग से जुड़े उनके आरोपों का आपस में क्या संबंध है। उन्होंने यह भी कहा कि सिर्फ फंडिंग का स्रोत बताने से चुनाव व्यवस्था में कोई बदलाव नहीं आ जाएगा। उनके बयान में उन्होंने अपने महंगे जूतों और विदेश यात्रा का भी जिक्र किया।

    दीपके की पार्टी ने 2 अक्टूबर को मुंबई के शिवाजी पार्क में विरोध प्रदर्शन का ऐलान किया है। पार्टी की ओर से इसे जेल भरो आंदोलन बताया गया है। हालांकि मुंबई पुलिस की अनुमति को लेकर विवाद सामने आया है। पुलिस के अनुसार शिवाजी पार्क में आयोजन को लेकर 2013 के बॉम्बे हाईकोर्ट के आदेश और क्षेत्र के साइलेंस जोन होने की स्थिति लागू होती है। इसके बावजूद दीपके ने आंदोलन जारी रखने की बात कही है।

    प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान जब उनसे पूछा गया कि जिस तरह वह चुनाव आयोग से पारदर्शिता की मांग कर रहे हैं उसी तरह क्या वह अपनी पार्टी की फंडिंग का स्रोत भी सार्वजनिक कर सकते हैं तो दीपके ने सवाल को ही गैरजरूरी बताया। उन्होंने कहा कि अगर वह अपनी सार्वजनिक रूप से आने वाली फंडिंग की जानकारी बता भी दें तो इससे चुनाव कैसे ठीक हो जाएंगे। उन्होंने फंडिंग और चुनाव आयोग से जुड़े उनके आरोपों के बीच संबंध पर सवाल उठाया।

    इसी बातचीत में उनसे यह भी पूछा गया कि इतना बड़ा विरोध प्रदर्शन आयोजित करने के लिए संसाधन कहां से आ रहे हैं। इस पर दीपके ने अपने जूतों की कीमत का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि वह 30000 रुपये के जूते पहनते हैं और उन्हें यह बताने में कोई शर्म नहीं है। उन्होंने बताया कि वह अमेरिका भी जा चुके हैं और वहां से भारत लौटकर अलग-अलग राज्यों में यात्रा करने की क्षमता रखते हैं। उनका कहना था कि अगर वह अमेरिका जाने वाली फ्लाइट ले सकते हैं तो मुंबई से दिल्ली तक भी यात्रा कर सकते हैं।

    फंडिंग के सवाल पर उनका यह जवाब ऐसे समय आया है जब कॉकरोच जनता पार्टी ने चुनाव आयोग और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को लेकर देशव्यापी आंदोलन का ऐलान किया है। रिपोर्टों के अनुसार पार्टी की प्रमुख मांगों में ज्ञानेश कुमार का इस्तीफा और चुनावी प्रक्रिया से जुड़े कुछ मुद्दों पर बदलाव शामिल हैं।

    इससे पहले 1 अक्टूबर को दीपके को मुंबई के मरीन ड्राइव इलाके में समर्थकों के साथ तख्तियां लेकर मौजूद रहने के बाद पुलिस ने कुछ समय के लिए हिरासत में लिया था। पुलिस अधिकारियों के मुताबिक उन्हें मरीन ड्राइव थाने ले जाया गया और कुछ देर बाद छोड़ दिया गया। 2 अक्टूबर को भी मुंबई और दिल्ली में चुनाव आयोग से जुड़े विरोध प्रदर्शनों को लेकर सुरक्षा व्यवस्था बढ़ाए जाने की खबर है।

    दीपके ने कहा है कि मुंबई के बाद आंदोलन को दूसरे शहरों तक ले जाया जाएगा। रिपोर्टों में गोवा बेंगलुरु और कोलकाता समेत अन्य शहरों में प्रदर्शन की योजना का भी उल्लेख है। उन्होंने यह भी कहा है कि अक्टूबर के अंत में दिल्ली के जंतर मंतर पर बड़ा प्रदर्शन किया जाएगा।

    इस तरह फंडिंग और आंदोलन के खर्च को लेकर पूछे गए सवाल पर दीपके का जवाब अब चर्चा में है। उन्होंने अपनी आर्थिक क्षमता का हवाला देते हुए कहा कि महंगे जूते पहनना या विदेश यात्रा करना अपने आप में पार्टी की फंडिंग के स्रोत का जवाब नहीं है। वहीं पार्टी के आंदोलन और उसकी वित्तीय पारदर्शिता से जुड़े सवाल आगे भी चर्चा का विषय बने रह सकते हैं।

  • यूपी के 586 पीएम श्री स्कूलों में लर्निंग बाय डूइंग को मिलेगी नई गति, 2.34 करोड़ रुपये से खरीदी जाएगी सामग्री

    यूपी के 586 पीएम श्री स्कूलों में लर्निंग बाय डूइंग को मिलेगी नई गति, 2.34 करोड़ रुपये से खरीदी जाएगी सामग्री

    लखनऊ, 1 अक्टूबर। उत्तर प्रदेश के वर्ष 2024-25 के लिए चयनित 586 उच्च प्राथमिक एवं कंपोजिट पीएम श्री विद्यालयों में पढ़ाई को किताबों की सीमाओं से आगे ले जाकर प्रयोग, गतिविधि और अनुभव से जोड़ने की दिशा में कदम उठाया गया है। इन विद्यालयों में लर्निंग बाय डूइंग को और प्रभावी बनाया जाएगा। इसके लिए 2.34 करोड़ रुपये की धनराशि से कंज्यूमेबल्स और रॉ मैटेरियल खरीदा जाएगा। प्रत्येक चयनित विद्यालय के लिए 40 हजार रुपये की धनराशि की सीमा निर्धारित की गई है। इससे गतिविधि आधारित शिक्षण के लिए जरूरी संसाधन उपलब्ध होंगे और बच्चों को पुस्तकीय ज्ञान के साथ प्रयोग तथा प्रत्यक्ष अनुभव के माध्यम से सीखने के अधिक अवसर मिलेंगे।

    लर्निंग बाय डूइंग के तहत विद्यार्थियों को विषयवस्तु को केवल पढ़ने के बजाय गतिविधियों, प्रयोगों और प्रत्यक्ष अनुभवों के जरिए समझने का अवसर मिलेगा। विद्यालयों को उपलब्ध कराई जाने वाली कंज्यूमेबल्स और रॉ मैटेरियल सामग्री का इस्तेमाल गतिविधि आधारित शिक्षण को प्रभावी बनाने के लिए किया जाएगा। इसके माध्यम से बच्चे सीखने की प्रक्रिया में सक्रिय भागीदार बन सकेंगे। कक्षा में विषयों को देखकर, प्रयोग करके और गतिविधियों में शामिल होकर समझने से पुस्तकीय ज्ञान को व्यावहारिक अनुभव से जोड़ने में मदद मिलेगी। इस पहल का उद्देश्य सीखने की प्रक्रिया को अधिक सक्रिय, अनुभवपूर्ण, सहज और रोचक बनाना है।

    बेसिक शिक्षा राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) संदीप सिंह ने कहा कि लर्निंग बाय डूइंग के माध्यम से बच्चों को प्रयोग और अनुभव से सीखने के अवसर मिलेंगे। उन्होंने कहा कि प्रयास यह है कि सीखने की प्रक्रिया रोचक, सहभागितापूर्ण और बच्चों की जिज्ञासा के अनुरूप बने। इस व्यवस्था के तहत विद्यालयों में उपलब्ध कराई जाने वाली सामग्री का उपयोग निर्धारित गतिविधियों के संचालन के लिए किया जाएगा, ताकि विद्यार्थी विषयवस्तु को केवल पढ़ने तक सीमित न रहें और गतिविधियों तथा प्रयोगों के माध्यम से उसे समझने का अवसर प्राप्त कर सकें।

    महानिदेशक, स्कूल शिक्षा एवं राज्य परियोजना निदेशक मोनिका रानी के निर्देशानुसार चयनित 586 विद्यालयों में लर्निंग बाय डूइंग के लिए आवश्यक कंज्यूमेबल्स और रॉ मैटेरियल की खरीद की जाएगी। इसके लिए कुल 2,34,40,000 रुपये का प्रावधान किया गया है। प्रत्येक चयनित विद्यालय के लिए 40 हजार रुपये की सीमा के तहत गतिविधियों के संचालन के लिए जरूरी संसाधन उपलब्ध कराए जाएंगे। इस सामग्री के माध्यम से विद्यालयों में गतिविधि आधारित शिक्षण को प्रभावी ढंग से संचालित करने पर जोर रहेगा।

    विद्यालयों को उपलब्ध कराई जाने वाली सामग्री का उचित और उद्देश्यपरक उपयोग सुनिश्चित करने के साथ गतिविधियों के संचालन और उनके अभिलेखीकरण का अनुश्रवण भी किया जाएगा। पूर्व में संचालित लर्निंग बाय डूइंग गतिविधियों के अनुभवों को आगे की गतिविधियों से जोड़ने पर भी जोर दिया गया है। इस पहल के तहत विद्यार्थियों को विषयवस्तु को देखकर, प्रयोग करके और गतिविधियों में भाग लेकर समझने के अवसर मिलेंगे। इससे कक्षा-कक्ष में सीखने की प्रक्रिया को अनुभव से जोड़ने और बच्चों की सहभागिता बढ़ाने के लिए उपलब्ध संसाधनों का उद्देश्यपरक इस्तेमाल सुनिश्चित करने पर ध्यान दिया जाएगा।

  • SIR प्रक्रिया पर बॉम्बे हाईकोर्ट की चुनाव आयोग को फटकार, बिना सुनवाई नाम हटाने पर कानून का पालन करने को कहा

    SIR प्रक्रिया पर बॉम्बे हाईकोर्ट की चुनाव आयोग को फटकार, बिना सुनवाई नाम हटाने पर कानून का पालन करने को कहा


    नई दिल्ली। मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR की प्रक्रिया को लेकर बॉम्बे हाईकोर्ट ने चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर कड़ी टिप्पणी की है। गोवा में SIR के दौरान एक ही परिवार के छह सदस्यों के नाम मतदाता सूची से हटाए जाने के मामले की सुनवाई करते हुए अदालत ने कहा कि किसी मतदाता का नाम हटाने से पहले उसे अपना पक्ष रखने का अवसर दिया जाना चाहिए। हाईकोर्ट ने चुनाव आयोग से यह भी पूछा कि किस कानून के तहत किसी व्यक्ति को सुनवाई का मौका दिए बिना मतदाता सूची से उसका नाम हटाया जा सकता है। अदालत ने चुनाव आयोग की जिम्मेदारी पर जोर देते हुए कहा कि यह सुनिश्चित किया जाना चाहिए कि कोई भी मतदाता सूची से छूट न जाए।

    मामला गोवा में SIR के दौरान एक परिवार के छह सदस्यों के नाम मतदाता सूची से हटाए जाने से जुड़ा है। इस मामले में परिवार का नाम हटाने से पहले उन्हें सुनवाई का अवसर नहीं दिया गया। इसी बिंदु पर सुनवाई के दौरान अदालत ने चुनाव आयोग की प्रक्रिया पर सवाल उठाए। हाईकोर्ट ने कहा कि यदि किसी व्यक्ति का नाम मतदाता सूची से हटाया जाना है तो उससे पहले उसे अपना पक्ष रखने का अवसर मिलना चाहिए। अदालत ने बिना सुनवाई के नाम हटाए जाने को लेकर चुनाव आयोग से संबंधित कानूनी आधार स्पष्ट करने को कहा।

    सुनवाई के दौरान बॉम्बे हाईकोर्ट ने चुनाव आयोग से तकनीक के बजाय कानून और नियमों के अनुसार प्रक्रिया अपनाने को कहा। अदालत ने SIR के दौरान इस्तेमाल की जा रही प्रक्रिया को लेकर भी सवाल उठाए। कोर्ट की टिप्पणी थी कि मौजूदा प्रक्रिया को देखने पर ऐसा लग रहा है कि कानून और नियमों को कुछ समय के लिए किनारे कर दिया गया है और काम सॉफ्टवेयर के हिसाब से किया जा रहा है। इस टिप्पणी के जरिए अदालत ने मतदाता सूची के पुनरीक्षण में तकनीकी प्रक्रिया के साथ कानूनी प्रावधानों के पालन के महत्व पर सवाल उठाया।

    अदालत ने मामले की सुनवाई के दौरान संबंधित चुनाव अधिकारी को भी कोर्ट में बुलाया है। हाईकोर्ट की सुनवाई का केंद्र यह रहा कि मतदाता सूची से किसी व्यक्ति या परिवार के सदस्यों के नाम हटाने की कार्रवाई किस कानूनी प्रक्रिया के तहत की गई और क्या संबंधित लोगों को अपना पक्ष रखने का अवसर दिया गया। अदालत ने स्पष्ट रूप से चुनाव आयोग से उस कानून का आधार बताने को कहा जिसके तहत बिना सुनवाई के किसी व्यक्ति का नाम मतदाता सूची से हटाया जा सकता है। मामले में गोवा के परिवार के छह सदस्यों के नाम हटाए जाने की कार्रवाई इसी प्रक्रिया के संदर्भ में जांच के दायरे में है।

    बॉम्बे हाईकोर्ट की इस सुनवाई में SIR के दौरान मतदाता सूची में नाम हटाने की प्रक्रिया, सुनवाई का अवसर और कानून के पालन से जुड़े सवाल प्रमुख रहे। अदालत ने कहा कि तकनीकी व्यवस्था के आधार पर प्रक्रिया चलाने के बजाय संबंधित कानूनी प्रावधानों का पालन किया जाना चाहिए। साथ ही, मतदाता सूची के पुनरीक्षण के दौरान यह सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी चुनाव आयोग की है कि किसी मतदाता का नाम अनावश्यक रूप से छूट न जाए। मामले में संबंधित चुनाव अधिकारी को अदालत के समक्ष बुलाए जाने के बाद अब नाम हटाने की प्रक्रिया और उसके कानूनी आधार से जुड़े पहलुओं पर सुनवाई आगे बढ़ेगी।

  • सुप्रीम कोर्ट ने TMC के चार फ्रीज बैंक खातों को संचालित करने की अनुमति देने से किया इनकार

    सुप्रीम कोर्ट ने TMC के चार फ्रीज बैंक खातों को संचालित करने की अनुमति देने से किया इनकार

    नई दिल्ली, 1 अक्टूबर 2026। सुप्रीम कोर्ट ने ममता बनर्जी के नेतृत्व वाले तृणमूल कांग्रेस गुट को चार डेबिट-फ्रीज बैंक खातों को संचालित करने की अनुमति देने से इनकार कर दिया है। इन चार खातों में करीब 804 करोड़ रुपये की राशि मौजूद है। TMC गुट ने पश्चिम बंगाल पुलिस की कार्रवाई को चुनौती देते हुए शीर्ष अदालत से इन खातों को संचालित करने की अनुमति मांगी थी। न्यायमूर्ति एम. एम. सुंदरेश और न्यायमूर्ति पी. बी. वराले की पीठ ने तत्काल राहत देने से इनकार करते हुए कलकत्ता हाई कोर्ट के उस आदेश में हस्तक्षेप करने से भी मना कर दिया, जिसमें खातों को संचालित करने की अंतरिम अनुमति देने से इनकार किया गया था।

    सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि वह फिलहाल मामले के गुण-दोष में नहीं जा रहा है, क्योंकि मुख्य मामला कलकत्ता हाई कोर्ट में लंबित है। पीठ ने हाई कोर्ट से मामले की सुनवाई जल्द पूरी करने का अनुरोध किया है। अदालत ने कहा कि निर्वाचन आयोग की ओर से चुनाव चिह्न पर रोक लगाए जाने के बाद इन बैंक खातों में मौजूद राशि पर अधिकार किसका है, यह महत्वपूर्ण सवाल अभी न्यायिक निर्णय के लिए लंबित है। ऐसे में शीर्ष अदालत ने इस स्तर पर खातों को संचालित करने की अनुमति देने से इनकार कर दिया। पीठ ने स्पष्ट किया कि वह हाई कोर्ट के अंतरिम आदेश में हस्तक्षेप नहीं करना चाहती।

    यह मामला पहले फ्रीज किए गए तीन HDFC बैंक खातों से अलग है। TMC गुट ने जिन चार बैंक खातों को संचालित करने की अनुमति मांगी थी, उन्हें डेबिट लेनदेन के लिए फ्रीज किया गया था। पार्टी ने पश्चिम बंगाल पुलिस की कार्रवाई को चुनौती देते हुए इन खातों के संचालन की अनुमति मांगी थी। TMC गुट की ओर से कहा गया था कि खातों पर रोक के कारण पार्टी के कामकाज पर असर पड़ रहा है और इसलिए इन्हें संचालित करने की अनुमति दी जानी चाहिए। हालांकि, इस मांग पर तत्काल राहत देने से इनकार कर दिया गया है।

    इससे पहले 27 अगस्त को कलकत्ता हाई कोर्ट ने ममता बनर्जी के नेतृत्व वाले TMC गुट को करीब 804 करोड़ रुपये वाले इन चार बैंक खातों को संचालित करने की अंतरिम अनुमति देने से इनकार कर दिया था। इसके बाद इस आदेश को चुनौती देते हुए सुप्रीम कोर्ट का रुख किया गया। शीर्ष अदालत ने अब हाई कोर्ट के आदेश में हस्तक्षेप करने से इनकार कर दिया है। साथ ही लंबित मामले की सुनवाई जल्द पूरी करने का अनुरोध किया है। इस दौरान अदालत ने खातों में मौजूद राशि पर अधिकार को लेकर उठे सवाल को भी महत्वपूर्ण माना है।

    सुप्रीम कोर्ट के इस आदेश के बाद चारों फ्रीज बैंक खातों को संचालित करने की मांग पर फिलहाल राहत नहीं मिली है। हालांकि, शीर्ष अदालत ने मामले के मूल विवाद पर कोई अंतिम राय नहीं दी है। अदालत के अनुसार, खातों में मौजूद धन पर अधिकार किसका है, यह सवाल अभी लंबित है और संबंधित न्यायिक प्रक्रिया के जरिए तय किया जाना बाकी है। 1 अक्टूबर को हुई सुनवाई में सुप्रीम कोर्ट ने केवल हाई कोर्ट के आदेश में हस्तक्षेप से इनकार किया और मामले की सुनवाई जल्द पूरी करने का अनुरोध किया।

  • मडगांव-मंगलुरु वंदे भारत का बेंगलुरु तक विस्तार, हासन, उडुपी और कारवार होते हुए चलेगी नई सेवा

    मडगांव-मंगलुरु वंदे भारत का बेंगलुरु तक विस्तार, हासन, उडुपी और कारवार होते हुए चलेगी नई सेवा


    नई दिल्ली। भारतीय रेलवे ने मडगांव-मंगलुरु वंदे भारत एक्सप्रेस का विस्तार बेंगलुरु तक कर दिया है। अब यह ट्रेन हासन, मंगलुरु, उडुपी और कारवार होते हुए बेंगलुरु और मडगांव के बीच चलेगी। बदली हुई व्यवस्था के तहत ट्रेन नई समय-सारणी के साथ ट्रेन नंबर 26655/26656 यशवंतपुर-मंगलुरु-मडगांव वंदे भारत एक्सप्रेस के रूप में संचालित होगी। इस विस्तार की जानकारी केंद्रीय मंत्री एच.डी. कुमारस्वामी की ओर से दी गई। नई व्यवस्था से इस रेल मार्ग पर यात्रियों के लिए यात्रा के विकल्प बढ़ेंगे और बेंगलुरु, तटीय कर्नाटक तथा गोवा के बीच रेल संपर्क को विस्तार मिलेगा।

    कर्नाटक से आने वाले केंद्रीय मंत्री एच.डी. कुमारस्वामी ने बताया कि मौजूदा मडगांव-मंगलुरु वंदे भारत एक्सप्रेस को अब बेंगलुरु तक बढ़ाया गया है। ट्रेन हासन, उडुपी और कारवार होते हुए बेंगलुरु पहुंचेगी। कुमारस्वामी कर्नाटक की मांड्या लोकसभा सीट से सांसद हैं और वर्तमान में केंद्र सरकार में भारी उद्योग और इस्पात मंत्री हैं। उन्होंने कहा कि बढ़ते यात्री यातायात के साथ पर्यटन, धार्मिक यात्रा, शिक्षा और व्यापार के लिए इस मार्ग के महत्व को ध्यान में रखते हुए उन्होंने हासन, मंगलुरु, उडुपी और कारवार होते हुए बेंगलुरु तथा मडगांव को जोड़ने वाली वंदे भारत सेवा शुरू करने का अनुरोध किया था।

    कुमारस्वामी ने अपने बयान में केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि उनके अनुरोध पर रेल मंत्री की ओर से तुरंत और सकारात्मक प्रतिक्रिया दी गई। इसके बाद मौजूदा मडगांव-मंगलुरु वंदे भारत एक्सप्रेस का विस्तार बेंगलुरु तक किया गया है। अब यह ट्रेन बदली हुई समय-सारणी के साथ ट्रेन नंबर 26655/26656 यशवंतपुर-मंगलुरु-मडगांव वंदे भारत एक्सप्रेस के रूप में चलेगी। नई व्यवस्था में हासन, मंगलुरु, उडुपी और कारवार के रास्ते बेंगलुरु और मडगांव को जोड़ा गया है।

    कुमारस्वामी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में आधुनिक रेल कनेक्टिविटी को मजबूत करने और बेंगलुरु, तटीय कर्नाटक तथा गोवा को एक-दूसरे के करीब लाने की दिशा में यह एक और महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने कहा कि बेहतर रेल संपर्क से यात्रियों को सुविधा मिलेगी। इसके साथ ही पर्यटन, क्षेत्रीय आर्थिक गतिविधियों और राज्यों के बीच आपसी संपर्क को भी बढ़ावा मिलेगा। मडगांव-मंगलुरु वंदे भारत एक्सप्रेस के बेंगलुरु तक विस्तार के साथ इस रेल मार्ग से जुड़े यात्रियों को अब नई सेवा के जरिए यात्रा का विकल्प मिलेगा।

    रेल सेवा के इस विस्तार में बेंगलुरु से मडगांव के बीच हासन, मंगलुरु, उडुपी और कारवार को जोड़ा गया है। मौजूदा ट्रेन सेवा को विस्तार देने के साथ इसका नाम और ट्रेन नंबर भी बदला गया है। नई व्यवस्था में ट्रेन नंबर 26655/26656 यशवंतपुर-मंगलुरु-मडगांव वंदे भारत एक्सप्रेस के तौर पर सेवा संचालित होगी। इसके लिए बेहतर समय-सारणी तय की गई है। इस विस्तार को यात्रियों की बढ़ती जरूरतों, पर्यटन, धार्मिक यात्रा, शिक्षा और व्यापार के लिए इस मार्ग के महत्व से जोड़कर देखा गया है। बेहतर कनेक्टिविटी के जरिए यात्रियों की सुविधा के साथ क्षेत्रीय गतिविधियों और राज्यों के बीच संपर्क को बढ़ावा देने की बात कही गई है।