Category: National

  • SIR विवाद में राहुल गांधी पर राजीव चंद्रशेखर का पलटवार बोले पीएम से माफी मांगें तो फ्रॉड कहना छोड़ दूंगा

    SIR विवाद में राहुल गांधी पर राजीव चंद्रशेखर का पलटवार बोले पीएम से माफी मांगें तो फ्रॉड कहना छोड़ दूंगा


    नई दिल्ली । केरल में विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR को लेकर चल रही राजनीतिक बहस के बीच बीजेपी और कांग्रेस के बीच जुबानी टकराव और तेज हो गया है। केरल बीजेपी अध्यक्ष राजीव चंद्रशेखर ने राहुल गांधी को लेकर अपनी टिप्पणी का बचाव करते हुए मुख्यमंत्री वी डी सतीशन पर पलटवार किया है। चंद्रशेखर ने कहा कि अगर राहुल गांधी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और चुनाव आयोग को लेकर की गई अपनी टिप्पणियों के लिए माफी मांगते हैं तो वह उन्हें फ्रॉड कहना छोड़ देंगे। यह बयान सतीशन की उस आलोचना के बाद आया जिसमें उन्होंने राहुल गांधी के खिलाफ व्यक्तिगत और अपमानजनक टिप्पणियों को राजनीतिक आलोचना मानने से इनकार किया था।

    विवाद की शुरुआत तब हुई जब राजीव चंद्रशेखर ने SIR और चुनावी राजनीति के मुद्दे पर राहुल गांधी की आलोचना की। चंद्रशेखर ने कांग्रेस की राजनीति पर कई आरोप लगाए और कहा कि चुनावों में पार्टी को मिली हार के लिए उसे अपनी राजनीतिक रणनीति पर विचार करना चाहिए। उन्होंने SIR का समर्थन करते हुए कहा कि मतदाता सूची से फर्जी या अवैध नामों को हटाना जरूरी है। उनके मुताबिक चुनावी प्रक्रिया की शुचिता बनाए रखना लोकतांत्रिक व्यवस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा है।

    इसके बाद मुख्यमंत्री वी डी सतीशन ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर चंद्रशेखर की टिप्पणियों पर आपत्ति जताई। सतीशन ने कहा कि लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी के खिलाफ व्यक्तिगत और अपमानजनक भाषा का इस्तेमाल राजनीतिक आलोचना नहीं माना जा सकता। उन्होंने SIR को लेकर चुनाव आयोग के भीतर सामने आए मतभेदों पर चंद्रशेखर के रुख की भी आलोचना की।

    सतीशन के बयान के जवाब में चंद्रशेखर ने कहा कि वह आमतौर पर राजनीतिक विरोधियों पर व्यक्तिगत टिप्पणी नहीं करते लेकिन राहुल गांधी के मामले में उन्हें ऐसा करने के लिए मजबूर होना पड़ा। उन्होंने राहुल गांधी की राजनीति पर गंभीर आरोप लगाए और कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तथा चुनाव आयोग को लेकर राहुल गांधी की टिप्पणियों की निंदा होनी चाहिए। ये चंद्रशेखर के राजनीतिक आरोप और उनके द्वारा व्यक्त किया गया नजरिया है जिसे स्वतंत्र तथ्य के रूप में नहीं माना जा सकता।

    चंद्रशेखर ने अपने जवाब में सतीशन के सामने एक शर्त भी रखी। उन्होंने कहा कि अगर मुख्यमंत्री राहुल गांधी से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को लेकर की गई टिप्पणी के लिए माफी मांगने को कहते हैं और चुनाव आयोग के संबंध में लगाए गए आरोपों पर भी माफी मांगने को कहते हैं तो वह राहुल गांधी को फ्रॉड कहना बंद कर देंगे। उन्होंने यह भी कहा कि अगर उनकी यह मांग स्वीकार नहीं की जाती और विपक्ष अपनी राजनीतिक रणनीति में झूठ भ्रष्टाचार तथा तुष्टीकरण जैसे मुद्दों को शामिल रखता है तो वह अपनी टिप्पणी दोहराते रहेंगे।

    इस पूरे विवाद की पृष्ठभूमि में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR को लेकर देशभर में चल रही राजनीतिक बहस भी है। बीजेपी जहां इसे मतदाता सूची को व्यवस्थित और साफ करने की प्रक्रिया के तौर पर पेश कर रही है वहीं विपक्षी दल इसके तौर तरीकों और संभावित प्रभावों को लेकर सवाल उठाते रहे हैं। केरल में भी यह मुद्दा बीजेपी और कांग्रेस के बीच राजनीतिक टकराव का विषय बना हुआ है। चंद्रशेखर पहले भी SIR के मुद्दे पर राहुल गांधी की आलोचना कर चुके हैं।

    इस बयानबाजी से साफ है कि केरल की राजनीति में SIR को लेकर विवाद केवल चुनाव आयोग की प्रक्रिया तक सीमित नहीं रहा बल्कि अब बीजेपी और कांग्रेस के शीर्ष राज्य नेताओं के बीच तीखी राजनीतिक बहस का रूप ले चुका है। फिलहाल दोनों पक्ष अपने अपने रुख पर कायम हैं और आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर राजनीतिक बयानबाजी और बढ़ सकती है।

  • बिहार में कानून व्यवस्था पर BJP सांसद ने उठाए सवाल बोले पुलिसिंग हुई कमजोर अब नए मुख्य सचिव और DGP की जरूरत

    बिहार में कानून व्यवस्था पर BJP सांसद ने उठाए सवाल बोले पुलिसिंग हुई कमजोर अब नए मुख्य सचिव और DGP की जरूरत


    नई दिल्ली । बिहार में महिला सुरक्षा और कानून व्यवस्था को लेकर राजनीतिक बहस तेज हो गई है। राज्य में लड़कियों से कथित उत्पीड़न के कई मामले सामने आने के बीच अब सत्तारूढ़ बीजेपी के राज्यसभा सांसद शंभू शरण पटेल ने भी पुलिस व्यवस्था को लेकर सवाल उठाए हैं। शनिवार को पत्रकारों से बातचीत में पटेल ने कहा कि बिहार में पुलिसिंग व्यवस्था चरमरा गई है और कानून व्यवस्था को सुधारने के लिए नए मुख्य सचिव और पुलिस महानिदेशक की जरूरत है। उनके इस बयान ने सरकार के सामने अपनी ही पार्टी के भीतर से उठ रही चिंता को सामने ला दिया है।

    शंभू शरण पटेल ने कहा कि राज्य में अपराधियों के बीच कानून का डर दिखाई नहीं दे रहा है। उन्होंने कानून व्यवस्था पर पूरी तरह से दोबारा नियंत्रण स्थापित करने की जरूरत बताई। सांसद ने अपने एक हालिया अनुभव का जिक्र करते हुए कहा कि एक लड़की से जुड़ी घटना के बाद उन्होंने पटना प्रशासन से संपर्क करने की कोशिश की थी लेकिन SSP ने उनका फोन नहीं उठाया। उन्होंने दावा किया कि संबंधित मामले में अब तक FIR भी दर्ज नहीं हुई है। हालांकि इस मामले के बारे में स्वतंत्र रूप से विस्तृत आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है।

    पटेल ने कहा कि सत्ता पक्ष का हिस्सा होने के कारण उनके हाथ बंधे हुए हैं लेकिन जनता ने सरकार को सुशासन और कानून व्यवस्था बनाए रखने का जनादेश दिया है। उन्होंने महिला के साथ किसी भी तरह के अत्याचार को गंभीर बताते हुए पुलिस व्यवस्था में सुधार की जरूरत पर जोर दिया। उनका बयान ऐसे समय आया है जब बिहार में पिछले कुछ दिनों के दौरान लड़कियों के कथित उत्पीड़न से जुड़े कई वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आए हैं।

    जमुई में 19 सितंबर को एक नाबालिग लड़की और उसके साथी को कथित तौर पर रोककर उनके साथ मारपीट और बदसलूकी का मामला सामने आया था। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर प्रसारित होने के बाद पुलिस ने कार्रवाई की। पुलिस ने कई संदिग्धों की पहचान की और आरोपियों के खिलाफ FIR दर्ज की गई। मामले की जांच के लिए SIT भी गठित की गई थी। पुलिस की कार्रवाई के दौरान मुख्य आरोपी बताए जा रहे नंदन यादव के पैर में गोली लगने की जानकारी भी सामने आई।

    इसके कुछ ही दिनों बाद समस्तीपुर में भी एक लड़की के कथित उत्पीड़न का वीडियो सामने आया। रिपोर्टों के मुताबिक दिनदहाड़े हुई इस घटना में कुछ युवकों पर लड़की को घेरने और उसके साथ बदसलूकी करने का आरोप लगा। पुलिस ने मामले में चार लोगों को गिरफ्तार किया और संबंधित धाराओं के तहत कार्रवाई की।

    समस्तीपुर से ही एक अन्य कथित घटना का वीडियो सामने आने की बात भी रिपोर्टों में कही गई है। इसके अलावा बांका के मंदार हिल से जुड़ा एक पुराना वीडियो भी सामने आया जिसके बाद पुलिस ने संदिग्धों की पहचान की। इस तरह अलग अलग जिलों से सामने आए मामलों ने महिला और नाबालिगों की सुरक्षा को लेकर प्रशासन पर सवाल खड़े किए हैं।

    इन घटनाओं को लेकर विपक्षी दलों ने भी बिहार सरकार पर निशाना साधा है। नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने सोशल मीडिया पर सामने आए मामलों को लेकर सरकार और प्रशासन की जवाबदेही पर सवाल उठाए हैं। वहीं मुख्यमंत्री कार्यालय से जुड़ी एक सोशल मीडिया पोस्ट में जमुई मामले की पीड़िता की तस्वीर साझा किए जाने को लेकर भी विवाद हुआ और आरजेडी सांसद मीसा भारती ने शिकायत दर्ज कराने की बात कही।

    इस पूरे घटनाक्रम के बीच शंभू शरण पटेल का बयान इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि उन्होंने कानून व्यवस्था में सुधार के लिए प्रशासनिक स्तर पर बदलाव की मांग की है। फिलहाल इन मामलों में पुलिस की जांच और कानूनी कार्रवाई जारी है और अलग अलग घटनाओं के अंतिम तथ्य जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होंगे।

  • 27 साल तक कोशिश 26 बार फेल फिर भी जारी रखा संघर्ष 59 साल की उम्र में विजय बने सरकारी शिक्षक

    27 साल तक कोशिश 26 बार फेल फिर भी जारी रखा संघर्ष 59 साल की उम्र में विजय बने सरकारी शिक्षक


    नई दिल्ली । बागपत के रहने वाले विजय कुमार शर्मा ने यह साबित कर दिया है कि किसी लक्ष्य को हासिल करने के लिए उम्र से ज्यादा जरूरी लगातार कोशिश और मजबूत इरादा होता है। 59 साल सात महीने की उम्र में विजय कुमार का वह सपना पूरा हुआ जिसके लिए उन्होंने करीब 27 वर्षों तक लगातार प्रयास किया। प्राइवेट स्कूल में लगभग चार दशक तक पढ़ाने के बाद अब वह सरकारी सहायता प्राप्त स्कूल में सहायक शिक्षक के रूप में अपनी नई जिम्मेदारी संभालेंगे। इस उपलब्धि की खास बात यह है कि सरकारी शिक्षक बनने की कोशिश में वह 26 बार असफल हुए लेकिन उन्होंने कभी हार नहीं मानी।

    विजय कुमार शर्मा ने इस साल उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग की ओर से आयोजित टीजीटी परीक्षा में सफलता हासिल की है। उनका चयन संस्कृत शिक्षक के पद पर हुआ है। अब वह शामली जिले के इंटर कॉलेज आइलम में छात्रों को संस्कृत पढ़ाएंगे। यह स्कूल उनके बागपत जिले के बरावद गांव स्थित घर से करीब 15 किलोमीटर दूर है। विजय के लिए यह नौकरी सिर्फ एक नियुक्ति नहीं बल्कि वर्षों से देखे जा रहे सपने के पूरा होने का मौका है।

    विजय बताते हैं कि सरकारी शिक्षक बनना उनका पुराना सपना था। उन्होंने 1987 में ग्रेजुएशन पूरा किया और इसके बाद हिंदी तथा संस्कृत में पोस्ट ग्रेजुएशन की पढ़ाई की। वर्ष 2003 में उन्होंने बीएड की डिग्री भी हासिल की। इसके बाद उन्होंने सरकारी शिक्षक की भर्ती परीक्षाओं में लगातार हिस्सा लिया। कई बार लिखित परीक्षा पास करने के बावजूद इंटरव्यू में उनका चयन नहीं हो सका। उनके मुताबिक कई मौकों पर उन्हें लगा कि चयन प्रक्रिया में कुछ बाधाएं हैं लेकिन उन्होंने इसे अपने प्रयासों के रास्ते में नहीं आने दिया।

    इस बार संस्कृत शिक्षकों के 292 पदों पर भर्ती निकली थी। विजय ने परीक्षा पास की और इस प्रक्रिया में इंटरव्यू राउंड नहीं था। उनका मानना है कि इस बदलाव से उनके जैसे अभ्यर्थियों को अपनी योग्यता साबित करने का समान अवसर मिला। चयन के बाद उन्होंने सरकारी शिक्षक बनने के अपने सपने के पूरा होने पर खुशी जताई और नियुक्ति प्रक्रिया के लिए सरकार का आभार व्यक्त किया।

    विजय की उम्र अब 59 साल से अधिक है और रिटायरमेंट की उम्र 62 वर्ष होने के कारण उन्हें सरकारी स्कूल में करीब दो साल से कुछ अधिक समय तक पढ़ाने का अवसर मिलेगा। कम समय के बावजूद उनके लिए यह उपलब्धि बेहद खास है। उन्होंने बताया कि उन्हें लखनऊ में नियुक्ति पत्र भी सौंपा गया था।

    विजय के परिवार ने भी उनके संघर्ष को करीब से देखा है। उनके पांच बच्चों में से दो बेटे उत्तर प्रदेश पुलिस में कार्यरत हैं जबकि उनकी पत्नी गृहिणी हैं। उनकी बेटी ममता शर्मा बताती हैं कि उनके पिता 26 बार असफल हुए लेकिन किसी भी असफलता ने उनका आत्मविश्वास नहीं तोड़ा। परिवार ने जब उनसे परीक्षाएं देना बंद करने को कहा तब भी उन्होंने अपनी कोशिश जारी रखी।

    परिवार के शुरुआती दिनों में आर्थिक परेशानियां भी थीं। विजय निजी स्कूल में पढ़ाकर घर चलाते रहे। आज भी वह साइकिल से करीब 10 किलोमीटर का सफर तय करके स्कूल जाते हैं और हिंदी तथा संस्कृत पढ़ाते हैं। हर साल सरकारी नौकरी के लिए आवेदन करना और परीक्षा देना उनकी दिनचर्या का हिस्सा बना रहा। आखिरकार 59 साल की उम्र में उन्हें वह सफलता मिली जिसका इंतजार उन्होंने करीब 27 वर्षों तक किया था। विजय की कहानी बताती है कि लगातार प्रयास के सामने उम्र और असफलता जैसी बाधाएं भी रास्ते का अंत नहीं होतीं।

  • Air India AI-171 हादसे की जांच में बड़ा मोड़ Boeing 787 के इलेक्ट्रिकल सिस्टम पर FIP के सवाल ब्लैक बॉक्स खोलेगा राज

    Air India AI-171 हादसे की जांच में बड़ा मोड़ Boeing 787 के इलेक्ट्रिकल सिस्टम पर FIP के सवाल ब्लैक बॉक्स खोलेगा राज


    नई दिल्ली । एयर इंडिया के Boeing 787 विमान फ्लाइट AI-171 हादसे की जांच के बीच मामला अब विमान के तकनीकी सिस्टम की गहराई से पड़ताल तक पहुंच गया है। पायलटों की शीर्ष संस्था Federation of Indian Pilots यानी FIP ने Aircraft Accident Investigation Bureau यानी AAIB से मांग की है कि दुर्घटनाग्रस्त विमान VT-ANB के इलेक्ट्रिकल इलेक्ट्रॉनिक और एवियोनिक्स सिस्टम की व्यापक जांच की जाए। संगठन का कहना है कि हादसे की वास्तविक वजह तक पहुंचने के लिए विमान के तकनीकी इतिहास और उपलब्ध सभी आंकड़ों का बारीकी से विश्लेषण जरूरी है। हालांकि फिलहाल किसी तकनीकी खामी को हादसे का कारण घोषित नहीं किया गया है और अंतिम निष्कर्ष जांच पूरी होने के बाद ही सामने आएगा।

    FIP के अध्यक्ष कैप्टन सीएस रंधावा की ओर से नागरिक उड्डयन मंत्रालय DGCA और AAIB को पहले भी Boeing 787 के इलेक्ट्रिकल नेटवर्क से जुड़ी तकनीकी समस्याओं को लेकर पत्र और तकनीकी नोट भेजे जाने की बात कही गई है। संगठन ने इन तकनीकी घटनाओं और जून 2025 में हुए AI-171 हादसे के बीच संभावित संबंध की जांच किए जाने की मांग की है। FIP का जोर इस बात पर है कि विमान के पूरे सेवा काल के दौरान सामने आई तकनीकी गड़बड़ियों को जांच का हिस्सा बनाया जाए।

    पायलट संगठन ने Foundation for Aviation Safety यानी FAS की ओर से उपलब्ध कराई गई तकनीकी सामग्री का भी विस्तृत मूल्यांकन करने की मांग की है। इसमें विमान का उड़ान इतिहास मेंटेनेंस रिकॉर्ड सिस्टम में सामने आई कमियां और फॉल्ट इंडिकेशन्स जैसी जानकारियां शामिल होने की बात कही गई है। FIP के अनुसार AAIB ने UK AAIB के विशेषज्ञ के माध्यम से ऐसी तकनीकी जानकारी हासिल करने और उसकी समीक्षा करने की बात स्वीकार की है।

    Boeing 787 Dreamliner को More Electric Aircraft तकनीक पर आधारित आधुनिक विमान माना जाता है। इसमें कई पारंपरिक प्रणालियों की जगह इलेक्ट्रिकल सिस्टम की महत्वपूर्ण भूमिका है। ऐसे में FIP चाहता है कि इलेक्ट्रिकल पावर जनरेशन और डिस्ट्रीब्यूशन सिस्टम के साथ Integrated Modular Avionics की भी गहन जांच हो। इसके अलावा Flight Management Computer Flight Control Computer बैटरी सिस्टम Power Control Units और एयरक्राफ्ट डेटा नेटवर्क की कार्यप्रणाली भी जांच के दायरे में रखे जाने की मांग की गई है।

    FIP ने विमान के पुराने मेंटेनेंस रिकॉर्ड को भी अहम माना है। संगठन के अनुसार उड़ान के दौरान पावर इंटरप्शन सॉफ्टवेयर रीसेट सेंसर से जुड़ी समस्याएं और अन्य तकनीकी कमियों का पूरा रिकॉर्ड देखा जाना चाहिए। इसके साथ ही पेंडिंग मेंटेनेंस वर्क्स बार बार सामने आई खराबियां और बदले गए पुर्जों का इतिहास भी जांचा जाना चाहिए। इन सभी जानकारियों को एक साथ देखने से तकनीकी घटनाओं के बीच किसी संभावित संबंध की पहचान में मदद मिल सकती है।

    जांच में Black Box डेटा के साथ Aircraft Health Monitoring System और ACARS ट्रांसमिशन का मिलान करने का सुझाव भी दिया गया है। इसके अलावा मेंटेनेंस डेटाबेस Built In Test Equipment यानी BITE रिपोर्ट और Boeing के सर्विस रिकॉर्ड को एक साथ देखकर विश्लेषण करने की मांग की गई है। इससे हादसे से पहले विमान की तकनीकी स्थिति को अधिक स्पष्ट तरीके से समझने में मदद मिल सकती है। फिलहाल AI-171 हादसे की अंतिम वजह जांच के निष्कर्ष पर निर्भर है। ऐसे में इलेक्ट्रिकल इलेक्ट्रॉनिक और एवियोनिक्स सिस्टम की जांच से सामने आने वाले तथ्य इस मामले में अहम भूमिका निभा सकते हैं।

  • भारत-अमेरिका के बीच निर्णायक मोड़ पर पहुंची ट्रेड डील, 90 फीसदी से ज्यादा काम पूरा

    भारत-अमेरिका के बीच निर्णायक मोड़ पर पहुंची ट्रेड डील, 90 फीसदी से ज्यादा काम पूरा


    नई दिल्‍ली।
    भारत और अमेरिका (India and America) के संबंधों में सालो से व्‍यापार सबसे बड़ा अड़चन बना हुआ था, लेकिन अब दोनों देश एक निर्णायक मोड़ क करीब दिख रहे हैं. अमेरिकी विदेश विभाग के सीनियर अधिकारी ने कहा है कि प्रस्‍ताव‍ित समझौता 90 फीसदी (Agreement 90% Complete) से ज्‍यादा पूरा हो चुका है, बस मसले बचे हुए हैं.।

    अधिकारी ने कहा कि यह डील दोनों देशों के द्विपक्षीय संबंधों को एक नए स्तर पर ले जा सकता है। इस सवाल- कब डील पर साइन हो सकता है, के जवाब में अधिकार ने कहा कि मैं यही कहूंगा कि देखते रहिए, जैसा कि हम बार-बार कहते हैं, 90 फीसदी काम पूरा हो चुका है और बस कुछ आखिरी चीजें तय की जा रही हैं. इस कारण मुझे उम्‍मीद है कि आपको इस बारे में बहुत जल्‍द कुछ जानकारी मिलेगी.।

    अधिकारी ने आगे कहा कि यह समझौता द्विपक्षीय संबंधों को एक नए स्तर पर ले जाएगा. अधिकारी ने यह भी कहा कि और इससे वास्तव में अमेरिका-भारत संबंधों में एक नया आयाम जुड़ेगा, जो व्यापार के मामले में दशकों से हमारे लिए संभव नहीं हो पाया है. यह हमेशा से ही संबंधों में सबसे बड़ी बाधा रही है।


    पीयूष गोयल ने कहा- बस ये काम बाकी

    इससे पहले कमर्शियल और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने भी संकेत दिया था कि बातचीत लगभग पूरी होने वाली है. गुरुवार को नई दिल्ली में पब्लिक अफेयर्स फोरम ऑफ इंडिया द्वारा आयोजित एक कार्यक्रम में बोलते हुए उन्होंने कहा कि भारत ने नौ मुक्त व्यापार समझौतों को अंतिम रूप दे दिया है, जिनमें अमेरिका के साथ समझौता लगभग पूरा हो चुका है. उन्होंने आगे कहा कि हमें बस अपने लिए सही लाभ खोजना है ताकि हम समझौते को जल्‍द से लागू कर सकें।

    भारत और अमेरिका ने फरवरी में द्विपक्षीय व्यापार समझौते के पहले चरण के ढांचे का ऐलान किया था. हालांकि, अमेरिकी टैरिफ में बदलाव के कारण आगे की बातचीत की आवश्यकता पड़ी. गोयल ने कहा कि भारत के व्यापार समझौते वैश्विक जीडीपी के लगभग 75 प्रतिशत हिस्से वाले बाजारों तक तरजीही पहुंच प्रदान करेंगे।


    पीएम मोदी दिसंबर में अमेरिकी यात्रा पर

    अमेरिकी अधिकरी ने संबंधों में चल रही व्‍यस्‍तता की ओर भी इशारा किया. विदेश मंत्री मार्को रुबियो अक्‍टूबर में भारी दौरे पर आने वाले हैं, जबकि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी दिसंबर में फ्लोरिडा में होने वाले G20 शिखर सम्‍मेलन के लिए अमेरिका की यात्रा करेंगे. अधिकारी ने कहा कि संबंधों में बहुत कुछ चल रहा है. अधिकारी ने कहा कि क्वाड देशों के विदेश मंत्री इस साल तीसरी बार मिलने वाले हैं।

  • जोधपुर में गरजा F-35, 40 देशों की वायु सेनाएं दिखाएंगी ताकत, तरंग शक्ति 2026 शुरू

    जोधपुर में गरजा F-35, 40 देशों की वायु सेनाएं दिखाएंगी ताकत, तरंग शक्ति 2026 शुरू


    नई दिल्ली। राजस्थान के जोधपुर में बहुराष्ट्रीय वायु अभ्यास ‘तरंग शक्ति 2026’ शुरू हो गया है। इस बार अभ्यास में अमेरिकी F-35 Lightning II लड़ाकू विमान पहली बार शामिल हुए हैं। अमेरिका के छह F-35 विमानों के साथ 200 से ज्यादा एयरमैन भारत पहुंचे हैं। अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर ने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए इसकी जानकारी दी।

    पहली बार तरंग शक्ति में शामिल हुआ F-35

    अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर ने बताया कि अमेरिकी एयरपावर जोधपुर पहुंच चुकी है। उन्होंने कहा कि F-35 पहली बार ‘तरंग शक्ति’ अभ्यास में हिस्सा ले रहे हैं। ये विमान भारतीय वायु सेना के साथ-साथ अभ्यास में शामिल अन्य साझेदार देशों की वायु सेनाओं के साथ भी उड़ान भरेंगे।

    F-35 Lightning II को अमेरिकी वायु शक्ति के सबसे आधुनिक लड़ाकू विमानों में गिना जाता है। ऐसे में पहली बार ‘तरंग शक्ति’ में इसकी भागीदारी अभ्यास के प्रमुख आकर्षणों में शामिल है। भारतीय लड़ाकू विमानों के साथ इसकी उड़ान से दोनों देशों की वायु सेनाओं को एक-दूसरे की क्षमताओं और संचालन के तरीकों को समझने का अवसर मिलेगा।

    26 सितंबर से 12 अक्टूबर तक चलेगा अभ्यास

    भारतीय वायु सेना का ‘तरंग शक्ति 2026’ अभ्यास 26 सितंबर से 12 अक्टूबर तक जोधपुर में चलेगा। इसमें करीब 40 देशों की भागीदारी हो रही है। इनमें से सात देश अपने लड़ाकू विमानों और अन्य सैन्य संसाधनों के साथ अभ्यास में शामिल होंगे, जबकि बाकी देश पर्यवेक्षक के तौर पर हिस्सा ले रहे हैं।

    अभ्यास के दौरान अलग-अलग देशों की वायु सेनाएं संयुक्त प्रशिक्षण और परिचालन गतिविधियों में हिस्सा लेंगी। इसका उद्देश्य विभिन्न वायु सेनाओं के बीच तालमेल बढ़ाने के साथ उनके अनुभव और संचालन प्रक्रियाओं को साझा करना है।

    भारत में पहले भी आया है F-35

    अमेरिकी F-35 की भारत में यह पहली मौजूदगी नहीं है। इससे पहले यह विमान एयरो इंडिया के दौरान भारत में प्रदर्शित हो चुका है। हालांकि, ‘तरंग शक्ति 2026’ में इसकी भागीदारी खास है, क्योंकि पहली बार यह बहुराष्ट्रीय वायु अभ्यास में भारतीय और दूसरे साझेदार देशों के लड़ाकू विमानों के साथ उड़ान भरेगा।

    क्या है ‘तरंग शक्ति’ का मकसद?

    ‘तरंग शक्ति’ का मुख्य उद्देश्य अलग-अलग देशों की वायु सेनाओं के बीच साझा प्रशिक्षण और तालमेल को बढ़ाना है। अभ्यास में शामिल देशों को एक-दूसरे के साथ काम करने और संयुक्त अभियानों की प्रक्रियाओं को समझने का मौका मिलता है।

    इस तरह के अभ्यास से अलग-अलग वायु सेनाओं को अपनी कार्यप्रणाली, तकनीक और परिचालन अनुभव साझा करने का अवसर मिलता है। साथ ही, भाग लेने वाले देशों के सैनिकों को दूसरे देशों की वायु सेनाओं के साथ समन्वय स्थापित करने का व्यावहारिक अनुभव भी मिलता है।

    रक्षा सहयोग के लिए भी अहम मंच

    करीब 40 देशों की भागीदारी वाला यह अभ्यास भारत के लिए दूसरे देशों के साथ रक्षा सहयोग बढ़ाने का एक मंच भी है। सात देश अपने लड़ाकू विमानों और सैन्य संसाधनों के साथ इसमें हिस्सा ले रहे हैं, जबकि अन्य देश पर्यवेक्षक के रूप में गतिविधियों को देखेंगे।

    अभ्यास के दौरान F-35 जैसे आधुनिक लड़ाकू विमानों की भागीदारी से विभिन्न देशों की वायु सेनाओं को नई तकनीक और संचालन क्षमताओं को करीब से समझने का अवसर मिलेगा। भारतीय वायु सेना और मित्र देशों की वायु सेनाओं के बीच संयुक्त उड़ान और प्रशिक्षण गतिविधियां इस सहयोग को और व्यापक बनाएंगी।

    ‘तरंग शक्ति 2026’ ऐसे समय में हो रहा है, जब भारत विभिन्न देशों के साथ संयुक्त सैन्य अभ्यासों के जरिए आपसी परिचालन तालमेल और रक्षा सहयोग को बढ़ाने पर जोर दे रहा है। जोधपुर में होने वाला यह अभ्यास इसी सहयोग का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है।

  • दिल्ली में गैंगरेप और अपराध की घटनाओं पर मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने मानी प्रशासनिक कमी, सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने का दिया आश्वासन

    दिल्ली में गैंगरेप और अपराध की घटनाओं पर मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने मानी प्रशासनिक कमी, सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने का दिया आश्वासन

    नई दिल्ली ।दिल्ली में महिलाओं और नाबालिगों के खिलाफ हुई गंभीर आपराधिक घटनाओं को लेकर मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने प्रशासनिक स्तर पर हुई कमियों को स्वीकार किया है। उन्होंने कहा कि हाल की घटनाओं से प्रशासन को सबक मिला है और राजधानी में सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करने पर काम किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि किसी भी आपराधिक घटना को रोकने के लिए संबंधित एजेंसियों के बीच बेहतर समन्वय और निगरानी जरूरी है।

    चलती बस में 16 वर्षीय लड़की के साथ गैंगरेप की घटना का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने माना कि संबंधित बस की जांच नहीं हो पाई थी। उनसे पूछा गया था कि वर्ष 2012 के निर्भया कांड के बाद भी करीब 47 किलोमीटर तक चलने वाली बस कई चेकपॉइंट से गुजरती रही, लेकिन उसकी जांच क्यों नहीं की गई।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि इस मामले में निश्चित रूप से गलती हुई और बस की जांच नहीं की गई थी। घटना के बाद सभी संबंधित एजेंसियों को यह एहसास हुआ कि किसी भी बस को बिना जांच के आगे नहीं जाने दिया जाना चाहिए। उन्होंने बताया कि मामले में 11 चालान काटे गए हैं।

    मुख्यमंत्री के अनुसार, निजी एजेंसियों के ड्राइवर और कंडक्टर सहित बसों से जुड़े कर्मचारियों के पुलिस रिकॉर्ड और वेरिफिकेशन की प्रक्रिया पर भी ध्यान दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि आपराधिक रिकॉर्ड वाले किसी व्यक्ति को स्कूल बस, निजी बस या सरकारी बस चलाने की अनुमति नहीं दी जानी चाहिए।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि दिल्ली में महिलाओं और बेटियों के साथ होने वाली हर घटना सरकार के लिए चिंता का विषय है। सरकार का प्रयास ऐसी घटनाओं को रोकना है और प्रशासन सुरक्षा व्यवस्था में लगातार सुधार करने की दिशा में काम कर रहा है। उन्होंने कहा कि सरकार और पुलिस बल बेहतर परिणाम देने के लक्ष्य के साथ काम करते हैं, लेकिन एक भी आपराधिक घटना होना चिंता का विषय है।

    दक्षिण दिल्ली के कालकाजी स्थित आस्था कुंज पार्क में नाबालिग से गैंगरेप की घटना के बाद उठे सुरक्षा संबंधी सवालों पर मुख्यमंत्री ने कहा कि ऐसी घटनाओं के बाद यह पता लगाने की कोशिश की जाती है कि घटना किन परिस्थितियों में हुई और व्यवस्था में क्या सुधार जरूरी हैं। उन्होंने बताया कि दिल्ली के डार्क स्पॉट को सुरक्षित करने के निर्देश संबंधित एजेंसियों को दिए गए हैं।

    मुख्यमंत्री ने दावा किया कि उनकी सरकार के सत्ता में आने के बाद करीब एक लाख नई स्ट्रीट लाइटें लगाई गई हैं। उनके अनुसार, ये लाइटें सेंसर से जुड़ी हैं और खराब होने पर कंट्रोल रूम को अलर्ट मिलता है, जिसके बाद संबंधित एजेंसी को उन्हें ठीक करने के लिए भेजा जाता है।

    सत्य निकेतन में इमारत गिरने से सात लोगों की मौत के मामले पर मुख्यमंत्री ने सरकार और नगर निगम की जिम्मेदारी से इनकार नहीं किया। उन्होंने कहा कि दिल्ली की मौजूदा व्यवस्थाएं कई वर्षों में विकसित हुई हैं और इस तरह की घटनाओं को रोकने के लिए व्यवस्था में सुधार जरूरी है।

    PG रजिस्ट्रेशन के सवाल पर मुख्यमंत्री ने पिछली सरकारों के कार्यकाल को लेकर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि उनके मुख्यमंत्री बनने के बाद करीब डेढ़ साल का समय हुआ है और यह भी देखा जाना चाहिए कि उनसे पहले ऐसी व्यवस्थाएं क्यों नहीं बनाई गईं।

    मुख्यमंत्री ने दिल्ली में SDRF का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि पहले ऐसी विशेष व्यवस्था नहीं थी, जबकि आपदा या आपात स्थिति में तत्काल राहत और बचाव के लिए इसकी जरूरत होती है। उनके मुताबिक अब दिल्ली के पास अपनी SDRF है और इसका इस्तेमाल आपात परिस्थितियों में राहत एवं बचाव कार्यों के लिए किया जा सकता है।

  • राम मंदिर चढ़ावा चोरी: अविनाश 85 बार रकम चोरी करते दिखा, 700 खाते खंगाले, चंपत राय के नाम एक भी नहीं

    राम मंदिर चढ़ावा चोरी: अविनाश 85 बार रकम चोरी करते दिखा, 700 खाते खंगाले, चंपत राय के नाम एक भी नहीं


    अयोध्या।
    राम मंदिर में चढ़ावे की रकम की कथित चोरी के मामले में दाखिल पुलिस चार्जशीट में सीसीटीवी फुटेज, मोबाइल चैट, कॉल डिटेल रिकॉर्ड और बैंक खातों की जांच के आधार पर आरोपियों की भूमिका का विस्तृत ब्योरा दिया गया है। पुलिस के मुताबिक, अविनाश शुक्ला उर्फ शनि 85 बार चढ़ावे की रकम चोरी करने और चार बार अन्य आरोपियों की मदद करते कैमरे में दिखाई दिया। जांच में करीब 700 बैंक खातों को खंगाला गया, लेकिन चंपत राय के नाम कोई निजी बैंक खाता नहीं मिला।

    अविनाश 85 बार, करुणेश 2 बार रकम हटाते दिखा
    चार्जशीट के अनुसार, मंदिर परिसर के गणना कक्ष में चढ़ावे की रकम चोरी की कुल 105 घटनाएं सीसीटीवी फुटेज में सामने आईं। इनमें सबसे ज्यादा 85 घटनाओं में अविनाश शुक्ला उर्फ शनि की भूमिका दर्ज होने का दावा किया गया है। वह चार अन्य मौकों पर सह-अभियुक्तों की मदद करते भी दिखाई दिया।

    पुलिस के मुताबिक, करुणेश पांडेय दो बार रकम चोरी करते और 68 बार अन्य आरोपियों की मदद करते दिखाई दिया। मनीष कुमार यादव 16 बार चढ़ावे की रकम अपने पास रखते और 19 बार अन्य आरोपियों का सहयोग करते कैमरे में दर्ज हुआ।

    इसी तरह रमाशंकर मिश्र एक बार रकम हटाकर अपने पास रखते दिखाई दिए। लवकुश मिश्रा एक बार चोरी करते और 52 बार अन्य आरोपियों की मदद करते नजर आए। वहीं अनुकल्प मिश्र 56 बार अन्य सह-अभियुक्तों को चढ़ावे की रकम चोरी में सहयोग करते दिखाई दिए।

    पुलिस की चार्जशीट में इन घटनाओं को सीसीटीवी फुटेज के आधार पर दर्ज किया गया है। ये फिलहाल अभियोजन के आरोप और जांच के निष्कर्ष हैं; आरोपों पर अंतिम निर्णय अदालत में साक्ष्यों के परीक्षण के बाद होगा।

    CDR में लगातार संपर्क, चैट में कैश के बंडलों का जिक्र
    जांच में आरोपियों के मोबाइल फोन और कॉल डिटेल रिकॉर्ड को भी अहम साक्ष्य माना गया है। पुलिस का दावा है कि संबंधित अवधि में आरोपियों के बीच लगातार संपर्क था। सीसीटीवी, डिजिटल, मौखिक और परिस्थितिजन्य साक्ष्यों को मिलाकर चार्जशीट में आपसी समन्वय और कथित आपराधिक षड्यंत्र की बात कही गई है।

    पुलिस के मुताबिक, अनुकल्प मिश्र के मोबाइल फोन से अविनाश शुक्ला उर्फ शनि और लवकुश मिश्र के साथ चढ़ावे की रकम को लेकर किए गए टेक्स्ट संदेश मिले। इनमें कैश के बंडलों को रखने, छिपाने, अदला-बदली करने और एक जगह से दूसरी जगह ले जाने से संबंधित बातचीत का उल्लेख है।

    चार्जशीट में 25 से 30 जुलाई 2026 के सीसीटीवी फुटेज का भी जिक्र है। इसमें सुभाष श्रीवास्तव की मौजूदगी में गणना कक्ष में चढ़ावे की रकम की गिनती के दौरान अविनाश शुक्ला उर्फ शनि को रकम हटाकर अपने पास रखते हुए दिखने का दावा किया गया है।

    700 बैंक खातों की जांच, चंपत राय के नाम खाता नहीं
    चढ़ावा चोरी की जांच के दौरान पुलिस ने करीब 700 बैंक खातों का लेनदेन खंगाला। इनमें ट्रस्टियों, आरोपियों, संदिग्धों, गणना कर्मियों और ट्रस्ट से जुड़े कर्मचारियों के खाते शामिल थे। ट्रस्ट के बैंक खातों को भी जांच के दायरे में रखा गया।

    जांच का मकसद यह पता लगाना था कि संदिग्ध रकम किन खातों में गई और उसका आरोपियों या अन्य संबंधित लोगों से कोई संभावित संबंध था या नहीं। पुलिस ने संदिग्धों के खातों में रकम की आवाजाही की भी पड़ताल की।

    चार्जशीट में डॉ. अनिल मिश्रा और गोपाल राव के बैंक खातों के लेनदेन की तुलना अन्य आरोपियों और संदिग्धों के खातों से किए जाने का भी उल्लेख है। वहीं, विवेचना से जुड़े तथ्य के तौर पर दर्ज किया गया है कि चंपत राय के नाम कोई निजी बैंक खाता नहीं मिला।

    चंपत राय, अनिल मिश्रा और गोपाल राव आरोपी नहीं, गवाह
    चार्जशीट का एक अहम पहलू यह भी है कि राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट से जुड़े चंपत राय, डॉ. अनिल मिश्रा और गोपाल राव को आरोपी नहीं बनाया गया है। उन्हें गवाह के तौर पर शामिल किया गया है। उपलब्ध रिपोर्टों के मुताबिक, चार्जशीट में कुल 133 गवाहों का उल्लेख है। इसी बिंदु को लेकर अदालत में अधिवक्ता संघ ने पुलिस की विवेचना पर सवाल उठाए हैं।

    अधिवक्ता संघ ने जांच पर उठाए सवाल
    चार्जशीट दाखिल होने के बाद बुधवार को विशेष अदालत में अधिवक्ता संघ की ओर से विवेचना पर आपत्तियां दर्ज कराई गईं। संघ का कहना है कि साक्ष्य के तौर पर 10 अधिवक्ताओं के शपथपत्र दिए गए थे, लेकिन विवेचक ने उन पर कार्रवाई नहीं की।

    अधिवक्ता संघ ने यह भी सवाल उठाया कि एसआईटी के गठन से पहले आरोपियों से बरामद रुपये जिस व्यक्ति के पास रखे गए थे, उसके खिलाफ भी कार्रवाई नहीं की गई।

    संघ की ओर से दावा किया गया कि चंपत राय, डॉ. अनिल मिश्रा और गोपाल राव को आरोपी बनाने के बजाय गवाह बनाया गया, जबकि ट्रस्ट सदस्य कृष्ण मोहन को भी आरोपी नहीं बनाया गया। संघ का कहना है कि इनके खिलाफ प्रार्थनापत्र के जरिए साक्ष्य दिए गए थे, लेकिन विवेचक ने उन पर संज्ञान नहीं लिया।

    अधिवक्ता संघ ने इन लोगों के खिलाफ भी आरोपपत्र दाखिल करने की मांग की है। इसके अलावा बरामदगी के समय और घटनास्थल के नक्शे को लेकर भी चार्जशीट पर सवाल उठाए गए हैं।

    अदालत में आगे होगी आरोपों और साक्ष्यों की पड़ताल
    पुलिस ने आठ आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की है। इसमें सीसीटीवी फुटेज, मोबाइल डाटा, CDR, बैंकिंग लेनदेन और अन्य साक्ष्यों के आधार पर उनकी भूमिका बताई गई है। वहीं, चार्जशीट में शामिल आरोपों और अधिवक्ता संघ की आपत्तियों पर अंतिम फैसला अदालत को उपलब्ध साक्ष्यों और कानूनी प्रक्रिया के आधार पर करना है।

  • TMC विधायक कुणाल घोष की कार पर हुगली में हमला, अंडे फेंके और शीशा तोड़ा; चार महीने में तीसरी घटना

    TMC विधायक कुणाल घोष की कार पर हुगली में हमला, अंडे फेंके और शीशा तोड़ा; चार महीने में तीसरी घटना

    नई दिल्ली । पश्चिम बंगाल के हुगली जिले में शनिवार को TMC विधायक कुणाल घोष की कार को भीड़ ने घेर लिया। कुणाल घोष श्रीरामपुर में ममता बनर्जी की रैली में शामिल होने के लिए जा रहे थे। उत्तरपाड़ा में उनकी गाड़ी को चारों तरफ से घेरकर अंडे फेंके गए। हमले के दौरान कार का पीछे का शीशा भी टूट गया।

    घटना के सामने आए वीडियो में कुणाल घोष ड्राइवर के बगल वाली सीट पर बैठे दिखाई दे रहे हैं। कार की पिछली सीट पर भी कुछ लोग मौजूद थे। वीडियो में भीड़ की ओर से विरोध करते हुए ‘गो बैक’ के नारे लगाए जाने की बात सामने आई है। कुछ दृश्यों में कुणाल घोष अंडे फेंकने वाले लोगों के सामने हाथ जोड़ते हुए भी दिखाई दिए।

    हमले के बाद कुणाल घोष ने घटना पर नाराजगी जताई। उन्होंने इसे जंगलराज बताते हुए कहा कि उनकी कार पर पत्थर और अंडे फेंके गए तथा रास्ता रोक दिया गया। उन्होंने यह भी कहा कि मौके पर कोई पुलिसकर्मी मौजूद नहीं था। घोष के मुताबिक, वह कोलकाता लौट रहे हैं और लालबाजार या भवानी भवन जाकर शिकायत दर्ज कराएंगे।

    TMC नेताओं ने इस घटना के पीछे BJP के शामिल होने का आरोप लगाया है। पार्टी नेता असित मजूमदार ने कहा कि यह आम लोगों का प्रदर्शन नहीं, बल्कि पहले से सुनियोजित हमला था। वहीं उत्तरपाड़ा से BJP विधायक दीपांजन चक्रवर्ती ने घटना को लोगों का गुस्सा बताया।

    कुणाल घोष पर पिछले कुछ महीनों में विरोध और हमले की अन्य घटनाएं भी सामने आई हैं। 15 जून को कोलकाता के कालीघाट में ममता बनर्जी के आवास के बाहर मीडिया से बातचीत के दौरान उन पर अंडा फेंका गया था। शिकायत के बाद पुलिस ने चंदन सिंह और रवि कोयल को गिरफ्तार किया था। बाद में दोनों को जमानत मिल गई थी।

    इसके अलावा अगस्त में कोलकाता के गरपार इलाके में कुणाल घोष के घर, क्लब और पार्टी ऑफिस में तोड़फोड़ का आरोप लगा था। उस समय वह घर पर मौजूद नहीं थे। घोष ने दावा किया था कि बाहर से लोगों को बुलाकर उन्हें निशाना बनाया गया और पार्टी ऑफिस के बाहर लगे ममता बनर्जी तथा उनके पोस्टर और बैनर फाड़े गए।

    पश्चिम बंगाल में चुनाव के बाद TMC नेताओं और कार्यकर्ताओं के खिलाफ विरोध की कई घटनाओं का भी जिक्र सामने आया है। 28 मई को नॉर्थ 24 परगना में TMC सांसद सौगत रॉय की कार पर अंडे फेंके जाने और नारेबाजी की बात कही गई। 30 मई को सोनारपुर में TMC सांसद अभिषेक बनर्जी के खिलाफ अंडे, पत्थर और जूते फेंके जाने का आरोप लगा था। सुरक्षाकर्मियों को उन्हें हेलमेट पहनाकर वहां से निकालना पड़ा था।

    6 जून को मदन मित्रा के काफिले पर अंडे फेंके जाने की घटना सामने आई। इसके बाद युवा नेता सौमित्र बनर्जी और पूर्व मंत्री उदयन गुहा के खिलाफ भी अंडे और जूते फेंके जाने की घटनाएं बताई गईं। 1 जुलाई को कृष्णनगर में TMC सांसद महुआ मोइत्रा पर अंडे, सब्जियां और पत्थर फेंके जाने का आरोप लगा।

    सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी सवाल उठाए गए हैं। कुणाल घोष की ओर से ममता बनर्जी के सुरक्षा घेरे के बावजूद विरोध प्रदर्शन होने पर सवाल उठाए गए हैं। वहीं मई 2026 में अभिषेक बनर्जी की सुरक्षा Z+ से घटाकर Z किए जाने और कुणाल घोष की अतिरिक्त सुरक्षा को विधायक स्तर तक सीमित किए जाने की जानकारी दी गई है।

  • यूपी चुनाव से पहले दिल्ली पहुंचे योगी आदित्यनाथ, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात में चुनाव और राज्य के मुद्दों पर चर्चा

    यूपी चुनाव से पहले दिल्ली पहुंचे योगी आदित्यनाथ, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात में चुनाव और राज्य के मुद्दों पर चर्चा

    नई दिल्ली ।उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शनिवार, 26 सितंबर को दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की। दोनों नेताओं के बीच यह बैठक उत्तर प्रदेश में अगले साल होने वाले विधानसभा चुनाव से पहले हुई है। मुलाकात के कारण राज्य की राजनीति में चुनावी तैयारियों को लेकर चर्चा तेज हो गई है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के बीच इससे पहले भी इस साल मुलाकातें हो चुकी हैं।

    मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के दिल्ली दौरे को उत्तर प्रदेश में आगामी विधानसभा चुनाव की तैयारियों के संदर्भ में देखा जा रहा है। हालांकि, उपलब्ध जानकारी में बैठक के दौरान हुई चर्चाओं का विस्तृत आधिकारिक ब्योरा सामने नहीं आया है। ऐसे में मुलाकात के एजेंडे को लेकर सामने आई अलग-अलग राजनीतिक व्याख्याओं को तथ्य के रूप में नहीं माना जा सकता।

    उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव अगले साल होने हैं। ऐसे में मुख्यमंत्री और प्रधानमंत्री के बीच हुई बैठक ने राज्य के राजनीतिक घटनाक्रम को लेकर स्वाभाविक रूप से ध्यान आकर्षित किया है। मुख्यमंत्री के दिल्ली दौरे और प्रधानमंत्री से मुलाकात के बीच चुनावी तैयारियों से जुड़े विषयों पर चर्चा की अटकलें लगाई जा रही हैं।

    मुलाकात से एक दिन पहले मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ग्रेटर नोएडा में आयोजित उत्तर प्रदेश इंटरनेशनल ट्रेड शो 2026 में शामिल हुए थे। इस दौरान उत्तर प्रदेश में निवेश से जुड़े विभिन्न क्षेत्रों पर भी चर्चा हुई थी। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, मुख्यमंत्री ने रूस, वियतनाम, बेलारूस, जापान और सिंगापुर सहित भागीदार देशों की कंपनियों के साथ बैठक की थी और प्रदेश में रक्षा, फार्मास्यूटिकल्स, विमानन, मेडिकल डिवाइस, कृषि तथा विनिर्माण क्षेत्र में निवेश का आमंत्रण दिया था।

    दिल्ली दौरे के दौरान मुख्यमंत्री की केंद्रीय नेतृत्व के साथ अन्य बैठकों की भी जानकारी सामने आई है। उपलब्ध रिपोर्टों के मुताबिक, प्रधानमंत्री से मुलाकात के बाद उनकी केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन से भी मुलाकात प्रस्तावित थी।

    योगी आदित्यनाथ और प्रधानमंत्री मोदी के बीच उत्तर प्रदेश को लेकर संवाद पहले भी होता रहा है। प्रधानमंत्री कार्यालय के अनुसार, मुख्यमंत्री ने 11 जून 2026 को नई दिल्ली में प्रधानमंत्री से मुलाकात की थी। इससे पहले 8 अगस्त 2026 को भी दोनों नेताओं की मुलाकात हुई थी। इन मुलाकातों की आधिकारिक जानकारी में मुख्य रूप से दोनों नेताओं के मिलने की पुष्टि की गई थी।

    वर्तमान दिल्ली दौरा ऐसे समय हुआ है जब उत्तर प्रदेश में आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर राजनीतिक गतिविधियां बढ़ रही हैं। राज्य सरकार और केंद्रीय नेतृत्व के बीच होने वाली बैठकों को इसी व्यापक राजनीतिक और प्रशासनिक संदर्भ में देखा जा रहा है।

    फिलहाल 26 सितंबर की मुलाकात में किन-किन विषयों पर विस्तृत चर्चा हुई, इसे लेकर आधिकारिक स्तर पर विस्तृत जानकारी उपलब्ध नहीं है। इसलिए बैठक को लेकर सामने आ रही चुनावी रणनीति संबंधी चर्चाओं को अटकलों के तौर पर ही देखा जाना चाहिए। इतना स्पष्ट है कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की और यह मुलाकात उत्तर प्रदेश में अगले साल होने वाले विधानसभा चुनाव से पहले हुई है।