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  • E20 पेट्रोल पर छिड़ेगा सियासी संग्राम, आज केजरीवाल का नेशनल टाउनहॉल, तहसीन पूनावाला करेंगे भूख हड़ताल

    E20 पेट्रोल पर छिड़ेगा सियासी संग्राम, आज केजरीवाल का नेशनल टाउनहॉल, तहसीन पूनावाला करेंगे भूख हड़ताल


    नई दिल्ली। इथेनॉल मिश्रित पेट्रोल (E20) को लेकर देश में नया राजनीतिक और जनआंदोलन शुरू होने जा रहा है। आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल शनिवार (1 अगस्त) से इस मुद्दे पर राष्ट्रीय अभियान की शुरुआत करेंगे। वहीं, सामाजिक कार्यकर्ता तहसीन पूनावाला भी मौन मार्च और भूख हड़ताल के जरिए विरोध प्रदर्शन तेज करेंगे।

    अभियान शुरू होने से एक दिन पहले अरविंद केजरीवाल ने सोशल मीडिया पर जानकारी दी कि शनिवार को आयोजित ‘E20 के खिलाफ नेशनल टाउनहॉल’ में देश की एक प्रमुख हस्ती भी शामिल होगी, जो लोगों की शिकायतें सुनेगी और इस मुद्दे पर अपनी बात रखेगी। उन्होंने कार्यक्रम में शामिल होने के लिए लोगों से अपील की और ऑनलाइन जुड़ने वालों के लिए व्हाट्सएप नंबर भी साझा किया।

    पूनावाला का मौन मार्च और अनशन
    E20 नीति के खिलाफ विरोध की शुरुआत सामाजिक कार्यकर्ता तहसीन पूनावाला ने 5 जुलाई को की थी। अब उन्होंने घोषणा की है कि वह गांधी स्मृति तक मौन मार्च निकालेंगे और उसके बाद भूख हड़ताल पर बैठेंगे। उनका कहना है कि यह आंदोलन इथेनॉल मिश्रित पेट्रोल से जुड़ी आम लोगों की समस्याओं को लेकर है।

    ‘सरकार को समाधान निकालना चाहिए’
    27 जुलाई को पार्टी मुख्यालय में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में केजरीवाल ने कहा था कि हालिया छात्र आंदोलन की तरह इस मुद्दे पर भी जनता अपनी आवाज बुलंद कर रही है। उन्होंने दावा किया कि E20 पेट्रोल से लोगों को वाहन खराब होने और माइलेज कम मिलने जैसी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने केंद्र सरकार से इस नीति की समीक्षा कर समाधान निकालने की मांग की।

    आज दोपहर होगा कार्यक्रम
    आम आदमी पार्टी के अनुसार, यह राष्ट्रीय टाउनहॉल शनिवार दोपहर 12 बजे नई दिल्ली स्थित कॉन्स्टिट्यूशन क्लब में आयोजित होगा। प्रतिभागियों से सुबह 11:30 बजे तक पहुंचने का अनुरोध किया गया है। पार्टी का दावा है कि कार्यक्रम में हजारों लोग प्रत्यक्ष और ऑनलाइन माध्यम से शामिल होंगे।

    ऑनलाइन भी जुड़ सकेंगे लोग
    जो लोग कार्यक्रम में व्यक्तिगत रूप से शामिल नहीं हो पाएंगे, वे व्हाट्सएप के माध्यम से वर्चुअल रूप से जुड़ सकेंगे। पार्टी ने इसके लिए 8588833212 नंबर जारी किया है, जहां संदेश भेजने पर कार्यक्रम का लिंक उपलब्ध कराया जाएगा।

    E20 नीति पर बढ़ रहा विरोध
    केंद्र सरकार की 20 प्रतिशत इथेनॉल मिश्रित पेट्रोल (E20) नीति को लेकर विभिन्न संगठनों और कुछ विशेषज्ञों ने भी सवाल उठाए हैं। आम आदमी पार्टी के अलावा तहसीन पूनावाला की टीम और दिल्ली टैक्सी एंड ट्रांसपोर्ट ओनर्स एंड टूर ऑपरेटर्स एसोसिएशन ने भी इस नीति के खिलाफ आंदोलन का समर्थन करने की घोषणा की है।

  • 15 अगस्त से पहले दिल्ली में हाई अलर्ट, 2 से 16 अगस्त तक ड्रोन और हॉट एयर बैलून उड़ाने पर प्रतिबंध

    15 अगस्त से पहले दिल्ली में हाई अलर्ट, 2 से 16 अगस्त तक ड्रोन और हॉट एयर बैलून उड़ाने पर प्रतिबंध


    नई दिल्ली। स्वतंत्रता दिवस 2026 के मद्देनजर दिल्ली में सुरक्षा व्यवस्था और कड़ी कर दी गई है। संभावित सुरक्षा खतरों को देखते हुए दिल्ली पुलिस ने 2 अगस्त से 16 अगस्त तक राजधानी में ड्रोन सहित सभी छोटे हवाई प्लेटफॉर्म के उड़ान संचालन पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने का आदेश जारी किया है।

    पुलिस आयुक्त अनुराग कुमार ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 163 के तहत यह आदेश जारी किया है। इसके अनुसार प्रतिबंध अवधि के दौरान ड्रोन (UAV/UAS), क्वाडकॉप्टर, पैराग्लाइडर, पैरामोटर, हैंग ग्लाइडर, माइक्रोलाइट एयरक्राफ्ट, रिमोटली पायलटेड एयरक्राफ्ट (RPA), हॉट एयर बैलून, छोटे पावर्ड एयरक्राफ्ट तथा विमान से पैरा जंपिंग जैसी सभी गतिविधियों पर रोक रहेगी।

    दिल्ली पुलिस के अनुसार खुफिया एजेंसियों से मिली जानकारी में आशंका जताई गई है कि असामाजिक या आतंकवादी तत्व इन हवाई माध्यमों का इस्तेमाल कर आम नागरिकों, वीआईपी और महत्वपूर्ण सरकारी प्रतिष्ठानों की सुरक्षा के लिए खतरा पैदा कर सकते हैं। इसी संभावना को देखते हुए एहतियातन यह फैसला लिया गया है।


    पुलिस ने स्पष्ट किया है कि आदेश का उल्लंघन करने वाले व्यक्तियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 223 के तहत कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

    यह प्रतिबंध 2 अगस्त से लागू होकर 16 अगस्त 2026 तक प्रभावी रहेगा, ताकि स्वतंत्रता दिवस समारोह शांतिपूर्ण और सुरक्षित वातावरण में संपन्न कराया जा सके।

  • जम्मू-कश्मीर के कुलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद बड़ा सर्च ऑपरेशन शुरू, पूरे इलाके की घेराबंदी

    जम्मू-कश्मीर के कुलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद बड़ा सर्च ऑपरेशन शुरू, पूरे इलाके की घेराबंदी


    श्रीनगर। जम्मू-कश्मीर के कुलगाम जिले में हुए आतंकी हमले के बाद सुरक्षाबलों ने पूरे इलाके को घेरकर व्यापक तलाशी अभियान शुरू कर दिया है। केल्लाम क्षेत्र में शुक्रवार रात हुए इस हमले में छत्तीसगढ़ के दो प्रवासी मजदूरों की मौत हो गई। एक श्रमिक ने घटनास्थल के बाद अस्पताल में दम तोड़ा, जबकि दूसरे घायल मजदूर की शनिवार को उपचार के दौरान मौत हो गई।

    बताया गया कि शुक्रवार रात करीब 8:30 बजे आतंकियों ने केल्लाम इलाके में मजदूरों को निशाना बनाकर गोलीबारी की। हमले की जिम्मेदारी लश्कर-ए-तैयबा से जुड़े संगठन द रेजिस्टेंस फ्रंट (TRF) ने ली है। घटना के बाद सुरक्षा एजेंसियों ने पूरे क्षेत्र की घेराबंदी कर खुफिया सूचनाओं के आधार पर बड़े स्तर पर तलाशी अभियान शुरू कर दिया है।

    मृतकों की पहचान छत्तीसगढ़ निवासी 24 वर्षीय दीपक रात्रे और 28 वर्षीय भोपिंदर के रूप में हुई है। दीपक की मौके पर ही मौत हो गई थी, जबकि गंभीर रूप से घायल भोपिंदर को इलाज के लिए शेर-ए-कश्मीर इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज में भर्ती कराया गया, जहां उन्होंने उपचार के दौरान दम तोड़ दिया। चिकित्सकों के अनुसार, उनके सीने के दाहिने हिस्से में गोली लगी थी।

    छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने हमले की कड़ी निंदा करते हुए इसे कायराना हरकत बताया। उन्होंने मृतकों के परिजनों के प्रति संवेदना व्यक्त की और भरोसा दिलाया कि राज्य सरकार हर संभव सहायता उपलब्ध कराएगी।

    वहीं, जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने भी घटना की निंदा करते हुए पुलिस महानिदेशक नलिन प्रभात और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों से स्थिति की जानकारी ली। उन्होंने सुरक्षा बलों को अभियान और तेज करने तथा हमले में शामिल आतंकियों के खिलाफ शीघ्र और सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए।

  • पश्चिम एशिया संकट के बीच इथेनॉल ब्लेंडिंग बनी सुरक्षा कवच, ग्राहकों के बचे 30 रुपये प्रति लीटर

    पश्चिम एशिया संकट के बीच इथेनॉल ब्लेंडिंग बनी सुरक्षा कवच, ग्राहकों के बचे 30 रुपये प्रति लीटर


    नई दिल्ली।
    केंद्र सरकार ने इथेनॉल मिश्रित पेट्रोल को लेकर बड़ा दावा किया है। सरकार का कहना है कि अगर पेट्रोल में इथेनॉल नहीं मिलाया जाता, तो हाल के पश्चिम एशिया संकट के दौरान देश में पेट्रोल की कीमत 125 रुपये प्रति लीटर तक पहुंच सकती थी लेकिन इथेनॉल मिश्रित पेट्रोल की वजह से ग्राहकों को बड़ी राहत मिली और उन्हें करीब 30 रुपये प्रति लीटर तक की बचत हुई है।

    पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने शुक्रवार को जारी एक बयान में बताया कि पेट्रोल में ईथेनॉल का मिश्रण सिर्फ ईंधन की कीमतों को नियंत्रित करने में मदद नहीं कर रहा, बल्कि इससे भारत की ऊर्जा सुरक्षा भी मजबूत हो रही है। मंत्रालय ने कहा कि पेट्रोल में इथेनॉल को मिलाने (ब्लेंडिंग) से दिल्ली के उपभोक्ताओं को प्रति लीटर लगभग 30 रुपये की बचत हुई है। वैश्विक बाजार में कच्चे तेल की कीमतें बढ़ने पर बिना इथेनॉल के दिल्ली में पेट्रोल 125 रुपये प्रति लीटर हो सकता था, जो इस मिश्रण के कारण 94.77 रुपये प्रति लीटर मिला।

    पेट्रोलियम मंत्रालय ने कहा कि इथेनॉल मिश्रित पेट्रोल कार्यक्रम ने कई मोर्चों पर फायदा पहुंचाया है। इससे जहां एक ओर कच्चे तेल के आयात पर निर्भरता कम हुई है। वहीं, किसानों और डिस्टिलरी उद्योग को आर्थिक लाभ मिला है। मंत्रालय के अनुसार यह योजना खाद्य सुरक्षा, किसानों की आय और देश की ऊर्जा जरूरतों के बीच संतुलन बनाने का काम कर रही है।

    सरकार ने साफ किया है कि इथेनॉल बनाने के लिए केवल वही अनाज इस्तेमाल किया जाता है, जो खाद्य सुरक्षा की जरूरतें पूरी होने के बाद अतिरिक्त बचता है। सरकार ने ये साफ किया है कि ई20 पेट्रोल से पुरानी या नई गाड़ियों के इंजन को नुकसान पहुंचने की बातें साबित नहीं हुई हैं।

  • वरिष्ठ साहित्यकार कैलाश चंद्र पंत का निधन, 90 वर्ष की आयु में ली अंतिम सांस

    वरिष्ठ साहित्यकार कैलाश चंद्र पंत का निधन, 90 वर्ष की आयु में ली अंतिम सांस


    भोपाल।
    मध्य प्रदेश के वरिष्ठ साहित्यकार, पद्मश्री से सम्मानित और हिंदी भवन भोपाल के पूर्व निदेशक कैलाश चंद्र पंत का शुक्रवार को हृदय गति रुकने (कार्डियक अरेस्ट) से निधन हो गया। वह 90 वर्ष के थे और पिछले कुछ समय से बीमार चल रहे थे।

    शुक्रवार को उन्होंने भोपाल में अपने निवास में अंतिम सांस ली। उनके निधन से भोपाल से लेकर उनके पैतृक उत्तराखंड के बागेश्वर के गांव खंतोली में शोक की लहर दौड़ गई। वे अपने पीछे तीन विवाहित पुत्रियों सहित भरा-पूरा परिवार छोड़ गए हैं। कुछ वर्ष पहले उनकी पत्नी का भी निधन हो गया था।

    परिजनों के अनुसार, उनका अंतिम संस्कार शनिवार को भोपाल के भदभदा विश्राम घाट पर किया जाएगा। मुख्यमंत्री डा. मोहन यादव ने सोशल मीडिया पर शोक व्यक्त करते हुए कहा कि कैलाश चंद्र पंत लंबे समय तक मध्य प्रदेश राष्ट्रभाषा प्रचार समिति से जुड़े रहे। हिंदी भाषा और साहित्य के प्रचार-प्रसार में उनका योगदान हमेशा याद रखा जाएगा।

    इंदौर के पास महू में हुआ था जन्म
    कैलाश चंद्र पंत का जन्म 26 अप्रैल 1936 को इंदौर के पास महू में हुआ था। उनका पैतृक गांव उत्तराखंड के बागेश्वर जिले का खंतोली गांव है। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत इंदौर स्थित यूनियन थियोलॉजिकल सेमिनरी में व्याख्याता के रूप में की। बाद में वे भोपाल के पंचायत राज प्रशिक्षण केंद्र के प्राचार्य भी रहे।

    उन्होंने शिक्षा प्रदीप, जनधर्म और दुर्गामी आह्वान जैसी साहित्यिक पत्रिकाओं का संपादन भी किया। इसके अलावा वे हिंदी भवन भोपाल के निदेशक रहे और भारत कृषक समाज, राष्ट्रभाषा प्रचार समिति तथा मध्य भारत हिंदी साहित्य समिति जैसी कई साहित्यिक और सांस्कृतिक संस्थाओं में महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभाईं।

    इसी वर्ष पद्मश्री से हुए थे सम्मानित
    कैलाश चंद्र पंत की प्रमुख कृतियों में ‘कौन किसका आदमी’, ‘धुंध के आर-पार’, ‘शब्द का विचार-पथ’ और ‘शैलेश मटियानी : सृजन यात्रा’ शामिल हैं। हिंदी साहित्य में उनके उल्लेखनीय योगदान के लिए उन्हें राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने 25 मई 2026 को पद्मश्री से सम्मानित किया था। कैलाशचंद्र पंत स्वयं इस सम्मान को लेने के लिए राष्ट्रपति के समक्ष गए थे। इस दौरान प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और गृहमंत्री अमित शाह भी मौजूद थे। इसके अलावा उन्हें साहित्य भूषण सम्मान, निराला साहित्य सम्मान, साहित्य शिरोमणि सम्मान और संस्कृति गौरव सम्मान जैसे कई प्रतिष्ठित पुरस्कार भी मिले।

  • कुलगाम में आतंकियों ने दो गैर-स्थानीय मजदूरों को मारी गोली, एक की मौत, दूसरा गंभीर

    कुलगाम में आतंकियों ने दो गैर-स्थानीय मजदूरों को मारी गोली, एक की मौत, दूसरा गंभीर


    श्रीनगर।
    दक्षिण कश्मीर के कुलगाम जिले में आतंकवादियों ने एक बार फिर गैर-स्थानीय मजदूरों को निशाना बनाया। केलम क्षेत्र में गुरुवार शाम आतंकियों की गोलीबारी में दो मजदूर गंभीर रूप से घायल हो गए। दोनों को तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया, जहां एक मजदूर ने उपचार के दौरान दम तोड़ दिया, जबकि दूसरे की हालत गंभीर बनी हुई है।

    प्राप्त जानकारी के अनुसार, केलम इलाके में काम कर रहे दो गैर-स्थानीय मजदूरों पर अज्ञात आतंकियों ने अचानक गोलीबारी कर दी। घटना के बाद दोनों घायल मजदूरों को अस्पताल ले जाया गया। चिकित्सकों ने एक मजदूर को मृत घोषित कर दिया, जबकि दूसरे का उपचार जीएमसी अनंतनाग में जारी है।

    घटना के तुरंत बाद पुलिस, सेना और अन्य सुरक्षा एजेंसियों ने पूरे क्षेत्र की घेराबंदी कर संयुक्त तलाशी अभियान शुरू कर दिया। हमलावर आतंकियों की तलाश के लिए इलाके में अतिरिक्त सुरक्षा बलों की तैनाती की गई है।

    हाल के वर्षों में गैर-स्थानीय लोगों पर प्रमुख आतंकी हमले

    • 31 जुलाई 2026, केलम (कुलगाम): दो गैर-स्थानीय मजदूरों पर गोलीबारी, एक की मौत और एक गंभीर रूप से घायल।
    • 22 अप्रैल 2025, बैसरन (पहलगाम): पर्यटकों और गैर-स्थानीय लोगों पर आतंकी हमले में 26 लोगों की मौत।
    • 20 अक्टूबर 2024, गगनगीर (गांदरबल): जेड-मोड़ सुरंग परियोजना शिविर पर हमले में छह गैर-स्थानीय मजदूर और एक चिकित्सक की हत्या।
    • 17 अप्रैल 2024, बिजबिहाड़ा (अनंतनाग): बिहार निवासी गैर-स्थानीय विक्रेता राजा शाह की गोली मारकर हत्या।
    • 7-8 फरवरी 2024, हब्बा कदल (श्रीनगर): पंजाब के दो गैर-स्थानीय मजदूरों अमृतपाल सिंह और रोहित मसीह की आतंकियों ने गोली मारकर हत्या कर दी थी।

    सुरक्षा एजेंसियों ने घटना की जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि दोषियों की पहचान कर उन्हें जल्द पकड़ने के लिए व्यापक अभियान जारी है।

  • यूपी पुलिस कॉन्स्टेबल भर्ती रिजल्ट घोषित, 76,184 अभ्यर्थी सफल, सामान्य का कट-ऑफ OBC से ज्यादा

    यूपी पुलिस कॉन्स्टेबल भर्ती रिजल्ट घोषित, 76,184 अभ्यर्थी सफल, सामान्य का कट-ऑफ OBC से ज्यादा


    लखनऊ। उत्तर प्रदेश पुलिस कॉन्स्टेबल भर्ती परीक्षा का बहुप्रतीक्षित परिणाम शुक्रवार को घोषित कर दिया गया। 32,679 रिक्त पदों के लिए आयोजित लिखित परीक्षा में 76,184 अभ्यर्थियों ने सफलता हासिल की है। इसके साथ ही उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती एवं प्रोन्नति बोर्ड (UPPRPB) ने विभिन्न वर्गों की कट-ऑफ सूची भी जारी कर दी है। अब सफल अभ्यर्थियों को दस्तावेज सत्यापन (DV), शारीरिक मानक परीक्षण (PST) और शारीरिक दक्षता परीक्षा (PET) से गुजरना होगा।

    जनरल की कट-ऑफ सबसे ज्यादा
    भर्ती बोर्ड के अनुसार, सामान्य वर्ग की कट-ऑफ 258.03 अंक रही, जबकि अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) के लिए 251.63 अंक निर्धारित की गई। इस तरह सामान्य वर्ग की कट-ऑफ ओबीसी से करीब 7 अंक अधिक रही। आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (EWS) की कट-ऑफ ओबीसी से कम रही। वहीं अनुसूचित जाति (SC) की कट-ऑफ 239.34 और अनुसूचित जनजाति (ST) की 210.10 अंक रही।

    17 अगस्त से होगा डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन
    भर्ती बोर्ड ने बताया कि सफल अभ्यर्थियों का दस्तावेज सत्यापन (DV) और फिजिकल स्टैंडर्ड टेस्ट (PST) 17 अगस्त से शुरू होगा। इसके बाद सितंबर में शारीरिक दक्षता परीक्षा (PET) आयोजित की जाएगी। इन चरणों की विस्तृत जानकारी बोर्ड की आधिकारिक वेबसाइट पर जारी की जाएगी। सभी प्रक्रियाएं पूरी होने के बाद अंतिम चयन सूची प्रकाशित होगी।

    फिजिकल टेस्ट में दौड़ होगी अनिवार्य
    शारीरिक दक्षता परीक्षा में पुरुष अभ्यर्थियों को 4.8 किलोमीटर की दौड़ 25 मिनट में पूरी करनी होगी। वहीं महिला अभ्यर्थियों को 2.4 किलोमीटर की दौड़ 14 मिनट के भीतर पूरी करनी होगी।

    करीब 29 लाख ने किया था आवेदन
    इस भर्ती प्रक्रिया के लिए 28,86,797 अभ्यर्थियों ने आवेदन किया था, जिनमें 19,62,560 पुरुष और 9,24,237 महिला उम्मीदवार शामिल थीं। लिखित परीक्षा 8, 9 और 10 जून को प्रदेश के सभी 75 जिलों में बनाए गए 1,183 परीक्षा केंद्रों पर छह पालियों में आयोजित की गई थी।

    6.94 लाख अभ्यर्थी परीक्षा में नहीं पहुंचे
    भर्ती बोर्ड के अनुसार, कुल 21,92,236 अभ्यर्थियों ने परीक्षा दी, जबकि करीब 6.94 लाख उम्मीदवार अनुपस्थित रहे। परीक्षा 300 अंकों की थी, जिसमें 150 प्रश्न पूछे गए थे और प्रत्येक प्रश्न 2 अंक का था। इस बार परीक्षा में नेगेटिव मार्किंग नहीं रखी गई थी।

    फर्जीवाड़े पर सख्ती
    परीक्षा के दौरान नकल और फर्जीवाड़े पर कड़ी निगरानी रखी गई। ई-केवाईसी, बायोमेट्रिक सत्यापन और सोशल मीडिया मॉनिटरिंग के जरिए अनियमितताओं पर नजर रखी गई। इस दौरान 12 मुकदमे दर्ज किए गए और 9 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया।

  • भारतीय रेलवे की बड़ी डिजिटल पहल, अब टिकट बुकिंग के साथ ही ऑनलाइन बुक होगा अतिरिक्त सामान, पार्सल काउंटर के चक्कर खत्म

    भारतीय रेलवे की बड़ी डिजिटल पहल, अब टिकट बुकिंग के साथ ही ऑनलाइन बुक होगा अतिरिक्त सामान, पार्सल काउंटर के चक्कर खत्म

    नई दिल्ली । भारतीय रेलवे ने यात्रियों की सुविधा को और बेहतर बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण डिजिटल पहल करते हुए अतिरिक्त सामान की ऑनलाइन बुकिंग की नई सेवा शुरू कर दी है। अब ट्रेन का कन्फर्म टिकट बुक कराने वाले यात्री उसी समय निर्धारित मुफ्त सीमा से अधिक सामान ले जाने के लिए ऑनलाइन बुकिंग और भुगतान भी कर सकेंगे। इस नई व्यवस्था का उद्देश्य यात्रियों को पार्सल कार्यालय की लंबी कतारों और अतिरिक्त कागजी प्रक्रिया से राहत देना है, जिससे पूरी प्रक्रिया पहले की तुलना में अधिक सरल, तेज और सुविधाजनक हो जाएगी।

    अब तक रेलवे में मुफ्त सीमा से अधिक सामान लेकर यात्रा करने वाले यात्रियों को स्टेशन के पार्सल कार्यालय में जाकर अलग से बुकिंग करानी पड़ती थी। इसके लिए अतिरिक्त समय और औपचारिकताओं का सामना करना पड़ता था। नई ऑनलाइन सुविधा लागू होने के बाद यह पूरी प्रक्रिया टिकट बुकिंग के साथ ही पूरी की जा सकेगी। इससे यात्रियों का समय बचेगा और यात्रा से पहले होने वाली असुविधा भी काफी हद तक कम होगी।

    रेलवे ने स्पष्ट किया है कि यह सुविधा केवल कन्फर्म टिकट वाले यात्रियों के लिए उपलब्ध होगी। साथ ही इसका लाभ केवल उन श्रेणियों में मिलेगा, जहां मुफ्त सीमा से अधिक सामान निर्धारित शुल्क देकर ले जाने की अनुमति है। एसी फर्स्ट क्लास, एसी टू-टियर, फर्स्ट क्लास, स्लीपर क्लास और सेकेंड क्लास के यात्री इस सुविधा का उपयोग कर सकेंगे। वहीं एसी थ्री-टियर और एसी चेयर कार में यात्रा करने वाले यात्रियों के लिए यह सुविधा उपलब्ध नहीं होगी, क्योंकि इन श्रेणियों में मुफ्त सामान की सीमा और अधिकतम अनुमत सीमा समान निर्धारित है।

    रेलवे के मौजूदा नियमों के अनुसार एसी फर्स्ट क्लास के यात्री बिना अतिरिक्त शुल्क के 70 किलोग्राम तक सामान ले जा सकते हैं, जबकि निर्धारित शुल्क देकर अधिकतम 150 किलोग्राम तक सामान ले जाने की अनुमति है। एसी टू-टियर और फर्स्ट क्लास में 50 किलोग्राम तक मुफ्त तथा अधिकतम 100 किलोग्राम तक सामान ले जाया जा सकता है। स्लीपर क्लास में यात्रियों को 40 किलोग्राम तक मुफ्त सामान ले जाने की अनुमति है और अतिरिक्त शुल्क देकर यह सीमा 80 किलोग्राम तक बढ़ाई जा सकती है। सेकेंड क्लास में 35 किलोग्राम तक सामान मुफ्त है, जबकि अधिकतम 70 किलोग्राम तक सामान ले जाने की अनुमति दी गई है।

    दूसरी ओर, एसी थ्री-टियर और एसी चेयर कार के यात्रियों के लिए 40 किलोग्राम की सीमा ही मुफ्त और अधिकतम अनुमत सीमा दोनों है। इसी कारण इन श्रेणियों में अतिरिक्त सामान की ऑनलाइन बुकिंग का विकल्प उपलब्ध नहीं कराया गया है। रेलवे ने यह भी स्पष्ट किया है कि मुफ्त सीमा से अधिक लेकिन अधिकतम अनुमत सीमा के भीतर सामान ले जाने पर यात्रियों को निर्धारित अतिरिक्त शुल्क देना अनिवार्य होगा।

    रेलवे ने सामान के आकार को लेकर भी स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी किए हैं। सामान्य श्रेणियों में यात्री 100 सेंटीमीटर × 60 सेंटीमीटर × 25 सेंटीमीटर तक के ट्रंक, सूटकेस या बक्से अपने साथ ले जा सकते हैं। वहीं एसी थ्री-टियर और एसी चेयर कार में सामान का अधिकतम आकार 55 सेंटीमीटर × 45 सेंटीमीटर × 22.5 सेंटीमीटर निर्धारित किया गया है।

    रेलवे का मानना है कि यह नई डिजिटल सुविधा यात्रियों के लिए यात्रा को अधिक सुविधाजनक बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित होगी। ऑनलाइन बुकिंग व्यवस्था से न केवल स्टेशन पर भीड़ कम होगी, बल्कि पूरी प्रक्रिया अधिक पारदर्शी और समयबद्ध भी बनेगी। डिजिटल सेवाओं के विस्तार के साथ भारतीय रेलवे यात्रियों को आधुनिक और बेहतर यात्रा अनुभव उपलब्ध कराने की दिशा में लगातार नए कदम उठा रहा है।

  • दिल्ली दंगा केस: IB अधिकारी की हत्या के दोषी ताहिर हुसैन समेत 5 को उम्रकैद, कोर्ट ने बताया गंभीर अपराध

    दिल्ली दंगा केस: IB अधिकारी की हत्या के दोषी ताहिर हुसैन समेत 5 को उम्रकैद, कोर्ट ने बताया गंभीर अपराध

    नई दिल्ली। वर्ष 2020 के दिल्ली दंगों के दौरान खुफिया ब्यूरो (आईबी) के अधिकारी अंकित शर्मा की हत्या के मामले में कड़कड़डूमा कोर्ट ने शुक्रवार को पूर्व आम आदमी पार्टी (AAP) पार्षद ताहिर हुसैन समेत पांच दोषियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई। अदालत ने इस घटना को अत्यंत गंभीर बताते हुए कहा कि इस अपराध ने पूरे समाज को झकझोर दिया था।

    इस मामले में अदालत ने 13 जुलाई को ताहिर हुसैन, नाजिम, काशिम, अनस और जावेद को हत्या, अपहरण, दंगा और सांप्रदायिक वैमनस्य फैलाने का दोषी करार दिया था। वहीं, मुकदमे में शामिल 11 आरोपियों में से छह को साक्ष्यों के अभाव में बरी कर दिया गया।

    कोर्ट ने क्या कहा
    अदालत ने अपने फैसले में कहा कि ताहिर हुसैन उस हिंसक भीड़ का हिस्सा थे, जो हथियारों से लैस होकर हिंदू समुदाय के खिलाफ हिंसा, आगजनी और लूटपाट के इरादे से एकत्रित हुई थी। कोर्ट के अनुसार, इसी भीड़ ने लगातार और बेरहमी से हमला कर आईबी अधिकारी अंकित शर्मा की हत्या की।

    पुलिस ने फांसी की मांग की थी
    सजा पर बहस के दौरान दिल्ली पुलिस ने अदालत से दोषियों के लिए मृत्युदंड की मांग की थी। अभियोजन पक्ष का कहना था कि अंकित शर्मा की मौत के बाद भी उन पर हमला जारी रखा गया, जिससे यह स्पष्ट होता है कि हत्या बेहद क्रूर और पूर्व नियोजित थी। इसलिए यह मामला फांसी की सजा के योग्य है।

    बचाव पक्ष की दलील
    ताहिर हुसैन के वकील ने अदालत में दलील दी कि हर हत्या का मामला ‘रेयरेस्ट ऑफ रेयर’ की श्रेणी में नहीं आता। उन्होंने कहा कि प्रत्येक दोषी की व्यक्तिगत भूमिका स्पष्ट रूप से अलग-अलग स्थापित नहीं की गई है, इसलिए मृत्युदंड उचित नहीं होगा।

    नाले में मिला था अंकित शर्मा का शव
    दिल्ली में 23 फरवरी 2020 को नागरिकता संशोधन कानून (CAA) को लेकर शुरू हुई हिंसा के बीच 25 फरवरी को आईबी अधिकारी अंकित शर्मा घर से निकले थे, लेकिन वापस नहीं लौटे। अगले दिन उनका शव चांदबाग पुलिया के पास खजूरी खास नाले से बरामद किया गया। अंकित शर्मा के पिता रविंदर कुमार की शिकायत पर दयालपुर थाने में मामला दर्ज हुआ था। शिकायत में आरोप लगाया गया था कि तत्कालीन AAP पार्षद ताहिर हुसैन और उनके साथियों ने हत्या कर शव को नाले में फेंक दिया।

    2020 के दिल्ली दंगों में 53 लोगों की हुई थी मौत
    23 से 26 फरवरी 2020 के बीच नागरिकता संशोधन कानून के समर्थन और विरोध में प्रदर्शन के दौरान उत्तर-पूर्वी दिल्ली में व्यापक हिंसा हुई थी। इस दौरान 53 लोगों की मौत हुई, जबकि 250 से अधिक लोग घायल हुए थे। मृतकों में 38 मुस्लिम और 15 हिंदू शामिल थे। हिंसा में करीब 800 दुकानों और 500 से अधिक मकानों को भी आग के हवाले कर दिया गया था।

  • मेरठ में आस्था संग सेवा की मिसाल, नानी को कांवड़ में बैठाकर पदयात्रा कर रहा शिवभक्त

    मेरठ में आस्था संग सेवा की मिसाल, नानी को कांवड़ में बैठाकर पदयात्रा कर रहा शिवभक्त


    मेरठ। कांवड़ यात्रा सिर्फ भगवान शिव के प्रति आस्था का प्रतीक नहीं, बल्कि रिश्तों में समर्पण, सेवा और जिम्मेदारी का भी संदेश देती है। मेरठ में इस बार दो शिवभक्त अपनी अनोखी कांवड़ यात्रा के कारण श्रद्धालुओं के बीच आकर्षण का केंद्र बने हुए हैं। एक युवक अपनी 75 वर्षीय नानी को कांवड़ में बैठाकर हरिद्वार से दिल्ली तक पदयात्रा कर रहा है, जबकि दूसरा बैग में गंगाजल सुरक्षित रखकर पैदल अपने गांव की ओर बढ़ रहा है।

    बैग में गंगाजल लेकर पैदल यात्रा
    मथुरा के बलदेव थाना क्षेत्र के रहने वाले धीरेंद्र (27) वर्तमान में दिल्ली के राजनगर में अपने इंजीनियर भाई के साथ रहते हैं। वह 10 जुलाई को ट्रेन से हरिद्वार पहुंचे और 11 जुलाई से गंगाजल लेकर पैदल यात्रा शुरू की।

    धीरेंद्र ने गंगाजल को बैग में सुरक्षित रखा है और चरणबद्ध तरीके से यात्रा पूरी कर रहे हैं। पहले दिन उन्होंने 4 किलोमीटर, दूसरे दिन 18 किलोमीटर और तीसरे दिन 15 किलोमीटर की दूरी तय की। इसके बाद वह प्रतिदिन 10 से 12 किलोमीटर चलते हुए अपने गंतव्य की ओर बढ़ रहे हैं। यह उनकी हरिद्वार से गंगाजल लाने की लगातार तीसरी कांवड़ यात्रा है।

    कांवड़ में नानी को बैठाकर निभा रहे सेवा का धर्म
    नोएडा के सेक्टर-5 स्थित हरौला गांव निवासी हिमांशु चौहान अपनी 75 वर्षीय नानी रूपरानी को कांवड़ के एक पलड़े में बैठाकर हरिद्वार से दिल्ली तक पदयात्रा कर रहे हैं। उनके साथ मौसेरे भाई प्रिंस राघव, बहन लक्ष्मी और परिवार के अन्य सदस्य भी यात्रा में शामिल हैं।

    हिमांशु ने 19 जुलाई को हरिद्वार से यात्रा शुरू की। कांवड़ के एक हिस्से में करीब 45 किलोग्राम वजन की उनकी नानी बैठी हैं, जबकि दूसरे हिस्से में 55 लीटर गंगाजल से भरे कलश रखे गए हैं। लगभग एक क्विंटल वजन वाली इस कांवड़ को हिमांशु और प्रिंस राघव बारी-बारी से अपने कंधों पर उठाकर यात्रा पूरी कर रहे हैं।

    श्रद्धालुओं ने किया जोरदार स्वागत
    यात्रा के दौरान हिमांशु की बहन लक्ष्मी लगातार पंखे से दोनों भाइयों और अपनी नानी को हवा करती रहती हैं। मेरठ के पल्लवपुरम पहुंचने पर स्थानीय लोगों ने इन शिवभक्तों का भव्य स्वागत किया। सेवा, समर्पण और शिवभक्ति का यह अनोखा संगम कांवड़ यात्रा में लोगों के लिए प्रेरणा का विषय बना हुआ है।