Category: Religious Astrology

  • भगवान विष्णु की कृपा पाने के लिए ऐसे रखें गुरुवार का व्रत पूजा विधि से लेकर भोग तक जानें सबकुछ

    भगवान विष्णु की कृपा पाने के लिए ऐसे रखें गुरुवार का व्रत पूजा विधि से लेकर भोग तक जानें सबकुछ


    नई दिल्ली । हिंदू धर्म में गुरुवार का दिन भगवान विष्णु और देवगुरु बृहस्पति को समर्पित माना जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इस दिन व्रत और पूजा करने से भगवान विष्णु की कृपा प्राप्त होती है और जीवन में सुख समृद्धि बनी रहती है। कई लोग विवाह में आ रही बाधा दूर करने और परिवार में शांति के लिए भी गुरुवार का व्रत रखते हैं। मान्यता है कि नियमित रूप से श्रद्धा के साथ गुरुवार का व्रत करने से व्यक्ति के जीवन में सकारात्मक बदलाव आते हैं। हालांकि ये सभी बातें धार्मिक आस्था और परंपराओं पर आधारित हैं।

    गुरुवार का व्रत रखने वाले व्यक्ति को सुबह जल्दी उठकर स्नान करना चाहिए। इसके बाद साफ पीले या हल्के रंग के वस्त्र पहनकर पूजा की तैयारी करनी चाहिए। पूजा स्थल को साफ करने के बाद भगवान विष्णु की प्रतिमा या तस्वीर स्थापित की जाती है। इसके बाद दीपक जलाकर भगवान विष्णु का ध्यान किया जाता है। पूजा में पीले फूल और पीले रंग की वस्तुओं का प्रयोग करना शुभ माना जाता है। भक्त भगवान विष्णु को पीले फल और प्रसाद अर्पित करते हैं।

    पूजा के दौरान भगवान विष्णु के साथ देवगुरु बृहस्पति का भी स्मरण किया जाता है। इसके बाद भगवान विष्णु की विधि विधान से पूजा की जाती है। कई लोग इस दिन विष्णु सहस्रनाम का पाठ करते हैं। इसके अलावा भगवान विष्णु के मंत्रों का जाप भी किया जाता है। गुरुवार व्रत कथा सुनने या पढ़ने की भी परंपरा है। धार्मिक मान्यता के अनुसार पूजा के दौरान मन को शांत रखते हुए भगवान का ध्यान करना चाहिए और अपनी मनोकामना उनके सामने रखनी चाहिए।

    गुरुवार व्रत में भोजन को लेकर भी विशेष नियम बताए गए हैं। कुछ लोग पूरे दिन निराहार रहते हैं जबकि कई भक्त फलाहार करते हैं। व्रत रखने की अपनी क्षमता और स्वास्थ्य के अनुसार भोजन का तरीका चुना जा सकता है। फल दूध और अन्य सात्विक चीजों का सेवन कई लोग करते हैं। धार्मिक परंपराओं में इस दिन नमक का सेवन न करने की मान्यता भी कुछ स्थानों पर प्रचलित है। हालांकि व्रत के दौरान स्वास्थ्य से जुड़ी जरूरतों को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।

    गुरुवार की पूजा में केले के पेड़ की पूजा की परंपरा भी कई जगह देखने को मिलती है। धार्मिक मान्यता के अनुसार केले के पेड़ को भगवान विष्णु से जोड़ा जाता है। पूजा के दौरान केले के पेड़ पर जल अर्पित किया जाता है और दीपक जलाया जाता है। इसके साथ ही पीले फूल और हल्दी अर्पित करने की परंपरा भी है। पूजा के बाद भगवान विष्णु को भोग लगाया जाता है और प्रसाद परिवार के सदस्यों में बांटा जाता है।

    व्रत के दौरान दान पुण्य का भी विशेष महत्व माना जाता है। जरूरतमंद व्यक्ति को पीले वस्त्र चने की दाल गुड़ हल्दी या पीले फल दान करने की परंपरा है। मान्यता है कि सामर्थ्य के अनुसार किया गया दान पुण्य के कार्यों में शामिल होता है। गुरुवार के दिन किसी जरूरतमंद की सहायता करना भी शुभ माना जाता है।

    गुरुवार व्रत में पूजा के साथ संयम और सात्विक आचरण पर भी जोर दिया जाता है। व्रत रखने वाले व्यक्ति को क्रोध और विवाद से बचने तथा सकारात्मक विचार रखने की कोशिश करनी चाहिए। दिनभर भगवान विष्णु का स्मरण करते हुए शाम को पूजा और आरती की जा सकती है। इसके बाद व्रत का पारण अपनी परंपरा के अनुसार किया जाता है। इस तरह श्रद्धा और नियम के साथ गुरुवार का व्रत किया जा सकता है। व्रत से जुड़े नियम अलग अलग क्षेत्रों और परिवारों में अलग हो सकते हैं इसलिए अपनी पारिवारिक परंपरा और स्वास्थ्य स्थिति के अनुसार इन्हें अपनाना उचित माना जाता है।

  • आज का राशिफल 24 सितंबर: नौकरी कारोबार धन और रिश्तों के मामले में कैसा रहेगा आपका दिन

    आज का राशिफल 24 सितंबर: नौकरी कारोबार धन और रिश्तों के मामले में कैसा रहेगा आपका दिन


    नई दिल्ली । 24 सितंबर 2026 का दिन सभी 12 राशियों के जातकों के लिए अलग अलग तरह के संकेत लेकर आया है। ज्योतिषीय आकलन के अनुसार आज कुछ लोगों को रुके हुए काम पूरे होने से राहत मिल सकती है तो कुछ जातकों को खर्च और काम के दबाव के बीच संतुलन बनाकर चलना होगा। नौकरी कारोबार धन परिवार और स्वास्थ्य से जुड़े मामलों में आज का दिन कैसा रह सकता है आइए जानते हैं मेष से मीन तक सभी राशियों का राशिफल।

    मेष राशि वालों के लिए आज का दिन आर्थिक मामलों में राहत देने वाला हो सकता है। लंबे समय से अटका कोई काम पूरा होने के संकेत हैं। कारोबार करने वाले लोगों को विस्तार या नए अवसर मिल सकते हैं। परिवार में खुशी का माहौल रहेगा और किसी पुराने आर्थिक मामले का समाधान मिल सकता है।

    वृषभ राशि के जातकों को आज रुके हुए कामों में गति मिलने के संकेत हैं। निर्माण या संपत्ति से जुड़े मामलों में प्रगति हो सकती है। कारोबार में नए अवसर सामने आ सकते हैं। किसी अनुभवी व्यक्ति की सलाह भविष्य के लिए उपयोगी साबित हो सकती है।

    मिथुन राशि वालों के लिए आजीविका और धन से जुड़े मामलों में सुधार के संकेत हैं। अटकी हुई रकम वापस मिलने से आर्थिक राहत महसूस हो सकती है। कामकाज में आपकी सक्रियता बनी रहेगी और किसी महत्वपूर्ण वस्तु की खरीदारी भी संभव है।

    कर्क राशि के जातकों के लिए नए लोगों से संपर्क बढ़ने का दिन है। ये संपर्क आगे चलकर काम आ सकते हैं। कार्यक्षेत्र में चुनौती सामने आ सकती है लेकिन धैर्य और समझदारी से स्थिति संभाली जा सकती है। परिवार के लोगों का सहयोग मिलेगा।

    सिंह राशि वालों को आज साझेदारी और कार्यक्षेत्र से जुड़े मामलों में महत्वपूर्ण बातचीत करनी पड़ सकती है। टीम के साथ मिलकर काम करने से लाभ मिलेगा। आर्थिक स्थिति सामान्य रह सकती है इसलिए बड़े खर्च में जल्दबाजी करने से बचना बेहतर होगा।

    कन्या राशि वालों के सामने आज नए अवसर आ सकते हैं। नौकरी और कारोबार में आर्थिक लाभ के रास्ते बन सकते हैं। परिवार में किसी शुभ आयोजन से खुशी का माहौल रह सकता है। हालांकि अनावश्यक खर्च पर नियंत्रण रखना जरूरी होगा।

    तुला राशि के लिए आज मेहनत और संघर्ष का दिन हो सकता है लेकिन प्रयासों का सकारात्मक परिणाम मिलने के संकेत हैं। आर्थिक परेशानियां धीरे धीरे कम हो सकती हैं। स्वास्थ्य में सुधार महसूस हो सकता है और वाहन खरीदने की योजना भी बन सकती है।

    वृश्चिक राशि वालों के लिए व्यापारिक मामलों में दिन महत्वपूर्ण रह सकता है। नई योजना पर काम शुरू करने का अवसर मिल सकता है। आर्थिक लाभ के संकेत हैं लेकिन किसी भी फैसले से पहले जरूरी जानकारी जुटाना बेहतर रहेगा।

    धनु राशि वालों को आज कामकाज में अतिरिक्त मेहनत करनी पड़ सकती है। धार्मिक या सामाजिक गतिविधियों में रुचि बढ़ सकती है। आय के नए रास्तों पर विचार हो सकता है। पुराने संपर्कों से भी मदद मिलने की संभावना है।

    मकर राशि के जातकों को आज अपने काम और प्राथमिकताओं पर ध्यान देना होगा। जिम्मेदारियां बढ़ सकती हैं लेकिन व्यवस्थित तरीके से काम करने पर स्थिति संभाली जा सकती है। परिवार से जुड़ा कोई विषय मन को प्रभावित कर सकता है।

    कुंभ राशि वालों की दिनचर्या थोड़ी व्यस्त या अव्यवस्थित रह सकती है। खर्च अपेक्षा से अधिक होने की संभावना है इसलिए बजट बनाकर चलना जरूरी होगा। किसी नई परेशानी को धैर्य और सूझबूझ से हल किया जा सकता है।

    मीन राशि वालों को आज आर्थिक दबाव और मानसिक चिंता से बचने की कोशिश करनी चाहिए। काम के बीच आराम के लिए समय निकालना जरूरी होगा। विवादित लोगों से दूरी रखना बेहतर रहेगा। परिवार का सहयोग तनाव कम करने में मदद कर सकता है।

    कुल मिलाकर 24 सितंबर का दिन किसी के लिए अवसर लेकर आ सकता है तो किसी को खर्च और जिम्मेदारियों के बीच संतुलन बनाना होगा। राशिफल को सामान्य ज्योतिषीय मार्गदर्शन के रूप में लेना चाहिए क्योंकि वास्तविक परिणाम व्यक्ति की जन्मकुंडली और परिस्थितियों के अनुसार अलग हो सकते हैं।

  • कुंभ राशि में राहु-चंद्रमा की युति से बनेगा ग्रहण योग, तीन राशियों को रहना होगा सतर्क

    कुंभ राशि में राहु-चंद्रमा की युति से बनेगा ग्रहण योग, तीन राशियों को रहना होगा सतर्क

    नई दिल्ली ।ज्योतिषीय गणनाओं के अनुसार 23 सितंबर को चंद्रमा कुंभ राशि में प्रवेश करेगा। इस राशि में पहले से राहु की स्थिति बताई गई है। ऐसे में चंद्रमा और राहु की युति से ग्रहण योग बनने की बात कही जा रही है। ज्योतिष में राहु और चंद्रमा की युति को सामान्य तौर पर शुभ नहीं माना जाता है।

    मान्यता है कि इस तरह के ग्रह योग का प्रभाव अलग-अलग राशियों पर उनकी कुंडली में ग्रहों की स्थिति के अनुसार अलग हो सकता है। कुंभ राशि में बनने वाले इस योग के कारण कुछ राशि वालों को आर्थिक, करियर और कार्यक्षेत्र से जुड़े मामलों में अतिरिक्त सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।

    ज्योतिषीय मान्यताओं के मुताबिक कर्क राशि के जातकों के लिए आने वाले कुछ दिन विशेष सावधानी वाले हो सकते हैं। चंद्रमा इस राशि से आठवें भाव में जाकर राहु के साथ युति बनाएगा। आठवें भाव में बनने वाली इस स्थिति को कई तरह के उतार-चढ़ाव से जोड़कर देखा जाता है।

    कर्क राशि वालों के खर्चों में अचानक वृद्धि होने की संभावना बताई गई है। साथ ही सामाजिक या पेशेवर स्तर पर छवि प्रभावित होने की आशंका भी जताई गई है। ऐसे में करियर से जुड़े फैसलों में जल्दबाजी से बचने और अपने काम पर विशेष ध्यान देने की सलाह दी जाती है।

    कन्या राशि के जातकों के लिए ग्रहण योग छठे भाव में बनने की बात कही गई है। ज्योतिष में छठे भाव का संबंध शत्रु, रोग, प्रतिस्पर्धा और विभिन्न प्रकार की बाधाओं से माना जाता है। इसलिए इस अवधि में विरोधियों और प्रतिस्पर्धियों को लेकर सतर्क रहने की सलाह दी गई है।

    कार्यस्थल पर कन्या राशि वालों को अपने फैसलों और जिम्मेदारियों को लेकर सावधानी बरतनी होगी। आर्थिक मामलों में भी किसी तरह की लापरवाही से बचने की जरूरत बताई गई है। विशेष रूप से लेनदेन से जुड़े मामलों में बिना पूरी जानकारी के किसी दूसरे व्यक्ति पर भरोसा करने से बचने की सलाह दी गई है।

    मीन राशि के जातकों के लिए भी इस ग्रह स्थिति को सावधानी से जोड़कर देखा जा रहा है। बताया गया है कि ग्रहण योग मीन राशि से बारहवें भाव में बनेगा। ज्योतिषीय मान्यता में बारहवें भाव का संबंध खर्च और आर्थिक नुकसान से माना जाता है।

    इसी वजह से मीन राशि वालों को इस अवधि में अनावश्यक खर्चों पर नियंत्रण रखने और आर्थिक मामलों में सतर्क रहने की सलाह दी गई है। करियर के क्षेत्र में भी काम को लेकर लापरवाही से बचना जरूरी बताया गया है। कार्यक्षेत्र में छोटी-सी असावधानी भी परेशानी बढ़ा सकती है, ऐसी ज्योतिषीय मान्यता है।

    ग्रहण योग को लेकर बताई गई ये बातें ज्योतिषीय मान्यताओं और कुंडली की व्याख्या पर आधारित हैं। किसी व्यक्ति पर इसका प्रभाव उसकी व्यक्तिगत जन्मकुंडली में ग्रहों की स्थिति के अनुसार अलग-अलग माना जाता है। इसलिए केवल राशि के आधार पर किसी निश्चित घटना की भविष्यवाणी नहीं की जा सकती।

    23 सितंबर से बनने वाली राहु-चंद्रमा की युति के दौरान कर्क, कन्या और मीन राशि के जातकों को विशेष रूप से आर्थिक लेनदेन, करियर और खर्चों से जुड़े मामलों में सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।

  • शनिवार से शनिवार तक रहेगा पितृ पक्ष जानें किस दिन किस तिथि का होगा श्राद्ध और क्या हैं जरूरी नियम

    शनिवार से शनिवार तक रहेगा पितृ पक्ष जानें किस दिन किस तिथि का होगा श्राद्ध और क्या हैं जरूरी नियम


    नई दिल्ली । हिंदू धर्म में पितृ पक्ष का विशेष धार्मिक महत्व माना जाता है। यह समय पूर्वजों के प्रति श्रद्धा और कृतज्ञता व्यक्त करने के साथ तर्पण और श्राद्ध कर्म के लिए महत्वपूर्ण माना जाता है। वर्ष 2026 में पितृ पक्ष को लेकर 26 और 27 सितंबर की तारीखों को लेकर लोगों के बीच भ्रम बना हुआ है। पंचांग की गणना के अनुसार 26 सितंबर शनिवार को पूर्णिमा श्राद्ध होगा जबकि प्रतिपदा श्राद्ध 27 सितंबर रविवार से शुरू होगा। इसके बाद 10 अक्टूबर शनिवार को सर्वपितृ अमावस्या के साथ पितृ पक्ष का समापन होगा। इस तरह पूर्णिमा श्राद्ध को शामिल करने पर यह अवधि 16 दिनों की मानी जा रही है।

    इस बार पितृ पक्ष की शुरुआत और समाप्ति दोनों शनिवार को होने का संयोग बताया जा रहा है। 26 सितंबर को भाद्रपद पूर्णिमा का श्राद्ध किया जाएगा। इसके अगले दिन 27 सितंबर को प्रतिपदा श्राद्ध होगा। इसके बाद 28 सितंबर को द्वितीया श्राद्ध और 29 सितंबर को तृतीया श्राद्ध किया जाएगा। 30 सितंबर को चतुर्थी और पंचमी श्राद्ध रहेगा। इसके बाद 1 अक्टूबर को षष्ठी श्राद्ध और 2 अक्टूबर को सप्तमी श्राद्ध किया जाएगा।

    3 अक्टूबर शनिवार को अष्टमी श्राद्ध होगा जबकि 4 अक्टूबर रविवार को नवमी श्राद्ध किया जाएगा। 5 अक्टूबर को दशमी श्राद्ध और 6 अक्टूबर को एकादशी श्राद्ध रहेगा। 7 अक्टूबर को द्वादशी श्राद्ध के साथ मघा नक्षत्र से जुड़ा श्राद्ध भी बताया गया है। 8 अक्टूबर को त्रयोदशी श्राद्ध और 9 अक्टूबर को चतुर्दशी श्राद्ध होगा। इसके बाद 10 अक्टूबर शनिवार को सर्वपितृ अमावस्या मनाई जाएगी। यही पितृ पक्ष का अंतिम दिन होगा।

    पितृ पक्ष में जिस तिथि को किसी पूर्वज का निधन हुआ हो उस तिथि के अनुसार श्राद्ध करने की परंपरा है। यदि किसी व्यक्ति की मृत्यु की तिथि ज्ञात नहीं हो तो सर्वपितृ अमावस्या के दिन श्राद्ध करने की मान्यता है। इस दिन उन सभी पूर्वजों का स्मरण किया जाता है जिनकी मृत्यु तिथि परिवार को ज्ञात नहीं होती या जिनका नियमित श्राद्ध किसी कारण से नहीं हो पाता।

    श्राद्ध कर्म में तर्पण पिंडदान और भोजन दान जैसे कर्मों का विशेष महत्व माना जाता है। धार्मिक मान्यता के अनुसार तर्पण के दौरान जल और तिल का प्रयोग किया जाता है। कई परंपराओं में कुशा का इस्तेमाल भी किया जाता है। श्राद्ध का भोजन तैयार करने के बाद गाय कुत्ते कौए और अन्य जीवों के लिए भोजन निकालने की परंपरा भी कई परिवारों में निभाई जाती है।

    श्राद्ध कर्म के समय को लेकर भी धार्मिक परंपराओं में विशेष नियम बताए गए हैं। सामान्य तौर पर श्राद्ध कर्म दिन के उस हिस्से में करने की परंपरा है जिसे कुतप काल कहा जाता है। हालांकि स्थानीय पंचांग और परिवार की परंपरा के अनुसार तर्पण और श्राद्ध के समय में अंतर हो सकता है। इसलिए किसी विशेष तिथि का श्राद्ध करने से पहले स्थानीय पंचांग या विद्वान से सही समय की जानकारी लेना उचित माना जाता है।

    कुल मिलाकर वर्ष 2026 का पितृ पक्ष तारीखों के लिहाज से खास माना जा रहा है। 26 सितंबर को पूर्णिमा श्राद्ध से इसकी शुरुआत होगी और 10 अक्टूबर को सर्वपितृ अमावस्या के साथ समापन होगा। इस दौरान अलग अलग तिथियों के अनुसार पूर्वजों का श्राद्ध और तर्पण किया जाएगा। धार्मिक मान्यता के अनुसार पितृ पक्ष पूर्वजों के प्रति सम्मान व्यक्त करने और परिवार की परंपराओं को निभाने का महत्वपूर्ण अवसर है।

  • 26 सितंबर तक कन्या राशि में भद्र राजयोग 3 राशियों के लिए धन करियर और कारोबार में बड़े लाभ के योग

    26 सितंबर तक कन्या राशि में भद्र राजयोग 3 राशियों के लिए धन करियर और कारोबार में बड़े लाभ के योग


    नई दिल्ली । वैदिक ज्योतिष में ग्रहों की चाल और उनकी स्थिति को काफी महत्वपूर्ण माना जाता है। इसी क्रम में इस समय बुध ग्रह अपनी उच्च राशि कन्या में विराजमान हैं और इससे भद्र राजयोग बनने की बात कही जा रही है। ज्योतिषीय मान्यता के अनुसार भद्र राजयोग पंच महापुरुष राजयोगों में शामिल है। बुध को बुद्धि वाणी तर्क व्यापार गणना और संवाद का कारक ग्रह माना जाता है। जब बुध अपनी स्वराशि मिथुन या उच्च राशि कन्या में केंद्र भाव में स्थित होते हैं तो भद्र राजयोग बनने की स्थिति मानी जाती है। मौजूदा स्थिति में यह योग 26 सितंबर 2026 तक रहने वाला है।

    ज्योतिषीय गणना के अनुसार 26 सितंबर को बुध कन्या राशि से निकलकर तुला राशि में प्रवेश करेंगे। इसके साथ ही कन्या राशि में बना भद्र राजयोग समाप्त माना जाएगा। इस छोटी अवधि में कुछ राशियों के लिए करियर कारोबार और आर्थिक मामलों में सकारात्मक परिणाम मिलने की संभावना ज्योतिष में बताई गई है। हालांकि इन प्रभावों को ज्योतिषीय मान्यता के तौर पर ही देखना चाहिए।

    मिथुन राशि के जातकों के लिए यह समय खास बताया जा रहा है। बुध मिथुन राशि के स्वामी ग्रह हैं और भद्र राजयोग उनके चौथे भाव में बनने की बात कही गई है। ज्योतिषीय मान्यता के अनुसार इस दौरान घर परिवार और भौतिक सुख सुविधाओं से जुड़े मामलों में सकारात्मक बदलाव हो सकते हैं। मकान वाहन या संपत्ति से जुड़ी योजना आगे बढ़ सकती है। कार्यक्षेत्र में रणनीतिक सोच और निर्णय क्षमता का लाभ मिलने के संकेत बताए गए हैं।

    कन्या राशि के जातकों के लिए यह योग उनकी ही राशि में बन रहा है। इसलिए ज्योतिषीय मान्यता के अनुसार इसका प्रभाव उनके व्यक्तित्व और निर्णय क्षमता पर दिखाई दे सकता है। आत्मविश्वास बढ़ने के साथ काम को लेकर स्पष्टता आने की संभावना बताई गई है। व्यापार से जुड़े जातकों के लिए अटके हुए काम आगे बढ़ने और पुराने भुगतान मिलने के योग बताए गए हैं। मीडिया पत्रकारिता वकालत और शिक्षा जैसे क्षेत्रों से जुड़े लोगों के लिए भी यह अवधि महत्वपूर्ण बताई गई है।

    धनु राशि के जातकों के लिए भद्र राजयोग कर्म और करियर से जुड़े दसवें भाव में बनने की बात कही गई है। ऐसे में नौकरीपेशा लोगों को कार्यक्षेत्र में नई जिम्मेदारी मिलने या पद से जुड़ी अच्छी खबर मिलने के योग ज्योतिष में बताए गए हैं। कारोबार करने वाले लोगों के लिए नए सौदे और व्यावसायिक योजनाओं को आगे बढ़ाने का समय अनुकूल माना जा रहा है। व्यापारिक यात्राओं से लाभ मिलने और सामाजिक प्रतिष्ठा बढ़ने की संभावना भी बताई गई है।

    इस दौरान बुध ग्रह से जुड़े उपाय करने की सलाह भी ज्योतिष में दी जाती है। बुधवार के दिन भगवान गणेश को दूर्वा अर्पित करना और गणेश मंत्र का जाप करना शुभ माना गया है। जरूरतमंद लोगों को हरी मूंग हरे वस्त्र या पशुओं के लिए हरा चारा दान करने की भी मान्यता है। इन उपायों को धार्मिक और ज्योतिषीय विश्वास के तौर पर ही लेना चाहिए।

    कुल मिलाकर 26 सितंबर तक कन्या राशि में बुध की स्थिति के कारण भद्र राजयोग की चर्चा है। ज्योतिषीय मान्यता के अनुसार मिथुन कन्या और धनु राशि के जातकों के लिए यह अवधि करियर कारोबार धन और निर्णय क्षमता से जुड़े मामलों में सकारात्मक रह सकती है। इसके बाद बुध के तुला राशि में प्रवेश के साथ ग्रहों की स्थिति बदल जाएगी और ज्योतिषीय प्रभावों की व्याख्या भी बदल जाएगी।

  • गणेश विसर्जन पर पंचक का साया: जाने कब तक रहेगा पंचक, ऐसे करें बप्पा की विदाई

    गणेश विसर्जन पर पंचक का साया: जाने कब तक रहेगा पंचक, ऐसे करें बप्पा की विदाई


    नई दिल्ली। गणेश उत्सव के समापन और बप्पा की विदाई के बीच इस बार पंचक का संयोग बन रहा है। 23 सितंबर की रात से पंचक शुरू होंगे और 25 सितंबर को अनंत चतुर्दशी के दिन गणेश विसर्जन होगा। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार पंचक के दौरान कुछ कार्यों को करने की मनाही होती है, हालांकि पूजा-पाठ, धार्मिक अनुष्ठान और गणेश विसर्जन पर इसका कोई प्रतिबंध नहीं माना गया है।

    23 सितंबर की रात से शुरू होगा पंचक

    द्रिक पंचांग के अनुसार सितंबर 2026 में पंचक की शुरुआत 23 सितंबर, बुधवार रात 9:57 बजे से होगी। पंचक का समापन 28 सितंबर, सोमवार सुबह 10:16 बजे होगा। इस दौरान चंद्रमा 23 सितंबर की रात 9:56 बजे से 26 सितंबर की सुबह 5:32 बजे तक कुंभ राशि में और इसके बाद 28 सितंबर की सुबह 10:15 बजे तक मीन राशि में रहेगा।

    ज्योतिषीय मान्यता के अनुसार जब चंद्रमा कुंभ और मीन राशि में रहते हुए धनिष्ठा, शतभिषा, पूर्वा भाद्रपद, उत्तरा भाद्रपद और रेवती नक्षत्रों से गुजरता है, तब पंचक का निर्माण होता है। यह अवधि करीब पांच दिन की होती है। हिंदू धर्म और ज्योतिष में पंचक के दौरान कुछ शुभ और सामान्य कार्यों को करने से बचने की सलाह दी जाती है।

    पंचक के बीच गणेश विसर्जन और पितृ पक्ष

    इस बार पंचक के दौरान कई महत्वपूर्ण धार्मिक अवसर भी पड़ रहे हैं। 24 सितंबर को गुरु प्रदोष व्रत, 25 सितंबर को अनंत चतुर्दशी और इसी दिन गणेश प्रतिमाओं का विसर्जन किया जाएगा। अनंत चतुर्दशी पर भगवान विष्णु के अनंत स्वरूप की पूजा का भी विधान है। इसके अगले दिन यानी 26 सितंबर से पितृ पक्ष शुरू होगा।

    ऐसे में गणेश भक्तों के सामने यह सवाल है कि पंचक के दौरान बप्पा का विसर्जन किया जा सकता है या नहीं। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार पंचक में गणेश विसर्जन करने में कोई बाधा नहीं मानी जाती। पंचक के दौरान पूजा-पाठ और धार्मिक अनुष्ठान किए जा सकते हैं। गणपति को विघ्नहर्ता माना जाता है, इसलिए पंचक के बीच भी श्रद्धा और विधि-विधान से गणेश प्रतिमा का विसर्जन किया जा सकता है।

    इसी तरह 26 सितंबर से शुरू होने वाले पितृ पक्ष में श्राद्ध, तर्पण और पिंडदान जैसे कर्म करने पर भी पंचक की कोई बाधा नहीं मानी गई है। श्रद्धालु पितरों की आत्मा की शांति के लिए पहले दिन से ही विधिवत श्राद्ध कर्म कर सकते हैं।

    इन कामों से पंचक में बचने की मान्यता

    सितंबर में पड़ने वाला यह पंचक बुधवार से शुरू हो रहा है। ज्योतिषीय मान्यताओं में शुक्रवार से शुरू होने वाले पंचक को चोर पंचक, शनिवार से शुरू होने वाले पंचक को मृत्यु पंचक और मंगलवार से शुरू होने वाले पंचक को अग्नि पंचक कहा जाता है। बुधवार से शुरू होने वाले पंचक को इनकी तरह विशेष रूप से अशुभ नहीं माना जाता। फिर भी पंचक के दौरान सामान्य तौर पर जिन कार्यों को करने से बचने की सलाह दी जाती है, उन्हें टालना उचित माना जाता है।

    लकड़ी या लकड़ी से बनी वस्तुएं खरीदने से बचें।
    पलंग या बिस्तर खरीदने से बचने की मान्यता है।
    नए घर का निर्माण शुरू करना, छत डलवाना या पहली चौखट लगाना टालना चाहिए।
    दक्षिण दिशा की यात्रा करने से भी बचने की सलाह दी जाती है।

    धार्मिक मान्यताओं पर आधारित है जानकारी
    पंचक, गणेश विसर्जन और श्राद्ध से जुड़े नियम धार्मिक मान्यताओं और पंचांग की गणना पर आधारित हैं। अलग-अलग क्षेत्रों और पंचांगों में तिथि, मुहूर्त और नियमों में अंतर हो सकता है। इसलिए किसी विशेष पूजा, विसर्जन या धार्मिक कर्म के लिए स्थानीय पंचांग और विद्वान या पुरोहित की सलाह लेना उचित माना जाता है।

  • बुधवार को घर में जरूर करें ये वास्तु उपाय हरे पौधे से लेकर गणेश पूजा तक जानें किन बातों से बदल सकता है घर का माहौल

    बुधवार को घर में जरूर करें ये वास्तु उपाय हरे पौधे से लेकर गणेश पूजा तक जानें किन बातों से बदल सकता है घर का माहौल


    नई दिल्ली। बुधवार का दिन धार्मिक दृष्टि से भगवान गणेश और बुध ग्रह को समर्पित माना जाता है। वास्तु और ज्योतिष से जुड़ी मान्यताओं में बुध को बुद्धि वाणी कारोबार और तर्क क्षमता से संबंधित ग्रह माना गया है। इसी वजह से बुधवार के दिन घर और कार्यस्थल पर कुछ विशेष उपाय करने की परंपरा है। मान्यता है कि इन उपायों से सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है और घर में सुख शांति तथा समृद्धि का वातावरण बनाने में सहायता मिल सकती है। हालांकि इन उपायों को धार्मिक और पारंपरिक मान्यताओं के रूप में ही देखना चाहिए।

    बुधवार के दिन सुबह घर की साफ सफाई से दिन की शुरुआत करना शुभ माना जाता है। वास्तु मान्यताओं के अनुसार घर में अनावश्यक सामान जमा होने से नकारात्मकता का वातावरण बन सकता है। इसलिए बुधवार को विशेष रूप से पूजा स्थल और घर के प्रवेश द्वार की सफाई करनी चाहिए। प्रवेश द्वार को साफ रखने के साथ वहां उचित रोशनी की व्यवस्था करना भी अच्छा माना जाता है। ऐसा माना जाता है कि स्वच्छ और व्यवस्थित घर में सकारात्मक ऊर्जा का प्रवाह बेहतर रहता है।

    बुधवार के दिन हरे रंग को विशेष महत्व दिया जाता है। वास्तु और ज्योतिष की मान्यताओं में हरा रंग बुध ग्रह से जुड़ा माना जाता है। इसलिए बुधवार को घर में हरे पौधे लगाने या किसी स्वस्थ पौधे की देखभाल करने की परंपरा है। घर में पौधे रखते समय उनके सूखने या खराब होने पर ध्यान देना चाहिए। सूखे और मुरझाए पौधों को घर में लंबे समय तक रखना उचित नहीं माना जाता। बालकनी या ऐसे स्थान पर पौधे लगाए जा सकते हैं जहां उन्हें पर्याप्त रोशनी और हवा मिल सके।

    घर के पूजा स्थान में बुधवार को भगवान गणेश की पूजा करना भी शुभ माना जाता है। गणेश जी को दूर्वा अर्पित करके दीपक जलाया जा सकता है। धार्मिक मान्यता के अनुसार गणेश जी विघ्नों को दूर करने वाले देवता हैं और उनकी पूजा से बुद्धि तथा विवेक की प्राप्ति की कामना की जाती है। पूजा के दौरान घर की सुख शांति और परिवार की उन्नति के लिए प्रार्थना करना चाहिए।

    व्यापार या नौकरी करने वाले लोगों के लिए भी बुधवार का दिन विशेष माना जाता है। कार्यस्थल पर साफ सफाई और व्यवस्था बनाए रखना वास्तु की दृष्टि से महत्वपूर्ण बताया जाता है। डेस्क पर बेकार कागज और अनावश्यक सामान जमा नहीं करना चाहिए। जरूरी दस्तावेजों को व्यवस्थित रखने से काम में एकाग्रता बढ़ाने में मदद मिल सकती है। बुधवार को हरी मूंग का दान करना भी धार्मिक मान्यता के अनुसार शुभ माना जाता है।

    बुधवार के दिन वाणी पर संयम रखने की सलाह भी दी जाती है। बुध को वाणी और संचार से जोड़कर देखा जाता है इसलिए इस दिन किसी से कटु शब्द बोलने से बचना और बातचीत में विनम्रता रखना शुभ माना जाता है। परिवार में शांतिपूर्ण वातावरण बनाए रखना भी सकारात्मक सोच को बढ़ावा दे सकता है। इस तरह बुधवार के वास्तु उपाय केवल वस्तुओं और दिशाओं तक सीमित नहीं हैं बल्कि स्वच्छता अनुशासन और सकारात्मक व्यवहार को भी महत्व देते हैं।

    कुल मिलाकर बुधवार के दिन घर की साफ सफाई हरे पौधों की देखभाल भगवान गणेश की पूजा और जरूरतमंद व्यक्ति को दान जैसे उपाय धार्मिक परंपराओं में शुभ माने गए हैं। इन उपायों का उद्देश्य घर में सकारात्मक वातावरण बनाना और व्यक्ति को अनुशासित दिनचर्या की ओर प्रेरित करना है। इन्हें श्रद्धा और अपनी सुविधा के अनुसार अपनाया जा सकता है।

  • बुधवार का व्रत करने से पहले जान लें पूजा की सही विधि नियम और मान्यताएं शुभ फल के लिए ऐसे करें आराधना

    बुधवार का व्रत करने से पहले जान लें पूजा की सही विधि नियम और मान्यताएं शुभ फल के लिए ऐसे करें आराधना


    नई दिल्ली। बुधवार का दिन भगवान गणेश और बुध ग्रह की उपासना के लिए विशेष माना जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार बुधवार का व्रत करने से बुद्धि और विवेक में वृद्धि होती है तथा व्यक्ति के कार्यों में आने वाली बाधाएं दूर होने की कामना की जाती है। बुध ग्रह को वाणी व्यापार शिक्षा और बुद्धि का कारक माना गया है इसलिए बुधवार के दिन विधि विधान से पूजा करने का विशेष महत्व बताया गया है। मान्यता है कि जो व्यक्ति श्रद्धा और नियम के साथ बुधवार का व्रत करता है उसे जीवन में सकारात्मक ऊर्जा प्राप्त होती है और मानसिक एकाग्रता बढ़ाने में सहायता मिलती है।

    बुधवार व्रत रखने के लिए सुबह सूर्योदय से पहले उठकर स्नान करना चाहिए। इसके बाद स्वच्छ वस्त्र धारण करके पूजा स्थल की सफाई करनी चाहिए। भगवान गणेश की प्रतिमा या चित्र के सामने दीपक जलाकर पूजा का संकल्प लिया जाता है। इसके बाद भगवान गणेश को दूर्वा अर्पित करना शुभ माना जाता है। पूजा में फूल अक्षत रोली और नैवेद्य का प्रयोग किया जा सकता है। भगवान गणेश को मोदक या लड्डू का भोग लगाने की भी परंपरा है। इसके बाद गणेश मंत्र का जाप करते हुए श्रद्धापूर्वक आराधना करनी चाहिए।

    बुधवार के दिन बुध ग्रह की पूजा का भी विधान बताया गया है। इसके लिए हरे रंग की वस्तुओं का प्रयोग शुभ माना जाता है। पूजा के दौरान बुध देव का ध्यान करके उनके मंत्र का जाप किया जा सकता है। धार्मिक मान्यता के अनुसार हरी मूंग हरे वस्त्र या हरी सब्जियों का दान करने से बुध ग्रह से जुड़े शुभ फल प्राप्त होने की कामना की जाती है। जरूरतमंद व्यक्ति को भोजन कराना या अपनी क्षमता के अनुसार दान करना भी पुण्यकारी माना जाता है।

    बुधवार व्रत में भोजन को लेकर अलग अलग परंपराएं प्रचलित हैं। कुछ लोग पूरे दिन निराहार रहते हैं जबकि कुछ लोग फलाहार करते हैं। व्रत रखने वाले व्यक्ति को अपनी क्षमता और स्वास्थ्य के अनुसार ही उपवास करना चाहिए। शाम के समय भगवान गणेश की दोबारा पूजा करके व्रत कथा का पाठ किया जा सकता है। इसके बाद आरती करके प्रसाद ग्रहण किया जाता है। व्रत के दौरान मन को शांत रखने और नकारात्मक विचारों से दूर रहने की कोशिश करनी चाहिए।

    बुधवार व्रत को लेकर कई धार्मिक मान्यताएं भी प्रचलित हैं। माना जाता है कि इस व्रत से शिक्षा और करियर में सफलता की कामना की जाती है। व्यापार करने वाले लोगों के लिए भी बुधवार का दिन विशेष माना जाता है। मान्यता है कि बुध देव की कृपा से वाणी में मधुरता और निर्णय लेने की क्षमता बेहतर होने की कामना की जा सकती है। हालांकि इन बातों को धार्मिक विश्वास के रूप में ही देखा जाना चाहिए।

    बुधवार व्रत का सबसे महत्वपूर्ण पक्ष श्रद्धा और अनुशासन है। पूजा के दौरान भगवान गणेश का स्मरण करके परिवार की सुख शांति और समृद्धि की कामना की जाती है। यदि कोई व्यक्ति पहली बार बुधवार का व्रत शुरू कर रहा है तो परिवार की परंपरा या अपने धार्मिक गुरु की सलाह के अनुसार व्रत की अवधि और पूजा विधि तय कर सकता है। श्रद्धा के साथ किया गया यह व्रत व्यक्ति को आध्यात्मिक रूप से जोड़ने और दिनचर्या में संयम लाने का माध्यम माना जाता है।

  • आज का राशिफल 23 सितंबर कई राशियों के लिए खुलेंगे तरक्की और धन लाभ के रास्ते जानें अपना भविष्यफल

    आज का राशिफल 23 सितंबर कई राशियों के लिए खुलेंगे तरक्की और धन लाभ के रास्ते जानें अपना भविष्यफल


    नई दिल्ली। 23 सितंबर 2026 का दिन कई राशियों के लिए नए अवसर लेकर आ सकता है। कुछ जातकों को करियर और कारोबार में आगे बढ़ने का मौका मिलेगा तो कुछ लोगों को आर्थिक मामलों में सावधानी बरतने की जरूरत होगी। नौकरीपेशा लोगों को कार्यक्षेत्र में अपनी मेहनत का लाभ मिल सकता है। कारोबारियों के लिए नई योजना पर काम शुरू करने का दिन रह सकता है। परिवार में किसी महत्वपूर्ण विषय को लेकर बातचीत हो सकती है। आइए जानते हैं मेष से मीन राशि तक सभी जातकों के लिए आज का दिन कैसा रहने वाला है।

    मेष राशि वालों के लिए आज का दिन उत्साह से भरा रह सकता है। कार्यक्षेत्र में आपकी सक्रियता का असर दिखाई देगा। किसी पुराने काम को पूरा करने में सफलता मिल सकती है। आर्थिक स्थिति सामान्य रहेगी लेकिन अनावश्यक खर्च से बचना बेहतर होगा। परिवार में किसी सदस्य से अच्छी खबर मिल सकती है।

    वृषभ राशि के जातकों को आज धैर्य से काम लेने की जरूरत होगी। नौकरी में जिम्मेदारियां बढ़ सकती हैं लेकिन मेहनत का परिणाम भी मिलेगा। कारोबार में किसी नए व्यक्ति से संपर्क लाभदायक हो सकता है। धन के मामले में जल्दबाजी से फैसला न लें। परिवार के साथ समय बिताने का अवसर मिलेगा।

    मिथुन राशि वालों के लिए दिन सकारात्मक रह सकता है। नौकरी में कोई महत्वपूर्ण अवसर मिल सकता है। व्यापार में रुका हुआ काम आगे बढ़ने के संकेत हैं। विद्यार्थियों को पढ़ाई में ध्यान लगाने से अच्छे परिणाम मिल सकते हैं। किसी पुराने मित्र से मुलाकात मन को प्रसन्न कर सकती है।

    कर्क राशि के जातकों को आज अपने खर्चों पर नियंत्रण रखना चाहिए। कार्यक्षेत्र में किसी बात को लेकर तनाव हो सकता है लेकिन बातचीत से समाधान निकल सकता है। परिवार में किसी सदस्य की सलाह आपके काम आ सकती है। सेहत को लेकर लापरवाही न करें और आराम के लिए समय जरूर निकालें।

    सिंह राशि वालों के लिए आज का दिन उपलब्धियों वाला हो सकता है। काम में आपकी नेतृत्व क्षमता की सराहना होगी। कारोबार में लाभ के नए रास्ते खुल सकते हैं। किसी महत्वपूर्ण व्यक्ति से मुलाकात भविष्य में फायदा दे सकती है। पारिवारिक माहौल अच्छा रहेगा।

    कन्या राशि के लिए दिन मेहनत और योजना का रहेगा। नौकरी में कोई जिम्मेदारी मिलने से व्यस्तता बढ़ सकती है। आर्थिक मामलों में स्थिति बेहतर हो सकती है। पुराने निवेश से लाभ की उम्मीद बन सकती है। प्रेम संबंधों में संवाद बनाए रखना आपके लिए फायदेमंद रहेगा।

    तुला राशि वालों को आज संतुलन बनाकर चलना होगा। कार्यक्षेत्र में सहकर्मियों का सहयोग मिलेगा। व्यापार में नई योजना बनाने का मौका मिल सकता है। परिवार में किसी बात को लेकर मतभेद हो सकता है लेकिन समझदारी से स्थिति संभाली जा सकती है।

    वृश्चिक राशि के लिए दिन काफी महत्वपूर्ण रह सकता है। लंबे समय से अटका कोई काम पूरा होने की संभावना है। आर्थिक स्थिति मजबूत हो सकती है। नौकरी में बदलाव को लेकर विचार कर रहे हैं तो विकल्पों पर अच्छी तरह विचार करें। परिवार के साथ अच्छा समय बीतेगा।

    धनु राशि वालों को आज नए अवसर मिल सकते हैं। कारोबार में लाभ के संकेत हैं और नौकरीपेशा लोगों को नई जिम्मेदारी मिल सकती है। यात्रा का योग बन सकता है। विद्यार्थियों को मेहनत का अच्छा परिणाम मिलने की उम्मीद है। किसी करीबी से मन की बात साझा कर सकते हैं।

    मकर राशि के जातकों को आज योजनाबद्ध तरीके से काम करना चाहिए। कार्यक्षेत्र में मेहनत अधिक करनी पड़ सकती है। धन संबंधी मामलों में दिन सामान्य रहेगा। किसी पुराने परिचित से संपर्क हो सकता है। परिवार में सुख और शांति बनी रहेगी।

    कुंभ राशि वालों के लिए आज का दिन नई शुरुआत का संकेत दे रहा है। नौकरी में आगे बढ़ने का मौका मिल सकता है। व्यापार में नए संपर्क फायदा पहुंचा सकते हैं। आर्थिक स्थिति में सुधार के संकेत हैं। प्रेम जीवन में सकारात्मक बदलाव देखने को मिल सकता है।

    मीन राशि वालों के लिए दिन मिलाजुला रह सकता है। काम में सफलता पाने के लिए अतिरिक्त प्रयास करना होगा। धन के मामले में किसी पर आंख मूंदकर भरोसा करने से बचें। परिवार के साथ समय बिताने से मन प्रसन्न रहेगा। स्वास्थ्य को लेकर दिनचर्या व्यवस्थित रखना आपके लिए लाभदायक रहेगा।

    कुल मिलाकर 23 सितंबर का दिन कई राशियों के लिए अवसरों से भरा रह सकता है। कुछ लोगों को करियर में आगे बढ़ने का मौका मिलेगा तो कुछ जातकों को आर्थिक फैसलों में सावधानी बरतनी होगी। राशिफल सामान्य ज्योतिषीय संकेतों पर आधारित है। व्यक्तिगत परिणाम जन्म कुंडली और ग्रहों की स्थिति के अनुसार अलग हो सकते हैं।

  • 24 सितंबर को पुष्य नक्षत्र में जाएंगे मंगल, चार राशियों के लिए बन रहे धन और करियर लाभ के योग

    24 सितंबर को पुष्य नक्षत्र में जाएंगे मंगल, चार राशियों के लिए बन रहे धन और करियर लाभ के योग

    नई दिल्ली ।वैदिक ज्योतिष में ग्रहों की चाल और नक्षत्र परिवर्तन को विशेष महत्व दिया जाता है। सितंबर 2026 में मंगल अपनी स्थिति में बदलाव करते हुए पुष्य नक्षत्र में प्रवेश करने वाले हैं। मंगल 24 सितंबर को पुनर्वसु नक्षत्र से निकलकर पुष्य नक्षत्र में पहुंचेंगे और 17 अक्टूबर तक इसी नक्षत्र में रहेंगे। ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार इस परिवर्तन का असर अलग-अलग राशियों पर अलग तरीके से पड़ सकता है।

    पुष्य नक्षत्र को 27 नक्षत्रों में विशेष महत्व वाला माना जाता है। इसे नक्षत्रों का राजा भी कहा जाता है। इस नक्षत्र के स्वामी शनि माने जाते हैं, जबकि इसके देवता बृहस्पति हैं। मंगल ऊर्जा, साहस, पराक्रम, भूमि और शक्ति से संबंधित ग्रह माने जाते हैं। ऐसे में मंगल के पुष्य नक्षत्र में आने को ज्योतिष में मंगल, शनि और गुरु से जुड़े प्रभावों के मेल के तौर पर देखा जाता है।

    मेष राशि के जातकों के लिए यह बदलाव आर्थिक और व्यक्तिगत मामलों में सकारात्मक संकेत देने वाला माना जा रहा है। लंबे समय से प्रॉपर्टी, जमीन या वाहन खरीदने की योजना बना रहे लोगों के लिए समय अनुकूल रह सकता है। कार्यक्षेत्र में साहस और तेजी से निर्णय लेने की क्षमता का लाभ मिलने की संभावना जताई गई है। परिवार से जुड़े पुराने विवादों में भी सुधार के संकेत हैं।

    कर्क राशि के लिए मंगल पहले से ही राशि में संचार कर रहे हैं। पुष्य नक्षत्र में प्रवेश के बाद ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार मानसिक और व्यावहारिक क्षमता मजबूत हो सकती है। करियर और कारोबार में रुके हुए काम आगे बढ़ सकते हैं। नेतृत्व क्षमता में सुधार के साथ नई जिम्मेदारियां मिल सकती हैं। साझेदारी में कारोबार या नया व्यवसाय शुरू करने वालों के लिए भी यह अवधि महत्वपूर्ण मानी जा रही है।

    वृश्चिक राशि के जातकों के लिए मंगल का यह परिवर्तन भाग्य और धार्मिक मामलों से जुड़ा प्रभाव डाल सकता है। लंबे समय से अटकी योजनाओं और सरकारी कामों में प्रगति के संकेत बताए गए हैं। नौकरीपेशा लोगों के लिए पदोन्नति या मनचाहे स्थान पर तबादले की संभावना जताई गई है। धार्मिक और व्यावसायिक यात्राओं से लाभ मिलने के साथ अचानक आर्थिक फायदा होने की बात भी कही गई है।

    मीन राशि के जातकों के लिए पुष्य नक्षत्र के देवता बृहस्पति हैं, जो मीन राशि के स्वामी माने जाते हैं। इसलिए इस परिवर्तन को आय और बुद्धि से जुड़े मामलों में शुभ माना जा रहा है। आय के नए स्रोत बनने की संभावना जताई गई है। पुराने निवेश से लाभ मिल सकता है। प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए भी सफलता के संकेत बताए गए हैं।

    ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार मंगल की इस अवधि में हनुमान जी की पूजा करना लाभकारी माना जाता है। मंगलवार को सिंदूर और चमेली का तेल अर्पित करने, हनुमान चालीसा का पाठ करने तथा गुड़ और भुने चने का भोग लगाने जैसे उपाय बताए गए हैं। हालांकि, राशिफल और ज्योतिषीय भविष्यवाणियां धार्मिक मान्यताओं पर आधारित होती हैं और इन्हें निश्चित भविष्यवाणी के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए।