Category: Religious Astrology

  • 22 फरवरी का राशिफल : जानिए कैसे रहेगा आपका दिन, इन राशि के जातकों को रहना होगा सतर्क

    22 फरवरी का राशिफल : जानिए कैसे रहेगा आपका दिन, इन राशि के जातकों को रहना होगा सतर्क


    नई दिल्‍ली । रविवार, 22 फरवरी 2026 का दिन कुछ राशियों के लिए नई संभावनाएं और अवसर लेकर आएगा, तो कुछ राशियों को सतर्क रहने की जरूरत होगी। जानिए करियर, व्यापार, स्वास्थ्य और पारिवारिक जीवन में आपका दिन कैसा रहेगा।

    मेष राशि

    आज आपके दिन की शुरुआत सकारात्मक होगी। बच्चों के लिए दिन अच्छा रहेगा। किसी नज़दीकी रिश्तेदार से लंबी बातचीत हो सकती है। भविष्य के लिए नई योजनाओं पर काम करने के मौके मिलेंगे। घर पर धार्मिक आयोजन करने का मन बन सकता है। इंटरव्यू देने वालों के लिए सफलता के योग हैं। जीवनसाथी की छोटी गलतियों को माफ करने से संबंध बेहतर होंगे।
    भाग्यशाली अंक: 9 | भाग्यशाली रंग: लाल
    उपाय: हनुमान चालीसा पढ़ें और बंदरों को गुड़-चना खिलाएं।

    वृषभ राशि

    दिन की शुरुआत अनुकूल रहेगी। बिजनेस ट्रिप पर जाने से पहले घर के बुजुर्गों का आशीर्वाद लें, काम सफल होगा। जीवनसाथी को तरक्की का अवसर मिलेगा। बिजनेस में फायदा संभव है। जूनियर्स आपसे नई चीजें सीखने की कोशिश करेंगे। तली-भुनी चीजों से परहेज करें।

    भाग्यशाली अंक: 6 | भाग्यशाली रंग: सफेद
    उपाय: छोटी कन्याओं को मिश्री या सफेद मिठाई खिलाएं।

    मिथुन राशि

    आज का दिन नई ऊर्जा और उमंग लेकर आएगा। आगे बढ़ने के लिए नई योजनाएं बनाएं। अपना और जीवनसाथी का स्वास्थ्य ध्यान में रखें। कुछ विरोधी काम में बाधा डाल सकते हैं, लेकिन आपका पॉजिटिव दृष्टिकोण मदद करेगा। महिलाओं को बिजनेस में परिवार का समर्थन मिलेगा।

    भाग्यशाली अंक: 5 | भाग्यशाली रंग: हरा
    उपाय: गणेश जी को दूर्वा अर्पित करें।

    कर्क राशि

    खुशियों भरा दिन रहेगा। बिजनेस में लाभ मिलेगा। नया बिजनेस शुरू करने से पहले मार्केट एनालिसिस करें। छात्रों के लिए दिन ठीक-ठाक रहेगा। शत्रुओं से सतर्क रहें। स्वास्थ्य अच्छा रहेगा। हाउसवाइव्स के लिए पार्ट-टाइम जॉब के योग बन रहे हैं।

    भाग्यशाली अंक: 2 | भाग्यशाली रंग: दूधिया सफेद/चांदी
    उपाय: शिवलिंग पर जल अर्पित करें और “ॐ नमः शिवाय” का जाप करें।

    सिंह राशि

    दिन की शुरुआत खुशियों से होगी। शाम को किसी बर्थडे पार्टी में शामिल हो सकते हैं। स्टूडेंट्स के लिए दिन अच्छा रहेगा। क्रिएटिव फील्ड मजबूत रहेगी। बिल्डर्स को नए कॉन्ट्रैक्ट से मुनाफा होगा। घर को सजाने का मौका मिलेगा और सुख-समृद्धि बनी रहेगी।

    भाग्यशाली अंक: 1 | भाग्यशाली रंग: नारंगी/सुनहरा
    उपाय: उगते सूर्य को तांबे के लोटे से जल अर्पित करें।

    कन्या राशि

    दिन अनुकूल रहेगा। काम में सहयोग मिलेगा। करियर में अचानक बदलाव और धन लाभ के योग हैं। वैवाहिक जीवन खुशहाल रहेगा। माता का स्वास्थ्य बेहतर रहेगा। करीबी रिश्तेदार शादी के मामलों पर बात कर सकते हैं।

    भाग्यशाली अंक: 5 | भाग्यशाली रंग: गहरा हरा
    उपाय: पक्षियों को दाना और गाय को हरा चारा खिलाएं।

    तुला राशि

    दिन सामान्य रहेगा। आर्थिक स्थिति मजबूत रहेगी। माता-पिता का सहयोग मिलेगा। बच्चों की सफलता में खुशी मिलेगी। सोशल नेटवर्क मजबूत रहेगा। समय निकालकर ईश्वर की पूजा करें। महिलाएं घर के काम में व्यस्त रहेंगी।

    भाग्यशाली अंक: 3 | भाग्यशाली रंग: पीला
    उपाय: माथे पर केसर का तिलक लगाएं और विष्णु सहस्रनाम का पाठ करें।

    वृश्चिक राशि

    जीवन में नया बदलाव आएगा। दोस्तों के घर डिनर का मौका मिलेगा। व्यापारी वर्ग को लाभ मिलेगा। स्टूडेंट्स के लिए दिन बेहतर रहेगा। आर्थिक स्थिति मजबूत होगी। काम समय पर पूरा होगा और तनाव कम रहेगा।

    भाग्यशाली अंक: 7 | भाग्यशाली रंग: गुलाबी
    उपाय: जरूरतमंदों को सफेद वस्त्र या भोजन का दान करें।

    धनु राशि

    दिन शानदार रहेगा। भागदौड़ वाले काम होंगे। नई तकनीकों का सहारा मिलेगा। सेल्समैन को क्लाइंट से लाभ होगा। जीवनसाथी के साथ बाहर घूमने का समय मिलेगा। बच्चों के लिए डांस क्लास और शिक्षा क्षेत्र में व्यस्तता होगी।

    भाग्यशाली अंक: 8 | भाग्यशाली रंग: महरून
    उपाय: पीपल के पेड़ के नीचे सरसों के तेल का दीपक जलाएं।

    मकर राशि

    उत्साह भरा दिन। विवाहित लोग धार्मिक स्थल जा सकते हैं। बिजनेस में धन लाभ होगा। मूर्ति व्यापारियों को प्रोजेक्ट मिलेगा। राइटर्स नई कहानी लिख सकते हैं। पारिवारिक माहौल खुशनुमा रहेगा।

    भाग्यशाली अंक: 3 | भाग्यशाली रंग: पीला
    उपाय: माथे पर केसर का तिलक लगाएं और विष्णु सहस्रनाम का पाठ करें।

    कुंभ राशि

    दिन मिला-जुला रहेगा। मंदिर दर्शन और दोस्तों के साथ शॉपिंग का समय मिलेगा। इंजीनियरिंग स्टूडेंट्स के लिए दिन अनुकूल है। प्रतियोगिता की तैयारी में शिक्षकों का पूरा सहयोग मिलेगा। तनाव कम करने के लिए शांत जगह पर जाएं।

    भाग्यशाली अंक: 8 | भाग्यशाली रंग: काला/आसमानी
    उपाय: गरीब व्यक्ति को भोजन कराएं और हनुमान जी को सिंदूर चढ़ाएं।

    मीन राशि

    लाभदायक दिन। काम समय पर पूरा होगा। जीवनसाथी के साथ लंच या आउटिंग का अवसर मिलेगा। राजनीति में मान-सम्मान बढ़ेगा। नौकरी की तलाश वाले लोगों को अच्छे अवसर मिल सकते हैं। आत्मनिर्भर निर्णय लाभकारी होंगे।

    भाग्यशाली अंक: 3 | भाग्यशाली रंग: सुनहरा/पीला
    उपाय: केले के वृक्ष की पूजा करें और चने की दाल का दान करें।

    Disclaimer: यहां दी गई जानकारी केवल सामान्य मान्यताओं और स्रोतों पर आधारित है। हम किसी भी तथ्य, मान्यता या सलाह की पुष्टि नहीं करते हैं।

  • चंद्र ग्रहण 2026 से बचकर रहें 3 राशि के लोग, फंस सकते हैं किसी बड़ी मुसीबत में

    चंद्र ग्रहण 2026 से बचकर रहें 3 राशि के लोग, फंस सकते हैं किसी बड़ी मुसीबत में


    नई दिल्ली । भारत में चंद्र ग्रहण कब लगेगा 3 मार्च 2026 को साल का पहला चंद्र ग्रहण होने जा रहा है। ये चंद्र ग्रहण बहुत ही खास रहेगा क्योंकि ये भारत में भी दिखाई देगा। ये चंद्र ग्रहण दोपहर 3 बजकर 23 मिनिट से शुरू होगा जो शाम 6 बजकर 47 मिनिट तक रहेगा। इस चंद्र ग्रहण का असर सभी राशि के लोगों पर होगा, मगर 3 राशि वाले इससे सबसे ज्यादा प्रभावित रहेंगे। इन 3 राशि वालों को इस समय अधिक सावधानी बरतनी होगी नहीं तो यो किसी बड़ी मुसीबत में फंस सकते हैं। आगे जानिए कौन-सी हैं ये 3 राशियां…

    कर्क राशि वालों की बढ़ेगी परेशान

    3 मार्च को होने वाला चंद्र ग्रहण कर्क राशि वालों की परेशानियां बढ़ा सकता है। नौकरी-बिजनेस से जुड़ी कोई बुरी खबर इन्हें सुनने को मिलेगी। ना चाहते हुए भी कुछ काम करने पड़ सकते हैं। इस समय इन्हें किसी भी तरह की यात्रा पर जाने से बचना चाहिए नहीं तो दुर्घटना हो सकती है। मानसिक तनाव के कारण कोई गलत फैसला भी ये लोग ले सकते हैं। पैसों की तंगी बनी रहेगी। परिवार में किसी बात को लेकर बड़ा विवाद हो सकता है।
    सिंह राशि वाले सावधान
    3 मार्च को होने वाला चंद्र ग्रहण सिंह राशि में ही होगा, इसलिए इन्हें सबसे ज्यादा सावधान रहने की जरूरत है। ये लोग दूसरों की बातों में आकर कोई गलत निर्णय ले सकते हैं या फिर इनका किसी से विवाद भी संभव है। इस समय इन्हें अपनी वाणी और क्रोध पर नियंत्रण रखना होगा वरना कुछ गलत हो सकता है। संतान से जुड़ी कोई बात इन्हें मानसिक स्तर पर तोड़ सकती है। नौकरी-बिजनेस की स्थिति भी ज्यादा ठीक नहीं कही जा सकती।

    मीन राशि वालों को मिलेगी बुरी खबर

    इस राशि के लोगों के लिए भी चंद्र ग्रहण बहुत खराब फल देने वाला रहेगा। ये किसी बड़ी मुसीबत में फंस सकते हैं और कोई बुरी खबर इनकी टेंशन बढ़ा सकती है। अगर कोई लोन लिया है तो उसे चुकाने में परेशानी आएगी। कर्ज लेने वाले आपको अपमानित कर सकते हैं। सेहत का भी खास ध्यान रखें, पुराने रोग फिर से उभर सकते हैं। सुसराल पक्ष में किसी से विवाद की स्थिति बनेगी।

  • सितारों की चाल: इस हफ्ते शुक्र और गुरु बनाएंगे बिगड़े काम, जानें आपकी लव लाइफ के लिए क्या कहते हैं सितारे!

    सितारों की चाल: इस हफ्ते शुक्र और गुरु बनाएंगे बिगड़े काम, जानें आपकी लव लाइफ के लिए क्या कहते हैं सितारे!


    नई दिल्ली। मेषAries :इस सप्ताह आपके प्रेम जीवन में गजब का उत्साह रहेगा। अगर आप सिंगल हैं, तो किसी खास से बात शुरू हो सकती है, लेकिन भावनाओं में बहकर जल्दबाजी न करें। सप्ताह के मध्य में अपनी वाणी पर नियंत्रण रखें, वरना छोटी सी गलतफहमी विवाद बन सकती है। वीकेंड डिनर या छोटी यात्रा के लिए बेहतरीन है।

    वृषTaurus
    आपके लिए यह सप्ताह स्थिरता और मधुरता लेकर आया है। रिश्तों में भरोसा मजबूत होगा और विवाह योग्य जातकों की बात आगे बढ़ सकती है। जिद से बचें, विशेषकर वैवाहिक जीवन में। सप्ताह के अंत में पार्टनर की ओर से कोई सुखद सरप्राइज मिल सकता है।

    मिथुनGemini
    संवादCommunication ही इस हफ्ते आपके रिश्ते की जान है। पार्टनर से खुलकर बात करें ताकि पुराने भ्रम दूर हों। सोशल मीडिया के जरिए सिंगल लोगों को नया साथी मिल सकता है। जल्दबाजी में वादे न करें, पारदर्शिता बनाए रखें।

    कर्कCancer
    भावनात्मक गहराई वाला सप्ताह है। पार्टनर की जरूरतों को समझने से रिश्ता और गहरा होगा। सिंगल लोगों को परिवार की ओर से कोई अच्छा रिश्ता मिल सकता है। पुरानी कड़वी यादों को वर्तमान पर हावी न होने दें। सप्ताहांत साथ बिताने के लिए शुभ है।

    सिंहLeo
    आपका आकर्षण इस हफ्ते चरम पर रहेगा। आप अपने व्यक्तित्व से पार्टनर का दिल जीत लेंगे। हालांकि, अपने ‘ईगो’ या प्रभुत्व जमाने की कोशिश से बचें, वरना टकराव हो सकता है। साथी की सराहना करना आपके रिश्ते में गर्माहट लाएगा।

    कन्याVirgo
    रिश्तों में व्यवहारिकता की परीक्षा होगी। छोटी-मोटी नोकझोंक संभव है, लेकिन समझदारी से मामला सुलझ जाएगा। कार्यस्थल पर कोई आपको आकर्षित कर सकता है। ज्यादा विश्लेषणOver-analysis करने से बचें और भावनाओं को संतुलित रखें।

    तुलाLibra
    प्रेम में संतुलन बनाए रखना इस हफ्ते की प्राथमिकता होनी चाहिए। अगर मन में कोई शिकायत है, तो शांति से चर्चा करें। सप्ताहांत काफी रोमांटिक रहने वाला है। अपेक्षाएं कम रखें तो ज्यादा सुखी रहेंगे। आपसी सहयोग से नई ऊर्जा आएगी।

    वृश्चिकScorpio
    भावनाओं की तीव्रता अधिक रहेगी। पार्टनर के साथ दिल की बात साझा करने का यह सही समय है। सिंगल लोगों को अचानक किसी के प्रति आकर्षण महसूस हो सकता है। शक करने की आदत से बचें, ईमानदारी और पारदर्शिता ही रिश्ते को बचाएगी।

    धनुSagittarius
    आप अपनी आजादी और प्रेम के बीच तालमेल बिठाने की कोशिश करेंगे। यात्रा के दौरान किसी दिलचस्प व्यक्ति से मुलाकात हो सकती है। समय की कमी पार्टनर की शिकायत का कारण बन सकती है। स्पष्ट संवाद और सकारात्मक सोच से रिश्ते में ताजगी रहेगी।

    मकरCapricorn
    यह सप्ताह गंभीर फैसलों का है। पार्टनर के साथ भविष्य या शादी की योजना बना सकते हैं। काम का बोझ प्रेम जीवन पर भारी पड़ सकता है, इसलिए साथी को महत्व देना न भूलें। सप्ताहांत में रिश्तों में स्थिरता आएगी।

    कुंभAquarius
    रिश्ते में कुछ नया और रचनात्मक करने की सोचेंगे। किसी पुराने दोस्त के प्रति प्रेम की भावना जाग सकती है। मध्य सप्ताह में थोड़ी भावनात्मक दूरी महसूस हो सकती है, जिसे खुले संवाद से दूर किया जा सकता है। विश्वास बनाए रखें।

    मीनPisces
    मीन राशि वालों के लिए यह सप्ताह सबसे ज्यादा रोमांटिक रहने वाला है। पुरानी दोस्ती प्यार में बदल सकती है। कल्पनाओं की दुनिया से बाहर निकलें और हकीकत में भावनाएं व्यक्त करें। सप्ताहांत में कोई बड़ा प्रस्ताव या सरप्राइज आपकी खुशी बढ़ा सकता है।

  • Aamlaki Ekadashi 2026: नवविवाहित महिलाओं के लिए क्यों खास है आमलकी एकादशी? जानें महत्व और लाभ

    Aamlaki Ekadashi 2026: नवविवाहित महिलाओं के लिए क्यों खास है आमलकी एकादशी? जानें महत्व और लाभ


    नई दिल्ली । आमलकी एकादशी हिंदू धर्म में एकादशी व्रत का विशेष महत्व है, लेकिन फाल्गुन मास के शुक्ल पक्ष की आमलकी एकादशी जिसे रंगभरी एकादशी भी कहते हैं का अपना एक अलग ही आकर्षण है. यह दिन न केवल भगवान विष्णु को समर्पित है, बल्कि नवविवाहित महिलाओं के लिए यह सौभाग्य और खुशहाल वैवाहिक जीवन का द्वार खोलने वाला माना जाता है.

    आमलकी एकादशी शुभ मुहूर्त 2026

    पंचांग के अनुसार, इस वर्ष आमलकी एकादशी की तिथि और समय कुछ इस प्रकार है.

    नवविवाहित महिलाओं के लिए क्यों है खास?
    मान्यता है कि इसी दिन भगवान शिव माता पार्वती का गौना कराकर पहली बार काशी आए थे. इसलिए इसे रंगभरी एकादशी के रूप में मनाया जाता है. नवविवाहित महिलाओं के लिए यह काफी व्रत खास माना जाता है.जो महिलाएं शादी के बाद शुरुआती सालों में यह व्रत करती हैं, उन्हें माता पार्वती और भगवान विष्णु का आशीर्वाद मिलता है, जिससे वैवाहिक जीवन में प्रेम बना रहता है. आमलकी एकादशी का व्रत रखने से घर में सुख-शांति आती है और संतान प्राप्ति की राह आसान होती है. स्वास्थ्य का वरदान: आमलकी का अर्थ है आंवला. आयुर्वेद और धर्म दोनों में आंवले को अमृत माना गया है. इस दिन आंवले के पेड़ की पूजा करने से महिलाओं को आरोग्य और शारीरिक शक्ति मिलती है.

    इस दिन क्या करें?

    आमलकी एकादशी पर कुछ विशेष कार्यों को करने से व्रत का फल दोगुना हो जाता है. आंवले के पेड़ की पूजा: इस दिन आंवले के पेड़ के नीचे बैठकर भगवान विष्णु की पूजा करें. पेड़ की जड़ में जल अर्पित करें और परिक्रमा करें.आंवले का दान और सेवन: इस दिन आंवले का दान करना अत्यंत शुभ माना जाता है. साथ ही, प्रसाद के रूप में आंवले का सेवन करना स्वास्थ्य के लिए भी उत्तम है.

    रंग और गुलाल: चूंकि इसे रंगभरी एकादशी भी कहते हैं, इसलिए भगवान विष्णु और शिव-पार्वती को गुलाल अर्पित करें.पौराणिक महत्व: शास्त्रों के अनुसार, आंवले का वृक्ष भगवान विष्णु को अत्यंत प्रिय है क्योंकि इसकी उत्पत्ति विष्णु जी के आंसुओं से हुई थी. इसलिए इस दिन आंवले की पूजा सीधे श्रीहरि की पूजा मानी जाती है.

    आमलकी एकादशी के लाभ

    पापों से मुक्ति: अनजाने में हुई गलतियों और पापों के प्रभाव को कम करने के लिए यह सर्वश्रेष्ठ व्रत है.मोक्ष की प्राप्ति: एकादशी का व्रत करने वाले साधक को आखिर में वैकुंठ धाम की प्राप्ति होती हैआर्थिक उन्नति: शुक्रवार के दिन एकादशी पड़ने से लक्ष्मी-नारायण योग बनता है, जो धन और ऐश्वर्य में वृद्धि करता है. 

  • शुक्रवार का राशिफल

    शुक्रवार का राशिफल

    युगाब्ध-5126, विक्रम संवत 2082, राष्ट्रीय शक संवत-1947, सूर्योदय 06.44, सूर्यास्त 06.04, ऋतु – शीत
    फाल्गुन शुक्ल पक्ष तृतीया, शुक्रवार, 20 फरवरी 2026 का दिन आपके लिए कैसा रहेगा। आज आपके जीवन में क्या-क्या परिवर्तन हो सकता है,


    मेष राशि :- मित्तव्ययता रखें क्योंकि रुपये-पैसों की सुविधा आगे मिले न मिले। व्यापार में स्थिति नरम रहेगी। संतोष रखने से सफलता मिलेगी। जीवनसाथी का परामर्श लाभदायक रहेगा। समय नकारात्मक परिणाम देने वाला बना रहेगा। बचते-बचते कलह विवाद का डर बना रहेगा। शुभांक-4-5-7

    वृष राशि :- निकटस्थ व्यक्ति का सहयोग काम को गति दिला देगा। यात्रा का दूरगामी परिणाम मिल जाएगा। कामकाज में आ रही बाधा को दूर कर लेंगे। सुविधा और समन्वय बना रहने से कामकाज में प्रगति बन जाएगी। आर्थिक हित के काम को साधने में मदद मिल जाएगी। शुभांक-3-5-7

    मिथुन राशि :- कार्यारम्भ से पहले उचित मूल्याकंन कर लें। मध्याह्न पूर्व समय आपके पक्ष का बना रहेगा। कारोबारी काम में प्रगति बनती रहेगी। परिश्रम प्रयास से काम बनाने की कोशिश लाभ देगी। पर-प्रपंच में ना पड़कर अपने काम पर ध्यान दीजिए। मेहमानों का आगमन होगा। स्वास्थ्य उत्तम रहेगा। शुभांक-5-7-9

    कर्क राशि :- ज्ञानीजनों का सानिध्य प्राप्त होगा। आध्यात्मिक वातावरण बनेगा। कारोबारी काम में नवीन तालमेल और समन्वय बन जाएगा। यार-दोस्तों के साथ सांझे में किए जा रहे काम में लाभ मिल जाएगा। पूर्व नियोजित कार्यक्रम सरलता से संपन्न हो जाएंगे। यात्रा का योग बन रहा है। शुभांक-2-6-7

    सिंह राशि :- विवादों व मुकदमे बाजी से राहत मिलेगी। परिश्रम प्रयास से काम बनाने की कोशिश लाभ देगी। कामकाज में आ रही बाधा दूर होगी। बाहरी और अंदरूनी सहयोग मिलता चला जाएगा। लेन-देन में आ रही बाधा को दूर करने के प्रयास सफल होंगे। भाई-बहनों का प्रेम बढ़ेगा। शुभांक-4-6-8

    कन्या राशि :- भावनाओं में न बहें, सावधान रहें। रुका हुआ धन प्राप्त होगा। स्वास्थ्य उत्तम रहेगा। व्यापार व व्यवसाय में ध्यान देने से सफलता मिलेगी। अपनों का सहयोग प्राप्त होगा। अपने आपको अधिक सक्रिय पायेगें। अवरुद्घ कार्य सम्पन्न होंग। समाज में मान-सम्मान ब$ढेगा। आय-व्यय की स्थिति समान्य रहेगी। शुभांक-3-5-7

    तुला राशि :- शारीरिक सुख के लिए व्यसनों का त्याग करें। पठन-पाठन में स्थिति कमजोर रहेगी। खान-पान में सावधानी रखें। व्यापार में प्रगति होगी। भ्रातृपक्ष में विरोध होने की संभावना है। शिक्षा में आशानुकूल कार्य होने में संदेह है। स्वास्थ्य मध्यम रहेगा। धार्मिक स्थलों की यात्रा का योग है। शुभांक-2-4-6

    वृश्चिक राशि :- कार्यसिद्घि होने में देर नहीं लगेगी। आर्थिक लाभ उत्तम रहेगा। शैक्षणिक कार्यों में रुचि बढ़ेगी। परिवार में किसी मांगलिक कार्य पर वार्ता होगी। हरि करे सो खरी अत: हानि का कोई भय नहीं, यथावत कार्य जारी रखें। व्यापार व नौकरी में स्थिति अच्छी रहेगी। मातृ पक्ष से विशेष लाभ। शुभांक-2-4-7

    धनु राशि :- मुंह मांगी मुराद मिलेगी यानि इच्छित फल की प्राप्ति होगी। मध्याह्न पूर्व समय आपके पक्ष का रहेगा। कारोबारी काम में प्रगति बनती रहेगी। लेन-देन में आ रही बाधा दूर करने के प्रयास सफल होंगे। धार्मिक कार्य में समय और धन व्यय होगा। अपना काम दूसरों के सहयोग से पूरा होगा। शुभांक-3-5-8

    मकर राशि :- स्वास्थ्य का पाया भी कमजोर बना रहेगा। ले देकर की जा रही काम की कोशिश ठीक नहीं। समय नकारात्मक परिणाम देने वाला बन रहा है। बचते-बचते कलह विवाद का डर बना रहेगा। अपने हितैषी समझे जाने वाले ही पीठ पीछे नुकसान पहुंचाने की कोशिश करेंगे। शुभांक-3-6-9

    कुम्भ राशि :- अर्थपक्ष मजबूत रहेगा। मेल-मिलाप से काम बनाने की कोशिश लाभ देगी। अपने काम में सुविधा मिल जाने से प्रगति होगी। समाज में मान-सम्मान बढ़ेगा। नवीन जिम्मेदारी बढ़ने के आसार रहेंगे। अपने काम को प्राथमिकता से करें। किसी से निकटता प्रेम-प्रसंग में बदलेगी। सलाह उपयोगी सिद्घ होगी। शुभांक-3-5-7

    मीन राशि :- नौकरी में पदोन्नति की संभावना है। मित्रों से सावधान रहें तो ज्यादा उत्तम है। अपनों का सहयोग प्राप्त होगा। संतान पक्ष से थोड़ी चिंता रहेगी। शिक्षा में आशानुकूल कार्य होने में संदेह है। व्यापार व व्यवसाय में स्थिति उत्तम रहेगी। शारीरिक सुख के लिए व्यसनों का त्याग करें। शुभांक-5-8-9
  • Amalaki Ekadashi 2026: नोट करें आमलकी एकादशी की पूजा की विधि और शुभ मुहूर्त, भगवान विष्णु के भोग में रखें ये चीजें

    Amalaki Ekadashi 2026: नोट करें आमलकी एकादशी की पूजा की विधि और शुभ मुहूर्त, भगवान विष्णु के भोग में रखें ये चीजें


    नई दिल्ली । सनातन धर्म में कई व्रत ऐसे हैं जिनसे पुरानी मान्यताएं जुड़ी हुई हैं। एकादशी इन्हीं में से एक है। बता दें कि हर महीने 2 एकादशी पड़ती हैं। एकादशी का व्रत भगवान विष्णु को समर्पित होता है। बता दें कि इस महीने अब आमलकी एकादशी पड़ने वाली है। हिंदू पंचांग के अनुसार आमलकी एकादशी 27 फरवरी को पड़ने वाली है। एकादशी व्रत को लेकर मान्यता है कि अगर सच्चे मन से इस दिन पूजा-अर्चना की जाए और व्रत रखा जाए भगवान विष्णु की कृपा से सारे रूके काम बन पड़ते हैं। भगवान की कृपा से करियर और शादी से जुड़ी बाधाएं दूर होती हैं। नीचे विस्तार से जानें कि इस बार अमालकी एकादशी की पूजा के लिए शुभ मुहूर्त क्या है? साथ ही जानें पूजा की आसान सी विधि के बारे में…

    आमलकी एकादशी का महत्व
    बता दें कि आमलकी एकादशी हर साल फाल्गुन मास के शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि वाले दिन मनाई जाती है। लोग इसे रंगभरी एकादशी के नाम से भी जानते हैं। इस खास दिन पर आंवले के पेड़ की पूजा करना शुभ माना जाता है। दरअसल ऐसा माना जाता है कि आंवले की पूजा भगवान विष्णु के द्वारा ही हुई थी। ऐसे में इस दिन आंवले की पूजा का विशेष महत्व होता है। पौराणिक कथाओं के अनुसार विवाह के बाद पहली बार शिव और पार्वती मां इसी तिथि पर काशी आए थे। ऐसे में काशी में इस दिन लोग रंग खेलते हैं और शिव-पार्वती की धूमधाम के साथ पूजा करते हैं। आमलकी एकादशी व्रत की मान्यता इतनी ज्यादा है कि लोग मानते हैं कि इससे सारे पाप मिट जाते हैं।

    आमलकी एकादशी पूजा शुभ मुहूर्त

    आमलकी एकादशी शुक्रवार के दिन पड़ रहा है और इस वजह से इसका महत्व और भी ज्यादा बढ़ जाता है। इस दिन मां लक्ष्मी की भी पूजाै होगी। बता दें कि हिंदू कैलेंडर के अनुसार एकादशी की तिथि 26 फरवरी की रात 12 बजकर 6 मिनट पर हो रही है। इस तिथि की समाप्ति अगले दिन यानी 27 फरवरी को 9 बजकर 48 मिनट पर होगी। ऐसे में आमलकी एकादशी 27 फरवरी को ही मनाई जाएगी। बात करें पूजा के शुभ मुहुर्त की तो आमलकी एकादशी वाले दिन सुबह 6 बजकर 15 मिनट से लेकर 9 बजकर 9 मिनट के बीच पूजा की जा सकती है। व्रत तभी पूरा होता है जब सही तरीके और सही समय पर इसका पारण किया जाए। आमलकी एकादशी का पारण 28 फरवरी को होगा। इसकी पूजा सुबह 7 बजकर 41 मिनट से लेकर 9 बजकर 8 मिनट के बीच किया जा सकता है।

    ऐसे करें आमलकी एकादशी की पूजा
    पूजा वाले दिन सुबह उठकर स्नान करके पीले रंग के कपड़े पहन लें। भगवान विष्णु का प्रिय रंग पीला है। इसी के साथ व्रत का संकप्ल लें। पूजा घर में भगवान विष्णु की मूर्ति या तस्वीर के आगे दीया और धूपबत्ती जलाएं। इसके बाद पीले रंग के वस्त्र, पीले फूल, अक्षत और तुलसी अर्पित करें। भोग लगाते वक्त उसमें तुलसी का पत्ता डाल दें। इसके बाद भगवान विष्णु के मंत्र जाप के साथ-साथ आमलकी एकादशी व्रत का पाठ कर लें। आरती के साथ ही पूजा संपन्न करें।

  • ग्रहण के बाद अग्नि पंचक का प्रकोप, अगले चार दिन मेष, सिंह और वृश्चिक राशि वालों के लिए भारी

    ग्रहण के बाद अग्नि पंचक का प्रकोप, अगले चार दिन मेष, सिंह और वृश्चिक राशि वालों के लिए भारी


    नई दिल्ली । सूर्य ग्रहण भले ही समाप्त हो गया हो, लेकिन ज्योतिष शास्त्र के अनुसार इसका प्रभाव अभी थमा नहीं है। वजह है अग्नि पंचक, जो ग्रहण के साथ ही शुरू हुआ और अब अगले चार दिनों तक असर दिखाएगा। पंचक के पांच दिन सामान्यतः शुभ कार्यों के लिए वर्जित माने जाते हैं, लेकिन जब यह अग्नि पंचक हो तो इसकी गंभीरता और बढ़ जाती है। मान्यता है कि अग्नि पंचक के दौरान आगजनी, दुर्घटनाएं, तनाव, राजनीतिक उथल-पुथल और अचानक होने वाली घटनाओं का खतरा बढ़ जाता है। ऐसे में यह समय लापरवाही नहीं बल्कि अतिरिक्त सावधानी की मांग करता है।

    ज्योतिषीय गणना के अनुसार 17 फरवरी को लगा सूर्य ग्रहण अग्नि पंचक में ही हुआ, जिससे इसकी नकारात्मकता और प्रबल मानी जा रही है। कहा जाता है कि ग्रहण के समय वातावरण में नकारात्मक ऊर्जा बढ़ती है और जब यह अग्नि तत्व से जुड़े पंचक में हो तो दुर्घटनाओं और विवादों की आशंका अधिक हो जाती है। यही कारण है कि विशेषज्ञ इस अवधि में धैर्य और संयम बरतने की सलाह दे रहे हैं।

    अग्नि पंचक के दौरान ज्वलनशील वस्तुओं की खरीदारी से बचने को कहा गया है। गैस सिलेंडर, पेट्रोल, डीजल, लकड़ी या अन्य ईंधन जैसी चीजें खरीदना अशुभ माना जाता है। मान्यता है कि ऐसी वस्तुएं इस समय जोखिम को बढ़ा सकती हैं। इसके अलावा यात्रा भी टालने की सलाह दी गई है, विशेष रूप से दक्षिण दिशा की यात्रा से बचने को कहा गया है। इस दौरान किए गए शुभ कार्य अपेक्षित परिणाम नहीं देते और कभी-कभी विपरीत फल भी मिल सकता है।

    इस बार सूर्य ग्रहण कुंभ राशि और धनिष्ठा नक्षत्र में लगा। उस समय कुंभ राशि में सूर्य, बुध, मंगल और राहु का चतुर्ग्रही योग बना हुआ था, जिसका प्रभाव अभी भी जारी है। यह योग तनाव और अस्थिरता को बढ़ाने वाला माना जाता है। ऐसे में तीन राशियों के लिए यह समय विशेष सावधानी का है।

    मेष और वृश्चिक राशि के स्वामी मंगल हैं, जो अग्नि तत्व के ग्रह माने जाते हैं। इस कारण इन राशि के जातकों में गुस्सा और आवेग बढ़ सकता है। छोटी बात पर बड़ा विवाद हो सकता है, जिससे निजी और पेशेवर जीवन प्रभावित हो सकता है। इन्हें सलाह दी जाती है कि वाणी पर संयम रखें और किसी भी तरह के टकराव से दूर रहें। अनावश्यक यात्रा से भी बचें।

    वहीं सिंह राशि के स्वामी सूर्य हैं और वर्तमान में सूर्य राहु के प्रभाव में माने जा रहे हैं। ऐसे में सिंह राशि के लोगों को कार्यस्थल पर विशेष सावधानी रखनी चाहिए। वरिष्ठ अधिकारियों से विवाद की स्थिति बन सकती है। निवेश संबंधी निर्णय फिलहाल टालना बेहतर होगा। साथ ही स्वास्थ्य को लेकर भी सतर्क रहें, क्योंकि मानसिक तनाव शारीरिक परेशानी में बदल सकता है।

    कुल मिलाकर, ग्रहण के बाद के ये चार दिन धैर्य, सावधानी और आत्मनियंत्रण के हैं। ज्योतिषीय मान्यताओं में विश्वास रखने वाले लोगों के लिए यह समय सतर्क रहकर संभावित जोखिमों को टालने का है, ताकि आने वाले दिनों में स्थिति सामान्य बनी रहे।

  • कुंभ राशि में 17 फरवरी को ग्रहों का लगेगा जमवाड़ा, देश-दुनिया को करेगा प्रभावित, इन राशियों पर भी पड़ेगा प्रभाव

    कुंभ राशि में 17 फरवरी को ग्रहों का लगेगा जमवाड़ा, देश-दुनिया को करेगा प्रभावित, इन राशियों पर भी पड़ेगा प्रभाव


    भोपाल । एक ही राशि में पांच ग्रह इकट्ठे हो रहे हैं। यह पूर्व से चला आ रहा चतुरग्रह योग अब पंचग्रही योग में परिवर्तन हो रहा है। ज्योतिष मठ संस्थान भोपाल के प्रमुख आचार्य पंडित विनोद गौतम ने बताया कि आगामी 17 फरवरी मंगलवार को चंद्रमा के कुंभ राशि में पहुंचने के पश्चात सूर्य, बुध, शुक्र, राहु, चंद्रमा का पंचग्रही योग बनेगा, यह योग देश दुनिया को प्रभावित करेगा, कई देशों में तनाव की स्थिति लगातार बढ़ती जाएगी। इस योग के प्रभाव से कुंभ राशि वाले देशों के अतिरिक्त मेष, तुला वृश्चिक, वृष राशि वाले देश प्रभावित होंगे। इन देशों को सावधानी की आवश्यकता है । क्योंकि आगामी मार्च में धीरे-धीरे यह योग शक्तिशाली होगा, जिसके परिणाम भयंकर हो सकते हैं। ऐसे योग संयोग का निर्माण 1962 ईस्वी में एवं 1971 ई में बना था जब देश ,दुनिया को संकट का सामना करना पड़ा था।
    23 फरवरी को मंगल के राशि परिवर्तन से यह पंचग्रही योग और भी शक्तिशाली हो जाएगा । पंडित गौतम के अनुसार यह योग भारत सहित दुनिया के लिए अशुभ है इसके प्रभाव से युद्ध आदि के प्रभाव में बढ़ोतरी होगी, टकराव की स्थिति के साथ प्राकृतिक प्रकोप भूकंप आदि के योग भी निर्मित हो रहे हैं ।

    भारत की प्रभाव राशि कुंभ पर बनने वाला यह पंचर्ग्रही योग भारत को भी प्रभावित कर सकता है। अतः सावधानी की आवश्यकता है। कुंभ राशि शनि प्रधान राशि है। यह न्याय के देवता शनि के आधिपत्य में आती है। अन्याय से संबंधित युद्ध आदि धर्म युद्ध की ओर संकेत करती है। ग्रह स्थिति के अनुसार इस योग के प्रभाव से 12 राशियों में प्रभाव पड़ेगा। मंगलवारी अमावस्या के दिन परिधि योग एवं पंचक की स्थिति भी प्रारंभ हो रही है यह भी। अशुभ कारक है। ज्योतिष संहिता शास्त्र में पंचग्रही योग को अशुभ माना गया है।

    पंचग्रही योग में 12 राशियों पर प्रभाव इस प्रकार से होंगे-


    मेष- स्थानांतरण, शरीर कष्ट, तनाव
    वृष- रोग, प्रॉपर्टी से लाभ, पुत्र सुख
    मिथुन -शुभप्रसंग, यात्रा, परेशानी, कष्ट
    कर्क- पुत्र सुख, भूमि लाभ, यात्रा,
    सिंह- शुभ समाचार, धन लाभ, मतभेद
    कन्या- व्यर्थ की चिंता, सहयोग
    तुला- भूमि लाभ, प्रतिष्ठा में वृद्धि
    वृश्चिक- स्वास्थ्य चिंता, धोखा
    धनु- मेहमान से मतभेद बढ़ेगा
    मकर -चिंता निवारण वृद्धि
    कुंभ- लाभ, श्रम अधिक, तनाव
    मीन -सफलता, धन लाभ, विवाद
  • उज्जैन में महाशिवरात्रि पर भगवान महाकाल की विशेष भस्मारती: रजत मुकुट और रुद्राक्ष माला से हुआ भव्य श्रृंगार

    उज्जैन में महाशिवरात्रि पर भगवान महाकाल की विशेष भस्मारती: रजत मुकुट और रुद्राक्ष माला से हुआ भव्य श्रृंगार


    उज्जैन । महाशिवरात्रि पर्व के अवसर पर उज्जैन स्थित श्री महाकालेश्वर मंदिर में सोमवार दोपहर भगवान महाकाल की विशेष भस्मारती संपन्न हुई। साल में केवल एक बार होने वाली यह भस्म आरती दोपहर 12 बजे शुरू होकर दोपहर 2 बजे तक चली। इससे पहले सुबह से ही चार प्रहर पूजन, अभिषेक और मंत्रोच्चार के साथ भगवान का विशेष श्रृंगार किया गया।

    रविवार रात 10:30 बजे से प्रारंभ हुए चार प्रहर पूजन में 11 ब्राह्मणों ने एकादश-एकादशनी रुद्रपाठ और वैदिक मंत्रों के साथ भगवान महाकाल का अभिषेक किया। पंचामृत, गंगाजल, गुलाब जल, भांग और केसर मिश्रित दूध से पूजा के बाद भगवान को नवीन वस्त्र और सप्तधान्य अर्पित किए गए। इसके बाद मोगरा और गुलाब के सुगंधित पुष्पों से तैयार 3 क्विंटल का भव्य सेहरा बांधा गया और रजत शेषनाग मुकुट, रजत मुंडमाला, रुद्राक्ष माला सहित अन्य आभूषणों से अलंकरण किया गया।

    सेहरा आरती के बाद भस्म आरती के लिए भगवान का सेहरा उतारा गया और आभूषण, वस्त्र हटाकर भस्म अर्पित किया गया। इस भस्मारती में प्रशासनिक अधिकारी और भारी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए। दोपहर 2:30 बजे भोग आरती संपन्न हुई, जिसके बाद नि:शुल्क अन्नक्षेत्र में ब्राह्मणों का भोजन कराते हुए दक्षिणा प्रदान की गई।

    भस्मारती के बाद संध्या पूजन, संध्या आरती और शयन आरती के साथ भगवान के पट बंद किए गए। महाशिवरात्रि पर्व का समापन 18 फरवरी को पंचमुखारविंद दर्शन के साथ होगा, जिसमें भगवान के पांच स्वरूपों का दर्शन किया जाएगा।

    महाशिवरात्रि पर मंदिर में श्रद्धालुओं का भारी सैलाब रहा। रविवार तक करीब 4 लाख भक्त भगवान महाकाल के दर्शन कर चुके हैं। शहर के होटल, लॉज और होम-स्टे पहले ही फुल हो चुके हैं, जिससे महाकालेश्वर मंदिर क्षेत्र में भक्तों की भारी भीड़ देखी गई।

  • महाकाल उज्जैन की तर्ज पर थांवला में मना महाशिवरात्रि महोत्सव, शिव बारात में शामिल हुए 'भूत-प्रेत'

    महाकाल उज्जैन की तर्ज पर थांवला में मना महाशिवरात्रि महोत्सव, शिव बारात में शामिल हुए 'भूत-प्रेत'

    नई दिल्ली। महाशिवरात्रि का पर्व भगवान शिव के प्रति अटूट आस्था का प्रतीक माना जाता है। इस पावन दिन पर शिव भक्त व्रत रखते हैं, और विधि-विधान से भोलेनाथ की आराधना करते हैं। मान्यता है कि महाशिवरात्रि की रात भगवान शिव अपने भक्तों पर विशेष कृपा बरसाते हैं और सच्चे मन से मांगी गई हर मनोकामना पूरी होती है। इसी कड़ी में राजस्थान के अजमेर जिले में महाशिवरात्रि का पर्व पूरे धूमधाम के साथ मनाया गया।

    थांवला का महाशिवरात्रि महोत्सव आस्था, संस्कृति और उत्सव का शानदार उदाहरण बना। इसमें लोग भगवान शिव की भक्ति के साथ-साथ लोक परंपराओं की रंगत में भी डूबे नजर आए।

    तीर्थराज पुष्कर के समीपवर्ती ग्राम थांवला में थानेश्वर महादेव सेवा समिति की ओर से महाशिवरात्रि महोत्सव का भव्य आयोजन किया गया। इस आयोजन को उज्जैन के महाकाल मंदिर की परंपराओं की तर्ज पर किया गया। महोत्सव के दौरान मेहंदी, हल्दी, शिव बारात, महाआरती, शृंगार दर्शन और भजन संध्या जैसे सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए गए।

    इस आयोजन का सबसे आकर्षक दृश्य भूत-प्रेतों की अनोखी शिव बारात रही, जिसने श्रद्धालुओं का ध्यान अपनी ओर खींचा।

    इस मौके पर थानेश्वर महादेव सेवा समिति के सदस्य पंडित मांगीलाल शर्मा ने बताया कि शिव बारात में पुणे से आए ढोल-ताशे वालों ने अपनी शानदार प्रस्तुति दी। करीब 101 ढोलों की गूंज और ताशा-डमरुओं की आवाज ने पूरे गांव के लोगों का मन मोह लिया। मराठी परिधान में सजे युवक और युवतियों ने जब एक साथ ढोल-ताशा बजाए, तो उनकी आवाज करीब एक किलोमीटर दूर तक सुनाई दी। इससे माहौल पूरी तरह उत्सव में बदल गया।

    शिव बारात में आसपास के गांवों से भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए। श्रद्धालुओं का ऐसा जनसैलाब उमड़ा कि व्यवस्था बनाए रखने के लिए भारी पुलिस बल तैनात करना पड़ा।

    महोत्सव के तहत कार्यक्रमों का आयोजन जारी रहेगा। इस कड़ी में भव्य महाआरती और भजन संध्या का आयोजन किया जाएगा। इस सांस्कृतिक संध्या में आध्यात्मिक और संगीत जगत की नामचीन हस्तियां अपनी प्रस्तुतियां देंगी।