Category: Religious Astrology

  • Magh Purnima 2026: माघ पूर्णिमा की रात दान करना अधिक फलदायी, जानें कैसे करें पुण्यकारी दान

    Magh Purnima 2026: माघ पूर्णिमा की रात दान करना अधिक फलदायी, जानें कैसे करें पुण्यकारी दान


    नई दिल्ली। हिंदू धर्म में माघ पूर्णिमा को अत्यंत पावन और शुभ माना जाता है। यह दिन केवल स्नान और पूजा तक सीमित नहीं है, बल्कि इस दिन की रात किए गए दान को विशेष पुण्यकारी माना गया है। शास्त्रों के अनुसार, माघ पूर्णिमा की रात किया गया दान सामान्य दिनों की तुलना में कई गुना अधिक फल देता है। इस दिन दान करना पूर्वजन्म के दोषों और अशुभ कर्मों के प्रभाव को कम करता है।

    इस साल माघ पूर्णिमा 1 फरवरी 2026 को है। इस दिन चंद्रमा अपनी सोलह कलाओं से पूर्ण होता है, जिससे वातावरण में सकारात्मक ऊर्जा का प्रवाह बढ़ जाता है। धार्मिक मान्यता है कि इस रात देवता पृथ्वी के निकट आते हैं और श्रद्धा के साथ किए गए कर्म तुरंत स्वीकार करते हैं। साथ ही, ऐसा माना जाता है कि माघ पूर्णिमा का दान व्यक्ति, परिवार और आने वाली पीढ़ियों के लिए भी पुण्यकारी होता है।

    माघ पूर्णिमा पर क्या दान करें?

    शास्त्रों के अनुसार इस दिन अन्न, वस्त्र, तिल, घी, गुड़, कंबल और गर्म कपड़े दान करना शुभ माना जाता है। अगर दान सीधे गरीब और जरूरतमंदों तक पहुँचता है, तो इसका लाभ और भी अधिक होता है। इससे न केवल जीवन में आर्थिक स्थिरता और सुख-समृद्धि आती है, बल्कि दान करने वाले को मानसिक शांति और आत्मिक संतोष भी प्राप्त होता है।

    दान करते समय ध्यान रखें ये बातें

    दान केवल मात्रा से नहीं, बल्कि भावना और विधि से पुण्यकारी होता है। कुछ खास बातों का ध्यान रखना आवश्यक है। जैसे-दान ईश्वर का स्मरण करते हुए करें। हमेशा दाएं हाथ से दान दें। दान के बाद मन में पश्चाताप या खेद न रखें। दान की चर्चा न करें, इसे गुप्त रखना श्रेष्ठ माना गया है। क्रोध, अहंकार और जल्दबाजी से बचें, क्योंकि ये दान के पुण्य को कम कर सकते हैं। श्रद्धा और सही मनोभाव से किया गया दान आध्यात्मिक शांति और पुण्य दोनों प्रदान करता है। माघ पूर्णिमा की यह रात इसलिए खास है क्योंकि इस दिन किए गए छोटे-से छोटे दान का भी अत्यधिक फल प्राप्त होता है।

  • 30 जनवरी 2026 पंचांग: माघ शुक्ल पक्ष द्वादशी आज, धन की देवी माँ लक्ष्मी की कृपा पाने का शुभ दिन

    30 जनवरी 2026 पंचांग: माघ शुक्ल पक्ष द्वादशी आज, धन की देवी माँ लक्ष्मी की कृपा पाने का शुभ दिन


    नई दिल्ली। आज 30 जनवरी 2026 शुक्रवार का दिन है। हिंदू कैलेंडर के अनुसार आज माघ माह के शुक्ल पक्ष की द्वादशी तिथि है। शुक्रवार का दिन होने के कारण आज का महत्व और बढ़ गया है, क्योंकि यह दिन सुख, समृद्धि और वैभव की देवी माँ लक्ष्मी को समर्पित है। आज के दिन शुभ मुहूर्त में पूजा-अर्चना करने से आर्थिक कष्टों से मुक्ति मिलती है।

    आज के शुभ मुहूर्त

    आज के दिन किसी भी शुभ कार्य की शुरुआत के लिए अभिजीत मुहूर्त सबसे उत्तम माना जाता है।

    अभिजीत मुहूर्त: दोपहर 12:18 से 01:01 तक

    अमृत काल: शाम 06:18 से 07:46 तक

    ब्रह्म मुहूर्त: प्रातः 05:35 से 06:23 तक

    सावधान: आज के अशुभ काल

    ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, राहुकाल जैसे अशुभ समय में महत्वपूर्ण कार्यों को टालना चाहिए।

    राहूकाल: सुबह 11:17 से दोपहर 12:40 तक

    यम गण्ड: दोपहर 03:24 से शाम 04:46 तक

    कुलिक: सुबह 08:33 से 09:55 तक

    दुर्मुहूर्त: सुबह 09:22 से 10:06 तक और दोपहर 01:01 से 01:45 तक

    सूर्य और चंद्रमा की स्थिति
    सूर्योदय: सुबह 07:11 बजे

    सूर्यास्त: शाम 06:08 बजे

    नक्षत्र: आज आर्द्रा और पुनर्वसु नक्षत्र का योग बन रहा है, जो बौद्धिक कार्यों के लिए अनुकूल है।

    आज का विशेष उपाय

    शुक्रवार और द्वादशी का संयोग होने के कारण आज शाम लक्ष्मी चालीसा का पाठ करें और गाय को ताजी रोटी में गुड़ मिलाकर खिलाएं। इससे भाग्य में वृद्धि होती है और अटके हुए कार्य पूरे होते हैं।

  • Magh Purnima 2026: दान-पुण्य का दिन, लेकिन इन चीजों का दान करना माना जाता है अशुभ

    Magh Purnima 2026: दान-पुण्य का दिन, लेकिन इन चीजों का दान करना माना जाता है अशुभ

    नई दिल्ली माघ पूर्णिमा हिंदू धर्म में स्नान, दान और पुण्य कर्मों का विशेष दिन माना जाता है. इस दिन गंगा स्नान और जरूरतमंदों को दान करने की परंपरा है. लेकिन शास्त्रों और धार्मिक मान्यताओं में यह भी बताया गया है कि कुछ वस्तुओं का दान इस दिन नहीं करना चाहिए, क्योंकि इससे पुण्य के स्थान पर अशुभ फल मिल सकता है. अगर आप माघ पूर्णिमा पर दान करने की योजना बना रहे हैं, तो यह जानना जरूरी है कि किन चीजों से बचना चाहिए.
    माघ पूर्णिमा का धार्मिक महत्व
    माघ पूर्णिमा को भगवान विष्णु चंद्र देव और पवित्र नदियों, विशेषकर मां गंगा को समर्पित माना गया है. मान्यता है कि इस दिन गंगा स्नान से पापों से मुक्ति मिलती है. दान करने से अक्षय पुण्य प्राप्त होता है. संयम और सात्विक आचरण का विशेष महत्व होता है. इसी कारण दान में शुद्धता और विवेक जरूरी बताया गया है.

    माघ पूर्णिमा के दिन किन चीजों का दान नहीं करना चाहिए?
    दान की वस्तु क्यों दान नहीं करना चाहिए धार्मिक मान्यता
    लोहे की वस्तुएं लोहा शनि ग्रह और नकारात्मक ऊर्जा से जुड़ा माना जाता है पूर्णिमा के सात्विक दिन पर अशुभ फल दे सकता है

    काले रंग की वस्तुएं यह दिन चंद्र देव और भगवान विष्णु को समर्पित है काले रंग को इस दिन शुभ नहीं माना जाता
    नमक नमक का संबंध ऋण और आर्थिक असंतुलन से माना गया है शुभ तिथि पर दरिद्रता बढ़ने की मान्यता
    तेल तेल तामसिक प्रकृति का माना जाता है सात्विक पर्व पर वर्जित
    मदिरा / नशीली वस्तुएं पूजा और दान की भावना के विपरीत धार्मिक रूप से निषिद्ध
    फटे या पुराने कपड़े दान में शुद्धता और उपयोगिता जरूरी अशुद्ध वस्तु से पुण्य नहीं मिलता
    लोहे से बनी वस्तुएं
    धार्मिक मान्यताओं के अनुसार लोहा शनि ग्रह से जुड़ा माना जाता है. ज्योतिषाचार्य संजीत कुमार मिश्रा ने बताया कि इसे भारी और नकारात्मक ऊर्जा वाला तत्व कहा गया है. माघ पूर्णिमा जैसे सात्विक दिन पर लोहे के बर्तन, औजार या अन्य लोहे की वस्तुओं का दान करने से बचना चाहिए.

    काले रंग की वस्तुएं
    माघ पूर्णिमा का दिन चंद्र देव और भगवान विष्णु को समर्पित होता है. इस दिन श्वेत और सात्त्विक रंगों को श्रेष्ठ माना गया है, इसलिए काले वस्त्र, काले तिल, काली चादर जैसी वस्तुओं का दान इस दिन शुभ नहीं माना जाता.

    नमक का दान
    शास्त्रीय मान्यताओं में नमक को ऋण, विवाद और आर्थिक असंतुलन से जोड़ा गया है. इसी कारण पूर्णिमा जैसे शुभ अवसर पर नमक का दान करने से बचने की सलाह दी जाती है. मान्यता है कि इससे आर्थिक परेशानियां बढ़ सकती हैं.

    तेल और मदिरा जैसी तामसिक वस्तुएं
    माघ पूर्णिमा सात्विक पर्व है. इस दिन तेल, शराब, मांसाहार से जुड़ी कोई भी वस्तु दान करना उचित नहीं माना जाता, क्योंकि ये सात्त्विकता को भंग करती हैं, पूजा और दान की भावना के विपरीत होती हैं.

    फटे, पुराने या अशुद्ध कपड़े
    दान का अर्थ केवल देना नहीं, बल्कि सम्मान, उपयोगिता और शुद्धता भी है, इसलिए फटे हुए बहुत पुराने या गंदे कपड़े दान करना अशुभ माना गया है. माघ पूर्णिमा पर स्वच्छ और उपयोगी वस्तुओं का ही दान करना चाहिए.

    माघ पूर्णिमा पर दान करते समय क्या ध्यान रखें?
    दान श्रद्धा और शांत मन से करें
    वस्तु साफ और उपयोगी हो
    दान से पहले अहंकार न रखें
    जरूरतमंद व्यक्ति को ही दान दें
    यही बातें दान को सार्थक बनाती हैं.

    माघ पूर्णिमा 2026 शुभ मुहूर्त
    हिंदू पंचांग के अनुसार माघ पूर्णिमा तिथि की शुरुआत 1 फरवरी 2026 की सुबह 5:52 बजे होगी और इसका समापन 2 फरवरी 2026 को तड़के 3:38 बजे होगी. इसी अवधि में स्नान, दान और पूजा का विशेष महत्व माना गया है.

  • महिलाओ में लक्ष्मी के संकेत: शरीर के इन 6 हिस्सों पर तिल बनाता है धन और समृद्धि का राज

    महिलाओ में लक्ष्मी के संकेत: शरीर के इन 6 हिस्सों पर तिल बनाता है धन और समृद्धि का राज


    नई दिल्ली। सामुद्रिक शास्त्र के अनुसार, महिलाओं के शरीर पर कुछ खास जगहों पर तिल होना न केवल सौंदर्य बढ़ाता है, बल्कि उन्हें भाग्यशाली और संपन्न भी बनाता है। माना जाता है कि ऐसे तिल लक्ष्मी का साक्षात रूप होते हैं और जिस घर में ये महिलाएं जाएं, वहां सुख-समृद्धि और ऐश्वर्य का वास होता है।

    1. माथे के मध्य में तिल – आत्मविश्वास और सम्मान
    माथे के बीच या दाहिनी ओर तिल वाली महिलाएं नेतृत्व क्षमता और आत्मविश्वास से भरी होती हैं। ये समाज में प्रतिष्ठित होती हैं और परिवार के लिए तरक्की के रास्ते खोलती हैं।

    2. नाक की नोक पर तिल – आर्थिक राजयोग
    नाक पर तिल भले ही स्वभाव में थोड़ी जिद दिखाए, लेकिन यह आर्थिक मामलों में शुभ है। ऐसे तिल वाली महिलाएं कम मेहनत में भी विलासिता और सफलता प्राप्त करती हैं।

    3. ठुड्डी पर तिल – आर्थिक सुरक्षा
    ठुड्डी पर तिल चेहरे की सुंदरता बढ़ाता है और धन संचय में मदद करता है। यह आर्थिक स्थिरता और परिवार की समृद्धि का प्रतीक माना जाता है।

    4. कमर पर तिल – ऐश्वर्य और विलासिता
    कमर पर तिल होने वाली महिलाएं जीवन में सभी भौतिक सुख-सुविधाओं का आनंद उठाती हैं। इन्हें भाग्यशाली और ऐश्वर्यशाली माना जाता है।

    5. हथेली के अंदर तिल – धन की बरकत
    दाहिनी हथेली के अंदर तिल होने से धन का आगमन होता है। ऐसे महिलाएं धनवान होती हैं और उनके पास पैसा टिकता भी है।

    6. पैरों के तलवों पर तिल – राजयोग और यात्राएं
    पैरों के तलवों पर तिल राजयोग और ऊंचे पद का संकेत देता है। ये महिलाएं देश-विदेश की यात्राओं का अवसर प्राप्त करती हैं।
    सामुद्रिक शास्त्र के अनुसार, ये तिल केवल शरीर का हिस्सा नहीं, बल्कि व्यक्ति के पूर्व कर्म और भविष्य का आईना भी हैं।
    नोट: यह जानकारी धार्मिक मान्यताओं और सामुद्रिक शास्त्र पर आधारित है। इसे व्यक्तिगत विश्वास के अनुसार ही लें।

  • Magh Purnima 2026 Date : माघ पूर्णिमा कब? जानें सही तारीख, पूजा विधि, स्नान दान और चंद्रोदय का समय

    Magh Purnima 2026 Date : माघ पूर्णिमा कब? जानें सही तारीख, पूजा विधि, स्नान दान और चंद्रोदय का समय

    नई दिल्ली | Magh Purnima Kab Hai 2026 : माघ मास में पड़ने वाली पूर्णिमा तिथि का शास्त्रों में बेहद खास महत्व बताया गया है। वहीं, यह पूर्णिमा तिथि बेहद खास रहेगी क्योंकि, इस दिन रवि पुष्य योग का संयोग भी बन रहा है। इस दिन स्नान, दान व्रत आदि करने से अत्यंत पुण्य फल की प्राप्ति होती है। ऐसे में आइए जानें माघ पूर्णिमा की तारीख, पूजा विधि, स्नान दान और चंद्रोदय का समय…
    Magh Purnima 2026 Date
    माघ पूर्णिमा का हिंदू धर्म में खास महत्व है। इस दिन स्नान, दान और व्रत करने से बेहद पुण्य फल की प्राप्ति होती है। इस दिन पवित्र नदी में स्नान करना अत्यंत शुभ माना जाता है। साथ ही, पूर्णिमा का व्रत करने वाले चंद्रोदय के बाद चंद्रमा को अर्घ्य देते हैं। वहीं, इस बार की माघ पूर्णिमा बेहद खास रहने वाली है क्योंकि इस दिन रवि पुष्य योग का संयोग बन रहा है। पूर्णिमा तिथि पर विधि-विधान से पूजा और व्रत करने से जीवन में सुख-समृद्धि बनी रहती है। आइए जानते हैं कि माघ पूर्णिमा कब है, स्नान-दान व चंद्रोदय का समय और पूजन विधि…

    माघ पूर्णिमा 2026 कब है ?
    माघ मास की पूर्णिमा तिथि की शुरुआत 1 फरवरी, रविवार को सुबह 5 बजकर 53 मिनट पर होगी। वहीं, इसका समापन 1 फरवरी को मध्य रात्रि के पश्चात 3 बजकर 39 मिनट पर होगा। शास्त्रों के अनुसार, प्रदोष काल में पूर्णिमा तिथि पर पड़ने पर पूर्णिमा का व्रत रखा जाता है। ऐसे में 1 फरवरी के दिन ही माघ पूर्णिमा का व्रत स्नान दान आदि कार्य किए जाएंगे। वहीं, इस दिन रविवार का दिन होने और पुष्य नक्षत्र के चलते रवि पुष्य योग का संयोग भी बन रहा है।
    माघ पूर्णिमा 2026 स्नान दान का शुभ मुहूर्त
    लाभ चौघड़िया : सुबह 5 बजकर 30 मिनट से लेकर 7 बजकर 9 मिनट तक का समय स्नान-दान के लिए सबसे उत्तम रहेगा। माघ मास की पूर्णिमा को तिल, कंबल, वस्त्र, घी, फल, अन्न आदि का दान करना शुभ माना जाता है। साथ ही, इस दिन पितरों का श्राद्ध भी किया जाता है। माघी पूर्णिमा पर विष्णुजी की पूजा करने से जीवन में सुख-समृद्धि और शांति बनी रहती है।

    माघ पूर्णिमा 2026 चंद्रोदय का समय
    माघ पूर्णिमा पर चांद निकलने का समय शाम को 5 बजकर 46 मिनट पर होगा। चंद्रोदय के पश्चात चंद्रमा को अर्घ्य देने का विधान होता है।

    माघ पूर्णिमा पूजा विधि
    पूर्णिमा तिथि के दिन सुबह जल्दी उठकर स्नानादि के पश्चात सूर्यदेव को अर्घ्य देना चाहिए। फिर, शांत मन से व्रत का संकल्प लें।
    अपने घर के पूजा स्थल पर एक चौकी पर साफ लाल या पीले रंग का वस्त्र बिछाएं। अब उस पर भगवान विष्णु और देवी लक्ष्मी की मूर्ति या तस्वीर स्थापित करें।
    चारों ओर गंगाजल का छिड़काव करें। चौकी के चारों तरफ कलावा अवश्य बांधें। फिर, विष्णुजी का पंचामृत से स्नान कराएं।

    भगवान विष्णु को वस्त्र आदि अर्पित करके उनका तिलक करें। अब केले, पंचामृत, कसाल आदि चढ़ाएं और विधि पूर्वक पूजा आरती करें।

  • Jaya Ekadashi 2026: जया एकादशी पर भूल से भी न करें इन चीजों का दान, वरना भगवान विष्णु हो जाएंगे नाराज

    Jaya Ekadashi 2026: जया एकादशी पर भूल से भी न करें इन चीजों का दान, वरना भगवान विष्णु हो जाएंगे नाराज

    नई दिल्ली | Jaya Ekadashi 2026 Daan NIyam: जया एकादशी का व्रत भगवान विष्णु को समर्पित होता है। मान्यता है कि इस दिन सच्चे मन से पूजा, व्रत और सही चीजों का दान करने से व्यक्ति के जीवन से दुख-कष्ट दूर होते हैं और पापों से मुक्ति मिलती है। लेकिन शास्त्रों में यह भी बताया गया है कि जया एकादशी के दिन कुछ चीजों का दान करने से बचना चाहिए, क्योंकि इससे पूजा का फल कम हो सकता है और भगवान विष्णु अप्रसन्न हो सकते हैं। तो चलिए जानते हैं कि जया एकादशी पर किन चीजों का दान नहीं करना चाहिए।

    मांस और शराब से जुड़ी चीजें
    जया एकादशी के दिन सात्विकता का विशेष महत्व होता है। इस दिन भूलकर भी मांस, मछली, अंडा या शराब जैसी तामसिक चीजों का दान नहीं करना चाहिए। ऐसा करने से व्रत की पवित्रता भंग होती है।

    काले तिल और लोहे की चीजें
    शास्त्रों के अनुसार, जया एकादशी के दिन लोहे या उससे निर्मित किसी भी उपकरण का दान नहीं करना चाहिए. इसके साथ ही काले तिल का दान करने से भी बचना चाहिए। ऐसा इसलिए क्योंकि ये वस्तुएं शनि ग्रह से संबंधित मानी जाती हैं, इसलिए इस दिन इनका दान करने से जीवन में अचानक बाधाएं आ सकती हैं और सकारात्मक ऊर्जा में धीरे-धीरे कमी आने लगती है।

    काले रंग की वस्तुएं
    धार्मिक मान्यताओं के अनुसार एकादशी के दिन काले रंग के कपड़े या अन्य काली वस्तुओं का दान अशुभ माना जाता है। जया एकादशी पर पीले या सफेद रंग की चीजें ही शुभ फल देती हैं।

    चमड़े से बनी वस्तुएं
    जूते-चप्पल, बेल्ट या कोई भी चमड़े की वस्तु जया एकादशी के दिन दान नहीं करनी चाहिए। यह दिन पूरी तरह सात्विक और शुद्ध माना जाता है।

    झूठ, धोखा और गलत कमाई से मिली चीजें
    अगर किसी वस्तु को गलत तरीके से कमाया गया हो या उसमें छल-कपट जुड़ा हो, तो उसका दान करने से पुण्य नहीं मिलता। जया एकादशी पर हमेशा साफ मन और ईमानदारी से दान करना चाहिए।

    अनाज का दान बिना नियम जाने
    कुछ मान्यताओं के अनुसार एकादशी के दिन कच्चे अनाज का दान करने से पहले नियम जान लेना जरूरी होता है। बिना जानकारी के अनाज दान करने से लाभ की जगह नुकसान हो सकता है।

    जया एकादशी पर क्या करना चाहिए?
    इस दिन भगवान विष्णु की पूजा करें, तुलसी को जल चढ़ाएं, जरूरतमंद लोगों को फल, दूध, मिठाई, पीले वस्त्र या धन का दान करें। साथ ही मन, वचन और कर्म से पवित्र रहने का प्रयास करें।

  • जानिए आज सोमवार का राशिफल

     

    मेष :अपने हितैषी समझे जाने वाले ही पीठ पीछे नुकसान पहुंचाने की कोशिश करेंगे। पठन पाठन में स्थिति कमजोर रहेगी। किसी से वाद-विवाद अथवा कहासुनी होने का भय रहेगा। मानसिक एवं शारीरिक शिथिलता पैदा होगी। जल्दबाजी में कोई भूल संभव है। आय-व्यय समान्य रहेगा। शुभांक-5-7-9

    वृष : बुरी संगति से बचें। आशानुकूल कार्य होने में संदेह है। स्वास्थ्य मध्यम रहेगा। लेन-देन में अस्पष्टता ठीक नहीं। दूसरों के कार्यों में अनावश्यक हस्तक्षेप न करें। निर्मूल शंकाओं के कारण मनस्ताप भी पैदा हो सकते है। भय तथा शत्रुहानि की आशंका रहेगी। एकाकी प्रवृति का त्याग करें। शुभांक-3-5-7

    मिथुन: कारोबार के विस्तार का मानस बनेगा। शैक्षणिक कार्य आसानी से पूरे होते रहेंगे। व्यापार व व्यवसाय में ध्यान देने से सफलता मिलेगी। मन प्रसन्न बना रहेगा। अचल संपति की खरीद अथवा कृषि उद्यम में रुचि पैदा होगी। अपनों का सहयोग प्राप्त होगा। व्यापार व व्यवसाय में स्थिति उत्तम रहेगी। शुभांक-2-4-6

    कर्क : नये-नये व्यापारिक अनुबंध होंगे। मित्रों से सावधानी रखें तो ज्यादा उत्तम है। शारीरिक सुख के लिए व्यसनों का त्याग करें। कामकाज में आ रहा अवरोध दूर होकर प्रगति का रास्ता मिल जाएगा। मान-सम्मान में वृद्घि होगी। हरि करे सो खरी इसीलिए पूरे मनोयोग से कार्य करें। यात्रा योग हैं। शुभांक-5-7-9

    सिंह : कार्यक्षेत्र में खुशनुमा माहौल बनेगा। मध्याह्न पूर्व समय आपके पक्ष का रहेगा। कारोबारी काम में प्रगति बनती रहेगी। लेन-देन में आ रही बाधा दूर करने के प्रयास होंगे। परिश्रम प्रयास से काम बनाने की कोशिश लाभ देगी। पर-प्रपंच में ना पड़कर अपने काम पर ध्यान दीजिए। शुभांक-2-5-8

    कन्या : भावनाओं का उद्वेग बढ़ेगा। जीवनसाथी का परामर्श लाभदायक रहेगा। धार्मिक कार्य में समय और धन व्यय होगा। हित के काम में आ रही बाधा मध्याह्न पश्चात् दूर हो जाएगी। अपने काम आसानी से बनते चले जाएंगे। संतान पक्ष की समस्या समाप्त होगी। आपसी प्रेम-भाव में बढ़ोतरी होगी।

    शुभांक-3-5-7

    तुला : योजना क्रियान्वन के लिए समय अच्छा व सकारात्मक परिणाम देने वाला बन रहा है। कारोबारी काम में नवीन तालमेल और समन्वय बन जाएगा। जीवन साथी अथवा यार-दोस्तों के साथ साझे में किए जा रहे काम में लाभ मिल जाएगा। सफलता मिलेगी। सुनियोजित तरीके से कार्यारम्भ करें। शुभांक-2-5-7

    वृश्चिक : व्यवसाय में प्रतिद्वंद्वी परेशान कर सकते हैं। समय व्ययकारी सिद्घ होगा। ले देकर की जा रही काम की कोशिश ठीक नहीं। आध्यात्मिक रुचि बनेगी। महत्वपूर्ण कार्य को समय पर बना लें तो अच्छा ही होगा। स्वास्थ्य मध्यम रहेगा। व्यापार में स्थिति नरम रहेगी। कार्य सफल होगें। शुभांक-4-5-7

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    धनु: लाभदायक कार्यों की चेष्टाएं प्रबल होंगी। समाज में मान-सम्मान बढ़ेगा। आय-व्यय की स्थिति समान रहेगी। स्वास्थ्य उत्तम रहेगा। व्यापार व व्यवसाय में ध्यान देने से सफलता मिलेगी। कामकाज में आ रहा अवरोध दूर होकर प्रगति का रास्ता मिल जाएगा। धार्मिक यात्रा का योग बना है। शुभांक-3-6-8

    मकर: सैर-सपाटे में समय व्यतीत होगा। मान-सम्मान में वृद्घि होगी। अच्छे कार्य के लिए रास्ते बना लेंगे। अपने हित के काम सुबह-सबेरे ही निपटा लें। शुद्घ गोचर का लाभ। स्वास्थ्य उत्तम रहेगा। यात्रा प्रवास का सार्थक परिणाम मिलेगा। आर्थिक लाभ के किये कार्यों का तत्काल प्रतिफल मिलेगा। शुभांक-4-6-8

    कुंभ : मनोरंजन के साधनों पर धन-व्यय होगा। आय-व्यय की स्थिति समान रहेगी। कामकाज में आ रही बाधा दूर होगी। लेन-देन में आ रही बाधा को दूर करने के प्रयास सफल होंगे। समाज में मान-सम्मान बढ़ेगा। शैक्षणिक कार्य आसानी से पूरे होते रहेंगे। स्वास्थ्य उत्तम रहेगा। स्त्री का सहयोग मिलेगा। शुभांक-2-5-8

    मीन : कामकाज में आ रहा अवरोध दूर होकर प्रगति का रास्ता मिल जाएगा। सुबह-सुबह की महत्वपूूर्ण सिद्घि के बाद दिन-भर उत्साह रहेगा। किसी लाभदायक कार्य के लिए व्ययकारक स्थितियां पैदा होगी। अल्प-परिश्रम से ही लाभ होगा। नियोजित धन से लाभ होने लगेगा। आर्थिक स्थिति सुधरेगी। शुभांक-2-4-6

  • जानिए आज रविवार का राशिफल


    मेष : सुबह-सुबह की महत्वपूूर्ण सिद्घि के बाद दिन-भर उत्साह रहेगा। किसी लाभदायक कार्य के लिए व्ययकारक स्थितियां पैदा होगी। अल्प-परिश्रम से ही लाभ होगा। कामकाज में आ रहा अवरोध दूर होकर प्रगति का रास्ता मिल जाएगा। घरेलू बहुमूल्य वस्तुओं के क्रय का योग है। शुभांक-1-5-7


    वृष : परामर्श व परिस्थिति सभी का सहयोग मिलेगा। अधिकारी वर्ग से आपकी निकटता बढ़ेगी। व्यावसायिक उपक्रम में उलटफेर की शुरूआत हो सकती है। स्थाई सम्पति के निर्माण, मरम्मत व पुर्नस्थापना पर व्यय भार बढ़ेगा। किसी की टीका-टिप्पणी से आपको परेशानी हो सकती हैं। शुभांक-2-5-6


    मिथुन : विश्वस्त लोगों के कहे अनुसार चलें। राजकीय कार्यों में सतर्कता बरतें। मान-सम्मान को ठेस लग सकती है। जोश से कम व होश में रहकर कार्य करें। नये आगंतुकों से लाभ होगा। कार्यक्षेत्र में संतोषजनक सफलता मिलेगी। परिवार के साथ मनोरांजनिक स्थल की यात्रा होगी। शुभांक-5-7-9


    कर्क : पुरानी पारिवारिक समस्याओं का समाधान होगा। परिश्रम प्रयास से कार्य सफल होगें। व्यापार व व्यवसाय में ध्यान देने से सफलता मिलेगी। बुरी संगति से बचें। नौकरी में सावधानीपूर्वक कार्य करें। अपनों का सहयोग मिलेगा। पत्नी व संतान पक्ष से थोड़ी ङ्क्षचता रहेगी। मनोरथ सिद्घि का योग है। शुभांक-1-3-6


    सिंह : दाम्पत्य जीवन में तनाव का वातावरण बन सकता हैं। शारीरिक सुख के लिए व्यसनों का त्याग करें। आत्मङ्क्षचतन करें। पुराने मित्र से मिलन होगा। पठन-पाठन में स्थिति कमजोर रहेगी। खान-पान में सावधानी रखें। अपने अधीनस्थ लोगों से कम सहयोग मिलेगा। भ्रातृपक्ष में विरोध होने की संभावना है। शुभांक-5-7-9


    कन्या : रुका हुआ पैसा वसूलने में मदद मिल जाएगी। व्यर्थ प्रपंच में समय नहीं गंवाकर अपने काम पर ध्यान दीजिए। अच्छे कार्य के लिए रास्ते बना लेंगे। अपने हित के काम सुबह-सवेरे निपटा लें। पूर्व नियोजित कार्यक्रम सरलता से संपन्न हो जाएंगे। व्यापार व व्यवसाय में स्थिति उत्तम रहेगी। शुभांक-3-5-7


    तुला : संतान की ओर से हर्ष के प्रसंग बनेंगे। समय को देखकर कार्य करना ज्यादा हितकर रहेगा। परिश्रम अधिक करना पड़ेगा तभी आप लाभ की आशा कर सकते हैं। कार्य क्षेत्र में पदोन्नति के योग बनेंग। आलस्य का त्याग करें। पुरुषार्थ का सहारा लें। व्यवसायिक अभ्युदय भी होगा और प्रसन्नताएं भी बढ़ेंगी। शुभांक-4-6-7


    वृश्चिक : कर्म बल पर आपको सफलता मिलेगी। व्यवसायिक क्षेत्र में वर्तमान क्षमता को बढ़ाएंगे उपक्रम का विस्तार करने का प्रयास सफल होगा। आप अच्छी सफलताएं प्राप्त करेंगे। बुद्घि कौशल से चुनौतीपूर्ण कार्यों में सफलता मिलेगी। आर्थिक दृष्टि से समय उपलब्धिकारक रहेगा। भाई-बहनों का प्रेम बढ़ेगा। शुभांक-4-6-8


    धनु : मानसिक एवं शारीरिक शिथिलता पैदा होगी। कामकाज सीमित तौर पर ही बन पाएंगे। स्वास्थ्य कमजोर बना रहेगा। कुछ आर्थिक संकोच पैदा हो सकते हैं। महत्वपूर्ण कार्य को समय पर बना लें तो अच्छा ही होगा। श्रम अधिक करना पड़ सकता है। वरिष्ठजनों से मतभेद उभर सकते हैं। शुभांक-3-5-7


    मकर : शनै:-शनै: स्थिति पक्ष की बनने लगेगी। मेल-मिलाप से काम बनाने की कोशिश लाभ देगी। यात्रा का दूरगामी परिणाम मिल जाएगा। आशा और उत्साह के कारण सक्रियता बढ़ेगी। सुखद समय की अनुभूतियां प्रबल होगी। लाभदायक कार्यों की चेष्टाएं प्रबल होंगी। पारिवारिक प्रेमभाव बढ़ेगा। शुभांक-2-4-6


    कुंभ : विकास के लिए बनाई योजना सफल होगी। अच्छा हो कि आप अपने उद्देश्य को लेकर सचेत रहें। प्रियजनों से समागम का अवसर मिलेगा। कार्यक्षेत्र में महत्वपूर्ण कार्य सौंपे जा सकते है जो कि अतिविश्वसनीय व्यक्तियों को ही दिये जाते हैं। कार्य साधक दिन है व्यर्थ न गंवाऐ। नैतिक दायरे में रहें। शुभांक-5-7-9


    मीन : क्षमता से अधिक कार्य करने की नौबत आ सकती है। उत्तरदायित्व की अधिकता निजी जीवन में अपने ही ढंग की परेशानियां पैदा करेगी। कारोबार की उन्नति के लिये एक से अधिक सीढ़ी चढ़कर लोगों को आश्चर्य में डाल देंगे। बौद्घिक क्षेत्र में प्रतियोगिता जीतने का मौका मिलेगा। शुभांक-1-5-8 

  • ब्रज होली 2026: 40 दिन तक रंगों का महासंग्राम, बरसाना-वृंदावन में शुरू हुई भक्ति की होली

    ब्रज होली 2026: 40 दिन तक रंगों का महासंग्राम, बरसाना-वृंदावन में शुरू हुई भक्ति की होली


    नई दिल्ली। ब्रज में 23 जनवरी से 40 दिनों तक होली का भव्य उत्सव शुरू हो चुका है, जिसमें लड्डू मार, लठमार, फूलों वाली होली, होलिका दहन और धुलंडी जैसी प्रमुख रस्में होंगी। बरसाना, वृंदावन, नंदगांव और मथुरा में राधा-कृष्ण की लीलाओं से जुड़ी परंपरागत होली का रंग और भक्ति का अनुभव मिलेगा।
    ब्रज की पवित्र भूमि पर 23 जनवरी 2026 से बसंत पंचमी के साथ 40 दिवसीय होली उत्सव की शुरुआत हो चुकी है। यह रंगोत्सव बरसाना, वृंदावन, नंदगांव, गोकुल और मथुरा में अलग-अलग परंपराओं के साथ मनाया जाता है और इसमें लड्डू मार होली, लठमार होली, फूलों वाली होली, होलिका दहन, धुलंडी जैसे प्रमुख कार्यक्रम शामिल हैं।

    ब्रज की होली राधा-कृष्ण की लीलाओं से जुड़ी है और यह 40 दिनों तक चलने वाली सबसे लंबी होली मानी जाती है। इस दौरान मंदिरों में फूलों से बनी होली, गुलाल और भक्ति गीतों के साथ उत्सव मनाया जाता है।

    खास तौर पर ब्रज में होली का महत्व इसलिए भी है क्योंकि यह एक दिन की होली के बजाय लंबे समय तक चलने वाला रंगोत्सव है, जो भक्तों को आध्यात्मिक और सांस्कृतिक अनुभव देता है।

    ब्रज होली 2026 की मुख्य तारीखें (सही जानकारी के साथ):

    23 जनवरी 2026 (शुक्रवार) – बसंत पंचमी, होली की शुरुआत (बांके बिहारी जी मंदिर और सभी ब्रज मंदिर)

    24 फरवरी 2026 (मंगलवार) – लड्डू मार होली (श्री जी मंदिर, बरसाना)

    25 फरवरी 2026 (बुधवार) – लठमार होली (रंगिली गली, बरसाना)

    26 फरवरी 2026 (गुरुवार) – लठमार होली (नंद भवन, नंदगांव)

    27 फरवरी 2026 (शुक्रवार) – रंगभरनी एकादशी/फूलों वाली होली (बांकेबिहारी मंदिर, वृंदावन)

    1 मार्च 2026 (रविवार) – छड़िमर होली (गोकुल)

    2 मार्च 2026 (सोमवार) – रमन रेती होली/विधवा होली (गोकुल और वृंदावन)

    3 मार्च 2026 (मंगलवार) – होलिका दहन (द्वारकाधीश मंदिर, मथुरा और अन्य मंदिर)

    4 मार्च 2026 (बुधवार) – धुलंडी (मथुरा, वृंदावन, बरसाना, नंदगांव और गोकुल)

    5 मार्च 2026 (गुरुवार) – दाऊजी का हुरंगा (मथुरा में दाऊ जी मंदिर)

  • बरसाना धाम का कीर्ति मंदिर: आध्यात्मिक ऊर्जा, भव्य शिल्पकला और राधा रानी के बाल स्वरूप का दिव्य केंद्र

    बरसाना धाम का कीर्ति मंदिर: आध्यात्मिक ऊर्जा, भव्य शिल्पकला और राधा रानी के बाल स्वरूप का दिव्य केंद्र


    नई दिल्ली। आज का राशिफल:

    मेष: सतर्क रहें। आय बनी रहेगी लेकिन खर्च भी बढ़ सकता है। कार्यक्षेत्र में धैर्य रखें।
    भाग्य: 81% | उपाय: हनुमान चालीसा का पाठ करें

    वृषभ: ग्रह योग आपके पक्ष में हैं। व्यापार और नौकरी में लाभ के संकेत हैं। रुका हुआ धन मिलेगा और परिवार में सुख रहेगा।
    भाग्य: 82% | उपाय: पीपल के वृक्ष पर जल अर्पित करें

    मिथुन: कार्यक्षेत्र में योजनाएं सफल होंगी। नौकरी बदलने का विचार मन में आ सकता है। खर्च पर नियंत्रण जरूरी।
    भाग्य: 85% | उपाय: गणेश जी की आराधना करें

    कर्क: खर्च अधिक रहेगा। दूसरों के मामलों में दखल देने से बचें। परिवार के साथ समय बिताएं।
    भाग्य: 83% | उपाय: शनि स्तोत्र का पाठ करें

    सिंह: कार्यस्थल पर मेहनत रंग लाएगी। विरोधियों पर जीत मिलेगी। पारिवारिक संबंध मजबूत होंगे।
    भाग्य: 84% | उपाय: पीपल को जल दें

    कन्या: बुधादित्य योग का विशेष लाभ। नए काम की शुरुआत के लिए दिन शुभ है। पारिवारिक और दांपत्य जीवन सुखद रहेगा।
    भाग्य: 87% | उपाय: विष्णु चालीसा का पाठ करें

    तुला: सामाजिक और व्यावसायिक संपर्कों से लाभ होगा। खर्च बढ़ सकता है, बजट संभालकर चलें।
    भाग्य: 86% | उपाय: काले कुत्ते को रोटी खिलाएं

    वृश्चिक: जोखिम लेकर सफलता मिल सकती है। अधिकारियों का सहयोग मिलेगा। आर्थिक स्थिति मजबूत होगी।
    भाग्य: 85% | उपाय: बजरंग बाण का पाठ करें

    धनु: दिन सामान्य रहेगा। अचानक खर्च आ सकते हैं। संयम से काम लें।
    भाग्य: 87% | उपाय: जरूरतमंद को अन्न दान करें

    मकर: वाणी और व्यवहार से लाभ मिलेगा। व्यापार में अच्छे अवसर मिल सकते हैं। पारिवारिक सहयोग बना रहेगा।
    भाग्य: 89% | उपाय: गायत्री मंत्र का जप करें

    कुंभ: नए अवसर मिलेंगे लेकिन खर्च बढ़ेगा। स्वास्थ्य और रिश्तों में संतुलन बनाए रखें।
    भाग्य: 81% | उपाय: शिवलिंग पर दूध अर्पित करें

    मीन: भाग्य आपका साथ देगा। शिक्षा, प्रबंधन और व्यापार में लाभ के संकेत हैं। धार्मिक गतिविधियों में रुचि बढ़ेगी।
    भाग्य: 83% | उपाय: शनि स्तोत्र का पाठ करें