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  • IND vs ENG: टी20 सीरीज के लिए इंग्लैंड टीम घोषित, अनकैप्ड ऑलराउंडर जेम्स कोल्स की एंट्री से बढ़ी चर्चा

    IND vs ENG: टी20 सीरीज के लिए इंग्लैंड टीम घोषित, अनकैप्ड ऑलराउंडर जेम्स कोल्स की एंट्री से बढ़ी चर्चा


    नई दिल्ली । भारत और इंग्लैंड के बीच होने वाली पांच मैचों की टी20 सीरीज के लिए इंग्लैंड क्रिकेट टीम का आधिकारिक ऐलान कर दिया गया है। यह सीरीज 1 जुलाई से शुरू होगी, जिसका पहला मुकाबला चेस्टर ले स्ट्रीट में खेला जाएगा। वहीं सीरीज का अंतिम मैच 11 जुलाई को साउथम्प्टन में आयोजित होगा। इसके बाद दोनों टीमों के बीच वनडे सीरीज भी खेली जाएगी।

    इंग्लैंड की कमान इस बार हैरी ब्रूक के हाथों में होगी। चयनकर्ताओं ने सीमित ओवरों के प्रारूप में उन पर भरोसा जताते हुए कप्तानी की जिम्मेदारी बरकरार रखी है। ब्रूक इससे पहले टेस्ट टीम की कप्तानी नहीं कर पाए थे, लेकिन टी20 प्रारूप में वह टीम का नेतृत्व करेंगे।

    इस स्क्वॉड में सबसे बड़ी चर्चा 22 वर्षीय अनकैप्ड ऑलराउंडर जेम्स कोल्स की एंट्री को लेकर है। ससेक्स के इस युवा खिलाड़ी ने घरेलू क्रिकेट में शानदार प्रदर्शन के दम पर टीम में जगह बनाई है। हाल ही में उन्होंने काउंटी चैम्पियनशिप में ग्लेमॉर्गन के खिलाफ नाबाद 224 रनों की बेहतरीन पारी खेली थी, जो उनके फर्स्ट क्लास करियर का सर्वोच्च स्कोर है। टी20 ब्लास्ट में भी उन्होंने अपने ऑलराउंड प्रदर्शन से चयनकर्ताओं को प्रभावित किया था।

    टीम चयन में कुछ प्रमुख बदलाव भी देखने को मिले हैं। बेन डकेट को इस टी20 स्क्वॉड में शामिल नहीं किया गया है, जबकि जॉर्डन कॉक्स, सोनी बेकर और साकिब महमूद की वापसी हुई है। चोटों के कारण ब्रायडन कार्स और जेमी ओवर्टन जैसे खिलाड़ी चयन के लिए उपलब्ध नहीं थे, जिसके चलते चयनकर्ताओं ने अपेक्षाकृत बड़ा 17 सदस्यीय स्क्वॉड चुना है।

    इंग्लैंड के चयनकर्ता मार्कस नॉर्थ ने कहा कि जेम्स कोल्स ने अपने प्रदर्शन के दम पर यह अवसर अर्जित किया है। उन्होंने यह भी बताया कि न्यूजीलैंड के खिलाफ टेस्ट सीरीज के तुरंत बाद भारत के खिलाफ टी20 सीरीज शुरू होने के कारण टीम में अतिरिक्त विकल्प रखना जरूरी था।

    भारत और इंग्लैंड के बीच यह टी20 सीरीज बेहद रोमांचक होने की उम्मीद है, खासकर तब जब भारत की युवा बल्लेबाजी लाइनअप और इंग्लैंड की नई रणनीति आमने-सामने होंगी। इसके बाद वनडे सीरीज भी खेली जाएगी, जो दोनों टीमों के लिए आगामी ICC टूर्नामेंट्स की तैयारी का अहम हिस्सा मानी जा रही है।

  • हरमनप्रीत का विश्व रिकॉर्ड महिला क्रिकेट की शेरनी ने 200 टी20I मैच खेलकर रचा नया इतिहास

    हरमनप्रीत का विश्व रिकॉर्ड महिला क्रिकेट की शेरनी ने 200 टी20I मैच खेलकर रचा नया इतिहास


    नई दिल्ली । भारतीय महिला क्रिकेट टीम की कप्तान हरमनप्रीत कौर ने एक ऐसी उपलब्धि हासिल की है जिसने न केवल भारतीय क्रिकेट बल्कि विश्व क्रिकेट के इतिहास में भी उनका नाम स्वर्ण अक्षरों में दर्ज कर दिया है। महिला टी20 विश्व कप 2026 में दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ खेले गए मुकाबले के दौरान हरमनप्रीत टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में 200 मैच खेलने वाली दुनिया की पहली क्रिकेटर बन गईं। इस उपलब्धि के साथ उन्होंने पुरुष और महिला दोनों वर्गों के सभी क्रिकेटरों को पीछे छोड़ते हुए एक नया विश्व रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया।

    मैनचेस्टर के प्रतिष्ठित ओल्ड ट्रैफर्ड मैदान पर खेला गया यह मुकाबला भारतीय कप्तान के करियर का सबसे यादगार क्षण बन गया। करीब 17 वर्षों से भारतीय क्रिकेट की सेवा कर रही हरमनप्रीत ने अपने शानदार सफर में कई उपलब्धियां हासिल की हैं लेकिन 200 टी20 अंतरराष्ट्रीय मैचों का आंकड़ा छूना उनके करियर की सबसे बड़ी उपलब्धियों में शामिल माना जा रहा है। यह रिकॉर्ड उनकी निरंतरता समर्पण फिटनेस और खेल के प्रति जुनून का प्रमाण है।

    इस ऐतिहासिक अवसर पर भारतीय टीम ने भी अपनी कप्तान का विशेष सम्मान किया। मैच शुरू होने से पहले टीम हडल के दौरान मुख्य कोच अमोल मजूमदार ने हरमनप्रीत को विशेष स्मृति कैप भेंट की। वहीं उपकप्तान स्मृति मंधाना ने उन्हें Harman 200 लिखी हुई खास जर्सी देकर सम्मानित किया। पूरी टीम ने तालियों के साथ अपनी कप्तान की इस ऐतिहासिक उपलब्धि का जश्न मनाया।

    पंजाब के एक साधारण परिवार से निकलकर विश्व क्रिकेट की सबसे प्रभावशाली खिलाड़ियों में जगह बनाने तक का हरमनप्रीत का सफर संघर्ष और मेहनत की मिसाल रहा है। उन्होंने भारतीय महिला क्रिकेट को नई पहचान दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। उनकी कप्तानी में भारतीय टीम ने कई बड़े टूर्नामेंटों में शानदार प्रदर्शन किया और विश्व क्रिकेट में अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज कराई।

    टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में सबसे अधिक मैच खेलने वाली खिलाड़ियों की सूची में हरमनप्रीत अब शीर्ष पर पहुंच गई हैं। उनके बाद न्यूजीलैंड की सूजी बेट्स 184 मैचों के साथ दूसरे स्थान पर हैं जबकि इंग्लैंड की डैनी व्याट हॉज 183 मैचों के साथ तीसरे स्थान पर मौजूद हैं। भारतीय बल्लेबाज स्मृति मंधाना भी इस सूची में 169 मैचों के साथ प्रमुख स्थान रखती हैं। पुरुष क्रिकेटरों में सबसे अधिक टी20 अंतरराष्ट्रीय मैच खेलने वाले खिलाड़ियों की सूची में आयरलैंड के पॉल स्टर्लिंग 163 और भारत के रोहित शर्मा 159 मैचों के साथ शामिल हैं लेकिन हरमनप्रीत का रिकॉर्ड इन सभी से आगे निकल चुका है।

    सिर्फ मैचों की संख्या ही नहीं बल्कि प्रदर्शन के मामले में भी हरमनप्रीत कौर का नाम महिला क्रिकेट की महान खिलाड़ियों में लिया जाता है। दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ मुकाबले से पहले उनके नाम 4123 टी20 अंतरराष्ट्रीय रन दर्ज थे। वह महिला टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में सबसे ज्यादा रन बनाने वाली खिलाड़ियों की सूची में तीसरे स्थान पर हैं। उनकी आक्रामक बल्लेबाजी और बड़े मैचों में शानदार प्रदर्शन ने उन्हें विश्व क्रिकेट की सबसे भरोसेमंद खिलाड़ियों में शामिल किया है।

    हरमनप्रीत कौर की यह उपलब्धि भारतीय महिला क्रिकेट के बढ़ते प्रभाव और सफलता की कहानी को और मजबूत करती है। उनका यह विश्व रिकॉर्ड आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा बनेगा और भारतीय क्रिकेट इतिहास में लंबे समय तक याद किया जाएगा।

  • इंग्लैंड टीम को राहत बेन स्टोक्स और एटकिंसन पर ईसीबी जांच पूरी तीसरे टेस्ट में कप्तान की वापसी

    इंग्लैंड टीम को राहत बेन स्टोक्स और एटकिंसन पर ईसीबी जांच पूरी तीसरे टेस्ट में कप्तान की वापसी


    नई दिल्ली ।इंग्लैंड एंड वेल्स क्रिकेट बोर्ड यानी ईसीबी की अनुशासनात्मक जांच में इंग्लैंड टेस्ट कप्तान बेन स्टोक्स को नाइटक्लब विवाद मामले में पूरी तरह क्लीन चिट मिल गई है जांच के बाद यह स्पष्ट किया गया है कि स्टोक्स उस समय घटना स्थल पर मौजूद ही नहीं थे और न ही उनका किसी प्रकार की हिंसक घटना से कोई संबंध पाया गया

    इस जांच के बाद ईसीबी ने स्टोक्स और तेज गेंदबाज गस एटकिंसन को न्यूजीलैंड के खिलाफ तीसरे और निर्णायक टेस्ट मैच के लिए इंग्लैंड टीम में शामिल कर लिया है इससे पहले दोनों खिलाड़ियों को अनुशासनात्मक कारणों से दूसरे टेस्ट से बाहर रखा गया था जहां टीम की कप्तानी जो रूट ने संभाली थी लेकिन उस मैच में इंग्लैंड को 253 रन से हार का सामना करना पड़ा था

    पूरा मामला 8 जून की रात लॉर्ड्स टेस्ट के बाद सामने आया जब दोनों खिलाड़ियों पर टीम कर्फ्यू नियमों के उल्लंघन का आरोप लगा इसके बाद ब्रिटिश मीडिया में खबरें आईं कि गस एटकिंसन एक नाइटक्लब में हुए विवाद में शामिल थे रिपोर्ट्स के अनुसार एक रग्बी अकादमी खिलाड़ी ने उन पर हमला करने की कोशिश की थी लेकिन मामला बढ़ते हुए एक सुरक्षा कर्मी को चोट लगने तक पहुंच गया

    ईसीबी की विस्तृत जांच में सामने आया कि बेन स्टोक्स इस पूरी घटना के दौरान नाइटक्लब में मौजूद ही नहीं थे बोर्ड ने स्पष्ट किया कि स्टोक्स किसी भी विवाद का हिस्सा नहीं थे और न ही उन्होंने घटना को देखा था हालांकि टीम नियमों के उल्लंघन के चलते उन्हें और एटकिंसन दोनों को लिखित चेतावनी दी गई है

    गस एटकिंसन को लेकर जांच में यह पाया गया कि वह बिना किसी उकसावे के हमले के शिकार हुए थे और उन्होंने किसी भी स्थिति में जवाबी कार्रवाई नहीं की इस तरह उन्हें भी हिंसक घटना के लिए दोषी नहीं ठहराया गया इस पूरे विवाद के बावजूद ईसीबी ने अनुशासनात्मक नियमों के तहत दोनों खिलाड़ियों को चेतावनी जारी की है और टीम के आचार संहिता पालन पर जोर दिया है

    अब इंग्लैंड और न्यूजीलैंड के बीच सीरीज 1-1 की बराबरी पर पहुंच चुकी है और तीसरा टेस्ट निर्णायक होगा जिसमें स्टोक्स की कप्तानी में इंग्लैंड वापसी करेगा तीसरे टेस्ट के लिए घोषित इंग्लैंड टीम में बेन स्टोक्स, जो रूट, जोफ्रा आर्चर, हैरी ब्रूक, बेन डकेट और अन्य प्रमुख खिलाड़ी शामिल हैं जिससे मुकाबला और भी रोमांचक होने की उम्मीद है

  • भारत को बड़ा झटका दक्षिण अफ्रीका से हारा महिला टीम का सेमीफाइनल समीकरण हुआ पेचीदा

    भारत को बड़ा झटका दक्षिण अफ्रीका से हारा महिला टीम का सेमीफाइनल समीकरण हुआ पेचीदा


    नई दिल्ली । महिला टी20 विश्व कप में भारतीय महिला क्रिकेट टीम को एक अहम मुकाबले में दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ 6 विकेट से हार का सामना करना पड़ा है इस हार के बाद भारत की सेमीफाइनल में पहुंचने की उम्मीदों को बड़ा झटका लगा है और ग्रुप स्टेज का समीकरण अब और भी कठिन हो गया है

    मैच मैनचेस्टर के ओल्ड ट्रैफर्ड मैदान में खेला गया जहां भारतीय टीम ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 7 विकेट खोकर 158 रन बनाए भारत की ओर से किसी भी बल्लेबाज ने बड़ी पारी नहीं खेली और टीम नियमित अंतराल पर विकेट गंवाती रही दीप्ति शर्मा ने सबसे ज्यादा 29 रन बनाए जबकि यास्तिका भाटिया ने 15 रन जेमिमा रोड्रिग्स ने 12 रन और कप्तान हरमनप्रीत कौर ने 24 रन का योगदान दिया

    लक्ष्य का पीछा करने उतरी दक्षिण अफ्रीका की शुरुआत भी अच्छी नहीं रही कप्तान लौरा वोल्वार्ड्ट 20 रन बनाकर आउट हो गईं लेकिन इसके बाद तजमिन ब्रिट्स ने 40 रनों की अहम पारी खेलकर टीम को संभाला और मैच को संतुलन में ला दिया

    इसके बाद मारिजान कैप ने शानदार बल्लेबाजी करते हुए भारतीय गेंदबाजों पर दबाव बना दिया कैप ने मात्र 45 गेंदों में 81 रनों की तूफानी पारी खेली जिसमें 4 छक्के और 7 चौके शामिल रहे उनकी इस पारी ने मैच का रुख पूरी तरह बदल दिया और भारत के हाथ से जीत फिसल गई

    मारिजान कैप ने सिर्फ बल्लेबाजी ही नहीं बल्कि गेंदबाजी में भी योगदान दिया और 2 महत्वपूर्ण विकेट हासिल किए उनकी ऑलराउंड परफॉर्मेंस भारत पर भारी पड़ी और दक्षिण अफ्रीका ने 5 गेंद शेष रहते लक्ष्य हासिल कर लिया

    इस हार के साथ भारतीय टीम ग्रुप ए में दूसरे स्थान पर बनी हुई है लेकिन सेमीफाइनल की राह अब मुश्किल हो गई है ऑस्ट्रेलिया 6 अंकों के साथ शीर्ष पर है जबकि भारत के 4 अंक हैं और पाकिस्तान टूर्नामेंट से बाहर हो चुका है अब भारतीय टीम के लिए आने वाले मुकाबले बेहद अहम होंगे क्योंकि हर मैच में जीत सेमीफाइनल की उम्मीदों को जिंदा रखने के लिए जरूरी हो गई है

  • 15 साल के वैभव सूर्यवंशी का धमाका! 29 गेंदों में 94 रन ठोककर इंटरनेशनल डेब्यू के दरवाजे पर पहुंचे युवा स्टार

    15 साल के वैभव सूर्यवंशी का धमाका! 29 गेंदों में 94 रन ठोककर इंटरनेशनल डेब्यू के दरवाजे पर पहुंचे युवा स्टार


    नई दिल्ली । भारतीय क्रिकेट को एक और बड़ा सितारा मिल गया है। महज 15 साल की उम्र में अपने विस्फोटक बल्लेबाजी अंदाज से क्रिकेट जगत का ध्यान खींचने वाले वैभव सूर्यवंशी अब अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में डेब्यू के बेहद करीब पहुंच चुके हैं। श्रीलंका ए के खिलाफ ट्राई सीरीज के फाइनल में उन्होंने जिस तरह की बल्लेबाजी की उसने चयनकर्ताओं के साथ-साथ क्रिकेट विशेषज्ञों को भी प्रभावित कर दिया है। अब माना जा रहा है कि 26 जून को आयरलैंड के खिलाफ होने वाले पहले टी20 मुकाबले में उन्हें भारतीय टीम की ओर से खेलने का मौका मिल सकता है।

    बिहार के इस युवा बल्लेबाज ने बेहद कम समय में अपनी अलग पहचान बनाई है। वैभव की सबसे बड़ी ताकत उनका निडर खेल और दबाव भरे मुकाबलों में शानदार प्रदर्शन करना है। यही वजह है कि उन्हें अब नॉकआउट मुकाबलों का नया किंग कहा जाने लगा है। इस साल उन्होंने पांच करो या मरो मुकाबले खेले हैं जिनमें चार अर्धशतक और एक शतक लगाया है। खास बात यह है कि तीन बार वह 90 से अधिक रन बनाकर आउट हुए लेकिन कभी व्यक्तिगत उपलब्धि के लिए अपनी बल्लेबाजी की रफ्तार धीमी नहीं की।

    श्रीलंका ए के खिलाफ ट्राई सीरीज के फाइनल में वैभव ने अपने करियर की सबसे यादगार पारियों में से एक खेली। भारतीय टीम के लिए ओपनिंग करने उतरे इस युवा बल्लेबाज ने सिर्फ 29 गेंदों में 94 रन ठोक दिए। उनकी पारी में 10 चौके और 8 छक्के शामिल रहे। यानी उन्होंने अपने 94 में से 88 रन केवल बाउंड्री से जुटाए। शतक से महज कुछ कदम दूर रह जाने के बावजूद उनकी इस पारी ने मैच का रुख बदल दिया और विरोधी टीम पर जबरदस्त दबाव बना दिया।

    वैभव की बल्लेबाजी का अंदाज उन्हें अपनी उम्र के खिलाड़ियों से अलग बनाता है। वह बड़े शॉट खेलने से नहीं घबराते और मैच की स्थिति के अनुसार तेजी से रन बनाने की क्षमता रखते हैं। यही कारण है कि उन्हें भारतीय क्रिकेट का अगला बड़ा सितारा माना जा रहा है। उनके प्रदर्शन ने यह भी साबित किया है कि दबाव जितना बढ़ता है उनका खेल उतना ही निखरता है।

    अब क्रिकेट प्रेमियों की नजरें भारत के आयरलैंड दौरे पर टिकी हैं। भारतीय टीम वहां दो टी20 मैच खेलेगी। पहला मुकाबला 26 जून और दूसरा 28 जून को बेलफास्ट में खेला जाएगा। यदि वैभव को पहले ही मैच में मौका मिलता है तो वह भारतीय क्रिकेट इतिहास में सबसे कम उम्र में अंतरराष्ट्रीय डेब्यू करने वाले खिलाड़ियों में शामिल हो जाएंगे। इतना ही नहीं वे महान बल्लेबाज सचिन तेंदुलकर के सबसे कम उम्र में भारत के लिए डेब्यू करने के रिकॉर्ड को भी पीछे छोड़ सकते हैं।

    आयरलैंड दौरे के बाद भारत को इंग्लैंड के खिलाफ भी टी20 सीरीज खेलनी है। ऐसे में यदि वैभव को मौका मिलता है और वह अपनी फॉर्म बरकरार रखते हैं तो भारतीय क्रिकेट को एक नया सुपरस्टार मिल सकता है। फिलहाल पूरे देश की नजरें 26 जून पर टिकी हैं जब यह युवा बल्लेबाज अपने सपनों की उड़ान भर सकता है।

  • वैभव–तिलक की तूफानी पारियां, भारत ए ने फाइनल में 377 रन ठोककर मचाया धमाल

    वैभव–तिलक की तूफानी पारियां, भारत ए ने फाइनल में 377 रन ठोककर मचाया धमाल


    नई दिल्ली । दांबुला के रंगिरी इंटरनेशनल स्टेडियम में खेले जा रहे ट्राई सीरीज फाइनल में भारत ए ने बल्लेबाजी का ऐसा प्रदर्शन किया, जिसने श्रीलंका ए के गेंदबाजों को पूरी तरह बैकफुट पर धकेल दिया। पहले बल्लेबाजी करते हुए भारतीय टीम ने 50 ओवर में 9 विकेट पर 377 रनों का विशाल स्कोर खड़ा किया।

    इस पारी की सबसे बड़ी खासियत रही युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी की विस्फोटक शुरुआत, जिन्होंने एक बार फिर अपनी आक्रामक बल्लेबाजी से मैच का रुख पूरी तरह बदल दिया। वैभव और प्रियांश आर्या ने पहले विकेट के लिए सिर्फ 8.5 ओवर में 132 रनों की तूफानी साझेदारी की। इस साझेदारी ने श्रीलंका ए के गेंदबाजों को शुरुआती झटका दे दिया।

    Vaibhav Suryavanshi ने मात्र 29 गेंदों में 94 रनों की पारी खेली। उनकी बल्लेबाजी इतनी आक्रामक रही कि उन्होंने 324 के स्ट्राइक रेट से खेलते हुए 10 चौके और 8 छक्के लगाए। खास बात यह रही कि उन्होंने सिर्फ 11 गेंदों में अर्धशतक लगाकर लिस्ट ए क्रिकेट में नया इतिहास रच दिया।

    दूसरे छोर से कप्तान Tilak Varma ने जिम्मेदारी भरी पारी खेली और टीम को स्थिरता प्रदान की। उन्होंने 90 गेंदों पर 67 रन बनाए और तीसरे विकेट के लिए ऋतुराज गायकवाड़ के साथ 84 रनों की साझेदारी की। इस साझेदारी ने भारत ए को शुरुआती झटकों के बाद मजबूत स्थिति में पहुंचाया।

    ऋतुराज गायकवाड़ ने 51 गेंदों में 40 रन बनाए, लेकिन बड़ी पारी खेलने से चूक गए। वहीं कुमार कुशाग्र ने 36 रनों का योगदान दिया। मध्यक्रम में भले ही कुछ बल्लेबाज बड़े स्कोर नहीं कर सके, लेकिन रन गति लगातार तेज बनी रही।

    अंत के ओवरों में अनुकूल रॉय ने तेजी से रन जोड़ते हुए मात्र 15 गेंदों में 39 रनों की आतिशी पारी खेली। उनकी इस पारी में एक चौका और चार छक्के शामिल रहे, जिसने भारत ए को 370 के पार पहुंचा दिया। इसके अलावा यश ठाकुर नाबाद 2 रन पर रहे।

    श्रीलंका ए की ओर से गेंदबाजी में कुगाथास मथुलन, वानूजा साहन और रविंदु फर्नांडो ने दो-दो विकेट हासिल किए, लेकिन वे भारतीय बल्लेबाजों की आक्रामकता को रोक नहीं सके।

    कुल मिलाकर यह पारी भारत ए की बल्लेबाजी गहराई और युवा प्रतिभा का शानदार उदाहरण रही। खासकर वैभव सूर्यवंशी की विस्फोटक शुरुआत ने इस मुकाबले को एकतरफा मोड़ दे दिया।

  • भारत की स्क्वॉड घोषित, बुमराह की वापसी से तेज गेंदबाजी मजबूत, अय्यर बने उपकप्तान

    भारत की स्क्वॉड घोषित, बुमराह की वापसी से तेज गेंदबाजी मजबूत, अय्यर बने उपकप्तान


    नई दिल्ली । भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) ने इंग्लैंड के खिलाफ होने वाली तीन मैचों की बहुप्रतीक्षित वनडे सीरीज के लिए भारतीय टीम का ऐलान कर दिया है। इस चयन ने कई बड़े बदलाव और नई रणनीति की ओर संकेत दिया है। टीम की कमान युवा कप्तान शुभमन गिल को सौंपी गई है, जबकि श्रेयस अय्यर को उपकप्तान बनाया गया है।

    टीम चयन में सबसे बड़ी खबर जसप्रीत बुमराह की वापसी रही, जो लंबे समय बाद वनडे टीम में लौटे हैं। उनकी मौजूदगी से भारतीय तेज गेंदबाजी आक्रमण को मजबूती मिलेगी। वहीं अनुभवी बल्लेबाज विराट कोहली को टीम में शामिल किया गया है, लेकिन उनकी उपलब्धता फिटनेस टेस्ट पर निर्भर करेगी, जिससे टीम प्रबंधन उनकी स्थिति पर नजर बनाए हुए है।

    ओपनिंग जोड़ी के रूप में रोहित शर्मा और शुभमन गिल को बरकरार रखा गया है, जो भारतीय बल्लेबाजी क्रम की रीढ़ मानी जा रही है। मध्यक्रम में श्रेयस अय्यर, केएल राहुल और ईशान किशन को शामिल किया गया है। राहुल और किशन को विकेटकीपर की जिम्मेदारी भी दी गई है, जबकि ऋषभ पंत को इस बार टीम से बाहर रखा गया है।

    ऑलराउंडर विभाग में वॉशिंगटन सुंदर, अक्षर पटेल और नीतीश कुमार रेड्डी को टीम में जगह मिली है। इन खिलाड़ियों से टीम को बल्लेबाजी और गेंदबाजी दोनों में संतुलन मिलने की उम्मीद है।

    तेज गेंदबाजी आक्रमण की कमान जसप्रीत बुमराह के हाथों में होगी। उनके साथ प्रसिद्ध कृष्णा, अर्शदीप सिंह, हर्षित राणा और गुरनूर बरार जैसे युवा गेंदबाजों को भी मौका दिया गया है। स्पिन विभाग में कुलदीप यादव को प्रमुख भूमिका दी गई है।

    टीम चयन में कुछ बड़े फैसले भी देखने को मिले हैं। अफगानिस्तान के खिलाफ हालिया सीरीज में शतक लगाने वाले यशस्वी जायसवाल को टीम से बाहर कर दिया गया है, जो कई फैंस के लिए चौंकाने वाला फैसला माना जा रहा है। वहीं तेज गेंदबाज वरुण चक्रवर्ती चोट के कारण टी20 सीरीज से बाहर हैं, लेकिन इंग्लैंड के खिलाफ टी20 सीरीज में उनकी वापसी की उम्मीद जताई जा रही है।

    सीरीज का पहला वनडे 14 जुलाई को एजबेस्टन में खेला जाएगा। दूसरा मुकाबला 16 जुलाई को होगा, जबकि तीसरा और अंतिम वनडे 19 जुलाई को ऐतिहासिक लॉर्ड्स मैदान पर खेला जाएगा। यह सीरीज दोनों टीमों के लिए आगामी बड़े टूर्नामेंटों की तैयारी के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण मानी जा रही है।

    नई कप्तानी, अनुभवी खिलाड़ियों की वापसी और युवा खिलाड़ियों के मिश्रण के साथ यह टीम काफी संतुलित नजर आ रही है। चयनकर्ताओं का यह फैसला स्पष्ट करता है कि टीम इंडिया अब भविष्य और अनुभव दोनों को साथ लेकर आगे बढ़ने की रणनीति पर काम कर रही है।

  • जापान का दमदार प्रदर्शन, ट्यूनीशिया को हराकर नॉकआउट की ओर मजबूत कदम

    जापान का दमदार प्रदर्शन, ट्यूनीशिया को हराकर नॉकआउट की ओर मजबूत कदम


    नई दिल्ली । फीफा वर्ल्ड कप 2026 के ग्रुप-एफ मुकाबले में जापान ने ऐसा प्रदर्शन किया जिसने पूरे फुटबॉल जगत को चौंका दिया। मॉन्टेरी में खेले गए इस एकतरफा मुकाबले में जापानी टीम ने ट्यूनीशिया को 4-0 से हराकर न सिर्फ बड़ी जीत दर्ज की, बल्कि कई ऐतिहासिक रिकॉर्ड भी अपने नाम किए।

    मैच की शुरुआत से ही जापान ने आक्रामक रुख अपनाया और विपक्षी टीम पर दबाव बनाना शुरू कर दिया। इसका नतीजा जल्द ही देखने को मिला, जब अयासे उएदा ने शानदार हेडर लगाकर टीम को 1-0 की बढ़त दिलाई। उनकी यह छलांग और सटीक फिनिशिंग ट्यूनीशिया के डिफेंडरों के लिए पूरी तरह अप्रत्याशित थी।

    इसके बाद जापान ने अपनी पकड़ और मजबूत कर ली। चौथे मिनट में कीटो नाकामुरा ने पेनल्टी बॉक्स में तेजी दिखाते हुए गेंद को दाइची कामदा तक पहुंचाया, जिन्होंने बिना देर किए उसे गोल में बदल दिया। यह गोल फीफा वर्ल्ड कप इतिहास में किसी जापानी खिलाड़ी द्वारा किया गया सबसे तेज गोल बन गया।

    पहले हाफ में जापान का दबदबा पूरी तरह से कायम रहा। 31वें मिनट में एक बार फिर अयासे उएदा ने शानदार मूव बनाते हुए अपना दूसरा गोल दागा और टीम को 2-0 से मजबूत स्थिति में पहुंचा दिया। ट्यूनीशिया की टीम इस दबाव से उबर ही नहीं सकी और लगातार डिफेंस में उलझी रही।

    दूसरे हाफ में भी जापान ने अपने खेल की गति कम नहीं की। 69वें मिनट में जुन्या इतो ने बेहतरीन स्लाइडिंग फिनिश के जरिए तीसरा गोल दागा, जिससे ट्यूनीशिया की वापसी की उम्मीदें पूरी तरह खत्म हो गईं। इसके बाद 83वें मिनट में अयासे उएदा ने अपना दूसरा और मैच का चौथा गोल कर जापान की जीत पर मुहर लगा दी।

    इस मैच में उएदा का प्रदर्शन सबसे ज्यादा प्रभावशाली रहा। उन्होंने दो गोल दागकर इतिहास रच दिया और फीफा वर्ल्ड कप के एक ही मैच में दो गोल करने वाले पहले जापानी खिलाड़ी बन गए। उनकी आक्रामकता और सटीक फिनिशिंग ने जापान की जीत को आसान बना दिया।

    इस जीत के साथ Japan ने न केवल नॉकआउट स्टेज में अपनी जगह लगभग पक्की कर ली है, बल्कि यह भी साबित कर दिया है कि एशियाई टीमें अब विश्व फुटबॉल में किसी से कम नहीं हैं। खास बात यह रही कि जापान ने एएफसी इतिहास का एक नया रिकॉर्ड भी बना दिया, क्योंकि किसी भी एशियाई टीम ने वर्ल्ड कप में एक मैच में चार गोल पहले कभी नहीं किए थे।

    दूसरी ओर, इस हार के साथ Tunisia का टूर्नामेंट सफर समाप्त हो गया है। टीम पूरे मैच में संघर्ष करती नजर आई, लेकिन जापान की गति और रणनीति के सामने वह पूरी तरह बेबस दिखी। यह मुकाबला वर्ल्ड कप इतिहास में जापान की सबसे बड़ी जीतों में से एक बन गया है और आने वाले मैचों के लिए टीम के आत्मविश्वास को और मजबूत कर गया है।

  • तबाही का दूसरा नाम वैभव सूर्यवंशी, 15 साल की उम्र में ही तोड़े कई बड़े रिकॉर्ड्स

    तबाही का दूसरा नाम वैभव सूर्यवंशी, 15 साल की उम्र में ही तोड़े कई बड़े रिकॉर्ड्स


    नई दिल्ली । भारतीय क्रिकेट में एक नया नाम तेजी से सुर्खियों में है—वैभव सूर्यवंशी। महज 15 साल की उम्र में इस युवा बल्लेबाज ने अपनी विस्फोटक बल्लेबाजी से पूरी दुनिया को चौंका दिया है। उनकी बल्लेबाजी शैली इतनी आक्रामक और प्रभावशाली है कि उन्हें “तबाही का दूसरा नाम” कहा जाने लगा है।

    हाल ही में श्रीलंका ए के खिलाफ ट्राई सीरीज फाइनल में वैभव ने सिर्फ 11 गेंदों में अर्धशतक लगाकर लिस्ट ए क्रिकेट का सबसे बड़ा रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया। इससे पहले यह रिकॉर्ड 12 गेंदों में था, जिसे उन्होंने आसानी से पीछे छोड़ दिया। इस पारी ने एक बार फिर साबित कर दिया कि वैभव भविष्य के नहीं, बल्कि वर्तमान के भी स्टार हैं।

    वैभव का सबसे बड़ा कारनामा केवल यही नहीं है। उन्होंने बेहद कम उम्र में लिस्ट ए क्रिकेट में शतक लगाने का भी रिकॉर्ड बनाया है। मात्र 14 साल 272 दिन की उम्र में शतक जड़कर उन्होंने यह उपलब्धि हासिल की थी। उस मैच में उन्होंने 190 रनों की विशाल पारी खेलकर विपक्षी टीम को पूरी तरह ध्वस्त कर दिया था।

    इसके अलावा, वैभव सूर्यवंशी विश्व क्रिकेट में सबसे तेज 150 रन बनाने वाले बल्लेबाज भी हैं। उन्होंने विजय हजारे ट्रॉफी में सिर्फ 59 गेंदों में यह उपलब्धि हासिल की थी, जिसने एबी डिविलियर्स जैसे दिग्गज का रिकॉर्ड तोड़ दिया था।

    लिस्ट ए क्रिकेट में भारत की ओर से तीसरा सबसे तेज शतक लगाने का रिकॉर्ड भी उनके नाम है। उन्होंने मात्र 36 गेंदों में शतक पूरा कर यह कारनामा किया था। हालांकि भारत में उनसे तेज शतक ईशान किशन और अनमोलप्रीत ने लगाए हैं, लेकिन वैभव की उम्र को देखते हुए यह उपलब्धि बेहद खास मानी जाती है।

    यूथ क्रिकेट में भी वैभव का प्रदर्शन असाधारण रहा है। अंडर-19 टेस्ट में उन्होंने सिर्फ 58 गेंदों में शतक लगाकर इतिहास रचा था। यह अंडर-19 क्रिकेट इतिहास का दूसरा सबसे तेज शतक है और भारत की ओर से सबसे तेज भी माना जाता है।

    उनका करियर सिर्फ बल्लेबाजी तक सीमित नहीं है, बल्कि उन्होंने बेहद कम उम्र में रणजी ट्रॉफी में डेब्यू भी किया है। मात्र 12 साल 284 दिन की उम्र में उन्होंने प्रथम श्रेणी क्रिकेट में कदम रखकर खुद को भविष्य का सुपरस्टार साबित किया।

    आईपीएल में भी वैभव ने अपनी छाप छोड़ी है। उन्होंने राजस्थान रॉयल्स की ओर से खेलते हुए गुजरात टाइटंस के खिलाफ शानदार शतक लगाया था और मात्र 38 गेंदों में 101 रन बनाकर इतिहास रच दिया था। इसी सीजन में उन्होंने 72 छक्के लगाकर क्रिस गेल का रिकॉर्ड भी तोड़ दिया।

    इन सभी रिकॉर्ड्स को देखकर यह साफ है कि वैभव सूर्यवंशी भारतीय क्रिकेट के भविष्य नहीं, बल्कि वर्तमान की भी सबसे बड़ी खोज बन चुके हैं। उनकी आक्रामक बल्लेबाजी और रिकॉर्ड तोड़ने की क्षमता उन्हें एक अलग ही श्रेणी में खड़ा करती है।

  • सूर्यवंशी का ‘वैभव’ चमका, 11 गेंदों में अर्धशतक ठोककर 20 साल पुराना रिकॉर्ड ध्वस्त

    सूर्यवंशी का ‘वैभव’ चमका, 11 गेंदों में अर्धशतक ठोककर 20 साल पुराना रिकॉर्ड ध्वस्त


    नई दिल्ली । दांबुला के रंगिरी अंतरराष्ट्रीय स्टेडियम में खेले जा रहे ट्राई सीरीज फाइनल में भारतीय युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी ने ऐसी विस्फोटक पारी खेली जिसने क्रिकेट जगत को हैरान कर दिया। भारत ए और श्रीलंका ए के बीच खेले गए इस मुकाबले में वैभव ने सिर्फ 29 गेंदों पर 94 रनों की तूफानी पारी खेलते हुए कई बड़े रिकॉर्ड अपने नाम कर लिए।

    मैच की शुरुआत से ही वैभव का आक्रामक अंदाज देखने को मिला। उन्होंने क्रीज पर आते ही गेंदबाजों पर दबाव बना दिया और शुरुआत से ही बड़े शॉट लगाने शुरू कर दिए। उनकी बल्लेबाजी इतनी तेज थी कि श्रीलंका ए के गेंदबाजों के पास कोई जवाब नहीं बचा।

    सबसे खास बात यह रही कि वैभव सूर्यवंशी ने अपना अर्धशतक सिर्फ 11 गेंदों में पूरा कर दिया, जो लिस्ट ए क्रिकेट इतिहास में अब तक का सबसे तेज अर्धशतक है। इससे पहले यह रिकॉर्ड 2005-06 में कौशल्या वीररत्ने के नाम था, जिन्होंने 12 गेंदों में अर्धशतक बनाया था। वहीं भारत के लिए यह रिकॉर्ड पहले सरफराज खान के नाम था, जिन्होंने 15 गेंदों में फिफ्टी लगाई थी, लेकिन वैभव ने दोनों रिकॉर्ड्स को पीछे छोड़ दिया।

    अपनी 29 गेंदों की पारी में वैभव ने 10 चौके और 8 छक्के लगाए और उनका स्ट्राइक रेट 324 का रहा, जो उनकी विस्फोटक क्षमता को दर्शाता है। हालांकि वह शतक से चूक गए, लेकिन उनकी पारी ने मैच का पूरा रुख भारत ए की ओर मोड़ दिया।

    वैभव ने प्रियांश आर्य के साथ मिलकर पहले विकेट के लिए सिर्फ 8.5 ओवर में 132 रनों की साझेदारी की, जिसने टीम को मजबूत स्थिति में पहुंचा दिया। भारत ए ने सिर्फ 6.3 ओवर में ही 100 रन का आंकड़ा पार कर लिया था, जो उनकी आक्रामक बल्लेबाजी का प्रमाण है।

    पारी के दूसरे ही ओवर में वैभव ने श्रीलंकाई गेंदबाज शिराज को निशाना बनाते हुए तीन छक्के और दो चौके जड़कर 26 रन बटोरे। इस ओवर ने मैच का पूरा माहौल बदल दिया और विपक्षी टीम दबाव में आ गई।

    महज 15 साल की उम्र में इस तरह का प्रदर्शन करना वैभव सूर्यवंशी की प्रतिभा और आत्मविश्वास को दर्शाता है। उन्होंने लिस्ट ए क्रिकेट में अपना डेब्यू 2024 में किया था और तब से लगातार अपने प्रदर्शन से प्रभावित कर रहे हैं। बिहार के लिए खेलते हुए भी उन्होंने 190 रनों की बड़ी पारी खेली थी, जो उनकी क्षमता को साबित करती है।

    फाइनल मुकाबले में उनकी यह पारी भारतीय क्रिकेट के भविष्य के लिए एक मजबूत संकेत है कि आने वाले समय में वह बड़े मंच पर भी अपनी छाप छोड़ सकते हैं।