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  • बाबर आजम ने लगाई 5 पायदान की छलांग, ICC टेस्ट रैंकिंग में टॉप-10 में एंट्री; भारत के 2 बल्लेबाज भी टॉप-10 में

    बाबर आजम ने लगाई 5 पायदान की छलांग, ICC टेस्ट रैंकिंग में टॉप-10 में एंट्री; भारत के 2 बल्लेबाज भी टॉप-10 में


    नई दिल्ली। आईसीसी की ओर से बुधवार को जारी ताजा टेस्ट रैंकिंग में पाकिस्तान के स्टार बल्लेबाज और कप्तान बाबर आजम ने शानदार वापसी करते हुए टॉप-10 में जगह बना ली है। वेस्टइंडीज दौरे पर बल्ले से किए गए प्रभावशाली प्रदर्शन का बाबर को सीधा फायदा मिला है। उन्होंने पांच पायदान की छलांग लगाते हुए टेस्ट बल्लेबाजों की रैंकिंग में 10वां स्थान हासिल कर लिया है। खास बात यह है कि टॉप-10 में शामिल होने वाले वह पाकिस्तान के इकलौते बल्लेबाज हैं।

    वेस्टइंडीज के खिलाफ दो टेस्ट मैचों की सीरीज में बाबर आजम ने चार पारियों में 193 रन बनाए थे। इस दौरान उनके बल्ले से दो अर्धशतक निकले। लगातार अच्छी बल्लेबाजी के बाद उनकी रैंकिंग में सुधार हुआ और वह पांच स्थान ऊपर पहुंच गए। बाबर की टॉप-10 में वापसी को पाकिस्तान क्रिकेट के लिए भी अहम माना जा रहा है, क्योंकि लंबे समय से उनके प्रदर्शन और रैंकिंग को लेकर चर्चा होती रही है।

    टेस्ट बल्लेबाजों की रैंकिंग में ऑस्ट्रेलिया के ट्रेविस हेड पहले स्थान पर बने हुए हैं। इंग्लैंड के हैरी ब्रूक दूसरे और अनुभवी जो रूट तीसरे नंबर पर हैं। ऑस्ट्रेलिया के स्टीव स्मिथ चौथे स्थान पर हैं, जबकि दक्षिण अफ्रीका के टेंबा बावुमा पांचवें पायदान पर हैं। श्रीलंका के कामिंडु मेंडिस छठे और भारत के शुभमन गिल सातवें स्थान पर हैं। न्यूजीलैंड के रचिन रवींद्र आठवें और भारत के यशस्वी जायसवाल नौवें नंबर पर हैं। बाबर आजम 10वें स्थान पर पहुंच गए हैं। वहीं श्रीलंका के दिनेश चांदीमल एक स्थान फिसलकर 11वें नंबर पर पहुंच गए और टॉप-10 से बाहर हो गए।

    गेंदबाजों की रैंकिंग में भारतीय तेज गेंदबाज जसप्रीत बुमराह का दबदबा कायम है। बुमराह टेस्ट गेंदबाजों की रैंकिंग में नंबर-1 पर बने हुए हैं। न्यूजीलैंड के मैट हेनरी दूसरे और ऑस्ट्रेलिया के मिचेल स्टार्क तीसरे स्थान पर हैं। ऑस्ट्रेलिया के पैट कमिंस चौथे और दक्षिण अफ्रीका के मार्को जानसेन पांचवें पायदान पर हैं। ऑस्ट्रेलिया के स्कॉट बोलैंड छठे स्थान पर हैं, जबकि दक्षिण अफ्रीका के कगिसो रबाडा को एक स्थान का फायदा हुआ है और वह सातवें नंबर पर पहुंच गए हैं। पाकिस्तान के नोमान अली एक स्थान नीचे खिसके हैं। ऑस्ट्रेलिया के जोश हेजलवुड नौवें और नाथन लियोन 10वें स्थान पर हैं। टॉप-10 में ऑस्ट्रेलिया के पांच गेंदबाज शामिल हैं।

    ऑलराउंडरों की रैंकिंग में भारत के रवींद्र जडेजा का दबदबा बरकरार है। वह नंबर-1 टेस्ट ऑलराउंडर हैं। दक्षिण अफ्रीका के मार्को जानसेन दूसरे और ऑस्ट्रेलिया के मिचेल स्टार्क तीसरे नंबर पर हैं। बांग्लादेश के मेहदी हसन मिराज चौथे और ऑस्ट्रेलिया के पैट कमिंस पांचवें स्थान पर हैं। दक्षिण अफ्रीका के वियान मुल्डर छठे और भारत के वाशिंगटन सुंदर सातवें पायदान पर हैं। इंग्लैंड के गस एटकिंसन आठवें, वेस्टइंडीज के जस्टिन ग्रिव्स नौवें और इंग्लैंड के जो रूट 10वें नंबर पर हैं।

    भारतीय खिलाड़ियों की बात करें तो बल्लेबाजी में शुभमन गिल और यशस्वी जायसवाल टॉप-10 में मौजूद हैं, जबकि गेंदबाजी में जसप्रीत बुमराह का शीर्ष स्थान कायम है। ऑलराउंडरों की सूची में रवींद्र जडेजा के अलावा वाशिंगटन सुंदर भी शीर्ष 10 में शामिल हैं। ऐसे में ताजा रैंकिंग में भारत, पाकिस्तान और अन्य टेस्ट खेलने वाले देशों के खिलाड़ियों के बीच मुकाबला लगातार दिलचस्प बना हुआ है।

  • टीम इंडिया के खिलाफ श्रीलंका का बड़ा ऐलान, धनंजय डी सिल्वा संभालेंगे कमान; डिकवेला की हुई वापसी

    टीम इंडिया के खिलाफ श्रीलंका का बड़ा ऐलान, धनंजय डी सिल्वा संभालेंगे कमान; डिकवेला की हुई वापसी


    नई दिल्ली। भारत के खिलाफ होने वाली दो मैचों की टेस्ट सीरीज के लिए श्रीलंका ने अपनी 16 सदस्यीय टीम का ऐलान कर दिया है। दोनों देशों के बीच पहला टेस्ट 15 अगस्त से गॉल इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम में खेला जाएगा। श्रीलंकाई टीम की कमान ऑलराउंडर धनंजय डी सिल्वा को सौंपी गई है, जबकि कामिंदु मेंडिस उपकप्तान की भूमिका निभाएंगे। हालांकि सीरीज शुरू होने से पहले मेजबान टीम को बड़ा झटका लगा है। चोट के कारण कुशल मेंडिस और पाथुम निसांका पहले टेस्ट के लिए उपलब्ध नहीं होंगे।

    कुशल मेंडिस को 19 जुलाई को लंका प्रीमियर लीग के दौरान दाहिने हैमस्ट्रिंग में चोट लगी थी। वह फिलहाल नेशनल हाई परफॉर्मेंस सेंटर में रिहैबिलिटेशन से गुजर रहे हैं। दूसरी ओर पाथुम निसांका पिछले महीने लंदन में हुई कलाई की सर्जरी से उबर रहे हैं। दोनों बल्लेबाजों की गैरमौजूदगी श्रीलंका के लिए बड़ी चुनौती मानी जा रही है, क्योंकि भारत जैसी मजबूत टीम के खिलाफ शीर्ष क्रम पर काफी दबाव रहेगा।

    इन दोनों खिलाड़ियों के बाहर होने के बाद श्रीलंका ने अनुभवी विकेटकीपर-बल्लेबाज निरोशन डिकवेला को टीम में वापस बुलाया है। डिकवेला ने आखिरी बार 2023 में टेस्ट मैच खेला था और उनके नाम 54 टेस्ट मैचों का अनुभव है। चयनकर्ताओं ने इसी अनुभव को देखते हुए उन्हें अंजला बंदारा पर प्राथमिकता दी। बंदारा ने भारत के खिलाफ खेले गए अभ्यास मैच में हिस्सा लिया था।

    श्रीलंकाई टीम में एक नए चेहरे को भी मौका मिला है। भारत के खिलाफ अभ्यास मैच में तीन विकेट लेने वाले ऑफ स्पिन गेंदबाजी ऑलराउंडर केशरा नुवांथा को पहली बार टेस्ट टीम में शामिल किया गया है। वहीं कासुन रजिता और इसिथा विजेसुंदरा को टीम में जगह नहीं मिली है।

    निशान मदुश्का ने अभ्यास मैच में शानदार प्रदर्शन करके अपनी जगह मजबूत की है। उन्होंने भारत के खिलाफ तीन दिवसीय अभ्यास मुकाबले में 66 और नाबाद 63 रन की पारियां खेलीं। ऐसे में उनसे टेस्ट सीरीज में भी श्रीलंका को अच्छी शुरुआत दिलाने की उम्मीद होगी। मुख्य बल्लेबाजी क्रम में कप्तान धनंजय डी सिल्वा, उपकप्तान कामिंदु मेंडिस, दिनेश चंडीमल, लाहिरू उदारा, पासिंदु सोरियाबंदारा और सोनल दिनुशा शामिल हैं।

    गेंदबाजी में श्रीलंका की नजर स्पिन पर भी रहेगी। प्रभात जयसूर्या स्पिन विभाग की अगुवाई करेंगे और उनके साथ रमेश मेंडिस तथा केशरा नुवांथा मौजूद रहेंगे। धनंजय डी सिल्वा और कामिंदु मेंडिस भी जरूरत पड़ने पर पार्ट टाइम गेंदबाजी का विकल्प देंगे। तेज गेंदबाजी आक्रमण की जिम्मेदारी असिथा फर्नांडो के कंधों पर होगी। उनका साथ लाहिरू कुमारा, विश्वा फर्नांडो, मिलन रत्नायके और दिलशान मदुशंका देंगे।

    भारत और श्रीलंका के बीच टेस्ट सीरीज का पहला मुकाबला 15 अगस्त से गॉल में खेला जाएगा। इसके बाद दूसरा टेस्ट 23 से 27 अगस्त तक कोलंबो के एसएससी ग्राउंड पर होगा। ऐसे में श्रीलंका अपने घरेलू मैदान का फायदा उठाकर भारतीय टीम को कड़ी चुनौती देने की कोशिश करेगा, जबकि टीम इंडिया सीरीज में मजबूत शुरुआत के इरादे से मैदान पर उतरेगी।

    श्रीलंका की 16 सदस्यीय टीम

    धनंजय डी सिल्वा (कप्तान), कामिंदु मेंडिस (उपकप्तान), लाहिरू उदारा, निशान मदुश्का, दिनेश चंडीमल, पासिंदु सोरियाबंदारा, सोनल दिनुशा, निरोशन डिकवेला (विकेटकीपर), रमेश मेंडिस, प्रभात जयसूर्या, केशरा नुवांथा, मिलन रथनायके, असिथा फर्नांडो, लाहिरू कुमारा, विश्वा फर्नांडो और दिलशान मदुशंका।

  • सात्विक-चिराग की जोड़ी ने दुनिया में बजाया भारत का डंका, कॉमनवेल्थ से एशियन गेम्स तक जीते बड़े खिताब

    सात्विक-चिराग की जोड़ी ने दुनिया में बजाया भारत का डंका, कॉमनवेल्थ से एशियन गेम्स तक जीते बड़े खिताब


    नई दिल्ली। भारतीय बैडमिंटन को वैश्विक मंच पर नई पहचान दिलाने वाली जोड़ियों में सात्विकसाईंराज रंकीरेड्डी और चिराग शेट्टी का नाम सबसे आगे लिया जाता है। अपनी आक्रामक शैली और शानदार तालमेल के दम पर इस जोड़ी ने पुरुष डबल्स में भारत का दबदबा कायम किया है। सात्विकसाईंराज रंकीरेड्डी 13 अगस्त को 26 साल के होने जा रहे हैं और उनके जन्मदिन से पहले उनके शानदार करियर पर एक नजर डालें तो यह सफर संघर्ष, मेहनत और बड़ी उपलब्धियों से भरा नजर आता है।

    सात्विकसाईंराज रंकीरेड्डी का जन्म 13 अगस्त 2000 को आंध्र प्रदेश के अमलापुरम में हुआ था। उन्हें बैडमिंटन का जुनून परिवार से मिला। उनके पिता राज्य स्तर के बैडमिंटन खिलाड़ी रहे हैं और सात्विक ने उन्हें तथा अपने बड़े भाई को खेलते देखकर इस खेल की ओर कदम बढ़ाया। कम उम्र में ही उन्होंने बैडमिंटन को गंभीरता से अपनाया और वर्ष 2014 में हैदराबाद की गोपीचंद बैडमिंटन अकादमी से जुड़ गए। यहीं से उनके पेशेवर सफर को नई दिशा मिली।

    सात्विक ने डबल्स में करियर बनाने का फैसला किया और आगे चलकर उनकी जोड़ी चिराग शेट्टी के साथ बनी। दोनों ने वर्ष 2015 में साथ खेलना शुरू किया। शुरुआती दौर में ही दोनों के बीच तालमेल नजर आने लगा था। लगातार मेहनत और अंतरराष्ट्रीय अनुभव के साथ यह जोड़ी भारतीय बैडमिंटन की सबसे मजबूत जोड़ियों में शामिल होती चली गई।

    इस जोड़ी की बड़ी उपलब्धियों का सिलसिला 2018 कॉमनवेल्थ गेम्स से तेज हुआ। गोल्ड कोस्ट में आयोजित प्रतियोगिता में सात्विक और चिराग ने मिश्रित टीम इवेंट में भारत को स्वर्ण पदक दिलाने में अहम भूमिका निभाई। इसके बाद दोनों ने पुरुष डबल्स में भी लगातार शानदार प्रदर्शन किया और दुनिया की शीर्ष जोड़ियों को कड़ी चुनौती दी।

    2022 में बर्मिंघम कॉमनवेल्थ गेम्स सात्विक और चिराग के करियर का बेहद खास पड़ाव साबित हुआ। दोनों ने पुरुष डबल्स में स्वर्ण पदक जीता। कॉमनवेल्थ गेम्स के बैडमिंटन इतिहास में पुरुष डबल्स में यह भारत का पहला स्वर्ण पदक था। इस उपलब्धि ने दोनों को भारतीय खेल जगत में नई ऊंचाई पर पहुंचा दिया।

    एशियन गेम्स में भी सात्विक और चिराग की जोड़ी ने भारत का गौरव बढ़ाया। 2022 एशियन गेम्स में दोनों ने पुरुष डबल्स का स्वर्ण पदक जीता। इसके अलावा भारतीय पुरुष टीम के साथ रजत पदक भी उनके खाते में आया। 2023 एशियन चैंपियनशिप में भी दोनों ने पुरुष डबल्स में स्वर्ण पदक अपने नाम किया।

    विश्व चैंपियनशिप में सात्विक और चिराग ने 2022 और 2025 में पुरुष डबल्स में कांस्य पदक जीते। थॉमस कप में भी सात्विक भारतीय टीम का हिस्सा रहे। 2022 में पुरुष टीम ने स्वर्ण पदक जीता, जबकि 2026 थॉमस कप में टीम ने कांस्य पदक हासिल किया।

    सात्विकसाईंराज रंकीरेड्डी की उपलब्धियों को भारत सरकार ने भी सम्मान दिया है। उन्हें 2020 में अर्जुन पुरस्कार और 2023 में देश के सर्वोच्च खेल सम्मानों में शामिल खेल रत्न से सम्मानित किया गया। उनकी कहानी बताती है कि सही मार्गदर्शन, निरंतर मेहनत और मजबूत साझेदारी किस तरह किसी खिलाड़ी को विश्व स्तर तक पहुंचा सकती है। अब सात्विक और चिराग से भारतीय खेल प्रेमियों को आने वाले वर्षों में और भी बड़ी अंतरराष्ट्रीय सफलताओं की उम्मीद है।

  • भारतीय क्रिकेटर रोहित शर्मा के भविष्य पर संशय एंटरटेनमेंट डेब्यू की चर्चाओं के बीच संन्यास की खबरें तेज

    भारतीय क्रिकेटर रोहित शर्मा के भविष्य पर संशय एंटरटेनमेंट डेब्यू की चर्चाओं के बीच संन्यास की खबरें तेज


    नई दिल्ली ।
    भारतीय क्रिकेट टीम के अनुभवी बल्लेबाज और पूर्व कप्तान रोहित शर्मा के अंतरराष्ट्रीय करियर को लेकर खेल जगत में एक बार फिर अटकलों का दौर शुरू हो गया है। आगामी एकदिवसीय विश्व कप से पूर्व उनके भविष्य को लेकर तरह-तरह की चर्चाएं सामने आ रही हैं।

    हालिया रिपोर्टों के अनुसार रोहित शर्मा के एक मनोरंजन कार्यक्रम से जुड़ने की खबरों के बाद उनके खेल करियर को लेकर संशय गहरा गया है। मीडिया में यह दावा किया जा रहा है कि गैर-क्रिकेट गतिविधियों में व्यस्तता के कारण वे आगामी दौरों से दूरी बना सकते हैं।

    हालांकि इस प्रकार की अटकलें पहले भी सामने आ चुकी हैं जिन्हें भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड के अधिकारियों द्वारा खारिज किया जा चुका है। इंग्लैंड के खिलाफ हालिया श्रृंखला में शानदार प्रदर्शन कर उन्होंने अपने फॉर्म और प्रतिबद्धता का प्रमाण भी प्रस्तुत किया था।

    विश्व कप 2027 में खेलने की इच्छा जता चुके रोहित शर्मा को लेकर क्रिकेट विशेषज्ञों की अलग-अलग राय है। मध्य प्रदेश सहित देश भर के क्रिकेट प्रशंसकों के बीच उनके इस संभावित कदम को लेकर उत्सुकता और चिंता दोनों देखी जा रही है।

    आगामी घरेलू एकदिवसीय श्रृंखलाओं को देखते हुए उनके चयन और भविष्य की योजनाओं पर चयनकर्ताओं की नजरें टिकी हुई हैं। आधिकारिक तौर पर अभी तक न तो बोर्ड और न ही खिलाड़ी की ओर से किसी प्रकार के संन्यास की घोषणा की गई है।

    खेल विश्लेषकों का मानना है कि व्यस्त कार्यक्रम और एक ही प्रारूप में खेलने की चुनौतियों के बावजूद रोहित शर्मा के अनुभव की टीम को आवश्यकता बनी हुई है। आने वाले दिनों में ही स्थिति पूरी तरह से स्पष्ट होने की उम्मीद है।

  • दस साल के लंबे इंतजार के बाद शादी के बंधन में बंधे दिग्गज फुटबॉलर क्रिस्टियानो रोनाल्डो

    दस साल के लंबे इंतजार के बाद शादी के बंधन में बंधे दिग्गज फुटबॉलर क्रिस्टियानो रोनाल्डो

    नई दिल्ली ।अंतरराष्ट्रीय फुटबॉल के दिग्गज खिलाड़ी क्रिस्टियानो रोनाल्डो ने अपनी लंबे समय से साथी रही जॉर्जिना रोड्रिगेज के साथ विवाह कर लिया है। दोनों का विवाह समारोह पुर्तगाल के तटीय शहर कास्काइस में आयोजित किया गया। इस अत्यंत निजी सिविल सेरेमनी में परिवार के करीबी सदस्यों की मौजूदगी रही।

    प्राप्त जानकारी के अनुसार लगभग एक दशक लंबे रिश्ते के बाद दोनों ने एक-दूसरे को जीवनसाथी चुना है। इस खास अवसर पर कपल के पांचों बच्चे भी मौजूद रहे। रोनाल्डो ने सोशल मीडिया के माध्यम से विवाह की अंगूठियों की तस्वीर साझा कर इस घटनाक्रम की पुष्टि की है।

    दोनों की पहली मुलाकात वर्ष 2016 में मैड्रिड में हुई थी जिसके बाद से वे लगातार साथ हैं। खेल जगत में इस बहुप्रतीक्षित विवाह को लेकर लंबे समय से अटकलें लगाई जा रही थीं। अगस्त 2025 में सगाई की घोषणा के बाद से ही इस समारोह का इंतजार किया जा रहा था।

    मध्य प्रदेश सहित भारत भर में फुटबॉल फैंस के बीच रोनाल्डो की शादी की खबर काफी चर्चा में बनी हुई है। अंतरराष्ट्रीय मीडिया ने भी इस गोपनीय विवाह समारोह की पुष्टि की है। रोनाल्डो पूर्व में दिए साक्षात्कार में सादगीपूर्ण तरीके से विवाह करने की इच्छा जाहिर कर चुके थे।

    पारिवारिक सूत्रों के मुताबिक यह आयोजन किसी भव्य पार्टी या दिखावे से पूरी तरह दूर रखा गया। केवल अति निकटतम लोगों की उपस्थिति में विवाह की औपचारिकताएं पूरी की गईं। 41 वर्षीय रोनाल्डो और 32 वर्षीय जॉर्जिना अब आधिकारिक तौर पर दंपति बन चुके हैं।

  • जब बांग्लादेश ने ऑस्ट्रेलिया को चौंकाया था, शाकिब ने बल्ले से 89 रन और गेंद से झटके 10 विकेट

    जब बांग्लादेश ने ऑस्ट्रेलिया को चौंकाया था, शाकिब ने बल्ले से 89 रन और गेंद से झटके 10 विकेट


    नई दिल्ली। ऑस्ट्रेलिया और बांग्लादेश के बीच दो टेस्ट मैचों की सीरीज का पहला मुकाबला 13 अगस्त से शुरू होने जा रहा है। ऑस्ट्रेलिया की जमीन पर बांग्लादेश के लिए यह सीरीज बेहद चुनौतीपूर्ण मानी जा रही है। हाल ही में खेले गए वॉर्मअप मुकाबले में बांग्लादेश को क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया इलेवन के खिलाफ पारी से हार का सामना करना पड़ा था। इसके बावजूद बांग्लादेश के पास ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ टेस्ट क्रिकेट में एक ऐसी जीत है जिसे वह इस सीरीज से पहले जरूर याद करना चाहेगा। साल 2017 में बांग्लादेश ने घरेलू मैदान पर ऑस्ट्रेलिया को हराकर बड़ा उलटफेर किया था और इस ऐतिहासिक जीत के सबसे बड़े नायक शाकिब अल हसन रहे थे।

    दोनों टीमों के बीच 2017 में दो टेस्ट मैचों की सीरीज के लिए ऑस्ट्रेलिया बांग्लादेश के दौरे पर आया था। ढाका के शेरे बांग्ला नेशनल स्टेडियम में खेले गए पहले टेस्ट में बांग्लादेश ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 260 रन बनाए। तमीम इकबाल ने 71 रन की महत्वपूर्ण पारी खेली जबकि शाकिब अल हसन ने 84 रन बनाकर टीम को मजबूत स्कोर तक पहुंचाने में अहम योगदान दिया।

    इसके जवाब में बांग्लादेश के गेंदबाजों ने ऑस्ट्रेलियाई बल्लेबाजों को खुलकर खेलने का मौका नहीं दिया। पूरी ऑस्ट्रेलियाई टीम पहली पारी में 217 रन पर सिमट गई और बांग्लादेश को 43 रन की महत्वपूर्ण बढ़त हासिल हुई। ऑस्ट्रेलिया की ओर से रेनशॉ ने 45 और एस्टन एगर ने 41 रन बनाए। बांग्लादेश के लिए शाकिब अल हसन ने शानदार गेंदबाजी करते हुए पांच विकेट झटके जबकि मेहदी हसन ने तीन विकेट लेकर उनका अच्छा साथ दिया।

    दूसरी पारी में बांग्लादेश की टीम 221 रन पर ऑलआउट हो गई। तमीम इकबाल ने एक बार फिर बल्ले से योगदान दिया और 78 रन की पारी खेली। हालांकि ऑस्ट्रेलिया के नाथन लियोन ने शानदार गेंदबाजी करते हुए छह विकेट हासिल किए। बांग्लादेश की दूसरी पारी जल्दी सिमटने के बावजूद पहली पारी की बढ़त उसके लिए बेहद महत्वपूर्ण साबित हुई।

    बांग्लादेश ने ऑस्ट्रेलिया के सामने जीत के लिए 265 रन का लक्ष्य रखा। ऑस्ट्रेलियाई बल्लेबाजी क्रम में डेविड वॉर्नर ने शानदार शतक लगाते हुए 112 रन बनाए और ऐसा लगा कि मेहमान टीम मुकाबला अपने नाम कर लेगी। लेकिन बांग्लादेश के गेंदबाजों ने आखिरी समय में पूरा खेल पलट दिया। ऑस्ट्रेलियाई टीम 244 रन पर सिमट गई और बांग्लादेश ने यह मुकाबला 20 रन से अपने नाम कर लिया।

    इस ऐतिहासिक जीत में शाकिब अल हसन का योगदान सबसे खास रहा। उन्होंने पहली पारी में पांच विकेट लेने के बाद दूसरी पारी में भी पांच बल्लेबाजों को पवेलियन भेजा। इस तरह पूरे मुकाबले में उनके नाम 10 विकेट रहे। इसके अलावा उन्होंने बल्ले से भी 84 और पांच रन की पारियां खेलते हुए कुल 89 रन बनाए। उनके शानदार ऑलराउंड प्रदर्शन के लिए उन्हें प्लेयर ऑफ द मैच चुना गया।

    ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ बांग्लादेश की यह टेस्ट क्रिकेट में अब तक की एकमात्र जीत है। दोनों टीमों के बीच खेले गए छह टेस्ट मैचों में बांग्लादेश को पांच मुकाबलों में हार का सामना करना पड़ा है जबकि एक मैच में उसने ऐतिहासिक जीत हासिल की। अब जब दोनों टीमें फिर टेस्ट सीरीज में आमने सामने हैं तो बांग्लादेश इस पुराने प्रदर्शन से आत्मविश्वास हासिल करना चाहेगा।

    हालांकि इस बार परिस्थितियां अलग हैं और मुकाबला ऑस्ट्रेलिया की जमीन पर होना है। बांग्लादेश के सामने ऑस्ट्रेलिया के मजबूत बल्लेबाजी और गेंदबाजी आक्रमण की बड़ी चुनौती होगी। फिर भी 2017 की जीत उसे यह भरोसा जरूर देगी कि मजबूत ऑस्ट्रेलियाई टीम के खिलाफ भी टेस्ट क्रिकेट में बड़ा उलटफेर किया जा सकता है।

  • चोट से उबरे शान मसूद, नेट्स में लौटे; इंग्लैंड के खिलाफ पहले टेस्ट में खेलने की बढ़ी उम्मीद

    चोट से उबरे शान मसूद, नेट्स में लौटे; इंग्लैंड के खिलाफ पहले टेस्ट में खेलने की बढ़ी उम्मीद


    नई दिल्ली। इंग्लैंड के खिलाफ शुरू होने वाली तीन टेस्ट मैचों की सीरीज से पहले पाकिस्तान क्रिकेट टीम को बड़ी राहत मिली है। चोटिल बल्लेबाज शान मसूद ने ट्रेनिंग पर वापसी करते हुए बल्लेबाजी का अभ्यास शुरू कर दिया है। मेडिकल टीम की निगरानी में नेट्स पर अभ्यास करते नजर आए मसूद की वापसी से उनके पहले टेस्ट में खेलने की उम्मीद काफी बढ़ गई है। पाकिस्तान और इंग्लैंड के बीच पहला टेस्ट 19 अगस्त से शुरू होना है और मुकाबले में अभी करीब एक सप्ताह का समय बाकी है। ऐसे में टीम प्रबंधन को उम्मीद है कि मसूद समय रहते पूरी तरह फिट होकर मैदान पर उतर सकते हैं।

    पाकिस्तान टीम मैनेजमेंट की ओर से साझा की गई जानकारी के मुताबिक राष्ट्रीय टेस्ट टीम ने बेकेनहम स्थित केंट काउंटी क्रिकेट क्लब में अभ्यास सत्र में हिस्सा लिया। खिलाड़ियों ने बल्लेबाजी और गेंदबाजी नेट्स में जमकर पसीना बहाया। इस दौरान शान मसूद ने भी मेडिकल टीम की निगरानी में बल्लेबाजी की। चोट के बाद उनका नेट्स में लौटना पाकिस्तान के लिए इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि वह टीम के शीर्ष क्रम के अहम बल्लेबाज हैं और इंग्लैंड की परिस्थितियों में उनका अनुभव टीम के काम आ सकता है।

    मसूद को वेस्टइंडीज दौरे के पहले टेस्ट के दौरान उंगली में चोट लगी थी। उस मुकाबले में उन्होंने शतक भी लगाया था लेकिन दूसरी पारी में चोट के कारण वह अपने निर्धारित नंबर पर बल्लेबाजी करने नहीं उतर सके। बाद में बल्लेबाजी के दौरान भी उन्हें परेशानी महसूस हुई। चोट की गंभीरता को देखते हुए उन्हें दूसरे टेस्ट से बाहर रहना पड़ा था। अब इंग्लैंड सीरीज से पहले उनका फिट होकर अभ्यास शुरू करना पाकिस्तान के लिए राहत की खबर है।

    शान मसूद का अनुभव इंग्लैंड के खिलाफ पाकिस्तान के लिए काफी उपयोगी साबित हो सकता है। वह लंबे समय तक इंग्लैंड की काउंटी क्रिकेट में खेल चुके हैं और वहां की परिस्थितियों से अच्छी तरह परिचित हैं। इंग्लैंड में गेंद स्विंग होने और पिचों पर तेज गेंदबाजों को मदद मिलने की स्थिति में मसूद का अनुभव पाकिस्तान के बल्लेबाजी क्रम को मजबूती दे सकता है। वह शीर्ष क्रम में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं और उनके पास नई गेंद का सामना करने के साथ लंबी पारी खेलने का अनुभव भी है।

    पाकिस्तान की टीम इस समय विश्व टेस्ट चैंपियनशिप की तालिका में आठवें स्थान पर है। टीम के लिए इंग्लैंड के खिलाफ सीरीज इसलिए भी अहम है क्योंकि विश्व टेस्ट चैंपियनशिप में अपनी स्थिति सुधारने के लिए उसे लगातार अच्छे नतीजों की जरूरत होगी। वेस्टइंडीज के खिलाफ सीरीज के दूसरे टेस्ट में जीत हासिल करने के बाद पाकिस्तान का आत्मविश्वास बढ़ा है और अब टीम इंग्लैंड में भी उसी प्रदर्शन को दोहराने की कोशिश करेगी।

    पहले टेस्ट से पहले पाकिस्तान को बेकेनहम में तीन दिन का टूर मैच भी खेलना है। यह मुकाबला खिलाड़ियों को इंग्लैंड की परिस्थितियों में खुद को ढालने का मौका देगा। शान मसूद के लिए भी यह अभ्यास उनकी फिटनेस और बल्लेबाजी लय को परखने का अहम अवसर हो सकता है। अगर वह इस दौरान बिना किसी परेशानी के बल्लेबाजी करते हैं तो पहले टेस्ट में उनकी वापसी लगभग तय मानी जा सकती है।

    पाकिस्तान के बल्लेबाजी क्रम में बाबर आजम इमाम उल हक अब्दुल्ला शफीक सऊद शकील और मोहम्मद रिजवान जैसे खिलाड़ियों की मौजूदगी है। ऐसे में शान मसूद के फिट होने से टीम के पास अनुभव और विकल्प दोनों बढ़ेंगे। इंग्लैंड जैसी चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में पाकिस्तान को मजबूत शुरुआत की जरूरत होगी और मसूद का अनुभव इसमें अहम भूमिका निभा सकता है। अब सबकी नजर उनकी फिटनेस और अगले कुछ अभ्यास सत्रों पर रहेगी।

  • क्रिकेट जगत में मचा हड़कंप, अभिषेक पोरेल रेप के आरोप में गिरफ्तार; शादी का झांसा देने का है मामला

    क्रिकेट जगत में मचा हड़कंप, अभिषेक पोरेल रेप के आरोप में गिरफ्तार; शादी का झांसा देने का है मामला


    नई दिल्ली। आईपीएल में दिल्ली कैपिटल्स के लिए खेलने वाले विकेटकीपर-बल्लेबाज अभिषेक पोरेल को मंगलवार सुबह कर्नाटक के हुबली में पुलिस ने गिरफ्तार किया। यह कार्रवाई शादी का झांसा देकर दुष्कर्म करने के आरोप से जुड़े मामले में की गई है। पुलिस के अनुसार मामले की शिकायत एक युवती ने 23 जून को मोगरा पुलिस स्टेशन में दर्ज कराई थी। युवती कर्नाटक में मेडिकल की पढ़ाई कर रही है। शिकायत के बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू की और अब क्रिकेटर की गिरफ्तारी की गई है।

    मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक शिकायतकर्ता और अभिषेक पोरेल के बीच तीन साल से ज्यादा समय तक संबंध रहे। आरोप है कि दोनों ने शादी करने की योजना भी बनाई थी और साथ में विदेश यात्रा भी की थी। हालांकि बाद में दोनों के रिश्ते में विवाद शुरू हो गया। बताया गया है कि करीब डेढ़ साल पहले दोनों के बीच विवाद इतना बढ़ गया था कि पुलिस को हस्तक्षेप करना पड़ा था। उस समय कोई औपचारिक शिकायत दर्ज नहीं कराई गई थी। बाद में युवती ने पुलिस के सामने औपचारिक शिकायत दर्ज कराई।

    मामले की गंभीरता को देखते हुए हुगली ग्रामीण पुलिस अधीक्षक कुंवर भूषण सिंह मोगरा पुलिस स्टेशन पहुंचे थे। इसके बाद डीएसपी क्राइम अभिजीत सिन्हा महापात्रा ने स्थानीय थाना प्रभारी से मामले की जानकारी ली और जांच को लेकर जरूरी निर्देश दिए। पुलिस ने जांच के दौरान अभिषेक पोरेल से पूछताछ और उनकी तलाश के लिए चंदननगर स्थित उनके घर पर कई बार पहुंचने की कोशिश की, लेकिन पुलिस के पहुंचने के समय क्रिकेटर वहां मौजूद नहीं मिले।

    इसके बाद शिकायतकर्ता ने मामले को लेकर कलकत्ता हाईकोर्ट का रुख किया। रिपोर्ट के अनुसार हाईकोर्ट की ओर से पुलिस को अभिषेक पोरेल की गिरफ्तारी का निर्देश दिया गया। इसके बाद मोगरा पुलिस ने कार्रवाई करते हुए क्रिकेटर को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तारी के बाद अब उन्हें चिनसुराह कोर्ट में पेश किया जाएगा। मामले में पुलिस आगे की कानूनी प्रक्रिया पूरी कर रही है।

    अभिषेक पोरेल भारतीय घरेलू क्रिकेट के साथ आईपीएल में भी अपनी पहचान बना चुके हैं। वह वर्ष 2023 से दिल्ली कैपिटल्स का हिस्सा रहे हैं। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार उन्होंने दिल्ली कैपिटल्स के लिए अब तक 35 मैच खेले हैं और 25.63 की औसत से 769 रन बनाए हैं। उनके नाम चार अर्धशतक भी दर्ज हैं। घरेलू क्रिकेट में वह 32 फर्स्ट क्लास और 23 लिस्ट-ए मुकाबले भी खेल चुके हैं।

    फिलहाल पूरा मामला पुलिस जांच और न्यायिक प्रक्रिया के अधीन है। शिकायत में लगाए गए आरोपों की जांच के बाद ही मामले के सभी तथ्यों की स्थिति स्पष्ट होगी। अभिषेक पोरेल को कोर्ट में पेश किए जाने के बाद आगे की कानूनी कार्रवाई तय होगी।

  • विराट कोहली ने श्रीलंका के खिलाफ रचा बड़ा रिकॉर्ड, 610 रन के साथ टॉप पर; जयसूर्या 571 और सहवाग 491 रन

    विराट कोहली ने श्रीलंका के खिलाफ रचा बड़ा रिकॉर्ड, 610 रन के साथ टॉप पर; जयसूर्या 571 और सहवाग 491 रन


    नई दिल्ली।  भारत और श्रीलंका के बीच 2 टेस्ट मैचों की आगामी सीरीज को लेकर क्रिकेट फैंस की नजरें दोनों टीमों के स्टार खिलाड़ियों पर टिकी हैं। भारतीय टीम श्रीलंका पहुंच चुकी है और सीरीज का पहला टेस्ट 15 अगस्त से खेला जाएगा, जबकि दूसरा मुकाबला 23 अगस्त से कोलंबो में होने वाला है। भारत और श्रीलंका के बीच टेस्ट क्रिकेट में हमेशा बल्लेबाजों का खास दबदबा रहा है और दोनों देशों के बीच किसी एक टेस्ट सीरीज में सबसे ज्यादा रन बनाने का रिकॉर्ड भारतीय दिग्गज विराट कोहली के नाम दर्ज है। यही वजह है कि मौजूदा सीरीज शुरू होने से पहले एक बार फिर विराट के इस शानदार रिकॉर्ड की चर्चा तेज हो गई है।

    विराट कोहली ने श्रीलंका के खिलाफ भारत में खेली गई 2017-18 की तीन टेस्ट मैचों की सीरीज में बल्ले से जबरदस्त प्रदर्शन किया था। उन्होंने सीरीज की पांच पारियों में तीन शतक और एक अर्धशतक की मदद से कुल 610 रन बनाए थे। इस दौरान विराट का बल्लेबाजी औसत 152.50 रहा था और उनका सर्वोच्च स्कोर 243 रन था। विराट की इस शानदार बल्लेबाजी के दम पर वह भारत और श्रीलंका के बीच किसी एक टेस्ट सीरीज में सबसे ज्यादा रन बनाने वाले बल्लेबाज बन गए। 610 रन का यह आंकड़ा आज भी दोनों देशों के बीच एक टेस्ट सीरीज में सर्वाधिक रन का रिकॉर्ड है।

    इस रिकॉर्ड लिस्ट में दूसरे नंबर पर श्रीलंका के पूर्व विस्फोटक सलामी बल्लेबाज सनथ जयसूर्या का नाम आता है। जयसूर्या ने 1997 में श्रीलंका की धरती पर भारत के खिलाफ खेली गई दो टेस्ट मैचों की सीरीज में तीन पारियों में कुल 571 रन बनाए थे। उन्होंने इस सीरीज में दो शानदार शतक लगाए थे और उनका बल्लेबाजी औसत 190.33 रहा था। जयसूर्या के प्रदर्शन की सबसे खास बात उनकी ऐतिहासिक 340 रन की पारी रही थी। यह उनके टेस्ट करियर का सर्वोच्च स्कोर भी रहा। इस पारी के दम पर जयसूर्या ने भारत के खिलाफ उस सीरीज में ऐसा प्रदर्शन किया था जिसे लंबे समय तक याद किया गया।

    वहीं इस सूची में तीसरे स्थाSanath Jayasuriya, Virender Sehwag, Shubman Gill, KL Rahul, Yashasvi Jaiswal, Cricket News, Test Cricketन पर भारत के पूर्व विस्फोटक सलामी बल्लेबाज वीरेंद्र सहवाग हैं। सहवाग ने भारत में 2009-10 के दौरान श्रीलंका के खिलाफ खेली गई तीन टेस्ट मैचों की सीरीज की चार पारियों में 491 रन बनाए थे। सहवाग ने इस सीरीज में दो शतक और एक अर्धशतक लगाया था। उनका बल्लेबाजी औसत 122.75 रहा था। सहवाग के लिए इस सीरीज का सबसे यादगार पल उनका 293 रन का स्कोर रहा, हालांकि वह तिहरा शतक पूरा करने से सिर्फ सात रन दूर रह गए थे।
    वहीं इस सूची में तीसरे स्थाSanath Jayasuriya, Virender Sehwag, Shubman Gill, KL Rahul, Yashasvi Jaiswal, Cricket News, Test Cricketन पर भारत के पूर्व विस्फोटक सलामी बल्लेबाज वीरेंद्र सहवाग हैं। सहवाग ने भारत में 2009-10 के दौरान श्रीलंका के खिलाफ खेली गई तीन टेस्ट मैचों की सीरीज की चार पारियों में 491 रन बनाए थे। सहवाग ने इस सीरीज में दो शतक और एक अर्धशतक लगाया था। उनका बल्लेबाजी औसत 122.75 रहा था। सहवाग के लिए इस सीरीज का सबसे यादगार पल उनका 293 रन का स्कोर रहा, हालांकि वह तिहरा शतक पूरा करने से सिर्फ सात रन दूर रह गए थे।

    अब भारत और श्रीलंका के बीच एक और टेस्ट सीरीज होने जा रही है और इस बार भी बल्लेबाजों पर खास नजर रहेगी। भारतीय टीम की तरफ से शुभमन गिल, केएल राहुल और यशस्वी जायसवाल जैसे बल्लेबाज बड़ी भूमिका निभा सकते हैं। वहीं श्रीलंका की ओर से लाहिरू उदारा, कामिंदु मेंडिस, कप्तान धनंजय डी सिल्वा और कुसल मेंडिस भारतीय गेंदबाजों के सामने बड़ी चुनौती पेश कर सकते हैं।

    भारत-श्रीलंका टेस्ट मुकाबलों में बल्लेबाजों का इतिहास शानदार रहा है। अब देखना होगा कि आगामी सीरीज में कौन सा बल्लेबाज अपनी बल्लेबाजी से नया रिकॉर्ड बनाता है और क्या कोई खिलाड़ी विराट कोहली के 610 रन के आंकड़े के करीब पहुंच पाता है।

  • श्रीलंका की धरती पर टीम इंडिया का दबदबा, 24 टेस्ट में 9 जीत; कोहली की कप्तानी में 2017 में किया था क्लीन स्वीप

    श्रीलंका की धरती पर टीम इंडिया का दबदबा, 24 टेस्ट में 9 जीत; कोहली की कप्तानी में 2017 में किया था क्लीन स्वीप


    नई दिल्ली । भारत और श्रीलंका के बीच दो मैचों की टेस्ट सीरीज का रोमांच 15 अगस्त से शुरू होने जा रहा है। नए टेस्ट कप्तान शुभमन गिल की अगुवाई में टीम इंडिया श्रीलंका की धरती पर अपने मजबूत रिकॉर्ड को बरकरार रखने के इरादे से मैदान में उतरेगी। भारतीय टीम के सामने न सिर्फ सीरीज जीतने की चुनौती होगी बल्कि पिछले कुछ वर्षों से श्रीलंका के खिलाफ टेस्ट क्रिकेट में चले आ रहे दबदबे को कायम रखने की जिम्मेदारी भी होगी।

    श्रीलंका की सरजमीं पर भारतीय टीम का रिकॉर्ड काफी प्रभावशाली रहा है। भारत ने अब तक वहां कुल 24 टेस्ट मैच खेले हैं। इनमें टीम इंडिया ने 9 मुकाबलों में जीत दर्ज की है, जबकि 7 मैचों में उसे हार का सामना करना पड़ा। वहीं 8 टेस्ट मुकाबले ड्रॉ रहे हैं। आंकड़े बताते हैं कि विदेशी परिस्थितियों में खेलने के बावजूद भारतीय टीम ने श्रीलंका के खिलाफ लगातार मजबूत प्रदर्शन किया है।

    भारत ने आखिरी बार 2017 में श्रीलंका का दौरा किया था। उस दौरे पर विराट कोहली की कप्तानी में टीम इंडिया ने शानदार प्रदर्शन करते हुए श्रीलंकाई टीम का सीरीज में 3-0 से क्लीन स्वीप किया था। उस दौरे की जीत भारतीय टेस्ट क्रिकेट के यादगार अभियानों में शामिल रही। टीम इंडिया ने तीनों मुकाबलों में अपना दबदबा कायम रखा और श्रीलंका को किसी भी मैच में वापसी का मौका नहीं दिया।

    अगर भारत और श्रीलंका के बीच ओवरऑल टेस्ट रिकॉर्ड की बात करें तो दोनों टीमों के बीच अब तक 46 टेस्ट मुकाबले खेले गए हैं। इनमें भारत ने 22 मैचों में जीत हासिल की है, जबकि श्रीलंका को सिर्फ 7 मुकाबलों में जीत मिली है। दोनों टीमों के बीच कई मुकाबले ड्रॉ भी रहे हैं। यह आंकड़ा साफ तौर पर बताता है कि टेस्ट क्रिकेट में श्रीलंका के खिलाफ भारतीय टीम का पलड़ा काफी भारी रहा है।

    भारत और श्रीलंका की आखिरी टेस्ट भिड़ंत 2022 में हुई थी। रोहित शर्मा की कप्तानी वाली भारतीय टीम ने उस सीरीज में श्रीलंका को 2-0 से हराया था। ऐसे में भारतीय टीम के पास श्रीलंका के खिलाफ लगातार सीरीज जीतने का सिलसिला आगे बढ़ाने का मौका है। हालांकि इस बार कप्तानी की जिम्मेदारी शुभमन गिल के कंधों पर है और उनके लिए यह सीरीज बतौर टेस्ट कप्तान एक महत्वपूर्ण परीक्षा मानी जा रही है।

    सीरीज शुरू होने से पहले भारतीय टीम ने तीन दिवसीय वॉर्मअप मुकाबले में भी अपनी तैयारियों का मजबूत संकेत दिया। टीम इंडिया ने श्रीलंका क्रिकेट इलेवन को 6 विकेट से हराया। इस मुकाबले में भारतीय बल्लेबाजों ने अच्छी लय दिखाई। यशस्वी जायसवाल, देवदत्त पडिक्कल, रवींद्र जडेजा और कप्तान शुभमन गिल ने प्रभावशाली बल्लेबाजी की।

    देवदत्त पडिक्कल ने पहली पारी में शानदार शतक लगाते हुए 142 रन की नाबाद पारी खेली। उनके प्रदर्शन से भारतीय टीम के मध्यक्रम को मजबूती मिली। वहीं अन्य बल्लेबाजों ने भी उपयोगी पारियां खेलकर सीरीज से पहले अपनी तैयारियों का संकेत दिया।

    अब सबकी नजरें 15 अगस्त से शुरू होने वाली टेस्ट सीरीज पर हैं। शुभमन गिल के लिए यह सिर्फ श्रीलंका के खिलाफ दो टेस्ट मैचों की सीरीज नहीं होगी बल्कि बतौर कप्तान अपने नेतृत्व को मजबूत करने का भी बड़ा अवसर होगा। भारत के शानदार पुराने रिकॉर्ड, हालिया प्रदर्शन और खिलाड़ियों की अच्छी फॉर्म को देखते हुए टीम इंडिया को मजबूत दावेदार माना जा रहा है। हालांकि श्रीलंका की परिस्थितियों में स्पिन और मौसम जैसी चुनौतियां भारतीय टीम की परीक्षा ले सकती हैं। ऐसे में गिल की कप्तानी में टीम इंडिया अपने पुराने दबदबे को नए अंदाज में कायम कर पाती है या नहीं, इसका जवाब सीरीज के दौरान मिलेगा।