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  • टी20 क्रिकेट में अभिषेक शर्मा का तूफानी धमाका तय, सूर्यकुमार यादव और बाबर आजम का रिकॉर्ड खतरे में

    टी20 क्रिकेट में अभिषेक शर्मा का तूफानी धमाका तय, सूर्यकुमार यादव और बाबर आजम का रिकॉर्ड खतरे में


    नई दिल्ली। भारतीय क्रिकेट टीम के युवा सलामी बल्लेबाज अभिषेक शर्मा के पास रांची में इतिहास रचने का शानदार मौका है। भारत और वेस्टइंडीज के बीच शुक्रवार को पांच मैचों की टी20 सीरीज का दूसरा मुकाबला जेएससीए अंतरराष्ट्रीय स्टेडियम परिसर में खेला जाएगा। इस मैच में अभिषेक की नजर अपने बल्ले से बड़ा कमाल करने पर होगी। वह पूर्व भारतीय कप्तान सूर्यकुमार यादव का ऐसा रिकॉर्ड तोड़ सकते हैं जो टी20 क्रिकेट में उनकी आक्रामक बल्लेबाजी और तेजी से रन बनाने की क्षमता को दर्शाता है। अगर अभिषेक रांची में अपने अंदाज में बल्लेबाजी करने में सफल रहे तो उनके नाम एक खास उपलब्धि दर्ज हो सकती है।

    सूर्यकुमार यादव के नाम टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में गेंदों का सामना करने के लिहाज से सबसे तेज दो हजार रन पूरे करने का रिकॉर्ड दर्ज है। उन्होंने केवल 1164 गेंदों पर यह मुकाम हासिल किया था। अब अभिषेक शर्मा इस रिकॉर्ड को चुनौती देने की स्थिति में पहुंच चुके हैं। वह 63 मैचों की 62 पारियों में 997 गेंदों का सामना करते हुए 1947 रन बना चुके हैं। यानी दो हजार रन पूरे करने के लिए उन्हें केवल 53 रन और बनाने हैं। गेंदों के हिसाब से भी वह सूर्यकुमार से आगे निकलने की मजबूत स्थिति में हैं। यदि वह अगले कुछ ही गेंदों में जरूरी रन बना लेते हैं तो नया रिकॉर्ड कायम कर सकते हैं।

    अभिषेक की बल्लेबाजी शैली को देखते हुए इस उपलब्धि की संभावना पर खास नजर रहेगी। वह शुरुआत से ही गेंदबाजों पर दबाव बनाने और बड़े शॉट खेलने के लिए पहचाने जाते हैं। उनकी आक्रामक बल्लेबाजी विरोधी टीम की रणनीति को शुरुआती ओवरों में ही बिगाड़ सकती है। हालांकि टी20 क्रिकेट में रिकॉर्ड बनाने के लिए रन बनाने के साथ विकेट पर टिके रहना भी जरूरी होता है। ऐसे में रांची में उनका प्रदर्शन भारतीय टीम के लिए भी काफी अहम रहेगा।

    लखनऊ में खेले गए सीरीज के पहले मुकाबले में अभिषेक शर्मा अच्छी लय में नजर आए थे। उन्होंने केवल 10 गेंदों पर 21 रन बनाए लेकिन अपनी पारी को बड़ी पारी में नहीं बदल सके। अब रांची में उनके पास पिछली पारी से आगे बढ़ने और टीम को मजबूत शुरुआत दिलाने का अवसर होगा। भारतीय प्रशंसकों को उम्मीद रहेगी कि वह अपनी विस्फोटक बल्लेबाजी से वेस्टइंडीज के गेंदबाजों को मुश्किल में डालेंगे और रिकॉर्ड के करीब पहुंचने के बजाय उसे अपने नाम कर लेंगे।

    इस रिकॉर्ड की दौड़ में पाकिस्तान के पूर्व कप्तान बाबर आजम और विकेटकीपर बल्लेबाज मोहम्मद रिजवान भी शामिल हैं। बाबर ने टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में दो हजार रन पूरे करने के लिए 1289 गेंदों का सामना किया था। वहीं रिजवान ने यह उपलब्धि 1326 गेंदों में हासिल की थी। फिलहाल सूर्यकुमार यादव इस सूची में सबसे आगे हैं। यदि अभिषेक उनसे कम गेंदों में दो हजार रन पूरे कर लेते हैं तो वह इस सूची में शीर्ष स्थान हासिल कर लेंगे और बाबर तथा रिजवान की स्थिति भी नीचे खिसक जाएगी।

    अभिषेक शर्मा इस समय आईसीसी टी20 रैंकिंग में दूसरे स्थान पर हैं। उनकी आक्रामक बल्लेबाजी ने उन्हें दुनिया के प्रमुख टी20 सलामी बल्लेबाजों में शामिल कर दिया है। रांची का मुकाबला उनके लिए केवल सीरीज में अच्छा प्रदर्शन करने का मौका नहीं बल्कि व्यक्तिगत उपलब्धि हासिल करने का भी बड़ा अवसर है। अब सबकी नजर इस बात पर रहेगी कि क्या अभिषेक अपनी तेजतर्रार बल्लेबाजी से सूर्यकुमार यादव का रिकॉर्ड तोड़कर भारतीय क्रिकेट में एक नया अध्याय जोड़ पाते हैं।

  • कुलदीप यादव के पास बड़ा रिकॉर्ड बनाने का मौका, T20 में 100 विकेट से बस 3 शिकार दूर, अर्शदीप-बुमराह जैसे दिग्गजों की सूची में मिलेगी जगह

    कुलदीप यादव के पास बड़ा रिकॉर्ड बनाने का मौका, T20 में 100 विकेट से बस 3 शिकार दूर, अर्शदीप-बुमराह जैसे दिग्गजों की सूची में मिलेगी जगह


    नई दिल्ली। भारत और वेस्टइंडीज के बीच पांच मैचों की T20 सीरीज का दूसरा मुकाबला शुक्रवार को रांची के जेएससीए अंतरराष्ट्रीय स्टेडियम परिसर में खेला जाना है। इस मुकाबले में भारतीय स्पिनर कुलदीप यादव के पास अपने अंतरराष्ट्रीय T20 करियर में एक बड़ी उपलब्धि हासिल करने का मौका है। कुलदीप अब तक 97 विकेट ले चुके हैं और विकेटों का शतक पूरा करने के लिए उन्हें सिर्फ तीन विकेट की जरूरत है। अगर वह दूसरे T20 में यह उपलब्धि हासिल कर लेते हैं तो अंतरराष्ट्रीय T20 क्रिकेट में 100 विकेट पूरे करने वाले भारत के पांचवें गेंदबाज बन जाएंगे। ऐसे में रांची मुकाबले के दौरान उनकी गेंदबाजी पर खास नजर रहने वाली है।

    कुलदीप यादव ने लखनऊ में खेले गए पहले T20 मुकाबले में भी प्रभावशाली प्रदर्शन किया था। उन्होंने चार ओवर में 33 रन देकर दो विकेट हासिल किए थे। इस प्रदर्शन के साथ उनके अंतरराष्ट्रीय T20 विकेटों की संख्या 97 पहुंच गई। आंकड़ों के मुताबिक कुलदीप ने 55 मैचों की 53 पारियों में ये विकेट लिए हैं। वह अब तक दो बार एक पारी में पांच विकेट लेने का कारनामा भी कर चुके हैं। अपनी विविधतापूर्ण स्पिन गेंदबाजी और बल्लेबाजों को चकमा देने की क्षमता के कारण कुलदीप भारतीय टीम के अहम गेंदबाजों में गिने जाते हैं। वेस्टइंडीज के खिलाफ दूसरे मुकाबले में तीन विकेट लेकर वह अपने करियर में नया मील का पत्थर हासिल कर सकते हैं।

    अंतरराष्ट्रीय T20 क्रिकेट में भारत की ओर से 100 या उससे अधिक विकेट लेने वाले गेंदबाजों की सूची में अर्शदीप सिंह जसप्रीत बुमराह हार्दिक पांड्या और अक्षर पटेल शामिल हैं। इस सूची में अर्शदीप सिंह सबसे आगे हैं। उन्होंने 95 मैचों की 92 पारियों में 141 विकेट हासिल किए हैं। बाएं हाथ के तेज गेंदबाज अर्शदीप ने अपनी स्विंग और डेथ ओवरों में सटीक गेंदबाजी से टीम इंडिया के लिए लगातार अहम भूमिका निभाई है।

    इस सूची में दूसरे स्थान पर जसप्रीत बुमराह हैं जिन्होंने 100 मैचों में 126 विकेट लिए हैं। बुमराह की यॉर्कर और अलग-अलग गति से गेंदबाजी करने की क्षमता उन्हें खास बनाती है। तीसरे स्थान पर हार्दिक पांड्या हैं। उन्होंने 138 मैचों में 114 विकेट हासिल किए हैं। हार्दिक अपनी तेज गेंदबाजी के साथ बल्लेबाजी में भी योगदान देते हैं और टीम के लिए उपयोगी ऑलराउंडर हैं। चौथे स्थान पर अक्षर पटेल हैं जिन्होंने 108 मैचों में 111 विकेट लिए हैं। अक्षर की किफायती गेंदबाजी और दबाव में विकेट निकालने की क्षमता भारतीय टीम के लिए महत्वपूर्ण रही है।

    कुलदीप यादव इस सूची में फिलहाल पांचवें स्थान पर बताए गए हैं। उनके बाद युजवेंद्र चहल का नाम आता है जिन्होंने 80 मैचों में 96 विकेट लिए हैं। वहीं भुवनेश्वर कुमार 87 मैचों में 90 विकेट लेकर भारत के सफल T20 गेंदबाजों में शामिल हैं। भुवनेश्वर की चार साल बाद न्यूजीलैंड सीरीज के लिए भारतीय टीम में वापसी भी चर्चा का विषय रही है। उनके पास भी भविष्य में विकेटों का शतक पूरा करने का अवसर हो सकता है।

    रांची में होने वाला दूसरा T20 कुलदीप यादव के लिए व्यक्तिगत उपलब्धि हासिल करने के साथ भारतीय टीम की सीरीज में स्थिति मजबूत करने का भी मौका है। हालांकि रिकॉर्ड तक पहुंचने के लिए उन्हें मैदान पर तीन विकेट लेने होंगे। अब देखना होगा कि वेस्टइंडीज के बल्लेबाजों के खिलाफ कुलदीप अपनी स्पिन का कितना असर दिखा पाते हैं और क्या वह इस मुकाबले में विकेटों का शतक पूरा कर इतिहास रचते हैं।

  • कोहली, रोहित और धोनी की राह पर श्रेयस अय्यर, रांची में वेस्टइंडीज के खिलाफ जीत के साथ रिकॉर्ड सुधारने उतरेगा भारत

    कोहली, रोहित और धोनी की राह पर श्रेयस अय्यर, रांची में वेस्टइंडीज के खिलाफ जीत के साथ रिकॉर्ड सुधारने उतरेगा भारत

    नई दिल्ली: भारत और वेस्टइंडीज के बीच पांच मैचों की टी20 अंतरराष्ट्रीय सीरीज का दूसरा मुकाबला 9 अक्टूबर को रांची के जेएससीए इंटरनेशनल स्टेडियम कॉम्प्लेक्स में खेला जाएगा। भारतीय टीम की कप्तानी श्रेयस अय्यर कर रहे हैं। सीरीज के पहले मुकाबले में भारत ने आठ विकेट से जीत दर्ज की थी। अब टीम की कोशिश दूसरे मैच में भी जीत हासिल कर सीरीज में 2-0 की बढ़त बनाने की होगी। यह मुकाबला भारतीय समयानुसार शाम सात बजे शुरू होगा।

    रांची का मैदान टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में भारतीय टीम के लिए अब तक अच्छा साबित हुआ है। यहां खेले गए चार मुकाबलों में भारत ने तीन में जीत दर्ज की है, जबकि एक मैच में उसे हार का सामना करना पड़ा। इस बार वेस्टइंडीज की टीम पहली बार रांची में टी20 अंतरराष्ट्रीय मुकाबला खेलेगी। ऐसे में मेजबान टीम अपने घरेलू मैदान के रिकॉर्ड को कायम रखने के इरादे से उतरेगी, जबकि कैरेबियाई टीम के सामने इस मैदान पर अपनी पहली चुनौती का सामना करने का मौका होगा।

    रांची में भारतीय टीम को टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में एकमात्र हार न्यूजीलैंड के खिलाफ मिली थी। 27 जनवरी 2023 को खेले गए उस मुकाबले में न्यूजीलैंड ने भारत को 21 रन से हराया था। उस समय भारतीय टीम की कप्तानी हार्दिक पंड्या के हाथों में थी। इसके अलावा भारत ने इस मैदान पर श्रीलंका, ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड के खिलाफ मुकाबले खेले हैं और तीन मैचों में जीत हासिल की है।

    रांची में भारत की जीतों का सिलसिला अलग-अलग कप्तानों के नेतृत्व में देखने को मिला है। यहां पहला टी20 अंतरराष्ट्रीय मुकाबला 12 फरवरी 2016 को खेला गया था। महेंद्र सिंह धोनी की कप्तानी में भारत ने श्रीलंका को 69 रन से हराया था। इसके बाद 7 अक्टूबर 2017 को ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ भारतीय टीम ने विराट कोहली के नेतृत्व में नौ विकेट से जीत दर्ज की। वहीं, 19 नवंबर 2021 को रोहित शर्मा की कप्तानी में भारत ने न्यूजीलैंड को सात विकेट से मात दी थी। अब श्रेयस अय्यर की अगुवाई में टीम के सामने इसी जीत के रिकॉर्ड को आगे बढ़ाने का अवसर है।

    भारत और वेस्टइंडीज के बीच टी20 अंतरराष्ट्रीय मुकाबलों के कुल रिकॉर्ड में भी भारतीय टीम आगे है। दोनों देशों के बीच अब तक 32 मैच खेले गए हैं। इनमें भारत ने 21 मुकाबले जीते हैं, जबकि वेस्टइंडीज को 10 मैचों में सफलता मिली है। एक मुकाबला बेनतीजा रहा है। इस आंकड़े के आधार पर भारत का पलड़ा भारी दिखाई देता है, लेकिन दूसरे टी20 में टीम को जीत दर्ज करने के लिए मैदान पर अच्छा प्रदर्शन करना होगा।

    दूसरे मुकाबले के लिए भारत की संभावित प्लेइंग इलेवन में अभिषेक शर्मा, संजू सैमसन, ईशान किशन, श्रेयस अय्यर, तिलक वर्मा, शिवम दुबे, नमन धीर, अक्षर पटेल, अर्शदीप सिंह, कुलदीप यादव और मयंक यादव शामिल हैं। संजू सैमसन और ईशान किशन दोनों विकेटकीपर के विकल्प हैं। भारतीय टीम के घोषित स्क्वॉड में वैभव सूर्यवंशी, रवि बिश्नोई, प्रिंस यादव और नीतीश कुमार रेड्डी समेत 15 खिलाड़ी शामिल हैं।

    वेस्टइंडीज की संभावित प्लेइंग इलेवन में शाई होप, कामिल पूरन, शिमरॉन हेटमायर, रोवमैन पॉवेल, शेरफेन रदरफोर्ड, रोमारियो शेफर्ड, मैथ्यू फोर्ड, रोस्टन चेज, अकील हुसैन, शमर स्प्रिंगर और शमर जोसेफ के नाम हैं। टीम के घोषित स्क्वॉड में आमिर जंगू, गुडाकेश मोती, कीमो पॉल और क्वेंटिन सैम्पसन भी शामिल हैं। रांची में होने वाला यह मुकाबला भारत के लिए सीरीज में बढ़त मजबूत करने और अपने घरेलू रिकॉर्ड को कायम रखने का मौका होगा।

  • रवींद्र जडेजा ने चीफ सेलेक्टर पद पर पूछा आवेदन का तरीका, लेकिन मौजूदा नियमों के चलते नहीं बन सकते चयनकर्ता

    रवींद्र जडेजा ने चीफ सेलेक्टर पद पर पूछा आवेदन का तरीका, लेकिन मौजूदा नियमों के चलते नहीं बन सकते चयनकर्ता


    नई दिल्ली:
    अजीत अगरकर का भारतीय क्रिकेट टीम के चीफ सेलेक्टर के तौर पर कार्यकाल खत्म होने के बाद नए चयनकर्ता की तलाश शुरू हो गई है। बीसीसीआई ने चीफ सेलेक्टर के पद के लिए आवेदन मंगाए हैं और इसी बीच रवींद्र जडेजा की एक टिप्पणी ने इस नियुक्ति को लेकर चर्चा को और दिलचस्प बना दिया। बोर्ड की ओर से आवेदन प्रक्रिया शुरू किए जाने की जानकारी साझा किए जाने के बाद जडेजा ने मजाकिया अंदाज में पूछा कि आवेदन करने की प्रक्रिया क्या है। उनके इस कमेंट के बाद उनके चीफ सेलेक्टर बनने की चर्चा शुरू हो गई।

    जडेजा की टिप्पणी सामने आने के बाद यह सवाल भी उठा कि क्या वह वास्तव में चीफ सेलेक्टर के पद के लिए आवेदन कर सकते हैं। हालांकि मौजूदा नियमों के मुताबिक ऐसा संभव नहीं है। बीसीसीआई के नियमों के अनुसार कोई सक्रिय क्रिकेटर चयन समिति या किसी प्रशासनिक पद पर नियुक्त नहीं हो सकता। चीफ सेलेक्टर पद के लिए उम्मीदवार का सभी तरह के क्रिकेट से कम से कम पांच साल पहले संन्यास लेना भी जरूरी है। ऐसे में जडेजा की मौजूदा स्थिति उन्हें इस पद के लिए योग्य नहीं बनाती।

    रवींद्र जडेजा ने टी20 वर्ल्ड कप 2024 के बाद टी20 इंटरनेशनल क्रिकेट से संन्यास ले लिया था, लेकिन वह अभी टेस्ट और वनडे क्रिकेट में सक्रिय हैं। इसके अलावा वह इंडियन प्रीमियर लीग में भी खेल रहे हैं। इसलिए सभी तरह के क्रिकेट से संन्यास लेने की निर्धारित शर्त को वह पूरा नहीं करते हैं। जडेजा का आवेदन प्रक्रिया को लेकर किया गया कमेंट ऐसे समय में आया, जब नए चीफ सेलेक्टर की नियुक्ति को लेकर चर्चा चल रही है। इसी वजह से उनकी मजाकिया टिप्पणी ने क्रिकेट प्रशंसकों का ध्यान खींचा।

    अजीत अगरकर ने 2023 में चीफ सेलेक्टर का पद संभाला था। उनके कार्यकाल के दौरान चयन समिति ने भारतीय टीम के साथ कई बड़ी उपलब्धियां हासिल कीं। भारत ने उनके कार्यकाल में टी20 वर्ल्ड कप 2024, चैम्पियंस ट्रॉफी 2025 और टी20 वर्ल्ड कप 2026 जीते। भारतीय टीम 2023 के क्रिकेट वर्ल्ड कप के फाइनल तक भी पहुंची। इसके अलावा टीम ने इस दौरान दो एशिया कप खिताब और दो एशियन गेम्स गोल्ड मेडल भी जीते। अगरकर के कार्यकाल को भारतीय क्रिकेट के लिए सफल माना गया।

    कार्यकाल खत्म होने के बाद अगरकर के योगदान को भी याद किया गया। उनके कार्यकाल में भारतीय टीम की उपलब्धियों का जिक्र किया गया और उन्हें भविष्य के लिए शुभकामनाएं दी गईं। टीम इंडिया के हेड कोच गौतम गंभीर ने भी अगरकर के लिए संदेश साझा किया। उन्होंने कहा कि अगरकर के तीन आईसीसी खिताब उनकी सोच और टीम को हमेशा प्राथमिकता देने की प्रतिबद्धता का प्रमाण हैं। गंभीर ने यह भी कहा कि इतिहास अगरकर के साथ और ज्यादा न्याय करेगा। अब अगरकर के बाद नए चीफ सेलेक्टर की नियुक्ति की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी, जबकि जडेजा की टिप्पणी को मौजूदा नियमों के कारण सिर्फ मजाक के तौर पर देखा जा रहा है।

  • न्यूजीलैंड टीम में बीजे वॉटलिंग की वापसी, भारत सीरीज के बाद संभालेंगे बैटिंग कोच की बड़ी जिम्मेदारी

    न्यूजीलैंड टीम में बीजे वॉटलिंग की वापसी, भारत सीरीज के बाद संभालेंगे बैटिंग कोच की बड़ी जिम्मेदारी

    नई दिल्ली: न्यूजीलैंड क्रिकेट टीम के सपोर्ट स्टाफ में बड़ा बदलाव हुआ है। पूर्व विकेटकीपर बल्लेबाज बीजे वॉटलिंग को न्यूजीलैंड पुरुष टीम का नया बैटिंग कोच नियुक्त किया गया है। वह मौजूदा बैटिंग कोच ल्यूक रोंची की जगह जिम्मेदारी संभालेंगे। रोंची भारत के खिलाफ दिसंबर की शुरुआत में खत्म होने वाली टेस्ट सीरीज तक अपने पद पर बने रहेंगे। इसके बाद वॉटलिंग टीम की बल्लेबाजी से जुड़ी जिम्मेदारी संभालेंगे और अपने नए सफर की शुरुआत करेंगे।

    41 वर्षीय बीजे वॉटलिंग 16 नवंबर से टीम के साथ जुड़कर ल्यूक रोंची के साथ काम शुरू करेंगे। इसे जिम्मेदारी संभालने से पहले का ट्रांजिशन पीरियड माना जा रहा है। इसके बाद न्यूजीलैंड के ऑस्ट्रेलिया दौरे से वॉटलिंग पूरी तरह बैटिंग कोच की भूमिका में नजर आएंगे। न्यूजीलैंड को ऑस्ट्रेलिया में चार मैचों की टेस्ट सीरीज खेलनी है। इस तरह भारत के खिलाफ टेस्ट सीरीज के बाद टीम के बैटिंग कोच की जिम्मेदारी में बदलाव हो जाएगा।

    वॉटलिंग का अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट करियर 2021 में समाप्त हुआ था, लेकिन उनका क्रिकेट अनुभव काफी लंबा रहा है। उन्होंने न्यूजीलैंड के लिए 75 टेस्ट, 28 वनडे और 5 टी20 इंटरनेशनल मुकाबले खेले। इन मैचों में उन्होंने कुल 4401 रन बनाए, जिसमें 8 शतक और 24 अर्धशतक शामिल हैं। घरेलू क्रिकेट में भी उनका लंबा अनुभव रहा है। उन्होंने न्यूजीलैंड, नॉर्दर्न डिस्ट्रिक्ट्स और डरहम के लिए कुल 178 फर्स्ट क्लास मैच खेले। इस दौरान उन्होंने 18 शतकों की मदद से 10034 रन बनाए। विकेटकीपर के तौर पर उनके नाम 450 कैच दर्ज हैं।

    अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास लेने के बाद वॉटलिंग ने कोचिंग को अपने करियर का अगला हिस्सा बनाया। वह वेलिंगटन फायरबर्ड्स और नॉर्दर्न डिस्ट्रिक्ट्स के साथ काम कर चुके हैं। नॉर्दर्न डिस्ट्रिक्ट्स के मुख्य कोच के तौर पर उनका कार्यकाल खासा सफल रहा। उनकी कोचिंग में टीम ने 2024-25 में प्लंकेट शील्ड और 2025-26 में सुपर स्मैश का खिताब जीता। हालिया सफलता के बाद अब उन्हें न्यूजीलैंड की राष्ट्रीय टीम के साथ बड़ी जिम्मेदारी दी गई है।

    नई भूमिका मिलने पर वॉटलिंग ने खुशी जताई और मौजूदा टीम के साथ दोबारा जुड़ने को खास अवसर बताया। उन्होंने पिछले कुछ वर्षों में टीम और सपोर्ट स्टाफ की उपलब्धियों की तारीफ की और विश्वस्तरीय टीम में अपना योगदान देने को लेकर उत्साह जताया। न्यूजीलैंड के चीफ हाई परफॉर्मेंस ऑफिसर डैरिल गिब्सन ने भी उनकी नियुक्ति का समर्थन किया। उन्होंने वॉटलिंग के हालिया कोचिंग प्रदर्शन और मौजूदा खिलाड़ियों के साथ उनके अच्छे रिश्तों को अहम बताया। टेस्ट कप्तान टॉम लैथम ने भी वॉटलिंग की वापसी का स्वागत किया। उनके मुताबिक वॉटलिंग ने खेल के दिनों में टीम की पहचान को पूरी तरह अपनाया था और उनका जुनून, मेहनत तथा प्रतिबद्धता अब कोचिंग में भी दिखाई देगी।

  • वैभव सूर्यवंशी के इंतजार की कहानी, VVS ने बड़े मैच में उतारा अब GG क्यों रोक रहे हैं बेबी बॉस का बल्ला

    वैभव सूर्यवंशी के इंतजार की कहानी, VVS ने बड़े मैच में उतारा अब GG क्यों रोक रहे हैं बेबी बॉस का बल्ला


    नई दिल्ली। वैभव सूर्यवंशी का नाम इन दिनों भारतीय क्रिकेट में सबसे ज्यादा चर्चा में रहने वाले युवा खिलाड़ियों में शामिल है लेकिन वेस्टइंडीज के खिलाफ पहले टी20 में टीम इंडिया की प्लेइंग इलेवन में जगह नहीं मिलने के बाद उनके फैंस का इंतजार और बढ़ गया है। लखनऊ में खेले गए मुकाबले में टीम मैनेजमेंट ने संजू सैमसन और अभिषेक शर्मा की ओपनिंग जोड़ी पर भरोसा बनाए रखा। भारत ने मुकाबला आसानी से जीत लिया और ऐसे में इस संयोजन को बदलने की कोई तत्काल जरूरत भी नजर नहीं आई। इसके बावजूद अब रांची में होने वाले दूसरे टी20 से पहले सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या गौतम गंभीर वैभव सूर्यवंशी को मौका देंगे या फिर उन्हें एक और मैच बेंच पर बैठकर देखना पड़ेगा।

    वैभव की कहानी इसलिए भी खास है क्योंकि महज 15 साल की उम्र में उन्होंने जिस तरह क्रिकेट की दुनिया में अपनी पहचान बनाई है उसने उन्हें सामान्य युवा खिलाड़ी से कहीं आगे पहुंचा दिया है। आईपीएल में उनके आक्रामक अंदाज ने क्रिकेट प्रेमियों का ध्यान खींचा और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी उन्होंने अपनी बल्लेबाजी की झलक दिखाई है। जिम्बाब्वे के खिलाफ टी20 इंटरनेशनल में अर्धशतक लगाने के बाद यह साफ हो गया कि वैभव सिर्फ उम्र की वजह से चर्चा में नहीं हैं बल्कि उनके बल्ले में बड़े स्तर पर प्रदर्शन करने की क्षमता भी मौजूद है।

    एशियन गेम्स के दौरान वीवीएस लक्ष्मण की कोचिंग में वैभव को पाकिस्तान के खिलाफ गोल्ड मेडल मुकाबले जैसे बड़े मैच में प्लेइंग इलेवन में शामिल किया गया था। उस समय उम्र को उनकी कमजोरी नहीं माना गया और टीम ने उनकी क्षमता पर भरोसा जताया। अब भारतीय टीम की जिम्मेदारी गौतम गंभीर के पास है और उनका नजरिया मौजूदा संयोजन को मजबूत बनाए रखने पर ज्यादा दिखाई दे रहा है। लखनऊ में संजू और अभिषेक से बड़ी पारी नहीं आई लेकिन भारत ने मुकाबला आसानी से अपने नाम कर लिया। ऐसे में टीम मैनेजमेंट के पास विजयी संयोजन को बरकरार रखने का मजबूत तर्क मौजूद है।

    फिर भी वैभव को लेकर सवाल इसलिए बना हुआ है क्योंकि किसी खिलाड़ी की वास्तविक क्षमता का अंदाजा उसे लगातार मौके देने के बाद ही लगाया जा सकता है। अगर टीम में जगह बनाने के लिए हर बार मौजूदा खिलाड़ियों का अच्छा प्रदर्शन ही कसौटी बनेगा तो फिर नए खिलाड़ी को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर खुद को साबित करने का अवसर कब मिलेगा। वैभव को टीम में शामिल करने का मतलब सिर्फ किसी खिलाड़ी को बाहर करना नहीं होगा बल्कि भारतीय क्रिकेट के भविष्य के एक बेहद रोमांचक विकल्प को आजमाना भी होगा।

    अब नजरें रांची पर टिक गई हैं। यहां वैभव को लेकर फैंस में जबरदस्त उत्साह है। बिहार से आने वाले इस युवा बल्लेबाज को देखने के लिए दर्शकों की दिलचस्पी साफ दिखाई दे रही है। रांची महेंद्र सिंह धोनी का शहर है और यहां क्रिकेट को लेकर जुनून किसी से छिपा नहीं है। ऐसे में दर्शक चाहते हैं कि उन्हें इस नए युवा सितारे का बल्ला भी मैदान पर देखने को मिले।

    हालांकि टीम मैनेजमेंट को सिर्फ दर्शकों की मांग के आधार पर फैसला नहीं लेना चाहिए। क्रिकेट में संतुलन और टीम की जरूरत सबसे महत्वपूर्ण होती है। लेकिन वैभव जैसे एक्स फैक्टर को ज्यादा समय तक बाहर रखना भी सवाल खड़े करता है। फिलहाल वैभव तैयार हैं फैंस तैयार हैं और रांची का माहौल भी तैयार है। अब फैसला गौतम गंभीर और टीम मैनेजमेंट को करना है कि प्लेइंग इलेवन की पर्ची में इस बार बेबी बॉस का नाम आएगा या उनका इंतजार एक मैच और लंबा होगा।

  • आईसीसी रैंकिंग में बड़ा बदलाव, श्रेयस अय्यर ने 18 स्थान की छलांग लगाई और केएल राहुल भी टॉप-10 में पहुंचे

    आईसीसी रैंकिंग में बड़ा बदलाव, श्रेयस अय्यर ने 18 स्थान की छलांग लगाई और केएल राहुल भी टॉप-10 में पहुंचे


    नई दिल्ली । 
    वेस्टइंडीज के खिलाफ हालिया सीमित ओवरों की सीरीज में शानदार बल्लेबाजी का फायदा भारतीय बल्लेबाज श्रेयस अय्यर और केएल राहुल को आईसीसी रैंकिंग में मिला है। श्रेयस अय्यर ने टी20 बल्लेबाजों की रैंकिंग में लंबी छलांग लगाकर टॉप-10 में जगह बनाई है, जबकि केएल राहुल वनडे बल्लेबाजों की सूची में सात स्थान ऊपर पहुंचकर 10वें नंबर पर आ गए हैं। दोनों खिलाड़ियों के प्रदर्शन ने उनकी रैंकिंग में बड़ा बदलाव किया है।

    श्रेयस अय्यर ने वेस्टइंडीज के खिलाफ टी20 सीरीज के पहले मुकाबले में अपने करियर का पहला टी20 शतक लगाया था। लखनऊ के इकाना स्टेडियम में खेले गए इस मैच में उन्होंने 42 गेंदों पर शतक पूरा किया और कुल 43 गेंदों में नाबाद 102 रन बनाए। इस पारी के बाद श्रेयस को टी20 बल्लेबाजों की रैंकिंग में 18 स्थान का फायदा हुआ और वह सातवें पायदान पर पहुंच गए।

    टी20 बल्लेबाजों की रैंकिंग में भारत के ईशान किशन पहले स्थान पर हैं, जबकि अभिषेक शर्मा दूसरे नंबर पर हैं। पाकिस्तान के साहिबजादा फरहान तीसरे, इंग्लैंड के हैरी ब्रूक चौथे और जोस बटलर पांचवें स्थान पर हैं। दक्षिण अफ्रीका के डेवाल्ड ब्रेविस छठे स्थान पर हैं। श्रेयस अय्यर सातवें नंबर पर पहुंच गए हैं। इंग्लैंड के फिल सॉल्ट आठवें, श्रीलंका के पाथुम निसांका नौवें और भारत के तिलक वर्मा दसवें स्थान पर हैं। सॉल्ट, निसांका और तिलक वर्मा को एक-एक स्थान का नुकसान हुआ है।

    वनडे रैंकिंग में भी भारतीय बल्लेबाज केएल राहुल को उनके प्रदर्शन का फायदा मिला है। वेस्टइंडीज के खिलाफ तीसरे और आखिरी वनडे में राहुल ने नाबाद 129 रन की पारी खेली थी। उन्होंने 87 गेंदों का सामना करते हुए छह छक्के और 10 चौके लगाए। इस पारी के बाद राहुल ने वनडे बल्लेबाजों की रैंकिंग में सात स्थान की छलांग लगाई और 10वें पायदान पर पहुंच गए।

    वनडे बल्लेबाजों की रैंकिंग में भारतीय कप्तान शुभमन गिल शीर्ष पर बने हुए हैं। न्यूजीलैंड के डेरिल मिचेल दूसरे स्थान पर हैं और उन्हें एक स्थान का फायदा हुआ है। विराट कोहली तीसरे नंबर पर हैं और उन्हें एक स्थान का नुकसान हुआ है। रोहित शर्मा चौथे और अफगानिस्तान के इब्राहिम जादरान पांचवें स्थान पर हैं।

    वेस्टइंडीज के कप्तान शे होप ने भी भारत के खिलाफ शानदार प्रदर्शन के बाद रैंकिंग में बढ़त हासिल की है। तीसरे वनडे में उन्होंने नाबाद 162 रन की पारी खेलकर अपनी टीम को जीत दिलाई थी। इस प्रदर्शन के बाद वह दो स्थान ऊपर चढ़कर छठे नंबर पर पहुंच गए हैं। पाकिस्तान के बाबर आजम और श्रीलंका के कुसाल मेंडिस क्रमशः सातवें और आठवें स्थान पर हैं, दोनों को एक-एक स्थान का नुकसान हुआ है।

    इंग्लैंड के जो रूट नौवें स्थान पर हैं और उनके बाद केएल राहुल दसवें पायदान पर पहुंच गए हैं। इस तरह ताजा वनडे और टी20 रैंकिंग में भारत के कई बल्लेबाज टॉप-10 में शामिल हैं, जबकि श्रेयस अय्यर और राहुल को वेस्टइंडीज के खिलाफ उनकी प्रभावी पारियों का सीधा फायदा मिला है।

  • अर्जेंटीना की जर्सी में मेसी का आखिरी मैच, 21 साल के करियर में 125 गोल, 4 बड़े खिताब और रिकॉर्ड्स की लंबी फेहरिस्त

    अर्जेंटीना की जर्सी में मेसी का आखिरी मैच, 21 साल के करियर में 125 गोल, 4 बड़े खिताब और रिकॉर्ड्स की लंबी फेहरिस्त

    नई दिल्ली: लियोनल मेसी ने अर्जेंटीना की जर्सी में अपना आखिरी अंतरराष्ट्रीय मुकाबला खेल लिया। ब्यूनस आयर्स के एस्टाडियो मोनुमेंटल में बेनिन के खिलाफ खेले गए दोस्ताना मैच में अर्जेंटीना ने 3-0 से जीत दर्ज की। इस मुकाबले में मेसी ने एक गोल किया और टीम के तीनों गोल में अहम भूमिका निभाई। 39 वर्षीय मेसी अगस्त में ही राष्ट्रीय टीम से संन्यास का एलान कर चुके थे। इसके साथ अर्जेंटीना की नीली-सफेद जर्सी में उनका 21 साल से ज्यादा लंबा सफर समाप्त हो गया, जिसमें उन्होंने टीम को विश्व कप और कोपा अमेरिका समेत चार बड़े अंतरराष्ट्रीय खिताब दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

    मेसी ने 2005 में अर्जेंटीना की सीनियर टीम के लिए पदार्पण किया था। इससे पहले वह उसी साल अर्जेंटीना को अंडर-20 विश्व कप जिताने में अहम भूमिका निभा चुके थे और टूर्नामेंट के सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी तथा शीर्ष स्कोरर बने थे। 2008 बीजिंग ओलंपिक में भी उन्होंने अर्जेंटीना के साथ स्वर्ण पदक जीता। हालांकि सीनियर टीम के शुरुआती वर्षों में उन्हें कई निराशाओं का सामना करना पड़ा। 2014 विश्व कप फाइनल में जर्मनी से हार और 2015 तथा 2016 कोपा अमेरिका फाइनल में चिली के खिलाफ हार के बाद मेसी पर सवाल उठे। 2016 में उन्होंने अंतरराष्ट्रीय फुटबॉल से संन्यास का एलान भी किया, लेकिन बाद में टीम में वापसी की।

    वापसी के बाद मेसी और अर्जेंटीना की कहानी पूरी तरह बदल गई। 2021 में अर्जेंटीना ने ब्राजील को हराकर कोपा अमेरिका का खिताब जीता और मेसी ने अपना पहला बड़ा सीनियर अंतरराष्ट्रीय खिताब हासिल किया। 2022 में इटली के खिलाफ फाइनलिसिमा जीतने के बाद कतर विश्व कप में अर्जेंटीना ने फ्रांस को फाइनल में हराकर खिताब जीता। मेसी ने उस फाइनल में दो गोल किए और पेनल्टी शूटआउट में अर्जेंटीना की जीत के बाद विश्व कप ट्रॉफी अपने नाम की। उन्हें टूर्नामेंट का गोल्डन बॉल पुरस्कार भी मिला। 2024 में अर्जेंटीना ने कोलंबिया को हराकर लगातार दूसरी बार कोपा अमेरिका जीता। इस तरह मेसी के नेतृत्व में टीम ने चार बड़े अंतरराष्ट्रीय खिताब हासिल किए।

    2026 विश्व कप में भी मेसी ने कई नए रिकॉर्ड बनाए। अल्जीरिया के खिलाफ मुकाबले में मैदान पर उतरते ही वह पुरुष फुटबॉल इतिहास में छह अलग-अलग विश्व कप खेलने वाले पहले खिलाड़ी बने। उसी मैच में उन्होंने विश्व कप करियर की पहली हैट्रिक लगाई। इसके बाद ऑस्ट्रिया के खिलाफ दो गोल करके उन्होंने विश्व कप में अपने गोल की संख्या 18 पहुंचाई और मिरोस्लाव क्लोज को पीछे छोड़ दिया। 2026 विश्व कप के अंत तक मेसी के नाम 21 गोल हो गए। उन्होंने टूर्नामेंट में आठ गोल और चार असिस्ट के साथ अर्जेंटीना को फाइनल तक पहुंचाया, जहां स्पेन से अतिरिक्त समय में 0-1 की हार के बाद टीम उपविजेता रही।

    मेसी के नाम विश्व कप में 23 जीत और 12 असिस्ट का रिकॉर्ड भी दर्ज है। वह तीन विश्व कप फाइनल में शुरुआती एकादश का हिस्सा रहने वाले खिलाड़ियों में शामिल हैं। 2026 में उन्होंने लगातार नौ विश्व कप मैचों में गोल करने का रिकॉर्ड बनाया और नॉकआउट चरण में लगातार छह मैचों में गोल करने का रिकॉर्ड भी कायम किया। कतर विश्व कप में वह ग्रुप चरण से लेकर फाइनल तक हर चरण में गोल करने वाले खिलाड़ी बने थे। अर्जेंटीना के लिए अपने अंतरराष्ट्रीय करियर में मेसी ने 207 मैच खेले और 125 गोल के साथ टीम के सबसे ज्यादा मैच खेलने तथा सबसे ज्यादा गोल करने वाले खिलाड़ी के रूप में विदाई ली। उन्होंने 68 असिस्ट भी किए।

    मेसी की उपलब्धियां सिर्फ अंतरराष्ट्रीय फुटबॉल तक सीमित नहीं रहीं। बार्सिलोना के साथ उन्होंने 17 सीजन बिताए और 778 मैचों में 672 गोल किए। क्लब के साथ उन्होंने 35 खिताब जीते, जिनमें चार चैंपियंस लीग और 10 ला लीगा खिताब शामिल हैं। 2012 में एक कैलेंडर वर्ष में 91 गोल करने का रिकॉर्ड भी उनके नाम है। वह आठ बार बैलन डी’ओर जीत चुके हैं और छह बार यूरोपीय गोल्डन शू हासिल कर चुके हैं। 2023 में इंटर मियामी पहुंचने के बाद भी उनका रिकॉर्ड कायम रहा और 2026 में क्लब के लिए 100 गोल पूरे करने वाले पहले खिलाड़ी बने। अब अर्जेंटीना के साथ उनका अंतरराष्ट्रीय अध्याय समाप्त हो चुका है, लेकिन उनके रिकॉर्ड और उपलब्धियां फुटबॉल इतिहास का अहम हिस्सा बनी रहेंगी।

  • संजू सैमसन की लगातार नाकामी से फैन्स नाराज, 4 टी20 में 29 रन के बाद वैभव सूर्यवंशी की एंट्री को लेकर बढ़ा दबाव

    संजू सैमसन की लगातार नाकामी से फैन्स नाराज, 4 टी20 में 29 रन के बाद वैभव सूर्यवंशी की एंट्री को लेकर बढ़ा दबाव


    नई दिल्ली। भारतीय क्रिकेट टीम ने वेस्टइंडीज के खिलाफ लखनऊ के इकाना स्टेडियम में खेले गए पहले टी20 मुकाबले में शानदार जीत दर्ज की। भारत ने यह मैच 8 विकेट से अपने नाम किया। मुकाबले में कप्तान श्रेयस अय्यर ने तूफानी शतक जड़कर टीम की जीत में अहम भूमिका निभाई। हालांकि इस शानदार जीत के बीच विकेटकीपर बल्लेबाज संजू सैमसन का खराब फॉर्म एक बार फिर चर्चा में आ गया। संजू इस मुकाबले में भी बड़ी पारी खेलने में नाकाम रहे और महज 11 रन बनाकर पवेलियन लौट गए।

    संजू सैमसन के लिए हालिया मुकाबले बेहद निराशाजनक रहे हैं। वेस्टइंडीज के खिलाफ 9 गेंदों पर 11 रन बनाने से पहले वह पाकिस्तान के खिलाफ सिर्फ 2 रन बनाकर आउट हुए थे। उससे पहले श्रीलंका के खिलाफ उनके बल्ले से 7 रन निकले थे जबकि जापान के खिलाफ वह 9 रन ही बना सके थे। इस तरह उनकी पिछली चार टी20 पारियों को देखें तो संजू के बल्ले से कुल 29 रन ही निकले हैं। लगातार चार मैचों में बड़ी पारी नहीं खेल पाने के कारण अब उनके प्रदर्शन को लेकर सवाल उठने लगे हैं।

    हालांकि इन खराब पारियों से पहले संजू ने अफगानिस्तान के खिलाफ 17 सितंबर को शानदार अर्धशतक लगाया था। उन्होंने 35 गेंदों पर 50 रन की पारी खेली थी। उस पारी के बाद उम्मीद थी कि संजू लगातार अपने बल्ले का दम दिखाएंगे लेकिन इसके बाद उनका प्रदर्शन उम्मीद के मुताबिक नहीं रहा। लगातार छोटी पारियों ने टीम में उनकी जगह को लेकर चर्चा तेज कर दी है।

    संजू की लगातार नाकामी के बाद सोशल मीडिया पर फैन्स का एक वर्ग अब युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी को मौका देने की मांग कर रहा है। 15 साल के वैभव भारतीय क्रिकेट में अपनी कम उम्र और आक्रामक बल्लेबाजी के कारण पहले ही काफी चर्चा बटोर चुके हैं। वेस्टइंडीज के खिलाफ पहले टी20 में उन्हें प्लेइंग इलेवन में जगह नहीं मिली और वह बाहर बैठकर मुकाबला देखते नजर आए। इसके बाद सोशल मीडिया पर कई फैन्स ने टीम मैनेजमेंट के फैसले पर सवाल खड़े किए।

    कुछ यूजर्स का कहना है कि संजू को काफी मौके मिल चुके हैं और अगर उनका बल्ला लगातार खामोश है तो युवा खिलाड़ी को आजमाने पर विचार किया जाना चाहिए। एक यूजर ने कहा कि अब संजू से आगे बढ़ने का समय आ गया है। वहीं कुछ फैन्स ने मुख्य कोच गौतम गंभीर और चयनकर्ताओं पर भी सवाल उठाए और पूछा कि आखिर वैभव को प्लेइंग इलेवन में मौका कब मिलेगा।

    हालांकि सिर्फ चार पारियों के आधार पर किसी खिलाड़ी के भविष्य पर फैसला करना आसान नहीं होता। संजू के पास अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट का अनुभव है और वह कई मौकों पर अपनी बल्लेबाजी से टीम को मैच जिता चुके हैं। ऐसे में टीम मैनेजमेंट उनके अनुभव पर भरोसा जारी रखता है या युवा वैभव को मौका देकर भविष्य की तैयारी शुरू करता है यह आने वाले मुकाबलों में साफ होगा।

    फिलहाल भारत ने सीरीज में जीत के साथ शुरुआत कर दी है और अब नजर अगले मुकाबले पर है। एक तरफ संजू सैमसन के बल्ले से बड़ी पारी की उम्मीद होगी तो दूसरी तरफ फैन्स की निगाहें 15 साल के वैभव सूर्यवंशी पर रहेंगी। अगर टीम मैनेजमेंट प्लेइंग इलेवन में बदलाव करता है तो वैभव को मौका मिलना इस सीरीज की सबसे बड़ी चर्चाओं में से एक हो सकता है।

  • NZ Tour: टी-20 सीरीज के लिए टीम इंडिया का ऐलान… 4 साल बाद भुवनेश्वर कुमार की वापसी

    NZ Tour: टी-20 सीरीज के लिए टीम इंडिया का ऐलान… 4 साल बाद भुवनेश्वर कुमार की वापसी


    नई दिल्ली।
    भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (Cricket Control Board of India- BCCI) की पुरुष चयन समिति ने आगामी न्यूजीलैंड दौरे (New Zealand Tour) के लिए टीम इंडिया (Team India) और इंडिया ‘ए’ के स्क्वाड का आधिकारिक ऐलान कर दिया है।

    इस दौरे पर भारतीय टीम मेजबान न्यूजीलैंड के खिलाफ पांच मैचों की रोमांचक टी20 सीरीज खेलेगी, जबकि इंडिया ‘ए’ की टीम न्यूजीलैंड ‘ए’ के खिलाफ तीन मल्टी-डे (चार दिवसीय) मैच खेलेगी. वनडे और टेस्ट सीरीज के लिए टीमों की घोषणा फिलहाल बाद में की जाएगी।

    इस स्क्वाड की सबसे बड़ी खबर अनुभवी तेज गेंदबाज भुवनेश्वर कुमार की भारतीय टीम में वापसी है, जिन्हें एक बार फिर नीली जर्सी में गेंदबाजी का जिम्मा सौंपा गया है. श्रेयस अय्यर को टीम की कमान सौंपी गई है, जबकि उपकप्तानी की जिम्मेदारी तिलक वर्मा को दी गई है।


    क्यों हुई भुवनेश्वर कुमार की वापसी?

    भुवनेश्वर कुमार ने अपना आखिरी टी20 मुकाबला नवंबर 2022 में एडिलेड ओवल में इंग्लैंड के खिलाफ टी20 वर्ल्ड कप का सेमीफाइनल खेला था. इसके बाद से वह टीम से बाहर चल रहे थे, लेकिन पिछले दो आईपीएल (IPL) सीजन में रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (RCB) के लिए उनके शानदार प्रदर्शन ने चयनकर्ताओं का ध्यान अपनी ओर खींच लिया।

    पिछले दो संस्करणों में शानदार गेंदबाजी करते हुए उन्होंने कुल 45 विकेट झटके और टीम को खिताब दिलाने में अहम भूमिका निभाई. नई गेंद से उनकी स्विंग और अनुभव को देखते हुए उन्हें एक बार फिर नेशनल टीम में मौका मिला है. हालांकि, इस चयन के चलते भुवनेश्वर कुमार को हांगकांग सिक्सेस से हटना होगा, जहां उन्हें हाल ही में कप्तान बनाया गया था।

    टी20 टीम: श्रेयस अय्यर (कप्तान), तिलक वर्मा (उप-कप्तान), अभिषेक शर्मा, संजू सैमसन (विकेटकीपर), वैभव सूर्यवंशी, ईशान किशन (विकेटकीपर), अक्षर पटेल, शिवम दुबे, नीतीश कुमार रेड्डी, नमन धीर, प्रिंस यादव, मयंक यादव, अर्शदीप सिंह, भुवनेश्वर कुमार, वरुण चक्रवर्ती और कुलदीप यादव.

    इंडिया ‘ए’ टीम: ध्रुव जुरेल (कप्तान/विकेटकीपर), यशस्वी जयसवाल, केएल राहुल, देवदत्त पडिक्कल, रविचंद्रन स्मरण, ऋषभ पंत* (विकेटकीपर – फिटनेस के अधीन), वाशिंगटन सुंदर, आकिब नबी, आकाश दीप, अंशुल कंबोज, मानव सुथार, मुकेश चौधरी, साई सुदर्शन, यश राठौड़ और मुकेश कुमार।