Category: Sports
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भारत-वेस्टइंडीज टी20 सीरीज ड्रॉ, शाई होप बने सबसे बड़े हीरो, श्रेयस अय्यर ने मानी टीम इंडिया की रणनीति में कमी
नई दिल्ली। भारत और वेस्टइंडीज के बीच खेली गई पांच मैचों की टी20 सीरीज 2-2 की बराबरी पर समाप्त हो गई। शनिवार को बेंगलुरु के एम चिन्नास्वामी स्टेडियम में होने वाला पांचवां और निर्णायक मुकाबला बारिश के कारण नहीं खेला जा सका। लगातार बारिश और मैदान की परिस्थितियों को देखते हुए अंपायरों ने मैच रद्द करने का फैसला किया। इसके साथ ही सीरीज का परिणाम बराबरी पर रहा। मुकाबला रद्द होने के बाद भारतीय कप्तान श्रेयस अय्यर ने वेस्टइंडीज के कप्तान शाई होप के प्रदर्शन की तारीफ की और माना कि उनकी बल्लेबाजी ने भारतीय टीम के सामने बड़ी चुनौती खड़ी की।श्रेयस अय्यर ने मैच के बाद कहा कि भारतीय टीम दूसरे और चौथे टी20 मुकाबले में बेहतर गेंदबाजी कर सकती थी। अगर इन मैचों में गेंदबाज अपनी योजनाओं को सही तरीके से लागू कर पाते तो परिणाम अलग हो सकता था। उन्होंने वेस्टइंडीज की बल्लेबाजी को शानदार बताते हुए कहा कि विरोधी टीम को उसके प्रदर्शन का पूरा श्रेय दिया जाना चाहिए। अय्यर के मुताबिक शाई होप ने बेहतरीन बल्लेबाजी की और उनकी पारियों ने भारतीय टीम के लिए मुश्किलें बढ़ा दीं। उन्होंने होप को उनके शानदार प्रदर्शन के लिए बधाई भी दी।इस सीरीज में शाई होप वेस्टइंडीज की सफलता के सबसे प्रमुख खिलाड़ियों में रहे। उन्होंने चार पारियों में दो शतकों की मदद से कुल 261 रन बनाए। इनमें से 204 रन उन्होंने केवल 95 गेंदों पर बनाए। उनकी आक्रामक बल्लेबाजी ने भारतीय गेंदबाजों पर दबाव बनाया और वेस्टइंडीज को सीरीज में वापसी करने का मौका दिया। होप को उनके लगातार शानदार प्रदर्शन के लिए प्लेयर ऑफ द सीरीज चुना गया।सीरीज के दूसरे और चौथे टी20 मुकाबले में वेस्टइंडीज ने भारत को हराया था। इन दोनों मैचों में शाई होप ने शतक लगाकर अपनी टीम की जीत में अहम भूमिका निभाई। उनके प्रदर्शन की बदौलत वेस्टइंडीज ने सीरीज में 2-2 की बराबरी हासिल कर ली। भारतीय टीम के लिए इन मुकाबलों में विपक्षी बल्लेबाजों को रोकना चुनौतीपूर्ण रहा। कप्तान अय्यर की टिप्पणी से भी साफ हुआ कि टीम को अपनी गेंदबाजी योजनाओं के क्रियान्वयन पर ध्यान देने की जरूरत है।वेस्टइंडीज की बल्लेबाजी में शरफेन रदरफोर्ड का योगदान भी महत्वपूर्ण रहा। बाएं हाथ के इस आक्रामक बल्लेबाज ने दूसरे टी20 में 37 गेंदों पर 84 रन की शानदार पारी खेली थी। इसके बाद चौथे मुकाबले में उन्होंने 26 गेंदों पर नाबाद 49 रन बनाकर टीम को मजबूती दी। होप और रदरफोर्ड की पारियों ने वेस्टइंडीज की बल्लेबाजी को धार दी और भारतीय टीम के सामने चुनौतीपूर्ण स्थिति पैदा की।सीरीज बराबरी पर समाप्त होने के बाद शाई होप ने भी अपनी टीम के प्रदर्शन पर संतोष जताया। उन्होंने कहा कि टीम जीत के काफी करीब पहुंची और इतने वर्षों में इस तरह की प्रतिस्पर्धा दिखाना खिलाड़ियों के सामूहिक प्रयास को दर्शाता है। होप के अनुसार सीरीज में टीम ने खुद को अच्छा मौका दिया और यह संकेत है कि वेस्टइंडीज एक इकाई के रूप में आगे बढ़ रही है।पांचवें मुकाबले के बारिश में धुलने से दोनों टीमों को निर्णायक मैच खेलने का मौका नहीं मिला। भारतीय टीम जहां अपनी गेंदबाजी की कमियों से सबक लेकर आगे बढ़ना चाहेगी वहीं वेस्टइंडीज के लिए शाई होप और शरफेन रदरफोर्ड का प्रदर्शन सकारात्मक पहलू रहा। बराबरी पर खत्म हुई सीरीज ने दोनों टीमों के बीच कड़ी प्रतिस्पर्धा को दिखाया। -

एबी डिविलियर्स ने बताया विराट कोहली को देखकर कैसा था पहला इंप्रेशन, बोले- शुरुआत में घमंडी लगते थे भारतीय स्टार बल्लेबाज
नई दिल्ली । भारतीय क्रिकेटर विराट कोहली और दक्षिण अफ्रीका के पूर्व दिग्गज बल्लेबाज एबी डिविलियर्स की दोस्ती क्रिकेट जगत में काफी लोकप्रिय रही है। इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) में रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु के लिए साथ खेलते हुए दोनों ने कई यादगार पारियां खेलीं और अपनी बल्लेबाजी से टीम को मुश्किल परिस्थितियों से बाहर निकाला। मैदान पर उनकी साझेदारी जितनी प्रभावशाली रही, मैदान के बाहर भी दोनों के बीच दोस्ती उतनी ही मजबूत दिखाई दी। हालांकि, डिविलियर्स ने हाल ही में विराट कोहली को पहली बार देखने के बाद बनी अपनी शुरुआती धारणा के बारे में दिलचस्प खुलासा किया है।एक पॉडकास्ट में बातचीत के दौरान डिविलियर्स से पूछा गया कि विराट कोहली को पहली बार देखने पर उनके मन में क्या विचार आए थे। इस सवाल के जवाब में उन्होंने मजाकिया अंदाज में स्वीकार किया कि शुरुआत में उन्हें विराट घमंडी और मगरूर लगते थे। उन्होंने यह भी कहा कि संभव है विराट खुद भी उनकी इस बात से सहमत हों। हालांकि, डिविलियर्स ने स्पष्ट किया कि उनकी टिप्पणी को पूरी तरह गंभीरता से नहीं लिया जाना चाहिए। वह इसे हल्के-फुल्के अंदाज में कह रहे थे और उनका मकसद विराट के व्यक्तित्व पर नकारात्मक टिप्पणी करना नहीं था।
डिविलियर्स के मुताबिक, जब विराट कोहली 19, 20 या 21 साल के थे, तब उनके अंदर आत्मविश्वास भरपूर था। युवा उम्र में ही विराट अपने खेल को लेकर काफी दृढ़ दिखाई देते थे और उन्हें खुद की क्षमताओं पर पूरा भरोसा था। डिविलियर्स ने इसी आत्मविश्वास को उनके शुरुआती व्यवहार की एक प्रमुख वजह बताया। उनके अनुसार, कई बार किसी खिलाड़ी का खुद पर मजबूत भरोसा दूसरों को घमंड या मगरूर होने जैसा लग सकता है, जबकि वास्तविकता में वह अपने प्रदर्शन को लेकर आश्वस्त होता है।
उन्होंने यह भी समझाया कि शीर्ष स्तर पर क्रिकेट खेलने और सफलता हासिल करने के लिए आत्मविश्वास बेहद जरूरी होता है। अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में जगह बनाए रखने और लगातार अच्छा प्रदर्शन करने के लिए खिलाड़ी को अपनी क्षमताओं पर भरोसा करना पड़ता है। युवा खिलाड़ियों में यह विश्वास कभी-कभी उनके व्यवहार में अधिक आक्रामकता के रूप में नजर आ सकता है। विराट कोहली के मामले में भी डिविलियर्स ने उनके शुरुआती अंदाज को इसी नजरिए से देखा।
समय के साथ विराट के व्यक्तित्व में आए बदलाव का जिक्र करते हुए डिविलियर्स ने बताया कि उम्र बढ़ने के साथ वह एक खिलाड़ी और इंसान के तौर पर अधिक परिपक्व हुए। उनके शुरुआती करियर में खुद को साबित करने की चुनौती काफी बड़ी थी। ऐसे दौर में उनका आक्रामक रवैया और खुद पर जरूरत से ज्यादा भरोसा होने की छवि कुछ लोगों को अलग तरह से दिखाई दे सकती थी। लेकिन अनुभव बढ़ने और क्रिकेट में लगातार आगे बढ़ने के साथ उनके व्यवहार में भी बदलाव आया।
विराट कोहली ने अपने करियर में बल्लेबाजी के दम पर कई महत्वपूर्ण उपलब्धियां हासिल की हैं। उनकी आक्रामकता और जीत के लिए लगातार प्रयास करने की प्रवृत्ति उनके खेल की पहचान रही है। मैदान पर उनका जोशीला अंदाज कई बार चर्चा का विषय बनता रहा है, लेकिन उनके प्रशंसक इसी प्रतिस्पर्धी भावना को उनकी ताकत भी मानते हैं। डिविलियर्स की टिप्पणी इसी शुरुआती छवि और समय के साथ आए बदलाव को सामने लाती है।
आईपीएल के दौरान विराट कोहली और एबी डिविलियर्स ने रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु के लिए लंबे समय तक साथ खेला। दोनों के बीच तालमेल ने टीम को कई मुकाबलों में मजबूत स्थिति दिलाई। बल्लेबाजी के दौरान एक-दूसरे की शैली को समझना और मैदान पर बेहतरीन साझेदारियां करना उनकी जोड़ी की खासियत रही। साथ खेलने के दौरान उनकी दोस्ती भी मजबूत हुई और दोनों कई मौकों पर एक-दूसरे की तारीफ करते दिखाई दिए।
डिविलियर्स का यह बयान विराट कोहली के शुरुआती दिनों की उनकी व्यक्तिगत धारणा पर आधारित है। उन्होंने इसे मजाकिया संदर्भ में रखते हुए विराट के आत्मविश्वास और समय के साथ उनके परिपक्व होने की बात कही। उनकी टिप्पणी से यह भी स्पष्ट होता है कि किसी खिलाड़ी के शुरुआती व्यवहार को समझने के लिए उसकी उम्र, अनुभव और करियर की परिस्थितियों को ध्यान में रखना जरूरी है।
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भारत-वेस्टइंडीज पांचवें टी20 में ईशान किशन का तूफान, छक्का मारकर स्टेडियम के बाहर पहुंचाई गेंद, अंपायरों को मंगानी पड़ी नई बॉल
नई दिल्ली । भारत और वेस्टइंडीज के बीच पांचवें टी20 मुकाबले में ईशान किशन ने अपनी आक्रामक बल्लेबाजी से दर्शकों का ध्यान खींचा। बेंगलुरु के एम. चिन्नास्वामी स्टेडियम में खेले जा रहे इस मुकाबले में बारिश के कारण खेल प्रभावित हुआ और मैच को घटाकर नौ-नौ ओवर का कर दिया गया। टॉस जीतने के बाद वेस्टइंडीज के कप्तान शाई होप ने पहले गेंदबाजी करने का फैसला किया। भारतीय टीम पहले बल्लेबाजी करने उतरी, लेकिन शुरुआती ओवर में ही उसे पहला झटका लग गया।वेस्टइंडीज के गेंदबाज कीमो पॉल ने अभिषेक शर्मा को छह रन के निजी स्कोर पर आउट कर भारत को शुरुआती नुकसान पहुंचाया। इसके बाद बल्लेबाजी करने आए ईशान किशन ने तेजी से रन बनाकर भारतीय पारी को गति दी। उन्होंने क्रीज पर आते ही कैरेबियाई गेंदबाजों पर आक्रमण शुरू कर दिया। उनकी बल्लेबाजी में बड़े शॉट खेलने का अंदाज साफ दिखाई दिया और कुछ ही गेंदों में उन्होंने मुकाबले का माहौल बदल दिया।
ईशान की पारी का सबसे खास क्षण रोमारियो शेफर्ड के ओवर में देखने को मिला। उन्होंने लेग साइड की ओर हटकर घुटने के बल बैठते हुए फाइन लेग के ऊपर से स्कूप शॉट खेला। गेंद इतनी दूर गई कि स्टेडियम की सीमा पार कर बाहर जा गिरी। इस जोरदार छक्के के बाद मैच में नई गेंद की जरूरत पड़ी और अंपायरों को गेंद बदलनी पड़ी। उनके इस शॉट ने मैदान पर मौजूद दर्शकों के बीच उत्साह बढ़ा दिया।
ईशान किशन ने अपनी पारी में केवल 10 गेंदों का सामना किया और 30 रन बनाकर आउट हो गए। शमर जोसेफ की गेंद पर रोवमैन पॉवेल ने उनका कैच पकड़ा। हालांकि, उनकी पारी ज्यादा लंबी नहीं चली, लेकिन कम गेंदों में बनाए गए रनों ने भारतीय बल्लेबाजी को तेज शुरुआत देने में मदद की। इस दौरान उन्होंने बड़े शॉट लगाने की अपनी क्षमता दिखाई। मुकाबले में लगाया गया छक्का सीरीज के छक्कों का शतक पूरा होने से भी जुड़ा रहा।
बारिश के कारण मैच की परिस्थितियों में बदलाव करना पड़ा। मुकाबले को नौ-नौ ओवर का किए जाने के बाद गेंदबाजों के लिए भी विशेष नियम लागू किए गए। नए खेल नियमों के अनुसार, प्रत्येक टीम का कोई भी गेंदबाज अधिकतम दो ओवर डाल सकता है, जबकि एक गेंदबाज को केवल एक ओवर करने की अनुमति होगी। छोटे प्रारूप में बल्लेबाजों को कम समय में तेजी से रन बनाने का मौका मिलता है, वहीं गेंदबाजों के सामने भी सीमित ओवरों में विकेट निकालने की चुनौती रहती है।
ह मुकाबला सीरीज के लिहाज से बेहद अहम था, क्योंकि पांचवें टी20 से पहले भारत और वेस्टइंडीज के बीच श्रृंखला 2-2 से बराबर थी। ऐसे में दोनों टीमों के लिए यह मैच निर्णायक महत्व रखता था। बारिश से प्रभावित खेल में बल्लेबाजी और गेंदबाजी के दौरान गलतियों की गुंजाइश कम हो गई थी। भारत की ओर से ईशान की तेज पारी ने शुरुआती चरण में टीम को आक्रामक रुख अपनाने का अवसर दिया।
इस मुकाबले के लिए भारतीय कप्तान श्रेयस अय्यर ने प्लेइंग इलेवन में दो बदलाव किए। चार साल बाद भारतीय टीम में वापसी करने वाले भुवनेश्वर कुमार को मयंक यादव की जगह शामिल किया गया। भारत की प्लेइंग इलेवन में अभिषेक शर्मा, संजू सैमसन, ईशान किशन, श्रेयस अय्यर, तिलक वर्मा, शिवम दुबे, नमन धीर, अक्षर पटेल, भुवनेश्वर कुमार, प्रिंस यादव और अर्शदीप सिंह शामिल रहे।
वेस्टइंडीज की टीम में शाई होप कप्तान और विकेटकीपर की भूमिका में उतरे। उनके साथ ज्वेल एंड्रयू, शिमरोन हेटमायर, रोवमैन पॉवेल, शेरफेन रदरफोर्ड, रोमारियो शेफर्ड, रोस्टन चेज, कीमो पॉल, शमर स्प्रिंगर, गुडाकेश मोटी और शमर जोसेफ को प्लेइंग इलेवन में जगह मिली। सीरीज बराबर होने के कारण दोनों टीमें निर्णायक मुकाबले में जीत हासिल कर ट्रॉफी अपने नाम करने के इरादे से उतरीं।
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ऑस्ट्रेलिया की जीत से WTC फाइनल की रेस हुई रोमांचक, भारत के पास बचे सात टेस्ट, जानिए कैसे मिलेगी फाइनल में जगह
नई दिल्ली । वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप (WTC) 2025-27 के फाइनल में पहुंचने की दौड़ ऑस्ट्रेलिया की दक्षिण अफ्रीका पर जीत के बाद और दिलचस्प हो गई है। डरबन में खेले गए टेस्ट मुकाबले में ऑस्ट्रेलिया ने मेजबान दक्षिण अफ्रीका को 214 रन से हराकर तीन मैचों की सीरीज में 1-0 की बढ़त बना ली। इस जीत से ऑस्ट्रेलिया ने अंक तालिका में अपनी शीर्ष स्थिति मजबूत कर ली, जबकि मौजूदा चैंपियन दक्षिण अफ्रीका तीसरे स्थान पर खिसक गया। न्यूजीलैंड दूसरे और भारतीय टीम पांचवें स्थान पर बनी हुई है।ऑस्ट्रेलिया ने मौजूदा WTC चक्र में 11 मैचों में नौ जीत दर्ज की हैं। उसके खाते में 108 अंक हैं और अंक प्रतिशत यानी पीसीटी 81.82 हो गया है। न्यूजीलैंड छह मैचों में चार जीत, एक हार और एक ड्रॉ के साथ 72.22 प्रतिशत अंक लेकर दूसरे स्थान पर है। दक्षिण अफ्रीका ने पांच मैचों में तीन जीत और दो हार के बाद 36 अंक जुटाए हैं। उसका पीसीटी 60 है। बांग्लादेश 55.56 प्रतिशत अंकों के साथ चौथे स्थान पर है।
भारतीय टीम ने अब तक 11 टेस्ट खेले हैं, जिनमें पांच जीत, चार हार और दो ड्रॉ शामिल हैं। भारत के खाते में 68 अंक हैं और उसका पीसीटी 51.52 है। टीम ने हाल ही में श्रीलंका के खिलाफ टेस्ट सीरीज 1-0 से जीती थी, लेकिन ऑस्ट्रेलिया की ताजा जीत के बाद भारतीय टीम की रैंकिंग में कोई बदलाव नहीं हुआ। बांग्लादेश फिलहाल भारत से आगे है, इसलिए टीम इंडिया को अपनी स्थिति बेहतर बनाने के लिए आगामी मुकाबलों में लगातार जीत दर्ज करनी होगी।
अंक तालिका में इंग्लैंड 38.54 प्रतिशत अंकों के साथ छठे स्थान पर है। उसने 16 मैचों में सात जीत, आठ हार और एक ड्रॉ दर्ज किया है। धीमी ओवर गति के कारण उसके 14 अंक काटे गए हैं। श्रीलंका 33.33 प्रतिशत अंकों के साथ सातवें, वेस्टइंडीज 20.83 प्रतिशत के साथ आठवें और पाकिस्तान 4.63 प्रतिशत अंकों के साथ नौवें स्थान पर है। वेस्टइंडीज के दो और पाकिस्तान के नौ अंक पेनल्टी के कारण काटे गए हैं।
भारत के सामने अब सात टेस्ट मैच बाकी हैं। इनमें न्यूजीलैंड के खिलाफ उसके घर में दो मुकाबले और ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ घरेलू मैदान पर पांच टेस्ट शामिल हैं। फाइनल में पहुंचने के लिए भारत को इन मैचों में अधिकतम जीत हासिल करने के साथ अन्य टीमों के नतीजों पर भी नजर रखनी होगी। WTC में टीमों की रैंकिंग कुल अंकों के बजाय अंक प्रतिशत के आधार पर तय होती है। जीत पर 12, ड्रॉ पर चार और टाई होने पर छह अंक मिलते हैं। चक्र के अंत में अंक तालिका की शीर्ष दो टीमें फाइनल खेलती हैं।
अगर भारत अपने बाकी सभी सात टेस्ट जीत लेता है, तो उसके कुल अंक 152 हो जाएंगे। इस चक्र में भारत के कुल 18 मैच होने हैं और अधिकतम उपलब्ध अंक 216 हैं। इस हिसाब से उसका पीसीटी 70.37 प्रतिशत तक पहुंच सकता है। यह स्कोर भारत को फाइनल की दौड़ में मजबूत स्थिति में ला सकता है। हालांकि, क्वालिफिकेशन दूसरी टीमों के प्रदर्शन और उनके अंतिम अंक प्रतिशत पर भी निर्भर करेगा। केवल छह मैच जीतना अपने आप में फाइनल में जगह की गारंटी नहीं देता।
ऑस्ट्रेलिया की मौजूदा स्थिति भारत के लिए बड़ी चुनौती है। अगर ऑस्ट्रेलिया लगातार जीत दर्ज करता है, तो उसका अंक प्रतिशत भारत के संभावित स्कोर से ऊपर रह सकता है। दूसरी ओर, दक्षिण अफ्रीका का ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ बाकी मुकाबलों में जीतना भारतीय टीम के लिए मददगार हो सकता है, क्योंकि इससे ऑस्ट्रेलिया के अंक प्रतिशत पर असर पड़ेगा। भारत को अपने पांचों घरेलू टेस्ट में ऑस्ट्रेलिया को हराने की भी जरूरत पड़ सकती है।
न्यूजीलैंड भी भारत की राह में चुनौती बना हुआ है। उसके पास अभी दस टेस्ट बाकी हैं और मौजूदा अंक प्रतिशत 72.22 है। भारत को न्यूजीलैंड के खिलाफ अपने दोनों मुकाबले जीतने होंगे, लेकिन इसके बावजूद कीवी टीम अन्य मैचों में अच्छा प्रदर्शन करके अपनी स्थिति मजबूत कर सकती है।
पिछली WTC साइकिलों के नतीजे बताते हैं कि फाइनल में पहुंचने के लिए कोई एक स्थायी अंक प्रतिशत तय नहीं है। 2021-23 चक्र में भारत 58.80 प्रतिशत अंकों के साथ दूसरे और ऑस्ट्रेलिया 66.67 प्रतिशत के साथ पहले स्थान पर रहा था। 2023-25 चक्र में दक्षिण अफ्रीका ने 69.44 और ऑस्ट्रेलिया ने 67.54 प्रतिशत अंकों के साथ फाइनल के लिए क्वालिफाई किया था। ऐसे में भारत की उम्मीदें अभी कायम हैं, लेकिन सातों टेस्ट में बेहतर प्रदर्शन और प्रतिद्वंद्वी टीमों के नतीजे निर्णायक होंगे।
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पैरा एशियन गेम्स 2026 की आज होगी भव्य शुरुआत… भारत के 168 खिलाड़ी लेंगे हिस्सा
आइची-नागोया। भारत (India) रविवार से शुरू हो रहे पैरा एशियन गेम्स (Para Asian Games) में अपने पिछले प्रदर्शन को पीछे छोड़ने के इरादे से उतरेगा। हालांकि, इस बार भारतीय दल का आकार पहले के मुकाबले काफी छोटा है। इसके अलावा पैरा निशानेबाजी और पैरा साइकिलिंग में चयन प्रक्रिया को लेकर उठे विवादों ने भी खेलों से पहले माहौल को प्रभावित किया है। ऐसे में भारत के लिए 2023 में जीते गए 111 पदकों की उपलब्धि को दोहराना एक बड़ी चुनौती होगी। भारत ने चीन के हांगझोउ में 2023 में आयोजित पिछले पैरा एशियन गेम्स में 29 स्वर्ण, 31 रजत और 51 कांस्य सहित कुल 111 पदक जीते थे। यह इन खेलों में भारत का अब तक का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन था। इस बार भारतीय खिलाड़ी (Indian players) इस रिकॉर्ड को बेहतर करने के लक्ष्य (New Medal Record) के साथ मैदान में उतरेंगे।
303 से घटकर 168 हुआ भारतीय दल
आइची-नागोया (Aichi-Nagoya) में आयोजित होने वाले इन खेलों में भारत ने 11 खेलों के लिए 168 खिलाड़ियों का दल भेजा है, जबकि हांगझोउ में भारत की ओर से 303 खिलाड़ियों ने हिस्सा लिया था। भागीदारी के लिए कड़े किए गए कोटे और खेल कार्यक्रमों में बदलाव के कारण भारतीय दल के आकार में कमी आई है। खिलाड़ियों की संख्या में आई इस गिरावट का असर पदकों की कुल संख्या पर भी पड़ सकता है। ऐसे में भारत की सफलता काफी हद तक अनुभवी पदक विजेताओं के प्रदर्शन और नए खिलाड़ियों की महाद्वीपीय स्तर पर अपनी पहचान बनाने की क्षमता पर निर्भर करेगी। आधिकारिक उद्घाटन समारोह से पहले ही भारतीय खिलाड़ी पैरा बैडमिंटन, पैरा टेबल टेनिस, बोकिया और दृष्टिबाधित फुटबॉल में अपने अभियान की शुरुआत कर चुके हैं।
पैरा एथलेटिक्स से सबसे ज्यादा उम्मीदें
हांगझोउ पैरा एशियन गेम्स में भारत ने पैरा एथलेटिक्स में 18 स्वर्ण सहित कुल 55 पदक जीते थे। इस बार भी एथलेटिक्स भारतीय दल के लिए पदकों का बड़ा स्रोत बन सकता है। हालांकि, इस स्पर्धा में भारत के खिलाड़ियों की संख्या 123 से घटकर 62 रह गई है। पैरालंपिक चैंपियन और विश्व रिकॉर्डधारी भाला फेंक खिलाड़ी सुमित अंतिल से स्वर्ण पदक की उम्मीद होगी। ऊंची कूद में निषाद कुमार, फर्राटा दौड़ में प्रीति पाल और क्लब थ्रो में धरमबीर सिंह भारतीय चुनौती को मजबूती देंगे।
तीरंदाजी, बैडमिंटन और निशानेबाजी पर नजर
तीरंदाजी में भुजाहीन तीरंदाज शीतल देवी और पायल नाग से अच्छे प्रदर्शन की उम्मीद है। वहीं, पैरालंपिक रिकर्व चैंपियन हरविंदर सिंह और विश्व चैंपियन तोमान कुमार भी पदक के दावेदारों में शामिल हैं। पैरा बैडमिंटन में कई बार के चैंपियन प्रमोद भगत और सुहास एलवाई पर भारत की उम्मीदों का बड़ा दारोमदार होगा। निशानेबाजी में पैरालंपिक चैंपियन अवनि लेखरा भारतीय चुनौती की अगुवाई करेंगी। पैरा टेबल टेनिस में टोक्यो पैरालंपिक की रजत पदक विजेता भाविना पटेल से भी पदक की आस रहेगी।चयन प्रक्रिया पर विवाद से बढ़ी मुश्किलें
खेलों से पहले पैरा निशानेबाजी और पैरा साइकिलिंग में चयन प्रक्रिया को लेकर विवाद सामने आए हैं। करीब 150 पैरा निशानेबाजों ने भारतीय खेल प्राधिकरण (साई) से कथित वित्तीय अनियमितताओं, वसूली और चयन संबंधी दिशा-निर्देशों के उल्लंघन की स्वतंत्र जांच कराने की मांग की है। भारतीय पैरालंपिक समिति के अध्यक्ष देवेंद्र झाझड़िया ने इन आरोपों को खारिज करते हुए कहा है कि चयन प्रक्रिया निष्पक्ष तरीके से पूरी की गई। वहीं, खेल मंत्रालय ने निशानेबाजी टीम के मुख्य कोच को दल से हटाकर उनकी जगह दूसरे कोच को शामिल किया। इस फैसले का कई प्रमुख निशानेबाजों ने विरोध किया। पैरा साइकिलिंग में भी चयन को लेकर असमंजस की स्थिति बनी। संयुक्त चयन समिति ने छह साइकिलिस्ट का चयन किया था, लेकिन खेल मंत्रालय ने केवल अरशद शेख के नाम को मंजूरी दी।
अनुभवी खिलाड़ियों और नए चेहरों पर टिकी निगाहें
भारतीय दल के सामने इस बार चुनौती केवल पदकों की संख्या बढ़ाने की नहीं, बल्कि सीमित खिलाड़ियों के साथ बेहतर प्रदर्शन करने की भी है। एक ओर सुमित अंतिल, अवनि लेखरा, प्रमोद भगत और भाविना पटेल जैसे अनुभवी खिलाड़ियों से पदक की उम्मीदें हैं, तो दूसरी ओर नए खिलाड़ियों के पास बड़े मंच पर अपनी प्रतिभा साबित करने का मौका होगा। अब देखना होगा कि छोटा भारतीय दल विपरीत परिस्थितियों के बावजूद हांगझोउ के 111 पदकों के रिकॉर्ड को पार कर पाता है या नहीं। -

दिल्ली कैपिटल्स को खिताब दिलाने की नई रणनीति, 400 वनडे विकेट लेने वाले चामिंडा वास बने तेज गेंदबाजी कोच
नई दिल्ली। आईपीएल 2027 से पहले दिल्ली कैपिटल्स ने अपनी कोचिंग टीम को मजबूत करने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया है। फ्रेंचाइजी ने श्रीलंका के दिग्गज पूर्व तेज गेंदबाज चामिंडा वास को टीम का तेज गेंदबाजी कोच नियुक्त किया है। दिल्ली कैपिटल्स ने शनिवार 17 अक्टूबर को अपने आधिकारिक एक्स हैंडल के जरिए इस नियुक्ति की घोषणा की। टीम आगामी सीजन में अपना पहला आईपीएल खिताब जीतने के लक्ष्य के साथ नई रणनीति पर काम कर रही है। चामिंडा वास जैसे अनुभवी खिलाड़ी के जुड़ने से टीम के गेंदबाजी विभाग को मजबूती मिलने की उम्मीद है।दिल्ली कैपिटल्स ने आईपीएल 2027 के लिए अपनी कोचिंग व्यवस्था में बड़े बदलाव किए हैं। पूर्व भारतीय कप्तान सौरव गांगुली को टीम का मुख्य कोच बनाया गया है। वहीं भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व ऑलराउंडर युवराज सिंह को सहायक कोच और बल्लेबाजी कोच की जिम्मेदारी सौंपी गई है। अब चामिंडा वास को तेज गेंदबाजी कोच नियुक्त किए जाने से टीम का कोचिंग ढांचा और मजबूत दिखाई दे रहा है। फ्रेंचाइजी अनुभवी खिलाड़ियों की मदद से ऐसी टीम तैयार करना चाहती है जो आगामी सीजन में बेहतर प्रदर्शन करते हुए खिताब की चुनौती पेश कर सके।दिल्ली कैपिटल्स की ओर से पूर्व भारतीय लेग स्पिनर अमित मिश्रा को स्पिन गेंदबाजी कोच बनाए जाने की भी संभावना जताई जा रही है। अमित मिश्रा दिल्ली की टीम के लिए खेल चुके हैं और उनके पास आईपीएल क्रिकेट का अच्छा अनुभव है। हालांकि उनकी नियुक्ति को लेकर अभी तक कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है। यदि वह भी कोचिंग स्टाफ का हिस्सा बनते हैं तो टीम के गेंदबाजी विभाग को अनुभव और विशेषज्ञता का अतिरिक्त लाभ मिल सकता है।चामिंडा वास का अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट करियर बेहद शानदार रहा है। श्रीलंका के इस बाएं हाथ के तेज गेंदबाज ने अपनी स्विंग और सटीक लाइन लेंथ से दुनिया के कई बड़े बल्लेबाजों को परेशान किया। उन्होंने 1994 से 2009 के बीच श्रीलंका का प्रतिनिधित्व करते हुए 111 टेस्ट मैचों में 355 विकेट हासिल किए। वनडे क्रिकेट में उनका प्रदर्शन और भी प्रभावशाली रहा। वास ने 322 वनडे मुकाबलों में 400 विकेट अपने नाम किए। इसके अलावा उन्होंने श्रीलंका के लिए छह टी20 अंतरराष्ट्रीय मैच खेले और छह विकेट हासिल किए। आईपीएल में भी वह 13 मैचों में 18 विकेट ले चुके हैं।चामिंडा वास 1996 में वनडे विश्व कप जीतने वाली श्रीलंकाई टीम के अहम सदस्य भी रहे हैं। उस ऐतिहासिक जीत ने श्रीलंका को विश्व क्रिकेट में नई पहचान दिलाई थी। वास का अनुभव केवल एक खिलाड़ी तक सीमित नहीं है। वह श्रीलंका और आयरलैंड की राष्ट्रीय क्रिकेट टीमों के साथ कोच के रूप में भी काम कर चुके हैं। इससे उन्हें अलग-अलग परिस्थितियों में गेंदबाजों को तैयार करने और उनकी तकनीक सुधारने का अनुभव मिला है।52 वर्षीय चामिंडा वास की नियुक्ति दिल्ली कैपिटल्स के युवा तेज गेंदबाजों के लिए खास अवसर मानी जा रही है। उनके मार्गदर्शन में गेंदबाज स्विंग नियंत्रण और सही लाइन लेंथ के साथ दबाव में गेंदबाजी करने की बारीकियां सीख सकते हैं। अब देखना होगा कि सौरव गांगुली युवराज सिंह और चामिंडा वास जैसे अनुभवी नामों वाली नई कोचिंग टीम आईपीएल 2027 में दिल्ली कैपिटल्स के प्रदर्शन को किस तरह बदलती है और क्या टीम अपने पहले खिताब के सपने को पूरा कर पाती है। -

मुंबई इंडियंस को 3 IPL ट्रॉफी दिलाने वाले महेला जयवर्धने की विदाई, खराब सीजन के बाद फ्रेंचाइजी का बड़ा फैसला
नई दिल्ली। आईपीएल की सबसे सफल टीमों में शामिल मुंबई इंडियंस और महेला जयवर्धने की राहें अलग हो गई हैं। फ्रेंचाइजी और श्रीलंका के पूर्व कप्तान ने आपसी सहमति से हेड कोच के पद से अलग होने का फैसला किया है। जयवर्धने के नेतृत्व में मुंबई इंडियंस ने तीन बार आईपीएल का खिताब अपने नाम किया था। ऐसे में उनका जाना टीम के लिए एक बड़े बदलाव के रूप में देखा जा रहा है। पांच बार की आईपीएल चैंपियन मुंबई इंडियंस अब आगामी सीजन से पहले अपने कोचिंग और नेतृत्व ढांचे को नए सिरे से तैयार करने की दिशा में आगे बढ़ रही है। यह फैसला 2026 के निराशाजनक प्रदर्शन के बाद लिया गया है जिसमें टीम को केवल चार जीत मिलीं और उसे अंक तालिका में नौवें स्थान से संतोष करना पड़ा।महेला जयवर्धने का मुंबई इंडियंस के साथ लंबा और सफल जुड़ाव रहा है। उन्होंने वर्ष 2017 में पहली बार टीम के हेड कोच की जिम्मेदारी संभाली थी। उनके मार्गदर्शन में मुंबई इंडियंस ने 2017 में खिताब जीता और इसके बाद 2019 तथा 2020 में लगातार दो बार चैंपियन बनने का गौरव हासिल किया। लगातार दो आईपीएल खिताब जीतना टीम की बड़ी उपलब्धियों में शामिल रहा। जयवर्धने ने खिलाड़ियों की प्रतिभा को निखारने और टीम की रणनीति तैयार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उनके कार्यकाल में मुंबई इंडियंस ने कई यादगार मुकाबले खेले और आईपीएल में अपनी मजबूत पहचान बनाए रखी।हेड कोच की जिम्मेदारी से हटने के बाद जयवर्धने ने 2022 से 2024 तक मुंबई इंडियंस के ग्लोबल हेड ऑफ परफॉर्मेंस के रूप में काम किया। इस भूमिका में उन्होंने फ्रेंचाइजी की अंतरराष्ट्रीय टीमों के लिए कोचिंग व्यवस्था स्काउटिंग और रणनीतिक योजनाओं से जुड़े काम संभाले। वर्ष 2024 में वह दो प्लस एक साल के करार के तहत दोबारा मुंबई इंडियंस के हेड कोच बने। 2025 में टीम ने प्लेऑफ तक पहुंचकर अच्छा प्रदर्शन किया था लेकिन 2026 का सीजन उसके लिए बेहद निराशाजनक रहा। चोटों खिलाड़ियों की उपलब्धता से जुड़ी परेशानियों और ड्रेसिंग रूम में कथित असंतोष जैसी चुनौतियों ने टीम के प्रदर्शन को प्रभावित किया। अब फ्रेंचाइजी अगले सीजन से पहले नए कोच की तलाश में जुटी है।मुंबई इंडियंस से अलग होने के बाद जयवर्धने ने फ्रेंचाइजी के साथ अपने सफर को याद करते हुए कहा कि यह संगठन एक दशक से भी अधिक समय से उनके जीवन और करियर का खास हिस्सा रहा है। उन्होंने खिलाड़ियों कोचिंग स्टाफ और प्रशंसकों के सहयोग को अपने अनुभव का महत्वपूर्ण हिस्सा बताया। जयवर्धने ने नीता अंबानी और आकाश अंबानी का विशेष रूप से धन्यवाद करते हुए कहा कि उन्होंने वर्षों तक उन पर भरोसा जताया और लगातार समर्थन दिया। उन्होंने यह भी कहा कि टीम के साथ बिताए गए पल और हासिल की गई उपलब्धियां हमेशा उनके लिए खास रहेंगी। उन्होंने भविष्य के लिए मुंबई इंडियंस को शुभकामनाएं भी दीं।फ्रेंचाइजी की मालकिन नीता एम अंबानी ने भी जयवर्धने के योगदान की सराहना की। उन्होंने उनके शांत नेतृत्व ईमानदारी और क्रिकेट के प्रति समर्पण को टीम के लिए महत्वपूर्ण बताया। नीता अंबानी के अनुसार जयवर्धने ने मुंबई इंडियंस के साथ अपने लंबे जुड़ाव के दौरान कई यादगार उपलब्धियां हासिल करने में योगदान दिया। फ्रेंचाइजी ने उनके प्रति आभार जताते हुए उनके भविष्य के लिए सफलता और खुशियों की कामना की।अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि मुंबई इंडियंस अगले सीजन के लिए किसे अपना नया हेड कोच नियुक्त करेगी। खबरों के मुताबिक फ्रेंचाइजी ने इस पद के लिए कई उम्मीदवारों को शॉर्टलिस्ट किया है और उनके इंटरव्यू की तैयारी की जा रही है। नए कोच के सामने टीम को फिर से मजबूत बनाना और पिछले सीजन की कमजोरियों को दूर करना बड़ी चुनौती होगी। तीन बार चैंपियन बनाने वाले जयवर्धने की विदाई के बाद मुंबई इंडियंस के प्रशंसकों की नजरें अब टीम के अगले फैसले पर टिकी हैं। -

टीम इंडिया के लिए करो या मरो का मुकाबला, लेकिन बेंगलुरु में बारिश बिगाड़ सकती है खेल, जानें मौसम का ताजा अनुमान
नई दिल्ली। भारत और वेस्टइंडीज के बीच पांच मैचों की टी20 इंटरनेशनल सीरीज का आखिरी मुकाबला शनिवार 17 अक्टूबर को बेंगलुरु के एम चिन्नास्वामी क्रिकेट स्टेडियम में खेला जाना है। सीरीज 2-2 से बराबर होने के कारण इस मुकाबले का महत्व काफी बढ़ गया है। दोनों टीमें जीत दर्ज कर सीरीज अपने नाम करना चाहेंगी लेकिन निर्णायक मैच से पहले मौसम ने चिंता बढ़ा दी है। बेंगलुरु में भारी बारिश की आशंका जताई गई है जिससे मुकाबले में रुकावट आ सकती है। अगर बारिश के कारण मैच प्रभावित होता है तो दोनों टीमों की सीरीज जीतने की उम्मीदों पर भी असर पड़ सकता है।एक्यूवेदर की रिपोर्ट के अनुसार शनिवार को बेंगलुरु में बारिश होने की 90 प्रतिशत संभावना जताई गई है। खासतौर पर शाम के समय तेज बारिश होने का अनुमान है। मौसम में बदलाव के चलते आसमान में घने बादल छाए रहने की भी संभावना है। ऐसे में मैच शुरू होने से लेकर खेल के दौरान तक बारिश खलल डाल सकती है। क्रिकेट प्रशंसकों के लिए यह चिंता की बात है क्योंकि पांचवें टी20 से ही सीरीज का अंतिम नतीजा निकलना है। हालांकि मौसम का पूर्वानुमान संभावनाओं पर आधारित होता है और वास्तविक स्थिति में बदलाव भी हो सकता है।बारिश की आशंका के बावजूद चिन्नास्वामी स्टेडियम का बेहतर ड्रेनेज सिस्टम उम्मीद की किरण बना हुआ है। मैदान से पानी निकालने और खेल के लिए सतह को जल्द तैयार करने की व्यवस्था अच्छी मानी जाती है। ऐसे में यदि बारिश कुछ समय के लिए रुकती है तो मैदान को दोबारा खेलने लायक बनाने में मदद मिल सकती है। हालांकि लगातार या भारी बारिश होने पर मैच के ओवर कम करने पड़ सकते हैं। मुकाबला कितने समय तक प्रभावित होगा और कितने ओवर का खेल संभव हो पाएगा यह पूरी तरह बारिश की अवधि और मैदान की स्थिति पर निर्भर करेगा।सीरीज के चौथे मुकाबले में वेस्टइंडीज ने दमदार प्रदर्शन करते हुए भारतीय टीम को 24 रन से हराया था। पहले बल्लेबाजी करते हुए कैरेबियाई टीम ने 20 ओवर में तीन विकेट के नुकसान पर 247 रन बनाए थे। कप्तान शाई होप ने शानदार बल्लेबाजी करते हुए 50 गेंदों पर नाबाद 102 रन की शतकीय पारी खेली थी। वहीं शेरफेन रदरफोर्ड ने महज 26 गेंदों में 49 रन बनाकर टीम के स्कोर को तेजी से आगे बढ़ाया। भारतीय गेंदबाज इस मुकाबले में विपक्षी बल्लेबाजों को रोकने में नाकाम रहे थे। अर्शदीप सिंह और मयंक यादव ने अपने चार-चार ओवर में 52-52 रन खर्च किए थे।248 रन के बड़े लक्ष्य का पीछा करने उतरी भारतीय टीम ने आक्रामक बल्लेबाजी की लेकिन जीत हासिल नहीं कर सकी। टीम ने 20 ओवर में नौ विकेट गंवाकर 223 रन बनाए। संजू सैमसन ने 23 गेंदों पर 56 रन की तेज पारी खेली जबकि तिलक वर्मा ने 25 गेंदों पर 43 रन बनाए। नीतीश कुमार रेड्डी ने भी 20 गेंदों में 41 रन का योगदान दिया। इसके बावजूद भारतीय टीम लक्ष्य से 24 रन दूर रह गई। अब आखिरी मुकाबले में टीम इंडिया पिछली हार का बदला लेकर सीरीज जीतना चाहेगी।इस निर्णायक मुकाबले में मौसम की भूमिका बेहद अहम हो सकती है। यदि बारिश के कारण मैच पूरा नहीं हो पाता तो सीरीज का फैसला प्रभावित हो सकता है। वहीं खेल होने की स्थिति में दोनों टीमों के बल्लेबाजों और गेंदबाजों पर दबाव रहेगा। भारतीय टीम को वेस्टइंडीज के बड़े स्कोर बनाने की क्षमता पर अंकुश लगाना होगा जबकि कैरेबियाई टीम पिछली जीत के आत्मविश्वास के साथ मैदान पर उतरेगी। अब सभी की निगाहें बेंगलुरु के मौसम और मैच की शुरुआत पर टिकी हैं। -

भारत-वेस्टइंडीज सीरीज 2-2 से बराबर, चिन्नास्वामी में होगा आखिरी मुकाबला, क्या टीम इंडिया पलटेगी बाजी?
नई दिल्ली। भारत और वेस्टइंडीज के बीच पांच मैचों की टी20 इंटरनेशनल सीरीज का रोमांच निर्णायक मोड़ पर पहुंच गया है। शनिवार 17 अक्टूबर को बेंगलुरु के एम चिन्नास्वामी क्रिकेट स्टेडियम में दोनों टीमें पांचवें और आखिरी मुकाबले में आमने-सामने होंगी। सीरीज फिलहाल 2-2 से बराबर है और ऐसे में दोनों टीमों के पास सीरीज अपने नाम करने का मौका है। भारतीय टीम घरेलू मैदान पर जीत दर्ज कर सीरीज जीतने के इरादे से उतरेगी जबकि वेस्टइंडीज की नजर पिछले मुकाबले में मिली शानदार जीत के प्रदर्शन को दोहराने पर होगी। इस अहम मुकाबले से पहले चिन्नास्वामी स्टेडियम में भारतीय टीम के टी20 इंटरनेशनल रिकॉर्ड की भी चर्चा हो रही है।बेंगलुरु के इस मैदान पर भारतीय टीम अब तक आठ टी20 इंटरनेशनल मुकाबले खेल चुकी है। इनमें से चार मैचों में टीम इंडिया को जीत मिली है जबकि तीन मुकाबलों में हार का सामना करना पड़ा है। एक मैच का कोई नतीजा नहीं निकल सका। आंकड़ों के मुताबिक इस मैदान पर भारतीय टीम का जीत का प्रतिशत 50 रहा है। हालांकि क्रिकेट के छोटे प्रारूप में पुराने रिकॉर्ड से ज्यादा मौजूदा फॉर्म और दबाव में प्रदर्शन मायने रखता है। पांचवें टी20 में भारतीय खिलाड़ियों को बल्लेबाजी और गेंदबाजी दोनों विभागों में बेहतर तालमेल दिखाना होगा ताकि निर्णायक मुकाबले में जीत हासिल की जा सके।चिन्नास्वामी स्टेडियम में भारतीय टीम ने अपना पिछला टी20 इंटरनेशनल मुकाबला वर्ष 2024 में अफगानिस्तान के खिलाफ खेला था। यह मैच बेहद रोमांचक रहा था और इसका फैसला निकालने के लिए दो सुपर ओवर खेलने पड़े थे। आखिरकार भारतीय टीम ने मुकाबला अपने नाम किया था। उस मैच ने दिखाया था कि बेंगलुरु के मैदान पर दर्शकों को आखिरी गेंद तक रोमांच देखने को मिल सकता है। अब भारत और वेस्टइंडीज के बीच होने वाले निर्णायक मुकाबले में भी प्रशंसकों को बड़े स्कोर और कड़े संघर्ष की उम्मीद है।सीरीज के चौथे टी20 मुकाबले में वेस्टइंडीज ने शानदार बल्लेबाजी करते हुए भारत को 24 रन से हराया था। पहले बल्लेबाजी करने उतरी कैरेबियाई टीम ने निर्धारित 20 ओवर में तीन विकेट के नुकसान पर 247 रन का विशाल स्कोर खड़ा किया। कप्तान शाई होप ने बेहतरीन शतकीय पारी खेलते हुए 50 गेंदों पर नाबाद 102 रन बनाए। उनकी आक्रामक बल्लेबाजी ने भारतीय गेंदबाजों पर लगातार दबाव बनाए रखा। वेस्टइंडीज के अन्य बल्लेबाजों ने भी तेजी से रन बनाए और टीम को मजबूत स्थिति में पहुंचा दिया। इतने बड़े लक्ष्य का पीछा करते हुए भारतीय टीम ने संघर्ष जरूर किया लेकिन निर्धारित 20 ओवर में नौ विकेट खोकर 223 रन ही बना सकी।भारत की ओर से संजू सैमसन ने सर्वाधिक 56 रन बनाए। तिलक वर्मा ने 43 जबकि नीतीश कुमार रेड्डी ने 41 रन का योगदान दिया। हालांकि इन पारियों के बावजूद भारतीय टीम लक्ष्य तक नहीं पहुंच सकी। वेस्टइंडीज के गेंदबाज कीमो पॉल ने शानदार प्रदर्शन करते हुए चार ओवर में 41 रन देकर पांच विकेट झटके। उनकी गेंदबाजी ने भारतीय पारी को बड़ा झटका दिया और मुकाबले का रुख कैरेबियाई टीम की ओर मोड़ दिया।अब पांचवें टी20 में भारतीय टीम के सामने पिछली हार से उबरने और सीरीज जीतने की चुनौती होगी। वेस्टइंडीज की टीम भी पूरे आत्मविश्वास के साथ मैदान पर उतरेगी। कैरेबियाई टीम ने आखिरी बार 2023 में भारत के खिलाफ पांच मैचों की टी20 सीरीज 3-2 से जीती थी। ऐसे में भारतीय टीम के पास घरेलू मैदान पर सीरीज अपने नाम करने का मौका है। चिन्नास्वामी में बल्लेबाजों के प्रदर्शन के साथ गेंदबाजों की भूमिका भी निर्णायक साबित हो सकती है। दोनों टीमों के बीच होने वाला यह मुकाबला तय करेगा कि सीरीज की ट्रॉफी किसके हाथ लगेगी। -

Ind vs WI: पांचवां T20 मैच आज बेंगलुरु में… भारत हारा तो 24 साल बाद वेस्टइंडीज टीम रचेगी इतिहास
बेंगलुरु। भारत और वेस्टइंडीज (India vs West Indies) के बीच पांच मैचों की टी20 सीरीज (Five-match T20 series) का निर्णायक मुकाबला शनिवार, 17 अक्टूबर को बेंगलुरु के एम चिन्नास्वामी स्टेडियम (M. Chinnaswamy Stadium, Bengaluru) में खेला जाएगा. सीरीज फिलहाल 2-2 से बराबर है, लेकिन इस मुकाबले से पहले मौसम ने टीम इंडिया की टेंशन बढ़ा दी है। बारिश (Rain) के कारण मैच में रुकावट आने की आशंका है. अगर भारत (India) यह मुकाबला हार जाता है, तो वेस्टइंडीज (West Indies) के पास 24 साल बाद भारतीय जमीन पर किसी भी फॉर्मेट की सीरीज जीतने का मौका होगा।भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के मुताबिक, शनिवार को बेंगलुरु में आसमान में आमतौर पर बादल छाए रहेंगे. बारिश या गरज के साथ बौछारें पड़ने के एक-दो दौर देखने को मिल सकते हैं। विभाग ने आकाशीय बिजली के साथ तूफान की चेतावनी भी दी है. मौसम विभाग के अनुसार, शहर में न्यूनतम तापमान 20 डिग्री और अधिकतम 29 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने का अनुमान है।
वहीं, BBC की मौसम रिपोर्ट के मुताबिक- उपलब्ध प्रति घंटा पूर्वानुमान में भी बारिश की आशंका काफी ज्यादा दिखाई गई है. शाम 5 बजे बारिश की संभावना 66 फीसदी है. शाम 6 बजे यह 68 फीसदी, 7 बजे 69 फीसदी और रात 8 बजे 70 फीसदी तक पहुंच जाती है. रात 9 बजे भी बारिश की संभावना 70 फीसदी और 10 बजे 69 फीसदी दिखाई गई है. ऐसे में मैच शुरू होने के समय और उसके बाद भी बारिश खलल डाल सकती है।
क्या बारिश धुलवा देगी पूरा मैच?
बारिश का खतरा जरूर है, लेकिन अभी पूरे मैच के धुलने की पुष्टि नहीं की जा सकती. अगर बारिश थोड़ी देर के लिए होती है, तो मैदान खेलने लायक होने पर मुकाबला देरी से शुरू हो सकता है. हालांकि, लगातार बारिश या गरज-चमक के कारण ओवर कम करने की नौबत भी आ सकती है।एम चिन्नास्वामी स्टेडियम की ड्रेनेज व्यवस्था पानी निकालने में मदद करती है. इसके बावजूद लगातार बारिश होने पर मैच समय पर शुरू कराना चुनौती बन सकता है. सीरीज 2-2 से बराबर होने के कारण दोनों टीमें हर हाल में निर्णायक मुकाबला पूरा करना चाहेंगी।
बल्लेबाजों के लिए अच्छी पिच, ओस भी डाल सकती है असर
बेंगलुरु की पिच को आमतौर पर बल्लेबाजों के लिए मददगार माना जाता है. IPL में भी यहां बड़े स्कोर देखने को मिलते हैं, बशर्ते पिच की तैयारी में कोई समस्या न हो. लेकिन इस बार खिलाड़ियों की रणनीति पर पिच से ज्यादा मौसम का असर पड़ सकता है।अगर मैच शुरू होकर देर शाम तक चलता है, तो ओस भी भूमिका निभा सकती है. गीली गेंद के कारण गेंदबाजों को ग्रिप बनाने और गेंद पर नियंत्रण रखने में परेशानी हो सकती है. ऐसी स्थिति में लक्ष्य का पीछा करने वाली टीम को फायदा मिलने की संभावना रहेगी. टॉस के समय परिस्थितियों का आकलन करना दोनों टीमों के लिए अहम होगा।
24 साल बाद इतिहास रचने का मौका
वेस्टइंडीज ने 2002 के बाद से भारत में किसी भी फॉर्मेट की सीरीज नहीं जीती है. ऐसे में शनिवार का मुकाबला उसके लिए इस लंबे इंतजार को खत्म करने का मौका है. पांच मैचों की सीरीज 2-2 से बराबर होने के कारण दोनों टीमों के सामने जीत की चुनौती है।हालांकि, बारिश के कारण मुकाबला प्रभावित होता है, तो सीरीज का फैसला भी मौसम और मैच के नियमों पर निर्भर करेगा. फिलहाल भारत और वेस्टइंडीज दोनों की नजरें बेंगलुरु के आसमान पर रहेंगी. निर्णायक मुकाबले में बारिश सबसे बड़ा विलेन बन सकती है।
कैसा है भारत का बेंगलुरु में टी20 रिकॉर्ड
भारतीय टीम आखिरी बार जब बेंगलुरु में कोई टी20 इंटरनेशनल मैच खेली थी तो वो अफगानिस्तान के खिलाफ ‘डबल सुपर ओवर’ वाला मैच था. तब हमारी टीम ने जीत दर्ज की थी. उस मैच के करीब 2 साल बाद बेंगलुरु के एम चिन्नास्वामी स्टेडियम में टीम इंडिया के सामने वेस्ट इंडीज की टीम है, अभी सीरीज 2-2 से बराबरी पर है. अब शनिवार (17 अक्टूबर) को होने वाले मैच से यह तय होगा कि सीरीज कौन जीतेगा।भारतीय टीम यहां कुल मिलाकर 8 मैच खेली है, जिसमें उसने 4 मैच जीते (डबल सुपर वाला मैच भी शामिल) हैं, 3 मैच में हार मिली है और एक मैच बेनतीजा रहा है।