Category: Sports

  • IPL 2026 में बड़ा उलटफेर राजस्थान रॉयल्स ने 223 रन बनाकर पंजाब किंग्स को चौंकाया

    IPL 2026 में बड़ा उलटफेर राजस्थान रॉयल्स ने 223 रन बनाकर पंजाब किंग्स को चौंकाया


    नई दिल्ली । आईपीएल 2026 के रोमांचक मुकाबलों के बीच न्यू चंडीगढ़ में खेले गए पंजाब किंग्स और राजस्थान रॉयल्स के मैच ने क्रिकेट फैंस को सांसें थामने पर मजबूर कर दिया इस हाई स्कोरिंग मुकाबले में राजस्थान ने 223 रन का विशाल लक्ष्य हासिल करते हुए पंजाब को उसकी पहली हार का सामना कराया और एक यादगार जीत दर्ज की

    पंजाब किंग्स ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 4 विकेट के नुकसान पर 222 रन का मजबूत स्कोर खड़ा किया टीम को तेज शुरुआत प्रभसिमरन सिंह और प्रियांश आर्य से मिली दोनों ने आक्रामक अंदाज में रन बटोरे लेकिन बड़ी पारी में तब्दील नहीं कर सके इसके बाद कूपर कॉनॉली ने भी तेजी से रन जोड़े लेकिन असली धमाका अंत में मार्कस स्टोइनिस ने किया

    स्टोइनिस ने महज 22 गेंदों में नाबाद 62 रन की विस्फोटक पारी खेली जिसमें 6 छक्के और 4 चौके शामिल रहे उन्होंने आखिरी ओवरों में गेंदबाजों की जमकर धुनाई की और टीम को 222 रन तक पहुंचाया राजस्थान के गेंदबाजों ने बीच के ओवरों में नियंत्रण रखने की कोशिश की लेकिन डेथ ओवर्स में रन रोकने में नाकाम रहे

    223 रन के लक्ष्य का पीछा करने उतरी राजस्थान रॉयल्स की शुरुआत बेहद शानदार रही युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी ने आते ही ताबड़तोड़ बल्लेबाजी शुरू कर दी उन्होंने सिर्फ 16 गेंदों में 43 रन ठोकते हुए मैच का टोन सेट कर दिया उनके बल्ले से पांच छक्के निकले और पंजाब के गेंदबाज दबाव में आ गए हालांकि वह ज्यादा देर टिक नहीं सके और आउट हो गए

    इसके बाद यशस्वी जायसवाल ने पारी को संभालते हुए 27 गेंदों में 51 रन बनाए उन्होंने शानदार शॉट्स लगाए और टीम को मजबूती दी ध्रुव जुरेल और कप्तान रियान पराग ने भी योगदान दिया लेकिन पंजाब के स्पिनर युजवेंद्र चहल ने लगातार विकेट लेकर मैच में वापसी की उम्मीद जगाई

    मैच उस समय रोमांचक मोड़ पर पहुंच गया जब राजस्थान को आखिरी छह ओवर में 71 रन की जरूरत थी लेकिन यहीं से डोनोवन फरेरा और शुभम दुबे ने मैच का रुख पूरी तरह बदल दिया दोनों बल्लेबाजों ने बेखौफ अंदाज में बल्लेबाजी करते हुए गेंदबाजों पर दबाव बना दिया

    फरेरा ने 26 गेंदों में नाबाद 52 रन बनाए जबकि दुबे ने सिर्फ 12 गेंदों में 31 रन की तेज पारी खेली दोनों ने मिलकर चौकों और छक्कों की बरसात कर दी और पंजाब के गेंदबाजों को पूरी तरह बेबस कर दिया आखिरकार राजस्थान ने चार गेंद शेष रहते ही लक्ष्य हासिल कर लिया और छह विकेट से मुकाबला अपने नाम कर लिया

    यह जीत सिर्फ एक मैच की जीत नहीं बल्कि आत्मविश्वास का बड़ा संकेत है राजस्थान के लिए वहीं पंजाब के लिए यह हार कई सवाल खड़े करती है खासकर गेंदबाजी को लेकर इस मुकाबले ने एक बार फिर साबित कर दिया कि टी20 क्रिकेट में आखिरी ओवर तक कुछ भी संभव है और यही इस खेल की सबसे बड़ी खूबसूरती है

  • LIVE मैच में रियान पराग पर विवाद, सिगरेट वाले वीडियो से मचा बवाल

    LIVE मैच में रियान पराग पर विवाद, सिगरेट वाले वीडियो से मचा बवाल


    नई दिल्ली | आईपीएल 2026 के बीच एक नया विवाद सामने आया है, जिसने क्रिकेट जगत में हलचल मचा दी है। रियान पराग का एक कथित वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें वह लाइव मैच के दौरान सिगरेट के छल्ले उड़ाते नजर आ रहे हैं। इस वीडियो के सामने आने के बाद फैंस और क्रिकेट प्रेमियों में नाराजगी देखी जा रही है।

    हालांकि, इस वीडियो की प्रामाणिकता को लेकर अब तक आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन इसके बावजूद यह मुद्दा चर्चा का विषय बन चुका है। कई लोग इसे खेल भावना के खिलाफ और “शर्मनाक हरकत” बता रहे हैं, जबकि कुछ का कहना है कि वीडियो एडिटेड भी हो सकता है।

    भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) की ओर से फिलहाल इस मामले पर कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है। लेकिन अगर वीडियो सही पाया जाता है, तो बोर्ड के आचार संहिता के तहत कार्रवाई संभव मानी जा रही है।

    आईपीएल जैसे बड़े मंच पर खिलाड़ियों से अनुशासन और पेशेवर व्यवहार की उम्मीद की जाती है। ऐसे में किसी भी तरह की विवादित गतिविधि लीग की छवि को प्रभावित कर सकती है। बीसीसीआई आमतौर पर खिलाड़ियों के आचरण को लेकर सख्त रुख अपनाता है और पहले भी कई मामलों में जुर्माना या निलंबन जैसी कार्रवाई की जा चुकी है।

    रियान पराग, जो राजस्थान रॉयल्स के अहम खिलाड़ी हैं, इस सीजन में अपने प्रदर्शन को लेकर भी चर्चा में रहे हैं। ऐसे में यह विवाद उनके लिए मुश्किलें खड़ी कर सकता है।

    फिलहाल सभी की नजरें बीसीसीआई के अगले कदम पर टिकी हैं। अगर जांच में वीडियो सही पाया जाता है, तो पराग को सजा का सामना करना पड़ सकता है। वहीं अगर यह फर्जी साबित होता है, तो मामला यहीं खत्म हो जाएगा।

    कुल मिलाकर, यह विवाद आईपीएल 2026 के बीच एक नया मोड़ लेकर आया है, जहां खेल के साथ-साथ खिलाड़ियों के आचरण पर भी सवाल उठ रहे हैं।

  • रोहित शर्मा की वापसी पर सस्पेंस, टॉस के समय होगा बड़ा फैसला

    रोहित शर्मा की वापसी पर सस्पेंस, टॉस के समय होगा बड़ा फैसला


    नई दिल्ली | आईपीएल 2026 में बुधवार को वानखेड़े स्टेडियम में मुंबई इंडियंस और सनराइजर्स हैदराबाद के बीच होने वाले मुकाबले से पहले सबसे बड़ा सवाल यही है क्या रोहित शर्मा मैदान पर उतरेंगे? फिलहाल इस पर स्थिति पूरी तरह साफ नहीं है और अंतिम फैसला टॉस के समय लिया जाएगा।

    टीम से जुड़े सूत्रों के अनुसार, रोहित शर्मा की फिटनेस में लगातार सुधार देखा गया है, लेकिन उन्हें प्लेइंग इलेवन में शामिल किया जाएगा या नहीं, यह मैच से ठीक पहले तय होगा। उनकी वापसी मुंबई के लिए बेहद अहम मानी जा रही है, खासकर तब जब टीम इस सीजन में संघर्ष कर रही है।

    रोहित शर्मा पिछले तीन मैचों से हैमस्ट्रिंग इंजरी के कारण टीम से बाहर हैं। उनकी गैरमौजूदगी में मुंबई ने कई ओपनिंग संयोजन आजमाए, लेकिन कोई भी सफल साबित नहीं हुआ। ओपनिंग जोड़ी की अस्थिरता टीम के खराब प्रदर्शन की एक बड़ी वजह रही है। पिछले मुकाबलों में डिकॉक के साथ नए चेहरों को मौका दिया गया, लेकिन टीम को अपेक्षित शुरुआत नहीं मिल सकी।

    रोहित ने इस सीजन की शुरुआत शानदार अंदाज में की थी और कोलकाता नाइट राइडर्स के खिलाफ अर्धशतक जड़ा था। हालांकि, चौथे मैच में चोट के कारण उन्हें रिटायर हर्ट होना पड़ा और तब से वह मैदान पर वापसी नहीं कर सके हैं। उन्होंने अब तक खेले 4 मैचों में 137 रन बनाए हैं, जिसमें एक अर्धशतक शामिल है।

    अगर रोहित फिट होकर टीम में लौटते हैं, तो वह ओपनिंग में स्थिरता ला सकते हैं और टीम के बल्लेबाजी क्रम को मजबूती दे सकते हैं। उनकी मौजूदगी न सिर्फ रन बनाने में मदद करेगी, बल्कि टीम का मनोबल भी बढ़ाएगी।

    मुंबई इंडियंस का इस सीजन में प्रदर्शन उम्मीदों के मुताबिक नहीं रहा है। टीम 7 मैचों में सिर्फ 2 जीत के साथ 4 अंक लेकर अंकतालिका में निचले पायदान पर है। कप्तान हार्दिक पांड्या, सूर्यकुमार यादव और जसप्रीत बुमराह जैसे बड़े खिलाड़ियों का फॉर्म में न होना भी टीम के लिए चिंता का विषय है।

    अब स्थिति ऐसी बन गई है कि प्लेऑफ की दौड़ में बने रहने के लिए मुंबई को अपने सभी बचे हुए मैच जीतने होंगे। ऐसे में रोहित शर्मा की वापसी टीम के लिए किसी “टर्निंग पॉइंट” से कम नहीं होगी।

    कुल मिलाकर, फैंस की निगाहें अब टॉस पर टिकी हैं, जहां यह साफ हो जाएगा कि मुंबई का सबसे अनुभवी बल्लेबाज इस अहम मुकाबले में टीम का हिस्सा होगा या नहीं।

  • पंजाब पर जीत से आरआर की छलांग, तीसरे नंबर पर पहुंची टीम

    पंजाब पर जीत से आरआर की छलांग, तीसरे नंबर पर पहुंची टीम


    नई दिल्ली | इंडियन प्रीमियर लीग 2026 में मंगलवार की शाम मोहाली के न्यू पीसीए स्टेडियम में खेले गए मुकाबले में राजस्थान रॉयल्स (आरआर) ने शानदार प्रदर्शन करते हुए पंजाब किंग्स (पीबीकेएस) को उसके ही घर में हरा दिया। यह पंजाब की इस सीजन की पहली हार रही, जबकि राजस्थान के लिए यह जीत बेहद अहम साबित हुई।

    223 रनों के बड़े लक्ष्य का पीछा करते हुए राजस्थान ने जबरदस्त बल्लेबाजी का नमूना पेश किया और 19.2 ओवर में 4 विकेट के नुकसान पर 228 रन बनाकर मैच अपने नाम कर लिया। टीम की इस जीत के हीरो रहे डोनोवन फरेरा, जिन्होंने सिर्फ 26 गेंदों पर नाबाद 52 रन की ताबड़तोड़ पारी खेली और प्लेयर ऑफ द मैच बने।

    इस जीत के साथ राजस्थान रॉयल्स ने अंकतालिका में जबरदस्त छलांग लगाई है। अब टीम 9 मैचों में 12 अंकों के साथ तीसरे स्थान पर पहुंच गई है। हालांकि, हार के बावजूद पंजाब किंग्स 8 मैचों में 13 अंकों के साथ अब भी पहले स्थान पर काबिज है। दूसरे स्थान पर रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (आरसीबी) है, जिसके 8 मैचों में 12 अंक हैं।

    अंकतालिका में चौथे स्थान पर सनराइजर्स हैदराबाद है, जिसने 8 मैचों में 10 अंक हासिल किए हैं। वहीं गुजरात टाइटंस पांचवें, चेन्नई सुपर किंग्स छठे, दिल्ली कैपिटल्स सातवें, कोलकाता नाइट राइडर्स आठवें, मुंबई इंडियंस नौवें और लखनऊ सुपर जायंट्स दसवें स्थान पर मौजूद हैं।

    गौर करने वाली बात यह है कि कई टीमों के अंक समान होने के बावजूद उनकी रैंकिंग नेट रन रेट के आधार पर तय हो रही है, जिससे अंकतालिका और भी दिलचस्प बन गई है।

    इस मुकाबले के बाद ऑरेंज कैप की दौड़ में भी बड़ा बदलाव देखने को मिला है। राजस्थान रॉयल्स के 15 वर्षीय युवा सलामी बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी ने एक बार फिर यह कैप अपने नाम कर ली है। पंजाब के खिलाफ उन्होंने सिर्फ 16 गेंदों पर 43 रन बनाए और अब 9 मैचों में उनके कुल 400 रन हो गए हैं। इस दौरान उन्होंने 37 छक्के और 34 चौके जड़कर अपनी विस्फोटक बल्लेबाजी का शानदार प्रदर्शन किया है।

    वहीं पर्पल कैप फिलहाल भुवनेश्वर कुमार के पास है, जो रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु के लिए खेलते हुए 8 मैचों में 14 विकेट हासिल कर चुके हैं।

    कुल मिलाकर, आईपीएल 2026 का यह मुकाबला न सिर्फ रोमांचक रहा, बल्कि इसने अंकतालिका और व्यक्तिगत पुरस्कारों की दौड़ को भी और ज्यादा दिलचस्प बना दिया है।

  • वानखेड़े में हाई-वोल्टेज टक्कर: जीत की राह तलाशेगी मुंबई, लय बरकरार रखना चाहेगा हैदराबाद

    वानखेड़े में हाई-वोल्टेज टक्कर: जीत की राह तलाशेगी मुंबई, लय बरकरार रखना चाहेगा हैदराबाद


    नई दिल्ली | आईपीएल 2026 का रोमांच अपने चरम पर है और बुधवार शाम मुंबई इंडियंस (एमआई) और सनराइजर्स हैदराबाद (एसआरएच) के बीच वानखेड़े स्टेडियम में एक बेहद अहम मुकाबला खेला जाएगा। दोनों टीमों के लिए यह मैच अलग-अलग मायनों में महत्वपूर्ण है मुंबई के लिए यह “करो या मरो” की स्थिति है, जबकि हैदराबाद अपनी जीत की लय को बरकरार रखना चाहेगा।
    मुंबई इंडियंस का इस सीजन में प्रदर्शन बेहद निराशाजनक रहा है। टीम ने अब तक खेले गए 7 मुकाबलों में सिर्फ 2 जीत दर्ज की है और 4 अंकों के साथ अंकतालिका में सबसे निचले पायदान पर है। पिछले मैच में चेन्नई के खिलाफ 103 रनों की बड़ी हार ने टीम का मनोबल और गिराया है। अब प्लेऑफ की उम्मीदों को जिंदा रखने के लिए मुंबई को अपने बाकी सभी मैच जीतने होंगे, जिसकी शुरुआत इस मुकाबले से करनी होगी।
    हालांकि, मुंबई की सबसे बड़ी समस्या टीम संतुलन की रही है। बल्लेबाजी और गेंदबाजी दोनों विभागों में टीम एक साथ अच्छा प्रदर्शन करने में नाकाम रही है। कप्तान हार्दिक पांड्या के सामने खिलाड़ियों को एकजुट कर बेहतर प्रदर्शन निकालना बड़ी चुनौती बन चुका है। वहीं सूर्यकुमार यादव की अस्थिर फॉर्म और रोहित शर्मा की चोट ने टीम की मुश्किलें और बढ़ा दी हैं।
    दूसरी ओर, सनराइजर्स हैदराबाद शानदार फॉर्म में नजर आ रही है। टीम ने 8 मैचों में 5 जीत दर्ज कर 10 अंक हासिल किए हैं और अंकतालिका में चौथे स्थान पर काबिज है। पैट कमिंस की वापसी के बाद टीम का संतुलन और मजबूती साफ दिखाई दे रही है। खास बात यह है कि हैदराबाद अपने पिछले चार मुकाबले लगातार जीतकर आत्मविश्वास से भरपूर है और इस मैच में भी उसी लय को जारी रखने के इरादे से उतरेगी।
    वानखेड़े स्टेडियम की पिच हमेशा से बल्लेबाजों के लिए स्वर्ग मानी जाती है। यहां की हार्ड और फ्लैट सतह गेंद को अच्छा बाउंस देती है, जिससे बल्लेबाज खुलकर शॉट खेल पाते हैं। हालांकि, शुरुआत में तेज गेंदबाजों को थोड़ी मदद मिल सकती है, लेकिन जैसे-जैसे मैच आगे बढ़ता है, बल्लेबाजी आसान हो जाती है। स्पिनर्स को बीच के ओवरों में थोड़ी मदद मिल सकती है, लेकिन यह ज्यादा प्रभावी नहीं रहती।
    मौसम की बात करें तो मैच के दौरान आसमान साफ रहेगा और तापमान लगभग 31 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहेगा। बारिश की कोई संभावना नहीं है, लेकिन शाम को ओस गिरने की उम्मीद है, जो दूसरी पारी में बल्लेबाजी करने वाली टीम के लिए फायदेमंद साबित हो सकती है। यही वजह है कि टॉस जीतने वाली टीम पहले गेंदबाजी करना पसंद कर सकती है।
    कुल मिलाकर यह मुकाबला बेहद रोमांचक होने की उम्मीद है, जहां एक ओर मुंबई अपनी प्रतिष्ठा और प्लेऑफ की उम्मीदों को बचाने के लिए पूरी ताकत झोंकेगी, वहीं हैदराबाद जीत की रफ्तार को बनाए रखते हुए अंकतालिका में अपनी स्थिति और मजबूत करने की कोशिश करेगा।

  • गुरु को सम्मान, युवाओं को संदेश: Virat Kohli ने किया नए क्रिकेट हब का शुभारंभ..

    गुरु को सम्मान, युवाओं को संदेश: Virat Kohli ने किया नए क्रिकेट हब का शुभारंभ..

    नई दिल्ली में एक खास अवसर देखने को मिला, जब भारतीय क्रिकेट के स्टार बल्लेबाज Virat Kohli ने अपने शुरुआती क्रिकेट सफर से जुड़े एक अहम पड़ाव को फिर से जिया। उन्होंने अपने बचपन के कोच Rajkumar Sharma की क्रिकेट अकादमी के नए ब्रांच का उद्घाटन किया। यह आयोजन केवल एक औपचारिक कार्यक्रम नहीं था, बल्कि इसमें भावनाएं, यादें और प्रेरणा तीनों का संगम देखने को मिला।

    इस नए प्रशिक्षण केंद्र की शुरुआत के साथ ही स्थानीय युवा खिलाड़ियों के लिए बेहतर सुविधाओं का रास्ता खुल गया है। यहां आधुनिक संसाधनों और अनुभवी मार्गदर्शन के जरिए उभरते क्रिकेटरों को अपनी प्रतिभा निखारने का अवसर मिलेगा। कार्यक्रम के दौरान कई लोग मौजूद रहे, जिससे इस पहल की अहमियत साफ नजर आई।

    मौके पर मौजूद छात्रों से बातचीत करते हुए कोहली ने अपने जीवन के शुरुआती अनुभव साझा किए। उन्होंने बताया कि किस तरह उन्होंने कम उम्र में ही क्रिकेट को लेकर अपनी सोच स्पष्ट कर ली थी और उसी दिशा में पूरी लगन से काम करना शुरू कर दिया था। उनके अनुसार, जीवन में लक्ष्य तय करना और उसके प्रति ईमानदार रहना बेहद जरूरी है।

    उन्होंने छात्रों को यह भी समझाया कि स्कूल का समय केवल पढ़ाई के लिए नहीं होता, बल्कि यह वह दौर होता है जहां इंसान अपने व्यक्तित्व को आकार देता है। उन्होंने शिक्षकों की भूमिका को भी बेहद महत्वपूर्ण बताया और कहा कि छात्रों को अपने गुरुओं के प्रति सम्मान और ध्यान बनाए रखना चाहिए, क्योंकि वही उन्हें सही दिशा दिखाते हैं।

    अपने करियर के शुरुआती दिनों को याद करते हुए कोहली ने बताया कि उन्होंने बहुत छोटी उम्र से ही नियमित अभ्यास शुरू कर दिया था। इस अकादमी के साथ उनका गहरा जुड़ाव रहा है और आज भी जब समय मिलता है, वह यहां आकर अपने पुराने दिनों को याद करते हैं। उनके लिए यह जगह केवल अभ्यास का मैदान नहीं, बल्कि उनके सपनों की शुरुआत का केंद्र है।

    उन्होंने यह भी कहा कि जब उन्होंने क्रिकेट को अपने करियर के रूप में चुनने का फैसला लिया, तब उन्होंने अपने परिवार और शिक्षकों से पूरी ईमानदारी के साथ यह बात साझा की। यही पारदर्शिता और समर्पण आगे चलकर उनके सफल करियर की नींव बनी।

    इस नए ब्रांच के शुरू होने से यह उम्मीद की जा रही है कि आने वाले समय में यहां से कई नए खिलाड़ी निकलेंगे, जो क्रिकेट के क्षेत्र में अपना नाम बनाएंगे। कार्यक्रम के अंत में कोहली ने सभी युवा खिलाड़ियों को प्रेरित करते हुए कहा कि अगर वे अपने लक्ष्य के प्रति समर्पित रहेंगे, तो सफलता जरूर मिलेगी।

    यह आयोजन न केवल एक नई शुरुआत का प्रतीक बना, बल्कि इसने यह भी दिखाया कि कड़ी मेहनत, सही मार्गदर्शन और स्पष्ट लक्ष्य के साथ कोई भी अपने सपनों को हकीकत में बदल सकता है।

  • एक सवाल और बड़ा हंगामा: मनु भाकर के बयान से ज्यादा चर्चा सवाल पूछने के तरीके पर

    एक सवाल और बड़ा हंगामा: मनु भाकर के बयान से ज्यादा चर्चा सवाल पूछने के तरीके पर


    नई दिल्ली । देश में खेलों को लेकर जुनून हमेशा से रहा है लेकिन कई बार यही जुनून बहस और विवाद का कारण भी बन जाता है कुछ ऐसा ही देखने को मिला जब ओलंपिक मेडलिस्ट मनु भाकर से युवा क्रिकेटर वैभव सूर्यवंशी को लेकर सवाल पूछा गया और देखते ही देखते यह मामला सोशल मीडिया पर बड़ी बहस में बदल गया

    दरअसल दिल्ली में नेशनल राइफल एसोसिएशन ऑफ इंडिया की 75वीं वर्षगांठ के कार्यक्रम के दौरान मनु भाकर से वैभव सूर्यवंशी के बारे में राय मांगी गई इस पर उन्होंने बेहद संतुलित और सकारात्मक जवाब देते हुए कहा कि अगर किसी खिलाड़ी को सही मार्गदर्शन और अच्छा माहौल मिले तो उम्र सिर्फ एक नंबर रह जाती है और प्रतिभा किसी उम्र की मोहताज नहीं होती उन्होंने यह भी कहा कि सही मेंटरशिप के साथ वैभव आगे चलकर बड़ा स्टार बन सकते हैं

    हालांकि मनु भाकर का यह बयान प्रेरणादायक था लेकिन सोशल मीडिया पर चर्चा का केंद्र उनका जवाब नहीं बल्कि उनसे पूछा गया सवाल बन गया कई यूजर्स और खेल से जुड़े लोगों ने इस बात पर नाराजगी जताई कि एक ओलंपिक मेडलिस्ट शूटर से क्रिकेटर के बारे में सवाल करना उनके खेल और उपलब्धियों के साथ न्याय नहीं है

    इस मुद्दे पर जॉय भट्टाचार्य ने भी प्रतिक्रिया दी और कहा कि मनु भाकर जैसी खिलाड़ी से इस तरह का सवाल पूछना उनके योगदान को कम आंकने जैसा है उन्होंने तंज करते हुए कहा कि अगर ऐसा ही है तो अगली बार किसी क्रिकेटर से शूटिंग के उभरते खिलाड़ियों पर सवाल पूछा जाना चाहिए

    सोशल मीडिया पर कई यूजर्स ने यह भी सवाल उठाया कि क्या कभी क्रिकेटरों से अन्य खेलों के खिलाड़ियों के बारे में इस तरह सवाल किए जाते हैं लोगों का मानना है कि क्रिकेट को जरूरत से ज्यादा प्राथमिकता दी जाती है जबकि अन्य खेलों के खिलाड़ी भी उतनी ही मेहनत और उपलब्धियां हासिल करते हैं

    वहीं दूसरी ओर कुछ लोग इसे सामान्य मानते हैं उनका कहना है कि भारत में क्रिकेट सबसे लोकप्रिय खेल है इसलिए अन्य खेलों से जुड़े खिलाड़ियों से भी क्रिकेट पर राय लेना कोई नई बात नहीं है

    अगर बात करें वैभव सूर्यवंशी की तो वह इस समय क्रिकेट जगत में तेजी से उभरते सितारे हैं कम उम्र में उन्होंने कई बड़े रिकॉर्ड अपने नाम किए हैं और Indian Premier League में शानदार प्रदर्शन कर सबका ध्यान खींचा है

    यह पूरा विवाद एक बड़े मुद्दे की ओर इशारा करता है कि क्या भारत में खेलों के बीच संतुलन बन पाया है या नहीं क्या अन्य खेलों को भी क्रिकेट जितनी ही अहमियत मिलनी चाहिए यह बहस लंबे समय से चल रही है और इस घटना ने इसे एक बार फिर सुर्खियों में ला दिया है फिलहाल यह मामला सिर्फ एक सवाल से शुरू हुआ था लेकिन अब यह खेल पत्रकारिता और खेलों के बीच समानता की बड़ी बहस का रूप ले चुका है

  • दिल्ली के बल्लेबाजों ने बेंगलुरु के सामने टेके घुटने, पावरप्ले के न्यूनतम स्कोर के साथ माथे पर लगा सबसे बड़ा कलंक

    दिल्ली के बल्लेबाजों ने बेंगलुरु के सामने टेके घुटने, पावरप्ले के न्यूनतम स्कोर के साथ माथे पर लगा सबसे बड़ा कलंक


    नई दिल्ली।
    क्रिकेट के मैदान पर अनिश्चितताओं का दौर हमेशा बना रहता है, लेकिन दिल्ली कैपिटल्स ने सोमवार को जो कर दिखाया, उसने प्रशंसकों को हतप्रभ कर दिया है। शनिवार को जिस टीम ने विपक्षी गेंदबाजों की बखिया उधेड़ते हुए 264 रनों का पहाड़ खड़ा किया था, वही टीम मात्र 48 घंटे के भीतर ताश के पत्तों की तरह ढह गई। अरुण जेटली स्टेडियम में खेले गए इस मुकाबले में दिल्ली कैपिटल्स ने रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु के खिलाफ आईपीएल इतिहास का सबसे शर्मनाक रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया। टीम महज 75 रनों पर सिमट गई, लेकिन इससे भी ज्यादा चौंकाने वाला प्रदर्शन पावरप्ले के दौरान रहा। दिल्ली की टीम शुरुआती 6 ओवरों के भीतर केवल 13 रन बना सकी और इस दौरान उसने अपने 6 प्रमुख बल्लेबाजों को गंवा दिया, जो कि टूर्नामेंट के इतिहास में अब तक का सबसे खराब पावरप्ले प्रदर्शन है।

    मैच की शुरुआत से ही दिल्ली के बल्लेबाजों में आत्मविश्वास की भारी कमी दिखी और बेंगलुरु के गेंदबाजों ने इसका भरपूर फायदा उठाया। भुवनेश्वर कुमार की स्विंग और सटीक गेंदबाजी के आगे दिल्ली का शीर्ष क्रम पूरी तरह बेबस नजर आया। पहले ही ओवर की दूसरी गेंद पर विकेट गिरने का जो सिलसिला शुरू हुआ, वह थमने का नाम ही नहीं ले रहा था। आलम यह था कि महज 8 रन के स्कोर तक दिल्ली कैपिटल्स के आधे से ज्यादा बल्लेबाज पवेलियन वापस लौट चुके थे। केएल राहुल, समीर रिज्वी, ट्रिस्टन स्टब्स और अक्षर पटेल जैसे अनुभवी खिलाड़ी भी क्रीज पर टिकने का साहस नहीं जुटा पाए। पावरप्ले में 13 रन पर 6 विकेट का यह स्कोर अब राजस्थान रॉयल्स और सनराइजर्स हैदराबाद के उन पुराने रिकॉर्ड्स को पीछे छोड़ चुका है, जहां टीमें 14 रन बनाकर संघर्ष कर रही थीं।

    दिल्ली कैपिटल्स के लिए यह हार न केवल तकनीकी रूप से एक झटका है, बल्कि मनोवैज्ञानिक रूप से भी यह टीम को झकझोर देने वाली घटना है। एक मैच में रनों का अंबार लगाने वाली टीम का अगले ही मैच में 100 रन के आंकड़े तक न पहुंच पाना खेल की अनिश्चितता और टीम के अस्थिर प्रदर्शन को उजागर करता है। बेंगलुरु के कप्तान के टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी करने के फैसले को उनके गेंदबाजों ने बिल्कुल सही साबित कर दिखाया। पूरी पारी के दौरान दिल्ली का कोई भी बल्लेबाज पिच के मिजाज को नहीं समझ सका और गलत शॉट चयन की वजह से विकेट गंवाते चले गए। अब यह टीम मैनेजमेंट के लिए चिंता का सबसे बड़ा कारण है कि कैसे एक ही सीजन में टीम का प्रदर्शन इतनी बुरी तरह अर्श से फर्श पर आ गया।

  • ऑरेंज कैप की रेस में विराट कोहली की लंबी छलांग: अभिषेक शर्मा के सिर सजी बादशाहत, टॉप-5 बल्लेबाजों के बीच शुरू हुई रन बनाने की 'जंग'

    ऑरेंज कैप की रेस में विराट कोहली की लंबी छलांग: अभिषेक शर्मा के सिर सजी बादशाहत, टॉप-5 बल्लेबाजों के बीच शुरू हुई रन बनाने की 'जंग'

    नई दिल्ली। इंडियन प्रीमियर लीग 2026 का रोमांच अपने चरम पर है और मैदान पर रनों की बारिश के साथ ही ऑरेंज कैप की रेस बेहद दिलचस्प हो गई है। दिल्ली कैपिटल्स और रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु के बीच खेले गए टूर्नामेंट के 39वें मुकाबले के बाद सर्वाधिक रन बनाने वाले बल्लेबाजों की सूची में बड़े बदलाव देखने को मिले हैं।
    इस मैच में अपनी संक्षिप्त लेकिन महत्वपूर्ण पारी की बदौलत दिग्गज बल्लेबाज विराट कोहली ने लंबी छलांग लगाई है। किंग कोहली अब आईपीएल 2026 के टॉप स्कोरर्स की सूची में चौथे स्थान पर काबिज हो गए हैं। कोहली की इस बढ़त ने सनराइजर्स हैदराबाद के हेनरिक क्लासेन और शुभमन गिल जैसे खिलाड़ियों को रैंकिंग में नीचे धकेल दिया है, जिससे यह स्पष्ट हो गया है कि उम्र के इस पड़ाव पर भी विराट का बल्ला रुकने का नाम नहीं ले रहा है।

    लीडरबोर्ड की वर्तमान स्थिति पर नजर डालें तो सनराइजर्स हैदराबाद के युवा सलामी बल्लेबाज अभिषेक शर्मा अभी भी सबसे आगे चल रहे हैं और ऑरेंज कैप शान से उनके सिर पर सजी हुई है। अभिषेक ने अब तक खेले गए मैचों में अपनी आक्रामक बल्लेबाजी से सबको प्रभावित किया है और वह 380 रनों के साथ पहले पायदान पर मजबूती से जमे हुए हैं।

    वहीं दूसरे स्थान पर दिल्ली कैपिटल्स के अनुभवी बल्लेबाज लोकेश राहुल का नाम आता है, जिन्होंने कंसिस्टेंट प्रदर्शन करते हुए 358 रन बनाए हैं। इन दोनों बल्लेबाजों के बीच रनों का अंतर बहुत कम है, जिससे आगामी मैचों में नंबर वन की कुर्सी के लिए कड़ी प्रतिस्पर्धा देखने को मिल सकती है। इस सूची में सबसे चौंकाने वाला नाम 15 वर्षीय युवा खिलाड़ी वैभव सूर्यवंशी का है, जो 357 रनों के साथ तीसरे स्थान पर रहकर दुनिया भर के क्रिकेट विशेषज्ञों का ध्यान अपनी ओर खींच रहे हैं।

    विराट कोहली ने अपनी हालिया पारी के दम पर न केवल अपनी रैंकिंग सुधारी है बल्कि अपने स्ट्राइक रेट और औसत को भी शानदार बनाए रखा है। वह 351 रनों के साथ चौथे स्थान पर हैं और क्लासेन से केवल दो रन आगे निकल चुके हैं। क्लासेन अब 349 रनों के साथ पांचवें पायदान पर खिसक गए हैं।

    यह टूर्नामेंट अब उस पड़ाव पर पहुंच चुका है जहां हर एक रन और हर एक पारी ऑरेंज कैप की तस्वीर बदल रही है। टॉप-5 बल्लेबाजों के बीच रनों का फासला इतना कम है कि एक भी बड़ी पारी किसी को भी शीर्ष पर पहुंचा सकती है।
    युवा प्रतिभाओं और अनुभवी दिग्गजों के बीच की यह जंग दर्शकों के लिए इस सीजन को और भी यादगार बना रही है। आने वाले मुकाबलों में यह देखना दिलचस्प होगा कि क्या अभिषेक शर्मा अपनी बढ़त बनाए रखते हैं या फिर कोहली और राहुल जैसे दिग्गज उन्हें पछाड़ने में कामयाब होते हैं।
  • पावरप्ले में ऐतिहासिक शर्मिंदगी: दिल्ली कैपिटल्स 13/6 पर ढही, IPL इतिहास का सबसे खराब आगाज़ दर्ज

    पावरप्ले में ऐतिहासिक शर्मिंदगी: दिल्ली कैपिटल्स 13/6 पर ढही, IPL इतिहास का सबसे खराब आगाज़ दर्ज


    नई दिल्ली।
    क्रिकेट के मैदान पर अनिश्चितताओं का दौर हमेशा बना रहता है, लेकिन दिल्ली कैपिटल्स ने सोमवार को जो कर दिखाया, उसने प्रशंसकों को हतप्रभ कर दिया है। शनिवार को जिस टीम ने विपक्षी गेंदबाजों की बखिया उधेड़ते हुए 264 रनों का पहाड़ खड़ा किया था, वही टीम मात्र 48 घंटे के भीतर ताश के पत्तों की तरह ढह गई।
    अरुण जेटली स्टेडियम में खेले गए इस मुकाबले में दिल्ली कैपिटल्स ने रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु के खिलाफ आईपीएल इतिहास का सबसे शर्मनाक रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया। टीम महज 75 रनों पर सिमट गई, लेकिन इससे भी ज्यादा चौंकाने वाला प्रदर्शन पावरप्ले के दौरान रहा। दिल्ली की टीम शुरुआती 6 ओवरों के भीतर केवल 13 रन बना सकी और इस दौरान उसने अपने 6 प्रमुख बल्लेबाजों को गंवा दिया, जो कि टूर्नामेंट के इतिहास में अब तक का सबसे खराब पावरप्ले प्रदर्शन है।

    मैच की शुरुआत से ही दिल्ली के बल्लेबाजों में आत्मविश्वास की भारी कमी दिखी और बेंगलुरु के गेंदबाजों ने इसका भरपूर फायदा उठाया। भुवनेश्वर कुमार की स्विंग और सटीक गेंदबाजी के आगे दिल्ली का शीर्ष क्रम पूरी तरह बेबस नजर आया। पहले ही ओवर की दूसरी गेंद पर विकेट गिरने का जो सिलसिला शुरू हुआ, वह थमने का नाम ही नहीं ले रहा था।

    आलम यह था कि महज 8 रन के स्कोर तक दिल्ली कैपिटल्स के आधे से ज्यादा बल्लेबाज पवेलियन वापस लौट चुके थे। केएल राहुल, समीर रिज्वी, ट्रिस्टन स्टब्स और अक्षर पटेल जैसे अनुभवी खिलाड़ी भी क्रीज पर टिकने का साहस नहीं जुटा पाए। पावरप्ले में 13 रन पर 6 विकेट का यह स्कोर अब राजस्थान रॉयल्स और सनराइजर्स हैदराबाद के उन पुराने रिकॉर्ड्स को पीछे छोड़ चुका है, जहां टीमें 14 रन बनाकर संघर्ष कर रही थीं।

    दिल्ली कैपिटल्स के लिए यह हार न केवल तकनीकी रूप से एक झटका है, बल्कि मनोवैज्ञानिक रूप से भी यह टीम को झकझोर देने वाली घटना है। एक मैच में रनों का अंबार लगाने वाली टीम का अगले ही मैच में 100 रन के आंकड़े तक न पहुंच पाना खेल की अनिश्चितता और टीम के अस्थिर प्रदर्शन को उजागर करता है।

    बेंगलुरु के कप्तान के टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी करने के फैसले को उनके गेंदबाजों ने बिल्कुल सही साबित कर दिखाया। पूरी पारी के दौरान दिल्ली का कोई भी बल्लेबाज पिच के मिजाज को नहीं समझ सका और गलत शॉट चयन की वजह से विकेट गंवाते चले गए। अब यह टीम मैनेजमेंट के लिए चिंता का सबसे बड़ा कारण है कि कैसे एक ही सीजन में टीम का प्रदर्शन इतनी बुरी तरह अर्श से फर्श पर आ गया।