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  • T20 World Cup : भारत ने जिम्बाब्वे को 72 रन से हराया, अब वेस्टइंडीज के खिलाफ ‘करो या मरो’ का मुकाबला

    T20 World Cup : भारत ने जिम्बाब्वे को 72 रन से हराया, अब वेस्टइंडीज के खिलाफ ‘करो या मरो’ का मुकाबला


    चेन्नई।
    आईसीसी पुरुष टी20 विश्व कप 2026 (ICC T20 World Cup 2026) के सुपर-8 मुकाबले में भारत (India) ने जिम्बाब्वे (Zimbabwe) को 72 रन से हराकर टूर्नामेंट में दमदार वापसी की। एमए चिदंबरम स्टेडियम खेले गए इस मैच में भारत की जीत के साथ ही जिम्बाब्वे टूर्नामेंट से बाहर हो गया, जबकि दक्षिण अफ्रीका ने सेमीफाइनल में अपनी जगह पक्की कर ली। भारत ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 257 रन का विशाल स्कोर खड़ा किया। जवाब में जिम्बाब्वे की टीम 20 ओवर में 184/6 तक ही पहुंच सकी।


    अर्शदीप का घातक स्पेल

    तेज गेंदबाज अर्शदीप सिंह ने 4 ओवर में 24 रन देकर 3 विकेट झटके और जिम्बाब्वे की पारी की कमर तोड़ दी। उन्होंने सिकंदर रज़ा, रयान बर्ल और टोनी मुन्योंगा को आउट कर मैच भारत की झोली में डाल दिया।


    ब्रायन बेनेट की जुझारू पारी

    जिम्बाब्वे के लिए ब्रायन बेनेट ने 59 गेंदों में नाबाद 97 रन बनाकर संघर्ष किया। उनकी पारी में 8 चौके और 4 छक्के शामिल थे। हालांकि, वह शतक से तीन रन दूर रह गए। भारत की ओर से स्थानीय खिलाड़ी वरुण चक्रवर्ती ने भी कसी हुई गेंदबाजी की, जबकि अक्षर पटेल ने तादिवानाशे मारुमानी का अहम विकेट लिया।

    बल्लेबाजी में भी दम

    संजू सैमसन को इस बार प्लेइंग इलेवन में मौका मिला था, जो 24 रन बनाकर आउट हो गए। संजू ने लगातार फ्लॉप चल रहे अभिषेक शर्मा के साथ मिलकर पहले विकेट के लिए 22 गेंदों पर 48 रन जोड़े। इसके बाद अभिषेक शर्मा (55 रन) ने ईशान किशन के साथ न सिर्फ पारी को आगे बढ़ाया बल्कि तेजी से रन भी बटोरे। दोनों के बीच अगले 7 ओवर में 72 रन की साझेदारी हुई। ईशान किशन ने 38 रन की पारी खेली।

    कप्तान सूर्यकुमार ने भी अच्छे हाथ दिखाए और 3 चौके और 2 छक्कों की मददसे 13 गेंदों में 33 रन जड़ दिए। हालांकि मैच का आनंद तब आया जब हार्दिक पंड्या (23 गेंदों पर 50 रन) और तिलक वर्मा (16 गेंद में 44 रन) 31 गेंदों पर 84 रन जोड़ डाले। इस बल्लेबाजी वर्चस्व से भारत ने 2026 टी20 वर्ल्ड कप का सबसे बड़ा और टी20 वर्ल्ड कप इतिहास का दूसरा सबसे बड़ा स्कोर भी बनाया।

    अब वेस्टइंडीज से निर्णायक भिड़ंत
    इस जीत से भारत का नेट रन रेट बेहतर हुआ और टीम की अभियान पटरी पर लौट आया। अब 1 मार्च को कोलकाता के ईडन गार्डन्स में दो बार की चैंपियन वेस्टइंडीज के खिलाफ मुकाबला ‘वर्चुअल नॉकआउट’ होगा। इस मैच का विजेता सेमीफाइनल की ओर मजबूत कदम बढ़ाएगा। भारत के लिए जीत का अंतर भले ही बड़ा रहा हो, लेकिन गेंदबाजी संयोजन में सुधार की जरूरत स्पष्ट दिखी। वेस्टइंडीज के खिलाफ अहम मुकाबले से पहले टीम प्रबंधन इन पहलुओं पर खास ध्यान देगा।

  • घर में शेर, पर वर्ल्ड कप में ढेर! श्रीलंका बाहर और अब भारत पर संकट; क्या मेजबान होना ही सबसे बड़ी हार है?

    घर में शेर, पर वर्ल्ड कप में ढेर! श्रीलंका बाहर और अब भारत पर संकट; क्या मेजबान होना ही सबसे बड़ी हार है?


    नई दिल्ली। क्रिकेट की दुनिया में एक कहावत है कि अपने घर में खेलना सबसे बड़ा फायदा होता है। अपनी पिच, अपनी मिट्टी और अपने दर्शकों का शोर किसी भी टीम के लिए ’12वें खिलाड़ी’ का काम करता है। लेकिन जब बात टी20 वर्ल्ड कप की आती है, तो यह ‘एडवांटेज’ एक भयानक ‘श्राप’ या ‘पनौती’ में तब्दील होता नजर आता है। इतिहास गवाह है कि 2007 से लेकर अब तक, जिस भी देश ने इस छोटे फॉर्मेट के महाकुंभ की मेजबानी की है, उसके हाथों से ट्रॉफी फिसल गई है। साल 2026 में एक बार फिर भारत और श्रीलंका संयुक्त रूप से इस टूर्नामेंट की मेजबानी कर रहे हैं, और शुरुआती संकेतों ने प्रशंसकों की धड़कनें बढ़ा दी हैं। श्रीलंका पहले ही टूर्नामेंट से बाहर होकर इस ‘मिथक’ को सच साबित कर चुका है, और अब करोड़ों भारतीय फैंस की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि क्या टीम इंडिया इस ऐतिहासिक बाधा को पार कर पाएगी या वह भी इस ‘मेजबान के श्राप’ का शिकार बनेगी।

    टी20 वर्ल्ड कप के इतिहास के पन्ने पलटें तो तस्वीर काफी डरावनी नजर आती है। साल 2007 में जब इस टूर्नामेंट का आगाज साउथ अफ्रीका में हुआ, तो प्रोटियाज टीम अपने ही घर में सुपर-8 से बाहर हो गई। इसके बाद 2009 में क्रिकेट के मक्का कहे जाने वाले इंग्लैंड और 2010 में कैरेबियाई धरती पर वेस्टइंडीज भी अपनी मेजबानी का फायदा नहीं उठा पाए और सेमीफाइनल तक का सफर तय करने में नाकाम रहे। 2012 में पहली बार ऐसा लगा कि श्रीलंका इस ‘जिंक्स’ को तोड़ देगा। लंकाई टीम फाइनल तक पहुंची, लेकिन खिताबी मुकाबले में वेस्टइंडीज ने उन्हें 36 रनों से हराकर करोड़ों फैंस का दिल तोड़ दिया। श्रीलंका इकलौती ऐसी टीम बनी जो मेजबान होते हुए फाइनल तक का सफर तय कर सकी, लेकिन जीत वहां भी नसीब नहीं हुई।

    इसके बाद का इतिहास भी कमोबेश ऐसा ही रहा। 2014 में बांग्लादेश सुपर-10 से आगे नहीं बढ़ पाया, तो वहीं 2016 में जब भारत में टी20 वर्ल्ड कप हुआ, तब टीम इंडिया का सपना सेमीफाइनल में वेस्टइंडीज ने ही चकनाचूर किया। 2021 में यूएई और ओमान ग्रुप स्टेज से बाहर हुए, और 2022 के चैंपियन ऑस्ट्रेलिया अपने ही घर में सुपर-12 की बाधा पार नहीं कर सके। यहां तक कि 2024 में यूएसए और वेस्टइंडीज की संयुक्त मेजबानी भी इस सिलसिले को नहीं बदल सकी; भारत ने वहां खिताब जीता लेकिन दोनों मेजबान सुपर-8 में ही सिमट गए।

    अब सवाल 2026 का है। श्रीलंका की विदाई ने यह साफ कर दिया है कि घरेलू परिस्थितियों का दबाव कभी-कभी प्रतिभा पर भारी पड़ जाता है। भारत के पास दुनिया की सबसे मजबूत टीम और आईपीएल जैसा अनुभव है, लेकिन आंकड़ों का यह भूत रह-रहकर डरा रहा है। क्या रोहित ब्रिगेड या टीम इंडिया की नई पीढ़ी उस मानसिक दीवार को गिरा पाएगी जिसे पिछले 9 एडिशन में कोई पार नहीं कर पाया? क्रिकेट अनिश्चितताओं का खेल है, लेकिन ‘मेजबानी की पनौती’ एक ऐसा कड़वा सच बन चुका है जिसे झुठलाने के लिए भारत को न केवल विरोधी टीमों से, बल्कि इस ऐतिहासिक रिकॉर्ड से भी लड़ना होगा।

  • जितेश शर्मा का बड़ा कबूलनामा, करते थे RCB की बर्बादी की दुआ! खुद खोला राज

    जितेश शर्मा का बड़ा कबूलनामा, करते थे RCB की बर्बादी की दुआ! खुद खोला राज


    नई दिल्ली । इंडियन प्रीमियर लीग 2026 की शुरुआत से पहले रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु RCB के स्टार विकेटकीपर बल्लेबाज जितेश शर्मा ने अपने खुलासे से दुनिया को हैरान कर दिया. जितेश ने बताया कि वह खुद आरसीबी की हार की दुआ करते थे. तो आइए जानते हैं कि आखिर आरसीबी के विकेटकीपर बल्लेबाज ऐसा क्यों करते थे.

    हाल ही में जितेश दक्षिण अफ्रीका और आरसीबी के पूर्व दिग्गज बल्लेबाज एबी डिविलियर्स के यूट्यूब चैनल पर आए थे. जहां उन्होंने बताया कि आखिर वह क्यों अपनी टीम की बर्बादी की दुआ करते थे. दरअसल, जितेश खुद हीरो बनने के लिए ऐसी दुआ करते थे.

    क्या थी जितेश शर्मा की दुआ?

    जितेश ने बताया, आप यकीन नहीं करेंगे, लेकिन मैं हमेशा भगवान से प्रार्थना करता था कि मेरा टॉप ऑर्डर फेल और फिर मैं बल्लेबाजी कर सकूं. मैं हीरो बनने का मौका देखता हूं. मैं जिंदगी में हमेशा ऐसी पारी की कल्पना करत था और मैं उस तरह का इंसान हूं जो हमेशा कुछ ना कुछ जादूई करना चाहता है.

    आरसीबी के लिए दिखाया दम

    बता दें कि जितेश 2025 में ही आरसीबी का हिस्सा बने. उन्होंने पिछले सीजन यानी 2025 के आईपीएल में 15 मैच खेले, जिनकी 11 पारियों में बैटिंग करते हुए 37.28 की औसत और 176.35 के स्ट्राइक रेट से 261 रन स्कोर किए. इस दौरान उनके बल्ले से 1 अर्धशतक निकला, जो उनका हाई स्कोर 85 रनों का रहा. बताते चलें कि जितेश इससे पहले तीन साल तक पंजाब किंग्स का हिस्सा रहे.

    बात करें जितेश के आईपीएल करियर की, तो उन्होंने अब तक कुल 55 मैच खेल लिए हैं. इन मैचों की 47 पारियों में बैटिंग करते हुए उन्होंने 25.41 की औसत से 991 रन बना लिए हैं. इस दौरान उनके बल्ले से 1 अर्धशतक निकला है.

    आरसीबी ने जीता खिताब

    गौरतलब कि 2025 वह साल था कि जब बेंगलुरु की टीम ने आईपीएल ट्रॉफी अपने नाम की थी. टीम ने यह खिताब रजत पाटीदार की कप्तानी में जीता था. 18 साल के आईपीएल इतिहास में यह रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु के पहला खिताब था. अब देखना दिलचस्प होगा कि टीम इस सीजन टीम कैसा प्रदर्शन करती है.

  • Arjun Tendulkar Wedding: अर्जुन-सानिया की शादी की तैयारियां शुरू, सचिन ने बेटे को लेकर कही दिल छू लेने वाली बात

    Arjun Tendulkar Wedding: अर्जुन-सानिया की शादी की तैयारियां शुरू, सचिन ने बेटे को लेकर कही दिल छू लेने वाली बात


    नई दिल्ली । सचिन तेंदुलकर के बेटे अर्जुन तेंदुलकर जल्द ही शादी के बंधन में बंधने जा रहे हैं. अर्जुन की प्री-वेडिंग रस्में शुरू हो चुकी हैं और परिवार में जश्न का माहौल है. उनकी शादी सानिया चांदोक के साथ 5 मार्च 2026 को होने की उम्मीद है.

    सचिन ने दिया खास संदेश

    हाल ही में आईपीएल फ्रेंचाइजी मुंबई इंडियंस ने अर्जुन और सानिया का एक वीडियो सोशल मीडिया पर शेयर किया जिसमें दोनों साथ नजर आ रहे हैं. वीडियो में सचिन तेंदुलकर ने अपने बेटे के लिए भावुक संदेश भी दिया है. उन्होंने कहा कि जब बेटा किसी लड़की को घर पर मिलवाने लाता है तो समझ में जाता है कि वह अब बड़ा हो गया है. सचिन ने यह भी कहा कि दोनों एक-दूसरे के प्यार में पूरी तरह डूबे हुए लगते हैं और उन्हें अर्जुन पर गर्व है कि उसने अपने लिए एक खास साथी चुना.

    अगले महीने शादी के बंधन में बंधेंगे दोनो

    अर्जुन और सानिया की सगाई अगस्त 2025 में हुई थी. सानिया चांदोक एक सफल उद्यमी हैं और मुंबई के कारोबारी परिवार से ताल्लुक रखती हैं. बताया जाता है कि वह काफी समय से तेंदुलकर परिवार के करीब रही हैं.

    क्रिकेट करियर में भी बना रहे हैं अलग पहचान

    क्रिकेट की बात करें तो अर्जुन तेंदुलकर ने घरेलू क्रिकेट में अपनी अलग पहचान बनाई है. बाएं हाथ के तेज गेंदबाज और उपयोगी बल्लेबाज के रूप में उन्होंने गोवा की ओर से रणजी ट्रॉफी खेलते हुए अपने डेब्यू मैच में शतक जड़ा था. इस उपलब्धि के साथ उन्होंने अपने पिता की तरह पहले ही फर्स्ट क्लास मैच में सेंचुरी बनाने का रिकॉर्ड बनाया.

    आईपीएल में अर्जुन ने मुंबई इंडियंस के लिए खेलते हुए अपनी प्रतिभा की झलक दिखाई थी. अब वह अगले सीजन में लखनऊ सुपर जायंट्स की जर्सी में नजर आएंगे क्योंकि हाल ही में उन्हें ट्रेड किया गया है. फिलहाल तेंदुलकर परिवार में खुशियों का माहौल है. क्रिकेट के मैदान से हटकर अर्जुन अपनी जिंदगी की नई पारी शुरू करने जा रहे हैं और फैंस भी इस खास मौके का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं.

  • सेमीफाइनल की राह मुश्किल लेकिन नामुमकिन नहीं, ऐसे पहुंच सकता है पाकिस्तान टी20 वर्ल्ड कप 2026 के अंतिम चार में

    सेमीफाइनल की राह मुश्किल लेकिन नामुमकिन नहीं, ऐसे पहुंच सकता है पाकिस्तान टी20 वर्ल्ड कप 2026 के अंतिम चार में


    नई दिल्ली । टी20 वर्ल्ड कप 2026 के सुपर-8 चरण में मुकाबला बेहद रोमांचक मोड़ पर पहुंच चुका है और ग्रुप-2 में समीकरण हर मैच के साथ बदल रहे हैं। न्यूजीलैंड राष्ट्रीय क्रिकेट टीम ने अपने दूसरे सुपर-8 मुकाबले में श्रीलंका राष्ट्रीय क्रिकेट टीम को 61 रनों से हराकर न सिर्फ उन्हें टूर्नामेंट से बाहर कर दिया बल्कि सेमीफाइनल की अपनी दावेदारी भी मजबूत कर ली। इस जीत के साथ कीवी टीम 3 अंकों के साथ अंक तालिका में दूसरे स्थान पर पहुंच गई है। वहीं पाकिस्तान राष्ट्रीय क्रिकेट टीम अब भी दौड़ में है लेकिन उसकी किस्मत अब पूरी तरह दूसरों के नतीजों पर निर्भर हो चुकी है।

    न्यूजीलैंड और पाकिस्तान के बीच पहला सुपर-8 मुकाबला बारिश की वजह से रद्द हो गया था जिससे दोनों टीमों को एक-एक अंक मिला। इसके बाद न्यूजीलैंड ने श्रीलंका को हराकर खुद को बेहतर स्थिति में पहुंचा दिया। अब पाकिस्तान के सामने साफ समीकरण है उसे अपना आखिरी मैच हर हाल में जीतना ही होगा और वह भी बड़े अंतर से।

    पाकिस्तान का अगला मुकाबला 28 फरवरी को श्रीलंका से है। सेमीफाइनल की उम्मीद जिंदा रखने के लिए इस मैच में जीत अनिवार्य है। लेकिन उससे पहले 27 फरवरी को न्यूजीलैंड का सामना पहले ही सेमीफाइनल में पहुंच चुकी इंग्लैंड क्रिकेट टीम से होगा। अगर न्यूजीलैंड यह मुकाबला जीत जाती है तो पाकिस्तान बिना खेले ही टूर्नामेंट से बाहर हो जाएगा। ऐसे में पाकिस्तान की पहली उम्मीद इंग्लैंड की जीत पर टिकी है।

    मान लीजिए इंग्लैंड न्यूजीलैंड को हरा देता है तब भी पाकिस्तान का काम आसान नहीं होगा। उस स्थिति में न्यूजीलैंड और पाकिस्तान दोनों के 3-3 अंक हो सकते हैं और फैसला नेट रन रेट से होगा। फिलहाल न्यूजीलैंड का नेट रन रेट +3.050 है जबकि पाकिस्तान का -0.461। यह बड़ा अंतर है जिसे पाटने के लिए पाकिस्तान को श्रीलंका के खिलाफ बड़ी जीत दर्ज करनी होगी।

    समीकरणों के अनुसार अगर इंग्लैंड न्यूजीलैंड को 15 रन से हराता है तो पाकिस्तान को श्रीलंका के खिलाफ कम से कम 55 रन से जीत हासिल करनी होगी। वहीं अगर इंग्लैंड सिर्फ 1 रन से जीतता है तो पाकिस्तान को 69 रन से जीत दर्ज करनी पड़ेगी। यानी इंग्लैंड की जीत जितनी छोटी होगी पाकिस्तान पर उतना ही ज्यादा दबाव बढ़ेगा।

    सलमान आगा की अगुवाई वाली पाकिस्तान टीम के लिए यह चुनौती कठिन जरूर है लेकिन असंभव नहीं। टीम को न सिर्फ शानदार बल्लेबाजी और गेंदबाजी करनी होगी बल्कि मैच की रणनीति भी नेट रन रेट को ध्यान में रखकर बनानी होगी। अब नजरें इंग्लैंड बनाम न्यूजीलैंड मुकाबले पर टिकी हैं

  • T20 World Cup: श्रीलंका सेमीफाइनल की रेस से बाहर, न्यूजीलैंड ने 61 रनों से हराया

    T20 World Cup: श्रीलंका सेमीफाइनल की रेस से बाहर, न्यूजीलैंड ने 61 रनों से हराया


    कोलंबो।
    न्यूजीलैंड (New Zealand) ने बुधवार को श्रीलंका (Sri Lanka) के खिलाफ आर प्रेमदासा स्टेडियम में खेले गए टी20 विश्व कप 2026 (T20 World Cup 2026) के सुपर-8 मुकाबले में 61 रन से जीत दर्ज की। इस हार के साथ श्रीलंकाई टीम खिताबी दौड़ से बाहर हो गई है।

    न्यूजीलैंड की ओर से रखे गए 169 रन के लक्ष्य का पीछा करने उतरी श्रीलंकाई टीम 8 विकेट पर 107 रन पर ढेर गई. श्रीलंका की ओर से कामिंडु मेंडिस ने 31 जबकि दुनिथ वेलालगे ने 29 रन बनाए. न्यूजीलैंड की ओर से सबसे सफल गेंदबाजा रचिन रवींद्र रहे जिन्होंने 4 ओवर में 27 रन देकर चार विकेट चटकाए. न्यूजीलैंड का पहला सुपर 8 मैच पाकिस्तान के खिलाफ बारिश की वजह से रद्द हो गया था. मिचेल सैंटनर की टीम चार अंक लेकर ग्रुप 2 में दूसरे नंबर पर पहुंच गई है जबकि इंग्लैंड चार अंकों के साथ पहले नंबर पर है. श्रीलंका की सुपर 8 में लगातार यह दूसरी हार है और वह इस पॉइंट टेबल में सबसे निचले क्रम पर है।

    न्यूजीलैंड की ओर से रखे गए 169 रन के लक्ष्य का पीछा करने उतरी श्रीलंकाई टीम ने खराब शुरुआत की. तेज गेंदबाज मैट हेनरी ने श्रीलंका के इनफॉर्म ओपनर पथुम निसंका को पहली ही गेंद पर क्लीन बोल्ड कर दिया. इसके बाद श्रीलंका के विकेट गिरने का सिलसिला शुरू हुआ. कुसल मेंडिस 11 रन बनाकर आउट हुए वहीं चरित असलंका ने 5 रन का योगदान दिया. पवन रत्नायके 10 रन बनाकर आउट हुए जबकि कप्तान दासुन शनाका पांच गेंदों पर 3 रन बनाकर आउट हुए. दुसन हेमंता तीन रन बनाकर पवेलियन लौटे. कामिंडु मेंडिस 31 रन बनाकर पवेलियन लौटे. न्यूजीलैंड की ओर से स्पिनर रचिन रवींद्र ने 4 विकेट चटकाए।

    इससे पहले , श्रीलंकाई ऑफ स्पिनर महीश तीक्षणा के तीन झटकों ने न्यूजीलैंड को पटरी से उतारने की कोशिश की लेकिन कप्तान मिचेल सैंटनर (47 रन) और कोल मैककांकी (नाबाद 31 रन) ने शानदार वापसी करते हुए 7 विकेट पर 168 रन तक पहुंचाया. न्यूजीलैंड ने 9.3 और 12.1 ओवर के बीच में नौ रन पर चार विकेट गंवा दिए थे जिसमें तीक्षणा (30/3) ने बीच के ओवरों में मैच का रूख पलट दिया. लेकिन मैककांकी ने अंत में मोर्चा संभाला जबकि सैंटनर ने महत्वपूर्ण समय पर सात विकेट के लिए महज 47 गेंद में 84 रन की अहम साझेदारी की।

    सैंटनर ने 26 गेंद की पारी के दौरान चार छक्के और दो चौके लगाए. वह आखिरी गेंद पर आउट हुए जबकि मैककांकी ने 23 गेंद में तीन चौके और दो छक्के जमाए. न्यूजीलैंड का स्कोर 16 ओवर के बाद छह विकेट पर 98 रन था. तब मैककांकी ने दुष्मंता चामीरा (38/3) पर दो छक्के और एक चौका जड़कर 18 रन बटोरे. इसके बाद सैंटनर ने श्रीलंका के सर्वश्रेष्ठ गेंदबाज तीक्षणा पर 18वें ओवर में एक चौका और दो छक्के मारे जिससे 21 रन बने।

    इन दोनों की बदौलत न्यूजीलैंड की टीम ने अंतिम चार ओवरों में 70 रन जुटाए. श्रीलंकाई गेंदबाजों ने अच्छी गेंदबाजी की लेकिन अंतिम ओवरों में गलत लाइन एवं लेंथ के कारण लड़खड़ा गए. श्रीलंका के टॉस जीतकर गेंदबाजी करने के फैसले के बाद ऑफ स्पिनर तीक्षणा और तेज गेंदबाज चामीरा ने मिलकर छह विकेट लेकर न्यूजीलैंड पर लगाम कसी. ग्रुप दो से इंग्लैंड पहले ही अगले दौर में पहुंच चुका है. न्यूजीलैंड ने नौ ओवर में दो विकेट पर 73 रन बना लिए थे. फिन एलन ने 13 गेंद में तीन चौके और एक छक्के से 23 रन बनाए जबकि रचिन रविंद्र ने 22 गेंदों पर 32 रन (तीन चौके, एक छक्का) बनाए।

    इसके बाद तीक्षणा ने उनकी पारी में ब्रेक लगाया. उन्होंने अपनी कैरम गेंद से एलन को आउट किया. बाद में उन्होंने रविंद्र को आउट करने के बाद तीन गेंद के अंदर मार्क चैपमैन को खाता भी नहीं खोलने दिया. चामीरा ने उनका शानदार साथ दिया. उन्होंने 140 किमी प्रति घंटे से ज्यादा की रफ्तार से गेंदबाजी करते हुए टिम सिफर्ट (08) और ग्लेन फिलिप्स (18) को आउट किया जबकि दुनिथ वेलालगे ने डेरिल मिचेल (03) को आउट किया।


    अंक तालिका का हाल

    ग्रुप 2 के अंक तालिका में इंग्लैंड की टीम 2 में से 2 जीत के साथ सेमीफाइनल के लिए क्वालिफाई कर चुकी है. लेकिन दूसरे नंबर की लड़ाई रोचक है. क्योंकि अब न्यूजीलैंड 2 मैच में 3 अंक के साथ दूसरे नंबर पर है. लेकिन पाक के 2 मैच में एक अंक हैं. वहीं श्रीलंका के 0 अंक हैं. अगर पाकिस्तान अपना अगला मैच जीतती है और न्यूजीलैंड अगले मैच में इंग्लैंड से हारती है तो फिर फैसला नेट रन रेट से होगा. लेकिन न्यूजीलैंड अगला मैच जीतती है तो फिर पाकिस्तान बाहर हो जाएगा और न्यूजीलैंड क्वालिफाई कर जाएगा।

  • रवि शास्त्री की राय: दक्षिण अफ्रीका से मिली हार टीम इंडिया के लिए रणनीति सुधार का मौका

    रवि शास्त्री की राय: दक्षिण अफ्रीका से मिली हार टीम इंडिया के लिए रणनीति सुधार का मौका


    नई दिल्ली ।
    टी20 विश्व कप 2026 के सुपर-8 मुकाबले में टीम इंडिया को दक्षिण अफ्रीका के हाथों 76 रनों की भारी हार का सामना करना पड़ा जो कि भारतीय टीम के टी20 विश्व कप इतिहास में रनों के लिहाज से अब तक की सबसे बड़ी हार है। इस हार के बाद टीम इंडिया की सेमीफाइनल की राह काफी मुश्किल हो गई है और अब टीम को अपनी रणनीति पर गंभीर रूप से विचार करना होगा।

    पूर्व कप्तान और कोच रवि शास्त्री ने इस हार को समय पर मिली वेकअप कॉल बताया। शास्त्री ने कहा कि लगातार जीतते रहने के बाद एक दिन खराब प्रदर्शन होना सामान्य है और उन्हें खुशी है कि यह झटका जल्दी ही मिल गया ताकि टीम को अपनी कमजोरी का एहसास हो सके। उन्होंने कहा कि यह हार कैंप के अंदर रणनीति में बदलाव लाने और टीम कॉम्बिनेशन पर पुनर्विचार करने का मौका देगी। सुपर-8 में एक और हार टीम को टूर्नामेंट से बाहर कर सकती है इसलिए इसे हल्के में नहीं लिया जाना चाहिए।

    शास्त्री ने सुझाव दिया कि टीम को अक्षर पटेल को वापस लाना चाहिए क्योंकि उनके अनुभव की इस समय बेहद जरूरत है। उन्होंने कहा कि पटेल और वाशिंगटन सुंदर दोनों को खेलने का मौका दिया जाना चाहिए ताकि टीम के पास हर स्थिति के लिए विकल्प मौजूद हों। उन्होंने यह भी बताया कि किसी भी मैच में किसी गेंदबाज का दिन खराब हो सकता है जैसे रविवार को वरुण चक्रवर्ती का प्रदर्शन था। ऐसे में टीम को अतिरिक्त विकल्प रखने की जरूरत है।

    बल्लेबाजी क्रम पर चर्चा करते हुए शास्त्री ने कहा कि नंबर 5 पर हार्दिक पांड्या, नंबर 6 पर शिवम दुबे और नंबर 7 पर वाशिंगटन सुंदर खेल सकते हैं। अक्षर पटेल को नंबर 5 या नंबर 8 पर खेलने का विकल्प दिया जा सकता है। शास्त्री ने यह भी स्पष्ट किया कि टी20 में अगर आठ बल्लेबाज सही तरीके से योगदान नहीं दे सकते तो टीम में गड़बड़ है। इसलिए टीम को एक अतिरिक्त विशेषज्ञ बल्लेबाज का विकल्प रखना चाहिए। उन्होंने रिंकू सिंह का जिक्र करते हुए कहा कि उन्हें विशेषज्ञ बल्लेबाज के तौर पर टीम में शामिल किया जा सकता है।

    शास्त्री का मानना है कि इस हार से टीम को अपनी कमजोरियों का एहसास हुआ है और अब समय है रणनीति सुधार करने का। उन्होंने जोर दिया कि टीम कॉम्बिनेशन, गेंदबाजी विकल्प और बल्लेबाजी क्रम पर ध्यान दिया जाए। उन्होंने कहा कि यह हार टीम को जरूरी चेतावनी दे रही है कि टूर्नामेंट के आगे के दौर में गलती की कोई गुंजाइश नहीं है।

    टी20 विश्व कप के इस प्रारंभिक मुकाबले ने साबित कर दिया है कि भारत को अपनी रणनीति पर गंभीरता से विचार करना होगा। शास्त्री का संदेश साफ है कि टीम को अनुभव और विकल्पों के साथ संतुलित प्रदर्शन करने की जरूरत है। यह हार टीम के लिए वेकअप कॉल है जो उन्हें भविष्य में बेहतर प्रदर्शन करने के लिए तैयार करेगी।

  • हैरी ब्रूक ने हमसे मैच छीन लिया, इंग्लैंड से हार के बाद सलमान आगा का बड़ा बयान

    हैरी ब्रूक ने हमसे मैच छीन लिया, इंग्लैंड से हार के बाद सलमान आगा का बड़ा बयान


    नई दिल्ली । टी20 वर्ल्ड कप के सुपर-8 मुकाबले में पाकिस्तान क्रिकेट टीम को इंग्लैंड क्रिकेट टीम के खिलाफ 2 विकेट से हार का सामना करना पड़ा। 24 फरवरी की रात खेले गए इस रोमांचक मुकाबले में पाकिस्तान ने पहले बल्लेबाज़ी करते हुए 164 रन बनाए लेकिन इंग्लैंड के कप्तान हैरी ब्रूक की शतकीय पारी ने मैच का रुख बदल दिया। इस हार के बाद पाकिस्तान की सेमीफाइनल की राह मुश्किल हो गई है और अब उसे दूसरे मैचों के नतीजों पर निर्भर रहना पड़ेगा।

    मैच में पाकिस्तान की ओर से साहिबजादा फरहान ने 63 रनों की अहम पारी खेली और टीम को सम्मानजनक स्कोर तक पहुंचाया। हालांकि कप्तान सलमान आगा ने माना कि टीम वैसा फिनिश नहीं कर पाई जैसी जरूरत थी। उन्होंने मैच के बाद कहा हमारी शुरुआत अच्छी रही लेकिन हम अंत में वैसा प्रदर्शन नहीं कर पाए जैसा चाहते थे। कभी-कभी आपको विपक्ष को भी क्रेडिट देना पड़ता है। हैरी ब्रूक ने शानदार बल्लेबाज़ी की और उन्होंने पूरी तरह से हमसे मैच छीन लिया।

    हैरी ब्रूक ने इस मुकाबले में शतक जड़कर इतिहास रच दिया और टी20 वर्ल्ड कप में शतक लगाने वाले पहले कप्तान बन गए। सलमान आगा ने स्वीकार किया कि ब्रूक की 360 डिग्री बल्लेबाज़ी के सामने गेंदबाज़ों के लिए फील्ड सेट करना और रणनीति लागू करना बेहद मुश्किल हो गया था। उन्होंने कहा जब वह उस फॉर्म में होते हैं तो उन्हें गेंदबाज़ी करना बहुत कठिन हो जाता है। वह मैदान के हर हिस्से में शॉट खेलते हैं।

    कप्तान ने यह भी कहा कि अब टीम को अन्य मैचों के परिणामों का इंतजार करना होगा। हमें देखना होगा कि दूसरे नतीजे कैसे आते हैं। अगर वे हमारे पक्ष में जाते हैं तो हमें श्रीलंका के खिलाफ हर हाल में जीत दर्ज करनी होगी उन्होंने कहा।

    सलमान आगा ने साहिबजादा फरहान की तारीफ करते हुए कहा कि वह पिछले छह-सात महीनों से लगातार अच्छा प्रदर्शन कर रहे हैं और इस वर्ल्ड कप में हर मैच में टीम के लिए अहम रन बना रहे हैं। हालांकि उन्होंने माना कि अन्य बल्लेबाज़ उम्मीद के मुताबिक योगदान नहीं दे सके।

    गेंदबाज़ी पर बात करते हुए कप्तान ने शाहीन अफरीदी की सराहना की और कहा कि उन्होंने नई गेंद से बेहतरीन प्रदर्शन किया और स्ट्राइक दिलाई। साथ ही तारिक की भी तारीफ की जिन्होंने महत्वपूर्ण मौकों पर विकेट लेकर टीम को उम्मीद दी।

    मैच के आखिरी ओवरों में पाकिस्तान की वापसी की उम्मीद जगी थी खासकर जब मोहम्मद नवाज ने पेनल्टिमेट ओवर डाला। सलमान ने कहा उस वक्त लगा कि शायद कुछ हो सकता है। क्रिकेट एक मजेदार खेल है कुछ भी संभव है। हम अंत तक विश्वास बनाए रखते हैं। हालांकि हार ने पाकिस्तान के अभियान को झटका दिया है लेकिन कप्तान ने साफ किया कि टीम अब भी उम्मीद नहीं छोड़ेगी और अगले मुकाबले में बेहतर प्रदर्शन करने की कोशिश करेगी।

  • साहिबजादा फरहान विराट कोहली का 319 रन का रिकॉर्ड तोड़ने से सिर्फ 36 रन दूर

    साहिबजादा फरहान विराट कोहली का 319 रन का रिकॉर्ड तोड़ने से सिर्फ 36 रन दूर


    नई दिल्ली । टी20 वर्ल्ड कप 2026 में पाकिस्तान के सलामी बल्लेबाज साहिबजादा फरहान का प्रदर्शन क्रिकेट जगत में चर्चा का विषय बन गया है। सुपर 8 के इंग्लैंड मुकाबले में 63 रनों की शानदार पारी खेलने के बाद उनका टूर्नामेंट में कुल रन 283 तक पहुँच गया है। पांच पारियों में एक शतक और दो अर्धशतक के साथ फरहान इस समय टूर्नामेंट के सबसे सफल बल्लेबाज हैं।

    अब उनका नजरिया उसी रिकॉर्ड पर टिक गया है जो पिछले 12 साल से अडिग है। यह वह रिकॉर्ड है जो टी20 वर्ल्ड कप में किसी एक संस्करण में सबसे ज्यादा रन बनाने का है जिसे विराट कोहली ने 2014 में 319 रन बनाकर स्थापित किया था। फरहान इस ऐतिहासिक आंकड़े से महज 36 रन दूर हैं। इसका मतलब है कि अगर वह अगली पारी में 37 रन बनाते हैं तो नया इतिहास रच सकते हैं।

    वास्तव में 2014 में ICC Men s T20 World Cup 2014 में कोहली ने यह कीर्तिमान अपने नाम किया। तब से अब तक कई बड़े बल्लेबाज इस रिकॉर्ड के करीब आए लेकिन किसी ने इसे तोड़ नहीं पाया। 2009 में तिलकरत्ने दिलशान ने 317 रन बनाकर मजबूत चुनौती पेश की थी। 2021 में बाबर आजम 303 रन तक पहुँचे वहीं 2010 में महेला जयवर्धने ने 302 रन बनाए। 2022 में कोहली ने खुद 296 रन बनाए। 2016 में तमीम इकबाल 295 रन तक पहुंचे 2021 में डेविड वार्नर ने 289 रन और उसी साल मोहम्मद रिजवान ने 281 रन बनाए। 2024 में रहमानुल्लाह गुरबाज़ भी 281 रन तक पहुँचे लेकिन कोहली का 319 का रिकॉर्ड अब तक अटूट है।

    फरहान के सामने चुनौती सिर्फ रन बनाने की नहीं बल्कि परिस्थितियों की भी है। इंग्लैंड से मिली हार के बाद पाकिस्तान की सेमीफाइनल की राह जटिल हो गई है। टीम को सुपर 8 के आखिरी मुकाबले में श्रीलंका से जीत हासिल करनी होगी और न्यूजीलैंड की हार की भी उम्मीद करनी होगी। तभी सेमीफाइनल का रास्ता खुलेगा।

    अगर पाकिस्तान सेमीफाइनल में पहुँचता है तो फरहान के पास रिकॉर्ड तोड़ने का एक और मौका रहेगा। लेकिन यदि टीम बाहर हो जाती है तो श्रीलंका के खिलाफ मैच ही उनका अंतिम अवसर साबित हो सकता है। ऐसे में पूरा दबाव और उम्मीदें फरहान के बल्ले पर टिकी होंगी।

    क्रिकेट प्रेमियों की नजरें अब इस पर हैं कि क्या साहिबजादा फरहान 319 का जादुई आंकड़ा तोड़ पाएंगे या फिर विराट कोहली का रिकॉर्ड अगले संस्करण तक सुरक्षित रहेगा। टी20 वर्ल्ड कप 2026 का रोमांच अपने चरम पर है और इतिहास रचने की घड़ी बेहद नज़दीक है।

  • करारी हार के बाद खुलासा: आखिर क्यों बाहर हुए उपकप्तान अक्षर?

    करारी हार के बाद खुलासा: आखिर क्यों बाहर हुए उपकप्तान अक्षर?


    नई दिल्ली। टी20 वर्ल्ड कप के सुपर-8 चरण में भारत राष्ट्रीय क्रिकेट टीम को दक्षिण अफ्रीका राष्ट्रीय क्रिकेट टीम के खिलाफ 76 रन की करारी शिकस्त झेलनी पड़ी, और इस हार ने न सिर्फ सेमीफाइनल की राह कठिन कर दी बल्कि टीम चयन को लेकर भी तीखी बहस छेड़ दी है। अहमदाबाद में खेले गए इस अहम मुकाबले से पहले टीम प्रबंधन के एक फैसले ने सबको चौंका दिया था

    उपकप्तान अक्षर पटेल को प्लेइंग इलेवन से बाहर बैठाना। उनकी जगह ऑलराउंडर वॉशिंगटन सुंदर को मौका दिया गया, लेकिन मैच का नतीजा भारत के पक्ष में नहीं गया और अब इस रणनीति पर सवाल उठना स्वाभाविक है। हार के बाद भारतीय बल्लेबाजी कोच सितांशु कोटक ने पूरे घटनाक्रम पर विस्तार से बात करते हुए स्पष्ट किया कि यह फैसला किसी दबाव या व्यक्तिगत कारण से नहीं, बल्कि पूरी तरह रणनीतिक सोच के तहत लिया गया था। उनके अनुसार, कप्तान सूर्यकुमार यादव और मुख्य कोच गौतम गंभीर ने मैच से पहले अक्षर से लंबी और सकारात्मक चर्चा की थी, जिसमें टीम संयोजन और विपक्षी बल्लेबाजी क्रम को ध्यान में रखते हुए स्थिति समझाई गई थी। दक्षिण अफ्रीका के शीर्ष क्रम में तीन बाएं हाथ के बल्लेबाजों की मौजूदगी को देखते हुए टीम मैनेजमेंट को लगा कि ऑफ स्पिन विकल्प अधिक कारगर साबित हो सकता है, इसलिए संयोजन में बदलाव किया गया।

    शुरुआती ओवरों में भारतीय गेंदबाजों ने असर भी दिखाया और कुछ महत्वपूर्ण विकेट हासिल किए, जिससे रणनीति सही दिशा में जाती दिखी, लेकिन बीच के ओवरों में गेंदबाजी योजना पटरी से उतर गई। खास तौर पर सुंदर से पावरप्ले में गेंदबाजी नहीं कराई गई, जबकि मूल रणनीति यही थी कि वे नई गेंद से बाएं हाथ के बल्लेबाजों पर दबाव बनाएंगे। बल्लेबाजी मोर्चे पर भी टीम अपेक्षाओं पर खरी नहीं उतर सकी और नियमित अंतराल पर विकेट गिरने से बड़ा स्कोर खड़ा करने का मौका हाथ से निकल गया। नतीजा यह रहा कि दक्षिण अफ्रीका ने लक्ष्य का बचाव करते हुए एकतरफा जीत दर्ज कर ली। इस हार ने अंकतालिका की तस्वीर बदल दी है और अब भारत के लिए सुपर-8 के बाकी मुकाबले किसी फाइनल से कम नहीं रह गए हैं। सेमीफाइनल की उम्मीदों को जिंदा रखने के लिए टीम को अपने शेष दोनों मैच हर हाल में जीतने होंगे। हालांकि कोटक ने भरोसा जताया कि भारतीय खिलाड़ी बड़े मंच और दबाव की परिस्थितियों के अभ्यस्त हैं और वापसी की क्षमता रखते हैं। कुल मिलाकर, अक्षर को बाहर करने का निर्णय रणनीतिक था, लेकिन मैदान पर रणनीति का सही क्रियान्वयन न हो पाने और बल्लेबाजों के फ्लॉप प्रदर्शन ने भारत की राह मुश्किल कर दी है; अब देखना होगा कि टीम इस झटके से कितनी जल्दी उबरकर मजबूती से वापसी करती है।